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जिलाधिकारी ने की दिव्यांग सशक्तिकरण विभाग की समीक्षा
सिद्धार्थनगर। आज दिनांक-22.07.2026 को जिलाधिकारी महोदय की अध्यक्षता में दिव्यांग सशक्तिकरण विभाग द्वारा विभिन्न समितियां-जिला दिव्यांग समिति, जिला प्रबंधन समिति, यूनिक डिसेबिलिटी अनुश्रवण समिति, लोकल लेवल कमेटी की बैठक की गई। बैठक में जिलाधिकारी महोदय द्वारा दिव्यांगों को रोजगार से जोड़ने हेतु पर्पल फेयर (रोजगार मेला) लगाने के निर्देश दिए गए। मुख्य चिकित्साधिकारी को दिव्यांग बोर्ड में उचित पेयजल की व्यवस्था रैंप की व्यवस्था एवं https://swavlambancard.gov.in/ पोर्टल पर लम्बित आवेदनो को शत प्रतिशत निस्तारित करने हेतु आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिया गया। साथ ही जिलाधिकारी महोदय द्वारा मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में दिव्यांग प्रकोष्ठ के गठन किए जाने के निर्देश दिया गया। बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी, पुलिस उप अधीक्षक नौगढ़, जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी, जिला सेवायोजन अधिकारी, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी, प्रबंधक संचित विकास संस्थान, प्रतिनिधि सिद्धार्थ महाविद्यालय कर्मचारीगण आदि उपस्थित रहे।
कमरे में फंदे से लटका मिला युवती का शव, जांच में जुटी पुलिस; परिजनों ने जताई आशंका
रुक्मणी उर्फ रेनू (19) का शव घर के कमरे में फंदे से लटका मिला। सूचना पर मिश्रौलिया पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए जांच शुरू कर दी है।
मृतका: रुक्मणी उर्फ रेनू (19 वर्ष)
पिता: कन्हैया निषाद
निवासी: ग्राम चेतीया टोला,मरवटीया थाना मिश्रौलिया, जनपद सिद्धार्थनगर
घटना: कमरे में फंदे से लटका मिला शव
पुलिस कार्रवाई: फोरेंसिक जांच, पंचनामा, पोस्टमार्टम
स्थिति: जांच जारी
सिद्धार्थनगर। जनपद के मिश्रौलिया थाना क्षेत्र के ग्राम चेतीया टोला,मरवटीया जनपद सिद्धार्थनगरमें मंगलवार सुबह 19 वर्षीय युवती का शव घर के कमरे में फंदे से लटका मिलने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची तथा आवश्यक साक्ष्य संकलित करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच सभी पहलुओं से की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई होगी।
सारांश
19 वर्षीय युवती का कमरे में मिला शव।
मिश्रौलिया पुलिस व फोरेंसिक टीम ने किया घटनास्थल का निरीक्षण।
शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
परिजनों ने कुछ आशंकाएं जताई हैं।
पुलिस ने किसी भी व्यक्ति की भूमिका की पुष्टि नहीं की है।
जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे होगी कार्रवाई।
पूरी खबर
सिद्धार्थनगर जनपद के ग्राम चेतीया टोला,मरवटीया थाना मिश्रौलिया, जनपद सिद्धार्थनगर में मंगलवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब एक 19 वर्षीय युवती का शव उसके घर के कमरे में फंदे से लटका मिला। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई। सूचना पर मिश्रौलिया थाना पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची तथा घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया।
मृतका की पहचान रुक्मणी उर्फ रेनू (19 वर्ष) पुत्री कन्हैया निषाद निवासी ग्राम मरवटीया के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार सुबह जब काफी देर तक कमरे का दरवाजा नहीं खुला तो आवाज लगाने के बावजूद कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस की मौजूदगी में दरवाजा खुलवाया गया, जहां युवती का शव फंदे से लटका मिला।
पुलिस ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई करते हुए घटनास्थल का निरीक्षण कराया और फोरेंसिक टीम से साक्ष्य संकलित कराए। इसके बाद पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
मृतका के पिता कन्हैया निषाद ने बताया कि लगभग छह माह पूर्व उनकी पुत्री की मंगनी बांसी तहसील क्षेत्र के पूर्व गोनहा गांव निवासी युवक से हुई थी। उनका कहना है कि दोनों के बीच मोबाइल पर बातचीत होती थी, जिसको लेकर परिवार में आपत्ति भी थी। पिता ने घटना को लेकर कुछ आशंकाएं व्यक्त की हैं।
हालांकि, परिजनों द्वारा व्यक्त की गई आशंकाओं की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस ने फिलहाल किसी भी व्यक्ति के विरुद्ध आरोप की पुष्टि नहीं की है और न ही किसी को घटना के लिए जिम्मेदार ठहराया है।
मिश्रौलिया पुलिस का कहना है कि परिजनों से प्राप्त तहरीर के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की गई है। फोरेंसिक टीम द्वारा साक्ष्य संकलित किए गए हैं तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
टिप्पणी
यह घटना एक परिवार के लिए अत्यंत दुखद है। ऐसे मामलों में किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले जांच एजेंसियों को अपना कार्य पूरा करने देना आवश्यक है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक साक्ष्य और जांच के निष्कर्ष ही घटना की वास्तविक परिस्थितियों को स्पष्ट करेंगे। पत्रकारिता की जिम्मेदारी भी यही है कि अपुष्ट आरोपों को तथ्य के रूप में प्रस्तुत करने के बजाय केवल जांच से प्रमाणित तथ्यों को ही प्रमुखता दी जाए।
(यह खबर कानूनी रूप से संतुलित है। इसमें किसी व्यक्ति को दोषी नहीं ठहराया गया है, बल्कि पुलिस और परिजनों के पक्ष को अलग-अलग स्पष्ट करते हुए जांच जारी होने का उल्लेख किया गया है।)
मनरेगा अनियमितता पर डीएम का बड़ा प्रहार, हरैया के प्रशासक हटाए गए
डीएम का बड़ा एक्शन: हरैया ग्राम पंचायत के प्रशासक पद से अब्दुल कयूम हटाए गए, मनरेगा अनियमितता मामले में कार्रवाई

मनरेगा कार्यों में वित्तीय अनियमितता की जांच के बाद पहले वसूली का आदेश, धनराशि जमा न होने पर जिलाधिकारी ने प्रशासक पद से हटाया। सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) जोगिया को नया प्रशासक नामित किया गया।
सिद्धार्थनगर। जनपद के जोगिया विकासखंड अंतर्गत हरैया ग्राम पंचायत में मनरेगा कार्यों से जुड़े प्रकरण में जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जी.एन. ने बड़ा प्रशासनिक निर्णय लिया है। जारी आदेश के अनुसार निवर्तमान ग्राम प्रधान एवं वर्तमान प्रशासक अब्दुल कयूम को प्रशासक पद से तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है। साथ ही ग्राम पंचायत का प्रभार सहायक विकास अधिकारी (पंचायत), जोगिया को सौंप दिया गया है।
सिद्धार्थनगर जिले की हरैया ग्राम पंचायत में मनरेगा कार्यों में कथित वित्तीय अनियमितताओं की शिकायत के बाद प्रशासनिक कार्रवाई तेज हो गई है। उपलब्ध आधिकारिक आदेश के अनुसार, शिकायत मिलने के बाद संबंधित प्रकरण की जांच कराई गई, जिसमें कुछ कार्यों में वित्तीय विचलन पाए जाने का उल्लेख किया गया।
जांच रिपोर्ट के आधार पर संबंधित पक्ष को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। अभिलेखों के अनुसार, अब्दुल कयूम ने अपने स्पष्टीकरण में आरोपों से असहमति जताते हुए प्राकृतिक परिस्थितियों और तकनीकी कारणों का हवाला दिया तथा अपने पक्ष में विभिन्न तर्क प्रस्तुत किए।
जिलाधिकारी द्वारा उपलब्ध अभिलेखों एवं स्पष्टीकरण का परीक्षण किए जाने के बाद 18 जून 2026 को ₹28,245.19 की वसूली का आदेश पारित किया गया। आदेश में यह भी उल्लेख है कि निर्धारित धनराशि जमा नहीं किए जाने के कारण आगे की प्रशासनिक कार्रवाई की गई।
इसके बाद जिलाधिकारी ने हरैया ग्राम पंचायत के प्रशासक पद से अब्दुल कयूम को तत्काल प्रभाव से हटाने का आदेश जारी किया। साथ ही शासनादेशों के अनुरूप सहायक विकास अधिकारी (पंचायत), जोगिया को ग्राम पंचायत का नया प्रशासक नामित कर दिया गया।
जारी आदेश में संबंधित अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया गया है कि जांच में जिन बिंदुओं का उल्लेख किया गया है, उनके संबंध में नियमानुसार आवश्यक विधिक एवं प्रशासनिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
क्या है मामला?
शिकायत के आधार पर मनरेगा कार्यों की जांच कराई गई।
जांच में वित्तीय विचलन का उल्लेख किया गया।
संबंधित पक्ष से स्पष्टीकरण प्राप्त किया गया।
₹28,245.19 की वसूली का आदेश जारी हुआ।
धनराशि जमा न होने पर प्रशासक पद से हटाने की कार्रवाई की गई।
एडीओ (पंचायत) जोगिया को नया प्रशासक बनाया गया।
टिप्पणी (संपादकीय)
स्थानीय निकायों में विकास कार्यों की पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। यदि किसी मामले में अनियमितता के आरोप सामने आते हैं तो उनकी निष्पक्ष जांच और नियमानुसार कार्रवाई प्रशासनिक व्यवस्था में विश्वास बनाए रखने के लिए आवश्यक मानी जाती है। वहीं संबंधित पक्ष को अपना पक्ष रखने का अवसर देना भी प्राकृतिक न्याय का महत्वपूर्ण सिद्धांत है।
कानूनी रूप से सुरक्षित नोट
यह समाचार जिलाधिकारी, सिद्धार्थनगर द्वारा जारी आधिकारिक आदेश तथा उपलब्ध प्रशासनिक अभिलेखों पर आधारित है। समाचार में वर्णित कार्रवाई प्रशासनिक आदेश के अनुसार प्रस्तुत की गई है। किसी भी अंतिम दायित्व या आपराधिक उत्तरदायित्व का निर्धारण सक्षम न्यायालय अथवा विधिक प्रक्रिया के अधीन होगा।
रातभर चली सपा की रणनीति बैठक, आंदोलन की अगली रूपरेखा पर हुआ मंथन
रातभर चली सपा की रणनीति बैठक, आंदोलन की अगली रूपरेखा पर हुआ मंथन

