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नौगढ़ में ‘सेवा सेतु’ का बहुउद्देशीय शिविर, एक परिसर में जुटीं कई सरकारी सेवाएं
स्वास्थ्य जांच से लेकर महिला-बाल कल्याण तक की योजनाओं की दी गई जानकारी, गोदभराई और अन्नप्राशन संस्कार भी हुए

सिद्धार्थनगर। सेवा संकल्प अभियान के तहत विकासखंड नौगढ़ परिसर में बहुउद्देशीय ‘सेवा सेतु’ शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का उद्देश्य विभिन्न विभागों की योजनाओं और सेवाओं की जानकारी लोगों तक एक ही स्थान पर पहुंचाना रहा। कार्यक्रम में स्वास्थ्य, आयुर्वेद, होम्योपैथी, आंगनबाड़ी, श्रम, वन सहित विभिन्न विभागों की ओर से स्टॉल लगाए गए, जहां लोगों को संबंधित योजनाओं और उपलब्ध सेवाओं की जानकारी दी गई।

सेवा संकल्प अभियान के तहत सिद्धार्थनगर में लगातार अलग-अलग गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। हाल के दिनों में नौगढ़ क्षेत्र में स्वास्थ्य शिविर, ग्राम चौपाल और अन्य कार्यक्रम भी आयोजित किए गए हैं।
फीता काटकर हुआ शुभारंभ, दीप प्रज्वलन के बाद शुरू हुई गतिविधियां
कार्यक्रम का शुभारंभ निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार फीता काटकर और दीप प्रज्वलित कर किया गया। इसके बाद महिला एवं बाल विकास से जुड़ी गतिविधियों के तहत महिलाओं की गोदभराई और बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार कराया गया।
कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने विभिन्न विभागों की ओर से लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया और योजनाओं से जुड़ी जानकारी प्राप्त की।
स्वास्थ्य जांच और दवा वितरण रहा प्रमुख आकर्षण
शिविर में स्वास्थ्य विभाग की ओर से स्वास्थ्य जांच की व्यवस्था की गई। जांच के बाद आवश्यकता के अनुसार लोगों को दवाएं उपलब्ध कराई गईं। इसके साथ ही आयुर्वेद और होम्योपैथी से संबंधित स्टॉल भी लगाए गए।
वहीं आंगनबाड़ी विभाग की ओर से महिलाओं और बच्चों से जुड़ी सेवाओं तथा पोषण संबंधी विषयों पर जानकारी दी गई। श्रम विभाग और वन विभाग सहित अन्य विभागों ने भी अपने-अपने स्टॉल लगाकर विभागीय योजनाओं और सेवाओं से लोगों को अवगत कराया।
इस तरह शिविर में अलग-अलग विभागों की जानकारी एक ही परिसर में उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया, जिससे ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को विभिन्न कार्यालयों तक जाने की आवश्यकता कम हो सके।
महिला और बाल विकास पर भी रहा विशेष जोर
कार्यक्रम के दौरान आयोजित गोदभराई और अन्नप्राशन संस्कार ने महिला एवं बाल कल्याण से जुड़े विषयों को भी प्रमुखता दी। आंगनबाड़ी विभाग की ओर से पोषण और बच्चों की देखभाल से संबंधित जानकारी भी साझा की गई।
नौगढ़ क्षेत्र में इससे पहले सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत ग्राम चौपाल में भी महिलाओं की गोदभराई और बच्चों का अन्नप्राशन कराया गया था। सरकारी अधिकारियों के अनुसार ऐसे आयोजनों में विभागीय योजनाओं की जानकारी ग्रामीणों तक पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है।
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की रही मौजूदगी
कार्यक्रम में डुमरियागंज सांसद जगदंबिका पाल की सुपुत्री पूजा पाल मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहीं। कपिलवस्तु विधायक श्यामधनी राही विशिष्ट अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शामिल हुए।
इसके अलावा ब्लॉक प्रमुख रेनू मिश्रा, उनके प्रतिनिधि राजेश मिश्रा, मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह, पीडी अनिल कुमार, विकासखंड अधिकारी काजल तथा सांसद प्रतिनिधि एसपी अग्रवाल समेत विकासखंड के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
कार्यक्रम में भाजपा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं की भी मौजूदगी रही। अखंड पाल, प्रिंस शर्मा, रिंकू पाल, मुरारी सिंह सहित अन्य लोग कार्यक्रम में शामिल हुए।
‘सेवा सेतु’ के जरिए सेवाओं को लोगों के करीब लाने का प्रयास
नौगढ़ में आयोजित यह शिविर सेवा संकल्प अभियान की गतिविधियों की कड़ी के रूप में सामने आया, जिसमें विभिन्न विभागों की सेवाओं और योजनाओं को एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। हाल में नौगढ़ में श्रमिकों के लिए स्वास्थ्य एवं श्रम विभाग से जुड़ा शिविर भी आयोजित हुआ था, जिसमें स्वास्थ्य परीक्षण और श्रम विभाग की योजनाओं की जानकारी दी गई थी।

कुल मिलाकर, नौगढ़ ब्लॉक परिसर में आयोजित बहुउद्देशीय सेवा सेतु शिविर में सरकारी विभागों की योजनाओं की जानकारी, स्वास्थ्य जांच, दवा वितरण, आयुर्वेद-होम्योपैथी सेवाएं और महिला-बाल कल्याण से जुड़ी गतिविधियां एक ही मंच पर दिखाई दीं। कार्यक्रम का फोकस सरकारी सेवाओं और योजनाओं की जानकारी को लोगों तक पहुंचाने पर रहा।
FT News Digital | सिद्धार्थनगर
“नए जिला प्रभारी का भव्य स्वागत, पहली बैठक में बूथ से संगठन मजबूत करने का संदेश”
सिद्धार्थनगर में भाजपा के नए जिला प्रभारी प्रवीण गुप्ता का जोरदार स्वागत, संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने पर जोर

सिद्धार्थनगर। भारतीय जनता पार्टी के सिद्धार्थनगर जिला प्रभारी बनाए गए प्रवीण गुप्ता के प्रथम जनपद आगमन पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने जिला कार्यालय पर गर्मजोशी के साथ स्वागत किया। ढोल-नगाड़ों, पुष्पवर्षा और फूल-मालाओं के बीच कार्यकर्ताओं ने जिला प्रभारी का अभिनंदन किया। बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता इस दौरान मौजूद रहे।

भाजपा की ओर से हाल ही में जारी जिला प्रभारियों की सूची में सिद्धार्थनगर की जिम्मेदारी प्रवीण गुप्ता को सौंपी गई है।

संगठन की मजबूती पर केंद्रित रही पहली बैठक
स्वागत कार्यक्रम के बाद भाजपा जिला कार्यालय में जिलाध्यक्ष दीपक मौर्य की अध्यक्षता में जिला पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला प्रभारी प्रवीण गुप्ता ने संगठनात्मक गतिविधियों, मंडल स्तर की सक्रियता और बूथ स्तर पर संगठन की मजबूती को लेकर कार्यकर्ताओं से संवाद किया।

बैठक को संबोधित करते हुए प्रवीण गुप्ता ने कहा कि “न पद बड़ा, न कद बड़ा, जो पार्टी के साथ खड़ा, वो सबसे बड़ा।” उन्होंने कहा कि संगठन की ताकत उसके कार्यकर्ता हैं और बूथ स्तर का कार्यकर्ता पार्टी की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है।

उन्होंने अपने संगठनात्मक अनुभवों का उल्लेख करते हुए कहा कि बूथ स्तर से संगठन में कार्य करते हुए विभिन्न जिम्मेदारियों तक पहुंचने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि अपने अनुभव कार्यकर्ताओं के साथ साझा करने के साथ-साथ वरिष्ठ कार्यकर्ताओं से सीखने का भी प्रयास रहेगा।
बूथ अध्यक्ष को बताया संगठन की अहम कड़ी
जिला प्रभारी ने कहा कि बूथ अध्यक्ष अपने क्षेत्र की परिस्थितियों और जनता से सीधे जुड़ा रहता है। इसलिए बूथ स्तर पर संगठन को सक्रिय और मजबूत रखना बेहद महत्वपूर्ण है।
उन्होंने जिलाध्यक्ष से मंडल अध्यक्षों के साथ नियमित संवाद और मंडलवार गतिविधियों की समीक्षा करने की बात कही। उनका कहना था कि संगठन की गतिविधियों को बूथ तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के लिए लगातार संवाद और सक्रियता जरूरी है।
प्रवीण गुप्ता ने कार्यकर्ताओं से अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा और ईमानदारी से करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यदि परिवार, मोहल्ला और समाज किसी व्यक्ति को भाजपा कार्यकर्ता के रूप में पहचानता है तो संगठन के प्रति जिम्मेदारी भी उसी भावना के साथ निभाई जानी चाहिए।
आगामी चुनाव को लेकर बूथ स्तर पर सक्रियता का संदेश
बैठक में आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने पर भी जोर दिया गया। जिला प्रभारी ने कार्यकर्ताओं से पार्टी के कार्यक्रमों और दिशा-निर्देशों के अनुरूप सक्रियता के साथ कार्य करने की बात कही।
उन्होंने कहा कि पार्टी के कार्यक्रमों को बूथ तक पहुंचाने में कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने सिद्धार्थनगर को भगवान बुद्ध की धरती बताते हुए जनपद में प्रथम आगमन को अपने लिए सौभाग्य की बात बताया।
वरिष्ठ नेताओं ने भी रखे विचार
बैठक का संचालन जिला महामंत्री फूलचंद जायसवाल ने किया। इस दौरान क्षेत्रीय उपाध्यक्ष राजेंद्र पाण्डेय, क्षेत्रीय मंत्री कन्हैया पासवान, पूर्व मंत्री सतीश द्विवेदी, क्षेत्रीय अध्यक्ष पिछड़ा मोर्चा शिवनाथ चौधरी, नगर पालिका अध्यक्ष गोविंद माधव, जिला पंचायत अध्यक्ष शीतल सिंह, सदर विधायक श्यामधनी राही, साधना चौधरी सहित पूर्व जिलाध्यक्ष एवं अन्य वरिष्ठ नेताओं ने अपने विचार रखे।
कार्यक्रम के दौरान जिला प्रभारी ने जिला पदाधिकारियों एवं मंडल स्तर के कार्यकर्ताओं के साथ संगठनात्मक विषयों पर संवाद किया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

इस अवसर पर आशीष शुक्ला, पवन मिश्रा, सच्चिदानंद चौबे, विजयकांत चतुर्वेदी, रवि अग्रवाल, मुन्नी देवी, अशोक अग्रहरि, सिद्धार्थ पाठक, अविनाश सिंह, रामनारायण, बजरंगी वर्मा, मधुसूदन अग्रहरि, दशरथ चौधरी, तेजू विश्वकर्मा, अर्चिष्मान मिश्र, सीमा मिश्रा, अनुपमा सिंह दुबे, राघवेंद्र मिश्रा, प्रभात तिवारी, विक्की रस्तोगी सहित बड़ी संख्या में जिला पदाधिकारी, मंडल अध्यक्ष एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
जोगिया में ‘सेवा सेतु’ शिविर, एक परिसर में कई सरकारी सेवाओं का संगम
महिलाओं की गोद भराई और बच्चों का अन्नप्राशन, स्वास्थ्य जांच के साथ विभागीय स्टॉलों पर मिली योजनाओं की जानकारी

सिद्धार्थनगर। विकासखंड जोगिया के प्रांगण में सोमवार को सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत सेवा सेतु अभियान के तहत बहुउद्देशीय शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में विभिन्न विभागों की सेवाओं और जनकल्याणकारी योजनाओं को एक ही स्थान पर लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया गया। कार्यक्रम में स्वास्थ्य जांच, दवा वितरण और विभागीय योजनाओं की जानकारी के साथ महिला एवं बाल कल्याण से जुड़े कार्यक्रम भी आयोजित किए गए।

एक मंच पर जुटे कई विभाग
कार्यक्रम का शुभारंभ कपिलवस्तु विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्यामधनी राही ने फीता काटकर और दीप प्रज्वलित कर किया। इस दौरान उन्होंने महिलाओं की गोद भराई तथा बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार कराया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों को विभिन्न विभागों की सेवाओं और योजनाओं से संबंधित जानकारी भी दी गई।

स्वास्थ्य जांच से लेकर योजनाओं की जानकारी तक
बहुउद्देशीय शिविर में स्वास्थ्य विभाग की ओर से स्टॉल लगाया गया, जहां लोगों की स्वास्थ्य जांच की गई और जरूरत के अनुसार दवाओं का वितरण किया गया। इसके साथ ही आयुर्वेद और होम्योपैथी से संबंधित स्टॉल भी लगाए गए।

आंगनबाड़ी विभाग ने महिलाओं और बच्चों से जुड़ी सेवाओं तथा पोषण संबंधी जानकारी उपलब्ध कराई। वहीं श्रम विभाग और वन विभाग सहित अन्य विभागों ने भी अपने स्टॉल लगाए। इन स्टॉलों के माध्यम से लोगों को संबंधित विभागों की योजनाओं, सेवाओं और उनसे जुड़ी प्रक्रियाओं की जानकारी दी गई।

