*साहस,संघर्ष एवं स्वाभिमान की मिशाल थीं फूलनदेवी-इ.वीरेन्द्र*
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एरियर का रास्ता साफ होने के बाद सिद्धार्थनगर के अनुदेशकों में खुशी की लहर
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शोहरतगढ़ पुलिस का बड़ा दावा: चोरी के मुकदमे का खुलासा, एक आरोपी गिरफ्तार; आभूषण और नकदी बरामद
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*साहस,संघर्ष एवं स्वाभिमान की मिशाल थीं फूलनदेवी-इ.वीरेन्द्र*
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एरियर का रास्ता साफ होने के बाद सिद्धार्थनगर के अनुदेशकों में खुशी की लहर
सिद्धार्थनगर। वर्षों तक सीमित मानदेय और आर्थिक तंगी से जूझते रहे अनुदेशकों के लिए सुप्रीम कोर्ट का फैसला नई उम्मीद लेकर आया है। वर्ष 2017-18 से एरियर का रास्ता साफ होने के बाद जिले के 258 अनुदेशकों के चेहरों पर मुस्कान लौट आई है। अनुमान है कि शासनादेश जारी होने के बाद प्रत्येक अनुदेशक को करीब 9 लाख रुपये तक का एरियर मिलेगा। यही वजह है कि वर्षों से अधूरे पड़े सपने अब साकार होते दिखाई दे रहे हैं।
भविष्य के लिए पैसा जमा करूंगा
अनुदेशक जिला अध्यक्ष अनिल पांडेय कहते हैं कि कम मानदेय के कारण वह अपने बच्चों को बेहतर स्कूल में नहीं पढ़ा सके। अब एरियर मिलने की उम्मीद ने उनके सपनों को नई उड़ान दी है। उनका कहना है कि सबसे पहले बच्चों की पढ़ाई पर खर्च करेंगे और भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए पैसा जमा करेंगे
अब बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाऊंगा”
अनुदेशक रविकांत हैं कि वर्षों से जमीन खरीदकर अपना घर बनाने की इच्छा थी, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण यह संभव नहीं हो सका। एरियर मिलते ही सबसे पहले जमीन खरीदकर अपने आशियाने का सपना पूरा करेंगे।
गाड़ी का सपना पूरा करूंगा
अनुदेशक बुद्धिराम कहते हैं कि उनका सबसे बड़ा सपना अपना पक्का घर बनाना है। साथ ही विद्यालय आने-जाने की परेशानी दूर करने के लिए एक नई मोटरसाइकिल भी खरीदेंगे।
बेटियों की शादी करूंगा
अनुदेशक विष्णु वरुण कहते हैं कि घर की मरम्मत लंबे समय से टल रही है और बेटियों की शादी की जिम्मेदारी भी सामने है। एरियर मिलने पर दोनों महत्वपूर्ण कार्य पूरे किए जाएंगे।
अब नियमितीकरण का इंतजार
जिला मीडिया प्रभारी सत्यपाल सिंह कौशिक का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला केवल आर्थिक राहत नहीं, बल्कि वर्षों के संघर्ष, धैर्य और सम्मान की जीत है। अब सभी की निगाहें राज्य सरकार पर टिकी हैं। उनका आग्रह है कि जल्द से जल्द शासनादेश जारी कर एरियर का भुगतान कराया जाए और हमें नियमित किया जाए। ताकि न्यायालय के फैसले का वास्तविक लाभ प्रत्येक अनुदेशक तक पहुँच सके।
दो-तीन दिनों से घायल हालत में तड़प रहा बेजुबान बंदर, सूचना के बाद भी नहीं पहुंची रेस्क्यू टीम; स्थानीय लोगों ने उठाए सवाल

स्थान: सेठ रामचंद्र साइकिल स्टोर, नगर पालिका परिषद क्षेत्र, सिद्धार्थनगर
मामला: घायल एवं अस्वस्थ बंदर
⏳ स्थिति: पिछले 2–3 दिनों से मौके पर पड़ा होने का स्थानीय लोगों का दावा
स्थानीय प्रयास: नागरिक भोजन, पानी और देखभाल कर रहे हैं
दावा: संबंधित विभाग को सूचना देने के बावजूद रेस्क्यू नहीं होने की बात
सिद्धार्थनगर नगर पालिका परिषद क्षेत्र स्थित सेठ रामचंद्र साइकिल स्टोर के पास एक घायल बंदर पिछले दो-तीन दिनों से अस्वस्थ अवस्था में पड़ा होने का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने संबंधित विभाग को इसकी सूचना भी दी, लेकिन समाचार लिखे जाने तक रेस्क्यू टीम मौके पर नहीं पहुंची। फिलहाल आसपास के नागरिक ही मानवता का परिचय देते हुए बेजुबान जानवर की देखभाल कर रहे हैं।
विस्तृत समाचार
सिद्धार्थनगर। नगर पालिका परिषद क्षेत्र में सेठ रामचंद्र साइकिल स्टोर के पास एक घायल बंदर पिछले दो-तीन दिनों से अस्वस्थ अवस्था में पड़ा हुआ है। मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार बंदर काफी कमजोर दिखाई दे रहा है और स्वयं उठने-बैठने की स्थिति में भी नहीं है।
स्थानीय नागरिकों ने बताया कि उन्होंने संबंधित विभाग को इसकी सूचना दी है। स्थानीय लोगों का दावा है कि सूचना के बावजूद समाचार लिखे जाने तक कोई रेस्क्यू टीम या उपचार दल मौके पर नहीं पहुंचा।
इस बीच आसपास के दुकानदार और नागरिक अपनी ओर से बंदर को भोजन और पानी उपलब्ध कराकर उसकी देखभाल करने का प्रयास कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि समय रहते चिकित्सकीय सहायता और रेस्क्यू नहीं मिला तो बेजुबान जानवर की जान को खतरा हो सकता है।
स्थानीय लोगों ने वन विभाग, पशुपालन विभाग तथा जिला प्रशासन से मामले का तत्काल संज्ञान लेकर घायल बंदर का चिकित्सकीय परीक्षण, उपचार और सुरक्षित स्थान पर रेस्क्यू कराए जाने की मांग की है।
📋 सारांश
सेठ रामचंद्र साइकिल स्टोर के पास घायल बंदर पड़ा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार वह पिछले 2–3 दिनों से अस्वस्थ है।
नागरिक भोजन-पानी देकर उसकी देखभाल कर रहे हैं।
सूचना देने के बावजूद विभागीय टीम के न पहुंचने का स्थानीय लोगों का दावा।
वन विभाग और प्रशासन से तत्काल रेस्क्यू व उपचार की मांग।
जनहित में टिप्पणी
बेजुबान वन्यजीव भी प्रकृति की अमूल्य धरोहर हैं। यदि कोई घायल वन्यजीव दिखाई दे तो उसका उपचार और रेस्क्यू प्राथमिकता के आधार पर होना चाहिए। संबंधित विभागों से अपेक्षा है कि मामले का तत्काल संज्ञान लेकर मौके पर टीम भेजें, घायल बंदर का चिकित्सकीय उपचार कराएं और आवश्यकता होने पर उसे सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करें। इससे न केवल एक बेजुबान जीव का जीवन बचाया जा सकेगा, बल्कि आमजन का प्रशासन पर विश्वास भी मजबूत होगा।
यह समाचार मौके पर उपलब्ध तस्वीरों तथा स्थानीय नागरिकों द्वारा दी गई जानकारी पर आधारित है। समाचार में विभाग के प्रति कोई निष्कर्ष नहीं निकाला गया है। संबंधित विभाग का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा। समाचार का उद्देश्य केवल जनहित में प्रशासन का ध्यान इस मामले की ओर आकर्षित करना है।
सिद्धार्थनगर में उर्वरक प्रतिष्ठानों पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, निरीक्षण में अनियमितताएं मिलने पर दो दुकानों का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित
जनहित में टिप्पणी:
किसानों को समय पर और नियमों के अनुसार गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराना प्रशासन और विक्रेताओं दोनों की साझा जिम्मेदारी है। समय-समय पर होने वाले निरीक्षण पारदर्शिता बढ़ाने और अनियमितताओं पर रोक लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। वहीं सभी उर्वरक विक्रेताओं को निर्धारित नियमों का पालन करना चाहिए तथा किसानों को भी अधिकृत प्रतिष्ठानों से ही रसीद के साथ उर्वरक खरीदना चाहिए। किसी भी प्रकार की अनियमितता दिखाई देने पर संबंधित कृषि विभाग को तत्काल सूचना देना जनहित में आवश्यक है।
जिला
सिद्धार्थनगर
तिथि
24 जुलाई 2026
विभाग
जिला कृषि अधिकारी कार्यालय
निरीक्षण टीम
अपर जिला कृषि अधिकारी एवं सहायक विकास अधिकारी (कृषि) लोटन
कार्रवाई
दो उर्वरक प्रतिष्ठानों का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित
कारण
निरीक्षण के दौरान वितरण संबंधी अनियमितताएं एवं अभिलेखीय कमियां
सारांश
सिद्धार्थनगर में किसानों को निर्धारित नियमों के अनुसार उर्वरक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कृषि विभाग ने निजी उर्वरक प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान दो दुकानों में वितरण संबंधी अनियमितताएं एवं अभिलेखों में कमियां पाए जाने पर जिला कृषि अधिकारी ने उनके उर्वरक लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए। साथ ही जिले के सभी उर्वरक विक्रेताओं को नियमों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।
विस्तृत समाचार
सिद्धार्थनगर। किसानों को पारदर्शी एवं नियमानुसार उर्वरक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कृषि विभाग द्वारा जनपद के विभिन्न निजी उर्वरक प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया गया।
जिला कृषि अधिकारी कार्यालय द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, अपर जिला कृषि अधिकारी एवं सहायक विकास अधिकारी (कृषि) लोटन की संयुक्त टीम ने कई उर्वरक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। इस दौरान दो प्रतिष्ठानों पर उर्वरक वितरण प्रक्रिया में अनियमितताएं तथा अभिलेखीय कमियां पाए जाने की बात कही गई।
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, संबंधित कमियों के आधार पर दोनों प्रतिष्ठानों के उर्वरक लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त जनपद के सभी निजी उर्वरक विक्रेताओं को निर्देशित किया गया है कि वे उर्वरकों का वितरण केवल निर्धारित सरकारी नियमों के अनुरूप करें।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि उर्वरक बिक्री के समय किसान की खतौनी, आधार कार्ड, मोबाइल नंबर सहित आवश्यक विवरण वितरण रजिस्टर में दर्ज किए जाएं तथा किसानों को उनकी वास्तविक आवश्यकता एवं निर्धारित मात्रा के अनुरूप ही उर्वरक उपलब्ध कराया जाए।
कृषि विभाग ने यह भी चेतावनी दी है कि उर्वरक वितरण में किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
आधिकारिक जानकारी
यह कार्रवाई जिला कृषि अधिकारी, सिद्धार्थनगर द्वारा 24 जुलाई 2026 को जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के आधार पर की गई है।
कानूनी नोट: यह समाचार जिला कृषि अधिकारी, सिद्धार्थनगर द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित है। इसमें उल्लिखित कार्रवाई एवं तथ्य संबंधित विभाग के आधिकारिक अभिलेखों के अनुसार प्रस्तुत किए गए हैं। समाचार में किसी प्रकार का स्वतंत्र आरोप या निष्कर्ष नहीं जोड़ा गया है।
शोहरतगढ़ पुलिस का बड़ा दावा: चोरी के मुकदमे का खुलासा, एक आरोपी गिरफ्तार; आभूषण और नकदी बरामद
📰 बड़ी खबर |
शोहरतगढ सिद्धार्थनगर से धर्मेंद्र चौधरी की एक रिपोर्ट