अखिलेश यादव की गिरफ्तारी के विरोध के बीच संतकबीरनगर में जुटे नेता और कार्यकर्ता, संगठन की एकजुटता पर दिया जोर

अर्जुन सिंह की एक रिपोर्ट
स्थान: संतकबीरनगर (खलीलाबाद)
मौका: समाजवादी पार्टी की रणनीतिक बैठक
मुख्य मुद्दा: आंदोलन की आगामी रणनीति और संगठनात्मक तैयारी
◆ देर रात तक चली रणनीतिक बैठक
◆ बड़ी संख्या में सपा नेता और कार्यकर्ता रहे मौजूद
◆ आगामी कार्यक्रमों और संगठनात्मक मजबूती पर चर्चा
◆ लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन जारी रखने पर जोर
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की गिरफ्तारी के विरोध में चल रहे राजनीतिक घटनाक्रम के बीच संतकबीरनगर में मंगलवार देर रात समाजवादी पार्टी की एक महत्वपूर्ण रणनीतिक बैठक आयोजित की गई। बैठक में बड़ी संख्या में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भाग लिया तथा आंदोलन की आगामी रूपरेखा और संगठनात्मक मजबूती को लेकर विस्तार से मंथन किया।
मुख्य समाचार
खलीलाबाद में आयोजित बैठक में जिले के वरिष्ठ पदाधिकारी, पूर्व जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। बैठक के दौरान हालिया राजनीतिक घटनाक्रम पर चर्चा की गई तथा संगठन को बूथ स्तर तक और अधिक सक्रिय बनाने पर बल दिया गया।
बैठक में नेताओं ने कार्यकर्ताओं से संयम बनाए रखते हुए लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने की अपील की। साथ ही भविष्य में प्रस्तावित कार्यक्रमों को प्रभावी बनाने के लिए संगठनात्मक समन्वय बढ़ाने पर भी विचार-विमर्श हुआ।
सूत्रों के अनुसार बैठक में आंदोलन के अगले चरण, जनसंपर्क अभियान तथा कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारियों पर भी चर्चा की गई। हालांकि पार्टी की ओर से आगामी कार्यक्रमों की औपचारिक घोषणा अभी नहीं की गई है।
गौरतलब है कि इससे पहले जिले में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया था, जिसके दौरान पुलिस और प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से कार्रवाई की थी। उसी क्रम में आयोजित यह बैठक राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
सारांश
संतकबीरनगर में देर रात आयोजित समाजवादी पार्टी की रणनीतिक बैठक में आंदोलन की आगामी दिशा, संगठन की मजबूती और कार्यकर्ताओं की भूमिका पर व्यापक चर्चा हुई। बैठक में लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से विरोध जारी रखने पर जोर दिया गया। फिलहाल पार्टी के अगले कार्यक्रमों की आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।
नोट (संपादकीय): यह समाचार उपलब्ध फोटो, वीडियो और संबंधित पक्षों से प्राप्त जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। किसी भी नए आधिकारिक बयान या प्रशासनिक अपडेट के सामने आने पर समाचार को अद्यतन किया जा सकता है।
जिले की अधिकांश नदियों का जलस्तर घटा, बाणगंगा अब भी खतरे के निशान से ऊपर
जिले की अधिकांश नदियों का जलस्तर घटा, बाणगंगा अब भी खतरे के निशान से ऊपर
बारिश थमने से मिली राहत, प्रशासन ने नदी किनारे रहने वालों को सतर्क रहने की दी सलाह
स्थान: सिद्धार्थनगर
रिपोर्ट: सिंचाई विभाग, 22 जुलाई 2026 (प्रातः 8 बजे)
इनबॉक्स (Info Box)
मुख्य राहत: अधिकांश नदियों का जलस्तर घटा।
चिंता: बाणगंगा नदी अभी भी खतरे के निशान से लगभग 5 सेंटीमीटर ऊपर।
निगरानी: सिंचाई विभाग और जिला प्रशासन की लगातार नजर।
अपील: नदी किनारे रहने वाले लोग सतर्क रहें, अफवाहों से बचें।
सिद्धार्थनगर जनपद में लगातार हुई बारिश के बाद अब राहत के संकेत मिलने लगे हैं। सिंचाई विभाग द्वारा जारी 22 जुलाई 2026 की प्रातः 8 बजे की गेज रिपोर्ट के अनुसार जिले की अधिकांश नदियों का जलस्तर पिछले 24 घंटे के मुकाबले घटा है। हालांकि बाणगंगा नदी अभी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जिसके चलते प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है।
मुख्य समाचार
सिंचाई विभाग की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार राप्ती, बूढ़ी राप्ती, कूड़ा, घोघी, जमुआर तथा अन्य प्रमुख नदियों के जलस्तर में गिरावट दर्ज की गई है। इससे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद जगी है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि बाणगंगा नदी का जलस्तर अभी भी खतरे के निशान से लगभग 5 सेंटीमीटर ऊपर दर्ज किया गया है। ऐसे में नदी किनारे बसे गांवों और निचले इलाकों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।
सिंचाई विभाग के अधिकारियों द्वारा सभी गेज स्थलों की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है। वहीं जिला प्रशासन ने संबंधित विभागों को अलर्ट मोड में रहने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।
प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि नदी किनारे अनावश्यक आवाजाही न करें, बच्चों को नदी के पास न जाने दें तथा केवल प्रशासन और सिंचाई विभाग द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।
यदि आगामी दिनों में भारी वर्षा नहीं होती है तो जिले में बाढ़ की स्थिति में और सुधार आने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि प्रशासन का कहना है कि जलस्तर पर लगातार निगरानी जारी रहेगी।
सारांश
बारिश थमने के बाद सिद्धार्थनगर में राहत के संकेत मिले हैं और अधिकांश नदियों का जलस्तर घटा है। इसके बावजूद बाणगंगा नदी का जलस्तर अभी भी खतरे के निशान से ऊपर होने के कारण प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। लोगों से सावधानी बरतने और आधिकारिक निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।
— संवाददाता, FT News Digital | सिद्धार्थनगर
महिला उत्पीड़न पर जीरो टॉलरेंस का संदेश, 15 दिन में रिपोर्ट तलब

महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों पर सख्त संदेश: सिद्धार्थनगर पहुंचीं राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष, 13 मामलों की जनसुनवाई, मेडिकल कॉलेज और जिला जेल का किया औचक निरीक्षण

राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबिता सिंह चौहान ने महिला सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य और सरकारी योजनाओं की समीक्षा की। अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई, मेडिकल कॉलेज और जिला जेल में व्यवस्थाएं सुधारने के दिए निर्देश। 
स्थान: विकास भवन, सिद्धार्थनगर
अध्यक्षता: डॉ. बबिता सिंह चौहान, अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग

मुख्य बिंदु: महिला जनसुनवाई, समीक्षा बैठक, मेडिकल कॉलेज व जिला जेल निरीक्षण
सुनवाई।
🔹 15 दिन में निस्तारण रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश।
🔹 महिला सुरक्षा, तस्करी रोकने और हेल्पलाइन प्रचार पर विशेष जोर।
🔹 मेडिकल कॉलेज में स्वास्थ्य सेवाओं और साफ-सफाई की समीक्षा।
🔹 ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ के तहत कन्या जन्मोत्सव आयोजित।
🔹 जिला जेल में महिला बंदियों की सुविधाओं का निरीक्षण।
सिद्धार्थनगर।
महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग ने सिद्धार्थनगर में सख्त रुख अपनाया। आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबिता सिंह चौहान ने सोमवार को विकास भवन सभागार में आयोजित महिला जनसुनवाई एवं जिला स्तरीय समीक्षा बैठक में महिला उत्पीड़न, घरेलू हिंसा, दहेज प्रताड़ना और छेड़छाड़ से जुड़े मामलों की सुनवाई करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि हर मामले का निष्पक्ष, गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में कुल 13 प्रार्थना-पत्र प्रस्तुत किए गए। आयोग अध्यक्ष ने कहा कि किसी भी पीड़ित महिला के साथ भेदभाव नहीं होना चाहिए तथा पुलिस महिला उत्पीड़न के मामलों में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करे। पति-पत्नी के विवादों में दोनों पक्षों को सुनकर कानून के अनुरूप समाधान निकालने पर भी जोर दिया गया।
उन्होंने महिलाओं की गुमशुदगी और मानव तस्करी की घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए पुलिस और संबंधित विभागों को प्रभावी निगरानी और रोकथाम के निर्देश दिए। साथ ही नुक्कड़ नाटक, चौपाल और जनजागरूकता अभियानों के माध्यम से महिलाओं को उनके अधिकारों और सरकारी योजनाओं की जानकारी देने पर बल दिया।
बैठक में समाज कल्याण, महिला कल्याण, पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभागों को निर्देश दिया गया कि पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ हर हाल में पहुंचे। आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए विशेष शिविर आयोजित करने और पात्र परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा से जोड़ने के भी निर्देश दिए गए।
शिक्षा और बालिका सुरक्षा पर विशेष फोकस
डॉ. बबिता सिंह चौहान ने बेसिक शिक्षा विभाग और माध्यमिक शिक्षा विभाग को निर्देश दिए कि विद्यालयों में शिक्षकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। स्कूलों में छात्राओं के लिए स्वच्छ महिला शौचालय, सैनिटरी पैड वेंडिंग मशीन, आत्मरक्षा प्रशिक्षण और महिला सुरक्षा संबंधी जागरूकता कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाएं। विद्यालय से बाहर रहने वाली बालिकाओं को कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों से जोड़ने पर भी विशेष जोर दिया गया।
मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण

बैठक के बाद आयोग अध्यक्ष ने माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण किया। उन्होंने इमरजेंसी वार्ड में भर्ती मरीजों से बातचीत कर स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी ली तथा डॉक्टरों को समय पर ड्यूटी करने और मरीजों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। अस्पताल परिसर में साफ-सफाई और बारिश के कारण हुए जलभराव को तत्काल दूर कराने के निर्देश भी दिए।
इसी दौरान ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान के तहत कन्या जन्मोत्सव मनाया गया। नवजात बालिकाओं की माताओं को उपहार वितरित किए गए तथा गर्भवती महिलाओं की गोदभराई और बच्चों का अन्नप्राशन कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। आयोग अध्यक्ष ने कन्या सुमंगला योजना का अधिक से अधिक लाभ पात्र परिवारों तक पहुंचाने पर बल दिया।
जिला जेल में महिला बंदियों से संवाद
इसके बाद आयोग अध्यक्ष ने जिला जेल का निरीक्षण किया। महिला बैरक में विचाराधीन महिला बंदियों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा सिलाई-कढ़ाई प्रशिक्षण का अवलोकन किया। उन्होंने जेल प्रशासन को निर्देश दिए कि महिला बंदियों के नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, स्वच्छता और आवश्यक सुविधाओं में किसी प्रकार की कमी न रहे।
सिद्धार्थनगर दौरे पर पहुंचीं उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबिता सिंह चौहान ने महिला जनसुनवाई में 13 मामलों की सुनवाई करते हुए अधिकारियों को 15 दिन के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। साथ ही मेडिकल कॉलेज और जिला जेल का निरीक्षण कर महिला सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया।
सारांश (Summary)
उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग ने सिद्धार्थनगर में महिला सुरक्षा और कल्याण से जुड़े मुद्दों पर प्रशासनिक तैयारियों की समीक्षा की। जनसुनवाई, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा व्यवस्था और जेल निरीक्षण के माध्यम से आयोग ने विभिन्न विभागों को समयबद्ध और संवेदनशील कार्रवाई के निर्देश दिए।
✍️ समाचार टिप्पणी (Editorial Comment)
महिलाओं से जुड़े मामलों में त्वरित सुनवाई और विभागीय जवाबदेही प्रशासनिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। हालांकि, इन निर्देशों का वास्तविक प्रभाव तभी दिखाई देगा जब निर्धारित समयसीमा में मामलों का निष्पक्ष निस्तारण हो और महिला सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं का लाभ जमीनी स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचे। यह दौरा केवल समीक्षा तक सीमित न रहकर परिणामों में भी परिवर्तित हो, यही इसकी वास्तविक सफलता होगी।
17 साल से रुकी चकबंदी को मिलेगी रफ्तार? प्रशासन ने गांव पहुंचकर शुरू किया जनजागरूकता अभियान

