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भाजपा क्षेत्रीय अध्यक्ष विनोद राय का प्रथम आगमन, कार्यकर्ताओं ने किया भव्य स्वागत
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भाजपा क्षेत्रीय अध्यक्ष विनोद राय का प्रथम आगमन, कार्यकर्ताओं ने किया भव्य स्वागत
सिद्धार्थनगर। भारतीय जनता पार्टी के क्षेत्रीय अध्यक्ष विनोद राय के प्रथम जनपद आगमन पर भाजपा कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों ने भाजपा कार्यालय पहुंचने पर गाजे-बाजे, पुष्पवर्षा एवं फूल-मालाओं के साथ उनका भव्य एवं गर्मजोशी से स्वागत किया। स्वागत कार्यक्रम में जिले भर से बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।
स्वागत उपरांत भाजपा कार्यालय में जिला अध्यक्ष दीपक मौर्य की अध्यक्षता में जिला पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में क्षेत्रीय अध्यक्ष विनोद राय ने संगठनात्मक विषयों पर विस्तार से चर्चा करते हुए कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन किया।
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि भाजपा की वास्तविक शक्ति उसके समर्पित कार्यकर्ता हैं। उन्होंने प्रत्येक बूथ पर कार्यकर्ताओं को डिजिटल लर्निंग से जोड़ने पर विशेष बल देते हुए कहा कि बदलते समय के अनुरूप तकनीकी रूप से दक्ष कार्यकर्ता ही संगठन को और अधिक मजबूत बनाएंगे।
उन्होंने कहा कि बूथ अध्यक्ष पार्टी की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है, क्योंकि वह अपने बूथ की परिस्थितियों, कार्यकर्ताओं एवं आम जनता से सबसे अधिक जुड़ा रहता है तथा प्रत्येक सुख-दुख में लोगों के साथ खड़ा रहता है। उन्होंने जिला अध्यक्ष से नियमित रूप से मंडल अध्यक्षों से संवाद कर प्रत्येक मंडल की गतिविधियों की समीक्षा करने का आग्रह किया, जिससे संगठन और अधिक सक्रिय एवं प्रभावी बन सके।
क्षेत्रीय अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा आज कार्यकर्ताओं की मेहनत, समर्पण और संघर्ष के बल पर विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बनी है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि कार्यकर्ताओं की सक्रियता, संगठन की मजबूती और जनता के विश्वास के बल पर भारतीय जनता पार्टी आगामी चुनावों में पांचों विधानसभा में ऐतिहासिक सफलता प्राप्त करेगी।
कार्यक्रम का संचालन जिला महामंत्री फूलचंद जायसवाल ने किया। इस अवसर पर जिला प्रभारी हरिचरण कुशवाहा, सांसद जगदंबिका पाल, विधायक राजा जय प्रताप सिंह, विधायक सदर श्यामधनी राही, पूर्व मंत्री सतीश द्विवेदी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शीतल सिंह, राघवेंद्र प्रताप सिंह सहित अन्य वरिष्ठ नेताओं ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
बैठक में श्रीमती साधना चौधरी, आशीष शुक्ला, पवन मिश्रा, सच्चिदानंद चौबे, विजयकांत चतुर्वेदी, गोविंद माधव, कन्हैया पासवान, रवि अग्रवाल, मुन्नी देवी, अशोक अग्रहरि, सिद्धार्थ पाठक, अविनाश सिंह रामनारायण, लवकुश ओझा, गुड्डू त्रिपाठी, प्रधान संघ जिला अध्यक्ष पवन मिश्रा, बजरंगी वर्मा अर्चिष्मान मिश्र, राघवेंद्र मिश्रा , उमेश साहू,, प्रभात तिवारी विक्की रस्तोगी सहित जिले के सभी जिला पदाधिकारी, मंडल अध्यक्ष एवं बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
मासूमों की जलसमाधि: नाले में नहाने गए दो सगे भाइयों की दर्दनाक मौत, गांव में पसरा मातम
खेसरहा थाना क्षेत्र के मिरवापुर गांव की हृदयविदारक घटना, स्कूल से लौटने के बाद तीन बच्चे नहाने पहुंचे थे। दो सगे भाइयों की डूबने से मौत हो गई, जबकि एक बच्चे को आसपास मौजूद लोगों ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
स्थान: मिरवापुर गांव, थाना खेसरहा, जनपद सिद्धार्थनगर
मृतक: आयुष (8 वर्ष) एवं नील (5 वर्ष) (सगे भाई)
सुरक्षित बचा: एक अन्य बालक
अस्पताल: चिकित्सकों ने दोनों बच्चों को मृत घोषित किया
पुलिस कार्रवाई: पंचनामा भरकर शव परिजनों को सौंपे गए। उपलब्ध जानकारी के अनुसार परिजनों की सहमति के बाद पोस्टमार्टम नहीं कराया गया।
सिद्धार्थनगर जनपद के खेसरहा थाना क्षेत्र के मिरवापुर गांव में मंगलवार को एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया। स्कूल से लौटने के बाद नाले में नहाने गए दो सगे भाइयों की पानी में डूबने से मौत हो गई। इस घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया, जबकि पूरे गांव में शोक का माहौल है।
पूरी खबर
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मिरवापुर गांव के तीन बच्चे स्कूल से लौटने के बाद गांव के दक्षिण स्थित नाले की ओर नहाने चले गए। नहाते समय अचानक दो बच्चे गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। साथ मौजूद बच्चों और स्थानीय लोगों ने बचाने का प्रयास किया, जिसमें एक बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, लेकिन दो सगे भाइयों को समय रहते नहीं बचाया जा सका।
घटना की सूचना मिलते ही परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे तथा दोनों बच्चों को तत्काल अस्पताल ले जाया गया। वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया।
मृतकों की पहचान आयुष (8 वर्ष) और नील (5 वर्ष) के रूप में हुई है। दोनों सगे भाई बताए जा रहे हैं। उनकी असामयिक मृत्यु से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव में मातम पसरा हुआ है।
सूचना मिलने पर खेसरहा थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की। पुलिस के अनुसार, परिजनों की इच्छा के अनुरूप पंचनामा भरने के बाद शव उन्हें अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिए गए।
यह दर्दनाक हादसा एक बार फिर बरसात के मौसम में जलभराव, नालों और गहरे पानी वाले स्थानों के आसपास बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। प्रशासन और अभिभावकों के लिए यह आवश्यक है कि बच्चों को ऐसे स्थानों पर अकेले जाने से रोका जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं से बचा जा सके।
सारांश
स्कूल से लौटने के बाद तीन बच्चे नाले में नहाने गए।
दो सगे भाइयों की डूबने से मौत हो गई।
एक बच्चे को स्थानीय लोगों ने सुरक्षित बचा लिया।
अस्पताल में चिकित्सकों ने दोनों बच्चों को मृत घोषित किया।
पुलिस ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई के बाद शव परिजनों को सौंप दिए।
FT NEWS DIGITAL | सच और… कुछ नहीं
सेवा का महाअभियान: धुसरी बुजुर्ग में विश्व हिंदू परिषद का स्वास्थ्य शिविर, गांव-गांव पहुंच रही जनसेवा

सेवा का संकल्प: धुसरी बुजुर्ग में विश्व हिंदू परिषद का नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर, सैकड़ों ग्रामीणों को मिला उपचार
सेवा सप्ताह अभियान के तहत स्वास्थ्य जांच, नि:शुल्क दवा वितरण और पर्यावरण संरक्षण का संदेश

सिद्धार्थनगर। विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल द्वारा चलाए जा रहे ‘सेवा सप्ताह’ अभियान के तहत नौगढ़ प्रखंड के ग्राम धुसरी बुजुर्ग में बुधवार को नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने स्वास्थ्य परीक्षण कराया और विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श के साथ नि:शुल्क दवाएं प्राप्त कीं। कार्यक्रम के माध्यम से संगठन ने स्वास्थ्य सेवा के साथ-साथ जनजागरूकता और सामाजिक सेवा का संदेश भी दिया।

