लक्ष्मी मेमोरियल पब्लिक स्कूल में धूमधाम से मना 80वां स्वतंत्रता दिवस
सिद्धार्थनगर- Est 1 min
- 0 Views
- 12 hours ago
नवज्योति सिद्धार्थ इंटर कॉलेज में देशभक्ति का दिखा जज्बा, 80वां स्वतंत्रता दिवस धूमधाम से मना
सिद्धार्थनगर- Est 1 min
- 0 Views
- 16 hours ago
कंपोजिट विद्यालय महली में गूंजे भारत माता के जयकारे, तिरंगे की शान में दिखा ग्रामीण अंचल का उत्साह
सिद्धार्थनगर- Est 1 min
- 0 Views
- 16 hours ago
भारत माता के जयघोष से गूंजा सिद्धार्थनगर, प्रतिमा पर हुआ भव्य माल्यार्पण
सिद्धार्थनगर- Est 1 min
- 0 Views
- 1 day ago
Top 10 News
उत्तर प्रदेश
न्यूज़
लक्ष्मी मेमोरियल पब्लिक स्कूल में धूमधाम से मना 80वां स्वतंत्रता दिवस
सिद्धार्थनगर- Est 1 min
- 0 Views
- 12 hours ago
नवज्योति सिद्धार्थ इंटर कॉलेज में देशभक्ति का दिखा जज्बा, 80वां स्वतंत्रता दिवस धूमधाम से मना
सिद्धार्थनगर- Est 1 min
- 0 Views
- 16 hours ago
कंपोजिट विद्यालय महली में गूंजे भारत माता के जयकारे, तिरंगे की शान में दिखा ग्रामीण अंचल का उत्साह
सिद्धार्थनगर- Est 1 min
- 0 Views
- 16 hours ago
भारत माता के जयघोष से गूंजा सिद्धार्थनगर, प्रतिमा पर हुआ भव्य माल्यार्पण
सिद्धार्थनगर- Est 1 min
- 0 Views
- 1 day ago
Recent
Posts
सिद्धार्थनगर में शौर्य, श्रद्धा और इतिहास का अद्भुत संगम, बारिश में भी नहीं थमा वीरांगना अवन्तीबाई के अनुयायियों का उत्साह

घोड़े पर सवार तलवार लिए वीरांगना की मनमोहक झांकी बनी आकर्षण का केंद्र, ढोल-नगाड़ों के बीच नगर भ्रमण करती रही शोभायात्रा

सिद्धार्थनगर।
सिद्धार्थनगर में रविवार को वीरांगना महारानी अवन्तीबाई लोधी की जयंती पर शौर्य, श्रद्धा, इतिहास और सामाजिक एकजुटता की ऐसी तस्वीर देखने को मिली, जिसने शहरवासियों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। अखिल भारतीय लोधी राजपूत कल्याण महासभा, जनपद सिद्धार्थनगर के तत्वावधान में आयोजित जयंती समारोह में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।

कार्यक्रम में डुमरियागंज सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री जगदंबिका पाल, सदर विधायक श्यामधनी राही तथा उनके प्रतिनिधि सत्य प्रकाश राही की मौजूदगी रही। मंच से वक्ताओं ने वीरांगना अवन्तीबाई लोधी के जीवन, उनके संघर्ष, साहस और बलिदान को याद करते हुए उनके ऐतिहासिक योगदान पर प्रकाश डाला।

प्रतिमा स्थापित करने का उठा प्रस्ताव
कार्यक्रम के दौरान वीरांगना महारानी अवन्तीबाई लोधी की स्मृति को स्थायी रूप से संजोने के लिए उनके अनुयायियों की ओर से प्रतिमा स्थापित किए जाने का प्रस्ताव रखा गया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों के अनुसार सांसद जगदंबिका पाल और विधायक श्यामधनी राही ने इस प्रस्ताव पर अपनी सहमति एवं समर्थन की बात कही।

इस प्रस्ताव के बाद कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच उत्साह और बढ़ गया।
महासभा के पदाधिकारियों की रही मौजूदगी
आयोजन में अखिल भारतीय लोधी राजपूत कल्याण महासभा, जनपद सिद्धार्थनगर के पदाधिकारी भी मौजूद रहे। इनमें वरिष्ठ उपाध्यक्ष चंद्रिका प्रसाद लोधी, जिला उपाध्यक्ष ओम प्रकाश लोधी, उपाध्यक्ष रामप्रकाश लोधी, उपाध्यक्ष सुनील लोधी, उपाध्यक्ष अमरीश लोधी, महामंत्री दुर्गेश लोधी, मंत्री राजेश लोधी, महामंत्री श्यामनंदन लोधी, वरिष्ठ सलाहकार एवं सभासद राजाराम लोधी, राम उचित लोधी, पूर्व ब्लॉक प्रमुख दयाराम लोधी, युवा जिला अध्यक्ष सोनू लोधी तथा जिला अध्यक्ष अर्जुन लोधी शामिल रहे।

बारिश आई, लेकिन लोगों का उत्साह नहीं टूटा
जनसभा के दौरान अचानक तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश बढ़ती गई, लेकिन मंच से वक्ताओं का संबोधन जारी रहा। सबसे खास तस्वीर यह रही कि बारिश के बावजूद कार्यक्रम में मौजूद लोगों की भीड़ डटी रही।
लोग बारिश में भी वक्ताओं को सुनते रहे। कार्यक्रम स्थल पर मौजूद लोगों का उत्साह कम होता नहीं दिखाई दिया। बारिश के बीच भी बड़ी संख्या में लोगों का टिके रहना आयोजन की खास तस्वीर बन गया।
घोड़े पर सवार वीरांगना की झांकी ने मोहा मन
जनसभा के बाद जब वीरांगना की झांकी के साथ शोभायात्रा निकली तो नजारा देखते ही बन रहा था।
घोड़े पर सवार वीरांगना, हाथ में तलवार और आकर्षक वेशभूषा में सजी झांकी लोगों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र रही। झांकी इतनी मनमोहक थी कि शहर में जहां से भी यह गुजरी, लोगों की निगाहें उस पर टिकती चली गईं।
महिलाएं, पुरुष, बुजुर्ग और बच्चे—हर वर्ग के लोग इस झांकी को देखने के लिए उत्सुक दिखाई दिए। सड़क किनारे खड़े लोग वीरांगना की झांकी को एकटक निहारते नजर आए।
झांकी के साथ बजते ढोल, नगाड़े और पारंपरिक वाद्ययंत्रों की गूंज ने पूरे वातावरण को उत्साह से भर दिया।
तलवारबाजी के प्रदर्शन ने भी खींचा ध्यान
शोभायात्रा के दौरान तलवारबाजी का प्रदर्शन भी लोगों के आकर्षण का केंद्र रहा। तलवारों की चमक, ढोल-नगाड़ों की गूंज और घोड़े पर सवार वीरांगना की झांकी ने शोभायात्रा को खास बना दिया।
लोग इस पूरे दृश्य को अपने मोबाइल कैमरों में भी कैद करते दिखाई दिए।
भीमापार रेलवे क्रॉसिंग से शुरू हुई शोभायात्रा
बैनर में दिए गए कार्यक्रम विवरण के अनुसार भीमापार रेलवे क्रॉसिंग से भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा नगर के विभिन्न मार्गों से होकर आगे बढ़ी।
झांकी के आगे बढ़ने के साथ पीछे लोगों की भीड़ चलती रही। रास्ते में मौजूद लोग शोभायात्रा को देखने के लिए रुकते रहे। पूरा वातावरण ढोल-नगाड़ों की आवाज और वीरांगना की झांकी से जीवंत नजर आया।
इसके बाद शोभायात्रा नगर भ्रमण करते हुए सिद्धार्थनगर के बेसिक शिक्षा कार्यालय परिसर, जेल के सामने स्थित बीएसए ग्राउंड पहुंची, जहां शोभायात्रा का समापन हुआ। बैनर में भी शोभायात्रा और समापन का यही कार्यक्रम विवरण अंकित है।
1857 के संग्राम की वीरांगना हैं अवन्तीबाई
वीरांगना अवन्तीबाई लोधी का जीवन भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में साहस और संघर्ष की मिसाल के रूप में याद किया जाता है।
मध्य प्रदेश सरकार के आधिकारिक विवरण के अनुसार रानी अवन्तीबाई लोधी का जन्म 16 अगस्त 1831 को सिवनी जिले के मनकेहणी गांव में हुआ था। बचपन से ही उनमें वीरता और साहस के गुण थे तथा उन्होंने तलवारबाजी और घुड़सवारी सीखी। बाद में रामगढ़ रियासत के शासन की जिम्मेदारी भी उन्होंने संभाली।
1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के दौरान उन्होंने अंग्रेजी शासन के विरुद्ध संघर्ष का नेतृत्व किया। 23 नवंबर 1857 को खैरी के युद्ध में उनके नेतृत्व वाली सेना ने अंग्रेजी सेना का सामना किया। मार्च 1858 में अंग्रेजी सेना के साथ संघर्ष के दौरान उन्होंने आत्मबलिदान किया।
इसी साहस, स्वाभिमान और मातृभूमि के प्रति समर्पण की स्मृति में उनके अनुयायी आज भी उनकी जयंती को श्रद्धा और गौरव के साथ मनाते हैं।
इनसेट | बारिश में भी अडिग रहा उत्साह
बारिश ने रोका आसमान, लोगों का हौसला नहीं।
जनसभा के दौरान तेज बारिश होने के बावजूद मंच से वक्ताओं का संबोधन जारी रहा और बड़ी संख्या में लोग कार्यक्रम स्थल पर बने रहे। बारिश के बीच लोगों का इस तरह डटे रहना आयोजन की सबसे चर्चित तस्वीरों में शामिल रहा।
इनबॉक्स | झांकी बनी आकर्षण का केंद्र
घोड़े पर सवार वीरांगना, हाथ में तलवार और पीछे ढोल-नगाड़ों की गूंज।
शोभायात्रा में वीरांगना अवन्तीबाई लोधी की झांकी ने शहरवासियों का ध्यान अपनी ओर खींचा। महिलाएं, पुरुष, बुजुर्ग और बच्चे सभी झांकी को देखने के लिए उत्सुक दिखाई दिए। तलवारबाजी के प्रदर्शन ने भी लोगों का ध्यान आकर्षित किया।
लीड
सिद्धार्थनगर में वीरांगना महारानी अवन्तीबाई लोधी की जयंती पर आयोजित समारोह शौर्य, श्रद्धा और सांस्कृतिक उत्साह का केंद्र बन गया। सांसद जगदंबिका पाल और विधायक श्यामधनी राही की मौजूदगी में हुए कार्यक्रम में वीरांगना की प्रतिमा स्थापित करने का प्रस्ताव रखा गया। तेज बारिश के बावजूद जनसभा में लोगों का उत्साह कम नहीं हुआ। इसके बाद भीमापार रेलवे क्रॉसिंग से निकली घोड़े पर सवार वीरांगना की मनमोहक झांकी वाली शोभायात्रा ढोल-नगाड़ों और तलवारबाजी के प्रदर्शन के साथ नगर भ्रमण करते हुए बीएसए ग्राउंड, जेल के सामने पहुंची, जहां इसका समापन हुआ।
सारांश
अखिल भारतीय लोधी राजपूत कल्याण महासभा जनपद सिद्धार्थनगर के तत्वावधान में आयोजित जयंती समारोह में सांसद जगदंबिका पाल, विधायक श्यामधनी राही और प्रतिनिधि सत्य प्रकाश राही समेत महासभा के पदाधिकारी व बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। कार्यक्रम में वीरांगना की प्रतिमा स्थापित करने का प्रस्ताव रखा गया। तेज बारिश के बावजूद जनसभा में लोगों का उत्साह बना रहा। इसके बाद भीमापार रेलवे क्रॉसिंग से निकली भव्य शोभायात्रा में घोड़े पर सवार वीरांगना की झांकी, ढोल-नगाड़े और तलवारबाजी का प्रदर्शन आकर्षण का केंद्र रहा। नगर भ्रमण के बाद शोभायात्रा का समापन बीएसए ग्राउंड, बेसिक शिक्षा कार्यालय परिसर, जेल के सामने हुआ।
टिप्पणी | इतिहास जब सड़क पर उतरता है
रानी अवन्तीबाई लोधी का इतिहास केवल किसी एक समुदाय की स्मृति तक सीमित न रहकर भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के व्यापक इतिहास का हिस्सा है। उनकी जयंती के अवसर पर आयोजित इस तरह के कार्यक्रम इतिहास की उस वीरगाथा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम बन सकते हैं।
सिद्धार्थनगर के आयोजन में खास बात यह रही कि मंचीय कार्यक्रम के साथ झांकी, पारंपरिक वाद्ययंत्र, तलवारबाजी और नगर भ्रमण ने इतिहास को दृश्य रूप में लोगों के सामने रखा। तेज बारिश के बावजूद लोगों का कार्यक्रम में बने रहना भी आयोजन के प्रति उनकी रुचि और उत्साह को दर्शाता है।
छोटी English Headline
Avanti Bai Jayanti Celebrated in Siddharthnagar
Alternative SEO Headline
Siddharthnagar Witnesses Grand Avanti Bai Jayanti Procession
Viral Hashtags
#AvantiBaiLodhi #RaniAvantiBai #AvantiBaiJayanti #Siddharthnagar #SiddharthnagarNews #LodhiSamaj #ShobhaYatra #VeeranganaAvantiBai #UPNews #FTNewsDigital #SiddharthnagarNews #ViralNews #HistoryOfIndia #1857 #IndianHistory
सिद्धार्थनगर में शौर्य, श्रद्धा और इतिहास का अद्भुत संगम, बारिश में भी नहीं थमा वीरांगना अवन्तीबाई के अनुयायियों का उत्साह

