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सिद्धार्थनगर: भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में वाहन चोरी पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, नेपाली नागरिक गिरफ्तार; दो कथित चोरी की बाइक बरामद

सिद्धार्थनगर: भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में वाहन चोरी पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, नेपाली नागरिक गिरफ्तार; दो कथित चोरी की बाइक बरामद
सिद्धार्थनगर, 23 अगस्त 2026। भारत-नेपाल सीमा से सटे सिद्धार्थनगर में दोपहिया वाहन चोरी के मामलों की जांच के दौरान मोहाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस के मुताबिक, चोरी की घटनाओं के खुलासे के क्रम में नेपाल के कपिलवस्तु जनपद निवासी एक युवक को गिरफ्तार किया गया है। उसके कब्जे से दो कथित चोरी की मोटरसाइकिल, एक एंड्रॉयड मोबाइल फोन, एक मास्टर चाबी और 90 रुपये नेपाली मुद्रा बरामद करने का दावा किया गया है।

| सीमा पार बेचने का दावा, जांच का अहम बिंदु
पुलिस की ओर से जारी प्रेस नोट में दावा किया गया है कि पूछताछ के दौरान गिरफ्तार अभियुक्त ने साप्ताहिक बाजार और भीड़भाड़ वाले स्थानों से मास्टर चाबी के जरिए दोपहिया वाहन चोरी कर उन्हें नेपाल ले जाने, नंबर प्लेट बदलने और बेचने की बात बताई है। यह विवरण पुलिस पूछताछ पर आधारित दावा है; इसकी अंतिम सत्यता न्यायिक प्रक्रिया और आगे की विवेचना में निर्धारित होगी।
माधोपुर जंगल के पास गिरफ्तारी
पुलिस के अनुसार, 22 अगस्त को मोहाना थाने की टीम ने जांच के दौरान समीर अंसारी पुत्र मुजीब अंसारी, निवासी रेहरा, थाना तौलिहवा, जनपद कपिलवस्तु, नेपाल को माधोपुर जंगल के पास से गिरफ्तार किया।

पुलिस ने इस कार्रवाई को थाना मोहाना में दर्ज मुकदमा संख्या 130/2026 तथा थाना शोहरतगढ़ में दर्ज मुकदमा संख्या 174/2026 से जोड़ते हुए बताया कि गिरफ्तारी और बरामदगी के बाद संबंधित मुकदमों में बीएनएस की अन्य धाराएं बढ़ाई गई हैं। आरोपी को आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए जाने की बात कही गई है।
दो बाइक और मास्टर चाबी की बरामदगी महत्वपूर्ण
पुलिस के मुताबिक आरोपी के कब्जे से दो मोटरसाइकिलों के साथ मास्टर चाबी की बरामदगी हुई है। सीमा क्षेत्र में वाहन चोरी की जांच के लिहाज से यह महत्वपूर्ण पहलू है। अब जांच में यह देखना अहम होगा कि बरामद वाहनों का पूरा रिकॉर्ड क्या है और क्या पुलिस को किसी अन्य घटना अथवा व्यक्ति से जुड़ा कोई प्रमाण मिलता है।
किसी बड़े या संगठित अंतरराष्ट्रीय वाहन चोरी गिरोह की पुष्टि अभी पुलिस प्रेस नोट में नहीं की गई है, इसलिए इस स्तर पर मामले को उसी सीमा तक देखना उचित होगा जितना पुलिस की आधिकारिक कार्रवाई और बरामदगी से सामने आया है।
सीमावर्ती क्षेत्र में पुलिस की सक्रियता सराहनीय
भारत-नेपाल की खुली सीमा वाले सिद्धार्थनगर जैसे संवेदनशील जनपद में वाहन चोरी के मामलों का खुलासा और चोरी के वाहनों की बरामदगी पुलिस के लिए महत्वपूर्ण सफलता मानी जा सकती है। खासकर बाजारों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में वाहन चोरी की आशंका के बीच मोहाना पुलिस की कार्रवाई से वाहन चोरों के खिलाफ सख्त संदेश गया है।
पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार प्रसाद और क्षेत्राधिकारी सदर विश्वजीत सौरयॉन के पर्यवेक्षण में थानाध्यक्ष मोहाना जितेंद्र सिंह के नेतृत्व में कार्रवाई किए जाने की जानकारी प्रेस नोट में दी गई है।
कार्रवाई करने वाली टीम में चौकी प्रभारी ककरहवा उपनिरीक्षक अशोक कुमार सहित हेड कांस्टेबल उमेश कुमार, मनोज कुमार, आत्मानंद यादव और कांस्टेबल अनुराग तिवारी शामिल बताए गए हैं।
FT NEWS DIGITAL | खोजी नजर
यह कार्रवाई एक गिरफ्तारी तक सीमित न रहकर सीमा क्षेत्र में वाहन चोरी की संभावित आवाजाही की जांच के लिए महत्वपूर्ण कड़ी बन सकती है। पुलिस जांच में आगे यह स्पष्ट होना बाकी है कि चोरी के वाहन वास्तव में कहां और किन लोगों तक पहुंचाए जाते थे तथा क्या अन्य मामलों से भी कोई संबंध सामने आता है।
कानूनी टिप्पणी: खबर सिद्धार्थनगर पुलिस द्वारा 23 अगस्त 2026 को जारी प्रेस नोट में दिए गए तथ्यों और दावों पर आधारित है। गिरफ्तार व्यक्ति को न्यायालय द्वारा दोषी ठहराए जाने तक कानूनन निर्दोष माना जाएगा। पुलिस पूछताछ में कही गई कथित बातों को स्वतंत्र रूप से सिद्ध तथ्य नहीं माना गया है।
सिद्धार्थनगर: भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में वाहन चोरी पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, नेपाली नागरिक गिरफ्तार; दो कथित चोरी की बाइक बरामद

सिद्धार्थनगर: भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में वाहन चोरी पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, नेपाली नागरिक गिरफ्तार; दो कथित चोरी की बाइक बरामद
सिद्धार्थनगर, 23 अगस्त 2026। भारत-नेपाल सीमा से सटे सिद्धार्थनगर में दोपहिया वाहन चोरी के मामलों की जांच के दौरान मोहाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस के मुताबिक, चोरी की घटनाओं के खुलासे के क्रम में नेपाल के कपिलवस्तु जनपद निवासी एक युवक को गिरफ्तार किया गया है। उसके कब्जे से दो कथित चोरी की मोटरसाइकिल, एक एंड्रॉयड मोबाइल फोन, एक मास्टर चाबी और 90 रुपये नेपाली मुद्रा बरामद करने का दावा किया गया है।

| सीमा पार बेचने का दावा, जांच का अहम बिंदु
पुलिस की ओर से जारी प्रेस नोट में दावा किया गया है कि पूछताछ के दौरान गिरफ्तार अभियुक्त ने साप्ताहिक बाजार और भीड़भाड़ वाले स्थानों से मास्टर चाबी के जरिए दोपहिया वाहन चोरी कर उन्हें नेपाल ले जाने, नंबर प्लेट बदलने और बेचने की बात बताई है। यह विवरण पुलिस पूछताछ पर आधारित दावा है; इसकी अंतिम सत्यता न्यायिक प्रक्रिया और आगे की विवेचना में निर्धारित होगी।
माधोपुर जंगल के पास गिरफ्तारी
पुलिस के अनुसार, 22 अगस्त को मोहाना थाने की टीम ने जांच के दौरान समीर अंसारी पुत्र मुजीब अंसारी, निवासी रेहरा, थाना तौलिहवा, जनपद कपिलवस्तु, नेपाल को माधोपुर जंगल के पास से गिरफ्तार किया।

पुलिस ने इस कार्रवाई को थाना मोहाना में दर्ज मुकदमा संख्या 130/2026 तथा थाना शोहरतगढ़ में दर्ज मुकदमा संख्या 174/2026 से जोड़ते हुए बताया कि गिरफ्तारी और बरामदगी के बाद संबंधित मुकदमों में बीएनएस की अन्य धाराएं बढ़ाई गई हैं। आरोपी को आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए जाने की बात कही गई है।
दो बाइक और मास्टर चाबी की बरामदगी महत्वपूर्ण
पुलिस के मुताबिक आरोपी के कब्जे से दो मोटरसाइकिलों के साथ मास्टर चाबी की बरामदगी हुई है। सीमा क्षेत्र में वाहन चोरी की जांच के लिहाज से यह महत्वपूर्ण पहलू है। अब जांच में यह देखना अहम होगा कि बरामद वाहनों का पूरा रिकॉर्ड क्या है और क्या पुलिस को किसी अन्य घटना अथवा व्यक्ति से जुड़ा कोई प्रमाण मिलता है।
किसी बड़े या संगठित अंतरराष्ट्रीय वाहन चोरी गिरोह की पुष्टि अभी पुलिस प्रेस नोट में नहीं की गई है, इसलिए इस स्तर पर मामले को उसी सीमा तक देखना उचित होगा जितना पुलिस की आधिकारिक कार्रवाई और बरामदगी से सामने आया है।
सीमावर्ती क्षेत्र में पुलिस की सक्रियता सराहनीय
भारत-नेपाल की खुली सीमा वाले सिद्धार्थनगर जैसे संवेदनशील जनपद में वाहन चोरी के मामलों का खुलासा और चोरी के वाहनों की बरामदगी पुलिस के लिए महत्वपूर्ण सफलता मानी जा सकती है। खासकर बाजारों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में वाहन चोरी की आशंका के बीच मोहाना पुलिस की कार्रवाई से वाहन चोरों के खिलाफ सख्त संदेश गया है।
पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार प्रसाद और क्षेत्राधिकारी सदर विश्वजीत सौरयॉन के पर्यवेक्षण में थानाध्यक्ष मोहाना जितेंद्र सिंह के नेतृत्व में कार्रवाई किए जाने की जानकारी प्रेस नोट में दी गई है।
कार्रवाई करने वाली टीम में चौकी प्रभारी ककरहवा उपनिरीक्षक अशोक कुमार सहित हेड कांस्टेबल उमेश कुमार, मनोज कुमार, आत्मानंद यादव और कांस्टेबल अनुराग तिवारी शामिल बताए गए हैं।
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यह कार्रवाई एक गिरफ्तारी तक सीमित न रहकर सीमा क्षेत्र में वाहन चोरी की संभावित आवाजाही की जांच के लिए महत्वपूर्ण कड़ी बन सकती है। पुलिस जांच में आगे यह स्पष्ट होना बाकी है कि चोरी के वाहन वास्तव में कहां और किन लोगों तक पहुंचाए जाते थे तथा क्या अन्य मामलों से भी कोई संबंध सामने आता है।
कानूनी टिप्पणी: खबर सिद्धार्थनगर पुलिस द्वारा 23 अगस्त 2026 को जारी प्रेस नोट में दिए गए तथ्यों और दावों पर आधारित है। गिरफ्तार व्यक्ति को न्यायालय द्वारा दोषी ठहराए जाने तक कानूनन निर्दोष माना जाएगा। पुलिस पूछताछ में कही गई कथित बातों को स्वतंत्र रूप से सिद्ध तथ्य नहीं माना गया है।
रसोइयों के लिए योगी सरकार की चार बड़ी सौगातें, सम्मान के साथ इलाज और सुरक्षा का भरोसा
सिद्धार्थनगर, 23 अगस्त 2026।
चार बड़े फैसले
₹5 लाख तक कैशलेस चिकित्सा सुविधा
₹1,000 मानदेय में वृद्धि
₹500 प्रतिवर्ष ड्रेस के लिए बढ़ोतरी
₹2 लाख तक दुर्घटना योजना का लाभ

