NH-730 पर मौत बनकर दौड़ी रफ्तार, पिकअप की टक्कर से एक की मौत, दो जिंदगी और मौत से जूझ रहे
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सम्पूर्ण समाधान दिवस के अवसर पर सदर तहसील पर जिलाधिकारी व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने किया सुनवाई
सिद्धार्थनगर। आज दिनांक 18.07.2026 को जनपद सिद्धार्थनगर के तहसील सदर में सम्पूर्ण समाधान दिवस (तहसील दिवस) का आयोजन किया गया । जिसमें जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थनगर, उपजिलाधिकारी शोहरतगढ़ उपस्थित रहें । तहसील दिवस में प्राप्त शिकायती प्रार्थना-पत्रों के सम्बन्ध में जनता की समस्याओं को गंभीरतापूर्वक सुना गया एवं उसके निस्तारण हेतु सम्बन्धित को आवश्यक दिशा-निर्देश दिया गया । उक्त तहसील दिवस में राजस्व विभाग के अधिकारी/कर्मचारीगण व तहसील सदर क्षेत्र के प्रभारी निरीक्षक/थाना प्रभारी मौजूद रहे । जनसुनवाई के उपरान्त एक पेड मां के नाम अभियान के तहत पर्यावरण संरक्षण एवं हरियाली बढ़ाने के उद्देश्य से तहसील परिसर मे वृक्षा रोपण किया गया ।
NH-730 पर मौत बनकर दौड़ी रफ्तार, पिकअप की टक्कर से एक की मौत, दो जिंदगी और मौत से जूझ रहे
शोहरतगढ़ के मड़वा मार्ग पर दर्दनाक हादसा, पूरी घटना सीसीटीवी में कैद
सिद्धार्थनगर। जनपद के शोहरतगढ़ तहसील क्षेत्र अंतर्गत मड़वा मार्ग स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-730) पर शनिवार को हुए भीषण सड़क हादसे में बाइक सवार तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इनमें एक लगभग 60 वर्षीय व्यक्ति की मौके पर ही मृत्यु हो गई, जबकि दो अन्य घायलों का उपचार जारी है। घटना का वीडियो सीसीटीवी कैमरे में कैद होने की जानकारी सामने आई है।
सिद्धार्थनगर में एक बार फिर तेज रफ्तार का कहर देखने को मिला। शोहरतगढ़ के मड़वा मार्ग स्थित NH-730 पर एक पिकअप वाहन और बाइक की टक्कर ने कुछ ही सेकंड में खुशियों को मातम में बदल दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक सवार सड़क पर दूर जा गिरे। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोग घायलों की मदद के लिए दौड़ पड़े।
विस्तृत समाचार
सिद्धार्थनगर। शोहरतगढ़ तहसील क्षेत्र के मड़वा मार्ग स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग-730 पर शनिवार को एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, एक पिकअप वाहन और बाइक के बीच हुई टक्कर में बाइक पर सवार तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इनमें से लगभग 60 वर्षीय एक व्यक्ति ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया, जबकि दो अन्य घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, टक्कर के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने बिना समय गंवाए राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया और घायलों को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की।
बताया जा रहा है कि यह पूरी दुर्घटना सड़क किनारे लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई है। वीडियो में हादसे के बाद की स्थिति और स्थानीय लोगों द्वारा तत्काल राहत पहुंचाने के प्रयास दिखाई देते हैं। यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बना हुआ है।
समाचार लिखे जाने तक दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही थी। पुलिस द्वारा पंचनामा, आवश्यक वैधानिक कार्रवाई तथा दुर्घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। वाहन की गति, दुर्घटना की परिस्थितियां तथा अन्य तथ्यों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
सारांश
शोहरतगढ़ के मड़वा मार्ग स्थित NH-730 पर हुए भीषण सड़क हादसे में बाइक सवार तीन लोग दुर्घटना का शिकार हुए। एक व्यक्ति की मौके पर मृत्यु हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।
(संपादकीय अस्वीकरण)
यह समाचार प्रत्यक्ष रूप से प्राप्त प्रारंभिक जानकारी पर आधारित है। दुर्घटना के कारण, जिम्मेदारी तथा अन्य तथ्यों की अंतिम पुष्टि पुलिस जांच और संबंधित अधिकारियों की आधिकारिक सूचना के बाद ही मानी जाएगी।
जिलाधिकारी ने किया जलजमाव का निरीक्षण
सिद्धार्थनगर 18 जुलाई 2026/जिलाधिकारी श्री शिवशरणप्पा जीएन द्वारा भारी बारिश से नगर पालिका परिषद, सिद्धार्थनगर क्षेत्र में जलजमाव का निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी श्री शिवशरणप्पा जीएन ने वी-मार्ट के सामने, हाइडिल तिराहा का निरीक्षण किया। जिलाधिकारी ने अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद सिद्धार्थनगर को नालो की सफाई कराकर जल निकासी की व्यवस्था कराने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि जिन क्षेत्रों में जल जमाव है जल निकासी की समुचित व्यवस्था कराये।
इस अवसर पर अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद सिद्धार्थनगर अजय कुमार सिंह, उपस्थित थे।
प्रेस की आजादी पर दिल्ली हाईकोर्ट की अहम टिप्पणी, जवाबदेही सुनिश्चित करने की जरूरत बताई
नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने प्रेस की स्वतंत्रता को लोकतंत्र की आधारशिला बताते हुए कहा है कि इसके साथ जवाबदेही भी उतनी ही आवश्यक है। अदालत ने टिप्पणी की कि डिजिटल दौर में मोबाइल और माइक्रोफोन के सहारे स्वयं को पत्रकार बताने वाले लोगों की संख्या बढ़ी है। ऐसे में सरकार और विधायिका उपयुक्त नियामक व्यवस्था पर विचार कर सकती है, ताकि स्वतंत्र पत्रकारिता सुरक्षित रहे और गैर-जिम्मेदार गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।
देश में तेजी से बढ़ते डिजिटल मीडिया और सोशल मीडिया के दौर में पत्रकारिता की विश्वसनीयता, जवाबदेही और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि प्रेस की स्वतंत्रता संविधान प्रदत्त अधिकार है, लेकिन इसका उपयोग जिम्मेदारी, निष्पक्षता और कानून के दायरे में रहकर किया जाना चाहिए।
प्रेस की स्वतंत्रता लोकतंत्र की ताकत, लेकिन जवाबदेही भी उतनी ही जरूरी : दिल्ली हाईकोर्ट
नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने एक मामले की सुनवाई के दौरान प्रेस की स्वतंत्रता और पत्रकारिता की जिम्मेदारी पर महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा कि स्वतंत्र एवं निष्पक्ष प्रेस लोकतंत्र का मजबूत स्तंभ है। न्यायालय ने कहा कि लोकतंत्र में मीडिया की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है, लेकिन इसके साथ नैतिक आचरण, तथ्यपरक रिपोर्टिंग और सार्वजनिक जवाबदेही भी आवश्यक है।