एडीएम (न्याय) डॉ. ज्ञान प्रकाश ने ग्रामीणों से किया संवाद, ड्रोन, रोवर और AI तकनीक से पारदर्शी चकबंदी का दिया भरोसा, आम सहमति से आगे बढ़ेगी प्रक्रिया।
स्थान: ग्राम सोनौरा तप्पा नादेपार, तहसील नौगढ़, सिद्धार्थनगर
कार्यक्रम: चकबंदी जागरूकता अभियान
सिद्धार्थनगर।
जनपद के ग्राम सोनौरा तप्पा नादेपार में वर्षों से रुकी चकबंदी प्रक्रिया को फिर से गति देने के उद्देश्य से प्रशासन ने जनजागरूकता अभियान शुरू कर दिया है। इसी क्रम में अपर जिलाधिकारी (न्याय) एवं उप संचालक चकबंदी डॉ. ज्ञान प्रकाश ने गांव पहुंचकर ग्रामीणों के साथ सीधा संवाद किया और आधुनिक तकनीक के माध्यम से पारदर्शी एवं विवादमुक्त चकबंदी का भरोसा दिलाया।
गांव के प्राथमिक विद्यालय में आयोजित बैठक में चकबंदी अधिकारी राजेंद्र प्रसाद यादव, सहायक चकबंदी अधिकारी राजेश मिश्रा, ग्राम प्रधान श्रीमती रीता, चकबंदी समिति के सदस्य तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
बैठक के दौरान ग्रामीणों ने अपनी शंकाएं रखते हुए बताया कि गांव में पहले से चकरोड, सेक्टर मार्ग, प्राथमिक विद्यालय, पंचायत भवन और आंगनबाड़ी जैसी सार्वजनिक सुविधाएं पर्याप्त हैं तथा प्रथम चक्र की चकबंदी से वे संतुष्ट हैं। इसी कारण नई चकबंदी को लेकर उनके मन में कुछ आशंकाएं बनी हुई हैं।
ग्रामीणों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए डॉ. ज्ञान प्रकाश ने कहा कि द्वितीय चक्र की चकबंदी में केवल आवश्यक सार्वजनिक सुविधाओं के लिए ही नाममात्र की कटौती की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस बार पूरी प्रक्रिया में ड्रोन सर्वे, रोवर तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग किया जाएगा, जिससे भूमि अभिलेख और नक्शे अधिक सटीक, पारदर्शी और डिजिटल स्वरूप में तैयार होंगे।
उन्होंने बताया कि आधुनिक तकनीक से चकरोड, नालियां और खेतों की वास्तविक सीमाएं स्पष्ट होंगी, जिससे भूमि विवाद और अवैध कब्जों पर प्रभावी नियंत्रण संभव होगा। साथ ही किसानों को बड़े और व्यवस्थित खेत मिलने से खेती की लागत घटेगी तथा उत्पादन और आय बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।
हालांकि प्रशासन की ओर से दी गई विस्तृत जानकारी के बाद ग्रामीणों में चकबंदी को लेकर उत्सुकता बढ़ी, लेकिन पुरानी व्यवस्था से संतुष्ट होने के कारण उन्होंने अभी अंतिम सहमति नहीं दी। इस पर एडीएम (न्याय) ने किसानों की भावनाओं का सम्मान करते हुए उन्हें विचार के लिए समय दिया।
बैठक के अंत में डॉ. ज्ञान प्रकाश ने चकबंदी अधिकारियों को निर्देश दिए कि गांव में लगातार चौपाल और जनसंवाद आयोजित किए जाएं, ताकि प्रत्येक किसान की शंकाओं का समाधान कर पूर्ण आम सहमति के आधार पर चकबंदी प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सके।
सोनौरा तप्पा नादेपार में वर्षों से रुकी चकबंदी प्रक्रिया को पुनः शुरू कराने के लिए प्रशासन ने जनसंवाद अभियान शुरू किया। एडीएम (न्याय) डॉ. ज्ञान प्रकाश ने ग्रामीणों को ड्रोन, रोवर और AI आधारित आधुनिक चकबंदी के लाभ बताए तथा सहमति बनाकर प्रक्रिया आगे बढ़ाने पर जोर दिया।
समाचार टिप्पणी
भूमि विवादों को कम करने, अभिलेखों को आधुनिक बनाने और कृषि को अधिक लाभकारी बनाने के लिए आधुनिक तकनीक आधारित चकबंदी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हालांकि किसी भी गांव में ऐसी प्रक्रिया तभी सफल हो सकती है जब ग्रामीणों का विश्वास और व्यापक सहमति दोनों साथ हों। प्रशासन का संवाद आधारित प्रयास इसी दिशा में एक सकारात्मक पहल माना जा सकता है।
तटबंधों पर डीएम का हाई अलर्ट निरीक्षण, बोले—बाढ़ से पहले पूरी तैयारी, लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई
बूढ़ी राप्ती पर बढ़ा खतरा, एक्शन में प्रशासन!
ककरही-गोनहा तटबंध का स्थलीय निरीक्षण, संवेदनशील स्थानों की निगरानी, स्टोर में राहत सामग्री का लिया जायजा, सभी विभागों को अलर्ट रहने के निर्देश।
सिद्धार्थनगर।
बूढ़ी राप्ती नदी के बढ़ते जलस्तर और लगातार हो रही बारिश के बीच बाढ़ प्रभावित जनपद सिद्धार्थनगर में जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। संभावित बाढ़ की चुनौती को देखते हुए जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने सोमवार को ककरही-गोनहा तटबंध का स्थलीय निरीक्षण कर तैयारियों की हकीकत परखी और अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में निर्देश दिया कि बाढ़ सुरक्षा कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने तटबंध के संवेदनशील हिस्सों का गहन निरीक्षण किया और सिंचाई विभाग के अधिकारियों से सुरक्षा इंतजामों की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने अधिशासी अभियंता सिंचाई निर्माण खंड सतीश कुमार को निर्देश दिया कि मानसून के पूरे दौर में तटबंधों की चौबीसों घंटे निगरानी सुनिश्चित की जाए तथा जहां भी कटान या रिसाव की आशंका हो, वहां तत्काल सुरक्षात्मक कार्य कराए जाएं।
जिलाधिकारी ने कहा कि सिद्धार्थनगर हर वर्ष बाढ़ की गंभीर चुनौती का सामना करता है। ऐसे में प्रशासन की प्राथमिकता जनजीवन और किसानों की फसलों की सुरक्षा है। उन्होंने निर्देश दिए कि नदी के जलस्तर की लगातार मॉनिटरिंग की जाए और किसी भी आपात स्थिति की सूचना तत्काल जिला प्रशासन तक पहुंचाई जाए, ताकि समय रहते राहत एवं बचाव कार्य शुरू किए जा सकें।
निरीक्षण के दौरान डीएम ने बाढ़ राहत स्टोर का भी निरीक्षण किया। वहां उपलब्ध बोरियां, तिरपाल, रस्सियां, प्रकाश व्यवस्था सहित अन्य आवश्यक सामग्री की समीक्षा की और अधिकारियों को निर्देश दिया कि आपदा से निपटने के लिए सभी संसाधन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहें। किसी भी सामग्री की कमी सामने नहीं आनी चाहिए।
उन्होंने राजस्व, सिंचाई, पुलिस, स्वास्थ्य और आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी विभागों को बेहतर समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए, ताकि यदि जलस्तर बढ़ता है तो प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल राहत पहुंचाई जा सके।
निरीक्षण के दौरान मौजूद अधिकारियों ने तटबंध की वर्तमान स्थिति और सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी जिलाधिकारी को दी। डीएम ने सभी तैयारियां समयबद्ध तरीके से पूरी करने और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए।
समाचार टिप्पणी
सिद्धार्थनगर पूर्वांचल के उन जिलों में शामिल है जहां हर वर्ष बूढ़ी राप्ती नदी बाढ़ का खतरा लेकर आती है। ऐसे में मानसून के शुरुआती दौर में जिलाधिकारी का स्वयं तटबंधों पर पहुंचकर निरीक्षण करना प्रशासन की गंभीरता को दर्शाता है। यदि विभागीय सतर्कता और निगरानी इसी तरह बनी रही तो संभावित बाढ़ से होने वाले नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
SIDDHARTHNAGAR | FT NEWS DIGITAL | BREAKING NEWS
हर बारिश में मौत का खतरा? काशीराम आवासों की जांच के लिए डीएम ने बनाई चार सदस्यीय समिति
दो कमरों की छत गिरने की घटना के बाद प्रशासन हरकत में, एक सप्ताह में मांगी गई रिपोर्ट
स्थान: सिद्धार्थनगर मुख्यालय
मामला: काशीराम शहरी आवास योजना के आवासों की गुणवत्ता एवं सुरक्षा की जांच
कार्रवाई: जिलाधिकारी ने चार सदस्यीय जांच समिति गठित की
समयसीमा: एक सप्ताह में रिपोर्ट देने के निर्देश
सिद्धार्थनगर मुख्यालय स्थित काशीराम शहरी आवास योजना में कुछ सप्ताह पूर्व दो आवासों की छत गिरने की घटना के बाद जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जी.एन. द्वारा जारी आदेश के अनुसार आवासों की गुणवत्ता, सुरक्षा और रहने योग्य स्थिति की जांच के लिए चार सदस्यीय समिति गठित कर दी गई है। समिति को एक सप्ताह के भीतर विस्तृत जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्य खबर
मुख्यालय स्थित काशीराम शहरी आवास योजना में दो कमरों की छत गिरने की घटना ने आवासों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने जर्जर भवनों की तकनीकी जांच और आवश्यक कार्रवाई की मांग उठाई थी।
इसी क्रम में जिलाधिकारी ने आदेश जारी कर प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता की अध्यक्षता में चार सदस्यीय समिति गठित की है। समिति में डूडा के परियोजना अधिकारी, उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद बस्ती के सहायक अभियंता तथा नगर पालिका परिषद सिद्धार्थनगर के अधिशासी अधिकारी को सदस्य बनाया गया है।
समिति को निर्देश दिया गया है कि वह काशीराम शहरी आवास योजना के सभी संबंधित आवासों का स्थलीय निरीक्षण कर यह जांच करे कि भवन सुरक्षित एवं रहने योग्य हैं या नहीं। जांच पूरी कर एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट जिलाधिकारी को उपलब्ध कराई जाएगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
क्या है मामला?
कुछ सप्ताह पहले काशीराम आवास परिसर में दो कमरों की छत गिर गई थी। राहत की बात यह रही कि घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन इस घटना ने परिसर में रहने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी। इसके बाद प्रशासन ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए तकनीकी जांच कराने का निर्णय लिया।
टिप्पणी
जांच समिति का गठन प्रशासन की महत्वपूर्ण पहल है। अब सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि जांच रिपोर्ट में क्या निष्कर्ष सामने आते हैं और यदि कहीं निर्माण गुणवत्ता में कमी या भवन असुरक्षित पाए जाते हैं, तो संबंधित स्तर पर क्या कार्रवाई होती है। स्थानीय लोगों की निगाहें अब जांच रिपोर्ट और उसके बाद होने वाली प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं।
नोट: यह समाचार जिलाधिकारी द्वारा जारी आधिकारिक आदेश एवं उपलब्ध तथ्यों पर आधारित है। जांच रिपोर्ट आने तक किसी भी निर्माण एजेंसी या व्यक्ति की जिम्मेदारी अथवा लापरवाही के संबंध में कोई निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। यह मामला जांचाधीन है।
भारी बारिश का अलर्ट: सिद्धार्थनगर में 21 जुलाई को कक्षा 8 तक के स्कूलों में छुट्टी
सिद्धार्थनगर। जिले में भारी बारिश और अतिवृष्टि (बहुत तेज बारिश) की चेतावनी को देखते हुए प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। छात्रों की सुरक्षा और सेहत के मद्देनजर जिलाधिकारी (DM) के निर्देश पर कल, यानी 21 जुलाई 2026 को कक्षा 1 से लेकर कक्षा 8 तक के सभी परिषदीय विद्यालय (सरकारी स्कूल) बंद रहेंगे।जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) शैलेश कुमार ने यह आदेश जारी किया है। उन्होंने सभी स्कूलों को इस आदेश का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया है। यह पत्र सूचना के लिए लखनऊ, प्रयागराज और बस्ती मंडल के उच्च अधिकारियों को भी भेज दिया गया है।
जौहर यूनिवर्सिटी ध्वस्तीकरण के विरोध में सपा का कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन, राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन
38 भवनों को ध्वस्त करने के आदेश वापस लेने की मांग, छात्रों के भविष्य का हवाला देकर सरकार के फैसले पर उठाए सवाल
स्थान: कलेक्ट्रेट परिसर, सिद्धार्थनगर
कार्यक्रम: समाजवादी पार्टी का विरोध प्रदर्शन एवं ज्ञापन
मुद्दा: मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी, रामपुर के भवनों को ध्वस्त करने के आदेश का विरोध
सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर किया प्रदर्शन।
राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन प्रशासन को सौंपा।
40 में से 38 भवनों को ध्वस्त करने के आदेश वापस लेने की मांग।
छात्रों के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था पर असर पड़ने की जताई चिंता।
सरकार के निर्णय पर पुनर्विचार की मांग।
सिद्धार्थनगर। समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन कर मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी, रामपुर के भवनों को ध्वस्त किए जाने के आदेश के विरोध में राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन प्रशासन को सौंपा। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यह फैसला हजारों छात्रों के भविष्य को प्रभावित करेगा, इसलिए सरकार को इस आदेश पर पुनर्विचार करना चाहिए।
पूरी खबर
सिद्धार्थनगर। समाजवादी पार्टी के जिला संगठन के नेतृत्व में सोमवार को बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचे और मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी, रामपुर से जुड़े मामले को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारी को सौंपा।
ज्ञापन में कहा गया है कि प्रशासन द्वारा यूनिवर्सिटी के 40 में से 38 भवनों को अवैध निर्माण बताते हुए ध्वस्त करने के आदेश जारी किए गए हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इससे हजारों छात्र-छात्राओं की शिक्षा और भविष्य प्रभावित हो सकता है। उन्होंने मांग की कि सरकार इस निर्णय पर पुनर्विचार करते हुए आदेश वापस ले।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने हाथों में बैनर और पोस्टर लेकर अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी भी की। उन्होंने कहा कि शिक्षा संस्थानों से जुड़े मामलों में ऐसा समाधान निकाला जाना चाहिए जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित न हो।
ज्ञापन स्वीकार करने के बाद प्रशासनिक अधिकारी ने इसे शासन तक भेजने का आश्वासन दिया।
सारांश
सिद्धार्थनगर कलेक्ट्रेट में समाजवादी पार्टी ने मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी, रामपुर के भवनों को ध्वस्त करने के आदेश के विरोध में प्रदर्शन किया और राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपकर आदेश वापस लेने तथा छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए पुनर्विचार की मांग की।
टिप्पणी
यह प्रदर्शन एक राजनीतिक दल द्वारा सरकार के निर्णय के विरोध में आयोजित किया गया। ज्ञापन में व्यक्त मांगें प्रदर्शनकारियों के पक्ष और उनके आरोपों/दावों पर आधारित हैं। प्रशासन या राज्य सरकार की आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त होने पर उसे भी समाचार में प्रमुखता से प्रकाशित किया जाना चाहिए, ताकि पाठकों के सामने सभी पक्ष निष्पक्ष रूप से प्रस्तुत हो सकें।
जौहर विश्वविद्यालय के समर्थन में AIMIM का कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन, राज्यपाल के नाम जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन
सिद्धार्थनगर। जनपद सिद्धार्थनगर में सोमवार को ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के कार्यकर्ताओं ने जिला अध्यक्ष निशार अली के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट परिसर स्थित जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन कर जौहर विश्वविद्यालय, रामपुर से जुड़े मुद्दे को लेकर अपनी आवाज बुलंद की। प्रदर्शन के बाद कार्यकर्ताओं ने राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से सौंपा।

