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मझौली सागर को रामसर वेटलैंड घोषित करने पर हुई चर्चा
सिद्धार्थनगर के मझौली सागर को रामसर वेटलैंड घोषित करवाने हेतु सिद्धार्थ विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो.कविता शाह के निर्देशन में सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के वनस्पति विज्ञान विभाग के प्रोफेसर आशुतोष वर्मा तथा शोध छात्राएं कु. अनामिका सिंह एवं हर्षिता सिंह द्वारा तैयार किए गए रामसर इनफॉरमेशन सीट (RIS)पर जिलाधिकारी व प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी वन प्रभाग सिद्धार्थनगर की उपस्थिति में चर्चा की गई तथा तैयार किए गए रामसर इनफॉरमेशन सीट को प्रोफेसर आशुतोष वर्मा वनस्पति विज्ञान विभाग द्वारा जिलाधिकारी व प्रभागीय निदेशक सामाजिक सिद्धार्थनगर को सौंपा गया ।इस अवसर पर सिंचाई विभाग, कृषि विभाग, मत्स्य विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। रामसर इनफॉरमेशन सीट के अवलोकनोपरान्त जिलाधिकारी शिव शरणप्पा जी.एन. ने बताया कि सिद्धार्थ विश्वविद्यालय व वन विभाग के संयुक्त वैज्ञानिक प्रयास से मझौली सागर में जैव विविधता का संरक्षण व प्रबंधन प्रभावी रूप से सुनिश्चित होगा। डी.एफ.ओ. नीला एम. ने बताया कि रामसर साइट घोषित होने से मझौली सागर में इको टूरिज्म की काफी संभावनाएं व पर्यटकीय विकास होगा। उन्होंने इस कार्य में सिद्धार्थ विश्वविद्यालय की कुलपति महोदया वनस्पति विज्ञान विभाग के प्रोफेसर तथा शोध छात्राएं का आभार व्यक्त किया
आंगनबाड़ी नियुक्ति पत्र का वितरण हुआ
सिद्धार्थनगर 08 सितम्बर 2026/ आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों, सहायिकाओं, मेधावी बच्चों तथा पोषण, शिक्षा एवं महिला कल्याण से जुड़ी उत्कृष्ट अधीक्षिकाओं का सम्मान एवं नव नियुक्त आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों तथा सहायिकाओं को नियुक्ति पत्र वितरण मा0 मुख्यमंत्री उ0प्र0 श्री योगी आदित्यनाथ जी द्वारा जनपद अयोध्या से किया गया। जिसका लाइव प्रसारण मा0 विधायक कपिलवस्तु श्री श्यामधनी राही, जिलाध्यक्ष भाजपा श्री दीपक मौर्या, जिलाधिकारी श्री शिवशरणप्पा जीएन एवं मुख्य विकास अधिकारी श्री बलराम सिंह के साथ लोहिया कला भवन में देखा गया।
जिलाधिकारी श्री शिवशरणप्पा जीएन द्वारा मा0 विधायक कपिलवस्तु श्री श्यामधनी राही को बुके देकर स्वागत किया गया। मुख्य विकास अधिकारी श्री बलराम सिंह द्वारा जिलाध्यक्ष भाजपा श्री दीपक मौर्या को बुके देकर स्वागत किया गया। इस अवसर पर मा0 विधायक कपिलवस्तु श्री श्यामधनी राही ने सभी सभी का स्वागत करते हुए कहा कि मा0 मुख्यमंत्री जी ने आज आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का मानदेय बढ़ाने का काम किया है इसके लिए सभी की तरफ से मा0 मुख्यमंत्री जी को धन्यवाद दिया। मा0 विधायक कपिलवस्तु ने कहा कि पूर्वांचल इंसेफलाइटिस से प्रभावित था मा0 मुख्यमंत्री जी ने इसके लिए गोरखपुर में एम्स का निर्माण कराकर लोगो को चिकित्सा की सुविधा दी। आज सभी का इलाज हो रहा है। मा0 मुख्यमंत्री जी आज आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं के मानदेय में वृद्धि कर उपहार दिया गया है।
जिलाध्यक्ष भाजपा श्री दीपक मौर्या ने इस अवसर पर सभी का स्वागत करते हुए कहा कि मानदेय बढ़ाने पर सभी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों/सहायिकाओं की ओर से मा0 मुख्यमंत्री जी को धन्यवाद दिया। आंगनबाडड़ी कार्यकत्रियों का 4 हजार बढ़ाकर 12 हजार तथा सहायिक का 2 हजार बढ़ाकर 6 हजार किया गया है। कैम्प लगाकर महिलाओं का जन-धन खाता खोला गया। डीबीटी के माध्यम से योजनाओ का लाभ सीधे उनके खाते में दिया जा रहा है। मा0 प्रधानमंत्री जी द्वारा वर्ष 2047 तक देश को विकसित राष्ट्र बनाना है। मा0 मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में उ0प्र0 उत्तम प्रदेश बन रहा है। बच्चों का लालन पालन आप लोगो के हाथों में हैै। सभी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं को बधाई दिया।
जिलाधिकारी श्री शिवशरणप्पा जीएन ने सभी मा0 जनप्रतिनिधिगण का स्वागत करते हुए कहा कि मा0 मुख्यमंत्री जी जी का धन्यवाद करते हुए कहा कि आज आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का मानदेय बढ़ाया गया है। आप लोग अच्छे से कार्य करें। अच्छा कार्य करने वालो को सम्मानित किया जा रहा है। आपरेशन कायाकल्य के अन्तर्गत बहुत ही कार्य हुए है। सीएसआर से आंगनबाड़ी केन्द्रों में कार्य कराया जा रहा है। जनपद के सभी टीएचआर प्लांट संचालित है। सभी को समय से पोषाहार मिल रहा है। आप सभ्ज्ञी लोग अच्छे से कार्य करंे जिससे जनपद पोषण मुक्त हो। सभी को पुनः बधाई दिया।
इस अवसर पर मा0 विधायक कपिलवस्तु श्री श्यामधनी राही, जिलाध्यक्ष भाजपा श्री दीपक मौर्या, जिलाधिकारी श्री शिवशरणप्पा जीएन एवं मुख्य विकास अधिकारी श्री बलराम सिंह द्वारा नवनियुक्त आंगनबाड़ी सहायिकाओ को नियुक्ति पत्र, सामान्य पोषण स्थिति प्राप्त करने वाले बच्चों एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को सम्मानित किया गया।
मुख्य विकास अधिकारी श्री बलराम सिंह द्वारा मा0 विधायक कपिलवस्तु श्री श्यामधनी राही, जिलाध्यक्ष भाजपा श्री दीपक मौर्या, जिलाधिकारी श्री शिवशरणप्पा जीएन एवं मा0 जनप्रतिनिधिगण, अधिकारी आदि का आभार प्रकट करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया गया।
इस अवसर पर मा0 सांसद डुमरियागंज प्रतिनिधि एस0पी0अग्रवाल, पीडी अनिल कुमार, जिला प्रोबेशन अधिकारी विनय कुमार सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी साहब यादव एवं अन्य संबधित अधिकारी/कर्मचारी व अन्य संबधित उपस्थित थे।
विधायक निधि से बने भवन का लोकार्पण, शिक्षा को बेहतर आधारभूत सुविधा देने पर जोर
25 लाख रुपये की लागत से तैयार हुआ नवीन भवन, शिक्षक दिवस पर बढ़नी के विद्यालय को मिली सौगात
सिद्धार्थनगर। शिक्षक दिवस के अवसर पर बढ़नी स्थित सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में उस समय उत्साह का माहौल नजर आया, जब विधायक निधि से करीब 25 लाख रुपये की लागत से निर्मित नवीन भवन का लोकार्पण शोहरतगढ़ विधायक विनय वर्मा ने किया। विधायक ने फीता काटकर लोकार्पण किया और शिलापट्ट का अनावरण किया। कार्यक्रम में विद्यालय से जुड़े लोगों के साथ अभिभावक, शिक्षाविद और क्षेत्र के गणमान्य लोग मौजूद रहे।
शिक्षा दिवस के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में नवीन भवन विद्यालय को समर्पित किया गया। लोकार्पण के बाद विधायक विनय वर्मा ने शिक्षा को समाज और राष्ट्र के विकास की आधारशिला बताते हुए विद्यालयों में बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने को प्राथमिकता बताया।
सारांश
बढ़नी के सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में विधायक निधि से निर्मित नवीन भवन का लोकार्पण हुआ। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर में उत्सव जैसा माहौल रहा। विधायक ने कहा कि नई सुविधा से विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलने के साथ विद्यालय की गतिविधियों को विस्तार देने में मदद मिलेगी।
शिक्षक दिवस पर बढ़नी के सरस्वती शिशु विद्या मंदिर को नवीन भवन की सौगात मिली। करीब 25 लाख रुपये की लागत से तैयार भवन का लोकार्पण शोहरतगढ़ विधायक विनय वर्मा ने किया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
मुख्य खबर
लोकार्पण समारोह में विधायक विनय वर्मा ने कहा कि शिक्षा किसी भी समाज और राष्ट्र की प्रगति का महत्वपूर्ण आधार है। विद्यार्थियों को बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने के लिए विद्यालयों में आवश्यक आधारभूत सुविधाओं का विकास जरूरी है।
उन्होंने कहा कि क्षेत्र में विकास कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। जनता से जुड़े विकास कार्यों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाने और क्षेत्र के समग्र विकास की दिशा में काम जारी रखने की बात भी उन्होंने कही।
विधायक ने शिक्षक दिवस के अवसर पर विद्यालय को नवीन भवन समर्पित किए जाने को अपने लिए गौरव का विषय बताया। उनके अनुसार, भवन उपलब्ध होने से विद्यार्थियों के लिए शैक्षणिक वातावरण बेहतर होगा और विद्यालय की गतिविधियों को भी विस्तार मिल सकेगा।
कार्यक्रम में शिशु शिक्षा समिति गोरक्ष प्रांत के संभाग निरीक्षक अजय दुबे तथा जिला संघ चालक गोकुल गोयल समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
25 लाख की लागत से तैयार हुआ भवन
विधायक की ओर से उपलब्ध कराए गए विवरण के अनुसार, नवीन भवन का निर्माण विधायक निधि से करीब 25 लाख रुपये की लागत से कराया गया है। शिक्षक दिवस पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान इसे विद्यालय को समर्पित किया गया।
शिक्षा और विकास पर विधायक का जोर
लोकार्पण समारोह के बाद मीडिया से बातचीत में विधायक विनय वर्मा ने शिक्षा को प्राथमिकता बताते हुए विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार की आवश्यकता पर जोर दिया।
नवीन भवन के बाद अगली चुनौती—सुविधाओं का बेहतर उपयोग
नवीन भवन मिलने के बाद अब निगाह इस बात पर रहेगी कि इसका उपयोग विद्यार्थियों की शैक्षणिक जरूरतों और विद्यालय की गतिविधियों को बेहतर बनाने में किस तरह किया जाता है। भवन के साथ अन्य आवश्यक शैक्षणिक संसाधनों की उपलब्धता भी विद्यार्थियों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है।
शिक्षामित्रों को STET में मौका देने की मांग, मणेन्द्र मिश्रा बोले—26 साल की सेवा के बाद उपेक्षा उचित नहीं
