जौहर यूनिवर्सिटी ध्वस्तीकरण के विरोध में सपा का कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन, राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन
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भारी बारिश का अलर्ट: सिद्धार्थनगर में 21 जुलाई को कक्षा 8 तक के स्कूलों में छुट्टी
सिद्धार्थनगर। जिले में भारी बारिश और अतिवृष्टि (बहुत तेज बारिश) की चेतावनी को देखते हुए प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। छात्रों की सुरक्षा और सेहत के मद्देनजर जिलाधिकारी (DM) के निर्देश पर कल, यानी 21 जुलाई 2026 को कक्षा 1 से लेकर कक्षा 8 तक के सभी परिषदीय विद्यालय (सरकारी स्कूल) बंद रहेंगे।जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) शैलेश कुमार ने यह आदेश जारी किया है। उन्होंने सभी स्कूलों को इस आदेश का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया है। यह पत्र सूचना के लिए लखनऊ, प्रयागराज और बस्ती मंडल के उच्च अधिकारियों को भी भेज दिया गया है।
जौहर यूनिवर्सिटी ध्वस्तीकरण के विरोध में सपा का कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन, राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन
38 भवनों को ध्वस्त करने के आदेश वापस लेने की मांग, छात्रों के भविष्य का हवाला देकर सरकार के फैसले पर उठाए सवाल
स्थान: कलेक्ट्रेट परिसर, सिद्धार्थनगर
कार्यक्रम: समाजवादी पार्टी का विरोध प्रदर्शन एवं ज्ञापन
मुद्दा: मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी, रामपुर के भवनों को ध्वस्त करने के आदेश का विरोध
सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर किया प्रदर्शन।
राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन प्रशासन को सौंपा।
40 में से 38 भवनों को ध्वस्त करने के आदेश वापस लेने की मांग।
छात्रों के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था पर असर पड़ने की जताई चिंता।
सरकार के निर्णय पर पुनर्विचार की मांग।
सिद्धार्थनगर। समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन कर मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी, रामपुर के भवनों को ध्वस्त किए जाने के आदेश के विरोध में राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन प्रशासन को सौंपा। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यह फैसला हजारों छात्रों के भविष्य को प्रभावित करेगा, इसलिए सरकार को इस आदेश पर पुनर्विचार करना चाहिए।
पूरी खबर
सिद्धार्थनगर। समाजवादी पार्टी के जिला संगठन के नेतृत्व में सोमवार को बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचे और मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी, रामपुर से जुड़े मामले को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारी को सौंपा।
ज्ञापन में कहा गया है कि प्रशासन द्वारा यूनिवर्सिटी के 40 में से 38 भवनों को अवैध निर्माण बताते हुए ध्वस्त करने के आदेश जारी किए गए हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इससे हजारों छात्र-छात्राओं की शिक्षा और भविष्य प्रभावित हो सकता है। उन्होंने मांग की कि सरकार इस निर्णय पर पुनर्विचार करते हुए आदेश वापस ले।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने हाथों में बैनर और पोस्टर लेकर अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी भी की। उन्होंने कहा कि शिक्षा संस्थानों से जुड़े मामलों में ऐसा समाधान निकाला जाना चाहिए जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित न हो।
ज्ञापन स्वीकार करने के बाद प्रशासनिक अधिकारी ने इसे शासन तक भेजने का आश्वासन दिया।
सारांश
सिद्धार्थनगर कलेक्ट्रेट में समाजवादी पार्टी ने मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी, रामपुर के भवनों को ध्वस्त करने के आदेश के विरोध में प्रदर्शन किया और राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपकर आदेश वापस लेने तथा छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए पुनर्विचार की मांग की।
टिप्पणी
यह प्रदर्शन एक राजनीतिक दल द्वारा सरकार के निर्णय के विरोध में आयोजित किया गया। ज्ञापन में व्यक्त मांगें प्रदर्शनकारियों के पक्ष और उनके आरोपों/दावों पर आधारित हैं। प्रशासन या राज्य सरकार की आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त होने पर उसे भी समाचार में प्रमुखता से प्रकाशित किया जाना चाहिए, ताकि पाठकों के सामने सभी पक्ष निष्पक्ष रूप से प्रस्तुत हो सकें।
जौहर विश्वविद्यालय के समर्थन में AIMIM का कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन, राज्यपाल के नाम जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन
सिद्धार्थनगर। जनपद सिद्धार्थनगर में सोमवार को ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के कार्यकर्ताओं ने जिला अध्यक्ष निशार अली के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट परिसर स्थित जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन कर जौहर विश्वविद्यालय, रामपुर से जुड़े मुद्दे को लेकर अपनी आवाज बुलंद की। प्रदर्शन के बाद कार्यकर्ताओं ने राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से सौंपा।

मुद्दा: जौहर विश्वविद्यालय, रामपुर के समर्थन में प्रदर्शन
स्थान: कलेक्ट्रेट परिसर, जिलाधिकारी कार्यालय, सिद्धार्थनगर
संगठन: AIMIM सिद्धार्थनगर
मुख्य मांग: विश्वविद्यालय से संबंधित प्रस्तावित कार्रवाई पर रोक, विद्यार्थियों के हितों की सुरक्षा तथा शिक्षा की निरंतरता सुनिश्चित की जाए।
इनबॉक्स (Inbox)
ज्ञापन की प्रमुख मांगें
जौहर विश्वविद्यालय से संबंधित प्रस्तावित कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाने की मांग।
विद्यार्थियों के शैक्षणिक हित एवं भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग।
यदि किसी प्रकार का कानूनी विवाद हो तो उसका समाधान विधिसम्मत प्रक्रिया से किए जाने की अपील।
शिक्षा व्यवस्था प्रभावित न हो तथा संस्थान के संचालन को बनाए रखने की मांग।
राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री से पूरे मामले में हस्तक्षेप कर न्यायोचित निर्णय लेने का आग्रह।
पूरी खबर
सिद्धार्थनगर। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचकर जौहर विश्वविद्यालय, रामपुर से जुड़े मुद्दे पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व पार्टी के जिला अध्यक्ष निशार अली ने किया। कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर नारेबाजी की तथा शिक्षा के अधिकार और विद्यार्थियों के भविष्य की सुरक्षा का मुद्दा उठाया।
प्रदर्शन के उपरांत प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि जौहर विश्वविद्यालय एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक संस्थान है, जहां बड़ी संख्या में विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। किसी भी प्रशासनिक या कानूनी कार्रवाई का प्रभाव विद्यार्थियों की पढ़ाई और भविष्य पर नहीं पड़ना चाहिए।
ज्ञापन में यह भी आग्रह किया गया कि यदि विश्वविद्यालय से संबंधित कोई कानूनी अथवा प्रशासनिक विवाद है तो उसका समाधान कानून एवं प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप किया जाए, ताकि शिक्षा व्यवस्था बाधित न हो। साथ ही विद्यार्थियों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की मांग की गई।
AIMIM पदाधिकारियों ने कहा कि उनका उद्देश्य शिक्षा के अधिकार और विद्यार्थियों के भविष्य की रक्षा सुनिश्चित करना है। प्रदर्शन के दौरान संगठन के कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
सारांश
सिद्धार्थनगर में AIMIM कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट परिसर स्थित जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन कर जौहर विश्वविद्यालय, रामपुर के संबंध में राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में विश्वविद्यालय से संबंधित कार्रवाई पर रोक लगाने, विद्यार्थियों के शैक्षणिक हितों की रक्षा करने तथा विधिसम्मत समाधान सुनिश्चित करने की मांग की गई।
टिप्पणी
यह मामला शिक्षा और प्रशासनिक कार्रवाई से जुड़ा विषय है। AIMIM ने ज्ञापन के माध्यम से अपनी मांगें प्रशासन तक पहुंचाई हैं। दूसरी ओर, इस विषय पर शासन एवं संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने आना भी महत्वपूर्ण होगा। अंतिम निर्णय सक्षम प्राधिकारी द्वारा नियमानुसार लिया जाएगा। समाचार उपलब्ध ज्ञापन और प्रदर्शन के आधार पर तैयार किया गया है।
जोगिया उदयपुर व बांसी थाना क्षेत्र की चोरी की घटनाओं का खुलासा, पुलिस ने शातिर आरोपी को दबोचा; चोरी की बाइक और नकदी बरामद