स्कूलों में बच्चों के लिए भोजन तैयार करने वाली रसोइयों के सम्मान और सामाजिक सुरक्षा को लेकर सिद्धार्थनगर में रविवार को बड़ा कार्यक्रम आयोजित हुआ। लोहिया कला भवन में पीएम पोषण योजना के तहत रसोइयों के सम्मान समारोह और कैशलेस चिकित्सा कार्ड वितरण कार्यक्रम में सरकार की ओर से घोषित सुविधाओं को प्रमुखता से सामने रखा गया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की मौजूदगी के बीच रसोइयों को कार्ड, ड्रेस, प्रतीकात्मक चेक और सम्मान प्रदान किया गया।
सारांश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लखनऊ स्थित कार्यक्रम का लाइव प्रसारण सिद्धार्थनगर में किया गया। कार्यक्रम में शोहरतगढ़ विधायक विनय वर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मौर्या, जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन और मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह समेत अन्य अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच रसोइयों के योगदान को रेखांकित किया गया और उत्कृष्ट कार्य करने वाली रसोइयों को सम्मानित किया गया।
सम्मान से शुरू हुआ कार्यक्रम, योजनाओं पर रहा फोकस
लोहिया कला भवन में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। बेसिक शिक्षा विभाग के विद्यालयों की छात्राओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर कार्यक्रम को आकर्षक बनाया। इसके बाद पीएम पोषण योजना से जुड़ी रसोइयों के लिए घोषित सुविधाओं और उनके महत्व पर वक्ताओं ने अपने विचार रखे।
शोहरतगढ़ विधायक विनय वर्मा ने कहा कि रसोइयों के लिए घोषित सुविधाएं उनके सम्मान और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी हैं। उनके अनुसार चिकित्सा सुविधा, मानदेय वृद्धि, ड्रेस के लिए अतिरिक्त राशि और दुर्घटना योजना का लाभ रसोइयों को मिलेगा।
इलाज से लेकर दुर्घटना सुरक्षा तक—चार बड़े ऐलान
कार्यक्रम में रसोइयों के लिए चार प्रमुख लाभों को विशेष रूप से रेखांकित किया गया। इनमें पांच लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा, मानदेय में एक हजार रुपये की वृद्धि, ड्रेस के लिए 500 रुपये प्रतिवर्ष की वृद्धि तथा दो लाख रुपये तक की दुर्घटना योजना शामिल है।
इन घोषणाओं को लेकर कार्यक्रम में मौजूद रसोइयों के बीच भी उत्साह दिखाई दिया। सरकार की ओर से घोषित लाभों का वास्तविक लाभ पात्र रसोइयों तक पहुंचना अब इस पहल का महत्वपूर्ण अगला चरण होगा।
डीएम ने बताया रसोइयों का महत्व
जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने रसोइयों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि वे विद्यालयों में बच्चों के लिए भोजन तैयार करने के साथ उनकी देखभाल भी करती हैं। उन्होंने ऑपरेशन कायाकल्प के तहत विद्यालयों में 19 पैरामीटर पर कराए गए कार्यों का भी उल्लेख किया।
भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मौर्या ने कहा कि बच्चों का स्वास्थ्य बेहतर रहेगा तो देश के विकास को भी मजबूती मिलेगी। उन्होंने सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का भी उल्लेख किया।
कार्ड, ड्रेस और चेक से बढ़ा सम्मान
कार्यक्रम में विधायक विनय वर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मौर्या, जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन और मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह ने रसोइयों को कैशलेस चिकित्सा कार्ड, ड्रेस और प्रतीकात्मक चेक प्रदान किए। उत्कृष्ट कार्य करने वाली पांच रसोइयों को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में जिला उपाध्यक्ष आशीष शुक्ला ने रसोइयों को बधाई दी। मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह ने जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और रसोइयों के प्रति आभार व्यक्त किया।
बड़ी मौजूदगी ने कार्यक्रम को बनाया खास
कार्यक्रम में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शैलेष कुमार, संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी, शिक्षक, रसोइया तथा बेसिक शिक्षा विभाग से जुड़े अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। बड़ी संख्या में रसोइयों और अन्य लोगों की मौजूदगी ने कार्यक्रम को व्यापक रूप दिया।
FT News Digital की टिप्पणी
पीएम पोषण योजना में रसोइयां विद्यालयी व्यवस्था की अहम कड़ी हैं। भोजन तैयार करने की जिम्मेदारी निभाने वाले इन कर्मियों के लिए चिकित्सा सुविधा, मानदेय वृद्धि, ड्रेस सहायता और दुर्घटना सुरक्षा जैसे प्रावधान निश्चित रूप से महत्वपूर्ण हैं। अब असली कसौटी यही होगी कि घोषित सुविधाओं का लाभ पात्र रसोइयों तक पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पहुंचे।
सुरक्षित पत्रकारिता: इस खबर में सरकारी कार्यक्रम में कही गई बातों और उपलब्ध कराई गई सूचनाओं को तथ्यात्मक एवं संतुलित रूप में प्रस्तुत किया गया है। किसी व्यक्ति या संस्था पर कोई आरोप नहीं लगाया गया है।
बगीचे में गोवध की सूचना पर पहुंची पुलिस टीम पर फायरिंग का पुलिस का दावा—जवाबी कार्रवाई में एक आरोपी घायल, दो फरार

सिद्धार्थनगर में पुलिस की बड़ी कार्रवाई। खेसरहा थाना पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने पुलिस के अनुसार देवरी गांव के उत्तर स्थित बगीचे में गोवध की सूचना पर कार्रवाई की। पुलिस का दावा है कि टीम को देखकर आरोपियों ने फायरिंग की, जिसके बाद आत्मरक्षार्थ की गई जवाबी कार्रवाई में एक व्यक्ति घायल हुआ और उसे गिरफ्तार कर लिया गया। मौके से अवैध तमंचा, कारतूस, बांका/गड़ासा, चाकू सहित कई सामान बरामद किए जाने की बात पुलिस ने कही है।

सिद्धार्थनगर के खेसरहा से देर रात पुलिस मुठभेड़ की बड़ी खबर सामने आई है। पुलिस के मुताबिक देवरी गांव के उत्तर स्थित बगीचे में गोवध की सूचना पर पहुंची खेसरहा पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम पर फायरिंग की गई। जवाबी कार्रवाई में फिरोज अहमद नाम का एक व्यक्ति बाएं पैर में गोली लगने से घायल हुआ, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर उपचार के लिए अस्पताल भेजा। पुलिस के अनुसार मौके से दो अन्य व्यक्ति फरार हो गए।
पूरी खबर
सिद्धार्थनगर/खेसरहा।
जनपद में अपराध और वांछित अभियुक्तों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के बीच खेसरहा थाना क्षेत्र से पुलिस मुठभेड़ का मामला सामने आया है।
पुलिस प्रेस नोट के अनुसार 21/22 अगस्त 2026 की रात थाना खेसरहा पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम क्षेत्र में भ्रमण कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि देवरी गांव के उत्तर स्थित एक बगीचे में कुछ लोग कथित रूप से गोवंश का वध कर रहे हैं।
सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की।
पुलिस का दावा—देखते ही शुरू हुई फायरिंग
पुलिस के मुताबिक टीम को देखकर वहां मौजूद लोगों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। पुलिस ने इसे देखते हुए आत्मरक्षार्थ जवाबी कार्रवाई की।
पुलिस के अनुसार इस कार्रवाई में फिरोज अहमद, निवासी देवरी टोला टेढ़िया, थाना खेसरहा, बाएं पैर में गोली लगने से घायल हो गया। पुलिस ने उसे मौके से गिरफ्तार कर लिया और उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खेसरहा भेजा।
यह घटनाक्रम पुलिस द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार है। मुठभेड़ की स्वतंत्र पुष्टि FT News Digital द्वारा नहीं की गई है।
दो आरोपी मौके से फरार—पुलिस तलाश में जुटी
पुलिस के अनुसार मुठभेड़ के दौरान दो अन्य व्यक्ति मौके से फरार हो गए। गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के आधार पर पुलिस ने फरार आरोपियों के नाम इरशाद और नान्हू बताए हैं।
पुलिस का कहना है कि दोनों की गिरफ्तारी के लिए संभावित स्थानों पर लगातार दबिश दी जा रही है।
तमंचे से लेकर चाकू और गड़ासे तक बरामदगी का दावा
पुलिस प्रेस नोट में गिरफ्तार आरोपी के कब्जे से कई सामान बरामद होने का दावा किया गया है।
बरामदगी में पुलिस ने—
एक देशी तमंचा 315 बोर
एक खोखा कारतूस
एक जिंदा कारतूस
दो बांका/गड़ासा
तीन चाकू
लकड़ी का गोलनुमा टीहा/बोगदा
तराजू
एक किलो का बाट
कीपैड मोबाइल
खून के छींटे वाला रुमाल
रस्सी
एक जोड़ी चप्पल
शामिल होने की बात कही है।
पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
पुलिस के अनुसार मामले में थाना खेसरहा पर मु0अ0सं0 118/2026 दर्ज किया गया है। प्रेस नोट के मुताबिक मामले में BNS तथा शस्त्र अधिनियम और गोवध अधिनियम की धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है।
गिरफ्तार/घायल आरोपी को उपचार के बाद आवश्यक विधिक कार्रवाई के लिए न्यायालय भेजे जाने की प्रक्रिया की बात पुलिस ने कही है।
आरोपी का आपराधिक इतिहास भी बताया
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी फिरोज अहमद के खिलाफ पूर्व में दर्ज चार मामलों का भी उल्लेख किया है। इनमें आयुध अधिनियम और आबकारी अधिनियम से जुड़े मामले बताए गए हैं।
यह विवरण भी पुलिस रिकॉर्ड/प्रेस नोट के आधार पर है और किसी व्यक्ति को पूर्व मामलों में दोषी ठहराने के अर्थ में प्रस्तुत नहीं किया जा रहा है।
पुलिस की कार्रवाई पर अब आगे क्या?
मामले में पुलिस की ओर से मुठभेड़, गिरफ्तारी और बरामदगी का पूरा विवरण जारी किया गया है। वहीं, फरार बताए गए दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद मामले की आगे की तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।
मुठभेड़ से जुड़े तथ्यों, बरामदगी और घटनाक्रम की अंतिम पुष्टि संबंधित जांच और न्यायिक प्रक्रिया से होगी।
सारांश
खेसरहा पुलिस और एसओजी की संयुक्त कार्रवाई में पुलिस के अनुसार गोवध के मामले में वांछित आरोपी फिरोज अहमद घायल अवस्था में गिरफ्तार किया गया। पुलिस का दावा है कि कार्रवाई के दौरान टीम पर फायरिंग हुई और जवाबी कार्रवाई में आरोपी के पैर में गोली लगी। मौके से तमंचा, कारतूस, गड़ासे और चाकू समेत कई सामान बरामद किए जाने की बात कही गई है। दो अन्य आरोपी फरार बताए गए हैं।
टिप्पणी
अपराध के खिलाफ कार्रवाई जरूरी है, लेकिन हर मुठभेड़ मामले में तथ्य और प्रक्रिया की पारदर्शिता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। इस मामले में पुलिस का पक्ष सामने आ चुका है। अब बरामदगी, मुठभेड़ की परिस्थितियों और अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच से पूरा घटनाक्रम स्पष्ट होगा। FT News Digital पुलिस के दावे को आधिकारिक प्रेस नोट के आधार पर प्रस्तुत कर रहा है और किसी आरोपी को न्यायालय के अंतिम निर्णय से पहले दोषी घोषित नहीं करता।
FT NEWS DIGITAL की सुरक्षित पत्रकारिता लाइन
“पुलिस के अनुसार…”, “पुलिस का दावा है…”, “प्रेस नोट में बताया गया…” और “जांच के बाद तथ्य स्पष्ट होंगे…” — इन्हीं आधारों पर खबर प्रस्तुत की गई है।
रिपोर्ट: FT News Digital
जनपद सिद्धार्थनगर
लखनऊ में 30 मिनट का खूनी सिलसिला: पत्नी, बहन की हत्या के बाद बैंककर्मी ने खुद को भी मारी गोली
एक जरूरी कानूनी सावधानी: ₹1.5 करोड़ की मांग को “संभावित जांच एंगल” के रूप में रखा गया है, हत्या का सिद्ध कारण नहीं। इसी तरह परिवार की ओर से लगाए गए घरेलू हिंसा आदि के आरोपों को आरोप के रूप में ही रखा गया है।
तलाक की सुनवाई के दो दिन बाद सनसनीखेज वारदात; पत्नी की बैंक के बाहर गोली मारकर हत्या, घर पहुंचकर बहन को मारी गोली, फिर खुद दी जान
पूरा मामला एक नजर में
स्थान: गोमतीनगर, लखनऊ
मुख्य मृतका: दिव्या मिश्रा, बैंक कर्मचारी
अन्य मृतक: दिव्या के पति मानस वाजपेयी और उसकी बहन शीबा
घटना: 20 अगस्त 2026
पुलिस के अनुसार: तीनों मौतें करीब 30 मिनट के भीतर
बरामदगी: तीन हथियार
विवाह: करीब 10 वर्ष पहले
अलग रह रहे थे: करीब 3 वर्ष से
तलाक: दिव्या ने पिछले वर्ष फैमिली कोर्ट में याचिका दायर की थी
जांच के प्रमुख बिंदु: वैवाहिक विवाद, तलाक, मुआवजा/स्त्रीधन, हथियारों का स्रोत, CCTV और डिजिटल साक्ष्य
18 अगस्त की सुनवाई के बाद क्या बदला?
पुलिस जांच में सामने आए एक अहम एंगल के मुताबिक दिव्या और मानस के बीच तलाक की कानूनी प्रक्रिया चल रही थी। पुलिस के अनुसार दिव्या ने पिछले वर्ष फैमिली कोर्ट में तलाक की याचिका दाखिल की थी और मुआवजे तथा सामान/स्त्रीधन की वापसी की मांग भी की थी।
ताजा रिपोर्टों में ₹1.5 करोड़ की कथित मुआवजा मांग को भी जांच के संभावित कारणों में शामिल किया गया है। हालांकि पुलिस ने साफ किया है कि जांच अभी शुरुआती चरण में है और किसी एक वजह को अंतिम कारण नहीं माना गया है।
लखनऊ। गोमतीनगर की एक सामान्य दोपहर अचानक ऐसी सनसनी में बदल गई, जिसका अंत तीन जिंदगियों के खत्म होने के साथ हुआ। बैंक कर्मचारी मानस वाजपेयी पर आरोप है कि उसने अपनी अलग रह रही पत्नी दिव्या मिश्रा को उनके कार्यस्थल के बाहर गोली मारी। इसके बाद वह अपने घर पहुंचा, जहां उसकी बहन शीबा की भी गोली लगने से मौत हुई और फिर मानस ने खुद को गोली मार ली।
पुलिस के मुताबिक पत्नी की हत्या से लेकर बहन और फिर खुद की मौत तक का घटनाक्रम करीब 30 मिनट में पूरा हुआ। घटनास्थल और घर से तीन हथियार बरामद किए गए हैं। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि हथियार कहां से आए, वारदात की योजना कब बनी और इसके पीछे वास्तविक वजह क्या थी।
गोमतीनगर के मनोज पांडेय चौराहे के पास स्थित निजी बैंक के बाहर 20 अगस्त की दोपहर दिव्या मिश्रा अपने काम पर थीं। पुलिस के मुताबिक करीब 12:15 बजे उनके पति मानस वाजपेयी वहां पहुंचे।
दिव्या बैंक में रिलेशनशिप मैनेजर के तौर पर काम करती थीं। दोनों के बीच कुछ देर बातचीत और कथित बहस हुई। इसके बाद पुलिस के अनुसार मानस ने हथियार निकालकर दिव्या पर गोली चला दी।
बैंक कर्मचारियों ने घायल दिव्या को अस्पताल पहुंचाया, लेकिन उनकी जान नहीं बच सकी। प्रत्यक्षदर्शियों और CCTV फुटेज की मदद से पुलिस ने घटनाक्रम को जोड़ना शुरू किया।
बैंक से घर तक… और फिर दूसरी मौत
दिव्या को गोली मारने के बाद मानस वहां से अपने घर की ओर चला गया। उसका घर बैंक से करीब तीन किलोमीटर दूर हुसेड़िया क्रॉसिंग के आसपास बताया गया है।
पुलिस के मुताबिक घर पहुंचने के कुछ ही समय बाद उसकी बहन शीबा को भी गोली लगी। इसके बाद मानस ने खुद को गोली मार ली।
पुलिस के अनुसार तीनों मौतें लगभग 30 मिनट के भीतर हुईं। घटनास्थल से तीन हथियार बरामद होने की बात पुलिस ने कही है।
तीन हथियारों ने बढ़ाया जांच का दायरा
पुलिस को मानस के घर से दो पिस्टल और एक देसी .32 बोर का हथियार मिला है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि ये हथियार उसके पास कैसे पहुंचे।
पुलिस हथियारों की बैलिस्टिक जांच करा रही है और बरामद कारतूस तथा गोलियों को घटनास्थल से मिले साक्ष्यों से मिलाया जा रहा है। जांच एजेंसियां यह भी पता कर रही हैं कि हथियार एक ही व्यक्ति से मिले या अलग-अलग स्रोतों से।
तलाक की लड़ाई बनी जांच का अहम हिस्सा
दिव्या और मानस की शादी को करीब दस साल हुए थे। पुलिस के अनुसार दोनों पिछले करीब तीन वर्षों से अलग रह रहे थे। दिव्या ने पिछले साल तलाक की याचिका दाखिल की थी। दंपती की कोई संतान नहीं थी।
पुलिस कमिश्नर के मुताबिक परिवार के कई सदस्यों से बातचीत में यह बात सामने आई कि दोनों के बीच वैवाहिक विवाद चल रहा था।
ताजा रिपोर्टों में तलाक की कार्यवाही के दौरान मुआवजे की कथित ₹1.5 करोड़ मांग को भी जांच के संभावित एंगल के रूप में बताया गया है। लेकिन यह कहना अभी जल्दबाजी होगी कि यही वारदात की अंतिम वजह थी। पुलिस खुद सभी पहलुओं की जांच की बात कह रही है।
परिवार की ओर से घरेलू विवाद के गंभीर आरोप
दिव्या की बहन प्रज्ञा मिश्रा ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अपनी बहन के साथ कथित घरेलू हिंसा और लंबे समय से चल रहे वैवाहिक तनाव के आरोप लगाए हैं।
उन्होंने यह भी दावा किया कि दिव्या अपने पति से अलग होकर तलाक लेना चाहती थीं और पहले भी उनके साथ मारपीट की घटनाएं हुई थीं।
ये आरोप परिवार की ओर से लगाए गए हैं। पुलिस ने इन सभी आरोपों को स्वतंत्र रूप से सत्यापित किए जाने की बात नहीं कही है। इसलिए इन्हें जांच का हिस्सा मानकर ही देखा जाना चाहिए।
ने भी खड़े किए सवाल
पुलिस एक कथित WhatsApp Status की भी जांच कर रही है, जिसे वारदात के बाद मानस से जोड़कर देखा जा रहा है। रिपोर्टों के अनुसार उस पोस्ट में पत्नी पर बेवफाई का आरोप लगाने और आगे खुद तथा बहन को मारने की बात कही गई थी।
हालांकि यह कथित पोस्ट मानस का पक्ष/दावा माना जाएगा; इसमें लगाए गए आरोपों को स्वतंत्र प्रमाण नहीं माना जा सकता। पुलिस डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है।
CCTV और फोरेंसिक से खुलेगा अंतिम सच
पुलिस बैंक के आसपास लगे CCTV कैमरों, कॉल रिकॉर्ड, डिजिटल गतिविधियों और घटनाक्रम से जुड़े अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है।
फोरेंसिक जांच में दिव्या को सिर के पिछले हिस्से में गोली लगने की जानकारी सामने आई है। शीबा और मानस को भी गोली लगने की बात पुलिस जांच में सामने आई है। अब बैलिस्टिक जांच से यह स्पष्ट करने की कोशिश की जा रही है कि किस हथियार का इस्तेमाल किस घटना में हुआ।
30 मिनट में तीन मौतें… लेकिन सवाल अभी बाकी
यह मामला भले ही तीन मौतों के साथ खत्म हो गया हो, लेकिन पुलिस की जांच के सामने कई सवाल अभी भी खड़े हैं—
क्या वारदात अचानक हुई या पहले से योजना बनाई गई थी?
तीन हथियार मानस तक कैसे पहुंचे?
क्या तलाक और मुआवजे का विवाद घटना से जुड़ा था?
कथित WhatsApp Status की वास्तविकता क्या है?
बैंक और घर के बीच उसकी गतिविधियों का पूरा क्रम क्या था?
CCTV और मोबाइल डेटा से क्या नई जानकारी सामने आती है?
बहन शीबा को निशाना बनाने के पीछे क्या वजह थी?
पुलिस इन सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
सारांश
लखनऊ के गोमतीनगर में 20 अगस्त को सामने आए सनसनीखेज मामले में बैंक कर्मचारी मानस वाजपेयी पर अपनी अलग रह रही पत्नी दिव्या मिश्रा को बैंक के बाहर गोली मारने का आरोप है। इसके बाद उसकी बहन शीबा की भी गोली लगने से मौत हुई और मानस ने खुद को गोली मार ली। पुलिस के मुताबिक करीब 30 मिनट के भीतर तीनों मौतें हुईं और घर से तीन हथियार बरामद किए गए। तलाक की कार्यवाही, कथित मुआवजा मांग, वैवाहिक विवाद, हथियारों का स्रोत, CCTV और डिजिटल साक्ष्य जांच का हिस्सा हैं। पुलिस ने कहा है कि जांच अभी प्रारंभिक चरण में है।
संपादकीय टिप्पणी
यह सिर्फ एक सनसनीखेज अपराध की कहानी नहीं है। इसके पीछे एक टूटते वैवाहिक रिश्ते, अदालत में चल रही कानूनी लड़ाई और तीन जिंदगियों के अचानक खत्म हो जाने की बेहद पीड़ादायक तस्वीर है।
लेकिन ऐसे मामलों में सबसे जरूरी है कि भावना और तथ्य के बीच की सीमा न टूटे। पुलिस जांच में सामने आया हर तथ्य अंतिम न्यायिक निष्कर्ष नहीं होता। परिवार के आरोप अपनी जगह हैं, पुलिस की विवेचना अपनी जगह और अदालत में साबित होने वाले साक्ष्य अपनी जगह।
FT News Digital का उद्देश्य सनसनी फैलाना नहीं, बल्कि उपलब्ध तथ्यों के आधार पर पाठकों तक पूरी तस्वीर पहुंचाना है। इस मामले में अंतिम सच जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
पेंशन की पुकार से गूंजा सिद्धार्थनगर, तिरंगे के साथ सड़कों पर उतरे शिक्षक-कर्मचारी