सारांश
धुसरी बुजुर्ग में आयोजित हुआ नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर।
विशेषज्ञ चिकित्सकों ने ग्रामीणों की स्वास्थ्य जांच कर दी दवाएं।
सेवा सप्ताह के तहत गांव-गांव चल रहा स्वास्थ्य एवं वृक्षारोपण अभियान।
जनसेवा और सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा देने का संदेश।
धुसरी बुजुर्ग में स्वास्थ्य सेवा का बना केंद्र
विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल द्वारा सेवा सप्ताह के अंतर्गत जिले भर में स्वास्थ्य शिविर एवं वृक्षारोपण अभियान संचालित किया जा रहा है। इसी क्रम में नौगढ़ प्रखंड के ग्राम धुसरी बुजुर्ग स्थित विश्व हिंदू परिषद के प्रखंड अध्यक्ष अभयजीत मणि त्रिपाठी उर्फ जीतू के आवास पर बुधवार को नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर लगाया गया।
शिविर में माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज, सिद्धार्थनगर के चिकित्सकों की टीम ने ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया, आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श दिया तथा जरूरतमंद मरीजों को नि:शुल्क दवाएं उपलब्ध कराईं। ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे जनहित में महत्वपूर्ण कदम बताया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विश्व हिंदू परिषद के जिलाध्यक्ष ब्रजेश पाण्डेय ने कहा कि सेवा सप्ताह का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सुविधाएं, सेवा और सामाजिक सहयोग पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि संगठन सामाजिक उत्तरदायित्व का निर्वहन करते हुए स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण और जनकल्याण जैसे विषयों पर लगातार कार्य कर रहा है।

उन्होंने बताया कि सेवा सप्ताह के दौरान कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक कर रहे हैं तथा वृक्षारोपण अभियान के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दे रहे हैं। उनका कहना था कि समाज की सहभागिता से ही स्वस्थ और स्वच्छ भारत का निर्माण संभव है।
इस अवसर पर जिला उपाध्यक्ष सुनील त्रिपाठी, सुरक्षा प्रमुख अजय सिंह, बजरंग दल के श्याम सुंदर (सुमेर), राजा मिश्र सहित विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल के पदाधिकारी, कार्यकर्ता तथा क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
FT NEWS DIGITAL | Friend Times
सेवा का महाअभियान: धुसरी बुजुर्ग में विश्व हिंदू परिषद का स्वास्थ्य शिविर, गांव-गांव पहुंच रही जनसेवा

सेवा का संकल्प: धुसरी बुजुर्ग में विश्व हिंदू परिषद का नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर, सैकड़ों ग्रामीणों को मिला उपचार
सेवा सप्ताह अभियान के तहत स्वास्थ्य जांच, नि:शुल्क दवा वितरण और पर्यावरण संरक्षण का संदेश

सिद्धार्थनगर। विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल द्वारा चलाए जा रहे ‘सेवा सप्ताह’ अभियान के तहत नौगढ़ प्रखंड के ग्राम धुसरी बुजुर्ग में बुधवार को नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने स्वास्थ्य परीक्षण कराया और विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श के साथ नि:शुल्क दवाएं प्राप्त कीं। कार्यक्रम के माध्यम से संगठन ने स्वास्थ्य सेवा के साथ-साथ जनजागरूकता और सामाजिक सेवा का संदेश भी दिया।

सारांश
धुसरी बुजुर्ग में आयोजित हुआ नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर।
विशेषज्ञ चिकित्सकों ने ग्रामीणों की स्वास्थ्य जांच कर दी दवाएं।
सेवा सप्ताह के तहत गांव-गांव चल रहा स्वास्थ्य एवं वृक्षारोपण अभियान।
जनसेवा और सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा देने का संदेश।
धुसरी बुजुर्ग में स्वास्थ्य सेवा का बना केंद्र
विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल द्वारा सेवा सप्ताह के अंतर्गत जिले भर में स्वास्थ्य शिविर एवं वृक्षारोपण अभियान संचालित किया जा रहा है। इसी क्रम में नौगढ़ प्रखंड के ग्राम धुसरी बुजुर्ग स्थित विश्व हिंदू परिषद के प्रखंड अध्यक्ष अभयजीत मणि त्रिपाठी उर्फ जीतू के आवास पर बुधवार को नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर लगाया गया।
शिविर में माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज, सिद्धार्थनगर के चिकित्सकों की टीम ने ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया, आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श दिया तथा जरूरतमंद मरीजों को नि:शुल्क दवाएं उपलब्ध कराईं। ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे जनहित में महत्वपूर्ण कदम बताया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विश्व हिंदू परिषद के जिलाध्यक्ष ब्रजेश पाण्डेय ने कहा कि सेवा सप्ताह का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सुविधाएं, सेवा और सामाजिक सहयोग पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि संगठन सामाजिक उत्तरदायित्व का निर्वहन करते हुए स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण और जनकल्याण जैसे विषयों पर लगातार कार्य कर रहा है।