जोगिया उदयपुर व बांसी थाना क्षेत्र की चोरी की घटनाओं का खुलासा, पुलिस ने शातिर आरोपी को दबोचा; चोरी की बाइक और नकदी बरामद
स्थान: जोगिया उदयपुर, सिद्धार्थनगर
कार्रवाई: पुलिस ने चोरी के मामलों में वांछित आरोपी को गिरफ्तार किया
बरामदगी: बिना नंबर प्लेट की हीरो स्प्लेंडर प्लस बाइक व ₹2,310 नकद
आगे की कार्रवाई: आरोपी को न्यायालय भेजा गया
जोगिया उदयपुर व बांसी की चोरी की घटनाओं का खुलासा, शातिर आरोपी गिरफ्तार; चोरी की बाइक और नकदी बरामद
सिद्धार्थनगर। जनपद की जोगिया उदयपुर पुलिस ने चोरी की घटनाओं के खुलासे में बड़ी सफलता हासिल करने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार जोगिया उदयपुर और बांसी थाना क्षेत्रों में दर्ज चोरी के मामलों में वांछित एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। उसके कब्जे से चोरी से संबंधित एक हीरो स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल (बिना नंबर प्लेट) तथा ₹2,310 नकद बरामद किए गए हैं।
पुलिस के मुताबिक यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन के निर्देशन तथा अपर पुलिस अधीक्षक प्रशान्त कुमार प्रसाद और क्षेत्राधिकारी बांसी शुबेन्दु सिंह के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी अभय सिंह के नेतृत्व में चलाए जा रहे अपराध नियंत्रण अभियान के दौरान की गई।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान हरिचरन पुत्र निर्मल, निवासी मुडिला राजा, थाना जोगिया उदयपुर के रूप में हुई है। उसे करौदा मसिना के सामने बांसी–नौगढ़ मुख्य मार्ग से गिरफ्तार किया गया।
प्रेस नोट के अनुसार बरामदगी और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर संबंधित मुकदमों में आवश्यक धाराओं की बढ़ोतरी करते हुए आरोपी के विरुद्ध विधिक कार्रवाई पूरी कर उसे न्यायालय भेज दिया गया है।
पुलिस अभिलेखों के अनुसार आरोपी के विरुद्ध पूर्व में भी चोरी सहित अन्य मामलों में मुकदमे दर्ज रहे हैं। पुलिस मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई कर रही है।
बरामदगी
हीरो स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल (बिना नंबर प्लेट)
₹2,310 नकद
सारांश
जोगिया उदयपुर पुलिस ने जोगिया उदयपुर और बांसी थाना क्षेत्रों में दर्ज चोरी के मामलों के खुलासे का दावा करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी के कब्जे से चोरी से संबंधित मोटरसाइकिल और नकदी बरामद हुई है तथा उसे न्यायालय भेज दिया गया है।
खबर का असर: ककराही की आवाज पहुंची प्रशासन तक, शिकायत के बाद ब्लॉक टीम ने की 110 मीटर खड़ंजा मार्ग की पैमाइश

पूर्व प्रधान भारत प्रसाद लोधी के नेतृत्व में डीएम को सौंपा गया था शिकायत पत्र, FT News Digital ने प्रमुखता से उठाया था मुद्दा, बीडीओ रामानंद वर्मा के निर्देशन में टीम पहुंची, 110 मीटर खड़ंजा मार्ग की पैमाइश पूरी।

स्थान: ग्राम पंचायत ककरही, विकासखंड जोगिया, सिद्धार्थनगर
मामला: जलभराव एवं जर्जर मार्ग
शिकायतकर्ता: पूर्व प्रधान भारत प्रसाद लोधी के नेतृत्व में ग्रामीण
कार्रवाई: घिसीयावन के घर से कन्हैया के घर तक 110 मीटर लंबे एवं 3 मीटर चौड़े प्रस्तावित खड़ंजा मार्ग की पैमाइश

सिद्धार्थनगर जनपद के विकासखंड जोगिया की ग्राम पंचायत ककरही में जलभराव और जर्जर मार्ग की समस्या को लेकर पूर्व प्रधान भारत प्रसाद लोधी के नेतृत्व में ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को शिकायत पत्र सौंपकर स्थायी समाधान की मांग की थी। इसके बाद FT News Digital ने इस जनसमस्या को प्रमुखता से प्रकाशित और प्रसारित किया। अब प्रशासन ने मामले का संज्ञान लेते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है। बीडीओ रामानंद वर्मा के निर्देशन में ब्लॉक टीम गांव पहुंची और प्रस्तावित खड़ंजा मार्ग की पैमाइश कर आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी गई।
मुख्य खबर
सिद्धार्थनगर। ग्राम पंचायत ककरही में लंबे समय से जलभराव और जर्जर मार्ग ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ था। बरसात के दौरान सड़क पर पानी भर जाने से बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और आम ग्रामीणों का आवागमन प्रभावित हो रहा था।
इसी समस्या को लेकर पूर्व प्रधान भारत प्रसाद लोधी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को लिखित शिकायत पत्र सौंपा था। शिकायत पत्र में गांव की सड़क और जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग की गई थी।
इसके बाद FT News Digital ने इस जनसमस्या को प्रमुखता से प्रकाशित और प्रसारित किया। कुछ ही दिनों बाद प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई शुरू हुई।
बीडीओ रामानंद वर्मा के निर्देशन में ब्लॉक टीम गांव पहुंची। मौके पर एडीओ (पंचायत) प्रदीप सिंह की मौजूदगी में घिसीयावन के घर से कन्हैया के घर तक लगभग 110 मीटर लंबे एवं 3 मीटर चौड़े प्रस्तावित खड़ंजा मार्ग की पैमाइश कराई गई।
निरीक्षण के दौरान ग्राम प्रधान कल्लू, सचिव प्रदीप सिंह, जे ई अभिषेक यादव, रोजगार सेवक, तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। अधिकारियों ने स्थल का निरीक्षण करते हुए आवश्यक तकनीकी प्रक्रिया पूरी की।
एडीओ (पंचायत) प्रदीप सिंह ने बताया कि आज सड़क की पैमाइश का कार्य पूरा कराया गया है। आवश्यक प्रशासनिक एवं तकनीकी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद जल्द से जल्द खड़ंजा मार्ग का निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा, जिससे निर्माण पूर्ण होने के बाद ग्रामीणों को सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।
वहीं बीडीओ रामानंद वर्मा ने बताया कि जनहित से जुड़े इस कार्य को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जा रहा है और नियमानुसार प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण कार्य कराया जाएगा।
मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने प्रशासन की पहल का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई कि लंबे समय से चली आ रही समस्या का अब स्थायी समाधान होगा। पूर्व प्रधान भारत प्रसाद लोधी ने कहा कि ग्रामीणों की आवाज सुनकर प्रशासन द्वारा की गई यह कार्रवाई स्वागत योग्य है और उम्मीद है कि जल्द निर्माण कार्य शुरू होकर पूरा भी होगा।
इन बॉक्स
शिकायत से कार्रवाई तक…
पूर्व प्रधान भारत प्रसाद लोधी के नेतृत्व में डीएम को सौंपा गया शिकायत पत्र।
FT News Digital ने प्रमुखता से उठाया जनहित का मुद्दा।
बीडीओ रामानंद वर्मा के निर्देशन में ब्लॉक टीम गांव पहुंची।
एडीओ (पंचायत) प्रदीप सिंह ने कराई पैमाइश।
ग्राम प्रधान कल्लू, सचिव प्रदीप सिंह, केके अभिषेक यादव, रोजगार सेवक एवं ग्रामीण रहे मौजूद।
घिसीयावन के घर से कन्हैया के घर तक 110 मीटर लंबे एवं 3 मीटर चौड़े प्रस्तावित खड़ंजा मार्ग की पैमाइश।
आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद शुरू होगा निर्माण कार्य।
सारांश
पूर्व प्रधान भारत प्रसाद लोधी के नेतृत्व में ग्रामीणों द्वारा जिलाधिकारी को शिकायत दिए जाने और उसके बाद FT News Digital द्वारा जनसमस्या को प्रमुखता से उठाए जाने के बाद प्रशासन ने प्रारंभिक कार्रवाई करते हुए प्रस्तावित खड़ंजा मार्ग की पैमाइश कराई है। अधिकारियों के अनुसार नियमानुसार प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा, जिससे ग्रामीणों को सुगम आवागमन की सुविधा मिल सकेगी।
संपादकीय टिप्पणी (कानूनी रूप से सुरक्षित)
यह समाचार शिकायत पत्र, मौके पर हुई प्रशासनिक कार्रवाई तथा संबंधित अधिकारियों के आधिकारिक बयानों पर आधारित है। समाचार में केवल उपलब्ध तथ्यों का उल्लेख किया गया है कि शिकायत और उसके बाद प्रशासनिक कार्रवाई हुई। यह नहीं कहा गया है कि कार्रवाई केवल समाचार के कारण हुई। FT News Digital जनहित के मुद्दों को तथ्यपरक, निष्पक्ष और जिम्मेदारीपूर्ण ढंग से उठाने के अपने दायित्व का निर्वहन करता रहेगा।
“660 लीटर डीजल लूट का निकला फर्जी खेल! चालक ने ही रची साजिश, पुलिस ने खोला पूरा राज”
फर्जी लूट का पर्दाफाश: चालक ने ही रचा था 660 लीटर डीजल चोरी का खेल, पुलिस ने दो आरोपियों को दबोचा
स्थान : ढेबरुआ थाना क्षेत्र, सिद्धार्थनगर
कार्रवाई : 19 जुलाई 2026
मामला : 660 लीटर डीजल लूट की कथित घटना का खुलासा
गिरफ्तारी : चालक समेत दो आरोपी गिरफ्तार
बरामदगी : 660 लीटर डीजल (3 ड्रम), पिकअप वाहन
सिद्धार्थनगर। ढेबरुआ थाना क्षेत्र में 660 लीटर डीजल लूट की सनसनीखेज वारदात का पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार जिस चालक ने खुद को लूट और मारपीट का शिकार बताया था, वही पूरे षड्यंत्र का मास्टरमाइंड निकला। पुलिस और एसओजी की संयुक्त कार्रवाई में चालक और उसके साथी को गिरफ्तार कर तीन ड्रमों में रखा गया 660 लीटर डीजल तथा घटना में प्रयुक्त पिकअप वाहन बरामद किया गया है। पुलिस का दावा है कि कंपनी का डीजल हड़पने के उद्देश्य से फर्जी लूट की कहानी गढ़ी गई थी।
पूरी खबर
ढेबरुआ थाना क्षेत्र में 17 जुलाई को उस समय हड़कंप मच गया था, जब इंडस टावर आरएसटी कंपनी के प्रतिनिधि आशीष यादव ने थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया कि कंपनी का डीजल लेकर जा रहे वाहन को अज्ञात लोगों ने रोक लिया और चालक ऐनुल उर्फ मोनू तथा उसके साथी अकबर अली के साथ मारपीट कर 660 लीटर डीजल लूट लिया।
घटना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन के निर्देश पर अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार प्रसाद के निर्देशन तथा क्षेत्राधिकारी शोहरतगढ़ मयंक कुमार द्विवेदी के पर्यवेक्षण में ढेबरुआ पुलिस और जनपदीय एसओजी की संयुक्त टीम गठित की गई।
जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया, तकनीकी साक्ष्य जुटाए और दोनों कथित पीड़ितों से गहन पूछताछ की। पुलिस के अनुसार जांच में दोनों के बयान बार-बार बदलते मिले और कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए, जिससे पुलिस का संदेह गहरा गया।
पुलिस का कहना है कि पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर यह स्पष्ट हुआ कि कथित लूट की पूरी कहानी कंपनी का डीजल हड़पने के लिए स्वयं चालक और उसके साथी द्वारा रची गई थी। इसके बाद पुलिस ने दोनों को आरोपी बनाते हुए गिरफ्तारी की कार्रवाई शुरू की।
रविवार 19 जुलाई को मुखबिर की सूचना पर राप्ती मुख्य नहर स्थित धनौरा पुल के पास चेकिंग के दौरान पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान ऐनुल उर्फ मोनू पुत्र अकबर अली तथा अकबर अली उर्फ दानिश अली पुत्र अनवर अली, निवासी थाना रानीपुर, जनपद बहराइच के रूप में हुई है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से तीन ड्रमों में रखा 660 लीटर डीजल तथा घटना में प्रयुक्त पिकअप वाहन संख्या UP-32-ZN-7588 बरामद करने का दावा किया है।
पुलिस के अनुसार पहले दर्ज मुकदमे में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं 303(2) एवं 115(2) के तहत कार्रवाई की गई थी। बरामदगी और जांच के बाद धारा 317(2) बीएनएस की बढ़ोत्तरी की गई। आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी कर दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।
बरामदगी
660 लीटर डीजल (03 ड्रम)
घटना में प्रयुक्त पिकअप वाहन
गिरफ्तार आरोपी
ऐनुल उर्फ मोनू (चालक)
अकबर अली उर्फ दानिश अली
कार्रवाई
ढेबरुआ पुलिस व जनपदीय एसओजी की संयुक्त कार्रवाई
दोनों आरोपियों को न्यायालय भेजा गया
पुलिस का पक्ष
सिद्धार्थनगर पुलिस के अनुसार उपलब्ध साक्ष्यों, पूछताछ और बरामदगी के आधार पर फर्जी लूट की कहानी का खुलासा किया गया है। मामले में आगे की विवेचना नियमानुसार जारी है।
सारांश
जिस घटना को पहले डीजल लूट की वारदात माना जा रहा था, पुलिस जांच में वह कथित तौर पर कंपनी का डीजल हड़पने की साजिश निकली। संयुक्त पुलिस कार्रवाई में दो आरोपियों की गिरफ्तारी और 660 लीटर डीजल की बरामदगी को पुलिस ने महत्वपूर्ण सफलता बताया है।
यह कार्रवाई दर्शाती है कि तकनीकी साक्ष्यों और वैज्ञानिक जांच के जरिए पुलिस जटिल मामलों की तह तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। हालांकि, मामले का अंतिम निर्णय न्यायालय द्वारा उपलब्ध साक्ष्यों और सुनवाई के आधार पर किया जाएगा। इसलिए गिरफ्तार व्यक्तियों को न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने तक कानून की दृष्टि में आरोपी माना जाएगा, दोषी नहीं।
टेट अनिवार्यता पर शिक्षक एकजुट, सांसद जगदंबिका पाल को सौंपा मांग पत्र; संसद में मुद्दा उठाने का मिला भरोसा