NPS-UPS, निजीकरण और TET अनिवार्यता के मुद्दे पर अटेवा का शक्ति प्रदर्शन; कलेक्ट्रेट तक निकली OPS तिरंगा यात्रा
आंदोलन का संदेश
“एक मिशन—पुरानी पेंशन” के नारों और हाथों में तिरंगा लेकर शिक्षक-कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। आयोजकों के अनुसार जिलेभर से बड़ी संख्या में शिक्षक-कर्मचारी यात्रा में शामिल हुए।

क्या है पूरा मामला?
अटेवा पुरानी पेंशन बचाओ मंच, सिद्धार्थनगर की ओर से NPS/UPS, सरकारी संस्थानों के निजीकरण और TET अनिवार्यता से जुड़े मुद्दों को लेकर OPS तिरंगा यात्रा निकाली गई। संगठन की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक यात्रा जय किसान इंटर कॉलेज, सकतपुर सनई से शुरू होकर जिला कलेक्ट्रेट तक पहुंची।
सिद्धार्थनगर। पुरानी पेंशन की बहाली की मांग ने एक बार फिर शिक्षक-कर्मचारियों को सड़क पर ला दिया। सिद्धार्थनगर में अटेवा और NMOPS के बैनर तले निकली OPS तिरंगा यात्रा में हाथों में तिरंगा, मांगों से जुड़े पोस्टर और पुरानी पेंशन के समर्थन में नारे दिखाई दिए। आयोजकों के मुताबिक जिलेभर से बड़ी संख्या में शिक्षक-कर्मचारी बाइक और अन्य माध्यमों से यात्रा में शामिल होकर जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे।

