“एक खेत… तीन फसलें” : वैज्ञानिक खेती और वार्षिक नियोजन से बदलेगी किसानों की तस्वीर – अभिनव सिंह
सिद्धार्थनगर- Est 1 min
- 0 Views
- 20 hours ago
ऑटो और टैक्सी चालकों को मिलेगा 5 लाख तक का स्वास्थ्य बीमा, परिवहन विभाग ने मांगे आवेदन
सिद्धार्थनगर- Est 1 min
- 0 Views
- 21 hours ago
ऑटो और टैक्सी चालकों को मिलेगा 5 लाख तक का स्वास्थ्य बीमा, परिवहन विभाग ने मांगे आवेदन
सिद्धार्थनगर- Est 1 min
- 0 Views
- 21 hours ago
सपा सांसद की कथित टिप्पणी पर देशभर में उबाल, सिद्धार्थनगर में भाजपा महिला मोर्चा का जोरदार प्रदर्शन
सिद्धार्थनगर- Est 1 min
- 0 Views
- 1 day ago
Top 10 News
उत्तर प्रदेश
न्यूज़
गांव की सरकार चौपाल में उतरी, एक छत के नीचे सुनी गईं ग्रामीणों की समस्याएं
सिद्धार्थनगर- Est 1 min
- 0 Views
- 4 hours ago
“एक खेत… तीन फसलें” : वैज्ञानिक खेती और वार्षिक नियोजन से बदलेगी किसानों की तस्वीर – अभिनव सिंह
सिद्धार्थनगर- Est 1 min
- 0 Views
- 20 hours ago
ऑटो और टैक्सी चालकों को मिलेगा 5 लाख तक का स्वास्थ्य बीमा, परिवहन विभाग ने मांगे आवेदन
सिद्धार्थनगर- Est 1 min
- 0 Views
- 21 hours ago
ऑटो और टैक्सी चालकों को मिलेगा 5 लाख तक का स्वास्थ्य बीमा, परिवहन विभाग ने मांगे आवेदन
सिद्धार्थनगर- Est 1 min
- 0 Views
- 21 hours ago
सपा सांसद की कथित टिप्पणी पर देशभर में उबाल, सिद्धार्थनगर में भाजपा महिला मोर्चा का जोरदार प्रदर्शन
सिद्धार्थनगर- Est 1 min
- 0 Views
- 1 day ago
Recent
Posts
गांव की सरकार चौपाल में उतरी, एक छत के नीचे सुनी गईं ग्रामीणों की समस्याएं
मधुबनी पंचायत भवन में लगा समाधान चौपाल, अधिकारियों और कर्मचारियों ने मौके पर निस्तारण का दिया भरोसा
सिद्धार्थनगर।

कार्यक्रम की शुरुआत ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों और विभागीय कर्मचारियों की मौजूदगी में हुई, जहां ग्रामीणों ने बिजली, बैंकिंग, कृषि, साफ-सफाई, रोजगार, राशन, पेंशन, आवास, स्वास्थ्य और सरकारी योजनाओं से जुड़ी विभिन्न समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं। चौपाल का मुख्य उद्देश्य गांव स्तर पर ही लोगों को सरकारी सुविधाओं से जोड़ना और विभागों के चक्कर काटने की मजबूरी को कम करना रहा।
ग्राम प्रधान अमजद अली ने कहा कि सरकार की मंशा है कि गांव का हर व्यक्ति योजनाओं का लाभ आसानी से प्राप्त करे और किसी भी समस्या के लिए उसे भटकना न पड़े। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे सरकारी योजनाओं की सही जानकारी लें और पात्र लोग लाभ पाने के लिए आगे आएं।
सचिव अमित कुमार जायसवाल ने पंचायत स्तर पर संचालित योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि गांव में विकास कार्यों, साफ-सफाई, पात्रता आधारित योजनाओं और जनसमस्याओं के समाधान को प्राथमिकता दी जा रही है। रोजगार सेवक राम अवतार यादव ने मनरेगा और रोजगार से जुड़ी योजनाओं की जानकारी दी।
चौपाल में मौजूद स्टेट बैंक कर्मचारी राकेश कुमार ने ग्रामीणों को बैंकिंग सेवाओं, जनधन योजना, डिजिटल भुगतान और खातों से जुड़ी सुविधाओं के बारे में जागरूक किया। कृषि विभाग से पहुंचे रामसागर ने किसानों को आधुनिक खेती, उर्वरक उपयोग और सरकारी कृषि योजनाओं की जानकारी दी।
आंगनवाड़ी कार्यकर्ता गीता देवी, प्रेमलता देवी, आशा बहन शकुंतला देवी, सफाई कर्मी अनिल कुमार, मतीउल्लाह, शिवचरण, केयरटेकर अर्चना कुमारी समेत अन्य कर्मचारियों ने स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छता और जनकल्याण से जुड़े विषयों पर ग्रामीणों को जागरूक किया।
कार्यक्रम में ग्रामीण तफसीर आलम, बिंदलाल, जयराम, सुंदरी, शीला, इंद्रजीत, महेश, इनामुल्लाह, जहांगीर सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। ग्रामीणों ने पेयजल, सड़क, सफाई, राशन कार्ड, पेंशन और आवास से संबंधित समस्याएं उठाईं, जिन पर संबंधित कर्मचारियों द्वारा आवश्यक कार्रवाई और समाधान का आश्वासन दिया गया।
ग्राम पंचायत चौपाल के माध्यम से प्रशासन ने यह संदेश देने का प्रयास किया कि सरकार की योजनाएं अब कागजों तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि गांव की चौपाल तक पहुंचकर लोगों की समस्याओं का समाधान करेंगी। ग्रामीणों ने भी इस पहल को जनहित में महत्वपूर्ण बताते हुए नियमित रूप से ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने की मांग की।
अंग्रेजी छोटी हेडिंग:
Village Chaupal for Public Solutions
Hashtags:
#VillageChaupal #GramPanchayat #Madhubani #GovernmentSchemes #RuralDevelopment #FTNewsDigital #GroundReport #PublicSolution #VillageGovernment #Siddharthnagar
Share this:
मदरसे में मासूम की मौत का खुलासा!