सिद्धार्थनगर। टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (टीएफआई) के प्रतिनिधिमंडल ने डुमरियागंज सांसद जगदंबिका पाल से मुलाकात कर टेट (TET) अनिवार्यता से जुड़े मुद्दे पर मांग पत्र सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टेट की अनिवार्यता से मुक्त कराने की मांग करते हुए राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) के प्रावधानों में आवश्यक संशोधन का आग्रह किया। सांसद ने शिक्षकों को आश्वस्त किया कि इस विषय को संसद सहित हर उचित मंच पर उठाया जाएगा।

मुख्य बिंदु
टीएफआई प्रतिनिधिमंडल ने सांसद को सौंपा ज्ञापन।
2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों के लिए टेट अनिवार्यता समाप्त करने की मांग।
सांसद ने संसद में मुद्दा उठाने और सहयोग का दिया आश्वासन।
नीट परीक्षा में सफलता पाने वाले छात्र आनंद कुमार को किया सम्मानित।
क्या है मामला?
टीएफआई ने राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) की 23 अगस्त 2010 की अधिसूचना और उससे जुड़े प्रावधानों का हवाला देते हुए मांग रखी।
संगठन का कहना है कि पूर्व से नियुक्त शिक्षकों के हितों की रक्षा के लिए स्पष्ट कानूनी व्यवस्था की आवश्यकता है।
प्रतिनिधिमंडल ने इस संबंध में सांसद को विस्तृत ज्ञापन सौंपा।
विस्तृत खबर
सिद्धार्थनगर। टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (टीएफआई) के प्रतिनिधिमंडल ने रविवार को डुमरियागंज सांसद जगदंबिका पाल के आवास पर पहुंचकर टेट अनिवार्यता से जुड़े मुद्दे पर मांग पत्र सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) द्वारा 23 अगस्त 2010 को निर्धारित न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता संबंधी प्रावधानों तथा शिक्षा के अधिकार अधिनियम (आरटीई) के संदर्भ में अपनी मांगों से सांसद को अवगत कराया।
ज्ञापन में संगठन की ओर से द गजट ऑफ इंडिया के सेक्शन-23 तथा 10 अगस्त 2017 के संशोधन का उल्लेख करते हुए पूर्व से नियुक्त शिक्षकों के हितों के संरक्षण की मांग की गई। संगठन ने आग्रह किया कि 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टेट अनिवार्यता से राहत दिलाने के लिए आवश्यक विधायी और नीतिगत पहल की जाए।
सांसद जगदंबिका पाल ने प्रतिनिधिमंडल को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षकों की सेवा सुरक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों से जुड़े मुद्दों को वह हमेशा गंभीरता से उठाते रहे हैं और भविष्य में भी उच्चतम न्यायालय के निर्णय के बाद उत्पन्न व्यावहारिक कठिनाइयों के समाधान के लिए संसद सहित अन्य उचित मंचों पर प्रयास करेंगे।
टीएफआई के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष राधेरमण त्रिपाठी ने कहा कि सांसद ने पूर्व में भी शिक्षक हितों के मुद्दों पर सहयोग दिया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस विषय पर भी सकारात्मक पहल होगी।
कार्यक्रम के दौरान जिला उपाध्यक्ष अशोक कुमार के पुत्र आनंद कुमार को नीट परीक्षा में सफलता प्राप्त करने पर सांसद द्वारा सम्मानित किया गया। इस अवसर पर संगठन की जिला कार्यसमिति, विभिन्न ब्लॉकों के पदाधिकारी तथा संघर्ष समिति के सदस्य उपस्थित रहे।
सारांश
टीएफआई ने टेट अनिवार्यता से जुड़े मुद्दे पर सांसद जगदंबिका पाल को ज्ञापन सौंपते हुए 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों के हितों की रक्षा की मांग की। सांसद ने विषय को संसद और अन्य मंचों पर उठाने का भरोसा दिया।
टिप्पणी (Editorial Note)
शिक्षकों की सेवा शर्तों और पात्रता से जुड़े विषय लंबे समय से चर्चा का केंद्र रहे हैं। ऐसे मामलों का अंतिम समाधान विधायी प्रावधानों, न्यायिक निर्णयों और सरकार की नीतिगत पहल पर निर्भर करता है। विभिन्न संगठनों द्वारा अपनी मांगों को लोकतांत्रिक तरीके से जनप्रतिनिधियों के समक्ष रखना संवैधानिक प्रक्रिया का हिस्सा है।
जिले में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, दो एडीओ पंचायतों का तबादला
सिद्धार्थनगर में दो एडीओ (पंचायत) का तबादला, डीएम की मंजूरी के बाद आदेश जारी
स्थान – सिद्धार्थनगर मामला – दो सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) का
स्थानांतरण आधार – जिलाधिकारी के अनुमोदन के बाद जिला पंचायत राज अधिकारी का आदेश
जनहित एवं प्रशासनिक हित में जारी हुआ स्थानांतरण आदेश। नौगढ़ और बांसी ब्लॉक के
एडीओ (पंचायत) की अदला-बदली। आदेश के अनुपालन को लेकर प्रशासनिक हलकों में चर्चा।
सिद्धार्थनगर जनपद में पंचायत विभाग के दो सहायक विकास अधिकारियों (पंचायत) का
स्थानांतरण कर दिया गया है। जिला पंचायत राज अधिकारी द्वारा जिलाधिकारी के अनुमोदन
के बाद जारी आदेश के अनुसार विकास खंड नौगढ़ में तैनात संजय पाण्डेय को विकास खंड बांसी
तथा विकास खंड बांसी में तैनात अजय राय को विकास खंड नौगढ़ स्थानांतरित किया गया है।
मुख्य समाचार
जिला पंचायत राज अधिकारी द्वारा जारी आदेश के अनुसार यह कार्रवाई 17
जुलाई 2026 को जिलाधिकारी के अनुमोदन के अनुपालन में जनहित एवं प्रशासनिक हित में की
गई है। दोनों अधिकारियों को अपने नवीन तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश
दिए गए हैं।
स्थानांतरण आदेश के बाद प्रशासनिक हलकों में विभिन्न चर्चाएं हैं। गृह तहसील में तैनाती संबंधी
कुछ दावे स्थानीय स्तर पर किए जा रहे हैं, लेकिन उनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है और
इस संबंध में प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। इसलिए
समाचार में केवल आधिकारिक आदेश का तथ्यात्मक उल्लेख किया गया है।
सारांश
जनहित एवं प्रशासनिक हित में सिद्धार्थनगर के दो सहायक विकास अधिकारी
(पंचायत) का परस्पर स्थानांतरण किया गया है। आदेश के अनुसार संजय पाण्डेय बांसी और अजय
राय नौगढ़ में तैनात किए गए हैं।
टिप्पणी
प्रशासनिक स्थानांतरण शासन व्यवस्था की नियमित प्रक्रिया है। ऐसे मामलों में
आधिकारिक आदेश और सत्यापित तथ्यों के आधार पर ही निष्कर्ष निकाला जाना चाहिए।
“गाँधी से गाँधी तक” विचार गोष्ठी में गूंजे लोकतंत्र, सत्य और अहिंसा के स्वर