सम्मान और वितरण भी बना आकर्षण
कार्यक्रम के दौरान कुछ लाभार्थियों को संबंधित योजनाओं के तहत स्वीकृति/लाभ से जुड़े प्रमाण-पत्र या सामग्री प्रदान की गई तथा कुछ लोगों को उनके कार्यों के लिए सम्मानित भी किया गया। इससे शिविर में मौजूद लोगों के बीच सरकारी सेवाओं और योजनाओं को लेकर उत्साह देखने को मिला।
एक ही जगह मिली कई सेवाओं की जानकारी
सेवा सेतु अभियान के तहत आयोजित इस शिविर का प्रमुख उद्देश्य विभिन्न विभागों को एक मंच पर लाकर आम लोगों को सरकारी सेवाओं और योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराना रहा। शिविर में लोगों को संबंधित विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों से सीधे बातचीत कर अपनी जरूरतों और योजनाओं से जुड़ी जानकारी लेने का अवसर मिला।
स्वास्थ्य सेवाओं से लेकर महिला एवं बाल कल्याण, पोषण, श्रम और वन विभाग से जुड़ी जानकारियों तक—एक ही परिसर में विभिन्न विभागों की मौजूदगी शिविर की प्रमुख विशेषता रही।
अधिकारी और जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
कार्यक्रम में जोगिया ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि श्रीष चौधरी, मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह, पीडी अनिल कुमार, बीडीओ रामानंद वर्मा, एडीओ पंचायत प्रदीप सिंह, डुमरियागंज सांसद प्रतिनिधि एसपी अग्रवाल, राजेश दुबे, दिवाकर, विक्रम सिंह, महेंद्र लोधी और विकास पांडे सहित भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
इसके अलावा विकासखंड के अधिकारी-कर्मचारी भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन परमात्मा यादव ने किया।
सारांश
जोगिया में आयोजित सेवा सेतु शिविर में सरकारी सेवाओं को लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया गया। स्वास्थ्य जांच और दवा वितरण के साथ आयुर्वेद, होम्योपैथी, आंगनबाड़ी, श्रम और वन विभाग के स्टॉल लगाए गए। महिलाओं की गोद भराई और बच्चों के अन्नप्राशन के साथ लाभार्थियों को योजनाओं से जुड़ी सुविधाएं एवं सम्मान भी प्रदान किए गए।
शिविर की प्रमुख झलकियां
सेवा सेतु अभियान के तहत बहुउद्देशीय शिविर
महिलाओं की गोद भराई
बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार
स्वास्थ्य जांच और दवा वितरण
आयुर्वेद एवं होम्योपैथी स्टॉल
आंगनबाड़ी विभाग की सेवाएं
श्रम एवं वन विभाग के स्टॉल
विभिन्न योजनाओं की जानकारी
लाभार्थियों को सम्मान/लाभ वितरण
टिप्पणी
सेवा सेतु जैसे बहुउद्देशीय शिविरों की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि अलग-अलग विभागों की सेवाओं और योजनाओं की जानकारी लोगों को एक ही स्थान पर मिलती है। जोगिया में आयोजित शिविर में स्वास्थ्य, पोषण, महिला एवं बाल कल्याण और अन्य विभागीय सेवाओं को एक मंच पर लाने की तस्वीर सामने आई। अब ऐसे आयोजनों का वास्तविक असर इस बात से भी जुड़ा रहेगा कि शिविर में जानकारी पाने वाले पात्र लोगों तक संबंधित योजनाओं और सेवाओं का लाभ आगे किस तरह पहुंचता है।
FT News Digital | सिद्धार्थनगर
काला नमक की नई पहचान: सिद्धार्थनगर की कुकीज अब जर्मनी के बाजार में दस्तक देने को तैयार

यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में सिद्धार्थनगर के काला नमक उत्पादों ने खींचा विदेशी खरीदारों का ध्यान, निर्यात को लेकर बढ़ी संभावनाएं

सिद्धार्थनगर। पूर्वांचल की पहचान से जुड़े काला नमक चावल को अब पारंपरिक भोजन की सीमाओं से आगे ले जाने की कोशिशें दिखाई दे रही हैं। इसी क्रम में काला नमक चावल के आटे से तैयार की गई कुकीज ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी जगह बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया है। नोएडा में आयोजित यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में सिद्धार्थनगर से लगाए गए स्टॉल पर इन उत्पादों को विदेशी प्रतिनिधियों के सामने प्रस्तुत किया गया, जहां जर्मनी और फ्रांस से जुड़े व्यवसायिक प्रतिनिधियों की रुचि सामने आई।
विदेशी बाजार के लिए खुली नई राह
सिद्धार्थनगर के काला नमक चावल से तैयार कुकीज को जर्मनी में निर्यात करने की दिशा में बातचीत आगे बढ़ी है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, जर्मनी और फ्रांस के व्यावसायिक प्रतिनिधियों ने उत्पाद में रुचि दिखाई है। सिद्धार्थनगर की बुंदा डिलाइट्स के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की बात भी सामने आई है। रविवार को दोनों पक्षों के बीच एमओयू की प्रक्रिया प्रस्तावित बताई गई है, जिसमें उद्योग विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहेंगे।
काला नमक से कुकीज तक का सफर
काला नमक चावल को आमतौर पर अपनी विशिष्ट सुगंध और पारंपरिक पहचान के लिए जाना जाता है। अब इसी चावल के आटे से तैयार किए जा रहे बेकरी उत्पाद अंतरराष्ट्रीय व्यापार की संभावनाओं से जुड़ रहे हैं। नोएडा के ट्रेड शो में सिद्धार्थनगर के उत्पादों की प्रस्तुति ने इस दिशा में एक नई संभावना पैदा की है।
छह स्टॉल पर दिख रहे सिद्धार्थनगर के उत्पाद
25 से 29 सितंबर तक नोएडा में आयोजित यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में सिद्धार्थनगर से काला नमक आधारित उत्पादों के छह स्टॉल लगाए गए हैं। यहां काला नमक चावल के आटे से तैयार कुकीज के अलावा ब्रेड, क्रीम रोल और अन्य उत्पाद प्रदर्शित किए गए हैं।
इन स्टॉलों में जिले के उत्पादों के साथ-साथ ओडीओपी (एक जनपद एक उत्पाद) और ओडीओसी (एक जनपद एक व्यंजन) से संबंधित उत्पादों को भी स्थान दिया गया है। निर्यात, नवाचार और स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में इसे महत्वपूर्ण मंच के रूप में देखा जा रहा है।
क्या खास है काला नमक कुकीज में?
काला नमक चावल के आटे से तैयार उत्पाद
पारंपरिक कृषि उत्पाद का आधुनिक खाद्य उत्पाद के रूप में इस्तेमाल
अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के सामने सीधी प्रस्तुति
जर्मनी में निर्यात की संभावित संभावना
ब्रेड, क्रीम रोल समेत अन्य उत्पाद भी प्रदर्शित
ट्रेड शो में विदेशी प्रतिनिधियों से बातचीत
ट्रेड शो में विदेशी कंपनियों के प्रतिनिधियों को काला नमक चावल के आटे से तैयार कुकीज की विशेषताओं और संभावित बाजार के बारे में जानकारी दी गई। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, काला नमक उत्पादों को लेकर विदेश से आए प्रतिनिधियों के साथ व्यापारिक बातचीत चल रही है।
उद्योग विभाग की ओर से बताया गया है कि काला नमक चावल के आटे से बनी कुकीज के निर्यात को लेकर दो देशों के साथ बातचीत अंतिम चरण में है। इससे स्थानीय स्तर पर तैयार उत्पादों के लिए विदेशी बाजार तलाशने की संभावना बढ़ी है।
पहले भी बन चुकी है निर्यात की जमीन
काला नमक चावल से बने उत्पादों के निर्यात को लेकर पहले भी व्यापारिक समझौते किए जा चुके हैं। वर्ष 2025 के ट्रेड शो के दौरान आठ देशों के व्यवसायियों के साथ काला नमक चावल के आटे से बने उत्पादों के निर्यात को लेकर एमओयू होने की जानकारी दी गई थी। इसके बाद इन उत्पादों के विदेशी बाजार में पहुंचने का रास्ता आगे बढ़ा।
इसी क्रम को आगे बढ़ाते हुए इस बार कुकीज जैसे वैल्यू-एडेड उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के सामने रखा गया है।
सारांश
काला नमक चावल अब सिर्फ चावल तक सीमित नहीं रह गया है। इससे तैयार किए जा रहे आधुनिक खाद्य उत्पाद सिद्धार्थनगर की स्थानीय पहचान को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। नोएडा ट्रेड शो में विदेशी प्रतिनिधियों की रुचि और जर्मनी में कुकीज के संभावित निर्यात को लेकर चल रही बातचीत इसी दिशा में एक नया कदम है।
सिद्धार्थनगर के काला नमक चावल के आटे से बनी कुकीज को अंतरराष्ट्रीय बाजार में जगह मिलने की संभावना बढ़ी है। नोएडा के यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में विदेशी प्रतिनिधियों ने उत्पाद में रुचि दिखाई।

जिला बदर आदेश की तामील के लिए बांसी पुलिस पहुंची घर, ताला बंद मिला

मकान पर चस्पा किया गया आदेश, मुनादी कर स्थानीय लोगों को दी गई जानकारी; पुलिस ने निगरानी बढ़ाई

सिद्धार्थनगर। जिलाधिकारी सिद्धार्थनगर द्वारा जारी जिला बदर आदेश के अनुपालन में कोतवाली बांसी पुलिस ने रविवार को संबंधित व्यक्ति के निवास स्थान पर पहुंचकर तलाश एवं सत्यापन की कार्रवाई की। पुलिस के अनुसार मौके पर संबंधित व्यक्ति घर पर मौजूद नहीं मिला और मकान पर ताला लगा हुआ था। इसके बाद पुलिस टीम ने नियमानुसार जिला बदर आदेश की प्रति मकान के सहज दृश्य एवं प्रमुख स्थान पर चस्पा की तथा आसपास मुनादी कराकर स्थानीय लोगों को आदेश की जानकारी दी।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन के निर्देश पर अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी नियंत्रण तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से जिले में जिला बदर आदेशों के अनुपालन का अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में 27 सितंबर 2026 को कोतवाली बांसी पुलिस ने अरबाज शाह पुत्र मटू उर्फ मोहम्मद इरशाद, निवासी मोहल्ला ईशानगर, थाना कोतवाली बांसी के संबंध में जिला बदर आदेश की तामील की कार्रवाई की।
मकान पर ताला मिला
पुलिस की ओर से जारी प्रेस नोट के मुताबिक टीम जब संबंधित व्यक्ति के निवास स्थान पर पहुंची तो वह मौके पर मौजूद नहीं मिला। मकान पर ताला बंद पाया गया। ऐसी स्थिति में पुलिस ने जिला बदर आदेश की प्रति मकान के ऐसे प्रमुख और सहज दृश्य स्थान पर चस्पा की, जहां सामान्य रूप से आने-जाने वाले लोगों को आदेश की जानकारी हो सके।
मुनादी कराकर दी गई जानकारी
पुलिस के अनुसार स्थानीय मोहल्ले तथा मकान के आसपास नियमानुसार मुनादी कराई गई। मौजूद लोगों और स्थानीय जनमानस को बताया गया कि संबंधित व्यक्ति को जिलाधिकारी के आदेश के तहत छह माह की अवधि के लिए जनपद सिद्धार्थनगर की सीमा से जिला बदर किया गया है। इस अवधि में जनपद की सीमा में प्रवेश या निवास नहीं करने संबंधी आदेश की जानकारी भी दी गई।
पुलिस की निगरानी जारी
पुलिस ने बताया कि जिला बदर आदेश के प्रभावी अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए संबंधित व्यक्ति की गतिविधियों पर सतर्क दृष्टि रखी जा रही है। यदि जिला बदर अवधि के दौरान उसकी जनपद में उपस्थिति पाई जाती है, तो आदेश के उल्लंघन के संबंध में नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस टीम रही मौजूद
कार्रवाई के दौरान प्रभारी निरीक्षक महेन्द्र प्रताप चतुर्वेदी, उपनिरीक्षक शम्स जावेद खान, उपनिरीक्षक छोटेलाल यादव, आरक्षी मनोज यादव, आरक्षी रितेश सिंह, महिला आरक्षी अंजली यादव और महिला आरक्षी सरिता सहित पुलिस टीम मौजूद रही।
क्या है जिला बदर आदेश?
जिला बदर एक वैधानिक प्रशासनिक कार्रवाई है, जिसके तहत सक्षम प्राधिकारी के आदेश से किसी व्यक्ति को निर्धारित अवधि के लिए संबंधित जिले की सीमा से बाहर रहने का निर्देश दिया जाता है। आदेश की शर्तों का उल्लंघन होने पर संबंधित कानून के तहत आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
सारांश
बांसी पुलिस ने जिला बदर आदेश के अनुपालन में संबंधित व्यक्ति के घर पहुंचकर सत्यापन किया। घर पर ताला मिलने के बाद आदेश की प्रति चस्पा की गई और मुनादी के माध्यम से स्थानीय लोगों को आदेश की जानकारी दी गई। पुलिस ने आदेश के अनुपालन को लेकर निगरानी जारी रखने की बात कही है।
FT News Digital टिप्पणी
जिला बदर आदेश की तामील और उसके अनुपालन की निगरानी कानून-व्यवस्था बनाए रखने की प्रक्रिया का हिस्सा है। इस मामले में पुलिस की ओर से जारी जानकारी के अनुसार संबंधित व्यक्ति मौके पर मौजूद नहीं मिला। इसलिए खबर में उसके विरुद्ध किसी अपराध या आरोप को तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जा रहा है। आगे की स्थिति पुलिस अथवा सक्षम प्रशासनिक प्राधिकारी की आधिकारिक कार्रवाई से स्पष्ट होगी।
कपिलवस्तु को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर उभारने की दिशा में मंथन, इतिहास और विरासत को विकास से जोड़ने पर जोर
विश्व पर्यटन दिवस पर जनपदीय विचार संगोष्ठी में पर्यटन विशेषज्ञों, प्रशासन, होटल कारोबारियों और प्रबुद्धजनों ने साझा किए विचार | ‘सिद्धार्थनगर : इतिहास के पन्नों से वर्तमान तक’ पुस्तक का विमोचन

