बाढ़ की त्रासदी के बीच नाव पर सवार होकर संगलदीप पहुंचे CDO, गांव का लिया जायजा
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संस्कार भारती की बाल गोकुलम एवं कृष्ण रूप सज्जा प्रतियोगिता में दिखी भारतीय संस्कृति की झलक
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बाढ़ की त्रासदी के बीच नाव पर सवार होकर संगलदीप पहुंचे CDO, गांव का लिया जायजा
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संस्कार भारती की बाल गोकुलम एवं कृष्ण रूप सज्जा प्रतियोगिता में दिखी भारतीय संस्कृति की झलक

नन्हे-मुन्नों ने कृष्ण-राधा के मनमोहक रूप में सजकर मोहा मन, संस्कार और आध्यात्म से जोड़ने का दिया संदेश

सिद्धार्थनगर। संस्कार भारती सिद्धार्थनगर इकाई की ओर से आयोजित बाल गोकुलम एवं कृष्ण रूप सज्जा प्रतियोगिता में नगर के विभिन्न मोहल्लों से आए बच्चों ने कृष्ण और राधा के मनमोहक रूप में सज-धजकर उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। नन्हे बच्चों की आकर्षक वेशभूषा, आत्मविश्वास और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा।
भारतीय संस्कृति, संस्कार और आध्यात्मिक मूल्यों से बच्चों को जोड़ने की दिशा में संस्कार भारती सिद्धार्थनगर इकाई का बाल गोकुलम एवं कृष्ण रूप सज्जा कार्यक्रम आकर्षण का केंद्र रहा। अलग-अलग मोहल्लों से पहुंचे बच्चों ने भगवान श्रीकृष्ण और राधा के रूप में सजकर प्रतियोगिता में भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान बच्चों के उत्साह के साथ अभिभावकों में भी खासा उत्साह देखने को मिला।

कार्यक्रम में पीयूष कुमार गुप्ता, आराध्या यादव, लावण्या सोनी, शौर्य राज, वैष्णवी, दिव्यांश, वेदांश, शाश्वत, देवांश, पर्व, आस्विक, वेदांत, अभिनव, राघव मिश्रा, सोना, युवराज, परिधि, अभिषेक, अनुष्का, प्रतिज्ञा, श्रेयांश, निष्ठा, दीपांशु सहित अन्य बच्चों ने कृष्ण एवं राधा के रूप में प्रतिभाग किया।
कार्यक्रम का संचालन धीरज गुप्ता ने किया।
संस्कृति से संस्कार तक
बाल गोकुलम का उद्देश्य केवल बच्चों को धार्मिक पात्रों के रूप में सजाना नहीं, बल्कि उन्हें भारतीय संस्कृति, परंपरा, संस्कार और आध्यात्मिक मूल्यों से परिचित कराना भी रहा। कार्यक्रम में वक्ताओं ने बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण में संस्कारों की भूमिका पर जोर दिया।
मुख्य अतिथि ने बढ़ाया उत्साह
कार्यक्रम में संस्कार भारती के प्रांत उपाध्यक्ष राणा प्रताप सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने बच्चों की प्रतिभागिता और कार्यक्रम के आयोजन की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया।
वरिष्ठ पत्रकार संतोष श्रीवास्तव ने की आयोजन की सराहना
कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार संतोष श्रीवास्तव ने संस्कार भारती की गतिविधियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन बच्चों को संस्कार, आध्यात्म और भारतीय संस्कृति से जोड़ने के साथ ही समाज में सकारात्मक एवं अग्रणी भूमिका निभाने की दिशा में प्रेरित करते हैं।
अध्यक्ष ने संस्कार शिक्षा पर दिया जोर
संस्कार भारती के अध्यक्ष पवन कुमार जायसवाल ने बच्चों की संस्कार शिक्षा पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि माताओं को अपने बच्चों में श्रीकृष्ण के जीवन से जुड़े नीतिवान, गुणवान, धैर्यवान और साहसी व्यक्तित्व के गुण विकसित करने का प्रयास करना चाहिए।
बड़े स्वरूप में आयोजन का संकल्प
कार्यक्रम के सफल आयोजन से उत्साहित संस्कार भारती के महामंत्री गोविंद ओझा ने सभी आगंतुकों और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने भविष्य में बाल गोकुलम कार्यक्रम को और बड़े स्वरूप में आयोजित करने की बात कही।
कोषाध्यक्ष ने बच्चों को दिया संस्कार का संदेश
संस्कार भारती के कोषाध्यक्ष राम शरण ने बच्चों को संस्कारवान और नीतिमान बनने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि संस्कार भारती बच्चों को संस्कार, आध्यात्म और सामाजिक मूल्यों से जोड़ने की दिशा में निरंतर अपना योगदान दे रही है।
समापन पर जताया आभार
कार्यक्रम के अंत में शंभू गुप्ता ने आयोजन में शामिल सभी पदाधिकारियों, अतिथियों, अभिभावकों और बच्चों को बधाई दी तथा कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए सभी का आभार व्यक्त करते हुए समापन की घोषणा की।
आयोजन में ये रहे मौजूद
कार्यक्रम में राणा प्रताप सिंह, संतोष श्रीवास्तव, गोविंद ओझा, आशीष त्रिपाठी, नितेश पांडे, रामशरण, मनोज भगवान, पत्रकार मालती देवी, सरिता पांडे, शुभम श्रीवास्तव, राजकमल जायसवाल, प्रदीप वर्मा, धीरेंद्र वर्मा, पंकज सिद्धार्थ, आशुतोष वर्मा, अभिषेक वर्मा, योगेश यादव, कल्पना त्रिपाठी, प्रतिभा जायसवाल, अनुराधा, रिचा, कमलेश, सनाया सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
सारांश
बाल गोकुलम एवं कृष्ण रूप सज्जा प्रतियोगिता ने बच्चों की प्रतिभा के साथ भारतीय संस्कृति और संस्कारों की खूबसूरत झलक प्रस्तुत की। कृष्ण-राधा के रूप में सजे नन्हे प्रतिभागियों ने कार्यक्रम को आकर्षक बनाया, वहीं वक्ताओं ने बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण में संस्कार, आध्यात्म और नैतिक मूल्यों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
टिप्पणी
बच्चों के बीच भारतीय संस्कृति और संस्कारों को सहज एवं रचनात्मक तरीके से पहुंचाने वाले ऐसे आयोजन केवल प्रतियोगिता तक सीमित नहीं रहते। इनके माध्यम से बच्चों को अपनी सांस्कृतिक विरासत को समझने, मंच पर अपनी प्रतिभा दिखाने और सामाजिक मूल्यों से जुड़ने का अवसर मिलता है। संस्कार भारती का यह आयोजन इसी दिशा में एक सकारात्मक पहल के रूप में सामने आया।
बाढ़ की त्रासदी के बीच नाव पर सवार होकर संगलदीप पहुंचे CDO, गांव का लिया जायजा

राप्ती के उफान ने चारों तरफ से घेरा गांव, फसलें प्रभावित; 300 परिवारों को राशन किट, कटान रोधक कार्य और बांध सड़क निर्माण पर भी मंथन
सिद्धार्थनगर। राप्ती नदी के किनारे बसा विकासखंड जोगिया का संगलदीप गांव एक बार फिर बाढ़ की त्रासदी से जूझ रहा है। लगातार हुई मूसलाधार बारिश के बाद राप्ती नदी का जलस्तर बढ़ा तो पानी ने गांव को चारों तरफ से घेर लिया। खेतों में पानी पहुंचने से किसानों की फसलें प्रभावित हुईं, वहीं ग्रामीणों के सामने आवागमन और रोजमर्रा की जरूरतों को लेकर मुश्किलें बढ़ गईं।

बाढ़ की इस गंभीर स्थिति के बीच प्रशासनिक अमला गांव की स्थिति पर नजर बनाए हुए है। मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह नाव पर सवार होकर संगलदीप पहुंचे और बाढ़ प्रभावित इलाके का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने गांव की भौगोलिक स्थिति, जलभराव, आवागमन और कटान रोधक कार्यों की स्थिति को करीब से देखा।

इस दौरान जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन, सदर विधायक श्यामधनी राही और उपजिलाधिकारी निखिल चक्रवर्ती समेत प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
नाव बनी सहारा, तब गांव तक पहुंचा प्रशासन
संगलदीप की भौगोलिक स्थिति और चारों तरफ पानी होने के कारण मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह नाव पर सवार होकर गांव तक पहुंचे। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बाढ़ के पानी से प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति देखी और ग्रामीणों की समस्याओं को समझने का प्रयास किया।
यह तस्वीर बताती है कि बाढ़ के दौरान ग्रामीणों तक प्रशासन की पहुंच भी कितनी चुनौतीपूर्ण हो जाती है।
300 परिवारों तक पहुंची राहत
बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने के लिए सदर विधायक श्यामधनी राही की देखरेख में संगलदीप के 300 परिवारों को राशन किट का वितरण किया गया।
राहत सामग्री वितरण के दौरान ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं भी सामने रखीं। कुछ ग्रामीणों ने राशन वितरण में परिवारों की संख्या को लेकर आपत्ति जताई।
ग्रामीणों की आपत्ति, विधायक का पक्ष भी सामने
कुछ ग्रामीणों का कहना है कि पिछले वर्ष करीब 600 परिवारों को राशन वितरित किया गया था, जबकि इस बार 300 परिवारों को ही राशन किट दिए जाने की बात सामने आई है। कुछ ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि गांव से बाहर बांध पर मकान बनाकर रहने वाले कुछ परिवारों को इस बार सूची में शामिल नहीं किया गया।
वहीं सदर विधायक श्यामधनी राही ने इस संबंध में अपना पक्ष रखते हुए कहा कि पिछले वर्ष अमरिया का नाम भी सूची में शामिल था, जिसकी वजह से वितरण की संख्या अधिक थी। इस बार अलग व्यवस्था के तहत राशन वितरण किया जा रहा है।

इस तरह राहत वितरण को लेकर ग्रामीणों की आपत्ति और जनप्रतिनिधि की ओर से दिया गया स्पष्टीकरण दोनों सामने आए हैं।

बाढ़ से आगे स्थायी समाधान की जरूरत
संगलदीप की समस्या केवल मौजूदा बाढ़ तक सीमित नहीं है। हर वर्ष बाढ़ और जलभराव के दौरान गांव के लोगों को आवागमन की समस्या का सामना करना पड़ता है। इसी को देखते हुए गांव को सड़क से जोड़ने का मुद्दा भी निरीक्षण के दौरान प्रमुखता से सामने आया।
सदर विधायक श्यामधनी राही ने पूर्व जिलाधिकारी की ओर से भेजे गए प्रस्ताव का उल्लेख करते हुए कहा कि स्वीकृति मिलने के बाद गांव की निकासी और आवागमन के लिए बांध सड़क का निर्माण कराया जाएगा।
स्थायी सड़क बनने से बाढ़ के समय ग्रामीणों को होने वाली आवागमन की परेशानी को काफी हद तक कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
कटान रोधक कार्यों पर भी प्रशासन की नजर
निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह ने गांव में कराए गए कटान रोधक कार्यों की स्थिति का भी जायजा लिया।
उन्होंने बताया कि जिन स्थानों पर कटान रोधक कार्यों में सुधार की आवश्यकता है, वहां आवश्यक सुधार कराया जाएगा। बाढ़ का पानी कम होने के बाद कटान रोधक कार्यों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।
सारांश
संगलदीप में बाढ़ ने एक बार फिर ग्रामीण जीवन की मुश्किलों को सामने ला दिया है। राप्ती के उफान से गांव चारों तरफ से प्रभावित हुआ, खेतों में पानी पहुंचा और ग्रामीणों के आवागमन की चुनौती बढ़ी। ऐसे समय में प्रशासनिक अधिकारियों का नाव से गांव तक पहुंचना और मौके पर स्थिति का जायजा लेना राहत एवं निगरानी व्यवस्था की सक्रियता को दर्शाता है।

300 परिवारों को राशन किट वितरण के साथ अब नजर इस बात पर है कि बाढ़ उतरने के बाद फसल क्षति, कटान रोधक कार्य और गांव को सड़क से जोड़ने के प्रस्ताव पर कितनी तेजी से कार्रवाई होती है।
टिप्पणी | बाढ़ केवल पानी नहीं, व्यवस्था की परीक्षा भी है
संगलदीप की तस्वीर हर साल आने वाली बाढ़ की उस चुनौती को सामने रखती है, जिसमें कुछ समय के लिए पूरा गांव सड़क, खेत और सामान्य आवागमन से कटने लगता है। राहत सामग्री तत्काल जरूरत पूरी कर सकती है, लेकिन स्थायी समाधान के लिए कटान नियंत्रण, सुरक्षित आवागमन और मजबूत सड़क व्यवस्था जरूरी है।

शासन की मंशा के अनुरूप बाढ़ प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने के साथ-साथ उन कारणों पर भी काम करना जरूरी होगा, जिनकी वजह से हर वर्ष ग्रामीणों को इसी त्रासदी का सामना करना पड़ता है।

