राष्ट्रीय सहकारिता सप्ताह के अंतर्गत नाबार्ड द्वारा जिला स्तरीय मत्स्य कार्यशाला का आयोजन
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कांग्रेस की बैठक संपन्न
सिद्धार्थनगर 08 जुलाई। आज जिला कांग्रेस कार्यालय पर जिला कांग्रेस कमेटी की मासिक बैठक जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष क़ाज़ी सुहेल अहमद की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक का संचालन जिला उपाध्यक्ष कृष्ण बहादुर सिंह ने किया।
बैठक को संबोधित करते हुए जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष क़ाज़ी सुहेल अहमद ने कहा कि कांग्रेस पार्टी देश के संविधान, लोकतंत्र और जनहित की रक्षा के लिए निरंतर संघर्ष कर रही है। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश और देश की जनता महंगाई, बेरोज़गारी, भ्रष्टाचार और किसानों की समस्याओं से त्रस्त है, जबकि सरकार जनहित के मुद्दों से पूरी तरह बेखबर है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस का प्रत्येक कार्यकर्ता जनता की आवाज़ बनकर अन्याय और जनविरोधी नीतियों के खिलाफ संघर्ष को और तेज़ करे। संगठन की मजबूती ही हमारी सबसे बड़ी शक्ति है। बूथ स्तर तक संगठन को सशक्त बनाकर आगामी कार्यक्रमों को सफल बनाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर जनसेवा और कांग्रेस की विचारधारा को घर-घर तक पहुँचाने का आह्वान किया।
बैठक में गंगेश्वर राय, डा• नादिर सलाम, सतीश चन्द्र त्रिपाठी, कृष्ण बहादुर सिंह, अनिल सिंह अन्नू, दीपक यदुवंशी, सादिक अहमद, अकील अहमद मुन्नू, हृषीकेश मिश्रा, राजन श्रीवास्तव, अश्विनी सिंह सोलंकी, रियाज़ मनिहार, आसिफ़ रिज़्वी, डॉ प्रमोद कुमार, गालिब बिसेन, सुदामा प्रसाद, कपिलदेव यादव, परमहंस मिश्रा, विक्की रिज़्वी, अशोक गुप्ता, ओमप्रकाश दूबे, मनोज श्रीवास्तव, पप्पू खान, होरी लाल श्रीवास्तव, संतोष चौधरी, ओमप्रकाश दूबे, जाकिर हुसैन, पवन पांडेय, अवध बिहारी, श्याम नारायन वैज्ञानिक, अखलाक अहमद, जुबैर खान, शौकत अली, रुखमीना साहनी सहित तमाम कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित थे।
क़ाज़ी सुहेल अहमद
जिला अध्यक्ष
जिला कांग्रेस कमेटी सिद्धार्थनगर
राष्ट्रीय सहकारिता सप्ताह के अंतर्गत नाबार्ड द्वारा जिला स्तरीय मत्स्य कार्यशाला का आयोजन
सिद्धार्थनगर। राष्ट्रीय सहकारिता सप्ताह (22 जून से 06 जुलाई 2026) के अंतर्गत राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड), सिद्धार्थनगर द्वारा विकास भवन स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर सभागार में जिला स्तरीय मत्स्य कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्य विकास अधिकारी श्री बलराम सिंह रहे।
मुख्य विकास अधिकारी श्री बलराम सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि मत्स्य पालन के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश पूरे देश में तीसरे स्थान पर है, जबकि प्रदेश में सिद्धार्थनगर जनपद दूसरे स्थान पर है, जो जिले के लिए गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि कृषि के साथ-साथ मत्स्य पालन, पशुपालन एवं उद्यानिकी जैसी गतिविधियों को बढ़ावा देकर किसानों की आय में सम्मानजनक वृद्धि की जा सकती है। उन्होंने मत्स्य पालकों से सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं डिजिटल प्लेटफॉर्म का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया। साथ ही बैंकों एवं विभागीय अधिकारियों से पात्र लाभार्थियों को समयबद्ध ऋण एवं योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने पर बल दिया। उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को भी मत्स्य पालन से जोड़कर उनकी आजीविका को सशक्त बनाया जाना चाहिए।
अग्रणी बैंक प्रबंधक श्री रवि कुमार सिन्हा ने कहा कि मत्स्य पालक अपने सभी आवश्यक दस्तावेज पूर्ण रखें, जिससे बैंकों द्वारा ऋण उपलब्ध कराने में किसी प्रकार की कठिनाई न हो। उन्होंने कहा कि बैंक ऋण एवं सरकारी अनुदान के माध्यम से मत्स्य पालन को बड़े स्तर पर विकसित किया जा सकता है।
कार्यक्रम में मत्स्य विभाग के अधिकारियों, विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधियों, उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक, कॉमन सर्विस सेंटर (CSC), मत्स्य उत्पादक संगठनों (एफपीओ) तथा जनपद के बड़ी संख्या में मत्स्य पालकों ने सहभागिता की। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय मत्स्य डिजिटल प्लेटफॉर्म (NFDP) के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा पोर्टल के माध्यम से किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) एवं अन्य वित्तीय सेवाओं तक मत्स्य पालकों की आसान पहुँच सुनिश्चित करना था।
इस अवसर पर नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक श्री हिमांशु त्रिपाठी ने कहा कि राष्ट्रीय मत्स्य डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से मत्स्य क्षेत्र में ऋण वितरण की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, सरल एवं प्रभावी बनेगी। उन्होंने सभी बैंक शाखाओं से मत्स्य किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) ऋण आवेदनों का शीघ्र निस्तारण करने तथा मत्स्य क्षेत्र में संस्थागत वित्त को बढ़ावा देने का आग्रह किया। उन्होंने नाबार्ड के PODF समर्थित मत्स्य एफपीओ की प्रगति की समीक्षा करते हुए सभी संबंधित विभागों एवं हितधारकों के समन्वित प्रयासों की आवश्यकता पर भी बल दिया।
मत्स्य निरीक्षक श्री राहुल कुमार ने मत्स्य बीमा योजना की प्रक्रिया एवं उसके लाभों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने मत्स्य विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं से प्रतिभागियों को अवगत कराया तथा अधिक से अधिक मत्स्य पालकों से इन योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की।
कार्यशाला के दौरान कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के माध्यम से प्रतिभागियों का राष्ट्रीय मत्स्य डिजिटल प्लेटफॉर्म (NFDP) पर पंजीकरण भी कराया गया।
कार्यक्रम का संचालन गौतम बुद्ध जागृति समिति के सचिव श्रीधर पाण्डेय ने किया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में सुनील कुमार, ममता, सुधा, संजना, अनीता, राम बहल एवं मुहम्मद मुस्लिम सहित अन्य सहयोगियों का उल्लेखनीय योगदान रहा।
सिद्धार्थनगर मेडिकल कॉलेज में एसोसिएट प्रोफेसर की पीएचडी डिग्री पर उठे सवाल, शासन से जांच की मांग
विभागाध्यक्ष की शिकायत में नियुक्ति से जुड़े दस्तावेजों की जांच की मांग, शासन स्तर पर कार्रवाई का इंतजार
सिद्धार्थनगर स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज में कार्यरत एक एसोसिएट प्रोफेसर की शैक्षणिक योग्यता को लेकर विवाद सामने आया है। मेडिकल कॉलेज के एक विभागाध्यक्ष ने शासन को शिकायत भेजकर आरोप लगाया है कि संबंधित शिक्षक की पीएचडी डिग्री और सेवा अवधि के बीच गंभीर विसंगतियां हैं। फिलहाल मामले की सत्यता की पुष्टि सक्षम जांच के बाद ही हो सकेगी।
शिकायत में प्रमुख बिंदु
एसोसिएट प्रोफेसर की पीएचडी डिग्री पर सवाल।
पूर्णकालिक नौकरी के दौरान पीएचडी करने का आरोप।
प्रमुख सचिव, चिकित्सा शिक्षा को भेजी गई शिकायत।
शासन स्तर पर जांच की मांग।
स्थान : राजकीय मेडिकल कॉलेज, सिद्धार्थनगर
मामला : पीएचडी डिग्री एवं नियुक्ति प्रक्रिया पर उठे सवाल
शिकायतकर्ता : विभागाध्यक्ष (कम्युनिटी मेडिसिन)
शिकायत भेजी गई : प्रमुख सचिव, चिकित्सा शिक्षा, उत्तर प्रदेश
स्थिति : मामले की जांच अथवा शासन की आधिकारिक कार्रवाई की प्रतीक्षा
विस्तृत समाचार
सिद्धार्थनगर। राजकीय मेडिकल कॉलेज सिद्धार्थनगर में कार्यरत एक एसोसिएट प्रोफेसर की पीएचडी डिग्री को लेकर नया विवाद सामने आया है। मेडिकल कॉलेज के कम्युनिटी मेडिसिन विभागाध्यक्ष द्वारा प्रमुख सचिव, चिकित्सा शिक्षा को भेजी गई शिकायत में संबंधित शिक्षक की शैक्षणिक योग्यता एवं नियुक्ति प्रक्रिया की जांच कराने की मांग की गई है।
