रक्तदान महाअभियान में उमड़ा सेवाभाव, 125 रक्तदाताओं ने पेश की इंसानियत की मिसाल; रक्तवीरों का हुआ सम्मान
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सिद्धार्थनगर में बाढ़ प्रभावित गांवों का डीएम ने किया निरीक्षण, फसल क्षति के सर्वे और राहत वितरण के निर्देश
संगलदीप और बैरवानानकार में ग्रामीणों से जाना हाल, बंधों की निगरानी बढ़ाने के साथ मेडिकल टीमों को सक्रिय रहने के निर्देश

सिद्धार्थनगर, 01 अक्टूबर 2026। जनपद में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने तहसील नौगढ़ के अंतर्गत संगलदीप और बैरवानानकार गांवों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत कर बाढ़ और बारिश से उत्पन्न स्थिति की जानकारी ली। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को बंधों पर लगातार निगरानी रखने, प्रभावित लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाने, क्षतिग्रस्त फसलों का सर्वे कराने और जरूरतमंदों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
मुख्य खबर | बाढ़ प्रभावितों को राहत पहुंचाने पर जोर
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि बाढ़ प्रभावित गांवों में लोगों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। राहत एवं बचाव कार्यों में किसी तरह की लापरवाही न बरती जाए और जरूरतमंद परिवारों तक समय से सहायता पहुंचाई जाए।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रभावित लोगों के बीच लंच पैकेट और राहत किट का वितरण सुनिश्चित कराया जाए। साथ ही गांवों में बुजुर्गों, महिलाओं, पुरुषों और बीमार व्यक्तियों को चिह्नित कर उनकी जरूरतों के अनुसार सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाए।
फसल नुकसान का सर्वे, मुआवजे की प्रक्रिया पर निर्देश
बाढ़ और बारिश से किसानों की फसलों को हुए संभावित नुकसान को देखते हुए जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी नौगढ़ निखिल चक्रवर्ती को क्षतिग्रस्त फसलों का सर्वे कराने और पात्र प्रभावित किसानों को नियमानुसार मुआवजा दिलाने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

इस पहल का उद्देश्य प्रभावित किसानों के नुकसान का आकलन कर उन्हें निर्धारित प्रक्रिया के तहत राहत उपलब्ध कराना है। सर्वेक्षण के बाद ही फसल क्षति की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेग
बंधों की निगरानी में लापरवाही न हो
बाढ़ के दृष्टिगत जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को बंधों पर सतत निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए। बाढ़ की स्थिति में तटबंधों की निगरानी और समय रहते आवश्यक कार्रवाई करना महत्वपूर्ण है, ताकि संभावित खतरे को देखते हुए प्रशासन उचित कदम उठा सके।
गांवों में पहुंचेगी मेडिकल टीम
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी ने मेडिकल टीमों को गांवों में जाकर लोगों की जांच करने और जरूरत के अनुसार आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

विशेष रूप से बुजुर्गों, बीमार व्यक्तियों और अन्य जरूरतमंद लोगों को चिह्नित कर उनकी स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों पर ध्यान देने को कहा गया। इसका उद्देश्य प्रभावित परिवारों को गांव में ही आवश्यक प्राथमिक चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना है।
ग्रामीणों को प्रशासन की ओर से मदद का भरोसा
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और उन्हें आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन बाढ़ प्रभावित लोगों के साथ है। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों को हरसंभव मदद उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
प्रशासन की ओर से राहत सामग्री वितरण, फसल क्षति के सर्वे, बंधों की निगरानी और स्वास्थ्य सुविधाओं को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं। अब इन निर्देशों के धरातल पर प्रभावी क्रियान्वयन से प्रभावित ग्रामीणों को राहत मिलने की उम्मीद है।
राहत कार्यों पर रहेगी नजर
बाढ़ प्रभावित गांवों में राहत और स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता के साथ-साथ फसल क्षति के सर्वे की प्रक्रिया भी महत्वपूर्ण रहेगी। ग्रामीणों को समय पर राहत सामग्री मिलना, बीमार लोगों को दवाएं उपलब्ध होना और प्रभावित किसानों के नुकसान का आकलन होना प्रशासनिक व्यवस्था की अहम जिम्मेदारियां हैं।
ऐसे में संबंधित विभागों की कार्यवाही और प्रभावित परिवारों तक सहायता पहुंचने की स्थिति पर आगे भी नजर बनी रहेगी।
सारांश
स्थान: संगलदीप और बैरवानानकार, तहसील नौगढ़, सिद्धार्थनगर।
निरीक्षण: जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन।
प्रमुख निर्देश: बंधों की लगातार निगरानी, राहत किट एवं लंच पैकेट वितरण, फसल क्षति का सर्वे और मुआवजे की प्रक्रिया।
स्वास्थ्य सुविधा: गांवों में मेडिकल टीमों द्वारा जांच और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता।
विशेष ध्यान: बुजुर्गों, महिलाओं और बीमार व्यक्तियों की पहचान कर सहायता उपलब्ध कराना।
संपादकीय टिप्पणी | संकट के समय राहत सबसे जरूरी
बाढ़ जैसी परिस्थितियों में प्रशासनिक सक्रियता का वास्तविक महत्व तभी सामने आता है, जब राहत और सहायता जरूरतमंद लोगों तक समय पर पहुंचे। प्रभावित ग्रामीणों को सुरक्षित रखना, किसानों के नुकसान का उचित आकलन करना, स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना और बंधों की निगरानी सुनिश्चित करना जरूरी है। अब चुनौती यह है कि निरीक्षण के दौरान दिए गए निर्देशों का समयबद्ध पालन हो और जरूरतमंद परिवारों को सरकारी सहायता निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार मिल सके।
FT NEWS DIGITAL | सिद्धार्थनगर
रक्तदान महाअभियान में उमड़ा सेवाभाव, 125 रक्तदाताओं ने पेश की इंसानियत की मिसाल; रक्तवीरों का हुआ सम्मान

सिद्धार्थनगर मेडिकल कॉलेज में श्री राम निवास फाउंडेशन ट्रस्ट और निफा की संयुक्त पहल, हिमांशु द्विवेदी समेत रक्तदान के क्षेत्र में योगदान देने वाले लोगों को किया गया सम्मानित

सिद्धार्थनगर। किसी जरूरतमंद को समय पर रक्त मिल जाए, तो उसके परिवार के लिए इससे बड़ी राहत कुछ नहीं हो सकती। इसी मानवीय भावना को आगे बढ़ाते हुए सिद्धार्थनगर में रक्तदान महाअभियान का आयोजन किया गया। माधव प्रसाद त्रिपाठी चिकित्सा महाविद्यालय के मल्टीपरपज हॉल में आयोजित इस कार्यक्रम में करीब 125 लोगों ने रक्तदान किया। कार्यक्रम में रक्तदान करने वालों के साथ उन समाजसेवियों, चिकित्सकों, ब्लड बैंक कर्मियों और रक्तदाता समूहों से जुड़े लोगों को भी सम्मानित किया गया, जो जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त की व्यवस्था कराने और लोगों को रक्तदान के लिए प्रेरित करने में योगदान दे रहे हैं।

श्री राम निवास फाउंडेशन ट्रस्ट और निफा सिद्धार्थनगर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस महाअभियान ने रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने और सामाजिक भागीदारी का संदेश दिया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, चिकित्सकों और समाजसेवियों की मौजूदगी रही।

लीड | रक्तदान के साथ रक्तवीरों का सम्मान, सेवा करने वालों को मिला मंच
इस आयोजन की खास बात यह रही कि यहां केवल रक्तदान ही नहीं हुआ, बल्कि रक्तदान के क्षेत्र में लगातार काम करने वाले लोगों के योगदान को भी पहचान मिली। आयोजकों के अनुसार, रक्तदाताओं को प्रमाणपत्र और ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया। इसके साथ ही करीब 50 रक्तदाता एडमिनों सहित कई समाजसेवियों, चिकित्सकों और ब्लड बैंक कर्मियों को भी सम्मान दिया गया।
कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि रक्तदान के लिए लोगों को प्रेरित करना, जरूरत के समय रक्त की व्यवस्था में सहयोग करना और स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति जागरूकता फैलाना भी समाजसेवा का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
मेडिकल कॉलेज के मल्टीपरपज हॉल में जुटे जनप्रतिनिधि और समाजसेवी
राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में सदर विधायक श्यामधनी राही, सांसद प्रतिनिधि एस.पी. अग्रवाल, समाजसेवी सत्य प्रकाश राही, मुख्य चिकित्सा अधिकारी सिद्धार्थनगर और मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. राजेश मोहन श्रीवास्तव सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

ब्लड बैंक प्रभारी अशोक मिश्र के नेतृत्व में चिकित्सकों और ब्लड बैंक कर्मियों ने रक्तदान की प्रक्रिया संपन्न कराई। आयोजन के दौरान रक्तदान करने वाले लोगों का उत्साहवर्धन किया गया और उन्हें सम्मानित किया गया।

हिमांशु द्विवेदी के प्रयासों की हुई सराहना
कार्यक्रम के प्रमुख आयोजक और निफा सिद्धार्थनगर के अध्यक्ष हिमांशु द्विवेदी को रक्तदान के क्षेत्र में उनके सामाजिक योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
आयोजकों से मिली जानकारी के मुताबिक, वर्ष 2025 में उनके प्रयासों से 95 यूनिट रक्तदान कराया गया था। सिद्धार्थनगर के अलावा लखनऊ, वाराणसी और बस्ती सहित अन्य जिलों में भी जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त की व्यवस्था कराने में उनके प्रयासों का उल्लेख किया गया।
रक्तदान के क्षेत्र में लगातार लोगों को जोड़ने और जरूरतमंदों तक सहायता पहुंचाने की पहल को कार्यक्रम में सराहा गया। ऐसे प्रयास रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने और समाज में सहयोग की भावना मजबूत करने में मददगार हो सकते हैं।
रक्तदान के क्षेत्र में योगदान देने वालों का सम्मान
कार्यक्रम में निफा सिद्धार्थनगर से जुड़े और रक्तदान के क्षेत्र में योगदान देने वाले लोगों में देवेंद्र त्रिपाठी, बृजराज ओझा, जितेंद्र पाण्डेय, महेश मिश्र, आशुतोष तिवारी, देवकी नंदन उपाध्याय, उत्कर्ष श्रीवास्तव, राम शंकर पाण्डेय, सुधाकर मिश्र, योगेंद्र पाण्डेय, सलोनी शर्मा और कोमल मिश्रा सहित कई रक्तवीर मौजूद रहे।

आयोजकों के अनुसार, कार्यक्रम में रक्तदाता समूहों से जुड़े करीब 50 एडमिनों के साथ समाजसेवियों, चिकित्सकों और ब्लड बैंक कर्मियों को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन बाल कृष्ण मिश्र और विवेक कुमार द्विवेदी ने किया।
जरूरतमंदों के लिए रक्त की उपलब्धता, समाज की साझा जिम्मेदारी

रक्तदान की जरूरत केवल किसी एक अस्पताल या जिले तक सीमित नहीं रहती। दुर्घटनाओं, गंभीर बीमारियों, ऑपरेशन और प्रसव संबंधी जटिलताओं के दौरान मरीजों को रक्त की आवश्यकता पड़ सकती है। ऐसे समय में स्वैच्छिक रक्तदाता और रक्तदाता समूह मरीजों तथा उनके परिजनों के लिए महत्वपूर्ण सहारा बन सकते हैं।

इस दिशा में रक्तदान शिविरों के आयोजन के साथ नियमित रक्तदान के प्रति जागरूकता फैलाना भी जरूरी है। रक्तदान करने से पहले चिकित्सकीय जांच और पात्रता का निर्धारण आवश्यक होता है। सुरक्षित प्रक्रिया के तहत किया गया स्वैच्छिक रक्तदान जरूरतमंद मरीजों के उपचार में मदद कर सकता है।
सारांश | एक आयोजन, कई संदेश

सिद्धार्थनगर में आयोजित रक्तदान महाअभियान में करीब 125 लोगों ने रक्तदान किया। श्री राम निवास फाउंडेशन ट्रस्ट और निफा सिद्धार्थनगर की इस संयुक्त पहल में रक्तवीरों, समाजसेवियों, चिकित्सकों, ब्लड बैंक कर्मियों और रक्तदाता एडमिनों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में हिमांशु द्विवेदी के योगदान की भी सराहना हुई। आयोजन ने रक्तदान के प्रति जागरूकता और जरूरतमंदों की मदद के लिए सामूहिक प्रयास का संदेश दिया।

टिप्पणी | सम्मान तभी सार्थक, जब रक्तदान की मुहिम लगातार आगे बढ़े
रक्तदान के क्षेत्र में काम करने वालों का सम्मान समाज को प्रेरित करने का एक माध्यम है। लेकिन इस मुहिम की असली ताकत तब बढ़ेगी, जब रक्तदान किसी एक आयोजन तक सीमित न रहकर नियमित सामाजिक अभियान बने। जरूरतमंद मरीजों को समय पर सुरक्षित रक्त उपलब्ध कराने के लिए जागरूक नागरिकों, रक्तदाता समूहों, चिकित्सकों और स्वास्थ्य संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है।