घोड़े पर सवार तलवार लिए वीरांगना की मनमोहक झांकी बनी आकर्षण का केंद्र, ढोल-नगाड़ों के बीच नगर भ्रमण करती रही शोभायात्रा

सिद्धार्थनगर।
सिद्धार्थनगर में रविवार को वीरांगना महारानी अवन्तीबाई लोधी की जयंती पर शौर्य, श्रद्धा, इतिहास और सामाजिक एकजुटता की ऐसी तस्वीर देखने को मिली, जिसने शहरवासियों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। अखिल भारतीय लोधी राजपूत कल्याण महासभा, जनपद सिद्धार्थनगर के तत्वावधान में आयोजित जयंती समारोह में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।

कार्यक्रम में डुमरियागंज सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री जगदंबिका पाल, सदर विधायक श्यामधनी राही तथा उनके प्रतिनिधि सत्य प्रकाश राही की मौजूदगी रही। मंच से वक्ताओं ने वीरांगना अवन्तीबाई लोधी के जीवन, उनके संघर्ष, साहस और बलिदान को याद करते हुए उनके ऐतिहासिक योगदान पर प्रकाश डाला।

प्रतिमा स्थापित करने का उठा प्रस्ताव
कार्यक्रम के दौरान वीरांगना महारानी अवन्तीबाई लोधी की स्मृति को स्थायी रूप से संजोने के लिए उनके अनुयायियों की ओर से प्रतिमा स्थापित किए जाने का प्रस्ताव रखा गया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों के अनुसार सांसद जगदंबिका पाल और विधायक श्यामधनी राही ने इस प्रस्ताव पर अपनी सहमति एवं समर्थन की बात कही।

इस प्रस्ताव के बाद कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच उत्साह और बढ़ गया।
महासभा के पदाधिकारियों की रही मौजूदगी
आयोजन में अखिल भारतीय लोधी राजपूत कल्याण महासभा, जनपद सिद्धार्थनगर के पदाधिकारी भी मौजूद रहे। इनमें वरिष्ठ उपाध्यक्ष चंद्रिका प्रसाद लोधी, जिला उपाध्यक्ष ओम प्रकाश लोधी, उपाध्यक्ष रामप्रकाश लोधी, उपाध्यक्ष सुनील लोधी, उपाध्यक्ष अमरीश लोधी, महामंत्री दुर्गेश लोधी, मंत्री राजेश लोधी, महामंत्री श्यामनंदन लोधी, वरिष्ठ सलाहकार एवं सभासद राजाराम लोधी, राम उचित लोधी, पूर्व ब्लॉक प्रमुख दयाराम लोधी, युवा जिला अध्यक्ष सोनू लोधी तथा जिला अध्यक्ष अर्जुन लोधी शामिल रहे।

बारिश आई, लेकिन लोगों का उत्साह नहीं टूटा
जनसभा के दौरान अचानक तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश बढ़ती गई, लेकिन मंच से वक्ताओं का संबोधन जारी रहा। सबसे खास तस्वीर यह रही कि बारिश के बावजूद कार्यक्रम में मौजूद लोगों की भीड़ डटी रही।
लोग बारिश में भी वक्ताओं को सुनते रहे। कार्यक्रम स्थल पर मौजूद लोगों का उत्साह कम होता नहीं दिखाई दिया। बारिश के बीच भी बड़ी संख्या में लोगों का टिके रहना आयोजन की खास तस्वीर बन गया।
घोड़े पर सवार वीरांगना की झांकी ने मोहा मन
जनसभा के बाद जब वीरांगना की झांकी के साथ शोभायात्रा निकली तो नजारा देखते ही बन रहा था।
घोड़े पर सवार वीरांगना, हाथ में तलवार और आकर्षक वेशभूषा में सजी झांकी लोगों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र रही। झांकी इतनी मनमोहक थी कि शहर में जहां से भी यह गुजरी, लोगों की निगाहें उस पर टिकती चली गईं।
महिलाएं, पुरुष, बुजुर्ग और बच्चे—हर वर्ग के लोग इस झांकी को देखने के लिए उत्सुक दिखाई दिए। सड़क किनारे खड़े लोग वीरांगना की झांकी को एकटक निहारते नजर आए।
झांकी के साथ बजते ढोल, नगाड़े और पारंपरिक वाद्ययंत्रों की गूंज ने पूरे वातावरण को उत्साह से भर दिया।
तलवारबाजी के प्रदर्शन ने भी खींचा ध्यान
शोभायात्रा के दौरान तलवारबाजी का प्रदर्शन भी लोगों के आकर्षण का केंद्र रहा। तलवारों की चमक, ढोल-नगाड़ों की गूंज और घोड़े पर सवार वीरांगना की झांकी ने शोभायात्रा को खास बना दिया।
लोग इस पूरे दृश्य को अपने मोबाइल कैमरों में भी कैद करते दिखाई दिए।
भीमापार रेलवे क्रॉसिंग से शुरू हुई शोभायात्रा
बैनर में दिए गए कार्यक्रम विवरण के अनुसार भीमापार रेलवे क्रॉसिंग से भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा नगर के विभिन्न मार्गों से होकर आगे बढ़ी।
झांकी के आगे बढ़ने के साथ पीछे लोगों की भीड़ चलती रही। रास्ते में मौजूद लोग शोभायात्रा को देखने के लिए रुकते रहे। पूरा वातावरण ढोल-नगाड़ों की आवाज और वीरांगना की झांकी से जीवंत नजर आया।
इसके बाद शोभायात्रा नगर भ्रमण करते हुए सिद्धार्थनगर के बेसिक शिक्षा कार्यालय परिसर, जेल के सामने स्थित बीएसए ग्राउंड पहुंची, जहां शोभायात्रा का समापन हुआ। बैनर में भी शोभायात्रा और समापन का यही कार्यक्रम विवरण अंकित है।
1857 के संग्राम की वीरांगना हैं अवन्तीबाई
वीरांगना अवन्तीबाई लोधी का जीवन भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में साहस और संघर्ष की मिसाल के रूप में याद किया जाता है।
मध्य प्रदेश सरकार के आधिकारिक विवरण के अनुसार रानी अवन्तीबाई लोधी का जन्म 16 अगस्त 1831 को सिवनी जिले के मनकेहणी गांव में हुआ था। बचपन से ही उनमें वीरता और साहस के गुण थे तथा उन्होंने तलवारबाजी और घुड़सवारी सीखी। बाद में रामगढ़ रियासत के शासन की जिम्मेदारी भी उन्होंने संभाली।
1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के दौरान उन्होंने अंग्रेजी शासन के विरुद्ध संघर्ष का नेतृत्व किया। 23 नवंबर 1857 को खैरी के युद्ध में उनके नेतृत्व वाली सेना ने अंग्रेजी सेना का सामना किया। मार्च 1858 में अंग्रेजी सेना के साथ संघर्ष के दौरान उन्होंने आत्मबलिदान किया।
इसी साहस, स्वाभिमान और मातृभूमि के प्रति समर्पण की स्मृति में उनके अनुयायी आज भी उनकी जयंती को श्रद्धा और गौरव के साथ मनाते हैं।
इनसेट | बारिश में भी अडिग रहा उत्साह
बारिश ने रोका आसमान, लोगों का हौसला नहीं।
जनसभा के दौरान तेज बारिश होने के बावजूद मंच से वक्ताओं का संबोधन जारी रहा और बड़ी संख्या में लोग कार्यक्रम स्थल पर बने रहे। बारिश के बीच लोगों का इस तरह डटे रहना आयोजन की सबसे चर्चित तस्वीरों में शामिल रहा।
इनबॉक्स | झांकी बनी आकर्षण का केंद्र
घोड़े पर सवार वीरांगना, हाथ में तलवार और पीछे ढोल-नगाड़ों की गूंज।
शोभायात्रा में वीरांगना अवन्तीबाई लोधी की झांकी ने शहरवासियों का ध्यान अपनी ओर खींचा। महिलाएं, पुरुष, बुजुर्ग और बच्चे सभी झांकी को देखने के लिए उत्सुक दिखाई दिए। तलवारबाजी के प्रदर्शन ने भी लोगों का ध्यान आकर्षित किया।
लीड
सिद्धार्थनगर में वीरांगना महारानी अवन्तीबाई लोधी की जयंती पर आयोजित समारोह शौर्य, श्रद्धा और सांस्कृतिक उत्साह का केंद्र बन गया। सांसद जगदंबिका पाल और विधायक श्यामधनी राही की मौजूदगी में हुए कार्यक्रम में वीरांगना की प्रतिमा स्थापित करने का प्रस्ताव रखा गया। तेज बारिश के बावजूद जनसभा में लोगों का उत्साह कम नहीं हुआ। इसके बाद भीमापार रेलवे क्रॉसिंग से निकली घोड़े पर सवार वीरांगना की मनमोहक झांकी वाली शोभायात्रा ढोल-नगाड़ों और तलवारबाजी के प्रदर्शन के साथ नगर भ्रमण करते हुए बीएसए ग्राउंड, जेल के सामने पहुंची, जहां इसका समापन हुआ।
सारांश
अखिल भारतीय लोधी राजपूत कल्याण महासभा जनपद सिद्धार्थनगर के तत्वावधान में आयोजित जयंती समारोह में सांसद जगदंबिका पाल, विधायक श्यामधनी राही और प्रतिनिधि सत्य प्रकाश राही समेत महासभा के पदाधिकारी व बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। कार्यक्रम में वीरांगना की प्रतिमा स्थापित करने का प्रस्ताव रखा गया। तेज बारिश के बावजूद जनसभा में लोगों का उत्साह बना रहा। इसके बाद भीमापार रेलवे क्रॉसिंग से निकली भव्य शोभायात्रा में घोड़े पर सवार वीरांगना की झांकी, ढोल-नगाड़े और तलवारबाजी का प्रदर्शन आकर्षण का केंद्र रहा। नगर भ्रमण के बाद शोभायात्रा का समापन बीएसए ग्राउंड, बेसिक शिक्षा कार्यालय परिसर, जेल के सामने हुआ।
टिप्पणी | इतिहास जब सड़क पर उतरता है
रानी अवन्तीबाई लोधी का इतिहास केवल किसी एक समुदाय की स्मृति तक सीमित न रहकर भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के व्यापक इतिहास का हिस्सा है। उनकी जयंती के अवसर पर आयोजित इस तरह के कार्यक्रम इतिहास की उस वीरगाथा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम बन सकते हैं।
सिद्धार्थनगर के आयोजन में खास बात यह रही कि मंचीय कार्यक्रम के साथ झांकी, पारंपरिक वाद्ययंत्र, तलवारबाजी और नगर भ्रमण ने इतिहास को दृश्य रूप में लोगों के सामने रखा। तेज बारिश के बावजूद लोगों का कार्यक्रम में बने रहना भी आयोजन के प्रति उनकी रुचि और उत्साह को दर्शाता है।
छोटी English Headline
Avanti Bai Jayanti Celebrated in Siddharthnagar
Alternative SEO Headline
Siddharthnagar Witnesses Grand Avanti Bai Jayanti Procession
Viral Hashtags
#AvantiBaiLodhi #RaniAvantiBai #AvantiBaiJayanti #Siddharthnagar #SiddharthnagarNews #LodhiSamaj #ShobhaYatra #VeeranganaAvantiBai #UPNews #FTNewsDigital #SiddharthnagarNews #ViralNews #HistoryOfIndia #1857 #IndianHistory
लक्ष्मी मेमोरियल पब्लिक स्कूल में धूमधाम से मना 80वां स्वतंत्रता दिवस

ध्वजारोहण के साथ गूंजा राष्ट्रगान, विद्यार्थियों को राष्ट्रप्रेम और जिम्मेदारी का दिया संदेश
सिद्धार्थनगर। शहर के पकड़ी-दुमदुमवा मार्ग स्थित लक्ष्मी मेमोरियल पब्लिक स्कूल में 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शनिवार को उत्साह और देशभक्ति के माहौल में ध्वजारोहण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में MLC शिक्षक संघ ध्रुव कुमार त्रिपाठी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। ध्वजारोहण के बाद राष्ट्रगान हुआ और विद्यालय परिसर राष्ट्रभक्ति के भाव से ओत-प्रोत नजर आया।

▪️ इनसेट
आजादी का पर्व, नई पीढ़ी के नाम
स्वतंत्रता दिवस समारोह में विद्यार्थियों को देश की स्वतंत्रता के महत्व के साथ अपने कर्तव्यों और सामाजिक जिम्मेदारियों को समझने का संदेश दिया गया।

▪️ इनबॉक्स
शिक्षा के साथ संस्कार और राष्ट्रप्रेम पर जोर
मुख्य अतिथि ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने विद्यालय परिवार एवं विद्यार्थियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने बच्चों को स्वतंत्रता दिवस के वास्तविक उद्देश्य को समझने तथा देश के प्रति जिम्मेदारी, अनुशासन और राष्ट्रप्रेम की भावना को जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया।

▪️ लीड
विद्यार्थियों को बेहतर नागरिक बनने की प्रेरणा
विद्यालय के प्रबंधक आनंद अग्रहरि ने छात्र-छात्राओं को शिक्षा के साथ संस्कार और सामाजिक जिम्मेदारी के महत्व को समझाया। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने कार्यों और उपलब्धियों के माध्यम से परिवार, विद्यालय तथा समाज का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किया।
▪️ समारोह में ये रहे मौजूद
ध्वजारोहण कार्यक्रम के दौरान विद्यालय की अध्यक्ष सुनीता अग्रहरि, प्रमुख व्यवसायी एवं समाजसेवी ओमप्रकाश अग्रहरि, संयोजक प्रदीप ठकुराई, मुरलीधर अग्रहरि, संजय अग्रहरि और ओम पांडेय समेत विद्यालय परिवार के सदस्य मौजूद रहे।
वहीं छात्र-छात्राओं में प्रियांशी कसौधन, अंशुमान त्रिपाठी, लक्ष्मी, अनुज, हर्षित और प्राशी समेत अन्य विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।