पूरी खबर
पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर सिद्धार्थनगर में शिक्षक-कर्मचारियों का आंदोलनात्मक तेवर देखने को मिला। अटेवा पुरानी पेंशन बचाओ मंच की ओर से 21 अगस्त 2026 को OPS तिरंगा यात्रा का आयोजन किया गया। संगठन की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार यात्रा का उद्देश्य NPS/UPS, निजीकरण और TET अनिवार्यता के मुद्दों पर अपनी मांगों और आपत्तियों को सरकार तक पहुंचाना था।
यात्रा जय किसान इंटर कॉलेज, सकतपुर सनई से शुरू हुई और बाइक रैली के रूप में जिला कलेक्ट्रेट तक पहुंची। यात्रा में शामिल लोगों के हाथों में तिरंगे और विभिन्न मांगों से जुड़े पोस्टर नजर आए। कलेक्ट्रेट परिसर के सामने भी शिक्षक-कर्मचारियों ने एकजुट होकर अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाई।
पर संगठन का विरोध
अटेवा के प्रदेश संयुक्त मंत्री जनार्दन शुक्ल ने संगठन के पक्ष को रखते हुए कहा कि शिक्षक और कर्मचारी NPS तथा UPS को स्वीकार नहीं करते और पुरानी पेंशन व्यवस्था की बहाली की मांग कर रहे हैं। उन्होंने सरकारी संस्थाओं के निजीकरण को लेकर भी संगठन की आपत्ति जाहिर की।
वहीं, अटेवा जिलाध्यक्ष बृजेश द्विवेदी ने कहा कि पुरानी पेंशन का मुद्दा किसी एक संगठन तक सीमित नहीं है। उनके मुताबिक यह शिक्षक-कर्मचारियों के हितों से जुड़ा विषय है और संगठन अपनी मांग को लोकतांत्रिक तरीके से आगे भी उठाता रहेगा।
निजीकरण पर भी उठाई आवाज
मंडल अध्यक्ष बलवंत चौधरी ने NPS और UPS को लेकर संगठन की नाराजगी जाहिर की। उन्होंने अर्धसैनिक बलों समेत सरकारी कर्मचारियों की पेंशन व्यवस्था का मुद्दा उठाते हुए पुरानी पेंशन बहाली की मांग दोहराई।
तिरंगा यात्रा के दौरान प्रदर्शनकारियों के पोस्टरों पर पुरानी पेंशन और निजीकरण से जुड़े संदेश दिखाई दिए। इससे साफ नजर आया कि संगठन ने इस कार्यक्रम के जरिए अपनी मांगों को व्यापक स्तर पर सामने रखने की कोशिश की।
कलेक्ट्रेट तक पहुंचा आंदोलन
संगठन की ओर से जारी पत्र के मुताबिक यात्रा के बाद जिला कलेक्ट्रेट पहुंचकर संबंधित अधिकारियों के माध्यम से प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपे जाने की बात कही गई है। कार्यक्रम में जिले के विभिन्न शिक्षक एवं कर्मचारी संगठनों से जुड़े पदाधिकारियों और सदस्यों ने भाग लिया।
आयोजकों ने कार्यक्रम में हजारों शिक्षक-कर्मचारियों की भागीदारी का दावा किया है। उपलब्ध तस्वीरों में भी बड़ी संख्या में लोगों को तिरंगा लेकर यात्रा और प्रदर्शन में शामिल देखा जा सकता है।
संगठन की प्रमुख मांगें
पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने की मांग।
NPS और UPS को लेकर संगठन की आपत्ति।
सरकारी संस्थानों के निजीकरण पर रोक की मांग।
TET अनिवार्यता से जुड़े मुद्दे पर संगठन की आपत्ति।
शिक्षक-कर्मचारियों के हितों से जुड़े विषयों पर समाधान की मांग।
सारांश
सिद्धार्थनगर में OPS तिरंगा यात्रा के जरिए शिक्षक-कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन की मांग को फिर मजबूती से उठाया। NPS-UPS, निजीकरण और TET अनिवार्यता जैसे मुद्दों को लेकर संगठन ने अपना पक्ष रखा। यात्रा कलेक्ट्रेट पहुंची, जहां ज्ञापन सौंपे जाने की जानकारी संगठन ने दी। अब इन मांगों पर शासन और प्रशासन की ओर से क्या रुख सामने आता है, इस पर नजर रहेगी।
संपादकीय टिप्पणी
पुरानी पेंशन का मुद्दा लंबे समय से सरकारी कर्मचारियों और शिक्षक संगठनों के बीच चर्चा का विषय रहा है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में अपनी मांगों को शांतिपूर्ण तरीके से सरकार और प्रशासन के सामने रखना संगठनों का अधिकार है। वहीं, नीति से जुड़े किसी भी मुद्दे पर अंतिम स्थिति संबंधित सरकारी निर्णय और आधिकारिक पक्ष से ही स्पष्ट होगी। FT News Digital इस खबर में संगठन द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति, पदाधिकारियों के बयानों और उपलब्ध तस्वीरों के आधार पर तथ्य प्रस्तुत कर रहा है; किसी दावे को स्वतंत्र रूप से अंतिम सत्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया गया है।
नहर किनारे डंडा-चप्पल मिले, घंटों तलाश के बाद बुजुर्ग का शव बरामद
उत्तर प्रदेश सिद्धार्थ नगर
सुबह घर से निकले 75 वर्षीय कनिकराम गौतम वापस नहीं लौटे; परिजनों की सूचना पर पुलिस और गोताखोरों ने शुरू किया तलाश अभियान
एक नजर में
स्थान: भवानीगंज क्षेत्र, सिद्धार्थनगर
उम्र: करीब 75 वर्ष
मामला: नहर में डूबने की आशंका
तलाशी: पुलिस और गोताखोरों की टीम
बरामदगी: नहर से शव मिला
आधिकारिक कारण: अंतिम स्थिति पुलिस जांच/चिकित्सकीय प्रक्रिया से स्पष्ट होगी
सिद्धार्थनगर। भवानीगंज क्षेत्र में एक बुजुर्ग के अचानक लापता होने के बाद शुरू हुई तलाश उस समय गमगीन हो गई, जब उनका शव नहर से बरामद हुआ। करीब 75 वर्षीय कनिकराम गौतम सुबह घर से निकले थे, लेकिन काफी समय बीतने के बाद वापस नहीं लौटे। परिजनों ने खोजबीन शुरू की तो नहर किनारे उनका डंडा, चप्पल और गमछा मिलने की बात सामने आई।
घर से निकले, फिर नहीं लौटे
जानकारी के मुताबिक भवानीगंज थाना क्षेत्र के सेखुइराज गांव निवासी कनिकराम गौतम सुबह करीब छह बजे घर से निकले थे। काफी समय गुजरने के बाद भी जब वह वापस नहीं आए तो परिवार के लोगों ने आसपास तलाश शुरू की।
तलाश के दौरान सेंदरी गांव के पास नहर के किनारे उनका डंडा, चप्पल और गमछा मिलने की बात सामने आई। सामान मिलने के बाद परिजनों को उनके नहर में गिरने की आशंका हुई और इसकी सूचना पुलिस को दी गई।
पुलिस पहुंची, शुरू हुआ तलाश अभियान
सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। इसके बाद नहर में तलाश के लिए गोताखोरों की मदद ली गई। कई घंटे तक चले खोज अभियान के बाद करीब साढ़े 11 बजे बुजुर्ग का शव डुमरियागंज थाना क्षेत्र में गौहनिया ताज के पास नहर से मिलने की जानकारी सामने आई।
शव बरामद होने के बाद परिवार में मातम छा गया। पुलिस ने मामले में आवश्यक कार्रवाई शुरू की।
परिजनों ने बताई यह बात
परिजनों के अनुसार कनिकराम की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी और इसी वजह से उनके अचानक घर से निकल जाने की आशंका जताई गई। हालांकि, घटना की वास्तविक परिस्थितियों और मृत्यु के कारण की आधिकारिक पुष्टि संबंधित पुलिस कार्रवाई तथा चिकित्सकीय जांच के बाद ही मानी जानी चाहिए।
सारांश
सुबह घर से निकले करीब 75 वर्षीय कनिकराम गौतम के वापस न लौटने पर परिजनों ने तलाश शुरू की। नहर किनारे उनका डंडा, चप्पल और गमछा मिलने के बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस और गोताखोरों की तलाश के बाद नहर से उनका शव बरामद हुआ। घटना के बाद पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई शुरू की है।
टिप्पणी
नहर किनारे मिले सामान ने बढ़ाई चिंता, तलाश ने बदल दिया पूरा घटनाक्रम
किसी बुजुर्ग का अचानक लापता होना परिवार के लिए चिंता का विषय बन जाता है। इस मामले में नहर किनारे सामान मिलने के बाद शुरू हुई तलाश ने घटना को गंभीर बना दिया और कुछ घंटे बाद शव बरामद होने से परिवार की आशंका सच साबित हुई।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर इसे नहर में डूबने की आशंका से जुड़ा मामला माना जा रहा है। दुर्घटना की वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं और मौत का आधिकारिक कारण क्या है, यह पुलिस जांच और चिकित्सकीय रिपोर्ट से ही स्पष्ट होगा।
FT NEWS DIGITAL
सच और…
तिरंगे के साये में OPS की हुंकार, पुरानी पेंशन के लिए सड़क पर उतरे सफाई कर्मचारी

विकास भवन से निकली OPS तिरंगा यात्रा में बड़ी संख्या में कर्मचारी हुए शामिल, पुरानी पेंशन बहाली को बताया सामाजिक सुरक्षा और सम्मान का मुद्दा

एक नजर में
स्थान: विकास भवन, सिद्धार्थनगर
तारीख: 20 अगस्त 2026
आयोजन: उत्तर प्रदेश पंचायतीराज ग्रामीण सफाई कर्मचारी संघ
मुख्य मांग: पुरानी पेंशन योजना यानी OPS की बहाली
प्रमुख संदेश: शांतिपूर्ण तरीके से मांग सरकार तक पहुंचाने का दावा
सिद्धार्थनगर। पुरानी पेंशन योजना की बहाली की मांग को लेकर ग्रामीण सफाई कर्मचारियों ने 20 अगस्त को सिद्धार्थनगर में OPS तिरंगा यात्रा निकाली। तिरंगे झंडों और OPS बहाली के संदेश वाली टोपियों के साथ कर्मचारी विकास भवन के आसपास एकत्र हुए और अपनी मांग को लेकर नारेबाजी की। यात्रा के दौरान “पुरानी पेंशन अधिकार हमारा है, लेकर के रहेंगे” जैसे संदेश प्रमुखता से दिखाई दिए।
विकास भवन से शुरू हुई इस यात्रा में पुरुषों के साथ महिला कर्मचारी भी शामिल नजर आए। हाथों में तिरंगा लेकर कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल किए जाने की मांग उठाई। कार्यक्रम के बैनर पर उत्तर प्रदेश पंचायतीराज ग्रामीण सफाई कर्मचारी संघ का नाम दर्ज था।
आयोजकों के मुताबिक, यह कार्यक्रम कर्मचारियों की पुरानी पेंशन संबंधी मांग को शासन तक पहुंचाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया। कर्मचारियों का कहना है कि पेंशन उनके लिए केवल सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाली आर्थिक सहायता का विषय नहीं, बल्कि भविष्य की सामाजिक सुरक्षा से जुड़ा सवाल है।
यात्रा के दौरान भारत माता की जय, वंदे मातरम् और OPS बहाली के समर्थन में नारे लगाए गए। तस्वीरों में बड़ी संख्या में कर्मचारी तिरंगे के साथ एकजुट दिखाई दे रहे हैं।
“एक देश में दो व्यवस्था क्यों?”
कार्यक्रम के दौरान संगठन से जुड़े पदाधिकारियों ने अपने संबोधन में पुरानी पेंशन व्यवस्था को लेकर सरकार के समक्ष सवाल उठाए। उनका तर्क था कि लंबे समय तक सरकारी सेवा करने वाले कर्मचारियों को भी सेवानिवृत्ति के बाद मजबूत सामाजिक सुरक्षा मिलनी चाहिए।
संगठन के जिला अध्यक्ष रणजीत कुमार गौतम ने आंदोलन के संबंध में कहा कि संगठन अपनी मांग को शांतिपूर्ण तरीके से सरकार तक पहुंचाना चाहता है। उनके अनुसार, पुरानी पेंशन की बहाली को लेकर प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर यह कार्यक्रम आयोजित किया गया।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि मांग पर तत्काल निर्णय नहीं होता है तो संगठन के निर्देश के अनुसार आगे के शांतिपूर्ण कार्यक्रम किए जाएंगे।
तिरंगे के साथ दिखा आंदोलन का संदेश
इस यात्रा की खास बात यह रही कि कर्मचारियों ने अपने मांगपत्र के साथ तिरंगे को भी प्रमुखता दी। आयोजकों ने इसे देश और संविधान के प्रति सम्मान के साथ अपनी लोकतांत्रिक मांग रखने का माध्यम बताया।
यात्रा में शामिल कर्मचारियों के हाथों में तिरंगे के साथ OPS से जुड़े बैनर और संदेश दिखाई दिए। मौके पर कर्मचारियों में काफी उत्साह नजर आया।
| कर्मचारियों की मुख्य मांग
पुरानी पेंशन योजना यानी OPS की बहाली।
आंदोलनकारी कर्मचारियों का कहना है कि पुरानी पेंशन व्यवस्था से उन्हें सेवानिवृत्ति के बाद अधिक सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा मिलने की उम्मीद है। हालांकि OPS को लेकर अंतिम निर्णय संबंधित सरकारी नीति, नियमों और सक्षम स्तर पर लिए जाने वाले फैसले पर निर्भर करेगा।
टिप्पणी
मुद्दा सिर्फ पेंशन का नहीं, भविष्य की सुरक्षा का भी है।
सरकारी कर्मचारियों की पुरानी पेंशन को लेकर मांग लंबे समय से बहस का विषय रही है। एक तरफ कर्मचारी इसे अपने भविष्य की आर्थिक सुरक्षा और सम्मान से जोड़कर देखते हैं, वहीं दूसरी ओर किसी भी पेंशन व्यवस्था पर अंतिम निर्णय सरकार की नीति, वित्तीय स्थिति और लागू नियमों के आधार पर होता है।
सिद्धार्थनगर की OPS तिरंगा यात्रा ने फिलहाल इस बहस को एक बार फिर सड़क से लेकर शासन तक पहुंचाने का प्रयास किया है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि कर्मचारियों की इस मांग पर सरकार और संबंधित विभाग की ओर से आगे क्या रुख सामने आता है।
नोट: इस खबर में आंदोलनकारियों द्वारा व्यक्त मांग और दावों को उनके पक्ष के रूप में प्रस्तुत किया गया है। किसी व्यक्ति या संस्था पर कोई आरोप तथ्य के रूप में नहीं लगाया गया है।
FT NEWS DIGITAL
सच और कुछ नहीं
मिलेट्स से आधुनिक खेती तक: सिद्धार्थनगर में किसानों को नई तकनीक और बाजार की दिशा
सिद्धार्थनगर। किसानों की आय बढ़ाने, पौष्टिक मिलेट्स की खेती को प्रोत्साहित करने और कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों की जानकारी किसानों तक पहुंचाने के उद्देश्य से कृषि भवन सभागार, सिद्धार्थनगर में दो दिवसीय कृषि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मिलेट्स बीज उत्पादन से जुड़े एफपीओ सदस्यों का प्रशिक्षण तथा सब मिशन ऑन एग्रीकल्चर एक्सटेंशन योजना के अंतर्गत किसान-वैज्ञानिक संवाद आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कृषि विभाग के अधिकारियों, कृषि वैज्ञानिकों, विषय वस्तु विशेषज्ञों, एफपीओ प्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में किसानों की सहभागिता रही।
खबर
कृषि भवन सभागार, सिद्धार्थनगर में 20 अगस्त से 21 अगस्त 2026 तक आयोजित कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को बदलती कृषि परिस्थितियों के अनुरूप तकनीकी जानकारी उपलब्ध कराना और खेती को अधिक उपयोगी एवं बाजारोन्मुख बनाने की दिशा में जागरूक करना रहा।

कार्यक्रम के दौरान उत्तर प्रदेश श्री अन्न (मिलेट्स) पुनरोद्धार कार्यक्रम वर्ष 2026-27 के अंतर्गत मिलेट्स बीज उत्पादन से संबंधित एफपीओ सदस्यों को प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में मिलेट्स उत्पादन, गुणवत्तापूर्ण बीज, खेती की उपयोगी तकनीक तथा किसानों और एफपीओ के बीच बेहतर समन्वय जैसे विषयों पर जानकारी दिए जाने पर जोर रहा।