सिद्धार्थनगर। शोहरतगढ़ क्षेत्र में दर्ज चोरी के एक चर्चित मुकदमे में पुलिस ने महत्वपूर्ण सफलता मिलने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार, कई दिनों तक चली विवेचना, सूचना संकलन और दबिश के बाद एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया। उसके कब्जे से चोरी से संबंधित बताए गए पीली धातु के आभूषण और ₹1500 नकद बरामद किए गए हैं। आरोपी को न्यायालय भेज दिया गया है, जबकि मामले की विवेचना अभी जारी
एक नजर में
क्या है पूरा मामला?
थाना शोहरतगढ़ में चोरी का मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी थी।
पुलिस ने मुखबिर की सूचना और विवेचना के आधार पर एक आरोपी को गिरफ्तार करने का दावा किया।
पुलिस के अनुसार, आरोपी के कब्जे से चोरी से संबंधित बताए गए आभूषण और ₹1500 नकद बरामद हुए।
आरोपी को न्यायालय भेज दिया गया है।
मामले की आगे की जांच जारी है।

पूरी खबर
सिद्धार्थनगर। शोहरतगढ़ थाना क्षेत्र में दर्ज चोरी के मुकदमे के खुलासे का पुलिस ने दावा किया है। पुलिस के अनुसार, घटना दर्ज होने के बाद से ही पुलिस टीम तकनीकी साक्ष्यों, स्थानीय सूचनाओं और अन्य माध्यमों से आरोपियों की तलाश में जुटी हुई थी। इसी क्रम में शुक्रवार को प्लाईवुड तिराहे के पास से एक संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर उसे मामले में गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी की पहचान निरंजन केवट उर्फ भोला, निवासी जिला कपिलवस्तु (नेपाल) के रूप में हुई है। पुलिस का कहना है कि तलाशी के दौरान आरोपी के कब्जे से चोरी से संबंधित बताए गए तीन ब्रेसलेट, दो जोड़ी कंगन, नौ अंगूठियां, दो नेकलेस, दो जोड़ी कान के टॉप्स, पांच मंगलसूत्र (लॉकेट सहित), एक हार तथा ₹1500 नकद बरामद किए गए।
पुलिस ने बरामद सामान को कब्जे में लेकर आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी की और आरोपी को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश कर दिया।
पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन के निर्देशन में अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई। अभियान की निगरानी अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार प्रसाद तथा क्षेत्राधिकारी शोहरतगढ़ मयंक द्विवेदी ने की, जबकि कार्रवाई का नेतृत्व प्रभारी निरीक्षक नवीन कुमार सिंह ने किया।
क्षेत्राधिकारी शोहरतगढ़ ने मीडिया को बताया कि मामले की विवेचना जारी है। यदि जांच के दौरान किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

बरामदगी (पुलिस के अनुसार)
✔ 03 ब्रेसलेट
✔ 02 जोड़ी कंगन
✔ 09 अंगूठियां
✔ 02 नेकलेस
✔ 02 जोड़ी कान के टॉप्स
✔ 05 मंगलसूत्र (लॉकेट सहित)
✔ 01 हार
✔ ₹1500 नकद
5 बड़ी बातें
✅ चोरी के मुकदमे में एक आरोपी की गिरफ्तारी का दावा।
✅ आभूषण और नकदी बरामद होने की जानकारी।
✅ आरोपी को न्यायालय भेजा गया।
✅ पुलिस की विवेचना अभी जारी।
✅ अन्य संभावित पहलुओं की जांच जारी।
सारांश
क्या हुआ? चोरी के मामले में एक आरोपी गिरफ्तार।
क्या मिला? पुलिस के अनुसार आभूषण और ₹1500 नकद।
क्या कार्रवाई हुई? आरोपी न्यायालय भेजा गया।
अब आगे क्या? मामले की विवेचना जारी है।
प्रेस विज्ञप्ति एवं पुलिस अधिकारियों द्वारा साझा की गई जानकारी पर आधारित है। समाचार में प्रयुक्त “पुलिस के अनुसार”, “पुलिस का दावा है” और “बरामद बताए गए” जैसे शब्द इसलिए उपयोग किए गए हैं क्योंकि मामले की अंतिम सत्यता और आरोपी की दोषसिद्धि का निर्णय केवल सक्षम न्यायालय द्वारा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर किया जाएगा। इस रिपोर्ट का उद्देश्य जनहित में तथ्यात्मक जानकारी देना है।
शोहरतगढ़ पुलिस का बड़ा दावा: चोरी के मुकदमे का खुलासा, एक आरोपी गिरफ्तार; आभूषण और नकदी बरामद
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शोहरतगढ सिद्धार्थनगर से धर्मेंद्र चौधरी की एक रिपोर्ट

सिद्धार्थनगर। शोहरतगढ़ क्षेत्र में दर्ज चोरी के एक चर्चित मुकदमे में पुलिस ने महत्वपूर्ण सफलता मिलने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार, कई दिनों तक चली विवेचना, सूचना संकलन और दबिश के बाद एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया। उसके कब्जे से चोरी से संबंधित बताए गए पीली धातु के आभूषण और ₹1500 नकद बरामद किए गए हैं। आरोपी को न्यायालय भेज दिया गया है, जबकि मामले की विवेचना अभी जारी
एक नजर में
क्या है पूरा मामला?
थाना शोहरतगढ़ में चोरी का मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी थी।
पुलिस ने मुखबिर की सूचना और विवेचना के आधार पर एक आरोपी को गिरफ्तार करने का दावा किया।
पुलिस के अनुसार, आरोपी के कब्जे से चोरी से संबंधित बताए गए आभूषण और ₹1500 नकद बरामद हुए।
आरोपी को न्यायालय भेज दिया गया है।
मामले की आगे की जांच जारी है।