सबक सुनाने के विवाद में नाबालिग छात्र पर हत्या का आरोप**
FT News Digital | विशेष रिपोर्ट

सिद्धार्थनगर जिले के ढेबरुआ थाना क्षेत्र में मदरसे में पढ़ने वाले एक छात्र की संदिग्ध मौत का मामला अब पुलिस जांच के बाद नए मोड़ पर पहुंच गया है।
पुलिस ने मामले में एक नाबालिग छात्र को अभिरक्षा में लेकर किशोर न्याय अधिनियम के तहत आवश्यक कार्रवाई शुरू की है।
मामला तुलसियापुर गांव निवासी 12 वर्षीय छात्र अनीसुर्रहमान से जुड़ा है, जो बढ़नी क्षेत्र स्थित एक मदरसे में हाफिज़ की तालीम हासिल कर रहा था। बीते दिनों उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी, जिसके बाद इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई थीं।
परिजनों द्वारा पोस्टमार्टम की मांग किए जाने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की। पुलिस सूत्रों के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विवेचना में गला दबाकर मौत होने की बात सामने आई।
इसके बाद क्षेत्राधिकारी और ढेबरुआ पुलिस टीम ने मदरसे पहुंचकर शिक्षकों और छात्रों से गहन पूछताछ की। जांच के दौरान एक नाबालिग छात्र को पुलिस अभिरक्षा में लिया गया।
पुलिस के अनुसार पूछताछ में सामने आया कि पढ़ाई के दौरान “सबक सुनाने” को लेकर दोनों छात्रों के बीच विवाद हुआ था। इसी दौरान गुस्से में आकर कथित रूप से घटना को अंजाम दिया गया।
हालांकि पूरे मामले में पुलिस ने स्पष्ट किया है कि आगे की कार्रवाई किशोर न्याय कानून के प्रावधानों के तहत की जा रही है और जांच अभी भी जारी है।
घटना के बाद इलाके में शोक और चर्चा का माहौल बना हुआ है। वहीं स्थानीय लोग मदरसों और छात्रावासों में बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठा रहे हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में सभी तथ्यों और परिस्थितियों की जांच की जा रही है तथा साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
Share this:
इटवा में हाईवोल्टेज ड्रामा: पति के दूसरी महिला संग जाने से आहत विवाहिता पानी की टंकी पर चढ़ी, घंटों चला मान-मनौव्वल
इटवा, सिद्धार्थनगर।
इटवा थाना क्षेत्र के सोननगर गांव में गुरुवार को उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब पारिवारिक विवाद से आहत एक विवाहिता गांव में निर्माणाधीन पानी की टंकी पर चढ़ गई। महिला अपने पति द्वारा दूसरी महिला के साथ चले जाने से मानसिक रूप से परेशान बताई जा रही थी। घटना के बाद मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जुट गई और करीब दो घंटे तक चले हाईवोल्टेज ड्रामे के बाद प्रशासन और पुलिस की समझाइश पर महिला सुरक्षित नीचे उतरी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोननगर गांव निवासी मंगेर की पुत्री दीपा (28) की शादी लगभग 12 वर्ष पूर्व जनपद बलरामपुर के रेहरा बाजार क्षेत्र में हुई थी। महिला के दो बच्चे भी हैं। बताया जा रहा है कि बीते कुछ समय से वह अपनी मां की सेवा के चलते अधिकतर समय मायके में रह रही थी। इसी दौरान पति का किसी अन्य महिला से संपर्क हो गया, जिससे पारिवारिक संबंधों में तनाव बढ़ गया।
परिजनों के मुताबिक, महिला को उम्मीद थी कि समय के साथ हालात सामान्य हो जाएंगे और पति-पत्नी के बीच संबंध सुधर जाएंगे। लेकिन हाल ही में पति के दूसरी महिला के साथ चले जाने की जानकारी मिलने के बाद वह काफी आहत हो गई। आरोप है कि फोन करने पर भी पति बातचीत से बचने लगा, जिससे महिला की मानसिक स्थिति और खराब हो गई।
बताया जाता है कि गुरुवार सुबह करीब 10 बजे महिला गांव में जल निगम की निर्माणाधीन पानी की टंकी पर चढ़ गई और वहीं से फोन पर पति से बात कराने की मांग करने लगी। सूचना मिलते ही मौके पर ग्रामीणों और परिजनों की भीड़ जुट गई। काफी देर तक समझाने का प्रयास किया गया, लेकिन महिला नीचे उतरने को तैयार नहीं हुई।
स्थिति बिगड़ती देख ग्रामीणों ने इटवा पुलिस को सूचना दी। सूचना पर नायब तहसीलदार विष्णु प्रताप सिंह श्रीनेत के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची। प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिसकर्मियों ने संयम के साथ महिला को समझाया और करीब एक घंटे से अधिक समय तक चले मान-मनौव्वल के बाद उसे सुरक्षित नीचे उतार लिया गया।
घटना को लेकर क्षेत्र में पूरे दिन चर्चा का माहौल बना रहा। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि महिला को सुरक्षित नीचे उतारकर परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है। मामले में फिलहाल किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई की पुष्टि नहीं की गई है। प्रशासन ने लोगों से पारिवारिक विवादों को बातचीत और सामाजिक स्तर पर सुलझाने की अपील की है।
Share this:
झोपड़ी में रखा सिलेंडर फटा, गृहस्थी का सामान जलकर राख
कोडरताल गांव में हादसा, बड़ा नुकसान लेकिन जनहानि टली
सिद्धार्थनगर जनपद के थाना कोतवाली जोगिया उदयपुर क्षेत्र अंतर्गत दोहनी टोला कोडरताल गांव में गुरुवार को एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां खाना बनाने के दौरान अचानक आग लगने से गैस सिलेंडर में ब्लास्ट हो गया। हादसे में झोपड़ी में रखा घरेलू सामान जलकर राख हो गया। राहत की बात यह रही कि घटना में किसी प्रकार की जनहानि या गंभीर चोट की सूचना नहीं है।
स्थानीय पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, मोहनलाल पुत्र स्वर्गीय बद्री पासवान निवासी दोहनी टोला कोडरताल अपने झोपड़ी नुमा मकान में गैस सिलेंडर पर चाय बना रहे थे। इसी दौरान अचानक आग भड़क उठी। बताया जा रहा है कि आग पर काबू पाने की कोशिश के दौरान ही सिलेंडर में तेज धमाका हुआ और सिलेंडर फट गया। धमाके की आवाज सुनकर आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई।
घटना के बाद झोपड़ी में रखा बॉक्स, कपड़े, गैस चूल्हा, पंखा सहित अन्य गृहस्थी का सामान जलकर नष्ट हो गया। ग्रामीणों ने तत्काल मौके पर पहुंचकर आग बुझाने का प्रयास किया, जिसके बाद स्थिति पर काबू पाया जा सका।
सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस भी मौके पर पहुंची और घटना की जानकारी उच्चाधिकारियों व संबंधित विभाग को दी गई। प्रारंभिक स्तर पर आग लगने का कारण गैस सिलेंडर से संबंधित हादसा बताया जा रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते लोग मौके पर न पहुंचते तो आग आसपास की अन्य झोपड़ियों तक भी फैल सकती थी, जिससे बड़ा हादसा हो सकता था। फिलहाल पुलिस और संबंधित विभाग द्वारा आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
चाय बनाते समय सिलेंडर में ब्लास्ट, झोपड़ी में लगी भीषण आग
जोगिया में सिलेंडर फटने से मचा हड़कंप, गृहस्थी का सामान राख
बड़ा हादसा टला: सिलेंडर विस्फोट से झोपड़ी जली, परिवार सुरक्षित
Share this:
“एक खेत… तीन फसलें” : वैज्ञानिक खेती और वार्षिक नियोजन से बदलेगी किसानों की तस्वीर – अभिनव सिंह
सिद्धार्थनगर। बदलते मौसम, घटते जलस्तर और बढ़ती खेती लागत के बीच किसानों को आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के उद्देश्य से आयोजित किसान प्रशिक्षण कार्यक्रम में वैज्ञानिक खेती, वार्षिक फसल नियोजन और जल संरक्षण आधारित खेती पर विशेष जोर दिया गया।

गौतम बुद्ध जागृति समिति द्वारा आयोजित किसान प्रशिक्षण कार्यक्रम में कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को आधुनिक तकनीकों और कम लागत वाली टिकाऊ खेती अपनाने की सलाह दी। कार्यक्रम में मुख्य प्रशिक्षक के रूप में मौजूद सहायक विकास अधिकारी (कृषि) अभिनव सिंह ने कहा कि यदि किसान समय चक्र और फसल अवधि को ध्यान में रखते हुए खेत का वार्षिक नियोजन करें, तो एक ही खेत से वर्ष में तीन फसलें लेकर उत्पादन और आय दोनों बढ़ाई जा सकती हैं।
उन्होंने कहा कि खरीफ सीजन की शुरुआत हो चुकी है, इसलिए किसान अपनी भूमि की प्रकृति के अनुसार बीजों का चयन करें तथा मिट्टी की जांच कराकर संतुलित उर्वरकों का प्रयोग करें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फसलों में अत्यधिक पानी देना नुकसानदायक साबित हो सकता है और सीमित एवं संतुलित सिंचाई ही बेहतर उत्पादन की कुंजी है।
तकनीकी सहायक कृषि छोटेलाल ने खरीफ और रबी सीजन के बीच सब्जियों, दलहन और तिलहन की लाभकारी खेती पर विस्तार से जानकारी दी। साथ ही जैविक खेती, रोग एवं कीट नियंत्रण, मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ाने और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के उपायों पर किसानों को प्रशिक्षित किया गया।
कार्यक्रम में संस्था के पदाधिकारियों ने बताया कि “मौसम परियोजना” के तहत किसानों को जलवायु परिवर्तन के अनुरूप खेती के लिए तैयार किया जा रहा है। यह परियोजना पर्यावरण संरक्षण, जल संचयन, वैकल्पिक सौर ऊर्जा और टिकाऊ कृषि प्रणाली को बढ़ावा देने की दिशा में कार्य कर रही है।
प्रशिक्षण के दौरान किसानों को डीएसआर विधि, मेड़बंदी, मिश्रित खेती, हरी खाद, कम पानी वाली किस्में, सूखा एवं बाढ़ सहनशील फसलें, अगेती खेती और मृदा स्वास्थ्य सुधार जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर व्यवहारिक जानकारी दी गई।
इस मौके पर सहायक प्रौद्योगिकी प्रबंधक करुणाकर पाण्डेय सहित कई कृषि कार्यकर्ता और किसान मौजूद रहे। कार्यक्रम को किसानों के लिए जागरूकता और आधुनिक खेती की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
Share this:
ऑटो और टैक्सी चालकों को मिलेगा 5 लाख तक का स्वास्थ्य बीमा, परिवहन विभाग ने मांगे आवेदन
सिद्धार्थनगर। जनपद के ऑटो रिक्शा एवं टैक्सी चालकों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। परिवहन विभाग द्वारा केंद्र एवं प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के तहत ऑटो रिक्शा और टैक्सी चालकों को आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
कार्यालय सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी, सिद्धार्थनगर द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि परिवहन विभाग, उत्तर प्रदेश के निर्देशों के क्रम में जनपद के ऑटो रिक्शा एवं टैक्सी चालकों का डाटा संकलित किया जा रहा है, ताकि पात्र चालकों को योजना का लाभ दिलाया जा सके।
विभाग की ओर से बताया गया है कि इच्छुक चालक अपने एवं परिवार के आधार कार्ड की छायाप्रति, राशन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस तथा वाहन स्वामी द्वारा जारी प्रमाण-पत्र के साथ सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी कार्यालय, सिद्धार्थनगर में उपस्थित होकर निर्धारित प्रारूप पर आवेदन जमा कर सकते हैं। आवेदन प्रधान सहायक राजेन्द्र गुप्ता के पास जमा किए जाएंगे।
परिवहन विभाग ने ऑटो रिक्शा एवं टैक्सी यूनियन पदाधिकारियों से भी अपील की है कि अधिक से अधिक वाहन चालकों को इस योजना की जानकारी देकर लाभ दिलाने में सहयोग करें।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, प्राप्त आवेदनों का विवरण संकलित कर मुख्यालय भेजा जाएगा, जिसके बाद पात्र लाभार्थियों को योजना से जोड़ा जाएगा।
इस पहल को वाहन चालकों और उनके परिवारों के स्वास्थ्य सुरक्षा कवच के रूप में देखा जा रहा है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवहन कर्मियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
Share this:
ऑटो और टैक्सी चालकों को मिलेगा 5 लाख तक का स्वास्थ्य बीमा, परिवहन विभाग ने मांगे आवेदन
सिद्धार्थनगर। जनपद के ऑटो रिक्शा एवं टैक्सी चालकों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। परिवहन विभाग द्वारा केंद्र एवं प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के तहत ऑटो रिक्शा और टैक्सी चालकों को आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
कार्यालय सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी, सिद्धार्थनगर द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि परिवहन विभाग, उत्तर प्रदेश के निर्देशों के क्रम में जनपद के ऑटो रिक्शा एवं टैक्सी चालकों का डाटा संकलित किया जा रहा है, ताकि पात्र चालकों को योजना का लाभ दिलाया जा सके।
विभाग की ओर से बताया गया है कि इच्छुक चालक अपने एवं परिवार के आधार कार्ड की छायाप्रति, राशन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस तथा वाहन स्वामी द्वारा जारी प्रमाण-पत्र के साथ सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी कार्यालय, सिद्धार्थनगर में उपस्थित होकर निर्धारित प्रारूप पर आवेदन जमा कर सकते हैं। आवेदन प्रधान सहायक राजेन्द्र गुप्ता के पास जमा किए जाएंगे।