शिकायत में दावा किया गया है कि संबंधित एसोसिएट प्रोफेसर वर्ष 2013 से 2021 तक राजकीय मेडिकल कॉलेज जालौन में पूर्णकालिक संविदा सेवा में कार्यरत थे। वहीं, इसी अवधि के दौरान वर्ष 2018 से 2021 के बीच उन्होंने इंदौर स्थित एक निजी विश्वविद्यालय से एनाटॉमी विषय में पीएचडी की उपाधि प्राप्त की।
शिकायतकर्ता का कहना है कि यदि पीएचडी के लिए विश्वविद्यालय की निर्धारित उपस्थिति एवं अन्य शैक्षणिक मानकों का पालन नहीं किया गया है, तो इसकी निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। शिकायत में नियुक्ति के समय प्रस्तुत अभिलेखों की भी जांच की मांग की गई है।
मामले में यह भी उल्लेख किया गया है कि संबंधित विश्वविद्यालय का नाम पूर्व में भी जांच एजेंसियों की कार्रवाई के दौरान चर्चा में रहा है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह कहना उचित नहीं होगा कि संबंधित शिक्षक की डिग्री किसी अनियमितता का हिस्सा है। इसका निर्णय केवल सक्षम जांच एजेंसी अथवा शासन की जांच रिपोर्ट के आधार पर ही संभव होगा।
फिलहाल शासन अथवा मेडिकल कॉलेज प्रशासन की ओर से इस शिकायत पर कोई सार्वजनिक आधिकारिक निष्कर्ष जारी नहीं किया गया है। वहीं, संबंधित एसोसिएट प्रोफेसर का पक्ष भी समाचार लिखे जाने तक उपलब्ध नहीं हो सका। उनका पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि शासन शिकायत की जांच कराता है या नहीं तथा जांच के बाद क्या तथ्य सामने आते हैं।
सारांश
सिद्धार्थनगर मेडिकल कॉलेज में कार्यरत एक एसोसिएट प्रोफेसर की पीएचडी डिग्री और सेवा अवधि को लेकर विभागाध्यक्ष ने शासन से जांच की मांग की है। फिलहाल मामला शिकायत के स्तर पर है। आरोपों की पुष्टि किसी सक्षम जांच अथवा न्यायिक प्रक्रिया से नहीं हुई है और संबंधित शिक्षक का पक्ष भी अभी सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आया है।
संपादकीय सुझाव (कानूनी सुरक्षा): इस खबर के साथ “आरोप”, “शिकायत के अनुसार”, “दावा किया गया है”, “जांच लंबित है” और “संबंधित पक्ष का पक्ष प्राप्त होने पर प्रकाशित किया जाएगा” जैसे वाक्यों का उपयोग अवश्य रखें। इससे रिपोर्ट संतुलित रहेगी और मानहानि संबंधी कानूनी जोखिम कम होगा।
सिद्धार्थनगर: नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में वांछित आरोपी 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार, न्यायालय भेजा गया
📰 हेडिंग:
सिद्धार्थनगर के त्रिलोकपुर थाना क्षेत्र में नाबालिग से कथित दुष्कर्म के मामले में दर्ज मुकदमे के वांछित आरोपी को पुलिस ने घटना दर्ज होने के 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर न्यायालय भेज दिया। पुलिस के अनुसार आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 65(2) तथा पॉक्सो अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज है। मामले की आगे की विवेचना नियमानुसार जारी है।
24 घंटे के भीतर कार्रवाई, डोमसरा मोड़ से गिरफ्तारी
त्रिलोकपुर पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर आरोपी को डोमसरा मोड़ से गिरफ्तार कर आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी करते हुए न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया।
जनपद: सिद्धार्थनगर
थाना: त्रिलोकपुर
गिरफ्तारी की तिथि: 10 जुलाई 2026
आरोप: नाबालिग से कथित दुष्कर्म
धाराएं: बीएनएस धारा 65(2) एवं पॉक्सो अधिनियम की धारा 5/6
गिरफ्तार आरोपी: राजेश कुमार, निवासी ग्राम डोमसरा, थाना त्रिलोकपुर, जनपद सिद्धार्थनगर
स्थिति: न्यायालय भेजा गया, विवेचना जारी
विस्तृत समाचार
सिद्धार्थनगर। जनपद में महिलाओं और बच्चों से जुड़े अपराधों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत त्रिलोकपुर पुलिस ने नाबालिग से कथित दुष्कर्म के मामले में वांछित आरोपी को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर न्यायालय भेज दिया।
पुलिस द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार थाना त्रिलोकपुर पर दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 126/2026 में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 65(2) तथा पॉक्सो अधिनियम की धारा 5/6 के तहत मामला पंजीकृत किया गया था। इसी मामले में वांछित आरोपी राजेश कुमार पुत्र प्रहलाद, निवासी ग्राम डोमसरा, थाना त्रिलोकपुर को 10 जुलाई 2026 को डोमसरा मोड़ से गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक कुमार महाजन के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक प्रशान्त कुमार प्रसाद तथा क्षेत्राधिकारी डुमरियागंज बृजेश कुमार वर्मा के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक हरे कृष्ण उपाध्याय के नेतृत्व में गठित टीम ने की।
गिरफ्तारी करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक हरे कृष्ण उपाध्याय, हेड कांस्टेबल सरोज कुमार यादव, कांस्टेबल विशाल बौद्ध तथा कांस्टेबल कृष्ण कुमार शामिल रहे।
पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी कर उसे माननीय न्यायालय में प्रस्तुत कर दिया है। मामले की विवेचना प्रचलित है। न्यायालय में आरोप सिद्ध होने तक आरोपी को कानून की दृष्टि में दोषी नहीं माना जाता।
सारांश
त्रिलोकपुर थाना क्षेत्र में नाबालिग से कथित दुष्कर्म के मामले में दर्ज मुकदमे के वांछित आरोपी को पुलिस ने 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर न्यायालय भेज दिया। पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना जारी है और आगे की कार्रवाई विधि के अनुसार की जाएगी।
लोटन ब्लॉक में पंचायत सचिव से कथित मारपीट, दो नामजद के खिलाफ मुकदमा दर्ज
हेडिंग
लोटन ब्लॉक में पंचायत सचिव से कथित मारपीट, दो नामजद के खिलाफ मुकदमा दर्ज
गाली-गलौज, जान से मारने की धमकी व जातिसूचक शब्द कहने का आरोप; पुलिस ने शुरू की जांच
स्थान: लोटन, सिद्धार्थनगर
दिनांक: 10 जुलाई 2026
मुख्य बिंदु:
पंचायत सचिव की तहरीर पर दो लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज।
ब्लॉक सभागार में विभागीय कार्य के दौरान हुआ कथित विवाद।
मारपीट, धमकी और जातिसूचक शब्दों के प्रयोग का आरोप।
पुलिस ने निष्पक्ष जांच के बाद विधिक कार्रवाई का दिया भरोसा।
रिपोर्ट : FT NEWS DIGITAL ब्यूरो
सिद्धार्थनगर जिले के लोटन विकास खंड सभागार में तैनात एक पंचायत सचिव के साथ कथित मारपीट, अभद्रता, जान से मारने की धमकी और जातिसूचक शब्दों के प्रयोग का मामला सामने आया है। पीड़ित की तहरीर पर लोटन थाना पुलिस ने दो नामजद आरोपियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष विवेचना कर साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पूरी खबर
सिद्धार्थनगर। जनपद के लोटन विकास खंड में तैनात पंचायत सचिव के साथ कथित मारपीट का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। ब्लॉक सभागार में विभागीय कार्य के दौरान हुए विवाद के बाद पीड़ित पंचायत सचिव ने पुलिस को तहरीर देकर दो व्यक्तियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।
तहरीर के अनुसार पंचायत सचिव रविंद्र कुमार जाटव गुरुवार को लोटन ब्लॉक सभागार में बैठकर विभागीय कार्यों का निस्तारण कर रहे थे। इसी दौरान पीयूष सिंह और गुड्डू यादव नामक दो व्यक्ति सभागार में पहुंचे। आरोप है कि दोनों ने बिना किसी कारण गाली-गलौज शुरू कर दी। जब पंचायत सचिव ने इसका विरोध किया तो कथित रूप से उनके साथ मारपीट की गई तथा जान से मारने की धमकी दी गई।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि विवाद के दौरान आरोपियों द्वारा जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए अपमानित किया गया। घटना के बाद सचिव ने पुलिस से सुरक्षा तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की।