पूरी खबर
सिद्धार्थनगर। शोहरतगढ़ थाना क्षेत्र में दर्ज चोरी के मुकदमे के खुलासे का पुलिस ने दावा किया है। पुलिस के अनुसार, घटना दर्ज होने के बाद से ही पुलिस टीम तकनीकी साक्ष्यों, स्थानीय सूचनाओं और अन्य माध्यमों से आरोपियों की तलाश में जुटी हुई थी। इसी क्रम में शुक्रवार को प्लाईवुड तिराहे के पास से एक संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर उसे मामले में गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी की पहचान निरंजन केवट उर्फ भोला, निवासी जिला कपिलवस्तु (नेपाल) के रूप में हुई है। पुलिस का कहना है कि तलाशी के दौरान आरोपी के कब्जे से चोरी से संबंधित बताए गए तीन ब्रेसलेट, दो जोड़ी कंगन, नौ अंगूठियां, दो नेकलेस, दो जोड़ी कान के टॉप्स, पांच मंगलसूत्र (लॉकेट सहित), एक हार तथा ₹1500 नकद बरामद किए गए।
पुलिस ने बरामद सामान को कब्जे में लेकर आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी की और आरोपी को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश कर दिया।
पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन के निर्देशन में अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई। अभियान की निगरानी अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार प्रसाद तथा क्षेत्राधिकारी शोहरतगढ़ मयंक द्विवेदी ने की, जबकि कार्रवाई का नेतृत्व प्रभारी निरीक्षक नवीन कुमार सिंह ने किया।
क्षेत्राधिकारी शोहरतगढ़ ने मीडिया को बताया कि मामले की विवेचना जारी है। यदि जांच के दौरान किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

बरामदगी (पुलिस के अनुसार)
✔ 03 ब्रेसलेट
✔ 02 जोड़ी कंगन
✔ 09 अंगूठियां
✔ 02 नेकलेस
✔ 02 जोड़ी कान के टॉप्स
✔ 05 मंगलसूत्र (लॉकेट सहित)
✔ 01 हार
✔ ₹1500 नकद
5 बड़ी बातें
✅ चोरी के मुकदमे में एक आरोपी की गिरफ्तारी का दावा।
✅ आभूषण और नकदी बरामद होने की जानकारी।
✅ आरोपी को न्यायालय भेजा गया।
✅ पुलिस की विवेचना अभी जारी।
✅ अन्य संभावित पहलुओं की जांच जारी।
सारांश
क्या हुआ? चोरी के मामले में एक आरोपी गिरफ्तार।
क्या मिला? पुलिस के अनुसार आभूषण और ₹1500 नकद।
क्या कार्रवाई हुई? आरोपी न्यायालय भेजा गया।
अब आगे क्या? मामले की विवेचना जारी है।
प्रेस विज्ञप्ति एवं पुलिस अधिकारियों द्वारा साझा की गई जानकारी पर आधारित है। समाचार में प्रयुक्त “पुलिस के अनुसार”, “पुलिस का दावा है” और “बरामद बताए गए” जैसे शब्द इसलिए उपयोग किए गए हैं क्योंकि मामले की अंतिम सत्यता और आरोपी की दोषसिद्धि का निर्णय केवल सक्षम न्यायालय द्वारा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर किया जाएगा। इस रिपोर्ट का उद्देश्य जनहित में तथ्यात्मक जानकारी देना है।
सीडीओ ने किया वृक्षारोपण
सिद्धार्थनगर- पर्यावरण संरक्षण और हरियाली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सामाजिक वानिकी वन प्रभाग सिद्धार्थनगर के बांसी रेंज द्वारा विकासखंड जोगिया के प्राथमिक विद्यालय दोहनी परिसर में बलराम सिंह मुख्य विकास अधिकारी द्वारा हरिशंकरी पौधरोपित किया गया ।इस अवसर पर पीपल, बरगद व पाकड़ के पौधे का संयुक्त रूप से रोपण कर पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया। मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह ने उक्त अवसर पर कहा कि हरिशंकरी भारतीय संस्कृति, पर्यावरण संरक्षण और प्रकृति के प्रति आस्था का प्रतीक माना गया है। पीपल ,बरगद और पाकड़ का संयुक्त रोपण धार्मिक महत्व के साथ-साथ पर्यावरण संतुलन ,जैव विविधता संरक्षण और आने वाली पीढियां के लिए स्वच्छ व स्वस्थ वातावरण सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना गया है। पौधों का संरक्षण कर ही अपने जीवन में हरियाली और स्वच्छ वातावरण सुनिश्चित किया जा सकता है ।उक्त अवसर पर जनपद स्तरीय अधिकारियों, वन विभाग के कर्मचारी, सामान्य जनमानस द्वारा भी पौधरोपित किए गए ।अधिकारियों का स्वागत व धन्यवाद ज्ञापन शिवकुमार गुप्ता क्षेत्रीय वन अधिकारी बांसी द्वारा किया गया। उक्त क्रम में जनपद के समस्त रेंज में क्षेत्रीय वन अधिकारी गण के देखरेख में हरिशंकरी पौधरोपित कर स्वच्छ पर्यावरण का संदेश दिया गया ।बांसी रेंज के गौरी पाठक व खोरिया रघुवीर सिंह ग्राम में प्रधान प्रतिनिधि नारायण स्वरूप पाठक, सलाउद्दीन सचिव ,राजदेव मिश्रा द्वारा हरिशंकरी पौध रोपित किए गए ।उक्त कार्यक्रम की सफलता पर
डी.एफ .ओ. नीला एम. व एस.डी.ओ. वीना तिवारी ने समस्त वन क्षेत्राधिकारियों की प्रशंसा की है।
24 घंटे बाद खत्म हुआ इंतजार: बाणगंगा नदी से तीनों युवकों के शव बरामद

बैदौली घाट पर अंतिम संस्कार के बाद स्नान के दौरान हुआ हादसा, स्थानीय गोताखोरों की मेहनत से सफल हुआ रेस्क्यू अभियान
शोहरतगढ़ (सिद्धार्थनगर)। बाणगंगा नदी के बैदौली घाट पर स्नान के दौरान लापता हुए तीन युवकों के शव करीब 24 घंटे बाद शुक्रवार को बरामद कर लिए गए। प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ और स्थानीय मछुआरा समुदाय के अनुभवी गोताखोरों के संयुक्त प्रयास से कई घंटे तक चले खोज अभियान के बाद जाल की मदद से तीनों शव नदी से बाहर निकाले गए। घटना से पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है।
स्थान: बैदौली घाट, बाणगंगा नदी, शोहरतगढ़
मृतक: शिवा चौहान, रवि वरुण एवं मोनू वरुण
घटना: अंतिम संस्कार के बाद स्नान के दौरान नदी में डूबे
रेस्क्यू: पुलिस, एसडीआरएफ और स्थानीय गोताखोरों का संयुक्त अभियान
सम्मान: रेस्क्यू में सहयोग करने वाले गोताखोर मछुआरों को जनप्रतिनिधियों एवं पुलिस ने किया सम्मानित
सारांश
स्नान के दौरान तीन युवक नदी में डूबे।
करीब 24 घंटे तक चला खोज एवं बचाव अभियान।
स्थानीय गोताखोर मछुआरों की मदद से तीनों शव बरामद।
दो शव परिजनों को सौंपे गए, एक का पोस्टमार्टम कराया गया।
गोताखोर मछुआरों के साहस और सहयोग की सराहना की गई।
पूरी खबर
गुरुवार दोपहर लगभग 1:30 बजे ग्राम पंचायत मधवापुर के टोला मिझुनिया निवासी शिवा चौहान, रवि वरुण और मोनू वरुण गांव की बुजुर्ग महिला कंचन के अंतिम संस्कार में शामिल होने बैदौली घाट पहुंचे थे। अंतिम संस्कार के बाद तीनों युवक बाणगंगा नदी में स्नान करने उतरे। इसी दौरान वे गहरे पानी और तेज बहाव की चपेट में आ गए और नदी में लापता हो गए।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। देर शाम तक नदी में खोज अभियान चलाया गया, लेकिन पहले दिन सफलता नहीं मिल सकी। इसके बाद शुक्रवार सुबह नई डहर गांव के मछुआरा समुदाय के अनुभवी गोताखोरों ने बड़े जालों की सहायता से दोबारा तलाश शुरू की। कई घंटे की लगातार मशक्कत के बाद तीनों युवकों के शव नदी से बरामद कर लिए गए।
शव मिलने के बाद परिजनों में कोहराम मच गया। पुलिस ने आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया पूरी की। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, रवि वरुण और मोनू वरुण के परिजनों ने पोस्टमार्टम न कराने का अनुरोध किया, जिसके बाद नियमानुसार कार्रवाई करते हुए उनके शव परिजनों को सौंप दिए गए। वहीं शिवा चौहान के शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
रेस्क्यू अभियान में स्थानीय मछुआरा समुदाय के गोताखोरों की भूमिका महत्वपूर्ण रही। उनके प्रयासों से ही नदी से तीनों शवों को बाहर निकाला जा सका। अभियान में सहयोग देने वाले गोताखोर मछुआरों को जनप्रतिनिधियों और पुलिस अधिकारियों ने सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया।
घटना के बाद बैदौली घाट और आसपास के गांवों में शोक का माहौल है। बड़ी संख्या में लोग मृतकों के अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे और परिजनों को सांत्वना दी।
बॉक्स: रेस्क्यू अभियान की प्रमुख बातें
24 घंटे तक चला खोज अभियान।
पुलिस, प्रशासन और एसडीआरएफ ने संयुक्त रूप से किया रेस्क्यू।
स्थानीय गोताखोर मछुआरों ने बड़े जाल की मदद से शव खोजे।
सफल अभियान के बाद गोताखोरों को सम्मानित किया गया।
संपादकीय टिप्पणी (कानूनी रूप से सुरक्षित)
यह समाचार स्थानीय प्रशासन और उपलब्ध आधिकारिक जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। इसमें घटना का तथ्यात्मक विवरण प्रस्तुत किया गया है। दुर्घटना के कारणों या किसी व्यक्ति की जिम्मेदारी को लेकर कोई निष्कर्ष नहीं निकाला गया है। घटना से संबंधित वैधानिक प्रक्रिया पुलिस द्वारा नियमानुसार पूरी की गई।
डिजिटल लर्निंग प्रोग्राम से प्रशिक्षित होंगे कार्यकर्ता, भाजपा युवा मोर्चा ने बनाई रणनीति