स्थान : सिद्धार्थनगर
आयोजन : लोहिया कला भवन
विषय : “गाँधी से गाँधी तक” विचार गोष्ठी
आयोजक : जिला कांग्रेस कमेटी एवं जिला युवा कांग्रेस
• महात्मा गांधी के विचारों पर हुई चर्चा
• लोकतंत्र, संविधान और सामाजिक सौहार्द पर वक्ताओं ने रखे विचार
• युवाओं से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान
• कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता, बुद्धिजीवी एवं सामाजिक कार्यकर्ता रहे उपस्थित

सिद्धार्थनगर के लोहिया कला भवन में जिला कांग्रेस कमेटी एवं जिला युवा कांग्रेस के संयुक्त तत्वावधान में “गाँधी से गाँधी तक” विषय पर विचार गोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम में वक्ताओं ने महात्मा गांधी के विचारों, सत्य, अहिंसा, लोकतांत्रिक मूल्यों तथा सामाजिक समरसता पर अपने विचार व्यक्त किए। आयोजन में कांग्रेस पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं, युवाओं, बुद्धिजीवियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं की सहभागिता रही।
मुख्य समाचार
जिला कांग्रेस कमेटी सिद्धार्थनगर एवं जिला युवा कांग्रेस द्वारा आयोजित इस विचार गोष्ठी का संचालन जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष क़ाज़ी सुहेल अहमद ने किया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता वरिष्ठ पत्रकार, लेखक एवं राजनीतिक विश्लेषक अशोक कुमार पाण्डेय ने अपने संबोधन में महात्मा गांधी के जीवन, स्वतंत्रता आंदोलन में उनके योगदान तथा सत्य, अहिंसा, प्रेम और मानवता के सिद्धांतों पर विस्तार से विचार रखे। उन्होंने संविधान, लोकतांत्रिक संस्थाओं और सामाजिक सौहार्द को मजबूत बनाए रखने की आवश्यकता पर भी अपने विचार व्यक्त किए।
प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष विश्व विजय सिंह एवं प्रदेश महासचिव जयकरन वर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि महात्मा गांधी के विचार समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय और सम्मान पहुंचाने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने युवाओं से राष्ट्र निर्माण तथा सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व सचिव देवेंद्र कुमार श्रीवास्तव तथा जिला कांग्रेस अध्यक्ष क़ाज़ी सुहेल अहमद ने कहा कि सत्य, अहिंसा, भाईचारा और लोकतांत्रिक मूल्य भारतीय समाज की महत्वपूर्ण आधारशिला हैं। उन्होंने सामाजिक समरसता और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर युवा कांग्रेस के प्रदेश सचिव डॉ. अरविन्द शुक्ला ने सभी अतिथियों, वक्ताओं, कांग्रेस पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं, बुद्धिजीवियों तथा मीडिया प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ऐसे वैचारिक कार्यक्रम समाज में संवाद, लोकतांत्रिक चेतना और राष्ट्रीय एकता को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम में पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष ठाकुर प्रसाद तिवारी सहित पार्टी के अनेक पदाधिकारी, कार्यकर्ता, सामाजिक कार्यकर्ता, बुद्धिजीवी तथा स्थानीय नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
सारांश
सिद्धार्थनगर में आयोजित “गाँधी से गाँधी तक” विचार गोष्ठी में महात्मा गांधी के विचारों, लोकतंत्र, संविधान, सत्य, अहिंसा और सामाजिक सौहार्द पर वक्ताओं ने अपने विचार रखे। कार्यक्रम में युवाओं से गांधी के आदर्शों को अपनाकर राष्ट्र निर्माण में सकारात्मक भूमिका निभाने का आह्वान किया गया।
यह समाचार जिला कांग्रेस कमेटी सिद्धार्थनगर द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के आधार पर तैयार किया गया है। समाचार में कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं द्वारा सार्वजनिक रूप से व्यक्त विचारों और बयानों का तथ्यात्मक उल्लेख किया गया है। इन विचारों को संबंधित वक्ताओं के मत के रूप में प्रस्तुत किया गया है। इस समाचार का उद्देश्य केवल कार्यक्रम की निष्पक्ष एवं तथ्यपरक रिपोर्टिंग करना है, न कि किसी राजनीतिक दल, व्यक्ति या विचारधारा के पक्ष या विपक्ष में संपादकीय समर्थन या विरोध व्यक्त करना।
डुमरियागंज में जगद्गुरु शंकराचार्य का भव्य स्वागत, गौसंरक्षण के संकल्प के साथ जनजागरण यात्रा को मिला व्यापक समर्थन
डुमरियागंज में जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के आगमन ने गौसंरक्षण के मुद्दे को एक बार फिर सार्वजनिक चर्चा के केंद्र में ला दिया है। धार्मिक यात्राएं केवल आस्था का विषय नहीं होतीं, बल्कि समाज में संवाद और जागरूकता का भी माध्यम बनती हैं। किसी भी विषय पर अपनी बात शांतिपूर्ण एवं संवैधानिक तरीके से रखना लोकतंत्र की मूल भावना है। वहीं ऐसे मुद्दों पर अंतिम निर्णय संविधान, कानून और संबंधित सरकारों के अधिकार क्षेत्र में आता है। समाज के सभी वर्गों की जिम्मेदारी है कि वे आपसी सौहार्द, शांति और कानून के सम्मान के साथ सकारात्मक संवाद को आगे बढ़ाएं। यही लोकतांत्रिक मूल्यों और सामाजिक समरसता की पहचान है।