सिद्धार्थनगर। बुद्ध की धरती और ऐतिहासिक विरासत की पहचान रखने वाले सिद्धार्थनगर में अब सवाल केवल पर्यटन स्थलों की मौजूदगी का नहीं, बल्कि उस विरासत को बेहतर पर्यटन सुविधाओं, स्थानीय रोजगार और वैश्विक पहचान से जोड़ने का है। विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर रविवार, 27 सितंबर 2026 को आयोजित जनपदीय विचार संगोष्ठी में कपिलवस्तु समेत जिले की ऐतिहासिक, धार्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत को पर्यटन की नई संभावनाओं से जोड़ने पर गंभीर मंथन हुआ।

कार्यक्रम में ‘सिद्धार्थनगर : इतिहास के पन्नों से वर्तमान तक’ पुस्तक का विमोचन भी किया गया। पुस्तक को जनपद के इतिहास, विरासत और वर्तमान स्वरूप को एक साथ समझने की दिशा में किए गए प्रयास के रूप में प्रस्तुत किया गया।
विरासत से विकास तक की नई सोच
सिद्धार्थनगर की पहचान सिर्फ एक जिले के रूप में नहीं, बल्कि इतिहास, संस्कृति और बौद्ध विरासत से जुड़े महत्वपूर्ण भूभाग के रूप में भी सामने आती है। ऐसे में विश्व पर्यटन दिवस पर आयोजित संगोष्ठी ने एक अहम सवाल को केंद्र में रखा—क्या जिले की ऐतिहासिक विरासत को आधुनिक पर्यटन सुविधाओं और स्थानीय अर्थव्यवस्था के अवसरों से जोड़कर नई पहचान दी जा सकती है?

इसी सोच के साथ आयोजित कार्यक्रम में प्रशासन, पर्यटन क्षेत्र, होटल कारोबार, पत्रकारिता और प्रबुद्ध वर्ग से जुड़े लोगों ने अपने विचार साझा किए।
मंच पर इतिहास, स्क्रीन पर विरासत और चर्चा में भविष्य
कार्यक्रम का माहौल केवल औपचारिक संगोष्ठी तक सीमित नहीं रहा। मंच पर अतिथियों ने पर्यटन विकास की संभावनाओं पर विचार रखे, वहीं स्क्रीन पर ‘सिद्धार्थनगर : इतिहास के पन्नों से वर्तमान तक’ पुस्तक की झलकियां सामने आईं। पुस्तक के विमोचन के दौरान जनपद के इतिहास और विरासत को दस्तावेज के रूप में सामने लाने के प्रयास पर चर्चा हुई।

वक्ताओं का कहना रहा कि ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण के साथ यदि पर्यटकों के लिए सूचना, आवागमन, ठहरने, मार्गदर्शन और अन्य आवश्यक सुविधाओं का विस्तार किया जाए तो पर्यटन स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों और रोजगार के अवसरों को गति देने का माध्यम बन सकता है।
कपिलवस्तु से आगे पूरे जनपद की पर्यटन क्षमता पर नजर
संगोष्ठी में कपिलवस्तु समेत सिद्धार्थनगर के विभिन्न ऐतिहासिक, धार्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक स्थलों की पर्यटन संभावनाओं पर चर्चा हुई। वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि किसी भी क्षेत्र को पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने के लिए केवल ऐतिहासिक महत्व पर्याप्त नहीं होता, बल्कि उस विरासत तक पर्यटकों की आसान पहुंच और वहां आवश्यक सुविधाओं का होना भी महत्वपूर्ण है।
इसी संदर्भ में होटल और पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों की सहभागिता को भी महत्वपूर्ण माना गया। उन्हें पर्यटकों की अपेक्षाओं, स्थानीय पर्यटन स्थलों की जानकारी तथा पर्यटक सुविधाओं के विस्तार से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर जानकारी दी गई।

‘सिद्धार्थनगर : इतिहास के पन्नों से वर्तमान तक’
कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण पुस्तक का विमोचन रहा।
‘सिद्धार्थनगर : इतिहास के पन्नों से वर्तमान तक’ नामक पुस्तक में जनपद के इतिहास, विरासत और वर्तमान स्वरूप से जुड़े विषयों को समेटने का प्रयास किया गया है।
पुस्तक के लेखक एवं अपर जिलाधिकारी डॉ. ज्ञान प्रकाश ने कहा कि प्रशासन के साथ प्रबुद्ध वर्ग के सहयोग से सिद्धार्थनगर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान को सामने लाने का प्रयास किया गया है।
पुस्तक प्रकाशन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली अलका पांडेय ने बताया कि पुस्तक को 12 अध्यायों में तैयार किया गया है, जिनके माध्यम से सिद्धार्थनगर से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं को समाज के सामने लाने की कोशिश की गई है।
पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था का कनेक्शन
पर्यटन को केवल घूमने-फिरने तक सीमित गतिविधि नहीं माना जाता। किसी क्षेत्र में पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने के साथ होटल, परिवहन, स्थानीय हस्तशिल्प, खानपान, गाइड सेवा और अन्य स्थानीय व्यवसायों के लिए भी अवसर पैदा हो सकते हैं।
संगोष्ठी में इसी व्यापक दृष्टिकोण से पर्यटन विकास पर विचार रखे गए और स्थानीय स्तर पर पर्यटक सुविधाओं को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
विरासत को सिर्फ संरक्षित नहीं, समझाना भी जरूरी
कार्यक्रम में सामने आया एक महत्वपूर्ण विचार यह रहा कि ऐतिहासिक स्थलों की पहचान को नई पीढ़ी और बाहर से आने वाले पर्यटकों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के लिए दस्तावेजीकरण, प्रचार-प्रसार और स्थानीय इतिहास की सरल प्रस्तुति जरूरी है।
इसी कड़ी में पुस्तक को जनपद के इतिहास और विरासत को एक साथ प्रस्तुत करने वाला प्रयास बताया गया।
मंच से उठी एक बड़ी संभावना
सिद्धार्थनगर के पर्यटन विकास की चर्चा में कपिलवस्तु स्वाभाविक रूप से एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में सामने आता है। ऐसे में स्थानीय विरासत को बेहतर सुविधाओं, व्यवस्थित प्रचार और पर्यटन से जुड़े स्थानीय कारोबार के साथ जोड़ने की दिशा में होने वाली चर्चाएं आने वाले समय में महत्वपूर्ण हो सकती हैं।
हालांकि पर्यटन विकास की वास्तविक तस्वीर सुविधाओं के विस्तार, संरक्षण, पहुंच और पर्यटक अनुभव में होने वाले ठोस सुधारों से ही तय होगी।
कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मौर्या मौजूद रहे। इसके अलावा सांसद प्रतिनिधि एसपी अग्रवाल, वरिष्ठ पत्रकार नजीर मलिक, मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार, संतोष श्रीवास्तव, जितेंद्र पांडेय, शुभम श्रीवास्तव और सीमा मिश्रा सहित विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोग मौजूद रहे।
कार्यक्रम में अखंड प्रताप सिंह, दयाशंकर यादव, राम विलास यादव, सुरेंद्र श्रीवास्तव, गोविंद प्रसाद ओझा, राजेश मिश्रा, अभय श्रीवास्तव, प्रभात शुक्ला, राणा प्रताप सिंह, श्रीश श्रीवास्तव, पंकज पासवान, नियाज कपिलवस्तुवी, विजय कृष्ण नारायण सिंह, सलोनी उपाध्याय, अरुणेश विश्वकर्मा, सुधाकर मिश्रा, शिवदत्त अग्रहरी, नीरज श्रीवास्तव, पंकज वर्मा, किरनलता सिंह, धनेश वर्मा तथा पर्यटन विभाग से विश्वजीत सिंह समेत अन्य लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन नितेश पांडेय ने किया।
सारांश
विश्व पर्यटन दिवस पर सिद्धार्थनगर में हुई संगोष्ठी ने जिले की ऐतिहासिक पहचान को पर्यटन विकास से जोड़ने की संभावनाओं को चर्चा के केंद्र में ला दिया। कपिलवस्तु समेत जिले की विरासत को बेहतर पर्यटक सुविधाओं, प्रचार-प्रसार और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने पर विचार हुआ। इसी अवसर पर ‘सिद्धार्थनगर : इतिहास के पन्नों से वर्तमान तक’ पुस्तक का विमोचन हुआ, जिसने जिले के अतीत को दस्तावेजी रूप में सामने रखने की कोशिश को भी रेखांकित किया।
एक नजर में
आयोजन: जनपदीय विचार संगोष्ठी
अवसर: विश्व पर्यटन दिवस
तारीख: रविवार, 27 सितंबर 2026
मुख्य विषय: सिद्धार्थनगर की पर्यटन संभावनाएं और ऐतिहासिक विरासत
विशेष आकर्षण: ‘सिद्धार्थनगर : इतिहास के पन्नों से वर्तमान तक’ पुस्तक का विमोचन
केंद्र में: कपिलवस्तु सहित जिले की ऐतिहासिक, धार्मिक, सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक विरासत
कपिलवस्तु में गूंजा ‘नमो सेवा—अनकही कहानियां’ का मंचन, नाटक के जरिए सामने आई मोदी के 25 साल के सार्वजनिक जीवन की कहानी
सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम में संवाद, अभिनय और संगीत के जरिए प्रस्तुत किए गए प्रसंग

सिद्धार्थनगर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में सेवा, समर्पण और सुशासन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी की ओर से चलाए जा रहे ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत कपिलवस्तु विधानसभा क्षेत्र में शुक्रवार, 25 सितंबर 2026 को ‘नमो सेवा—अनकही कहानियां’ नाट्य मंचन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम नगर पालिका सिद्धार्थनगर स्थित अवैद्यनाथ सभागार में हुआ, जहां मंच पर कलाकारों ने संवाद, अभिनय और संगीत के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन से जुड़े विभिन्न प्रसंगों को प्रस्तुत किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर भाजपा का ‘सेवा संकल्प अभियान’ प्रदेश में अलग-अलग कार्यक्रमों के जरिए आगे बढ़ रहा है। इसी क्रम में कपिलवस्तु विधानसभा में ‘नमो सेवा—अनकही कहानियां’ का मंचन हुआ। मंच पर कलाकारों ने अभिनय और संवाद के माध्यम से मोदी के सार्वजनिक जीवन की विभिन्न अवस्थाओं तथा शासन और जनकल्याण से जुड़े प्रसंगों को नाट्य रूप में प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम की शुरुआत निर्धारित विधि से हुई, जिसके बाद मंचीय प्रस्तुति ने दर्शकों का ध्यान अपनी ओर खींचा। भगवा परिधान में कलाकारों की टीम ने सामूहिक प्रस्तुति, संवाद और संगीत के माध्यम से कार्यक्रम को आगे बढ़ाया। मंच के पीछे लगाए गए बैनर में ‘नमो सेवा—अनकही कहानियां’ कार्यक्रम की थीम और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन से जुड़े संदेश प्रदर्शित किए गए।

नाट्य प्रस्तुति में गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी के कार्यकाल से लेकर प्रधानमंत्री के रूप में उनकी भूमिका तक के अलग-अलग प्रसंगों को मंचित किया गया। इसके साथ ही विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और शासन से जुड़े विषयों को भी नाट्य रूपांतरण के जरिए दर्शकों के सामने रखा गया।
भाजपा की ओर से आयोजित यह कार्यक्रम उस व्यापक ‘सेवा संकल्प अभियान’ का हिस्सा है, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर चलाया जा रहा है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, अभियान के अंतर्गत ‘नमो सेवा—अनकही कहानियां’ जैसे कार्यक्रमों को विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों तक पहुंचाने की योजना बनाई गई है।
कार्यक्रम में क्या रहा खास
‘नमो सेवा—अनकही कहानियां’ का नाट्य मंचन
संवाद, अभिनय और संगीत के जरिए प्रस्तुति
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन से जुड़े प्रसंगों का मंचन
जनकल्याणकारी योजनाओं और शासन से जुड़े विषयों की प्रस्तुति
भाजपा पदाधिकारी और कार्यकर्ता रहे मौजूद
अभियान का संदर्भ
भाजपा द्वारा चलाया जा रहा ‘सेवा संकल्प अभियान’ 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक चलाए जाने की जानकारी विभिन्न रिपोर्टों में दी गई है। अभियान के तहत ‘नमो सेवा’ सहित कई कार्यक्रमों के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन और सेवा से जुड़े प्रसंगों को लोगों तक पहुंचाने की योजना बताई गई है।
कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा मंडल अध्यक्ष सतीश रस्तोगी ने की। मुख्य अतिथि के रूप में दीपक मौर्य मौजूद रहे। कार्यक्रम के आयोजन में सदर विधायक श्याम धनी राही की भूमिका रही।
इस अवसर पर फतेह बहादुर सिंह, पवन मिश्रा, फूल चंद जायसवाल, आशीष शुक्ला, प्रभात तिवारी, विजय कांत चतुर्वेदी, एसपी अग्रवाल, श्याम सुंदर मित्तल, मनोज लोधी, अरविन्द पाण्डेय, उमेश साहू, राजाराम लोधी, संदीप जायसवाल, अजय शर्मा सहित भाजपा के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
सारांश
कपिलवस्तु विधानसभा में आयोजित ‘नमो सेवा—अनकही कहानियां’ केवल एक सामान्य सांस्कृतिक प्रस्तुति नहीं रही, बल्कि भाजपा के ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन से जुड़े प्रसंगों को नाट्य माध्यम से प्रस्तुत करने वाला कार्यक्रम रहा। मंच पर अभिनय और संवाद के जरिए राजनीतिक जीवन, सेवा और शासन से जुड़े प्रसंगों को दर्शकों के सामने रखा गया।
टिप्पणी
कार्यक्रम की खास बात यह रही कि प्रधानमंत्री के सार्वजनिक जीवन से जुड़े राजनीतिक और सामाजिक प्रसंगों को भाषण के बजाय नाट्य और सांस्कृतिक प्रस्तुति के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। इससे कार्यक्रम को एक अलग मंचीय स्वरूप मिला। उपलब्ध तस्वीरों में मंच पर कलाकारों की सामूहिक प्रस्तुति और सभागार में उपस्थित दर्शक भी दिखाई दे रहे हैं।
ग्राम पंचायतों की समस्याओं को लेकर प्रधान संगठन ने सौंपा ज्ञापन, पांच प्रमुख मांगों पर शासन से कार्रवाई की मांग
सिद्धार्थनगर। ग्राम पंचायतों के विकास कार्यों और ग्राम प्रधानों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर ग्राम प्रधान संगठन की ओर से 24 सितंबर 2026 को विकास भवन परिसर में ज्ञापन सौंपा गया। संगठन ने ज्ञापन के माध्यम से ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के संचालन, लंबित भुगतान, मनरेगा की धनराशि, ग्राम पंचायत स्तर पर विकास कार्यों की स्वीकृति तथा पंचायत राहत कोष से जुड़े मुद्दों को शासन के समक्ष रखा।