इसके साथ ही सब मिशन ऑन एग्रीकल्चर एक्सटेंशन योजना के अंतर्गत किसान-वैज्ञानिक संवाद भी आयोजित हुआ। संवाद का उद्देश्य किसानों को कृषि वैज्ञानिकों एवं विशेषज्ञों से सीधे अपनी कृषि संबंधी जिज्ञासाओं और समस्याओं पर चर्चा का अवसर उपलब्ध कराना रहा।
कार्यक्रम में जिला कृषि अधिकारी राजेश कुमार, कृषि विज्ञान केंद्र सोहना के प्रदीप कुमार एवं एसएन सिंह, विषय वस्तु विशेषज्ञ मसूर अली, मृदा परीक्षण प्रयोगशाला सिद्धार्थनगर के अध्यक्ष गौरव सिंह, बर्डपुर के वरुण नंदू, उसका के जनार्दन पाठक, लखनपारा के सुलेमान सहित अन्य संबंधित लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कृषकों के साथ-साथ एफपीओ सदस्यों ने सहभागिता की।
कार्यक्रम के दौरान किसानों को कृषि से जुड़े विषयों पर जानकारी देने के साथ-साथ विशेषज्ञों के साथ संवाद और विचार-विमर्श का अवसर मिला। तस्वीरों में कार्यक्रम के दौरान अतिथियों एवं प्रतिभागियों के स्वागत तथा सम्मान का दृश्य भी दिखाई देता है।
मिलेट्स पर फोकस
श्री अन्न की ओर बढ़ता कदम
मिलेट्स यानी मोटे अनाज को लेकर जागरूकता बढ़ाने और इसके उत्पादन को प्रोत्साहित करने की दिशा में ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम किसानों के लिए उपयोगी साबित हो सकते हैं। गुणवत्तापूर्ण बीज, वैज्ञानिक खेती और बेहतर बाजार संपर्क मिलेट्स उत्पादन को मजबूती देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
एफपीओ की भूमिका
किसानों को बाजार से जोड़ने की कोशिश
एफपीओ यानी किसान उत्पादक संगठन किसानों को सामूहिक रूप से उत्पादन, प्रसंस्करण, विपणन और बाजार से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। मिलेट्स बीज उत्पादन से जुड़े एफपीओ सदस्यों को प्रशिक्षण दिए जाने से किसानों को संगठित कृषि की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर मिल सकता है।
किसान-वैज्ञानिक संवाद
सवाल सीधे विशेषज्ञों से, समाधान तकनीक के साथ
किसान-वैज्ञानिक संवाद का सबसे महत्वपूर्ण पक्ष यह रहा कि किसानों और कृषि विशेषज्ञों के बीच प्रत्यक्ष संवाद का मंच उपलब्ध हुआ। खेती से जुड़ी स्थानीय जरूरतों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समझना और तकनीकी जानकारी को खेत तक पहुंचाना कृषि विस्तार व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी है।
सारांश
सिद्धार्थनगर में आयोजित दो दिवसीय कार्यक्रम में मिलेट्स बीज उत्पादन से जुड़े एफपीओ सदस्यों को प्रशिक्षण और किसानों को कृषि वैज्ञानिकों से संवाद का अवसर मिला। कृषि विभाग की पहल से आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसानों और एफपीओ सदस्यों की सहभागिता रही।
संपादकीय टिप्पणी
खेती अब केवल परंपरागत अनुभव तक सीमित रहने का विषय नहीं है। बदलते मौसम, लागत, बाजार और तकनीक के दौर में किसान तक सही वैज्ञानिक जानकारी पहुंचाना बेहद जरूरी है। सिद्धार्थनगर में प्रशिक्षण और किसान-वैज्ञानिक संवाद जैसी पहलें तभी अधिक प्रभावी होंगी, जब इनसे मिली जानकारी वास्तविक रूप से खेतों तक पहुंचे और किसानों को उत्पादन के साथ-साथ बाजार से भी बेहतर जोड़ मिले। मिलेट्स को बढ़ावा देने की दिशा में प्रशिक्षण, गुणवत्तापूर्ण बीज और एफपीओ आधारित सामूहिक प्रयास निश्चित रूप से
मिलेट्स से आधुनिक खेती तक: सिद्धार्थनगर में किसानों को नई तकनीक और बाजार की दिशा
सिद्धार्थनगर। किसानों की आय बढ़ाने, पौष्टिक मिलेट्स की खेती को प्रोत्साहित करने और कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों की जानकारी किसानों तक पहुंचाने के उद्देश्य से कृषि भवन सभागार, सिद्धार्थनगर में दो दिवसीय कृषि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मिलेट्स बीज उत्पादन से जुड़े एफपीओ सदस्यों का प्रशिक्षण तथा सब मिशन ऑन एग्रीकल्चर एक्सटेंशन योजना के अंतर्गत किसान-वैज्ञानिक संवाद आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कृषि विभाग के अधिकारियों, कृषि वैज्ञानिकों, विषय वस्तु विशेषज्ञों, एफपीओ प्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में किसानों की सहभागिता रही।
खबर
कृषि भवन सभागार, सिद्धार्थनगर में 20 अगस्त से 21 अगस्त 2026 तक आयोजित कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को बदलती कृषि परिस्थितियों के अनुरूप तकनीकी जानकारी उपलब्ध कराना और खेती को अधिक उपयोगी एवं बाजारोन्मुख बनाने की दिशा में जागरूक करना रहा।

कार्यक्रम के दौरान उत्तर प्रदेश श्री अन्न (मिलेट्स) पुनरोद्धार कार्यक्रम वर्ष 2026-27 के अंतर्गत मिलेट्स बीज उत्पादन से संबंधित एफपीओ सदस्यों को प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में मिलेट्स उत्पादन, गुणवत्तापूर्ण बीज, खेती की उपयोगी तकनीक तथा किसानों और एफपीओ के बीच बेहतर समन्वय जैसे विषयों पर जानकारी दिए जाने पर जोर रहा।

इसके साथ ही सब मिशन ऑन एग्रीकल्चर एक्सटेंशन योजना के अंतर्गत किसान-वैज्ञानिक संवाद भी आयोजित हुआ। संवाद का उद्देश्य किसानों को कृषि वैज्ञानिकों एवं विशेषज्ञों से सीधे अपनी कृषि संबंधी जिज्ञासाओं और समस्याओं पर चर्चा का अवसर उपलब्ध कराना रहा।
कार्यक्रम में जिला कृषि अधिकारी राजेश कुमार, कृषि विज्ञान केंद्र सोहना के प्रदीप कुमार एवं एसएन सिंह, विषय वस्तु विशेषज्ञ मसूर अली, मृदा परीक्षण प्रयोगशाला सिद्धार्थनगर के अध्यक्ष गौरव सिंह, बर्डपुर के वरुण नंदू, उसका के जनार्दन पाठक, लखनपारा के सुलेमान सहित अन्य संबंधित लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कृषकों के साथ-साथ एफपीओ सदस्यों ने सहभागिता की।
कार्यक्रम के दौरान किसानों को कृषि से जुड़े विषयों पर जानकारी देने के साथ-साथ विशेषज्ञों के साथ संवाद और विचार-विमर्श का अवसर मिला। तस्वीरों में कार्यक्रम के दौरान अतिथियों एवं प्रतिभागियों के स्वागत तथा सम्मान का दृश्य भी दिखाई देता है।
मिलेट्स पर फोकस
श्री अन्न की ओर बढ़ता कदम
मिलेट्स यानी मोटे अनाज को लेकर जागरूकता बढ़ाने और इसके उत्पादन को प्रोत्साहित करने की दिशा में ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम किसानों के लिए उपयोगी साबित हो सकते हैं। गुणवत्तापूर्ण बीज, वैज्ञानिक खेती और बेहतर बाजार संपर्क मिलेट्स उत्पादन को मजबूती देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
एफपीओ की भूमिका
किसानों को बाजार से जोड़ने की कोशिश
एफपीओ यानी किसान उत्पादक संगठन किसानों को सामूहिक रूप से उत्पादन, प्रसंस्करण, विपणन और बाजार से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। मिलेट्स बीज उत्पादन से जुड़े एफपीओ सदस्यों को प्रशिक्षण दिए जाने से किसानों को संगठित कृषि की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर मिल सकता है।
किसान-वैज्ञानिक संवाद
सवाल सीधे विशेषज्ञों से, समाधान तकनीक के साथ
किसान-वैज्ञानिक संवाद का सबसे महत्वपूर्ण पक्ष यह रहा कि किसानों और कृषि विशेषज्ञों के बीच प्रत्यक्ष संवाद का मंच उपलब्ध हुआ। खेती से जुड़ी स्थानीय जरूरतों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समझना और तकनीकी जानकारी को खेत तक पहुंचाना कृषि विस्तार व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी है।
सारांश
सिद्धार्थनगर में आयोजित दो दिवसीय कार्यक्रम में मिलेट्स बीज उत्पादन से जुड़े एफपीओ सदस्यों को प्रशिक्षण और किसानों को कृषि वैज्ञानिकों से संवाद का अवसर मिला। कृषि विभाग की पहल से आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसानों और एफपीओ सदस्यों की सहभागिता रही।
संपादकीय टिप्पणी
खेती अब केवल परंपरागत अनुभव तक सीमित रहने का विषय नहीं है। बदलते मौसम, लागत, बाजार और तकनीक के दौर में किसान तक सही वैज्ञानिक जानकारी पहुंचाना बेहद जरूरी है। सिद्धार्थनगर में प्रशिक्षण और किसान-वैज्ञानिक संवाद जैसी पहलें तभी अधिक प्रभावी होंगी, जब इनसे मिली जानकारी वास्तविक रूप से खेतों तक पहुंचे और किसानों को उत्पादन के साथ-साथ बाजार से भी बेहतर जोड़ मिले। मिलेट्स को बढ़ावा देने की दिशा में प्रशिक्षण, गुणवत्तापूर्ण बीज और एफपीओ आधारित सामूहिक प्रयास निश्चित रूप से
सुबह घर से निकले बुजुर्ग नहीं लौटे, नहर किनारे मिला सामान और फिर सामने आया दर्दनाक सच
उत्तर प्रदेश सिद्धार्थ नगर
भवानीगं थाना क्षेत्र में बुधवार सुबह शौच के लिए घर से निकले 75 वर्षीय कनिकराम गौतम की नहर में डूबने से मौत हो गई। काफी देर तक घर वापस नहीं लौटने पर परिजनों ने तलाश शुरू की। इसी दौरान नहर किनारे उनका डंडा, चप्पल और डिब्बा मिलने से डूबने की आशंका गहराई। सूचना पर पहुंची पुलिस और गोताखोरों की तलाश के बाद करीब पांच किलोमीटर दूर शव बरामद किया गया।
पूरी खबर
सिद्धार्थनगर। भवानीगंज थाना क्षेत्र के सेखुइताज गांव निवासी कनिकराम गौतम, पुत्र स्व. श्योराम, बुधवार सुबह करीब छह बजे घर से शौच के लिए निकले थे। काफी समय बीत जाने के बाद भी जब वह वापस नहीं लौटे तो परिजनों को चिंता हुई और उनकी तलाश शुरू की गई।
तलाश के दौरान परिजनों को सेहरी गांव के पास नहर के किनारे कनिकराम का डंडा, चप्पल और डिब्बा मिला। सामान मिलने के बाद नहर में डूबने की आशंका जताई गई और घटना की सूचना स्थानीय पुलिस को दी गई।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस के साथ गोताखोरों ने नहर में तलाश शुरू की। काफी प्रयास के बाद करीब साढ़े 11 बजे कनिकराम का शव डुमरियागंज थाना क्षेत्र के गौहनिया ताज के पास नहर से बरामद हुआ।
परिजनों के अनुसार कनिकराम मानसिक रूप से अस्वस्थ बताए जा रहे थे। घटना के बाद परिवार में मातम का माहौल है। पुलिस ने शव बरामद कर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। घटना के वास्तविक कारणों और परिस्थितियों की पुष्टि संबंधित जांच के आधार पर ही हो सकेगी।
सारांश
सुबह घर से निकले 75 वर्षीय कनिकराम गौतम के वापस न लौटने पर परिजनों ने तलाश शुरू की। नहर किनारे उनका सामान मिलने के बाद पुलिस और गोताखोरों ने तलाश की, जिसके बाद करीब पांच किलोमीटर दूर शव बरामद हुआ।
टिप्पणी
घटना एक बार फिर नहरों और खुले जलस्रोतों के आसपास बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर सावधानी की जरूरत सामने लाती है। हालांकि, घटना की परिस्थितियों को लेकर अंतिम निष्कर्ष संबंधित जांच और आधिकारिक कार्रवाई के बाद ही स्पष्ट होगा।
तिरंगे के रंग में रंगा नौगढ़, सफाई कर्मचारियों की बाइक रैली ने जगाया देशभक्ति का जज्बा