▪️ सारांश
लक्ष्मी मेमोरियल पब्लिक स्कूल में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह ने विद्यार्थियों में राष्ट्रप्रेम, अनुशासन, शिक्षा और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर में उत्साह और देशभक्ति का वातावरण देखने को मिला।
▪️ टिप्पणी
स्वतंत्रता दिवस केवल तिरंगा फहराने का अवसर नहीं, बल्कि स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग को याद करने और नई पीढ़ी को देश के प्रति अपने कर्तव्यों का बोध कराने का दिन भी है। विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम इसी भावना को विद्यार्थियों तक पहुंचाने का माध्यम बना।
— FT News Digital, सिद्धार्थनगर
नवज्योति सिद्धार्थ इंटर कॉलेज में देशभक्ति का दिखा जज्बा, 80वां स्वतंत्रता दिवस धूमधाम से मना
Uttar Pradesh Siddharth Nagar

बर्डपुर, सिद्धार्थनगर। देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर नवज्योति सिद्धार्थ इंटर कॉलेज, बर्डपुर में राष्ट्रीय पर्व पूरे उत्साह, उमंग और देशभक्ति की भावना के साथ मनाया गया। ध्वजारोहण से लेकर राष्ट्रगान, देशभक्ति गीतों, भाषणों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों तक विद्यालय परिसर में दिनभर राष्ट्रप्रेम का माहौल बना रहा।
ध्वजारोहण के साथ शुरू हुआ समारोह

कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्रधानाचार्य ओम प्रकाश यादव ने ध्वजारोहण कर किया। राष्ट्रध्वज फहराते ही विद्यालय परिसर राष्ट्रगान से गूंज उठा। शिक्षकों, कर्मचारियों और छात्र-छात्राओं ने तिरंगे को सलामी दी और स्वतंत्रता संग्राम के अमर शहीदों एवं स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धापूर्वक नमन किया।
इस दौरान विद्यार्थियों में विशेष उत्साह देखने को मिला। हाथों में तिरंगा लिए छात्र-छात्राओं की कतारें और राष्ट्रध्वज को सलामी देते बच्चों का दृश्य समारोह की गरिमा को और बढ़ाता नजर आया।
प्रधानाचार्य ने विद्यार्थियों को दिलाया कर्तव्य का अहसास
समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानाचार्य ओम प्रकाश यादव ने कहा कि देश की आजादी महान स्वतंत्रता सेनानियों और वीर शहीदों के संघर्ष एवं बलिदान का परिणाम है। उन्होंने विद्यार्थियों से मन लगाकर शिक्षा ग्रहण करने, अनुशासन का पालन करने और अपने विद्यालय, परिवार, समाज तथा देश का नाम रोशन करने के लिए निरंतर मेहनत करने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि विद्यार्थी ही देश का भविष्य हैं। देश को मजबूत और विकसित बनाने में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है। इसलिए प्रत्येक छात्र-छात्रा को शिक्षा के साथ अपने कर्तव्यों और जिम्मेदारियों के प्रति भी जागरूक रहना चाहिए।
बच्चों की प्रस्तुतियों ने बांधा समां
स्वतंत्रता दिवस समारोह में छात्र-छात्राओं ने देशभक्ति गीतों, भाषणों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। जानवी, साधन, रितिका, नंदिनी, काजल, नमन वर्मा और ऋषभ साहनी सहित अन्य विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया।
बच्चों की प्रस्तुतियों के दौरान विद्यालय परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंजता रहा। देशभक्ति गीतों और नारों ने समारोह में मौजूद लोगों में राष्ट्रप्रेम की भावना को और मजबूत किया।
शिक्षकों और कर्मचारियों का रहा सहयोग
कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं और कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। शिक्षक रवि कुमार, धनराज चौधरी, उमेश कुमार मौर्य, हीरालाल यादव और असलम की सहभागिता रही।
वहीं शिक्षिकाओं में रोशनी वर्मा, काजल, कौशल, ज्योति बिंदु और सफिया ने कार्यक्रम में सक्रिय भूमिका निभाई। विद्यालय परिवार के सामूहिक प्रयास से स्वतंत्रता दिवस समारोह व्यवस्थित और उत्साहपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
मिष्ठान वितरण के साथ हुआ समापन
कार्यक्रम के अंत में छात्र-छात्राओं के बीच मिष्ठान वितरित किया गया। विद्यालय परिवार की ओर से बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। पूरे समारोह के दौरान विद्यालय परिसर में देशभक्ति और उत्सव का माहौल बना रहा।
संपादकीय टिप्पणी
तिरंगे को सलामी देते नन्हे कदम और देशभक्ति के गीतों से गूंजता विद्यालय परिसर—यही तस्वीर किसी भी राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की सबसे मजबूत झलक है। स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व केवल उत्सव मनाने का अवसर नहीं, बल्कि नई पीढ़ी को देश के प्रति जिम्मेदारी, अनुशासन और कर्तव्य का बोध कराने का भी माध्यम हैं।
नवज्योति सिद्धार्थ इंटर कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों की भागीदारी यह संदेश देती नजर आई कि देश का भविष्य केवल किताबों में नहीं, बल्कि संस्कार, शिक्षा और राष्ट्रप्रेम के साथ तैयार होता है। यदि विद्यालयों में बच्चों को शिक्षा के साथ अपने कर्तव्यों का एहसास कराया जाए, तो यही पीढ़ी आने वाले भारत की मजबूत नींव बन सकती है।
कंपोजिट विद्यालय महली में गूंजे भारत माता के जयकारे, तिरंगे की शान में दिखा ग्रामीण अंचल का उत्साह
Siddharth Nagar Uttar Pradesh
महली। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कंपोजिट विद्यालय महली में राष्ट्रीय पर्व हर्षोल्लास, उत्साह और देशभक्ति की भावना के साथ मनाया गया। ग्रामीण परिवेश में आयोजित इस समारोह में बच्चों, शिक्षकों, अभिभावकों और ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। विद्यालय परिसर में सुबह से ही देशभक्ति का माहौल नजर आया और तिरंगे के सम्मान में लोगों ने एकजुट होकर राष्ट्र के प्रति अपनी आस्था प्रकट की।
ध्वजारोहण के साथ हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि ग्राम प्रधान बृजेश कुमार चौधरी द्वारा ध्वजारोहण के साथ किया गया। राष्ट्रध्वज फहराते ही विद्यालय परिसर राष्ट्रगान से गूंज उठा। इसके बाद उपस्थित लोगों ने तिरंगे को सलामी दी और भारत माता की जय तथा वंदे मातरम के जयघोष से वातावरण देशभक्ति से भर गया।
बच्चों की प्रस्तुतियों ने बांधा समां
ध्वजारोहण के बाद विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने विभिन्न सांस्कृतिक एवं देशभक्ति कार्यक्रम प्रस्तुत किए। बच्चों ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के जीवन और उनके बलिदान पर आधारित झांकियां प्रस्तुत कर लोगों को देश के गौरवशाली इतिहास से परिचित कराया।
देशभक्ति गीतों पर बच्चों की प्रस्तुतियों और उनके प्रभावी भाषणों ने उपस्थित लोगों की खूब सराहना बटोरी। हाथों में तिरंगा लिए बच्चों का उत्साह देखते ही बन रहा था। ग्रामीण क्षेत्र के इस विद्यालय में बच्चों की शानदार प्रस्तुतियों ने समारोह को खास बना दिया।
ग्रामीण अंचल में दिखी राष्ट्रभक्ति की मजबूत तस्वीर
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर ही नहीं, बल्कि आसपास का ग्रामीण वातावरण भी देशभक्ति के रंग में रंगा नजर आया। बड़ी संख्या में ग्रामीण और अभिभावक बच्चों का उत्साह बढ़ाने के लिए कार्यक्रम में पहुंचे।
तिरंगा हाथों में लेकर मौजूद बच्चों की तस्वीरें इस बात को बयां कर रही थीं कि देशभक्ति की भावना शहरों तक सीमित नहीं है। गांव के विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चे भी राष्ट्रीय पर्व को लेकर उतने ही उत्साहित और जागरूक हैं।
ग्राम प्रधान ने बच्चों को दिया आगे बढ़ने का संदेश
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि ग्राम प्रधान बृजेश कुमार चौधरी ने सभी को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने बच्चों को देश का भविष्य बताते हुए मन लगाकर पढ़ाई करने तथा शिक्षा के माध्यम से अपने परिवार, समाज और देश का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किया।
पूर्व ग्राम प्रधान सोल्हू यादव सहित अन्य वरिष्ठ अतिथियों ने भी स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और बलिदान को याद किया तथा बच्चों से उनके जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।
प्रधानाध्यापक ने जताया आभार
विद्यालय के प्रधानाध्यापक कवलभान सिंह पटेल ने अतिथियों और ग्रामीणों का स्वागत करते हुए कहा कि शिक्षा के माध्यम से ही मजबूत और जागरूक समाज का निर्माण संभव है। उन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग करने वाले विद्यालय परिवार, अभिभावकों और ग्रामवासियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम के सफल आयोजन में सहायक अध्यापक अनुपम राठौर, सुनील यादव और राजेश चौधरी सहित रसोईया सुधरा देवी, प्रेम कुमारी, रामरती तथा सफाई कर्मी अदालत का सहयोग रहा।
इस अवसर पर राममिलन प्रजापति, रफीक, नारद प्रजापति, महेन्द्र कुमार, नन्द किशोर, राजेश, राम केश, प्रभु दयाल, गोलू, संजय, अजय और दिनेश कुमार प्रजापति सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण, अभिभावक एवं स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।
मिष्ठान वितरण के साथ हुआ समापन
कार्यक्रम के अंत में बच्चों और उपस्थित ग्रामीणों के बीच मिष्ठान का वितरण किया गया। प्रधानाध्यापक ने सभी अतिथियों एवं ग्रामवासियों के प्रति आभार व्यक्त किया। इसके साथ ही स्वतंत्रता दिवस समारोह का समापन हुआ।
संपादकीय टिप्पणी
गांव के विद्यालयों में तिरंगे की शान और बच्चों के चेहरों पर देशभक्ति का उत्साह वास्तव में राष्ट्र की मजबूत नींव की तस्वीर है। कंपोजिट विद्यालय महली में आयोजित कार्यक्रम यह संदेश देता है कि देशप्रेम किसी स्थान या संसाधन का मोहताज नहीं होता। सीमित संसाधनों के बीच भी यदि शिक्षक, बच्चे, अभिभावक और ग्रामीण एकजुट होकर राष्ट्रीय पर्व मनाएं, तो यही भावना आने वाली पीढ़ी में देश के प्रति जिम्मेदारी और सम्मान की भावना को मजबूत करती है।

आजादी का पर्व केवल झंडा फहराने तक सीमित न रहे, बल्कि बच्चों की शिक्षा, संस्कार और बेहतर भविष्य के संकल्प से जुड़े—यही ऐसे आयोजनों की वास्तविक सार्थकता है।
SSB 43वीं वाहिनी में लहराया राष्ट्रीय ध्वज
सिद्धार्थनगर। दिनांक 15.08.2026 को 43वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल द्वारा वाहिनी मुख्यालय सहित समस्त सीमा चौकियों में हर्षोल्लास एवं देशभक्ति की भावना के साथ 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाया गया।
इस अवसर पर श्री उज्जल दत्ता, कमांडेंट, 43वीं वाहिनी द्वारा सीमा चौकी बजहा में ध्वजारोहण किया गया। इसके उपरांत महानिदेशक, सशस्त्र सीमा बल द्वारा प्रेषित संदेश को पढ़कर सुनाया गया तत्पश्चात पुलिस स्टेशन कपिलवस्तु में भारतीय युवा वेलफेयर एसोसिएशन (भारत) द्वारा आयोजित कार्यक्रम में सहभागिता की गई। साथ ही विभिन्न विद्यालयों के बच्चो से संवाद कर स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दी गईं एवं स्थानीय पुलिस, नेपाल ए.पी.एफ की गरिमामयी उपस्थिति में ध्वजारोहण कार्यक्रम आयोजित किए गए तथा मिष्ठान वितरित किया गया।
वाहिनी मुख्यालय परिसर में श्री एल. आशाकुमार सिंह, द्वितीय कमान अधिकारी, 43वीं वाहिनी द्वारा राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया। इसके उपरांत महानिदेशक, सशस्त्र सीमा बल द्वारा प्रेषित संदेश को पढ़कर सुनाया गया तथा उपस्थित जवानों में मिष्ठान वितरित किया गया।
इसी क्रम में वाहिनी की समस्त सीमा चौकियों, प्रमुख आवागमन मार्गों एवं विद्यालयों में स्थानीय पुलिस, मानव सेवा संस्थान (एन.जी.ओ.), नेपाल ए.पी.एफ., स्थानीय ग्रामीणों एवं स्कूली बच्चों की गरिमामयी उपस्थिति में ध्वजारोहण कार्यक्रम आयोजित किए गए तथा मिष्ठान वितरित किया गया। कार्यक्रमों के माध्यम से राष्ट्रीय एकता, अखंडता एवं देशभक्ति की भावना को प्रोत्साहित किया गया।
भारत माता के जयघोष से गूंजा सिद्धार्थनगर, प्रतिमा पर हुआ भव्य माल्यार्पण

स्वतंत्रता दिवस पर देशभक्ति के रंग में रंगा माहौल, युवाओं और देशभक्तों ने लिया राष्ट्र की एकता-अखंडता का संकल्प