मुद्दा: जौहर विश्वविद्यालय, रामपुर के समर्थन में प्रदर्शन
स्थान: कलेक्ट्रेट परिसर, जिलाधिकारी कार्यालय, सिद्धार्थनगर
संगठन: AIMIM सिद्धार्थनगर
मुख्य मांग: विश्वविद्यालय से संबंधित प्रस्तावित कार्रवाई पर रोक, विद्यार्थियों के हितों की सुरक्षा तथा शिक्षा की निरंतरता सुनिश्चित की जाए।
इनबॉक्स (Inbox)
ज्ञापन की प्रमुख मांगें
जौहर विश्वविद्यालय से संबंधित प्रस्तावित कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाने की मांग।
विद्यार्थियों के शैक्षणिक हित एवं भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग।
यदि किसी प्रकार का कानूनी विवाद हो तो उसका समाधान विधिसम्मत प्रक्रिया से किए जाने की अपील।
शिक्षा व्यवस्था प्रभावित न हो तथा संस्थान के संचालन को बनाए रखने की मांग।
राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री से पूरे मामले में हस्तक्षेप कर न्यायोचित निर्णय लेने का आग्रह।
पूरी खबर
सिद्धार्थनगर। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचकर जौहर विश्वविद्यालय, रामपुर से जुड़े मुद्दे पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व पार्टी के जिला अध्यक्ष निशार अली ने किया। कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर नारेबाजी की तथा शिक्षा के अधिकार और विद्यार्थियों के भविष्य की सुरक्षा का मुद्दा उठाया।
प्रदर्शन के उपरांत प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि जौहर विश्वविद्यालय एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक संस्थान है, जहां बड़ी संख्या में विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। किसी भी प्रशासनिक या कानूनी कार्रवाई का प्रभाव विद्यार्थियों की पढ़ाई और भविष्य पर नहीं पड़ना चाहिए।
ज्ञापन में यह भी आग्रह किया गया कि यदि विश्वविद्यालय से संबंधित कोई कानूनी अथवा प्रशासनिक विवाद है तो उसका समाधान कानून एवं प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप किया जाए, ताकि शिक्षा व्यवस्था बाधित न हो। साथ ही विद्यार्थियों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की मांग की गई।
AIMIM पदाधिकारियों ने कहा कि उनका उद्देश्य शिक्षा के अधिकार और विद्यार्थियों के भविष्य की रक्षा सुनिश्चित करना है। प्रदर्शन के दौरान संगठन के कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
सारांश
सिद्धार्थनगर में AIMIM कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट परिसर स्थित जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन कर जौहर विश्वविद्यालय, रामपुर के संबंध में राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में विश्वविद्यालय से संबंधित कार्रवाई पर रोक लगाने, विद्यार्थियों के शैक्षणिक हितों की रक्षा करने तथा विधिसम्मत समाधान सुनिश्चित करने की मांग की गई।
टिप्पणी
यह मामला शिक्षा और प्रशासनिक कार्रवाई से जुड़ा विषय है। AIMIM ने ज्ञापन के माध्यम से अपनी मांगें प्रशासन तक पहुंचाई हैं। दूसरी ओर, इस विषय पर शासन एवं संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने आना भी महत्वपूर्ण होगा। अंतिम निर्णय सक्षम प्राधिकारी द्वारा नियमानुसार लिया जाएगा। समाचार उपलब्ध ज्ञापन और प्रदर्शन के आधार पर तैयार किया गया है।
जोगिया उदयपुर व बांसी थाना क्षेत्र की चोरी की घटनाओं का खुलासा, पुलिस ने शातिर आरोपी को दबोचा; चोरी की बाइक और नकदी बरामद

जोगिया उदयपुर व बांसी थाना क्षेत्र की चोरी की घटनाओं का खुलासा, पुलिस ने शातिर आरोपी को दबोचा; चोरी की बाइक और नकदी बरामद
स्थान: जोगिया उदयपुर, सिद्धार्थनगर
कार्रवाई: पुलिस ने चोरी के मामलों में वांछित आरोपी को गिरफ्तार किया
बरामदगी: बिना नंबर प्लेट की हीरो स्प्लेंडर प्लस बाइक व ₹2,310 नकद
आगे की कार्रवाई: आरोपी को न्यायालय भेजा गया
जोगिया उदयपुर व बांसी की चोरी की घटनाओं का खुलासा, शातिर आरोपी गिरफ्तार; चोरी की बाइक और नकदी बरामद
सिद्धार्थनगर। जनपद की जोगिया उदयपुर पुलिस ने चोरी की घटनाओं के खुलासे में बड़ी सफलता हासिल करने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार जोगिया उदयपुर और बांसी थाना क्षेत्रों में दर्ज चोरी के मामलों में वांछित एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। उसके कब्जे से चोरी से संबंधित एक हीरो स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल (बिना नंबर प्लेट) तथा ₹2,310 नकद बरामद किए गए हैं।
पुलिस के मुताबिक यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन के निर्देशन तथा अपर पुलिस अधीक्षक प्रशान्त कुमार प्रसाद और क्षेत्राधिकारी बांसी शुबेन्दु सिंह के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी अभय सिंह के नेतृत्व में चलाए जा रहे अपराध नियंत्रण अभियान के दौरान की गई।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान हरिचरन पुत्र निर्मल, निवासी मुडिला राजा, थाना जोगिया उदयपुर के रूप में हुई है। उसे करौदा मसिना के सामने बांसी–नौगढ़ मुख्य मार्ग से गिरफ्तार किया गया।
प्रेस नोट के अनुसार बरामदगी और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर संबंधित मुकदमों में आवश्यक धाराओं की बढ़ोतरी करते हुए आरोपी के विरुद्ध विधिक कार्रवाई पूरी कर उसे न्यायालय भेज दिया गया है।
पुलिस अभिलेखों के अनुसार आरोपी के विरुद्ध पूर्व में भी चोरी सहित अन्य मामलों में मुकदमे दर्ज रहे हैं। पुलिस मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई कर रही है।
बरामदगी
हीरो स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल (बिना नंबर प्लेट)
₹2,310 नकद
सारांश
जोगिया उदयपुर पुलिस ने जोगिया उदयपुर और बांसी थाना क्षेत्रों में दर्ज चोरी के मामलों के खुलासे का दावा करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी के कब्जे से चोरी से संबंधित मोटरसाइकिल और नकदी बरामद हुई है तथा उसे न्यायालय भेज दिया गया है।
खबर का असर: ककराही की आवाज पहुंची प्रशासन तक, शिकायत के बाद ब्लॉक टीम ने की 110 मीटर खड़ंजा मार्ग की पैमाइश

पूर्व प्रधान भारत प्रसाद लोधी के नेतृत्व में डीएम को सौंपा गया था शिकायत पत्र, FT News Digital ने प्रमुखता से उठाया था मुद्दा, बीडीओ रामानंद वर्मा के निर्देशन में टीम पहुंची, 110 मीटर खड़ंजा मार्ग की पैमाइश पूरी।

स्थान: ग्राम पंचायत ककरही, विकासखंड जोगिया, सिद्धार्थनगर
मामला: जलभराव एवं जर्जर मार्ग
शिकायतकर्ता: पूर्व प्रधान भारत प्रसाद लोधी के नेतृत्व में ग्रामीण
कार्रवाई: घिसीयावन के घर से कन्हैया के घर तक 110 मीटर लंबे एवं 3 मीटर चौड़े प्रस्तावित खड़ंजा मार्ग की पैमाइश