अदालत ने कहा कि वर्तमान समय में डिजिटल प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया के विस्तार के कारण समाचारों का प्रसार पहले की तुलना में कहीं अधिक तेज हो गया है। इस दौरान ऐसे कई लोग भी सामने आए हैं जो केवल मोबाइल फोन और माइक्रोफोन के सहारे स्वयं को पत्रकार बताते हैं, जबकि अनेक मामलों में उनके पास पत्रकारिता का प्रशिक्षण, संपादकीय व्यवस्था अथवा संस्थागत जवाबदेही का अभाव दिखाई देता है।
न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि उसकी टिप्पणी का उद्देश्य किसी पत्रकार, मीडिया संस्थान या डिजिटल प्लेटफॉर्म की स्वतंत्रता को सीमित करना नहीं है। अदालत का कहना था कि प्रेस की स्वतंत्रता संविधान के मूल्यों का महत्वपूर्ण हिस्सा है और उसका संरक्षण आवश्यक है, किंतु इसके साथ कानून, पत्रकारिता की नैतिकता तथा नागरिकों के अधिकारों का सम्मान भी सुनिश्चित होना चाहिए।
इसी संदर्भ में हाईकोर्ट ने सरकार और विधायिका से इस दिशा में उपयुक्त नियामक व्यवस्था पर विचार करने की आवश्यकता जताई, जिससे एक ओर निष्पक्ष एवं स्वतंत्र पत्रकारिता को संरक्षण मिले और दूसरी ओर फर्जी, गैर-जिम्मेदार अथवा भय पैदा करने वाली गतिविधियों के मामलों में प्रभावी जवाबदेही तय की जा सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल पत्रकारिता के बढ़ते प्रभाव के बीच यह टिप्पणी मीडिया की विश्वसनीयता, तथ्यपरकता और पेशेवर मानकों को लेकर एक महत्वपूर्ण संदेश के रूप में देखी जा रही है। हालांकि किसी भी प्रकार की नियामक व्यवस्था संविधान द्वारा प्रदत्त अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता तथा प्रेस की आजादी के अनुरूप ही बनाई जाएगी।
सारांश
दिल्ली हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि प्रेस की स्वतंत्रता लोकतंत्र की आत्मा है, लेकिन इसके साथ जवाबदेही, तथ्यपरकता, निष्पक्षता और कानून का पालन भी अनिवार्य है। अदालत ने सरकार एवं विधायिका को ऐसा संतुलित नियामक ढांचा विकसित करने पर विचार करने की आवश्यकता बताई है, जिससे स्वतंत्र पत्रकारिता सुरक्षित रहे और गैर-जिम्मेदार गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके।
(अस्वीकरण)यह समाचार न्यायालय की सार्वजनिक टिप्पणियों पर आधारित है। इसमें किसी व्यक्ति, संस्था, मीडिया संगठन अथवा पत्रकार के संबंध में कोई स्वतंत्र आरोप या निष्कर्ष प्रस्तुत नहीं किया गया है। संबंधित मामले का अंतिम निर्णय सक्षम न्यायालय द्वारा विधि के अनुसार किया जाएगा।
दो माह में उखड़ी लाखों की इंटरलॉकिंग! पहली बारिश में खुली गुणवत्ता की परतें, ग्रामीणों ने उठाए गंभीर सवाल
तेजगढ़ ग्राम पंचायत में हाल ही में बनी सड़क क्षतिग्रस्त होने का दावा, भुगतान संबंधी दस्तावेज़ों का हवाला देते हुए निष्पक्ष तकनीकी जांच की मांग।
सिद्धार्थनगर। विकासखंड बांसी की ग्राम पंचायत तेजगढ़ में हाल ही में निर्मित इंटरलॉकिंग सड़क पहली ही बरसात के बाद क्षतिग्रस्त होने का मामला चर्चा का विषय बन गया है। सड़क के कई हिस्सों में इंटरलॉकिंग ईंटें उखड़ने और किनारों के क्षतिग्रस्त होने के बाद ग्रामीणों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए पूरे प्रकरण की निष्पक्ष तकनीकी जांच की मांग की है।
ग्रामीणों का आरोप है कि लाखों रुपये की लागत से निर्मित इंटरलॉकिंग सड़क महज दो महीने के भीतर ही जगह-जगह उखड़ने लगी। उनका कहना है कि यदि निर्माण कार्य निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप किया गया होता तो सड़क पहली ही बरसात में इस प्रकार क्षतिग्रस्त नहीं होती।
मुख्य समाचार
ग्रामीणों के अनुसार सड़क के कई हिस्सों में इंटरलॉकिंग ईंटें बाहर निकल आई हैं तथा किनारों पर धंसाव और टूट-फूट देखी जा रही है। उनका आरोप है कि निर्माण कार्य में मजबूत बेस तैयार करने और निर्धारित गुणवत्ता वाली सामग्री के उपयोग में लापरवाही बरती गई।
ग्रामीणों ने कुछ भुगतान संबंधी दस्तावेज़ों का भी हवाला देते हुए मांग की है कि संबंधित कार्य पर हुए खर्च, निर्माण सामग्री की गुणवत्ता, तकनीकी स्वीकृति तथा भुगतान प्रक्रिया की स्वतंत्र जांच कराई जाए। उनका कहना है कि यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों, तकनीकी कर्मचारियों एवं कार्यदायी संस्था के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और समाचार लिखे जाने तक संबंधित विभाग अथवा जिम्मेदार अधिकारियों का पक्ष प्राप्त नहीं हो सका। उनका पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
ग्रामीणों का कहना है कि सरकार की मंशा गांवों का समुचित विकास करना है, लेकिन यदि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर प्रभावी निगरानी नहीं हुई तो योजनाओं का उद्देश्य प्रभावित हो सकता है। अब यह देखना होगा कि जिला प्रशासन शिकायतों को किस स्तर पर जांच के दायरे में लेकर आगे की कार्रवाई करता है।
स्थान: ग्राम पंचायत तेजगढ़, विकासखंड बांसी, जनपद सिद्धार्थनगर
मुख्य बिंदु
पहली बरसात के बाद इंटरलॉकिंग सड़क क्षतिग्रस्त होने का दावा।
ग्रामीणों ने निर्माण गुणवत्ता पर सवाल उठाए।
भुगतान संबंधी दस्तावेज़ों के आधार पर जांच की मांग।
तकनीकी परीक्षण एवं जिम्मेदारी तय करने की मांग।
संबंधित विभाग का पक्ष आना शेष।
सारांश
तेजगढ़ ग्राम पंचायत में हाल ही में बनी इंटरलॉकिंग सड़क के क्षतिग्रस्त होने को लेकर ग्रामीणों ने गुणवत्ता और भुगतान प्रक्रिया की निष्पक्ष तकनीकी जांच की मांग की है। अब प्रशासनिक जांच और संबंधित विभाग के आधिकारिक पक्ष पर सभी की निगाहें टिकी हैं।


“तस्वीरों में दिखाई दे रही क्षतिग्रस्त इंटरलॉकिंग सड़क, जबकि ग्रामीणों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए तकनीकी जांच की मांग की है।”
DM को गुहार, फिर भी नहीं सुनवाई! जलभराव में डूबा ककरही, ग्रामीणों का फूटा आक्रोश
DM को गुहार, फिर भी नहीं मिली राहत!
जलभराव में डूबा ककरही, ग्रामीण बोले— आखिर कब जागेगा प्रशासन?
10 दिन पहले सौंपा गया था शिकायत पत्र, लगातार बारिश के बीच सड़कें बनीं तालाब; महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों का निकलना हुआ मुश्किल
ग्रामीणों की पीड़ा
10 दिन पहले जिलाधिकारी को सौंपा गया शिकायत पत्र।
लगातार बारिश से मुख्य मार्ग पर जलभराव।
पानी निकासी की व्यवस्था नहीं होने का दावा।
महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग रोजाना परेशानी झेलने को मजबूर।
जर्जर सड़क और लटकते बिजली के तारों से दुर्घटना का खतरा।
क्या है पूरा मामला?