तहरीर प्राप्त होने के बाद लोटन थाना पुलिस ने संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर मामले की विवेचना प्रारंभ कर दी है। पुलिस घटनास्थल से जुड़े तथ्यों, उपलब्ध साक्ष्यों तथा संबंधित व्यक्तियों के बयान दर्ज कर पूरे प्रकरण की जांच कर रही है।
इस संबंध में थाना प्रभारी लोटन हरिओम कुशवाहा ने बताया कि पीड़ित की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके अनुरूप विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
घटना के बाद ब्लॉक परिसर में कुछ समय के लिए चर्चा का माहौल बना रहा। हालांकि प्रशासनिक कार्य सामान्य रूप से जारी रहे। पुलिस का कहना है कि किसी भी पक्ष के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा और जांच पूरी तरह साक्ष्यों एवं कानून के आधार पर की जाएगी।
सारांश
लोटन ब्लॉक सभागार में पंचायत सचिव के साथ कथित मारपीट, गाली-गलौज, धमकी और जातिसूचक टिप्पणी के आरोप में दो व्यक्तियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामला जांचाधीन है और अंतिम कार्रवाई विवेचना में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर की जाएगी।
कानूनी अस्वीकरण: यह समाचार पुलिस में दर्ज तहरीर एवं प्राथमिकी के आधार पर तैयार किया गया है। समाचार में वर्णित आरोप शिकायतकर्ता के हैं। आरोपों की पुष्टि जांच एवं न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही मानी जाएगी।
IGRS पहुंची मनरेगा भुगतान की शिकायत, ग्रामीण ने डीएम से लगाई न्याय की गुहार
मनरेगा भुगतान और पंचायत कार्यप्रणाली को लेकर डीएम से शिकायत, IGRS पोर्टल पर भी दर्ज कराई गई शिकायत
स्थान- ग्राम पंचायत मनोहरी, विकास खंड नौगढ़, जनपद सिद्धार्थनगर
• जिलाधिकारी को सौंपा गया शिकायत पत्र।
• जनसुनवाई (IGRS) पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज।
• मनरेगा भुगतान एवं पंचायत कार्यप्रणाली पर लगाए गए आरोप।
• शिकायतकर्ता का दावा- पहले भी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किया था।
• निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग।
सारांश
सिद्धार्थनगर के नौगढ़ विकास खंड अंतर्गत ग्राम पंचायत मनोहरी के एक ग्रामीण ने मनरेगा भुगतान और पंचायत कार्यप्रणाली में कथित अनियमितताओं की शिकायत जिलाधिकारी से की है। शिकायतकर्ता ने जनसुनवाई (IGRS) पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराते हुए निष्पक्ष जांच और आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।
खबर
सिद्धार्थनगर। जनपद के विकास खंड नौगढ़ अंतर्गत ग्राम पंचायत मनोहरी निवासी जितेन्द्र पाण्डेय ने जिलाधिकारी सिद्धार्थनगर को शिकायती पत्र सौंपकर मनरेगा कार्यों, भुगतान प्रक्रिया तथा पंचायत कार्यप्रणाली में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
शिकायतकर्ता के अनुसार उन्होंने इस संबंध में उत्तर प्रदेश जनसुनवाई (IGRS) पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत पत्र में मनरेगा कार्यों के संचालन, मजदूरों की उपस्थिति, भुगतान प्रक्रिया तथा पंचायत स्तर की कार्यप्रणाली से जुड़े विभिन्न बिंदुओं का उल्लेख किया गया है।
शिकायतकर्ता का यह भी दावा है कि उन्होंने इस मामले से संबंधित एक वीडियो पहले सोशल मीडिया पर साझा किया था। उनका कहना है कि वीडियो वायरल होने के बाद भी अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई, जिसके बाद उन्होंने पुनः जिलाधिकारी को लिखित शिकायत देकर निष्पक्ष जांच की मांग की है।
समाचार लिखे जाने तक जिला प्रशासन अथवा संबंधित विभाग की ओर से शिकायत में लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई थी। संबंधित अधिकारियों अथवा अन्य पक्ष का बयान भी प्राप्त नहीं हो सका था।
एफटी न्यूज़ डिजिटल स्पष्ट करता है कि इस समाचार में प्रकाशित सभी आरोप शिकायतकर्ता द्वारा दिए गए शिकायती पत्र एवं जनसुनवाई (IGRS) पोर्टल पर दर्ज शिकायत पर आधारित हैं। चैनल इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे तथा संबंधित पक्ष का बयान प्राप्त होगा, उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
सार्वजनिक इंटरलॉकिंग मार्ग पर अवरोध का आरोप, प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग
सार्वजनिक इंटरलॉकिंग मार्ग पर अवरोध की शिकायत, ग्रामीण ने पुलिस से निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग
स्थान: ग्राम पंचायत चौरासी, विकास खंड उसका बाजार, जनपद सिद्धार्थनगर
थाना: जोगिया उदयपुर
शिकायतकर्ता: देवेन्द्र कुमार शुक्ल
मामला: सार्वजनिक इंटरलॉकिंग मार्ग पर अवरोध लगाए जाने की शिकायत
क्या है मामला?
शिकायतकर्ता ने थाना जोगिया उदयपुर में लिखित प्रार्थना पत्र दिया।
सार्वजनिक इंटरलॉकिंग मार्ग पर गोबर, खाद एवं अन्य सामग्री रखकर रास्ता बाधित करने का आरोप लगाया।
शिकायत में कहा गया कि इससे ग्रामीणों के आवागमन में परेशानी और गंदगी की समस्या उत्पन्न हो रही है।
पुलिस से निष्पक्ष जांच कर नियमानुसार कार्रवाई और मार्ग खाली कराने की मांग की गई।
नोट: यह समाचार शिकायतकर्ता द्वारा दिए गए प्रार्थना पत्र पर आधारित है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित पक्ष का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
सारांश
सिद्धार्थनगर जिले के उसका बाजार विकास खंड स्थित ग्राम पंचायत चौरासी में सार्वजनिक इंटरलॉकिंग मार्ग पर अवरोध लगाए जाने की शिकायत सामने आई है। ग्रामीण देवेन्द्र कुमार शुक्ल ने थाना जोगिया उदयपुर में तहरीर देकर आरोप लगाया है कि मार्ग पर गोबर एवं अन्य सामग्री रखे जाने से लोगों का आवागमन प्रभावित हो रहा है। शिकायतकर्ता ने पुलिस से मामले की जांच कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई करने की मांग की है।
सार्वजनिक इंटरलॉकिंग मार्ग पर अवरोध की शिकायत, पुलिस से जांच की मांग
सिद्धार्थनगर। जनपद के विकास खंड उसका बाजार अंतर्गत ग्राम पंचायत चौरासी निवासी देवेन्द्र कुमार शुक्ल ने थाना जोगिया उदयपुर में एक लिखित प्रार्थना पत्र देकर सार्वजनिक इंटरलॉकिंग मार्ग पर अवरोध लगाए जाने की शिकायत दर्ज कराई है।
शिकायतकर्ता के अनुसार, उनके घर के निकट स्थित सार्वजनिक इंटरलॉकिंग मार्ग पर गांव के कुछ लोगों द्वारा गोबर, खाद एवं अन्य सामग्री रखे जाने से ग्रामीणों के आवागमन में कठिनाई हो रही है। उन्होंने यह भी कहा है कि इससे आसपास गंदगी फैलने की समस्या उत्पन्न हो रही है।
प्रार्थना पत्र में पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई करने तथा यदि जांच में शिकायत सही पाई जाती है तो सार्वजनिक मार्ग से अवरोध हटवाने की मांग की गई है।
समाचार लिखे जाने तक पुलिस की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान या कार्रवाई की पुष्टि नहीं हुई थी। संबंधित पक्ष का पक्ष भी प्राप्त नहीं हो सका है।
एफटी न्यूज़ डिजिटल इस शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता। यह समाचार उपलब्ध लिखित शिकायत के आधार पर प्रकाशित किया गया है। मामले में पुलिस जांच तथा संबंधित पक्ष का बयान प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा। इससे समाचार संतुलित एवं कानूनी रूप से सुरक्षित बना रहता है।
जनसुनवाई में उठीं 15 समस्याएं, पालिका अध्यक्ष ने दिए त्वरित निस्तारण के निर्देश Inset
स्ट्रीट लाइट, पेयजल, नाली व सड़क मरम्मत की शिकायतों पर प्राथमिकता से कार्रवाई के आदेश
लखीमपुर-खीरी। नगर पालिका परिषद में बुधवार को आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई में पालिका अध्यक्ष डॉ. इरा श्रीवास्तव ने नगरवासियों की समस्याएं सुनीं। जनसुनवाई के दौरान कुल 15 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें स्ट्रीट लाइट, पेयजल पाइपलाइन लीकेज, नाली की सफाई तथा सड़क मरम्मत से जुड़े मामले प्रमुख रहे। अध्यक्ष ने संबंधित अधिकारियों को सभी मामलों का शीघ्र, गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मोहम्मद असलम