अब ग्रामीणों की उम्मीद राहत से आगे बढ़कर स्थायी समाधान पर टिकी है।

मौके पर मौजूद रहे
निरीक्षण एवं राहत वितरण के दौरान जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन, सदर विधायक श्यामधनी राही, मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह, उपजिलाधिकारी निखिल चक्रवर्ती, तहसीलदार अरविन्द नाथ पाण्डेय, नायब तहसीलदार अमित सिंह, क्षेत्राधिकारी विश्वजीत सौर्यन, क्षेत्रीय लेखपाल अमित पाण्डेय, धनंजय पाण्डेय, रमेश गुप्ता, सुबोध कांत गुप्ता, विजय यादव, विकास गुप्ता तथा ग्राम प्रधान अमरिया-संगलदीप अम्बिका यादव सहित अन्य संबंधित लोग मौजूद रहे।

साथ ही उसका बाजार थाना पुलिस भी पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद रही।

रिपोर्ट: सद्दाम खान | FT NEWS DIGITAL
बाढ़ की त्रासदी के बीच नाव पर सवार होकर संगलदीप पहुंचे CDO, गांव का लिया जायजा

राप्ती के उफान ने चारों तरफ से घेरा गांव, फसलें प्रभावित; 300 परिवारों को राशन किट, कटान रोधक कार्य और बांध सड़क निर्माण पर भी मंथन
सिद्धार्थनगर। राप्ती नदी के किनारे बसा विकासखंड जोगिया का संगलदीप गांव एक बार फिर बाढ़ की त्रासदी से जूझ रहा है। लगातार हुई मूसलाधार बारिश के बाद राप्ती नदी का जलस्तर बढ़ा तो पानी ने गांव को चारों तरफ से घेर लिया। खेतों में पानी पहुंचने से किसानों की फसलें प्रभावित हुईं, वहीं ग्रामीणों के सामने आवागमन और रोजमर्रा की जरूरतों को लेकर मुश्किलें बढ़ गईं।

बाढ़ की इस गंभीर स्थिति के बीच प्रशासनिक अमला गांव की स्थिति पर नजर बनाए हुए है। मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह नाव पर सवार होकर संगलदीप पहुंचे और बाढ़ प्रभावित इलाके का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने गांव की भौगोलिक स्थिति, जलभराव, आवागमन और कटान रोधक कार्यों की स्थिति को करीब से देखा।

इस दौरान जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन, सदर विधायक श्यामधनी राही और उपजिलाधिकारी निखिल चक्रवर्ती समेत प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
नाव बनी सहारा, तब गांव तक पहुंचा प्रशासन
संगलदीप की भौगोलिक स्थिति और चारों तरफ पानी होने के कारण मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह नाव पर सवार होकर गांव तक पहुंचे। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बाढ़ के पानी से प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति देखी और ग्रामीणों की समस्याओं को समझने का प्रयास किया।
यह तस्वीर बताती है कि बाढ़ के दौरान ग्रामीणों तक प्रशासन की पहुंच भी कितनी चुनौतीपूर्ण हो जाती है।
300 परिवारों तक पहुंची राहत
बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने के लिए सदर विधायक श्यामधनी राही की देखरेख में संगलदीप के 300 परिवारों को राशन किट का वितरण किया गया।
राहत सामग्री वितरण के दौरान ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं भी सामने रखीं। कुछ ग्रामीणों ने राशन वितरण में परिवारों की संख्या को लेकर आपत्ति जताई।
ग्रामीणों की आपत्ति, विधायक का पक्ष भी सामने
कुछ ग्रामीणों का कहना है कि पिछले वर्ष करीब 600 परिवारों को राशन वितरित किया गया था, जबकि इस बार 300 परिवारों को ही राशन किट दिए जाने की बात सामने आई है। कुछ ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि गांव से बाहर बांध पर मकान बनाकर रहने वाले कुछ परिवारों को इस बार सूची में शामिल नहीं किया गया।
वहीं सदर विधायक श्यामधनी राही ने इस संबंध में अपना पक्ष रखते हुए कहा कि पिछले वर्ष अमरिया का नाम भी सूची में शामिल था, जिसकी वजह से वितरण की संख्या अधिक थी। इस बार अलग व्यवस्था के तहत राशन वितरण किया जा रहा है।

इस तरह राहत वितरण को लेकर ग्रामीणों की आपत्ति और जनप्रतिनिधि की ओर से दिया गया स्पष्टीकरण दोनों सामने आए हैं।

बाढ़ से आगे स्थायी समाधान की जरूरत
संगलदीप की समस्या केवल मौजूदा बाढ़ तक सीमित नहीं है। हर वर्ष बाढ़ और जलभराव के दौरान गांव के लोगों को आवागमन की समस्या का सामना करना पड़ता है। इसी को देखते हुए गांव को सड़क से जोड़ने का मुद्दा भी निरीक्षण के दौरान प्रमुखता से सामने आया।
सदर विधायक श्यामधनी राही ने पूर्व जिलाधिकारी की ओर से भेजे गए प्रस्ताव का उल्लेख करते हुए कहा कि स्वीकृति मिलने के बाद गांव की निकासी और आवागमन के लिए बांध सड़क का निर्माण कराया जाएगा।
स्थायी सड़क बनने से बाढ़ के समय ग्रामीणों को होने वाली आवागमन की परेशानी को काफी हद तक कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
कटान रोधक कार्यों पर भी प्रशासन की नजर
निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह ने गांव में कराए गए कटान रोधक कार्यों की स्थिति का भी जायजा लिया।
उन्होंने बताया कि जिन स्थानों पर कटान रोधक कार्यों में सुधार की आवश्यकता है, वहां आवश्यक सुधार कराया जाएगा। बाढ़ का पानी कम होने के बाद कटान रोधक कार्यों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।
सारांश
संगलदीप में बाढ़ ने एक बार फिर ग्रामीण जीवन की मुश्किलों को सामने ला दिया है। राप्ती के उफान से गांव चारों तरफ से प्रभावित हुआ, खेतों में पानी पहुंचा और ग्रामीणों के आवागमन की चुनौती बढ़ी। ऐसे समय में प्रशासनिक अधिकारियों का नाव से गांव तक पहुंचना और मौके पर स्थिति का जायजा लेना राहत एवं निगरानी व्यवस्था की सक्रियता को दर्शाता है।

300 परिवारों को राशन किट वितरण के साथ अब नजर इस बात पर है कि बाढ़ उतरने के बाद फसल क्षति, कटान रोधक कार्य और गांव को सड़क से जोड़ने के प्रस्ताव पर कितनी तेजी से कार्रवाई होती है।
टिप्पणी | बाढ़ केवल पानी नहीं, व्यवस्था की परीक्षा भी है
संगलदीप की तस्वीर हर साल आने वाली बाढ़ की उस चुनौती को सामने रखती है, जिसमें कुछ समय के लिए पूरा गांव सड़क, खेत और सामान्य आवागमन से कटने लगता है। राहत सामग्री तत्काल जरूरत पूरी कर सकती है, लेकिन स्थायी समाधान के लिए कटान नियंत्रण, सुरक्षित आवागमन और मजबूत सड़क व्यवस्था जरूरी है।

शासन की मंशा के अनुरूप बाढ़ प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने के साथ-साथ उन कारणों पर भी काम करना जरूरी होगा, जिनकी वजह से हर वर्ष ग्रामीणों को इसी त्रासदी का सामना करना पड़ता है।

अब ग्रामीणों की उम्मीद राहत से आगे बढ़कर स्थायी समाधान पर टिकी है।

मौके पर मौजूद रहे
निरीक्षण एवं राहत वितरण के दौरान जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन, सदर विधायक श्यामधनी राही, मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह, उपजिलाधिकारी निखिल चक्रवर्ती, तहसीलदार अरविन्द नाथ पाण्डेय, नायब तहसीलदार अमित सिंह, क्षेत्राधिकारी विश्वजीत सौर्यन, क्षेत्रीय लेखपाल अमित पाण्डेय, धनंजय पाण्डेय, रमेश गुप्ता, सुबोध कांत गुप्ता, विजय यादव, विकास गुप्ता तथा ग्राम प्रधान अमरिया-संगलदीप अम्बिका यादव सहित अन्य संबंधित लोग मौजूद रहे।

साथ ही उसका बाजार थाना पुलिस भी पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद रही।

रिपोर्ट: सद्दाम खान | FT NEWS DIGITAL
गांधी-शास्त्री जयंती पर कलेक्ट्रेट गांधी-शास्त्री जयंती पर कलेक्ट्रेट में श्रद्धा, स्वच्छता और कर्तव्य का संदेशमें श्रद्धा, स्वच्छता और कर्तव्य का संदेश

जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने किया ध्वजारोहण, महापुरुषों के चित्र पर अर्पित किए पुष्प; अधिकारियों-कर्मचारियों ने राष्ट्रगान के साथ लिया उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प
सिद्धार्थनगर, 02 अक्टूबर 2026। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर सिद्धार्थनगर कलेक्ट्रेट परिसर में श्रद्धा, राष्ट्रभक्ति और सामाजिक जिम्मेदारी से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए गए। कलेक्ट्रेट भवन पर जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने प्रातः 9 बजे ध्वजारोहण किया। इसके बाद अधिकारियों और कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से राष्ट्रगान का गायन किया।
ध्वजारोहण के बाद कलेक्ट्रेट सभागार में महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के चित्र पर जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन, अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) गौरव श्रीवास्तव, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) डॉ. ज्ञानप्रकाश सहित अधिकारियों-कर्मचारियों ने माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने देशभक्ति से जुड़े गीत प्रस्तुत किए।

दो महापुरुष, दो प्रेरणाएं
कार्यक्रम में वक्ताओं ने महात्मा गांधी के सत्य और अहिंसा के विचारों तथा लाल बहादुर शास्त्री के सादगी, अनुशासन और राष्ट्रसेवा से जुड़े जीवन को याद किया। अधिकारियों ने कहा कि नई पीढ़ी को इन महापुरुषों के जीवन और विचारों से परिचित कराना समाज की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
स्वच्छता को लेकर जिलाधिकारी का संदेश
जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने अपने संबोधन में स्वच्छता को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने पर जोर दिया। उन्होंने लोगों से अपने आसपास साफ-सफाई रखने तथा आने वाली पीढ़ी को महापुरुषों के सिद्धांतों और उनके जीवन मूल्यों के बारे में बताने की अपील की।

उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी ने सत्य और अहिंसा के माध्यम से देश को दिशा दी, जबकि लाल बहादुर शास्त्री सादगी और कर्तव्यनिष्ठा के लिए याद किए जाते हैं। उन्होंने दोनों महापुरुषों के बताए मार्ग से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।
कार्यक्रम की खास बातें
कलेक्ट्रेट भवन पर प्रातः 9 बजे ध्वजारोहण
अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने किया सामूहिक राष्ट्रगान
गांधी और शास्त्री के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि
विद्यार्थियों ने प्रस्तुत किए देशभक्ति गीत
वक्ताओं ने सत्य, अहिंसा, सादगी, अनुशासन और स्वच्छता पर दिया संदेश
नई पीढ़ी को महापुरुषों के विचारों से जोड़ने पर जोर
विचारों को व्यवहार में उतारने पर जोर
कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) गौरव श्रीवास्तव ने गांधी जयंती और शास्त्री जयंती की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि महात्मा गांधी ने अहिंसा के माध्यम से जनआंदोलन को नई दिशा दी। उन्होंने गांधी जी के विचारों को ईमानदारी और अनुशासन से जोड़ते हुए उनके जीवन से सीख लेने की बात कही।

अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) डॉ. ज्ञानप्रकाश ने लाल बहादुर शास्त्री की सादगी और गांधी जी के सत्य एवं अहिंसा के विचारों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दोनों महापुरुषों का जीवन आज भी प्रेरणा देने वाला है।

कार्यक्रम में अधिवक्ता सत्यदेव सिंह सहित अन्य लोगों ने भी महात्मा गांधी के आदर्शों और देश के स्वतंत्रता आंदोलन में उनके योगदान पर अपने विचार रखे।
सारांश
गांधी-शास्त्री जयंती पर सिद्धार्थनगर कलेक्ट्रेट में आयोजित कार्यक्रम केवल श्रद्धांजलि तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सत्य, अहिंसा, सादगी, अनुशासन और स्वच्छता जैसे जीवन मूल्यों को व्यवहार में अपनाने का संदेश भी दिया गया। कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारियों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों की सहभागिता रही।

टिप्पणी
महापुरुषों को याद करना तभी सार्थक है, जब उनके विचार हमारे व्यवहार का हिस्सा बनें। गांधी जी का सत्य और अहिंसा का संदेश हो या लाल बहादुर शास्त्री की सादगी और कर्तव्यनिष्ठा—इन मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना आज भी महत्वपूर्ण है। कलेक्ट्रेट में आयोजित कार्यक्रम ने इसी सामाजिक और राष्ट्रीय जिम्मेदारी की ओर ध्यान आकर्षित किया।

FT NEWS DIGITAL | छोटी हेडिंग
गांधी-शास्त्री जयंती पर कलेक्ट्रेट गांधी-शास्त्री जयंती पर कलेक्ट्रेट में श्रद्धा, स्वच्छता और कर्तव्य का संदेशमें श्रद्धा, स्वच्छता और कर्तव्य का संदेश

जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने किया ध्वजारोहण, महापुरुषों के चित्र पर अर्पित किए पुष्प; अधिकारियों-कर्मचारियों ने राष्ट्रगान के साथ लिया उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प
सिद्धार्थनगर, 02 अक्टूबर 2026। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर सिद्धार्थनगर कलेक्ट्रेट परिसर में श्रद्धा, राष्ट्रभक्ति और सामाजिक जिम्मेदारी से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए गए। कलेक्ट्रेट भवन पर जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने प्रातः 9 बजे ध्वजारोहण किया। इसके बाद अधिकारियों और कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से राष्ट्रगान का गायन किया।
ध्वजारोहण के बाद कलेक्ट्रेट सभागार में महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के चित्र पर जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन, अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) गौरव श्रीवास्तव, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) डॉ. ज्ञानप्रकाश सहित अधिकारियों-कर्मचारियों ने माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने देशभक्ति से जुड़े गीत प्रस्तुत किए।

दो महापुरुष, दो प्रेरणाएं
कार्यक्रम में वक्ताओं ने महात्मा गांधी के सत्य और अहिंसा के विचारों तथा लाल बहादुर शास्त्री के सादगी, अनुशासन और राष्ट्रसेवा से जुड़े जीवन को याद किया। अधिकारियों ने कहा कि नई पीढ़ी को इन महापुरुषों के जीवन और विचारों से परिचित कराना समाज की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
स्वच्छता को लेकर जिलाधिकारी का संदेश
जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने अपने संबोधन में स्वच्छता को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने पर जोर दिया। उन्होंने लोगों से अपने आसपास साफ-सफाई रखने तथा आने वाली पीढ़ी को महापुरुषों के सिद्धांतों और उनके जीवन मूल्यों के बारे में बताने की अपील की।

उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी ने सत्य और अहिंसा के माध्यम से देश को दिशा दी, जबकि लाल बहादुर शास्त्री सादगी और कर्तव्यनिष्ठा के लिए याद किए जाते हैं। उन्होंने दोनों महापुरुषों के बताए मार्ग से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।
कार्यक्रम की खास बातें
कलेक्ट्रेट भवन पर प्रातः 9 बजे ध्वजारोहण
अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने किया सामूहिक राष्ट्रगान
गांधी और शास्त्री के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि
विद्यार्थियों ने प्रस्तुत किए देशभक्ति गीत
वक्ताओं ने सत्य, अहिंसा, सादगी, अनुशासन और स्वच्छता पर दिया संदेश
नई पीढ़ी को महापुरुषों के विचारों से जोड़ने पर जोर
विचारों को व्यवहार में उतारने पर जोर
कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) गौरव श्रीवास्तव ने गांधी जयंती और शास्त्री जयंती की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि महात्मा गांधी ने अहिंसा के माध्यम से जनआंदोलन को नई दिशा दी। उन्होंने गांधी जी के विचारों को ईमानदारी और अनुशासन से जोड़ते हुए उनके जीवन से सीख लेने की बात कही।

अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) डॉ. ज्ञानप्रकाश ने लाल बहादुर शास्त्री की सादगी और गांधी जी के सत्य एवं अहिंसा के विचारों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दोनों महापुरुषों का जीवन आज भी प्रेरणा देने वाला है।

कार्यक्रम में अधिवक्ता सत्यदेव सिंह सहित अन्य लोगों ने भी महात्मा गांधी के आदर्शों और देश के स्वतंत्रता आंदोलन में उनके योगदान पर अपने विचार रखे।
सारांश
गांधी-शास्त्री जयंती पर सिद्धार्थनगर कलेक्ट्रेट में आयोजित कार्यक्रम केवल श्रद्धांजलि तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सत्य, अहिंसा, सादगी, अनुशासन और स्वच्छता जैसे जीवन मूल्यों को व्यवहार में अपनाने का संदेश भी दिया गया। कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारियों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों की सहभागिता रही।

टिप्पणी
महापुरुषों को याद करना तभी सार्थक है, जब उनके विचार हमारे व्यवहार का हिस्सा बनें। गांधी जी का सत्य और अहिंसा का संदेश हो या लाल बहादुर शास्त्री की सादगी और कर्तव्यनिष्ठा—इन मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना आज भी महत्वपूर्ण है। कलेक्ट्रेट में आयोजित कार्यक्रम ने इसी सामाजिक और राष्ट्रीय जिम्मेदारी की ओर ध्यान आकर्षित किया।

FT NEWS DIGITAL | छोटी हेडिंग
समय पर पहुंची पुलिस, बची एक जिंदगी
सिद्धार्थनगर में पीआरवी टीम की तत्परता से टली अनहोनी, कमरे से व्यक्ति को सुरक्षित निकालकर दी तत्काल सहायता
सिद्धार्थनगर। आपात स्थिति में पुलिस की त्वरित पहुंच किसी के लिए जीवन और मौत के बीच का अंतर बन सकती है। सिद्धार्थनगर में सामने आए एक ऐसे ही मामले में पीआरवी टीम ने सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और कमरे में बंद एक व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकालने में मदद की। पुलिस के अनुसार, व्यक्ति की हालत को देखते हुए टीम ने तत्काल प्राथमिक सहायता उपलब्ध कराई, जिसके बाद उसकी स्थिति सुरक्षित बताई गई।
कभी-कभी किसी घटना में पुलिस की कार्रवाई का महत्व केवल कार्रवाई तक सीमित नहीं रहता, बल्कि समय पर उठाया गया एक कदम किसी की जिंदगी बचाने में अहम भूमिका निभा सकता है। सिद्धार्थनगर में पीआरवी टीम की त्वरित कार्रवाई का ऐसा ही मामला सामने आया है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और गंभीर परिस्थिति को देखते हुए तत्काल हस्तक्षेप किया।
सूचना मिलते ही दौड़ी पीआरवी
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार पीआरवी नंबर 9948 को इवेंट नंबर 05309 के तहत सूचना प्राप्त हुई। सूचना मिलने के बाद कॉलर द्वारा बताए गए स्थान पर पीआरवी टीम तत्काल पहुंची।
कमरे में बंद था व्यक्ति
पुलिस के अनुसार मौके पर एक व्यक्ति अपने कमरे में बंद मिला। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम ने तत्काल कमरे तक पहुंचकर उसे सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद टीम द्वारा तत्काल सीपीआर एवं प्राथमिक सहायता उपलब्ध कराई गई।
सराहनीय पहल
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे महत्वपूर्ण बात पुलिस टीम की समय पर मौके पर पहुंचना और तत्काल प्रतिक्रिया देना रही। आपात परिस्थितियों में शुरुआती कुछ समय बेहद महत्वपूर्ण होता है। पीआरवी टीम द्वारा बिना अनावश्यक देरी के स्थिति को संभालना निश्चित रूप से सराहनीय है।
मामले की जानकारी थाना सिद्धार्थनगर के प्रभारी अधिकारी को दी गई। पुलिस के अनुसार हेड कांस्टेबल संजय चौरसिया मय फोर्स मौके पर मौजूद रहे और आगे की आवश्यक कार्रवाई के लिए मामले को थाना पुलिस को सौंपा गया।
मौके पर कांस्टेबल फैज आलम और हेड कांस्टेबल ऋषिराज पाठक की मौजूदगी भी बताई गई है।
सारांश
एक सूचना, तत्काल पुलिस की पहुंच और समय पर की गई मदद—सिद्धार्थनगर में पीआरवी टीम की तत्परता से एक व्यक्ति को सुरक्षित बचाने में मदद मिली। यह मामला बताता है कि आपात स्थिति में समय पर सूचना देना और प्रशिक्षित सहायता का पहुंचना कितना महत्वपूर्ण हो सकता है।
टिप्पणी
पुलिस की हर कार्रवाई गिरफ्तारी या कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं होती। कई बार पुलिस की सबसे बड़ी जिम्मेदारी किसी संकट में फंसे व्यक्ति तक समय पर पहुंचकर उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करना होती है। सिद्धार्थनगर की इस घटना में पीआरवी टीम की तत्परता और तत्काल सहायता को इसी दृष्टि से देखा जा सकता है।
FT NEWS DIGITAL की ओर से आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया देने वाली पुलिस टीम के प्रयास की सराहना।
समय पर पहुंची पुलिस, बची एक जिंदगी
सिद्धार्थनगर में पीआरवी टीम की तत्परता से टली अनहोनी, कमरे से व्यक्ति को सुरक्षित निकालकर दी तत्काल सहायता
सिद्धार्थनगर। आपात स्थिति में पुलिस की त्वरित पहुंच किसी के लिए जीवन और मौत के बीच का अंतर बन सकती है। सिद्धार्थनगर में सामने आए एक ऐसे ही मामले में पीआरवी टीम ने सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और कमरे में बंद एक व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकालने में मदद की। पुलिस के अनुसार, व्यक्ति की हालत को देखते हुए टीम ने तत्काल प्राथमिक सहायता उपलब्ध कराई, जिसके बाद उसकी स्थिति सुरक्षित बताई गई।
कभी-कभी किसी घटना में पुलिस की कार्रवाई का महत्व केवल कार्रवाई तक सीमित नहीं रहता, बल्कि समय पर उठाया गया एक कदम किसी की जिंदगी बचाने में अहम भूमिका निभा सकता है। सिद्धार्थनगर में पीआरवी टीम की त्वरित कार्रवाई का ऐसा ही मामला सामने आया है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और गंभीर परिस्थिति को देखते हुए तत्काल हस्तक्षेप किया।
सूचना मिलते ही दौड़ी पीआरवी
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार पीआरवी नंबर 9948 को इवेंट नंबर 05309 के तहत सूचना प्राप्त हुई। सूचना मिलने के बाद कॉलर द्वारा बताए गए स्थान पर पीआरवी टीम तत्काल पहुंची।
कमरे में बंद था व्यक्ति
पुलिस के अनुसार मौके पर एक व्यक्ति अपने कमरे में बंद मिला। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम ने तत्काल कमरे तक पहुंचकर उसे सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद टीम द्वारा तत्काल सीपीआर एवं प्राथमिक सहायता उपलब्ध कराई गई।
सराहनीय पहल
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे महत्वपूर्ण बात पुलिस टीम की समय पर मौके पर पहुंचना और तत्काल प्रतिक्रिया देना रही। आपात परिस्थितियों में शुरुआती कुछ समय बेहद महत्वपूर्ण होता है। पीआरवी टीम द्वारा बिना अनावश्यक देरी के स्थिति को संभालना निश्चित रूप से सराहनीय है।
मामले की जानकारी थाना सिद्धार्थनगर के प्रभारी अधिकारी को दी गई। पुलिस के अनुसार हेड कांस्टेबल संजय चौरसिया मय फोर्स मौके पर मौजूद रहे और आगे की आवश्यक कार्रवाई के लिए मामले को थाना पुलिस को सौंपा गया।
मौके पर कांस्टेबल फैज आलम और हेड कांस्टेबल ऋषिराज पाठक की मौजूदगी भी बताई गई है।
सारांश
एक सूचना, तत्काल पुलिस की पहुंच और समय पर की गई मदद—सिद्धार्थनगर में पीआरवी टीम की तत्परता से एक व्यक्ति को सुरक्षित बचाने में मदद मिली। यह मामला बताता है कि आपात स्थिति में समय पर सूचना देना और प्रशिक्षित सहायता का पहुंचना कितना महत्वपूर्ण हो सकता है।
टिप्पणी
पुलिस की हर कार्रवाई गिरफ्तारी या कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं होती। कई बार पुलिस की सबसे बड़ी जिम्मेदारी किसी संकट में फंसे व्यक्ति तक समय पर पहुंचकर उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करना होती है। सिद्धार्थनगर की इस घटना में पीआरवी टीम की तत्परता और तत्काल सहायता को इसी दृष्टि से देखा जा सकता है।
FT NEWS DIGITAL की ओर से आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया देने वाली पुलिस टीम के प्रयास की सराहना।
सिद्धार्थनगर में बाढ़ प्रभावित गांवों का डीएम ने किया निरीक्षण, फसल क्षति के सर्वे और राहत वितरण के निर्देश
संगलदीप और बैरवानानकार में ग्रामीणों से जाना हाल, बंधों की निगरानी बढ़ाने के साथ मेडिकल टीमों को सक्रिय रहने के निर्देश

सिद्धार्थनगर, 01 अक्टूबर 2026। जनपद में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने तहसील नौगढ़ के अंतर्गत संगलदीप और बैरवानानकार गांवों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत कर बाढ़ और बारिश से उत्पन्न स्थिति की जानकारी ली। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को बंधों पर लगातार निगरानी रखने, प्रभावित लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाने, क्षतिग्रस्त फसलों का सर्वे कराने और जरूरतमंदों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
मुख्य खबर | बाढ़ प्रभावितों को राहत पहुंचाने पर जोर
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि बाढ़ प्रभावित गांवों में लोगों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। राहत एवं बचाव कार्यों में किसी तरह की लापरवाही न बरती जाए और जरूरतमंद परिवारों तक समय से सहायता पहुंचाई जाए।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रभावित लोगों के बीच लंच पैकेट और राहत किट का वितरण सुनिश्चित कराया जाए। साथ ही गांवों में बुजुर्गों, महिलाओं, पुरुषों और बीमार व्यक्तियों को चिह्नित कर उनकी जरूरतों के अनुसार सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाए।
फसल नुकसान का सर्वे, मुआवजे की प्रक्रिया पर निर्देश
बाढ़ और बारिश से किसानों की फसलों को हुए संभावित नुकसान को देखते हुए जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी नौगढ़ निखिल चक्रवर्ती को क्षतिग्रस्त फसलों का सर्वे कराने और पात्र प्रभावित किसानों को नियमानुसार मुआवजा दिलाने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