ग्राम पंचायत: ककरही
विकास खंड: जोगिया
जनपद: सिद्धार्थनगर
ग्रामीणों की प्रमुख मांगें
मुख्य मार्ग से तत्काल जल निकासी।
जर्जर सड़क का निर्माण।
नालियों की स्थायी व्यवस्था।
बिजली के जर्जर तारों की मरम्मत।
बरसात से पहले स्थायी विकास कार्य।
सिद्धार्थनगर जनपद के विकास खंड जोगिया अंतर्गत ग्राम पंचायत ककरही में लगातार हो रही बारिश ने ग्रामीणों की परेशानियां बढ़ा दी हैं। गांव के मुख्य मार्ग पर जलभराव और कीचड़ के कारण आवागमन प्रभावित है। ग्रामीणों का कहना है कि लगभग दस दिन पहले जिलाधिकारी को लिखित शिकायत देकर समस्या से अवगत कराया गया था, लेकिन अब तक उन्हें कोई ठोस राहत नहीं मिली। इससे नाराज ग्रामीणों ने मीडिया के सामने अपनी समस्याएं रखते हुए प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई की मांग की है।
सिद्धार्थनगर से FT News Digital
गांव की गलियां पानी से लबालब हैं। कई स्थानों पर सड़कें तालाब जैसी दिखाई दे रही हैं। ऐसे में स्कूल जाने वाले बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और रोज कमाने-खाने वाले लोगों को रोजाना कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि जलभराव के कारण गांव में गंदगी बढ़ रही है, जिससे संक्रामक बीमारियों और जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा भी बना हुआ है।
ग्रामीणों के अनुसार यह समस्या नई नहीं है। उनका कहना है कि कई बार ग्राम प्रधान, पंचायत सचिव और संबंधित अधिकारियों को मौखिक तथा लिखित रूप से अवगत कराया गया, लेकिन स्थायी समाधान नहीं हो पाया।
ग्रामीणों ने मीडिया को बताया कि जिलाधिकारी को दिए गए शिकायती पत्र में जल निकासी और सड़क निर्माण की मांग की गई थी। शिकायत के बाद भी स्थिति जस की तस रहने से लोगों में नाराजगी है।
मीडिया के सामने अपनी बात रखते हुए ग्रामीणों ने कहा कि बरसात के दौरान गांव का मुख्य मार्ग पूरी तरह जलमग्न हो जाता है, जिससे दैनिक जीवन प्रभावित हो जाता है। कई घरों के आसपास भी पानी जमा रहने की बात ग्रामीणों ने कही।
पूर्व ग्राम प्रधान भारत प्रसाद लोधी की अगुवाई में ग्रामीणों ने प्रशासन से गांव का स्थलीय निरीक्षण कराकर स्थायी समाधान की मांग की। इस दौरान रोहित लोधी, सत्यजीत, वरुण, मन्नू, पप्पू, सोनू, शशिकला, फूलवती, दुर्गावती, रामअवतार यादव, प्रेमलता लोधी, चंदन लोधी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

ग्राउंड रिपोर्ट
मौके पर मौजूद दृश्य बताते हैं कि कई स्थानों पर सड़क पर पानी जमा है और लोगों को उसी रास्ते से होकर गुजरना पड़ रहा है। महिलाओं और बच्चों को पानी के बीच आवागमन करते देखा गया। ग्रामीणों ने जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त कराने की मांग दोहराई।
जनता की मांग
गांव का तत्काल सर्वे कराया जाए।
जल निकासी की स्थायी व्यवस्था हो।
क्षतिग्रस्त सड़क का निर्माण कराया जाए।
बिजली के जर्जर तार बदले जाएं।
जिम्मेदार विभाग संयुक्त निरीक्षण कर रिपोर्ट सार्वजनिक करे।
प्रशासन का पक्ष
समाचार लिखे जाने तक संबंधित विभाग अथवा जिला प्रशासन की ओर से इस शिकायत पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हो सकी थी। यदि प्रशासन का पक्ष प्राप्त होता है तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
सारांश
लगातार बारिश के बीच ककरही गांव में जलभराव की समस्या को लेकर ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि शिकायतों के बावजूद समस्या बनी हुई है और इससे आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है। अब ग्रामीण जिला प्रशासन से मौके का निरीक्षण कर शीघ्र समाधान की अपेक्षा कर रहे हैं।
फोटो-1: जिलाधिकारी कार्यालय में शिकायत पत्र सौंपते ग्रामीण प्रतिनिधि।

फोटो-2: ककरही गांव के मुख्य मार्ग पर जलभराव के बीच आवागमन करती महिला।

फोटो-3: गांव में जलभराव और कीचड़ से प्रभावित सड़क।
“ग्रामीणों का कहना है कि शिकायत के बावजूद अब तक समस्या का समाधान नहीं हुआ, जिससे बरसात में सामान्य जनजीवन प्रभावित है।”
ग्रामीणों की जुबानी
“हम चाहते हैं कि अधिकारी गांव में आकर खुद हालात देखें और जल निकासी व सड़क निर्माण का स्थायी समाधान कराएं।”
यह समाचार ग्रामीणों द्वारा उपलब्ध कराए गए शिकायत पत्र, मौके के दृश्य और उनके बयानों के आधार पर तैयार किया गया है। समाचार में व्यक्त आरोप संबंधित ग्रामीणों के दावे हैं। FT News Digital किसी व्यक्ति या संस्था को दोषी घोषित नहीं करता। यदि जिला प्रशासन, ग्राम पंचायत या संबंधित विभाग अपना पक्ष उपलब्ध कराता है, तो उसे भी समान प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया जाएगा।
बारिश बनी आफत: जलमग्न हुई सिद्धार्थनगर की नवीन मंडी, किसानों-व्यापारियों ने किया प्रदर्शन

जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग, प्रशासन से शीघ्र समाधान की अपील
स्थान: नवीन फल एवं सब्जी मंडी, सिद्धार्थनगर
मुद्दा: मूसलाधार बारिश के बाद मंडी परिसर में जलभराव
मुख्य मांग: तत्काल जल निकासी एवं स्थायी समाधान
प्रमुख मौजूदगी: मंडी समिति जिला अध्यक्ष दिलीप कुमार गुप्ता, आढ़ती उदय प्रताप यादव, रामनयन यादव, फतेह मोहम्मद, घनश्याम सहित बड़ी संख्या में व्यापारी व किसान
सिद्धार्थनगर। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जिला मुख्यालय स्थित कृषि उत्पादन मंडी समिति की नवीन फल एवं सब्जी मंडी की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मंडी परिसर में भारी जलभराव होने से किसानों, आढ़तियों और व्यापारियों को अपने दैनिक कार्यों में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। मंडी में पानी भर जाने से उपज की खरीद-फरोख्त प्रभावित होने की बात भी व्यापारियों ने कही।
व्यापारियों का कहना है कि जल निकासी की व्यवस्था पर्याप्त नहीं होने के कारण प्रत्येक वर्ष बारिश के दौरान ऐसी स्थिति उत्पन्न हो जाती है। उनका आरोप है कि समस्या लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन अभी तक इसका स्थायी समाधान नहीं हो सका है।
इसी मुद्दे को लेकर शनिवार को मंडी परिसर में व्यापारियों और किसानों ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया तथा शासन-प्रशासन से शीघ्र जल निकासी कराने और भविष्य के लिए स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान मंडी समिति के जिला अध्यक्ष दिलीप कुमार गुप्ता, आढ़ती उदय प्रताप यादव, रामनयन यादव, फतेह मोहम्मद, घनश्याम सहित सैकड़ों किसान और व्यापारी मौजूद रहे। सभी ने प्रशासन से जल्द कार्रवाई की अपेक्षा जताई।
“सिद्धार्थनगर की नवीन फल एवं सब्जी मंडी लगातार बारिश के बाद जलमग्न हो गई है। जलभराव से परेशान किसानों और व्यापारियों ने मंडी परिसर में प्रदर्शन कर प्रशासन से तत्काल जल निकासी और स्थायी समाधान की मांग की है।”
सिद्धार्थनगर में भारी बारिश के चलते कक्षा 1 से 8 तक के सभी विद्यालय आज बंद
सिद्धार्थनगर, 18 जुलाई 2026। जनपद में लगातार हो रही भारी बारिश और जलभराव की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने छात्रों की सुरक्षा के मद्देनज़र बड़ा निर्णय लिया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर शनिवार, 18 जुलाई 2026 को जिले के कक्षा 1 से 8 तक के सभी परिषदीय, सहायता प्राप्त एवं मान्यता प्राप्त विद्यालयों में अवकाश घोषित किया गया है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, सिद्धार्थनगर द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि जिले में हो रही अतिवृष्टि के कारण बच्चों के विद्यालय आने-जाने में कठिनाई और संभावित खतरे को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। आदेश के अनुसार सभी संबंधित विद्यालय आज पूरी तरह बंद रहेंगे।
बीएसए ने सभी विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों, प्रबंधकों एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि अवकाश संबंधी आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।
जिला प्रशासन ने अभिभावकों से भी अपील की है कि वे खराब मौसम को देखते हुए बच्चों को अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने दें तथा मौसम सामान्य होने तक पूरी सावधानी बरतें।
“पॉक्सो व दुष्कर्म मामले में वांछित आरोपी गिरफ्तार, जोगिया उदयपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई”