जिला कार्यसमिति बैठक में संगठन विस्तार और डिजिटल प्रशिक्षण अभियान को गति देने पर जोर

सिद्धार्थनगर। भारतीय जनता युवा मोर्चा की जिला कार्यसमिति बैठक में डिजिटल लर्निंग प्रोग्राम को अभियान के रूप में चलाने का निर्णय लिया गया। बैठक में संगठन के पदाधिकारियों ने अधिक से अधिक कार्यकर्ताओं को डिजिटल प्रशिक्षण से जोड़कर उन्हें प्रशिक्षित और सक्षम बनाने का संकल्प लिया।

स्थान: भाजपा जिला कार्यालय, सिद्धार्थनगर
आयोजन: भाजपा युवा मोर्चा जिला कार्यसमिति बैठक
मुख्य अतिथि: अखिलेश चंद्र कौशिक (क्षेत्रीय कार्यसमिति सदस्य, गोरखपुर क्षेत्र)
मुख्य एजेंडा: डिजिटल लर्निंग प्रोग्राम को सफल बनाना
अध्यक्षता: विकास पाण्डेय
संचालन: प्रिंस गुप्ता
समाचार
भाजपा जिला कार्यालय पर आयोजित बैठक में मुख्य अतिथि एवं जिला प्रवासी अखिलेश चंद्र कौशिक ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी अपने कार्यकर्ताओं को समय-समय पर प्रशिक्षण देकर संगठन को मजबूत बनाने का कार्य करती है। उन्होंने कहा कि डिजिटल लर्निंग प्रोग्राम के माध्यम से कार्यकर्ताओं को वैचारिक, संगठनात्मक और तकनीकी रूप से प्रशिक्षित किया जाएगा, जिससे वे समाज के बीच प्रभावी भूमिका निभा सकें।
उन्होंने सभी पदाधिकारियों से आह्वान किया कि प्रत्येक मंडल और बूथ स्तर तक अधिक से अधिक कार्यकर्ताओं को डिजिटल लर्निंग प्रोग्राम से जोड़कर इसे सफल बनाया जाए।
बैठक की अध्यक्षता कर रहे जिला उपाध्यक्ष विकास पाण्डेय ने कहा कि डिजिटल लर्निंग प्रोग्राम कार्यकर्ताओं के लिए एक सुनियोजित प्रशिक्षण अभियान है। इससे प्रशिक्षित कार्यकर्ता संगठन की नीतियों और योजनाओं को प्रभावी ढंग से जनता तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
बैठक का संचालन जिला महामंत्री प्रिंस गुप्ता ने किया, जबकि जिला उपाध्यक्ष राहुल गुप्ता ने सभी अतिथियों एवं कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया।
बैठक में जिला महामंत्री नीरज त्रिपाठी, जिला मंत्री विवेक गुप्ता, अभिषेक शुक्ला, अनिल सोनी, जिला सोशल मीडिया प्रभारी सुनील पाण्डेय, जिला कार्यसमिति सदस्य चंदन पाण्डेय, मंडल अध्यक्ष रामस्वरूप अग्रहरि, लक्ष्मण गुप्ता, दीपचंद साहनी, विजय गुप्ता, मनोज सोनी, हेमंत सिंह सोनू सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
सार
डिजिटल लर्निंग प्रोग्राम को बूथ स्तर तक पहुंचाने की रणनीति।
प्रशिक्षित और सक्षम कार्यकर्ता तैयार करने पर जोर।
संगठन विस्तार और कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण पर विशेष चर्चा।
अधिक से अधिक कार्यकर्ताओं को अभियान से जोड़ने का आह्वान।
खाद संकट पर IFFDC संगठन का कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन, किसानों के हित में डीएम को सौंपा पांच सूत्रीय ज्ञापन
उर्वरक आवंटन बढ़ाने, बिक्री सीमा में राहत और वितरण व्यवस्था में सुधार की उठाई मांग

सिद्धार्थनगर, 24 जुलाई। खरीफ सीजन के दौरान जिले में उर्वरक की बढ़ती मांग और किसानों को समय पर खाद उपलब्ध न होने की समस्या को लेकर शुक्रवार को आईएफएफडीसी (IFFDC) संगठन, सिद्धार्थनगर के पदाधिकारियों एवं उर्वरक विक्रेताओं ने कलेक्ट्रेट परिसर में एकत्र होकर प्रदर्शन किया। इसके बाद संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी को पांच सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपते हुए उर्वरक वितरण व्यवस्था में सुधार और किसानों के हित में तत्काल आवश्यक कदम उठाने की मांग की।
ज्ञापन सौंपने के बाद मीडिया से बातचीत में संगठन के प्रतिनिधियों ने कहा कि खरीफ सीजन में किसानों की उर्वरक आवश्यकता काफी बढ़ गई है, लेकिन निर्धारित बिक्री सीमा और सीमित आवंटन के कारण किसानों को समय पर खाद नहीं मिल पा रही है। यदि समय रहते व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो खेती-किसानी प्रभावित हो सकती है।
स्थान: कलेक्ट्रेट परिसर, सिद्धार्थनगर
आयोजक: आईएफएफडीसी (IFFDC) संगठन, सिद्धार्थनगर
मामला: उर्वरक संकट को लेकर धरना-प्रदर्शन एवं ज्ञापन
किसे सौंपा ज्ञापन: जिलाधिकारी, सिद्धार्थनगर
तारीख: 24 जुलाई 2026
मुख्य मांगें
प्रत्येक आईएफएफडीसी केंद्र को प्रतिदिन 100 बोरी उर्वरक विक्रय की अनुमति दी जाए।
उर्वरक आवंटन 20 प्रतिशत से बढ़ाकर 30 प्रतिशत किया जाए।
सहकारी समितियों की सदस्यता पासबुक एवं उर्वरक वितरण की जांच कराई जाए।
किसानों की मांग के अनुरूप अतिरिक्त उर्वरक उपलब्ध कराया जाए।
क्षेत्र प्रबंधक पर लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
संगठन का कहना है कि आईएफएफडीसी केंद्रों पर किसानों को केवल उर्वरक ही नहीं, बल्कि फसल सुरक्षा दवाएं, कृषि उपकरण और कृषि संबंधी अन्य तकनीकी सेवाएं भी उपलब्ध कराई जाती हैं। इसलिए केंद्रों पर पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराना आवश्यक है।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि कुछ सहकारी समितियों में सदस्यता पासबुक और उर्वरक वितरण को लेकर अनियमितताओं की शिकायतें मिल रही हैं। संगठन ने प्रशासन से ऐसे मामलों की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक किसानों को प्राथमिकता देने की मांग की है।
संगठन ने अपने क्षेत्र प्रबंधक पर लगाए गए आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा अपने दायित्वों का ईमानदारी और निष्पक्षता के साथ निर्वहन किया है। ज्ञापन में प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर तथ्यों के आधार पर निर्णय लेने का अनुरोध किया गया है।
प्रदर्शन के बाद संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर किसानों के व्यापक हित में शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में उर्वरक विक्रेता और संगठन के सदस्य मौजूद रहे।