लखीमपुर-खीरी।
नगर पालिका परिषद में आयोजित जनसुनवाई के दौरान पालिका अध्यक्ष डॉ. इरा श्रीवास्तव ने नागरिकों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और प्रत्येक शिकायत पर संबंधित विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
जनसुनवाई में स्ट्रीट लाइट खराब होने, पेयजल पाइपलाइन लीकेज, नालियों की सफाई, सड़क मरम्मत सहित विभिन्न जनसुविधाओं से जुड़ी कुल 15 शिकायतें दर्ज की गईं। पालिका अध्यक्ष ने स्पष्ट कहा कि जनसमस्याओं के समाधान में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा सभी शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने नगरवासियों से अपील की कि यदि किसी प्रकार की नागरिक समस्या हो तो सोशल मीडिया अथवा मोबाइल के माध्यम से शिकायत भेजने के बजाय प्रत्येक बुधवार सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे के बीच नगर पालिका परिषद कार्यालय पहुंचकर अपनी शिकायत दर्ज कराएं। इससे शिकायतों का समयबद्ध, पारदर्शी और प्रभावी निस्तारण किया जा सकेगा।
पालिका प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने और समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए जनसुनवाई की व्यवस्था निरंतर जारी रहेगी।
जनसुनवाई की मुख्य बातें
कुल 15 शिकायतें दर्ज।
स्ट्रीट लाइट, पेयजल, नाली और सड़क से जुड़े मामले प्रमुख।
अधिकारियों को त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश।
लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी।
प्रत्येक बुधवार सुबह 11:00 से 1:00 बजे तक नगर पालिका कार्यालय में जनसुनवाई।
नागरिकों से सीधे कार्यालय में शिकायत दर्ज कराने की अपील।
सिद्धार्थ चौक पर एक सप्ताह से बह रहा हजारों लीटर पानी, जिम्मेदार बेखबर
भीषण गर्मी में पानी की बर्बादी पर उठे सवाल
उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जनपद मुख्यालय स्थित सिद्धार्थ चौक पर लगे एक निजी क्षेत्र के वाटर एटीएम से पिछले लगभग एक सप्ताह से लगातार पानी बहने का मामला सामने आया है। भीषण गर्मी और कई क्षेत्रों में पेयजल संकट के बीच हजारों लीटर पानी की बर्बादी स्थानीय लोगों के लिए चिंता का विषय बन गई है।
सारांश
स्थानीय लोगों का कहना है कि सिद्धार्थ चौक पर आमजन की सुविधा के लिए स्थापित इस वाटर एटीएम की लंबे समय से उचित देखभाल नहीं होने के कारण इसकी स्थिति खराब हो गई है। आरोप है कि मशीन से लगातार पानी बह रहा है, लेकिन अब तक संबंधित संस्था या जिम्मेदार विभाग की ओर से स्थायी समाधान नहीं किया गया।
एक ओर जहां लोग पेयजल की किल्लत से जूझ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सार्वजनिक स्थान पर लगातार पानी का बहना संसाधनों की बर्बादी और रखरखाव व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है। स्थानीय नागरिकों ने संबंधित संस्था और नगर पालिका से जल्द मरम्मत कराकर पानी की बर्बादी रोकने की मांग की है।
(नोट: यह खबर स्थानीय लोगों द्वारा बताए गए तथ्यों पर आधारित है। संबंधित संस्था या नगर पालिका का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।)
सिद्धार्थनगर में विकास और हरियाली का संकल्प: मत्स्य पालन को मिली नई रफ्तार, ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान से गूंजा जनपद
सिद्धार्थनगर, 06 जुलाई 2026। जनपद सिद्धार्थनगर में सोमवार को विकास, रोजगार और पर्यावरण संरक्षण को समर्पित दो महत्वपूर्ण कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। एक ओर नाबार्ड द्वारा राष्ट्रीय सहकारिता सप्ताह के अंतर्गत जिला स्तरीय मत्स्य कार्यशाला आयोजित कर मत्स्य पालकों को डिजिटल सुविधाओं, ऋण एवं सरकारी योजनाओं से जोड़ने की पहल की गई, वहीं दूसरी ओर वन महोत्सव-2026 के तहत “पेड़ लगाओ, पेड़ बचाओ” और “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के माध्यम से व्यापक वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया।
विकास भवन स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर सभागार में आयोजित जिला स्तरीय मत्स्य कार्यशाला के मुख्य अतिथि मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश मत्स्य उत्पादन में देश में तीसरे स्थान पर है, जबकि सिद्धार्थनगर प्रदेश में दूसरे स्थान पर अपनी मजबूत पहचान बना चुका है। उन्होंने किसानों से कृषि के साथ मत्स्य पालन, पशुपालन और उद्यानिकी को अपनाकर आय बढ़ाने का आह्वान किया तथा स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को भी मत्स्य पालन से जोड़ने पर जोर दिया।
कार्यशाला में अग्रणी बैंक प्रबंधक रवि कुमार सिन्हा ने मत्स्य पालकों से आवश्यक दस्तावेज पूर्ण रखने की अपील करते हुए कहा कि बैंक ऋण और सरकारी अनुदान से मत्स्य व्यवसाय को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है। नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक हिमांशु त्रिपाठी ने राष्ट्रीय मत्स्य डिजिटल प्लेटफॉर्म (NFDP) को मत्स्य क्षेत्र में पारदर्शी और आसान वित्तीय व्यवस्था का माध्यम बताते हुए बैंक शाखाओं से केसीसी ऋण आवेदनों के शीघ्र निस्तारण का आग्रह किया। वहीं मत्स्य निरीक्षक राहुल कुमार ने मत्स्य बीमा योजना सहित विभागीय योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। कार्यशाला के दौरान CSC के माध्यम से प्रतिभागियों का NFDP पोर्टल पर पंजीकरण भी कराया गया।
इसी दिन शोहरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र के श्री लाल बहादुर शास्त्री उच्च माध्यमिक विद्यालय, रमवापुर तिवारी में वन विभाग द्वारा आयोजित वृक्षारोपण महायज्ञ-2026 एवं “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत पौधारोपण एवं जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि ने पौधारोपण कर लोगों से अधिक से अधिक पेड़ लगाने और उनकी देखभाल करने का आह्वान किया।
वन विभाग ने बताया कि 1 से 7 जुलाई तक चल रहे वन महोत्सव के अंतर्गत पूरे जिले में जन-जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। साथ ही प्रत्येक विकास खंड में “आम बहार आपके द्वार” अभियान के तहत आम के पौधों का वितरण भी किया जा रहा है।
जनपद सिद्धार्थनगर में वृक्षारोपण महायज्ञ-2026 के तहत 45,65,400 पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए वन विभाग की 28 पौधशालाओं में सागौन, शीशम, आम, जामुन, अर्जुन, सहजन, पीपल, बरगद, कदंब, आंवला और इमली सहित विभिन्न प्रजातियों के 67.13 लाख पौधे तैयार किए गए हैं। कार्यक्रम में प्रभागीय निदेशक एवं जिला वन अधिकारी सुश्री नीला एम. जी., एसडीओ सुश्री वीना तिवारी, रेंजर राजेश कुमार कुशवाहा सहित वन विभाग की पूरी टीम मौजूद रही।
दोनों कार्यक्रमों ने यह संदेश दिया कि आर्थिक समृद्धि के लिए आधुनिक मत्स्य पालन और आने वाली पीढ़ियों के लिए हरित पर्यावरण—दोनों ही सिद्धार्थनगर के सतत विकास की मजबूत नींव हैं।
मिट्टी देने जा रहे दो युवकों की सड़क हादसे में दर्दनाक मौत, दो मासूमों के सिर से उठा पिता का साया
मिट्टी देने जा रहे दो युवकों की सड़क हादसे में दर्दनाक मौत, दो मासूमों के सिर से उठा पिता का साया
बस्ती। सोमवार सुबह बस्ती-सिद्धार्थनगर मार्ग पर डिड़ई चौराहे के पास हुए भीषण सड़क हादसे ने दो परिवारों की खुशियां पल भर में उजाड़ दीं। सिद्धार्थनगर जनपद के दो युवक, जो एक शोकसभा में मिट्टी देने के लिए बस्ती जा रहे थे, रास्ते में दुर्घटना का शिकार हो गए। हादसे में दोनों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने मामले में जांच शुरू कर दी है।
दर्दनाक हादसे ने उजाड़े दो परिवार