पोक्सो व दुष्कर्म मामले का वांछित आरोपी गिरफ्तार, पुलिस ने न्यायालय भेजा
जोगिया उदयपुर पुलिस की कार्रवाई, फरार चल रहे आरोपी को कलानमक ढाबा पुलिया के पास से दबोचा
सिद्धार्थनगर में पॉक्सो एक्ट एवं दुष्कर्म के गंभीर मामले में फरार चल रहे आरोपी को जोगिया उदयपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायालय भेज दिया। पुलिस के अनुसार आरोपी के विरुद्ध पहले से मुकदमा दर्ज था और उसकी तलाश की जा रही थी।
सिद्धार्थनगर। जनपद में महिलाओं एवं बच्चों के विरुद्ध अपराधों पर प्रभावी कार्रवाई के तहत जोगिया उदयपुर थाना पुलिस ने दुष्कर्म एवं पॉक्सो एक्ट से जुड़े मामले में वांछित एक अभियुक्त को गिरफ्तार कर न्यायालय भेज दिया।
पुलिस के अनुसार, थाना जोगिया उदयपुर पर दर्ज मु0अ0सं0 94/2026 में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 65(1), 87, 137(2) तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 3/4 के तहत मुकदमा पंजीकृत है। इसी मामले में वांछित अभियुक्त अजय पुत्र दूधनाथ, निवासी ग्राम गोपालपुर, टोला कैथवलिया, थाना बृजमनगंज, जनपद महराजगंज को पुलिस टीम ने कलानमक ढाबा पुलिया के पास से गिरफ्तार किया।
पुलिस ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी के बाद आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी करते हुए उसे माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से आगे की न्यायिक प्रक्रिया संपन्न की जाएगी।
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन द्वारा चलाए जा रहे अपराध नियंत्रण एवं वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी अभियान के तहत की गई। अभियान का निर्देशन अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार प्रसाद तथा पर्यवेक्षण क्षेत्राधिकारी बांसी शुभेन्दु सिंह द्वारा किया गया। कार्रवाई थाना प्रभारी अभय सिंह के नेतृत्व में संपन्न हुई।
पुलिस टीम में उपनिरीक्षक अवधेश कुमार यादव, हेड कांस्टेबल श्रीनन्द यादव तथा हेड कांस्टेबल जितेन्द्र सिंह शामिल रहे।
नोट: यह मामला विचाराधीन है। आरोपी की गिरफ्तारी पुलिस द्वारा दर्ज मुकदमे के आधार पर की गई है। आरोपों का अंतिम निर्णय न्यायालय द्वारा साक्ष्यों के आधार पर किया जाएगा।
घटना का संक्षिप्त क्रम
पीड़ित की शिकायत पर जोगिया उदयपुर थाने में दुष्कर्म एवं पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
आरोपी घटना के बाद फरार चल रहा था।
पुलिस ने लगातार तलाश के बाद आरोपी को कलानमक ढाबा पुलिया के पास से गिरफ्तार किया।
गिरफ्तारी के बाद विधिक प्रक्रिया पूरी कर न्यायालय भेज दिया गया।
पुलिस का पक्ष
पुलिस के अनुसार, महिलाओं एवं बच्चों के विरुद्ध अपराध करने वाले आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान लगातार चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत वांछित आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय भेजा गया है।
सारांश
जोगिया उदयपुर पुलिस ने दुष्कर्म एवं पॉक्सो एक्ट के एक मामले में वांछित आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय भेज दिया। पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई है। मामले की आगे की सुनवाई न्यायालय में होगी।
सीमा सुरक्षा के साथ जनसेवा का संकल्प: एसएसबी ने लगाया पशु चिकित्सा शिविर, 250 पशुओं का किया उपचार

सीमा पर सेवा का संकल्प: एसएसबी ने लगाया निःशुल्क पशु चिकित्सा शिविर, 250 पशुओं का हुआ उपचार
43वीं वाहिनी एसएसबी की जनकल्याणकारी पहल से सीमावर्ती ग्रामीणों को मिली बड़ी राहत, पशुपालकों को निःशुल्क दवा, उपचार और पशुपालन संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।
सारांश
फसादीपुर गांव में एसएसबी 43वीं वाहिनी की ओर से निःशुल्क पशु चिकित्सा शिविर।
लगभग 250 गाय, भैंस, बकरी एवं अन्य पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण।
पशुओं को निःशुल्क दवा वितरित, टीकाकरण एवं देखभाल की दी गई जानकारी।
सीमावर्ती ग्रामीणों ने एसएसबी की जनसेवा पहल की सराहना की।
भारत-नेपाल सीमा पर तैनात सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) 43वीं वाहिनी ने एक बार फिर सीमा सुरक्षा के साथ जनसेवा की अपनी प्रतिबद्धता का परिचय दिया। कमांडेंट उज्जल दत्ता के निर्देशन में बीओपी ककरहवां द्वारा सीमावर्ती फसादीपुर गांव में निःशुल्क पशु चिकित्सा एवं दवा वितरण शिविर आयोजित किया गया, जिसमें करीब 250 पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार किया गया।
शिविर का संचालन असिस्टेंट कमांडेंट निलेश मासुले एवं इंस्पेक्टर सुनील पाण्डेय के नेतृत्व में किया गया। इस दौरान एसएसबी के मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी (एस.जी.) डॉ. चन्दन तालुकदार ने स्वयं उपस्थित होकर गाय, भैंस, बकरी सहित अन्य पालतू पशुओं की जांच की तथा आवश्यकतानुसार निःशुल्क दवाओं का वितरण किया।
शिविर में कई पशु सामान्य संक्रमण, त्वचा रोग, बुखार एवं अन्य मौसमी बीमारियों से प्रभावित पाए गए, जिनका मौके पर उपचार किया गया। पशुपालकों को पशुओं के नियमित टीकाकरण, संतुलित आहार, स्वच्छ रखरखाव तथा मौसमी बीमारियों से बचाव के उपायों की विस्तृत जानकारी भी दी गई।
ग्रामीणों ने एसएसबी की इस जनहितकारी पहल की सराहना करते हुए कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में ऐसे शिविर आर्थिक रूप से कमजोर पशुपालकों के लिए अत्यंत लाभदायक हैं। इससे उन्हें दूर-दराज के पशु चिकित्सालयों तक जाने की आवश्यकता नहीं पड़ती और समय पर उपचार उपलब्ध हो जाता है।
इस अवसर पर व्यापार संगठन अध्यक्ष अमन जायसवाल, प्रहलाद गुप्ता, बृजलाल यादव, अखिलेश कुमार, नंदलाल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। एसएसबी के जवानों ने शिविर में आने वाले पशुपालकों को आवश्यक सहयोग प्रदान करते हुए पूरे कार्यक्रम को सुव्यवस्थित ढंग से सम्पन्न कराया।
असिस्टेंट कमांडेंट निलेश मासुले ने कहा कि सीमा की सुरक्षा के साथ-साथ सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों की सेवा करना भी एसएसबी की प्राथमिक जिम्मेदारियों में शामिल है। उन्होंने बताया कि बल द्वारा समय-समय पर स्वास्थ्य, पशु चिकित्सा, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण एवं जनजागरूकता से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं और भविष्य में भी इस प्रकार के सेवा कार्य निरंतर जारी रहेंगे।
फसादीपुर में आयोजित यह शिविर न केवल पशुपालकों के लिए लाभकारी सिद्ध हुआ, बल्कि इससे एसएसबी और स्थानीय नागरिकों के बीच विश्वास एवं सहयोग भी और मजबूत हुआ। ग्रामीणों ने भविष्य में भी ऐसे शिविर नियमित रूप से आयोजित किए जाने की मांग की।

फोटो: फसादीपुर गांव में आयोजित निःशुल्क पशु चिकित्सा शिविर में पशुओं का उपचार करते एसएसबी के पशु चिकित्सक एवं मौजूद अधिकारी।
संघर्ष की तपिश में तपकर चमका सपना: पिता के अधूरे अरमान को बेटे ऋतुराज शर्मा ने NEET UG-2026 में सफलता से दिया नया जीवन

लॉकडाउन में पिता का साया उठने के बाद भी नहीं डगमगाए कदम, कठिन हालात को बनाया ताकत; नौगढ़ के होनहार ने सिद्धार्थनगर का बढ़ाया मान, क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल
“जब हौसले ज़िंदा हों तो मुश्किलें रास्ता नहीं रोकतीं…”
दिवंगत समाजसेवी स्वर्गीय भुनेश्वर शर्मा के पुत्र ऋतुराज शर्मा ने NEET UG-2026 में सफलता हासिल कर यह साबित कर दिया कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, दृढ़ संकल्प और निरंतर मेहनत से हर सपना साकार किया जा सकता है।
सिद्धार्थनगर। कभी-कभी एक सफलता सिर्फ परीक्षा पास करने की खबर नहीं होती, बल्कि वह संघर्ष, संस्कार, आत्मविश्वास और परिवार के अधूरे सपनों की नई शुरुआत बन जाती है। नौगढ़ के युवा ऋतुराज शर्मा की सफलता भी ऐसी ही एक प्रेरक कहानी है। लॉकडाउन के दौरान पिता का साया सिर से उठ गया, लेकिन उन्होंने परिस्थितियों के आगे हार मानने के बजाय उन्हें अपनी ताकत बना लिया। वर्षों की कठिन मेहनत, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति अटूट विश्वास ने उन्हें NEET UG-2026 में सफलता दिलाई। आज पूरा सिद्धार्थनगर इस उपलब्धि पर गर्व महसूस कर रहा है।
सिद्धार्थनगर | विशेष संवाददाता