सिद्धार्थनगर। आजादी के अमृत भाव और राष्ट्रभक्ति के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से बुधवार को नौगढ़ ब्लॉक परिसर से ग्राम पंचायत सफाई कर्मचारी संघ के नेतृत्व में बाइक तिरंगा यात्रा निकाली गई। हाथों में तिरंगा थामे बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारी बाइक पर सवार होकर यात्रा में शामिल हुए और देशभक्ति के नारों से माहौल को राष्ट्रभक्ति से सराबोर कर दिया।
नौगढ़ ब्लॉक परिसर से शुरू हुई यात्रा ने क्षेत्र में देशभक्ति का संदेश दिया। बाइक पर लहराते तिरंगे और देशभक्ति के नारों ने राहगीरों का ध्यान आकर्षित किया। सफाई कर्मचारियों की इस पहल का उद्देश्य केवल यात्रा निकालना नहीं, बल्कि लोगों में राष्ट्र के प्रति सम्मान, एकता और जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करना रहा।
| हाथों में तिरंगा, दिल में देशभक्ति
बुधवार को नौगढ़ ब्लॉक परिसर का माहौल सामान्य दिनों से अलग नजर आया। सफाई कर्मचारी बाइक लेकर एकत्र हुए और हाथों में राष्ट्रीय ध्वज लेकर तिरंगा यात्रा के लिए रवाना हुए।
जैसे-जैसे बाइक सवार आगे बढ़े, तिरंगे की शान और देशभक्ति के नारों ने वातावरण में उत्साह भर दिया। यात्रा के माध्यम से कर्मचारियों ने राष्ट्रभक्ति के साथ सामाजिक जिम्मेदारी और स्वच्छता के संदेश को भी जोड़ने का प्रयास किया।
यात्रा की खास बातें
स्थान: नौगढ़ ब्लॉक परिसर, सिद्धार्थनगर
आयोजक: ग्राम पंचायत सफाई कर्मचारी संघ
आयोजन: बाइक तिरंगा यात्रा
अवसर: आजादी के अमृत भाव एवं राष्ट्रभक्ति का संदेश
भागीदारी: बड़ी संख्या में ग्राम पंचायत सफाई कर्मचारी
मुख्य आकर्षण: हाथों में तिरंगा और देशभक्ति के नारे
संदेश: राष्ट्रप्रेम, एकता और सामाजिक जिम्मेदारी
सफाई कर्मचारियों का अलग अंदाज
सफाई कर्मचारी आमतौर पर गांवों में स्वच्छता व्यवस्था को लेकर अपनी जिम्मेदारी निभाते हैं। इस बार यही कर्मचारी राष्ट्रभक्ति के संदेश के साथ सार्वजनिक रूप से तिरंगा लेकर सड़कों पर दिखाई दिए।
बाइक तिरंगा यात्रा ने एक तरफ देशभक्ति का वातावरण बनाया तो दूसरी तरफ यह संदेश भी दिया कि सरकारी और स्थानीय स्तर पर कार्य करने वाले कर्मचारी सामाजिक सरोकारों से जुड़े आयोजनों में भी अपनी भागीदारी निभा सकते हैं।
तिरंगे के साथ जिम्मेदारी का संदेश
तिरंगा केवल राष्ट्रीय ध्वज नहीं, बल्कि देश की एकता, सम्मान और नागरिक कर्तव्य का प्रतीक है। ऐसे आयोजनों की सार्थकता तभी और बढ़ती है, जब देशभक्ति का उत्साह रोजमर्रा की जिम्मेदारियों में भी दिखाई दे।
गांवों में स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने वाले सफाई कर्मचारियों की इस यात्रा ने राष्ट्रभक्ति के साथ अपने कार्य के प्रति जिम्मेदारी का संदेश भी सामने रखा।
क्यों खास रही यात्रा?
एक—बाइक पर तिरंगा।
सड़क पर निकलते कर्मचारियों ने हाथों में राष्ट्रीय ध्वज लेकर देशभक्ति का संदेश दिया।
दो—सामूहिक भागीदारी।
बड़ी संख्या में कर्मचारियों के शामिल होने से यात्रा का प्रभाव व्यापक दिखाई दिया।
तीन—नौगढ़ से संदेश।
ब्लॉक परिसर से निकली यात्रा ने क्षेत्र में राष्ट्रभक्ति और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को सामने रखा।
सारांश
सिद्धार्थनगर के नौगढ़ ब्लॉक परिसर से ग्राम पंचायत सफाई कर्मचारी संघ की ओर से बाइक तिरंगा यात्रा निकाली गई। बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारी हाथों में राष्ट्रीय ध्वज लेकर यात्रा में शामिल हुए और देशभक्ति के नारों के साथ राष्ट्रप्रेम, एकता और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश दिया।
टिप्पणी
तिरंगा जब हाथ में होता है तो जिम्मेदारी भी साथ चलती है। नौगढ़ में सफाई कर्मचारियों की यह पहल इसलिए उल्लेखनीय है कि रोजमर्रा की स्वच्छता व्यवस्था से जुड़े कर्मचारियों ने राष्ट्रभक्ति के संदेश को सार्वजनिक भागीदारी से जोड़ा। ऐसे आयोजनों की असली सफलता तभी है, जब तिरंगे के सम्मान के साथ स्वच्छता, अनुशासन और नागरिक जिम्मेदारी भी जमीन पर दिखाई दे।
FT NEWS DIGITAL | डिजिटल निष्कर्ष
नौगढ़ से निकली तिरंगा यात्रा ने एक साफ संदेश दिया—राष्ट्रभक्ति केवल नारों तक सीमित नहीं, बल्कि समाज और देश के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का नाम भी है।
खड़े ट्रेलर में घुसी अनियंत्रित बाइक, 28 वर्षीय युवक की मौत
इटवा/सिद्धार्थनगर। इटवा थाना क्षेत्र में बुधवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। ढेबरुआ मार्ग पर रामनगर-विगोवा नाले के समीप एक बाइक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़े ट्रेलर के पिछले हिस्से में जा घुसी। हादसे में बाइक सवार 28 वर्षीय कन्हैया सोनी गंभीर रूप से घायल हो गए।
घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने घायल युवक को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।
कुछ ही सेकंड में थम गई जिंदगी
सुबह करीब 10 बजे कन्हैया सोनी बाइक से इटवा की ओर जा रहे थे। समाचार में प्रकाशित विवरण के अनुसार रामनगर से आगे नाले के समीप उनकी बाइक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़े ट्रेलर से जा टकराई। टक्कर इतनी गंभीर थी कि बाइक बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और कन्हैया गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल को प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल भिजवाया। हालत गंभीर होने पर उन्हें जिला मुख्यालय स्थित माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, जहां चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
हादसे की बड़ी बातें
• घटना इटवा थाना क्षेत्र के ढेबरुआ मार्ग की
• रामनगर-विगोवा नाले के समीप हुआ हादसा
• बाइक सड़क किनारे खड़े ट्रेलर के पिछले हिस्से से टकराई
• मृतक की उम्र 28 वर्ष बताई गई
• पुलिस ने घायल को अस्पताल पहुंचाया
• मेडिकल कॉलेज में चिकित्सकों ने मृत घोषित किया
• घटना के बाद परिवार में मचा कोहराम
हादसा छोड़ गया कई सवाल
सड़क किनारे खड़े भारी वाहनों की मौजूदगी और उनकी दृश्यता सड़क सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण विषय है। हालांकि इस हादसे में दुर्घटना के सटीक कारणों का अंतिम निर्धारण पुलिस की जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही किया जा सकता है।
क्या ट्रेलर उचित स्थान पर खड़ा था?
क्या वहां पर्याप्त संकेतक या रिफ्लेक्टर मौजूद थे?
क्या हादसे का मुख्य कारण बाइक का अनियंत्रित होना था या सड़क की स्थिति भी कोई कारक बनी?
इन सवालों के जवाब जांच के बाद ही स्पष्ट होंगे।
एक हादसा, कई सावधानियां
सड़क दुर्घटनाएं केवल एक क्षण की घटना होती हैं, लेकिन उनका असर पूरे परिवार पर लंबे समय तक रहता है। दोपहिया वाहन चालकों के लिए नियंत्रित गति, हेलमेट और सड़क पर खड़े वाहनों के प्रति सतर्कता बेहद जरूरी है।
वहीं, सड़क किनारे भारी वाहन खड़े किए जाने की स्थिति में उनकी दृश्यता और सुरक्षा संकेत भी महत्वपूर्ण होते हैं। ऐसे हादसों की निष्पक्ष जांच से भविष्य में दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए जरूरी कदम तय किए जा सकते हैं।
प्रशासन के लिए अहम सवाल
हादसे के बाद अब यह भी देखना महत्वपूर्ण होगा कि दुर्घटना स्थल की स्थिति क्या थी और वहां सड़क किनारे भारी वाहन खड़ा होने के संबंध में निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन हुआ था या नहीं। यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई का रास्ता खुल सकता है।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर किसी व्यक्ति को हादसे के लिए जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं होगा।
सारांश
इटवा क्षेत्र में ढेबरुआ मार्ग पर सड़क किनारे खड़े ट्रेलर से बाइक की टक्कर में 28 वर्षीय कन्हैया सोनी की मौत हो गई। पुलिस ने घायल अवस्था में उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। हादसे के बाद परिवार में मातम पसरा है और पुलिस आवश्यक कार्रवाई में जुटी है।
टिप्पणी
एक पल की चूक और जिंदगी खत्म—यह हादसा सड़क सुरक्षा की गंभीरता को फिर सामने लाता है। दुर्घटना के कारणों पर अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही सामने आएगा, लेकिन घटना यह जरूर बताती है कि दोपहिया वाहन चालकों की सतर्कता के साथ सड़क पर खड़े भारी वाहनों की सुरक्षित पार्किंग और स्पष्ट दृश्यता भी उतनी ही जरूरी है।
अमेठी की जमीन में मिले रहस्यमयी तांबे के गोले, पुरातत्व जांच से खुलेगा राज
उत्तर प्रदेश,अमेठी की जमीन में मिले रहस्यमयी तांबे के गोले, पुरातत्व जांच से खुलेगा राज
अमेठी। जिले के भनौली गांव में भवन निर्माण के लिए की जा रही खुदाई के दौरान मिले तांबे से बने दो बड़े गोलाकार अवशेषों ने इलाके में कौतूहल बढ़ा दिया है। मामला सामने आने के बाद पुलिस और राजस्व टीम मौके पर पहुंची और प्रारंभिक जांच की गई। इसके बाद पुरातत्व विभाग की टीम ने भी मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर जमीन के भीतर दबे ये भारी गोलाकार अवशेष क्या हैं और इनका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जाता था?
उपलब्ध समाचार-विवरण के अनुसार, सहायक पुरातत्व अधिकारी डॉ. मनोज कुमार यादव ने बताया कि मुसाफिरखाना क्षेत्र के भनौली गांव में खुदाई के दौरान तांबे से निर्मित गोले मिलने की सूचना मिली थी। इनका आकार करीब 60 सेंटीमीटर व्यास और 20 सेंटीमीटर ऊंचाई बताया गया है। प्रारंभिक जानकारी में इनके वजन का अनुमान लगभग 9 से 10 किलोग्राम बताया गया है।
इन वस्तुओं के ऊपर फ्यूज होल जैसी संरचना होने की बात भी सामने आई है। इसी वजह से इनके पुराने उपयोग को लेकर अलग-अलग संभावनाएं जताई जा रही हैं। हालांकि, इनकी वास्तविक उम्र, निर्माण काल और उपयोग क्या था—इसका अंतिम निर्धारण विशेषज्ञ जांच के बाद ही संभव होगा।
मिट्टी के नीचे क्या छिपा था?
भवन निर्माण की खुदाई के दौरान सामने आए इन गोलाकार तांबे के अवशेषों ने सामान्य खुदाई को अचानक पुरातात्विक जांच के विषय में बदल दिया। सूचना पर प्रशासनिक टीम पहुंची, स्थल का निरीक्षण हुआ और अब पुरातत्व विभाग की जांच यह पता लगाने में जुटी है कि इन वस्तुओं का वास्तविक इतिहास क्या है।
यदि वैज्ञानिक परीक्षणों से इनका संबंध किसी पुराने ऐतिहासिक काल, सैन्य सामग्री अथवा किसी प्राचीन स्थल से प्रमाणित होता है, तो यह खोज क्षेत्र के इतिहास को समझने में महत्वपूर्ण हो सकती है। फिलहाल इसे केवल संभावना के रूप में ही देखा जाना चाहि
क्या-क्या सामने आया?
भनौली गांव में भवन निर्माण के दौरान खुदाई।
खुदाई से तांबे के दो बड़े गोलाकार अवशेष मिलने की सूचना।
करीब 60 सेंटीमीटर व्यास और 20 सेंटीमीटर ऊंचाई बताए जाने की जानकारी।
वजन लगभग 9 से 10 किलोग्राम होने का प्रारंभिक अनुमान।
पुलिस और राजस्व टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की।
पुरातत्व विभाग की टीम ने भी स्थल का निरीक्षण शुरू किया।
वस्तुओं के वास्तविक काल और उपयोग की पुष्टि जांच के बाद होगी।
खोजी सवाल | असली राज क्या है?
इन वस्तुओं की बनावट ने कई सवाल खड़े किए हैं। क्या ये किसी पुराने सैन्य उपयोग की वस्तुएं थीं? क्या इनका संबंध किसी ऐतिहासिक निर्माण या स्थल से हो सकता है? या फिर इनका कोई दूसरा तकनीकी उपयोग रहा होगा?
इन सवालों का जवाब केवल अनुमान से नहीं, बल्कि विशेषज्ञ परीक्षण, धातु की संरचना, निर्माण तकनीक, स्थल की पुरातात्विक परत और उपलब्ध ऐतिहासिक साक्ष्यों के अध्ययन से ही मिल सकता है।
यही वजह है कि पुरातत्व विभाग की जांच इस पूरे मामले की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी बन गई है।
जांच में क्या तलाशा जाएगा?
धातु की उम्र और संरचना: वस्तु किस काल की है, इसका वैज्ञानिक परीक्षण।
निर्माण तकनीक: गोलाकार संरचना किस तकनीक से तैयार की गई।
स्थल का इतिहास: जिस जमीन से वस्तुएं मिलीं, वहां पुराने निर्माण या गतिविधि के प्रमाण हैं या नहीं।
उपयोग का उद्देश्य: क्या इनका सैन्य, धार्मिक अथवा किसी अन्य प्रयोजन से संबंध था।
अन्य अवशेष: आसपास खुदाई में और कोई ऐतिहासिक सामग्री मिलती है या नहीं।
डिजिटल एक्सक्लूसिव | एक खुदाई, कई सवाल
यह मामला इसलिए भी दिलचस्प है क्योंकि जमीन के भीतर से निकली वस्तुओं की पहचान अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। ऐसे में किसी जल्दबाजी वाले निष्कर्ष से बचना जरूरी है।
अगर जांच में इनका संबंध किसी प्राचीन ऐतिहासिक गतिविधि से सामने आता है, तो अमेठी के इतिहास के लिए यह महत्वपूर्ण खोज हो सकती है। लेकिन अगर जांच किसी अलग उपयोग की ओर संकेत करती है, तब भी यह घटना इसलिए अहम होगी क्योंकि एक सामान्य निर्माण स्थल की खुदाई से अप्रत्याशित पुरावशेष सामने आए हैं।
सारांश
अमेठी के भनौली गांव में भवन निर्माण की खुदाई के दौरान तांबे के दो बड़े गोलाकार अवशेष मिलने की सूचना के बाद प्रशासन और पुरातत्व विभाग सक्रिय हुआ है। प्रारंभिक जानकारी में इनके आकार और वजन को लेकर चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। अब विशेषज्ञ जांच से ही स्पष्ट होगा कि ये वस्तुएं कितनी पुरानी हैं और इनका वास्तविक उपयोग क्या था।
टिप्पणी
इतिहास कई बार किताबों से नहीं, जमीन की परतों से सामने आता है। अमेठी में मिले इन तांबे के गोलाकार अवशेषों को लेकर फिलहाल रहस्य बरकरार है। असली कहानी तब सामने आएगी, जब विशेषज्ञ इनके धातु-विज्ञान, निर्माण तकनीक और पुरातात्विक संदर्भ की जांच पूरी करेंगे। इसलिए सनसनी से ज्यादा जरूरी है—साक्ष्य का इंतजार।
अंतरराष्ट्रीय ताइक्वांडो में सिद्धार्थनगर का परचम, तीन खिलाड़ियों का सम्मान
सिद्धार्थनगर। अंतरराष्ट्रीय ताइक्वांडो प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन कर सिद्धार्थनगर का नाम रोशन करने वाले तीन खिलाड़ियों को लखनऊ में सम्मानित किया गया। खिलाड़ियों की उपलब्धि से जिले के खेल प्रेमियों और उनके परिवारों में उत्साह का माहौल है।
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, थाईलैंड के पटाया में आयोजित हीरोज अंतरराष्ट्रीय ताइक्वांडो चैंपियनशिप-2026 में सिद्धार्थनगर के खिलाड़ियों ने भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में समर वर्मा ने स्वर्ण पदक, जबकि देवम पासवान और दिलीप कुमार पासवान ने रजत पदक हासिल किया।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिली इस उपलब्धि के बाद खिलाड़ियों को लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में सम्मानित किया गया। इस दौरान सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने खिलाड़ियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
शिखर पर सिद्धार्थनगर की खेल प्रतिभा
तीन खिलाड़ियों की यह उपलब्धि जिले के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में पदक हासिल करना खिलाड़ियों की मेहनत, प्रशिक्षण और निरंतर अभ्यास का परिणाम है। खासकर युवा खिलाड़ियों के प्रदर्शन ने जिले की नई खेल प्रतिभाओं के लिए उम्मीद और प्रेरणा का संदेश दिया है।
खेल क्षेत्र से जुड़े लोगों का मानना है कि यदि स्थानीय प्रतिभाओं को बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक सुविधाएं और निरंतर प्रतियोगिताओं में भाग लेने के अवसर मिलें तो सिद्धार्थनगर से भविष्य में और भी खिलाड़ी राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना सकते हैं।
पदकों पर एक नजर
🥇 समर वर्मा — स्वर्ण पदक
🥈 देवम पासवान — रजत पदक
🥈 दिलीप कुमार पासवान — रजत पदक
प्रतियोगिता: हीरोज अंतरराष्ट्रीय ताइक्वांडो चैंपियनशिप-2026
स्थान: पटाया, थाईलैंड
सारांश
अंतरराष्ट्रीय ताइक्वांडो प्रतियोगिता में सिद्धार्थनगर के तीन खिलाड़ियों ने एक स्वर्ण और दो रजत पदक हासिल कर जिले का गौरव बढ़ाया। लखनऊ में सम्मानित किए जाने के बाद इन खिलाड़ियों की उपलब्धि स्थानीय खेल जगत में चर्चा का विषय बनी हुई है।
टिप्पणी
प्रतिभा जब मेहनत से मिलती है तो मंच छोटा नहीं रहता। सिद्धार्थनगर के इन खिलाड़ियों की अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि जिले की युवा खेल प्रतिभाओं के लिए प्रेरणा है। जरूरत अब इस बात की है कि ऐसी प्रतिभाओं को बेहतर प्रशिक्षण और पर्याप्त खेल सुविधाएं लगातार मिलती रहें।
अंतरराष्ट्रीय ताइक्वांडो में सिद्धार्थनगर का परचम, तीन खिलाड़ियों का सम्मान
सिद्धार्थनगर। अंतरराष्ट्रीय ताइक्वांडो प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन कर सिद्धार्थनगर का नाम रोशन करने वाले तीन खिलाड़ियों को लखनऊ में सम्मानित किया गया। खिलाड़ियों की उपलब्धि से जिले के खेल प्रेमियों और उनके परिवारों में उत्साह का माहौल है।
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, थाईलैंड के पटाया में आयोजित हीरोज अंतरराष्ट्रीय ताइक्वांडो चैंपियनशिप-2026 में सिद्धार्थनगर के खिलाड़ियों ने भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में समर वर्मा ने स्वर्ण पदक, जबकि देवम पासवान और दिलीप कुमार पासवान ने रजत पदक हासिल किया।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिली इस उपलब्धि के बाद खिलाड़ियों को लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में सम्मानित किया गया। इस दौरान सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने खिलाड़ियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
शिखर पर सिद्धार्थनगर की खेल प्रतिभा
तीन खिलाड़ियों की यह उपलब्धि जिले के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में पदक हासिल करना खिलाड़ियों की मेहनत, प्रशिक्षण और निरंतर अभ्यास का परिणाम है। खासकर युवा खिलाड़ियों के प्रदर्शन ने जिले की नई खेल प्रतिभाओं के लिए उम्मीद और प्रेरणा का संदेश दिया है।
खेल क्षेत्र से जुड़े लोगों का मानना है कि यदि स्थानीय प्रतिभाओं को बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक सुविधाएं और निरंतर प्रतियोगिताओं में भाग लेने के अवसर मिलें तो सिद्धार्थनगर से भविष्य में और भी खिलाड़ी राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना सकते हैं।
पदकों पर एक नजर
🥇 समर वर्मा — स्वर्ण पदक
🥈 देवम पासवान — रजत पदक
🥈 दिलीप कुमार पासवान — रजत पदक
प्रतियोगिता: हीरोज अंतरराष्ट्रीय ताइक्वांडो चैंपियनशिप-2026
स्थान: पटाया, थाईलैंड
सारांश
अंतरराष्ट्रीय ताइक्वांडो प्रतियोगिता में सिद्धार्थनगर के तीन खिलाड़ियों ने एक स्वर्ण और दो रजत पदक हासिल कर जिले का गौरव बढ़ाया। लखनऊ में सम्मानित किए जाने के बाद इन खिलाड़ियों की उपलब्धि स्थानीय खेल जगत में चर्चा का विषय बनी हुई है।
टिप्पणी
प्रतिभा जब मेहनत से मिलती है तो मंच छोटा नहीं रहता। सिद्धार्थनगर के इन खिलाड़ियों की अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि जिले की युवा खेल प्रतिभाओं के लिए प्रेरणा है। जरूरत अब इस बात की है कि ऐसी प्रतिभाओं को बेहतर प्रशिक्षण और पर्याप्त खेल सुविधाएं लगातार मिलती रहें।
दिव्यांगजनों की तिरंगा यात्रा ने दिया एकता और देशभक्ति का संदेश