सिद्धार्थनगर जनपद के विकासखंड जोगिया की ग्राम पंचायत ककरही में जलभराव और जर्जर मार्ग की समस्या को लेकर पूर्व प्रधान भारत प्रसाद लोधी के नेतृत्व में ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को शिकायत पत्र सौंपकर स्थायी समाधान की मांग की थी। इसके बाद FT News Digital ने इस जनसमस्या को प्रमुखता से प्रकाशित और प्रसारित किया। अब प्रशासन ने मामले का संज्ञान लेते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है। बीडीओ रामानंद वर्मा के निर्देशन में ब्लॉक टीम गांव पहुंची और प्रस्तावित खड़ंजा मार्ग की पैमाइश कर आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी गई।
मुख्य खबर
सिद्धार्थनगर। ग्राम पंचायत ककरही में लंबे समय से जलभराव और जर्जर मार्ग ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ था। बरसात के दौरान सड़क पर पानी भर जाने से बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और आम ग्रामीणों का आवागमन प्रभावित हो रहा था।
इसी समस्या को लेकर पूर्व प्रधान भारत प्रसाद लोधी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को लिखित शिकायत पत्र सौंपा था। शिकायत पत्र में गांव की सड़क और जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग की गई थी।
इसके बाद FT News Digital ने इस जनसमस्या को प्रमुखता से प्रकाशित और प्रसारित किया। कुछ ही दिनों बाद प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई शुरू हुई।
बीडीओ रामानंद वर्मा के निर्देशन में ब्लॉक टीम गांव पहुंची। मौके पर एडीओ (पंचायत) प्रदीप सिंह की मौजूदगी में घिसीयावन के घर से कन्हैया के घर तक लगभग 110 मीटर लंबे एवं 3 मीटर चौड़े प्रस्तावित खड़ंजा मार्ग की पैमाइश कराई गई।
निरीक्षण के दौरान ग्राम प्रधान कल्लू, सचिव प्रदीप सिंह, जे ई अभिषेक यादव, रोजगार सेवक, तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। अधिकारियों ने स्थल का निरीक्षण करते हुए आवश्यक तकनीकी प्रक्रिया पूरी की।
एडीओ (पंचायत) प्रदीप सिंह ने बताया कि आज सड़क की पैमाइश का कार्य पूरा कराया गया है। आवश्यक प्रशासनिक एवं तकनीकी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद जल्द से जल्द खड़ंजा मार्ग का निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा, जिससे निर्माण पूर्ण होने के बाद ग्रामीणों को सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।
वहीं बीडीओ रामानंद वर्मा ने बताया कि जनहित से जुड़े इस कार्य को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जा रहा है और नियमानुसार प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण कार्य कराया जाएगा।
मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने प्रशासन की पहल का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई कि लंबे समय से चली आ रही समस्या का अब स्थायी समाधान होगा। पूर्व प्रधान भारत प्रसाद लोधी ने कहा कि ग्रामीणों की आवाज सुनकर प्रशासन द्वारा की गई यह कार्रवाई स्वागत योग्य है और उम्मीद है कि जल्द निर्माण कार्य शुरू होकर पूरा भी होगा।
इन बॉक्स
शिकायत से कार्रवाई तक…
पूर्व प्रधान भारत प्रसाद लोधी के नेतृत्व में डीएम को सौंपा गया शिकायत पत्र।
FT News Digital ने प्रमुखता से उठाया जनहित का मुद्दा।
बीडीओ रामानंद वर्मा के निर्देशन में ब्लॉक टीम गांव पहुंची।
एडीओ (पंचायत) प्रदीप सिंह ने कराई पैमाइश।
ग्राम प्रधान कल्लू, सचिव प्रदीप सिंह, केके अभिषेक यादव, रोजगार सेवक एवं ग्रामीण रहे मौजूद।
घिसीयावन के घर से कन्हैया के घर तक 110 मीटर लंबे एवं 3 मीटर चौड़े प्रस्तावित खड़ंजा मार्ग की पैमाइश।
आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद शुरू होगा निर्माण कार्य।
सारांश
पूर्व प्रधान भारत प्रसाद लोधी के नेतृत्व में ग्रामीणों द्वारा जिलाधिकारी को शिकायत दिए जाने और उसके बाद FT News Digital द्वारा जनसमस्या को प्रमुखता से उठाए जाने के बाद प्रशासन ने प्रारंभिक कार्रवाई करते हुए प्रस्तावित खड़ंजा मार्ग की पैमाइश कराई है। अधिकारियों के अनुसार नियमानुसार प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा, जिससे ग्रामीणों को सुगम आवागमन की सुविधा मिल सकेगी।
संपादकीय टिप्पणी (कानूनी रूप से सुरक्षित)
यह समाचार शिकायत पत्र, मौके पर हुई प्रशासनिक कार्रवाई तथा संबंधित अधिकारियों के आधिकारिक बयानों पर आधारित है। समाचार में केवल उपलब्ध तथ्यों का उल्लेख किया गया है कि शिकायत और उसके बाद प्रशासनिक कार्रवाई हुई। यह नहीं कहा गया है कि कार्रवाई केवल समाचार के कारण हुई। FT News Digital जनहित के मुद्दों को तथ्यपरक, निष्पक्ष और जिम्मेदारीपूर्ण ढंग से उठाने के अपने दायित्व का निर्वहन करता रहेगा।
“660 लीटर डीजल लूट का निकला फर्जी खेल! चालक ने ही रची साजिश, पुलिस ने खोला पूरा राज”
फर्जी लूट का पर्दाफाश: चालक ने ही रचा था 660 लीटर डीजल चोरी का खेल, पुलिस ने दो आरोपियों को दबोचा
स्थान : ढेबरुआ थाना क्षेत्र, सिद्धार्थनगर
कार्रवाई : 19 जुलाई 2026
मामला : 660 लीटर डीजल लूट की कथित घटना का खुलासा
गिरफ्तारी : चालक समेत दो आरोपी गिरफ्तार
बरामदगी : 660 लीटर डीजल (3 ड्रम), पिकअप वाहन
सिद्धार्थनगर। ढेबरुआ थाना क्षेत्र में 660 लीटर डीजल लूट की सनसनीखेज वारदात का पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार जिस चालक ने खुद को लूट और मारपीट का शिकार बताया था, वही पूरे षड्यंत्र का मास्टरमाइंड निकला। पुलिस और एसओजी की संयुक्त कार्रवाई में चालक और उसके साथी को गिरफ्तार कर तीन ड्रमों में रखा गया 660 लीटर डीजल तथा घटना में प्रयुक्त पिकअप वाहन बरामद किया गया है। पुलिस का दावा है कि कंपनी का डीजल हड़पने के उद्देश्य से फर्जी लूट की कहानी गढ़ी गई थी।
पूरी खबर
ढेबरुआ थाना क्षेत्र में 17 जुलाई को उस समय हड़कंप मच गया था, जब इंडस टावर आरएसटी कंपनी के प्रतिनिधि आशीष यादव ने थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया कि कंपनी का डीजल लेकर जा रहे वाहन को अज्ञात लोगों ने रोक लिया और चालक ऐनुल उर्फ मोनू तथा उसके साथी अकबर अली के साथ मारपीट कर 660 लीटर डीजल लूट लिया।
घटना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन के निर्देश पर अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार प्रसाद के निर्देशन तथा क्षेत्राधिकारी शोहरतगढ़ मयंक कुमार द्विवेदी के पर्यवेक्षण में ढेबरुआ पुलिस और जनपदीय एसओजी की संयुक्त टीम गठित की गई।
जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया, तकनीकी साक्ष्य जुटाए और दोनों कथित पीड़ितों से गहन पूछताछ की। पुलिस के अनुसार जांच में दोनों के बयान बार-बार बदलते मिले और कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए, जिससे पुलिस का संदेह गहरा गया।
पुलिस का कहना है कि पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर यह स्पष्ट हुआ कि कथित लूट की पूरी कहानी कंपनी का डीजल हड़पने के लिए स्वयं चालक और उसके साथी द्वारा रची गई थी। इसके बाद पुलिस ने दोनों को आरोपी बनाते हुए गिरफ्तारी की कार्रवाई शुरू की।
रविवार 19 जुलाई को मुखबिर की सूचना पर राप्ती मुख्य नहर स्थित धनौरा पुल के पास चेकिंग के दौरान पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान ऐनुल उर्फ मोनू पुत्र अकबर अली तथा अकबर अली उर्फ दानिश अली पुत्र अनवर अली, निवासी थाना रानीपुर, जनपद बहराइच के रूप में हुई है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से तीन ड्रमों में रखा 660 लीटर डीजल तथा घटना में प्रयुक्त पिकअप वाहन संख्या UP-32-ZN-7588 बरामद करने का दावा किया है।
पुलिस के अनुसार पहले दर्ज मुकदमे में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं 303(2) एवं 115(2) के तहत कार्रवाई की गई थी। बरामदगी और जांच के बाद धारा 317(2) बीएनएस की बढ़ोत्तरी की गई। आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी कर दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।
बरामदगी
660 लीटर डीजल (03 ड्रम)
घटना में प्रयुक्त पिकअप वाहन
गिरफ्तार आरोपी
ऐनुल उर्फ मोनू (चालक)
अकबर अली उर्फ दानिश अली
कार्रवाई
ढेबरुआ पुलिस व जनपदीय एसओजी की संयुक्त कार्रवाई
दोनों आरोपियों को न्यायालय भेजा गया
पुलिस का पक्ष
सिद्धार्थनगर पुलिस के अनुसार उपलब्ध साक्ष्यों, पूछताछ और बरामदगी के आधार पर फर्जी लूट की कहानी का खुलासा किया गया है। मामले में आगे की विवेचना नियमानुसार जारी है।
सारांश
जिस घटना को पहले डीजल लूट की वारदात माना जा रहा था, पुलिस जांच में वह कथित तौर पर कंपनी का डीजल हड़पने की साजिश निकली। संयुक्त पुलिस कार्रवाई में दो आरोपियों की गिरफ्तारी और 660 लीटर डीजल की बरामदगी को पुलिस ने महत्वपूर्ण सफलता बताया है।
यह कार्रवाई दर्शाती है कि तकनीकी साक्ष्यों और वैज्ञानिक जांच के जरिए पुलिस जटिल मामलों की तह तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। हालांकि, मामले का अंतिम निर्णय न्यायालय द्वारा उपलब्ध साक्ष्यों और सुनवाई के आधार पर किया जाएगा। इसलिए गिरफ्तार व्यक्तियों को न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने तक कानून की दृष्टि में आरोपी माना जाएगा, दोषी नहीं।
टेट अनिवार्यता पर शिक्षक एकजुट, सांसद जगदंबिका पाल को सौंपा मांग पत्र; संसद में मुद्दा उठाने का मिला भरोसा