बाइट (संगठन प्रतिनिधि)
“किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता है। प्रशासन से हमारी मांग है कि उर्वरक आवंटन बढ़ाया जाए, बिक्री सीमा में राहत दी जाए और वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाया जाए, ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।”
(यह समाचार आईएफएफडीसी संगठन द्वारा कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित प्रदर्शन एवं जिलाधिकारी को सौंपे गए ज्ञापन के आधार पर तैयार किया गया है। समाचार में उल्लिखित मांगें और दावे संबंधित संगठन के हैं।)
चलती ई-बाइक में दुपट्टा फंसने से महिला की दर्दनाक मौत
ब्रेकिंग न्यूज़
सिद्धार्थनगर जिले के डुमरियागंज-चंद्रीपघाट मार्ग पर भड़रिया पुलिस बूथ के पास गुरुवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। ई-बाइक पर पीछे बैठी 48 वर्षीय महिला का दुपट्टा अचानक पिछले पहिए में फंस गया। दुपट्टा तेजी से खिंचने से महिला का गला कस गया और वह गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर गईं।
मृतका की पहचान मजीदुन्निशा (48 वर्ष), पत्नी अन्नू, निवासी ग्राम नावडीह, थाना त्रिलोकपुर के रूप में हुई है।
हादसे के बाद स्थानीय लोगों और परिजनों ने महिला को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बेंवा पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
घटना की सूचना पर भवानीगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर आवश्यक विधिक कार्रवाई शुरू कर दी। पुलिस ने पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार दुर्घटना का कारण ई-बाइक के पिछले पहिए में दुपट्टा फंसना बताया जा रहा है। हालांकि दुर्घटना के सटीक कारणों की पुष्टि पुलिस की जांच के बाद ही होगी।
इस हादसे के बाद पुलिस और प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि दोपहिया वाहन पर यात्रा करते समय दुपट्टा, साड़ी या अन्य ढीले कपड़ों को अच्छी तरह संभालकर रखें। थोड़ी सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है।
FT News Digital
सिद्धार्थनगर
बाढ़ के खतरे पर प्रशासन अलर्ट, तैयारियों का ज़मीनी निरीक्षण
बाढ़ को लेकर जिला प्रशासन अलर्ट
बाढ़ को लेकर जिला प्रशासन अलर्ट
संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। तटबंधों, राहत शिविरों, स्वास्थ्य सेवाओं और बचाव संसाधनों का निरीक्षण कर अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
संभावित बाढ़ को लेकर जिला प्रशासन सतर्क, तटबंधों से लेकर राहत शिविरों तक तैयारियों का लिया जायजा
संभावित बाढ़ की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारियां तेज कर दी हैं। अधिकारियों ने बाढ़ प्रभावित और संवेदनशील क्षेत्रों का निरीक्षण कर तटबंधों, राहत शिविरों, स्वास्थ्य सेवाओं, नावों, पेयजल, बिजली एवं संचार व्यवस्था का जायजा लिया। साथ ही सभी संबंधित विभागों को 24 घंटे सतर्क रहने और समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।
संभावित बाढ़ को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट, राहत एवं बचाव तैयारियों की समीक्षा
सिद्धार्थनगर। जिले में संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारियां पूरी कर ली हैं। इसी क्रम में संबंधित अधिकारियों द्वारा बाढ़ प्रभावित एवं संवेदनशील क्षेत्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने तटबंधों की स्थिति, संभावित राहत शिविरों की व्यवस्था, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की तैयारियों, नावों की उपलब्धता, राहत सामग्री, पेयजल, विद्युत आपूर्ति एवं संचार व्यवस्था की समीक्षा की। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि सभी आवश्यक संसाधन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रखें, ताकि किसी भी आपात स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य तत्काल शुरू किए जा सकें।
जिला प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को 24×7 कंट्रोल रूम सक्रिय रखने, संवेदनशील क्षेत्रों की नियमित निगरानी करने तथा मौसम और जलस्तर से संबंधित आधिकारिक सूचनाएं समय-समय पर आमजन तक पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही आपदा प्रबंधन दल, स्वास्थ्य विभाग, पुलिस, अग्निशमन सेवा तथा अन्य संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के लिए कहा गया है।
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं का ही पालन करें। आवश्यकता पड़ने पर प्रशासन द्वारा निर्धारित सुरक्षित स्थानों पर जाने तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल जिला नियंत्रण कक्ष या संबंधित अधिकारियों से संपर्क करने की सलाह दी गई है।
📌 महत्वपूर्ण सूचना (Highlight Box)
☎️ जिला कंट्रोल रूम (24×7)
05544-297030
05544-297010
बाढ़ पर अलर्ट मोड में विधायक श्यामधनी राही, गांव-गांव पहुंचकर परखे हालात; अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

● जोगिया ब्लॉक के बाढ़ संभावित गांवों का किया स्थलीय निरीक्षण।
● नदियों के बढ़ते जलस्तर और तटबंधों का लिया जायजा।
● ग्रामीणों से संवाद कर अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश।

सिद्धार्थनगर।
कपिलवस्तु विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्यामधनी राही ने जोगिया विकास खंड के बाढ़ संभावित गांवों का दौरा कर हालात का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को राहत एवं बचाव की सभी तैयारियां समय रहते पूरी करने के निर्देश दिए।
पूरी खबर
कपिलवस्तु विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्यामधनी राही ने गुरुवार को विकास खंड जोगिया के भूतहिया, गंगवल, चिरहवां, अमरिया, धोबहा, रीवानानकार, पेड़ारी, पटखौली तथा तालभिलौना सहित कई गांवों का भ्रमण किया।
दौरे के दौरान विधायक ने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं और सुझावों को सुना। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जनता से जुड़े मामलों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए और किसी भी शिकायत को लंबित न रखा जाए।
विधायक ने क्षेत्र की नदियों, तटबंधों और बाढ़ संभावित स्थानों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बढ़ते जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जाए तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए राहत एवं बचाव की सभी व्यवस्थाएं पहले से तैयार रहें।
श्यामधनी राही ने कहा कि बाढ़ प्रभावित और संवेदनशील क्षेत्रों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। जरूरत पड़ने पर तत्काल राहत सामग्री उपलब्ध कराई जाए और प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता दी जाए।
उन्होंने कहा कि कपिलवस्तु विधानसभा क्षेत्र की जनता की सुरक्षा, उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान और क्षेत्र का समग्र विकास उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
दौरे के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने विधायक के समक्ष स्थानीय समस्याएं भी रखीं, जिनके समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।
सारांश
विधायक श्यामधनी राही ने जोगिया ब्लॉक के बाढ़ संभावित गांवों का स्थलीय निरीक्षण कर ग्रामीणों से संवाद किया और अधिकारियों को बाढ़ से निपटने के लिए पूरी तैयारी रखने के निर्देश दिए।

अंतिम विदाई के बीच दर्दनाक हादसा! बैदौली घाट की तेज धारा में लापता हुए तीन किशोर, जाल डालकर रात तक चलती रही तलाश

● अंतिम संस्कार के दौरान नदी में स्नान करने उतरे तीन किशोर तेज बहाव में लापता।
● पुलिस, प्रशासन और गोताखोरों ने संभाला मोर्चा, जाल डालकर शुरू हुआ सघन खोज अभियान।
● परिजनों की चीख-पुकार से गूंजा बैदौली घाट, पूरे गांव में पसरा मातम और बेचैनी।

शोहरतगढ़ (सिद्धार्थनगर)। अंतिम संस्कार के लिए जुटा गांव अचानक चीख-पुकार में बदल गया। बैदौली घाट पर नदी में स्नान करने उतरे तीन किशोर तेज बहाव में लापता हो गए। घटना के बाद पुलिस, प्रशासन और गोताखोरों की टीम ने मौके पर पहुंचकर नदी में जाल डालकर व्यापक खोज अभियान शुरू किया। देर शाम तक तीनों की तलाश जारी रही।

पूरी खबर
सिद्धार्थनगर जिले के शोहरतगढ़ थाना क्षेत्र के बैदौली घाट पर गुरुवार को एक हृदयविदारक घटना सामने आई। ग्राम पंचायत माधवापुर के टोला मिझुनिया निवासी कंचन देवी (85) के अंतिम संस्कार के दौरान कुछ युवक नदी में स्नान करने उतर गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इसी दौरान तीन किशोर अचानक गहरे पानी और तेज बहाव की चपेट में आकर लापता हो गए।
लापता युवकों की पहचान शिवा (17) पुत्र राममूरत, रवि (17) पुत्र रामरूप तथा मोनू (18) पुत्र बबलू के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलते ही पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण बैदौली घाट पहुंच गए।
सूचना पर पुलिस, राजस्व विभाग और अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। गोताखोरों और स्थानीय मछुआरों की मदद से नदी में जाल डालकर खोज अभियान शुरू किया गया। तेज बहाव के कारण अभियान चुनौतीपूर्ण बना रहा, फिर भी राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी रहा।
क्षेत्रीय विधायक विनय वर्मा ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही संबंधित अधिकारियों को तत्काल मौके पर भेजा गया और खोज अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि प्रशासन पूरी गंभीरता के साथ अभियान चला रहा है।
थाना प्रभारी नवीन कुमार सिंह ने बताया कि नदी में पानी का बहाव तेज होने के कारण तलाश में कठिनाई आ रही है, लेकिन गोताखोर और बचाव दल लगातार प्रयास कर रहे हैं। समाचार लिखे जाने तक तीनों किशोरों का पता नहीं चल सका था और खोज अभियान जारी था।
सारांश
बैदौली घाट पर अंतिम संस्कार के दौरान नदी में स्नान करने उतरे तीन किशोर तेज बहाव में लापता हो गए। पुलिस, प्रशासन, गोताखोर और स्थानीय लोग संयुक्त रूप से तलाश अभियान चला रहे हैं। समाचार लिखे जाने तक तीनों की खोज जारी थी।
यह खबर उपलब्ध तथ्यों, प्रत्यक्षदर्शियों और प्रशासनिक जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। किसी भी अपुष्ट जानकारी को तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया गया है, जिससे यह रिपोर्ट कानूनी रूप से संतुलित और सुरक्षित रहे।
छत के पास से गुजर रही 11 हजार वोल्ट लाइन बनी हादसे की वजह, दो मासूम झुलसे; ग्रामीणों ने बिजली व्यवस्था और सड़क की बदहाली पर उठाए सवाल
सिद्धार्थनगर जिले के बढ़नी विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत तौलिहवा के फुलवरिया टोला में घर की छत पर खेल रहे दो बच्चे कथित रूप से 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन विद्युत लाइन की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गए। परिजनों के अनुसार एक बच्चे की हालत चिंताजनक है। घटना के बाद ग्रामीणों ने बिजली लाइन की सुरक्षा व्यवस्था और गांव तक पहुंचने वाले जर्जर मार्ग को लेकर प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