नौगढ़ नगर निवासी ऋतुराज शर्मा ने देश की प्रतिष्ठित मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG-2026 में सफलता अर्जित कर जनपद सिद्धार्थनगर का नाम गौरवान्वित किया है। उनकी इस उपलब्धि पर नगर सहित पूरे जिले में बधाइयों का सिलसिला जारी है।
ऋतुराज, क्षेत्र के दिवंगत समाजसेवी स्वर्गीय भुनेश्वर शर्मा के पुत्र हैं। सामाजिक जीवन में सक्रिय रहे भुनेश्वर शर्मा को क्षेत्र के लोग आज भी सम्मान के साथ याद करते हैं। लॉकडाउन के दौरान उनके निधन के बाद परिवार पर कठिन समय आया, लेकिन बेटे ऋतुराज ने अपने लक्ष्य से ध्यान नहीं हटाया।
कठिन परिस्थितियों के बीच उन्होंने नियमित अध्ययन जारी रखा और अपने सपनों को टूटने नहीं दिया। उनकी सफलता इस बात का उदाहरण है कि संकल्प मजबूत हो तो हालात भी रास्ता नहीं रोक पाते।
ऋतुराज ने अपनी इस सफलता का श्रेय अपनी माता के त्याग, गुरुजनों के मार्गदर्शन, परिवार के सहयोग और अपने दिवंगत पिता की प्रेरणा को दिया। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य केवल डॉक्टर बनना नहीं, बल्कि समाज की सेवा करना है। यही उनके पिता का भी सपना था।
नगर के लोगों का कहना है कि ऋतुराज ने अपने पिता के सामाजिक मूल्यों और संस्कारों को आगे बढ़ाते हुए शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। उनकी यह सफलता जिले के हजारों विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।
सोशल मीडिया पर भी ऋतुराज शर्मा को लगातार बधाइयां मिल रही हैं। शिक्षकों, समाजसेवियों, जनप्रतिनिधियों और शुभचिंतकों ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि सिद्धार्थनगर के युवाओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, जरूरत केवल सही दिशा और निरंतर प्रयास की है।
ऋतुराज शर्मा एक नजर में
नाम : ऋतुराज शर्मा
निवास : नौगढ़, सिद्धार्थनगर
पिता : स्वर्गीय भुनेश्वर शर्मा
उपलब्धि : NEET UG-2026 में सफलता
लक्ष्य : डॉक्टर बनकर समाज की सेवा करना
संघर्ष से सफलता तक…
✅ लॉकडाउन में पिता का निधन
✅ कठिन परिस्थितियों में भी पढ़ाई जारी रखी
✅ NEET UG-2026 में सफलता हासिल की
✅ पूरे सिद्धार्थनगर का नाम किया रोशन
✅ युवाओं के लिए बने प्रेरणा स्रोत
ऋतुराज शर्मा की सफलता यह संदेश देती है कि जीवन में आने वाली कठिन परिस्थितियां लक्ष्य प्राप्ति की राह में बाधा अवश्य बन सकती हैं, लेकिन दृढ़ निश्चय और निरंतर प्रयास उन्हें पार करने की शक्ति भी देते हैं। उनकी उपलब्धि क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक उदाहरण के रूप में देखी जा रही है।
सारांश
नौगढ़ निवासी ऋतुराज शर्मा ने NEET UG-2026 में सफलता प्राप्त कर सिद्धार्थनगर का नाम रोशन किया है। पिता के निधन के बाद भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और कठिन परिस्थितियों में पढ़ाई जारी रखी। उनकी सफलता को क्षेत्र के लोग संघर्ष, संस्कार और समर्पण की प्रेरक मिसाल के रूप में देख रहे हैं। यह उपलब्धि जनपद के युवाओं को बड़े लक्ष्य हासिल करने की प्रेरणा देती है।
किराना व्यापारी के बेटे ने किया कमाल, NEET-2026 क्वालीफाई कर सिद्धार्थनगर का बढ़ाया मान
सेंट जेवियर्स स्कूल के पूर्व छात्र अंकित जायसवाल ने NEET-2026 में सफलता हासिल कर मेहनत, अनुशासन और पारिवारिक संस्कार की मिसाल पेश की।
साधारण परिवार का होनहार बेटा बना युवाओं के लिए प्रेरणा, क्षेत्र में खुशी का माहौल।
सिद्धार्थनगर। सीमित संसाधनों के बीच बड़े सपने देखने और उन्हें मेहनत के दम पर साकार करने वाले युवा अक्सर समाज के लिए प्रेरणा बन जाते हैं। जनपद सिद्धार्थनगर के बर्डपुर नंबर-9, टोला हथिहवा निवासी अंकित जायसवाल ने NEET (UG)-2026 परीक्षा उत्तीर्ण कर न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र का गौरव बढ़ाया है। उनकी सफलता से क्षेत्र में खुशी का माहौल है और लोग उन्हें बधाई देकर उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दे रहे हैं।
सिद्धार्थनगर | विशेष संवाददाता
जनपद सिद्धार्थनगर के बर्डपुर नंबर-9, टोला हथिहवा निवासी अंकित जायसवाल ने देश की प्रतिष्ठित मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET (UG)-2026 में सफलता हासिल कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया है।
उपलब्ध स्कोर कार्ड के अनुसार अंकित ने 720 में 562 अंक प्राप्त किए हैं तथा ऑल इंडिया रैंक (AIR) 28455 हासिल की है। यह उपलब्धि उनके निरंतर परिश्रम और लक्ष्य के प्रति समर्पण को दर्शाती है।
अंकित के पिता शिवपूजन जायसवाल क्षेत्र में किराना व्यापार करने के साथ-साथ कृषि कार्य भी करते हैं। माता प्रेमा देवी ने बेटे की शिक्षा और संस्कारों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। साधारण पारिवारिक पृष्ठभूमि से निकलकर राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षा में सफलता प्राप्त करना क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणादायक माना जा रहा है।
अंकित ने अपनी प्रारंभिक एवं स्कूली शिक्षा सेंट जेवियर्स स्कूल से प्राप्त की। परिवार के सहयोग, शिक्षकों के मार्गदर्शन और अपनी निरंतर मेहनत के बल पर उन्होंने यह सफलता अर्जित की।
क्षेत्र के लोगों का कहना है कि अंकित की उपलब्धि यह संदेश देती है कि ईमानदार प्रयास, अनुशासित तैयारी और आत्मविश्वास के साथ बड़े से बड़ा लक्ष्य भी हासिल किया जा सकता है।
परिवार, शुभचिंतकों एवं क्षेत्रवासियों ने अंकित जायसवाल को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। सोशल मीडिया पर भी लोग उनकी सफलता की सराहना कर रहे हैं।
एक नजर में
नाम: अंकित जायसवाल
पिता: शिवपूजन जायसवाल
माता: प्रेमा देवी
निवास: ग्राम बर्डपुर नं. 9, टोला हथिहवा, सिद्धार्थनगर
शिक्षा: सेंट जेवियर्स स्कूल
उपलब्धि: NEET (UG)-2026 क्वालीफाई
ऑल इंडिया रैंक: 28455
प्राप्त अंक: 562/720
सारांश
सिद्धार्थनगर के बर्डपुर नंबर-9 निवासी अंकित जायसवाल ने NEET (UG)-2026 परीक्षा में सफलता प्राप्त कर परिवार और जनपद का नाम रोशन किया है। किराना व्यवसाय और खेती से जुड़े परिवार के इस होनहार छात्र की उपलब्धि क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बन रही है।
उमस भरी रातों में बिजली का संकट, ढेबरूआ उपकेंद्र से जुड़े गांवों के उपभोक्ताओं का फूटा गुस्सा

रोस्टरिंग के नाम पर घंटों बिजली कटौती का आरोप, ग्रामीण बोले— दिन में करें कटौती, रात में दें निर्बाध आपूर्ति; विभाग ने बताया निर्धारित रोस्टर के तहत हो रही सप्लाई।
रात 11 बजे के बाद कई बार ठप हुई बिजली, छोटे बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को सबसे अधिक परेशानी।
सिद्धार्थनगर। बरसात के मौसम में जहां लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिलने की उम्मीद थी, वहीं ढेबरूआ विद्युत उपकेंद्र से जुड़े दर्जनों गांवों में रात के समय लगातार हो रही बिजली कटौती ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि रोस्टरिंग के नाम पर कई-कई घंटे बिजली बंद रखी जा रही है, जिससे रात की नींद और दिनचर्या दोनों प्रभावित हो रही हैं। हालांकि बिजली विभाग का कहना है कि उच्चाधिकारियों के निर्देशानुसार निर्धारित रोस्टर के तहत ही विद्युत आपूर्ति की जा रही है।
सिद्धार्थनगर
बढ़नी ब्लॉक क्षेत्र के ढेबरूआ विद्युत उपकेंद्र से जुड़े गांवों में इन दिनों बिजली की अनियमित आपूर्ति आम लोगों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बनी हुई है। उमस भरी रातों में बार-बार बिजली गुल होने से हजारों उपभोक्ताओं को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि दिन में किसी तरह बिजली की आपूर्ति बनी रहती है, लेकिन रात होते ही कटौती का सिलसिला शुरू हो जाता है। कई बार रात में दो से तीन बार बिजली चली जाती है और लंबे अंतराल के बाद आपूर्ति बहाल होती है। ऐसे में घरों में रहना मुश्किल हो जाता है।
स्थानीय निवासी अनुज चौधरी, अजय, रामप्रताप चौधरी, मुमताज, अजय आजाद और विशाल रावत ने बताया कि रातभर बिजली की आंख-मिचौली के कारण लोगों की नींद पूरी नहीं हो पा रही है। उनका कहना है कि यदि रोस्टरिंग आवश्यक है तो उसे दिन के समय लागू किया जाए, ताकि रात में लोगों को राहत मिल सके।
ग्रामीणों के मुताबिक बुधवार की रात करीब 11 बजे बिजली आपूर्ति बाधित हुई, जो लगभग दो घंटे बाद बहाल हो सकी। इस दौरान उमस और गर्मी के कारण छोटे बच्चों, बुजुर्गों एवं बीमार लोगों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ी।
क्या कहता है बिजली विभाग?