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह करीब 6:30 बजे डिड़ई चौराहे पर दो मोटरसाइकिलों की टक्कर हो गई। हादसे में आरिफ (30 वर्ष) पुत्र अतिकुर रहमान तथा जीशान (16 वर्ष) पुत्र अब्दुल करीम, निवासी ग्राम जिगनिवा, थाना मिश्रौलिया, जनपद सिद्धार्थनगर, गंभीर रूप से घायल हो गए।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घायलों को तत्काल सीएचसी रुधौली पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने आरिफ और जीशान को मृत घोषित कर दिया। दुर्घटना में घायल तीसरे व्यक्ति को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल बस्ती रेफर किया गया है।
शोक में जा रहे थे, रास्ते में खुद मातम बन गया सफर
परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, आरिफ और जीशान एक ही मोटरसाइकिल पर सवार होकर बस्ती जनपद के ग्राम दोपहर में एक परिचित के अंतिम संस्कार में मिट्टी देने जा रहे थे। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। मंजिल तक पहुंचने से पहले ही डिड़ई चौराहे पर हुई भीषण टक्कर ने दोनों की जिंदगी छीन ली।
दो मासूमों के सिर से उठ गया पिता का साया
मृतक आरिफ अपने पीछे एक पुत्र और एक पुत्री छोड़ गए हैं। हादसे के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में भी शोक की लहर दौड़ गई है।
पुलिस कर रही है जांच
पुलिस के अनुसार, दुर्घटना की सूचना मिलते ही राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। मृतकों के शवों का पंचायतनामा भरकर पोस्टमार्टम की कार्रवाई कराई जा रही है। दुर्घटना के कारणों की जांच जारी है तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।
संक्षेप में
स्थान: डिड़ई चौराहा, बस्ती
समय: सोमवार सुबह लगभग 6:30 बजे
मृतक: आरिफ (30), जीशान (16), निवासी ग्राम जिगनिवा, थाना मिश्रौलिया, सिद्धार्थनगर
घायल: 1 व्यक्ति, जिला अस्पताल बस्ती रेफर
विशेष: दोनों युवक मिट्टी देने जा रहे थे, रास्ते में हादसे का शिकार हुए
पुलिस: जांच एवं अग्रिम विधिक कार्रवाई जारी
संपादकीय टिप्पणी: इस समाचार में पारिवारिक जानकारी परिजनों से प्राप्त प्रारंभिक सूचना के आधार पर शामिल की गई है। दुर्घटना के कारणों एवं अन्य तथ्यों की पुष्टि पुलिस जांच और आधिकारिक अभिलेखों के अनुसार की जाएगी।
10 जुलाई को सिद्धार्थनगर में होगा मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह, करीब 500 जोड़े होंगे शामिल
4 जुलाई तक प्राप्त ऑनलाइन आवेदनों को किया गया शामिल, पात्र जोड़ों से समय पर पहुंचने की अपील
सिद्धार्थनगर। समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत 10 जुलाई 2026 (शुक्रवार) को जनपद मुख्यालय स्थित बीएसए ग्राउंड (जिला जेल के सामने), नौगढ़ में सामूहिक विवाह समारोह आयोजित किया जाएगा। जिला समाज कल्याण विभाग के अनुसार इस कार्यक्रम में लगभग 500 जोड़ों के विवाह संपन्न कराने की तैयारी की गई है।
जिला समाज कल्याण अधिकारी की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार 4 जुलाई 2026 तक ऑनलाइन प्राप्त सभी पात्र आवेदनों को इस कार्यक्रम में शामिल किया गया है। ऐसे सभी चयनित जोड़ों से अपील की गई है कि वे निर्धारित तिथि 10 जुलाई को समय से कार्यक्रम स्थल पर पहुंचकर विवाह समारोह में शामिल हों।
विभाग ने बताया कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर एवं पात्र परिवारों के विवाह योग्य युवक-युवतियों का विवाह गरिमापूर्ण वातावरण में कराना है। कार्यक्रम को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
विभाग ने अधिक जानकारी के लिए जिला समाज कल्याण अधिकारी के मोबाइल नंबर 9415168321 तथा पटल सहायक के मोबाइल नंबर 9918904022 पर संपर्क करने की सुविधा भी उपलब्ध कराई है।
प्रशासन ने सभी पात्र लाभार्थियों से अपील की है कि वे निर्धारित तिथि, समय और स्थान पर आवश्यक दस्तावेजों के साथ उपस्थित होकर कार्यक्रम का लाभ उठाएं।
भारत-नेपाल सीमा पर 33 बोतल अंग्रेजी शराब बरामद, नेपाल निवासी तस्करी के आरोप में पकड़ा गया
सिद्धार्थनगर। भारत-नेपाल सीमा पर अवैध तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत 43वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) ने ककरहवा चेक पोस्ट पर बड़ी कार्रवाई की है। एसएसबी, कस्टम विभाग और उत्तर प्रदेश पुलिस की संयुक्त चेकिंग के दौरान एक नेपाली नागरिक के कब्जे से 33 बोतल अंग्रेजी शराब बरामद की गई। बरामद शराब और आरोपी को अग्रिम विधिक कार्रवाई के लिए मोहाना पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया।
चेकिंग में ऐसे खुला तस्करी का राज
भारत से नेपाल जा रही बस की हुई जांच।
संदिग्ध के बैग से पहले 9 बोतल अंग्रेजी शराब मिली।
पूछताछ में बस के अंदर रखा एक कार्टन भी बरामद।
कार्टन से 24 और बोतलें मिलने पर कुल 33 बोतल शराब जब्त।
आरोपी को मौके पर हिरासत में लिया गया।
स्थान: ककरहवा चेक पोस्ट, सिद्धार्थनगर
बरामदगी: 33 बोतल अंग्रेजी शराब
ब्रांड: Aristocrat Premium Whisky
आरोपी: नेपाल निवासी 41 वर्षीय व्यक्ति
कार्रवाई: शराब जब्त, आरोपी मोहाना पुलिस को सुपुर्द
भारत-नेपाल सीमा पर तस्करी रोकने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत 43वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल ने ककरहवा चेक पोस्ट पर कस्टम विभाग और उत्तर प्रदेश पुलिस के साथ संयुक्त चेकिंग अभियान चलाया। इसी दौरान भारत से नेपाल जा रही एक बस की गहन तलाशी ली गई।
तलाशी के दौरान एक यात्री के बैग से नौ बोतल अंग्रेजी शराब बरामद हुई। पूछताछ में उसने बस के अंदर एक अन्य कार्टन रखे होने की जानकारी दी। इसके बाद बस की दोबारा तलाशी लेने पर एक कार्टन से 24 और बोतलें बरामद हुईं। इस तरह कुल 33 बोतल अंग्रेजी शराब जब्त की गई।
प्रारंभिक पूछताछ में पकड़े गए व्यक्ति ने स्वयं को नेपाल का निवासी बताया। बरामद शराब पर “For Sale in Delhi Only” अंकित पाया गया। इसके बाद एसएसबी ने पूरी खेप को जब्त करते हुए आरोपी को आवश्यक विधिक कार्रवाई के लिए थाना मोहाना पुलिस के हवाले कर दिया।
एसएसबी के अनुसार भारत-नेपाल सीमा पर अवैध तस्करी, नशीले पदार्थों, अवैध मुद्रा, मानव तस्करी और अन्य अपराधों की रोकथाम के लिए लगातार संयुक्त अभियान चलाए जा रहे हैं। सीमा पर निगरानी और सघन चेकिंग आगे भी जारी रहेगी।
नोट: यह समाचार एसएसबी द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित है। मामले में आगे की जांच और विधिक कार्रवाई संबंधित एजेंसियों द्वारा की जा रही है।
समाचार सारांश
ककरहवा चेक पोस्ट पर एसएसबी, कस्टम विभाग और उत्तर प्रदेश पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में भारत से नेपाल ले जाई जा रही 33 बोतल अंग्रेजी शराब बरामद की गई। एक नेपाली नागरिक को हिरासत में लेकर शराब और आरोपी को अग्रिम कार्रवाई के लिए मोहाना पुलिस के सुपुर्द किया गया।
पीछे से आई मौत! तेज रफ्तार चारपहिया की टक्कर से युवक की दर्दनाक मौत, दोस्त जिंदगी की जंग लड़ रहा
सिद्धार्थनगर: तेज रफ्तार चारपहिया वाहन की टक्कर से बाइक सवार युवक की मौत, दूसरा गंभीर घायल; बर्डपुर ब्लॉक के पास दर्दनाक हादसे से पसरा मातम
स्थान: बर्डपुर ब्लॉक के समीप, एनएच-28 मार्ग, थाना मोहाना की शुद्धोधन चौकी क्षेत्र, जनपद सिद्धार्थनगर
समय: शनिवार, लगभग दोपहर 1:30 बजे
मृतक: तौफीक अहमद (22), पुत्र हमीदुल्लाह, निवासी भदावल (टोला-13), थाना नौगढ़ क्षेत्र
घायल: फैयाज अहमद (लगभग 22), पुत्र अनरुल्ला अहमद
पुलिस कार्रवाई: शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया, दुर्घटना की जांच जारी।
सड़क पर बिखरे सपने… एक पल में उजड़ गई दोस्ती की मुस्कान
सिद्धार्थनगर जनपद में शनिवार दोपहर एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। थाना मोहाना की शुद्धोधन चौकी क्षेत्र में बर्डपुर ब्लॉक के समीप एनएच-28 मार्ग पर एक तेज रफ्तार चारपहिया वाहन ने पीछे से मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त बताई जा रही है कि बाइक पर सवार दोनों युवक सड़क पर दूर जा गिरे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसे का दृश्य बेहद भयावह था और मौके पर मौजूद लोगों के रोंगटे खड़े हो गए।