इस पहल का उद्देश्य प्रभावित किसानों के नुकसान का आकलन कर उन्हें निर्धारित प्रक्रिया के तहत राहत उपलब्ध कराना है। सर्वेक्षण के बाद ही फसल क्षति की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेग
बंधों की निगरानी में लापरवाही न हो
बाढ़ के दृष्टिगत जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को बंधों पर सतत निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए। बाढ़ की स्थिति में तटबंधों की निगरानी और समय रहते आवश्यक कार्रवाई करना महत्वपूर्ण है, ताकि संभावित खतरे को देखते हुए प्रशासन उचित कदम उठा सके।
गांवों में पहुंचेगी मेडिकल टीम
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी ने मेडिकल टीमों को गांवों में जाकर लोगों की जांच करने और जरूरत के अनुसार आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

विशेष रूप से बुजुर्गों, बीमार व्यक्तियों और अन्य जरूरतमंद लोगों को चिह्नित कर उनकी स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों पर ध्यान देने को कहा गया। इसका उद्देश्य प्रभावित परिवारों को गांव में ही आवश्यक प्राथमिक चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना है।
ग्रामीणों को प्रशासन की ओर से मदद का भरोसा
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और उन्हें आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन बाढ़ प्रभावित लोगों के साथ है। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों को हरसंभव मदद उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
प्रशासन की ओर से राहत सामग्री वितरण, फसल क्षति के सर्वे, बंधों की निगरानी और स्वास्थ्य सुविधाओं को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं। अब इन निर्देशों के धरातल पर प्रभावी क्रियान्वयन से प्रभावित ग्रामीणों को राहत मिलने की उम्मीद है।
राहत कार्यों पर रहेगी नजर
बाढ़ प्रभावित गांवों में राहत और स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता के साथ-साथ फसल क्षति के सर्वे की प्रक्रिया भी महत्वपूर्ण रहेगी। ग्रामीणों को समय पर राहत सामग्री मिलना, बीमार लोगों को दवाएं उपलब्ध होना और प्रभावित किसानों के नुकसान का आकलन होना प्रशासनिक व्यवस्था की अहम जिम्मेदारियां हैं।
ऐसे में संबंधित विभागों की कार्यवाही और प्रभावित परिवारों तक सहायता पहुंचने की स्थिति पर आगे भी नजर बनी रहेगी।
सारांश
स्थान: संगलदीप और बैरवानानकार, तहसील नौगढ़, सिद्धार्थनगर।
निरीक्षण: जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन।
प्रमुख निर्देश: बंधों की लगातार निगरानी, राहत किट एवं लंच पैकेट वितरण, फसल क्षति का सर्वे और मुआवजे की प्रक्रिया।
स्वास्थ्य सुविधा: गांवों में मेडिकल टीमों द्वारा जांच और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता।
विशेष ध्यान: बुजुर्गों, महिलाओं और बीमार व्यक्तियों की पहचान कर सहायता उपलब्ध कराना।
संपादकीय टिप्पणी | संकट के समय राहत सबसे जरूरी
बाढ़ जैसी परिस्थितियों में प्रशासनिक सक्रियता का वास्तविक महत्व तभी सामने आता है, जब राहत और सहायता जरूरतमंद लोगों तक समय पर पहुंचे। प्रभावित ग्रामीणों को सुरक्षित रखना, किसानों के नुकसान का उचित आकलन करना, स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना और बंधों की निगरानी सुनिश्चित करना जरूरी है। अब चुनौती यह है कि निरीक्षण के दौरान दिए गए निर्देशों का समयबद्ध पालन हो और जरूरतमंद परिवारों को सरकारी सहायता निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार मिल सके।
FT NEWS DIGITAL | सिद्धार्थनगर
रक्तदान महाअभियान में उमड़ा सेवाभाव, 125 रक्तदाताओं ने पेश की इंसानियत की मिसाल; रक्तवीरों का हुआ सम्मान

सिद्धार्थनगर मेडिकल कॉलेज में श्री राम निवास फाउंडेशन ट्रस्ट और निफा की संयुक्त पहल, हिमांशु द्विवेदी समेत रक्तदान के क्षेत्र में योगदान देने वाले लोगों को किया गया सम्मानित

सिद्धार्थनगर। किसी जरूरतमंद को समय पर रक्त मिल जाए, तो उसके परिवार के लिए इससे बड़ी राहत कुछ नहीं हो सकती। इसी मानवीय भावना को आगे बढ़ाते हुए सिद्धार्थनगर में रक्तदान महाअभियान का आयोजन किया गया। माधव प्रसाद त्रिपाठी चिकित्सा महाविद्यालय के मल्टीपरपज हॉल में आयोजित इस कार्यक्रम में करीब 125 लोगों ने रक्तदान किया। कार्यक्रम में रक्तदान करने वालों के साथ उन समाजसेवियों, चिकित्सकों, ब्लड बैंक कर्मियों और रक्तदाता समूहों से जुड़े लोगों को भी सम्मानित किया गया, जो जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त की व्यवस्था कराने और लोगों को रक्तदान के लिए प्रेरित करने में योगदान दे रहे हैं।

श्री राम निवास फाउंडेशन ट्रस्ट और निफा सिद्धार्थनगर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस महाअभियान ने रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने और सामाजिक भागीदारी का संदेश दिया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, चिकित्सकों और समाजसेवियों की मौजूदगी रही।

लीड | रक्तदान के साथ रक्तवीरों का सम्मान, सेवा करने वालों को मिला मंच
इस आयोजन की खास बात यह रही कि यहां केवल रक्तदान ही नहीं हुआ, बल्कि रक्तदान के क्षेत्र में लगातार काम करने वाले लोगों के योगदान को भी पहचान मिली। आयोजकों के अनुसार, रक्तदाताओं को प्रमाणपत्र और ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया। इसके साथ ही करीब 50 रक्तदाता एडमिनों सहित कई समाजसेवियों, चिकित्सकों और ब्लड बैंक कर्मियों को भी सम्मान दिया गया।
कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि रक्तदान के लिए लोगों को प्रेरित करना, जरूरत के समय रक्त की व्यवस्था में सहयोग करना और स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति जागरूकता फैलाना भी समाजसेवा का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
मेडिकल कॉलेज के मल्टीपरपज हॉल में जुटे जनप्रतिनिधि और समाजसेवी
राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में सदर विधायक श्यामधनी राही, सांसद प्रतिनिधि एस.पी. अग्रवाल, समाजसेवी सत्य प्रकाश राही, मुख्य चिकित्सा अधिकारी सिद्धार्थनगर और मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. राजेश मोहन श्रीवास्तव सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

ब्लड बैंक प्रभारी अशोक मिश्र के नेतृत्व में चिकित्सकों और ब्लड बैंक कर्मियों ने रक्तदान की प्रक्रिया संपन्न कराई। आयोजन के दौरान रक्तदान करने वाले लोगों का उत्साहवर्धन किया गया और उन्हें सम्मानित किया गया।

हिमांशु द्विवेदी के प्रयासों की हुई सराहना
कार्यक्रम के प्रमुख आयोजक और निफा सिद्धार्थनगर के अध्यक्ष हिमांशु द्विवेदी को रक्तदान के क्षेत्र में उनके सामाजिक योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
आयोजकों से मिली जानकारी के मुताबिक, वर्ष 2025 में उनके प्रयासों से 95 यूनिट रक्तदान कराया गया था। सिद्धार्थनगर के अलावा लखनऊ, वाराणसी और बस्ती सहित अन्य जिलों में भी जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त की व्यवस्था कराने में उनके प्रयासों का उल्लेख किया गया।
रक्तदान के क्षेत्र में लगातार लोगों को जोड़ने और जरूरतमंदों तक सहायता पहुंचाने की पहल को कार्यक्रम में सराहा गया। ऐसे प्रयास रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने और समाज में सहयोग की भावना मजबूत करने में मददगार हो सकते हैं।
रक्तदान के क्षेत्र में योगदान देने वालों का सम्मान
कार्यक्रम में निफा सिद्धार्थनगर से जुड़े और रक्तदान के क्षेत्र में योगदान देने वाले लोगों में देवेंद्र त्रिपाठी, बृजराज ओझा, जितेंद्र पाण्डेय, महेश मिश्र, आशुतोष तिवारी, देवकी नंदन उपाध्याय, उत्कर्ष श्रीवास्तव, राम शंकर पाण्डेय, सुधाकर मिश्र, योगेंद्र पाण्डेय, सलोनी शर्मा और कोमल मिश्रा सहित कई रक्तवीर मौजूद रहे।

आयोजकों के अनुसार, कार्यक्रम में रक्तदाता समूहों से जुड़े करीब 50 एडमिनों के साथ समाजसेवियों, चिकित्सकों और ब्लड बैंक कर्मियों को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन बाल कृष्ण मिश्र और विवेक कुमार द्विवेदी ने किया।
जरूरतमंदों के लिए रक्त की उपलब्धता, समाज की साझा जिम्मेदारी

रक्तदान की जरूरत केवल किसी एक अस्पताल या जिले तक सीमित नहीं रहती। दुर्घटनाओं, गंभीर बीमारियों, ऑपरेशन और प्रसव संबंधी जटिलताओं के दौरान मरीजों को रक्त की आवश्यकता पड़ सकती है। ऐसे समय में स्वैच्छिक रक्तदाता और रक्तदाता समूह मरीजों तथा उनके परिजनों के लिए महत्वपूर्ण सहारा बन सकते हैं।

इस दिशा में रक्तदान शिविरों के आयोजन के साथ नियमित रक्तदान के प्रति जागरूकता फैलाना भी जरूरी है। रक्तदान करने से पहले चिकित्सकीय जांच और पात्रता का निर्धारण आवश्यक होता है। सुरक्षित प्रक्रिया के तहत किया गया स्वैच्छिक रक्तदान जरूरतमंद मरीजों के उपचार में मदद कर सकता है।
सारांश | एक आयोजन, कई संदेश

सिद्धार्थनगर में आयोजित रक्तदान महाअभियान में करीब 125 लोगों ने रक्तदान किया। श्री राम निवास फाउंडेशन ट्रस्ट और निफा सिद्धार्थनगर की इस संयुक्त पहल में रक्तवीरों, समाजसेवियों, चिकित्सकों, ब्लड बैंक कर्मियों और रक्तदाता एडमिनों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में हिमांशु द्विवेदी के योगदान की भी सराहना हुई। आयोजन ने रक्तदान के प्रति जागरूकता और जरूरतमंदों की मदद के लिए सामूहिक प्रयास का संदेश दिया।

टिप्पणी | सम्मान तभी सार्थक, जब रक्तदान की मुहिम लगातार आगे बढ़े
रक्तदान के क्षेत्र में काम करने वालों का सम्मान समाज को प्रेरित करने का एक माध्यम है। लेकिन इस मुहिम की असली ताकत तब बढ़ेगी, जब रक्तदान किसी एक आयोजन तक सीमित न रहकर नियमित सामाजिक अभियान बने। जरूरतमंद मरीजों को समय पर सुरक्षित रक्त उपलब्ध कराने के लिए जागरूक नागरिकों, रक्तदाता समूहों, चिकित्सकों और स्वास्थ्य संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है।

सिद्धार्थनगर में आयोजित यह महाअभियान इसी दिशा में एक पहल है। यदि इस तरह के प्रयास निरंतर जारी रहते हैं, तो स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने और जरूरत के समय मरीजों की सहायता करने में मदद मिल सकती है।
FT NEWS DIGITAL | सिद्धार्थनगर, उत्तर प्रदेश
रक्तदान महाअभियान में उमड़ा सेवाभाव, 125 रक्तदाताओं ने पेश की इंसानियत की मिसाल; रक्तवीरों का हुआ सम्मान

सिद्धार्थनगर मेडिकल कॉलेज में श्री राम निवास फाउंडेशन ट्रस्ट और निफा की संयुक्त पहल, हिमांशु द्विवेदी समेत रक्तदान के क्षेत्र में योगदान देने वाले लोगों को किया गया सम्मानित

सिद्धार्थनगर। किसी जरूरतमंद को समय पर रक्त मिल जाए, तो उसके परिवार के लिए इससे बड़ी राहत कुछ नहीं हो सकती। इसी मानवीय भावना को आगे बढ़ाते हुए सिद्धार्थनगर में रक्तदान महाअभियान का आयोजन किया गया। माधव प्रसाद त्रिपाठी चिकित्सा महाविद्यालय के मल्टीपरपज हॉल में आयोजित इस कार्यक्रम में करीब 125 लोगों ने रक्तदान किया। कार्यक्रम में रक्तदान करने वालों के साथ उन समाजसेवियों, चिकित्सकों, ब्लड बैंक कर्मियों और रक्तदाता समूहों से जुड़े लोगों को भी सम्मानित किया गया, जो जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त की व्यवस्था कराने और लोगों को रक्तदान के लिए प्रेरित करने में योगदान दे रहे हैं।