सिद्धार्थनगर। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सिद्धार्थनगर में राष्ट्रप्रेम और देशभक्ति से ओत-प्रोत वातावरण देखने को मिला। भारत माता की प्रतिमा पर भव्य माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें तेज धूप के बावजूद बड़ी संख्या में देशभक्तों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। भारत माता के जयघोष और वंदे मातरम् के नारों से पूरा वातावरण देशभक्ति के भाव से गूंज उठा।

| श्रद्धा से सजी भारत माता की प्रतिमा
कार्यक्रम के दौरान भारत माता की प्रतिमा को फूलों की मालाओं से सजाया गया। युवाओं एवं उपस्थित लोगों ने बारी-बारी से प्रतिमा पर माल्यार्पण कर राष्ट्र के प्रति अपनी श्रद्धा और सम्मान व्यक्त किया। हाथों में तिरंगा और मन में देशभक्ति का भाव लिए लोगों की मौजूदगी ने कार्यक्रम को विशेष बना दिया।
देशभक्ति केवल नारा नहीं, जिम्मेदारी भी
स्वतंत्रता दिवस हमें केवल आजादी का उत्सव मनाने का अवसर नहीं देता, बल्कि यह भी याद दिलाता है कि देश की एकता, अखंडता और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा प्रत्येक नागरिक की साझा जिम्मेदारी है। भारत माता की प्रतिमा के समक्ष जुटे लोगों ने इसी भावना को आगे बढ़ाने का संदेश दिया।
विनीत श्रीवास्तव ने कही महत्वपूर्ण बात
विनीत श्रीवास्तव ने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य किसी राजनीतिक दल या संगठन का प्रचार करना नहीं, बल्कि राष्ट्रप्रेम, आपसी भाईचारे, एकता और देश के प्रति सम्मान की भावना को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि देशहित सर्वोपरि है और समाज में राष्ट्रीय चेतना को मजबूत करने के लिए ऐसे आयोजन महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
देश के प्रति समर्पण का संकल्प
कार्यक्रम में शामिल लोगों ने भारत की एकता और अखंडता को बनाए रखने तथा देशहित में सदैव सकारात्मक भूमिका निभाने का संकल्प व्यक्त किया। उपस्थित लोगों का कहना था कि राष्ट्रध्वज और भारत माता के प्रति सम्मान केवल किसी एक दिन तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि देश के प्रति जिम्मेदारियों को जीवन में उतारना ही सच्ची देशभक्ति है।
कार्यक्रम में रमेश वर्मा, अगम श्रीवास्तव, छोटू, मोहसिन, संदेश मिश्रा सहित अन्य सम्मानित लोग मौजूद रहे।
देशभक्ति के रंग में रंगा सिद्धार्थनगर
स्वतंत्रता दिवस पर आयोजित भारत माता माल्यार्पण कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि राष्ट्रप्रेम किसी राजनीतिक सीमा का विषय नहीं, बल्कि देश के प्रति नागरिकों की साझा भावना है। तिरंगे की शान, भारत माता का सम्मान और देश की एकता-अखंडता के प्रति संकल्प—यही इस आयोजन की सबसे बड़ी तस्वीर रही।
संपादकीय टिप्पणी | देश पहले, बाकी सब बाद में
आज जब देश स्वतंत्रता दिवस मना रहा है, ऐसे आयोजनों का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि नई पीढ़ी को आजादी के पीछे दिए गए बलिदानों और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का एहसास कराना जरूरी है। देशभक्ति केवल नारों और आयोजनों तक सीमित न रहे—यह हमारे आचरण, कर्तव्य और समाज के प्रति जिम्मेदारी में भी दिखाई दे, तभी स्वतंत्रता का वास्तविक सम्मान होगा।
राष्ट्र सर्वोपरि।
तिरंगा हमारी आन है, भारत हमारी पहचान है।
जय हिंद!
कलेक्ट्रेट में जिलाधिकारी ने किया झंडारोहण
सिद्धार्थनगर 15 अगस्त 2026/80वां स्वतंत्रता दिवस समारोह परम्परागत एवं सादगी के साथ सौहार्दपूर्ण वातावरण में 8ः00 बजे कलेक्ट्रेट में जिलाधिकारी श्री शिवशरणप्पा जीएन द्वारा राष्ट्रीय ध्वज को फहराया गया। ध्वजारोहण के पश्चात सामूहिक रूप से राष्ट्रगान जन-गण-मन को सभी अधिकारियों/कर्मचारियों द्वारा गायन किया गया। ध्वजारोहण कार्यक्रम के अवसर पर धर्मपत्नी जिलाधिकारी डा0 तनुश्री टीआर, अपर जिलाधिकारी (वि0/रा0) गौरव श्रीवास्तव, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) ज्ञान प्रकाश, तथा कलेक्ट्रेट के सभी कर्मचारी उपस्थित रहे।
ध्वजारोहण कार्यक्रम के पश्चात कलेक्ट्रेट सभागार में स्वतन्त्रता दिवस के अवसर पर गोष्ठी का आयोजन किया गया। सर्वप्रथम रघुवर प्रसाद सरस्वती शिशु मन्दिर के बच्चो द्वारा देश भक्ति गीत प्रस्तुत किया गया। जिलाधिकारी द्वारा बच्चें को उपहार दिया गया। इस अवसर पर जिलाधिकारी श्री शिवशरणप्पा जीएन ने सभागार में उपस्थित समस्त अधिकारियों/कर्मचारियों, अधिवक्तागण, मीडिया प्रतिनिधियों को स्वतन्त्रता दिवस की हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि हमारे देश को आजाद कराने वाले अमर शहीदों के प्रति उनके द्वारा श्रद्धा सुमन अर्पित किया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि हम याद रखे कि हम कैसे आजाद हुए। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद बहुत से देश आजाद हुए। आप सभी लोग जहां भी है अपने दायित्वों का र्निहन करें। जो भी आपके पास अपनी किसी भी समस्या को लेकर आये उसकी सहायता कर समस्या का निस्तारण कराये। देश 1947 में आजाद होने के बाद बहुत पीछे था। पहले देश में कुछ नही बनता था। आज हमारे देश में आधुनिक हथियार, राकेट और भी बहुत कुछ बन रहा है। भारत आज विश्व की चौथी बड़ी अर्थव्यवस्था है। आने वाली पीढ़ी एवं बच्चों को वीर सपूतो की कुर्बानियों के बारे में बताये कि कैसे हम लोग आजाद हुए। हम लोग विकसित भारत का सपना देख रहे है सभ्ज्ञी लोग मिलकर कार्य कर देश को विकसित बनाने में सहयोग करे। समाज के अन्तिम व्यक्ति तक हमे पहुॅचना है। प्रत्येक परिवार सम्पन्न होगा तभी देश विकसित होगा। हम सभी लोगो ने मिलकर सभी चुनौतियों का सामना किया है। आगे भी कोई चुनौती आयेगी तो उसका सामना मिलकर करेंगे। सभी को पुनः स्वतंत्रता दिवस की बधाई दिया।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी (वि0/रा0) गौरव श्रीवास्तव ने जिलाधिकारी एवं उपस्थित सभी लोगो को 80वें स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दिया। सभी ज्ञात एवं अज्ञात वीर शहीदों को श्रद्धा सुमन अर्पित किया। स्वतंत्रता आन्दोलन में सभी का योगदान रहा है। हमारे देश के वीर सपूतो के त्याग और बलिदान से हमको आजादी मिली। अपर जिलाधिकारी (वि0/रा0) ने कहा कि उन्होंने अपने प्रयासों से देश को आजाद कराया। देश ने बहुत विकास किया है। पूरे जिले की जनता जिलाधिकारी से अपेक्षा रखती है। सभी लोग अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा के साथ करें। जिले के विकास में अपना सहयोग करें। आदर्शाे और मूल्यों को सहेजे और आगे बढ़े।
अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) ज्ञान प्रकाश ने सभी को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दिया। उन्होंने कहा कि पहले हम लोग ऐसे नही थे। आज हमारी पहचान हिन्दुस्तानी के रूप में है। 15 अगस्त 1947 को हमारा देश आजाद हुआ। बहुत से स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने अपने जीवन का बलिदान देकर देश को आजद कराया। 1947 से 2026 तक देश विकास के पथ पर निरन्तर बढ़ रहा है। सभी लोग देश के विकास में अपना योगदान दे।
इस अवसर पर ज्येष्ठ अभियोजन अधिकारी, वरिष्ठ अधिवक्ता सत्यदेव सिंह, जय शंकर प्रसाद मिश्र, राणा प्रताप सिंह द्वारा अपने विचार प्रस्तुत किया गया।जिलाधिकारी श्री शिवशरणप्पा जीएन द्वारा स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आश्रितो को अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया गया।
गोष्ठी का संचालन प्रेमसागर चौधरी द्वारा किया गया।
स्वतन्त्रता दिवस आयोजन के इस अवसर पर ध्वजारोहण विकास भवन में- मुख्य विकास अधिकारी श्री बलराम सिंह, जनपद न्यायालय-मा0 जनपद न्यायाधीश, पुलिस लाइन-पुलिस अधीक्षक, सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, कपिलवस्तु में-कुलपति, स्वशासी राजकीय मेडिकल कालेज सिद्धार्थनगर में प्राचार्य, मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय- मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जिला सयुंक्त चिकित्सालय- मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय, जिला कारागार में-अधीक्षक जिला कारागार, डी0एफ0ओ0 कार्यालय-डीएफओ, समस्त तहसीलों में-उपजिलाधिकारी, विकास खण्डों में-खण्ड विकास अधिकारी, नगर पालिका व नगर पंचायतों में मा0 अध्यक्ष द्वारा ध्वजारोहण किया गया। जनपद की समस्त शिक्षण संस्थानों/समस्त कार्यालयों में ध्वजारोहण किया गया।
भीषण आग के बीच पुलिस का साहसिक रेस्क्यू, आठ लोगों को सुरक्षित निकाला

बांसी के सर्राफा बाजार में मची अफरा-तफरी, संकरी गली बनी चुनौती

दो गैस सिलेंडरों में हुआ विस्फोट, लकड़ी की छत भी क्षतिग्रस्त—फायर सर्विस और पुलिस ने संभाला मोर्चा
सिद्धार्थनगर के बांसी कोतवाली क्षेत्र के सीएस मोहल्ला/सर्राफा बाजार में स्वतंत्रता दिवस के दिन एक भवन के निचले तल पर भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही बांसी पुलिस और फायर सर्विस टीम मौके पर पहुंची। आग की विकराल स्थिति और संकरे रास्ते के बीच पुलिसकर्मियों ने जोखिम उठाकर भवन में फंसे आठ लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। इनमें एक व्यक्ति पक्षाघात से पीड़ित बताया गया, जिसे विशेष प्रयास कर बाहर निकालने के बाद उपचार के लिए बांसी अस्पताल भेजा गया।

पूरी खबर
बांसी, सिद्धार्थनगर। स्वतंत्रता दिवस के दिन बांसी नगर में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब थाना कोतवाली बांसी क्षेत्र के सर्राफा बाजार स्थित एक भवन के निचले तल में अचानक भीषण आग लग गई। आग की सूचना मिलते ही बांसी पुलिस ने बिना समय गंवाए मोर्चा संभाला और फायर सर्विस टीम को भी सूचना दी।
सूचना मिलते ही प्रभारी निरीक्षक बांसी मृत्युंजय पाठक पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। वहीं राहत एवं बचाव कार्य के लिए अपर पुलिस अधीक्षक प्रशान्त कुमार प्रसाद, क्षेत्राधिकारी सदर विश्वजीत सौरयान (IPS) और क्षेत्राधिकारी बांसी शुबेन्दु सिंह भी मौके पर पहुंचे और बचाव अभियान की निगरानी की।
संकरी गली बनी चुनौती, फिर भी नहीं रुका रेस्क्यू
घटनास्थल का रास्ता संकरा होने के कारण बड़ी फायर सर्विस गाड़ी को माधव मेला ग्राउंड में खड़ा करना पड़ा, जबकि छोटी फायर सर्विस गाड़ी को घटनास्थल के नजदीक ले जाकर आग बुझाने की कार्रवाई शुरू की गई।
इसी दौरान आग की तीव्रता के बीच भवन में रखे दो गैस सिलेंडरों में विस्फोट हुआ और लकड़ी की छत भी क्षतिग्रस्त हो गई। स्थिति बेहद जोखिमपूर्ण होने के बावजूद पुलिसकर्मियों ने बचाव अभियान जारी रखा।
पुलिस के अनुसार, भवन के अंदर फंसे कुल आठ लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इनमें एक व्यक्ति पक्षाघात/फालिज से पीड़ित बताया गया, जिसे विशेष प्रयास कर सुरक्षित बाहर निकालने के बाद तत्काल उपचार के लिए बांसी अस्पताल भेजा गया।
आग पर पाया गया काबू, टली संभावित बड़ी जनहानि
पुलिस और फायर सर्विस की संयुक्त कार्रवाई के बाद आग को नियंत्रित किया गया और उसे आसपास के क्षेत्र में फैलने से रोकने का प्रयास सफल रहा। संकरी जगह, आग की तीव्रता और सिलेंडर विस्फोट जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना राहत एवं बचाव अभियान का सबसे महत्वपूर्ण पहलू रहा।
पुलिस की ओर से जारी प्रेस नोट के अनुसार, त्वरित कार्रवाई, साहस और मानवीय संवेदनशीलता के साथ किए गए रेस्क्यू से संभावित बड़ी जनहानि को समय रहते टाला जा सका।
सारांश
आग लगने की सूचना से लेकर लोगों के सुरक्षित रेस्क्यू और आग पर नियंत्रण तक बांसी पुलिस तथा फायर सर्विस की टीम ने तत्काल कार्रवाई की। आठ लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जाना इस पूरे घटनाक्रम का सबसे अहम पक्ष रहा।
संपादकीय टिप्पणी
आग जैसी आपदा में शुरुआती कुछ मिनट बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। ऐसे समय पर सूचना मिलने के बाद त्वरित पुलिस और अग्निशमन कार्रवाई लोगों की सुरक्षा में निर्णायक भूमिका निभा सकती है। बांसी की घटना में भी संकरी गली, आग की तीव्रता और सिलेंडर विस्फोट जैसी मुश्किल परिस्थितियां सामने आईं।
प्रेस नोट में पुलिस की ओर से बताए गए घटनाक्रम के अनुसार, पुलिसकर्मियों ने जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में भवन के भीतर प्रवेश कर फंसे लोगों को बाहर निकाला, जिसमें एक बीमार व्यक्ति को सुरक्षित निकालना विशेष चुनौती थी। इस कार्रवाई में पुलिस और फायर सर्विस के बीच समन्वय भी महत्वपूर्ण रहा।
ऐसी घटनाएं यह संदेश देती हैं कि आपदा के समय घबराहट के बजाय त्वरित सूचना, समन्वित बचाव और प्रशिक्षित प्रतिक्रिया बेहद जरूरी है। साथ ही आम लोगों से भी अपील है कि आग लगने की स्थिति में भीड़ लगाने के बजाय बचाव दल को रास्ता दें और तत्काल संबंधित आपात सेवा को सूचना दें।
बांसी की इस घटना में सबसे बड़ी राहत यही रही कि आग की भयावह स्थिति के बावजूद आठ लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया और संभावित जनहानि को टालने में सफलता मिली।
मदरसा अबू उबैदा में देशभक्ति का रंग, तिरंगा लेकर बच्चों ने निकाली प्रभात फेरी
मधुबनी में स्वतंत्रता दिवस पर दिखा राष्ट्रप्रेम का सुंदर दृश्य