सिद्धार्थनगर में दिव्यांगजनों की तिरंगा यात्रा ने देशभक्ति, राष्ट्रीय एकता और सामाजिक समरसता का संदेश दिया। पेट्रोल पंप तिराहा से निकली यात्रा को भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मौर्य ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। हाथों में तिरंगा लेकर शामिल हुए दिव्यांगजनों के उत्साह से यात्रा का माहौल देशभक्तिमय नजर आया।
खबर
सिद्धार्थनगर। दिव्यांग सेवा संस्थान ट्रस्ट, सिद्धार्थनगर के तत्वावधान में पेट्रोल पंप तिराहा पर तिरंगा यात्रा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मौर्य ने तिरंगा यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
इस दौरान दीपक मौर्य ने कहा कि तिरंगा देश की आन, बान और शान का प्रतीक है। उनके अनुसार तिरंगा यात्रा के माध्यम से राष्ट्रीय एकता, अखंडता, देशभक्ति और सामाजिक समरसता का संदेश लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया गया।
यात्रा में दिव्यांगजनों ने उत्साह के साथ भाग लिया और हाथों में तिरंगा लेकर देशभक्ति का संदेश दिया। यात्रा के दौरान ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम्’ के उद्घोष से वातावरण देशभक्तिमय बना रहा।
कार्यक्रम में जिला मीडिया प्रभारी रमेश मणि त्रिपाठी, जिला कार्यालय मंत्री पंकज जायसवाल, अनुराग श्रीवास्तव सहित दिव्यांग सेवा संस्थान ट्रस्ट के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में दिव्यांगजन मौजूद रहे।
| तिरंगे के साथ दिखा उत्साह
तिरंगा यात्रा में दिव्यांगजनों की सहभागिता कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रही। आयोजकों के अनुसार यात्रा का उद्देश्य देशभक्ति की भावना के साथ समाज में एकता, भाईचारे और सामाजिक समरसता का संदेश देना रहा।
कार्यक्रम की खास बातें
पेट्रोल पंप तिराहा से तिरंगा यात्रा रवाना
भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मौर्य ने दिखाई हरी झंडी
दिव्यांगजनों ने उत्साहपूर्वक किया प्रतिभाग
भारत माता की जय और वंदे मातरम् के उद्घोष
राष्ट्रीय एकता और सामाजिक समरसता का संदेश
सारांश
सिद्धार्थनगर में दिव्यांग सेवा संस्थान ट्रस्ट की ओर से आयोजित तिरंगा यात्रा में बड़ी संख्या में दिव्यांगजनों ने भाग लेकर देशभक्ति का संदेश दिया। भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मौर्य ने यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
हमारी बात
तिरंगा केवल राष्ट्रीय ध्वज नहीं, बल्कि देश की एकता और नागरिकों की साझा पहचान का प्रतीक है। दिव्यांगजनों की इस यात्रा में जिस उत्साह के साथ सहभागिता दिखाई दी, वह समाज में समान भागीदारी और सकारात्मक संदेश का उदाहरण है। ऐसे आयोजनों की सार्थकता तभी और बढ़ती है, जब देशभक्ति के साथ समाज के प्रत्येक वर्ग को सम्मान और बराबरी का अवसर मिले।
ककरहवा सीमा पर 27 बोरी यूरिया बरामद, संयुक्त नाका पार्टी की कार्रवाई