स्थान : डुमरियागंज, जनपद सिद्धार्थनगर
मुख्य बातें
मंदिर चौराहे पर हुआ भव्य स्वागत।
पुष्पमालाओं से श्रद्धालुओं ने किया अभिनंदन।
गौसंरक्षण और जनजागरण यात्रा का दिया संदेश।
बड़ी संख्या में स्थानीय श्रद्धालु एवं समर्थक रहे मौजूद।
कार्यक्रम : जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का स्वागत
मुख्य विषय : गौसंरक्षण एवं जनजागरण
स्वागतकर्ता : स्थानीय श्रद्धालु, सामाजिक कार्यकर्ता एवं समाजवादी पार्टी के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य सुरेश यादव के नेतृत्व में समर्थक
सिद्धार्थनगर जनपद के डुमरियागंज में ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज के आगमन पर श्रद्धा, उत्साह और धार्मिक आस्था का अनूठा संगम देखने को मिला। मंदिर चौराहे पर आयोजित स्वागत समारोह में श्रद्धालुओं ने पुष्पमालाओं से उनका अभिनंदन किया। इस दौरान गौसंरक्षण, भारतीय संस्कृति और सामाजिक जागरूकता को लेकर उनके संदेश को लोगों ने गंभीरता से सुना।
मुख्य समाचार
डुमरियागंज नगर में जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज के आगमन को लेकर सुबह से ही श्रद्धालुओं में उत्साह दिखाई दिया। मंदिर चौराहे पर स्थानीय नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं विभिन्न वर्गों के लोगों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
स्वागत समारोह का नेतृत्व समाजवादी पार्टी के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य सुरेश यादव ने किया। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने पुष्पमालाएं पहनाकर शंकराचार्य का अभिनंदन किया तथा धार्मिक जयघोषों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।
अपने संबोधन में शंकराचार्य ने गौसंरक्षण को भारतीय संस्कृति, ग्रामीण जीवन और सनातन परंपरा का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए समाज से इसके प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जनजागरण के माध्यम से गौवंश के संरक्षण के विषय को व्यापक स्तर पर लोगों तक पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने शांतिपूर्ण एवं संवैधानिक तरीके से जनसमर्थन जुटाने पर भी बल दिया।
कार्यक्रम के दौरान सुरेश यादव ने भी गौसंरक्षण के मुद्दे को महत्वपूर्ण बताते हुए सरकार से गौवंश को राष्ट्रीय पशु घोषित किए जाने की मांग पर विचार करने की अपील की। यह उनका सार्वजनिक राजनीतिक वक्तव्य था।
समारोह में मौजूद लोगों ने शंकराचार्य का आशीर्वाद लिया और गौसंरक्षण से जुड़े विषयों पर अपनी सहभागिता व्यक्त की। पूरे कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था भी सामान्य रूप से बनी रही तथा आयोजन शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ।
जगद्गुरु शंकराचार्य की इस यात्रा को लेकर डुमरियागंज और आसपास के क्षेत्रों में धार्मिक एवं सामाजिक स्तर पर चर्चा तेज रही। स्थानीय लोगों का कहना था कि ऐसे कार्यक्रम समाज में संवाद और जागरूकता बढ़ाने का माध्यम बनते हैं।
सारांश
डुमरियागंज में जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज का श्रद्धालुओं ने भव्य स्वागत किया। कार्यक्रम के दौरान गौसंरक्षण और जनजागरण का संदेश दिया गया। स्वागत समारोह शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय श्रद्धालु एवं समर्थक शामिल हुए।
इस समाचार में केवल कार्यक्रम, स्वागत और सार्वजनिक मंच पर व्यक्त विचारों का उल्लेख किया गया है।
किसी व्यक्ति, संस्था या सरकार पर कोई अप्रमाणित आरोप या निष्कर्ष प्रस्तुत नहीं किया गया है।
श्रद्धा और भक्ति भाव से मनाई गई स्वर्गीय प्रो. जनार्दन प्रसाद की जयंती
अयोध्या। पावन नगरी अयोध्या में स्वर्गीय प्रो. जनार्दन प्रसाद की जयंती श्रद्धा, भक्ति और गरिमामय वातावरण में मनाई गई। करुणा निधान भवन मंदिर में 18 एवं 19 जुलाई को आयोजित दो दिवसीय कार्यक्रम में परिवारजनों, विद्वानों, शिक्षकों, शोधार्थियों तथा श्रद्धालुओं की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। सभी ने प्रो. जनार्दन प्रसाद के व्यक्तित्व, कृतित्व एवं उनके आदर्शों का भावपूर्ण स्मरण करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम का शुभारंभ 18 जुलाई को सुंदरकांड पाठ से हुआ। श्रद्धालुओं ने भक्ति-भाव के साथ श्रीरामचरितमानस का सामूहिक पाठ किया, जिससे संपूर्ण परिसर भक्तिमय वातावरण में सराबोर हो गया। वक्ताओं ने कहा कि श्रीरामचरितमानस प्रो. जनार्दन प्रसाद के जीवन का आधार रहा और उन्होंने अपने संपूर्ण जीवन में इसके आदर्शों को आत्मसात किया।
19 जुलाई को प्रो. जनार्दन प्रसाद की पुण्य स्मृति को समर्पित कृति ‘अनमोल निधि’ का विमोचन किया गया। उपस्थित विद्वानों ने इस पुस्तक की सराहना करते हुए इसे आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणादायी और मूल्यवान धरोहर बताया।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने प्रो. जनार्दन प्रसाद के शिक्षा, अध्यात्म एवं समाज के प्रति योगदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका जीवन ज्ञान, सेवा और संस्कारों का अनुपम उदाहरण था।
समारोह के समापन अवसर पर आयोजक परिवार की गायत्री प्रकाश प्रोफ़ेसर गीता सक्सेना आदि ने सभी अतिथियों, विद्वानों, सहयोगियों एवं शुभचिंतकों के प्रति आभार व्यक्त किया। आयोजकों ने कहा कि इस आयोजन के माध्यम से न केवल प्रो. जनार्दन प्रसाद की स्मृतियों को जीवंत रखने का प्रयास किया गया, बल्कि अध्यात्म और ज्ञान की परंपरा को आगे बढ़ाने का भी संकल्प लिया गया। यह आयोजन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।
इस कार्यक्रम में अयोध्या के सभी प्रमुख धर्म गुरु साधु संत भक्तगण आदि शामिल रहे और सभी ने भंडारा प्रसाद ग्रहण किया सभी का आयोजन समिति की ओर से अंग वस्त्र दक्षिणा देकर स्वागत सम्मान किया गया.
सिद्धार्थनगर में टेट अनिवार्यता के मुद्दे पर टीएफआई ने सांसद को सौंपा मांग पत्र
सिद्धार्थनगर : टीचर्स फेडरेशन आफ़ इंडिया (टीएफआई) के एक प्रतिनिधिमंडल ने आज डुमरियागंज के सांसद जगदंबिका पाल के आवास पर उनसे मुलाकात की। इस दौरान संगठन के पदाधिकारियों ने शिक्षकों के लिए टेट अनिवार्यता को समाप्त कराने से जुड़े मुद्दे को लेकर सांसद को एक मांग पत्र सौंपा। यह मांग पत्र राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद द्वारा 23 अगस्त 2010 को निर्धारित की गई न्यूनतम योग्यता के नियमों से संबंधित है, जिसमें संगठन ने संसद द्वारा इसे निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम (आरटीई) में पूरी तरह सम्मिलित कराने की मांग की है।इस ज्ञापन में द गैजेट ऑफ इंडिया के सेक्शन 23 का संदर्भ दिया गया है, जिसके तहत किसी भी व्यक्ति को शिक्षक के रूप में नियुक्त होने के लिए तय शैक्षणिक योग्यता प्राप्त करना अनिवार्य होता है परंतु पूर्व से नियुक्त शिक्षकों के लिए टेट की अनिवार्यता नहीं है। इसके साथ ही पत्र में 10 अगस्त 2017 को किए गए संशोधन का भी विशेष उल्लेख किया गया है। सांसद ने शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षकों की सेवा सुरक्षा बेहद संवेदनशील विषय हैं। वह हमेशा शिक्षकों के संघर्ष में साथ रहे हैं। सांसद ने विश्वास दिलाया कि उच्चतम न्यायालय के निर्णय से उत्पन्न विसंगतियों को दूर कराने के लिए वह संसद में मुद्दा उठाएँगे और संसद से बाहर भी पूरा सहयोग करेंगे। टीएफआई के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व उप्र प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष राधेरमण त्रिपाठी ने कहा कि सांसद ने हमेशा शिक्षक हितों की सुरक्षा के लिए कार्य किया है। दिल्ली धरने में भी पहुंचकर सांसद ने शिक्षकों को संबल प्रदान किया था। कहा कि शिक्षकों को विश्वास है कि सांसद जी के सहयोग से 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टेट अनिवार्यता से मुक्ति मिलेगी। कार्यक्रम में संगठन के जिला उपाध्यक्ष अशोक कुमार के पुत्र आनंद कुमार को नीट परीक्षा में सफलता मिलने पर सांसद द्वारा सम्मानित किया गया। इस दौरान जिला कार्यसमिति के पदाधिकारियों सहित समस्त ब्लॉक कार्यसमिति व संघर्ष समिति के पदाधिकारीगण मौजूद रहे।
शीर्षक: बरसात के बीच विकास की रफ्तार, ₹4.49 करोड़ के लघु सेतु निर्माण का सदर विधायक श्यामधनी राही ने किया निरीक्षण
तेतरी–सोहास–लोटन मार्ग पर निर्माणाधीन पुल का लिया जायजा, गुणवत्ता के साथ समयबद्ध निर्माण पर दिया जोर, संभावित बाढ़ से निपटने के लिए शासन-प्रशासन पूरी तरह सतर्क

