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हॉस्टल खाली कराने के विरोध में मेडिकल इंटर्नों का प्रदर्शन, दोनों गेटों पर लगाया ताला

सिद्धार्थनगर मेडिकल कॉलेज में शाम से शुरू हुआ विरोध, प्रशासनिक अधिकारियों की बातचीत के बाद शांत हुआ मामला

सिद्धार्थनगर। माधव प्रसाद त्रिपाठी राजकीय मेडिकल कॉलेज में हॉस्टल खाली कराने के मुद्दे को लेकर इंटर्न छात्र-छात्राओं का विरोध प्रदर्शन सामने आया। सोमवार शाम करीब 4:30 बजे शुरू हुआ प्रदर्शन देर शाम तक जारी रहा। विरोध के दौरान छात्रों ने कॉलेज के दोनों प्रवेश द्वारों पर अंदर से ताला लगा दिया, जिससे कुछ समय के लिए परिसर में आवागमन प्रभावित हुआ।
मामले की जानकारी मिलने के बाद प्रशासन और पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और मामले को शांत कराने का प्रयास किया। बातचीत के बाद छात्रों ने अपना प्रदर्शन समाप्त कर दिया।
हॉस्टल को लेकर नाराजगी
प्रदर्शन कर रहे इंटर्न छात्र-छात्राओं का कहना था कि उन्हें पहले से हॉस्टल में कमरे आवंटित किए गए हैं और वे काफी समय से वहीं रह रहे हैं। अब हॉस्टल खाली कराकर बाहर किराये के कमरों में रहने की बात कहे जाने से छात्रों में नाराजगी है।
छात्रों का कहना था कि यदि उन्हें हॉस्टल से बाहर रहने के लिए कहा जाता है तो उनके ऊपर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। इसी मुद्दे को लेकर छात्रों ने कॉलेज प्रशासन के सामने अपनी आपत्ति दर्ज कराई।
छोटे कमरे में रहने का प्रस्ताव
एक कमरे में चार छात्रों के रहने पर भी सवाल
छात्रों ने आरोप लगाया कि हॉस्टल व्यवस्था को लेकर उन्हें सीमित जगह वाले कमरे में कई छात्रों को रखने का प्रस्ताव दिया जा रहा है। छात्रों के मुताबिक करीब 6×9 फीट के कमरे में चार छात्रों को रखने की बात सामने आई है। उन्होंने इस व्यवस्था को लेकर भी अपनी परेशानी अधिकारियों के सामने रखी।
कमरे छोड़ने को लेकर विवाद
हॉस्टल खाली करें या किराये पर रहें?
छात्रों के मुताबिक पहले से आवंटित कमरों में रहने के बावजूद उन्हें हॉस्टल खाली करने के लिए कहा जा रहा है। छात्रों का कहना था कि बाहर किराये पर रहने से पढ़ाई के साथ आर्थिक दबाव भी बढ़ेगा। इसी बात को लेकर इंटर्न छात्र-छात्राओं ने सामूहिक रूप से विरोध दर्ज कराया।
सुरक्षा और कार्रवाई की चिंता
छात्रों ने अधिकारियों के सामने रखी अपनी बात
प्रदर्शन के दौरान कुछ छात्रों ने यह भी चिंता जताई कि यदि वे अपनी बात रखने के लिए मीडिया अथवा अन्य माध्यमों के सामने आते हैं तो कॉलेज प्रशासन की ओर से उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। छात्रों ने अधिकारियों से उनकी समस्याओं का समाधान कराने की मांग की।
सारांश
सिद्धार्थनगर मेडिकल कॉलेज में हॉस्टल खाली कराने के मुद्दे पर इंटर्न छात्र-छात्राओं ने प्रदर्शन किया। शाम करीब 4:30 बजे शुरू हुए विरोध के दौरान दोनों गेटों पर ताला लगाए जाने की बात सामने आई। सूचना पर प्रशासन और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा छात्रों से बातचीत की। अधिकारियों के समझाने के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ और छात्र वापस लौट गए।
सिद्धार्थनगर में मेडिकल कॉलेज का हॉस्टल सोमवार शाम अचानक विरोध का केंद्र बन गया। हॉस्टल खाली कराने की बात से नाराज इंटर्न छात्र-छात्राओं ने कॉलेज प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया। मामला इतना बढ़ा कि छात्रों ने दोनों गेटों पर ताला लगा दिया। सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे और काफी देर तक छात्रों से बातचीत की। आखिरकार समझाइश के बाद मामला शांत हुआ।
प्रदर्शन की सूचना के बाद एसडीएम नौगढ़ और सीओ सदर समेत पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने छात्र-छात्राओं से बातचीत कर उनकी समस्याएं जानीं। इसके साथ ही कॉलेज प्रशासन की ओर से भी छात्रों के साथ संवाद स्थापित करने का प्रयास किया गया।
बाद में अधिकारियों की बातचीत के बाद छात्रों ने प्रदर्शन समाप्त कर दिया और अपने स्तर से वापस लौट गए। प्रशासन की ओर से मामले को सुलझा लिए जाने की बात सामने आई है।
अब देखने वाली बात यह होगी कि हॉस्टल में कमरों के आवंटन और छात्रों को वहां रहने की व्यवस्था को लेकर कॉलेज प्रशासन आगे क्या निर्णय लेता है, ताकि पढ़ाई कर रहे इंटर्न छात्र-छात्राओं की परेशानी का स्थायी समाधान हो सके।
टिप्पणी | छात्रों की समस्या पर
बातचीत से समाधान ही सबसे बेहतर रास्ता
मेडिकल कॉलेज में प्रशिक्षण ले रहे इंटर्न छात्र-छात्राओं के लिए आवास की व्यवस्था सीधे तौर पर उनकी पढ़ाई और दैनिक जीवन से जुड़ा विषय है। ऐसे मामलों में छात्रों की वास्तविक परेशानी सुनकर प्रशासन और कॉलेज प्रबंधन के बीच संवाद के जरिए समाधान निकालना बेहतर रास्ता हो सकता है। वहीं छात्रों से भी अपेक्षा है कि अपनी मांगों को शांतिपूर्ण और निर्धारित प्रक्रिया के तहत सामने रखें।
FT News Digital की ओर से इस खबर में किसी छात्र, अधिकारी या कॉलेज प्रशासन पर कोई व्यक्तिगत आरोप नहीं लगाया जा रहा है। खबर में सामने आए दावों को संबंधित पक्षों के कथन/उपलब्ध जानकारी के आधार पर प्रस्तुत किया गया है। किसी भी आरोप की स्वतंत्र पुष्टि होने तक उसे तथ्य के रूप में नहीं माना जाना चाहिए।
जमीन विवाद के खूनी अंजाम पर सदर पुलिस का शिकंजा, छह आरोपी गिरफ्तार
तीन महिलाएं भी गिरफ्तार; पुलिस के मुताबिक SBBL बंदूक, चार जिंदा कारतूस और दो डंडे बरामद

सिद्धार्थनगर। सदर थाना क्षेत्र के जगदीशपुर स्थित कांशीराम कॉलोनी में जमीन संबंधी विवाद के बाद हुई गोलीबारी में रमाशंकर रस्तोगी की मौत के मामले में पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए तीन महिलाओं समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर कथित तौर पर घटना में प्रयुक्त SBBL बंदूक, चार जिंदा कारतूस और दो लकड़ी के डंडे बरामद किए गए हैं।
पुलिस की इस कार्रवाई को मामले में अहम प्रगति के तौर पर देखा जा रहा है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों को आवश्यक विधिक कार्रवाई के बाद न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेजे जाने की जानकारी पुलिस ने दी है।
सिद्धार्थनगर में जमीन विवाद से जुड़े हत्या के मामले में सदर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। जगदीशपुर में हुई गोलीकांड की घटना में दर्ज मुकदमे के आधार पर पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें तीन महिलाएं शामिल हैं। पुलिस का दावा है कि आरोपियों की निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल की गई बताई जा रही बंदूक और कारतूस समेत अन्य सामान बरामद किया गया है।
छह आरोपी पुलिस की गिरफ्त में
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जयप्रकाश धर दुबे उर्फ अकुल दुबे, रितिक पाण्डेय, बंश गोपालधर दूबे, इन्द्रासनी दुबे, मानसी दुबे और कविता दुबे के रूप में हुई है। सभी जगदीशपुर क्षेत्र के निवासी बताए गए
बरामदगी पर पुलिस का दावा
बंदूक, कारतूस और डंडे बरामद
पुलिस के मुताबिक आरोपियों की निशानदेही पर एक SBBL बंदूक, चार जिंदा कारतूस और दो लकड़ी के डंडे बरामद किए गए। बरामदगी को विवेचना में महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है।
विवाद से वारदात तक
कहासुनी के बाद बिगड़े हालात
पुलिस के अनुसार दोनों पक्षों के मकान सड़क के आमने-सामने हैं। जमीन संबंधी विवाद को लेकर कहासुनी हुई और मामला बढ़ गया। पुलिस की पूछताछ में सामने आए कथित तथ्यों के अनुसार इसी दौरान रमाशंकर रस्तोगी और उनकी बहन सरोज रस्तोगी को दूसरे पक्ष के घर के बरामदे की ओर ले जाया गया। आरोप है कि इसी दौरान रमाशंकर को गोली मार दी गई।
सारांश
जगदीशपुर में जमीन विवाद के बाद हुए गोलीकांड में रमाशंकर रस्तोगी की मौत के मामले में सदर पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार इनमें तीन महिलाएं शामिल हैं। आरोपियों की निशानदेही पर SBBL बंदूक, चार जिंदा कारतूस और दो लकड़ी के डंडे बरामद किए गए हैं। पुलिस ने आरोपियों को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।
सिद्धार्थनगर के जगदीशपुर में जमीन विवाद ने जिस तरह खूनी रूप लिया, उसने पूरे मामले को गंभीर बना दिया। गोलीकांड में रमाशंकर रस्तोगी की मौत के बाद सक्रिय हुई सदर पुलिस ने अब मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार कर कार्रवाई को आगे बढ़ाया है। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तारी के साथ कथित तौर पर घटना में प्रयुक्त हथियार और कारतूस भी बरामद किए गए हैं।
मामले में सदर थाने पर मु0अ0सं0 274/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं और आर्म्स एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार विवेचना के दौरान सामने आए तथ्यों, पूछताछ और बरामदगी के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस की कार्रवाई के बाद अब इस मामले में यह स्पष्ट होना बाकी है कि घटना के दौरान प्रत्येक आरोपी की कथित भूमिका क्या थी और विवाद किस घटनाक्रम के बाद हिंसक हुआ। इन सभी बिंदुओं पर पुलिस विवेचना जारी है।
टिप्पणी | पुलिस कार्रवाई पर
तेजी से कार्रवाई, लेकिन जांच की कसौटी भी जरूरी
घटना के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी और कथित हथियार की बरामदगी पुलिस की जांच में महत्वपूर्ण कदम है। ऐसे गंभीर मामलों में त्वरित कार्रवाई के साथ-साथ निष्पक्ष और साक्ष्य आधारित विवेचना भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती है। अदालत में प्रस्तुत होने वाले साक्ष्य और विवेचना के निष्कर्ष ही मामले की वास्तविक कानूनी स्थिति तय करेंगे।
यह समाचार पुलिस द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी, दर्ज मुकदमे एवं जांच में सामने आए तथ्यों पर आधारित है। गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों के विरुद्ध लगाए गए आरोप अभी न्यायालय में विचाराधीन हैं। न्यायालय द्वारा दोष सिद्ध होने तक सभी आरोपियों को कानूनन निर्दोष माना जाएगा।
जमीन विवाद के खूनी अंजाम पर सदर पुलिस का शिकंजा, छह आरोपी गिरफ्तार
तीन महिलाएं भी गिरफ्तार; पुलिस के मुताबिक SBBL बंदूक, चार जिंदा कारतूस और दो डंडे बरामद