उन्होंने बताया कि सेवा सप्ताह के दौरान कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक कर रहे हैं तथा वृक्षारोपण अभियान के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दे रहे हैं। उनका कहना था कि समाज की सहभागिता से ही स्वस्थ और स्वच्छ भारत का निर्माण संभव है।
इस अवसर पर जिला उपाध्यक्ष सुनील त्रिपाठी, सुरक्षा प्रमुख अजय सिंह, बजरंग दल के श्याम सुंदर (सुमेर), राजा मिश्र सहित विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल के पदाधिकारी, कार्यकर्ता तथा क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
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विद्यालय में हुआ पौधारोपण
श्री सिंहेश्वरी इंटर कॉलेज तेतरी बाजार सिद्धार्थनगर मे 46 यूपी बटालियन एनसीसी गोरखपुर के संयुक्त तत्वावधान में “एक पेड़ मां के नाम” कार्यक्रम के अंतर्गत पौधारोपण किया गया।
पर्यावरण संरक्षण एवं हरित वातावरण के उद्देश्य से श्री सिंहेश्वरी इंटर कॉलेज, तेतरी बाजार, सिद्धार्थनगर में वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय परिसर में विभिन्न प्रकार के छायादार, फलदार, औषधीय पौधों का रोपण कर किया गया।
इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य विनय अनमोल ने कहा कि वृक्ष हमारे जीवन का आधार हैं। पर्यावरण संतुलन बनाए रखने, शुद्ध वायु प्राप्त करने तथा भावी पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए अधिक से अधिक वृक्ष लगाना और उनका संरक्षण करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है।
कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं, कर्मचारियों एवं छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए पौधारोपण किया तथा लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करने का संकल्प लिया। सभी ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए समाज के प्रत्येक व्यक्ति से अधिक से अधिक वृक्ष लगाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर लेफ्टिनेंट मुकुल कुमार एवं सेकंड ऑफिसर महेंद्र के नेतृत्व में एनसीसी कैडेट ने बढ़ चढ़कर वृक्षारोपण कार्यक्रम मैं प्रतिभाग किया।विद्यालय के सभी शिक्षक रणजीत चौधरी, हृदय नारायण मिश्रा, गिरिजेश कुमार, बृजेश मणि त्रिपाठी , शारीरिक शिक्षक रामकरण ,विनय गुप्ता ,
मान सिंह,संतोष कुमार , मधुरेंद्र मिश्रा , अंकित यादव,
सीनियर कैडेट अरबाज ,काजल, सोनी, शादाब, प्रिंस, सूरज आदि का योगदान सराहनीय रहा।
विद्यालय में हुआ पौधारोपण
श्री सिंहेश्वरी इंटर कॉलेज तेतरी बाजार सिद्धार्थनगर मे 46 यूपी बटालियन एनसीसी गोरखपुर के संयुक्त तत्वावधान में “एक पेड़ मां के नाम” कार्यक्रम के अंतर्गत पौधारोपण किया गया।
पर्यावरण संरक्षण एवं हरित वातावरण के उद्देश्य से श्री सिंहेश्वरी इंटर कॉलेज, तेतरी बाजार, सिद्धार्थनगर में वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय परिसर में विभिन्न प्रकार के छायादार, फलदार, औषधीय पौधों का रोपण कर किया गया।
इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य विनय अनमोल ने कहा कि वृक्ष हमारे जीवन का आधार हैं। पर्यावरण संतुलन बनाए रखने, शुद्ध वायु प्राप्त करने तथा भावी पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए अधिक से अधिक वृक्ष लगाना और उनका संरक्षण करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है।
कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं, कर्मचारियों एवं छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए पौधारोपण किया तथा लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करने का संकल्प लिया। सभी ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए समाज के प्रत्येक व्यक्ति से अधिक से अधिक वृक्ष लगाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर लेफ्टिनेंट मुकुल कुमार एवं सेकंड ऑफिसर महेंद्र के नेतृत्व में एनसीसी कैडेट ने बढ़ चढ़कर वृक्षारोपण कार्यक्रम मैं प्रतिभाग किया।विद्यालय के सभी शिक्षक रणजीत चौधरी, हृदय नारायण मिश्रा, गिरिजेश कुमार, बृजेश मणि त्रिपाठी , शारीरिक शिक्षक रामकरण ,विनय गुप्ता ,
मान सिंह,संतोष कुमार , मधुरेंद्र मिश्रा , अंकित यादव,
सीनियर कैडेट अरबाज ,काजल, सोनी, शादाब, प्रिंस, सूरज आदि का योगदान सराहनीय रहा।
जनसेवा का एक युग हुआ समाप्त: वरिष्ठ भाजपा नेता एवं पूर्व जिला पंचायत सदस्य राजाराम लोधी नहीं रहे
सिद्धार्थनगर जनपद ने एक ऐसे जनसेवक को खो दिया, जिन्होंने दशकों तक राजनीति को सेवा का माध्यम बनाया। वरिष्ठ भाजपा नेता, पूर्व जिला पंचायत सदस्य और समाजसेवी राजाराम लोधी के निधन से पूरे जिले में शोक की लहर है। उनका जीवन सादगी, सामाजिक समर्पण और जनहित के कार्यों के लिए हमेशा याद किया जाएगा।
मुख्य बिंदु
पूर्व जिला पंचायत सदस्य एवं वरिष्ठ भाजपा नेता का निधन।
लखनऊ के डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में ली अंतिम सांस।
कपिलवस्तु क्षेत्र सहित पूरे सिद्धार्थनगर में शोक की लहर।
अयोध्या धाम में होगा अंतिम संस्कार।
राजनीतिक, सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने जताया गहरा शोक।
सिद्धार्थनगर से शोक समाचार | FT NEWS DIGITAL
सिद्धार्थनगर जनपद के कपिलवस्तु विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत विकासखंड उसका बाजार की ग्राम पंचायत मनखाही के मूल निवासी, वरिष्ठ भाजपा नेता, पूर्व जिला पंचायत सदस्य एवं समाजसेवा को समर्पित जनप्रिय व्यक्तित्व राजाराम लोधी का लखनऊ स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में निधन हो गया। उनके निधन का समाचार मिलते ही पूरे सिद्धार्थनगर जनपद में शोक की लहर दौड़ गई।
राजाराम लोधी का निधन केवल एक राजनीतिक व्यक्तित्व का अवसान नहीं माना जा रहा, बल्कि ऐसे जनसेवक की विदाई के रूप में देखा जा रहा है जिन्होंने वर्षों तक समाज, संगठन और आमजन के हितों के लिए सक्रिय भूमिका निभाई। उनके निधन से क्षेत्र के राजनीतिक, सामाजिक और धार्मिक संगठनों सहित हजारों शुभचिंतक गहरे शोक में हैं।
मनखाही गांव से लेकर पूरे कपिलवस्तु विधानसभा क्षेत्र तक शोक का माहौल है। लोगों ने उन्हें सादगी, सहजता, जनसरोकार और समाज के हर वर्ग के प्रति समान भाव रखने वाले नेता के रूप में याद किया। उनके निवास और विभिन्न स्थानों पर श्रद्धांजलि सभाओं का दौर शुरू हो गया है।
राजाराम लोधी का सार्वजनिक जीवन संघर्ष, सेवा और सामाजिक समर्पण का उदाहरण रहा। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत बहुजन समाज पार्टी से की और जिला पंचायत सदस्य के रूप में जनता का विश्वास प्राप्त किया। जनप्रतिनिधि रहते हुए उन्होंने क्षेत्रीय विकास, जनसमस्याओं के समाधान और आम नागरिकों की आवाज को प्रमुखता से उठाया।
बाद में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण की और संगठन के सक्रिय एवं अनुशासित कार्यकर्ता के रूप में अपनी पहचान बनाई। संगठन के प्रति निष्ठा, सरल व्यवहार और सभी कार्यकर्ताओं के साथ आत्मीय संबंधों के कारण उन्हें व्यापक सम्मान प्राप्त था।
राजनीति के साथ-साथ सामाजिक जीवन में भी उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही। वे गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों की सहायता, युवाओं के मार्गदर्शन, सामाजिक एकता, शिक्षा के प्रति जागरूकता तथा विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों में सक्रिय सहभागिता के लिए जाने जाते थे। उनके दरवाजे पर पहुंचने वाला कोई भी व्यक्ति स्वयं को अकेला महसूस नहीं करता था। यही कारण रहा कि राजनीतिक विचारधारा से अलग सोच रखने वाले लोग भी उनके व्यक्तित्व का सम्मान करते थे।
लोधी समाज के सामाजिक उत्थान और संगठनात्मक मजबूती के लिए उन्होंने निरंतर कार्य किया। समाज के लोगों का कहना है कि उनके निधन से केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि अनुभव, नेतृत्व और सामाजिक समर्पण की एक महत्वपूर्ण विरासत का बड़ा स्तंभ खो गया है।
राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों तथा क्षेत्र के नागरिकों ने उनके निधन को जनपद की अपूरणीय क्षति बताते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की है। अनेक लोगों ने कहा कि राजाराम लोधी ने पद से अधिक लोगों का विश्वास और स्नेह अर्जित किया, जो उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि रही।
परिजनों के अनुसार उनका अंतिम संस्कार अयोध्या धाम में किया जाएगा, जहां बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, शुभचिंतकों एवं आम नागरिकों के पहुंचने की संभावना है।
राजाराम लोधी का सादगीपूर्ण व्यक्तित्व, जनसेवा के प्रति समर्पण और समाज को साथ लेकर चलने की उनकी सोच आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनी रहेगी। उनका योगदान सिद्धार्थनगर के सामाजिक और सार्वजनिक जीवन में सदैव स्मरणीय रहेगा।
FT NEWS DIGITAL परिवार दिवंगत आत्मा को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता है तथा ईश्वर से प्रार्थना करता है कि वे पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें एवं शोकाकुल परिवार को इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
— रिपोर्ट: श्याम सुंदर शुक्ला, FT NEWS DIGITAL
बारिश का कहर: धंसा नगर का मुख्य जलापूर्ति बोर, पूरे शहर में पेयजल संकट की आशंका
बारिश के बीच धंसा नगर पालिका का मुख्य जलापूर्ति बोर, शहर में पेयजल व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका
लगातार बारिश के बाद मुख्य जलापूर्ति बोरवेल के पिलर में आई तकनीकी समस्या, जांच और मरम्मत की मांग तेज
सिद्धार्थनगर। लगातार हो रही बारिश के बीच नगर पालिका परिषद सिद्धार्थनगर की मुख्य पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को झटका लगा है। नगर क्षेत्र के गांधीनगर स्थित मुख्य जलापूर्ति बोरवेल के पिलर के धंस जाने की सूचना सामने आई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इसके बाद कई इलाकों में पानी की आपूर्ति प्रभावित होने तथा कुछ स्थानों पर गंदा पानी आने जैसी शिकायतें भी सामने आई हैं। हालांकि, इस संबंध में संबंधित विभाग की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान जारी होना शेष है।
सारांश
लगातार बारिश के बीच मुख्य जलापूर्ति बोरवेल के पिलर के धंसने की सूचना।
नगर के कई हिस्सों में पेयजल आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका।
कुछ क्षेत्रों में गंदा पानी आने की शिकायतें सामने आईं।
स्थानीय लोगों ने तकनीकी जांच और शीघ्र मरम्मत की मांग उठाई।
विभाग की आधिकारिक रिपोर्ट और कारणों का इंतजार।
पूरी खबर
सिद्धार्थनगर। लगातार हो रही बारिश के कारण नगर पालिका परिषद सिद्धार्थनगर की जलापूर्ति व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका गहरा गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार नगर पालिका कार्यालय के पीछे स्थित गांधीनगर क्षेत्र के मुख्य जलापूर्ति बोरवेल का पिलर जमीन में धंस गया है, जिससे नगर की पेयजल आपूर्ति पर असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सुबह से कुछ इलाकों में गंदा पानी आने की शिकायतें भी सामने आई हैं। उनका दावा है कि संबंधित बोरवेल नगर के बड़े हिस्से में पेयजल आपूर्ति का प्रमुख स्रोत है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि जलापूर्ति पूरी तरह बाधित हुई है या आंशिक रूप से प्रभावित हुई है।
स्थानीय लोगों ने यह भी बताया कि संबंधित बोरवेल का निर्माण लगभग एक वर्ष पूर्व कराया गया था। ऐसे में लगातार बारिश के बीच संरचना के धंसने की घटना को लेकर लोगों में चिंता बढ़ गई है। नागरिकों ने पूरे मामले की तकनीकी जांच कराने तथा यदि निर्माण में किसी प्रकार की कमी पाई जाती है तो नियमानुसार कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
मौके पर मौजूद लोगों ने यह भी मांग की कि प्रभावित स्थल के आसपास पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था एवं बैरिकेडिंग सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना की संभावना न रहे।
फिलहाल संबंधित विभाग द्वारा मरम्मत कार्य और तकनीकी परीक्षण की प्रक्रिया शुरू किए जाने की उम्मीद जताई जा रही है। घटना के वास्तविक कारणों की पुष्टि विभागीय जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।
FT News Digital इस जनहित से जुड़े मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है। संबंधित विभाग का आधिकारिक पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
15.47 करोड़ की साइबर ठगी से जुड़े नेटवर्क पर पुलिस का प्रहार, खेसरहा से आरोपी गिरफ्तार
15.47 करोड़ के साइबर फ्रॉड नेटवर्क का खुलासा: खेसरहा पुलिस ने म्यूल अकाउंट संचालक को दबोचा, आईफोन-लैपटॉप व नकदी बरामद