हाथों में तिरंगा, जुबां पर भारत माता की जय—बच्चों के जयघोष से गूंज उठा वातावरण
सिद्धार्थनगर के मधुबनी स्थित मदरसा अबू उबैदा में स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रभक्ति और उत्साह से सराबोर कार्यक्रम आयोजित किया गया। विद्यालय के बच्चों और शिक्षकों ने हाथों में तिरंगा लेकर प्रभात फेरी निकाली। भारत माता की जय और देशभक्ति के नारों से वातावरण गूंज उठा। प्रभात फेरी के बाद विद्यालय परिसर में ध्वजारोहण कर तिरंगे को सलामी दी गई तथा अमर शहीदों को श्रद्धापूर्वक याद किया गया।

पूरी खबर
मधुबनी, सिद्धार्थनगर। आजादी के पर्व 15 अगस्त पर मदरसा अबू उबैदा, मधुबनी में सुबह से ही देशभक्ति का उत्साह देखने को मिला। विद्यालय के बच्चों, शिक्षकों और प्रबंधन ने स्वतंत्रता दिवस को पूरे उत्साह और गरिमा के साथ मनाया।
कार्यक्रम की शुरुआत बच्चों द्वारा निकाली गई तिरंगा प्रभात फेरी से हुई। बच्चे हाथों में राष्ट्रीय ध्वज लेकर विद्यालय से निकले और अपने गांव-कस्बे के रास्तों से होते हुए देशभक्ति के नारों के साथ आगे बढ़े। भारत माता की जय के जयघोष से पूरा वातावरण राष्ट्रभक्ति के रंग में रंगा नजर आया। बच्चों के साथ शिक्षक भी कदम से कदम मिलाकर चलते दिखाई दिए।
प्रभात फेरी के दौरान बच्चों में गजब का उत्साह और उमंग दिखाई दी। हाथों में लहराता तिरंगा और देशभक्ति के बुलंद नारों ने लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। यह दृश्य बच्चों में राष्ट्रप्रेम और राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान की भावना को दर्शाता नजर आया।
प्रभात फेरी विद्यालय परिसर में पहुंचने के बाद ध्वजारोहण कार्यक्रम आयोजित किया गया। विद्यालय प्रबंधन और पूरे विद्यालय परिवार की मौजूदगी में तिरंगा फहराया गया तथा राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी गई। इसके बाद देशभक्ति गीत प्रस्तुत किए गए और देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले अमर शहीदों को श्रद्धापूर्वक याद किया गया।
कार्यक्रम के बाद बच्चों के बीच मिठाइयां वितरित की गईं। मिठाई पाकर बच्चों के चेहरे खुशी से खिल उठे। पूरे आयोजन में बच्चों के उत्साह के साथ-साथ शिक्षकों और विद्यालय प्रबंधन की सक्रिय सहभागिता देखने को मिली।
कार्यक्रम में विद्यालय प्रबंधक अमजद अली, ग्राम प्रधान मधुबनी एवं प्रधान संघ महासचिव, प्रधानाचार्य फिरोज आलम, अध्यापक मोहम्मद खुर्शीद, विजय कुमार, अम्रुल्लाह, इरशाद, मोनी रावत और कुमारी पूजा सहित विद्यालय परिवार के लोग मौजूद रहे।
इसके अलावा वाजुद्दीन, अल्ताफ, मोहिउद्दीन, बरकत अली, रामसेवक, अलाउद्दीन, मुन्ना, गयासुद्दीन, मुस्ताक, राजेंद्र प्रसाद, सर्कुलर और मोहम्मद अयूब सहित अन्य लोग भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
सारांश
मदरसा अबू उबैदा का स्वतंत्रता दिवस समारोह केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि बच्चों में राष्ट्रप्रेम, राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान और देश के प्रति जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करने का सुंदर प्रयास नजर आया।
संपादकीय टिप्पणी
तिरंगा केवल एक ध्वज नहीं, बल्कि देश की एकता, स्वतंत्रता और गौरव का प्रतीक है। जब बच्चों के हाथों में तिरंगा होता है और उनकी आवाज में भारत माता के जयघोष की गूंज सुनाई देती है, तो यह आने वाली पीढ़ी में देश के प्रति सम्मान और जिम्मेदारी की उम्मीद जगाता है।
मदरसा अबू उबैदा में आयोजित यह कार्यक्रम इस दृष्टि से सराहनीय रहा कि बच्चों को स्वतंत्रता दिवस के महत्व से जोड़ते हुए उन्हें राष्ट्रध्वज के सम्मान, स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान और राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया गया। ऐसे आयोजन बच्चों के भीतर देश के प्रति प्रेम और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
तिरंगा ऊंचा रहे, देश का मान बढ़ता रहे—यही इस आयोजन का सबसे सुंदर संदेश रहा।
तिरंगे के साथ गूंजा भारत माता का जयघोष
कृमि मुक्ति अभियान में जल्द एक्सपायर होने वाली दवा की सप्लाई पर सवाल
अगस्त में वितरण, सितंबर में एक्सपायरी—अभिभावकों ने उठाई व्यवस्था की पारदर्शिता और दूरदर्शिता पर चिंता
उसका बाजार, सिद्धार्थनगर। राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के तहत बच्चों को एल्बेंडाजोल की दवा खिलाए जाने के बीच दवा की एक्सपायरी डेट को लेकर अभिभावकों में चिंता सामने आई है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र उसका बाजार की ओर से बीआरसी के माध्यम से विद्यालयों को उपलब्ध कराई गई कुछ एल्बेंडाजोल 400 एमजी टैबलेट के पैकेट पर सितंबर 2026 की एक्सपायरी अंकित है। ऐसे में अगस्त में अभियान के दौरान दवा की उपलब्धता और उसके बाद बची दवाओं के इस्तेमाल को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
| क्या है मामला?
बच्चों को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति अभियान के तहत एल्बेंडाजोल 400 एमजी की टैबलेट दी गई।
उपलब्ध कराई गई दवा के पैकेट पर EXPIRY DATE: SEP 26 अंकित है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जल्द एक्सपायर होने वाले स्टॉक की पहले आपूर्ति करना विभागीय प्रक्रिया के अनुरूप है।
बीईओ उसका के मुताबिक दवा की कम वैधता अवधि के संबंध में सीएचसी अधीक्षक को समय से जानकारी दी गई थी।
अभिभावकों की मांग है कि भविष्य में बच्चों के लिए दवाओं की आपूर्ति में पर्याप्त वैधता अवधि सुनिश्चित की जाए।
अभिभावकों की चिंता क्यों?
अभिभावकों का कहना है कि बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़े अभियान में ऐसी दवा उपलब्ध कराई जानी चाहिए जिसकी वैधता अवधि पर्याप्त हो। यदि किसी कारण से कोई बच्चा निर्धारित तिथि पर दवा नहीं ले पाता या अभियान में प्रशासनिक कारणों से देरी होती है, तो कम अवधि वाली दवा के इस्तेमाल की गुंजाइश काफी सीमित हो जाती है।
हालांकि, सिर्फ सितंबर 2026 की एक्सपायरी होने के आधार पर यह कहना उचित नहीं होगा कि अगस्त में दवा असुरक्षित थी। दवा की वैधता निर्माता द्वारा निर्धारित एक्सपायरी तिथि तक रहती है, बशर्ते उसका भंडारण निर्धारित शर्तों के अनुसार हुआ हो और पैकेट सही स्थिति में हो।
विभाग का पक्ष
बीईओ उसका अशोक कुमार सिंह के अनुसार, सीएचसी उसका द्वारा बीआरसी पर दवा उपलब्ध कराई गई थी और दवा की एक्सपायरी डेट करीब होने के संबंध में सीएचसी अधीक्षक को समय से जानकारी दे दी गई थी।
वहीं, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एसके पटेल का कहना है कि विभागीय नियम के अनुसार स्टॉक में उपलब्ध जल्द एक्सपायर होने वाली दवाओं की आपूर्ति पहले की गई। उनके मुताबिक सितंबर में एक्सपायर होने वाली दवा का वर्तमान समय में निर्धारित उपयोग के अनुसार सेवन सुरक्षित है।
LIST | व्यवस्था से जुड़े बड़े सवाल
पहला सवाल यह है कि बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़े अभियान के लिए दवाओं की आपूर्ति करते समय पर्याप्त वैधता अवधि वाले स्टॉक को प्राथमिकता देने की व्यवस्था कितनी प्रभावी है?
पहला सवाल यह है कि बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़े अभियान के लिए दवाओं की आपूर्ति करते समय पर्याप्त वैधता अवधि वाले स्टॉक को प्राथमिकता देने की व्यवस्था कितनी प्रभावी है?
दूसरा सवाल यह कि यदि अभियान किसी प्राकृतिक आपदा, अवकाश या प्रशासनिक कारण से आगे खिसक जाता, तो कम अवधि वाली दवाओं का क्या होता?
तीसरा सवाल यह कि भविष्य में ऐसी स्थिति न बने, इसके लिए स्वास्थ्य विभाग और शिक्षा विभाग के स्तर पर क्या अतिरिक्त व्यवस्था की जाएगी?
इन सवालों का जवाब किसी व्यक्ति विशेष पर आरोप लगाने से नहीं, बल्कि स्टॉक प्रबंधन और आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा से सामने आ सकता है।
सारांश
मामला दवा के तत्काल असुरक्षित होने का नहीं, बल्कि दवा की आपूर्ति, स्टॉक प्रबंधन और पर्याप्त वैधता अवधि सुनिश्चित करने की व्यवस्था का है। स्वास्थ्य विभाग ने दवा को निर्धारित वैधता के भीतर सुरक्षित बताया है, जबकि अभिभावक चाहते हैं कि भविष्य में बच्चों को दी जाने वाली दवाओं की आपूर्ति पर्याप्त मार्जिन के साथ की जाए।
सामाजिक टिप्पणी | बच्चों की दवा में सावधानी सबसे जरूरी
बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़ी किसी भी सरकारी योजना का उद्देश्य केवल लक्ष्य पूरा करना नहीं, बल्कि सुरक्षित और भरोसेमंद स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराना होना चाहिए। यहां किसी अधिकारी या कर्मचारी को दोषी ठहराने से पहले विभागीय प्रक्रिया और उपलब्ध रिकॉर्ड की निष्पक्ष समीक्षा जरूरी है।
साथ ही, अभिभावकों की चिंता को भी नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। स्वास्थ्य विभाग यदि भविष्य की आपूर्ति में पर्याप्त वैधता अवधि वाले स्टॉक को प्राथमिकता देता है और स्कूलों को दवा की एक्सपायरी, भंडारण तथा सेवन संबंधी स्पष्ट दिशा-निर्देश देता है, तो ऐसी आशंकाओं को काफी हद तक दूर किया जा सकता है।
बच्चों की सेहत से जुड़ी दवा में छोटी-सी सावधानी भी बड़ी जिम्मेदारी है।
FT NEWS DIGITAL | जागरूकता के साथ जिम्मेदार पत्रकारिता
विभाजन की विभीषिका का दर्द याद, सिद्धार्थनगर से गूंजा एकता का संदेश

इतिहास का वह दर्द, जिसे भुलाया नहीं जा सकता

विभाजन सिर्फ सरहदों का बंटवारा नहीं था, वह लाखों परिवारों के घर, रिश्ते और यादों के बिखरने की त्रासदी भी था। इसी पीड़ादायक इतिहास को स्मरण करते हुए सिद्धार्थनगर के डॉ. भीमराव आंबेडकर सभागार में ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विभाजन के दौरान जान गंवाने वाले नागरिकों और विस्थापन की पीड़ा झेलने वाले परिवारों को श्रद्धापूर्वक याद किया गया। साथ ही इतिहास की त्रासदी से सीख लेते हुए राष्ट्रीय एकता, अखंडता और सामाजिक समरसता को मजबूत बनाने का संदेश दिया गया।