संगठन की ओर से यह ज्ञापन मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार के नाम मुख्य विकास अधिकारी, जनपद सिद्धार्थनगर के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। ज्ञापन में ग्राम प्रधानों की ओर से वर्तमान समय में सामने आ रही व्यावहारिक कठिनाइयों का उल्लेख करते हुए संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने का अनुरोध किया गया है।
पांच मांगों के जरिए उठाए पंचायत व्यवस्था से जुड़े मुद्दे
ज्ञापन में ग्राम पंचायतों को मिलने वाली केंद्रीय वित्त की लंबित धनराशि शीघ्र जारी कराने, मनरेगा के तहत कराए गए विकास कार्यों की लंबित धनराशि और सामग्री मद सहित अन्य बकाया भुगतान कराने की मांग प्रमुखता से रखी गई। साथ ही स्थानीय आवश्यकताओं और जनहित को ध्यान में रखते हुए विकास कार्यों की स्वीकृति ग्राम पंचायत स्तर से सुनिश्चित किए जाने की मांग की गई।
मानदेय और पंचायत राहत कोष का भी मुद्दा
संगठन ने मांग की कि जिस प्रकार ग्राम प्रधानों को उनके दायित्वों एवं कार्यों के लिए मानदेय दिया जाता है, उसी प्रकार ग्राम पंचायतों में नियुक्त प्रशासनिक कर्मियों को भी उनके कार्यकाल के दौरान उचित मानदेय प्रदान किया जाए।

ज्ञापन में पंचायत राहत कोष को पुनः शुरू/गठित किए जाने की मांग भी की गई है। संगठन का कहना है कि इससे किसी प्रशासक की मृत्यु होने की स्थिति में उनके वारिस को पूर्व की भांति राहत अनुदान उपलब्ध कराया जा सकेगा।
| ज्ञापन में रखी गई पांच प्रमुख मांगें
1. केंद्रीय वित्त की लंबित धनराशि:
ग्राम पंचायतों को प्राप्त होने वाली केंद्रीय वित्त की लंबित धनराशि शीघ्र जारी कराई जाए, जिससे ग्राम पंचायतों में आवश्यक विकास एवं जनहित के कार्य सुचारु रूप से कराए जा सकें।
2. मनरेगा का बकाया भुगतान:
ग्राम पंचायतों में मनरेगा के अंतर्गत कराए गए विकास कार्यों की लंबित धनराशि, सामग्री मद सहित अन्य बकाया भुगतान शीघ्र कराया जाए, ताकि विकास कार्य प्रभावित न हों।
3. ग्राम पंचायत स्तर पर स्वीकृति:
स्थानीय आवश्यकताओं एवं जनहित को ध्यान में रखते हुए विकास कार्यों की स्वीकृति की व्यवस्था ग्राम पंचायत स्तर से ही सुनिश्चित किए जाने की मांग की गई।
4. प्रशासनिक कर्मियों के मानदेय का मुद्दा:
ग्राम प्रधानों को उनके दायित्वों एवं कार्यों के लिए जिस प्रकार मानदेय प्रदान किया जाता है, उसी प्रकार ग्राम पंचायतों में नियुक्त प्रशासनिक कर्मियों को भी कार्यकाल के दौरान उचित मानदेय दिए जाने की मांग रखी गई।
5. पंचायत राहत कोष:
पंचायत राहत कोष को पुनः गठित किए जाने की मांग की गई, ताकि किसी प्रशासक की मृत्यु होने की स्थिति में उनके वारिस को पूर्व की भांति राहत अनुदान प्राप्त हो सके।
मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की अपील
ज्ञापन के अंत में मुख्यमंत्री से ग्राम प्रधानों एवं ग्राम पंचायतों की उपरोक्त समस्याओं की गंभीरता को देखते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान करने का अनुरोध किया गया है।
मौके पर मौजूद रहे पदाधिकारी व प्रतिनिधि
ज्ञापन सौंपे जाने के दौरान प्रदेश अध्यक्ष ललित शर्मा, जिला अध्यक्ष डॉ. पवन मिश्र, ताकिब रिजवी, गंगा मिश्र, नीरज सिंह, पारस यादव, प्रदीप चौरसिया और दिनेश धर सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। विकास भवन परिसर में बड़ी संख्या में प्रधान संगठन से जुड़े लोगों की मौजूदगी रही।
सारांश
ग्राम प्रधान संगठन द्वारा दिए गए ज्ञापन में पंचायतों के सामने बताए गए वित्तीय और प्रशासनिक मुद्दों को पांच बिंदुओं में सामने रखा गया है। अब इन मांगों पर शासन एवं संबंधित विभागों की ओर से क्या कार्रवाई होती है, यह आगे देखने वाली बात होगी।
FT News Digital | सिद्धार्थनगर
जनहित से जुड़े मुद्दों पर तथ्य आधारित और संतुलित खबरों के लिए जुड़े रहिए।
उद्योग-व्यापार संगठन में कंचन वर्मा को मिली नई जिम्मेदारी