ऑपरेशन ‘Cy-Vajra’ के तहत बड़ी कार्रवाई, विभिन्न राज्यों की 9 शिकायतों से जुड़ा मामला
सिद्धार्थनगर पुलिस ने साइबर अपराध के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए थाना खेसरहा क्षेत्र से एक ऐसे आरोपी को गिरफ्तार किया है, जिसके बैंक खातों का संबंध एनसीआरपी (NCRP)/समन्वय पोर्टल पर दर्ज विभिन्न राज्यों की साइबर धोखाधड़ी की शिकायतों से जुड़ा पाया गया। पुलिस के अनुसार, पोर्टल पर दर्ज शिकायतों में कुल ₹15.47 करोड़ से अधिक की साइबर ठगी का उल्लेख है। जांच में आरोपी के खातों में इस धनराशि का एक हिस्सा आने तथा उसके उपयोग के आरोप में कार्रवाई की गई है।

सारांश
NCRP/समन्वय पोर्टल की 9 शिकायतों से जुड़ा मामला
कुल ₹15.47 करोड़ से अधिक की साइबर फ्रॉड शिकायतों से संबंधित जांच
एक आरोपी गिरफ्तार, आईफोन, मोबाइल, लैपटॉप, एटीएम कार्ड, पासबुक और ₹20 हजार नकद बरामद
ऑनलाइन गेमिंग के माध्यम से संदिग्ध लेनदेन का पुलिस ने किया खुलासा
आरोपी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया
विस्तृत खबर
सिद्धार्थनगर। प्रदेश में साइबर अपराधियों के खिलाफ पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान “Cy-Vajra” के अंतर्गत सिद्धार्थनगर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए थाना खेसरहा क्षेत्र से एक युवक को गिरफ्तार किया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार प्रसाद तथा क्षेत्राधिकारी बांसी शुबेन्दु सिंह के पर्यवेक्षण में थानाध्यक्ष अनूप कुमार मिश्र एवं साइबर सेल टीम ने यह कार्रवाई की।
पुलिस के अनुसार, एनसीआरपी/समन्वय पोर्टल पर वर्ष 2024-25 के दौरान विभिन्न राज्यों से प्राप्त साइबर धोखाधड़ी की शिकायतों की जांच में एक संदिग्ध बैंक खाते का पता चला। पुलिस का कहना है कि पोर्टल पर दर्ज कुल 9 शिकायतों में लगभग ₹15,47,63,520 की साइबर ठगी का विवरण दर्ज था। जांच के दौरान संबंधित म्यूल बैंक खाते में ₹24,230.66 आने और उसका निजी उपयोग किए जाने के आरोप सामने आए।
इसी आधार पर थाना खेसरहा में 12 जुलाई 2026 को मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने 14 जुलाई 2026 को आरोपी नसीम अहमद (20 वर्ष), निवासी बेलवालगुनही, थाना खेसरहा को गिरफ्तार कर आवश्यक विधिक कार्रवाई के बाद न्यायालय भेज दिया।
पूछताछ में क्या सामने आया?
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से साइबर ठगी की रकम अपने खातों में मंगवाता था और बाद में अलग-अलग खातों में स्थानांतरित कर लेनदेन करता था। पुलिस का दावा है कि आरोपी ने अपने नाम से यूनियन बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, अर्बन कोऑपरेटिव बैंक, एक्सिस बैंक, भारतीय स्टेट बैंक तथा इंडियन पोस्ट पेमेंट्स बैंक में कई खाते खुलवा रखे थे।
जांच में इन खातों पर विभिन्न राज्यों से दर्ज कुल 8 अन्य एनसीआरपी शिकायतें भी सामने आने की बात पुलिस ने कही है, जिनमें लगभग ₹7.08 करोड़ की साइबर धोखाधड़ी से संबंधित प्रविष्टियां दर्ज हैं। पुलिस का कहना है कि इन खातों में भी संदिग्ध धनराशि का लेनदेन पाया गया।

बरामदगी
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से निम्न सामान बरामद करने का दावा किया है—
एक आईफोन एवं एक वीवो मोबाइल
एचपी कंपनी का एक लैपटॉप
लैपटॉप चार्जर एवं माउस
चार बैंक पासबुक
छह बैंक कार्ड (एटीएम/डेबिट कार्ड)
₹20,000 नकद, जिसे पुलिस ने साइबर ठगी से संबंधित धनराशि बताया है।
पुलिस की अपील
सिद्धार्थनगर पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी लालच या कमीशन के बदले अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, चेकबुक या बैंकिंग विवरण किसी अन्य व्यक्ति को उपलब्ध न कराएं। पुलिस के अनुसार, ऐसे मामलों में सहयोग या संलिप्तता पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध भी विधिक कार्रवाई की जा सकती है।
(नोट: यह समाचार सिद्धार्थनगर पुलिस द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति एवं पुलिस के दावों पर आधारित है। मामले की जांच एवं न्यायिक प्रक्रिया जारी है। आरोपी के विरुद्ध लगाए गए आरोपों का अंतिम निर्णय न्यायालय द्वारा किया जाएगा।)
“कूड़ा नदी में दिखा घड़ियाल! बारिश के बाद बढ़ी हलचल, वन विभाग ने शुरू की तलाश”
बारिश के बाद नदी में दिखा घड़ियाल! वन विभाग अलर्ट, ग्रामीणों में बढ़ी सतर्कता
सिद्धार्थनगर | संवाददाता
जनपद सिद्धार्थनगर में लगातार हो रही बारिश के बीच विकासखंड उस्का बाजार के ग्राम सोहास स्थित कूड़ा नदी में एक घड़ियाल जैसा जलीय जीव दिखाई देने की सूचना से क्षेत्र में हलचल मच गई। सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और नदी किनारे लोगों की भीड़ लग गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, नदी में बहते पानी के बीच कुछ समय के लिए घड़ियाल दिखाई दिया। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची और आसपास के क्षेत्र का निरीक्षण किया। हालांकि, टीम के पहुंचने तक संबंधित जलीय जीव वहां से आगे निकल चुका था, जिससे उसे तत्काल चिन्हित नहीं किया जा सका।
वन विभाग ने आसपास के क्षेत्र में तलाश शुरू कर दी है। साथ ही स्थानीय लोगों से अपील की गई है कि वे नदी के किनारे अनावश्यक भीड़ न लगाएं, बच्चों को अकेले नदी की ओर न जाने दें तथा किसी भी प्रकार का वन्यजीव दिखाई देने पर तत्काल वन विभाग या स्थानीय प्रशासन को सूचना दें।
क्या है मामला?
कूड़ा नदी में घड़ियाल जैसा जलीय जीव दिखाई देने की सूचना।
सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची।
टीम के पहुंचने से पहले जीव नदी में आगे निकल गया।
ग्रामीणों से सतर्क रहने और अफवाहों से बचने की अपील।
तेज बारिश के बाद नदियों का जलस्तर बढ़ने के साथ वन्यजीवों के आबादी वाले क्षेत्रों के करीब आने की घटनाएं सामने आती रहती हैं। ऐसे में प्रशासन और वन विभाग लोगों से सतर्कता बरतने की अपील कर रहे हैं।
सारांश
सिद्धार्थनगर के ग्राम सोहास स्थित कूड़ा नदी में घड़ियाल जैसा जलीय जीव दिखाई देने की सूचना के बाद ग्रामीणों में सतर्कता का माहौल है। वन विभाग ने तलाश अभियान शुरू कर दिया है। फिलहाल संबंधित जीव की आधिकारिक पहचान और उसकी मौजूदगी की पुष्टि वन विभाग की जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
विकास के दावों पर जलभराव का सवाल! मुख्य मार्ग बना तालाब, ग्रामीणों ने मांगी उच्चस्तरीय जांच
📰 मुख्य शीर्षक
ग्रामीणों की प्रमुख मांगें
मुख्य मार्ग से तत्काल जलभराव हटाया जाए।
जल निकासी की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
संबंधित विभाग मौके का निरीक्षण करे।
विकास कार्यों की गुणवत्ता की तकनीकी जांच कराई जाए।
जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा समस्या का शीघ्र समाधान कराया जाए।
सिद्धार्थनगर। विकास कार्यों पर करोड़ों रुपये खर्च होने के दावों के बीच डुमरियागंज विकास खंड के एक गांव में जलभराव की समस्या ने स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है। ग्रामीणों का कहना है कि मुख्य मार्ग पर लंबे समय से पानी जमा रहने के कारण आवागमन प्रभावित हो रहा है। उन्होंने प्रशासन से मौके का निरीक्षण कर समस्या का स्थायी समाधान कराने और विकास कार्यों की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
सारांश
मुख्य मार्ग पर जलभराव के कारण स्कूली बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और किसानों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। अब उन्होंने जिला प्रशासन से हस्तक्षेप कर आवश्यक कार्रवाई की मांग उठाई है।
विस्तृत खबर
सिद्धार्थनगर। डुमरियागंज विकास खंड के एक गांव में जल निकासी की समस्या को लेकर ग्रामीणों में असंतोष देखने को मिल रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, गांव के मुख्य मार्ग पर लंबे समय से जलभराव बना हुआ है, जिससे आमजन का आवागमन प्रभावित हो रहा है। बरसात के दौरान स्थिति और अधिक चुनौतीपूर्ण हो जाती है।
ग्रामीणों का कहना है कि इसी मार्ग से प्रतिदिन स्कूली बच्चे, महिलाएं, किसान और अन्य लोग आवागमन करते हैं। पानी भरे रहने से फिसलने और दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। उनका कहना है कि यदि किसी बीमार व्यक्ति को अस्पताल ले जाने की आवश्यकता पड़ जाए तो जलभराव के कारण कठिनाइयां और बढ़ जाती हैं।
स्थानीय लोगों ने यह भी बताया कि समस्या की जानकारी संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों तक पहुंचाई गई है। समाचार पत्र में प्रकाशित जानकारी के अनुसार, ग्राम सचिव की ओर से जल निकासी की व्यवस्था कराने का आश्वासन दिए जाने का उल्लेख है। हालांकि, ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें अभी तक स्थायी समाधान नहीं मिल पाया है।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि संबंधित विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचकर वास्तविक स्थिति का निरीक्षण करें। यदि विकास कार्यों में किसी प्रकार की तकनीकी कमी या अनियमितता पाई जाती है तो नियमानुसार जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाए तथा जल निकासी की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके।
ग्रामीणों का कहना है कि शासन की मंशा गांवों तक बेहतर मूलभूत सुविधाएं पहुंचाने की है। ऐसे में यदि किसी स्थान पर समस्याएं बनी हुई हैं तो उनका समयबद्ध समाधान होना जनहित में आवश्यक है।
पत्रकारिता का संतुलन
यह समाचार स्थानीय ग्रामीणों द्वारा उठाई गई शिकायतों एवं उपलब्ध प्रकाशित जानकारी पर आधारित है। समाचार में लगाए गए आरोप संबंधित पक्षों के दावे हैं। FT News Digital किसी भी आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता। संबंधित विभाग अथवा अन्य पक्ष का आधिकारिक बयान प्राप्त होने पर उसे भी समान प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
रिपोर्ट : श्याम सुंदर शुक्ला
FT News Digital | सच और… कुछ नहीं
फार्मासिस्टों की आवाज हुई बुलंद, 6 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रशासन के दरवाजे पहुंचे