समाजवादी शिक्षक सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मणेन्द्र मिश्रा ने शिक्षामित्रों को विशेष शिक्षक पात्रता परीक्षा (STET) में शामिल किए जाने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि लंबे समय से परिषदीय विद्यालयों में शिक्षण कार्य कर रहे शिक्षामित्रों को परीक्षा के दायरे से बाहर रखना उचित नहीं है।
लखनऊ/उत्तर प्रदेश। शिक्षामित्रों को विशेष शिक्षक पात्रता परीक्षा (STET) में शामिल किए जाने की मांग को लेकर समाजवादी शिक्षक सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मणेन्द्र मिश्रा ने शासन से हस्तक्षेप की मांग की है। 8 सितंबर 2026 को जारी प्रेस विज्ञप्ति में उन्होंने कहा कि परिषदीय विद्यालयों में वर्षों से शिक्षण कार्य कर रहे शिक्षामित्रों को भी पात्रता परीक्षा में अवसर मिलना चाहिए।
मुख्य खबर
मणेन्द्र मिश्रा के मुताबिक, 2 सितंबर को जारी शासनादेश में विशेष पात्रता परीक्षा के लिए विभिन्न श्रेणियों के शिक्षकों और संविदा/डेली वेजेज पर कार्यरत स्पेशल एजुकेटर्स का उल्लेख किया गया है, लेकिन शिक्षामित्रों को इसमें शामिल नहीं किया गया है।
उन्होंने दावा किया कि शिक्षामित्र पिछले करीब 26 वर्षों से परिषदीय विद्यालयों में शिक्षण कार्य कर रहे हैं। उनके अनुसार, शिक्षामित्रों को बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से NCTE के निर्देशन में दूरस्थ शिक्षा माध्यम से दो वर्षीय सेवारत BTC प्रशिक्षण भी कराया जा चुका है।
मिश्रा ने इसी आधार पर मांग की कि विशेष शिक्षक पात्रता परीक्षा में शिक्षामित्रों को भी अवसर दिया जाए। उनका कहना है कि इससे उनके अनुभव और शैक्षणिक क्षमता का उपयोग बच्चों की शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने में किया जा सकता है।
शासनादेश में संशोधन की मांग
मणेन्द्र मिश्रा ने शासन से अविलंब शासनादेश में संशोधन करने की मांग की है। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, उनकी मांग है कि जिस प्रकार विभिन्न श्रेणियों के शिक्षकों और संविदा/डेली वेजेज पर कार्यरत स्पेशल एजुकेटर्स को पात्रता परीक्षा में शामिल किए जाने की बात कही गई है, उसी तरह शिक्षामित्रों को भी परीक्षा में सम्मिलित होने का अवसर दिया जाए।
इनसेट | 26 साल की सेवा का हवाला
मिश्रा ने शिक्षामित्रों की लंबे समय से चली आ रही सेवाओं का हवाला देते हुए कहा कि इतने लंबे समय तक विद्यालयों में काम करने वाले शिक्षामित्रों के मामले पर शासन को गंभीरता से विचार करना चाहिए।
क्या है मांग?
मणेन्द्र मिश्रा की प्रमुख मांगें—
शिक्षामित्रों को STET में शामिल किया जाए।
2 सितंबर के शासनादेश की समीक्षा/संशोधन किया जाए।
शिक्षामित्रों के पूर्व प्रशिक्षण और अनुभव को ध्यान में रखा जाए।
पात्रता परीक्षा में उन्हें अवसर देने पर शासन स्तर पर निर्णय लिया जाए।
राजनीतिक बयान भी आया सामने
प्रेस विज्ञप्ति में मणेन्द्र मिश्रा ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के पूर्व में दिए गए सार्वजनिक बयानों का भी उल्लेख किया। मिश्रा के अनुसार, अखिलेश यादव ने विभिन्न अवसरों पर कहा है कि वर्ष 2027 में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर शिक्षामित्रों की समस्याओं के स्थायी समाधान की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।
यह बयान मणेन्द्र मिश्रा द्वारा प्रेस विज्ञप्ति में किए गए उल्लेख के रूप में सामने आया है। इस संबंध में अंतिम निर्णय अथवा सरकारी नीति भविष्य में संबंधित शासन/सरकार के निर्णय पर निर्भर होगी।
अब नजर इस बात पर रहेगी कि शिक्षामित्रों को STET में शामिल किए जाने की मांग पर शासन की ओर से क्या रुख सामने आता है। फिलहाल मणेन्द्र मिश्रा ने शासन से नियमों में संशोधन कर शिक्षामित्रों को पात्रता परीक्षा में अवसर देने की मांग दोहराई है।
कपिलवस्तु में विकास की राह होगी आसान, 11.10 करोड़ से बनेंगे छह ग्रामीण मार्ग
सिद्धार्थनगर। कपिलवस्तु विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में सड़क संपर्क व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। लोक निर्माण विभाग की ओर से मुख्यमंत्री ग्रामीण योजनांतर्गत छह संपर्क मार्गों के नव निर्माण को स्वीकृति प्रदान की गई है। इन परियोजनाओं पर कुल 11 करोड़ 10 लाख 55 हजार रुपये खर्च किए जाएंगे।
स्वीकृति मिलने के बाद संबंधित गांवों के लोगों में बेहतर आवागमन और सड़क कनेक्टिविटी की उम्मीद जगी है। इन मार्गों के निर्माण से ग्रामीण क्षेत्रों को मुख्य सड़कों से जोड़ने और आवागमन को सुगम बनाने में मदद मिलने की संभावना है।
स्वीकृत कार्यों में सिकरी बखरिया से लोधडीह संपर्क मार्ग, उसका-सोहास मार्ग के किलोमीटर तीन से भलुहा संपर्क मार्ग, मोहाना-लोटन मार्ग के किलोमीटर दो से रोहूडिला होते हुए रघुनाथपुर संपर्क मार्ग, बर्डपुर-पिपरहवा मार्ग के किलोमीटर पांच से रामभारी होते हुए नोनहवा संपर्क मार्ग, मोहनिया पूरब एवं पश्चिम संपर्क मार्ग तथा गोरखपुरिया डीह से अलीगढ़वा होते हुए सेमेनार संपर्क मार्ग शामिल हैं।
कपिलवस्तु विधायक श्यामधनी राही ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के विकास में बेहतर सड़क व्यवस्था की महत्वपूर्ण भूमिका है। इन मार्गों के निर्माण से ग्रामीणों को आवागमन में सुविधा मिलने और गांवों की मुख्य मार्गों से कनेक्टिविटी मजबूत होने की उम्मीद है।
विधायक ने कहा कि क्षेत्र में सड़क के साथ बिजली, शिक्षा और अन्य बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के लिए भी प्रयास जारी रहेंगे। उन्होंने छह मार्गों के नव निर्माण को स्वीकृति मिलने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति क्षेत्र की जनता की ओर से आभार व्यक्त किया।
अब ग्रामीणों की नजर इन स्वीकृत परियोजनाओं के निर्माण कार्य शुरू होने पर है। निर्माण कार्य निर्धारित प्रक्रिया और मानकों के अनुरूप पूरा होने के बाद ही इन सड़कों का वास्तविक लाभ ग्रामीणों को मिल सकेगा।
सड़क किनारे पॉलीथिन में मिली नवजात की लाश, धनोहरी में मचा हड़कंप
शाहपुर-सिंगारजोत मार्ग पर मासूम का शव मिलने से सनसनी, पुलिस ने शुरू की जांच
सिद्धार्थनगर। डुमरियागंज थाना क्षेत्र में मंगलवार को एक बेहद संवेदनशील घटना सामने आई। शाहपुर-सिंगारजोत मार्ग पर धनोहरी गांव के पास सड़क किनारे एक नवजात बच्ची का शव पॉलीथिन में पड़ा मिला। मासूम का शव मिलने की खबर फैलते ही आसपास के इलाके में हड़कंप मच गया और मौके पर ग्रामीणों तथा राहगीरों की भीड़ जमा हो गई।
स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी के मुताबिक, लोगों की नजर सड़क किनारे पड़ी पॉलीथिन पर गई। संदेह होने पर पास जाकर देखने पर उसमें नवजात बच्ची का शव दिखाई दिया। इसके बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी।
सूचना मिलते ही पहुंची डुमरियागंज पुलिस
घटना की जानकारी मिलते ही डुमरियागंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू की। उपलब्ध जानकारी के अनुसार शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि नवजात बच्ची को वहां कौन लेकर आया था और किन परिस्थितियों में उसका शव सड़क किनारे छोड़ा गया। पुलिस आसपास के लोगों से जानकारी जुटाने के साथ मामले से जुड़े संभावित सुराग तलाश रही है।
मासूम की मौत कैसे हुई? पोस्टमार्टम से खुलेगा राज
इस घटना में सबसे महत्वपूर्ण सवाल नवजात की मौत की परिस्थितियों को लेकर है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर मौत का कारण स्पष्ट नहीं है। इसलिए किसी व्यक्ति पर आरोप लगाना अथवा घटना को किसी विशेष अपराध से जोड़ना अभी उचित नहीं होगा।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि नवजात की मौत किन परिस्थितियों में हुई थी।
कौन छोड़ गया मासूम? पुलिस के सामने बड़ा सवाल
घटना के बाद इलाके में कई तरह की चर्चाएं जरूर शुरू हो गई हैं, लेकिन आधिकारिक जांच पूरी होने से पहले किसी भी चर्चा को तथ्य मानना उचित नहीं है।
पुलिस की जांच का मुख्य बिंदु यह रहेगा कि नवजात बच्ची की पहचान से जुड़ा कोई सुराग मिल पाता है या नहीं और उसे घटनास्थल तक कौन लेकर आया था।
जांच के बाद सामने आएगी पूरी सच्चाई
फिलहाल मामला पुलिस जांच के अधीन है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस की ओर से आधिकारिक रूप से जो तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर मामले की अगली तस्वीर स्पष्ट होगी।
FT NEWS DIGITAL की ओर से अपील: ऐसी संवेदनशील घटना में नवजात की पहचान या गरिमा प्रभावित करने वाली तस्वीर/जानकारी प्रकाशित करने से बचें। अपुष्ट आरोपों और सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं को तथ्य के रूप में प्रसारित न करें।
“मुहचोहरा घाट कांड में 4 गिरफ्तार”
मुहचोहरा घाट हत्याकांड: पुलिस के मुताबिक साजिश की परतें खुलीं, पत्नी समेत चार गिरफ्तार
सिद्धार्थनगर। मुहचोहरा घाट हत्याकांड में सिद्धार्थनगर पुलिस ने बड़ा खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार, हरिश्चंद्र की हत्या को कथित तौर पर अंजाम देने के बाद वारदात को हादसे का रूप देने की कोशिश की गई। मामले की जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस ने मृतक की पत्नी माया देवी समेत चार आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि पूछताछ में हत्या की कथित साजिश, रकम तय होने और वारदात के बाद साक्ष्य छिपाने के प्रयास से जुड़े अहम तथ्य सामने आए हैं।
ऐसे खुली हत्याकांड की कथित साजिश
पुलिस के मुताबिक, 30 अगस्त 2026 की रात मुहचोहरा घाट के पास हरिश्चंद्र की हत्या की गई। जांच में पुलिस को शक हुआ कि मामला सामान्य हादसा नहीं है। इसके बाद एसओजी और थाना ढेबरुआ पुलिस की संयुक्त टीम ने जांच आगे बढ़ाई।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान कथित साजिश की जानकारी सामने आई और आरोपितों की निशानदेही पर चाकू समेत अन्य सामान बरामद किया गया।
पुलिस के अनुसार क्या-क्या हुआ?