परिवहन विभाग ने ऑटो रिक्शा एवं टैक्सी यूनियन पदाधिकारियों से भी अपील की है कि अधिक से अधिक वाहन चालकों को इस योजना की जानकारी देकर लाभ दिलाने में सहयोग करें।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, प्राप्त आवेदनों का विवरण संकलित कर मुख्यालय भेजा जाएगा, जिसके बाद पात्र लाभार्थियों को योजना से जोड़ा जाएगा।
इस पहल को वाहन चालकों और उनके परिवारों के स्वास्थ्य सुरक्षा कवच के रूप में देखा जा रहा है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवहन कर्मियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
Share this:
सपा सांसद की कथित टिप्पणी पर देशभर में उबाल, सिद्धार्थनगर में भाजपा महिला मोर्चा का जोरदार प्रदर्शन
FT News Digital
सिद्धार्थनगर।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर समाजवादी पार्टी के एक सांसद द्वारा की गई कथित अभद्र टिप्पणी के बाद देशभर में राजनीतिक माहौल गरमा गया है। कई राज्यों में भाजपा कार्यकर्ताओं और महिला मोर्चा द्वारा विरोध प्रदर्शन किए गए, वहीं सिद्धार्थनगर में भी इसका व्यापक असर देखने को मिला। गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा की पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं ने जिला मुख्यालय पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया और कलेक्ट्रेट परिसर में रैली निकालकर अपना विरोध दर्ज कराया।
हाथों में तख्तियां और पार्टी के झंडे लिए महिला मोर्चा कार्यकर्ताओं ने सांसद के बयान को लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ बताते हुए जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि देश के प्रधानमंत्री के खिलाफ अमर्यादित भाषा का प्रयोग राजनीतिक शिष्टाचार के विपरीत है और इससे समाज में गलत संदेश जाता है।
प्रदर्शन के दौरान महिला मोर्चा की पदाधिकारियों ने कहा कि भारतीय राजनीति की गरिमा बनाए रखना सभी जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रकार की बयानबाजी केवल राजनीतिक माहौल को भड़काने का काम करती है। कार्यकर्ताओं ने यह भी कहा कि देशभर में महिलाओं और भाजपा समर्थकों में इस बयान को लेकर गहरा आक्रोश है।
कलेक्ट्रेट परिसर में हुए प्रदर्शन के बाद भाजपा महिला मोर्चा के प्रतिनिधिमंडल ने जिला प्रशासन के माध्यम से राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में संबंधित सांसद के बयान की निंदा करते हुए उचित कार्रवाई की मांग की गई।
प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क दिखाई दिया। कलेक्ट्रेट परिसर और आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही तथा पुलिस बल की मौजूदगी में पूरे कार्यक्रम को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया गया।
राजनीतिक जानकारों की मानें तो इस बयान को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा और अधिक तूल पकड़ सकता है।
Share this:
पेट्रोल पंप विवाद ने पकड़ा सियासी रंग
UP | Siddharthnagar
भाजपा पदाधिकारी के आरोप, वायरल वीडियो और एफआईआर के बाद जिले में चर्चाओं का बाजार गर्म
सिद्धार्थनगर।
जनपद के बर्डपुर क्षेत्र स्थित एक पेट्रोल पंप पर डीजल दिए जाने को लेकर शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का बड़ा विषय बन गया है। भाजपा पदाधिकारी द्वारा लगाए गए गंभीर आरोप, सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो, प्रशासनिक हस्तक्षेप और पुलिस कार्रवाई के बाद मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मामला 10 मई 2026 की शाम का बताया जा रहा है। शिकायतकर्ता एवं भारतीय जनता पार्टी के जिला मंत्री अविनाश सिंह ने आरोप लगाया है कि वह अपनी कार में डीजल भरवाने के लिए मधुबेनिया बर्डपुर स्थित मेकरानी ऑयल कंपनी पहुंचे थे।
शिकायतकर्ता के मुताबिक, पेट्रोल पंप कर्मचारियों ने कथित तौर पर ₹300 का मोबिल ऑयल खरीदने की बात कहते हुए डीजल देने से इनकार कर दिया। आरोप है कि इसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया और देखते ही देखते माहौल तनावपूर्ण हो गया।
अविनाश सिंह का कहना है कि सूचना मिलने पर पंप संचालक चाँद मोहम्मद उर्फ चाँद भाई मौके पर पहुंचे, जहां कथित रूप से अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि कर्मचारियों को बुलाकर उन्हें पंप परिसर से बाहर निकालने का प्रयास भी किया गया।
मामले को लेकर शिकायतकर्ता का दावा है कि स्थिति बिगड़ती देख उन्होंने तत्काल जिलाधिकारी के सीयूजी नंबर पर फोन कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। आरोप यह भी लगाया गया है कि प्रशासनिक स्तर पर बातचीत के बावजूद विवाद शांत नहीं हुआ और कथित तौर पर धमकी भरे शब्दों का इस्तेमाल किया गया।
इसी बीच पूरे घटनाक्रम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वायरल वीडियो में एक व्यक्ति खुद को भारतीय जनता पार्टी का “जिला महामंत्री” बताते हुए दिखाई दे रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद जिले की राजनीतिक सरगर्मियां और तेज हो गईं।
हालांकि, जब इस पूरे मामले को लेकर भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मौर्य से सवाल किया गया, तो उन्होंने स्पष्ट कहा कि संबंधित व्यक्ति भारतीय जनता पार्टी का सदस्य नहीं है और पार्टी से उसका कोई आधिकारिक संबंध नहीं है।
वहीं शिकायतकर्ता द्वारा जिलाधिकारी को दिए गए प्रार्थना पत्र और पुलिस को दी गई तहरीर के आधार पर कोतवाली सिद्धार्थनगर में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और वायरल वीडियो सहित सभी तथ्यों को जांच के दायरे में लिया गया है।
फिलहाल पुलिस वायरल वीडियो, शिकायत पत्र, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य उपलब्ध तथ्यों के आधार पर पूरे मामले की पड़ताल में जुटी हुई है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई किए जाने की बात कही जा रही है।
अब बड़ा सवाल यह है कि जांच में कौन-कौन से तथ्य सामने आते हैं…
क्या वायरल वीडियो और लगाए गए आरोप जांच में प्रमाणित होंगे…
और प्रशासन इस पूरे मामले में आगे क्या कदम उठाता है…