श्री राम निवास फाउंडेशन ट्रस्ट और निफा सिद्धार्थनगर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस महाअभियान ने रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने और सामाजिक भागीदारी का संदेश दिया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, चिकित्सकों और समाजसेवियों की मौजूदगी रही।

लीड | रक्तदान के साथ रक्तवीरों का सम्मान, सेवा करने वालों को मिला मंच
इस आयोजन की खास बात यह रही कि यहां केवल रक्तदान ही नहीं हुआ, बल्कि रक्तदान के क्षेत्र में लगातार काम करने वाले लोगों के योगदान को भी पहचान मिली। आयोजकों के अनुसार, रक्तदाताओं को प्रमाणपत्र और ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया। इसके साथ ही करीब 50 रक्तदाता एडमिनों सहित कई समाजसेवियों, चिकित्सकों और ब्लड बैंक कर्मियों को भी सम्मान दिया गया।
कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि रक्तदान के लिए लोगों को प्रेरित करना, जरूरत के समय रक्त की व्यवस्था में सहयोग करना और स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति जागरूकता फैलाना भी समाजसेवा का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
मेडिकल कॉलेज के मल्टीपरपज हॉल में जुटे जनप्रतिनिधि और समाजसेवी
राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में सदर विधायक श्यामधनी राही, सांसद प्रतिनिधि एस.पी. अग्रवाल, समाजसेवी सत्य प्रकाश राही, मुख्य चिकित्सा अधिकारी सिद्धार्थनगर और मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. राजेश मोहन श्रीवास्तव सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

ब्लड बैंक प्रभारी अशोक मिश्र के नेतृत्व में चिकित्सकों और ब्लड बैंक कर्मियों ने रक्तदान की प्रक्रिया संपन्न कराई। आयोजन के दौरान रक्तदान करने वाले लोगों का उत्साहवर्धन किया गया और उन्हें सम्मानित किया गया।

हिमांशु द्विवेदी के प्रयासों की हुई सराहना
कार्यक्रम के प्रमुख आयोजक और निफा सिद्धार्थनगर के अध्यक्ष हिमांशु द्विवेदी को रक्तदान के क्षेत्र में उनके सामाजिक योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
आयोजकों से मिली जानकारी के मुताबिक, वर्ष 2025 में उनके प्रयासों से 95 यूनिट रक्तदान कराया गया था। सिद्धार्थनगर के अलावा लखनऊ, वाराणसी और बस्ती सहित अन्य जिलों में भी जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त की व्यवस्था कराने में उनके प्रयासों का उल्लेख किया गया।
रक्तदान के क्षेत्र में लगातार लोगों को जोड़ने और जरूरतमंदों तक सहायता पहुंचाने की पहल को कार्यक्रम में सराहा गया। ऐसे प्रयास रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने और समाज में सहयोग की भावना मजबूत करने में मददगार हो सकते हैं।
रक्तदान के क्षेत्र में योगदान देने वालों का सम्मान
कार्यक्रम में निफा सिद्धार्थनगर से जुड़े और रक्तदान के क्षेत्र में योगदान देने वाले लोगों में देवेंद्र त्रिपाठी, बृजराज ओझा, जितेंद्र पाण्डेय, महेश मिश्र, आशुतोष तिवारी, देवकी नंदन उपाध्याय, उत्कर्ष श्रीवास्तव, राम शंकर पाण्डेय, सुधाकर मिश्र, योगेंद्र पाण्डेय, सलोनी शर्मा और कोमल मिश्रा सहित कई रक्तवीर मौजूद रहे।

आयोजकों के अनुसार, कार्यक्रम में रक्तदाता समूहों से जुड़े करीब 50 एडमिनों के साथ समाजसेवियों, चिकित्सकों और ब्लड बैंक कर्मियों को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन बाल कृष्ण मिश्र और विवेक कुमार द्विवेदी ने किया।
जरूरतमंदों के लिए रक्त की उपलब्धता, समाज की साझा जिम्मेदारी

रक्तदान की जरूरत केवल किसी एक अस्पताल या जिले तक सीमित नहीं रहती। दुर्घटनाओं, गंभीर बीमारियों, ऑपरेशन और प्रसव संबंधी जटिलताओं के दौरान मरीजों को रक्त की आवश्यकता पड़ सकती है। ऐसे समय में स्वैच्छिक रक्तदाता और रक्तदाता समूह मरीजों तथा उनके परिजनों के लिए महत्वपूर्ण सहारा बन सकते हैं।

इस दिशा में रक्तदान शिविरों के आयोजन के साथ नियमित रक्तदान के प्रति जागरूकता फैलाना भी जरूरी है। रक्तदान करने से पहले चिकित्सकीय जांच और पात्रता का निर्धारण आवश्यक होता है। सुरक्षित प्रक्रिया के तहत किया गया स्वैच्छिक रक्तदान जरूरतमंद मरीजों के उपचार में मदद कर सकता है।
सारांश | एक आयोजन, कई संदेश

सिद्धार्थनगर में आयोजित रक्तदान महाअभियान में करीब 125 लोगों ने रक्तदान किया। श्री राम निवास फाउंडेशन ट्रस्ट और निफा सिद्धार्थनगर की इस संयुक्त पहल में रक्तवीरों, समाजसेवियों, चिकित्सकों, ब्लड बैंक कर्मियों और रक्तदाता एडमिनों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में हिमांशु द्विवेदी के योगदान की भी सराहना हुई। आयोजन ने रक्तदान के प्रति जागरूकता और जरूरतमंदों की मदद के लिए सामूहिक प्रयास का संदेश दिया।

टिप्पणी | सम्मान तभी सार्थक, जब रक्तदान की मुहिम लगातार आगे बढ़े
रक्तदान के क्षेत्र में काम करने वालों का सम्मान समाज को प्रेरित करने का एक माध्यम है। लेकिन इस मुहिम की असली ताकत तब बढ़ेगी, जब रक्तदान किसी एक आयोजन तक सीमित न रहकर नियमित सामाजिक अभियान बने। जरूरतमंद मरीजों को समय पर सुरक्षित रक्त उपलब्ध कराने के लिए जागरूक नागरिकों, रक्तदाता समूहों, चिकित्सकों और स्वास्थ्य संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है।

सिद्धार्थनगर में आयोजित यह महाअभियान इसी दिशा में एक पहल है। यदि इस तरह के प्रयास निरंतर जारी रहते हैं, तो स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने और जरूरत के समय मरीजों की सहायता करने में मदद मिल सकती है।
FT NEWS DIGITAL | सिद्धार्थनगर, उत्तर प्रदेश
सिद्धार्थनगर में संचारी रोग नियंत्रण अभियान का आगाज, विधायक और जिलाधिकारी ने प्रचार वाहनों को दिखाई हरी झंडी

01 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक चलेगा अभियान, 12 अक्टूबर से घर-घर पहुंचेंगी आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता; बुखार, टीबी के लक्षण, कुपोषण और मच्छरों के प्रजनन स्थलों की होगी पहचान

सिद्धार्थनगर, 01 अक्टूबर 2026। जनपद में संचारी रोगों पर प्रभावी नियंत्रण और आमजन को बीमारियों से बचाव के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से गुरुवार को वर्ष 2026 के तृतीय विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान एवं दस्तक अभियान का शुभारंभ किया गया। विकास भवन परिसर से कपिलवस्तु विधायक श्यामधनी राही, जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन और मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह ने प्रचार वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। अभियान के माध्यम से ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों में साफ-सफाई, जलभराव की समस्या के निस्तारण, मच्छरों के प्रजनन स्थलों की पहचान और रोगों के लक्षण वाले लोगों को समय से उपचार उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाएगा।
बीमारी की रोकथाम के लिए घर-घर पहुंचेगा स्वास्थ्य महकमा
संचारी रोगों की रोकथाम केवल अस्पतालों तक सीमित नहीं, बल्कि घरों और आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखने से भी जुड़ी है। इसी उद्देश्य से जनपद में एक महीने तक विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत विभिन्न विभाग मिलकर साफ-सफाई, झाड़ियों की कटाई, जलभराव दूर करने, मच्छरजनित बीमारियों से बचाव और लोगों को जागरूक करने का काम करेंगे। वहीं, 12 अक्टूबर से आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता घर-घर जाकर संभावित रोगियों तथा कुपोषित बच्चों की पहचान करेंगी, ताकि जरूरतमंदों को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
प्रशासन ने शुरू की तैयारियां
विकास भवन परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने प्रचार वाहनों को रवाना कर अभियान की शुरुआत की। जिलाधिकारी ने बताया कि यह अभियान विभिन्न विभागों के समन्वय से संचालित किया जाएगा। शासन से प्राप्त दिशा-निर्देशों के अनुसार माइक्रोप्लान बनाकर गांवों और शहरी क्षेत्रों में गतिविधियां संचालित की जाएंगी। अभियान का प्रमुख उद्देश्य बीमारी के संभावित स्रोतों को कम करना, लक्षण वाले लोगों की पहचान करना और जनसामान्य को बचाव के उपायों के प्रति जागरूक करना है।
दो चरणों में चलेगा अभियान
पहला चरण: 01 से 31 अक्टूबर तक
– गांवों और शहरी क्षेत्रों में नालियों की साफ-सफाई।
– झाड़ियों की कटाई और जलभराव का निस्तारण।
– मच्छरों के प्रजनन स्थलों की पहचान और रोकथाम।
– संचारी रोगों से बचाव के प्रति जनजागरूकता।
दूसरा चरण: 12 से 31 अक्टूबर तक
– आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा घर-घर भ्रमण।
– बुखार से पीड़ित लोगों की पहचान।
– आईएलआई एवं एसएआरआई जैसे श्वसन संबंधी लक्षणों वाले संभावित रोगियों की पहचान।
– टीबी के लक्षण वाले व्यक्तियों को चिह्नित करना।
– मच्छरों के प्रजनन स्थलों और कुपोषित बच्चों की पहचान।
– जरूरत के अनुसार संबंधित लोगों को जांच, उपचार और स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ना।
कई विभाग मिलकर संभालेंगे जिम्मेदारी
अभियान को प्रभावी बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ पंचायत राज, माध्यमिक शिक्षा, बेसिक शिक्षा, पशुपालन, दिव्यांगजन सशक्तीकरण, आईसीडीएस, कृषि, नगर विकास, उद्यान तथा सूचना एवं जनसंपर्क विभाग को समन्वित रूप से कार्य करना है। विभागीय स्तर पर निर्धारित माइक्रोप्लान के अनुसार गतिविधियां संचालित की जाएंगी, जिससे ग्रामीण और नगरीय दोनों क्षेत्रों में अभियान का लाभ पहुंच सके।
घरों के आसपास सफाई और जलभराव पर विशेष ध्यान
अभियान की सफलता में आम नागरिकों की भागीदारी भी महत्वपूर्ण रहेगी। घरों और आसपास पानी जमा न होने देना, नालियों की नियमित सफाई, झाड़ियों को हटाना तथा मच्छरों के पनपने वाले स्थानों को समाप्त करना जरूरी है। बुखार या अन्य संदिग्ध लक्षण दिखाई देने पर स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करना चाहिए। घर-घर भ्रमण के दौरान स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को सही जानकारी उपलब्ध कराने से संभावित रोगियों की समय पर पहचान में मदद मिलेगी।
सारांश | अभियान का मुख्य उद्देश्य
सिद्धार्थनगर में संचारी रोग नियंत्रण अभियान का उद्देश्य स्वच्छता को बढ़ावा देना, मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम करना, संभावित रोगियों की पहचान करना और जरूरतमंदों को समय पर उपचार से जोड़ना है। एक अक्टूबर से शुरू हुआ अभियान 31 अक्टूबर तक चलेगा, जबकि दस्तक अभियान के अंतर्गत घर-घर संपर्क का विशेष चरण 12 अक्टूबर से शुरू होगा।
टिप्पणी | जनभागीदारी से मजबूत होगी बीमारी के खिलाफ लड़ाई
संचारी रोगों की रोकथाम में सरकारी विभागों की सक्रियता के साथ आमजन की जागरूकता भी अहम है। यदि घरों के आसपास सफाई रखी जाए, जलभराव रोका जाए और बीमारी के लक्षणों को नजरअंदाज न किया जाए, तो संक्रमण के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है। अभियान की वास्तविक सफलता इस बात से भी जुड़ी होगी कि चिह्नित रोगियों को समय पर जांच और उपचार मिले तथा स्वच्छता संबंधी प्रयास पूरे महीने लगातार जारी रहें।
कार्यक्रम में ये रहे उपस्थित
कार्यक्रम में डुमरियागंज सांसद के प्रतिनिधि एसपी अग्रवाल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजय कुमार दोहरे सहित संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
गांधी जयंती पर SBI का स्वच्छता संकल्प, झाड़ू उठाकर जमुआर घाट को चमकाने उतरे बैंक अधिकारी-कर्मचारी!
FT News Digital
सिद्धार्थनगर। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर स्वच्छता के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से भारतीय स्टेट बैंक, सिद्धार्थनगर कार्यालय के अधिकारियों और कर्मचारियों ने नगर पालिका परिषद सिद्धार्थनगर स्थित जमुआर घाट पर स्वच्छता अभियान चलाया। सुबह करीब 7 बजे शुरू हुए इस अभियान में बैंक अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से घाट की सफाई की और लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया। सभी ने मिलकर झाड़ू लगाई, एकत्रित कचरे को उचित स्थान तक पहुंचाने में योगदान दिया और स्वच्छ वातावरण बनाए रखने का संकल्प दोहराया।
सामूहिक प्रयास से स्वच्छता का संदेश
गांधी जयंती के अवसर पर स्वच्छता और सामाजिक जिम्मेदारी के महत्व को रेखांकित करते हुए भारतीय स्टेट बैंक, सिद्धार्थनगर कार्यालय की ओर से जमुआर घाट पर सफाई अभियान आयोजित किया गया। सुबह लगभग 7 बजे बैंक के अधिकारी और कर्मचारी अभियान में शामिल हुए तथा घाट परिसर की साफ-सफाई में सक्रिय भागीदारी निभाई।