30 अगस्त की रात मुहचोहरा घाट के पास वारदात का दावा।
हत्या के बाद शव को बूढ़ी राप्ती नदी में फेंकने की बात सामने आई।
ई-रिक्शा को दुर्घटना का रूप देने की कथित कोशिश।
पुलिस के मुताबिक हत्या के लिए ₹1.10 लाख की रकम तय होने की बात पूछताछ में सामने आई।
मृतक की पत्नी समेत चार आरोपित गिरफ्तार।
पुलिस ने चाकू, छह मोबाइल फोन, दो आधार कार्ड, पैन कार्ड, ₹5 हजार नकद और एयर इंडिया टिकट बरामद करने की जानकारी दी।
सारांश
मुहचोहरा घाट हत्याकांड की जांच में पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि घरेलू विवाद और कथित संबंधों से जुड़े विवाद के बीच हत्या की साजिश रची गई। पुलिस के अनुसार हत्या के बाद शव को नदी में फेंका गया और घटना को दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की गई। जांच के दौरान सामने आए तथ्यों और बरामदगी के आधार पर पुलिस ने आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
सिद्धार्थनगर में एक ऐसी वारदात का पुलिस ने खुलासा किया है, जिसने रिश्तों और भरोसे पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मुहचोहरा घाट पर हरिश्चंद्र की हत्या के मामले में पुलिस ने मृतक की पत्नी सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि हत्या अचानक नहीं, बल्कि कथित तौर पर योजना बनाकर की गई और वारदात के बाद उसे हादसे का रूप देने की कोशिश की गई।
पूरी खबर
पुलिस के मुताबिक, 30 अगस्त 2026 की रात मुहचोहरा घाट, बूढ़ी राप्ती नदी के पास हरिश्चंद्र की हत्या कर शव नदी में फेंक दिया गया था। घटना को लेकर थाना ढेबरुआ में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में जनपदीय एसओजी और थाना ढेबरुआ पुलिस की संयुक्त टीम गठित की गई। पुलिस टीम लगातार संदिग्धों और घटना से जुड़े तथ्यों की पड़ताल कर रही थी।
पुलिस के अनुसार, 8 सितंबर को सूचना मिलने पर टीम ने देवरिया बुजुर्ग नहर पुल की ओर जाने वाले मार्ग पर कार्रवाई की और तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में पुलिस को कथित तौर पर हत्याकांड से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी मिली।
पुलिस का दावा है कि पूछताछ में हत्या की योजना और उसके पीछे की कथित वजह सामने आई। पुलिस के अनुसार, मृतक की पत्नी माया देवी अपने पति के शराब सेवन और कथित मारपीट से परेशान थी। इसी दौरान नियाज अहमद के साथ उसके कथित संबंध होने की बात भी जांच में सामने आने का पुलिस ने दावा किया।
पुलिस के मुताबिक, हरिश्चंद्र को रास्ते से हटाने की योजना बनाई गई और हत्या के लिए ₹1.10 लाख देने की बात पूछताछ में सामने आई। इसके बाद पुलिस के अनुसार हरिश्चंद्र को मुहचोहरा घाट के पास ले जाकर चाकू से हमला किया गया।
पुलिस का दावा है कि हत्या के बाद शव को बूढ़ी राप्ती नदी में फेंक दिया गया और ई-रिक्शा को दुर्घटना का रूप देने का प्रयास किया गया, ताकि घटना पहली नजर में हादसा प्रतीत हो।
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपितों की निशानदेही पर आलाकत्ल चाकू बरामद करने की बात कही है। इसके अलावा छह मोबाइल फोन, दो आधार कार्ड, एक पैन कार्ड, ₹5 हजार नकद और एयर इंडिया का एक टिकट बरामद किए जाने की जानकारी प्रेस नोट में दी गई है।
मामले में पुलिस ने इर्शाद, अब्दुल्ला, नियाज अहमद और माया देवी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक मामले में धाराओं की बढ़ोतरी करते हुए आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।
अब आगे क्या?
अब इस मामले में पुलिस की जांच के साथ-साथ बरामद साक्ष्यों की वैज्ञानिक/फोरेंसिक जांच, गवाहों के बयान और अन्य परिस्थितिजन्य साक्ष्यों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। हत्या में किसकी क्या भूमिका थी और पुलिस द्वारा लगाए गए आरोप न्यायालय में कितने प्रमाणित होते हैं, यह आगे की न्यायिक प्रक्रिया में तय होगा।
टिप्पणी | रिश्तों के पीछे छिपी साजिश का सवाल
मुहचोहरा घाट का यह मामला केवल एक हत्या की जांच नहीं, बल्कि वारदात के बाद उसे दूसरी शक्ल देने की कथित कोशिश के कारण भी गंभीर है। पुलिस के खुलासे ने कई सवाल खड़े किए हैं—क्या हत्या की योजना पहले से बनाई गई थी? क्या घटना को हादसा दिखाने की तैयारी थी? और किसकी क्या भूमिका थी?
इन सवालों के जवाब पुलिस जांच और न्यायालय में प्रस्तुत होने वाले साक्ष्यों से ही पूरी तरह स्पष्ट होंगे।
कानूनी सावधानी / चैनल डिस्क्लेमर
यह समाचार सिद्धार्थनगर पुलिस द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस नोट में दी गई जानकारी और पुलिस के दावों पर आधारित है। समाचार में किसी आरोपित को न्यायालय द्वारा दोषसिद्ध नहीं माना गया है। आरोप सिद्ध होना न्यायिक प्रक्रिया का विषय है। FT NEWS DIGITAL का उद्देश्य उपलब्ध आधिकारिक जानकारी को जनहित में प्रस्तुत करना है; अंतिम निष्कर्ष सक्षम न्यायालय के निर्णय के बाद ही माना जाएगा।
छोटी हेडलाइन:
“मुहचोहरा घाट कांड में 4 गिरफ्तार”
English Heading:
Murder Plot Exposed
Hashtags:
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हॉस्टल खाली कराने के विरोध में मेडिकल इंटर्नों का प्रदर्शन, दोनों गेटों पर लगाया ताला

सिद्धार्थनगर मेडिकल कॉलेज में शाम से शुरू हुआ विरोध, प्रशासनिक अधिकारियों की बातचीत के बाद शांत हुआ मामला

सिद्धार्थनगर। माधव प्रसाद त्रिपाठी राजकीय मेडिकल कॉलेज में हॉस्टल खाली कराने के मुद्दे को लेकर इंटर्न छात्र-छात्राओं का विरोध प्रदर्शन सामने आया। सोमवार शाम करीब 4:30 बजे शुरू हुआ प्रदर्शन देर शाम तक जारी रहा। विरोध के दौरान छात्रों ने कॉलेज के दोनों प्रवेश द्वारों पर अंदर से ताला लगा दिया, जिससे कुछ समय के लिए परिसर में आवागमन प्रभावित हुआ।
मामले की जानकारी मिलने के बाद प्रशासन और पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और मामले को शांत कराने का प्रयास किया। बातचीत के बाद छात्रों ने अपना प्रदर्शन समाप्त कर दिया।
हॉस्टल को लेकर नाराजगी
प्रदर्शन कर रहे इंटर्न छात्र-छात्राओं का कहना था कि उन्हें पहले से हॉस्टल में कमरे आवंटित किए गए हैं और वे काफी समय से वहीं रह रहे हैं। अब हॉस्टल खाली कराकर बाहर किराये के कमरों में रहने की बात कहे जाने से छात्रों में नाराजगी है।
छात्रों का कहना था कि यदि उन्हें हॉस्टल से बाहर रहने के लिए कहा जाता है तो उनके ऊपर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। इसी मुद्दे को लेकर छात्रों ने कॉलेज प्रशासन के सामने अपनी आपत्ति दर्ज कराई।
छोटे कमरे में रहने का प्रस्ताव
एक कमरे में चार छात्रों के रहने पर भी सवाल
छात्रों ने आरोप लगाया कि हॉस्टल व्यवस्था को लेकर उन्हें सीमित जगह वाले कमरे में कई छात्रों को रखने का प्रस्ताव दिया जा रहा है। छात्रों के मुताबिक करीब 6×9 फीट के कमरे में चार छात्रों को रखने की बात सामने आई है। उन्होंने इस व्यवस्था को लेकर भी अपनी परेशानी अधिकारियों के सामने रखी।
कमरे छोड़ने को लेकर विवाद
हॉस्टल खाली करें या किराये पर रहें?