सिद्धार्थनगर। सदर थाना क्षेत्र के जगदीशपुर स्थित कांशीराम कॉलोनी में जमीन संबंधी विवाद के बाद हुई गोलीबारी में रमाशंकर रस्तोगी की मौत के मामले में पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए तीन महिलाओं समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर कथित तौर पर घटना में प्रयुक्त SBBL बंदूक, चार जिंदा कारतूस और दो लकड़ी के डंडे बरामद किए गए हैं।
पुलिस की इस कार्रवाई को मामले में अहम प्रगति के तौर पर देखा जा रहा है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों को आवश्यक विधिक कार्रवाई के बाद न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेजे जाने की जानकारी पुलिस ने दी है।
सिद्धार्थनगर में जमीन विवाद से जुड़े हत्या के मामले में सदर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। जगदीशपुर में हुई गोलीकांड की घटना में दर्ज मुकदमे के आधार पर पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें तीन महिलाएं शामिल हैं। पुलिस का दावा है कि आरोपियों की निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल की गई बताई जा रही बंदूक और कारतूस समेत अन्य सामान बरामद किया गया है।
छह आरोपी पुलिस की गिरफ्त में
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जयप्रकाश धर दुबे उर्फ अकुल दुबे, रितिक पाण्डेय, बंश गोपालधर दूबे, इन्द्रासनी दुबे, मानसी दुबे और कविता दुबे के रूप में हुई है। सभी जगदीशपुर क्षेत्र के निवासी बताए गए
बरामदगी पर पुलिस का दावा
बंदूक, कारतूस और डंडे बरामद
पुलिस के मुताबिक आरोपियों की निशानदेही पर एक SBBL बंदूक, चार जिंदा कारतूस और दो लकड़ी के डंडे बरामद किए गए। बरामदगी को विवेचना में महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है।
विवाद से वारदात तक
कहासुनी के बाद बिगड़े हालात
पुलिस के अनुसार दोनों पक्षों के मकान सड़क के आमने-सामने हैं। जमीन संबंधी विवाद को लेकर कहासुनी हुई और मामला बढ़ गया। पुलिस की पूछताछ में सामने आए कथित तथ्यों के अनुसार इसी दौरान रमाशंकर रस्तोगी और उनकी बहन सरोज रस्तोगी को दूसरे पक्ष के घर के बरामदे की ओर ले जाया गया। आरोप है कि इसी दौरान रमाशंकर को गोली मार दी गई।
सारांश
जगदीशपुर में जमीन विवाद के बाद हुए गोलीकांड में रमाशंकर रस्तोगी की मौत के मामले में सदर पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार इनमें तीन महिलाएं शामिल हैं। आरोपियों की निशानदेही पर SBBL बंदूक, चार जिंदा कारतूस और दो लकड़ी के डंडे बरामद किए गए हैं। पुलिस ने आरोपियों को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।
सिद्धार्थनगर के जगदीशपुर में जमीन विवाद ने जिस तरह खूनी रूप लिया, उसने पूरे मामले को गंभीर बना दिया। गोलीकांड में रमाशंकर रस्तोगी की मौत के बाद सक्रिय हुई सदर पुलिस ने अब मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार कर कार्रवाई को आगे बढ़ाया है। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तारी के साथ कथित तौर पर घटना में प्रयुक्त हथियार और कारतूस भी बरामद किए गए हैं।
मामले में सदर थाने पर मु0अ0सं0 274/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं और आर्म्स एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार विवेचना के दौरान सामने आए तथ्यों, पूछताछ और बरामदगी के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस की कार्रवाई के बाद अब इस मामले में यह स्पष्ट होना बाकी है कि घटना के दौरान प्रत्येक आरोपी की कथित भूमिका क्या थी और विवाद किस घटनाक्रम के बाद हिंसक हुआ। इन सभी बिंदुओं पर पुलिस विवेचना जारी है।
टिप्पणी | पुलिस कार्रवाई पर
तेजी से कार्रवाई, लेकिन जांच की कसौटी भी जरूरी
घटना के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी और कथित हथियार की बरामदगी पुलिस की जांच में महत्वपूर्ण कदम है। ऐसे गंभीर मामलों में त्वरित कार्रवाई के साथ-साथ निष्पक्ष और साक्ष्य आधारित विवेचना भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती है। अदालत में प्रस्तुत होने वाले साक्ष्य और विवेचना के निष्कर्ष ही मामले की वास्तविक कानूनी स्थिति तय करेंगे।
यह समाचार पुलिस द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी, दर्ज मुकदमे एवं जांच में सामने आए तथ्यों पर आधारित है। गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों के विरुद्ध लगाए गए आरोप अभी न्यायालय में विचाराधीन हैं। न्यायालय द्वारा दोष सिद्ध होने तक सभी आरोपियों को कानूनन निर्दोष माना जाएगा।
सिद्धार्थनगर में दर्दनाक हादसा: बोलेरो की चपेट में आकर तीन साल की बच्ची की मौत
सीडीओ आवास के सामने हुआ हादसा, पिता के साथ शहर आई थी बच्ची; पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा
सिद्धार्थनगर। जिला मुख्यालय पर रविवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में तीन वर्षीय बच्ची की मौत हो गई। उसका-बर्डपुर मार्ग पर सीडीओ आवास के सामने एक बोलेरो वाहन की चपेट में आने से बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई। आसपास मौजूद लोगों की मदद से उसे तत्काल उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
हादसे की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घटना की परिस्थितियों की जांच की जा रही है।
पिता के साथ सिद्धार्थनगर आई थी मासूम
मिली जानकारी के अनुसार, महराजगंज जिले के बृजमनगंज थाना क्षेत्र के बेलसड़ गांव निवासी कमलेश रविवार को अपनी तीन वर्षीय बेटी अंकिता के साथ सिद्धार्थनगर आया था। बताया जा रहा है कि वह शहर में मोबाइल से संबंधित काम कराने के लिए आया था।
इसी दौरान उसका-बर्डपुर मार्ग को जोड़ने वाली मुख्य सड़क के पास एक बोलेरो वाहन को पीछे की ओर किया जा रहा था। इसी बीच बच्ची कथित तौर पर वाहन की चपेट में आ गई।
हादसे के बाद मची अफरा-तफरी
बच्ची के वाहन की चपेट में आने के बाद मौके पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी और घायल बच्ची को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज पहुंचाया।
हालांकि, डॉक्टरों ने जांच के बाद बच्ची को मृत घोषित कर दिया। मासूम की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की सूचना के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामले की जानकारी जुटाई। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस हादसे की परिस्थितियों और वाहन से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है।
फिलहाल घटना को लेकर पुलिस की जांच जारी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
FT News Digital | सिद्धार्थनगर
भारी बारिश के चलते सिद्धार्थनगर में 7 सितंबर को कक्षा 1 से 8 तक के स्कूल बंद
- सिद्धार्थनगर। जनपद में लगातार हो रही भारी वर्षा को देखते हुए जिलाधिकारी के आदेश के अनुपालन में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शैलेश कुमार ने जिले के कक्षा 1 से 8 तक के सभी विद्यालयों में 7 सितंबर 2026 को अवकाश घोषित किया है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय से जारी आदेश के अनुसार, यह अवकाश परिषदीय विद्यालयों के साथ-साथ सीबीएसई, आईसीएसई, मान्यता प्राप्त विद्यालय, अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालय तथा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग से मान्यता प्राप्त विद्यालयों पर भी लागू होगा।
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि भारी बारिश के दृष्टिगत विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 7 सितंबर को कक्षा 1 से 8 तक के विद्यालयों का संचालन नहीं किया जाएगा। सभी संबंधित विद्यालयों को आदेश का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
बीएसए ने चेतावनी दी है कि आदेश का उल्लंघन होने की स्थिति में संबंधित विद्यालय के प्रबंधक, प्रधानाचार्य अथवा प्रधानाध्यापक स्वयं उत्तरदायी होंगे।
जिला प्रशासन के इस निर्णय से अभिभावकों और विद्यार्थियों को राहत मिली है। लगातार बारिश के बीच बच्चों को विद्यालय भेजने को लेकर अभिभावकों की चिंता भी कम हुई है।
भारी बारिश के चलते सिद्धार्थनगर में 7 सितंबर को कक्षा 1 से 8 तक के स्कूल बंद
सिद्धार्थनगर। जनपद में लगातार हो रही भारी वर्षा को देखते हुए जिलाधिकारी के आदेश के अनुपालन में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शैलेश कुमार ने जिले के कक्षा 1 से 8 तक के सभी विद्यालयों में 7 सितंबर 2026 को अवकाश घोषित किया है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय से जारी आदेश के अनुसार, यह अवकाश परिषदीय विद्यालयों के साथ-साथ सीबीएसई, आईसीएसई, मान्यता प्राप्त विद्यालय, अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालय तथा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग से मान्यता प्राप्त विद्यालयों पर भी लागू होगा।
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि भारी बारिश के दृष्टिगत विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 7 सितंबर को कक्षा 1 से 8 तक के विद्यालयों का संचालन नहीं किया जाएगा। सभी संबंधित विद्यालयों को आदेश का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
बीएसए ने चेतावनी दी है कि आदेश का उल्लंघन होने की स्थिति में संबंधित विद्यालय के प्रबंधक, प्रधानाचार्य अथवा प्रधानाध्यापक स्वयं उत्तरदायी होंगे।
जिला प्रशासन के इस निर्णय से अभिभावकों और विद्यार्थियों को राहत मिली है। लगातार बारिश के बीच बच्चों को विद्यालय भेजने को लेकर अभिभावकों की चिंता भी कम हुई है।
अक्टूबर में रैली की तैयारी, अर्जुन लोधी के नेतृत्व में लोधी महासभा ने बनाई रणनीति