अवैध मेडिकल स्टोरों पर कार्रवाई, नए पदों के सृजन और फार्मासिस्टों के अधिकारों की सुरक्षा की उठी मांगे
प्रमुख मांगें
अवैध मेडिकल स्टोरों एवं झोलाछाप प्रैक्टिस पर प्रभावी कार्रवाई।
फार्मासिस्ट के नए पदों का सृजन।
लाइसेंस आवेदन का समयबद्ध निस्तारण।
PPR एक्ट-2015 लागू किया जाए।
फर्जी शिकायतों के आधार पर उत्पीड़न पर रोक।
फार्मासिस्टों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

सिद्धार्थनगर में वर्षों से लंबित मांगों और पेशेवर अधिकारों को लेकर फार्मासिस्टों ने एकजुट होकर प्रशासन के समक्ष अपनी आवाज बुलंद की। अखिल भारतीय फार्मासिस्ट एसोसिएशन के नेतृत्व में नवागत औषधि निरीक्षक और जिलाधिकारी को 6 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपते हुए संगठन ने स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने और फार्मासिस्टों की समस्याओं के समाधान की मांग की।

सारांश
अखिल भारतीय फार्मासिस्ट एसोसिएशन की जिला इकाई ने जिला अध्यक्ष आशीष पांडे के नेतृत्व में नवागत औषधि निरीक्षक मनोज कुमार सिंह से शिष्टाचार मुलाकात कर 6 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। इसके बाद जिलाधिकारी को भी समर्थन पत्र देकर फार्मासिस्टों के हितों से जुड़े मुद्दों पर शीघ्र कार्रवाई की मांग की गई। औषधि निरीक्षक ने संगठन की मांगों पर नियमानुसार विचार करने का आश्वासन दिया।
विस्तृत खबर
सिद्धार्थनगर। स्वास्थ्य सेवाओं में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले फार्मासिस्टों ने अपने पेशेवर अधिकारों, कार्य परिस्थितियों और जनहित से जुड़े मुद्दों को लेकर एक बार फिर संगठित होकर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया। अखिल भारतीय फार्मासिस्ट एसोसिएशन की जिला इकाई ने राष्ट्रीय एवं प्रदेश नेतृत्व के मार्गदर्शन तथा जिला अध्यक्ष आशीष पांडे के नेतृत्व में नवागत औषधि निरीक्षक मनोज कुमार सिंह से शिष्टाचार भेंट कर 6 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा।
संगठन का कहना है कि यदि इन मांगों पर सकारात्मक पहल होती है तो न केवल फार्मासिस्टों की कार्यप्रणाली बेहतर होगी, बल्कि जनपद की दवा व्यवस्था और आम जनता को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं में भी सुधार आएगा।
ज्ञापन में जनपद में कथित रूप से संचालित अवैध मेडिकल स्टोरों एवं झोलाछाप प्रैक्टिस के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई, फार्मासिस्टों के नए पदों का सृजन, लाइसेंस आवेदन का समयबद्ध निस्तारण, PPR एक्ट-2015 का प्रभावी क्रियान्वयन, फर्जी शिकायतों के आधार पर फार्मासिस्टों के उत्पीड़न पर रोक तथा फार्मासिस्टों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने जैसी प्रमुख मांगें शामिल हैं।
संगठन ने इसी क्रम में जिलाधिकारी सिद्धार्थनगर को भी समर्थन पत्र सौंपते हुए इन मांगों पर प्रशासनिक स्तर पर आवश्यक कार्रवाई की अपेक्षा व्यक्त की।
एसोसिएशन के पदाधिकारियों के अनुसार, औषधि निरीक्षक मनोज कुमार सिंह ने ज्ञापन प्राप्त कर सभी मांगों को गंभीरता से सुना और नियमानुसार विचार करने का आश्वासन दिया।
इस अवसर पर जिला संरक्षक अनिल गुप्ता, जिला महासचिव विकास उपाध्याय, जिला सचिव सौरव पांडे, जिला उपाध्यक्ष सुशील पटेल, आशुतोष चतुर्वेदी, जिला महामंत्री कौलेश्वर चौबे, जिला मंत्री दिनेश प्रजापति, जिला कोषाध्यक्ष विकास खटीक, जिला मीडिया प्रभारी शुभम चतुर्वेदी, जिला प्रवक्ता सोमनाथ चौधरी, जिला संगठन मंत्री दिनेश कुमार सहित बड़ी संख्या में फार्मासिस्ट मौजूद रहे।
✍️ रिपोर्ट : विजय पाल चतुर्वेदी
FT News Digital
बौद्धिक दिव्यांग बच्चों के लिए ऐतिहासिक पहल! अब बदलेगी हजारों जिंदगियां