फिलहाल सिद्धार्थनगर का यह पेट्रोल पंप विवाद जिले में राजनीतिक बहस और चर्चाओं का केंद्र बना हुआ है।
(नोट : यह समाचार शिकायतकर्ता के आरोपों, वायरल वीडियो, पुलिस तहरीर एवं उपलब्ध स्थानीय जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। मामले की जांच जारी है। संबंधित पक्ष का आधिकारिक पक्ष सामने आने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।)
FT News Digital
“सच और… कुछ नहीं।”
Share this:
समर्पण दिवस पर मानवता की मिसाल, 26 लोगों ने किया रक्तदान
बाबा हरदेव सिंह की स्मृति में संत निरंकारी मिशन का प्रेरणादायक आयोजन
सिद्धार्थनगर में बुधवार को संत निरंकारी मिशन द्वारा आयोजित ‘समर्पण दिवस’ कार्यक्रम मानव सेवा, प्रेम और सामाजिक जिम्मेदारी का प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आया। युगदृष्टा बाबा हरदेव सिंह की पावन स्मृति में आयोजित इस कार्यक्रम में 26 महात्माओं ने स्वेच्छा से रक्तदान कर मानवता के प्रति अपने समर्पण का परिचय दिया।

रक्तदान शिविर में स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा 26 यूनिट रक्त संग्रह किया गया। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि रक्तदान केवल सेवा नहीं, बल्कि जरूरतमंदों को जीवन देने का सबसे बड़ा माध्यम है। ऐसे आयोजनों से समाज में सकारात्मक सोच और मानवता की भावना मजबूत होती है।
सत्संग समारोह को संबोधित करते हुए महाराष्ट्र से आए महात्मा श्याम सिंह ने कहा कि बाबा हरदेव सिंह ने अपने जीवनभर प्रेम, सेवा, सहअस्तित्व और आत्मज्ञान का संदेश देकर करोड़ों लोगों को प्रेरित किया। उनके नेतृत्व में संत निरंकारी मिशन ने रक्तदान, स्वच्छता अभियान, वृक्षारोपण, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं जैसे अनेक सामाजिक कार्यों के माध्यम से समाज में नई जागरूकता पैदा की।
उन्होंने कहा कि “खून नालियों में नहीं, बल्कि नाड़ियों में बहना चाहिए” — बाबा जी का यह संदेश आज भी मानव सेवा की सबसे बड़ी प्रेरणा बना हुआ है। मिशन आज 67 से अधिक देशों में मानव कल्याण और नैतिक मूल्यों का संदेश पहुंचा रहा है।
कार्यक्रम में मिशन के मुखी डॉ. राजाराम यादव ने कहा कि हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी समर्पण दिवस पर रक्तदान शिविर आयोजित किया गया, ताकि जरूरतमंद मरीजों की सहायता की जा सके और लोगों को रक्तदान के प्रति जागरूक किया जा सके।
रक्तदान करने वालों में पूर्व विधायक विजय पासवान, राम प्यारे, राम सुमेर अंबेडकर, अनूप कुमार, मनीष कुमार, राजेश, राम उग्रह, दयानन्द, नीलकमल, बुधिराम, सुधीराम, सोमनाथ, रीता, अर्जुन, राम चरन, दीपक, राजेश गुप्ता, सुबाष, मोनू, कैलाश, चंदू, साधना, ओमकार, सुबाष चौरसिया और अनिल पासवान सहित कई महात्मा शामिल रहे।
Share this:
समर्पण दिवस पर मानवता की मिसाल, 26 लोगों ने किया रक्तदान
बाबा हरदेव सिंह की स्मृति में संत निरंकारी मिशन का प्रेरणादायक आयोजन
सिद्धार्थनगर में बुधवार को संत निरंकारी मिशन द्वारा आयोजित ‘समर्पण दिवस’ कार्यक्रम मानव सेवा, प्रेम और सामाजिक जिम्मेदारी का प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आया। युगदृष्टा बाबा हरदेव सिंह की पावन स्मृति में आयोजित इस कार्यक्रम में 26 महात्माओं ने स्वेच्छा से रक्तदान कर मानवता के प्रति अपने समर्पण का परिचय दिया।
रक्तदान शिविर में स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा 26 यूनिट रक्त संग्रह किया गया। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि रक्तदान केवल सेवा नहीं, बल्कि जरूरतमंदों को जीवन देने का सबसे बड़ा माध्यम है। ऐसे आयोजनों से समाज में सकारात्मक सोच और मानवता की भावना मजबूत होती है।
सत्संग समारोह को संबोधित करते हुए महाराष्ट्र से आए महात्मा श्याम सिंह ने कहा कि बाबा हरदेव सिंह ने अपने जीवनभर प्रेम, सेवा, सहअस्तित्व और आत्मज्ञान का संदेश देकर करोड़ों लोगों को प्रेरित किया। उनके नेतृत्व में संत निरंकारी मिशन ने रक्तदान, स्वच्छता अभियान, वृक्षारोपण, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं जैसे अनेक सामाजिक कार्यों के माध्यम से समाज में नई जागरूकता पैदा की।
उन्होंने कहा कि “खून नालियों में नहीं, बल्कि नाड़ियों में बहना चाहिए” — बाबा जी का यह संदेश आज भी मानव सेवा की सबसे बड़ी प्रेरणा बना हुआ है। मिशन आज 67 से अधिक देशों में मानव कल्याण और नैतिक मूल्यों का संदेश पहुंचा रहा है।
कार्यक्रम में मिशन के मुखी डॉ. राजाराम यादव ने कहा कि हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी समर्पण दिवस पर रक्तदान शिविर आयोजित किया गया, ताकि जरूरतमंद मरीजों की सहायता की जा सके और लोगों को रक्तदान के प्रति जागरूक किया जा सके।
रक्तदान करने वालों में पूर्व विधायक विजय पासवान, राम प्यारे, राम सुमेर अंबेडकर, अनूप कुमार, मनीष कुमार, राजेश, राम उग्रह, दयानन्द, नीलकमल, बुधिराम, सुधीराम, सोमनाथ, रीता, अर्जुन, राम चरन, दीपक, राजेश गुप्ता, सुबाष, मोनू, कैलाश, चंदू, साधना, ओमकार, सुबाष चौरसिया और अनिल पासवान सहित कई महात्मा शामिल रहे।
Share this:
परिवार से दूर शिक्षकों का फूटा दर्द, सिद्धार्थनगर में धरना देकर सरकार तक पहुंचाई आवाज
वरिष्ठता आधारित अंतर्जनपदीय स्थानांतरण नीति की मांग तेज, बीएसए के मौके पर न पहुंचने से शिक्षकों में दिखा आक्रोश

सिद्धार्थनगर। जनपद में वर्षों से परिवार से दूर रहकर सेवा दे रहे परिषदीय शिक्षक और शिक्षिकाओं का दर्द बुधवार को खुलकर सामने आ गया। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, जनपद सिद्धार्थनगर के नेतृत्व में बड़ी संख्या में शिक्षकों ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय परिसर में धरना प्रदर्शन कर अंतर्जनपदीय स्थानांतरण की मांग बुलंद की।

धरने का नेतृत्व संगठन के जिलाध्यक्ष एवं प्रदेश संयुक्त मंत्री आदित्य कुमार शुक्ल ने किया। प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन तहसीलदार को सौंपते हुए वरिष्ठता आधारित पारदर्शी स्थानांतरण नीति लागू किए जाने की मांग उठाई।