स्थानीय लोगों की मदद से दोनों युवकों को संभालने का प्रयास किया गया, लेकिन तौफीक अहमद (22) की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। वहीं उनके साथ बाइक पर सवार फैयाज अहमद गंभीर रूप से घायल हो गए।
जानकारी के अनुसार दोनों युवक आपस में दोस्त थे और शनिवार को बर्डपुर बाजार में घरेलू काम से गए थे। बाजार से लौटते समय बर्डपुर ब्लॉक के पास यह हादसा हो गया। हादसे के बाद कुछ ही देर में आसपास बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए और पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मृतक के शव को कब्जे में लेकर पंचायतनामा की कार्रवाई पूरी करने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घायल युवक को पहले जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उच्च केंद्र रेफर कर दिया। परिजनों के अनुसार घायल का उपचार फिलहाल एक निजी नर्सिंग होम में चल रहा है।
मृतक की पहचान तौफीक अहमद (22) पुत्र हमीदुल्लाह, निवासी भदावल (टोला-13), थाना नौगढ़ क्षेत्र के रूप में हुई है। घायल युवक का नाम फैयाज अहमद (लगभग 22) पुत्र अनरुल्ला अहमद बताया जा रहा है।
फिलहाल दुर्घटना के कारणों और संबंधित वाहन की पहचान को लेकर पुलिस आवश्यक जांच और विधिक कार्रवाई कर रही है। दुर्घटना के संबंध में पुलिस की विस्तृत जांच रिपोर्ट और अन्य आधिकारिक तथ्यों की प्रतीक्षा है।
इस हादसे के बाद मृतक के परिवार में कोहराम मचा हुआ है। पूरे इलाके में शोक का माहौल है और स्थानीय लोग सड़क सुरक्षा तथा तेज रफ्तार वाहनों पर प्रभावी नियंत्रण की आवश्यकता की बात कह रहे हैं।
सारांश
शनिवार दोपहर बर्डपुर ब्लॉक के पास एनएच-28 पर हुए सड़क हादसे में 22 वर्षीय तौफीक अहमद की मौत हो गई, जबकि उनके मित्र फैयाज अहमद गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है। दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
गोल्हौरा पुलिस की कार्रवाई, हार्डवेयर दुकान से 16 बाल्टी संदिग्ध नकली पेंट
पुलिस की प्रेस विज्ञप्ति के आधार पर बीएनएस एवं कॉपीराइट अधिनियम में मुकदमा दर्ज, जांच व अन्य विधिक कार्रवाई जारी

सिद्धार्थनगर में कथित नकली उत्पादों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना गोल्हौरा पुलिस ने एक हार्डवेयर दुकान से 16 बाल्टी संदिग्ध नकली पेंट बरामद करने का दावा किया है। पुलिस ने बरामदगी के आधार पर मुकदमा दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन के निर्देशन में चल रहे अभियान के दौरान थाना गोल्हौरा पुलिस ने इटवा-बांसी मार्ग स्थित एक हार्डवेयर दुकान पर कार्रवाई की। पुलिस के अनुसार, दुकान से 16 बाल्टी संदिग्ध नकली पेंट बरामद किया गया है। इस संबंध में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और कॉपीराइट अधिनियम की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है।
सिद्धार्थनगर, 03 जुलाई।
जनपद में अपराध एवं अवैध गतिविधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के क्रम में थाना गोल्हौरा पुलिस ने एक हार्डवेयर दुकान पर कार्रवाई करते हुए 16 बाल्टी संदिग्ध नकली पेंट बरामद करने का दावा किया है।
पुलिस द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार प्रसाद के पर्यवेक्षण तथा क्षेत्राधिकारी इटवा पवीन प्रकाश एवं थानाध्यक्ष रामदेव के नेतृत्व में की गई।
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, थाना क्षेत्र के इटवा-बांसी मार्ग स्थित चौधरी हार्डवेयर की दुकान पर की गई कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 16 बाल्टी संदिग्ध नकली पेंट बरामद किया। बरामदगी के आधार पर मु0अ0सं0 56/2026 पंजीकृत करते हुए धारा 318(4) बीएनएस तथा कॉपीराइट अधिनियम की धारा 63 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस के मुताबिक मामले में अन्य आवश्यक विधिक कार्रवाई एवं जांच जारी है। बरामदगी की कार्रवाई में उपनिरीक्षक प्रमोद कुमार पाण्डेय तथा आरक्षी शनिप्रताप सिंह शामिल रहे।
गौरतलब है कि पेंट के “नकली” होने का उल्लेख पुलिस की आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित है। मामले की अंतिम पुष्टि जांच, विशेषज्ञ परीक्षण तथा न्यायिक प्रक्रिया के उपरांत ही होगी।
सारांश
गोल्हौरा पुलिस ने हार्डवेयर दुकान पर कार्रवाई की।
पुलिस के अनुसार 16 बाल्टी संदिग्ध नकली पेंट बरामद।
बीएनएस की धारा 318(4) एवं कॉपीराइट अधिनियम की धारा 63 में मुकदमा दर्ज।
मामले में जांच एवं अन्य विधिक कार्रवाई जारी।
इस खबर में किसी व्यक्ति या दुकान को दोषी घोषित नहीं किया गया है। “संदिग्ध”, “पुलिस के अनुसार”, “प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक”, “जांच जारी” जैसे शब्दों का प्रयोग किया गया है, जिससे रिपोर्ट संतुलित और कानूनी रूप से सुरक्षित रहती है।
गांव की चौपाल में गूंजा विकास का संकल्प, डीएम ने कहा- हर पात्र तक पहुंचेगी हर सरकारी योजना
डीएम की ग्राम चौपाल में जनता से सीधा संवाद, योजनाओं का लाभ हर जरूरतमंद तक पहुंचाने के निर्देश

सिद्धार्थनगर के बर्डपुर में आयोजित ग्राम चौपाल में प्रशासन सीधे ग्रामीणों के बीच पहुंचा। जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जी.एन. ने ग्रामीणों से संवाद कर सरकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत जानी और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी पात्र व्यक्ति को योजनाओं के लाभ से वंचित न रखा जाए।

गांव की समस्याओं का गांव में समाधान करने की मंशा के साथ आयोजित ग्राम चौपाल में जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जी.एन. ने योजनाओं की समीक्षा की, ग्रामीणों से सीधे संवाद किया और अधिकारियों को जवाबदेह बनाते हुए कहा कि शासन की हर योजना का लाभ अंतिम व्यक्ति तक समयबद्ध तरीके से पहुंचना चाहिए।

सिद्धार्थनगर, 03 जुलाई।
तहसील नौगढ़ के विकास खंड बर्डपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत बर्डपुर नं.-06 में शुक्रवार को ‘ग्राम चौपाल- गांव की समस्या, गांव में समाधान’ कार्यक्रम का आयोजन जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जी.एन. की अध्यक्षता तथा मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह की उपस्थिति में संपन्न हुआ।
ग्राम चौपाल के दौरान जिलाधिकारी ने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर विभिन्न सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी ली तथा लाभार्थियों से फीडबैक प्राप्त किया। ग्रामीणों ने बताया कि उन्हें शासन की योजनाओं की जानकारी मिल रही है तथा विभिन्न योजनाओं का लाभ भी प्राप्त हो रहा है।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं से वंचित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी विभाग अपने-अपने स्तर पर गांवों में जागरूकता बढ़ाएं ताकि अधिक से अधिक लोग योजनाओं का लाभ उठा सकें।

उन्होंने श्रम विभाग की योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि श्रम कार्ड बनवाकर श्रमिक विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। साथ ही राशन वितरण में पूर्ण पारदर्शिता बनाए रखने, पात्र परिवारों के आयुष्मान कार्ड बनवाने, राजस्व संबंधी वरासत मामलों का समयबद्ध निस्तारण करने तथा पात्र व्यक्तियों को पेंशन योजनाओं से जोड़ने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने ग्रामीणों से गांव की अन्य समस्याओं के बारे में भी जानकारी ली और संबंधित अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की लापरवाही या हीलाहवाली बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी ने गर्भवती महिलाओं की गोदभराई कर उन्हें शुभकामनाएं दीं तथा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य से जुड़ी योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया।