बौद्धिक दिव्यांग बच्चों के लिए नई उम्मीद: ‘दिशा अभियान’ के तहत बांटी गई विशेष वर्कबुक, शिक्षा से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़े कदम
मुख्य बातें
जिले को मिलीं 130 विशेष वर्कबुक सेट।
मिठवल में 50 और बांसी में 80 सेट वितरित।
6 से 14 वर्ष के बौद्धिक दिव्यांग बच्चों को मिलेगा लाभ।
पूर्व-पठन, पूर्व-लेखन, गणित, दैनिक जीवन कौशल और स्वच्छता पर आधारित सामग्री शामिल।
📰 खबर (अखबार शैली, सुरक्षित एवं संतुलित)
सिद्धार्थनगर। बौद्धिक दिव्यांग बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जोड़ने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में जिले में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। भारत सरकार के राष्ट्रीय बौद्धिक दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान तथा जय वकील फाउंडेशन के संयुक्त सहयोग से संचालित ‘दिशा अभियान’ के अंतर्गत विशेष रूप से तैयार की गई वर्कबुक्स का वितरण किया गया।
इस अभियान के सफल क्रियान्वयन में जिला समन्वयक समेकित शिक्षा करुणापति त्रिपाठी की सक्रिय भूमिका रही। उनके प्रयासों से जिले के बौद्धिक दिव्यांग बच्चों के लिए शैक्षणिक सहायता सामग्री उपलब्ध कराई गई, जिससे समावेशी शिक्षा को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।
जानकारी के अनुसार, जिले को कुल 130 विशेष वर्कबुक सेट प्राप्त हुए हैं। इनमें विकास खंड मिठवल के लिए 50 सेट तथा विकास खंड बांसी के लिए 80 सेट उपलब्ध कराए गए हैं। इन सेटों का वितरण चिन्हित लाभार्थी बच्चों के बीच किया गया।
प्रत्येक सेट में 6 से 14 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के लिए छह विशेष वर्कबुक शामिल हैं। इनमें पूर्व-पठन एवं पूर्व-लेखन कौशल, रेखाएं खींचने और पकड़ मजबूत करने के अभ्यास, व्यावहारिक गणित, संज्ञानात्मक विकास, दैनिक जीवन कौशल (जैसे ब्रश करना, व्यक्तिगत स्वच्छता) तथा सामाजिक एवं पर्यावरणीय जागरूकता से संबंधित गतिविधियां शामिल हैं।
शिक्षा विभाग से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य बौद्धिक दिव्यांग बच्चों को उनकी सीखने की क्षमता के अनुरूप शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध कराना है, ताकि वे शिक्षा की मुख्यधारा से जुड़कर आत्मनिर्भर जीवन की ओर आगे बढ़ सकें।
✍️ रिपोर्ट: विजय पाल चतुर्वेदी | FT News Digital
15 साल से कीचड़ में भविष्य! पानी से जूझकर स्कूल पहुंचने को मजबूर नौनिहाल, प्रशासन के आश्वासन पर टिकी उम्मीद

15 वर्षों से बदहाल रास्ता, बारिश में स्कूल पहुंचना बना चुनौती
ग्रामीणों के अनुसार विद्यालय तक जाने वाला मार्ग लंबे समय से जर्जर है। बरसात में सड़क पर जलभराव और कीचड़ होने से स्कूली बच्चों को कठिन परिस्थितियों में विद्यालय पहुंचना पड़ रहा है। मामले की जानकारी मिलने पर खंड विकास अधिकारी ने कार्य शुरू कराने का आश्वासन दिया है।
पानी और कीचड़ से गुजरकर स्कूल पहुंचने को मजबूर नौनिहाल, कब बदलेगी तस्वीर?
सिद्धार्थनगर। सरकार जहां प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित एवं सुगम शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रही है, वहीं विकास खंड भनवापुर की ग्राम पंचायत बेतनार स्थित संविलियन विद्यालय तक पहुंचने वाला मार्ग बरसात में बच्चों के लिए परेशानी का कारण बन गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्षों से सड़क की स्थिति खराब है, जिससे छात्र-छात्राओं को पानी और कीचड़ से होकर विद्यालय जाना पड़ रहा है।
खबर
रिपोर्ट: विजय पाल चतुर्वेदी
जनपद: सिद्धार्थनगर
विकास खंड भनवापुर के ग्राम पंचायत बेतनार स्थित संविलियन विद्यालय के बाहर का मार्ग बरसात के दिनों में जलभराव और कीचड़ से भर गया है। स्थानीय ग्रामीणों का दावा है कि करीब 15 वर्षों से इस मार्ग पर कोई बड़ा निर्माण कार्य नहीं हुआ, जिसके कारण बारिश के समय विद्यालय पहुंचना कठिन हो जाता है।
ग्रामीणों और विद्यालय से जुड़े लोगों के अनुसार छोटे-छोटे बच्चों को रोजाना पानी और कीचड़ से होकर विद्यालय जाना पड़ता है। विद्यालय के एक शिक्षक ने भी बताया कि बरसात के दौरान बच्चों को आने-जाने में काफी दिक्कत होती है। उनका कहना है कि कई बार बच्चे कीचड़ से बचने के प्रयास में पास स्थित ट्रांसफार्मर के पोल के आसपास से गुजरते दिखाई देते हैं, जिससे सावधानी बरतने की आवश्यकता महसूस होती है। हालांकि किसी दुर्घटना की सूचना नहीं है, लेकिन स्थानीय लोग इसे संभावित जोखिम मानते हुए शीघ्र समाधान की मांग कर रहे हैं।
ग्रामीणों ने प्रशासन से विद्यालय मार्ग का निर्माण कराकर बच्चों के लिए सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने की मांग की है।
इस संबंध में खंड विकास अधिकारी भनवापुर से दूरभाष पर संपर्क करने पर उन्होंने बताया कि संबंधित सचिव को आवश्यक निर्देश दिए जा चुके हैं तथा अगले दिन से कार्य प्रारंभ कराने की कार्रवाई की जाएगी।
सारांश
यह मामला केवल एक सड़क का नहीं, बल्कि स्कूली बच्चों की सुरक्षित शिक्षा और सुगम आवागमन से जुड़ा जनहित का विषय है। यदि प्रशासन द्वारा दिए गए आश्वासन के अनुरूप शीघ्र कार्य शुरू होता है, तो बरसात के मौसम में बच्चों और ग्रामीणों को बड़ी राहत मिल सकती है। स्थानीय लोग अब आश्वासन के धरातल पर उतरने का इंतजार कर रहे हैं।
(यह समाचार स्थानीय ग्रामीणों, विद्यालय पक्ष एवं संबंधित अधिकारी से प्राप्त जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। प्रशासनिक कार्रवाई एवं आधिकारिक प्रगति के अनुसार स्थिति में परिवर्तन संभव है।)
“वोटर लिस्ट से नाम गायब! ग्रामीण पहुंचे डीएम दरबार, जांच का मिला भरोसा”
वोटर लिस्ट से नाम हटाने का आरोप: ग्रामीणों का कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन, डीएम को सौंपा ज्ञापन
“मताधिकार से वंचित करने की साजिश” का आरोप, जिलाधिकारी ने जांच का दिया आश्वासन
सिद्धार्थनगर। ग्राम पंचायत शिरसिया राजा के दर्जनों ग्रामीण सोमवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे और वर्ष 2026 की मतदाता सूची में कथित रूप से नाम हटाए जाने का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की मांग की।
ग्रामीणों का कहना है कि वर्ष 2025 की मतदाता सूची में उनके और उनके परिवार के नाम दर्ज थे, लेकिन नई मतदाता सूची में बिना पूर्व सूचना उनके नाम हटा दिए गए। उनका आरोप है कि यदि समय रहते सुधार नहीं किया गया तो वे अपने संवैधानिक मताधिकार का प्रयोग नहीं कर पाएंगे।
ज्ञापन में कुछ ग्रामीणों ने संबंधित बीएलओ पर भी आरोप लगाए हैं। हालांकि, एफटी न्यूज़ डिजिटल इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता है। संबंधित अधिकारी का पक्ष समाचार लिखे जाने तक प्राप्त नहीं हो सका।
ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मांग की कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए, पात्र मतदाताओं के नाम पुनः जोड़े जाएं तथा यदि किसी स्तर पर अनियमितता पाई जाती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
जिलाधिकारी ने दिया जांच का भरोसा
ग्रामीणों के अनुसार, जिलाधिकारी ने उनका ज्ञापन प्राप्त कर मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया। अब ग्रामीणों की निगाह प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।
एफटी न्यूज़ डिजिटल का पक्ष
यह समाचार ग्रामीणों द्वारा सौंपे गए ज्ञापन, उनके बयानों तथा उपलब्ध दस्तावेजों पर आधारित है। शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी शेष है। संबंधित निर्वाचन अधिकारियों अथवा बीएलओ का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
“10 साल से बदहाल सड़क पर फूटा जनाक्रोश, डीएम की चौखट पहुंची जनता; तत्काल निर्माण की उठी मांग”
10 वर्षों से बदहाल सड़क पर फूटा जनाक्रोश, डीएम की चौखट पहुंची कांग्रेस; आजाद नगर–बेलसड़ रोड के शीघ्र निर्माण की उठी मांग