स्मृति दिवस का संदेश
अतीत की पीड़ा को याद करना केवल श्रद्धांजलि नहीं, आने वाली पीढ़ियों के लिए चेतावनी और सीख भी है।
कार्यक्रम में इस बात पर जोर रहा कि समाज को इतिहास के कठिन दौर से सीख लेकर आपसी विश्वास, भाईचारे और राष्ट्रीय एकता को और मजबूत करना चाहिए।

सभागार में दिखी गंभीरता और सहभागिता
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों और बड़ी संख्या में उपस्थित नागरिकों ने भाग लिया। सभागार में विभाजन से जुड़े ऐतिहासिक प्रसंगों और पीड़ितों की स्मृतियों को प्रदर्शित करने वाली सामग्री भी लोगों का ध्यान आकर्षित करती रही।
सिद्धार्थनगर में इतिहास के दर्दनाक अध्याय को किया गया स्मरण
सिद्धार्थनगर। संस्कृति विभाग, उत्तर प्रदेश शासन के तत्वावधान में 14 अगस्त को डॉ. भीमराव आंबेडकर सभागार में ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ कार्यक्रम आयोजित हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सांसद जगदम्बिका पाल सहित जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और गणमान्य नागरिकों ने सहभागिता की।
कार्यक्रम के दौरान विभाजन के दौर की उन पीड़ादायक घटनाओं को स्मरण किया गया, जिनका असर केवल उस समय तक सीमित नहीं रहा, बल्कि विस्थापित परिवारों की स्मृतियों और आने वाली पीढ़ियों तक भी पहुंचा। अपने घर-परिवार और अपनी जड़ों से बिछड़ने वाले लोगों के संघर्ष और पीड़ा को श्रद्धा के साथ याद किया गया।
कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने विभाजन के दौरान अपने प्राण गंवाने वाले असंख्य नागरिकों के प्रति श्रद्धांजलि व्यक्त की। सभागार में लगाए गए ऐतिहासिक चित्रों और सामग्री के माध्यम से भी उस दौर की परिस्थितियों को समझने का प्रयास किया गया।
जब इतिहास बोलता है, तो वर्तमान को रास्ता दिखाता है
विभाजन की त्रासदी को याद करने का सबसे महत्वपूर्ण पक्ष यही है कि इतिहास को केवल स्मृति बनाकर न छोड़ा जाए। उससे ऐसी सीख ली जाए, जो समाज को विभाजनकारी परिस्थितियों से दूर रखते हुए एकता और भाईचारे की ओर ले जाए।
कार्यक्रम में इसी भावना के साथ राष्ट्रीय एकता, अखंडता, सामाजिक समरसता और आपसी सौहार्द को मजबूत करने का संदेश दिया गया।
टिप्पणी | दर्द को राजनीति नहीं, सीख में बदलना होगा
इतिहास के पन्नों में दर्ज विभाजन का अध्याय आज भी मानवीय पीड़ा की गहरी कहानी कहता है। लाखों लोगों के विस्थापन और असंख्य परिवारों के बिछड़ने की स्मृतियां यह सवाल छोड़ती हैं कि आखिर समाज को ऐसी परिस्थितियों से क्या सीख लेनी चाहिए?
जवाब स्पष्ट है—नफरत से नहीं, एकता से भविष्य बनता है।
विभाजन की पीड़ा को याद करने की सार्थकता तभी है, जब समाज अतीत से सीख लेकर वर्तमान में आपसी विश्वास मजबूत करे और आने वाली पीढ़ियों के लिए ऐसा वातावरण तैयार करे, जहां विविधता के बीच एकता देश की सबसे बड़ी ताकत बनी रहे।
अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी
कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मौर्य, जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जी.एन., मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह, पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन, अपर जिलाधिकारी गौरव श्रीवास्तव सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं गणमान्यजन उपस्थित रहे।
कार्यक्रम ने यह संदेश देने का प्रयास किया कि इतिहास की पीड़ा को याद रखना जरूरी है, लेकिन उससे भी जरूरी है कि देश की एकता और सामाजिक सद्भाव को किसी भी परिस्थिति में कमजोर न होने दिया जाए।
विभाजन की विभीषिका में अपने प्राण गंवाने वाले सभी नागरिकों को विनम्र श्रद्धांजलि।
आकस्मिक निरीक्षण में गैरपंजीकृत अल्ट्रासाउंड सेंटर सील, स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई से मचा हड़कंप
बढ़या PHC के सामने संचालित सेंटर पर पहुंची टीम, अंदर मिली अल्ट्रासाउंड मशीनें; विभागीय जांच आगे बढ़ने के संकेत
सिद्धार्थनगर। स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी को लेकर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जिले में आकस्मिक निरीक्षण के दौरान एक अल्ट्रासाउंड सेंटर के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसे सील कर दिया। विभागीय जानकारी के अनुसार, संबंधित सेंटर बढ़या प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के सामने संचालित दीक्षा पैथोलॉजी पॉली क्लीनिक में चल रहा था।
कार्रवाई नोडल अधिकारी मानमेद्र पाल के नेतृत्व में की गई। स्वास्थ्य विभाग की टीम जब मौके पर पहुंची तो सेंटर बंद मिला। विभागीय टीम के अनुसार, सामने के शटर पर ताला लगा था और पीछे के रास्ते से संचालक के निकल जाने की जानकारी सामने आई। निरीक्षण के दौरान परिसर के अंदर अल्ट्रासाउंड मशीनें मौजूद मिलीं।
टीम ने मौके की स्थिति का निरीक्षण करने के बाद संबंधित अल्ट्रासाउंड सेंटर को सील कर दिया। कार्रवाई के दौरान सीएचसी अधीक्षक सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य कर्मचारी भी मौजूद रहे।
जांच के घेरे में पंजीकरण
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, आकस्मिक निरीक्षण में संबंधित अल्ट्रासाउंड सेंटर के पंजीकरण से जुड़ी स्थिति सामने आई, जिसके बाद विभाग ने सीलिंग की कार्रवाई की। हालांकि, मामले में किसी व्यक्ति या संस्था की अंतिम जिम्मेदारी अथवा दोष का निर्धारण सक्षम विभागीय जांच और नियमानुसार कार्रवाई के बाद ही किया जाना उचित होगा।
सवाल सिर्फ एक सेंटर का नहीं
स्वास्थ्य विभाग की यह कार्रवाई एक महत्वपूर्ण सवाल भी सामने लाती है—क्या जिले में संचालित सभी अल्ट्रासाउंड केंद्र निर्धारित नियमों और पंजीकरण व्यवस्था के अनुरूप चल रहे हैं?
एक सेंटर पर कार्रवाई के बाद अब जरूरत है कि स्वास्थ्य विभाग जिले के अन्य अल्ट्रासाउंड केंद्रों की भी पंजीकरण स्थिति, संचालन व्यवस्था और आवश्यक दस्तावेजों का नियमानुसार सत्यापन करे, ताकि नियमों से बाहर किसी भी गतिविधि की संभावना को समय रहते रोका जा सके।
जन-जागरूकता | मरीज भी रहें सतर्क
अल्ट्रासाउंड जैसी चिकित्सकीय जांच के लिए मरीजों और उनके परिजनों को भी जागरूक रहने की जरूरत है। किसी भी जांच केंद्र पर जाने से पहले यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि केंद्र मान्य पंजीकरण और निर्धारित नियमों के तहत संचालित हो रहा है या नहीं।
मरीजों को संदेह की स्थिति में संबंधित स्वास्थ्य विभाग से जानकारी लेनी चाहिए और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना सक्षम अधिकारियों तक पहुंचानी चाहिए। जागरूक नागरिक ही स्वास्थ्य व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
अधिकारियों के लिए अहम संदेश
बढ़या क्षेत्र में हुई कार्रवाई के बाद यह मामला केवल सीलिंग तक सीमित न रहे, बल्कि विभागीय स्तर पर नियमों के अनुसार आगे की जांच भी होनी चाहिए। यदि जांच में कोई अनियमितता प्रमाणित होती है तो संबंधित नियमों के तहत आगे की कार्रवाई की जानी चाहिए और यदि सब कुछ नियमानुसार पाया जाता है तो स्थिति भी स्पष्ट की जानी चाहिए।
साथ ही जिले में संचालित सभी संबंधित केंद्रों की समय-समय पर जांच और रिकॉर्ड का सत्यापन किया जाए, ताकि किसी भी स्तर पर मरीजों के स्वास्थ्य और कानूनन निर्धारित व्यवस्था के साथ समझौते की गुंजाइश न रहे।
सारांश
सिद्धार्थनगर में स्वास्थ्य विभाग की आकस्मिक कार्रवाई के दौरान बढ़या प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के सामने संचालित एक अल्ट्रासाउंड सेंटर को सील किया गया। विभागीय टीम के अनुसार, मौके पर अल्ट्रासाउंड मशीनें मिलीं और सेंटर के पंजीकरण से संबंधित स्थिति को लेकर कार्रवाई की गई। अब मामले में आगे की विभागीय प्रक्रिया और जांच महत्वपूर्ण होगी।
FT News Digital की टिप्पणी | कार्रवाई के साथ व्यवस्था भी मजबूत हो
स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ा कोई भी मामला सीधे आम आदमी की जिंदगी और भरोसे से जुड़ा होता है। इसलिए केवल एक केंद्र पर कार्रवाई कर देना पर्याप्त नहीं माना जाना चाहिए। जरूरत इस बात की है कि नियमों का पालन कराने के लिए नियमित निगरानी व्यवस्था और प्रभावी सत्यापन भी सुनिश्चित हो।
FT News Digital किसी व्यक्ति, संचालक अथवा संस्था को दोषी घोषित नहीं करता। दोष या जिम्मेदारी का निर्धारण सक्षम प्राधिकारी की जांच और विधिक प्रक्रिया से ही होगा। हमारा उद्देश्य स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई और उससे जुड़े जनहित के सवाल को सामने रखना है।
हम संबंधित अधिकारियों से अपेक्षा करते हैं कि मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करें और यदि कोई अनियमितता प्रमाणित होती है तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई करें। साथ ही आम जनता को भी सुरक्षित और वैध स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति जागरूक किया जाए।