बर्डपुर व्यापार इकाई की बैठक में सर्वसम्मति से संगठन मंत्री घोषित, व्यापारियों की समस्याओं को मजबूती से उठाने का संकल्प
सिद्धार्थनगर/बर्डपुर। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार संगठन की जिला इकाई की बैठक में संगठन के विस्तार और व्यापारियों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। बैठक के दौरान बर्डपुर व्यापार इकाई के व्यवसायी कंचन वर्मा को सर्वसम्मति से संगठन मंत्री की जिम्मेदारी दिए जाने की जानकारी सामने आई। नई जिम्मेदारी मिलने के बाद कंचन वर्मा ने संगठन के प्रति निष्ठापूर्वक कार्य करने और व्यापारियों की समस्याओं को उचित मंच तक पहुंचाने की बात कही।
शुक्रवार देर शाम मुख्यालय स्थित जिला कार्यालय पर आयोजित बैठक में संगठनात्मक विस्तार को लेकर पदाधिकारियों और सदस्यों ने विचार-विमर्श किया। चर्चा के बाद बर्डपुर इकाई में कंचन वर्मा को संगठन मंत्री की जिम्मेदारी सौंपे जाने की घोषणा की गई। इस मौके पर संगठन से जुड़े पदाधिकारियों ने नई जिम्मेदारी के लिए उन्हें शुभकामनाएं दीं।
बैठक की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष अजय कसौधन ने की। बैठक में संगठन को स्थानीय स्तर पर और सक्रिय बनाने तथा व्यापारियों से जुड़े विषयों को प्रभावी तरीके से उठाने पर चर्चा हुई। सर्वसम्मति से लिए गए निर्णय के बाद कंचन वर्मा को जिला इकाई का संगठन मंत्री घोषित किया गया।
जिम्मेदारी मिलने के बाद कंचन वर्मा ने कहा कि संगठन ने उन्हें जो दायित्व सौंपा है, उसका निर्वहन पूरी निष्ठा के साथ करने का प्रयास रहेगा। उन्होंने व्यापारियों की समस्याओं और सुझावों को संगठन के माध्यम से संबंधित स्तर तक पहुंचाने की बात कही।
संगठन में नई जिम्मेदारी
कंचन वर्मा — संगठन मंत्री
बर्डपुर व्यापार इकाई से जुड़े कंचन वर्मा को जिला इकाई में संगठन मंत्री की जिम्मेदारी दी गई है। बैठक में मौजूद पदाधिकारियों एवं सदस्यों की सहमति के बाद यह निर्णय सामने आया।
बैठक में ये मुद्दे रहे प्रमुख
संगठन के विस्तार पर चर्चा
व्यापारियों से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श
स्थानीय इकाइयों को सक्रिय करने पर जोर
संगठन को मजबूत बनाने का संकल्प
नई जिम्मेदारी के लिए कंचन वर्मा के नाम की घोषणा
संगठन की ओर से क्या कहा गया?
बैठक में संगठन के पदाधिकारियों ने व्यापारियों से जुड़े विषयों को संगठित तरीके से सामने रखने और संगठनात्मक गतिविधियों को मजबूत करने पर जोर दिया। कंचन वर्मा की नई जिम्मेदारी को इसी क्रम में देखा जा रहा है।
सारांश
बर्डपुर में उद्योग व्यापार संगठन की बैठक के दौरान संगठनात्मक विस्तार को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। बैठक में कंचन वर्मा को सर्वसम्मति से संगठन मंत्री की जिम्मेदारी दी गई। उन्होंने संगठन के प्रति प्रतिबद्धता जताते हुए व्यापारियों की समस्याओं को उचित मंच तक पहुंचाने की बात कही।
टिप्पणी
किसी भी संगठन की मजबूती उसकी सक्रिय स्थानीय इकाइयों और सदस्यों की भागीदारी से तय होती है। बर्डपुर इकाई में नई जिम्मेदारी दिए जाने के बाद अब संगठनात्मक गतिविधियों को किस तरह गति मिलती है, यह आगे की कार्यप्रणाली से स्पष्ट होगा।
उपस्थित रहे: संरक्षक अखंड प्रताप सिंह, जिला प्रभारी राणा प्रताप सिंह, जिला अध्यक्ष अजय कसौधन, महामंत्री भीम चंद कसौधन, संरक्षक बैजनाथ कसौधन, जितेंद्र सिंह, उपाध्यक्ष आनंद अग्रहरी, राम स्वरूप अग्रहरी, रणजीत कसौधन, शिवदत्त अग्रहरी, नीरज श्रीवास्तव सहित अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य।
बारिश ने बिगाड़ी बिजली व्यवस्था, आठ फीडरों की आपूर्ति प्रभावित
पेड़ और बिजली के पोल गिरने से मुख्य लाइनें क्षतिग्रस्त, करीब 800 गांवों में संकट; कई इलाकों में 24 से 36 घंटे तक बिजली बाधित
सिद्धार्थनगर। लगातार बारिश और तेज हवाओं के बीच जिले के कई हिस्सों में बिजली आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित हुई है। जगह-जगह पेड़ गिरने और विद्युत पोल क्षतिग्रस्त होने से मुख्य लाइनों में व्यवधान आया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार आठ फीडरों से जुड़े करीब 800 गांवों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई है, जबकि कुछ इलाकों में 36 घंटे तक आपूर्ति बाधित रहने की बात सामने आई है। विद्युत विभाग की टीमें क्षतिग्रस्त लाइनों और पोल को दुरुस्त कर आपूर्ति बहाल करने में जुटी हैं।
लगातार बारिश ने जिले के ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति को प्रभावित कर दिया। कई स्थानों पर पेड़ गिरने से बिजली की लाइनें क्षतिग्रस्त हुईं, जबकि कुछ जगह पोल टूट गए। इससे कई फीडरों से जुड़े गांवों में अंधेरा छाया रहा। बारिश जारी रहने के कारण मरम्मत कार्य में भी कर्मचारियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
के दौरान बिजली आपूर्ति बाधित होने का असर घरों से लेकर दुकानों और अन्य जरूरी गतिविधियों पर पड़ा। बिजली न रहने से इन्वर्टर और मोबाइल चार्जिंग जैसी सुविधाएं भी प्रभावित हुईं। ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे समय तक बिजली नहीं आने से लोगों की परेशानी और बढ़ गई।
क्या सामने आया
जानकारी के मुताबिक जिले के विभिन्न हिस्सों में बिजली के पोल और लाइनें क्षतिग्रस्त हुई हैं। आठ फीडरों पर आपूर्ति प्रभावित होने की सूचना है। करीब 350 से अधिक विद्युत पोल क्षतिग्रस्त होने का अनुमान है, जबकि लगभग 800 गांवों में बिजली व्यवस्था प्रभावित होने की बात सामने आई है। कुछ क्षेत्रों में पिछले 24 से 36 घंटे तक आपूर्ति बाधित रहने की जानकारी भी सामने आई।
बांसी क्षेत्र के कुछ फीडरों के साथ ढेबरुआ, बोहली और बढ़नी क्षेत्र से जुड़ी विद्युत आपूर्ति भी प्रभावित बताई गई। कई स्थानों पर मुख्य लाइनों पर पेड़ गिरने से फाल्ट की स्थिति बनी।
उपभोक्ताओं की बढ़ी परेशानी
लंबे समय तक बिजली आपूर्ति बाधित रहने से ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा। घरों में इन्वर्टर की बैटरी खत्म होने के बाद मोबाइल और अन्य जरूरी उपकरण चार्ज करने में दिक्कत आई। बारिश और अंधेरे के कारण रात के समय परेशानी और बढ़ गई।
मरम्मत कार्य में मौसम बना चुनौती
विद्युत विभाग के अधिकारियों के अनुसार बारिश और तेज हवा के बीच क्षतिग्रस्त लाइनों की मरम्मत करना आसान नहीं है। जहां केवल तारों की मरम्मत संभव है, वहां कर्मचारी काम कर रहे हैं, लेकिन जिन स्थानों पर विद्युत पोल टूट गए हैं, वहां नए पोल लगाने में समय लग रहा है। विभागीय टीमें प्रभावित क्षेत्रों में काम कर रही हैं।
बारिश थमने के बाद विद्युत बहाली के काम में तेजी आने की उम्मीद है। विभाग की ओर से फाल्ट वाले स्थानों को चिन्हित कर चरणबद्ध तरीके से आपूर्ति बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है। जिन क्षेत्रों में पोल और मुख्य लाइनें ज्यादा क्षतिग्रस्त हैं, वहां बहाली में अपेक्षाकृत अधिक समय लग सकता है।
सड़क मार्गों पर भी असर
तेज हवा और बारिश के कारण कई स्थानों पर सड़क पर पेड़ गिरने से आवागमन प्रभावित होने की भी जानकारी सामने आई है। पुलिस और वन विभाग की टीमों ने कुछ स्थानों पर पेड़ हटाकर रास्ता साफ कराया।
सारांश
सिद्धार्थनगर में लगातार बारिश के कारण विद्युत व्यवस्था प्रभावित हुई है। आठ फीडरों से जुड़े क्षेत्रों में आपूर्ति बाधित होने की सूचना है। 350 से अधिक पोल क्षतिग्रस्त होने और करीब 800 गांवों में बिजली संकट की जानकारी सामने आई है। विभागीय कर्मचारी मरम्मत कार्य में लगे हैं, लेकिन लगातार बारिश के कारण बहाली की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।
FT News Digital की सावधानी: जहां आंकड़े अनुमान या विभागीय जानकारी पर आधारित हैं, उन्हें उसी रूप में रखा गया है। किसी व्यक्ति या विभाग पर लापरवाही का आरोप नहीं लगाया गया है। अंतिम अपडेट के लिए संबंधित विद्युत विभाग की आधिकारिक सूचना को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
बढ़नी बॉर्डर पर 11 लाख रुपये की नकदी के साथ चार नेपाली नागरिक पकड़े गए
बिल्कुल। उपलब्ध अखबारी कटिंग की जानकारी को ज्यों-का-त्यों कॉपी किए बिना, अलग शब्दों और डिजिटल न्यूज़-पोर्टल शैली में तैयार किया गया है। आरोप/दावे को संबंधित सुर
मुंबई से कपिलवस्तु लौट रहा था परिवार, एसएसबी की जांच में नकदी मिलने का दावा
सिद्धार्थनगर। भारत-नेपाल सीमा के बढ़नी चेकपोस्ट पर नियमित जांच के दौरान सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) ने एक नेपाली नागरिक और उसके परिवार के सदस्यों के पास से करीब 11 लाख रुपये की भारतीय मुद्रा बरामद किए जाने की जानकारी दी है। प्रारंभिक पूछताछ के बाद एसएसबी ने नकदी और पकड़े गए लोगों को आगे की जांच के लिए सीमा शुल्क विभाग के सुपुर्द किए जाने की बात कही है।
क्या है मामला?
बढ़नी भारत-नेपाल सीमा पर नियमित जांच के दौरान कार्रवाई।
एसएसबी के अनुसार करीब 11 लाख रुपये की भारतीय नकदी मिली।
परिवार के चार सदस्यों को जांच के लिए रोका गया।
सभी को आगे की कार्रवाई के लिए सीमा शुल्क विभाग को सौंपे जाने की जानकारी।
परिवार मुंबई से नेपाल के कपिलवस्तु लौट रहा था।
बढ़नी सीमा पर नियमित चेकिंग के दौरान एसएसबी की टीम ने एक नेपाली नागरिक और उसके परिवार के सदस्यों को जांच के लिए रोका। तलाशी के दौरान उनके पास से बड़ी मात्रा में भारतीय मुद्रा मिलने की जानकारी सामने आई। एसएसबी के मुताबिक बरामद नकदी की रकम करीब 11 लाख रुपये है। मामले को आगे की जांच के लिए सीमा शुल्क विभाग को सौंपा गया है।
सारांश
भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा के बढ़नी चेकपोस्ट पर शुक्रवार रात नियमित जांच अभियान के दौरान एसएसबी ने एक नेपाली नागरिक और उसके परिवार के सदस्यों को जांच के लिए रोका। एसएसबी के अनुसार तलाशी में करीब 11 लाख रुपये की भारतीय मुद्रा मिली। पूछताछ के बाद नकदी और संबंधित लोगों को कस्टम विभाग के सुपुर्द कर दिया गया।
टिप्पणी
सीमा क्षेत्र में बड़ी मात्रा में नकदी की आवाजाही को लेकर सुरक्षा एजेंसियां नियमित रूप से जांच करती हैं। इस मामले में बरामद धनराशि के संबंध में वास्तविक स्रोत, उद्देश्य और वैधता से जुड़े तथ्यों की जांच संबंधित विभाग द्वारा की जानी है। इसलिए अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
बढ़नी बॉर्डर से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आई है। भारत-नेपाल सीमा पर नियमित जांच के दौरान एसएसबी ने एक नेपाली नागरिक और उसके परिवार के सदस्यों के पास से करीब 11 लाख रुपये की भारतीय नकदी मिलने की जानकारी दी है। परिवार मुंबई से कपिलवस्तु की ओर जा रहा था। एसएसबी ने प्रारंभिक पूछताछ के बाद मामले को आगे की जांच के लिए सीमा शुल्क विभाग को सौंप दिया है।
जानकारी के मुताबिक 50वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल, बलरामपुर की बढ़नी इकाई के जवान भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय चेकपोस्ट पर नियमित तलाशी अभियान चला रहे थे। इसी दौरान नेपाल के कपिलवस्तु जिले के बहादुरगंज निवासी अब्दुल वाहिद, उम्र करीब 50 वर्ष, अपने परिवार के साथ नेपाल जाने के लिए सीमा पर पहुंचे।
एसएसबी के अनुसार जांच के दौरान परिवार के सामान की तलाशी ली गई। इसी दौरान करीब 11 लाख रुपये की भारतीय मुद्रा बरामद होने की बात सामने आई। इसके बाद संबंधित लोगों से प्रारंभिक पूछताछ की गई।
एसएसबी की ओर से उपलब्ध जानकारी के अनुसार बरामद नकदी और परिवार के चार सदस्यों को आगे की जांच एवं आवश्यक कार्रवाई के लिए सीमा शुल्क विभाग, बढ़नी के सुपुर्द कर दिया गया है।
अब मामले में संबंधित विभाग द्वारा नकदी के स्रोत, उसके उपयोग और सीमा पार ले जाने से जुड़े नियमों के संबंध में जांच की जाएगी। आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर होगी।
सिद्धार्थनगर में बारिश का असर: राप्ती-बूढ़ी राप्ती समेत नदियों के जलस्तर पर प्रशासन की पैनी नजर डीएम-एसपी ने बांसी और ककरही पहुंचकर लिया जायजा, सिंचाई विभाग को बंधों की लगातार निगरानी के निर्देश
सिद्धार्थनगर में बारिश का असर: राप्ती-बूढ़ी राप्ती समेत नदियों के जलस्तर पर प्रशासन की पैनी नजर
डीएम-एसपी ने बांसी और ककरही पहुंचकर लिया जायजा, सिंचाई विभाग को बंधों की लगातार निगरानी के निर्देश
सिद्धार्थनगर, 26 सितंबर 2026। जिले में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच प्रशासन ने नदियों और तटबंधों की निगरानी तेज कर दी है। जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन और पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन ने शनिवार को राप्ती नदी के बांसी क्षेत्र और बूढ़ी राप्ती नदी के ककरही क्षेत्र का मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। अधिकारियों ने नदी के बढ़ते जलस्तर और तटबंधों की स्थिति का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को लगातार निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए।
लीड | जलस्तर बढ़ा, प्रशासन अलर्ट
लगातार बारिश के कारण सिद्धार्थनगर से होकर गुजरने वाली नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। ड्रेनेज खंड सिद्धार्थनगर की 26 सितंबर शाम 4 बजे की दैनिक बाढ़ रिपोर्ट के मुताबिक कई स्थानों पर जलस्तर खतरे के स्तर से नीचे है, लेकिन कूड़ा नदी के आलमनगर गेज पर जलस्तर 87.20 मीटर दर्ज किया गया, जो निर्धारित खतरे के स्तर 87.20 मीटर के बराबर है। वहीं बूढ़ी राप्ती के ककरही गेज पर जलस्तर 85.60 मीटर दर्ज हुआ, जो खतरे के स्तर 85.65 मीटर से महज 5 सेंटीमीटर नीचे है।
ऐसे में प्रशासन ने निगरानी और सतर्कता बढ़ा दी है।
मौके पर पहुंचे डीएम और एसपी
भारी बारिश के बीच जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन और पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन ने नदी तटों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद संबंधित विभागीय अधिकारियों से जलस्तर और तटबंधों की स्थिति की जानकारी ली।
जिलाधिकारी ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि बंधों की लगातार निगरानी की जाए और किसी भी संभावित समस्या की सूचना तत्काल उच्चाधिकारियों को दी जाए।
प्रशासन की ओर से कहा गया है कि बारिश और नदियों के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकें।
डीएम की लोगों से अपील
जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने जिले के लोगों से सावधानी बरतने की अपील करते हुए कहा कि आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलें। नदी, तटबंध और जलभराव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से जाने से बचें।
उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। किसी भी प्रकार की समस्या सामने आने पर तत्काल प्रशासन को सूचना देने की अपील की गई है।
| 26 सितंबर शाम 4 बजे की प्रमुख स्थिति
बांसी राप्ती: 82.91 मीटर — खतरे के स्तर से 1.99 मीटर नीचे
ककरही बूढ़ी राप्ती: 85.60 मीटर — खतरे के स्तर से सिर्फ 0.05 मीटर नीचे
परसौहन बूढ़ी राप्ती: 93.99 मीटर — खतरे के स्तर से 1.56 मीटर नीचे
मुंडेरवा बूढ़ी राप्ती: 89.48 मीटर — खतरे के स्तर से 1.31 मीटर नीचे
कूड़ा नदी आलमनगर: 87.20 मीटर — खतरे के स्तर के बराबर
उसका कूड़ा नदी: 81.40 मीटर — खतरे के स्तर से 2.12 मीटर नीचे
घोंघी लोटन: 84.50 मीटर — खतरे के स्तर से 2.50 मीटर नीचे
तेलार नाला: 86.80 मीटर — खतरे के स्तर से 0.70 मीटर नीचे
जमुआर नाला: 81.25 मीटर — खतरे के स्तर से 3.64 मीटर नीच
बारिश के बीच नदी किनारे पहुंचे डीएम-एसपी, जलस्तर और तटबंधों की स्थिति का लिया जायजा। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और जरूरत होने पर ही घर से निकलने की अपील की।
खतरे के स्तर तक पहुंचा कूड़ा नदी का जलस्तर और ककरही में खतरे के निशान से महज 5 सेंटीमीटर नीचे पानी होने के कारण प्रशासन की निगरानी अहम हो गई है। हालांकि, सभी गेजों की स्थिति एक जैसी नहीं है और कई स्थानों पर जलस्तर खतरे के स्तर से नीचे दर्ज किया गया है।
बारिश के बीच मनरेगा कार्यों की ऑनलाइन हाजिरी पर सवाल, बर्डपुर में जमीनी सत्यापन की मांग
सिद्धार्थनगर। जिले में लगातार खराब मौसम और बारिश के बीच विकासखंड बर्डपुर की कुछ ग्राम पंचायतों में मनरेगा कार्यों की ऑनलाइन उपस्थिति को लेकर सवाल उठे हैं। 25 सितंबर 2026 के उपलब्ध NMMS रिकॉर्ड में कई कार्यस्थलों पर बड़ी संख्या में श्रमिकों की उपस्थिति दर्ज दिखाई दे रही है। वहीं प्राप्त जानकारी में कुछ स्थानों पर मौके पर श्रमिक नहीं मिलने का दावा किया गया है।
ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि ऑनलाइन दर्ज उपस्थिति और कार्यस्थल की वास्तविक स्थिति क्या एक जैसी है? इसकी पुष्टि के लिए संबंधित कार्यस्थलों का भौतिक निरीक्षण और सरकारी अभिलेखों का मिलान जरूरी है।
चार ग्राम पंचायतों के रिकॉर्ड पर सवाल
1. बजहा ग्राम पंचायत
उपलब्ध ऑनलाइन रिकॉर्ड में “जरबी पुल से विजय के खेत तक नाला खुदाई कार्य” दर्ज है। रिकॉर्ड में 69 श्रमिकों की उपस्थिति दिखाई गई है।
प्राप्त जानकारी में मौके पर श्रमिक नहीं मिलने का दावा किया गया है। हालांकि, इसकी वास्तविक पुष्टि संबंधित अधिकारियों के स्थलीय निरीक्षण से ही हो सकेगी।
2. बरगढ़ी ग्राम पंचायत
यहां रिकॉर्ड में “कैलाश के खेत से विजय के खेत तक चकरोड पर मिट्टी पटाई कार्य” दर्ज है।
उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार 79 श्रमिकों की उपस्थिति दर्ज दिखाई देती है। ऐसे में ऑनलाइन उपस्थिति और मौके पर वास्तविक श्रमिकों की मौजूदगी का मिलान किए जाने की आवश्यकता है।
3. बर्डपुर नंबर-10
रिकॉर्ड में “पुलिया से नोखनिया पोखर तक नाला खुदाई कार्य” दर्ज है।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार यहां 76 श्रमिकों की उपस्थिति दर्ज है। मौके पर श्रमिकों की मौजूदगी को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।
4. बर्डपुर नंबर-7
यहां “पंचम के खेत से बगीचे तक नाला खुदाई कार्य” दर्ज है।
रिकॉर्ड में 59 श्रमिकों की उपस्थिति दिखाई गई है। वहीं प्राप्त जानकारी में मौके पर श्रमिक नहीं मिलने का दावा किया गया है।
🌧️ खराब मौसम के बीच दर्ज हुई हाजिरी
मौसम को लेकर भी तस्वीर महत्वपूर्ण है। भारत मौसम विज्ञान विभाग की 25 सितंबर 2026 की चेतावनी में पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए 25 और 26 सितंबर को अत्यधिक भारी बारिश के साथ मेघगर्जन, आकाशीय बिजली और तेज हवाओं जैसी स्थितियों की चेतावनी दर्ज थी। �
Mausam
इसी दौरान बर्डपुर क्षेत्र के इन मनरेगा कार्यों में ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज दिखाई दे रही है।
यहीं से सवाल उठता है—
क्या उस समय श्रमिक वास्तव में कार्यस्थल पर मौजूद थे?
क्या निर्धारित कार्य मौके पर हो रहा था?
और—
क्या ऑनलाइन दर्ज उपस्थिति का भौतिक सत्यापन किया गया है?
इन सवालों का जवाब रिकॉर्ड और स्थलीय जांच से ही सामने आएगा।
🔎 सिर्फ ऑनलाइन रिकॉर्ड से निष्कर्ष नहीं
यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि ऑनलाइन उपस्थिति दिखाई देना अपने आप में अनियमितता का प्रमाण नहीं है।
केंद्र सरकार के आधिकारिक MGNREGA पोर्टल पर NMMS के माध्यम से कार्यस्थल की दैनिक उपस्थिति दर्ज किए जाने की व्यवस्था उपलब्ध है। �
NREGA
इसलिए इस मामले में वास्तविक स्थिति जानने के लिए—
NMMS की 25 सितंबर की उपस्थिति,
मस्टर रोल,
संबंधित जॉब कार्ड,
कार्यस्थल का भौतिक निरीक्षण,
कार्य की वास्तविक प्रगति,
माप पुस्तिका और अन्य संबंधित अभिलेख
का मिलान किया जाना महत्वपूर्ण होगा।
❓ प्रशासन के सामने बड़ा सवाल
क्या बर्डपुर की संबंधित ग्राम पंचायतों में दर्ज ऑनलाइन हाजिरी का मौके पर सत्यापन किया गया है?
यदि जांच में रिकॉर्ड और मौके की स्थिति में अंतर सामने आता है, तो संबंधित नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई का प्रश्न उठेगा।
लेकिन जब तक जांच पूरी नहीं होती, किसी व्यक्ति, ग्राम पंचायत या अधिकारी पर अनियमितता अथवा फर्जी हाजिरी का आरोप तथ्य के रूप में लगाना उचित नहीं होगा।
📌 प्रशासन से जांच की मांग
मामले में प्रशासन द्वारा यदि जांच कराई जाती है तो चारों कार्यस्थलों का स्थलीय निरीक्षण, NMMS उपस्थिति और मस्टर रोल का मिलान तथा कार्य की वास्तविक प्रगति की जांच तस्वीर को स्पष्ट कर सकती है।
साथ ही खराब मौसम के दौरान कार्यस्थल पर श्रमिकों की सुरक्षा व्यवस्था की स्थिति भी जांच का हिस्सा हो सकती है।
बर्डपुर ब्लॉक की चार ग्राम पंचायतों के कुछ मनरेगा कार्यों में 25 सितंबर की ऑनलाइन उपस्थिति को लेकर सवाल उठे हैं। उपलब्ध रिकॉर्ड में बजहा में 69, बरगढ़ी में 79, बर्डपुर नंबर-10 में 76 और बर्डपुर नंबर-7 में 59 श्रमिकों की उपस्थिति दर्ज दिखाई देती है। वहीं कुछ स्थानों पर मौके पर श्रमिक नहीं मिलने का दावा सामने आया है।
ऐसे में मामला आरोप लगाने से ज्यादा ऑनलाइन रिकॉर्ड और जमीनी हकीकत के मिलान का है। प्रशासनिक जांच होने पर ही स्पष्ट हो सकेगा कि रिकॉर्ड और मौके की स्थिति में कोई अंतर था या नहीं।
“बर्डपुर में मनरेगा हाजिरी पर सवाल, ऑनलाइन रिकॉर्ड के स्थलीय सत्यापन की मांग”
ब्रेकिंग न्यूज़ | सिद्धार्थनगर
बारिश के बीच मनरेगा कार्यों पर उठे सवाल, बर्डपुर में ऑनलाइन हाजिरी और मौके की स्थिति के सत्यापन की मांग
सिद्धार्थनगर। जिले में लगातार बारिश और मौसम खराब रहने के बीच विकासखंड बर्डपुर की कुछ ग्राम पंचायतों में मनरेगा कार्यों को लेकर सवाल खड़े हुए हैं। ऑनलाइन उपलब्ध NMMS आधारित दैनिक उपस्थिति रिकॉर्ड में 25 सितंबर 2026 को विभिन्न कार्यस्थलों पर श्रमिकों की उपस्थिति दर्ज दिखाई दे रही है। दूसरी ओर, उपलब्ध जानकारी के अनुसार कुछ स्थानों पर मौके पर श्रमिकों की मौजूदगी नहीं होने का दावा किया गया है। ऐसे में वास्तविक स्थिति क्या है, यह स्थलीय जांच और संबंधित अभिलेखों के मिलान के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