सिद्धार्थनगर में आयोजित यह महाअभियान इसी दिशा में एक पहल है। यदि इस तरह के प्रयास निरंतर जारी रहते हैं, तो स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने और जरूरत के समय मरीजों की सहायता करने में मदद मिल सकती है।
FT NEWS DIGITAL | सिद्धार्थनगर, उत्तर प्रदेश
रक्तदान महाअभियान में उमड़ा सेवाभाव, 125 रक्तदाताओं ने पेश की इंसानियत की मिसाल; रक्तवीरों का हुआ सम्मान

सिद्धार्थनगर मेडिकल कॉलेज में श्री राम निवास फाउंडेशन ट्रस्ट और निफा की संयुक्त पहल, हिमांशु द्विवेदी समेत रक्तदान के क्षेत्र में योगदान देने वाले लोगों को किया गया सम्मानित

सिद्धार्थनगर। किसी जरूरतमंद को समय पर रक्त मिल जाए, तो उसके परिवार के लिए इससे बड़ी राहत कुछ नहीं हो सकती। इसी मानवीय भावना को आगे बढ़ाते हुए सिद्धार्थनगर में रक्तदान महाअभियान का आयोजन किया गया। माधव प्रसाद त्रिपाठी चिकित्सा महाविद्यालय के मल्टीपरपज हॉल में आयोजित इस कार्यक्रम में करीब 125 लोगों ने रक्तदान किया। कार्यक्रम में रक्तदान करने वालों के साथ उन समाजसेवियों, चिकित्सकों, ब्लड बैंक कर्मियों और रक्तदाता समूहों से जुड़े लोगों को भी सम्मानित किया गया, जो जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त की व्यवस्था कराने और लोगों को रक्तदान के लिए प्रेरित करने में योगदान दे रहे हैं।

श्री राम निवास फाउंडेशन ट्रस्ट और निफा सिद्धार्थनगर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस महाअभियान ने रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने और सामाजिक भागीदारी का संदेश दिया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, चिकित्सकों और समाजसेवियों की मौजूदगी रही।

लीड | रक्तदान के साथ रक्तवीरों का सम्मान, सेवा करने वालों को मिला मंच
इस आयोजन की खास बात यह रही कि यहां केवल रक्तदान ही नहीं हुआ, बल्कि रक्तदान के क्षेत्र में लगातार काम करने वाले लोगों के योगदान को भी पहचान मिली। आयोजकों के अनुसार, रक्तदाताओं को प्रमाणपत्र और ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया। इसके साथ ही करीब 50 रक्तदाता एडमिनों सहित कई समाजसेवियों, चिकित्सकों और ब्लड बैंक कर्मियों को भी सम्मान दिया गया।
कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि रक्तदान के लिए लोगों को प्रेरित करना, जरूरत के समय रक्त की व्यवस्था में सहयोग करना और स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति जागरूकता फैलाना भी समाजसेवा का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
मेडिकल कॉलेज के मल्टीपरपज हॉल में जुटे जनप्रतिनिधि और समाजसेवी
राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में सदर विधायक श्यामधनी राही, सांसद प्रतिनिधि एस.पी. अग्रवाल, समाजसेवी सत्य प्रकाश राही, मुख्य चिकित्सा अधिकारी सिद्धार्थनगर और मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. राजेश मोहन श्रीवास्तव सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

ब्लड बैंक प्रभारी अशोक मिश्र के नेतृत्व में चिकित्सकों और ब्लड बैंक कर्मियों ने रक्तदान की प्रक्रिया संपन्न कराई। आयोजन के दौरान रक्तदान करने वाले लोगों का उत्साहवर्धन किया गया और उन्हें सम्मानित किया गया।

हिमांशु द्विवेदी के प्रयासों की हुई सराहना
कार्यक्रम के प्रमुख आयोजक और निफा सिद्धार्थनगर के अध्यक्ष हिमांशु द्विवेदी को रक्तदान के क्षेत्र में उनके सामाजिक योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
आयोजकों से मिली जानकारी के मुताबिक, वर्ष 2025 में उनके प्रयासों से 95 यूनिट रक्तदान कराया गया था। सिद्धार्थनगर के अलावा लखनऊ, वाराणसी और बस्ती सहित अन्य जिलों में भी जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त की व्यवस्था कराने में उनके प्रयासों का उल्लेख किया गया।
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रक्तदान के क्षेत्र में योगदान देने वालों का सम्मान
कार्यक्रम में निफा सिद्धार्थनगर से जुड़े और रक्तदान के क्षेत्र में योगदान देने वाले लोगों में देवेंद्र त्रिपाठी, बृजराज ओझा, जितेंद्र पाण्डेय, महेश मिश्र, आशुतोष तिवारी, देवकी नंदन उपाध्याय, उत्कर्ष श्रीवास्तव, राम शंकर पाण्डेय, सुधाकर मिश्र, योगेंद्र पाण्डेय, सलोनी शर्मा और कोमल मिश्रा सहित कई रक्तवीर मौजूद रहे।

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जरूरतमंदों के लिए रक्त की उपलब्धता, समाज की साझा जिम्मेदारी

रक्तदान की जरूरत केवल किसी एक अस्पताल या जिले तक सीमित नहीं रहती। दुर्घटनाओं, गंभीर बीमारियों, ऑपरेशन और प्रसव संबंधी जटिलताओं के दौरान मरीजों को रक्त की आवश्यकता पड़ सकती है। ऐसे समय में स्वैच्छिक रक्तदाता और रक्तदाता समूह मरीजों तथा उनके परिजनों के लिए महत्वपूर्ण सहारा बन सकते हैं।

इस दिशा में रक्तदान शिविरों के आयोजन के साथ नियमित रक्तदान के प्रति जागरूकता फैलाना भी जरूरी है। रक्तदान करने से पहले चिकित्सकीय जांच और पात्रता का निर्धारण आवश्यक होता है। सुरक्षित प्रक्रिया के तहत किया गया स्वैच्छिक रक्तदान जरूरतमंद मरीजों के उपचार में मदद कर सकता है।
सारांश | एक आयोजन, कई संदेश

सिद्धार्थनगर में आयोजित रक्तदान महाअभियान में करीब 125 लोगों ने रक्तदान किया। श्री राम निवास फाउंडेशन ट्रस्ट और निफा सिद्धार्थनगर की इस संयुक्त पहल में रक्तवीरों, समाजसेवियों, चिकित्सकों, ब्लड बैंक कर्मियों और रक्तदाता एडमिनों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में हिमांशु द्विवेदी के योगदान की भी सराहना हुई। आयोजन ने रक्तदान के प्रति जागरूकता और जरूरतमंदों की मदद के लिए सामूहिक प्रयास का संदेश दिया।

टिप्पणी | सम्मान तभी सार्थक, जब रक्तदान की मुहिम लगातार आगे बढ़े
रक्तदान के क्षेत्र में काम करने वालों का सम्मान समाज को प्रेरित करने का एक माध्यम है। लेकिन इस मुहिम की असली ताकत तब बढ़ेगी, जब रक्तदान किसी एक आयोजन तक सीमित न रहकर नियमित सामाजिक अभियान बने। जरूरतमंद मरीजों को समय पर सुरक्षित रक्त उपलब्ध कराने के लिए जागरूक नागरिकों, रक्तदाता समूहों, चिकित्सकों और स्वास्थ्य संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है।

सिद्धार्थनगर में आयोजित यह महाअभियान इसी दिशा में एक पहल है। यदि इस तरह के प्रयास निरंतर जारी रहते हैं, तो स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने और जरूरत के समय मरीजों की सहायता करने में मदद मिल सकती है।
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सिद्धार्थनगर में संचारी रोग नियंत्रण अभियान का आगाज, विधायक और जिलाधिकारी ने प्रचार वाहनों को दिखाई हरी झंडी

01 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक चलेगा अभियान, 12 अक्टूबर से घर-घर पहुंचेंगी आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता; बुखार, टीबी के लक्षण, कुपोषण और मच्छरों के प्रजनन स्थलों की होगी पहचान

सिद्धार्थनगर, 01 अक्टूबर 2026। जनपद में संचारी रोगों पर प्रभावी नियंत्रण और आमजन को बीमारियों से बचाव के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से गुरुवार को वर्ष 2026 के तृतीय विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान एवं दस्तक अभियान का शुभारंभ किया गया। विकास भवन परिसर से कपिलवस्तु विधायक श्यामधनी राही, जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन और मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह ने प्रचार वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। अभियान के माध्यम से ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों में साफ-सफाई, जलभराव की समस्या के निस्तारण, मच्छरों के प्रजनन स्थलों की पहचान और रोगों के लक्षण वाले लोगों को समय से उपचार उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाएगा।
बीमारी की रोकथाम के लिए घर-घर पहुंचेगा स्वास्थ्य महकमा
संचारी रोगों की रोकथाम केवल अस्पतालों तक सीमित नहीं, बल्कि घरों और आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखने से भी जुड़ी है। इसी उद्देश्य से जनपद में एक महीने तक विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत विभिन्न विभाग मिलकर साफ-सफाई, झाड़ियों की कटाई, जलभराव दूर करने, मच्छरजनित बीमारियों से बचाव और लोगों को जागरूक करने का काम करेंगे। वहीं, 12 अक्टूबर से आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता घर-घर जाकर संभावित रोगियों तथा कुपोषित बच्चों की पहचान करेंगी, ताकि जरूरतमंदों को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
प्रशासन ने शुरू की तैयारियां
विकास भवन परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने प्रचार वाहनों को रवाना कर अभियान की शुरुआत की। जिलाधिकारी ने बताया कि यह अभियान विभिन्न विभागों के समन्वय से संचालित किया जाएगा। शासन से प्राप्त दिशा-निर्देशों के अनुसार माइक्रोप्लान बनाकर गांवों और शहरी क्षेत्रों में गतिविधियां संचालित की जाएंगी। अभियान का प्रमुख उद्देश्य बीमारी के संभावित स्रोतों को कम करना, लक्षण वाले लोगों की पहचान करना और जनसामान्य को बचाव के उपायों के प्रति जागरूक करना है।
दो चरणों में चलेगा अभियान
पहला चरण: 01 से 31 अक्टूबर तक
– गांवों और शहरी क्षेत्रों में नालियों की साफ-सफाई।
– झाड़ियों की कटाई और जलभराव का निस्तारण।
– मच्छरों के प्रजनन स्थलों की पहचान और रोकथाम।
– संचारी रोगों से बचाव के प्रति जनजागरूकता।
दूसरा चरण: 12 से 31 अक्टूबर तक
– आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा घर-घर भ्रमण।
– बुखार से पीड़ित लोगों की पहचान।
– आईएलआई एवं एसएआरआई जैसे श्वसन संबंधी लक्षणों वाले संभावित रोगियों की पहचान।
– टीबी के लक्षण वाले व्यक्तियों को चिह्नित करना।
– मच्छरों के प्रजनन स्थलों और कुपोषित बच्चों की पहचान।
– जरूरत के अनुसार संबंधित लोगों को जांच, उपचार और स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ना।
कई विभाग मिलकर संभालेंगे जिम्मेदारी
अभियान को प्रभावी बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ पंचायत राज, माध्यमिक शिक्षा, बेसिक शिक्षा, पशुपालन, दिव्यांगजन सशक्तीकरण, आईसीडीएस, कृषि, नगर विकास, उद्यान तथा सूचना एवं जनसंपर्क विभाग को समन्वित रूप से कार्य करना है। विभागीय स्तर पर निर्धारित माइक्रोप्लान के अनुसार गतिविधियां संचालित की जाएंगी, जिससे ग्रामीण और नगरीय दोनों क्षेत्रों में अभियान का लाभ पहुंच सके।
घरों के आसपास सफाई और जलभराव पर विशेष ध्यान
अभियान की सफलता में आम नागरिकों की भागीदारी भी महत्वपूर्ण रहेगी। घरों और आसपास पानी जमा न होने देना, नालियों की नियमित सफाई, झाड़ियों को हटाना तथा मच्छरों के पनपने वाले स्थानों को समाप्त करना जरूरी है। बुखार या अन्य संदिग्ध लक्षण दिखाई देने पर स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करना चाहिए। घर-घर भ्रमण के दौरान स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को सही जानकारी उपलब्ध कराने से संभावित रोगियों की समय पर पहचान में मदद मिलेगी।
सारांश | अभियान का मुख्य उद्देश्य
सिद्धार्थनगर में संचारी रोग नियंत्रण अभियान का उद्देश्य स्वच्छता को बढ़ावा देना, मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम करना, संभावित रोगियों की पहचान करना और जरूरतमंदों को समय पर उपचार से जोड़ना है। एक अक्टूबर से शुरू हुआ अभियान 31 अक्टूबर तक चलेगा, जबकि दस्तक अभियान के अंतर्गत घर-घर संपर्क का विशेष चरण 12 अक्टूबर से शुरू होगा।
टिप्पणी | जनभागीदारी से मजबूत होगी बीमारी के खिलाफ लड़ाई
संचारी रोगों की रोकथाम में सरकारी विभागों की सक्रियता के साथ आमजन की जागरूकता भी अहम है। यदि घरों के आसपास सफाई रखी जाए, जलभराव रोका जाए और बीमारी के लक्षणों को नजरअंदाज न किया जाए, तो संक्रमण के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है। अभियान की वास्तविक सफलता इस बात से भी जुड़ी होगी कि चिह्नित रोगियों को समय पर जांच और उपचार मिले तथा स्वच्छता संबंधी प्रयास पूरे महीने लगातार जारी रहें।
कार्यक्रम में ये रहे उपस्थित
कार्यक्रम में डुमरियागंज सांसद के प्रतिनिधि एसपी अग्रवाल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजय कुमार दोहरे सहित संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
गांधी जयंती पर SBI का स्वच्छता संकल्प, झाड़ू उठाकर जमुआर घाट को चमकाने उतरे बैंक अधिकारी-कर्मचारी!
FT News Digital
सिद्धार्थनगर। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर स्वच्छता के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से भारतीय स्टेट बैंक, सिद्धार्थनगर कार्यालय के अधिकारियों और कर्मचारियों ने नगर पालिका परिषद सिद्धार्थनगर स्थित जमुआर घाट पर स्वच्छता अभियान चलाया। सुबह करीब 7 बजे शुरू हुए इस अभियान में बैंक अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से घाट की सफाई की और लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया। सभी ने मिलकर झाड़ू लगाई, एकत्रित कचरे को उचित स्थान तक पहुंचाने में योगदान दिया और स्वच्छ वातावरण बनाए रखने का संकल्प दोहराया।
सामूहिक प्रयास से स्वच्छता का संदेश
गांधी जयंती के अवसर पर स्वच्छता और सामाजिक जिम्मेदारी के महत्व को रेखांकित करते हुए भारतीय स्टेट बैंक, सिद्धार्थनगर कार्यालय की ओर से जमुआर घाट पर सफाई अभियान आयोजित किया गया। सुबह लगभग 7 बजे बैंक के अधिकारी और कर्मचारी अभियान में शामिल हुए तथा घाट परिसर की साफ-सफाई में सक्रिय भागीदारी निभाई।