धरने में शामिल शिक्षकों का कहना था कि कई शिक्षक-शिक्षिकाएं पिछले दस से बारह वर्षों से अपने गृह जनपद से दूर तैनात हैं, जिससे उनका पारिवारिक और सामाजिक जीवन प्रभावित हो रहा है। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि वर्तमान स्थानांतरण व्यवस्था में आकांक्षी जनपदों के शिक्षकों को अपेक्षित अवसर नहीं मिल पा रहे हैं।
धरना स्थल पर उस समय नाराजगी और बढ़ गई जब ज्ञापन लेने के लिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मौके पर मौजूद नहीं रहे। शिक्षकों ने इसे उनकी समस्याओं के प्रति प्रशासनिक उदासीनता बताया। हालांकि बाद में तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा गया, लेकिन शिक्षक अपनी मांगों को लेकर धरने पर डटे रहे।
जिलाध्यक्ष आदित्य कुमार शुक्ल ने कहा कि संगठन शिक्षकों की वर्षों पुरानी पीड़ा को गंभीरता से महसूस कर रहा है और अब इस मुद्दे पर आर-पार की लड़ाई के मूड में है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही वरिष्ठता के आधार पर पारदर्शी अंतर्जनपदीय स्थानांतरण नीति लागू नहीं की गई तो आंदोलन जिला मुख्यालय से लेकर राजधानी लखनऊ तक पहुंचाया जाएगा।
जिला महामंत्री पंकज त्रिपाठी ने कहा कि लंबे समय से परिवार से दूर रह रहे शिक्षकों की समस्याओं को अब और नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। वहीं जिला कोषाध्यक्ष अभय सिंह ने शिक्षकों से एकजुट रहने की अपील करते हुए कहा कि संगठन शिक्षकों के अधिकारों की लड़ाई मजबूती से लड़ता रहेगा।
धरने को शिवपाल सिंह, जे.पी. गुप्ता, मनोज त्रिपाठी, आनन्द पाण्डेय, अरुण कुमार चतुर्वेदी, विपुल कुमार सिंह, रेनू मणि त्रिपाठी, विजय सिंह भास्कर, सुरेन्द्र गुप्ता, नवनीत पाण्डेय, राहुल कुमार, अंजनी झा, गोपेश दूबे, राकेश पाण्डेय, धर्मेन्द्र श्रीवास्तव, उमाकान्त गुप्ता, नगीना राय, आशीष पाण्डेय, अरुण भास्कर, प्रतिभा त्रिपाठी, अर्चना कटियार, विवेक द्विवेदी सहित अन्य शिक्षकों ने संबोधित किया।
धरना प्रदर्शन का संचालन संजय कुमार पाठक एवं सुरेन्द्र द्वारा किया गया।
“बच्चों का भविष्य संवारने वाले शिक्षक आज अपने परिवार से मिलने की उम्मीद लेकर धरने पर बैठने को मजबूर हैं।”
Share this:
दो महीने पहले बजी थी शहनाई, अब नवविवाहिता की संदिग्ध मौत से गांव में सनसनी
मायके पक्ष ने लगाया दहेज प्रताड़ना और हत्या का आरोप, पुलिस जांच में जुटी
सिद्धार्थनगर। जिले के डुमरियागंज थाना क्षेत्र के पचउथ गांव में एक नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। घटना को लेकर मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जबकि पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है।
जानकारी के अनुसार मृतका की पहचान मनीषा के रूप में हुई है, जिसकी शादी करीब दो महीने पहले पचउथ गांव निवासी देवदत्त मौर्य से हुई थी। बताया जा रहा है कि विवाह के कुछ समय बाद से ही दहेज को लेकर विवाद की बातें सामने आ रही थीं।
मृतका के परिजनों का आरोप है कि मनीषा को लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था। मृतका की माँ ने रोते हुए आरोप लगाया कि उनकी बेटी की दहेज के लिए हत्या की गई है और परिवार को न्याय चाहिए।
घटना की सूचना मिलते ही डुमरियागंज पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट समेत अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि मामला आत्महत्या का है या फिर हत्या का। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है। घटना के बाद गांव और आसपास के इलाकों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
पुलिस जांच के बाद ही साफ होगी मौत की असली वजह
मामले को लेकर स्थानीय लोगों में भी चिंता का माहौल है। वहीं परिजनों की मांग है कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
Share this:
पेट्रोल पंप पर डीजल देने से इनकार और अभद्रता का आरोप, भाजपा नेता ने डीएम से की कार्रवाई की मांग
“मोबिल खरीदो तभी मिलेगा डीजल?” — वायरल शिकायती पत्र से मचा हड़कंप

सिद्धार्थनगर। जिले में एक पेट्रोल पंप संचालक पर उपभोक्ताओं के साथ कथित मनमानी और अभद्र व्यवहार करने के आरोपों ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। भाजपा जिला मंत्री अविनाश सिंह द्वारा जिलाधिकारी को सौंपे गए एक शिकायती पत्र के बाद मामला चर्चा का विषय बन गया है। आरोप है कि पेट्रोल पंप पर डीजल देने से पहले जबरन मोबिल ऑयल खरीदने का दबाव बनाया गया और विरोध करने पर कथित रूप से धमकी तक दी गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 10 मई 2026 की शाम अविनाश सिंह अपनी कार में डीजल भरवाने के लिए बर्डपुर क्षेत्र स्थित मेकरानी ऑयल कंपनी पेट्रोल पंप पहुंचे थे। आरोप है कि वहां मौजूद कर्मचारियों ने ₹300 का मोबिल ऑयल खरीदने की शर्त रखी और बिना मोबिल खरीदे डीजल देने से इनकार कर दिया।
शिकायती पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि जब इस बात का विरोध किया गया तो पेट्रोल पंप संचालक और कर्मचारियों द्वारा कथित रूप से अभद्र व्यवहार किया गया। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि मामले के दौरान जान से मारने की धमकी भी दी गई, जिससे मौके पर तनावपूर्ण स्थिति बन गई।
भाजपा नेता ने जिलाधिकारी से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही पेट्रोल पंप के लाइसेंस और संचालन व्यवस्था की जांच कर आम उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा सुनिश्चित करने की अपील भी की गई है।
प्रशासनिक जांच के बाद ही साफ होगी तस्वीर
हालांकि, इस पूरे मामले में अभी तक प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। वहीं, संबंधित पेट्रोल पंप संचालक का पक्ष समाचार लिखे जाने तक सामने नहीं आ सका।
FT News Digital वायरल शिकायती पत्र में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता है। यह खबर उपलब्ध शिकायत पत्र और स्थानीय चर्चाओं के आधार पर प्रकाशित की जा रही है। मामले की वास्तविक स्थिति प्रशासनिक जांच और आधिकारिक तथ्यों के सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
जनता के बीच उठ रहे सवाल
क्या उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त सामान खरीदने का दबाव बनाया जा रहा है?
क्या पेट्रोल पंपों पर नियमों का पालन सही तरीके से हो रहा है?
आखिर आम उपभोक्ता अपनी शिकायत लेकर कहां जाए?