सिद्धार्थनगर। टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (टीएफआई) के प्रतिनिधिमंडल ने डुमरियागंज सांसद जगदंबिका पाल से मुलाकात कर टेट (TET) अनिवार्यता से जुड़े मुद्दे पर मांग पत्र सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टेट की अनिवार्यता से मुक्त कराने की मांग करते हुए राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) के प्रावधानों में आवश्यक संशोधन का आग्रह किया। सांसद ने शिक्षकों को आश्वस्त किया कि इस विषय को संसद सहित हर उचित मंच पर उठाया जाएगा।

मुख्य बिंदु
टीएफआई प्रतिनिधिमंडल ने सांसद को सौंपा ज्ञापन।
2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों के लिए टेट अनिवार्यता समाप्त करने की मांग।
सांसद ने संसद में मुद्दा उठाने और सहयोग का दिया आश्वासन।
नीट परीक्षा में सफलता पाने वाले छात्र आनंद कुमार को किया सम्मानित।
क्या है मामला?
टीएफआई ने राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) की 23 अगस्त 2010 की अधिसूचना और उससे जुड़े प्रावधानों का हवाला देते हुए मांग रखी।
संगठन का कहना है कि पूर्व से नियुक्त शिक्षकों के हितों की रक्षा के लिए स्पष्ट कानूनी व्यवस्था की आवश्यकता है।
प्रतिनिधिमंडल ने इस संबंध में सांसद को विस्तृत ज्ञापन सौंपा।
विस्तृत खबर
सिद्धार्थनगर। टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (टीएफआई) के प्रतिनिधिमंडल ने रविवार को डुमरियागंज सांसद जगदंबिका पाल के आवास पर पहुंचकर टेट अनिवार्यता से जुड़े मुद्दे पर मांग पत्र सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) द्वारा 23 अगस्त 2010 को निर्धारित न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता संबंधी प्रावधानों तथा शिक्षा के अधिकार अधिनियम (आरटीई) के संदर्भ में अपनी मांगों से सांसद को अवगत कराया।
ज्ञापन में संगठन की ओर से द गजट ऑफ इंडिया के सेक्शन-23 तथा 10 अगस्त 2017 के संशोधन का उल्लेख करते हुए पूर्व से नियुक्त शिक्षकों के हितों के संरक्षण की मांग की गई। संगठन ने आग्रह किया कि 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टेट अनिवार्यता से राहत दिलाने के लिए आवश्यक विधायी और नीतिगत पहल की जाए।
सांसद जगदंबिका पाल ने प्रतिनिधिमंडल को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षकों की सेवा सुरक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों से जुड़े मुद्दों को वह हमेशा गंभीरता से उठाते रहे हैं और भविष्य में भी उच्चतम न्यायालय के निर्णय के बाद उत्पन्न व्यावहारिक कठिनाइयों के समाधान के लिए संसद सहित अन्य उचित मंचों पर प्रयास करेंगे।
टीएफआई के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष राधेरमण त्रिपाठी ने कहा कि सांसद ने पूर्व में भी शिक्षक हितों के मुद्दों पर सहयोग दिया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस विषय पर भी सकारात्मक पहल होगी।
कार्यक्रम के दौरान जिला उपाध्यक्ष अशोक कुमार के पुत्र आनंद कुमार को नीट परीक्षा में सफलता प्राप्त करने पर सांसद द्वारा सम्मानित किया गया। इस अवसर पर संगठन की जिला कार्यसमिति, विभिन्न ब्लॉकों के पदाधिकारी तथा संघर्ष समिति के सदस्य उपस्थित रहे।
सारांश
टीएफआई ने टेट अनिवार्यता से जुड़े मुद्दे पर सांसद जगदंबिका पाल को ज्ञापन सौंपते हुए 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों के हितों की रक्षा की मांग की। सांसद ने विषय को संसद और अन्य मंचों पर उठाने का भरोसा दिया।
टिप्पणी (Editorial Note)
शिक्षकों की सेवा शर्तों और पात्रता से जुड़े विषय लंबे समय से चर्चा का केंद्र रहे हैं। ऐसे मामलों का अंतिम समाधान विधायी प्रावधानों, न्यायिक निर्णयों और सरकार की नीतिगत पहल पर निर्भर करता है। विभिन्न संगठनों द्वारा अपनी मांगों को लोकतांत्रिक तरीके से जनप्रतिनिधियों के समक्ष रखना संवैधानिक प्रक्रिया का हिस्सा है।
जिले में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, दो एडीओ पंचायतों का तबादला
सिद्धार्थनगर में दो एडीओ (पंचायत) का तबादला, डीएम की मंजूरी के बाद आदेश जारी
स्थान – सिद्धार्थनगर मामला – दो सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) का
स्थानांतरण आधार – जिलाधिकारी के अनुमोदन के बाद जिला पंचायत राज अधिकारी का आदेश
जनहित एवं प्रशासनिक हित में जारी हुआ स्थानांतरण आदेश। नौगढ़ और बांसी ब्लॉक के
एडीओ (पंचायत) की अदला-बदली। आदेश के अनुपालन को लेकर प्रशासनिक हलकों में चर्चा।
सिद्धार्थनगर जनपद में पंचायत विभाग के दो सहायक विकास अधिकारियों (पंचायत) का
स्थानांतरण कर दिया गया है। जिला पंचायत राज अधिकारी द्वारा जिलाधिकारी के अनुमोदन
के बाद जारी आदेश के अनुसार विकास खंड नौगढ़ में तैनात संजय पाण्डेय को विकास खंड बांसी
तथा विकास खंड बांसी में तैनात अजय राय को विकास खंड नौगढ़ स्थानांतरित किया गया है।
मुख्य समाचार
जिला पंचायत राज अधिकारी द्वारा जारी आदेश के अनुसार यह कार्रवाई 17
जुलाई 2026 को जिलाधिकारी के अनुमोदन के अनुपालन में जनहित एवं प्रशासनिक हित में की
गई है। दोनों अधिकारियों को अपने नवीन तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश
दिए गए हैं।
स्थानांतरण आदेश के बाद प्रशासनिक हलकों में विभिन्न चर्चाएं हैं। गृह तहसील में तैनाती संबंधी
कुछ दावे स्थानीय स्तर पर किए जा रहे हैं, लेकिन उनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है और
इस संबंध में प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। इसलिए
समाचार में केवल आधिकारिक आदेश का तथ्यात्मक उल्लेख किया गया है।
सारांश
जनहित एवं प्रशासनिक हित में सिद्धार्थनगर के दो सहायक विकास अधिकारी
(पंचायत) का परस्पर स्थानांतरण किया गया है। आदेश के अनुसार संजय पाण्डेय बांसी और अजय
राय नौगढ़ में तैनात किए गए हैं।
टिप्पणी
प्रशासनिक स्थानांतरण शासन व्यवस्था की नियमित प्रक्रिया है। ऐसे मामलों में
आधिकारिक आदेश और सत्यापित तथ्यों के आधार पर ही निष्कर्ष निकाला जाना चाहिए।
“गाँधी से गाँधी तक” विचार गोष्ठी में गूंजे लोकतंत्र, सत्य और अहिंसा के स्वर

स्थान : सिद्धार्थनगर
आयोजन : लोहिया कला भवन
विषय : “गाँधी से गाँधी तक” विचार गोष्ठी
आयोजक : जिला कांग्रेस कमेटी एवं जिला युवा कांग्रेस
• महात्मा गांधी के विचारों पर हुई चर्चा
• लोकतंत्र, संविधान और सामाजिक सौहार्द पर वक्ताओं ने रखे विचार
• युवाओं से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान
• कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता, बुद्धिजीवी एवं सामाजिक कार्यकर्ता रहे उपस्थित