अभियान के दौरान सभी प्रतिभागियों ने मिलकर झाड़ू लगाई और परिसर में एकत्रित कचरे को उचित स्थान पर पहुंचाने का प्रयास किया। इस सामूहिक पहल के माध्यम से आमजन को यह संदेश दिया गया कि सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता बनाए रखना केवल किसी एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक का साझा दायित्व है।
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने स्वच्छता को जीवन और सामाजिक व्यवस्था में महत्वपूर्ण स्थान दिया था। इसी भावना के अनुरूप गांधी जयंती के अवसर पर आयोजित यह पहल स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने और सार्वजनिक स्थलों को साफ-सुथरा रखने की प्रेरणा देने वाली रही।
सुबह सात बजे शुरू हुआ अभियान
स्थान: जमुआर घाट, नगर पालिका परिषद सिद्धार्थनगर।
: सुबह लगभग 7 बजे।
अवसर: 2 अक्टूबर, गांधी जयंती।
आयोजक:भारतीय स्टेट बैंक, सिद्धार्थनगर कार्यालय।
मुख्य गतिविधियां: झाड़ू लगाना, कचरा एकत्र करना और उसे उचित स्थान तक पहुंचाने में सहयोग देना।
इन अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने निभाई सहभागिता
स्वच्छता अभियान में भारतीय स्टेट बैंक, सिद्धार्थनगर कार्यालय के क्षेत्रीय प्रबंधक राजदेव सिंह, मुख्य प्रबंधक छोटेलाल, प्रबंधक अवधेश कुमार, प्रबंधक शिवाजी गर्ग सहित पीयूष श्रीवास्तव, विनय कुमार, मुकेश कुमार, अमित मेहता और सामंत शर्मा समेत बैंक के अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।

सभी ने मिलकर सफाई अभियान में भागीदारी की और स्वच्छता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
स्वच्छता के लिए निरंतर प्रयास जरूरी
जमुआर घाट जैसे सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ बनाए रखने के लिए नियमित सफाई के साथ-साथ नागरिकों की सक्रिय भागीदारी भी आवश्यक है। सार्वजनिक स्थानों पर कचरा न फैलाना, कचरे को निर्धारित स्थान पर डालना और अपने आसपास साफ-सफाई बनाए रखना ऐसी आदतें हैं, जिनसे स्वच्छ वातावरण बनाने में मदद मिल सकती है।
भारतीय स्टेट बैंक के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की इस पहल ने सामूहिक सहभागिता के महत्व को सामने रखा। ऐसे अभियान तभी स्थायी परिणाम दे सकते हैं, जब नागरिक भी अपने दैनिक जीवन में स्वच्छता को प्राथमिकता दें।
सारांश
गांधी जयंती के अवसर पर भारतीय स्टेट बैंक, सिद्धार्थनगर कार्यालय के अधिकारियों और कर्मचारियों ने जमुआर घाट पर स्वच्छता अभियान चलाया। सुबह करीब 7 बजे आयोजित कार्यक्रम में सामूहिक सफाई कर सार्वजनिक स्थल को स्वच्छ रखने और नागरिकों को जागरूक करने का संदेश दिया गया।
संपादकीय टिप्पणी
स्वच्छता केवल एक दिन का अभियान नहीं, बल्कि नियमित जीवनशैली का हिस्सा होनी चाहिए। सार्वजनिक स्थलों को साफ रखने के लिए प्रशासनिक प्रयासों के साथ नागरिकों और सामाजिक संस्थाओं की भागीदारी भी महत्वपूर्ण है। गांधी जयंती के अवसर पर आयोजित इस तरह की पहल समाज में जिम्मेदारी, सहयोग और स्वच्छता के प्रति सकारात्मक सोच को प्रोत्साहित करती है।
FT News Digital | सिद्धार्थनगर
स्वच्छता के प्रति जागरूकता, सामाजिक जिम्मेदारी की पहचान।
सिद्धार्थनगर में बाढ़ प्रभावित गांवों का विधायक श्यामधनी राही ने लिया जायजा, फसल क्षति के सर्वे के निर्देश
सिद्धार्थनगर: बाढ़ प्रभावित गांवों में पहुंचे विधायक श्यामधनी राही, फसल क्षति के सर्वे के दिए निर्देश
पांच गांवों का दौरा कर ग्रामीणों की सुनीं समस्याएं, प्रभावित किसानों को नियमानुसार सहायता दिलाने पर जोर
सिद्धार्थनगर। कपिलवस्तु विधानसभा क्षेत्र में बाढ़ प्रभावित गांवों की स्थिति का जायजा लेने के लिए विधायक श्यामधनी राही ने बुधवार को क्षेत्र का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने ग्राम सभा संगलदीप, धुसवाराजा, तालभिलौना, अमरिया और अजगरा पहुंचकर प्रभावित किसानों एवं ग्रामीणों से संवाद किया और उनकी समस्याएं सुनीं। विधायक ने संबंधित अधिकारियों को बाढ़ से फसलों को हुए नुकसान और अन्य क्षति का स्थलीय सर्वे कराने के निर्देश दिए।
नुकसान का आकलन कर सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश
दौरे के दौरान विधायक श्यामधनी राही ने अधिकारियों से कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में वास्तविक नुकसान का आकलन करने के लिए स्थलीय सर्वे कराया जाए। सर्वे के आधार पर नियमानुसार पात्र किसानों और प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने प्रभावित गांवों में राहत एवं अन्य जरूरी व्यवस्थाओं पर लगातार नजर रखने और ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान कराने पर भी जोर दिया।
प्रभावित परिवारों को समयबद्ध सहायता दिलाने पर जोर
विधायक श्यामधनी राही ने कहा कि कठिन समय में प्रदेश सरकार प्रभावित किसानों और परिवारों के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में आपदा प्रभावित लोगों को नियमानुसार समयबद्ध तरीके से हरसंभव सहायता उपलब्ध कराना शासन की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्रभावित गांवों में लगातार निगरानी रखी जाए, ताकि लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े और जरूरत के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
दौरे के दौरान ये लोग रहे मौजूद
इस दौरान कानूनगो मो. फारूक, लेखपाल योगेंद्र सिंह, सभासद प्रतिनिधि मनीष जायसवाल, मनीष शुक्ला, बेचन निषाद सहित क्षेत्रीय ग्रामीण मौजूद रहे।
खबर का सारांश: कपिलवस्तु विधायक श्यामधनी राही ने सिद्धार्थनगर के पांच बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा कर किसानों और ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने अधिकारियों को फसल क्षति एवं अन्य नुकसान का सर्वे कराने और नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराने की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

Meta Description: सिद्धार्थनगर में विधायक श्यामधनी राही ने पांच बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा किया। किसानों की समस्याएं सुनीं और फसल क्षति के सर्वे के निर्देश दिए।
विद्यालय में पॉक्सो अधिनियम 2012 के संबंध में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित।
उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के निर्देशों एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सिद्धार्थनगर के तत्वावधान में दिनांक 25 सितम्बर 2026 से 01 अक्टूबर 2026 तक विद्यालयों में पॉक्सो अधिनियम 2012 के प्रावधानों एवं विधिक परिणामों के प्रति विशेष जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
इसी क्रम में आज दिनांक 30-09-2026 को प्रातः 07ः30 बजे से राजकीय इंटर कालेज नौगढ़ सिद्धार्थनगर में छात्र/छात्राओं के मध्य विशेष जागरूकता कार्यक्रम श्री श्रेय कुमार वर्मा, सिविल जज (जू0डि0½एफ0टी0सी0- प्रथम सिद्धार्थनगर की अध्यक्षता में आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में श्री श्रेय कुमार वर्मा सिविल जज (जू0डि0½एफ0टी0सी0-प्रथम सिद्धार्थनगर द्वारा छात्र/छात्राओं को पॉक्सो अधिनियम 2012 के प्रमुख प्रावधानों बच्चों के विरुद्ध लैंगिक अपराधों से संरक्षण तथा ऐसे अपराधों के विधिक परिणामों के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई। उन्होंने छात्राओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने तथा किसी भी प्रकार की अनुचित घटना अथवा अपराध की स्थिति में तत्काल अपने अभिभावक, शिक्षक संबंधित सक्षम प्राधिकारी चाइल्ड हेल्फ लाइन 1098 अथवा आपात कालीन पुलिस सेवा -112 को सूचना देने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में श्री दयाशंकर यादव प्रधानाचार्य राजकीय इंटर कालेज नौगढ़ सिद्धार्थनगर का विशेष सहयोग रहा। विद्यालय के छात्र/छात्राओं ने कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया तथा पॉक्सो अधिनियम से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं। कार्यक्रम में पी0एल0वी0 श्री अभय कुमार द्विवेदी द्वारा भी सहयोग प्रदान किया गया।
सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सिद्धार्थनगर द्वारा बताया गया कि अभियान के अंतर्गत जनपद के विभिन्न विद्यालयों में न्यायिक अधिकारियों के माध्यम से प्रातः कालीन सभा के दौरान बच्चों को पॉक्सो अधिनियम के प्रावधानों एवं विधिक परिणामों के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
दिनांक 30-09-2026
संलग्नक-फोटोग्राफ्स। SD-30-09-2026
सचिव
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण
सिद्धार्थनगर।
सिद्धार्थनगर में Cyclosinone पर शिकंजा, बिक्री-उपयोग को लेकर कृषि विभाग का बड़ा निर्देश
सिद्धार्थनगर में ‘Cyclosinone’ खरपतवारनाशी की बिक्री और उपयोग पर रोक, कृषि विभाग ने जारी की एडवाइजरी
सिद्धार्थनगर। जनपद में किसानों और कीटनाशी विक्रेताओं के लिए कृषि विभाग ने एक महत्वपूर्ण सूचना जारी की है। जिला कृषि रक्षा अधिकारी रवि शंकर पाण्डेय की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में Cyclosinone (साइक्लोसिनोन) नामक खरपतवारनाशी की बिक्री, वितरण, प्रचार-प्रसार और उपयोग को लेकर निर्देश जारी किए गए हैं।
विभाग की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, Cyclosinone नाम से बाजार अथवा ऑनलाइन माध्यमों से प्रचारित एवं विक्रय किए जा रहे खरपतवारनाशी को भारत में पंजीकृत नहीं बताया गया है। विज्ञप्ति में कहा गया है कि कीटनाशी अधिनियम, 1968 के प्रावधानों के तहत केवल विधिवत पंजीकृत एवं अनुमोदित कीटनाशियों का ही निर्माण, बिक्री, वितरण और उपयोग किया जा सकता है।
विक्रेताओं को दिए गए सख्त निर्देश
कृषि विभाग ने जनपद के सभी कीटनाशी विक्रेताओं को निर्देशित किया है कि वे अपने प्रतिष्ठानों पर Cyclosinone अथवा Cyclosinone Herbicide नाम से उपलब्ध किसी भी उत्पाद की बिक्री या वितरण न करें। साथ ही ऐसे उत्पाद का ऑनलाइन अथवा ऑफलाइन प्रचार-प्रसार भी नहीं किया जाए।
विज्ञप्ति में यह भी उल्लेख किया गया है कि Cyclosinone नामक उत्पाद की ऑनलाइन बिक्री के संबंध में केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) द्वारा कार्रवाई किए जाने की जानकारी विभाग को प्राप्त हुई है। प्रमुख ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर भी इस संबंध में नियामकीय कार्रवाई किए जाने की बात विज्ञप्ति में कही गई है।
निरीक्षण के दौरान कार्रवाई की चेतावनी
जिला कृषि रक्षा अधिकारी ने कीटनाशी विक्रेताओं को निर्देश दिया है कि वे केवल विधिवत पंजीकृत कीटनाशी, वैध लाइसेंस तथा अनुमोदित लेबल-क्लेम वाले उत्पादों की ही बिक्री करें।
विज्ञप्ति के मुताबिक, निरीक्षण के दौरान यदि इस प्रकार के अपंजीकृत कीटनाशी या खरपतवारनाशी की बिक्री अथवा भंडारण पाया जाता है तो कीटनाशी अधिनियम 1968 और कीटनाशी नियमावली 1971 के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
किसानों से भी अपील
कृषि विभाग ने जनपद के किसानों से भी अपील की है कि वे Cyclosinone नामक अपंजीकृत खरपतवारनाशी की खरीद अथवा उपयोग न करें।
विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि किसी भी कृषि रसायन की खरीद अधिकृत कीटनाशी विक्रेता या राजकीय कृषि रक्षा इकाई से ही करें। उत्पाद खरीदते समय उसके पंजीकरण विवरण, लेबल, अनुमोदित फसल एवं खरपतवार संबंधी संस्तुति की जांच जरूर करें।
कृषि विभाग का कहना है कि कृषि रसायन खरीदते समय सावधानी बरतना किसानों के लिए बेहद जरूरी है, ताकि अपंजीकृत या अनुमोदन के बिना बिक रहे उत्पादों से होने वाले संभावित नुकसान से बचा जा सके।
जिला कृषि रक्षा अधिकारी रवि शंकर पाण्डेय की ओर से जारी पत्र में इस निर्देश का व्यापक प्रचार-प्रसार कराने के लिए संबंधित अधिकारियों को भी आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
बाढ़ प्रभावित गांवों में प्रशासन की राहत, 7 टोलों में बांटे 2700 लंच पैकेट
खैरी शीतल प्रसाद के निकोलडीह समेत कई टोलों में पहुंची राहत टीम, अधिकारियों की मौजूदगी में हुआ वितरण