अब सभी की निगाहें प्रशासनिक जांच और आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं।
Share this:
सिद्धार्थनगर में विकास और सड़क सुरक्षा पर डीएम सख्त, मॉडल स्कूल निर्माण कार्य का किया निरीक्षण
सिद्धार्थनगर, 12 मई 2026। शिवशरणप्पा जीएन ने मंगलवार को मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय, उसका बाजार के निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने मुख्य भवन, प्रधानाचार्य आवास, स्टाफ आवास, वालवाटिका, डोरमेट्री और मेस सहित विभिन्न निर्माणाधीन भवनों का जायजा लिया।
जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि निर्माण कार्य निर्धारित गुणवत्ता और मानकों के अनुरूप समयबद्ध तरीके से पूर्ण कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्माण में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इसके बाद कलेक्ट्रेट सभागार में सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित हुई, जिसकी अध्यक्षता जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने की। बैठक में डा. अभिषेक महाजन भी मौजूद रहे।
बैठक में जिलाधिकारी ने स्कूल वाहनों की फिटनेस जांच कराने, बिना पंजीकरण और बिना फिटनेस वाले वाहनों के संचालन पर रोक लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने बिना परमिट चल रहे वाहनों पर कड़ी कार्रवाई करने और ओवरलोडिंग व ओवरस्पीड वाहनों का नियमित चालान करने के निर्देश एआरटीओ को दिए।
जिलाधिकारी ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को ब्लैक स्पॉट चिन्हित कर वहां साइन बोर्ड, गति सीमा बोर्ड तथा संकेतक बोर्डों की साफ-सफाई सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। साथ ही सभी वाहनों पर रिफ्लेक्टर लगाने और हाईवे किनारे स्थित विद्यालयों में यातायात जागरूकता अभियान चलाने को कहा।
उन्होंने लोगों से दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनने, तीन सवारी न बैठाने और चारपहिया वाहन चलाते समय सीट बेल्ट का प्रयोग अनिवार्य रूप से करने की अपील की। पेट्रोल पंपों पर “नो हेलमेट, नो पेट्रोल” अभियान को सख्ती से लागू कराने तथा रोडवेज चालकों का नियमित नेत्र एवं स्वास्थ्य परीक्षण कराने के भी निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. रजत कुमार चौरसिया, अपर जिलाधिकारी गौरव श्रीवास्तव, पीडी नागेंद्र मोहन राम त्रिपाठी, अधिशासी अभियंता कमल किशोर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
Share this:
नर्सिंग सेवा के सम्मान में गूंजा सिद्धार्थनगर, छात्र-छात्राओं की प्रतिभा को मिला नया मंच
“हमारी नर्सें, हमारा भविष्य” थीम के साथ अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस पर जागरूकता, सम्मान और सेवा भावना का संदेश

सिद्धार्थनगर। स्वास्थ्य सेवा, मानवता और समर्पण की मिसाल मानी जाने वाली नर्सिंग सेवा को सम्मान देने के उद्देश्य से जनपद के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान श्री राम विलास इंस्टिट्यूट ऑफ़ नर्सिंग एंड मेडिकल साइंसेज में “अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस” का आयोजन गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं की प्रतिभाओं को मंच देने के साथ-साथ समाज में नर्सों की महत्वपूर्ण भूमिका को भी प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया।
इस वर्ष कार्यक्रम की थीम “हमारी नर्सें, हमारा भविष्य — नर्सों को सशक्त बनाएं” रखी गई, जिसके माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं में कार्यरत नर्सों के योगदान, जिम्मेदारियों और सेवा भावना को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में नर्सिंग ऑफिसर एवं लेबर रूम इंचार्ज श्रीमती संदीपा तथा ओटी इंचार्ज श्रीमती कमला वर्मा मौजूद रहीं। वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में कॉलेज की प्रबंधक डॉ. अनीता द्विवेदी और कॉलेज के संरक्षक एवं वरिष्ठ ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. विमल कुमार द्विवेदी की उपस्थिति ने आयोजन की गरिमा बढ़ाई।
कार्यक्रम के दौरान कॉलेज की पूर्व छात्राओं को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। नर्सिंग क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रहीं विदुषी सिंह, एकता, रुचिता आर्य, शिवांगी पाठक और रवीना वरुण को मंच पर सम्मान देकर वर्तमान छात्र-छात्राओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बताया गया।
नर्स सप्ताह के अंतर्गत आयोजित प्रतियोगिताओं में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की। प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में बीएससी छठवें सेमेस्टर की प्रीति विश्वकर्मा और अर्चिता मिश्रा प्रथम स्थान पर रहीं। जीएनएम द्वितीय वर्ष की इंदु और सीमा यादव ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया, जबकि एएनएम की उमा और प्रमिला तृतीय स्थान पर रहीं।
इसी क्रम में अन्य प्रतियोगिताओं में बीएससी सातवें सेमेस्टर की राखी ने प्रथम, बीएससी छठवें सेमेस्टर की सीमा विश्वकर्मा ने द्वितीय तथा बीएससी चौथे सेमेस्टर के अतिरेश त्रिपाठी ने तृतीय स्थान हासिल किया। वहीं मेकिंग प्रतियोगिता में अवंतिका प्रथम, रेहान द्वितीय और सौम्या गौड़ तृतीय स्थान पर रहीं।
कार्यक्रम का संचालन मिस आरजू ने किया, जबकि सह-संचालन में मिस अर्पिता, मिस श्रुति एवं मिस वैष्णवी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। संपूर्ण आयोजन कॉलेज की प्रिंसिपल जूही शुक्ला के संरक्षण में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
कार्यक्रम के अंत में वक्ताओं ने कहा कि नर्सें केवल स्वास्थ्य व्यवस्था का हिस्सा नहीं, बल्कि मरीजों के लिए विश्वास, सेवा और संवेदनशीलता की सबसे मजबूत पहचान होती हैं। ऐसे आयोजन छात्र-छात्राओं में सेवा, अनुशासन और मानवता की भावना को मजबूत करने का कार्य करते हैं।
Share this:
घरों की रसोई सूनी, बाजारों में जल रहे घरेलू सिलेंडर!
मोहाना क्षेत्र में घरेलू गैस के कथित व्यावसायिक उपयोग पर उठे सवाल, जिम्मेदार विभागों की कार्यशैली पर भी चर्चा तेज

सिद्धार्थनगर | FT News Digital
एक ओर सरकार आम लोगों तक रसोई गैस की सुचारु उपलब्धता सुनिश्चित करने के दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर सिद्धार्थनगर के मोहाना थाना क्षेत्र में बाजारों और सड़क किनारे लगने वाले फास्ट फूड ठेलों पर घरेलू गैस सिलेंडरों के कथित व्यावसायिक उपयोग को लेकर स्थानीय लोगों में आक्रोश बढ़ता दिखाई दे रहा है।
चाट, चाउमीन, बर्गर और अन्य फास्ट फूड बेचने वाले कई ठेलों पर घरेलू गैस सिलेंडर खुलेआम उपयोग होते दिखाई दे रहे हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पहले व्यवसायिक कार्यों के लिए कमर्शियल सिलेंडरों का इस्तेमाल होता था, लेकिन अब लागत बचाने और अधिक मुनाफे के लालच में घरेलू सिलेंडरों का उपयोग बढ़ता जा रहा है।
लोगों का सवाल है कि जब घरेलू गैस सिलेंडर बड़े पैमाने पर बाजारों और ठेलों तक पहुंच रहे हैं, तो आखिर आम परिवारों की रसोई तक गैस समय पर कैसे पहुंचेगी? क्षेत्र की महिलाओं का कहना है कि कई बार सिलेंडर के लिए इंतजार करना पड़ता है, जबकि बाजारों में घरेलू गैस धड़ल्ले से जलती दिखाई देती है।
स्थानीय लोगों ने यह भी आशंका जताई है कि घरेलू गैस के कथित अवैध व्यावसायिक उपयोग के पीछे कहीं न कहीं कालाबाजारी और नियमों की अनदेखी का खेल भी हो सकता है। लोगों का कहना है कि यदि गैस वितरण व्यवस्था की निष्पक्ष जांच हो, तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आ सकते हैं।
सबसे बड़ा सवाल जिम्मेदार विभागों की निगरानी व्यवस्था पर भी उठ रहा है। आखिर सड़क किनारे खुलेआम घरेलू सिलेंडरों का उपयोग हो रहा है, लेकिन संबंधित विभागों की नजर अब तक इस ओर क्यों नहीं गई? क्या नियम सिर्फ कागजों तक सीमित हैं, या फिर जांच और कार्रवाई में कहीं ढिलाई बरती जा रही है?