सिद्धार्थनगर में भारत-नेपाल सीमा पर 43वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (SSB) और उत्तर प्रदेश पुलिस की संयुक्त नाका पार्टी ने कार्रवाई करते हुए 27 बोरी यूरिया खाद बरामद की। SSB के अनुसार खाद एक इलेक्ट्रिक ऑटो से अनधिकृत रास्ते के जरिए भारत से नेपाल की ओर ले जाई जा रही थी। वाहन में सवार दो व्यक्तियों को पूछताछ के बाद खाद और वाहन समेत आगे की वैधानिक कार्रवाई के लिए पुलिस को सौंपा गया।
सिद्धार्थनगर, 19 अगस्त 2026। भारत-नेपाल सीमा पर अवैध आवागमन और संदिग्ध तस्करी गतिविधियों पर निगरानी के दौरान 43वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल की सीमा चौकी ककरहवा तथा उत्तर प्रदेश पुलिस की संयुक्त नाका पार्टी ने एक इलेक्ट्रिक ऑटो को रोककर जांच की। विभागीय जानकारी के मुताबिक ऑटो से 27 बोरी यूरिया खाद बरामद हुई।
सीमा से करीब 50 मीटर पहले रोका गया ऑटो
SSB की ओर से जारी जानकारी के अनुसार विशेष आसूचना के आधार पर संयुक्त नाका पार्टी सीमा स्तंभ संख्या 544/1 से करीब 400 मीटर तथा अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगभग 50 मीटर अंदर तैनात थी। इसी दौरान एक इलेक्ट्रिक ऑटो अनधिकृत रास्ते से भारत से नेपाल की ओर जाता दिखाई दिया।
नाका पार्टी ने वाहन को रोककर जांच की। जांच के दौरान वाहन में दो व्यक्ति सवार मिले और उसमें 27 बोरी यूरिया खाद बरामद होने की जानकारी दी गई।
दस्तावेज नहीं मिलने पर पुलिस को सौंपा
SSB के अनुसार खाद के संबंध में पूछताछ किए जाने पर मौके पर कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया। इसके बाद 27 बोरी यूरिया खाद और इलेक्ट्रिक ऑटो समेत दोनों व्यक्तियों को अग्रिम कार्रवाई के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस, थाना/पुलिस चौकी मोहाना को सुपुर्द कर दिया गया।
इनसेट | पकड़े गए व्यक्तियों के बारे में
SSB के अनुसार पूछताछ में एक व्यक्ति ने अपना नाम जितेंद्र गुप्ता, उम्र 38 वर्ष, निवासी फरसादीपुर, थाना मोहाना, सिद्धार्थनगर बताया। दूसरे व्यक्ति की उम्र 17 वर्ष बताई गई है और वह भी फरसादीपुर, थाना मोहाना क्षेत्र का निवासी बताया गया।
कानूनी सावधानी: 17 वर्षीय व्यक्ति को लेकर खबर में उसे आरोपी या दोषी के रूप में घोषित नहीं किया गया है। उसके संबंध में आगे की कार्रवाई संबंधित पुलिस एवं सक्षम प्राधिकारी द्वारा लागू कानून और प्रक्रिया के अनुसार की जानी है।
कार्रवाई में क्या मिला?
27 बोरी यूरिया खाद
01 इलेक्ट्रिक ऑटो
02 व्यक्ति
कार्रवाई ककरहवा सीमा चौकी और यूपी पुलिस की संयुक्त नाका पार्टी ने की
बरामद सामग्री एवं वाहन पुलिस को आगे की कार्रवाई के लिए सौंपे गए
सीमा पर निगरानी जारी
43वीं वाहिनी SSB के अनुसार भारत-नेपाल सीमा पर अवैध तस्करी, मानव तस्करी, नशीली दवाओं, अवैध मुद्रा, वन्यजीव तथा अन्य अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए लगातार निगरानी और कार्रवाई की जा रही है।
सारांश
ककरहवा सीमा क्षेत्र में SSB और उत्तर प्रदेश पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में 27 बोरी यूरिया खाद और एक इलेक्ट्रिक ऑटो बरामद किया गया। विभागीय जानकारी के मुताबिक खाद के संबंध में वैध दस्तावेज नहीं मिले, जिसके बाद दो व्यक्तियों समेत बरामद सामग्री को मोहाना पुलिस के सुपुर्द किया गया।
टिप्पणी
भारत-नेपाल सीमा पर अनधिकृत रास्तों से होने वाली आवाजाही पर निगरानी सुरक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस मामले में बरामदगी के बाद आगे की वास्तविक स्थिति पुलिस की जांच और वैधानिक प्रक्रिया से स्पष्ट होगी। इसलिए जांच पूरी होने से पहले किसी व्यक्ति को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा।
कानूनी रूप से सुरक्षित नोट
यह खबर 43वीं वाहिनी SSB द्वारा उपलब्ध कराई गई सूचना के आधार पर तैयार की गई है। बरामदगी और दस्तावेज उपलब्ध न होने संबंधी तथ्य विभागीय दावे पर आधारित हैं। संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध आरोप या दोष सिद्धि का अंतिम निर्धारण सक्षम प्राधिकारी/न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है।
भारत-नेपाल सीमा पर SSB की कार्रवाई, 56 बोरी यूरिया के साथ दो व्यक्ति और दो वाहन पकड़े गए

सिद्धार्थनगर में भारत-नेपाल सीमा पर 43वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (SSB) की नाका पार्टी ने विशेष आसूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए 56 बोरी यूरिया खाद बरामद की है। SSB के अनुसार खाद को बिना वैध दस्तावेज के दो वाहनों के जरिए भारत से नेपाल ले जाया जा रहा था। मौके से दो व्यक्तियों को एक बोलेरो पिकअप और एक टेम्पो समेत पकड़ा गया, जिन्हें अग्रिम कार्रवाई के लिए शोहरतगढ़ पुलिस को सुपुर्द किया गया।
इंट्रो
सिद्धार्थनगर, 19 अगस्त 2026। भारत-नेपाल सीमा पर अवैध आवागमन और तस्करी के खिलाफ 43वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में सीमा चौकी बाणगंगा की विशेष नाका ड्यूटी के दौरान SSB टीम ने 56 बोरी यूरिया खाद के साथ दो वाहनों को रोककर जांच की। विभागीय जानकारी के मुताबिक दोनों वाहन अनधिकृत रास्ते से भारत से नेपाल की ओर जाते पाए गए।
सीमा पर नाका, दो वाहनों को रोका
SSB के अनुसार विशेष आसूचना के आधार पर सीमा स्तंभ संख्या 557 से करीब 900 मीटर तथा अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगभग 900 मीटर अंदर विशेष नाका पार्टी तैनात थी। इसी दौरान एक बोलेरो पिकअप और एक टेम्पो नेपाल की ओर जाते दिखाई दिए।
नाका पार्टी ने दोनों वाहनों को रोककर जांच की। जांच के दौरान वाहनों में एक-एक चालक सवार मिला और कुल 56 बोरी यूरिया खाद बरामद होने की बात सामने आई।
दस्तावेज नहीं मिलने पर पुलिस को सुपुर्द
SSB की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार खाद के संबंध में पूछताछ किए जाने पर संबंधित व्यक्ति मौके पर कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके बाद 56 बोरी यूरिया खाद, बोलेरो पिकअप, टेम्पो और दोनों व्यक्तियों को अग्रिम कानूनी कार्रवाई के लिए थाना शोहरतगढ़ पुलिस को सुपुर्द कर दिया गया।
पकड़े गए व्यक्तियों की पहचान
SSB के अनुसार पूछताछ में दोनों व्यक्तियों ने अपने नाम जंग बहादुर (25) और कैलाश (34) बताया। दोनों सिद्धार्थनगर जिले के शोहरतगढ़ थाना क्षेत्र के डोहरिया खुर्द गांव के निवासी बताए गए हैं।
नोट: दोनों व्यक्तियों के संबंध में आगे की वैधानिक कार्रवाई संबंधित पुलिस/प्राधिकरण द्वारा की जानी है। खबर में उन्हें किसी अपराध का दोषी घोषित नहीं किया जा रहा है।
क्या-क्या बरामद हुआ?
– 56 बोरी यूरिया खाद
– 01 बोलेरो पिकअप
– 01 टेम्पो
– 02 व्यक्ति हिरासत/पुलिस सुपुर्द
– बरामद सामग्री एवं वाहन आगे की कार्रवाई के लिए पुलिस को सौंपे गए
सीमा पर निगरानी बढ़ाने का संकेत
43वीं वाहिनी SSB के अनुसार भारत-नेपाल सीमा पर अवैध तस्करी, मानव तस्करी, नशीली दवाओं, अवैध मुद्रा, वन्यजीव एवं अन्य प्रतिबंधित/अवैध सामग्री के आवागमन को रोकने के लिए लगातार निगरानी और कार्रवाई की जा रही है।
सारांश
बाणगंगा सीमा चौकी की नाका पार्टी ने विशेष सूचना के आधार पर दो वाहनों की जांच कर 56 बोरी यूरिया खाद बरामद की। SSB के मुताबिक खाद के संबंध में वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए, जिसके बाद दो व्यक्तियों, खाद और दोनों वाहनों को थाना शोहरतगढ़ पुलिस को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए सौंप दिया गया।
टिप्पणी
भारत-नेपाल सीमा पर खाद समेत विभिन्न वस्तुओं की अनधिकृत आवाजाही रोकना सुरक्षा और सीमा प्रबंधन की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। इस मामले में बरामदगी और वाहनों को पुलिस को सौंपे जाने के बाद आगे की वास्तविक स्थिति जांच एवं वैधानिक प्रक्रिया पूरी होने पर ही स्पष्ट होगी।
कानूनी रूप से सुरक्षित डिस्क्लेमर
यह खबर 43वीं वाहिनी SSB द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध आरोपों की अंतिम पुष्टि सक्षम जांच एवं न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही मानी जाएगी।
संगठन सृजन अभियान से कांग्रेस को बूथ स्तर तक मजबूत करने की कवायद

सिद्धार्थनगर में कांग्रेस ने संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने की रणनीति तेज कर दी है। संगठन सृजन अभियान के तहत जिले के लिए नियुक्त एआईसीसी ऑब्जर्वर अमित विज ने पत्रकार वार्ता में कहा कि अभियान के जरिए कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद, नए कार्यकर्ताओं को जोड़ने और संगठनात्मक ढांचे को जमीनी स्तर तक सक्रिय करने पर जोर दिया जाएगा।
सिद्धार्थनगर, 18 अगस्त 2026। उत्तर प्रदेश में कांग्रेस संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे संगठन सृजन अभियान के तहत सिद्धार्थनगर पहुंचे अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के ऑब्जर्वर और पंजाब के पठानकोट से पूर्व विधायक अमित विज ने जिला कांग्रेस कार्यालय पर पत्रकार वार्ता की। उन्होंने अभियान के उद्देश्य, संगठनात्मक गतिविधियों और आगे की कार्ययोजना को लेकर पार्टी की ओर से जानकारी साझा की।
बूथ तक संगठन मजबूत करने पर जोर
अमित विज ने कहा कि संगठन सृजन अभियान के तहत कांग्रेस को ब्लॉक, न्याय पंचायत, ग्राम और बूथ स्तर तक सक्रिय एवं मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है। उनके अनुसार अभियान के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में बैठकें आयोजित कर पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों से संवाद किया जाएगा तथा संगठन को मजबूत करने से जुड़े सुझावों पर चर्चा की जाएगी।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस संगठन में कार्यकर्ताओं की भूमिका महत्वपूर्ण है। अभियान के दौरान जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में जाकर कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों और लोगों से संवाद स्थापित करने तथा उनके सुझाव सुनने पर जोर रहेगा।
नए कार्यकर्ताओं को जोड़ने की तैयारी
पत्रकार वार्ता में बताया गया कि अभियान के तहत नए और सक्रिय कार्यकर्ताओं को संगठन से जोड़ने, पार्टी की विचारधारा एवं नीतियों को जनता तक पहुंचाने और स्थानीय स्तर पर संगठनात्मक गतिविधियों को गति देने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
अमित विज के मुताबिक कांग्रेस का प्रयास केवल चुनाव के समय सक्रिय रहने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि पूरे वर्ष जनता के बीच रहकर स्थानीय मुद्दों और समस्याओं को समझने तथा उन्हें लोकतांत्रिक तरीके से उठाने की भूमिका भी कार्यकर्ताओं को निभानी चाहिए।
इनसेट | सिद्धार्थनगर में बनेगी संगठनात्मक कार्ययोजना
अभियान के दौरान जिले के वरिष्ठ नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ विचार-विमर्श कर संगठन को मजबूत करने से जुड़ी कार्ययोजना तैयार किए जाने की बात कही गई। पार्टी की ओर से अभियान को गंभीरता और पारदर्शिता के साथ आगे बढ़ाने का लक्ष्य बताया गया है।
इनबॉक्स | अभियान में किन बिंदुओं पर फोकस?
बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करना
ब्लॉक और न्याय पंचायत स्तर पर संवाद
ग्राम स्तर पर संगठनात्मक पहुंच बढ़ाना
नए एवं सक्रिय कार्यकर्ताओं को जोड़ना
कार्यकर्ताओं से सुझाव और फीडबैक लेना
पार्टी की नीतियों एवं विचारों को जनता तक पहुंचाना
स्थानीय मुद्दों को संगठन के माध्यम से उठाना
पत्रकार वार्ता में मौजूद रहे पदाधिकारी
पत्रकार वार्ता में उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से नियुक्त ऑब्जर्वर देवेन्द्र श्रीवास्तव और अनुज कुमार सिंह, जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष काजी सुहेल अहमद सहित जिला कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी, वरिष्ठ कांग्रेसजन और पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे।
सारांश
सिद्धार्थनगर में कांग्रेस ने संगठन सृजन अभियान के जरिए बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने की कवायद शुरू की है। AICC ऑब्जर्वर अमित विज ने कार्यकर्ताओं से संवाद, नए कार्यकर्ताओं को जोड़ने और ब्लॉक से बूथ स्तर तक संगठनात्मक गतिविधियों को गति देने पर जोर दिया।
टिप्पणी
संगठन सृजन अभियान के जरिए कांग्रेस का फोकस अब संगठन की जमीनी सक्रियता बढ़ाने पर दिखाई दे रहा है। अभियान कितना प्रभावी साबित होता है, यह आने वाले दिनों में ब्लॉक, ग्राम और बूथ स्तर पर होने वाली बैठकों तथा कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी से स्पष्ट होगा।
कानूनी सावधानी
यह खबर उपलब्ध प्रेस नोट एवं पत्रकार वार्ता में बताए गए पक्ष पर आधारित है। इसमें किसी राजनीतिक दल या व्यक्ति के संबंध में स्वतंत्र रूप से सत्यापित उपलब्धि अथवा आरोप के रूप में कोई अतिरिक्त दावा नहीं जोड़ा गया है। अभियान से जुड़े दावे संबंधित कांग्रेस पक्ष द्वारा बताए गए हैं।