सिद्धार्थनगर। पकड़ी चौराहे के पास सेंटफोर्ड स्कूल के सामने स्थित अखिल भारतीय लोधी राजपूत कल्याण महासभा के जिला कार्यालय पर रविवार को जिला कार्यकारिणी की बैठक आयोजित की गई। जिला अध्यक्ष अर्जुन लोधी के नेतृत्व में हुई बैठक में संगठन को गांव-गांव तक मजबूत करने, समाज के लोगों को जोड़ने और अक्टूबर 2026 में जिला मुख्यालय पर प्रस्तावित विशाल रैली एवं जनसभा की तैयारियों को लेकर विचार-विमर्श किया गया।

अर्जुन लोधी के नेतृत्व में संगठन विस्तार पर जोर
बैठक में जिला अध्यक्ष अर्जुन लोधी ने संगठनात्मक गतिविधियों को मजबूत करने और समाज के लोगों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ने पर जोर दिया। पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने भी आगामी कार्यक्रम को व्यापक स्वरूप देने के लिए अपने सुझाव रखे।

गांव-गांव पहुंचेगा जनसंपर्क अभियान
जिला युवा अध्यक्ष सोनू सिंह लोधी ने प्रस्तावित कार्यक्रम को प्रभावी बनाने के लिए गांव-गांव संपर्क अभियान चलाने, लोगों को जागरूक करने और समाज के अधिक से अधिक लोगों को संगठनात्मक गतिविधियों से जोड़ने का सुझाव रखा।
संगठन मजबूती पर महामंत्रियों ने रखे विचार
बैठक के दौरान जिला महामंत्री श्याम नंदन लोधी और दुर्गेश लोधी ने संगठन को मजबूत करने तथा कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी बढ़ाने को लेकर अपने विचार रखे। चर्चा में संगठन की गतिविधियों को जमीनी स्तर तक पहुंचाने और आपसी समन्वय बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
लोधी समाज की ऐतिहासिक विरासत का भी संदर्भ
लोधी समाज का इतिहास भारतीय इतिहास के विभिन्न दौरों में सामाजिक और राजनीतिक योगदान से जुड़ा रहा है। 1857 के स्वतंत्रता संग्राम के संदर्भ में रानी अवंतीबाई लोधी का नाम विशेष रूप से उल्लेखित होता है। उनके संघर्ष और साहस की स्मृति आज भी समाज के बीच प्रेरणा का विषय है।
इसी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के साथ वर्तमान समय में सामाजिक संगठन शिक्षा, जागरूकता, संगठन और सामाजिक सहभागिता जैसे विषयों को लेकर अपने स्तर पर गतिविधियां संचालित करते हैं। सिद्धार्थनगर की बैठक में भी समाज को संगठित करने और संगठन को मजबूत बनाने पर चर्चा हुई।
सारांश
अखिल भारतीय लोधी राजपूत कल्याण महासभा की जिला कार्यकारिणी की बैठक में अर्जुन लोधी के नेतृत्व में अक्टूबर में प्रस्तावित रैली एवं जनसभा को लेकर शुरुआती रणनीति पर मंथन हुआ। गांव-गांव जनसंपर्क और जागरूकता अभियान के जरिए समाज के लोगों को कार्यक्रम से जोड़ने का सुझाव सामने आया।
टिप्पणी
किसी भी सामाजिक संगठन की ताकत केवल पदाधिकारियों से नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर सक्रिय कार्यकर्ताओं और समाज की भागीदारी से बनती है। ऐसे में अक्टूबर में प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर अब संगठन के सामने सबसे बड़ी चुनौती व्यापक जनसंपर्क और बेहतर समन्वय की होगी। बैठक में सामने आए सुझावों से संकेत मिलता है कि संगठन इस दिशा में चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ने की तैयारी कर रहा है।
सिद्धार्थनगर में लोधी समाज की संगठनात्मक गतिविधियों को नई दिशा देने की कवायद शुरू हो गई है। जिला अध्यक्ष अर्जुन लोधी के नेतृत्व में हुई बैठक में अक्टूबर 2026 की प्रस्तावित विशाल रैली एवं जनसभा को लेकर मंथन हुआ। संगठन को गांव-गांव तक पहुंचाने और समाज के लोगों को जोड़ने की रणनीति पर पदाधिकारियों ने चर्चा की।
अक्टूबर 2026 में प्रस्तावित रैली एवं जनसभा को लेकर आने वाले दिनों में संगठन की ओर से जनसंपर्क और जागरूकता गतिविधियां बढ़ाए जाने की बात कही गई है। कार्यक्रम की तैयारियों को किस रूप में आगे बढ़ाया जाता है और इसमें समाज की कितनी भागीदारी होती है, यह आगामी दिनों में सामने आएगा।
उपस्थिति
बैठक में वरिष्ठ उपाध्यक्ष चंद्रिका लोधी, रामबृच लोधी, संतोष लोधी, सतीश लोधी, रामदीन लोधी, सत्य प्रकाश लोधी सहित अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
कन्हैया पासवान के प्रथम आगमन पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने किया जोरदार स्वागत

सीमा से भाजपा कार्यालय तक जगह-जगह हुआ अभिनंदन, पुष्पवर्षा और माल्यार्पण से गूंजा शहर
सिद्धार्थनगर। भारतीय जनता पार्टी के गोरखपुर क्षेत्र के नवनियुक्त क्षेत्रीय मंत्री एवं पार्टी के निवर्तमान जिलाध्यक्ष कन्हैया पासवान के गृह जनपद सिद्धार्थनगर में प्रथम आगमन पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने जगह-जगह भव्य स्वागत एवं अभिनंदन किया। जनपद की सीमा से लेकर भाजपा कार्यालय तक कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह दिखाई दिया। स्वागत के दौरान पुष्पवर्षा, माल्यार्पण और नारों से माहौल उत्साहपूर्ण बना रहा।
नवनियुक्त क्षेत्रीय मंत्री के स्वागत के लिए बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता विभिन्न स्थानों पर जुटे। कार्यकर्ताओं ने फूल-मालाओं से उनका अभिनंदन किया और नए दायित्व के लिए शुभकामनाएं दीं। कई स्थानों पर उत्साहित कार्यकर्ताओं ने पटाखे जलाकर भी खुशी का इजहार किया।
जगह-जगह हुआ स्वागत
पुलिस बूथ पर मंडल अध्यक्ष राकेश आर्य, चेयरमैन प्रतिनिधि हेमंत जायसवाल और पूर्व मंडल अध्यक्ष दृग नारायण सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया। इसके बाद पकड़ी चौराहे पर पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष प्रत्याशी राकेश दत्त त्रिपाठी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने अभिनंदन किया।
बेलहिया दुर्गा मंदिर के सामने ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि जोगिया श्रीश चौधरी के नेतृत्व में भी भाजपा कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया। इसके अलावा मार्ग में कई स्थानों पर कार्यकर्ताओं ने पुष्पवर्षा और माल्यार्पण कर कन्हैया पासवान का अभिनंदन किया।
संगठन को मजबूत करने का जताया भरोसा
स्वागत कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं ने उम्मीद जताई कि कन्हैया पासवान के संगठनात्मक अनुभव और सक्रियता से गोरखपुर क्षेत्र में पार्टी संगठन को और मजबूती मिलेगी। कार्यकर्ताओं ने उनके नए दायित्व को लेकर शुभकामनाएं देते हुए संगठन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
कार्यकर्ताओं को बताया संगठन की ताकत
कन्हैया पासवान ने नए दायित्व के लिए पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के प्रति आभार जताया। उन्होंने स्वागत एवं अभिनंदन के लिए कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों का भी धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता संगठन की शक्ति है और सभी के सहयोग एवं परिश्रम से संगठन को और मजबूत करने तथा पार्टी की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य किया जाएगा।
ये रहे मौजूद
स्वागत कार्यक्रम में भाजपा नेता संतोष पासवान, चेयरमैन बिस्कोहर अजय गुप्ता, संतोष शुक्ला, निशांत पांडेय, मयंक श्रीवास्तव, कुलदीप द्विवेदी, अंकित त्रिपाठी, ओंकार पांडेय, मनोज सिंह, सूरज कसौधन, रामेश्वर पाण्डेय, शरदेंदु त्रिपाठी, अनिल पासवान और गौरव कश्यप समेत पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी, जिला एवं मंडल पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
स्वागत में दिखा कार्यकर्ताओं का उत्साह
सीमा से कार्यालय तक बना रहा माहौल
नवनियुक्त क्षेत्रीय मंत्री के प्रथम आगमन को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह नजर आया। स्वागत मार्ग पर कार्यकर्ताओं ने पुष्पवर्षा और माल्यार्पण किया। वाहनों के काफिले के साथ समर्थकों की मौजूदगी और जगह-जगह हुए स्वागत ने कार्यक्रम को आकर्षण का केंद्र बना दिया।