सुरक्षा के लिहाज से भी यह स्थिति चिंताजनक मानी जा रही है। भीड़भाड़ वाले इलाकों में बिना पर्याप्त सुरक्षा मानकों के गैस सिलेंडरों का उपयोग किसी बड़े हादसे को दावत दे सकता है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सख्ती नहीं हुई, तो भविष्य में कोई बड़ी घटना होने से इनकार नहीं किया जा सकता।
क्षेत्रीय नागरिकों ने प्रशासन, पूर्ति विभाग और संबंधित एजेंसियों से मांग की है कि घरेलू गैस के कथित व्यावसायिक उपयोग और संभावित कालाबाजारी की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि आम लोगों को राहत मिल सके और व्यवस्था में पारदर्शिता बनी रहे।
यह मामला केवल नियमों के उल्लंघन का नहीं, बल्कि आम परिवारों की रसोई, सुरक्षा और जनहित से जुड़ा बड़ा सवाल बनता जा रहा है। अब देखना होगा कि जिम्मेदार विभाग इस मुद्दे को कितनी गंभीरता से लेते हैं।
Share this:
महदेवा में बदहाल सड़क बनी मुसीबत, ट्रक फंसा तो घंटों थम गई रफ्तार
बदहाल सड़क ने रोकी रफ्तार, जाम में तड़पी जनता
सिद्धार्थनगर। जिले के महदेवा चौकी क्षेत्र में प्रशासनिक लापरवाही और बदहाल सड़क व्यवस्था ने मंगलवार को लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं। महदेवा बाजार स्थित सोहास रोड-नौगढ़ मार्ग पर सड़क की जर्जर हालत के कारण एक भारी ट्रक बीच सड़क में फंस गया, जिसके बाद देखते ही देखते कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया।
सुबह से शुरू हुए इस जाम ने राहगीरों, स्कूली बच्चों, मरीजों और वाहन चालकों को घंटों तक परेशान रखा। सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और लोगों को भीषण गर्मी में इंतजार करना पड़ा। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क लंबे समय से गड्ढों और कीचड़ में तब्दील हो चुकी है, लेकिन जिम्मेदार विभाग अब तक सिर्फ कागजी कार्रवाई में व्यस्त है।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक महदेवा बाजार में सड़क किनारे सब्जी और ठेला दुकानदारों का अतिक्रमण भी लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे सड़क और संकरी हो गई है। इसी अव्यवस्था के बीच ट्रक फंसने से पूरा यातायात ठप हो गया। हालात इतने खराब रहे कि स्कूल वाहन और एम्बुलेंस तक जाम में फंस गए।
क्षेत्रवासियों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि कई बार शिकायत के बावजूद न तो सड़क की मरम्मत कराई गई और न ही अतिक्रमण हटाने की कोई ठोस कार्रवाई हुई। लोगों का कहना है कि शासन बेहतर सड़क और सुचारु यातायात व्यवस्था की बात करता है, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात बिल्कुल विपरीत दिखाई दे रहे हैं।
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से तत्काल सड़क की मरम्मत, जलनिकासी व्यवस्था दुरुस्त करने और बाजार क्षेत्र से अतिक्रमण हटाने की मांग की है। खबर लिखे जाने तक मौके पर किसी बड़े प्रशासनिक अधिकारी के पहुंचने की पुष्टि नहीं हो सकी थी।
जनता का सवाल
आखिर कब सुधरेगी महदेवा की बदहाल सड़क?
जाम और अतिक्रमण से रोज जूझ रही जनता को कब मिलेगी राहत?
क्या किसी बड़े हादसे के बाद ही जागेगा प्रशासन?
Share this:
डीसीएम ने छीन लिया बुजुर्ग पिता का इकलौता सहारा, सड़क पर बिखर गई जिंदगी
भड़रिया नहर पुल पर दर्दनाक हादसा, बाइक सवार युवक की मौके पर मौत, साथी गंभीर घायल
भवानीगंज/सिद्धार्थनगर
भवानीगंज थाना क्षेत्र में मंगलवार को हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे ने हर किसी की आंखें नम कर दीं। डुमरियागंज-चंद्रदीप घाट मार्ग स्थित भड़रिया नहर पुल के पास तेज रफ्तार डीसीएम की टक्कर से बाइक सवार युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसका साथी गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद पूरे गांव में मातम का माहौल छा गया।
जानकारी के अनुसार गोंडा जिले के खोड़ारे थाना क्षेत्र के जगन्नाथपुर चंद्रदीप घाट निवासी 24 वर्षीय प्रभात यादव अपने साथी शाबान के साथ किसी जरूरी काम से डुमरियागंज आए थे। दोनों देर शाम बाइक से वापस घर लौट रहे थे। जैसे ही उनकी बाइक भड़रिया नहर पुल के पास पहुंची, सामने से आ रही तेज रफ्तार डीसीएम ने जोरदार टक्कर मार दी।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक टक्कर इतनी भयावह थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए और प्रभात यादव ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। वहीं पीछे बैठे शाबान गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे में उनका हाथ टूटने की बात भी सामने आई है।
घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। राहगीरों और स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जुट गई। सूचना मिलते ही भवानीगंज पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बेवा भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने प्रभात यादव को मृत घोषित कर दिया। घायल शाबान का इलाज जारी है।
स्थानीय लोगों के अनुसार मृतक प्रभात यादव अपने बुजुर्ग पिता का इकलौता बेटा था। उसकी मां की मौत कई वर्ष पहले ही हो चुकी थी। ऐसे में जवान बेटे की अचानक मौत ने बूढ़े पिता की जिंदगी को पूरी तरह तोड़ दिया। गांव में हर तरफ चीख-पुकार और मातम का माहौल देखने को मिला।
बताया जा रहा है कि हादसे के बाद डीसीएम चालक वाहन समेत मौके से फरार हो गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और फरार वाहन व चालक की तलाश शुरू कर दी है।