क्योंकि स्वास्थ्य के मामले में लापरवाही की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए—न मरीज के स्तर पर, न व्यवस्था के स्तर पर।
FT News Digital — जनहित की खबर, जिम्मेदारी के साथ।
खलीलाबाद-बहराइच नई रेल लाइन के लिए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया तेज
सिद्धार्थ नगर
बांसी तहसील के 10 गांवों के प्रभावित भू-स्वामियों को 21 दिन में दावा-आपत्ति का मौका
सिद्धार्थनगर, 14 अगस्त 2026।
खलीलाबाद-बहराइच नई रेलवे लाइन परियोजना को लेकर सिद्धार्थनगर जिले में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ गई है। पूर्वोत्तर रेलवे गोरखपुर के उपमुख्य इंजीनियर निर्माण/सामान्य की ओर से उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार, परियोजना के अंतर्गत जिले की बांसी तहसील के 10 गांवों की भूमि प्रभावित हो रही है।
भारत के राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना के अनुसार प्रभावित गांवों में अन्तरखुसवा, परसिया, बहेरवा, अकसरामाफी, मिठवल बुजुर्ग, सिसईकला, गिधौरा, सिसवा, पेडार और बाम्हनपुरवा शामिल हैं।
परियोजना के भू-अधिग्रहण प्रस्ताव के संबंध में रेलवे (संशोधन) अधिनियम, 2008 की धारा 20E के तहत अधिसूचना भारत के राजपत्र में 14 जुलाई 2026 को प्रकाशित की गई। इसके बाद स्थानीय स्तर पर अमर उजाला और द टाइम्स ऑफ इंडिया में भी 31 जुलाई 2026 को इसका प्रकाशन कराया गया।
प्रभावित भूस्वामियों के लिए जरूरी सूचना
जिन कृषकों/भूस्वामियों की भूमि प्रस्तावित रेलवे परियोजना से प्रभावित हो रही है, वे सार्वजनिक सूचना के प्रकाशन की तिथि से 21 दिनों के भीतर अपना दावा/आपत्ति प्रस्तुत कर सकते हैं।
दावा या आपत्ति कार्यालय सक्षम प्राधिकारी (भूमि अध्याप्ति), अपर जिलाधिकारी (वि./रा.), कलेक्ट्रेट सिद्धार्थनगर में व्यक्तिगत रूप से अथवा अधिकृत प्रतिनिधि/अधिवक्ता के माध्यम से प्रस्तुत की जा सकती है।
10 गांवों की भूमि प्रभावित
अन्तरखुसवा
परसिया
बहेरवा
अकसरामाफी
मिठवल बुजुर्ग
सिसईकला
गिधौरा
सिसवा
पेडार
बाम्हनपुरवा
सारांश
खलीलाबाद-बहराइच नई रेलवे लाइन परियोजना के लिए सिद्धार्थनगर की बांसी तहसील में प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण को लेकर अधिसूचना जारी हो चुकी है। परियोजना से जुड़े 10 गांवों के प्रभावित कृषकों एवं भूस्वामियों को दावा या आपत्ति दर्ज कराने का अवसर दिया गया है। संबंधित हितबद्ध व्यक्ति निर्धारित अवधि के भीतर सक्षम प्राधिकारी के समक्ष अपना पक्ष प्रस्तुत कर सकते हैं।
महत्वपूर्ण बात
यह सूचना प्रभावित भू-स्वामियों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। यदि किसी व्यक्ति की भूमि प्रस्तावित अधिग्रहण से प्रभावित हो रही है और उसे अपने अधिकार, मुआवजे अथवा भूमि से संबंधित कोई दावा या आपत्ति प्रस्तुत करनी है, तो उसे निर्धारित 21 दिनों की अवधि के भीतर सक्षम प्राधिकारी के समक्ष अपना पक्ष रखना चाहिए।
विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से यह जानकारी दी गई है।
पंचायत भवन पर ताला, ग्रामीणों की सुविधाओं पर सवाल
महुली में पंचायत भवन की स्थिति को लेकर FT News Digital ने उठाई जनहित की आवाज, जिम्मेदारों से जांच की मांग
शोहरतगढ़/सिद्धार्थनगर।
गांवों में पंचायत व्यवस्था को मजबूत करने और ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पंचायत भवनों की महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है। लेकिन विकासखंड शोहरतगढ़ की ग्राम पंचायत महुली से सामने आई तस्वीर ने पंचायत भवन के संचालन और आम लोगों की पहुंच को लेकर सवाल खड़े किए हैं।
तस्वीर में पंचायत भवन के मुख्य द्वार पर ताला लगा हुआ दिखाई दे रहा है। हालांकि, केवल एक तस्वीर के आधार पर यह निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा कि पंचायत भवन नियमित रूप से बंद रहता है या ग्रामीणों को किसी सुविधा से वंचित किया जा रहा है। वास्तविक स्थिति क्या है, यह संबंधित विभाग की जांच और मौके के सत्यापन से ही स्पष्ट हो सकती है।
इसीलिए FT News Digital इस मामले को किसी व्यक्ति विशेष पर आरोप लगाने के बजाय जनहित के एक सवाल के रूप में जिम्मेदार अधिकारियों के संज्ञान में ला रहा है।
जिम्मेदारों से सीधा सवाल
क्या ग्राम पंचायत महुली का पंचायत भवन निर्धारित समय और व्यवस्था के अनुसार संचालित हो रहा है?
यदि भवन का संचालन नियमित है तो ग्रामीणों को पंचायत भवन में उपलब्ध सेवाओं, कार्यालयीन समय और संबंधित कर्मचारियों की उपस्थिति की स्पष्ट जानकारी मिलनी चाहिए। यदि किसी कारण से भवन बंद है तो उसके कारण और वैकल्पिक व्यवस्था के बारे में भी ग्रामीणों को अवगत कराया जाना चाहिए।
मामला जांच का है, आरोप का नहीं
पंचायत भवन ग्रामीणों और पंचायत से जुड़े कार्यों के लिए महत्वपूर्ण स्थान होता है। ऐसे में यदि ग्रामीणों को पंचायत संबंधी कार्यों के लिए अनावश्यक रूप से इधर-उधर जाना पड़ रहा हो, तो यह निश्चित रूप से विचारणीय विषय है।
लेकिन FT News Digital यह स्पष्ट करता है कि बिना आधिकारिक जांच किसी व्यक्ति, ग्राम प्रधान, सचिव अथवा किसी अन्य जिम्मेदार पर लापरवाही का आरोप लगाना उचित नहीं है।
इसलिए संबंधित अधिकारी मौके का निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति की जानकारी लें और यह स्पष्ट करें कि पंचायत भवन का संचालन किस व्यवस्था के तहत हो रहा है।
सारांश
ग्राम पंचायत महुली के पंचायत भवन की तस्वीर सामने आने के बाद भवन के संचालन और ग्रामीणों की पहुंच को लेकर सवाल उठे हैं। तस्वीर में मुख्य द्वार पर ताला दिखाई दे रहा है। अब जरूरत है कि संबंधित विभाग मामले का स्थलीय सत्यापन कर वस्तुस्थिति स्पष्ट करे।
यदि भवन निर्धारित व्यवस्था के अनुसार संचालित पाया जाता है तो स्थिति स्पष्ट की जाए और यदि कोई व्यावहारिक समस्या सामने आती है तो उसका समाधान कराया जाए, ताकि ग्रामीणों को पंचायत से जुड़े कार्यों के लिए परेशानी न उठानी पड़े।
FT News Digital की टिप्पणी
पंचायत भवन सिर्फ एक इमारत नहीं, ग्रामीणों की स्थानीय व्यवस्था का महत्वपूर्ण केंद्र है।
जनता के लिए बनाई गई व्यवस्था जनता तक आसानी से पहुंचे—यही किसी भी सरकारी व्यवस्था की सार्थकता है। इसलिए किसी पर आरोप लगाना हमारा उद्देश्य नहीं है। हमारा उद्देश्य केवल इतना है कि जिस व्यवस्था पर ग्रामीणों का अधिकार और भरोसा है, उसकी वास्तविक स्थिति जिम्मेदार अधिकारी स्वयं जांचें।
FT News Digital संबंधित प्रशासन एवं पंचायत विभाग से आग्रह करता है कि ग्राम पंचायत महुली के पंचायत भवन का मौके पर निरीक्षण कर संचालन की स्थिति स्पष्ट की जाए और यदि किसी प्रकार की कमी या समस्या सामने आती है तो नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई एवं सुधार सुनिश्चित कराया जाए।
जनता सवाल पूछे, जिम्मेदार जवाब दें और व्यवस्था बेहतर हो—यही जनहित की पत्रकारिता का उद्देश्य है।
FT News Digital — सच और… कुछ नहीं।
कोर्ट के आदेश के बाद खुला मामला, नाबालिग से दुष्कर्म के आरोप में दो पर FIR
मिश्रौलिया, सिद्धार्थनगर। मिश्रौलिया थाना क्षेत्र के एक गांव से सामने आया नाबालिग से दुष्कर्म के आरोप का मामला अब पुलिस की जांच के घेरे में है। मामले में न्यायालय के सख्त रुख के बाद बुधवार रात पुलिस ने दो नामजद आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी।
परिजनों की ओर से लगाए गए आरोपों के मुताबिक, घटना को लेकर पुलिस से कार्रवाई की मांग की गई थी। जब मामला आगे नहीं बढ़ा तो पीड़ित पक्ष ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। न्यायालय के आदेश के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज करते हुए मामले की जांच शुरू की है।
मामला गंभीर इसलिए भी है क्योंकि आरोप नाबालिग से जुड़ा है। पुलिस अब शिकायत में लगाए गए आरोपों, घटनाक्रम और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर रही है। विवेचना के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस हरकत में
न्यायालय के आदेश के बाद FIR दर्ज होने से मामले में पुलिस जांच का रास्ता साफ हुआ है। अब जांच में यह स्पष्ट होना है कि शिकायत में लगाए गए आरोपों के पीछे वास्तविक घटनाक्रम क्या रहा और उपलब्ध साक्ष्य क्या कहते हैं।
पुलिस की जांच पूरी होने से पहले किसी आरोपी को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा। आरोपों की पुष्टि अथवा खंडन जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगा।
नाबालिग की पहचान पूरी तरह गोपनीय
नाबालिग पीड़िता की पहचान की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उसके नाम, गांव की ऐसी जानकारी जिससे पहचान उजागर हो, फोटो अथवा अन्य व्यक्तिगत विवरण प्रकाशित नहीं किए जा रहे हैं।
FT News Digital की जिम्मेदार पत्रकारिता का उद्देश्य आरोपों को सनसनी बनाना नहीं, बल्कि न्यायालय के आदेश के बाद हुई पुलिस कार्रवाई और मामले की वास्तविक स्थिति को तथ्यपरक तरीके से सामने रखना है।
बारिश की बूंदों के बीच गूंजा भारत माता का जयघोष, तिरंगे के रंग में रंगा सिद्धार्थनगर