सिद्धार्थनगर में नवनियुक्त क्षेत्रीय मंत्री कन्हैया पासवान का स्वागत करते भाजपा कार्यकर्ता।
भूमि विवाद के बीच युवक की गोली लगने से मौत, तीन लोग हिरासत में
सिद्धार्थनगर। जिले में भूमि विवाद से जुड़ा मामला उस समय गंभीर हो गया, जब एक युवक की गोली लगने से मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस सक्रिय हुई और मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। पुलिस ने मामले में पूछताछ के लिए तीन लोगों को हिरासत में लिया है। घटना के पीछे की वास्तविक वजह और वारदात में शामिल लोगों की भूमिका पुलिस जांच के बाद स्पष्ट होगी।

विवाद के बीच हुई घटना से मचा हड़कंप
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार युवक का किसी भूमि संबंधी विवाद को लेकर दूसरे पक्ष से विवाद चल रहा था। इसी दौरान गोली चलने की घटना सामने आई। गोली लगने से युवक गंभीर रूप से घायल हो गया और बाद में उसकी मौत हो गई।
घटना के बाद आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और उपलब्ध साक्ष्यों को जुटाने की कार्रवाई शुरू की।

तीन लोगों से पूछताछ, जांच में जुटी पुलिस
पुलिस ने मामले में तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। जांच टीम घटना से पहले हुए विवाद, मौके पर मौजूद लोगों तथा घटनाक्रम से जुड़े अन्य पहलुओं की जानकारी जुटा रही है।
पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि गोली चलने की परिस्थितियां क्या थीं और घटना में किसकी क्या भूमिका रही। फिलहाल हिरासत में लिए गए किसी व्यक्ति को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मिलेगी अहम जानकारी
मृतक के शव को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के लिए भेजा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट सहित घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों और पूछताछ के निष्कर्षों को जांच में शामिल किया जाएगा।