सिद्धार्थनगर। बरसात के मौसम में आवागमन की कठिनाइयों से जूझ रहे तेतरी–सोहास–लोटन मार्ग के लोगों के लिए राहत की उम्मीद अब मजबूत होती दिखाई दे रही है। उत्तर प्रदेश शासन की राज्य योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत लगभग ₹4.49 करोड़ की लागत से निर्माणाधीन 5×6×6 मीटर लघु सेतु का शनिवार को सदर विधायक श्यामधनी राही ने स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्य की प्रगति, गुणवत्ता और सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्था को निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।
तेतरी–सोहास–लोटन मार्ग क्षेत्र के अनेक गांवों को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। प्रतिदिन किसान, विद्यार्थी, मरीज, व्यापारी और आम नागरिक इसी मार्ग से आवागमन करते हैं। बरसात के दौरान जलस्तर बढ़ने पर लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसी समस्या के स्थायी समाधान के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश शासन द्वारा इस महत्वपूर्ण लघु सेतु परियोजना को स्वीकृति प्रदान की गई, जिसका निर्माण कार्य वर्तमान में प्रगति पर है।
निरीक्षण के दौरान विधायक श्यामधनी राही ने कहा कि यह पुल केवल एक निर्माण परियोजना नहीं, बल्कि क्षेत्र के विकास और लोगों की सुविधा से जुड़ी महत्वपूर्ण कड़ी है। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य तेजी से कराया जा रहा है और प्रयास है कि इसे शीघ्र पूरा कर जनता को समर्पित किया जाए, जिससे वर्षभर सुरक्षित एवं सुगम आवागमन सुनिश्चित हो सके।

संभावित बाढ़ की आशंका पर विधायक ने कहा कि बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं पर किसी का नियंत्रण नहीं होता, लेकिन शासन और प्रशासन पूरी सतर्कता के साथ स्थिति पर नजर बनाए हुए है। आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सभी आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं तथा हर परिस्थिति से निपटने के लिए संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
निरीक्षण के दौरान बृजेशधर दूबे, सत्य प्रकाश सिंह, लल्लू, रमेश, अमिरका, विद्या सहित अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधि, कार्यकर्ता एवं ग्रामीण उपस्थित रहे। क्षेत्रवासियों ने उम्मीद जताई कि पुल के निर्माण के बाद वर्षों से चली आ रही आवागमन की समस्या का स्थायी समाधान होगा और बरसात के दिनों में भी लोगों को सुरक्षित एवं निर्बाध आवागमन की सुविधा मिल सकेगी।
सारांश: लगभग ₹4.49 करोड़ की लागत से निर्माणाधीन तेतरी–सोहास–लोटन मार्ग के लघु सेतु का सदर विधायक श्यामधनी राही ने निरीक्षण कर गुणवत्ता और समयबद्ध निर्माण पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पुल बनने से क्षेत्र के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी तथा संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए शासन-प्रशासन पूरी तरह तैयार है।
हर बारिश में मौत का इंतजार! जर्जर काशीराम आवासों में सहमे गरीब परिवार, आखिर कब मिलेगी सुरक्षित छत?

स्थान: सिद्धार्थनगर, काशीराम आवास परिसर
मामला: दो आवासों की छत ध्वस्त, जलभराव और जर्जर भवनों से बढ़ी चिंता
राहत: घटना में कोई जनहानि नहीं
मांग: तकनीकी जांच, मरम्मत और सुरक्षित वैकल्पिक आवास की व्यवस्था

सिद्धार्थनगर। जिन काशीराम आवासों को आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के सुरक्षित आशियाने के रूप में बनाया गया था, आज वही आवास कई गरीब परिवारों के लिए चिंता और भय का कारण बनते दिखाई दे रहे हैं। लगातार बारिश के बीच दो आवासीय भवनों की छत गिरने की घटना ने पूरे परिसर को दहला दिया है। राहत की बात यह रही कि घटना के समय संबंधित आवासों में कोई मौजूद नहीं था, लेकिन अब यहां रहने वाले परिवारों की सबसे बड़ी चिंता यह है कि अगला हादसा कहीं उनके घर में न हो जाए।

🔹 दो आवासीय भवनों की छत गिरने से मचा हड़कंप
🔹 ऊपर से जर्जर छतें, नीचे जलभराव की गंभीर समस्या
🔹 गरीब परिवारों का दावा—वर्षों से नियमित रखरखाव नहीं हुआ
🔹 बारिश के मौसम में बढ़ा खतरा, बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा पर चिंता
🔹 स्थानीय लोगों ने तकनीकी जांच और स्थायी समाधान की मांग उठाई

मुख्य खबर
सिद्धार्थनगर। काशीराम आवास परिसर की तस्वीरें और मौके से सामने आए दृश्य कई गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं। परिसर के कुछ भवनों की छतें जर्जर दिखाई दे रही हैं। हाल ही में दो आवासीय ब्लॉकों की छत का हिस्सा गिरने की घटना सामने आई। गनीमत रही कि हादसे के समय संबंधित आवास खाली थे, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई।

मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों का कहना है कि एक तरफ लगातार बारिश से छतों में रिसाव और जर्जरता बढ़ रही है, वहीं दूसरी तरफ परिसर में जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने के कारण लंबे समय तक जलभराव बना रहता है। उनका कहना है कि भवनों के आसपास जमा पानी और नियमित रखरखाव के अभाव ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है।