छात्रों के मुताबिक पहले से आवंटित कमरों में रहने के बावजूद उन्हें हॉस्टल खाली करने के लिए कहा जा रहा है। छात्रों का कहना था कि बाहर किराये पर रहने से पढ़ाई के साथ आर्थिक दबाव भी बढ़ेगा। इसी बात को लेकर इंटर्न छात्र-छात्राओं ने सामूहिक रूप से विरोध दर्ज कराया।
सुरक्षा और कार्रवाई की चिंता
छात्रों ने अधिकारियों के सामने रखी अपनी बात
प्रदर्शन के दौरान कुछ छात्रों ने यह भी चिंता जताई कि यदि वे अपनी बात रखने के लिए मीडिया अथवा अन्य माध्यमों के सामने आते हैं तो कॉलेज प्रशासन की ओर से उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। छात्रों ने अधिकारियों से उनकी समस्याओं का समाधान कराने की मांग की।
सारांश
सिद्धार्थनगर मेडिकल कॉलेज में हॉस्टल खाली कराने के मुद्दे पर इंटर्न छात्र-छात्राओं ने प्रदर्शन किया। शाम करीब 4:30 बजे शुरू हुए विरोध के दौरान दोनों गेटों पर ताला लगाए जाने की बात सामने आई। सूचना पर प्रशासन और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा छात्रों से बातचीत की। अधिकारियों के समझाने के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ और छात्र वापस लौट गए।
सिद्धार्थनगर में मेडिकल कॉलेज का हॉस्टल सोमवार शाम अचानक विरोध का केंद्र बन गया। हॉस्टल खाली कराने की बात से नाराज इंटर्न छात्र-छात्राओं ने कॉलेज प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया। मामला इतना बढ़ा कि छात्रों ने दोनों गेटों पर ताला लगा दिया। सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे और काफी देर तक छात्रों से बातचीत की। आखिरकार समझाइश के बाद मामला शांत हुआ।
प्रदर्शन की सूचना के बाद एसडीएम नौगढ़ और सीओ सदर समेत पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने छात्र-छात्राओं से बातचीत कर उनकी समस्याएं जानीं। इसके साथ ही कॉलेज प्रशासन की ओर से भी छात्रों के साथ संवाद स्थापित करने का प्रयास किया गया।
बाद में अधिकारियों की बातचीत के बाद छात्रों ने प्रदर्शन समाप्त कर दिया और अपने स्तर से वापस लौट गए। प्रशासन की ओर से मामले को सुलझा लिए जाने की बात सामने आई है।
अब देखने वाली बात यह होगी कि हॉस्टल में कमरों के आवंटन और छात्रों को वहां रहने की व्यवस्था को लेकर कॉलेज प्रशासन आगे क्या निर्णय लेता है, ताकि पढ़ाई कर रहे इंटर्न छात्र-छात्राओं की परेशानी का स्थायी समाधान हो सके।
टिप्पणी | छात्रों की समस्या पर
बातचीत से समाधान ही सबसे बेहतर रास्ता
मेडिकल कॉलेज में प्रशिक्षण ले रहे इंटर्न छात्र-छात्राओं के लिए आवास की व्यवस्था सीधे तौर पर उनकी पढ़ाई और दैनिक जीवन से जुड़ा विषय है। ऐसे मामलों में छात्रों की वास्तविक परेशानी सुनकर प्रशासन और कॉलेज प्रबंधन के बीच संवाद के जरिए समाधान निकालना बेहतर रास्ता हो सकता है। वहीं छात्रों से भी अपेक्षा है कि अपनी मांगों को शांतिपूर्ण और निर्धारित प्रक्रिया के तहत सामने रखें।
FT News Digital की ओर से इस खबर में किसी छात्र, अधिकारी या कॉलेज प्रशासन पर कोई व्यक्तिगत आरोप नहीं लगाया जा रहा है। खबर में सामने आए दावों को संबंधित पक्षों के कथन/उपलब्ध जानकारी के आधार पर प्रस्तुत किया गया है। किसी भी आरोप की स्वतंत्र पुष्टि होने तक उसे तथ्य के रूप में नहीं माना जाना चाहिए।
जमीन विवाद के खूनी अंजाम पर सदर पुलिस का शिकंजा, छह आरोपी गिरफ्तार
तीन महिलाएं भी गिरफ्तार; पुलिस के मुताबिक SBBL बंदूक, चार जिंदा कारतूस और दो डंडे बरामद

सिद्धार्थनगर। सदर थाना क्षेत्र के जगदीशपुर स्थित कांशीराम कॉलोनी में जमीन संबंधी विवाद के बाद हुई गोलीबारी में रमाशंकर रस्तोगी की मौत के मामले में पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए तीन महिलाओं समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर कथित तौर पर घटना में प्रयुक्त SBBL बंदूक, चार जिंदा कारतूस और दो लकड़ी के डंडे बरामद किए गए हैं।
पुलिस की इस कार्रवाई को मामले में अहम प्रगति के तौर पर देखा जा रहा है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों को आवश्यक विधिक कार्रवाई के बाद न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेजे जाने की जानकारी पुलिस ने दी है।
सिद्धार्थनगर में जमीन विवाद से जुड़े हत्या के मामले में सदर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। जगदीशपुर में हुई गोलीकांड की घटना में दर्ज मुकदमे के आधार पर पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें तीन महिलाएं शामिल हैं। पुलिस का दावा है कि आरोपियों की निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल की गई बताई जा रही बंदूक और कारतूस समेत अन्य सामान बरामद किया गया है।
छह आरोपी पुलिस की गिरफ्त में
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जयप्रकाश धर दुबे उर्फ अकुल दुबे, रितिक पाण्डेय, बंश गोपालधर दूबे, इन्द्रासनी दुबे, मानसी दुबे और कविता दुबे के रूप में हुई है। सभी जगदीशपुर क्षेत्र के निवासी बताए गए
बरामदगी पर पुलिस का दावा
बंदूक, कारतूस और डंडे बरामद
पुलिस के मुताबिक आरोपियों की निशानदेही पर एक SBBL बंदूक, चार जिंदा कारतूस और दो लकड़ी के डंडे बरामद किए गए। बरामदगी को विवेचना में महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है।
विवाद से वारदात तक
कहासुनी के बाद बिगड़े हालात
पुलिस के अनुसार दोनों पक्षों के मकान सड़क के आमने-सामने हैं। जमीन संबंधी विवाद को लेकर कहासुनी हुई और मामला बढ़ गया। पुलिस की पूछताछ में सामने आए कथित तथ्यों के अनुसार इसी दौरान रमाशंकर रस्तोगी और उनकी बहन सरोज रस्तोगी को दूसरे पक्ष के घर के बरामदे की ओर ले जाया गया। आरोप है कि इसी दौरान रमाशंकर को गोली मार दी गई।
सारांश
जगदीशपुर में जमीन विवाद के बाद हुए गोलीकांड में रमाशंकर रस्तोगी की मौत के मामले में सदर पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार इनमें तीन महिलाएं शामिल हैं। आरोपियों की निशानदेही पर SBBL बंदूक, चार जिंदा कारतूस और दो लकड़ी के डंडे बरामद किए गए हैं। पुलिस ने आरोपियों को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।
सिद्धार्थनगर के जगदीशपुर में जमीन विवाद ने जिस तरह खूनी रूप लिया, उसने पूरे मामले को गंभीर बना दिया। गोलीकांड में रमाशंकर रस्तोगी की मौत के बाद सक्रिय हुई सदर पुलिस ने अब मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार कर कार्रवाई को आगे बढ़ाया है। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तारी के साथ कथित तौर पर घटना में प्रयुक्त हथियार और कारतूस भी बरामद किए गए हैं।
मामले में सदर थाने पर मु0अ0सं0 274/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं और आर्म्स एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार विवेचना के दौरान सामने आए तथ्यों, पूछताछ और बरामदगी के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस की कार्रवाई के बाद अब इस मामले में यह स्पष्ट होना बाकी है कि घटना के दौरान प्रत्येक आरोपी की कथित भूमिका क्या थी और विवाद किस घटनाक्रम के बाद हिंसक हुआ। इन सभी बिंदुओं पर पुलिस विवेचना जारी है।
टिप्पणी | पुलिस कार्रवाई पर
तेजी से कार्रवाई, लेकिन जांच की कसौटी भी जरूरी
घटना के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी और कथित हथियार की बरामदगी पुलिस की जांच में महत्वपूर्ण कदम है। ऐसे गंभीर मामलों में त्वरित कार्रवाई के साथ-साथ निष्पक्ष और साक्ष्य आधारित विवेचना भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती है। अदालत में प्रस्तुत होने वाले साक्ष्य और विवेचना के निष्कर्ष ही मामले की वास्तविक कानूनी स्थिति तय करेंगे।
यह समाचार पुलिस द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी, दर्ज मुकदमे एवं जांच में सामने आए तथ्यों पर आधारित है। गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों के विरुद्ध लगाए गए आरोप अभी न्यायालय में विचाराधीन हैं। न्यायालय द्वारा दोष सिद्ध होने तक सभी आरोपियों को कानूनन निर्दोष माना जाएगा।
जमीन विवाद के खूनी अंजाम पर सदर पुलिस का शिकंजा, छह आरोपी गिरफ्तार
तीन महिलाएं भी गिरफ्तार; पुलिस के मुताबिक SBBL बंदूक, चार जिंदा कारतूस और दो डंडे बरामद

सिद्धार्थनगर। सदर थाना क्षेत्र के जगदीशपुर स्थित कांशीराम कॉलोनी में जमीन संबंधी विवाद के बाद हुई गोलीबारी में रमाशंकर रस्तोगी की मौत के मामले में पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए तीन महिलाओं समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर कथित तौर पर घटना में प्रयुक्त SBBL बंदूक, चार जिंदा कारतूस और दो लकड़ी के डंडे बरामद किए गए हैं।
पुलिस की इस कार्रवाई को मामले में अहम प्रगति के तौर पर देखा जा रहा है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों को आवश्यक विधिक कार्रवाई के बाद न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेजे जाने की जानकारी पुलिस ने दी है।
सिद्धार्थनगर में जमीन विवाद से जुड़े हत्या के मामले में सदर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। जगदीशपुर में हुई गोलीकांड की घटना में दर्ज मुकदमे के आधार पर पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें तीन महिलाएं शामिल हैं। पुलिस का दावा है कि आरोपियों की निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल की गई बताई जा रही बंदूक और कारतूस समेत अन्य सामान बरामद किया गया है।
छह आरोपी पुलिस की गिरफ्त में
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जयप्रकाश धर दुबे उर्फ अकुल दुबे, रितिक पाण्डेय, बंश गोपालधर दूबे, इन्द्रासनी दुबे, मानसी दुबे और कविता दुबे के रूप में हुई है। सभी जगदीशपुर क्षेत्र के निवासी बताए गए
बरामदगी पर पुलिस का दावा
बंदूक, कारतूस और डंडे बरामद