मैंने 28 सितंबर की उपलब्ध स्थानीय रिपोर्टिंग से भी विवरण मिलाकर इसे न्यूज़ पोर्टल के अखबारी अंदाज में तैयार किया है। रिपोर्टों में भी 2700 लंच पैकेट वितरण और संबंधित अधिकारियों की मौजूदगी की पुष्टि होती है।
बाढ़ प्रभावित गांवों में प्रशासन की राहत पहुंची, सात टोलों में बांटे गए 2700 लंच पैकेट
सिद्धार्थनगर।
जिले में बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर के बीच बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव कार्य जारी है। सोमवार को जिला प्रशासन की टीम ने शोहरतगढ़ क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित ग्राम खैरी शीतल प्रसाद के विभिन्न टोलों में पहुंचकर प्रभावित परिवारों के बीच 2700 लंच पैकेट वितरित किए।
जिलाधिकारी के निर्देश पर अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) गौरव श्रीवास्तव, अपर पुलिस अधीक्षक प्रशान्त कुमार और उपजिलाधिकारी शोहरतगढ़ राजेश कुमार सहित जिला प्रशासन की टीम राहत कार्य में जुटी रही।

प्रशासन की टीम ने खैरी शीतल प्रसाद के निकोलडीह, पन्नापुर, मुरावडीह, शिवदुलारे डीह, खैरी, करौता और टीकर में पहुंचकर बाढ़ प्रभावित परिवारों तक भोजन के पैकेट पहुंचाए।

लगातार बारिश और नदियों के बढ़े जलस्तर के कारण शोहरतगढ़ क्षेत्र के कई गांवों में बाढ़ और जलभराव की स्थिति बनी हुई है। स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक कई स्थानों पर आवागमन भी प्रभावित हुआ है और कुछ इलाकों में ग्रामीणों को नाव का सहारा लेना पड़ रहा है।

राहत कार्य पर प्रशासन की नजर
राहत वितरण के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति का भी जायजा लिया। जिला प्रशासन की ओर से कहा गया है कि बाढ़ प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन लगातार काम कर रहा है।
इससे पहले भी प्रभावित क्षेत्रों में अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों द्वारा पहुंचकर ग्रामीणों की समस्याओं की जानकारी लेने और राहत व्यवस्था का जायजा लेने की रिपोर्ट सामने आई है।
बाढ़ की स्थिति के बीच प्रशासन की ओर से प्रभावित परिवारों तक भोजन और अन्य जरूरी सहायता पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है।
FT News Digital की यह रिपोर्ट उपलब्ध प्रशासनिक जानकारी और प्रकाशित स्थानीय रिपोर्टों पर आधारित है। जलस्तर, नुकसान या राहत से जुड़े आंकड़ों में प्रशासन की ओर से जारी आधिकारिक अपडेट को ही अंतिम माना जाएगा।
नौगढ़ में ‘सेवा सेतु’ का बहुउद्देशीय शिविर, एक परिसर में जुटीं कई सरकारी सेवाएं
स्वास्थ्य जांच से लेकर महिला-बाल कल्याण तक की योजनाओं की दी गई जानकारी, गोदभराई और अन्नप्राशन संस्कार भी हुए

सिद्धार्थनगर। सेवा संकल्प अभियान के तहत विकासखंड नौगढ़ परिसर में बहुउद्देशीय ‘सेवा सेतु’ शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का उद्देश्य विभिन्न विभागों की योजनाओं और सेवाओं की जानकारी लोगों तक एक ही स्थान पर पहुंचाना रहा। कार्यक्रम में स्वास्थ्य, आयुर्वेद, होम्योपैथी, आंगनबाड़ी, श्रम, वन सहित विभिन्न विभागों की ओर से स्टॉल लगाए गए, जहां लोगों को संबंधित योजनाओं और उपलब्ध सेवाओं की जानकारी दी गई।

सेवा संकल्प अभियान के तहत सिद्धार्थनगर में लगातार अलग-अलग गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। हाल के दिनों में नौगढ़ क्षेत्र में स्वास्थ्य शिविर, ग्राम चौपाल और अन्य कार्यक्रम भी आयोजित किए गए हैं।
फीता काटकर हुआ शुभारंभ, दीप प्रज्वलन के बाद शुरू हुई गतिविधियां
कार्यक्रम का शुभारंभ निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार फीता काटकर और दीप प्रज्वलित कर किया गया। इसके बाद महिला एवं बाल विकास से जुड़ी गतिविधियों के तहत महिलाओं की गोदभराई और बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार कराया गया।
कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने विभिन्न विभागों की ओर से लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया और योजनाओं से जुड़ी जानकारी प्राप्त की।
स्वास्थ्य जांच और दवा वितरण रहा प्रमुख आकर्षण
शिविर में स्वास्थ्य विभाग की ओर से स्वास्थ्य जांच की व्यवस्था की गई। जांच के बाद आवश्यकता के अनुसार लोगों को दवाएं उपलब्ध कराई गईं। इसके साथ ही आयुर्वेद और होम्योपैथी से संबंधित स्टॉल भी लगाए गए।
वहीं आंगनबाड़ी विभाग की ओर से महिलाओं और बच्चों से जुड़ी सेवाओं तथा पोषण संबंधी विषयों पर जानकारी दी गई। श्रम विभाग और वन विभाग सहित अन्य विभागों ने भी अपने-अपने स्टॉल लगाकर विभागीय योजनाओं और सेवाओं से लोगों को अवगत कराया।
इस तरह शिविर में अलग-अलग विभागों की जानकारी एक ही परिसर में उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया, जिससे ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को विभिन्न कार्यालयों तक जाने की आवश्यकता कम हो सके।
महिला और बाल विकास पर भी रहा विशेष जोर
कार्यक्रम के दौरान आयोजित गोदभराई और अन्नप्राशन संस्कार ने महिला एवं बाल कल्याण से जुड़े विषयों को भी प्रमुखता दी। आंगनबाड़ी विभाग की ओर से पोषण और बच्चों की देखभाल से संबंधित जानकारी भी साझा की गई।
नौगढ़ क्षेत्र में इससे पहले सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत ग्राम चौपाल में भी महिलाओं की गोदभराई और बच्चों का अन्नप्राशन कराया गया था। सरकारी अधिकारियों के अनुसार ऐसे आयोजनों में विभागीय योजनाओं की जानकारी ग्रामीणों तक पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है।
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की रही मौजूदगी
कार्यक्रम में डुमरियागंज सांसद जगदंबिका पाल की सुपुत्री पूजा पाल मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहीं। कपिलवस्तु विधायक श्यामधनी राही विशिष्ट अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शामिल हुए।
इसके अलावा ब्लॉक प्रमुख रेनू मिश्रा, उनके प्रतिनिधि राजेश मिश्रा, मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह, पीडी अनिल कुमार, विकासखंड अधिकारी काजल तथा सांसद प्रतिनिधि एसपी अग्रवाल समेत विकासखंड के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
कार्यक्रम में भाजपा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं की भी मौजूदगी रही। अखंड पाल, प्रिंस शर्मा, रिंकू पाल, मुरारी सिंह सहित अन्य लोग कार्यक्रम में शामिल हुए।
‘सेवा सेतु’ के जरिए सेवाओं को लोगों के करीब लाने का प्रयास
नौगढ़ में आयोजित यह शिविर सेवा संकल्प अभियान की गतिविधियों की कड़ी के रूप में सामने आया, जिसमें विभिन्न विभागों की सेवाओं और योजनाओं को एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। हाल में नौगढ़ में श्रमिकों के लिए स्वास्थ्य एवं श्रम विभाग से जुड़ा शिविर भी आयोजित हुआ था, जिसमें स्वास्थ्य परीक्षण और श्रम विभाग की योजनाओं की जानकारी दी गई थी।

कुल मिलाकर, नौगढ़ ब्लॉक परिसर में आयोजित बहुउद्देशीय सेवा सेतु शिविर में सरकारी विभागों की योजनाओं की जानकारी, स्वास्थ्य जांच, दवा वितरण, आयुर्वेद-होम्योपैथी सेवाएं और महिला-बाल कल्याण से जुड़ी गतिविधियां एक ही मंच पर दिखाई दीं। कार्यक्रम का फोकस सरकारी सेवाओं और योजनाओं की जानकारी को लोगों तक पहुंचाने पर रहा।
FT News Digital | सिद्धार्थनगर
“नए जिला प्रभारी का भव्य स्वागत, पहली बैठक में बूथ से संगठन मजबूत करने का संदेश”
सिद्धार्थनगर में भाजपा के नए जिला प्रभारी प्रवीण गुप्ता का जोरदार स्वागत, संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने पर जोर

सिद्धार्थनगर। भारतीय जनता पार्टी के सिद्धार्थनगर जिला प्रभारी बनाए गए प्रवीण गुप्ता के प्रथम जनपद आगमन पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने जिला कार्यालय पर गर्मजोशी के साथ स्वागत किया। ढोल-नगाड़ों, पुष्पवर्षा और फूल-मालाओं के बीच कार्यकर्ताओं ने जिला प्रभारी का अभिनंदन किया। बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता इस दौरान मौजूद रहे।

भाजपा की ओर से हाल ही में जारी जिला प्रभारियों की सूची में सिद्धार्थनगर की जिम्मेदारी प्रवीण गुप्ता को सौंपी गई है।

संगठन की मजबूती पर केंद्रित रही पहली बैठक
स्वागत कार्यक्रम के बाद भाजपा जिला कार्यालय में जिलाध्यक्ष दीपक मौर्य की अध्यक्षता में जिला पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला प्रभारी प्रवीण गुप्ता ने संगठनात्मक गतिविधियों, मंडल स्तर की सक्रियता और बूथ स्तर पर संगठन की मजबूती को लेकर कार्यकर्ताओं से संवाद किया।

बैठक को संबोधित करते हुए प्रवीण गुप्ता ने कहा कि “न पद बड़ा, न कद बड़ा, जो पार्टी के साथ खड़ा, वो सबसे बड़ा।” उन्होंने कहा कि संगठन की ताकत उसके कार्यकर्ता हैं और बूथ स्तर का कार्यकर्ता पार्टी की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है।