इस संबंध में ढेबरूआ विद्युत उपकेंद्र के अवर अभियंता (जेई) सत्येंद्र कुमार ने बताया कि उच्चाधिकारियों के निर्देशानुसार निर्धारित रोस्टर के तहत बिजली आपूर्ति की जा रही है। उन्होंने कहा कि विभाग की कोशिश है कि उपभोक्ताओं को यथासंभव बेहतर विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराई जाए।
ग्रामीणों ने बिजली विभाग के उच्च अधिकारियों से मांग की है कि रात के समय होने वाली लंबी बिजली कटौती पर रोक लगाई जाए तथा नियमित एवं निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि उमस भरे मौसम में लोगों को राहत मिल सके।
ग्रामीणों की प्रमुख मांगें
रात में लंबी बिजली कटौती बंद की जाए।
रोस्टरिंग हो तो दिन के समय की जाए।
उमस के मौसम में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
बार-बार ट्रिपिंग और अनावश्यक कटौती पर प्रभावी नियंत्रण किया जाए।
सारांश
ढेबरूआ विद्युत उपकेंद्र से जुड़े गांवों में रात के समय लगातार हो रही बिजली कटौती से ग्रामीण परेशान हैं। उपभोक्ताओं ने नियमित बिजली आपूर्ति की मांग उठाई है, जबकि विभाग का कहना है कि निर्धारित रोस्टर के अनुसार ही बिजली आपूर्ति की जा रही है। खबर में दोनों पक्षों का पक्ष शामिल है, जिससे यह संतुलित और पत्रकारिता की दृष्टि से सुरक्षित प्रस्तुति है।
सिद्धार्थनगर के शिक्षक के बेटे ने किया कमाल, NEET-2026 में AIR 6421 हासिल कर जिले का बढ़ाया मान
श्री सिंहेश्वरी इंटर कॉलेज के शिक्षक महेंद्र के पुत्र अनुराग मौर्य ने 613 अंक और 99.6687826 पर्सेंटाइल के साथ रचा सफलता का इतिहास, विद्यालय में हुआ भव्य सम्मान।
सिद्धार्थनगर से बड़ी प्रेरणादायक खबर
सिद्धार्थनगर जनपद के श्री सिंहेश्वरी इंटर कॉलेज, तेतरी बाजार के शिक्षक महेंद्र के पुत्र अनुराग मौर्य ने देश की सबसे कठिन चिकित्सा प्रवेश परीक्षाओं में से एक NEET (UG)-2026 में शानदार सफलता हासिल कर जिले का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है।
जारी स्कोर कार्ड के अनुसार अनुराग मौर्य ने 720 में से 613 अंक, 99.6687826 पर्सेंटाइल तथा ऑल इंडिया रैंक (AIR) 6421 प्राप्त की है। वहीं OBC-NCL श्रेणी में उनकी कैटेगरी रैंक 2699 रही। अनुराग की इस ऐतिहासिक उपलब्धि से पूरे विद्यालय, परिवार और जनपद में खुशी की लहर है।
अनुराग की सफलता पर श्री सिंहेश्वरी इंटर कॉलेज परिसर में सम्मान समारोह आयोजित किया गया। विद्यालय के प्रबंधक संजय सिंह एवं प्रधानाचार्य विनय अनमोल ने अनुराग को फूल-माला पहनाकर और मिष्ठान खिलाकर सम्मानित किया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
इस अवसर पर विद्यालय परिवार ने कहा कि अनुराग की सफलता केवल एक छात्र की उपलब्धि नहीं, बल्कि सिद्धार्थनगर के प्रतिभाशाली युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। यह साबित करता है कि मेहनत, अनुशासन और लगन के बल पर राष्ट्रीय स्तर पर भी उत्कृष्ट सफलता प्राप्त की जा सकती है।
सम्मान समारोह में वरिष्ठ प्रवक्ता प्रदीप कुमार श्रीवास्तव, डॉ. हृदय नारायण मिश्र, रणजीत चौधरी, बृजेश कुमार त्रिपाठी, डॉ. प्रकाश श्रीवास्तव, मुकुल कुमार, राम उजागिर, डॉ. रंजनी रंजन, गिरिजेश कुमार सिंह, मान सिंह, रामकरन, मधुरेंद्र कुमार मिश्र, विनय कुमार गुप्त, श्रीमती रश्मि पांडेय, अंकित यादव, बृजेश पटेल, संतोष कुमार सहित समस्त विद्यालय परिवार उपस्थित रहा। सभी ने अनुराग को आशीर्वाद देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामनाएँ व्यक्त कीं।
सिद्धार्थनगर के शिक्षक के बेटे ने किया कमाल, NEET-2026 में AIR 6421 हासिल कर जिले का बढ़ाया मान
श्री सिंहेश्वरी इंटर कॉलेज के शिक्षक महेंद्र के पुत्र अनुराग मौर्य ने 613 अंक और 99.6687826 पर्सेंटाइल के साथ रचा सफलता का इतिहास, विद्यालय में हुआ भव्य सम्मान।
सिद्धार्थनगर से बड़ी प्रेरणादायक खबर
सिद्धार्थनगर जनपद के श्री सिंहेश्वरी इंटर कॉलेज, तेतरी बाजार के शिक्षक महेंद्र के पुत्र अनुराग मौर्य ने देश की सबसे कठिन चिकित्सा प्रवेश परीक्षाओं में से एक NEET (UG)-2026 में शानदार सफलता हासिल कर जिले का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है।
जारी स्कोर कार्ड के अनुसार अनुराग मौर्य ने 720 में से 613 अंक, 99.6687826 पर्सेंटाइल तथा ऑल इंडिया रैंक (AIR) 6421 प्राप्त की है। वहीं OBC-NCL श्रेणी में उनकी कैटेगरी रैंक 2699 रही। अनुराग की इस ऐतिहासिक उपलब्धि से पूरे विद्यालय, परिवार और जनपद में खुशी की लहर है।
अनुराग की सफलता पर श्री सिंहेश्वरी इंटर कॉलेज परिसर में सम्मान समारोह आयोजित किया गया। विद्यालय के प्रबंधक संजय सिंह एवं प्रधानाचार्य विनय अनमोल ने अनुराग को फूल-माला पहनाकर और मिष्ठान खिलाकर सम्मानित किया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
इस अवसर पर विद्यालय परिवार ने कहा कि अनुराग की सफलता केवल एक छात्र की उपलब्धि नहीं, बल्कि सिद्धार्थनगर के प्रतिभाशाली युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। यह साबित करता है कि मेहनत, अनुशासन और लगन के बल पर राष्ट्रीय स्तर पर भी उत्कृष्ट सफलता प्राप्त की जा सकती है।
सम्मान समारोह में वरिष्ठ प्रवक्ता प्रदीप कुमार श्रीवास्तव, डॉ. हृदय नारायण मिश्र, रणजीत चौधरी, बृजेश कुमार त्रिपाठी, डॉ. प्रकाश श्रीवास्तव, मुकुल कुमार, राम उजागिर, डॉ. रंजनी रंजन, गिरिजेश कुमार सिंह, मान सिंह, रामकरन, मधुरेंद्र कुमार मिश्र, विनय कुमार गुप्त, श्रीमती रश्मि पांडेय, अंकित यादव, बृजेश पटेल, संतोष कुमार सहित समस्त विद्यालय परिवार उपस्थित रहा। सभी ने अनुराग को आशीर्वाद देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामनाएँ व्यक्त कीं।
नई दिल्ली में संयुक्त संसदीय समिति की बैठक, तीन अहम संशोधन विधेयकों पर हुआ मंथन
संविधान संशोधन, जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन और केंद्र शासित प्रदेशों से जुड़े तीन महत्वपूर्ण विधेयकों पर संयुक्त संसदीय समिति में हुई चर्चा।
नई दिल्ली में आयोजित संयुक्त संसदीय समिति (Joint Parliamentary Committee) की बैठक में संविधान (130वां संशोधन) विधेयक, 2025, जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक, 2025 तथा केंद्र शासित प्रदेश सरकार (संशोधन) विधेयक, 2025 पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में समिति के सदस्यों ने विभिन्न प्रावधानों पर विचार-विमर्श करते हुए अपने सुझाव भी रखे।
नई दिल्ली में हुई अहम बैठक
राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में आयोजित संयुक्त संसदीय समिति की बैठक में देश के संवैधानिक और प्रशासनिक ढांचे से जुड़े महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा हुई। बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रस्तावित संशोधनों के विभिन्न पहलुओं का परीक्षण करना और संबंधित पक्षों के सुझावों पर विचार करना था।
बैठक में The Constitution (One Hundred and Thirtieth Amendment) Bill, 2025, The Jammu and Kashmir Reorganisation (Amendment) Bill, 2025 तथा The Government of Union Territories (Amendment) Bill, 2025 के प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक की प्रमुख बातें
नई दिल्ली में संयुक्त संसदीय समिति की बैठक आयोजित।
संविधान (130वां संशोधन) विधेयक, 2025 पर विचार।
जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक, 2025 पर चर्चा।
केंद्र शासित प्रदेश सरकार (संशोधन) विधेयक, 2025 भी एजेंडे में शामिल।
समिति के सदस्यों ने विभिन्न बिंदुओं पर सुझाव और विचार रखे।
क्या है संयुक्त संसदीय समिति (JPC)?