अभियान के दौरान सभी प्रतिभागियों ने मिलकर झाड़ू लगाई और परिसर में एकत्रित कचरे को उचित स्थान पर पहुंचाने का प्रयास किया। इस सामूहिक पहल के माध्यम से आमजन को यह संदेश दिया गया कि सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता बनाए रखना केवल किसी एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक का साझा दायित्व है।
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने स्वच्छता को जीवन और सामाजिक व्यवस्था में महत्वपूर्ण स्थान दिया था। इसी भावना के अनुरूप गांधी जयंती के अवसर पर आयोजित यह पहल स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने और सार्वजनिक स्थलों को साफ-सुथरा रखने की प्रेरणा देने वाली रही।
सुबह सात बजे शुरू हुआ अभियान
स्थान: जमुआर घाट, नगर पालिका परिषद सिद्धार्थनगर।
: सुबह लगभग 7 बजे।
अवसर: 2 अक्टूबर, गांधी जयंती।
आयोजक:भारतीय स्टेट बैंक, सिद्धार्थनगर कार्यालय।
मुख्य गतिविधियां: झाड़ू लगाना, कचरा एकत्र करना और उसे उचित स्थान तक पहुंचाने में सहयोग देना।
इन अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने निभाई सहभागिता
स्वच्छता अभियान में भारतीय स्टेट बैंक, सिद्धार्थनगर कार्यालय के क्षेत्रीय प्रबंधक राजदेव सिंह, मुख्य प्रबंधक छोटेलाल, प्रबंधक अवधेश कुमार, प्रबंधक शिवाजी गर्ग सहित पीयूष श्रीवास्तव, विनय कुमार, मुकेश कुमार, अमित मेहता और सामंत शर्मा समेत बैंक के अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।

सभी ने मिलकर सफाई अभियान में भागीदारी की और स्वच्छता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
स्वच्छता के लिए निरंतर प्रयास जरूरी
जमुआर घाट जैसे सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ बनाए रखने के लिए नियमित सफाई के साथ-साथ नागरिकों की सक्रिय भागीदारी भी आवश्यक है। सार्वजनिक स्थानों पर कचरा न फैलाना, कचरे को निर्धारित स्थान पर डालना और अपने आसपास साफ-सफाई बनाए रखना ऐसी आदतें हैं, जिनसे स्वच्छ वातावरण बनाने में मदद मिल सकती है।
भारतीय स्टेट बैंक के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की इस पहल ने सामूहिक सहभागिता के महत्व को सामने रखा। ऐसे अभियान तभी स्थायी परिणाम दे सकते हैं, जब नागरिक भी अपने दैनिक जीवन में स्वच्छता को प्राथमिकता दें।
सारांश
गांधी जयंती के अवसर पर भारतीय स्टेट बैंक, सिद्धार्थनगर कार्यालय के अधिकारियों और कर्मचारियों ने जमुआर घाट पर स्वच्छता अभियान चलाया। सुबह करीब 7 बजे आयोजित कार्यक्रम में सामूहिक सफाई कर सार्वजनिक स्थल को स्वच्छ रखने और नागरिकों को जागरूक करने का संदेश दिया गया।
संपादकीय टिप्पणी
स्वच्छता केवल एक दिन का अभियान नहीं, बल्कि नियमित जीवनशैली का हिस्सा होनी चाहिए। सार्वजनिक स्थलों को साफ रखने के लिए प्रशासनिक प्रयासों के साथ नागरिकों और सामाजिक संस्थाओं की भागीदारी भी महत्वपूर्ण है। गांधी जयंती के अवसर पर आयोजित इस तरह की पहल समाज में जिम्मेदारी, सहयोग और स्वच्छता के प्रति सकारात्मक सोच को प्रोत्साहित करती है।
FT News Digital | सिद्धार्थनगर
स्वच्छता के प्रति जागरूकता, सामाजिक जिम्मेदारी की पहचान।
सिद्धार्थनगर में बाढ़ प्रभावित गांवों का विधायक श्यामधनी राही ने लिया जायजा, फसल क्षति के सर्वे के निर्देश
सिद्धार्थनगर: बाढ़ प्रभावित गांवों में पहुंचे विधायक श्यामधनी राही, फसल क्षति के सर्वे के दिए निर्देश
पांच गांवों का दौरा कर ग्रामीणों की सुनीं समस्याएं, प्रभावित किसानों को नियमानुसार सहायता दिलाने पर जोर
सिद्धार्थनगर। कपिलवस्तु विधानसभा क्षेत्र में बाढ़ प्रभावित गांवों की स्थिति का जायजा लेने के लिए विधायक श्यामधनी राही ने बुधवार को क्षेत्र का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने ग्राम सभा संगलदीप, धुसवाराजा, तालभिलौना, अमरिया और अजगरा पहुंचकर प्रभावित किसानों एवं ग्रामीणों से संवाद किया और उनकी समस्याएं सुनीं। विधायक ने संबंधित अधिकारियों को बाढ़ से फसलों को हुए नुकसान और अन्य क्षति का स्थलीय सर्वे कराने के निर्देश दिए।
नुकसान का आकलन कर सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश
दौरे के दौरान विधायक श्यामधनी राही ने अधिकारियों से कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में वास्तविक नुकसान का आकलन करने के लिए स्थलीय सर्वे कराया जाए। सर्वे के आधार पर नियमानुसार पात्र किसानों और प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने प्रभावित गांवों में राहत एवं अन्य जरूरी व्यवस्थाओं पर लगातार नजर रखने और ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान कराने पर भी जोर दिया।
प्रभावित परिवारों को समयबद्ध सहायता दिलाने पर जोर
विधायक श्यामधनी राही ने कहा कि कठिन समय में प्रदेश सरकार प्रभावित किसानों और परिवारों के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में आपदा प्रभावित लोगों को नियमानुसार समयबद्ध तरीके से हरसंभव सहायता उपलब्ध कराना शासन की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्रभावित गांवों में लगातार निगरानी रखी जाए, ताकि लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े और जरूरत के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
दौरे के दौरान ये लोग रहे मौजूद
इस दौरान कानूनगो मो. फारूक, लेखपाल योगेंद्र सिंह, सभासद प्रतिनिधि मनीष जायसवाल, मनीष शुक्ला, बेचन निषाद सहित क्षेत्रीय ग्रामीण मौजूद रहे।
खबर का सारांश: कपिलवस्तु विधायक श्यामधनी राही ने सिद्धार्थनगर के पांच बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा कर किसानों और ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने अधिकारियों को फसल क्षति एवं अन्य नुकसान का सर्वे कराने और नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराने की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

Meta Description: सिद्धार्थनगर में विधायक श्यामधनी राही ने पांच बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा किया। किसानों की समस्याएं सुनीं और फसल क्षति के सर्वे के निर्देश दिए।
विद्यालय में पॉक्सो अधिनियम 2012 के संबंध में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित।
उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के निर्देशों एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सिद्धार्थनगर के तत्वावधान में दिनांक 25 सितम्बर 2026 से 01 अक्टूबर 2026 तक विद्यालयों में पॉक्सो अधिनियम 2012 के प्रावधानों एवं विधिक परिणामों के प्रति विशेष जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
इसी क्रम में आज दिनांक 30-09-2026 को प्रातः 07ः30 बजे से राजकीय इंटर कालेज नौगढ़ सिद्धार्थनगर में छात्र/छात्राओं के मध्य विशेष जागरूकता कार्यक्रम श्री श्रेय कुमार वर्मा, सिविल जज (जू0डि0½एफ0टी0सी0- प्रथम सिद्धार्थनगर की अध्यक्षता में आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में श्री श्रेय कुमार वर्मा सिविल जज (जू0डि0½एफ0टी0सी0-प्रथम सिद्धार्थनगर द्वारा छात्र/छात्राओं को पॉक्सो अधिनियम 2012 के प्रमुख प्रावधानों बच्चों के विरुद्ध लैंगिक अपराधों से संरक्षण तथा ऐसे अपराधों के विधिक परिणामों के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई। उन्होंने छात्राओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने तथा किसी भी प्रकार की अनुचित घटना अथवा अपराध की स्थिति में तत्काल अपने अभिभावक, शिक्षक संबंधित सक्षम प्राधिकारी चाइल्ड हेल्फ लाइन 1098 अथवा आपात कालीन पुलिस सेवा -112 को सूचना देने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में श्री दयाशंकर यादव प्रधानाचार्य राजकीय इंटर कालेज नौगढ़ सिद्धार्थनगर का विशेष सहयोग रहा। विद्यालय के छात्र/छात्राओं ने कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया तथा पॉक्सो अधिनियम से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं। कार्यक्रम में पी0एल0वी0 श्री अभय कुमार द्विवेदी द्वारा भी सहयोग प्रदान किया गया।
सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सिद्धार्थनगर द्वारा बताया गया कि अभियान के अंतर्गत जनपद के विभिन्न विद्यालयों में न्यायिक अधिकारियों के माध्यम से प्रातः कालीन सभा के दौरान बच्चों को पॉक्सो अधिनियम के प्रावधानों एवं विधिक परिणामों के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
दिनांक 30-09-2026
संलग्नक-फोटोग्राफ्स। SD-30-09-2026
सचिव
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण
सिद्धार्थनगर।
सिद्धार्थनगर में Cyclosinone पर शिकंजा, बिक्री-उपयोग को लेकर कृषि विभाग का बड़ा निर्देश
सिद्धार्थनगर में ‘Cyclosinone’ खरपतवारनाशी की बिक्री और उपयोग पर रोक, कृषि विभाग ने जारी की एडवाइजरी
सिद्धार्थनगर। जनपद में किसानों और कीटनाशी विक्रेताओं के लिए कृषि विभाग ने एक महत्वपूर्ण सूचना जारी की है। जिला कृषि रक्षा अधिकारी रवि शंकर पाण्डेय की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में Cyclosinone (साइक्लोसिनोन) नामक खरपतवारनाशी की बिक्री, वितरण, प्रचार-प्रसार और उपयोग को लेकर निर्देश जारी किए गए हैं।
विभाग की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, Cyclosinone नाम से बाजार अथवा ऑनलाइन माध्यमों से प्रचारित एवं विक्रय किए जा रहे खरपतवारनाशी को भारत में पंजीकृत नहीं बताया गया है। विज्ञप्ति में कहा गया है कि कीटनाशी अधिनियम, 1968 के प्रावधानों के तहत केवल विधिवत पंजीकृत एवं अनुमोदित कीटनाशियों का ही निर्माण, बिक्री, वितरण और उपयोग किया जा सकता है।
विक्रेताओं को दिए गए सख्त निर्देश
कृषि विभाग ने जनपद के सभी कीटनाशी विक्रेताओं को निर्देशित किया है कि वे अपने प्रतिष्ठानों पर Cyclosinone अथवा Cyclosinone Herbicide नाम से उपलब्ध किसी भी उत्पाद की बिक्री या वितरण न करें। साथ ही ऐसे उत्पाद का ऑनलाइन अथवा ऑफलाइन प्रचार-प्रसार भी नहीं किया जाए।
विज्ञप्ति में यह भी उल्लेख किया गया है कि Cyclosinone नामक उत्पाद की ऑनलाइन बिक्री के संबंध में केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) द्वारा कार्रवाई किए जाने की जानकारी विभाग को प्राप्त हुई है। प्रमुख ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर भी इस संबंध में नियामकीय कार्रवाई किए जाने की बात विज्ञप्ति में कही गई है।
निरीक्षण के दौरान कार्रवाई की चेतावनी
जिला कृषि रक्षा अधिकारी ने कीटनाशी विक्रेताओं को निर्देश दिया है कि वे केवल विधिवत पंजीकृत कीटनाशी, वैध लाइसेंस तथा अनुमोदित लेबल-क्लेम वाले उत्पादों की ही बिक्री करें।
विज्ञप्ति के मुताबिक, निरीक्षण के दौरान यदि इस प्रकार के अपंजीकृत कीटनाशी या खरपतवारनाशी की बिक्री अथवा भंडारण पाया जाता है तो कीटनाशी अधिनियम 1968 और कीटनाशी नियमावली 1971 के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
किसानों से भी अपील
कृषि विभाग ने जनपद के किसानों से भी अपील की है कि वे Cyclosinone नामक अपंजीकृत खरपतवारनाशी की खरीद अथवा उपयोग न करें।
विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि किसी भी कृषि रसायन की खरीद अधिकृत कीटनाशी विक्रेता या राजकीय कृषि रक्षा इकाई से ही करें। उत्पाद खरीदते समय उसके पंजीकरण विवरण, लेबल, अनुमोदित फसल एवं खरपतवार संबंधी संस्तुति की जांच जरूर करें।
कृषि विभाग का कहना है कि कृषि रसायन खरीदते समय सावधानी बरतना किसानों के लिए बेहद जरूरी है, ताकि अपंजीकृत या अनुमोदन के बिना बिक रहे उत्पादों से होने वाले संभावित नुकसान से बचा जा सके।
जिला कृषि रक्षा अधिकारी रवि शंकर पाण्डेय की ओर से जारी पत्र में इस निर्देश का व्यापक प्रचार-प्रसार कराने के लिए संबंधित अधिकारियों को भी आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
बाढ़ प्रभावित गांवों में प्रशासन की राहत, 7 टोलों में बांटे 2700 लंच पैकेट
खैरी शीतल प्रसाद के निकोलडीह समेत कई टोलों में पहुंची राहत टीम, अधिकारियों की मौजूदगी में हुआ वितरण