मुख्य समाचार
सिद्धार्थनगर। जिले के बढ़नी विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत तौलिहवा के फुलवरिया टोला में बुधवार शाम एक दर्दनाक हादसे ने पूरे गांव को झकझोर दिया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार शाम लगभग चार बजे घर की छत पर खेल रहे दो मासूम बच्चे पास से गुजर रही हाईटेंशन विद्युत लाइन की चपेट में आ गए, जिससे दोनों गंभीर रूप से झुलस गए।
घायल बच्चों की पहचान प्रिंस (10 वर्ष) पुत्र राजेंद्र तथा ललित (8 वर्ष) पुत्र राम सकल के रूप में बताई गई है। परिजनों के मुताबिक घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने बिजली आपूर्ति बंद कराने के लिए विद्युत विभाग को सूचना दी, जिसके बाद दोनों बच्चों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। इनमें एक बच्चे का इलाज जिला अस्पताल सिद्धार्थनगर तथा दूसरे का उपचार इटवा क्षेत्र के अस्पताल में चल रहा है। परिजनों के अनुसार एक बच्चे की स्थिति गंभीर बनी हुई है।
एम्बुलेंस पहुंचने में हुई परेशानी का दावा
ग्रामीणों का कहना है कि घटना के बाद 108 एम्बुलेंस सेवा को सूचना दी गई थी, लेकिन गांव तक जाने वाला मार्ग अत्यधिक क्षतिग्रस्त होने के कारण एम्बुलेंस घर तक नहीं पहुंच सकी। इसके बाद ग्रामीणों ने निजी वाहन की व्यवस्था कर घायल बच्चे को अस्पताल पहुंचाया। इस संबंध में एम्बुलेंस सेवा अथवा संबंधित विभाग की आधिकारिक प्रतिक्रिया समाचार लिखे जाने तक प्राप्त नहीं हो सकी।
ग्रामीणों ने लगाए उपेक्षा के आरोप
स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन को सुरक्षित बनाने तथा जर्जर सड़क की मरम्मत कराने की मांग लंबे समय से संबंधित विभागों के समक्ष उठाई जाती रही है। उनका कहना है कि यदि समय रहते आवश्यक सुरक्षा उपाय किए गए होते तो संभवतः इस तरह की घटना टाली जा सकती थी।
हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है और संबंधित विभागों की आधिकारिक टिप्पणी की प्रतीक्षा है।
जांच और कार्रवाई की मांग
घटना के बाद क्षेत्र में चिंता और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, यदि कहीं लापरवाही सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए तथा गांव के ऊपर से गुजर रही विद्युत लाइन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ क्षतिग्रस्त सड़क की शीघ्र मरम्मत कराई जाए।
FT NEWS DIGITAL | तथ्य
दो बच्चे हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से झुलसे।
परिजनों के अनुसार एक बच्चे की हालत गंभीर।
ग्रामीणों ने सड़क और बिजली सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए।
संबंधित विभागों की आधिकारिक प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा।
प्रशासन से जांच और आवश्यक सुरक्षा उपायों की मांग।
खेत की मिट्टी से निकला 2314 प्राचीन सिक्कों का खजाना, इतिहास के नए अध्याय की उम्मीद
नेपाल के कपिलवस्तु क्षेत्र में खेत की जुताई के दौरान मिट्टी के भीतर दबा तांबे का एक पारंपरिक करवा मिला, जिसमें 2314 प्राचीन सिक्के सुरक्षित पाए गए। विशेषज्ञों का मानना है कि वैज्ञानिक परीक्षण के बाद इन सिक्कों की वास्तविक आयु, धातु, कालखंड और ऐतिहासिक महत्व स्पष्ट हो सकेगा।