रिकॉर्ड में दर्ज कार्य
1. ग्राम पंचायत बजहा
ऑनलाइन रिकॉर्ड में जरबी पुल से विजय के खेत तक नाला खुदाई कार्य दर्ज है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार यहां 69 श्रमिकों की उपस्थिति दर्ज होने का दावा किया गया है। मौके पर श्रमिक नहीं मिलने की बात भी सामने आई है, जिसका स्वतंत्र सत्यापन आवश्यक है।
2. ग्राम पंचायत बरगढ़ी
रिकॉर्ड में कैलाश के खेत से विजय के खेत तक चकरोड पर मिट्टी पटाई कार्य दर्ज है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार 79 श्रमिकों की उपस्थिति बताई गई है। यहां भी मौके की स्थिति और ऑनलाइन हाजिरी का मिलान जांच का विषय है।
3. बर्डपुर नंबर-10
पुलिया से नोखनिया पोखर तक नाला खुदाई कार्य का रिकॉर्ड सामने आया है। उपलब्ध विवरण के अनुसार 76 श्रमिकों की उपस्थिति दर्ज होने की बात कही गई है। मौके पर श्रमिकों की मौजूदगी को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।
4. बर्डपुर नंबर-7
ऑनलाइन रिकॉर्ड में पंचम के खेत से बगीचे तक नाला खुदाई कार्य दर्ज है। उपलब्ध जानकारी में 59 श्रमिकों की उपस्थिति का उल्लेख है। वहीं मौके पर श्रमिक नहीं मिलने का दावा किया गया है।
मौसम खराब, फिर भी काम? जांच से साफ होगी तस्वीर
मौसम विभाग/प्रशासन की ओर से जारी मौसम संबंधी सूचना में सिद्धार्थनगर समेत कई जिलों में मेघगर्जन, आकाशीय बिजली, तेज हवा और मध्यम से भारी वर्षा की संभावना बताई गई थी। आपके उपलब्ध स्क्रीनशॉट में भी अगले तीन घंटों के लिए मौसम संबंधी ऑरेंज अलर्ट का उल्लेख दिखाई दे रहा है।
ऐसे मौसम में यदि मनरेगा कार्यस्थलों पर श्रमिकों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज हुई है, तो स्वाभाविक रूप से यह सवाल उठता है कि क्या उस समय वास्तव में श्रमिक कार्यस्थल पर मौजूद थे और कार्य कर रहे थे?
हालांकि, केवल ऑनलाइन उपस्थिति रिकॉर्ड के आधार पर यह निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा कि कहीं फर्जी हाजिरी हुई है। इसकी पुष्टि के लिए NMMS रिकॉर्ड, कार्यस्थल का भौतिक निरीक्षण, मस्टर रोल, माप पुस्तिका, कार्य की प्रगति और संबंधित अधिकारियों के स्पष्टीकरण का मिलान जरूरी है।
सबसे बड़ा सवाल
क्या बारिश के बीच दर्ज हुई ऑनलाइन हाजिरी वास्तव में कार्यस्थल पर मौजूद श्रमिकों की स्थिति को दर्शाती है?
अगर मौके की वास्तविक स्थिति और ऑनलाइन रिकॉर्ड में अंतर मिलता है, तो इसकी जिम्मेदारी किस स्तर पर तय होगी—यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
प्रशासन से अपेक्षित जांच
मामले में संबंधित अधिकारियों से निम्न बिंदुओं पर स्थिति स्पष्ट किए जाने की आवश्यकता है—
संबंधित तारीख की NMMS उपस्थिति का सत्यापन
मस्टर रोल और ऑनलाइन हाजिरी का मिलान
संबंधित कार्यस्थलों का भौतिक निरीक्षण
कार्य की वास्तविक प्रगति और माप पुस्तिका की जांच
बारिश के दौरान कार्य कराने की स्थिति में श्रमिक सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी
यदि रिकॉर्ड और मौके की स्थिति में अंतर मिले तो नियमानुसार कार्रवाई
सारांश
बर्डपुर ब्लॉक की कुछ ग्राम पंचायतों में 25 सितंबर की मनरेगा ऑनलाइन उपस्थिति को लेकर सवाल उठे हैं। रिकॉर्ड में बड़ी संख्या में श्रमिकों की उपस्थिति दिखाई दे रही है, जबकि मौके पर श्रमिक नहीं मिलने का दावा किया गया है। बारिश और मौसम चेतावनी के बीच सामने आए इस मामले में ऑनलाइन रिकॉर्ड बनाम जमीनी हकीकत की जांच जरूरी है। फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि हाजिरी फर्जी है; अंतिम स्थिति प्रशासनिक जांच और अभिलेखों के सत्यापन से ही स्पष्ट होगी।
FT News Digital की टिप्पणी
यह रिपोर्ट उपलब्ध ऑनलाइन रिकॉर्ड और प्राप्त जानकारी के आधार पर सवाल उठाती है। किसी व्यक्ति, ग्राम पंचायत या अधिकारी पर अनियमितता का आरोप सिद्ध रूप में नहीं लगाया जा रहा है। संबंधित पक्ष का स्पष्टीकरण मिलने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जा सकता है।
श्रमिकों के स्वास्थ्य की जांच के लिए लगा चिकित्सा शिविर
सेवा संकल्प अभियान के तहत श्रम विभाग ने लगाया शिविर, निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण और चिकित्सकीय परामर्श का मिला लाभ

सिद्धार्थनगर। सेवा संकल्प अभियान के तहत श्रम विभाग, सिद्धार्थनगर की ओर से श्रमिक चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में श्रमिकों एवं उनके परिवार के सदस्यों के स्वास्थ्य की जांच की गई तथा चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराया गया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, श्रम विभाग के अधिकारियों और चिकित्सकों की मौजूदगी रही।