मैंने 28 सितंबर की उपलब्ध स्थानीय रिपोर्टिंग से भी विवरण मिलाकर इसे न्यूज़ पोर्टल के अखबारी अंदाज में तैयार किया है। रिपोर्टों में भी 2700 लंच पैकेट वितरण और संबंधित अधिकारियों की मौजूदगी की पुष्टि होती है।
बाढ़ प्रभावित गांवों में प्रशासन की राहत पहुंची, सात टोलों में बांटे गए 2700 लंच पैकेट
सिद्धार्थनगर।
जिले में बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर के बीच बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव कार्य जारी है। सोमवार को जिला प्रशासन की टीम ने शोहरतगढ़ क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित ग्राम खैरी शीतल प्रसाद के विभिन्न टोलों में पहुंचकर प्रभावित परिवारों के बीच 2700 लंच पैकेट वितरित किए।
जिलाधिकारी के निर्देश पर अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) गौरव श्रीवास्तव, अपर पुलिस अधीक्षक प्रशान्त कुमार और उपजिलाधिकारी शोहरतगढ़ राजेश कुमार सहित जिला प्रशासन की टीम राहत कार्य में जुटी रही।

प्रशासन की टीम ने खैरी शीतल प्रसाद के निकोलडीह, पन्नापुर, मुरावडीह, शिवदुलारे डीह, खैरी, करौता और टीकर में पहुंचकर बाढ़ प्रभावित परिवारों तक भोजन के पैकेट पहुंचाए।

लगातार बारिश और नदियों के बढ़े जलस्तर के कारण शोहरतगढ़ क्षेत्र के कई गांवों में बाढ़ और जलभराव की स्थिति बनी हुई है। स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक कई स्थानों पर आवागमन भी प्रभावित हुआ है और कुछ इलाकों में ग्रामीणों को नाव का सहारा लेना पड़ रहा है।

राहत कार्य पर प्रशासन की नजर
राहत वितरण के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति का भी जायजा लिया। जिला प्रशासन की ओर से कहा गया है कि बाढ़ प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन लगातार काम कर रहा है।
इससे पहले भी प्रभावित क्षेत्रों में अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों द्वारा पहुंचकर ग्रामीणों की समस्याओं की जानकारी लेने और राहत व्यवस्था का जायजा लेने की रिपोर्ट सामने आई है।
बाढ़ की स्थिति के बीच प्रशासन की ओर से प्रभावित परिवारों तक भोजन और अन्य जरूरी सहायता पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है।
FT News Digital की यह रिपोर्ट उपलब्ध प्रशासनिक जानकारी और प्रकाशित स्थानीय रिपोर्टों पर आधारित है। जलस्तर, नुकसान या राहत से जुड़े आंकड़ों में प्रशासन की ओर से जारी आधिकारिक अपडेट को ही अंतिम माना जाएगा।
नौगढ़ में ‘सेवा सेतु’ का बहुउद्देशीय शिविर, एक परिसर में जुटीं कई सरकारी सेवाएं
स्वास्थ्य जांच से लेकर महिला-बाल कल्याण तक की योजनाओं की दी गई जानकारी, गोदभराई और अन्नप्राशन संस्कार भी हुए

सिद्धार्थनगर। सेवा संकल्प अभियान के तहत विकासखंड नौगढ़ परिसर में बहुउद्देशीय ‘सेवा सेतु’ शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का उद्देश्य विभिन्न विभागों की योजनाओं और सेवाओं की जानकारी लोगों तक एक ही स्थान पर पहुंचाना रहा। कार्यक्रम में स्वास्थ्य, आयुर्वेद, होम्योपैथी, आंगनबाड़ी, श्रम, वन सहित विभिन्न विभागों की ओर से स्टॉल लगाए गए, जहां लोगों को संबंधित योजनाओं और उपलब्ध सेवाओं की जानकारी दी गई।

सेवा संकल्प अभियान के तहत सिद्धार्थनगर में लगातार अलग-अलग गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। हाल के दिनों में नौगढ़ क्षेत्र में स्वास्थ्य शिविर, ग्राम चौपाल और अन्य कार्यक्रम भी आयोजित किए गए हैं।
फीता काटकर हुआ शुभारंभ, दीप प्रज्वलन के बाद शुरू हुई गतिविधियां
कार्यक्रम का शुभारंभ निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार फीता काटकर और दीप प्रज्वलित कर किया गया। इसके बाद महिला एवं बाल विकास से जुड़ी गतिविधियों के तहत महिलाओं की गोदभराई और बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार कराया गया।
कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने विभिन्न विभागों की ओर से लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया और योजनाओं से जुड़ी जानकारी प्राप्त की।
स्वास्थ्य जांच और दवा वितरण रहा प्रमुख आकर्षण
शिविर में स्वास्थ्य विभाग की ओर से स्वास्थ्य जांच की व्यवस्था की गई। जांच के बाद आवश्यकता के अनुसार लोगों को दवाएं उपलब्ध कराई गईं। इसके साथ ही आयुर्वेद और होम्योपैथी से संबंधित स्टॉल भी लगाए गए।
वहीं आंगनबाड़ी विभाग की ओर से महिलाओं और बच्चों से जुड़ी सेवाओं तथा पोषण संबंधी विषयों पर जानकारी दी गई। श्रम विभाग और वन विभाग सहित अन्य विभागों ने भी अपने-अपने स्टॉल लगाकर विभागीय योजनाओं और सेवाओं से लोगों को अवगत कराया।
इस तरह शिविर में अलग-अलग विभागों की जानकारी एक ही परिसर में उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया, जिससे ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को विभिन्न कार्यालयों तक जाने की आवश्यकता कम हो सके।
महिला और बाल विकास पर भी रहा विशेष जोर
कार्यक्रम के दौरान आयोजित गोदभराई और अन्नप्राशन संस्कार ने महिला एवं बाल कल्याण से जुड़े विषयों को भी प्रमुखता दी। आंगनबाड़ी विभाग की ओर से पोषण और बच्चों की देखभाल से संबंधित जानकारी भी साझा की गई।
नौगढ़ क्षेत्र में इससे पहले सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत ग्राम चौपाल में भी महिलाओं की गोदभराई और बच्चों का अन्नप्राशन कराया गया था। सरकारी अधिकारियों के अनुसार ऐसे आयोजनों में विभागीय योजनाओं की जानकारी ग्रामीणों तक पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है।
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की रही मौजूदगी
कार्यक्रम में डुमरियागंज सांसद जगदंबिका पाल की सुपुत्री पूजा पाल मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहीं। कपिलवस्तु विधायक श्यामधनी राही विशिष्ट अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शामिल हुए।
इसके अलावा ब्लॉक प्रमुख रेनू मिश्रा, उनके प्रतिनिधि राजेश मिश्रा, मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह, पीडी अनिल कुमार, विकासखंड अधिकारी काजल तथा सांसद प्रतिनिधि एसपी अग्रवाल समेत विकासखंड के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
कार्यक्रम में भाजपा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं की भी मौजूदगी रही। अखंड पाल, प्रिंस शर्मा, रिंकू पाल, मुरारी सिंह सहित अन्य लोग कार्यक्रम में शामिल हुए।
‘सेवा सेतु’ के जरिए सेवाओं को लोगों के करीब लाने का प्रयास
नौगढ़ में आयोजित यह शिविर सेवा संकल्प अभियान की गतिविधियों की कड़ी के रूप में सामने आया, जिसमें विभिन्न विभागों की सेवाओं और योजनाओं को एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। हाल में नौगढ़ में श्रमिकों के लिए स्वास्थ्य एवं श्रम विभाग से जुड़ा शिविर भी आयोजित हुआ था, जिसमें स्वास्थ्य परीक्षण और श्रम विभाग की योजनाओं की जानकारी दी गई थी।

कुल मिलाकर, नौगढ़ ब्लॉक परिसर में आयोजित बहुउद्देशीय सेवा सेतु शिविर में सरकारी विभागों की योजनाओं की जानकारी, स्वास्थ्य जांच, दवा वितरण, आयुर्वेद-होम्योपैथी सेवाएं और महिला-बाल कल्याण से जुड़ी गतिविधियां एक ही मंच पर दिखाई दीं। कार्यक्रम का फोकस सरकारी सेवाओं और योजनाओं की जानकारी को लोगों तक पहुंचाने पर रहा।
FT News Digital | सिद्धार्थनगर
“नए जिला प्रभारी का भव्य स्वागत, पहली बैठक में बूथ से संगठन मजबूत करने का संदेश”
सिद्धार्थनगर में भाजपा के नए जिला प्रभारी प्रवीण गुप्ता का जोरदार स्वागत, संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने पर जोर

सिद्धार्थनगर। भारतीय जनता पार्टी के सिद्धार्थनगर जिला प्रभारी बनाए गए प्रवीण गुप्ता के प्रथम जनपद आगमन पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने जिला कार्यालय पर गर्मजोशी के साथ स्वागत किया। ढोल-नगाड़ों, पुष्पवर्षा और फूल-मालाओं के बीच कार्यकर्ताओं ने जिला प्रभारी का अभिनंदन किया। बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता इस दौरान मौजूद रहे।

भाजपा की ओर से हाल ही में जारी जिला प्रभारियों की सूची में सिद्धार्थनगर की जिम्मेदारी प्रवीण गुप्ता को सौंपी गई है।

संगठन की मजबूती पर केंद्रित रही पहली बैठक
स्वागत कार्यक्रम के बाद भाजपा जिला कार्यालय में जिलाध्यक्ष दीपक मौर्य की अध्यक्षता में जिला पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला प्रभारी प्रवीण गुप्ता ने संगठनात्मक गतिविधियों, मंडल स्तर की सक्रियता और बूथ स्तर पर संगठन की मजबूती को लेकर कार्यकर्ताओं से संवाद किया।

बैठक को संबोधित करते हुए प्रवीण गुप्ता ने कहा कि “न पद बड़ा, न कद बड़ा, जो पार्टी के साथ खड़ा, वो सबसे बड़ा।” उन्होंने कहा कि संगठन की ताकत उसके कार्यकर्ता हैं और बूथ स्तर का कार्यकर्ता पार्टी की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है।

उन्होंने अपने संगठनात्मक अनुभवों का उल्लेख करते हुए कहा कि बूथ स्तर से संगठन में कार्य करते हुए विभिन्न जिम्मेदारियों तक पहुंचने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि अपने अनुभव कार्यकर्ताओं के साथ साझा करने के साथ-साथ वरिष्ठ कार्यकर्ताओं से सीखने का भी प्रयास रहेगा।
बूथ अध्यक्ष को बताया संगठन की अहम कड़ी
जिला प्रभारी ने कहा कि बूथ अध्यक्ष अपने क्षेत्र की परिस्थितियों और जनता से सीधे जुड़ा रहता है। इसलिए बूथ स्तर पर संगठन को सक्रिय और मजबूत रखना बेहद महत्वपूर्ण है।
उन्होंने जिलाध्यक्ष से मंडल अध्यक्षों के साथ नियमित संवाद और मंडलवार गतिविधियों की समीक्षा करने की बात कही। उनका कहना था कि संगठन की गतिविधियों को बूथ तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के लिए लगातार संवाद और सक्रियता जरूरी है।
प्रवीण गुप्ता ने कार्यकर्ताओं से अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा और ईमानदारी से करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यदि परिवार, मोहल्ला और समाज किसी व्यक्ति को भाजपा कार्यकर्ता के रूप में पहचानता है तो संगठन के प्रति जिम्मेदारी भी उसी भावना के साथ निभाई जानी चाहिए।
आगामी चुनाव को लेकर बूथ स्तर पर सक्रियता का संदेश
बैठक में आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने पर भी जोर दिया गया। जिला प्रभारी ने कार्यकर्ताओं से पार्टी के कार्यक्रमों और दिशा-निर्देशों के अनुरूप सक्रियता के साथ कार्य करने की बात कही।
उन्होंने कहा कि पार्टी के कार्यक्रमों को बूथ तक पहुंचाने में कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने सिद्धार्थनगर को भगवान बुद्ध की धरती बताते हुए जनपद में प्रथम आगमन को अपने लिए सौभाग्य की बात बताया।
वरिष्ठ नेताओं ने भी रखे विचार
बैठक का संचालन जिला महामंत्री फूलचंद जायसवाल ने किया। इस दौरान क्षेत्रीय उपाध्यक्ष राजेंद्र पाण्डेय, क्षेत्रीय मंत्री कन्हैया पासवान, पूर्व मंत्री सतीश द्विवेदी, क्षेत्रीय अध्यक्ष पिछड़ा मोर्चा शिवनाथ चौधरी, नगर पालिका अध्यक्ष गोविंद माधव, जिला पंचायत अध्यक्ष शीतल सिंह, सदर विधायक श्यामधनी राही, साधना चौधरी सहित पूर्व जिलाध्यक्ष एवं अन्य वरिष्ठ नेताओं ने अपने विचार रखे।
कार्यक्रम के दौरान जिला प्रभारी ने जिला पदाधिकारियों एवं मंडल स्तर के कार्यकर्ताओं के साथ संगठनात्मक विषयों पर संवाद किया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