पुलिस के मुताबिक आरोपियों की निशानदेही पर एक SBBL बंदूक, चार जिंदा कारतूस और दो लकड़ी के डंडे बरामद किए गए। बरामदगी को विवेचना में महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है।
विवाद से वारदात तक
कहासुनी के बाद बिगड़े हालात
पुलिस के अनुसार दोनों पक्षों के मकान सड़क के आमने-सामने हैं। जमीन संबंधी विवाद को लेकर कहासुनी हुई और मामला बढ़ गया। पुलिस की पूछताछ में सामने आए कथित तथ्यों के अनुसार इसी दौरान रमाशंकर रस्तोगी और उनकी बहन सरोज रस्तोगी को दूसरे पक्ष के घर के बरामदे की ओर ले जाया गया। आरोप है कि इसी दौरान रमाशंकर को गोली मार दी गई।
सारांश
जगदीशपुर में जमीन विवाद के बाद हुए गोलीकांड में रमाशंकर रस्तोगी की मौत के मामले में सदर पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार इनमें तीन महिलाएं शामिल हैं। आरोपियों की निशानदेही पर SBBL बंदूक, चार जिंदा कारतूस और दो लकड़ी के डंडे बरामद किए गए हैं। पुलिस ने आरोपियों को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।
सिद्धार्थनगर के जगदीशपुर में जमीन विवाद ने जिस तरह खूनी रूप लिया, उसने पूरे मामले को गंभीर बना दिया। गोलीकांड में रमाशंकर रस्तोगी की मौत के बाद सक्रिय हुई सदर पुलिस ने अब मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार कर कार्रवाई को आगे बढ़ाया है। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तारी के साथ कथित तौर पर घटना में प्रयुक्त हथियार और कारतूस भी बरामद किए गए हैं।
मामले में सदर थाने पर मु0अ0सं0 274/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं और आर्म्स एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार विवेचना के दौरान सामने आए तथ्यों, पूछताछ और बरामदगी के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस की कार्रवाई के बाद अब इस मामले में यह स्पष्ट होना बाकी है कि घटना के दौरान प्रत्येक आरोपी की कथित भूमिका क्या थी और विवाद किस घटनाक्रम के बाद हिंसक हुआ। इन सभी बिंदुओं पर पुलिस विवेचना जारी है।
टिप्पणी | पुलिस कार्रवाई पर
तेजी से कार्रवाई, लेकिन जांच की कसौटी भी जरूरी
घटना के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी और कथित हथियार की बरामदगी पुलिस की जांच में महत्वपूर्ण कदम है। ऐसे गंभीर मामलों में त्वरित कार्रवाई के साथ-साथ निष्पक्ष और साक्ष्य आधारित विवेचना भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती है। अदालत में प्रस्तुत होने वाले साक्ष्य और विवेचना के निष्कर्ष ही मामले की वास्तविक कानूनी स्थिति तय करेंगे।
यह समाचार पुलिस द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी, दर्ज मुकदमे एवं जांच में सामने आए तथ्यों पर आधारित है। गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों के विरुद्ध लगाए गए आरोप अभी न्यायालय में विचाराधीन हैं। न्यायालय द्वारा दोष सिद्ध होने तक सभी आरोपियों को कानूनन निर्दोष माना जाएगा।
सिद्धार्थनगर में दर्दनाक हादसा: बोलेरो की चपेट में आकर तीन साल की बच्ची की मौत
सीडीओ आवास के सामने हुआ हादसा, पिता के साथ शहर आई थी बच्ची; पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा
सिद्धार्थनगर। जिला मुख्यालय पर रविवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में तीन वर्षीय बच्ची की मौत हो गई। उसका-बर्डपुर मार्ग पर सीडीओ आवास के सामने एक बोलेरो वाहन की चपेट में आने से बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई। आसपास मौजूद लोगों की मदद से उसे तत्काल उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
हादसे की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घटना की परिस्थितियों की जांच की जा रही है।
पिता के साथ सिद्धार्थनगर आई थी मासूम
मिली जानकारी के अनुसार, महराजगंज जिले के बृजमनगंज थाना क्षेत्र के बेलसड़ गांव निवासी कमलेश रविवार को अपनी तीन वर्षीय बेटी अंकिता के साथ सिद्धार्थनगर आया था। बताया जा रहा है कि वह शहर में मोबाइल से संबंधित काम कराने के लिए आया था।
इसी दौरान उसका-बर्डपुर मार्ग को जोड़ने वाली मुख्य सड़क के पास एक बोलेरो वाहन को पीछे की ओर किया जा रहा था। इसी बीच बच्ची कथित तौर पर वाहन की चपेट में आ गई।
हादसे के बाद मची अफरा-तफरी
बच्ची के वाहन की चपेट में आने के बाद मौके पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी और घायल बच्ची को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज पहुंचाया।
हालांकि, डॉक्टरों ने जांच के बाद बच्ची को मृत घोषित कर दिया। मासूम की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की सूचना के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामले की जानकारी जुटाई। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस हादसे की परिस्थितियों और वाहन से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है।
फिलहाल घटना को लेकर पुलिस की जांच जारी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
FT News Digital | सिद्धार्थनगर
भारी बारिश के चलते सिद्धार्थनगर में 7 सितंबर को कक्षा 1 से 8 तक के स्कूल बंद
- सिद्धार्थनगर। जनपद में लगातार हो रही भारी वर्षा को देखते हुए जिलाधिकारी के आदेश के अनुपालन में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शैलेश कुमार ने जिले के कक्षा 1 से 8 तक के सभी विद्यालयों में 7 सितंबर 2026 को अवकाश घोषित किया है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय से जारी आदेश के अनुसार, यह अवकाश परिषदीय विद्यालयों के साथ-साथ सीबीएसई, आईसीएसई, मान्यता प्राप्त विद्यालय, अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालय तथा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग से मान्यता प्राप्त विद्यालयों पर भी लागू होगा।
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि भारी बारिश के दृष्टिगत विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 7 सितंबर को कक्षा 1 से 8 तक के विद्यालयों का संचालन नहीं किया जाएगा। सभी संबंधित विद्यालयों को आदेश का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
बीएसए ने चेतावनी दी है कि आदेश का उल्लंघन होने की स्थिति में संबंधित विद्यालय के प्रबंधक, प्रधानाचार्य अथवा प्रधानाध्यापक स्वयं उत्तरदायी होंगे।
जिला प्रशासन के इस निर्णय से अभिभावकों और विद्यार्थियों को राहत मिली है। लगातार बारिश के बीच बच्चों को विद्यालय भेजने को लेकर अभिभावकों की चिंता भी कम हुई है।
भारी बारिश के चलते सिद्धार्थनगर में 7 सितंबर को कक्षा 1 से 8 तक के स्कूल बंद
सिद्धार्थनगर। जनपद में लगातार हो रही भारी वर्षा को देखते हुए जिलाधिकारी के आदेश के अनुपालन में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शैलेश कुमार ने जिले के कक्षा 1 से 8 तक के सभी विद्यालयों में 7 सितंबर 2026 को अवकाश घोषित किया है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय से जारी आदेश के अनुसार, यह अवकाश परिषदीय विद्यालयों के साथ-साथ सीबीएसई, आईसीएसई, मान्यता प्राप्त विद्यालय, अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालय तथा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग से मान्यता प्राप्त विद्यालयों पर भी लागू होगा।
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि भारी बारिश के दृष्टिगत विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 7 सितंबर को कक्षा 1 से 8 तक के विद्यालयों का संचालन नहीं किया जाएगा। सभी संबंधित विद्यालयों को आदेश का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
बीएसए ने चेतावनी दी है कि आदेश का उल्लंघन होने की स्थिति में संबंधित विद्यालय के प्रबंधक, प्रधानाचार्य अथवा प्रधानाध्यापक स्वयं उत्तरदायी होंगे।
जिला प्रशासन के इस निर्णय से अभिभावकों और विद्यार्थियों को राहत मिली है। लगातार बारिश के बीच बच्चों को विद्यालय भेजने को लेकर अभिभावकों की चिंता भी कम हुई है।
अक्टूबर में रैली की तैयारी, अर्जुन लोधी के नेतृत्व में लोधी महासभा ने बनाई रणनीति

सिद्धार्थनगर। पकड़ी चौराहे के पास सेंटफोर्ड स्कूल के सामने स्थित अखिल भारतीय लोधी राजपूत कल्याण महासभा के जिला कार्यालय पर रविवार को जिला कार्यकारिणी की बैठक आयोजित की गई। जिला अध्यक्ष अर्जुन लोधी के नेतृत्व में हुई बैठक में संगठन को गांव-गांव तक मजबूत करने, समाज के लोगों को जोड़ने और अक्टूबर 2026 में जिला मुख्यालय पर प्रस्तावित विशाल रैली एवं जनसभा की तैयारियों को लेकर विचार-विमर्श किया गया।

अर्जुन लोधी के नेतृत्व में संगठन विस्तार पर जोर
बैठक में जिला अध्यक्ष अर्जुन लोधी ने संगठनात्मक गतिविधियों को मजबूत करने और समाज के लोगों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ने पर जोर दिया। पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने भी आगामी कार्यक्रम को व्यापक स्वरूप देने के लिए अपने सुझाव रखे।

गांव-गांव पहुंचेगा जनसंपर्क अभियान
जिला युवा अध्यक्ष सोनू सिंह लोधी ने प्रस्तावित कार्यक्रम को प्रभावी बनाने के लिए गांव-गांव संपर्क अभियान चलाने, लोगों को जागरूक करने और समाज के अधिक से अधिक लोगों को संगठनात्मक गतिविधियों से जोड़ने का सुझाव रखा।
संगठन मजबूती पर महामंत्रियों ने रखे विचार
बैठक के दौरान जिला महामंत्री श्याम नंदन लोधी और दुर्गेश लोधी ने संगठन को मजबूत करने तथा कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी बढ़ाने को लेकर अपने विचार रखे। चर्चा में संगठन की गतिविधियों को जमीनी स्तर तक पहुंचाने और आपसी समन्वय बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
लोधी समाज की ऐतिहासिक विरासत का भी संदर्भ