एफटी न्यूज़ डिजिटल की टीम जब मौके पर पहुंची तो कई स्थानों पर जलभराव, दीवारों पर सीलन, उखड़ता प्लास्टर और जर्जर होती इमारतें दिखाई दीं। परिसर में रहने वाले लोगों ने बताया कि बरसात के दिनों में उन्हें सबसे अधिक डर अपने बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर रहता है।
यहां रहने वाले अधिकांश परिवार आर्थिक रूप से कमजोर हैं। दिहाड़ी मजदूरी और छोटे-मोटे काम करके जीवन यापन करने वाले इन लोगों के लिए यही आवास उनकी पूरी पूंजी है। ऐसे में वे न तो आसानी से कहीं और जा सकते हैं और न ही अपने स्तर पर भवनों की मरम्मत करा सकते हैं।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि समय-समय पर भवनों का निरीक्षण, आवश्यक मरम्मत और जल निकासी व्यवस्था पर प्रभावी काम होता, तो शायद आज हालात इतने गंभीर नहीं होते। हालांकि इस संबंध में संबंधित विभाग का पक्ष सामने आना अभी शेष है।
घटना के बाद लोगों ने मांग की है कि पूरे काशीराम आवास परिसर का स्वतंत्र तकनीकी सर्वे (Structural Safety Audit) कराया जाए। जिन भवनों में खतरा अधिक है, वहां रहने वाले परिवारों को अस्थायी रूप से सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया जाए तथा स्थायी मरम्मत या पुनर्निर्माण की कार्ययोजना बनाई जाए।
सारांश
यह खबर किसी व्यक्ति या विभाग पर आरोप लगाने के लिए नहीं, बल्कि उन गरीब परिवारों की आवाज़ शासन और प्रशासन तक पहुंचाने का प्रयास है, जो हर बारिश में भय के साये में जीवन बिताने को मजबूर हैं। यदि समय रहते प्रभावी कदम उठाए जाते हैं तो किसी संभावित बड़े हादसे को रोका जा सकता है।
एफटी न्यूज़ डिजिटल की अपील
गरीब परिवारों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। यदि किसी भवन के जर्जर होने की आशंका है तो संबंधित विभाग तत्काल तकनीकी जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करे, ताकि कोई भी परिवार किसी अप्रिय घटना का शिकार न बने।
यह खबर दृश्य साक्ष्यों, मौके के निरीक्षण और स्थानीय निवासियों के बयानों के आधार पर संतुलित पत्रकारिता शैली में तैयार की गई है। जहां स्थानीय लोगों के दावे हैं, उन्हें उसी रूप में प्रस्तुत किया गया है। संबंधित विभाग का पक्ष उपलब्ध होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाना चाहिए।
सम्पूर्ण समाधान दिवस के अवसर पर सदर तहसील पर जिलाधिकारी व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने किया सुनवाई
सिद्धार्थनगर। आज दिनांक 18.07.2026 को जनपद सिद्धार्थनगर के तहसील सदर में सम्पूर्ण समाधान दिवस (तहसील दिवस) का आयोजन किया गया । जिसमें जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थनगर, उपजिलाधिकारी शोहरतगढ़ उपस्थित रहें । तहसील दिवस में प्राप्त शिकायती प्रार्थना-पत्रों के सम्बन्ध में जनता की समस्याओं को गंभीरतापूर्वक सुना गया एवं उसके निस्तारण हेतु सम्बन्धित को आवश्यक दिशा-निर्देश दिया गया । उक्त तहसील दिवस में राजस्व विभाग के अधिकारी/कर्मचारीगण व तहसील सदर क्षेत्र के प्रभारी निरीक्षक/थाना प्रभारी मौजूद रहे । जनसुनवाई के उपरान्त एक पेड मां के नाम अभियान के तहत पर्यावरण संरक्षण एवं हरियाली बढ़ाने के उद्देश्य से तहसील परिसर मे वृक्षा रोपण किया गया ।
NH-730 पर मौत बनकर दौड़ी रफ्तार, पिकअप की टक्कर से एक की मौत, दो जिंदगी और मौत से जूझ रहे
शोहरतगढ़ के मड़वा मार्ग पर दर्दनाक हादसा, पूरी घटना सीसीटीवी में कैद
सिद्धार्थनगर। जनपद के शोहरतगढ़ तहसील क्षेत्र अंतर्गत मड़वा मार्ग स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-730) पर शनिवार को हुए भीषण सड़क हादसे में बाइक सवार तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इनमें एक लगभग 60 वर्षीय व्यक्ति की मौके पर ही मृत्यु हो गई, जबकि दो अन्य घायलों का उपचार जारी है। घटना का वीडियो सीसीटीवी कैमरे में कैद होने की जानकारी सामने आई है।
सिद्धार्थनगर में एक बार फिर तेज रफ्तार का कहर देखने को मिला। शोहरतगढ़ के मड़वा मार्ग स्थित NH-730 पर एक पिकअप वाहन और बाइक की टक्कर ने कुछ ही सेकंड में खुशियों को मातम में बदल दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक सवार सड़क पर दूर जा गिरे। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोग घायलों की मदद के लिए दौड़ पड़े।
विस्तृत समाचार
सिद्धार्थनगर। शोहरतगढ़ तहसील क्षेत्र के मड़वा मार्ग स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग-730 पर शनिवार को एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, एक पिकअप वाहन और बाइक के बीच हुई टक्कर में बाइक पर सवार तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इनमें से लगभग 60 वर्षीय एक व्यक्ति ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया, जबकि दो अन्य घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, टक्कर के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने बिना समय गंवाए राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया और घायलों को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की।
बताया जा रहा है कि यह पूरी दुर्घटना सड़क किनारे लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई है। वीडियो में हादसे के बाद की स्थिति और स्थानीय लोगों द्वारा तत्काल राहत पहुंचाने के प्रयास दिखाई देते हैं। यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बना हुआ है।
समाचार लिखे जाने तक दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही थी। पुलिस द्वारा पंचनामा, आवश्यक वैधानिक कार्रवाई तथा दुर्घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। वाहन की गति, दुर्घटना की परिस्थितियां तथा अन्य तथ्यों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
सारांश
शोहरतगढ़ के मड़वा मार्ग स्थित NH-730 पर हुए भीषण सड़क हादसे में बाइक सवार तीन लोग दुर्घटना का शिकार हुए। एक व्यक्ति की मौके पर मृत्यु हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।
(संपादकीय अस्वीकरण)
यह समाचार प्रत्यक्ष रूप से प्राप्त प्रारंभिक जानकारी पर आधारित है। दुर्घटना के कारण, जिम्मेदारी तथा अन्य तथ्यों की अंतिम पुष्टि पुलिस जांच और संबंधित अधिकारियों की आधिकारिक सूचना के बाद ही मानी जाएगी।
जिलाधिकारी ने किया जलजमाव का निरीक्षण
सिद्धार्थनगर 18 जुलाई 2026/जिलाधिकारी श्री शिवशरणप्पा जीएन द्वारा भारी बारिश से नगर पालिका परिषद, सिद्धार्थनगर क्षेत्र में जलजमाव का निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी श्री शिवशरणप्पा जीएन ने वी-मार्ट के सामने, हाइडिल तिराहा का निरीक्षण किया। जिलाधिकारी ने अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद सिद्धार्थनगर को नालो की सफाई कराकर जल निकासी की व्यवस्था कराने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि जिन क्षेत्रों में जल जमाव है जल निकासी की समुचित व्यवस्था कराये।
इस अवसर पर अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद सिद्धार्थनगर अजय कुमार सिंह, उपस्थित थे।
प्रेस की आजादी पर दिल्ली हाईकोर्ट की अहम टिप्पणी, जवाबदेही सुनिश्चित करने की जरूरत बताई
नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने प्रेस की स्वतंत्रता को लोकतंत्र की आधारशिला बताते हुए कहा है कि इसके साथ जवाबदेही भी उतनी ही आवश्यक है। अदालत ने टिप्पणी की कि डिजिटल दौर में मोबाइल और माइक्रोफोन के सहारे स्वयं को पत्रकार बताने वाले लोगों की संख्या बढ़ी है। ऐसे में सरकार और विधायिका उपयुक्त नियामक व्यवस्था पर विचार कर सकती है, ताकि स्वतंत्र पत्रकारिता सुरक्षित रहे और गैर-जिम्मेदार गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।
देश में तेजी से बढ़ते डिजिटल मीडिया और सोशल मीडिया के दौर में पत्रकारिता की विश्वसनीयता, जवाबदेही और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि प्रेस की स्वतंत्रता संविधान प्रदत्त अधिकार है, लेकिन इसका उपयोग जिम्मेदारी, निष्पक्षता और कानून के दायरे में रहकर किया जाना चाहिए।
प्रेस की स्वतंत्रता लोकतंत्र की ताकत, लेकिन जवाबदेही भी उतनी ही जरूरी : दिल्ली हाईकोर्ट
नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने एक मामले की सुनवाई के दौरान प्रेस की स्वतंत्रता और पत्रकारिता की जिम्मेदारी पर महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा कि स्वतंत्र एवं निष्पक्ष प्रेस लोकतंत्र का मजबूत स्तंभ है। न्यायालय ने कहा कि लोकतंत्र में मीडिया की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है, लेकिन इसके साथ नैतिक आचरण, तथ्यपरक रिपोर्टिंग और सार्वजनिक जवाबदेही भी आवश्यक है।
अदालत ने कहा कि वर्तमान समय में डिजिटल प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया के विस्तार के कारण समाचारों का प्रसार पहले की तुलना में कहीं अधिक तेज हो गया है। इस दौरान ऐसे कई लोग भी सामने आए हैं जो केवल मोबाइल फोन और माइक्रोफोन के सहारे स्वयं को पत्रकार बताते हैं, जबकि अनेक मामलों में उनके पास पत्रकारिता का प्रशिक्षण, संपादकीय व्यवस्था अथवा संस्थागत जवाबदेही का अभाव दिखाई देता है।
न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि उसकी टिप्पणी का उद्देश्य किसी पत्रकार, मीडिया संस्थान या डिजिटल प्लेटफॉर्म की स्वतंत्रता को सीमित करना नहीं है। अदालत का कहना था कि प्रेस की स्वतंत्रता संविधान के मूल्यों का महत्वपूर्ण हिस्सा है और उसका संरक्षण आवश्यक है, किंतु इसके साथ कानून, पत्रकारिता की नैतिकता तथा नागरिकों के अधिकारों का सम्मान भी सुनिश्चित होना चाहिए।
इसी संदर्भ में हाईकोर्ट ने सरकार और विधायिका से इस दिशा में उपयुक्त नियामक व्यवस्था पर विचार करने की आवश्यकता जताई, जिससे एक ओर निष्पक्ष एवं स्वतंत्र पत्रकारिता को संरक्षण मिले और दूसरी ओर फर्जी, गैर-जिम्मेदार अथवा भय पैदा करने वाली गतिविधियों के मामलों में प्रभावी जवाबदेही तय की जा सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल पत्रकारिता के बढ़ते प्रभाव के बीच यह टिप्पणी मीडिया की विश्वसनीयता, तथ्यपरकता और पेशेवर मानकों को लेकर एक महत्वपूर्ण संदेश के रूप में देखी जा रही है। हालांकि किसी भी प्रकार की नियामक व्यवस्था संविधान द्वारा प्रदत्त अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता तथा प्रेस की आजादी के अनुरूप ही बनाई जाएगी।
सारांश
दिल्ली हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि प्रेस की स्वतंत्रता लोकतंत्र की आत्मा है, लेकिन इसके साथ जवाबदेही, तथ्यपरकता, निष्पक्षता और कानून का पालन भी अनिवार्य है। अदालत ने सरकार एवं विधायिका को ऐसा संतुलित नियामक ढांचा विकसित करने पर विचार करने की आवश्यकता बताई है, जिससे स्वतंत्र पत्रकारिता सुरक्षित रहे और गैर-जिम्मेदार गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके।
(अस्वीकरण)यह समाचार न्यायालय की सार्वजनिक टिप्पणियों पर आधारित है। इसमें किसी व्यक्ति, संस्था, मीडिया संगठन अथवा पत्रकार के संबंध में कोई स्वतंत्र आरोप या निष्कर्ष प्रस्तुत नहीं किया गया है। संबंधित मामले का अंतिम निर्णय सक्षम न्यायालय द्वारा विधि के अनुसार किया जाएगा।
दो माह में उखड़ी लाखों की इंटरलॉकिंग! पहली बारिश में खुली गुणवत्ता की परतें, ग्रामीणों ने उठाए गंभीर सवाल
तेजगढ़ ग्राम पंचायत में हाल ही में बनी सड़क क्षतिग्रस्त होने का दावा, भुगतान संबंधी दस्तावेज़ों का हवाला देते हुए निष्पक्ष तकनीकी जांच की मांग।
सिद्धार्थनगर। विकासखंड बांसी की ग्राम पंचायत तेजगढ़ में हाल ही में निर्मित इंटरलॉकिंग सड़क पहली ही बरसात के बाद क्षतिग्रस्त होने का मामला चर्चा का विषय बन गया है। सड़क के कई हिस्सों में इंटरलॉकिंग ईंटें उखड़ने और किनारों के क्षतिग्रस्त होने के बाद ग्रामीणों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए पूरे प्रकरण की निष्पक्ष तकनीकी जांच की मांग की है।
ग्रामीणों का आरोप है कि लाखों रुपये की लागत से निर्मित इंटरलॉकिंग सड़क महज दो महीने के भीतर ही जगह-जगह उखड़ने लगी। उनका कहना है कि यदि निर्माण कार्य निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप किया गया होता तो सड़क पहली ही बरसात में इस प्रकार क्षतिग्रस्त नहीं होती।
मुख्य समाचार
ग्रामीणों के अनुसार सड़क के कई हिस्सों में इंटरलॉकिंग ईंटें बाहर निकल आई हैं तथा किनारों पर धंसाव और टूट-फूट देखी जा रही है। उनका आरोप है कि निर्माण कार्य में मजबूत बेस तैयार करने और निर्धारित गुणवत्ता वाली सामग्री के उपयोग में लापरवाही बरती गई।
ग्रामीणों ने कुछ भुगतान संबंधी दस्तावेज़ों का भी हवाला देते हुए मांग की है कि संबंधित कार्य पर हुए खर्च, निर्माण सामग्री की गुणवत्ता, तकनीकी स्वीकृति तथा भुगतान प्रक्रिया की स्वतंत्र जांच कराई जाए। उनका कहना है कि यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों, तकनीकी कर्मचारियों एवं कार्यदायी संस्था के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और समाचार लिखे जाने तक संबंधित विभाग अथवा जिम्मेदार अधिकारियों का पक्ष प्राप्त नहीं हो सका। उनका पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
ग्रामीणों का कहना है कि सरकार की मंशा गांवों का समुचित विकास करना है, लेकिन यदि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर प्रभावी निगरानी नहीं हुई तो योजनाओं का उद्देश्य प्रभावित हो सकता है। अब यह देखना होगा कि जिला प्रशासन शिकायतों को किस स्तर पर जांच के दायरे में लेकर आगे की कार्रवाई करता है।
स्थान: ग्राम पंचायत तेजगढ़, विकासखंड बांसी, जनपद सिद्धार्थनगर
मुख्य बिंदु
पहली बरसात के बाद इंटरलॉकिंग सड़क क्षतिग्रस्त होने का दावा।
ग्रामीणों ने निर्माण गुणवत्ता पर सवाल उठाए।
भुगतान संबंधी दस्तावेज़ों के आधार पर जांच की मांग।
तकनीकी परीक्षण एवं जिम्मेदारी तय करने की मांग।
संबंधित विभाग का पक्ष आना शेष।
सारांश
तेजगढ़ ग्राम पंचायत में हाल ही में बनी इंटरलॉकिंग सड़क के क्षतिग्रस्त होने को लेकर ग्रामीणों ने गुणवत्ता और भुगतान प्रक्रिया की निष्पक्ष तकनीकी जांच की मांग की है। अब प्रशासनिक जांच और संबंधित विभाग के आधिकारिक पक्ष पर सभी की निगाहें टिकी हैं।