ग्राम चौपाल में स्वास्थ्य, कृषि, शिक्षा, पंचायत राज, विद्युत, समाज कल्याण सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

सारांश
बर्डपुर में ग्राम चौपाल का आयोजन
डीएम ने ग्रामीणों से किया सीधा संवाद
सरकारी योजनाओं की जमीनी समीक्षा
हर पात्र तक लाभ पहुंचाने के सख्त निर्देश
गर्भवती महिलाओं की गोदभराई भी कराई गई
कालानमक धान ने बदली किसान की तकदीर, 2 हेक्टेयर से 3.40 लाख का शुद्ध मुनाफा
सिद्धार्थनगर में कालानमक धान की खेती किसानों के लिए मुनाफे का नया मॉडल बनकर उभर रही है। जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जी.एन. ने बर्डपुर क्षेत्र में एक प्रगतिशील किसान के खेत का निरीक्षण किया, जहां कालानमक धान की खेती से लाखों रुपये का शुद्ध लाभ मिलने की कहानी सामने आई।

सिर्फ दो हेक्टेयर में खेती, 3.40 लाख रुपये का शुद्ध लाभ और उसी कमाई से खरीदा ट्रैक्टर। सिद्धार्थनगर के किसान जयराम की यह सफलता अब दूसरे किसानों के लिए प्रेरणा बन रही है। जिलाधिकारी ने खेत पहुंचकर कालानमक धान की खेती का जायजा लिया और किसानों से इस पारंपरिक एवं उच्च मूल्य वाली फसल को अपनाने का आह्वान किया।
सिद्धार्थनगर, 03 जुलाई।
जनपद में कालानमक धान की खेती किसानों की आय बढ़ाने का मजबूत माध्यम बनती जा रही है। इसी क्रम में जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जी.एन. ने विकास खण्ड बर्डपुर की ग्राम पंचायत बर्डपुर नंबर-6, टोला नोनहवा पहुंचकर प्रगतिशील किसान जयराम पुत्र रामाश्रय के खेत का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान किसान द्वारा KN-1 सहित कालानमक धान की विभिन्न प्रजातियों की रोपाई की जा रही थी। जिलाधिकारी ने खेत में पहुंचकर खेती की तकनीक, उत्पादन, लागत और बाजार मूल्य की विस्तृत जानकारी ली।
किसान जयराम ने बताया कि खरीफ-2025 में उन्होंने 2.00 हेक्टेयर क्षेत्र में कालानमक धान की खेती की थी। इस पर लगभग 1 लाख रुपये की लागत आई। खेती से 45 क्विंटल धान तथा लगभग 30 क्विंटल कालानमक चावल प्राप्त हुआ, जिसे 14 से 15 हजार रुपये प्रति क्विंटल की दर से बेचकर लगभग 4.40 लाख रुपये की आय हुई। इस प्रकार उन्हें करीब 3.40 लाख रुपये का शुद्ध लाभ प्राप्त हुआ।
किसान ने बताया कि इसी कमाई से उन्होंने एक छोटा ट्रैक्टर खरीदा, जिससे खेती और अधिक आधुनिक एवं आसान हो गई। बेहतर मुनाफे को देखते हुए इस वर्ष 2026 में उन्होंने कालानमक धान की खेती का रकबा बढ़ाकर 4.00 हेक्टेयर कर दिया है।
जिलाधिकारी ने खेती की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए किसानों को गुणवत्तापूर्ण उत्पादन, आधुनिक तकनीकों के उपयोग तथा कालानमक धान जैसी उच्च मूल्य वाली फसलों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि ऐसी सफल पहलें जनपद के अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन सकती हैं।
सारांश
✔ 2 हेक्टेयर में कालानमक धान की खेती
✔ 1 लाख की लागत पर 3.40 लाख रुपये का शुद्ध लाभ
✔ मुनाफे से किसान ने खरीदा ट्रैक्टर
✔ इस वर्ष खेती का रकबा बढ़ाकर 4 हेक्टेयर किया
✔ जिलाधिकारी ने खेत पहुंचकर सफलता की सराहना की और अन्य किसानों को प्रेरित किया।
“‘एक पेड़ मां के नाम’ से गूंजा सिद्धार्थनगर, वन महोत्सव-2026 का हुआ भव्य शुभारंभ”
विधायक श्यामधनी राही ने किया शुभारंभ, डीएफओ नीला एम. और एएसपी विश्वजीत शौरयान ने पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश, मेधावी छात्र-छात्राओं को किया सम्मानित।

सिद्धार्थनगर।
सामाजिक वानिकी वन प्रभाग, सिद्धार्थनगर द्वारा रघुवर प्रसाद जायसवाल सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, तेतरी बाजार में “वन महोत्सव-2026” का भव्य शुभारंभ “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ कपिलवस्तु विधायक श्यामधनी राही ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया और उपस्थित लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनके संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया।

अपने संबोधन में विधायक ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है। उन्होंने लोगों से अपील की कि घर, खेत, विद्यालय और सार्वजनिक स्थानों पर खाली पड़ी भूमि पर अधिक से अधिक पौधे लगाकर आने वाली पीढ़ियों के लिए हरित भविष्य तैयार करें।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) नीला एम. ने कहा कि वृक्ष मानव जीवन का आधार हैं। पौधों से हमें ऑक्सीजन, फल, लकड़ी सहित अनेक प्राकृतिक संसाधन प्राप्त होते हैं। उन्होंने कहा कि “प्रकृति हमारी मां है, इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को कम से कम एक पौधा अपनी मां के नाम अवश्य लगाना चाहिए।” उन्होंने प्राकृतिक संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग और पर्यावरण संरक्षण को समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया।

सहायक पुलिस अधीक्षक विश्वजीत शौरयान ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि एक वृक्ष सौ पुत्रों के समान माना गया है। उन्होंने बच्चों से पौधारोपण के साथ-साथ पौधों की नियमित देखभाल करने का भी आग्रह किया, ताकि हर लगाया गया पौधा एक मजबूत वृक्ष बन सके।
वन महोत्सव के अवसर पर आयोजित चित्रकला प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। साक्षी गुप्ता ने प्रथम, अर्चना ने द्वितीय तथा साक्षी यादव ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। विजेताओं को डीएफओ नीला एम. एवं एएसपी विश्वजीत शौरयान ने प्रशस्ति-पत्र एवं नगद पुरस्कार देकर सम्मानित किया।
कार्यक्रम को विद्यालय के प्रधानाचार्य बसंत तथा बालिका इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्या उमा सिंह ने भी संबोधित किया और पौधारोपण को जन आंदोलन बनाने पर बल दिया। विद्यालय की शिक्षिका सुरभि ने वन एवं पर्यावरण संरक्षण पर प्रेरणादायी कविता प्रस्तुत की, जबकि कार्यक्रम का संचालन अर्चना साहू एवं सिद्धार्थ शंकर ने किया।
कार्यक्रम के दौरान “आम बाहर, आम के द्वार” वृक्ष भंडारा अभियान के अंतर्गत स्कूली बच्चों को पौधों का वितरण भी किया गया। समापन अवसर पर डीएफओ नीला एम., एएसपी विश्वजीत शौरयान, एसडीओ फॉरेस्ट वीना तिवारी, प्रधानाचार्यगण, शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं विद्यार्थियों ने विद्यालय परिसर में सामूहिक पौधारोपण कर स्वच्छ एवं हरित पर्यावरण का संदेश दिया।
इस अवसर पर एसडीओ फॉरेस्ट वीना तिवारी, फॉरेस्ट रेंजर नौगढ़ राजेश कुमार कुशवाहा, डीपीओ पंकज त्रिपाठी, वन दरोगा देवेश मिश्र, शैलेंद्र यादव, सहायक सुजीत सिंह, मोहम्मद वारिस सहित वन विभाग के अधिकारी, शिक्षक-शिक्षिकाएं, छात्र-छात्राएं एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
दाह संस्कार से पहले बवाल: नवविवाहिता की मौत पर उठे सवाल, पोस्टमार्टम से खुलेगा राज
सिद्धार्थनगर के जोगिया थाना क्षेत्र में 22 वर्षीय नवविवाहिता की मौत के बाद अंतिम संस्कार के दौरान विवाद खड़ा हो गया। मायके पक्ष ने मौत को संदिग्ध बताते हुए विरोध जताया, जबकि ससुराल पक्ष ने बीमारी से मौत होने का दावा किया। मृतका के ससुर द्वारा स्वयं पोस्टमार्टम कराने की मांग किए जाने के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। अब पूरे मामले की सच्चाई पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद सामने आएगी।
सजनी हरैया, थाना जोगिया, सिद्धार्थनगर
मृतका : मनीषा (22 वर्ष)
पति : रामू भारती
ससुराल : कपिया मिश्रा
मायका : सजनी हरैया
कोतवाली :जोगिया
शादी : लगभग एक वर्ष पूर्व
कार्रवाई : शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया
स्थिति : पुलिस जांच जारी