जांच पूरी होने के बाद स्पष्ट होगी तस्वीर
भूमि विवाद को घटना से जोड़कर देखा जा रहा है, लेकिन हत्या का वास्तविक कारण और घटना की पूरी परिस्थितियां जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होंगी। पुलिस की विवेचना में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
शिक्षक राज्य पुरस्कार का लाइव प्रसारण हुआ अंबेडकर भवन में
सिद्धार्थनगर 05 सितम्बर 2026/शिक्षक दिवस के अवसर पर समर्पण, नवाचार एवं शिक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले बेसिक शिक्षा विभाग एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के 81 शिक्षकों का सम्मान एवं राज्य अध्यापक पुरस्कार-2025 तथा मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार-2025 का वितरण मा0 मुख्यमंत्री उ0प्र0 श्री योगी आदित्यनाथ जी द्वारा योगीराज बाबा गम्भीरनाथ प्रेक्षागृह एवं सांस्कृतिक केन्द्र, रामगढ़ताल गोरखपुर से किया गया। जिसका लाइव प्रसारण मा0 विधायक शोहरतगढ़ श्री विनय वर्मा, जिलाध्यक्ष भाजपा श्री दीपक मौर्या, जिलाधिकारी श्री शिवशरणप्पा जीएन एवं मुख्य विकास अधिकारी श्री बलराम सिंह के साथ अम्बेडकर सभागार में देखा गया।
मा0 विधायक शोहरतगढ़ श्री विनय वर्मा, जिलाध्यक्ष भाजपा श्री दीपक मौर्या, जिलाधिकारी श्री शिवशरणप्पा जीएन एवं मुख्य विकास अधिकारी श्री बलराम सिंह द्वारा द्वीप प्रज्ज्वलित कर मॉ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। जिलाधिकारी श्री शिवशरणप्पा जीएन द्वारा मा0 विधायक शोहरतगढ़ श्री विनय वर्मा को बुके देकर स्वागत किया गया। मुख्य विकास अधिकारी श्री बलराम सिंह द्वारा जिलाध्यक्ष भाजपा श्री दीपक मौर्या को बुके देकर स्वागत किया गया। इस अवसर पर मा0 विधायक शोहरतगढ़ श्री विनय वर्मा ने सभी शिक्षकों को शिक्षक दिवस की बधाई देते हुए कहा कि आप सभी लोग बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दे। सभी शिक्षक सम्मान के योग्य है। सभी का एक गुरू होता है। मॉ, बा पके बाद गुरू ही जीवन का रास्ता दिखाता है जिससे सफल होकर हम लोग आज इस पद पर है। मा0 मुख्यमंत्री जी पूरे प्रदेश के लोगो के बारे में सोचते है। सभी शिक्षकों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ दिया गया है। आप लोग बच्चों को अच्छे से पढ़ाते है। सभी को पुनः शुभकामनाएं दिया।
जिलाध्यक्ष भाजपा श्री दीपक मौर्या ने इस अवसर पर सभी का स्वागत करते हुए शिक्षक दिवस की बधाई दिया। बच्चों का भविष्य आप लोगो के हाथो में है। उनको अच्छी शिक्षा दे। बच्चों के सामाजिक स्तर को ऊॅचा करना आप लोगो का दायित्व है। मा0 प्रधानमंत्री जी का सपना 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाना है। मा0 मुख्यमंत्री जी का संकल्प उ0प्र0 को सर्वोत्तम प्रदेश बनाने का है। मा0 मुख्यमंत्री जी द्वारा पूरा प्रयास किया जा रहा है। स्कूलों में कायाकल्प योजना के अन्तर्गत कार्य कराये गये है। हाइटेक कम्प्यूटर, स्मार्ट क्लास संचालित किया जा रहा है। शिक्षामित्र एवं रसोईयों के मानदेय में वृद्धि किया गया है। शिक्षकों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ दिया गया हैैै।
जिलाधिकारी श्री शिवशरणप्पा जीएन ने सभी मा0 जनप्रतिनिधिगण का स्वागत करते हुए सभी को शिक्षक दिवस की बधाई दिया। जिलाधिकारी ने कहा कि आप सभी लोगो ने मा0 मुख्यमंत्री जी के संबोधन को सुना। मा0 मुख्यमंत्री जी विस्तृत रूप से जानकारी दिया गया। मा0 मुख्यमंत्री जी के मार्गदर्शन में आप लोग अच्छे से कार्य करें। इस जनपद में भी अच्छा कार्य हो रहा है। सभी को पुनः शिक्षक दिवस की बधाई दिया।
इस अवसर पर मा0 विधायक शोहरतगढ़ श्री विनय वर्मा, जिलाध्यक्ष भाजपा श्री दीपक मौर्या, जिलाधिकारी श्री शिवशरणप्पा जीएन एवं मुख्य विकास अधिकारी श्री बलराम सिंह द्वारा 30 शिक्षको को प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर मा0 सांसद डुमरियागंज प्रतिनिधि रिंकू पाल, पीडी अनिल कुमार, जिला विद्यालय निरीक्षक अरूण कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शैलेष कुमार एवं अन्य संबधित अधिकारी/कर्मचारी व अन्य संबधित उपस्थित थे।
इंजेक्शन के बाद मासूम की मौत, परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप
निजी अस्पताल में दो साल की बच्ची की मौत के बाद हंगामा, पुलिस ने संभाली स्थिति; मौत की वजह अभी स्पष्ट नहीं
सिद्धार्थनगर। जिला मुख्यालय स्थित साड़ी तिराहे के पास एक निजी अस्पताल में शनिवार को इलाज के दौरान दो साल की बच्ची की मौत हो गई। घटना के बाद बच्ची के परिजनों ने अस्पताल में हंगामा करते हुए उपचार को लेकर गंभीर सवाल उठाए। परिजनों ने आरोप लगाया कि इंजेक्शन लगाए जाने के बाद बच्ची की हालत अचानक बिगड़ी और कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई। परिवार की ओर से कथित ओवरडोज और उपचार में लापरवाही का आरोप लगाया गया है। हालांकि, इन आरोपों की अभी किसी चिकित्सकीय जांच या आधिकारिक रिपोर्ट से पुष्टि नहीं हुई है।
इंजेक्शन के बाद बिगड़ी हालत का दावा, अस्पताल में हंगामा
मृत बच्ची की पहचान जया के रूप में हुई है। वह कठेला समयमाता थाना क्षेत्र के कटेला गर्बी गांव की रहने वाली बताई जा रही है। परिजनों के अनुसार, शुक्रवार को जया को बुखार की शिकायत पर अस्पताल लाया गया था। जांच के बाद उसे दवाएं दी गईं। परिवार का कहना है कि अगले दिन हालत में सुधार नहीं होने पर शनिवार सुबह उसे दोबारा अस्पताल लाया गया।
परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में बच्ची को इंजेक्शन लगाया गया, जिसके बाद उसकी हालत तेजी से बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई।
हंगामे की सूचना पर पहुंची पुलिस
बच्ची की मौत के बाद परिजन अस्पताल परिसर में शव को गोद में लेकर बैठ गए और उपचार को लेकर सवाल उठाने लगे। सूचना मिलते ही स्थानीय कोतवाल नवीन सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उनके साथ महिला कांस्टेबल समेत पुलिसकर्मी भी मौजूद रहे। पुलिस ने परिजनों से बातचीत कर स्थिति को संभाला और मौके पर शांति व्यवस्था बनाए रखी।
परिवार ने उठाए उपचार पर सवाल
बच्ची की मां की ओर से अस्पताल की पर्ची फाड़कर डस्टबिन में फेंकने का आरोप भी लगाया गया है। हालांकि, इस आरोप की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। इसी तरह इंजेक्शन की मात्रा अधिक होने अथवा इलाज में लापरवाही के आरोपों की भी फिलहाल कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।
डॉक्टर का पक्ष
पहले से स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का दिया हवाला
परिजनों के आरोपों पर चिकित्सक डॉ. संजय चौधरी ने अपना पक्ष रखते हुए बताया कि बच्ची को पहले से स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां थीं और उसका उपचार चल रहा था। डॉक्टर के अनुसार, बच्ची तेज बुखार की स्थिति में अस्पताल लाई गई थी और उसकी स्थिति को देखते हुए उपचार किया जा रहा था।
परिजनों के मुताबिक, बच्ची को जन्म से ही स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें थीं और उसे चलने-फिरने में भी परेशानी होती थी। इन पूर्व स्वास्थ्य परिस्थितियों और मौत के बीच क्या संबंध था, यह चिकित्सकीय जांच का विषय है।
सारांश
दो साल की बच्ची की इलाज के दौरान मौत के बाद परिजनों ने कथित ओवरडोज और उपचार में लापरवाही के आरोप लगाए हैं। दूसरी ओर चिकित्सक ने बच्ची की पहले से चली आ रही स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का हवाला दिया है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली। फिलहाल मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट नहीं है।
टिप्पणी
आरोप गंभीर, लेकिन निष्कर्ष जांच के बाद ही
बच्ची की मौत निश्चित तौर पर परिवार के लिए बेहद पीड़ादायक घटना है। परिजनों की ओर से लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच होना स्वाभाविक रूप से महत्वपूर्ण है, लेकिन जांच पूरी होने से पहले किसी चिकित्सक अथवा अस्पताल को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा।
मौत का वास्तविक कारण चिकित्सकीय अभिलेखों, उपचार की प्रक्रिया और आवश्यकता पड़ने पर पोस्टमार्टम जैसी प्रक्रिया से ही स्पष्ट हो सकता है। इसलिए इस मामले में आरोप और तथ्य के बीच अंतर बनाए रखना जरूरी है।
तहरीर और पोस्टमार्टम की स्थिति पर नजर
फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पीड़ित परिवार की ओर से थाने में तहरीर दिए जाने की जानकारी सामने नहीं आई है और बच्ची के शव के पोस्टमार्टम की प्रक्रिया की भी जानकारी नहीं है। आगे परिवार की ओर से शिकायत दर्ज कराई जाती है या कोई चिकित्सकीय/पुलिस जांच शुरू होती है तो मामले की तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।
FT NEWS DIGITAL इस मामले में किसी भी पक्ष को दोषी घोषित नहीं करता। परिजनों के आरोप, चिकित्सक का पक्ष और मौके पर पुलिस की भूमिका को उपलब्ध जानकारी के आधार पर सामने रखा जा रहा है। मौत की वास्तविक वजह और आरोपों की सत्यता जांच के बाद ही स्पष्ट मानी जाएगी।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
इस घटना का सबसे मार्मिक पहलू यह है कि परिजनों के मुताबिक, जया के पिता दुर्गेश कसौधन की करीब तीन महीने पहले सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। परिवार अभी इस सदमे से उबर भी नहीं पाया था कि अब दो साल की मासूम जया की मौत हो गई। एक ही परिवार पर कम समय के अंतराल में दो बड़े दुखों ने गहरा असर डाला है।
यह खबर उपलब्ध जानकारी और संबंधित पक्षों के कथनों पर आधारित है। किसी भी आरोप को अंतिम सत्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया गया है। मामले में आधिकारिक जांच अथवा चिकित्सकीय रिपोर्ट सामने आने पर तथ्य उसी के अनुसार अपडेट किए जाएंगे।
श्रीरामजानकी मंदिर में आयोजन को लेकर बढ़ी तनातनी, चेयरमैन पति और पूर्व चेयरमैन पुत्र आमने-सामने
शोहरतगढ़ में समिति विवाद के बीच कहासुनी की स्थिति, पुलिस पहुंची; सुरक्षा को लेकर पीएसी तैनात
सिद्धार्थनगर/शोहरतगढ़। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के आयोजन को लेकर शोहरतगढ़ कस्बे के श्रीरामजानकी मंदिर में उस समय माहौल गरमा गया, जब कार्यक्रम की जिम्मेदारी और कलाकारों के आयोजन को लेकर समिति से जुड़े लोगों के बीच मतभेद सामने आया। उपलब्ध अखबारी जानकारी के अनुसार, इसी विवाद के बीच नगर पालिका चेयरमैन के पति और पूर्व चेयरमैन के पुत्र के बीच कहासुनी की स्थिति बन गई। मामला बढ़ने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला गया।
कलाकारों के कार्यक्रम को लेकर शुरू हुआ विवाद
प्रकाशित जानकारी के मुताबिक जन्माष्टमी आयोजन की जिम्मेदारी समिति के स्तर पर तय की गई थी। इसी बीच समिति के एक पक्ष की ओर से पहले से तय किए गए कलाकारों के मंदिर पहुंचने की बात सामने आई। इसे लेकर विवाद की स्थिति बनी।
बाद में कलाकारों द्वारा कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाने को लेकर भी आपत्ति सामने आने की बात कही गई। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच कहासुनी बढ़ गई और मामला हाथापाई तक पहुंचने की स्थिति बनने की जानकारी प्रकाशित हुई।
सारांश
शोहरतगढ़ के श्रीरामजानकी मंदिर में जन्माष्टमी कार्यक्रम को लेकर समिति के भीतर विवाद सामने आया। कार्यक्रम और कलाकारों को लेकर मतभेद के बीच चेयरमैन पति और पूर्व चेयरमैन पुत्र के आमने-सामने आने की बात सामने आई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया। सुरक्षा के मद्देनजर मंदिर परिसर में पीएसी की तैनाती किए जाने की भी जानकारी है।
विवाद की वजह क्या थी?
मामला जन्माष्टमी के आयोजन से जुड़ा बताया जा रहा है। उपलब्ध कटिंग के अनुसार कार्यक्रम की जिम्मेदारी को लेकर समिति में पहले से मतभेद की स्थिति थी। इसी बीच कलाकारों के कार्यक्रम को लेकर दोनों पक्षों के बीच बात बढ़ गई।
यह विवाद किस स्तर से शुरू हुआ और पूरे घटनाक्रम में किसकी क्या भूमिका रही, इस संबंध में अंतिम स्थिति संबंधित पक्षों के आधिकारिक बयान या पुलिस की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकती है।
पुलिस ने संभाला मोर्चा
मंदिर परिसर में विवाद की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस टीम ने हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। प्रकाशित जानकारी के अनुसार सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए मंदिर में पीएसी तैनात किए जाने की बात भी सामने आई है।
फिलहाल पुलिस की मौजूदगी के बाद स्थिति सामान्य किए जाने की जानकारी है।
मंदिर में जुटे लोगों ने कराया मामला शांत
घटनाक्रम के दौरान मंदिर में मौजूद लोगों ने भी हस्तक्षेप किया और विवाद को शांत कराने का प्रयास किया। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लिया।
धार्मिक आयोजन स्थल होने के कारण पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरती।
अब आगे क्या?
पूरे मामले में अब यह महत्वपूर्ण होगा कि पुलिस की ओर से इस घटनाक्रम को लेकर कोई आधिकारिक शिकायत, कार्रवाई या अन्य जानकारी सामने आती है या नहीं। यदि संबंधित पक्षों की ओर से लिखित शिकायत दी जाती है तो उसके आधार पर आगे की स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर किसी एक पक्ष को विवाद के लिए जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं होगा।
टिप्पणी
श्रीरामजानकी मंदिर जैसे धार्मिक स्थल पर जन्माष्टमी के आयोजन को लेकर विवाद और तनाव की स्थिति निश्चित रूप से संवेदनशील मामला है। धार्मिक कार्यक्रम आपसी सहयोग और सौहार्द के साथ संपन्न हों, यही सभी पक्षों के हित में है।
इस पूरे घटनाक्रम में अब सबसे महत्वपूर्ण बात तथ्यों की स्पष्टता और विवाद का शांतिपूर्ण समाधान है। पुलिस की मौजूदगी और सुरक्षा व्यवस्था के बीच स्थिति को नियंत्रण में रखा जाना फिलहाल राहत की बात है।
FT News Digital की कानूनी सावधानी
यह समाचार उपलब्ध अखबारी कटिंग में प्रकाशित विवरण के आधार पर स्वतंत्र एवं मौलिक भाषा में तैयार किया गया है। FT News Digital किसी पक्ष के आरोप को अंतिम सत्य के रूप में प्रस्तुत नहीं करता। कहासुनी अथवा विवाद से संबंधित विवरण उपलब्ध प्रकाशित जानकारी के आधार पर हैं। किसी व्यक्ति को दोषी ठहराने या किसी अपराध के सिद्ध होने का दावा नहीं किया जा रहा है। संबंधित पक्षों का आधिकारिक बयान अथवा पुलिस की पुष्टि उपलब्ध होने पर उसे भी खबर में शामिल किया जा सकता है।
शोहरतगढ़ थाने के दो पुलिसकर्मियों पर 20 हजार रुपये मांगने का आरोप, पीड़ित पक्ष ने CO से लगाई गुहार
सिद्धार्थनगर | विशेष रिपोर्ट
सिद्धार्थनगर। शोहरतगढ़ थाना क्षेत्र से जुड़ा एक मामला सामने आया है, जिसमें पीड़ित पक्ष ने थाने में तैनात दो पुलिसकर्मियों पर 20 हजार रुपये मांगने का आरोप लगाया है। पीड़ित पक्ष ने अपनी शिकायत पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी के सामने रखी और मामले में जांच कर कार्रवाई की मांग की। मामले को लेकर क्षेत्राधिकारी शोहरतगढ़ की ओर से जांच कराए जाने की बात कही गई है।
मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि FT News Digital के पास रिश्वत लेते या पैसे देते हुए कोई वीडियो नहीं है। उपलब्ध सामग्री में पीड़ित पक्ष का बयान है, जिसमें पुलिसकर्मियों पर रुपये मांगने का आरोप लगाया गया है। इसी शिकायत के आधार पर पुलिस स्तर पर मामले की जांच की बात सामने आई है।
पीड़ित पक्ष का आरोप है कि संबंधित प्रकरण में दो पुलिसकर्मियों की ओर से 20 हजार रुपये की मांग की गई। शिकायत लेकर पीड़ित पक्ष ने पुलिस अधिकारी के सामने अपनी बात रखी। पुलिस की ओर से मामले की जांच कराए जाने की बात कही गई है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और जांच के निष्कर्ष का इंतजार है।
पीड़ित पक्ष ने क्या कहा?
पीड़ित पक्ष का कहना है कि उसके मामले में कार्रवाई/समाधान के सिलसिले में उससे 20 हजार रुपये की मांग किए जाने की बात सामने आई। इसके बाद उसने वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के समक्ष अपनी शिकायत रखी और पूरे मामले की जांच कराए जाने की मांग की।
पीड़ित पक्ष के बयान को ही आधार बनाकर यह आरोप सामने आया है। FT News Digital इस आरोप को स्वयं प्रमाणित तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं कर रहा है।
पुलिस का पक्ष भी महत्वपूर्ण
मामले में क्षेत्राधिकारी शोहरतगढ़ का पक्ष भी सामने आया है। पुलिस अधिकारी ने प्रकरण का संज्ञान लेते हुए जांच कराए जाने की बात कही है।
जांच में शिकायत, संबंधित पुलिसकर्मियों का पक्ष, उपलब्ध दस्तावेज और अन्य परिस्थितियों को देखा जाना महत्वपूर्ण होगा। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है।
सिर्फ आरोप के आधार पर निष्कर्ष नहीं
पुलिसकर्मियों पर लगाया गया 20 हजार रुपये मांगने का आरोप गंभीर है, लेकिन फिलहाल यह शिकायतकर्ता/पीड़ित पक्ष का आरोप है। किसी भी पुलिसकर्मी को दोषी ठहराने से पहले जांच पूरी होना जरूरी है।
इसी वजह से FT News Digital ने खबर में आरोप को आरोप के रूप में ही रखा है और पुलिस का पक्ष भी शामिल किया है।
अब जांच रिपोर्ट पर नजर
अब पूरे मामले में पुलिस जांच महत्वपूर्ण होगी। जांच के दौरान यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित नियमों के तहत कार्रवाई का रास्ता खुल सकता है। वहीं यदि आरोपों की पुष्टि नहीं होती है तो जांच के निष्कर्ष के आधार पर स्थिति स्पष्ट होगी।
फिलहाल इस मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही सामने आना है।
पुलिस व्यवस्था से जुड़ी किसी शिकायत को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए, लेकिन किसी आरोप को बिना जांच के अंतिम सत्य मानना भी उचित नहीं है। इस मामले में अच्छी बात यह है कि शिकायत सामने आने के बाद जांच की बात कही गई है।
अब जरूरत निष्पक्ष जांच की है, ताकि शिकायतकर्ता की बात और संबंधित पुलिसकर्मियों का पक्ष—दोनों सामने आ सकें और वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो।
यह समाचार पीड़ित पक्ष द्वारा लगाए गए आरोप और पुलिस अधिकारी की ओर से उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। FT News Digital के पास रिश्वत लेते या पैसे देते हुए कोई वीडियो उपलब्ध नहीं है और न ही ऐसे किसी वीडियो की पुष्टि की जा रही है। 20 हजार रुपये मांगने का आरोप जांच का विषय है। जांच पूरी होने से पहले किसी पुलिसकर्मी को दोषी नहीं माना जा रहा है। खबर का उद्देश्य किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाना नहीं, बल्कि शिकायत और पुलिस की जांच संबंधी जानकारी को संतुलित रूप से सामने रखना है।
सिद्धार्थनगर में राजस्व विभाग में बड़ा फेरबदल, चार तहसीलदार समेत 11 राजस्वकर्मी बदले
सिद्धार्थनगर। जिले के राजस्व विभाग से जुड़ी एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। एक स्थानीय अखबार में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, जिले में चार तहसीलदार समेत कुल 11 राजस्वकर्मियों के कार्यक्षेत्र में बदलाव किया गया है। प्रकाशित खबर में बताया गया है कि जिलाधिकारी के अनुमोदन के बाद अपर जिलाधिकारी द्वारा यह प्रशासनिक बदलाव किया गया और संबंधित कर्मचारियों की नई तैनाती की जानकारी दी गई है।
राजस्व विभाग में हुए बताए जा रहे इस फेरबदल में तहसीलदारों के साथ राजस्व निरीक्षक और लेखपाल स्तर के कर्मचारियों के कार्यक्षेत्र भी बदले जाने की बात प्रकाशित समाचार में कही गई है। रिपोर्ट के अनुसार, सभी स्थानांतरण तत्काल प्रभाव से लागू किए जाने और संबंधित कर्मचारियों को नवीन तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं।
तहसीलदार स्तर पर बदलाव
प्रकाशित समाचार के मुताबिक, दीपक कुमार श्रीवास्तव को बांसी तहसीलदार पद से तहसीलदार न्यायिक बांसी की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं नवनीत कुमार को बांसी तथा मायावेंद्र प्रताप सिंह को शोहरतगढ़ तहसीलदार बनाए जाने की जानकारी दी गई है।
इसी रिपोर्ट में प्रकाश सिंह को तहसीलदार न्यायिक शोहरतगढ़ की जिम्मेदारी दिए जाने का भी उल्लेख है।
राजस्व निरीक्षकों के कार्यक्षेत्र भी बदले
अखबार में प्रकाशित विवरण के अनुसार राजस्व निरीक्षक स्तर पर भी फेरबदल किया गया है। रिपोर्ट में अजय कुमार वर्मा को भूलेख कार्यालय सिद्धार्थनगर, दिलीप कुमार श्रीवास्तव को संबद्ध तहसील नौगढ़, सुरेश कुमार को इटवा तथा रामकिशन को नौगढ़ भेजे जाने की जानकारी दी गई है।
इसके अलावा प्रकाशित खबर में केशवनाथ/केशवनन्द चौधरी और अनूप कुमार यादव समेत अन्य राजस्वकर्मियों के कार्यक्षेत्र बदले जाने का उल्लेख है।
राजस्व विभाग सीधे तौर पर आम जनता के भूमि, प्रमाणपत्र और अन्य राजस्व संबंधी कार्यों से जुड़ा महत्वपूर्ण विभाग है। ऐसे में अधिकारियों और कर्मचारियों के कार्यक्षेत्र में बदलाव का असर प्रशासनिक कामकाज पर पड़ना स्वाभाविक है। अब नई तैनाती के बाद राजस्व मामलों के निस्तारण और आम लोगों से जुड़े कार्यों में क्या बदलाव देखने को मिलता है, यह आगे महत्वपूर्ण रहेगा।
जन्माष्टमी पर थानों में गूंजी भक्ति की धुन, सांसद जगदंबिका पाल ने की पूजा-अर्चना