संयुक्त संसदीय समिति संसद की एक विशेष समिति होती है, जिसका गठन किसी महत्वपूर्ण विधेयक या विषय की विस्तृत समीक्षा के लिए किया जाता है। समिति संबंधित विधेयकों के विभिन्न पहलुओं का अध्ययन कर अपनी रिपोर्ट और सुझाव संसद के समक्ष प्रस्तुत करती है।
सोशल मीडिया के माध्यम से दी जानकारी
बैठक में शामिल सदस्य ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से जानकारी साझा करते हुए बताया कि उन्होंने इन तीनों महत्वपूर्ण विधेयकों पर आयोजित संयुक्त संसदीय समिति की बैठक में भाग लिया। पोस्ट में गृह मंत्रालय, प्रधानमंत्री कार्यालय और MyGov India को भी टैग किया गया।
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दहेज प्रताड़ना या हत्या? घर में दफन शव के सनसनीखेज मामले में तीन गिरफ्तार
दहेज प्रताड़ना और हत्या के आरोप वाले चर्चित मामले में डुमरियागंज पुलिस की बड़ी कार्रवाई, तीन नामजद अभियुक्त गिरफ्तार।
सिद्धार्थनगर जनपद के डुमरियागंज क्षेत्र में दहेज प्रताड़ना, कथित हत्या और शव को घर में दफनाने के आरोप से जुड़े चर्चित मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन वांछित आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय भेज दिया है। पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई पहले दर्ज मुकदमे में विवेचना के दौरान की गई है। मामले की आगे की जांच और विधिक प्रक्रिया जारी है।
दहेज प्रताड़ना के आरोप से शुरू हुआ मामला, हत्या और शव दफनाने तक पहुंची जांच
सिद्धार्थनगर के थाना डुमरियागंज क्षेत्र के चकमझारी गांव का यह मामला पहले दहेज प्रताड़ना की शिकायत के रूप में सामने आया था। बाद में पीड़िता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत और शव को घर में दफनाने के आरोप सामने आने पर मामला गंभीर हो गया। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में चर्चा पैदा कर दी थी।
पुलिस के अनुसार इस संबंध में थाना डुमरियागंज पर मु0अ0सं0 162/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 80(2), 85, 238(b) तथा दहेज प्रतिषेध अधिनियम की प्रासंगिक धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था।
गिरफ्तार अभियुक्त
शमशेर पुत्र नीबर
नीबर पुत्र स्व. सफई
खुशबून पत्नी नीबर
निवासी: चकमझारी, थाना डुमरियागंज, जनपद सिद्धार्थनगर।
पुलिस के अनुसार तीनों आरोपियों को 16 जुलाई 2026 को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से आगे की विधिक कार्रवाई की गई।
जांच के बाद हुई गिरफ्तारी
पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन के निर्देश, अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार प्रसाद के पर्यवेक्षण तथा क्षेत्राधिकारी डुमरियागंज बृजेश कुमार वर्मा के निर्देशन में प्रभारी निरीक्षक श्रीप्रकाश यादव के नेतृत्व में चलाए जा रहे अभियान के दौरान यह कार्रवाई की गई।
गिरफ्तारी टीम में उपनिरीक्षक अकरम खान, हेड कांस्टेबल राम भजन गौड़, आरक्षी अमन प्रतीक दूबे, आदित्य पाण्डेय तथा महिला आरक्षी नीशू शामिल रहीं।
महत्वपूर्ण तथ्य
दहेज प्रताड़ना और हत्या के आरोप वाला चर्चित मामला।
शव को घर में दफनाने का आरोप भी जांच का हिस्सा।
पुलिस ने तीन वांछित आरोपियों को गिरफ्तार किया।
सभी आरोपियों को न्यायालय भेजा गया।
मामले की विवेचना और न्यायिक प्रक्रिया जारी है।
यह समाचार उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस नोट और दर्ज मुकदमे में की गई पुलिस कार्रवाई पर आधारित है। आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है, लेकिन दोष सिद्ध होना न्यायालय के अंतिम निर्णय पर निर्भर करेगा। इसलिए सभी आरोपों को पुलिस के आरोप और विवेचना के संदर्भ में ही देखा जाना चाहिए।
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की परेशानी पर मिली राहत: जर्जर सड़क पर शुरू हुआ सुधार कार्य, ग्रामीणों ने लोक निर्माण अधिकारी शौकत अली की पहल को सराहा
शोहरतगढ़ (सिद्धार्थनगर) | FT NEWS DIGITAL
सिद्धार्थनगर जिले के शोहरतगढ़ क्षेत्र में वर्षों से बदहाल पड़ी दुधवानिया खुर्द–खुरहुरिया–हसुड़ी–गजेहड़ी मार्ग पर आखिरकार राहत की शुरुआत हुई है। लगातार उठती जनआवाज़, समाचार माध्यमों में प्रकाशित खबरों और ग्रामीणों की मांग के बाद लोक निर्माण विभाग ने सड़क पर ईंट डलवाकर अस्थायी रूप से आवागमन सुचारु कराने का कार्य शुरू कराया है। इस पहल से क्षेत्र के हजारों लोगों ने राहत की सांस ली है।
सारांश
▶ वर्षों से जर्जर सड़क पर विभाग की राहतकारी पहल।
▶ ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों के प्रयास के बाद सड़क पर डाली गई ईंट।
▶ आवागमन आसान हुआ, लेकिन स्थायी निर्माण की मांग अब भी बरकरार।
मुख्य समाचार
बढ़नी विकास खंड के दुधवानिया खुर्द से खुरहुरिया, हसुड़ी और गजेहड़ी गांवों को जोड़ने वाली लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की सड़क लंबे समय से बदहाल स्थिति में थी। बरसात के मौसम में सड़क पर जलभराव और कीचड़ के कारण पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता था। स्कूली बच्चों, मरीजों, गर्भवती महिलाओं और रोजमर्रा के आवागमन करने वाले लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था।
क्षेत्र के लोगों के अनुसार सड़क की समस्या को लेकर कई बार संबंधित विभाग का ध्यान आकर्षित कराया गया। पूर्व प्रधान अनुज चौधरी ने भी इस मुद्दे को लगातार उठाया और स्थानीय समाचार पत्रों के माध्यम से इसे प्रमुखता से सामने लाया। इसके बाद लोक निर्माण अधिकारी शौकत अली ने स्थिति का संज्ञान लेते हुए तत्काल राहत के रूप में सड़क पर ईंट डलवाने का कार्य कराया।
ग्रामीणों का कहना है कि इस अस्थायी व्यवस्था से फिलहाल आवागमन पहले की अपेक्षा काफी आसान हो गया है। विशेष रूप से स्कूली बच्चों, किसानों और दैनिक यात्रियों को बड़ी राहत मिली है।
पूर्व प्रधान अनुज चौधरी ने लोक निर्माण अधिकारी शौकत अली के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी त्वरित पहल से हजारों ग्रामीणों को राहत मिली है। उन्होंने उम्मीद जताई कि विभाग शीघ्र ही सड़क के स्थायी निर्माण की दिशा में भी आवश्यक कदम उठाएगा।
ग्रामीण विनोद कुमार, शेषराम चौधरी, अनिल साहनी सहित अन्य लोगों ने भी विभाग की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यदि स्थायी निर्माण जल्द शुरू हो जाए तो वर्षों पुरानी समस्या का समाधान हो जाएगा।
क्या कहते हैं ग्रामीण?