उन्होंने अपने संगठनात्मक अनुभवों का उल्लेख करते हुए कहा कि बूथ स्तर से संगठन में कार्य करते हुए विभिन्न जिम्मेदारियों तक पहुंचने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि अपने अनुभव कार्यकर्ताओं के साथ साझा करने के साथ-साथ वरिष्ठ कार्यकर्ताओं से सीखने का भी प्रयास रहेगा।
बूथ अध्यक्ष को बताया संगठन की अहम कड़ी
जिला प्रभारी ने कहा कि बूथ अध्यक्ष अपने क्षेत्र की परिस्थितियों और जनता से सीधे जुड़ा रहता है। इसलिए बूथ स्तर पर संगठन को सक्रिय और मजबूत रखना बेहद महत्वपूर्ण है।
उन्होंने जिलाध्यक्ष से मंडल अध्यक्षों के साथ नियमित संवाद और मंडलवार गतिविधियों की समीक्षा करने की बात कही। उनका कहना था कि संगठन की गतिविधियों को बूथ तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के लिए लगातार संवाद और सक्रियता जरूरी है।
प्रवीण गुप्ता ने कार्यकर्ताओं से अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा और ईमानदारी से करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यदि परिवार, मोहल्ला और समाज किसी व्यक्ति को भाजपा कार्यकर्ता के रूप में पहचानता है तो संगठन के प्रति जिम्मेदारी भी उसी भावना के साथ निभाई जानी चाहिए।
आगामी चुनाव को लेकर बूथ स्तर पर सक्रियता का संदेश
बैठक में आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने पर भी जोर दिया गया। जिला प्रभारी ने कार्यकर्ताओं से पार्टी के कार्यक्रमों और दिशा-निर्देशों के अनुरूप सक्रियता के साथ कार्य करने की बात कही।
उन्होंने कहा कि पार्टी के कार्यक्रमों को बूथ तक पहुंचाने में कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने सिद्धार्थनगर को भगवान बुद्ध की धरती बताते हुए जनपद में प्रथम आगमन को अपने लिए सौभाग्य की बात बताया।
वरिष्ठ नेताओं ने भी रखे विचार
बैठक का संचालन जिला महामंत्री फूलचंद जायसवाल ने किया। इस दौरान क्षेत्रीय उपाध्यक्ष राजेंद्र पाण्डेय, क्षेत्रीय मंत्री कन्हैया पासवान, पूर्व मंत्री सतीश द्विवेदी, क्षेत्रीय अध्यक्ष पिछड़ा मोर्चा शिवनाथ चौधरी, नगर पालिका अध्यक्ष गोविंद माधव, जिला पंचायत अध्यक्ष शीतल सिंह, सदर विधायक श्यामधनी राही, साधना चौधरी सहित पूर्व जिलाध्यक्ष एवं अन्य वरिष्ठ नेताओं ने अपने विचार रखे।
कार्यक्रम के दौरान जिला प्रभारी ने जिला पदाधिकारियों एवं मंडल स्तर के कार्यकर्ताओं के साथ संगठनात्मक विषयों पर संवाद किया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

इस अवसर पर आशीष शुक्ला, पवन मिश्रा, सच्चिदानंद चौबे, विजयकांत चतुर्वेदी, रवि अग्रवाल, मुन्नी देवी, अशोक अग्रहरि, सिद्धार्थ पाठक, अविनाश सिंह, रामनारायण, बजरंगी वर्मा, मधुसूदन अग्रहरि, दशरथ चौधरी, तेजू विश्वकर्मा, अर्चिष्मान मिश्र, सीमा मिश्रा, अनुपमा सिंह दुबे, राघवेंद्र मिश्रा, प्रभात तिवारी, विक्की रस्तोगी सहित बड़ी संख्या में जिला पदाधिकारी, मंडल अध्यक्ष एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
जोगिया में ‘सेवा सेतु’ शिविर, एक परिसर में कई सरकारी सेवाओं का संगम
महिलाओं की गोद भराई और बच्चों का अन्नप्राशन, स्वास्थ्य जांच के साथ विभागीय स्टॉलों पर मिली योजनाओं की जानकारी

सिद्धार्थनगर। विकासखंड जोगिया के प्रांगण में सोमवार को सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत सेवा सेतु अभियान के तहत बहुउद्देशीय शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में विभिन्न विभागों की सेवाओं और जनकल्याणकारी योजनाओं को एक ही स्थान पर लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया गया। कार्यक्रम में स्वास्थ्य जांच, दवा वितरण और विभागीय योजनाओं की जानकारी के साथ महिला एवं बाल कल्याण से जुड़े कार्यक्रम भी आयोजित किए गए।

एक मंच पर जुटे कई विभाग
कार्यक्रम का शुभारंभ कपिलवस्तु विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्यामधनी राही ने फीता काटकर और दीप प्रज्वलित कर किया। इस दौरान उन्होंने महिलाओं की गोद भराई तथा बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार कराया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों को विभिन्न विभागों की सेवाओं और योजनाओं से संबंधित जानकारी भी दी गई।

स्वास्थ्य जांच से लेकर योजनाओं की जानकारी तक
बहुउद्देशीय शिविर में स्वास्थ्य विभाग की ओर से स्टॉल लगाया गया, जहां लोगों की स्वास्थ्य जांच की गई और जरूरत के अनुसार दवाओं का वितरण किया गया। इसके साथ ही आयुर्वेद और होम्योपैथी से संबंधित स्टॉल भी लगाए गए।

आंगनबाड़ी विभाग ने महिलाओं और बच्चों से जुड़ी सेवाओं तथा पोषण संबंधी जानकारी उपलब्ध कराई। वहीं श्रम विभाग और वन विभाग सहित अन्य विभागों ने भी अपने स्टॉल लगाए। इन स्टॉलों के माध्यम से लोगों को संबंधित विभागों की योजनाओं, सेवाओं और उनसे जुड़ी प्रक्रियाओं की जानकारी दी गई।

सम्मान और वितरण भी बना आकर्षण
कार्यक्रम के दौरान कुछ लाभार्थियों को संबंधित योजनाओं के तहत स्वीकृति/लाभ से जुड़े प्रमाण-पत्र या सामग्री प्रदान की गई तथा कुछ लोगों को उनके कार्यों के लिए सम्मानित भी किया गया। इससे शिविर में मौजूद लोगों के बीच सरकारी सेवाओं और योजनाओं को लेकर उत्साह देखने को मिला।
एक ही जगह मिली कई सेवाओं की जानकारी
सेवा सेतु अभियान के तहत आयोजित इस शिविर का प्रमुख उद्देश्य विभिन्न विभागों को एक मंच पर लाकर आम लोगों को सरकारी सेवाओं और योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराना रहा। शिविर में लोगों को संबंधित विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों से सीधे बातचीत कर अपनी जरूरतों और योजनाओं से जुड़ी जानकारी लेने का अवसर मिला।
स्वास्थ्य सेवाओं से लेकर महिला एवं बाल कल्याण, पोषण, श्रम और वन विभाग से जुड़ी जानकारियों तक—एक ही परिसर में विभिन्न विभागों की मौजूदगी शिविर की प्रमुख विशेषता रही।
अधिकारी और जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
कार्यक्रम में जोगिया ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि श्रीष चौधरी, मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह, पीडी अनिल कुमार, बीडीओ रामानंद वर्मा, एडीओ पंचायत प्रदीप सिंह, डुमरियागंज सांसद प्रतिनिधि एसपी अग्रवाल, राजेश दुबे, दिवाकर, विक्रम सिंह, महेंद्र लोधी और विकास पांडे सहित भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
इसके अलावा विकासखंड के अधिकारी-कर्मचारी भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन परमात्मा यादव ने किया।
सारांश
जोगिया में आयोजित सेवा सेतु शिविर में सरकारी सेवाओं को लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया गया। स्वास्थ्य जांच और दवा वितरण के साथ आयुर्वेद, होम्योपैथी, आंगनबाड़ी, श्रम और वन विभाग के स्टॉल लगाए गए। महिलाओं की गोद भराई और बच्चों के अन्नप्राशन के साथ लाभार्थियों को योजनाओं से जुड़ी सुविधाएं एवं सम्मान भी प्रदान किए गए।
शिविर की प्रमुख झलकियां
सेवा सेतु अभियान के तहत बहुउद्देशीय शिविर
महिलाओं की गोद भराई
बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार
स्वास्थ्य जांच और दवा वितरण
आयुर्वेद एवं होम्योपैथी स्टॉल
आंगनबाड़ी विभाग की सेवाएं
श्रम एवं वन विभाग के स्टॉल
विभिन्न योजनाओं की जानकारी
लाभार्थियों को सम्मान/लाभ वितरण
टिप्पणी
सेवा सेतु जैसे बहुउद्देशीय शिविरों की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि अलग-अलग विभागों की सेवाओं और योजनाओं की जानकारी लोगों को एक ही स्थान पर मिलती है। जोगिया में आयोजित शिविर में स्वास्थ्य, पोषण, महिला एवं बाल कल्याण और अन्य विभागीय सेवाओं को एक मंच पर लाने की तस्वीर सामने आई। अब ऐसे आयोजनों का वास्तविक असर इस बात से भी जुड़ा रहेगा कि शिविर में जानकारी पाने वाले पात्र लोगों तक संबंधित योजनाओं और सेवाओं का लाभ आगे किस तरह पहुंचता है।
FT News Digital | सिद्धार्थनगर
काला नमक की नई पहचान: सिद्धार्थनगर की कुकीज अब जर्मनी के बाजार में दस्तक देने को तैयार

यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में सिद्धार्थनगर के काला नमक उत्पादों ने खींचा विदेशी खरीदारों का ध्यान, निर्यात को लेकर बढ़ी संभावनाएं

सिद्धार्थनगर। पूर्वांचल की पहचान से जुड़े काला नमक चावल को अब पारंपरिक भोजन की सीमाओं से आगे ले जाने की कोशिशें दिखाई दे रही हैं। इसी क्रम में काला नमक चावल के आटे से तैयार की गई कुकीज ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी जगह बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया है। नोएडा में आयोजित यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में सिद्धार्थनगर से लगाए गए स्टॉल पर इन उत्पादों को विदेशी प्रतिनिधियों के सामने प्रस्तुत किया गया, जहां जर्मनी और फ्रांस से जुड़े व्यवसायिक प्रतिनिधियों की रुचि सामने आई।
विदेशी बाजार के लिए खुली नई राह
सिद्धार्थनगर के काला नमक चावल से तैयार कुकीज को जर्मनी में निर्यात करने की दिशा में बातचीत आगे बढ़ी है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, जर्मनी और फ्रांस के व्यावसायिक प्रतिनिधियों ने उत्पाद में रुचि दिखाई है। सिद्धार्थनगर की बुंदा डिलाइट्स के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की बात भी सामने आई है। रविवार को दोनों पक्षों के बीच एमओयू की प्रक्रिया प्रस्तावित बताई गई है, जिसमें उद्योग विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहेंगे।
काला नमक से कुकीज तक का सफर
काला नमक चावल को आमतौर पर अपनी विशिष्ट सुगंध और पारंपरिक पहचान के लिए जाना जाता है। अब इसी चावल के आटे से तैयार किए जा रहे बेकरी उत्पाद अंतरराष्ट्रीय व्यापार की संभावनाओं से जुड़ रहे हैं। नोएडा के ट्रेड शो में सिद्धार्थनगर के उत्पादों की प्रस्तुति ने इस दिशा में एक नई संभावना पैदा की है।
छह स्टॉल पर दिख रहे सिद्धार्थनगर के उत्पाद
25 से 29 सितंबर तक नोएडा में आयोजित यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में सिद्धार्थनगर से काला नमक आधारित उत्पादों के छह स्टॉल लगाए गए हैं। यहां काला नमक चावल के आटे से तैयार कुकीज के अलावा ब्रेड, क्रीम रोल और अन्य उत्पाद प्रदर्शित किए गए हैं।
इन स्टॉलों में जिले के उत्पादों के साथ-साथ ओडीओपी (एक जनपद एक उत्पाद) और ओडीओसी (एक जनपद एक व्यंजन) से संबंधित उत्पादों को भी स्थान दिया गया है। निर्यात, नवाचार और स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में इसे महत्वपूर्ण मंच के रूप में देखा जा रहा है।
क्या खास है काला नमक कुकीज में?
काला नमक चावल के आटे से तैयार उत्पाद
पारंपरिक कृषि उत्पाद का आधुनिक खाद्य उत्पाद के रूप में इस्तेमाल
अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के सामने सीधी प्रस्तुति
जर्मनी में निर्यात की संभावित संभावना
ब्रेड, क्रीम रोल समेत अन्य उत्पाद भी प्रदर्शित
ट्रेड शो में विदेशी प्रतिनिधियों से बातचीत
ट्रेड शो में विदेशी कंपनियों के प्रतिनिधियों को काला नमक चावल के आटे से तैयार कुकीज की विशेषताओं और संभावित बाजार के बारे में जानकारी दी गई। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, काला नमक उत्पादों को लेकर विदेश से आए प्रतिनिधियों के साथ व्यापारिक बातचीत चल रही है।
उद्योग विभाग की ओर से बताया गया है कि काला नमक चावल के आटे से बनी कुकीज के निर्यात को लेकर दो देशों के साथ बातचीत अंतिम चरण में है। इससे स्थानीय स्तर पर तैयार उत्पादों के लिए विदेशी बाजार तलाशने की संभावना बढ़ी है।
पहले भी बन चुकी है निर्यात की जमीन
काला नमक चावल से बने उत्पादों के निर्यात को लेकर पहले भी व्यापारिक समझौते किए जा चुके हैं। वर्ष 2025 के ट्रेड शो के दौरान आठ देशों के व्यवसायियों के साथ काला नमक चावल के आटे से बने उत्पादों के निर्यात को लेकर एमओयू होने की जानकारी दी गई थी। इसके बाद इन उत्पादों के विदेशी बाजार में पहुंचने का रास्ता आगे बढ़ा।
इसी क्रम को आगे बढ़ाते हुए इस बार कुकीज जैसे वैल्यू-एडेड उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के सामने रखा गया है।
सारांश
काला नमक चावल अब सिर्फ चावल तक सीमित नहीं रह गया है। इससे तैयार किए जा रहे आधुनिक खाद्य उत्पाद सिद्धार्थनगर की स्थानीय पहचान को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। नोएडा ट्रेड शो में विदेशी प्रतिनिधियों की रुचि और जर्मनी में कुकीज के संभावित निर्यात को लेकर चल रही बातचीत इसी दिशा में एक नया कदम है।
सिद्धार्थनगर के काला नमक चावल के आटे से बनी कुकीज को अंतरराष्ट्रीय बाजार में जगह मिलने की संभावना बढ़ी है। नोएडा के यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में विदेशी प्रतिनिधियों ने उत्पाद में रुचि दिखाई।