सिद्धार्थनगर। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर सिद्धार्थनगर जनपद के थानों में आस्था और भक्ति का माहौल देखने को मिला। इसी क्रम में डुमरियागंज लोकसभा क्षेत्र के सांसद जगदंबिका पाल ने थाना कोतवाली सिद्धार्थनगर और थाना कोतवाली जोगिया पहुंचकर भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र और जनपदवासियों के सुख, शांति, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।

जन्माष्टमी के अवसर पर आयोजित धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल हुए सांसद जगदंबिका पाल ने भगवान श्रीकृष्ण के समक्ष विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। थानों में आयोजित कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ स्थानीय लोगों की भी मौजूदगी रही।
सांसद ने कहा कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी भारतीय संस्कृति, आस्था और सनातन परंपरा का महत्वपूर्ण पर्व है। भगवान श्रीकृष्ण का जीवन सत्य, धर्म, न्याय और कर्तव्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। उन्होंने समाज में प्रेम, भाईचारा और आपसी सौहार्द मजबूत करने का संदेश दिया।
सांसद ने क्या कहा?
जगदंबिका पाल ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और उनकी शिक्षाओं से समाज को निरंतर प्रेरणा मिलती है। जन्माष्टमी केवल धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि सत्य, धर्म और सद्भाव के मूल्यों को आत्मसात करने का अवसर भी है।
सांसद के थानों में पहुंचने पर पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों की ओर से उनका स्वागत किया गया। थाना कोतवाली सिद्धार्थनगर के प्रभारी निरीक्षक नवीन सिंह और थाना कोतवाली जोगिया के प्रभारी निरीक्षक अरुण कुमार सहित पुलिस विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी कार्यक्रम में मौजूद रहे।

इस दौरान मंडल प्रभारी विपिन सिंह, अजय उपाध्याय, मीडिया प्रभारी रमेश मणि, मोरारी सिंह, दिलीप सिंह सहित सब-इंस्पेक्टर, पुलिसकर्मी और अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।
जन्माष्टमी के पर्व पर थानों में धार्मिक आयोजन की तस्वीरें पुलिस व्यवस्था के बीच आस्था और सामाजिक सहभागिता का अलग रूप सामने लाती हैं। कार्यक्रम के दौरान श्रद्धा और उल्लास का माहौल रहा। सांसद ने इस अवसर को क्षेत्रवासियों के लिए सुख-शांति और समृद्धि की कामना से जोड़ा।
किसानों के संकट में सरकार का सहारा, 7 लाभार्थियों को सौंपे गए डेमो चेक