लोधी समाज का इतिहास भारतीय इतिहास के विभिन्न दौरों में सामाजिक और राजनीतिक योगदान से जुड़ा रहा है। 1857 के स्वतंत्रता संग्राम के संदर्भ में रानी अवंतीबाई लोधी का नाम विशेष रूप से उल्लेखित होता है। उनके संघर्ष और साहस की स्मृति आज भी समाज के बीच प्रेरणा का विषय है।
इसी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के साथ वर्तमान समय में सामाजिक संगठन शिक्षा, जागरूकता, संगठन और सामाजिक सहभागिता जैसे विषयों को लेकर अपने स्तर पर गतिविधियां संचालित करते हैं। सिद्धार्थनगर की बैठक में भी समाज को संगठित करने और संगठन को मजबूत बनाने पर चर्चा हुई।
सारांश
अखिल भारतीय लोधी राजपूत कल्याण महासभा की जिला कार्यकारिणी की बैठक में अर्जुन लोधी के नेतृत्व में अक्टूबर में प्रस्तावित रैली एवं जनसभा को लेकर शुरुआती रणनीति पर मंथन हुआ। गांव-गांव जनसंपर्क और जागरूकता अभियान के जरिए समाज के लोगों को कार्यक्रम से जोड़ने का सुझाव सामने आया।
टिप्पणी
किसी भी सामाजिक संगठन की ताकत केवल पदाधिकारियों से नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर सक्रिय कार्यकर्ताओं और समाज की भागीदारी से बनती है। ऐसे में अक्टूबर में प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर अब संगठन के सामने सबसे बड़ी चुनौती व्यापक जनसंपर्क और बेहतर समन्वय की होगी। बैठक में सामने आए सुझावों से संकेत मिलता है कि संगठन इस दिशा में चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ने की तैयारी कर रहा है।
सिद्धार्थनगर में लोधी समाज की संगठनात्मक गतिविधियों को नई दिशा देने की कवायद शुरू हो गई है। जिला अध्यक्ष अर्जुन लोधी के नेतृत्व में हुई बैठक में अक्टूबर 2026 की प्रस्तावित विशाल रैली एवं जनसभा को लेकर मंथन हुआ। संगठन को गांव-गांव तक पहुंचाने और समाज के लोगों को जोड़ने की रणनीति पर पदाधिकारियों ने चर्चा की।
अक्टूबर 2026 में प्रस्तावित रैली एवं जनसभा को लेकर आने वाले दिनों में संगठन की ओर से जनसंपर्क और जागरूकता गतिविधियां बढ़ाए जाने की बात कही गई है। कार्यक्रम की तैयारियों को किस रूप में आगे बढ़ाया जाता है और इसमें समाज की कितनी भागीदारी होती है, यह आगामी दिनों में सामने आएगा।
उपस्थिति
बैठक में वरिष्ठ उपाध्यक्ष चंद्रिका लोधी, रामबृच लोधी, संतोष लोधी, सतीश लोधी, रामदीन लोधी, सत्य प्रकाश लोधी सहित अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
कन्हैया पासवान के प्रथम आगमन पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने किया जोरदार स्वागत

सीमा से भाजपा कार्यालय तक जगह-जगह हुआ अभिनंदन, पुष्पवर्षा और माल्यार्पण से गूंजा शहर
सिद्धार्थनगर। भारतीय जनता पार्टी के गोरखपुर क्षेत्र के नवनियुक्त क्षेत्रीय मंत्री एवं पार्टी के निवर्तमान जिलाध्यक्ष कन्हैया पासवान के गृह जनपद सिद्धार्थनगर में प्रथम आगमन पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने जगह-जगह भव्य स्वागत एवं अभिनंदन किया। जनपद की सीमा से लेकर भाजपा कार्यालय तक कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह दिखाई दिया। स्वागत के दौरान पुष्पवर्षा, माल्यार्पण और नारों से माहौल उत्साहपूर्ण बना रहा।
नवनियुक्त क्षेत्रीय मंत्री के स्वागत के लिए बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता विभिन्न स्थानों पर जुटे। कार्यकर्ताओं ने फूल-मालाओं से उनका अभिनंदन किया और नए दायित्व के लिए शुभकामनाएं दीं। कई स्थानों पर उत्साहित कार्यकर्ताओं ने पटाखे जलाकर भी खुशी का इजहार किया।
जगह-जगह हुआ स्वागत
पुलिस बूथ पर मंडल अध्यक्ष राकेश आर्य, चेयरमैन प्रतिनिधि हेमंत जायसवाल और पूर्व मंडल अध्यक्ष दृग नारायण सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया। इसके बाद पकड़ी चौराहे पर पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष प्रत्याशी राकेश दत्त त्रिपाठी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने अभिनंदन किया।
बेलहिया दुर्गा मंदिर के सामने ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि जोगिया श्रीश चौधरी के नेतृत्व में भी भाजपा कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया। इसके अलावा मार्ग में कई स्थानों पर कार्यकर्ताओं ने पुष्पवर्षा और माल्यार्पण कर कन्हैया पासवान का अभिनंदन किया।
संगठन को मजबूत करने का जताया भरोसा
स्वागत कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं ने उम्मीद जताई कि कन्हैया पासवान के संगठनात्मक अनुभव और सक्रियता से गोरखपुर क्षेत्र में पार्टी संगठन को और मजबूती मिलेगी। कार्यकर्ताओं ने उनके नए दायित्व को लेकर शुभकामनाएं देते हुए संगठन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
कार्यकर्ताओं को बताया संगठन की ताकत
कन्हैया पासवान ने नए दायित्व के लिए पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के प्रति आभार जताया। उन्होंने स्वागत एवं अभिनंदन के लिए कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों का भी धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता संगठन की शक्ति है और सभी के सहयोग एवं परिश्रम से संगठन को और मजबूत करने तथा पार्टी की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य किया जाएगा।
ये रहे मौजूद
स्वागत कार्यक्रम में भाजपा नेता संतोष पासवान, चेयरमैन बिस्कोहर अजय गुप्ता, संतोष शुक्ला, निशांत पांडेय, मयंक श्रीवास्तव, कुलदीप द्विवेदी, अंकित त्रिपाठी, ओंकार पांडेय, मनोज सिंह, सूरज कसौधन, रामेश्वर पाण्डेय, शरदेंदु त्रिपाठी, अनिल पासवान और गौरव कश्यप समेत पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी, जिला एवं मंडल पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
स्वागत में दिखा कार्यकर्ताओं का उत्साह
सीमा से कार्यालय तक बना रहा माहौल
नवनियुक्त क्षेत्रीय मंत्री के प्रथम आगमन को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह नजर आया। स्वागत मार्ग पर कार्यकर्ताओं ने पुष्पवर्षा और माल्यार्पण किया। वाहनों के काफिले के साथ समर्थकों की मौजूदगी और जगह-जगह हुए स्वागत ने कार्यक्रम को आकर्षण का केंद्र बना दिया।

सिद्धार्थनगर में नवनियुक्त क्षेत्रीय मंत्री कन्हैया पासवान का स्वागत करते भाजपा कार्यकर्ता।
भूमि विवाद के बीच युवक की गोली लगने से मौत, तीन लोग हिरासत में
सिद्धार्थनगर। जिले में भूमि विवाद से जुड़ा मामला उस समय गंभीर हो गया, जब एक युवक की गोली लगने से मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस सक्रिय हुई और मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। पुलिस ने मामले में पूछताछ के लिए तीन लोगों को हिरासत में लिया है। घटना के पीछे की वास्तविक वजह और वारदात में शामिल लोगों की भूमिका पुलिस जांच के बाद स्पष्ट होगी।

विवाद के बीच हुई घटना से मचा हड़कंप
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार युवक का किसी भूमि संबंधी विवाद को लेकर दूसरे पक्ष से विवाद चल रहा था। इसी दौरान गोली चलने की घटना सामने आई। गोली लगने से युवक गंभीर रूप से घायल हो गया और बाद में उसकी मौत हो गई।
घटना के बाद आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और उपलब्ध साक्ष्यों को जुटाने की कार्रवाई शुरू की।

तीन लोगों से पूछताछ, जांच में जुटी पुलिस
पुलिस ने मामले में तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। जांच टीम घटना से पहले हुए विवाद, मौके पर मौजूद लोगों तथा घटनाक्रम से जुड़े अन्य पहलुओं की जानकारी जुटा रही है।
पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि गोली चलने की परिस्थितियां क्या थीं और घटना में किसकी क्या भूमिका रही। फिलहाल हिरासत में लिए गए किसी व्यक्ति को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मिलेगी अहम जानकारी
मृतक के शव को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के लिए भेजा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट सहित घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों और पूछताछ के निष्कर्षों को जांच में शामिल किया जाएगा।

जांच पूरी होने के बाद स्पष्ट होगी तस्वीर
भूमि विवाद को घटना से जोड़कर देखा जा रहा है, लेकिन हत्या का वास्तविक कारण और घटना की पूरी परिस्थितियां जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होंगी। पुलिस की विवेचना में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
शिक्षक राज्य पुरस्कार का लाइव प्रसारण हुआ अंबेडकर भवन में
सिद्धार्थनगर 05 सितम्बर 2026/शिक्षक दिवस के अवसर पर समर्पण, नवाचार एवं शिक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले बेसिक शिक्षा विभाग एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के 81 शिक्षकों का सम्मान एवं राज्य अध्यापक पुरस्कार-2025 तथा मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार-2025 का वितरण मा0 मुख्यमंत्री उ0प्र0 श्री योगी आदित्यनाथ जी द्वारा योगीराज बाबा गम्भीरनाथ प्रेक्षागृह एवं सांस्कृतिक केन्द्र, रामगढ़ताल गोरखपुर से किया गया। जिसका लाइव प्रसारण मा0 विधायक शोहरतगढ़ श्री विनय वर्मा, जिलाध्यक्ष भाजपा श्री दीपक मौर्या, जिलाधिकारी श्री शिवशरणप्पा जीएन एवं मुख्य विकास अधिकारी श्री बलराम सिंह के साथ अम्बेडकर सभागार में देखा गया।
मा0 विधायक शोहरतगढ़ श्री विनय वर्मा, जिलाध्यक्ष भाजपा श्री दीपक मौर्या, जिलाधिकारी श्री शिवशरणप्पा जीएन एवं मुख्य विकास अधिकारी श्री बलराम सिंह द्वारा द्वीप प्रज्ज्वलित कर मॉ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। जिलाधिकारी श्री शिवशरणप्पा जीएन द्वारा मा0 विधायक शोहरतगढ़ श्री विनय वर्मा को बुके देकर स्वागत किया गया। मुख्य विकास अधिकारी श्री बलराम सिंह द्वारा जिलाध्यक्ष भाजपा श्री दीपक मौर्या को बुके देकर स्वागत किया गया। इस अवसर पर मा0 विधायक शोहरतगढ़ श्री विनय वर्मा ने सभी शिक्षकों को शिक्षक दिवस की बधाई देते हुए कहा कि आप सभी लोग बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दे। सभी शिक्षक सम्मान के योग्य है। सभी का एक गुरू होता है। मॉ, बा पके बाद गुरू ही जीवन का रास्ता दिखाता है जिससे सफल होकर हम लोग आज इस पद पर है। मा0 मुख्यमंत्री जी पूरे प्रदेश के लोगो के बारे में सोचते है। सभी शिक्षकों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ दिया गया है। आप लोग बच्चों को अच्छे से पढ़ाते है। सभी को पुनः शुभकामनाएं दिया।