जिला बदर आदेश की तामील के लिए बांसी पुलिस पहुंची घर, ताला बंद मिला

मकान पर चस्पा किया गया आदेश, मुनादी कर स्थानीय लोगों को दी गई जानकारी; पुलिस ने निगरानी बढ़ाई

सिद्धार्थनगर। जिलाधिकारी सिद्धार्थनगर द्वारा जारी जिला बदर आदेश के अनुपालन में कोतवाली बांसी पुलिस ने रविवार को संबंधित व्यक्ति के निवास स्थान पर पहुंचकर तलाश एवं सत्यापन की कार्रवाई की। पुलिस के अनुसार मौके पर संबंधित व्यक्ति घर पर मौजूद नहीं मिला और मकान पर ताला लगा हुआ था। इसके बाद पुलिस टीम ने नियमानुसार जिला बदर आदेश की प्रति मकान के सहज दृश्य एवं प्रमुख स्थान पर चस्पा की तथा आसपास मुनादी कराकर स्थानीय लोगों को आदेश की जानकारी दी।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन के निर्देश पर अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी नियंत्रण तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से जिले में जिला बदर आदेशों के अनुपालन का अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में 27 सितंबर 2026 को कोतवाली बांसी पुलिस ने अरबाज शाह पुत्र मटू उर्फ मोहम्मद इरशाद, निवासी मोहल्ला ईशानगर, थाना कोतवाली बांसी के संबंध में जिला बदर आदेश की तामील की कार्रवाई की।
मकान पर ताला मिला
पुलिस की ओर से जारी प्रेस नोट के मुताबिक टीम जब संबंधित व्यक्ति के निवास स्थान पर पहुंची तो वह मौके पर मौजूद नहीं मिला। मकान पर ताला बंद पाया गया। ऐसी स्थिति में पुलिस ने जिला बदर आदेश की प्रति मकान के ऐसे प्रमुख और सहज दृश्य स्थान पर चस्पा की, जहां सामान्य रूप से आने-जाने वाले लोगों को आदेश की जानकारी हो सके।
मुनादी कराकर दी गई जानकारी
पुलिस के अनुसार स्थानीय मोहल्ले तथा मकान के आसपास नियमानुसार मुनादी कराई गई। मौजूद लोगों और स्थानीय जनमानस को बताया गया कि संबंधित व्यक्ति को जिलाधिकारी के आदेश के तहत छह माह की अवधि के लिए जनपद सिद्धार्थनगर की सीमा से जिला बदर किया गया है। इस अवधि में जनपद की सीमा में प्रवेश या निवास नहीं करने संबंधी आदेश की जानकारी भी दी गई।
पुलिस की निगरानी जारी
पुलिस ने बताया कि जिला बदर आदेश के प्रभावी अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए संबंधित व्यक्ति की गतिविधियों पर सतर्क दृष्टि रखी जा रही है। यदि जिला बदर अवधि के दौरान उसकी जनपद में उपस्थिति पाई जाती है, तो आदेश के उल्लंघन के संबंध में नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस टीम रही मौजूद
कार्रवाई के दौरान प्रभारी निरीक्षक महेन्द्र प्रताप चतुर्वेदी, उपनिरीक्षक शम्स जावेद खान, उपनिरीक्षक छोटेलाल यादव, आरक्षी मनोज यादव, आरक्षी रितेश सिंह, महिला आरक्षी अंजली यादव और महिला आरक्षी सरिता सहित पुलिस टीम मौजूद रही।
क्या है जिला बदर आदेश?
जिला बदर एक वैधानिक प्रशासनिक कार्रवाई है, जिसके तहत सक्षम प्राधिकारी के आदेश से किसी व्यक्ति को निर्धारित अवधि के लिए संबंधित जिले की सीमा से बाहर रहने का निर्देश दिया जाता है। आदेश की शर्तों का उल्लंघन होने पर संबंधित कानून के तहत आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
सारांश
बांसी पुलिस ने जिला बदर आदेश के अनुपालन में संबंधित व्यक्ति के घर पहुंचकर सत्यापन किया। घर पर ताला मिलने के बाद आदेश की प्रति चस्पा की गई और मुनादी के माध्यम से स्थानीय लोगों को आदेश की जानकारी दी गई। पुलिस ने आदेश के अनुपालन को लेकर निगरानी जारी रखने की बात कही है।
FT News Digital टिप्पणी
जिला बदर आदेश की तामील और उसके अनुपालन की निगरानी कानून-व्यवस्था बनाए रखने की प्रक्रिया का हिस्सा है। इस मामले में पुलिस की ओर से जारी जानकारी के अनुसार संबंधित व्यक्ति मौके पर मौजूद नहीं मिला। इसलिए खबर में उसके विरुद्ध किसी अपराध या आरोप को तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जा रहा है। आगे की स्थिति पुलिस अथवा सक्षम प्रशासनिक प्राधिकारी की आधिकारिक कार्रवाई से स्पष्ट होगी।
कपिलवस्तु को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर उभारने की दिशा में मंथन, इतिहास और विरासत को विकास से जोड़ने पर जोर
विश्व पर्यटन दिवस पर जनपदीय विचार संगोष्ठी में पर्यटन विशेषज्ञों, प्रशासन, होटल कारोबारियों और प्रबुद्धजनों ने साझा किए विचार | ‘सिद्धार्थनगर : इतिहास के पन्नों से वर्तमान तक’ पुस्तक का विमोचन

सिद्धार्थनगर। बुद्ध की धरती और ऐतिहासिक विरासत की पहचान रखने वाले सिद्धार्थनगर में अब सवाल केवल पर्यटन स्थलों की मौजूदगी का नहीं, बल्कि उस विरासत को बेहतर पर्यटन सुविधाओं, स्थानीय रोजगार और वैश्विक पहचान से जोड़ने का है। विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर रविवार, 27 सितंबर 2026 को आयोजित जनपदीय विचार संगोष्ठी में कपिलवस्तु समेत जिले की ऐतिहासिक, धार्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत को पर्यटन की नई संभावनाओं से जोड़ने पर गंभीर मंथन हुआ।

कार्यक्रम में ‘सिद्धार्थनगर : इतिहास के पन्नों से वर्तमान तक’ पुस्तक का विमोचन भी किया गया। पुस्तक को जनपद के इतिहास, विरासत और वर्तमान स्वरूप को एक साथ समझने की दिशा में किए गए प्रयास के रूप में प्रस्तुत किया गया।
विरासत से विकास तक की नई सोच
सिद्धार्थनगर की पहचान सिर्फ एक जिले के रूप में नहीं, बल्कि इतिहास, संस्कृति और बौद्ध विरासत से जुड़े महत्वपूर्ण भूभाग के रूप में भी सामने आती है। ऐसे में विश्व पर्यटन दिवस पर आयोजित संगोष्ठी ने एक अहम सवाल को केंद्र में रखा—क्या जिले की ऐतिहासिक विरासत को आधुनिक पर्यटन सुविधाओं और स्थानीय अर्थव्यवस्था के अवसरों से जोड़कर नई पहचान दी जा सकती है?

इसी सोच के साथ आयोजित कार्यक्रम में प्रशासन, पर्यटन क्षेत्र, होटल कारोबार, पत्रकारिता और प्रबुद्ध वर्ग से जुड़े लोगों ने अपने विचार साझा किए।
मंच पर इतिहास, स्क्रीन पर विरासत और चर्चा में भविष्य
कार्यक्रम का माहौल केवल औपचारिक संगोष्ठी तक सीमित नहीं रहा। मंच पर अतिथियों ने पर्यटन विकास की संभावनाओं पर विचार रखे, वहीं स्क्रीन पर ‘सिद्धार्थनगर : इतिहास के पन्नों से वर्तमान तक’ पुस्तक की झलकियां सामने आईं। पुस्तक के विमोचन के दौरान जनपद के इतिहास और विरासत को दस्तावेज के रूप में सामने लाने के प्रयास पर चर्चा हुई।

वक्ताओं का कहना रहा कि ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण के साथ यदि पर्यटकों के लिए सूचना, आवागमन, ठहरने, मार्गदर्शन और अन्य आवश्यक सुविधाओं का विस्तार किया जाए तो पर्यटन स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों और रोजगार के अवसरों को गति देने का माध्यम बन सकता है।
कपिलवस्तु से आगे पूरे जनपद की पर्यटन क्षमता पर नजर
संगोष्ठी में कपिलवस्तु समेत सिद्धार्थनगर के विभिन्न ऐतिहासिक, धार्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक स्थलों की पर्यटन संभावनाओं पर चर्चा हुई। वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि किसी भी क्षेत्र को पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने के लिए केवल ऐतिहासिक महत्व पर्याप्त नहीं होता, बल्कि उस विरासत तक पर्यटकों की आसान पहुंच और वहां आवश्यक सुविधाओं का होना भी महत्वपूर्ण है।
इसी संदर्भ में होटल और पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों की सहभागिता को भी महत्वपूर्ण माना गया। उन्हें पर्यटकों की अपेक्षाओं, स्थानीय पर्यटन स्थलों की जानकारी तथा पर्यटक सुविधाओं के विस्तार से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर जानकारी दी गई।

‘सिद्धार्थनगर : इतिहास के पन्नों से वर्तमान तक’
कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण पुस्तक का विमोचन रहा।
‘सिद्धार्थनगर : इतिहास के पन्नों से वर्तमान तक’ नामक पुस्तक में जनपद के इतिहास, विरासत और वर्तमान स्वरूप से जुड़े विषयों को समेटने का प्रयास किया गया है।
पुस्तक के लेखक एवं अपर जिलाधिकारी डॉ. ज्ञान प्रकाश ने कहा कि प्रशासन के साथ प्रबुद्ध वर्ग के सहयोग से सिद्धार्थनगर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान को सामने लाने का प्रयास किया गया है।
पुस्तक प्रकाशन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली अलका पांडेय ने बताया कि पुस्तक को 12 अध्यायों में तैयार किया गया है, जिनके माध्यम से सिद्धार्थनगर से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं को समाज के सामने लाने की कोशिश की गई है।
पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था का कनेक्शन
पर्यटन को केवल घूमने-फिरने तक सीमित गतिविधि नहीं माना जाता। किसी क्षेत्र में पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने के साथ होटल, परिवहन, स्थानीय हस्तशिल्प, खानपान, गाइड सेवा और अन्य स्थानीय व्यवसायों के लिए भी अवसर पैदा हो सकते हैं।
संगोष्ठी में इसी व्यापक दृष्टिकोण से पर्यटन विकास पर विचार रखे गए और स्थानीय स्तर पर पर्यटक सुविधाओं को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
विरासत को सिर्फ संरक्षित नहीं, समझाना भी जरूरी
कार्यक्रम में सामने आया एक महत्वपूर्ण विचार यह रहा कि ऐतिहासिक स्थलों की पहचान को नई पीढ़ी और बाहर से आने वाले पर्यटकों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के लिए दस्तावेजीकरण, प्रचार-प्रसार और स्थानीय इतिहास की सरल प्रस्तुति जरूरी है।
इसी कड़ी में पुस्तक को जनपद के इतिहास और विरासत को एक साथ प्रस्तुत करने वाला प्रयास बताया गया।
मंच से उठी एक बड़ी संभावना
सिद्धार्थनगर के पर्यटन विकास की चर्चा में कपिलवस्तु स्वाभाविक रूप से एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में सामने आता है। ऐसे में स्थानीय विरासत को बेहतर सुविधाओं, व्यवस्थित प्रचार और पर्यटन से जुड़े स्थानीय कारोबार के साथ जोड़ने की दिशा में होने वाली चर्चाएं आने वाले समय में महत्वपूर्ण हो सकती हैं।
हालांकि पर्यटन विकास की वास्तविक तस्वीर सुविधाओं के विस्तार, संरक्षण, पहुंच और पर्यटक अनुभव में होने वाले ठोस सुधारों से ही तय होगी।
कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मौर्या मौजूद रहे। इसके अलावा सांसद प्रतिनिधि एसपी अग्रवाल, वरिष्ठ पत्रकार नजीर मलिक, मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार, संतोष श्रीवास्तव, जितेंद्र पांडेय, शुभम श्रीवास्तव और सीमा मिश्रा सहित विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोग मौजूद रहे।
कार्यक्रम में अखंड प्रताप सिंह, दयाशंकर यादव, राम विलास यादव, सुरेंद्र श्रीवास्तव, गोविंद प्रसाद ओझा, राजेश मिश्रा, अभय श्रीवास्तव, प्रभात शुक्ला, राणा प्रताप सिंह, श्रीश श्रीवास्तव, पंकज पासवान, नियाज कपिलवस्तुवी, विजय कृष्ण नारायण सिंह, सलोनी उपाध्याय, अरुणेश विश्वकर्मा, सुधाकर मिश्रा, शिवदत्त अग्रहरी, नीरज श्रीवास्तव, पंकज वर्मा, किरनलता सिंह, धनेश वर्मा तथा पर्यटन विभाग से विश्वजीत सिंह समेत अन्य लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन नितेश पांडेय ने किया।
सारांश
विश्व पर्यटन दिवस पर सिद्धार्थनगर में हुई संगोष्ठी ने जिले की ऐतिहासिक पहचान को पर्यटन विकास से जोड़ने की संभावनाओं को चर्चा के केंद्र में ला दिया। कपिलवस्तु समेत जिले की विरासत को बेहतर पर्यटक सुविधाओं, प्रचार-प्रसार और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने पर विचार हुआ। इसी अवसर पर ‘सिद्धार्थनगर : इतिहास के पन्नों से वर्तमान तक’ पुस्तक का विमोचन हुआ, जिसने जिले के अतीत को दस्तावेजी रूप में सामने रखने की कोशिश को भी रेखांकित किया।
एक नजर में
आयोजन: जनपदीय विचार संगोष्ठी
अवसर: विश्व पर्यटन दिवस
तारीख: रविवार, 27 सितंबर 2026
मुख्य विषय: सिद्धार्थनगर की पर्यटन संभावनाएं और ऐतिहासिक विरासत
विशेष आकर्षण: ‘सिद्धार्थनगर : इतिहास के पन्नों से वर्तमान तक’ पुस्तक का विमोचन
केंद्र में: कपिलवस्तु सहित जिले की ऐतिहासिक, धार्मिक, सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक विरासत
कपिलवस्तु में गूंजा ‘नमो सेवा—अनकही कहानियां’ का मंचन, नाटक के जरिए सामने आई मोदी के 25 साल के सार्वजनिक जीवन की कहानी
सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम में संवाद, अभिनय और संगीत के जरिए प्रस्तुत किए गए प्रसंग