“ईंट डलने से फिलहाल राहत जरूर मिली है, लेकिन स्थायी सड़क निर्माण ही इस समस्या का वास्तविक समाधान होगा।”
विशेष टिप्पणी | FT NEWS DIGITAL
लोकतंत्र में जनसमस्याओं का समाधान तभी संभव होता है जब जनता अपनी बात जिम्मेदारी से रखे, जनप्रतिनिधि उसे मजबूती से उठाएं और संबंधित विभाग समय पर कार्रवाई करे। इस मामले में राहत कार्य शुरू होना एक सकारात्मक कदम है, जिसका स्वागत किया जाना चाहिए।
हालांकि यह भी उतना ही महत्वपूर्ण है कि अस्थायी व्यवस्था को अंतिम समाधान न माना जाए। यदि सड़क का स्थायी निर्माण शीघ्र पूरा होता है तो यह न केवल हजारों ग्रामीणों की सुविधा बढ़ाएगा, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति देगा। जनता की अपेक्षा अब स्थायी सड़क निर्माण से जुड़ी है।

दुधवानिया खुर्द–खुरहुरिया मार्ग पर आवागमन सुचारु करने के लिए लोक निर्माण विभाग द्वारा ईंट डलवाने के बाद राहत महसूस करते ग्रामीण।
“चेकिंग में खुला चोरी-छिनैती का राज, दो बाइक और मोबाइल बरामद”
सिद्धार्थनगर पुलिस और जनपदीय एसओजी की संयुक्त टीम ने चोरी और मोबाइल छिनैती की तीन घटनाओं का खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से दो चोरी की मोटरसाइकिलें, एक छिनैती का मोबाइल फोन और एक अवैध चाकू बरामद किया गया है। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।

संयुक्त ऑपरेशन में पुलिस को सफलता
एसओजी और थाना सिद्धार्थनगर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई।
दो चोरी की बाइक, एक मोबाइल और अवैध चाकू बरामद।
तीन दर्ज मामलों के खुलासे का पुलिस का दावा।
गिरफ्तार आरोपी:
मो. समीर सिद्दीकी (22 वर्ष), निवासी सिसहनिया, थाना सिद्धार्थनगर।
बरामदगी
02 चोरी की मोटरसाइकिल
01 ओप्पो मोबाइल फोन
01 अवैध चाकू
कार्रवाई
चोरी, छिनैती एवं आयुध अधिनियम से संबंधित मामलों में विधिक कार्रवाई।
अन्य संभावित साथियों की तलाश जारी।
सारांश
थाना सिद्धार्थनगर पुलिस एवं एसओजी की संयुक्त टीम ने चेकिंग अभियान के दौरान एक युवक को हिरासत में लिया। पुलिस का कहना है कि पूछताछ और बरामदगी के आधार पर चोरी और मोबाइल छिनैती के तीन मामलों का खुलासा हुआ है। आरोपी से दो चोरी की मोटरसाइकिलें, एक मोबाइल फोन तथा एक अवैध चाकू बरामद किया गया है।
सिद्धार्थनगर। जिले में अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना सिद्धार्थनगर पुलिस एवं जनपदीय एसओजी की संयुक्त टीम ने चोरी एवं मोबाइल छिनैती के तीन मामलों का खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार कार्रवाई के दौरान एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से दो चोरी की मोटरसाइकिलें, एक छिनैती का मोबाइल फोन तथा एक अवैध चाकू बरामद किया गया।
पुलिस द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार प्रसाद तथा सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी सदर विश्वजीत सौरयान के पर्यवेक्षण में थाना सिद्धार्थनगर पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम 14/15 जुलाई की रात विवेकानंद तिराहे पर संदिग्ध व्यक्तियों एवं वाहनों की चेकिंग कर रही थी।
इसी दौरान पुलिस ने एक संदिग्ध युवक को रोककर तलाशी ली, जिसके कब्जे से एक अवैध चाकू बरामद होने का दावा किया गया। पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपी द्वारा चोरी एवं छिनैती की घटनाओं में संलिप्तता स्वीकार करने के बाद उसकी निशानदेही पर दो चोरी की मोटरसाइकिलें तथा एक ओप्पो मोबाइल फोन बरामद किया गया।
पुलिस का कहना है कि बरामद HF Deluxe मोटरसाइकिल रेलवे स्टेशन परिसर से चोरी, Apache मोटरसाइकिल थाना रोड क्षेत्र से चोरी तथा बरामद ओप्पो मोबाइल फोन काका पैलेस के पास हुई मोबाइल छिनैती की घटना से संबंधित पाया गया। अवैध चाकू बरामद होने के संबंध में भी अलग से मुकदमा दर्ज किया गया है।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान मो. समीर सिद्दीकी (22 वर्ष), निवासी सिसहनिया, थाना एवं जनपद सिद्धार्थनगर के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार आरोपी से पूछताछ में यह जानकारी मिली कि वह चोरी की मोटरसाइकिलों और छिनैती के मोबाइल फोन कम कीमत पर बेचकर उससे प्राप्त धनराशि से अपना खर्च चलाता था। हालांकि इस कथित बयान की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और इसकी जांच पुलिस कर रही है।
पुलिस ने बताया कि आरोपी के अन्य संभावित साथियों, उसके आपराधिक इतिहास तथा अन्य मामलों में संलिप्तता की जांच जारी है। संबंधित प्रकरणों में नियमानुसार आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
कानूनी नोट
यह समाचार थाना सिद्धार्थनगर पुलिस द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस नोट पर आधारित है। आरोपी के विरुद्ध लगाए गए आरोपों का अंतिम निर्णय न्यायालय एवं विवेचना के निष्कर्षों के अधीन होगा।
सीमा पर मोबाइल पार्ट्स की बड़ी खेप पकड़ी, पुलिस-एसएसबी की संयुक्त कार्रवाई में तस्करी पर वार
सिद्धार्थनगर की भारत-नेपाल सीमा पर तस्करी के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना मोहाना पुलिस और एसएसबी की संयुक्त टीम ने विभिन्न प्रकार के मोबाइल पार्ट्स के साथ एक व्यक्ति को पकड़कर अग्रिम विधिक कार्रवाई के लिए कस्टम विभाग के सुपुर्द कर दिया। पुलिस के अनुसार कार्रवाई सीमा स्तम्भ संख्या 543/34 के पास चेकिंग के दौरान की गई।

सीमा पर संयुक्त अभियान का असर
मोबाइल पार्ट्स की खेप बरामद।
एक व्यक्ति को हिरासत में लेकर कस्टम विभाग को सौंपा गया।
कार्रवाई थाना मोहाना पुलिस व एसएसबी की संयुक्त टीम ने की।
स्थान: सीमा स्तम्भ संख्या 543/34, थाना मोहाना, सिद्धार्थनगर
बरामदगी: विभिन्न प्रकार के मोबाइल पार्ट्स
अभियुक्त: लवकुश पुत्र महंत, निवासी बरगदवा पश्चिम, थाना मोहाना, सिद्धार्थनगर
कार्रवाई: कस्टम अधिनियम की धारा-11 के तहत कस्टम कार्यालय ककरहवा को सुपुर्द
सारांश
भारत-नेपाल सीमा पर संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी के दौरान थाना मोहाना पुलिस और एसएसबी ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए मोबाइल पार्ट्स के साथ एक व्यक्ति को पकड़ा। बरामद सामान को कस्टम विभाग के हवाले कर दिया गया है, जहां आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
सिद्धार्थनगर। भारत-नेपाल सीमा पर तस्करी की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना मोहाना पुलिस और एसएसबी लीलाडिहवा की संयुक्त टीम ने एक व्यक्ति को विभिन्न प्रकार के मोबाइल पार्ट्स के साथ पकड़कर कस्टम विभाग के सुपुर्द कर दिया।
पुलिस द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन के निर्देश, अपर पुलिस अधीक्षक प्रशान्त कुमार प्रसाद के निर्देशन तथा क्षेत्राधिकारी सदर विश्वजीत सौरयान के पर्यवेक्षण में थानाध्यक्ष जितेन्द्र सिंह के नेतृत्व में 15/16 जुलाई की रात सीमा स्तम्भ संख्या 543/34 के पास संयुक्त चेकिंग अभियान चलाया गया।
चेकिंग के दौरान एक व्यक्ति के कब्जे से विभिन्न प्रकार के मोबाइल पार्ट्स बरामद किए गए। पुलिस ने उसकी पहचान लवकुश पुत्र महंत, निवासी बरगदवा पश्चिम, थाना मोहाना, जनपद सिद्धार्थनगर के रूप में बताई है।
पुलिस के अनुसार बरामद सामान एवं संबंधित व्यक्ति को कस्टम अधिनियम की धारा-11 के अंतर्गत अग्रिम वैधानिक कार्रवाई के लिए कस्टम कार्यालय ककरहवा भेज दिया गया है। मामले में आगे की जांच और कार्रवाई कस्टम विभाग द्वारा नियमानुसार की जाएगी।
इस संयुक्त कार्रवाई में थाना मोहाना पुलिस तथा एसएसबी लीलाडिहवा के जवान शामिल रहे। पुलिस का कहना है कि भारत-नेपाल सीमा पर तस्करी रोकने के लिए अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
नोट: यह समाचार पुलिस द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस नोट के आधार पर प्रकाशित किया गया है। अंतिम वैधानिक निष्कर्ष संबंधित विभागीय जांच एवं न्यायिक प्रक्रिया के अधीन होंगे।