नेपाल के कपिलवस्तु नगर क्षेत्र में खेत की जुताई के दौरान हुई एक असाधारण खोज ने इतिहासकारों और पुरातत्व विशेषज्ञों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है। मिट्टी में दबे तांबे के पारंपरिक करवे से 2314 प्राचीन सिक्के मिलने के बाद पूरे क्षेत्र में उत्सुकता का माहौल है। बरामद सामग्री को सुरक्षित संरक्षण और वैज्ञानिक अध्ययन के लिए संग्रहालय के सुपुर्द कर दिया गया है।
सारांश (Summary)
खेत की खुदाई के दौरान मिला तांबे का पारंपरिक करवा।
करवे के भीतर मिले 2314 प्राचीन सिक्के।
सिक्कों को सुरक्षित रखकर वैज्ञानिक परीक्षण के लिए संग्रहालय भेजा गया।
विशेषज्ञ परीक्षण के बाद ही सिक्कों के कालखंड और ऐतिहासिक महत्व की आधिकारिक पुष्टि होगी।
खोज से कपिलवस्तु के समृद्ध ऐतिहासिक अतीत पर नए शोध की संभावना बढ़ी।
पूरी खबर
नेपाल के कपिलवस्तु क्षेत्र से सामने आई एक महत्वपूर्ण पुरातात्विक खोज ने इतिहास प्रेमियों और शोधकर्ताओं के बीच नई उत्सुकता पैदा कर दी है। स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी के अनुसार, नगरपालिक क्षेत्र के एक खेत में कृषि कार्य के दौरान मिट्टी के भीतर दबा तांबे का पारंपरिक करवा मिला। जब इसे सावधानीपूर्वक बाहर निकाला गया तो उसके भीतर बड़ी संख्या में प्राचीन सिक्के सुरक्षित मिले। बाद में गिनती करने पर इनकी संख्या 2314 पाई गई।
घटना की सूचना संबंधित प्रशासन और संग्रहालय विभाग को दी गई। इसके बाद अधिकारियों और विशेषज्ञों की टीम मौके पर पहुंची तथा बरामद करवे और सभी सिक्कों को अपने कब्जे में लेकर सुरक्षित संरक्षण के लिए संग्रहालय भेज दिया गया। अब इनका वैज्ञानिक परीक्षण, धातु विश्लेषण, संरक्षण और ऐतिहासिक अध्ययन किया जाएगा।
इतिहासकारों का मानना है कि कपिलवस्तु भारतीय उपमहाद्वीप की प्राचीन सभ्यताओं और भगवान गौतम बुद्ध के जीवन से जुड़े सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में से एक माना जाता है। इसी कारण यहां समय-समय पर पुरातात्विक महत्व की वस्तुएं मिलने की घटनाएं सामने आती रही हैं। हालांकि इस बार मिले सिक्कों का संबंध किस राजवंश, किस कालखंड या किस आर्थिक व्यवस्था से है, इसका अंतिम निष्कर्ष केवल विशेषज्ञों की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि प्राचीन सिक्के केवल मुद्रा नहीं होते, बल्कि वे अपने समय की अर्थव्यवस्था, व्यापार, शासन व्यवस्था, धार्मिक प्रभाव, कला और सांस्कृतिक विकास के महत्वपूर्ण साक्ष्य भी होते हैं। ऐसे सिक्कों के अध्ययन से इतिहास के उन अध्यायों पर भी प्रकाश पड़ सकता है, जिनके बारे में अभी सीमित जानकारी उपलब्ध है।
फिलहाल संग्रहालय प्रशासन ने सभी सिक्कों को सुरक्षित संरक्षण में रखा है। वैज्ञानिक परीक्षण और पुरातात्विक अध्ययन पूरा होने के बाद ही इनके वास्तविक काल, धातु संरचना, ऐतिहासिक महत्व और प्रामाणिकता पर आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक की जाएगी।
इतिहास से जुड़ी विशेष जानकारी
प्राचीन कपिलवस्तु को शाक्य गणराज्य की राजधानी माना जाता है और इसका उल्लेख बौद्ध ग्रंथों सहित अनेक ऐतिहासिक स्रोतों में मिलता है। यही कारण है कि यह क्षेत्र दक्षिण एशिया के महत्वपूर्ण पुरातात्विक स्थलों में गिना जाता है। यहां से समय-समय पर प्राप्त अवशेष इस क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत की ओर संकेत करते हैं। वर्तमान में मिले सिक्के भी इस विरासत की एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित हो सकते हैं, हालांकि इसका अंतिम निर्णय वैज्ञानिक जांच पूरी होने के बाद ही संभव होगा।
यह समाचार उपलब्ध सार्वजनिक सूचनाओं एवं प्रकाशित समाचारों के आधार पर तैयार किया गया है। सिक्कों की आयु, कालखंड, प्रामाणिकता एवं ऐतिहासिक महत्व संबंधी अंतिम पुष्टि संबंधित पुरातत्व विशेषज्ञों और संग्रहालय की आधिकारिक वैज्ञानिक जांच रिपोर्ट के बाद ही मानी जाएगी।
जिलाधिकारी ने की दिव्यांग सशक्तिकरण विभाग की समीक्षा
सिद्धार्थनगर। आज दिनांक-22.07.2026 को जिलाधिकारी महोदय की अध्यक्षता में दिव्यांग सशक्तिकरण विभाग द्वारा विभिन्न समितियां-जिला दिव्यांग समिति, जिला प्रबंधन समिति, यूनिक डिसेबिलिटी अनुश्रवण समिति, लोकल लेवल कमेटी की बैठक की गई। बैठक में जिलाधिकारी महोदय द्वारा दिव्यांगों को रोजगार से जोड़ने हेतु पर्पल फेयर (रोजगार मेला) लगाने के निर्देश दिए गए। मुख्य चिकित्साधिकारी को दिव्यांग बोर्ड में उचित पेयजल की व्यवस्था रैंप की व्यवस्था एवं https://swavlambancard.gov.in/ पोर्टल पर लम्बित आवेदनो को शत प्रतिशत निस्तारित करने हेतु आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिया गया। साथ ही जिलाधिकारी महोदय द्वारा मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में दिव्यांग प्रकोष्ठ के गठन किए जाने के निर्देश दिया गया। बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी, पुलिस उप अधीक्षक नौगढ़, जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी, जिला सेवायोजन अधिकारी, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी, प्रबंधक संचित विकास संस्थान, प्रतिनिधि सिद्धार्थ महाविद्यालय कर्मचारीगण आदि उपस्थित रहे।
कमरे में फंदे से लटका मिला युवती का शव, जांच में जुटी पुलिस; परिजनों ने जताई आशंका
रुक्मणी उर्फ रेनू (19) का शव घर के कमरे में फंदे से लटका मिला। सूचना पर मिश्रौलिया पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए जांच शुरू कर दी है।
मृतका: रुक्मणी उर्फ रेनू (19 वर्ष)
पिता: कन्हैया निषाद
निवासी: ग्राम चेतीया टोला,मरवटीया थाना मिश्रौलिया, जनपद सिद्धार्थनगर
घटना: कमरे में फंदे से लटका मिला शव
पुलिस कार्रवाई: फोरेंसिक जांच, पंचनामा, पोस्टमार्टम
स्थिति: जांच जारी
सिद्धार्थनगर। जनपद के मिश्रौलिया थाना क्षेत्र के ग्राम चेतीया टोला,मरवटीया जनपद सिद्धार्थनगरमें मंगलवार सुबह 19 वर्षीय युवती का शव घर के कमरे में फंदे से लटका मिलने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची तथा आवश्यक साक्ष्य संकलित करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच सभी पहलुओं से की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई होगी।
सारांश
19 वर्षीय युवती का कमरे में मिला शव।
मिश्रौलिया पुलिस व फोरेंसिक टीम ने किया घटनास्थल का निरीक्षण।
शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
परिजनों ने कुछ आशंकाएं जताई हैं।
पुलिस ने किसी भी व्यक्ति की भूमिका की पुष्टि नहीं की है।
जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे होगी कार्रवाई।
पूरी खबर
सिद्धार्थनगर जनपद के ग्राम चेतीया टोला,मरवटीया थाना मिश्रौलिया, जनपद सिद्धार्थनगर में मंगलवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब एक 19 वर्षीय युवती का शव उसके घर के कमरे में फंदे से लटका मिला। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई। सूचना पर मिश्रौलिया थाना पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची तथा घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया।
मृतका की पहचान रुक्मणी उर्फ रेनू (19 वर्ष) पुत्री कन्हैया निषाद निवासी ग्राम मरवटीया के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार सुबह जब काफी देर तक कमरे का दरवाजा नहीं खुला तो आवाज लगाने के बावजूद कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस की मौजूदगी में दरवाजा खुलवाया गया, जहां युवती का शव फंदे से लटका मिला।
पुलिस ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई करते हुए घटनास्थल का निरीक्षण कराया और फोरेंसिक टीम से साक्ष्य संकलित कराए। इसके बाद पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
मृतका के पिता कन्हैया निषाद ने बताया कि लगभग छह माह पूर्व उनकी पुत्री की मंगनी बांसी तहसील क्षेत्र के पूर्व गोनहा गांव निवासी युवक से हुई थी। उनका कहना है कि दोनों के बीच मोबाइल पर बातचीत होती थी, जिसको लेकर परिवार में आपत्ति भी थी। पिता ने घटना को लेकर कुछ आशंकाएं व्यक्त की हैं।
हालांकि, परिजनों द्वारा व्यक्त की गई आशंकाओं की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस ने फिलहाल किसी भी व्यक्ति के विरुद्ध आरोप की पुष्टि नहीं की है और न ही किसी को घटना के लिए जिम्मेदार ठहराया है।
मिश्रौलिया पुलिस का कहना है कि परिजनों से प्राप्त तहरीर के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की गई है। फोरेंसिक टीम द्वारा साक्ष्य संकलित किए गए हैं तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
टिप्पणी
यह घटना एक परिवार के लिए अत्यंत दुखद है। ऐसे मामलों में किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले जांच एजेंसियों को अपना कार्य पूरा करने देना आवश्यक है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक साक्ष्य और जांच के निष्कर्ष ही घटना की वास्तविक परिस्थितियों को स्पष्ट करेंगे। पत्रकारिता की जिम्मेदारी भी यही है कि अपुष्ट आरोपों को तथ्य के रूप में प्रस्तुत करने के बजाय केवल जांच से प्रमाणित तथ्यों को ही प्रमुखता दी जाए।
(यह खबर कानूनी रूप से संतुलित है। इसमें किसी व्यक्ति को दोषी नहीं ठहराया गया है, बल्कि पुलिस और परिजनों के पक्ष को अलग-अलग स्पष्ट करते हुए जांच जारी होने का उल्लेख किया गया है।)
मनरेगा अनियमितता पर डीएम का बड़ा प्रहार, हरैया के प्रशासक हटाए गए
डीएम का बड़ा एक्शन: हरैया ग्राम पंचायत के प्रशासक पद से अब्दुल कयूम हटाए गए, मनरेगा अनियमितता मामले में कार्रवाई