सिद्धार्थनगर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में सेवा, समर्पण और सुशासन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी की ओर से चलाए जा रहे ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत कपिलवस्तु विधानसभा क्षेत्र में शुक्रवार, 25 सितंबर 2026 को ‘नमो सेवा—अनकही कहानियां’ नाट्य मंचन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम नगर पालिका सिद्धार्थनगर स्थित अवैद्यनाथ सभागार में हुआ, जहां मंच पर कलाकारों ने संवाद, अभिनय और संगीत के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन से जुड़े विभिन्न प्रसंगों को प्रस्तुत किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर भाजपा का ‘सेवा संकल्प अभियान’ प्रदेश में अलग-अलग कार्यक्रमों के जरिए आगे बढ़ रहा है। इसी क्रम में कपिलवस्तु विधानसभा में ‘नमो सेवा—अनकही कहानियां’ का मंचन हुआ। मंच पर कलाकारों ने अभिनय और संवाद के माध्यम से मोदी के सार्वजनिक जीवन की विभिन्न अवस्थाओं तथा शासन और जनकल्याण से जुड़े प्रसंगों को नाट्य रूप में प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम की शुरुआत निर्धारित विधि से हुई, जिसके बाद मंचीय प्रस्तुति ने दर्शकों का ध्यान अपनी ओर खींचा। भगवा परिधान में कलाकारों की टीम ने सामूहिक प्रस्तुति, संवाद और संगीत के माध्यम से कार्यक्रम को आगे बढ़ाया। मंच के पीछे लगाए गए बैनर में ‘नमो सेवा—अनकही कहानियां’ कार्यक्रम की थीम और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन से जुड़े संदेश प्रदर्शित किए गए।

नाट्य प्रस्तुति में गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी के कार्यकाल से लेकर प्रधानमंत्री के रूप में उनकी भूमिका तक के अलग-अलग प्रसंगों को मंचित किया गया। इसके साथ ही विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और शासन से जुड़े विषयों को भी नाट्य रूपांतरण के जरिए दर्शकों के सामने रखा गया।
भाजपा की ओर से आयोजित यह कार्यक्रम उस व्यापक ‘सेवा संकल्प अभियान’ का हिस्सा है, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर चलाया जा रहा है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, अभियान के अंतर्गत ‘नमो सेवा—अनकही कहानियां’ जैसे कार्यक्रमों को विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों तक पहुंचाने की योजना बनाई गई है।
कार्यक्रम में क्या रहा खास
‘नमो सेवा—अनकही कहानियां’ का नाट्य मंचन
संवाद, अभिनय और संगीत के जरिए प्रस्तुति
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन से जुड़े प्रसंगों का मंचन
जनकल्याणकारी योजनाओं और शासन से जुड़े विषयों की प्रस्तुति
भाजपा पदाधिकारी और कार्यकर्ता रहे मौजूद
अभियान का संदर्भ
भाजपा द्वारा चलाया जा रहा ‘सेवा संकल्प अभियान’ 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक चलाए जाने की जानकारी विभिन्न रिपोर्टों में दी गई है। अभियान के तहत ‘नमो सेवा’ सहित कई कार्यक्रमों के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन और सेवा से जुड़े प्रसंगों को लोगों तक पहुंचाने की योजना बताई गई है।
कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा मंडल अध्यक्ष सतीश रस्तोगी ने की। मुख्य अतिथि के रूप में दीपक मौर्य मौजूद रहे। कार्यक्रम के आयोजन में सदर विधायक श्याम धनी राही की भूमिका रही।
इस अवसर पर फतेह बहादुर सिंह, पवन मिश्रा, फूल चंद जायसवाल, आशीष शुक्ला, प्रभात तिवारी, विजय कांत चतुर्वेदी, एसपी अग्रवाल, श्याम सुंदर मित्तल, मनोज लोधी, अरविन्द पाण्डेय, उमेश साहू, राजाराम लोधी, संदीप जायसवाल, अजय शर्मा सहित भाजपा के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
सारांश
कपिलवस्तु विधानसभा में आयोजित ‘नमो सेवा—अनकही कहानियां’ केवल एक सामान्य सांस्कृतिक प्रस्तुति नहीं रही, बल्कि भाजपा के ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन से जुड़े प्रसंगों को नाट्य माध्यम से प्रस्तुत करने वाला कार्यक्रम रहा। मंच पर अभिनय और संवाद के जरिए राजनीतिक जीवन, सेवा और शासन से जुड़े प्रसंगों को दर्शकों के सामने रखा गया।
टिप्पणी
कार्यक्रम की खास बात यह रही कि प्रधानमंत्री के सार्वजनिक जीवन से जुड़े राजनीतिक और सामाजिक प्रसंगों को भाषण के बजाय नाट्य और सांस्कृतिक प्रस्तुति के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। इससे कार्यक्रम को एक अलग मंचीय स्वरूप मिला। उपलब्ध तस्वीरों में मंच पर कलाकारों की सामूहिक प्रस्तुति और सभागार में उपस्थित दर्शक भी दिखाई दे रहे हैं।
ग्राम पंचायतों की समस्याओं को लेकर प्रधान संगठन ने सौंपा ज्ञापन, पांच प्रमुख मांगों पर शासन से कार्रवाई की मांग
सिद्धार्थनगर। ग्राम पंचायतों के विकास कार्यों और ग्राम प्रधानों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर ग्राम प्रधान संगठन की ओर से 24 सितंबर 2026 को विकास भवन परिसर में ज्ञापन सौंपा गया। संगठन ने ज्ञापन के माध्यम से ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के संचालन, लंबित भुगतान, मनरेगा की धनराशि, ग्राम पंचायत स्तर पर विकास कार्यों की स्वीकृति तथा पंचायत राहत कोष से जुड़े मुद्दों को शासन के समक्ष रखा।

संगठन की ओर से यह ज्ञापन मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार के नाम मुख्य विकास अधिकारी, जनपद सिद्धार्थनगर के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। ज्ञापन में ग्राम प्रधानों की ओर से वर्तमान समय में सामने आ रही व्यावहारिक कठिनाइयों का उल्लेख करते हुए संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने का अनुरोध किया गया है।
पांच मांगों के जरिए उठाए पंचायत व्यवस्था से जुड़े मुद्दे
ज्ञापन में ग्राम पंचायतों को मिलने वाली केंद्रीय वित्त की लंबित धनराशि शीघ्र जारी कराने, मनरेगा के तहत कराए गए विकास कार्यों की लंबित धनराशि और सामग्री मद सहित अन्य बकाया भुगतान कराने की मांग प्रमुखता से रखी गई। साथ ही स्थानीय आवश्यकताओं और जनहित को ध्यान में रखते हुए विकास कार्यों की स्वीकृति ग्राम पंचायत स्तर से सुनिश्चित किए जाने की मांग की गई।
मानदेय और पंचायत राहत कोष का भी मुद्दा
संगठन ने मांग की कि जिस प्रकार ग्राम प्रधानों को उनके दायित्वों एवं कार्यों के लिए मानदेय दिया जाता है, उसी प्रकार ग्राम पंचायतों में नियुक्त प्रशासनिक कर्मियों को भी उनके कार्यकाल के दौरान उचित मानदेय प्रदान किया जाए।

ज्ञापन में पंचायत राहत कोष को पुनः शुरू/गठित किए जाने की मांग भी की गई है। संगठन का कहना है कि इससे किसी प्रशासक की मृत्यु होने की स्थिति में उनके वारिस को पूर्व की भांति राहत अनुदान उपलब्ध कराया जा सकेगा।
| ज्ञापन में रखी गई पांच प्रमुख मांगें
1. केंद्रीय वित्त की लंबित धनराशि:
ग्राम पंचायतों को प्राप्त होने वाली केंद्रीय वित्त की लंबित धनराशि शीघ्र जारी कराई जाए, जिससे ग्राम पंचायतों में आवश्यक विकास एवं जनहित के कार्य सुचारु रूप से कराए जा सकें।
2. मनरेगा का बकाया भुगतान:
ग्राम पंचायतों में मनरेगा के अंतर्गत कराए गए विकास कार्यों की लंबित धनराशि, सामग्री मद सहित अन्य बकाया भुगतान शीघ्र कराया जाए, ताकि विकास कार्य प्रभावित न हों।
3. ग्राम पंचायत स्तर पर स्वीकृति:
स्थानीय आवश्यकताओं एवं जनहित को ध्यान में रखते हुए विकास कार्यों की स्वीकृति की व्यवस्था ग्राम पंचायत स्तर से ही सुनिश्चित किए जाने की मांग की गई।
4. प्रशासनिक कर्मियों के मानदेय का मुद्दा:
ग्राम प्रधानों को उनके दायित्वों एवं कार्यों के लिए जिस प्रकार मानदेय प्रदान किया जाता है, उसी प्रकार ग्राम पंचायतों में नियुक्त प्रशासनिक कर्मियों को भी कार्यकाल के दौरान उचित मानदेय दिए जाने की मांग रखी गई।
5. पंचायत राहत कोष:
पंचायत राहत कोष को पुनः गठित किए जाने की मांग की गई, ताकि किसी प्रशासक की मृत्यु होने की स्थिति में उनके वारिस को पूर्व की भांति राहत अनुदान प्राप्त हो सके।
मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की अपील
ज्ञापन के अंत में मुख्यमंत्री से ग्राम प्रधानों एवं ग्राम पंचायतों की उपरोक्त समस्याओं की गंभीरता को देखते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान करने का अनुरोध किया गया है।
मौके पर मौजूद रहे पदाधिकारी व प्रतिनिधि
ज्ञापन सौंपे जाने के दौरान प्रदेश अध्यक्ष ललित शर्मा, जिला अध्यक्ष डॉ. पवन मिश्र, ताकिब रिजवी, गंगा मिश्र, नीरज सिंह, पारस यादव, प्रदीप चौरसिया और दिनेश धर सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। विकास भवन परिसर में बड़ी संख्या में प्रधान संगठन से जुड़े लोगों की मौजूदगी रही।
सारांश
ग्राम प्रधान संगठन द्वारा दिए गए ज्ञापन में पंचायतों के सामने बताए गए वित्तीय और प्रशासनिक मुद्दों को पांच बिंदुओं में सामने रखा गया है। अब इन मांगों पर शासन एवं संबंधित विभागों की ओर से क्या कार्रवाई होती है, यह आगे देखने वाली बात होगी।
FT News Digital | सिद्धार्थनगर
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उद्योग-व्यापार संगठन में कंचन वर्मा को मिली नई जिम्मेदारी