सिद्धार्थनगर। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रप्रेम, एकता और अखंडता का संदेश लेकर सिद्धार्थनगर जिला मुख्यालय पर निकली भव्य तिरंगा यात्रा ने माहौल को देशभक्ति से सराबोर कर दिया। खास बात यह रही कि बारिश भी राष्ट्रभक्ति के जज्बे को नहीं रोक सकी। बरसात के बीच लोग भीगते हुए हाथों में तिरंगा लेकर यात्रा में शामिल रहे और गगनभेदी देशभक्ति के नारों से पूरा मार्ग गूंजता रहा।

नगर पालिका परिषद सिद्धार्थनगर क्षेत्र में हाइडिल तिराहा से शुरू हुई तिरंगा यात्रा भारत माता चौक तक पहुंची। यात्रा के दौरान भारत माता के जयकारों, राष्ट्रभक्ति के नारों और हाथों में लहराते तिरंगों ने पूरे जिला मुख्यालय को देशभक्ति के रंग में रंग दिया।

यात्रा का आयोजन भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मौर्या की अध्यक्षता में हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारु चौधरी मौजूद रहीं। वहीं सदर विधायक श्यामधनी राही, नगरपालिका अध्यक्ष गोविंद माधव सहित भाजपा पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं, युवाओं, मातृशक्ति और बड़ी संख्या में आम नागरिकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
बारिश आई, लेकिन कदम नहीं रुके
तिरंगा यात्रा के दौरान मौसम ने भी परीक्षा ली। बारिश के बीच भी लोगों का उत्साह कम नहीं हुआ। हाथों में तिरंगा थामे लोग लगातार आगे बढ़ते रहे और भारत माता की जय तथा वंदे मातरम् के गगनभेदी जयकारों से वातावरण को राष्ट्रभक्ति से भर दिया।
बारिश में भीगते हुए यात्रा में शामिल लोगों का उत्साह यह संदेश देता नजर आया कि राष्ट्रप्रेम किसी मौसम का मोहताज नहीं होता।
भारत माता चौक पर हुआ समापन
हाइडिल तिराहा से शुरू हुई यात्रा निर्धारित मार्ग से होते हुए भारत माता चौक पहुंची। यहां भारत माता की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। इसके बाद उपस्थित लोगों ने एक स्वर में जयकारे लगाते हुए देश की एकता, अखंडता और गौरव को मजबूत करने का संकल्प दोहराया।
‘हर घर तिरंगा, हर दिल तिरंगा’ का संदेश
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि तिरंगा केवल एक ध्वज नहीं, बल्कि देश की आन, बान और शान का प्रतीक है। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर निकाली गई यह यात्रा लोगों में राष्ट्रप्रेम और राष्ट्रीय एकता की भावना को और मजबूत करने का माध्यम बनी।
वक्ताओं ने नागरिकों से ‘हर घर तिरंगा, हर दिल तिरंगा’ के संकल्प को मजबूत करने और देश की एकता, अखंडता तथा गौरव के लिए अपनी जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में रामकुमार कुंवर, राजेंद्र पांडे, विजयकांत चतुर्वेदी, आशीष शुक्ला, फतेह बहादुर सिंह, डॉ. सीमा मिश्रा, पवन मिश्रा, फूलचंद जायसवाल, अभिषेक पाल, सत्यप्रकाश राही, सिद्धार्थ चौधरी सहित जिले के अन्य पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी मौजूद रहे।
विशेष टिप्पणी
बारिश की बूंदों के बीच तिरंगे को थामे आगे बढ़ते कदम इस यात्रा की सबसे खास तस्वीर रहे। मौसम ने लोगों को रोकने की कोशिश जरूर की, लेकिन देशभक्ति के जज्बे के सामने बारिश भी फीकी नजर आई। भारत माता चौक पर माल्यार्पण और गगनभेदी जयकारों के साथ यात्रा का समापन हुआ।
| यात्रा की खास बातें
हाइडिल तिराहा से शुरुआत → बारिश के बीच तिरंगा यात्रा → भारत माता के जयकारों से गूंजा जिला मुख्यालय → भारत माता चौक पर माल्यार्पण → गगनभेदी नारों के साथ यात्रा का समापन
एक सेंटर मिला तो पूरे जिले की जांच क्यों नहीं?
सिद्धार्थनगर में अल्ट्रासाउंड सेंटरों की निगरानी पर बड़ा सवाल, कार्रवाई के बावजूद दोबारा संचालन की शिकायत ने बढ़ाई चिंता
सिद्धार्थनगर। जनपद में अल्ट्रासाउंड सेंटरों के संचालन और उनकी निगरानी व्यवस्था को लेकर एक बार फिर बड़ा सवाल सामने आया है। खुनियांव ब्लॉक के बढ़या चौराहे पर नोडल अधिकारी के आकस्मिक निरीक्षण में एक अल्ट्रासाउंड सेंटर के बिना पंजीकरण संचालित पाए जाने की जानकारी सामने आने के बाद अब सवाल केवल एक सेंटर तक सीमित नहीं रह गया है।
जानकारी के अनुसार सिद्धार्थ पैथालॉजी एंड दीक्षा पाली क्लिनिक में निरीक्षण के दौरान अल्ट्रासाउंड संबंधी गतिविधियां संचालित मिलीं। उपलब्ध जानकारी में यह भी बताया गया है कि संबंधित संस्थान के विरुद्ध पूर्व में सीलिंग और मुकदमे जैसी कार्रवाई की जा चुकी है। इसके बावजूद दोबारा संचालन की स्थिति सामने आने की बात कही जा रही है।
यदि पूर्व में कार्रवाई हुई थी, तो फिर संचालन कैसे शुरू हुआ?
यही इस पूरे मामले का सबसे बड़ा सवाल है।
अब पूरे सिद्धार्थनगर की हो आकस्मिक जांच
एक स्थान पर निरीक्षण के दौरान यदि नियमों से जुड़ी कमी सामने आती है, तो क्या जिले के बाकी अल्ट्रासाउंड सेंटरों का भी अचानक और निष्पक्ष भौतिक सत्यापन नहीं होना चाहिए?
कितने सेंटर पंजीकृत हैं?
कितनों का पंजीकरण वैध है?
कितने सेंटरों पर पूर्व में कार्रवाई हो चुकी है?
कार्रवाई के बाद उनकी वर्तमान स्थिति क्या है?
और क्या पंजीकरण से संबंधित रिकॉर्ड तथा मौके की वास्तविक स्थिति एक-दूसरे से मेल खाते हैं?
इन सवालों का जवाब कागजों से नहीं, बल्कि जिलेभर में आकस्मिक निरीक्षण से ज्यादा स्पष्ट हो सकता है।
PCPNDT अधिनियम के तहत अल्ट्रासाउंड/इमेजिंग सुविधा वाले संबंधित केंद्रों का पंजीकरण आवश्यक है और Appropriate Authority को निरीक्षण तथा नियमों के उल्लंघन की स्थिति में कार्रवाई के अधिकार दिए गए हैं।
दो बार कार्रवाई के बाद तीसरी बार संचालन? जांच में सामने आएगा सच
यदि किसी केंद्र के विरुद्ध पहले सीलिंग अथवा मुकदमे की कार्रवाई हुई थी और बाद में उसी स्थान पर किसी दूसरे नाम से संचालन की बात सामने आ रही है, तो यह रिकॉर्ड के आधार पर जांच का विषय है।
क्या नया पंजीकरण हुआ था?
क्या मशीन और संस्था का विवरण विभागीय रिकॉर्ड में दर्ज था?
क्या पूर्व कार्रवाई के बाद दोबारा निरीक्षण हुआ?
यदि हुआ तो उसकी रिपोर्ट क्या थी?
इन सवालों के जवाब संबंधित विभाग के रिकॉर्ड से ही सामने आने चाहिए।
‘बाबू संभाल रहे हैं’—तो अंतिम जवाबदेही किसकी?
स्वास्थ्य विभाग से जुड़े कामकाज को लेकर अक्सर यह बात सुनने को मिलती है कि “रिकॉर्ड और काम तो बाबू संभाल रहे हैं।”
लेकिन जनहित का सवाल यह है कि यदि पंजीकरण, नवीनीकरण, निरीक्षण और कार्रवाई से जुड़े रिकॉर्ड किसी कर्मचारी के स्तर पर रखे जाते हैं, तो अंतिम निगरानी और जवाबदेही किस अधिकारी की है?
यह किसी कर्मचारी पर आरोप लगाने का सवाल नहीं है।
सवाल सिर्फ इतना है कि व्यवस्था में जिम्मेदारी की स्पष्ट रेखा क्या है और यदि कोई अनधिकृत संचालन सामने आता है तो इसकी जवाबदेही तय कैसे होती है?
क्या सिर्फ एक जगह जांच से पूरी तस्वीर सामने आएगी?
सिद्धार्थनगर में केवल अल्ट्रासाउंड सेंटर ही नहीं, बल्कि निजी अस्पताल, क्लीनिक, पैथालॉजी और अन्य स्वास्थ्य प्रतिष्ठानों की भी नियमानुसार जांच की आवश्यकता पर सवाल उठ रहे हैं।
यदि प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ब्लॉकवार व्यापक आकस्मिक निरीक्षण कराए और उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक करे, तो जिले की वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है।
कहां पंजीकरण वैध है, कहां नवीनीकरण लंबित है, कहां पूर्व में कार्रवाई हुई और कार्रवाई के बाद क्या स्थिति है—इन सभी सवालों का रिकॉर्ड आधारित जवाब जनता के सामने आना चाहिए।
सीएमओ कार्यालय से जुड़े सवाल—आरोप नहीं, जवाब की मांग
इस पूरे मामले में निगरानी, पंजीकरण और कार्रवाई से जुड़े काम स्वास्थ्य विभाग के अधिकार क्षेत्र से संबंधित हैं। इसलिए यह स्वाभाविक है कि जवाबदेही को लेकर सवाल विभागीय स्तर पर भी उठेंगे।
लेकिन FT News Digital किसी अधिकारी या कर्मचारी पर मिलीभगत, संरक्षण अथवा भ्रष्टाचार का आरोप नहीं लगा रहा है।
हमारा सवाल सीधा है—
अगर पूर्व कार्रवाई के बावजूद किसी केंद्र के दोबारा संचालित होने की बात सामने आती है, तो विभागीय रिकॉर्ड में इसकी निगरानी कैसे हुई?
अगर जिले में कहीं और भी ऐसी शिकायतें हैं, तो क्या उनका सत्यापन कराया जाएगा?
और अगर जांच में अनियमितता मिलती है, तो क्या जिम्मेदारी तय होगी?
यही वह सवाल है जिसका जवाब सीएमओ कार्यालय और संबंधित Appropriate Authority के आधिकारिक पक्ष से जनता को मिलना चाहिए।
FT NEWS DIGITAL की पड़ताल का सवाल
एक जगह कमी सामने आई है—अब पूरे सिद्धार्थनगर की आकस्मिक जांच कब होगी?
क्योंकि मामला किसी एक क्लिनिक का नहीं, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी व्यवस्था और जनता के भरोसे का है।
यदि व्यवस्था सही है तो व्यापक जांच से यह साबित हो जाएगा।
यदि कहीं कमी है तो कार्रवाई से वह सामने आ जाएगी।
जनता को आरोप नहीं, रिकॉर्ड चाहिए।
सवाल नहीं, जवाब चाहिए।
और कार्रवाई हुई है तो उसका असर जमीन पर भी दिखाई देना चाहिए।
नोट: यह रिपोर्ट उपलब्ध जानकारी और निरीक्षण से संबंधित दावों के आधार पर तैयार की गई है। किसी व्यक्ति, अधिकारी, कर्मचारी या संस्था पर मिलीभगत, भ्रष्टाचार या संरक्षण का निष्कर्ष नहीं लगाया जा रहा है। संबंधित विभाग/संस्था का आधिकारिक पक्ष प्राप्त होने पर उसे खबर में शामिल किया जाएगा। अंतिम तथ्य संबंधित जांच और सक्षम प्राधिकारी की रिपोर्ट से ही निर्धारित होंगे।
नेपाल से भारत आ रही बाइक से 1.63 लाख रुपये बरामद, दो पकड़े गए

सिद्धार्थनगर/बढ़नी। भारत-नेपाल सीमा पर अवैध गतिविधियों की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत 43वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल को बड़ी कार्रवाई में सफलता मिली है। सीमा चौकी कपसिहवा की नाका पार्टी ने नेपाल से भारत की ओर आ रहे दो व्यक्तियों को मोटरसाइकिल समेत पकड़ा। तलाशी के दौरान उनके पास से 1 लाख 63 हजार रुपये की भारतीय मुद्रा बरामद होने की बात एसएसबी ने कही है।
एसएसबी के अनुसार, 13 अगस्त 2026 को सीमा चौकी कपसिहवा की टीम आसूचना के आधार पर नाका ड्यूटी पर तैनात थी। इसी दौरान अनधिकृत मार्ग से एक मोटरसाइकिल पर सवार दो व्यक्तियों के नेपाल से भारत की ओर आने की जानकारी मिली।
नाका पार्टी ने दोनों व्यक्तियों को रोककर तलाशी ली। तलाशी के दौरान उनके पास से कुल ₹1,63,000 की भारतीय मुद्रा बरामद हुई। एसएसबी के मुताबिक, पूछताछ के दौरान दोनों व्यक्ति बरामद धनराशि से संबंधित कोई वैध कागजात प्रस्तुत नहीं कर सके।
पकड़े गए व्यक्तियों ने अपना नाम इब्राहीम पठान पुत्र रोजन अली, उम्र 26 वर्ष, निवासी हरदौना, जिला कपिलवस्तु, नेपाल तथा दूसरे ने रामू प्रसाद यादव पुत्र राजाराम यादव, उम्र 32 वर्ष, निवासी गोपालपुर, थाना तौलीहवा, जिला कपिलवस्तु, नेपाल बताया।
एसएसबी के मुताबिक, बरामद ₹1,63,000 की भारतीय मुद्रा, मोटरसाइकिल और दोनों व्यक्तियों को अग्रिम विधिक कार्रवाई के लिए सीमा शुल्क कार्यालय बढ़नी, जिला सिद्धार्थनगर को सुपुर्द कर दिया गया है।
क्या-क्या बरामद
– भारतीय मुद्रा — ₹1,63,000
– एक मोटरसाइकिल
– दो व्यक्ति पकड़े गए
– कार्रवाई — 43वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल, सीमा चौकी कपसिहवा
सीमा पर एसएसबी की निगरानी तेज
एसएसबी के अनुसार भारत-नेपाल सीमा पर तस्करी और अन्य अवैध गतिविधियों की रोकथाम के लिए नाका, पेट्रोलिंग और अन्य अभियान लगातार चलाए जा रहे हैं। बल का कहना है कि अवैध मुद्रा, नशीली दवाओं, मानव तस्करी, वन्य जीव एवं अन्य प्रतिबंधित वस्तुओं की तस्करी पर प्रभावी कार्रवाई की जा रही है।
सारांश
भारत-नेपाल सीमा पर 43वीं वाहिनी एसएसबी की कपसिहवा सीमा चौकी की नाका पार्टी ने दो व्यक्तियों को मोटरसाइकिल समेत पकड़ा। एसएसबी के मुताबिक तलाशी में ₹1.63 लाख भारतीय मुद्रा बरामद हुई, जिसके संबंध में दोनों कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। आगे की कार्रवाई के लिए दोनों को सीमा शुल्क कार्यालय बढ़नी को सौंप दिया गया।
टिप्पणी
भारत-नेपाल सीमा पर अवैध गतिविधियों की रोकथाम सुरक्षा और आर्थिक व्यवस्था दोनों के लिहाज से महत्वपूर्ण है। इस कार्रवाई में बरामद धनराशि के स्रोत और उसके सीमा पार ले जाने से जुड़े तथ्यों की आगे की जांच संबंधित सीमा शुल्क विभाग द्वारा की जाएगी। अंतिम निष्कर्ष जांच और विधिक प्रक्रिया के आधार पर ही सामने आएगा।
25 हजार का इनामी वांछित गिरफ्तार, तमंचा-कारतूस बरामद

सिद्धार्थनगर। अपराध एवं अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत सिद्धार्थनगर पुलिस को बड़ी कार्रवाई में सफलता मिलने का दावा किया गया है। जनपदीय एसओजी, सर्विलांस सेल और थाना भवानीगंज पुलिस की संयुक्त टीम ने उत्तर प्रदेश गैंगस्टर एक्ट के एक मामले में वांछित 25 हजार रुपये के इनामी अभियुक्त को गिरफ्तार किया है।

पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान मोहम्मद आरिफ पुत्र जुम्मन अहमद, निवासी भरवटिया मुस्तकहम, थाना डुमरियागंज, जनपद सिद्धार्थनगर के रूप में हुई है।
पुलिस की ओर से जारी प्रेस नोट के अनुसार, संयुक्त टीम ने 13 अगस्त 2026 को भवानीगंज थाना क्षेत्र के बिथरिया तिराहे से अभियुक्त को गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से 315 बोर का एक देशी तमंचा और एक जिंदा कारतूस बरामद किए जाने की बात पुलिस ने कही है।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार व्यक्ति थाना डुमरियागंज में दर्ज मु0अ0सं0 26/2026, धारा 2(ख)(1), 3(1) उत्तर प्रदेश गैंगस्टर एक्ट से संबंधित मामले में वांछित था और उसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था।
एसओजी-सर्विलांस और भवानीगंज पुलिस की संयुक्त कार्रवाई
यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन के निर्देशन में, अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार प्रसाद के निर्देशन तथा क्षेत्राधिकारी डुमरियागंज बृजेश कुमार वर्मा के पर्यवेक्षण में की गई।
संयुक्त टीम में भवानीगंज थानाध्यक्ष विजय शंकर सिंह, एसओजी प्रभारी चन्द्रकान्त पाण्डेय, सर्विलांस सेल प्रभारी हरेंद्र चौहान सहित एसओजी, सर्विलांस सेल और थाना भवानीगंज के पुलिसकर्मी शामिल रहे।
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तारी और बरामदगी के बाद आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी करते हुए अभियुक्त को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया।
25 हजार का इनाम, गैंगस्टर एक्ट में वांछित
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार मोहम्मद आरिफ गैंगस्टर एक्ट के मामले में वांछित था। उसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। भवानीगंज क्षेत्र में संयुक्त पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए उसे पकड़ा और तलाशी में 315 बोर का देशी तमंचा व एक जिंदा कारतूस बरामद करने का दावा किया है।
सारांश
सिद्धार्थनगर पुलिस के मुताबिक गैंगस्टर एक्ट के मामले में वांछित 25 हजार रुपये के इनामी अभियुक्त को एसओजी, सर्विलांस सेल और भवानीगंज पुलिस की संयुक्त टीम ने गिरफ्तार किया। पुलिस ने उसके कब्जे से 315 बोर का देशी तमंचा और एक जिंदा कारतूस बरामद करने की बात कही है।
खबर पर टिप्पणी
अपराध के खिलाफ पुलिस की सक्रियता किसी भी क्षेत्र में कानून-व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है। इस कार्रवाई में एसओजी, सर्विलांस और स्थानीय थाना पुलिस की संयुक्त भूमिका सामने आई है। हालांकि, किसी भी आरोपी को न्यायालय के अंतिम निर्णय से पहले दोषी नहीं माना जा सकता। ऐसे मामलों में पुलिस की कार्रवाई के साथ न्यायिक प्रक्रिया का पालन भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
अपराध के खिलाफ पुलिस की सक्रियता किसी भी क्षेत्र में कानून-व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है। इस कार्रवाई में एसओजी, सर्विलांस और स्थानीय थाना पुलिस की संयुक्त भूमिका सामने आई है। हालांकि, किसी भी आरोपी को न्यायालय के अंतिम निर्णय से पहले दोषी नहीं माना जा सकता। ऐसे मामलों में पुलिस की कार्रवाई के साथ न्यायिक प्रक्रिया का पालन भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