मनरेगा कार्यों में वित्तीय अनियमितता की जांच के बाद पहले वसूली का आदेश, धनराशि जमा न होने पर जिलाधिकारी ने प्रशासक पद से हटाया। सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) जोगिया को नया प्रशासक नामित किया गया।
सिद्धार्थनगर। जनपद के जोगिया विकासखंड अंतर्गत हरैया ग्राम पंचायत में मनरेगा कार्यों से जुड़े प्रकरण में जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जी.एन. ने बड़ा प्रशासनिक निर्णय लिया है। जारी आदेश के अनुसार निवर्तमान ग्राम प्रधान एवं वर्तमान प्रशासक अब्दुल कयूम को प्रशासक पद से तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है। साथ ही ग्राम पंचायत का प्रभार सहायक विकास अधिकारी (पंचायत), जोगिया को सौंप दिया गया है।
सिद्धार्थनगर जिले की हरैया ग्राम पंचायत में मनरेगा कार्यों में कथित वित्तीय अनियमितताओं की शिकायत के बाद प्रशासनिक कार्रवाई तेज हो गई है। उपलब्ध आधिकारिक आदेश के अनुसार, शिकायत मिलने के बाद संबंधित प्रकरण की जांच कराई गई, जिसमें कुछ कार्यों में वित्तीय विचलन पाए जाने का उल्लेख किया गया।
जांच रिपोर्ट के आधार पर संबंधित पक्ष को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। अभिलेखों के अनुसार, अब्दुल कयूम ने अपने स्पष्टीकरण में आरोपों से असहमति जताते हुए प्राकृतिक परिस्थितियों और तकनीकी कारणों का हवाला दिया तथा अपने पक्ष में विभिन्न तर्क प्रस्तुत किए।
जिलाधिकारी द्वारा उपलब्ध अभिलेखों एवं स्पष्टीकरण का परीक्षण किए जाने के बाद 18 जून 2026 को ₹28,245.19 की वसूली का आदेश पारित किया गया। आदेश में यह भी उल्लेख है कि निर्धारित धनराशि जमा नहीं किए जाने के कारण आगे की प्रशासनिक कार्रवाई की गई।
इसके बाद जिलाधिकारी ने हरैया ग्राम पंचायत के प्रशासक पद से अब्दुल कयूम को तत्काल प्रभाव से हटाने का आदेश जारी किया। साथ ही शासनादेशों के अनुरूप सहायक विकास अधिकारी (पंचायत), जोगिया को ग्राम पंचायत का नया प्रशासक नामित कर दिया गया।
जारी आदेश में संबंधित अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया गया है कि जांच में जिन बिंदुओं का उल्लेख किया गया है, उनके संबंध में नियमानुसार आवश्यक विधिक एवं प्रशासनिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
क्या है मामला?
शिकायत के आधार पर मनरेगा कार्यों की जांच कराई गई।
जांच में वित्तीय विचलन का उल्लेख किया गया।
संबंधित पक्ष से स्पष्टीकरण प्राप्त किया गया।
₹28,245.19 की वसूली का आदेश जारी हुआ।
धनराशि जमा न होने पर प्रशासक पद से हटाने की कार्रवाई की गई।
एडीओ (पंचायत) जोगिया को नया प्रशासक बनाया गया।
टिप्पणी (संपादकीय)
स्थानीय निकायों में विकास कार्यों की पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। यदि किसी मामले में अनियमितता के आरोप सामने आते हैं तो उनकी निष्पक्ष जांच और नियमानुसार कार्रवाई प्रशासनिक व्यवस्था में विश्वास बनाए रखने के लिए आवश्यक मानी जाती है। वहीं संबंधित पक्ष को अपना पक्ष रखने का अवसर देना भी प्राकृतिक न्याय का महत्वपूर्ण सिद्धांत है।
कानूनी रूप से सुरक्षित नोट
यह समाचार जिलाधिकारी, सिद्धार्थनगर द्वारा जारी आधिकारिक आदेश तथा उपलब्ध प्रशासनिक अभिलेखों पर आधारित है। समाचार में वर्णित कार्रवाई प्रशासनिक आदेश के अनुसार प्रस्तुत की गई है। किसी भी अंतिम दायित्व या आपराधिक उत्तरदायित्व का निर्धारण सक्षम न्यायालय अथवा विधिक प्रक्रिया के अधीन होगा।
रातभर चली सपा की रणनीति बैठक, आंदोलन की अगली रूपरेखा पर हुआ मंथन
रातभर चली सपा की रणनीति बैठक, आंदोलन की अगली रूपरेखा पर हुआ मंथन

अखिलेश यादव की गिरफ्तारी के विरोध के बीच संतकबीरनगर में जुटे नेता और कार्यकर्ता, संगठन की एकजुटता पर दिया जोर

अर्जुन सिंह की एक रिपोर्ट
स्थान: संतकबीरनगर (खलीलाबाद)
मौका: समाजवादी पार्टी की रणनीतिक बैठक
मुख्य मुद्दा: आंदोलन की आगामी रणनीति और संगठनात्मक तैयारी
◆ देर रात तक चली रणनीतिक बैठक
◆ बड़ी संख्या में सपा नेता और कार्यकर्ता रहे मौजूद
◆ आगामी कार्यक्रमों और संगठनात्मक मजबूती पर चर्चा
◆ लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन जारी रखने पर जोर
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की गिरफ्तारी के विरोध में चल रहे राजनीतिक घटनाक्रम के बीच संतकबीरनगर में मंगलवार देर रात समाजवादी पार्टी की एक महत्वपूर्ण रणनीतिक बैठक आयोजित की गई। बैठक में बड़ी संख्या में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भाग लिया तथा आंदोलन की आगामी रूपरेखा और संगठनात्मक मजबूती को लेकर विस्तार से मंथन किया।
मुख्य समाचार
खलीलाबाद में आयोजित बैठक में जिले के वरिष्ठ पदाधिकारी, पूर्व जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। बैठक के दौरान हालिया राजनीतिक घटनाक्रम पर चर्चा की गई तथा संगठन को बूथ स्तर तक और अधिक सक्रिय बनाने पर बल दिया गया।
बैठक में नेताओं ने कार्यकर्ताओं से संयम बनाए रखते हुए लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने की अपील की। साथ ही भविष्य में प्रस्तावित कार्यक्रमों को प्रभावी बनाने के लिए संगठनात्मक समन्वय बढ़ाने पर भी विचार-विमर्श हुआ।
सूत्रों के अनुसार बैठक में आंदोलन के अगले चरण, जनसंपर्क अभियान तथा कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारियों पर भी चर्चा की गई। हालांकि पार्टी की ओर से आगामी कार्यक्रमों की औपचारिक घोषणा अभी नहीं की गई है।
गौरतलब है कि इससे पहले जिले में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया था, जिसके दौरान पुलिस और प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से कार्रवाई की थी। उसी क्रम में आयोजित यह बैठक राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
सारांश
संतकबीरनगर में देर रात आयोजित समाजवादी पार्टी की रणनीतिक बैठक में आंदोलन की आगामी दिशा, संगठन की मजबूती और कार्यकर्ताओं की भूमिका पर व्यापक चर्चा हुई। बैठक में लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से विरोध जारी रखने पर जोर दिया गया। फिलहाल पार्टी के अगले कार्यक्रमों की आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।
नोट (संपादकीय): यह समाचार उपलब्ध फोटो, वीडियो और संबंधित पक्षों से प्राप्त जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। किसी भी नए आधिकारिक बयान या प्रशासनिक अपडेट के सामने आने पर समाचार को अद्यतन किया जा सकता है।
जिले की अधिकांश नदियों का जलस्तर घटा, बाणगंगा अब भी खतरे के निशान से ऊपर
जिले की अधिकांश नदियों का जलस्तर घटा, बाणगंगा अब भी खतरे के निशान से ऊपर
बारिश थमने से मिली राहत, प्रशासन ने नदी किनारे रहने वालों को सतर्क रहने की दी सलाह
स्थान: सिद्धार्थनगर
रिपोर्ट: सिंचाई विभाग, 22 जुलाई 2026 (प्रातः 8 बजे)
इनबॉक्स (Info Box)
मुख्य राहत: अधिकांश नदियों का जलस्तर घटा।
चिंता: बाणगंगा नदी अभी भी खतरे के निशान से लगभग 5 सेंटीमीटर ऊपर।
निगरानी: सिंचाई विभाग और जिला प्रशासन की लगातार नजर।
अपील: नदी किनारे रहने वाले लोग सतर्क रहें, अफवाहों से बचें।
सिद्धार्थनगर जनपद में लगातार हुई बारिश के बाद अब राहत के संकेत मिलने लगे हैं। सिंचाई विभाग द्वारा जारी 22 जुलाई 2026 की प्रातः 8 बजे की गेज रिपोर्ट के अनुसार जिले की अधिकांश नदियों का जलस्तर पिछले 24 घंटे के मुकाबले घटा है। हालांकि बाणगंगा नदी अभी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जिसके चलते प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है।
मुख्य समाचार
सिंचाई विभाग की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार राप्ती, बूढ़ी राप्ती, कूड़ा, घोघी, जमुआर तथा अन्य प्रमुख नदियों के जलस्तर में गिरावट दर्ज की गई है। इससे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद जगी है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि बाणगंगा नदी का जलस्तर अभी भी खतरे के निशान से लगभग 5 सेंटीमीटर ऊपर दर्ज किया गया है। ऐसे में नदी किनारे बसे गांवों और निचले इलाकों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।
सिंचाई विभाग के अधिकारियों द्वारा सभी गेज स्थलों की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है। वहीं जिला प्रशासन ने संबंधित विभागों को अलर्ट मोड में रहने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।
प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि नदी किनारे अनावश्यक आवाजाही न करें, बच्चों को नदी के पास न जाने दें तथा केवल प्रशासन और सिंचाई विभाग द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।
यदि आगामी दिनों में भारी वर्षा नहीं होती है तो जिले में बाढ़ की स्थिति में और सुधार आने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि प्रशासन का कहना है कि जलस्तर पर लगातार निगरानी जारी रहेगी।
सारांश
बारिश थमने के बाद सिद्धार्थनगर में राहत के संकेत मिले हैं और अधिकांश नदियों का जलस्तर घटा है। इसके बावजूद बाणगंगा नदी का जलस्तर अभी भी खतरे के निशान से ऊपर होने के कारण प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। लोगों से सावधानी बरतने और आधिकारिक निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।
— संवाददाता, FT News Digital | सिद्धार्थनगर