दुर्घटना के संकट में किसानों का सहारा बनी कृषक दुर्घटना कल्याण योजना, 7 लाभार्थियों को बांटे गए डेमो चेक
सिद्धार्थनगर। किसान परिवार के लिए दुर्घटना सिर्फ शारीरिक या भावनात्मक आघात नहीं, बल्कि कई बार आर्थिक संकट की वजह भी बन जाती है। ऐसे मुश्किल समय में पात्र परिवारों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के तहत डुमरियागंज तहसील परिसर में कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में सात लाभार्थियों को डेमो चेक वितरित किए गए। मुख्य अतिथि के रूप में सांसद जगदंबिका पाल मौजूद रहे।
डुमरियागंज तहसील सभागार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान योजना के लाभार्थियों को प्रतीकात्मक रूप से डेमो चेक सौंपे गए। इस दौरान सांसद जगदंबिका पाल ने प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार का प्रयास है कि पात्र किसानों और जरूरतमंद परिवारों तक योजनाओं का लाभ समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से पहुंचे।
मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना का उद्देश्य पात्र कृषकों एवं उनके आश्रित परिवारों को दुर्घटना के कारण उत्पन्न आर्थिक संकट में निर्धारित नियमों के अनुसार सहायता उपलब्ध कराना है। इसी क्रम में 4 सितंबर 2026 को डुमरियागंज तहसील परिसर में सात लाभार्थियों को डेमो चेक वितरित किए गए। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और स्थानीय लोगों की मौजूदगी रही।

क्या है मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना?
मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी योजनाओं में शामिल है। इसका उद्देश्य पात्र कृषकों तथा उनके आश्रित परिवारों को दुर्घटना की स्थिति में आर्थिक सुरक्षा उपलब्ध कराना है। योजना के अंतर्गत दुर्घटना में मृत्यु अथवा निर्धारित परिस्थितियों में दिव्यांगता होने पर शासन के नियमों और पात्रता के आधार पर सहायता दिए जाने का प्रावधान है।

कार्यक्रम के दौरान सांसद जगदंबिका पाल ने कहा कि किसानों, श्रमिकों और जरूरतमंदों के हित में सरकार की ओर से कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहें।
उन्होंने कहा कि योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब जरूरतमंद परिवारों तक सहायता समय से पहुंचे और पात्रता के अनुरूप प्रक्रिया पूरी हो।
टिप्पणी
किसान परिवारों के लिए दुर्घटना के बाद आर्थिक सहारा बेहद महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में सहायता आधारित योजनाएं संकट की घड़ी में परिवार का बोझ कम करने में भूमिका निभा सकती हैं। हालांकि किसी भी योजना का लाभ संबंधित पात्रता, दस्तावेजों और शासन द्वारा निर्धारित नियमों के अनुसार ही मिलता है। इसलिए लाभार्थियों के चयन और भुगतान की प्रक्रिया में पारदर्शिता तथा समयबद्धता बेहद अहम है।
कार्यक्रम की झलक
तहसील सभागार में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और लाभार्थी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान सांसद जगदंबिका पाल ने लाभार्थियों को डेमो चेक वितरित किए। बाद में उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और उनके माध्यम से पात्र लोगों तक सहायता पहुंचाने की बात कही।

डुमरियागंज तहसील परिसर में मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के तहत लाभार्थियों को डेमो चेक वितरित करते सांसद जगदंबिका पाल।
नवनियुक्त भाजपा क्षेत्रीय उपाध्यक्ष का बांसी में हुआ स्वागत
बांसी। भारतीय जनता पार्टी गोरखपुर क्षेत्र में राजेंद्र पांडेय को क्षेत्रीय उपाध्यक्ष बनाए जाने के बाद बांसी के माधव प्रसाद त्रिपाठी चौक पर भाजपा कार्यकर्ताओं एवं समर्थकों ने उनका भव्य स्वागत किया।सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने फूल-मालाओं से राजेंद्र पांडेय का जोरदार अभिनंदन किया।
इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मौर्य , समाज सेविका पूजा पाल सहित जिला पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं के साथ स्वागत करते हुए उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कल से मिल रहे आपार स्नेह से मै अभिभूत इस दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मौर्य, रामकुमार कुंवर, जिला महामंत्री फतेह बहादुर सिंह, फूलचंद जायसवाल, आशीष शुक्ला, विपिन सिंह, अजय उपाध्याय, बजरंगी वर्मा, पवन मिश्रा, रमेश मणि त्रिपाठी, उमेश शाहू,अमरनाथ सिंह, जयंती पांडेय, सच्चिदानंद पांडेय, केशभान राय, शिवेंद्र द्विवेदी, जितेंद्र भट्ट, अमरेंद्र पाल, अर्चीष्मान मिश्रा, राजू पाल, प्रिंस पाल, नितेश सिंह सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता एवं समर्थक उपस्थित रहे।
राजेंद्र पांडेय को गोरखपुर क्षेत्र में बड़ी जिम्मेदारी, जगदंबिका पाल ने दी बधाई
क्षेत्रीय उपाध्यक्ष बनाए जाने पर बढ़ा उत्साह, वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने दी शुभकामनाएं

सिद्धार्थनगर। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता राजेंद्र पांडेय को गोरखपुर क्षेत्र का क्षेत्रीय उपाध्यक्ष बनाए जाने के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों में उत्साह का माहौल है। नई जिम्मेदारी मिलने पर उन्हें बधाई देने का सिलसिला जारी है। इसी क्रम में डुमरियागंज सांसद एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री जगदंबिका पाल ने राजेंद्र पांडेय से मुलाकात कर उन्हें शुभकामनाएं दीं।
सामने आई तस्वीरों में जगदंबिका पाल और राजेंद्र पांडेय के बीच आत्मीय मुलाकात दिखाई दे रही है। दोनों नेताओं के बीच बातचीत के साथ ही बधाई एवं शुभकामनाओं का आदान-प्रदान हुआ। इस दौरान कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।
संगठन में अनुभव को मिली अहम जिम्मेदारी
राजेंद्र पांडेय लंबे समय से भाजपा संगठन से जुड़े रहे हैं और संगठन में विभिन्न जिम्मेदारियों का निर्वहन कर चुके हैं। ऐसे में गोरखपुर क्षेत्र के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष के रूप में मिली नई जिम्मेदारी को उनके संगठनात्मक अनुभव से जोड़कर देखा जा रहा है।
नई जिम्मेदारी के बाद उनके समर्थकों में भी उत्साह देखने को मिला। बधाई संदेशों में उनके संगठनात्मक अनुभव, सक्रियता और समर्पण की सराहना करते हुए उम्मीद जताई गई कि उनके अनुभव का लाभ क्षेत्र में पार्टी संगठन को मिलेगा।
जगदंबिका पाल की मौजूदगी रही खास
राजेंद्र पांडेय को बधाई देने पहुंचे डुमरियागंज सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री जगदंबिका पाल की मौजूदगी इस अवसर पर खास रही। दोनों नेताओं की मुलाकात की तस्वीरें सामने आने के बाद समर्थकों और कार्यकर्ताओं के बीच चर्चा तेज हो गई।
इस दौरान वरिष्ठ भाजपा नेता एवं जिला प्रभारी राम जियावान मौर्य, वरिष्ठ भाजपा नेता सच्चिदानंद पांडेय, बस्ती जिला पंचायत अध्यक्ष संजय चौधरी, विश्व हिंदू परिषद के जिला अध्यक्ष गोपेश पाल तथा राजन पाल सहित अन्य वरिष्ठजन एवं साथी मौजूद रहे।
नई जिम्मेदारी के साथ बढ़ी संगठनात्मक अपेक्षाएं
गोरखपुर क्षेत्र भाजपा के संगठनात्मक ढांचे में महत्वपूर्ण भूमिका रखता है। क्षेत्रीय उपाध्यक्ष के रूप में राजेंद्र पांडेय के सामने संगठनात्मक गतिविधियों को गति देने, कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय बनाने और पार्टी संगठन को मजबूत करने की जिम्मेदारी रहेगी।
हालांकि नई जिम्मेदारी के बाद उनकी प्राथमिकताओं और संगठनात्मक भूमिका को लेकर आने वाले समय में तस्वीर और स्पष्ट होगी। फिलहाल उनके मनोनयन पर पार्टी से जुड़े लोगों की ओर से बधाई और शुभकामनाओं का दौर जारी है।
तस्वीरों ने बयां किया कार्यकर्ताओं का उत्साह
मौके की तस्वीरों में वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ राजेंद्र पांडेय नजर आ रहे हैं। कई कार्यकर्ता उत्साह के साथ उनके साथ खड़े दिखाई दिए। इससे नई जिम्मेदारी को लेकर समर्थकों के उत्साह का अंदाजा लगाया जा सकता है।
भाजपा के वरिष्ठ नेता राजेंद्र पांडेय को गोरखपुर क्षेत्र का क्षेत्रीय उपाध्यक्ष बनाए जाने पर सिद्धार्थनगर में उत्साह का माहौल है। डुमरियागंज सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री जगदंबिका पाल ने मुलाकात कर उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए बधाई और शुभकामनाएं दीं।
अनुभव पर संगठन का भरोसा
राजेंद्र पांडेय भाजपा संगठन में लंबे समय से सक्रिय रहे हैं। विभिन्न संगठनात्मक जिम्मेदारियों के अनुभव के बीच अब उन्हें गोरखपुर क्षेत्र में क्षेत्रीय उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है।
वरिष्ठ नेताओं का जमावड़ा
राजेंद्र पांडेय को बधाई देने के दौरान कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। मुलाकात और सामूहिक तस्वीरों में कार्यकर्ताओं का उत्साह साफ दिखाई दिया।
राजेंद्र पांडेय को गोरखपुर क्षेत्र का क्षेत्रीय उपाध्यक्ष बनाए जाने पर उन्हें बधाई देने का सिलसिला जारी है। डुमरियागंज सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री जगदंबिका पाल ने उनसे मुलाकात कर शुभकामनाएं दीं।
संगठन में नई जिम्मेदारी किसी भी नेता के लिए नई चुनौती के साथ नई संभावना भी लेकर आती है। राजेंद्र पांडेय के लंबे संगठनात्मक अनुभव को देखते हुए अब गोरखपुर क्षेत्र में उनकी सक्रिय भूमिका पर कार्यकर्ताओं की निगाहें रहेंगी।
सिद्धार्थनगर में रफ्तार पर शिकंजा, 89 वाहनों के चालान
इंटरसेप्टर वाहनों से ओवरस्पीडिंग की निगरानी तेज, तीन प्रमुख मार्गों पर 40 किमी प्रति घंटा की सीमा