जिलाध्यक्ष भाजपा श्री दीपक मौर्या ने इस अवसर पर सभी का स्वागत करते हुए शिक्षक दिवस की बधाई दिया। बच्चों का भविष्य आप लोगो के हाथो में है। उनको अच्छी शिक्षा दे। बच्चों के सामाजिक स्तर को ऊॅचा करना आप लोगो का दायित्व है। मा0 प्रधानमंत्री जी का सपना 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाना है। मा0 मुख्यमंत्री जी का संकल्प उ0प्र0 को सर्वोत्तम प्रदेश बनाने का है। मा0 मुख्यमंत्री जी द्वारा पूरा प्रयास किया जा रहा है। स्कूलों में कायाकल्प योजना के अन्तर्गत कार्य कराये गये है। हाइटेक कम्प्यूटर, स्मार्ट क्लास संचालित किया जा रहा है। शिक्षामित्र एवं रसोईयों के मानदेय में वृद्धि किया गया है। शिक्षकों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ दिया गया हैैै।
जिलाधिकारी श्री शिवशरणप्पा जीएन ने सभी मा0 जनप्रतिनिधिगण का स्वागत करते हुए सभी को शिक्षक दिवस की बधाई दिया। जिलाधिकारी ने कहा कि आप सभी लोगो ने मा0 मुख्यमंत्री जी के संबोधन को सुना। मा0 मुख्यमंत्री जी विस्तृत रूप से जानकारी दिया गया। मा0 मुख्यमंत्री जी के मार्गदर्शन में आप लोग अच्छे से कार्य करें। इस जनपद में भी अच्छा कार्य हो रहा है। सभी को पुनः शिक्षक दिवस की बधाई दिया।
इस अवसर पर मा0 विधायक शोहरतगढ़ श्री विनय वर्मा, जिलाध्यक्ष भाजपा श्री दीपक मौर्या, जिलाधिकारी श्री शिवशरणप्पा जीएन एवं मुख्य विकास अधिकारी श्री बलराम सिंह द्वारा 30 शिक्षको को प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर मा0 सांसद डुमरियागंज प्रतिनिधि रिंकू पाल, पीडी अनिल कुमार, जिला विद्यालय निरीक्षक अरूण कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शैलेष कुमार एवं अन्य संबधित अधिकारी/कर्मचारी व अन्य संबधित उपस्थित थे।
इंजेक्शन के बाद मासूम की मौत, परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप
निजी अस्पताल में दो साल की बच्ची की मौत के बाद हंगामा, पुलिस ने संभाली स्थिति; मौत की वजह अभी स्पष्ट नहीं
सिद्धार्थनगर। जिला मुख्यालय स्थित साड़ी तिराहे के पास एक निजी अस्पताल में शनिवार को इलाज के दौरान दो साल की बच्ची की मौत हो गई। घटना के बाद बच्ची के परिजनों ने अस्पताल में हंगामा करते हुए उपचार को लेकर गंभीर सवाल उठाए। परिजनों ने आरोप लगाया कि इंजेक्शन लगाए जाने के बाद बच्ची की हालत अचानक बिगड़ी और कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई। परिवार की ओर से कथित ओवरडोज और उपचार में लापरवाही का आरोप लगाया गया है। हालांकि, इन आरोपों की अभी किसी चिकित्सकीय जांच या आधिकारिक रिपोर्ट से पुष्टि नहीं हुई है।
इंजेक्शन के बाद बिगड़ी हालत का दावा, अस्पताल में हंगामा
मृत बच्ची की पहचान जया के रूप में हुई है। वह कठेला समयमाता थाना क्षेत्र के कटेला गर्बी गांव की रहने वाली बताई जा रही है। परिजनों के अनुसार, शुक्रवार को जया को बुखार की शिकायत पर अस्पताल लाया गया था। जांच के बाद उसे दवाएं दी गईं। परिवार का कहना है कि अगले दिन हालत में सुधार नहीं होने पर शनिवार सुबह उसे दोबारा अस्पताल लाया गया।
परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में बच्ची को इंजेक्शन लगाया गया, जिसके बाद उसकी हालत तेजी से बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई।
हंगामे की सूचना पर पहुंची पुलिस
बच्ची की मौत के बाद परिजन अस्पताल परिसर में शव को गोद में लेकर बैठ गए और उपचार को लेकर सवाल उठाने लगे। सूचना मिलते ही स्थानीय कोतवाल नवीन सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उनके साथ महिला कांस्टेबल समेत पुलिसकर्मी भी मौजूद रहे। पुलिस ने परिजनों से बातचीत कर स्थिति को संभाला और मौके पर शांति व्यवस्था बनाए रखी।
परिवार ने उठाए उपचार पर सवाल
बच्ची की मां की ओर से अस्पताल की पर्ची फाड़कर डस्टबिन में फेंकने का आरोप भी लगाया गया है। हालांकि, इस आरोप की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। इसी तरह इंजेक्शन की मात्रा अधिक होने अथवा इलाज में लापरवाही के आरोपों की भी फिलहाल कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।
डॉक्टर का पक्ष
पहले से स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का दिया हवाला
परिजनों के आरोपों पर चिकित्सक डॉ. संजय चौधरी ने अपना पक्ष रखते हुए बताया कि बच्ची को पहले से स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां थीं और उसका उपचार चल रहा था। डॉक्टर के अनुसार, बच्ची तेज बुखार की स्थिति में अस्पताल लाई गई थी और उसकी स्थिति को देखते हुए उपचार किया जा रहा था।
परिजनों के मुताबिक, बच्ची को जन्म से ही स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें थीं और उसे चलने-फिरने में भी परेशानी होती थी। इन पूर्व स्वास्थ्य परिस्थितियों और मौत के बीच क्या संबंध था, यह चिकित्सकीय जांच का विषय है।
सारांश
दो साल की बच्ची की इलाज के दौरान मौत के बाद परिजनों ने कथित ओवरडोज और उपचार में लापरवाही के आरोप लगाए हैं। दूसरी ओर चिकित्सक ने बच्ची की पहले से चली आ रही स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का हवाला दिया है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली। फिलहाल मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट नहीं है।
टिप्पणी
आरोप गंभीर, लेकिन निष्कर्ष जांच के बाद ही
बच्ची की मौत निश्चित तौर पर परिवार के लिए बेहद पीड़ादायक घटना है। परिजनों की ओर से लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच होना स्वाभाविक रूप से महत्वपूर्ण है, लेकिन जांच पूरी होने से पहले किसी चिकित्सक अथवा अस्पताल को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा।
मौत का वास्तविक कारण चिकित्सकीय अभिलेखों, उपचार की प्रक्रिया और आवश्यकता पड़ने पर पोस्टमार्टम जैसी प्रक्रिया से ही स्पष्ट हो सकता है। इसलिए इस मामले में आरोप और तथ्य के बीच अंतर बनाए रखना जरूरी है।
तहरीर और पोस्टमार्टम की स्थिति पर नजर
फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पीड़ित परिवार की ओर से थाने में तहरीर दिए जाने की जानकारी सामने नहीं आई है और बच्ची के शव के पोस्टमार्टम की प्रक्रिया की भी जानकारी नहीं है। आगे परिवार की ओर से शिकायत दर्ज कराई जाती है या कोई चिकित्सकीय/पुलिस जांच शुरू होती है तो मामले की तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।
FT NEWS DIGITAL इस मामले में किसी भी पक्ष को दोषी घोषित नहीं करता। परिजनों के आरोप, चिकित्सक का पक्ष और मौके पर पुलिस की भूमिका को उपलब्ध जानकारी के आधार पर सामने रखा जा रहा है। मौत की वास्तविक वजह और आरोपों की सत्यता जांच के बाद ही स्पष्ट मानी जाएगी।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
इस घटना का सबसे मार्मिक पहलू यह है कि परिजनों के मुताबिक, जया के पिता दुर्गेश कसौधन की करीब तीन महीने पहले सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। परिवार अभी इस सदमे से उबर भी नहीं पाया था कि अब दो साल की मासूम जया की मौत हो गई। एक ही परिवार पर कम समय के अंतराल में दो बड़े दुखों ने गहरा असर डाला है।
यह खबर उपलब्ध जानकारी और संबंधित पक्षों के कथनों पर आधारित है। किसी भी आरोप को अंतिम सत्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया गया है। मामले में आधिकारिक जांच अथवा चिकित्सकीय रिपोर्ट सामने आने पर तथ्य उसी के अनुसार अपडेट किए जाएंगे।
श्रीरामजानकी मंदिर में आयोजन को लेकर बढ़ी तनातनी, चेयरमैन पति और पूर्व चेयरमैन पुत्र आमने-सामने
शोहरतगढ़ में समिति विवाद के बीच कहासुनी की स्थिति, पुलिस पहुंची; सुरक्षा को लेकर पीएसी तैनात
सिद्धार्थनगर/शोहरतगढ़। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के आयोजन को लेकर शोहरतगढ़ कस्बे के श्रीरामजानकी मंदिर में उस समय माहौल गरमा गया, जब कार्यक्रम की जिम्मेदारी और कलाकारों के आयोजन को लेकर समिति से जुड़े लोगों के बीच मतभेद सामने आया। उपलब्ध अखबारी जानकारी के अनुसार, इसी विवाद के बीच नगर पालिका चेयरमैन के पति और पूर्व चेयरमैन के पुत्र के बीच कहासुनी की स्थिति बन गई। मामला बढ़ने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला गया।
कलाकारों के कार्यक्रम को लेकर शुरू हुआ विवाद
प्रकाशित जानकारी के मुताबिक जन्माष्टमी आयोजन की जिम्मेदारी समिति के स्तर पर तय की गई थी। इसी बीच समिति के एक पक्ष की ओर से पहले से तय किए गए कलाकारों के मंदिर पहुंचने की बात सामने आई। इसे लेकर विवाद की स्थिति बनी।
बाद में कलाकारों द्वारा कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाने को लेकर भी आपत्ति सामने आने की बात कही गई। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच कहासुनी बढ़ गई और मामला हाथापाई तक पहुंचने की स्थिति बनने की जानकारी प्रकाशित हुई।
सारांश
शोहरतगढ़ के श्रीरामजानकी मंदिर में जन्माष्टमी कार्यक्रम को लेकर समिति के भीतर विवाद सामने आया। कार्यक्रम और कलाकारों को लेकर मतभेद के बीच चेयरमैन पति और पूर्व चेयरमैन पुत्र के आमने-सामने आने की बात सामने आई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया। सुरक्षा के मद्देनजर मंदिर परिसर में पीएसी की तैनाती किए जाने की भी जानकारी है।
विवाद की वजह क्या थी?