स्थान: आजाद नगर–बेलसड़ रोड, नगर पालिका परिषद सिद्धार्थनगर
मामला: वर्षों से जर्जर सड़क और अधूरा निर्माण कार्य
कार्रवाई: जिला कांग्रेस कमेटी ने जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन
मुख्य मांग: तत्काल निर्माण, देरी की जांच, जिम्मेदारी तय करने और वैकल्पिक आवागमन की व्यवस्था

सिद्धार्थनगर। विकास के दावों के बीच नगर की एक प्रमुख सड़क की बदहाली को लेकर लोगों का आक्रोश अब प्रशासन की चौखट तक पहुंच गया है। जिला कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया कि आजाद नगर–बेलसड़ रोड का निर्माण कार्य वर्षों से अधूरा पड़ा है। बरसात के मौसम में सड़क पर जलभराव और कीचड़ ने हालात और गंभीर बना दिए हैं। प्रतिनिधिमंडल ने इसे जनसुरक्षा और जनहित से जुड़ा गंभीर मामला बताते हुए तत्काल निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की।

सारांश
जिला कांग्रेस कमेटी ने जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन।
सड़क निर्माण में वर्षों की देरी का लगाया आरोप।
बरसात में जलभराव और कीचड़ से हजारों लोगों के प्रभावित होने का दावा।
मेडिकल कॉलेज सहित कई महत्वपूर्ण संस्थानों तक पहुंचने में कठिनाई का उल्लेख।
निर्माण में देरी की जांच और जिम्मेदारी तय करने की मांग।
विस्तृत समाचार
नगर पालिका परिषद सिद्धार्थनगर क्षेत्र की आजाद नगर–बेलसड़ रोड की बदहाल स्थिति को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी ने जिलाधिकारी से मुलाकात कर विस्तृत ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन पर जिला उपाध्यक्ष सादिक अहमद सहित कई पदाधिकारियों एवं स्थानीय नागरिकों के हस्ताक्षर दर्ज हैं।
ज्ञापन में कहा गया है कि यह मार्ग आजाद नगर, सरोजनी नगर और आसपास के कई मोहल्लों को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। इसी रास्ते से मेडिकल कॉलेज सहित कई आवश्यक संस्थानों तक आवागमन होता है। इसके बावजूद सड़क लंबे समय से जर्जर अवस्था में है और निर्माण कार्य पूर्ण नहीं हो सका है।
ज्ञापन के अनुसार, बरसात के दौरान सड़क पर जलभराव और कीचड़ के कारण स्कूली बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों, मरीजों और आम नागरिकों को प्रतिदिन भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर सड़क की स्थिति इतनी खराब बताई गई है कि पैदल चलना भी चुनौती बन गया है। प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि यदि समय रहते निर्माण कार्य पूरा नहीं कराया गया तो भविष्य में किसी गंभीर दुर्घटना से इंकार नहीं किया जा सकता।
कांग्रेस नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि सड़क निर्माण का शुभारंभ तो किया गया, लेकिन कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा नहीं हुआ। उनका दावा है कि कुछ स्थानों पर प्रारंभिक कार्य के बाद निर्माण अधूरा छोड़ दिया गया, जिससे समस्या और बढ़ गई।
डीएम से की गई प्रमुख मांगें
ज्ञापन में मांग की गई है कि—
सड़क निर्माण कार्य युद्धस्तर पर तत्काल शुरू कराया जाए।
निर्माण में हुई देरी की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारी तय की जाए।
निर्माण पूरा होने तक आम जनता के लिए सुरक्षित वैकल्पिक आवागमन की व्यवस्था की जाए।
निर्माण कार्य की नियमित निगरानी कर समयबद्ध ढंग से पूरा कराया जाए।
जिलाधिकारी ने दिया आश्वासन
प्रतिनिधिमंडल के अनुसार, जिलाधिकारी ने ज्ञापन प्राप्त कर शिकायतों को गंभीरता से लेने का भरोसा दिया और संबंधित अधिकारियों को मामले की जांच कराने तथा नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया।
प्रशासनिक पक्ष
समाचार लिखे जाने तक नगर पालिका परिषद अथवा संबंधित विभाग की ओर से ज्ञापन में लगाए गए आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हो सकी थी। संबंधित पक्ष का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
जनहित का सवाल
बरसात के मौसम में बदहाल सड़कें केवल असुविधा का कारण नहीं, बल्कि जनसुरक्षा के लिए भी गंभीर चुनौती बन सकती हैं। अब क्षेत्रीय नागरिकों की निगाहें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं कि वर्षों से लंबित इस समस्या का समाधान आखिर कब तक होगा।
बरसात बनी मासूम की मौत का सबब! छत पर गई 10 वर्षीय राधा की संदिग्ध मौत
बरसाती मौसम बना मासूम की मौत का कारण? छत पर गई 10 वर्षीय बालिका की संदिग्ध मौत, परिजनों ने सर्पदंश की जताई आशंका; पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी सबकी निगाहें
घटना: संदिग्ध परिस्थितियों में 10 वर्षीय बालिका की मौत
मृतका: राधा (10 वर्ष), पुत्री दुर्बली
स्थान: ग्राम सुकरौली, थाना शिवनगर तिवारी, जनपद सिद्धार्थनगर
समय: रविवार शाम लगभग 6:00 बजे
स्थिति: परिजनों ने सर्पदंश की आशंका जताई, पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मृत्यु का वास्तविक कारण रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा।
बरसात का मौसम अपने साथ जहां राहत लेकर आता है, वहीं लापरवाही और प्राकृतिक खतरों के कारण कई परिवारों के लिए यह दर्द और त्रासदी का कारण भी बन जाता है। सिद्धार्थनगर जनपद के ग्राम सुकरौली में रविवार शाम एक ऐसा ही हृदयविदारक हादसा सामने आया, जिसने पूरे गांव को गमगीन कर दिया। महज 10 वर्ष की मासूम राधा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों का कहना है कि बच्ची को छत पर किसी जहरीले जीव, संभवतः सांप ने काट लिया था। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।
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थाना शिवनगर तिवारी क्षेत्र के ग्राम सुकरौली निवासी दुर्बली की 10 वर्षीय पुत्री राधा रविवार शाम लगभग छह बजे घर की छत पर किसी घरेलू कार्य से गई थी। परिजनों के अनुसार, कुछ ही देर बाद उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। परिवार को आशंका है कि बच्ची को किसी जहरीले जीव ने काट लिया था। आनन-फानन में उसे बचाने का प्रयास किया गया, लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी।
घटना के बाद पूरे परिवार में कोहराम मच गया। जिस घर में कुछ देर पहले तक बच्चे की किलकारियां गूंज रही थीं, वहां अब मातम पसरा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव में भी शोक का माहौल बना हुआ है।
घटना की सूचना मृतका के पिता दुर्बली ने पुलिस को दी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक वैधानिक कार्रवाई करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। समाचार लिखे जाने तक पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने नहीं आई थी, इसलिए मृत्यु का वास्तविक कारण आधिकारिक रूप से स्पष्ट नहीं हुआ है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बरसात में बढ़ जाता है खतरा
विशेषज्ञों के अनुसार बरसात के मौसम में सांप और अन्य जहरीले जीव अपने बिलों से बाहर निकल आते हैं और कई बार घरों की छत, आंगन, लकड़ी, भूसे, झाड़ियों तथा जलभराव वाले स्थानों में पहुंच जाते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे मामलों में अतिरिक्त सतर्कता बरतना बेहद आवश्यक है।
जनहित में अपील
यदि किसी व्यक्ति को सांप या किसी जहरीले जीव के काटने की आशंका हो तो समय बर्बाद न करें। झाड़-फूंक, टोना-टोटका या घरेलू उपचार के बजाय तत्काल निकटतम सरकारी या मान्यता प्राप्त अस्पताल पहुंचें। समय पर चिकित्सकीय उपचार से कई मामलों में मरीज की जान बचाई जा सकती है।
यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि बरसात के मौसम में छोटी-सी सावधानी भी बड़ी दुर्घटनाओं को टाल सकती है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार जारी की जा रही सावधानियों का पालन करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।
रिपोर्ट: विजय पाल चतुर्वेदी
FT News Digital