श्रमिकों और उनके परिवारों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित शिविर में बड़ी संख्या में लोगों ने पहुंचकर स्वास्थ्य परीक्षण कराया। चिकित्सकों ने सामान्य स्वास्थ्य जांच के साथ जरूरत के अनुसार चिकित्सकीय सलाह और दवाएं उपलब्ध कराईं। कार्यक्रम में श्रमिकों को नियमित स्वास्थ्य जांच और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूक रहने की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में ये रहे प्रमुख अतिथि एवं अधिकारी
कार्यक्रम में सदर विधायक श्यामधनी राही मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। डुमरियागंज सांसद जगदंबिका पाल के प्रतिनिधि एसपी अग्रवाल, नगर पालिका परिषद सिद्धार्थनगर के अध्यक्ष गोविंद माधव, भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मौर्य, मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह और परियोजना निदेशक अनिल कुमार यादव की उपस्थिति रही।
श्रम विभाग की ओर से सहायक श्रम आयुक्त ओम प्रकाश तथा श्रम प्रवर्तन अधिकारी जितेंद्र कुमार सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। स्वास्थ्य सेवाओं के लिए डॉ. अनूप कुमार जायसवाल सहित चिकित्सकीय टीम ने शिविर में पहुंचे लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया।
कार्यक्रम में मानव संसाधन एवं महिला विकास संस्थान से प्रसून कुमार शुक्ला, जय प्रकाश गुप्ता, अभिषेक मिश्रा, तेज नारायण, आनंद श्रीवास्तव, अमरजीत पाण्डेय, राहुल शर्मा, विशाल और राघव सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
कौन क्या रहे
श्यामधनी राही — सदर विधायक, कपिलवस्तु
जगदंबिका पाल — सांसद, डुमरियागंज
प्रतिनिधि
एसपी अग्रवाल — सांसद प्रतिनिधि
दीपक मौर्य — जिलाध्यक्ष, भाजपा सिद्धार्थनगर
बलराम सिंह — मुख्य विकास अधिकारी, सिद्धार्थनगर
अनिल कुमार यादव — परियोजना निदेशक
ओम प्रकाश — सहायक श्रम आयुक्त
जितेंद्र कुमार — श्रम प्रवर्तन अधिकारी
डॉ. अनूप कुमार जायसवाल — चिकित्सक/एमओआईसी
प्रसून कुमार शुक्ला — मानव संसाधन एवं महिला विकास संस्थान
जय प्रकाश गुप्ता, अभिषेक मिश्रा, तेज नारायण, आनंद श्रीवास्तव, अमरजीत पाण्डेय, राहुल शर्मा, विशाल व राघव — कार्यक्रम में सहभागिता
सारांश
सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित श्रमिक चिकित्सा शिविर में श्रमिकों और उनके परिवारों को निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण एवं चिकित्सकीय परामर्श की सुविधा दी गई। चिकित्सकीय टीम ने स्वास्थ्य जांच के साथ आवश्यक सलाह और दवाएं उपलब्ध कराईं।
कार्यक्रम की खास बातें
श्रमिकों का स्वास्थ्य परीक्षण
चिकित्सकीय परामर्श
आवश्यकता के अनुसार दवा उपलब्ध
श्रमिकों एवं परिवारों में स्वास्थ्य जागरूकता
श्रम विभाग और स्वास्थ्य विभाग की सहभागिता
जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों की मौजूदगी

श्रमिक वर्ग रोजमर्रा के कामकाज में व्यस्त रहने के कारण कई बार नियमित स्वास्थ्य जांच नहीं करा पाता। ऐसे में शिविर के माध्यम से स्वास्थ्य परीक्षण और चिकित्सकीय परामर्श की सुविधा उपलब्ध कराना श्रमिकों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की एक पहल के रूप में सामने आया। कार्यक्रम में मौजूद चिकित्सकों और विभागीय अधिकारियों ने स्वास्थ्य के प्रति नियमित जांच और जागरूकता पर जोर दिया।

सिद्धार्थनगर में सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित श्रमिक चिकित्सा शिविर में स्वास्थ्य परीक्षण कराते श्रमिक एवं मौजूद जनप्रतिनिधि, अधिकारी और चिकित्सकीय टीम।
सेवा संकल्प अभियान के तहत धेनसा में महिला स्वास्थ्य एवं स्वच्छता शिविर
महिला स्वास्थ्य, पोषण और एनीमिया जांच पर रहा जोर; आरोग्य मंदिर में आयोजित कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और स्वास्थ्यकर्मियों की रही सहभागिता

सिद्धार्थनगर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन से शुरू हुए सेवा संकल्प अभियान के तहत शुक्रवार को विकासखंड नौगढ़ के ग्राम धेनसा स्थित आरोग्य मंदिर में महिला स्वास्थ्य एवं स्वच्छता, पोषण, एनीमिया तथा स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया। उत्तर प्रदेश में यह अभियान 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक चलाया जा रहा है। आधिकारिक MY Bharat कार्यक्रम विवरण में सिद्धार्थनगर को भी अभियान से जुड़े जिलों में शामिल किया गया है।

कार्यक्रम का शुभारंभ कपिलवस्तु विधायक श्यामधनी राही की मौजूदगी में हुआ। इस दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मौर्य, डुमरियागंज सांसद जगदंबिका पाल के प्रतिनिधि एसपी अग्रवाल, प्रधान संघ ब्लॉक अध्यक्ष गंगा मिश्रा, मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह और पीडी अनिल कुमार सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

महिला स्वास्थ्य और पोषण बना कार्यक्रम का केंद्र

शिविर में महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़े विषयों पर विशेष रूप से चर्चा की गई। एनीमिया की जांच, पोषण, स्वच्छता और नियमित स्वास्थ्य परीक्षण के प्रति महिलाओं एवं किशोरियों को जागरूक किया गया। कार्यक्रम में मौजूद स्वास्थ्यकर्मियों ने स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक जानकारी साझा की।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं का नियमित लाभ लेने तथा महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर जागरूक रहने का संदेश दिया गया।
स्वास्थ्य विभाग की टीम रही मौजूद
कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सा अधिकारी संजय कुमार दोहरे, एमओआईसी डॉ. अनूप जायसवाल, डीसीपीएम मान बहादुर, सरश्री अनंत, डॉ. विजय कुमार, बीसीपीएम रवि चौधरी, सीएचओ सुषमा सहित आशा, एएनएम और संगिनी कार्यकर्ताओं की सहभागिता रही।
कार्यक्रम की तस्वीरों में स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सकों एवं कर्मचारियों के साथ छात्राओं और महिलाओं की मौजूदगी भी दिखाई दे रही है। कार्यक्रम के दौरान अतिथियों का पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया गया। एक तस्वीर में आरोग्य मंदिर परिसर में रिबन काटकर कार्यक्रम के शुभारंभ का दृश्य भी दिखाई देता है।

अभियान का व्यापक उद्देश्य

‘सेवा संकल्प अभियान’ 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलने वाला अभियान है। आधिकारिक विवरण के अनुसार इसके तहत सेवा, सुशासन, जनकल्याण और जनभागीदारी से जुड़ी विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं तथा नागरिकों को ‘विकसित भारत 2047’ के सामूहिक संकल्प से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी गतिविधियों में स्वास्थ्य शिविर और जागरूकता कार्यक्रम भी अभियान का हिस्सा हैं।
धेनसा में आयोजित स्वास्थ्य शिविर इसी क्रम में ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं और किशोरियों तक स्वास्थ्य जागरूकता एवं जांच सुविधाओं को पहुंचाने की पहल के रूप में आयोजित किया गया।
कार्यक्रम एक नजर में
कार्यक्रम: सेवा संकल्प अभियान
स्थान: आरोग्य मंदिर, ग्राम धेनसा, विकासखंड नौगढ़, सिद्धार्थनगर
तिथि: 26 सितंबर 2026
मुख्य विषय: महिला स्वास्थ्य एवं स्वच्छता, पोषण, एनीमिया एवं स्वास्थ्य जांच
मुख्य अतिथि: श्यामधनी राही, विधायक कपिलवस्तु
प्रमुख उपस्थिति: दीपक मौर्य, एसपी अग्रवाल, गंगा मिश्रा, बलराम सिंह, अनिल कुमार
स्वास्थ्य विभाग: संजय कुमार दोहरे, डॉ. अनूप जायसवाल, मान बहादुर, डॉ. विजय कुमार, रवि चौधरी, सुषमा सहित स्वास्थ्यकर्मी
अभियान अवधि: 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026
धेनसा के आरोग्य मंदिर में सेवा संकल्प अभियान के तहत महिला स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महिला स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छता और एनीमिया जांच को लेकर जागरूकता पर जोर दिया गया। विधायक श्यामधनी राही, भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मौर्य समेत जनप्रतिनिधियों और स्वास्थ्य विभाग की टीम की मौजूदगी में कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ।
मरीजों की सेवा में महती भूमिका निभाने का लिया संकल्प
विश्व फार्मासिस्ट दिवस पर विचार गोष्ठी एवं सम्मान समारोह, सेवानिवृत्त समेत सक्रिय योगदान देने वाले फार्मासिस्ट हुए सम्मानित

सिद्धार्थनगर। विश्व फार्मासिस्ट दिवस के अवसर पर शुक्रवार को डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन जिला इकाई के तत्वावधान में विचार गोष्ठी एवं सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में स्वास्थ्य सेवाओं में फार्मासिस्टों की भूमिका, दवाओं के सुरक्षित उपयोग और मरीजों के प्रति उनकी जिम्मेदारियों पर विस्तार से चर्चा हुई। इस दौरान सेवानिवृत्त एवं सक्रिय रूप से स्वास्थ्य सेवाओं में योगदान देने वाले फार्मासिस्टों को सम्मानित भी किया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. राजेश मोहन ने कहा कि चिकित्सक द्वारा मरीज के लिए उपचार निर्धारित किए जाने के बाद निर्धारित दवा को सही तरीके से मरीज तक पहुंचाने और उसके उचित उपयोग में फार्मासिस्ट की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने फार्मासिस्टों को स्वास्थ्य व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी बताया।

मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. संजय कुमार दोहरे ने कहा कि स्वास्थ्य व्यवस्था में फार्मासिस्टों की भूमिका केवल दवा उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है। मरीज को निर्धारित दवा की सही मात्रा, सही समय और सेवन की उचित विधि की जानकारी देने के साथ दवाओं के सुरक्षित उपयोग को सुनिश्चित करना भी फार्मासिस्ट की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
विपरीत परिस्थितियों में भी निभाई जिम्मेदारी
कार्यक्रम की शुरुआत में डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष वाईपी यादव ने अतिथियों, फार्मासिस्टों एवं उपस्थितजनों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि फार्मासिस्टों ने विभिन्न विपरीत परिस्थितियों में भी मरीजों की सेवा में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारु बनाए रखने में योगदान दिया है।
सेवा और सुरक्षित दवा उपयोग का संकल्प
कार्यक्रम के संयोजक डॉ. सुनील चौबे ने जिलेभर से आए फार्मासिस्टों को मरीजों की सेवा, दवाओं के सुरक्षित उपयोग तथा स्वास्थ्य सेवाओं में अपनी जिम्मेदारियों का ईमानदारी से निर्वहन करने का संकल्प दिलाया।
कार्यक्रम का संचालन अशोक त्रिपाठी ने किया। अंत में डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन के जिला मंत्री गोविंद प्रसाद ओझा ने अतिथियों, सम्मानित फार्मासिस्टों, संगठन के पदाधिकारियों एवं उपस्थित सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में एसीएमओ डॉ. प्रमोद कुमार, प्रो. विष्णु कुमार, डॉ. अमित सिंह सहित सेवानिवृत्त फार्मासिस्ट अजय सिंह, अशोक मिश्रा, मुरली यादव तथा वाईके द्विवेदी, शिवाकांत पांडेय, विजय वर्मा, अवधेश यादव, दिनेश चंद्र पांडेय, जेआर पांडेय, सत्येंद्र द्विवेदी, बृजेश पांडेय, नरेंद्र श्रीवास्तव, दूधनाथ त्रिपाठी, रतनशंकर चौधरी, सुभाष उपाध्याय, मृत्युंजय पांडेय, प्रमोद मिश्रा, शमसुल खां, सुग्रीव चौधरी, श्रीश श्रीवास्तव, पंकज पासवान, शिवम श्रीवास्तव, उमेश यादव, आतिफ असलम, रवि शंकर त्रिपाठी, राजेश चौधरी, रमेश चंद्र चतुर्वेदी, राघवेंद्र शुक्ला, अखिलेश मिश्रा आदि मौजूद रहे।
मुख्य बिंदु
फार्मासिस्ट स्वास्थ्य व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी
विश्व फार्मासिस्ट दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में वक्ताओं ने फार्मासिस्टों की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि मरीज को सही दवा, सही मात्रा और सही तरीके से उपलब्ध कराने में फार्मासिस्ट की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
सम्मान और संकल्प
सेवानिवृत्त एवं सक्रिय फार्मासिस्ट सम्मानित
समारोह में स्वास्थ्य सेवाओं में योगदान देने वाले सेवानिवृत्त एवं सक्रिय फार्मासिस्टों को सम्मानित किया गया। इस दौरान फार्मासिस्टों ने मरीजों की सेवा, दवाओं के सुरक्षित उपयोग और अपने दायित्वों का जिम्मेदारीपूर्वक निर्वहन करने का संकल्प लिया।
फार्मासिस्ट की महत्वपूर्ण भूमिका
दवा देने से आगे है जिम्मेदारी
निर्धारित दवा की सही मात्रा की जानकारी
दवा सेवन का सही समय बताना
दवा के उचित उपयोग की जानकारी देना
दवाओं के सुरक्षित उपयोग में सहयोग
मरीजों को आवश्यक दवा संबंधी जानकारी उपलब्ध कराना
सारांश | NEWS SUMMARY
विश्व फार्मासिस्ट दिवस पर सिद्धार्थनगर में विचार गोष्ठी एवं सम्मान समारोह आयोजित हुआ। वक्ताओं ने स्वास्थ्य सेवाओं में फार्मासिस्टों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में सेवानिवृत्त एवं सक्रिय फार्मासिस्टों को सम्मानित किया गया और मरीजों की सेवा तथा दवाओं के सुरक्षित उपयोग के प्रति जिम्मेदारी निभाने का संकल्प लिया गया।
टिप्पणी | विशेष टिप्पणी
स्वास्थ्य व्यवस्था में उपचार केवल चिकित्सकीय परामर्श तक सीमित नहीं रहता। डॉक्टर के उपचार निर्देश को मरीज तक सही दवा और सही उपयोग की जानकारी के साथ पहुंचाने में फार्मासिस्ट महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। विश्व फार्मासिस्ट दिवस पर आयोजित यह कार्यक्रम इसी जिम्मेदारी और सेवा-भाव को रेखांकित करता है।
FT NEWS DIGITAL | स्वास्थ्य संवाद
मरीज की सुरक्षा • दवा का सही उपयोग • सेवा का संकल्प
डा. अंकिता चौधरी ने बढ़ाया अधिवक्ता समाज का सम्मान, प्रतिभा और मेहनत की मिसाल बनीं
NEET से MBBS गोल्ड मेडल और अब NEET PG में भी सफलता