मामला जन्माष्टमी के आयोजन से जुड़ा बताया जा रहा है। उपलब्ध कटिंग के अनुसार कार्यक्रम की जिम्मेदारी को लेकर समिति में पहले से मतभेद की स्थिति थी। इसी बीच कलाकारों के कार्यक्रम को लेकर दोनों पक्षों के बीच बात बढ़ गई।
यह विवाद किस स्तर से शुरू हुआ और पूरे घटनाक्रम में किसकी क्या भूमिका रही, इस संबंध में अंतिम स्थिति संबंधित पक्षों के आधिकारिक बयान या पुलिस की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकती है।
पुलिस ने संभाला मोर्चा
मंदिर परिसर में विवाद की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस टीम ने हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। प्रकाशित जानकारी के अनुसार सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए मंदिर में पीएसी तैनात किए जाने की बात भी सामने आई है।
फिलहाल पुलिस की मौजूदगी के बाद स्थिति सामान्य किए जाने की जानकारी है।
मंदिर में जुटे लोगों ने कराया मामला शांत
घटनाक्रम के दौरान मंदिर में मौजूद लोगों ने भी हस्तक्षेप किया और विवाद को शांत कराने का प्रयास किया। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लिया।
धार्मिक आयोजन स्थल होने के कारण पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरती।
अब आगे क्या?
पूरे मामले में अब यह महत्वपूर्ण होगा कि पुलिस की ओर से इस घटनाक्रम को लेकर कोई आधिकारिक शिकायत, कार्रवाई या अन्य जानकारी सामने आती है या नहीं। यदि संबंधित पक्षों की ओर से लिखित शिकायत दी जाती है तो उसके आधार पर आगे की स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर किसी एक पक्ष को विवाद के लिए जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं होगा।
टिप्पणी
श्रीरामजानकी मंदिर जैसे धार्मिक स्थल पर जन्माष्टमी के आयोजन को लेकर विवाद और तनाव की स्थिति निश्चित रूप से संवेदनशील मामला है। धार्मिक कार्यक्रम आपसी सहयोग और सौहार्द के साथ संपन्न हों, यही सभी पक्षों के हित में है।
इस पूरे घटनाक्रम में अब सबसे महत्वपूर्ण बात तथ्यों की स्पष्टता और विवाद का शांतिपूर्ण समाधान है। पुलिस की मौजूदगी और सुरक्षा व्यवस्था के बीच स्थिति को नियंत्रण में रखा जाना फिलहाल राहत की बात है।
FT News Digital की कानूनी सावधानी
यह समाचार उपलब्ध अखबारी कटिंग में प्रकाशित विवरण के आधार पर स्वतंत्र एवं मौलिक भाषा में तैयार किया गया है। FT News Digital किसी पक्ष के आरोप को अंतिम सत्य के रूप में प्रस्तुत नहीं करता। कहासुनी अथवा विवाद से संबंधित विवरण उपलब्ध प्रकाशित जानकारी के आधार पर हैं। किसी व्यक्ति को दोषी ठहराने या किसी अपराध के सिद्ध होने का दावा नहीं किया जा रहा है। संबंधित पक्षों का आधिकारिक बयान अथवा पुलिस की पुष्टि उपलब्ध होने पर उसे भी खबर में शामिल किया जा सकता है।
शोहरतगढ़ थाने के दो पुलिसकर्मियों पर 20 हजार रुपये मांगने का आरोप, पीड़ित पक्ष ने CO से लगाई गुहार
सिद्धार्थनगर | विशेष रिपोर्ट
सिद्धार्थनगर। शोहरतगढ़ थाना क्षेत्र से जुड़ा एक मामला सामने आया है, जिसमें पीड़ित पक्ष ने थाने में तैनात दो पुलिसकर्मियों पर 20 हजार रुपये मांगने का आरोप लगाया है। पीड़ित पक्ष ने अपनी शिकायत पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी के सामने रखी और मामले में जांच कर कार्रवाई की मांग की। मामले को लेकर क्षेत्राधिकारी शोहरतगढ़ की ओर से जांच कराए जाने की बात कही गई है।
मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि FT News Digital के पास रिश्वत लेते या पैसे देते हुए कोई वीडियो नहीं है। उपलब्ध सामग्री में पीड़ित पक्ष का बयान है, जिसमें पुलिसकर्मियों पर रुपये मांगने का आरोप लगाया गया है। इसी शिकायत के आधार पर पुलिस स्तर पर मामले की जांच की बात सामने आई है।
पीड़ित पक्ष का आरोप है कि संबंधित प्रकरण में दो पुलिसकर्मियों की ओर से 20 हजार रुपये की मांग की गई। शिकायत लेकर पीड़ित पक्ष ने पुलिस अधिकारी के सामने अपनी बात रखी। पुलिस की ओर से मामले की जांच कराए जाने की बात कही गई है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और जांच के निष्कर्ष का इंतजार है।
पीड़ित पक्ष ने क्या कहा?
पीड़ित पक्ष का कहना है कि उसके मामले में कार्रवाई/समाधान के सिलसिले में उससे 20 हजार रुपये की मांग किए जाने की बात सामने आई। इसके बाद उसने वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के समक्ष अपनी शिकायत रखी और पूरे मामले की जांच कराए जाने की मांग की।
पीड़ित पक्ष के बयान को ही आधार बनाकर यह आरोप सामने आया है। FT News Digital इस आरोप को स्वयं प्रमाणित तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं कर रहा है।
पुलिस का पक्ष भी महत्वपूर्ण
मामले में क्षेत्राधिकारी शोहरतगढ़ का पक्ष भी सामने आया है। पुलिस अधिकारी ने प्रकरण का संज्ञान लेते हुए जांच कराए जाने की बात कही है।
जांच में शिकायत, संबंधित पुलिसकर्मियों का पक्ष, उपलब्ध दस्तावेज और अन्य परिस्थितियों को देखा जाना महत्वपूर्ण होगा। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है।
सिर्फ आरोप के आधार पर निष्कर्ष नहीं
पुलिसकर्मियों पर लगाया गया 20 हजार रुपये मांगने का आरोप गंभीर है, लेकिन फिलहाल यह शिकायतकर्ता/पीड़ित पक्ष का आरोप है। किसी भी पुलिसकर्मी को दोषी ठहराने से पहले जांच पूरी होना जरूरी है।
इसी वजह से FT News Digital ने खबर में आरोप को आरोप के रूप में ही रखा है और पुलिस का पक्ष भी शामिल किया है।
अब जांच रिपोर्ट पर नजर
अब पूरे मामले में पुलिस जांच महत्वपूर्ण होगी। जांच के दौरान यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित नियमों के तहत कार्रवाई का रास्ता खुल सकता है। वहीं यदि आरोपों की पुष्टि नहीं होती है तो जांच के निष्कर्ष के आधार पर स्थिति स्पष्ट होगी।
फिलहाल इस मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही सामने आना है।
पुलिस व्यवस्था से जुड़ी किसी शिकायत को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए, लेकिन किसी आरोप को बिना जांच के अंतिम सत्य मानना भी उचित नहीं है। इस मामले में अच्छी बात यह है कि शिकायत सामने आने के बाद जांच की बात कही गई है।
अब जरूरत निष्पक्ष जांच की है, ताकि शिकायतकर्ता की बात और संबंधित पुलिसकर्मियों का पक्ष—दोनों सामने आ सकें और वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो।
यह समाचार पीड़ित पक्ष द्वारा लगाए गए आरोप और पुलिस अधिकारी की ओर से उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। FT News Digital के पास रिश्वत लेते या पैसे देते हुए कोई वीडियो उपलब्ध नहीं है और न ही ऐसे किसी वीडियो की पुष्टि की जा रही है। 20 हजार रुपये मांगने का आरोप जांच का विषय है। जांच पूरी होने से पहले किसी पुलिसकर्मी को दोषी नहीं माना जा रहा है। खबर का उद्देश्य किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाना नहीं, बल्कि शिकायत और पुलिस की जांच संबंधी जानकारी को संतुलित रूप से सामने रखना है।