सिद्धार्थनगर। जिले में तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण के लिए यातायात पुलिस ने प्रवर्तन अभियान तेज कर दिया है। सड़क दुर्घटनाओं और उनसे होने वाली जनहानि को कम करने के उद्देश्य से प्रमुख मार्गों पर गति सीमा का पालन कराने के साथ आधुनिक उपकरणों से वाहनों की रफ्तार पर निगरानी रखी जा रही है। पुलिस की ओर से जारी 3 सितंबर की प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, अभियान के दौरान गति सीमा का उल्लंघन करने वाले 89 वाहनों के चालान किए गए।
तीसरे दिन 89 वाहन कार्रवाई की जद में
यातायात पुलिस के अनुसार, जिले में उपलब्ध कराए गए दो दोपहिया इंटरसेप्टर वाहनों के जरिए ओवरस्पीडिंग की निगरानी की जा रही है। अभियान के तीसरे दिन 3 सितंबर को निर्धारित गति से अधिक रफ्तार में चल रहे 89 वाहनों के विरुद्ध मोटर वाहन अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत चालानी एवं अन्य विधिक कार्रवाई की गई।
तीन प्रमुख मार्गों पर 40 की रफ्तार
शहर के अशोक मार्ग, डिड़ई-ककरहवा मार्ग और सनई-बढ़नी मार्ग पर निर्धारित गति सीमा के पालन को लेकर निगरानी बढ़ाई गई है। इन मार्गों पर अधिकतम गति सीमा 40 किलोमीटर प्रति घंटा रखे जाने के बाद यातायात पुलिस की नजर ओवरस्पीडिंग करने वाले वाहनों पर है।
इंटरसेप्टर से ऐसे हो रही निगरानी
यातायात निदेशालय की ओर से सिद्धार्थनगर पुलिस को उपलब्ध कराए गए दो दोपहिया इंटरसेप्टर वाहनों में आधुनिक गति मापने वाले उपकरण लगाए गए हैं। इनके माध्यम से प्रमुख मार्गों पर गुजरने वाले वाहनों की गति पर नजर रखी जा रही है। निर्धारित सीमा से अधिक गति पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
89 चालान क्यों अहम?
3 सितंबर को 89 वाहनों पर की गई कार्रवाई यह संकेत देती है कि यातायात पुलिस अब ओवरस्पीडिंग को लेकर नियमित प्रवर्तन पर जोर दे रही है। अभियान का घोषित उद्देश्य केवल चालान करना नहीं, बल्कि वाहन चालकों को निर्धारित गति सीमा में वाहन चलाने के लिए जागरूक करना और सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाना है।
सिद्धार्थनगर में ओवरस्पीडिंग के खिलाफ यातायात पुलिस का अभियान जारी है। दोपहिया इंटरसेप्टर वाहनों की मदद से गति की निगरानी की जा रही है। पुलिस की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार 3 सितंबर को 89 वाहनों के खिलाफ चालानी एवं अन्य विधिक कार्रवाई की गई।
रफ्तार पर नियंत्रण, हादसों पर रोक की कोशिश
सड़क पर कुछ मिनट बचाने की कोशिश कई बार गंभीर परिणाम में बदल सकती है। निर्धारित गति सीमा वाहन चालक को अचानक सामने आने वाली परिस्थिति में प्रतिक्रिया देने का अतिरिक्त समय देती है। ऐसे में स्पीड लिमिट का पालन केवल चालान से बचने का विषय नहीं, बल्कि चालक और सड़क पर चल रहे अन्य लोगों की सुरक्षा से भी जुड़ा है।
आगे भी जारी रहेगा प्रवर्तन अभियान
पुलिस के मुताबिक ओवरस्पीडिंग के खिलाफ चेकिंग और प्रवर्तन कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। यातायात पुलिस ने आमजन से निर्धारित गति सीमा में वाहन चलाने, यातायात नियमों का पालन करने और सुरक्षित यातायात व्यवस्था बनाने में सहयोग करने की अपील की है।
पुलिस अधिकारियों की निगरानी में अभियान
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार अभियान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थनगर के निर्देश, अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार प्रसाद के पर्यवेक्षण, क्षेत्राधिकारी यातायात राजकुमार सिंह के निर्देशन और प्रभारी यातायात अजय कुमार सिंह यादव के नेतृत्व में संचालित किया जा रहा है।
कानूनी सावधानी के लिए अंतिम डिस्क्लेमर
“यह समाचार सिद्धार्थनगर पुलिस द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति तथा उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। चालान अथवा पुलिस कार्रवाई का उल्लेख संबंधित विभाग की जानकारी के अनुसार है। FT NEWS DIGITAL किसी व्यक्ति के विरुद्ध स्वतंत्र रूप से कोई दोष या आरोप निर्धारित नहीं करता।”
सिद्धार्थनगर में रफ्तार पर शिकंजा, 89 वाहनों के चालान
इंटरसेप्टर वाहनों से ओवरस्पीडिंग की निगरानी तेज, तीन प्रमुख मार्गों पर 40 किमी प्रति घंटा की सीमा
सिद्धार्थनगर। जिले में तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण के लिए यातायात पुलिस ने प्रवर्तन अभियान तेज कर दिया है। सड़क दुर्घटनाओं और उनसे होने वाली जनहानि को कम करने के उद्देश्य से प्रमुख मार्गों पर गति सीमा का पालन कराने के साथ आधुनिक उपकरणों से वाहनों की रफ्तार पर निगरानी रखी जा रही है। पुलिस की ओर से जारी 3 सितंबर की प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, अभियान के दौरान गति सीमा का उल्लंघन करने वाले 89 वाहनों के चालान किए गए।
तीसरे दिन 89 वाहन कार्रवाई की जद में
यातायात पुलिस के अनुसार, जिले में उपलब्ध कराए गए दो दोपहिया इंटरसेप्टर वाहनों के जरिए ओवरस्पीडिंग की निगरानी की जा रही है। अभियान के तीसरे दिन 3 सितंबर को निर्धारित गति से अधिक रफ्तार में चल रहे 89 वाहनों के विरुद्ध मोटर वाहन अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत चालानी एवं अन्य विधिक कार्रवाई की गई।
तीन प्रमुख मार्गों पर 40 की रफ्तार
शहर के अशोक मार्ग, डिड़ई-ककरहवा मार्ग और सनई-बढ़नी मार्ग पर निर्धारित गति सीमा के पालन को लेकर निगरानी बढ़ाई गई है। इन मार्गों पर अधिकतम गति सीमा 40 किलोमीटर प्रति घंटा रखे जाने के बाद यातायात पुलिस की नजर ओवरस्पीडिंग करने वाले वाहनों पर है।
इंटरसेप्टर से ऐसे हो रही निगरानी
यातायात निदेशालय की ओर से सिद्धार्थनगर पुलिस को उपलब्ध कराए गए दो दोपहिया इंटरसेप्टर वाहनों में आधुनिक गति मापने वाले उपकरण लगाए गए हैं। इनके माध्यम से प्रमुख मार्गों पर गुजरने वाले वाहनों की गति पर नजर रखी जा रही है। निर्धारित सीमा से अधिक गति पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
89 चालान क्यों अहम?
3 सितंबर को 89 वाहनों पर की गई कार्रवाई यह संकेत देती है कि यातायात पुलिस अब ओवरस्पीडिंग को लेकर नियमित प्रवर्तन पर जोर दे रही है। अभियान का घोषित उद्देश्य केवल चालान करना नहीं, बल्कि वाहन चालकों को निर्धारित गति सीमा में वाहन चलाने के लिए जागरूक करना और सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाना है।
सिद्धार्थनगर में ओवरस्पीडिंग के खिलाफ यातायात पुलिस का अभियान जारी है। दोपहिया इंटरसेप्टर वाहनों की मदद से गति की निगरानी की जा रही है। पुलिस की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार 3 सितंबर को 89 वाहनों के खिलाफ चालानी एवं अन्य विधिक कार्रवाई की गई।
रफ्तार पर नियंत्रण, हादसों पर रोक की कोशिश
सड़क पर कुछ मिनट बचाने की कोशिश कई बार गंभीर परिणाम में बदल सकती है। निर्धारित गति सीमा वाहन चालक को अचानक सामने आने वाली परिस्थिति में प्रतिक्रिया देने का अतिरिक्त समय देती है। ऐसे में स्पीड लिमिट का पालन केवल चालान से बचने का विषय नहीं, बल्कि चालक और सड़क पर चल रहे अन्य लोगों की सुरक्षा से भी जुड़ा है।
आगे भी जारी रहेगा प्रवर्तन अभियान
पुलिस के मुताबिक ओवरस्पीडिंग के खिलाफ चेकिंग और प्रवर्तन कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। यातायात पुलिस ने आमजन से निर्धारित गति सीमा में वाहन चलाने, यातायात नियमों का पालन करने और सुरक्षित यातायात व्यवस्था बनाने में सहयोग करने की अपील की है।
पुलिस अधिकारियों की निगरानी में अभियान
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार अभियान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थनगर के निर्देश, अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार प्रसाद के पर्यवेक्षण, क्षेत्राधिकारी यातायात राजकुमार सिंह के निर्देशन और प्रभारी यातायात अजय कुमार सिंह यादव के नेतृत्व में संचालित किया जा रहा है।
कानूनी सावधानी के लिए अंतिम डिस्क्लेमर
“यह समाचार सिद्धार्थनगर पुलिस द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति तथा उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। चालान अथवा पुलिस कार्रवाई का उल्लेख संबंधित विभाग की जानकारी के अनुसार है। FT NEWS DIGITAL किसी व्यक्ति के विरुद्ध स्वतंत्र रूप से कोई दोष या आरोप निर्धारित नहीं करता।”