सिद्धार्थनगर के जोगिया थाना क्षेत्र में एक नवविवाहिता की मौत के बाद उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया, जब अंतिम संस्कार की तैयारी के दौरान मायके पक्ष ने मौत को संदिग्ध बताते हुए आपत्ति जता दी। दूसरी ओर ससुराल पक्ष ने विवाहिता के लंबे समय से बीमार होने और इलाज चलने का दावा किया। मामले ने नया मोड़ तब लिया, जब मृतका के ससुर ने स्वयं पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर पोस्टमार्टम कराने की मांग की। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
सारांश
• 22 वर्षीय विवाहिता की मौत के बाद विवाद।
• मायके पक्ष ने मौत को संदिग्ध बताया।
• ससुराल पक्ष ने बीमारी और इलाज चलने का दावा किया।
• ससुर ने स्वयं पोस्टमार्टम कराने के लिए दिया प्रार्थना पत्र।
• पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
• रिपोर्ट आने के बाद होगी आगे की कार्रवाई।
पूरी खबर
सिद्धार्थनगर। जोगिया थाना क्षेत्र के कपिया मिश्र गांव में 22 वर्षीय विवाहिता मनीषा पत्नी रामू भारती की बुधवार को मृत्यु हो गई। मनीषा का मायका कपिया मिश्रा गांव में है तथा उसकी शादी लगभग एक वर्ष पूर्व हुई थी।
स्थानीय लोगों के अनुसार, मृत्यु के बाद जब अंतिम संस्कार की तैयारी चल रही थी, तभी मायके पक्ष के लोग मौके पर पहुंच गए और मौत को संदिग्ध बताते हुए आपत्ति जताई। इसके बाद मौके पर काफी संख्या में ग्रामीण एकत्र हो गए और कुछ समय के लिए तनावपूर्ण स्थिति बन गई। सूचना मिलने पर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित किया।
मायके पक्ष का कहना है कि उनकी बेटी की मौत संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। वहीं ससुराल पक्ष का कहना है कि मनीषा पिछले लगभग छह महीने से बीमार थी और उसका इलाज चल रहा था। उनका दावा है कि संक्रमण के कारण उसकी तबीयत लगातार खराब थी।
मामले का महत्वपूर्ण पहलू यह भी रहा कि मृतका के ससुर ने स्वयं जोगिया थाने पहुंचकर अपनी बहू के शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए लिखित प्रार्थना पत्र दिया। इसके बाद पुलिस ने विधिक प्रक्रिया पूरी करते हुए शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
घटनास्थल पर कोतवाल अभय सिंह पुलिस बल के साथ पहुंचे। पुलिस ने दोनों पक्षों से जानकारी ली और आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी।
फिलहाल एक ओर मायके पक्ष मौत को संदिग्ध बता रहा है, जबकि दूसरी ओर ससुराल पक्ष बीमारी के कारण मृत्यु होने का दावा कर रहा है। ऐसे में मृत्यु के वास्तविक कारण को लेकर किसी भी प्रकार का निष्कर्ष निकालना अभी उचित नहीं होगा। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, उपलब्ध साक्ष्यों और जांच के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
रिपोर्टर नोट
यह संवाददाता घटनास्थल पर मौजूद रहा और पुलिस की कार्रवाई के दौरान दोनों पक्षों से प्राप्त जानकारी के आधार पर यह समाचार तैयार किया गया है। समाचार में प्रकाशित दावे संबंधित पक्षों के कथन हैं। मृत्यु के वास्तविक कारण की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही होगी।
सड़क हादसे के पीड़ित को न्यायालय से बड़ी राहत, एमएसीटी ने 68.49 लाख रुपये प्रतिकर का दिया आदेश
सड़क दुर्घटना पीड़ित को न्यायालय से बड़ी राहत: मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण ने 68.49 लाख रुपये प्रतिकर देने का दिया आदेश
एमएसीटी सिद्धार्थनगर का फैसला, बीमा कंपनी को निर्धारित अवधि में भुगतान के निर्देश; न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों और अभिलेखों के आधार पर सुनाया निर्णय
सिद्धार्थनगर। सड़क दुर्घटना से जुड़े एक महत्वपूर्ण प्रतिकर वाद में मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (एमएसीटी), सिद्धार्थनगर ने घायल याची के पक्ष में 68,49,600 रुपये प्रतिकर (मुआवजा) प्रदान करने का आदेश पारित किया है। न्यायालय ने अपने आदेश में बीमा कंपनी को निर्धारित अवधि के भीतर भुगतान करने के निर्देश दिए हैं। यह निर्णय न्यायालय द्वारा उपलब्ध अभिलेखों, चिकित्सीय दस्तावेजों, पुलिस विवेचना, दोनों पक्षों की दलीलों तथा विधिक प्रावधानों पर विचार करने के उपरांत सुनाया गया है।
न्यायालय ने साक्ष्यों के आधार पर सुनाया विस्तृत फैसला
अधिकरण के समक्ष विचाराधीन प्रतिकर वाद में याची की ओर से सड़क दुर्घटना के कारण गंभीर शारीरिक क्षति, लंबे उपचार, आय पर पड़े प्रभाव तथा अन्य आर्थिक एवं चिकित्सीय मदों में प्रतिकर की मांग की गई थी।
न्यायालय ने वादपत्र, चिकित्सीय अभिलेख, दुर्घटना से संबंधित रिकॉर्ड, पुलिस द्वारा प्रस्तुत विवेचना तथा पक्षकारों की दलीलों का परीक्षण करने के बाद याचिका को आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए 68,49,600 रुपये प्रतिकर देने का आदेश पारित किया।
भुगतान और निवेश को लेकर भी दिए गए निर्देश
न्यायालय के आदेश के अनुसार, प्रतिकर की धनराशि निर्धारित समय सीमा के भीतर जमा की जाएगी। आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि धनराशि के भुगतान, ब्याज तथा राशि के एक हिस्से को नियमानुसार सुरक्षित निवेश (एफडीआर) में रखने की प्रक्रिया न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप होगी, ताकि पीड़ित के हित सुरक्षित रह सकें।
अधिवक्ता इम्तियाज अली की पैरवी से मिली राहत
मामले में याची की ओर से अधिवक्ता इम्तियाज अली ने पैरवी की। न्यायालय के समक्ष दुर्घटना, उपचार, आय पर प्रभाव तथा उपलब्ध दस्तावेजों एवं अन्य साक्ष्यों के आधार पर पक्ष रखा गया। न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और अभिलेखों का परीक्षण करने के बाद अपना निर्णय सुनाया।
एक नजर में
न्यायालय: मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (एमएसीटी), सिद्धार्थनगर
मामला: सड़क दुर्घटना प्रतिकर वाद
आदेश: ₹68,49,600 प्रतिकर
निर्देश: बीमा कंपनी को निर्धारित अवधि में भुगतान
याची की ओर से पैरवी: अधिवक्ता इम्तियाज अली
आधार: न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत साक्ष्य, अभिलेख एवं दोनों पक्षों की दलीलें
एमएसीटी क्या है?
मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (Motor Accident Claims Tribunal) सड़क दुर्घटनाओं में घायल व्यक्तियों अथवा मृतकों के आश्रितों को कानून के अनुसार प्रतिकर दिलाने के लिए गठित विशेष न्यायिक मंच है। प्रत्येक मामले का निर्णय उसके तथ्यों, साक्ष्यों और लागू कानून के आधार पर किया जाता है।
कानूनी पक्ष
यह आदेश मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण, सिद्धार्थनगर द्वारा पारित न्यायिक निर्णय है। यदि किसी पक्ष को आदेश पर आपत्ति हो तो वह प्रचलित विधिक प्रावधानों के अनुसार सक्षम उच्च न्यायालय में अपील करने के लिए स्वतंत्र है। अतः इस समाचार का उद्देश्य केवल न्यायालय के आदेश का तथ्यात्मक प्रस्तुतीकरण है, किसी पक्ष के पक्ष या विपक्ष में टिप्पणी करना नहीं।
खबर का सारांश
सिद्धार्थनगर के मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण ने एक सड़क दुर्घटना प्रतिकर वाद में घायल याची के पक्ष में 68.49 लाख रुपये प्रतिकर देने का आदेश पारित किया है। न्यायालय ने बीमा कंपनी को निर्धारित समय में भुगतान करने का निर्देश दिया है। यह निर्णय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत अभिलेखों, साक्ष्यों और दोनों पक्षों की दलीलों के आधार पर दिया गया। मामले में याची की ओर से अधिवक्ता इम्तियाज अली ने पैरवी की।
संपादकीय सावधानी: यह समाचार न्यायालय के आदेश पर आधारित है। इसमें किसी पक्ष को दोषी या निर्दोष घोषित नहीं किया गया है। समाचार में केवल न्यायालय के अभिलेखों और आदेश में उल्लिखित तथ्यों का प्रस्तुतीकरण किया गया है, जिससे रिपोर्टर, संपादक और चैनल कानूनी रूप से सुरक्षित रहें।