“तस्वीरों में दिखाई दे रही क्षतिग्रस्त इंटरलॉकिंग सड़क, जबकि ग्रामीणों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए तकनीकी जांच की मांग की है।”
DM को गुहार, फिर भी नहीं सुनवाई! जलभराव में डूबा ककरही, ग्रामीणों का फूटा आक्रोश
DM को गुहार, फिर भी नहीं मिली राहत!
जलभराव में डूबा ककरही, ग्रामीण बोले— आखिर कब जागेगा प्रशासन?
10 दिन पहले सौंपा गया था शिकायत पत्र, लगातार बारिश के बीच सड़कें बनीं तालाब; महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों का निकलना हुआ मुश्किल
ग्रामीणों की पीड़ा
10 दिन पहले जिलाधिकारी को सौंपा गया शिकायत पत्र।
लगातार बारिश से मुख्य मार्ग पर जलभराव।
पानी निकासी की व्यवस्था नहीं होने का दावा।
महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग रोजाना परेशानी झेलने को मजबूर।
जर्जर सड़क और लटकते बिजली के तारों से दुर्घटना का खतरा।
क्या है पूरा मामला?
ग्राम पंचायत: ककरही
विकास खंड: जोगिया
जनपद: सिद्धार्थनगर
ग्रामीणों की प्रमुख मांगें
मुख्य मार्ग से तत्काल जल निकासी।
जर्जर सड़क का निर्माण।
नालियों की स्थायी व्यवस्था।
बिजली के जर्जर तारों की मरम्मत।
बरसात से पहले स्थायी विकास कार्य।
सिद्धार्थनगर जनपद के विकास खंड जोगिया अंतर्गत ग्राम पंचायत ककरही में लगातार हो रही बारिश ने ग्रामीणों की परेशानियां बढ़ा दी हैं। गांव के मुख्य मार्ग पर जलभराव और कीचड़ के कारण आवागमन प्रभावित है। ग्रामीणों का कहना है कि लगभग दस दिन पहले जिलाधिकारी को लिखित शिकायत देकर समस्या से अवगत कराया गया था, लेकिन अब तक उन्हें कोई ठोस राहत नहीं मिली। इससे नाराज ग्रामीणों ने मीडिया के सामने अपनी समस्याएं रखते हुए प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई की मांग की है।
सिद्धार्थनगर से FT News Digital
गांव की गलियां पानी से लबालब हैं। कई स्थानों पर सड़कें तालाब जैसी दिखाई दे रही हैं। ऐसे में स्कूल जाने वाले बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और रोज कमाने-खाने वाले लोगों को रोजाना कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि जलभराव के कारण गांव में गंदगी बढ़ रही है, जिससे संक्रामक बीमारियों और जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा भी बना हुआ है।
ग्रामीणों के अनुसार यह समस्या नई नहीं है। उनका कहना है कि कई बार ग्राम प्रधान, पंचायत सचिव और संबंधित अधिकारियों को मौखिक तथा लिखित रूप से अवगत कराया गया, लेकिन स्थायी समाधान नहीं हो पाया।
ग्रामीणों ने मीडिया को बताया कि जिलाधिकारी को दिए गए शिकायती पत्र में जल निकासी और सड़क निर्माण की मांग की गई थी। शिकायत के बाद भी स्थिति जस की तस रहने से लोगों में नाराजगी है।
मीडिया के सामने अपनी बात रखते हुए ग्रामीणों ने कहा कि बरसात के दौरान गांव का मुख्य मार्ग पूरी तरह जलमग्न हो जाता है, जिससे दैनिक जीवन प्रभावित हो जाता है। कई घरों के आसपास भी पानी जमा रहने की बात ग्रामीणों ने कही।
पूर्व ग्राम प्रधान भारत प्रसाद लोधी की अगुवाई में ग्रामीणों ने प्रशासन से गांव का स्थलीय निरीक्षण कराकर स्थायी समाधान की मांग की। इस दौरान रोहित लोधी, सत्यजीत, वरुण, मन्नू, पप्पू, सोनू, शशिकला, फूलवती, दुर्गावती, रामअवतार यादव, प्रेमलता लोधी, चंदन लोधी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

ग्राउंड रिपोर्ट
मौके पर मौजूद दृश्य बताते हैं कि कई स्थानों पर सड़क पर पानी जमा है और लोगों को उसी रास्ते से होकर गुजरना पड़ रहा है। महिलाओं और बच्चों को पानी के बीच आवागमन करते देखा गया। ग्रामीणों ने जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त कराने की मांग दोहराई।
जनता की मांग
गांव का तत्काल सर्वे कराया जाए।
जल निकासी की स्थायी व्यवस्था हो।
क्षतिग्रस्त सड़क का निर्माण कराया जाए।
बिजली के जर्जर तार बदले जाएं।
जिम्मेदार विभाग संयुक्त निरीक्षण कर रिपोर्ट सार्वजनिक करे।
प्रशासन का पक्ष
समाचार लिखे जाने तक संबंधित विभाग अथवा जिला प्रशासन की ओर से इस शिकायत पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हो सकी थी। यदि प्रशासन का पक्ष प्राप्त होता है तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
सारांश
लगातार बारिश के बीच ककरही गांव में जलभराव की समस्या को लेकर ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि शिकायतों के बावजूद समस्या बनी हुई है और इससे आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है। अब ग्रामीण जिला प्रशासन से मौके का निरीक्षण कर शीघ्र समाधान की अपेक्षा कर रहे हैं।
फोटो-1: जिलाधिकारी कार्यालय में शिकायत पत्र सौंपते ग्रामीण प्रतिनिधि।

फोटो-2: ककरही गांव के मुख्य मार्ग पर जलभराव के बीच आवागमन करती महिला।

फोटो-3: गांव में जलभराव और कीचड़ से प्रभावित सड़क।
“ग्रामीणों का कहना है कि शिकायत के बावजूद अब तक समस्या का समाधान नहीं हुआ, जिससे बरसात में सामान्य जनजीवन प्रभावित है।”
ग्रामीणों की जुबानी
“हम चाहते हैं कि अधिकारी गांव में आकर खुद हालात देखें और जल निकासी व सड़क निर्माण का स्थायी समाधान कराएं।”
यह समाचार ग्रामीणों द्वारा उपलब्ध कराए गए शिकायत पत्र, मौके के दृश्य और उनके बयानों के आधार पर तैयार किया गया है। समाचार में व्यक्त आरोप संबंधित ग्रामीणों के दावे हैं। FT News Digital किसी व्यक्ति या संस्था को दोषी घोषित नहीं करता। यदि जिला प्रशासन, ग्राम पंचायत या संबंधित विभाग अपना पक्ष उपलब्ध कराता है, तो उसे भी समान प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया जाएगा।