सिद्धार्थनगर के लोहिया कला भवन में जिला कांग्रेस कमेटी एवं जिला युवा कांग्रेस के संयुक्त तत्वावधान में “गाँधी से गाँधी तक” विषय पर विचार गोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम में वक्ताओं ने महात्मा गांधी के विचारों, सत्य, अहिंसा, लोकतांत्रिक मूल्यों तथा सामाजिक समरसता पर अपने विचार व्यक्त किए। आयोजन में कांग्रेस पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं, युवाओं, बुद्धिजीवियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं की सहभागिता रही।
मुख्य समाचार
जिला कांग्रेस कमेटी सिद्धार्थनगर एवं जिला युवा कांग्रेस द्वारा आयोजित इस विचार गोष्ठी का संचालन जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष क़ाज़ी सुहेल अहमद ने किया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता वरिष्ठ पत्रकार, लेखक एवं राजनीतिक विश्लेषक अशोक कुमार पाण्डेय ने अपने संबोधन में महात्मा गांधी के जीवन, स्वतंत्रता आंदोलन में उनके योगदान तथा सत्य, अहिंसा, प्रेम और मानवता के सिद्धांतों पर विस्तार से विचार रखे। उन्होंने संविधान, लोकतांत्रिक संस्थाओं और सामाजिक सौहार्द को मजबूत बनाए रखने की आवश्यकता पर भी अपने विचार व्यक्त किए।
प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष विश्व विजय सिंह एवं प्रदेश महासचिव जयकरन वर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि महात्मा गांधी के विचार समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय और सम्मान पहुंचाने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने युवाओं से राष्ट्र निर्माण तथा सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व सचिव देवेंद्र कुमार श्रीवास्तव तथा जिला कांग्रेस अध्यक्ष क़ाज़ी सुहेल अहमद ने कहा कि सत्य, अहिंसा, भाईचारा और लोकतांत्रिक मूल्य भारतीय समाज की महत्वपूर्ण आधारशिला हैं। उन्होंने सामाजिक समरसता और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर युवा कांग्रेस के प्रदेश सचिव डॉ. अरविन्द शुक्ला ने सभी अतिथियों, वक्ताओं, कांग्रेस पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं, बुद्धिजीवियों तथा मीडिया प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ऐसे वैचारिक कार्यक्रम समाज में संवाद, लोकतांत्रिक चेतना और राष्ट्रीय एकता को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम में पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष ठाकुर प्रसाद तिवारी सहित पार्टी के अनेक पदाधिकारी, कार्यकर्ता, सामाजिक कार्यकर्ता, बुद्धिजीवी तथा स्थानीय नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
सारांश
सिद्धार्थनगर में आयोजित “गाँधी से गाँधी तक” विचार गोष्ठी में महात्मा गांधी के विचारों, लोकतंत्र, संविधान, सत्य, अहिंसा और सामाजिक सौहार्द पर वक्ताओं ने अपने विचार रखे। कार्यक्रम में युवाओं से गांधी के आदर्शों को अपनाकर राष्ट्र निर्माण में सकारात्मक भूमिका निभाने का आह्वान किया गया।
यह समाचार जिला कांग्रेस कमेटी सिद्धार्थनगर द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के आधार पर तैयार किया गया है। समाचार में कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं द्वारा सार्वजनिक रूप से व्यक्त विचारों और बयानों का तथ्यात्मक उल्लेख किया गया है। इन विचारों को संबंधित वक्ताओं के मत के रूप में प्रस्तुत किया गया है। इस समाचार का उद्देश्य केवल कार्यक्रम की निष्पक्ष एवं तथ्यपरक रिपोर्टिंग करना है, न कि किसी राजनीतिक दल, व्यक्ति या विचारधारा के पक्ष या विपक्ष में संपादकीय समर्थन या विरोध व्यक्त करना।
डुमरियागंज में जगद्गुरु शंकराचार्य का भव्य स्वागत, गौसंरक्षण के संकल्प के साथ जनजागरण यात्रा को मिला व्यापक समर्थन
डुमरियागंज में जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के आगमन ने गौसंरक्षण के मुद्दे को एक बार फिर सार्वजनिक चर्चा के केंद्र में ला दिया है। धार्मिक यात्राएं केवल आस्था का विषय नहीं होतीं, बल्कि समाज में संवाद और जागरूकता का भी माध्यम बनती हैं। किसी भी विषय पर अपनी बात शांतिपूर्ण एवं संवैधानिक तरीके से रखना लोकतंत्र की मूल भावना है। वहीं ऐसे मुद्दों पर अंतिम निर्णय संविधान, कानून और संबंधित सरकारों के अधिकार क्षेत्र में आता है। समाज के सभी वर्गों की जिम्मेदारी है कि वे आपसी सौहार्द, शांति और कानून के सम्मान के साथ सकारात्मक संवाद को आगे बढ़ाएं। यही लोकतांत्रिक मूल्यों और सामाजिक समरसता की पहचान है।

स्थान : डुमरियागंज, जनपद सिद्धार्थनगर
मुख्य बातें
मंदिर चौराहे पर हुआ भव्य स्वागत।
पुष्पमालाओं से श्रद्धालुओं ने किया अभिनंदन।
गौसंरक्षण और जनजागरण यात्रा का दिया संदेश।
बड़ी संख्या में स्थानीय श्रद्धालु एवं समर्थक रहे मौजूद।
कार्यक्रम : जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का स्वागत
मुख्य विषय : गौसंरक्षण एवं जनजागरण
स्वागतकर्ता : स्थानीय श्रद्धालु, सामाजिक कार्यकर्ता एवं समाजवादी पार्टी के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य सुरेश यादव के नेतृत्व में समर्थक
सिद्धार्थनगर जनपद के डुमरियागंज में ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज के आगमन पर श्रद्धा, उत्साह और धार्मिक आस्था का अनूठा संगम देखने को मिला। मंदिर चौराहे पर आयोजित स्वागत समारोह में श्रद्धालुओं ने पुष्पमालाओं से उनका अभिनंदन किया। इस दौरान गौसंरक्षण, भारतीय संस्कृति और सामाजिक जागरूकता को लेकर उनके संदेश को लोगों ने गंभीरता से सुना।
मुख्य समाचार
डुमरियागंज नगर में जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज के आगमन को लेकर सुबह से ही श्रद्धालुओं में उत्साह दिखाई दिया। मंदिर चौराहे पर स्थानीय नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं विभिन्न वर्गों के लोगों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
स्वागत समारोह का नेतृत्व समाजवादी पार्टी के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य सुरेश यादव ने किया। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने पुष्पमालाएं पहनाकर शंकराचार्य का अभिनंदन किया तथा धार्मिक जयघोषों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।
अपने संबोधन में शंकराचार्य ने गौसंरक्षण को भारतीय संस्कृति, ग्रामीण जीवन और सनातन परंपरा का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए समाज से इसके प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जनजागरण के माध्यम से गौवंश के संरक्षण के विषय को व्यापक स्तर पर लोगों तक पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने शांतिपूर्ण एवं संवैधानिक तरीके से जनसमर्थन जुटाने पर भी बल दिया।
कार्यक्रम के दौरान सुरेश यादव ने भी गौसंरक्षण के मुद्दे को महत्वपूर्ण बताते हुए सरकार से गौवंश को राष्ट्रीय पशु घोषित किए जाने की मांग पर विचार करने की अपील की। यह उनका सार्वजनिक राजनीतिक वक्तव्य था।
समारोह में मौजूद लोगों ने शंकराचार्य का आशीर्वाद लिया और गौसंरक्षण से जुड़े विषयों पर अपनी सहभागिता व्यक्त की। पूरे कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था भी सामान्य रूप से बनी रही तथा आयोजन शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ।
जगद्गुरु शंकराचार्य की इस यात्रा को लेकर डुमरियागंज और आसपास के क्षेत्रों में धार्मिक एवं सामाजिक स्तर पर चर्चा तेज रही। स्थानीय लोगों का कहना था कि ऐसे कार्यक्रम समाज में संवाद और जागरूकता बढ़ाने का माध्यम बनते हैं।
सारांश
डुमरियागंज में जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज का श्रद्धालुओं ने भव्य स्वागत किया। कार्यक्रम के दौरान गौसंरक्षण और जनजागरण का संदेश दिया गया। स्वागत समारोह शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय श्रद्धालु एवं समर्थक शामिल हुए।
इस समाचार में केवल कार्यक्रम, स्वागत और सार्वजनिक मंच पर व्यक्त विचारों का उल्लेख किया गया है।
किसी व्यक्ति, संस्था या सरकार पर कोई अप्रमाणित आरोप या निष्कर्ष प्रस्तुत नहीं किया गया है।
श्रद्धा और भक्ति भाव से मनाई गई स्वर्गीय प्रो. जनार्दन प्रसाद की जयंती
अयोध्या। पावन नगरी अयोध्या में स्वर्गीय प्रो. जनार्दन प्रसाद की जयंती श्रद्धा, भक्ति और गरिमामय वातावरण में मनाई गई। करुणा निधान भवन मंदिर में 18 एवं 19 जुलाई को आयोजित दो दिवसीय कार्यक्रम में परिवारजनों, विद्वानों, शिक्षकों, शोधार्थियों तथा श्रद्धालुओं की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। सभी ने प्रो. जनार्दन प्रसाद के व्यक्तित्व, कृतित्व एवं उनके आदर्शों का भावपूर्ण स्मरण करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम का शुभारंभ 18 जुलाई को सुंदरकांड पाठ से हुआ। श्रद्धालुओं ने भक्ति-भाव के साथ श्रीरामचरितमानस का सामूहिक पाठ किया, जिससे संपूर्ण परिसर भक्तिमय वातावरण में सराबोर हो गया। वक्ताओं ने कहा कि श्रीरामचरितमानस प्रो. जनार्दन प्रसाद के जीवन का आधार रहा और उन्होंने अपने संपूर्ण जीवन में इसके आदर्शों को आत्मसात किया।
19 जुलाई को प्रो. जनार्दन प्रसाद की पुण्य स्मृति को समर्पित कृति ‘अनमोल निधि’ का विमोचन किया गया। उपस्थित विद्वानों ने इस पुस्तक की सराहना करते हुए इसे आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणादायी और मूल्यवान धरोहर बताया।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने प्रो. जनार्दन प्रसाद के शिक्षा, अध्यात्म एवं समाज के प्रति योगदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका जीवन ज्ञान, सेवा और संस्कारों का अनुपम उदाहरण था।
समारोह के समापन अवसर पर आयोजक परिवार की गायत्री प्रकाश प्रोफ़ेसर गीता सक्सेना आदि ने सभी अतिथियों, विद्वानों, सहयोगियों एवं शुभचिंतकों के प्रति आभार व्यक्त किया। आयोजकों ने कहा कि इस आयोजन के माध्यम से न केवल प्रो. जनार्दन प्रसाद की स्मृतियों को जीवंत रखने का प्रयास किया गया, बल्कि अध्यात्म और ज्ञान की परंपरा को आगे बढ़ाने का भी संकल्प लिया गया। यह आयोजन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।
इस कार्यक्रम में अयोध्या के सभी प्रमुख धर्म गुरु साधु संत भक्तगण आदि शामिल रहे और सभी ने भंडारा प्रसाद ग्रहण किया सभी का आयोजन समिति की ओर से अंग वस्त्र दक्षिणा देकर स्वागत सम्मान किया गया.