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छह माह में उखड़ी करोड़ों की आरसीसी सड़क, गुणवत्ता पर उठे सवाल; स्थानीय लोगों ने मांगी तकनीकी जांच
संवाददाता : विजय पाल चतुर्वेदी
डुमरियागंज, सिद्धार्थनगर।
डुमरियागंज नगर पंचायत के वार्ड संख्या राजेन्द्र नगर में करीब छह माह पहले निर्मित आरसीसी सड़क के कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त होने से निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर स्थानीय स्तर पर सवाल उठने लगे हैं। सड़क की ऊपरी परत उखड़ने और जगह-जगह गड्ढे बनने से लोगों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्रवासियों ने सड़क की तत्काल मरम्मत के साथ निर्माण कार्य की स्वतंत्र तकनीकी जांच कराने की मांग की है।
सारांश
छह माह पहले बनी आरसीसी सड़क कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त।
राहगीरों और वाहन चालकों को रोजाना हो रही परेशानी।
स्थानीय लोगों ने गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदारी तय करने की मांग उठाई।
समाचार लिखे जाने तक संबंधित विभाग का आधिकारिक पक्ष प्राप्त नहीं हो सका।
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डुमरियागंज नगर पंचायत के वार्ड संख्या राजेन्द्र नगर में कुछ माह पूर्व आरसीसी सड़क का निर्माण कराया गया था। वर्तमान में सड़क के कई हिस्सों में कंक्रीट उखड़ने, दरारें आने और गड्ढे बनने की स्थिति दिखाई दे रही है। बरसात के मौसम में इन गड्ढों में पानी भर जाने से दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों के साथ-साथ पैदल राहगीरों को भी आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इतनी कम अवधि में सड़क का क्षतिग्रस्त होना गंभीर चिंता का विषय है। उनका मानना है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष तकनीकी जांच कराई जानी चाहिए, ताकि सड़क निर्माण की गुणवत्ता और मानकों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके। हालांकि निर्माण कार्य की गुणवत्ता के संबंध में अंतिम निष्कर्ष केवल सक्षम तकनीकी जांच के बाद ही सामने आ सकता है।
क्षेत्रवासियों ने मांग की है कि संबंधित विभाग तत्काल सड़क का स्थलीय निरीक्षण कराकर क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत कराए। साथ ही निर्माण कार्य की गुणवत्ता की स्वतंत्र जांच कराई जाए और यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता या मानकों की अनदेखी सामने आती है तो नियमानुसार जिम्मेदारी तय करते हुए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
वर्ष 2008 में नगर पंचायत का दर्जा मिलने के बाद क्षेत्रवासियों को बेहतर आधारभूत सुविधाओं की उम्मीद थी। ऐसे में नई बनी सड़क का कुछ ही महीनों में क्षतिग्रस्त होना विकास कार्यों की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सार्वजनिक धन से कराए जाने वाले निर्माण कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करना संबंधित एजेंसियों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
समाचार लिखे जाने तक इस मामले में संबंधित विभाग की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हो सकी थी। विभाग का पक्ष प्राप्त होने पर उसे प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
सिद्धार्थनगर में सभी नदियां खतरे के निशान से नीचे, लगातार बारिश के बीच सिंचाई विभाग ने जारी की ताजा गेज रिपोर्ट
राप्ती, बूढ़ी राप्ती, बाणगंगा, कुवानो समेत सभी प्रमुख नदियों के जलस्तर पर प्रशासन की पैनी नजर, कई क्षेत्रों में दर्ज हुई अच्छी वर्षा।
सिद्धार्थनगर, 13 जुलाई। जिले में लगातार हो रही मानसूनी बारिश के बीच सिंचाई विभाग ने सोमवार सुबह 8 बजे की दैनिक गेज रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट के अनुसार जिले की सभी प्रमुख नदियां फिलहाल खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं। हालांकि विभिन्न क्षेत्रों में हुई वर्षा के कारण नदी जलस्तर में बदलाव पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
सिंचाई विभाग के अनुसार बाणगंगा, राप्ती, बूढ़ी राप्ती, कुवानो, घेघरा, कुंडा तथा अन्य प्रमुख नदियों का जलस्तर अभी खतरे के निशान से नीचे है। बाणगंगा नदी बाणगंगा बैराज पर खतरे के निशान से 4.12 मीटर नीचे दर्ज की गई, जबकि राप्ती नदी बर्डी पुल पर 3.67 मीटर नीचे बह रही है। बूढ़ी राप्ती, कुवानो, घेघरा और कुंडा नदी के जलस्तर भी खतरे के स्तर से सुरक्षित दूरी पर दर्ज किए गए हैं।
विभागीय रिपोर्ट के अनुसार जिले के कई हिस्सों में वर्षा भी रिकॉर्ड की गई। राप्ती नदी के बर्डी पुल क्षेत्र में 37 मिलीमीटर, कुंडा नदी के उस्का क्षेत्र में 33 मिलीमीटर, अन्युसार गंगा क्षेत्र में 20 मिलीमीटर, कुवानो नदी के ककरही पुल क्षेत्र में 16.80 मिलीमीटर तथा बाणगंगा बैराज क्षेत्र में 10 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई।
सिंचाई विभाग ने बताया कि सभी नदियों की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। यदि आगामी दिनों में भारी वर्षा होती है तो जलस्तर में वृद्धि की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। ऐसे में संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
मौसम विभाग द्वारा पूर्वांचल में अगले कुछ दिनों तक बारिश का पूर्वानुमान जारी किया गया है। ऐसे में नदी किनारे रहने वाले लोगों से अपील की गई है कि वे प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें।
प्रमुख नदियों की स्थिति (13 जुलाई, सुबह 8 बजे)
नदी
स्थिति
बाणगंगा
खतरे के निशान से 4.12 मीटर नीचे
राप्ती
खतरे के निशान से 3.67 मीटर नीचे
बूढ़ी राप्ती
खतरे के निशान से 3.96 से 5.67 मीटर नीचे
कुवानो
खतरे के निशान से 5.61 मीटर नीचे
घेघरा
खतरे के निशान से 3.30 मीटर नीचे
कुंडा
खतरे के निशान से 5.15 मीटर नीचे
(स्रोत: सिंचाई विभाग, सिद्धार्थनगर की 13 जुलाई 2026 प्रातः 8 बजे जारी दैनिक गेज रिपोर्ट)
जनहित का मुद्दा: रेलवे स्टेशन रोड पर गड्ढों और जलभराव से बढ़ी परेशानी
सिद्धार्थनगर का रेलवे स्टेशन रोड बदहाल, बरसात में गड्ढों और जलभराव से राहगीर परेशान
सिद्धार्थनगर नगर पालिका परिषद क्षेत्र का रेलवे स्टेशन रोड बरसात के मौसम में एक बार फिर बदहाल स्थिति में नजर आ रहा है। सड़क पर बने गड्ढों और जलभराव के कारण लोगों को रोजाना कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय नागरिक सड़क की स्थायी मरम्मत की मांग कर रहे हैं।
सिद्धार्थनगर। नगर पालिका परिषद क्षेत्र का रेलवे स्टेशन रोड इन दिनों जनसुविधा से जुड़ा प्रमुख मुद्दा बना हुआ है। बरसात के चलते सड़क पर कई स्थानों पर गड्ढे और जलभराव दिखाई दे रहे हैं, जिससे दोपहिया, चारपहिया वाहन चालकों तथा पैदल राहगीरों को आवागमन में परेशानी हो रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क की अस्थायी मरम्मत समय-समय पर की जाती है, लेकिन बारिश के दौरान गड्ढे फिर उभर आते हैं। नागरिकों का मानना है कि स्थायी और गुणवत्तापूर्ण मरम्मत होने से इस समस्या का समाधान हो सकता है।
यह मार्ग रेलवे स्टेशन, रोडवेज बस स्टेशन, डिग्री कॉलेज, सिंहेश्वरी मंदिर तथा लोटन क्षेत्र को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में छात्र, कर्मचारी, व्यापारी और आम नागरिक इसी सड़क का उपयोग करते हैं। सड़क की वर्तमान स्थिति के कारण वाहन चालकों को सावधानी बरतनी पड़ रही है और दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है।
स्थानीय लोगों ने यह भी बताया कि इसी मार्ग पर सदर विधायक का कार्यालय स्थित है तथा यह मार्ग उनके गांव की ओर भी जाता है। नागरिकों ने संबंधित विभाग से सड़क की स्थायी मरम्मत और जल निकासी की प्रभावी व्यवस्था कराने की मांग की है।
इस संबंध में नगर पालिका परिषद अथवा संबंधित विभाग का पक्ष प्राप्त नहीं हो सका है। यदि विभाग की प्रतिक्रिया प्राप्त होती है तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