सिद्धार्थनगर। प्रतिभा जब मेहनत और मजबूत संकल्प के साथ आगे बढ़ती है तो सफलता की राह स्वयं बनती चली जाती है। ऐसी ही प्रेरणादायी उपलब्धि हासिल की है डा. अंकिता चौधरी ने। अपर शासकीय अधिवक्ता विनोद कुमार चौधरी की पुत्री डा. अंकिता ने चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए अपने परिवार, शिक्षकों और अधिवक्ता समाज का गौरव बढ़ाया है।
डा. अंकिता चौधरी ने NEET परीक्षा प्रथम प्रयास में क्वालीफाई कर चिकित्सा शिक्षा की दिशा में अपना सफर शुरू किया। इसके बाद उन्होंने जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज, कानपुर से MBBS की पढ़ाई पूरी की और गोल्ड मेडल हासिल किया। उनकी सफलता का सिलसिला यहीं नहीं रुका। उन्होंने चिकित्सा क्षेत्र की प्रतिष्ठित और अत्यंत प्रतिस्पर्धी NEET PG परीक्षा को भी अपने पहले ही प्रयास में क्वालीफाई कर अपनी प्रतिभा, अनुशासन और निरंतर मेहनत का परिचय दिया।
उनकी इस उपलब्धि को इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में प्रत्येक पड़ाव पर कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ता है। ऐसे में लगातार सफलता हासिल करना उनके अध्ययन के प्रति समर्पण और लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
पढ़ाई में शुरू से रही मेधावी
डा. अंकिता चौधरी की शैक्षणिक उपलब्धियों का सिलसिला काफी पहले से जारी रहा है। वर्ष 2020 बैच में वह इंटर की स्कूल टॉपर रही हैं। स्कूल स्तर से लेकर मेडिकल शिक्षा तक लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन ने उनकी प्रतिभा को अलग पहचान दी।
NEET में प्रथम प्रयास में सफलता, MBBS में गोल्ड मेडल और इसके बाद NEET PG में भी प्रथम प्रयास में सफलता—इन उपलब्धियों ने डा. अंकिता चौधरी को युवा विद्यार्थियों के लिए एक प्रेरणादायी उदाहरण के रूप में स्थापित किया है।
अधिवक्ता समाज ने दी बधाई
डा. अंकिता चौधरी की सफलता पर अधिवक्ता समाज, विद्यालय परिवार, शिक्षकगण और शुभचिंतकों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें हार्दिक बधाई दी है। सभी ने उनके उज्ज्वल, स्वस्थ और यशस्वी भविष्य की कामना की।
बधाई देने वालों में अखंड प्रताप सिंह, निवर्तमान अध्यक्ष; वीरेंद्र श्रीवास्तव, पूर्व अध्यक्ष; राघवेंद्र सिंह एडवोकेट; शेखर सिंह एडवोकेट; भूपेंद्र सिंह शासकीय अधिवक्ता; अनामिका शुक्ला, सदस्य कार्यकारिणी; वी.एन. तिवारी एडवोकेट तथा रियाज अहमद एडवोकेट शामिल रहे।
सभी ने विश्वास व्यक्त किया कि डा. अंकिता चौधरी भविष्य में चिकित्सा के क्षेत्र में अपनी प्रतिभा और ज्ञान के माध्यम से समाज एवं देश की सेवा में महत्वपूर्ण योगदान देंगी।
उपलब्धियों पर एक नजर
डा. अंकिता चौधरी की प्रमुख उपलब्धियां
▪ 2020 बैच — इंटर की स्कूल टॉपर
▪ NEET — प्रथम प्रयास में सफलता
▪ MBBS — जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज, कानपुर
▪ MBBS — गोल्ड मेडल
▪ NEET PG — प्रथम प्रयास में क्वालीफाई
▪ चिकित्सा क्षेत्र में निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन
LATEST UPDATE | ताजा उपलब्धि
NEET PG में प्रथम प्रयास में सफलता
MBBS में गोल्ड मेडल हासिल करने के बाद डा. अंकिता चौधरी ने अब NEET PG परीक्षा भी अपने पहले प्रयास में क्वालीफाई कर ली है। इस उपलब्धि के बाद शुभचिंतकों और अधिवक्ता समाज में खुशी का माहौल है।
SHORT SUMMARY | संक्षिप्त सारांश
अपर शासकीय अधिवक्ता विनोद कुमार चौधरी की पुत्री डा. अंकिता चौधरी ने चिकित्सा शिक्षा में लगातार उपलब्धियां हासिल कर परिवार और अधिवक्ता समाज का गौरव बढ़ाया है। प्रथम प्रयास में NEET क्वालीफाई करने के बाद जीएसवीएम कानपुर से MBBS में गोल्ड मेडल हासिल किया और अब प्रथम प्रयास में NEET PG भी क्वालीफाई किया।
SPECIAL COMMENT | विशेष टिप्पणी
प्रतिभा केवल सफलता हासिल करने का नाम नहीं, बल्कि निरंतर बेहतर करते जाने का संकल्प है। डा. अंकिता चौधरी की शैक्षणिक यात्रा इसी निरंतरता की मिसाल है। स्कूल स्तर की सफलता से लेकर मेडिकल शिक्षा में गोल्ड मेडल और फिर NEET PG में प्रथम प्रयास की सफलता तक उनका सफर उन विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायी है जो कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं के माध्यम से अपने भविष्य का निर्माण करना चाहते हैं।
उनकी उपलब्धि यह संदेश देती है कि स्पष्ट लक्ष्य, अनुशासित अध्ययन और निरंतर मेहनत के बल पर कठिन से कठिन मंजिल भी हासिल की जा सकती है।
FT NEWS DIGITAL | विशेष प्रस्तुति
प्रतिभा को सलाम — सफलता को सम्मान।
डा. अंकिता चौधरी को इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं।
विश्व फार्मासिस्ट दिवस पर वृद्ध आश्रम में सेवा और स्वास्थ्य का संदेश
यूनाइटेड वेलफेयर फार्मासिस्ट एसोसिएशन ने ‘अपना घर वृद्ध आश्रम’ में मनाया विश्व फार्मासिस्ट दिवस, वृद्धजनों को फल वितरित कर उपलब्ध कराई एक वर्ष की जनरल मेडिसिन

सिद्धार्थनगर। विश्व फार्मासिस्ट दिवस के अवसर पर यूनाइटेड वेलफेयर फार्मासिस्ट एसोसिएशन द्वारा ‘अपना घर वृद्ध आश्रम’ में सेवा, स्वास्थ्य और मानवीय संवेदना से जुड़ा कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में एसोसिएशन के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने वृद्धजनों के साथ समय बिताया और उनके स्वास्थ्य एवं दैनिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए सहयोग प्रदान किया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सदर विधायक श्याम धनी राही रहे। इस दौरान एसोसिएशन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रदीप कुमार शुक्ला, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य सुनील कुमार शुक्ला तथा जिला अध्यक्ष अवधेश कुमार मद्धेशिया सहित संगठन से जुड़े पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे।

कार्यक्रम के दौरान वृद्ध आश्रम में रह रहे सभी वृद्धजनों को फल वितरित किए गए। इसके साथ ही वृद्धजनों की स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए एक वर्ष की जनरल मेडिसिन उपलब्ध कराने की पहल की गई। आयोजकों के अनुसार इस पहल का उद्देश्य जरूरतमंद वृद्धजनों को नियमित रूप से आवश्यक सामान्य दवाओं की उपलब्धता में सहयोग करना है।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि फार्मासिस्ट केवल दवाओं की उपलब्धता तक सीमित भूमिका नहीं निभाते, बल्कि स्वास्थ्य जागरूकता और समाज के जरूरतमंद वर्गों की सहायता में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। वृद्ध आश्रम में विश्व फार्मासिस्ट दिवस मनाने का उद्देश्य फार्मेसी क्षेत्र की सामाजिक जिम्मेदारी को सेवा भावना के साथ जोड़ना रहा।
कार्यक्रम में श्याम सुंदर यादव, औषधि निरीक्षक मनोज कुमार, लिपिक प्रिंस शुक्ला, विनोद कुमार यादव, अंबिकेश उपाध्याय, प्रेम कुमार गुप्ता, ओंकार विश्वकर्मा, मनोज सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
वृद्धजनों के बीच फल वितरण और दवाओं की उपलब्धता की पहल को कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण माना गया। आयोजकों ने कहा कि समाज के वरिष्ठ नागरिकों के प्रति सम्मान, संवेदना और सहयोग की भावना को मजबूत करना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। इसी भावना के साथ विश्व फार्मासिस्ट दिवस को सेवा कार्यक्रम के रूप में मनाया गया।
कार्यक्रम: विश्व फार्मासिस्ट दिवस
आयोजक: यूनाइटेड वेलफेयर फार्मासिस्ट एसोसिएशन
स्थान: अपना घर वृद्ध आश्रम
मुख्य अतिथि: सदर विधायक श्याम धनी राही
प्रमुख पहल: वृद्धजनों को फल वितरण एवं एक वर्ष की जनरल मेडिसिन उपलब्ध कराने का कार्यक्रम
उपस्थित: एसोसिएशन के पदाधिकारी, फार्मासिस्ट एवं अन्य सहयोगी
विश्व फार्मासिस्ट दिवस के अवसर पर यूनाइटेड वेलफेयर फार्मासिस्ट एसोसिएशन ने ‘अपना घर वृद्ध आश्रम’ में सेवा कार्यक्रम आयोजित किया। सदर विधायक श्याम धनी राही की मौजूदगी में वृद्धजनों को फल वितरित किए गए तथा उनकी स्वास्थ्य जरूरतों को ध्यान में रखते हुए एक वर्ष की जनरल मेडिसिन उपलब्ध कराने की पहल की गई। कार्यक्रम में एसोसिएशन के पदाधिकारियों समेत कई लोग मौजूद रहे।
कपिलवस्तु विधानसभा में ‘नमो सेवा—अनकही कहानियां’ का नाट्य मंचन
सेवा संकल्प अभियान के तहत संवाद, अभिनय और संगीत के जरिए प्रस्तुत की गई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन से जुड़ी यात्रा
सिद्धार्थनगर। भारतीय जनता पार्टी की ओर से चलाए जा रहे ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत शुक्रवार को कपिलवस्तु विधानसभा क्षेत्र में ‘नमो सेवा—अनकही कहानियां’ नाट्य मंचन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम सिद्धार्थनगर रेलवे स्टेशन परिसर तथा नगरपालिका क्षेत्र में आयोजित हुआ। आयोजकों के अनुसार, नाट्य प्रस्तुति के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन और उनसे जुड़े विभिन्न प्रसंगों को संवाद, अभिनय एवं संगीत के जरिए प्रस्तुत किया गया।
कार्यक्रम में प्रस्तुत नाट्य रूपांतरण में गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी के कार्यकाल से लेकर प्रधानमंत्री के रूप में उनकी भूमिका तथा विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और शासन से जुड़े प्रसंगों को मंचित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा मंडल अध्यक्ष सतीश रस्तोगी ने की।
क्या रहा खास
‘नमो सेवा—अनकही कहानियां’ का नाट्य मंचन
सिद्धार्थनगर रेलवे स्टेशन परिसर और नगरपालिका क्षेत्र में आयोजन
संवाद, अभिनय एवं संगीत के माध्यम से प्रस्तुति
भाजपा पदाधिकारी और कार्यकर्ता रहे मौजूद
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री के सार्वजनिक जीवन से जुड़े प्रसंगों का मंचन
कार्यक्रम में कही गई बातें
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सदर विधायक श्याम धनी राही ने कहा कि ‘नमो सेवा—अनकही कहानियां’ के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में सेवा, समर्पण और जनसेवा से जुड़े प्रसंगों को लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने आयोजन में सहयोग करने वाले कार्यकर्ताओं एवं आयोजन समिति के सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया।
बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता पहुंचे
कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मौर्या, नगर पालिका अध्यक्ष गोविंद माधव, आशीष शुक्ला, अजय उपाध्याय, विधानसभा संयोजक उमेश साहू, सह-संयोजक अनुराग श्रीवास्तव, मनोज लोधी, मीडिया प्रभारी रमेश मणि त्रिपाठी, नागेंद्र विश्वकर्मा, प्रिंस पांडेय, जे.पी. मिश्रा, अमित गुप्ता, जंगबहादुर, जतिन चौबे, रामदरश और दिनेश यादव सहित भाजपा के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
समापन पर जताया आभार
कार्यक्रम के समापन पर नगर पालिका अध्यक्ष गोविंद माधव ने उपस्थित अतिथियों, पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और आयोजन में सहयोग करने वाले लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।
सारांश
कपिलवस्तु विधानसभा क्षेत्र में आयोजित ‘नमो सेवा—अनकही कहानियां’ नाट्य मंचन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन से जुड़े विभिन्न प्रसंगों को मंच के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। आयोजन में भाजपा के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कार्यक्रम से जुड़े आयोजकों के अनुसार, ऐसे नाट्य मंचनों के माध्यम से आगे भी सार्वजनिक जीवन और जनसेवा से जुड़े प्रसंगों को लोगों तक पहुंचाने की गतिविधियां आयोजित की जा सकती हैं।