इस अवसर पर आशीष शुक्ला, पवन मिश्रा, सच्चिदानंद चौबे, विजयकांत चतुर्वेदी, रवि अग्रवाल, मुन्नी देवी, अशोक अग्रहरि, सिद्धार्थ पाठक, अविनाश सिंह, रामनारायण, बजरंगी वर्मा, मधुसूदन अग्रहरि, दशरथ चौधरी, तेजू विश्वकर्मा, अर्चिष्मान मिश्र, सीमा मिश्रा, अनुपमा सिंह दुबे, राघवेंद्र मिश्रा, प्रभात तिवारी, विक्की रस्तोगी सहित बड़ी संख्या में जिला पदाधिकारी, मंडल अध्यक्ष एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
जोगिया में ‘सेवा सेतु’ शिविर, एक परिसर में कई सरकारी सेवाओं का संगम
महिलाओं की गोद भराई और बच्चों का अन्नप्राशन, स्वास्थ्य जांच के साथ विभागीय स्टॉलों पर मिली योजनाओं की जानकारी

सिद्धार्थनगर। विकासखंड जोगिया के प्रांगण में सोमवार को सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत सेवा सेतु अभियान के तहत बहुउद्देशीय शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में विभिन्न विभागों की सेवाओं और जनकल्याणकारी योजनाओं को एक ही स्थान पर लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया गया। कार्यक्रम में स्वास्थ्य जांच, दवा वितरण और विभागीय योजनाओं की जानकारी के साथ महिला एवं बाल कल्याण से जुड़े कार्यक्रम भी आयोजित किए गए।

एक मंच पर जुटे कई विभाग
कार्यक्रम का शुभारंभ कपिलवस्तु विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्यामधनी राही ने फीता काटकर और दीप प्रज्वलित कर किया। इस दौरान उन्होंने महिलाओं की गोद भराई तथा बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार कराया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों को विभिन्न विभागों की सेवाओं और योजनाओं से संबंधित जानकारी भी दी गई।

स्वास्थ्य जांच से लेकर योजनाओं की जानकारी तक
बहुउद्देशीय शिविर में स्वास्थ्य विभाग की ओर से स्टॉल लगाया गया, जहां लोगों की स्वास्थ्य जांच की गई और जरूरत के अनुसार दवाओं का वितरण किया गया। इसके साथ ही आयुर्वेद और होम्योपैथी से संबंधित स्टॉल भी लगाए गए।

आंगनबाड़ी विभाग ने महिलाओं और बच्चों से जुड़ी सेवाओं तथा पोषण संबंधी जानकारी उपलब्ध कराई। वहीं श्रम विभाग और वन विभाग सहित अन्य विभागों ने भी अपने स्टॉल लगाए। इन स्टॉलों के माध्यम से लोगों को संबंधित विभागों की योजनाओं, सेवाओं और उनसे जुड़ी प्रक्रियाओं की जानकारी दी गई।

सम्मान और वितरण भी बना आकर्षण
कार्यक्रम के दौरान कुछ लाभार्थियों को संबंधित योजनाओं के तहत स्वीकृति/लाभ से जुड़े प्रमाण-पत्र या सामग्री प्रदान की गई तथा कुछ लोगों को उनके कार्यों के लिए सम्मानित भी किया गया। इससे शिविर में मौजूद लोगों के बीच सरकारी सेवाओं और योजनाओं को लेकर उत्साह देखने को मिला।
एक ही जगह मिली कई सेवाओं की जानकारी
सेवा सेतु अभियान के तहत आयोजित इस शिविर का प्रमुख उद्देश्य विभिन्न विभागों को एक मंच पर लाकर आम लोगों को सरकारी सेवाओं और योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराना रहा। शिविर में लोगों को संबंधित विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों से सीधे बातचीत कर अपनी जरूरतों और योजनाओं से जुड़ी जानकारी लेने का अवसर मिला।
स्वास्थ्य सेवाओं से लेकर महिला एवं बाल कल्याण, पोषण, श्रम और वन विभाग से जुड़ी जानकारियों तक—एक ही परिसर में विभिन्न विभागों की मौजूदगी शिविर की प्रमुख विशेषता रही।
अधिकारी और जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
कार्यक्रम में जोगिया ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि श्रीष चौधरी, मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह, पीडी अनिल कुमार, बीडीओ रामानंद वर्मा, एडीओ पंचायत प्रदीप सिंह, डुमरियागंज सांसद प्रतिनिधि एसपी अग्रवाल, राजेश दुबे, दिवाकर, विक्रम सिंह, महेंद्र लोधी और विकास पांडे सहित भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
इसके अलावा विकासखंड के अधिकारी-कर्मचारी भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन परमात्मा यादव ने किया।
सारांश
जोगिया में आयोजित सेवा सेतु शिविर में सरकारी सेवाओं को लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया गया। स्वास्थ्य जांच और दवा वितरण के साथ आयुर्वेद, होम्योपैथी, आंगनबाड़ी, श्रम और वन विभाग के स्टॉल लगाए गए। महिलाओं की गोद भराई और बच्चों के अन्नप्राशन के साथ लाभार्थियों को योजनाओं से जुड़ी सुविधाएं एवं सम्मान भी प्रदान किए गए।
शिविर की प्रमुख झलकियां
सेवा सेतु अभियान के तहत बहुउद्देशीय शिविर
महिलाओं की गोद भराई
बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार
स्वास्थ्य जांच और दवा वितरण
आयुर्वेद एवं होम्योपैथी स्टॉल
आंगनबाड़ी विभाग की सेवाएं
श्रम एवं वन विभाग के स्टॉल
विभिन्न योजनाओं की जानकारी
लाभार्थियों को सम्मान/लाभ वितरण
टिप्पणी
सेवा सेतु जैसे बहुउद्देशीय शिविरों की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि अलग-अलग विभागों की सेवाओं और योजनाओं की जानकारी लोगों को एक ही स्थान पर मिलती है। जोगिया में आयोजित शिविर में स्वास्थ्य, पोषण, महिला एवं बाल कल्याण और अन्य विभागीय सेवाओं को एक मंच पर लाने की तस्वीर सामने आई। अब ऐसे आयोजनों का वास्तविक असर इस बात से भी जुड़ा रहेगा कि शिविर में जानकारी पाने वाले पात्र लोगों तक संबंधित योजनाओं और सेवाओं का लाभ आगे किस तरह पहुंचता है।
FT News Digital | सिद्धार्थनगर
काला नमक की नई पहचान: सिद्धार्थनगर की कुकीज अब जर्मनी के बाजार में दस्तक देने को तैयार

यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में सिद्धार्थनगर के काला नमक उत्पादों ने खींचा विदेशी खरीदारों का ध्यान, निर्यात को लेकर बढ़ी संभावनाएं

सिद्धार्थनगर। पूर्वांचल की पहचान से जुड़े काला नमक चावल को अब पारंपरिक भोजन की सीमाओं से आगे ले जाने की कोशिशें दिखाई दे रही हैं। इसी क्रम में काला नमक चावल के आटे से तैयार की गई कुकीज ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी जगह बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया है। नोएडा में आयोजित यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में सिद्धार्थनगर से लगाए गए स्टॉल पर इन उत्पादों को विदेशी प्रतिनिधियों के सामने प्रस्तुत किया गया, जहां जर्मनी और फ्रांस से जुड़े व्यवसायिक प्रतिनिधियों की रुचि सामने आई।
विदेशी बाजार के लिए खुली नई राह
सिद्धार्थनगर के काला नमक चावल से तैयार कुकीज को जर्मनी में निर्यात करने की दिशा में बातचीत आगे बढ़ी है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, जर्मनी और फ्रांस के व्यावसायिक प्रतिनिधियों ने उत्पाद में रुचि दिखाई है। सिद्धार्थनगर की बुंदा डिलाइट्स के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की बात भी सामने आई है। रविवार को दोनों पक्षों के बीच एमओयू की प्रक्रिया प्रस्तावित बताई गई है, जिसमें उद्योग विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहेंगे।
काला नमक से कुकीज तक का सफर
काला नमक चावल को आमतौर पर अपनी विशिष्ट सुगंध और पारंपरिक पहचान के लिए जाना जाता है। अब इसी चावल के आटे से तैयार किए जा रहे बेकरी उत्पाद अंतरराष्ट्रीय व्यापार की संभावनाओं से जुड़ रहे हैं। नोएडा के ट्रेड शो में सिद्धार्थनगर के उत्पादों की प्रस्तुति ने इस दिशा में एक नई संभावना पैदा की है।
छह स्टॉल पर दिख रहे सिद्धार्थनगर के उत्पाद
25 से 29 सितंबर तक नोएडा में आयोजित यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में सिद्धार्थनगर से काला नमक आधारित उत्पादों के छह स्टॉल लगाए गए हैं। यहां काला नमक चावल के आटे से तैयार कुकीज के अलावा ब्रेड, क्रीम रोल और अन्य उत्पाद प्रदर्शित किए गए हैं।
इन स्टॉलों में जिले के उत्पादों के साथ-साथ ओडीओपी (एक जनपद एक उत्पाद) और ओडीओसी (एक जनपद एक व्यंजन) से संबंधित उत्पादों को भी स्थान दिया गया है। निर्यात, नवाचार और स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में इसे महत्वपूर्ण मंच के रूप में देखा जा रहा है।
क्या खास है काला नमक कुकीज में?
काला नमक चावल के आटे से तैयार उत्पाद
पारंपरिक कृषि उत्पाद का आधुनिक खाद्य उत्पाद के रूप में इस्तेमाल
अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के सामने सीधी प्रस्तुति
जर्मनी में निर्यात की संभावित संभावना
ब्रेड, क्रीम रोल समेत अन्य उत्पाद भी प्रदर्शित
ट्रेड शो में विदेशी प्रतिनिधियों से बातचीत
ट्रेड शो में विदेशी कंपनियों के प्रतिनिधियों को काला नमक चावल के आटे से तैयार कुकीज की विशेषताओं और संभावित बाजार के बारे में जानकारी दी गई। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, काला नमक उत्पादों को लेकर विदेश से आए प्रतिनिधियों के साथ व्यापारिक बातचीत चल रही है।
उद्योग विभाग की ओर से बताया गया है कि काला नमक चावल के आटे से बनी कुकीज के निर्यात को लेकर दो देशों के साथ बातचीत अंतिम चरण में है। इससे स्थानीय स्तर पर तैयार उत्पादों के लिए विदेशी बाजार तलाशने की संभावना बढ़ी है।
पहले भी बन चुकी है निर्यात की जमीन
काला नमक चावल से बने उत्पादों के निर्यात को लेकर पहले भी व्यापारिक समझौते किए जा चुके हैं। वर्ष 2025 के ट्रेड शो के दौरान आठ देशों के व्यवसायियों के साथ काला नमक चावल के आटे से बने उत्पादों के निर्यात को लेकर एमओयू होने की जानकारी दी गई थी। इसके बाद इन उत्पादों के विदेशी बाजार में पहुंचने का रास्ता आगे बढ़ा।
इसी क्रम को आगे बढ़ाते हुए इस बार कुकीज जैसे वैल्यू-एडेड उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के सामने रखा गया है।
सारांश
काला नमक चावल अब सिर्फ चावल तक सीमित नहीं रह गया है। इससे तैयार किए जा रहे आधुनिक खाद्य उत्पाद सिद्धार्थनगर की स्थानीय पहचान को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। नोएडा ट्रेड शो में विदेशी प्रतिनिधियों की रुचि और जर्मनी में कुकीज के संभावित निर्यात को लेकर चल रही बातचीत इसी दिशा में एक नया कदम है।
सिद्धार्थनगर के काला नमक चावल के आटे से बनी कुकीज को अंतरराष्ट्रीय बाजार में जगह मिलने की संभावना बढ़ी है। नोएडा के यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में विदेशी प्रतिनिधियों ने उत्पाद में रुचि दिखाई।