बर्डपुर व्यापार इकाई की बैठक में सर्वसम्मति से संगठन मंत्री घोषित, व्यापारियों की समस्याओं को मजबूती से उठाने का संकल्प
सिद्धार्थनगर/बर्डपुर। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार संगठन की जिला इकाई की बैठक में संगठन के विस्तार और व्यापारियों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। बैठक के दौरान बर्डपुर व्यापार इकाई के व्यवसायी कंचन वर्मा को सर्वसम्मति से संगठन मंत्री की जिम्मेदारी दिए जाने की जानकारी सामने आई। नई जिम्मेदारी मिलने के बाद कंचन वर्मा ने संगठन के प्रति निष्ठापूर्वक कार्य करने और व्यापारियों की समस्याओं को उचित मंच तक पहुंचाने की बात कही।
शुक्रवार देर शाम मुख्यालय स्थित जिला कार्यालय पर आयोजित बैठक में संगठनात्मक विस्तार को लेकर पदाधिकारियों और सदस्यों ने विचार-विमर्श किया। चर्चा के बाद बर्डपुर इकाई में कंचन वर्मा को संगठन मंत्री की जिम्मेदारी सौंपे जाने की घोषणा की गई। इस मौके पर संगठन से जुड़े पदाधिकारियों ने नई जिम्मेदारी के लिए उन्हें शुभकामनाएं दीं।
बैठक की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष अजय कसौधन ने की। बैठक में संगठन को स्थानीय स्तर पर और सक्रिय बनाने तथा व्यापारियों से जुड़े विषयों को प्रभावी तरीके से उठाने पर चर्चा हुई। सर्वसम्मति से लिए गए निर्णय के बाद कंचन वर्मा को जिला इकाई का संगठन मंत्री घोषित किया गया।
जिम्मेदारी मिलने के बाद कंचन वर्मा ने कहा कि संगठन ने उन्हें जो दायित्व सौंपा है, उसका निर्वहन पूरी निष्ठा के साथ करने का प्रयास रहेगा। उन्होंने व्यापारियों की समस्याओं और सुझावों को संगठन के माध्यम से संबंधित स्तर तक पहुंचाने की बात कही।
संगठन में नई जिम्मेदारी
कंचन वर्मा — संगठन मंत्री
बर्डपुर व्यापार इकाई से जुड़े कंचन वर्मा को जिला इकाई में संगठन मंत्री की जिम्मेदारी दी गई है। बैठक में मौजूद पदाधिकारियों एवं सदस्यों की सहमति के बाद यह निर्णय सामने आया।
बैठक में ये मुद्दे रहे प्रमुख
संगठन के विस्तार पर चर्चा
व्यापारियों से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श
स्थानीय इकाइयों को सक्रिय करने पर जोर
संगठन को मजबूत बनाने का संकल्प
नई जिम्मेदारी के लिए कंचन वर्मा के नाम की घोषणा
संगठन की ओर से क्या कहा गया?
बैठक में संगठन के पदाधिकारियों ने व्यापारियों से जुड़े विषयों को संगठित तरीके से सामने रखने और संगठनात्मक गतिविधियों को मजबूत करने पर जोर दिया। कंचन वर्मा की नई जिम्मेदारी को इसी क्रम में देखा जा रहा है।
सारांश
बर्डपुर में उद्योग व्यापार संगठन की बैठक के दौरान संगठनात्मक विस्तार को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। बैठक में कंचन वर्मा को सर्वसम्मति से संगठन मंत्री की जिम्मेदारी दी गई। उन्होंने संगठन के प्रति प्रतिबद्धता जताते हुए व्यापारियों की समस्याओं को उचित मंच तक पहुंचाने की बात कही।
टिप्पणी
किसी भी संगठन की मजबूती उसकी सक्रिय स्थानीय इकाइयों और सदस्यों की भागीदारी से तय होती है। बर्डपुर इकाई में नई जिम्मेदारी दिए जाने के बाद अब संगठनात्मक गतिविधियों को किस तरह गति मिलती है, यह आगे की कार्यप्रणाली से स्पष्ट होगा।
उपस्थित रहे: संरक्षक अखंड प्रताप सिंह, जिला प्रभारी राणा प्रताप सिंह, जिला अध्यक्ष अजय कसौधन, महामंत्री भीम चंद कसौधन, संरक्षक बैजनाथ कसौधन, जितेंद्र सिंह, उपाध्यक्ष आनंद अग्रहरी, राम स्वरूप अग्रहरी, रणजीत कसौधन, शिवदत्त अग्रहरी, नीरज श्रीवास्तव सहित अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य।
बारिश ने बिगाड़ी बिजली व्यवस्था, आठ फीडरों की आपूर्ति प्रभावित
पेड़ और बिजली के पोल गिरने से मुख्य लाइनें क्षतिग्रस्त, करीब 800 गांवों में संकट; कई इलाकों में 24 से 36 घंटे तक बिजली बाधित
सिद्धार्थनगर। लगातार बारिश और तेज हवाओं के बीच जिले के कई हिस्सों में बिजली आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित हुई है। जगह-जगह पेड़ गिरने और विद्युत पोल क्षतिग्रस्त होने से मुख्य लाइनों में व्यवधान आया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार आठ फीडरों से जुड़े करीब 800 गांवों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई है, जबकि कुछ इलाकों में 36 घंटे तक आपूर्ति बाधित रहने की बात सामने आई है। विद्युत विभाग की टीमें क्षतिग्रस्त लाइनों और पोल को दुरुस्त कर आपूर्ति बहाल करने में जुटी हैं।
लगातार बारिश ने जिले के ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति को प्रभावित कर दिया। कई स्थानों पर पेड़ गिरने से बिजली की लाइनें क्षतिग्रस्त हुईं, जबकि कुछ जगह पोल टूट गए। इससे कई फीडरों से जुड़े गांवों में अंधेरा छाया रहा। बारिश जारी रहने के कारण मरम्मत कार्य में भी कर्मचारियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
के दौरान बिजली आपूर्ति बाधित होने का असर घरों से लेकर दुकानों और अन्य जरूरी गतिविधियों पर पड़ा। बिजली न रहने से इन्वर्टर और मोबाइल चार्जिंग जैसी सुविधाएं भी प्रभावित हुईं। ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे समय तक बिजली नहीं आने से लोगों की परेशानी और बढ़ गई।
क्या सामने आया
जानकारी के मुताबिक जिले के विभिन्न हिस्सों में बिजली के पोल और लाइनें क्षतिग्रस्त हुई हैं। आठ फीडरों पर आपूर्ति प्रभावित होने की सूचना है। करीब 350 से अधिक विद्युत पोल क्षतिग्रस्त होने का अनुमान है, जबकि लगभग 800 गांवों में बिजली व्यवस्था प्रभावित होने की बात सामने आई है। कुछ क्षेत्रों में पिछले 24 से 36 घंटे तक आपूर्ति बाधित रहने की जानकारी भी सामने आई।
बांसी क्षेत्र के कुछ फीडरों के साथ ढेबरुआ, बोहली और बढ़नी क्षेत्र से जुड़ी विद्युत आपूर्ति भी प्रभावित बताई गई। कई स्थानों पर मुख्य लाइनों पर पेड़ गिरने से फाल्ट की स्थिति बनी।
उपभोक्ताओं की बढ़ी परेशानी
लंबे समय तक बिजली आपूर्ति बाधित रहने से ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा। घरों में इन्वर्टर की बैटरी खत्म होने के बाद मोबाइल और अन्य जरूरी उपकरण चार्ज करने में दिक्कत आई। बारिश और अंधेरे के कारण रात के समय परेशानी और बढ़ गई।
मरम्मत कार्य में मौसम बना चुनौती
विद्युत विभाग के अधिकारियों के अनुसार बारिश और तेज हवा के बीच क्षतिग्रस्त लाइनों की मरम्मत करना आसान नहीं है। जहां केवल तारों की मरम्मत संभव है, वहां कर्मचारी काम कर रहे हैं, लेकिन जिन स्थानों पर विद्युत पोल टूट गए हैं, वहां नए पोल लगाने में समय लग रहा है। विभागीय टीमें प्रभावित क्षेत्रों में काम कर रही हैं।
बारिश थमने के बाद विद्युत बहाली के काम में तेजी आने की उम्मीद है। विभाग की ओर से फाल्ट वाले स्थानों को चिन्हित कर चरणबद्ध तरीके से आपूर्ति बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है। जिन क्षेत्रों में पोल और मुख्य लाइनें ज्यादा क्षतिग्रस्त हैं, वहां बहाली में अपेक्षाकृत अधिक समय लग सकता है।
सड़क मार्गों पर भी असर
तेज हवा और बारिश के कारण कई स्थानों पर सड़क पर पेड़ गिरने से आवागमन प्रभावित होने की भी जानकारी सामने आई है। पुलिस और वन विभाग की टीमों ने कुछ स्थानों पर पेड़ हटाकर रास्ता साफ कराया।
सारांश
सिद्धार्थनगर में लगातार बारिश के कारण विद्युत व्यवस्था प्रभावित हुई है। आठ फीडरों से जुड़े क्षेत्रों में आपूर्ति बाधित होने की सूचना है। 350 से अधिक पोल क्षतिग्रस्त होने और करीब 800 गांवों में बिजली संकट की जानकारी सामने आई है। विभागीय कर्मचारी मरम्मत कार्य में लगे हैं, लेकिन लगातार बारिश के कारण बहाली की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।
FT News Digital की सावधानी: जहां आंकड़े अनुमान या विभागीय जानकारी पर आधारित हैं, उन्हें उसी रूप में रखा गया है। किसी व्यक्ति या विभाग पर लापरवाही का आरोप नहीं लगाया गया है। अंतिम अपडेट के लिए संबंधित विद्युत विभाग की आधिकारिक सूचना को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
बढ़नी बॉर्डर पर 11 लाख रुपये की नकदी के साथ चार नेपाली नागरिक पकड़े गए
बिल्कुल। उपलब्ध अखबारी कटिंग की जानकारी को ज्यों-का-त्यों कॉपी किए बिना, अलग शब्दों और डिजिटल न्यूज़-पोर्टल शैली में तैयार किया गया है। आरोप/दावे को संबंधित सुर
मुंबई से कपिलवस्तु लौट रहा था परिवार, एसएसबी की जांच में नकदी मिलने का दावा
सिद्धार्थनगर। भारत-नेपाल सीमा के बढ़नी चेकपोस्ट पर नियमित जांच के दौरान सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) ने एक नेपाली नागरिक और उसके परिवार के सदस्यों के पास से करीब 11 लाख रुपये की भारतीय मुद्रा बरामद किए जाने की जानकारी दी है। प्रारंभिक पूछताछ के बाद एसएसबी ने नकदी और पकड़े गए लोगों को आगे की जांच के लिए सीमा शुल्क विभाग के सुपुर्द किए जाने की बात कही है।
क्या है मामला?
बढ़नी भारत-नेपाल सीमा पर नियमित जांच के दौरान कार्रवाई।
एसएसबी के अनुसार करीब 11 लाख रुपये की भारतीय नकदी मिली।
परिवार के चार सदस्यों को जांच के लिए रोका गया।
सभी को आगे की कार्रवाई के लिए सीमा शुल्क विभाग को सौंपे जाने की जानकारी।
परिवार मुंबई से नेपाल के कपिलवस्तु लौट रहा था।
बढ़नी सीमा पर नियमित चेकिंग के दौरान एसएसबी की टीम ने एक नेपाली नागरिक और उसके परिवार के सदस्यों को जांच के लिए रोका। तलाशी के दौरान उनके पास से बड़ी मात्रा में भारतीय मुद्रा मिलने की जानकारी सामने आई। एसएसबी के मुताबिक बरामद नकदी की रकम करीब 11 लाख रुपये है। मामले को आगे की जांच के लिए सीमा शुल्क विभाग को सौंपा गया है।
सारांश
भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा के बढ़नी चेकपोस्ट पर शुक्रवार रात नियमित जांच अभियान के दौरान एसएसबी ने एक नेपाली नागरिक और उसके परिवार के सदस्यों को जांच के लिए रोका। एसएसबी के अनुसार तलाशी में करीब 11 लाख रुपये की भारतीय मुद्रा मिली। पूछताछ के बाद नकदी और संबंधित लोगों को कस्टम विभाग के सुपुर्द कर दिया गया।
टिप्पणी
सीमा क्षेत्र में बड़ी मात्रा में नकदी की आवाजाही को लेकर सुरक्षा एजेंसियां नियमित रूप से जांच करती हैं। इस मामले में बरामद धनराशि के संबंध में वास्तविक स्रोत, उद्देश्य और वैधता से जुड़े तथ्यों की जांच संबंधित विभाग द्वारा की जानी है। इसलिए अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
बढ़नी बॉर्डर से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आई है। भारत-नेपाल सीमा पर नियमित जांच के दौरान एसएसबी ने एक नेपाली नागरिक और उसके परिवार के सदस्यों के पास से करीब 11 लाख रुपये की भारतीय नकदी मिलने की जानकारी दी है। परिवार मुंबई से कपिलवस्तु की ओर जा रहा था। एसएसबी ने प्रारंभिक पूछताछ के बाद मामले को आगे की जांच के लिए सीमा शुल्क विभाग को सौंप दिया है।
जानकारी के मुताबिक 50वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल, बलरामपुर की बढ़नी इकाई के जवान भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय चेकपोस्ट पर नियमित तलाशी अभियान चला रहे थे। इसी दौरान नेपाल के कपिलवस्तु जिले के बहादुरगंज निवासी अब्दुल वाहिद, उम्र करीब 50 वर्ष, अपने परिवार के साथ नेपाल जाने के लिए सीमा पर पहुंचे।
एसएसबी के अनुसार जांच के दौरान परिवार के सामान की तलाशी ली गई। इसी दौरान करीब 11 लाख रुपये की भारतीय मुद्रा बरामद होने की बात सामने आई। इसके बाद संबंधित लोगों से प्रारंभिक पूछताछ की गई।
एसएसबी की ओर से उपलब्ध जानकारी के अनुसार बरामद नकदी और परिवार के चार सदस्यों को आगे की जांच एवं आवश्यक कार्रवाई के लिए सीमा शुल्क विभाग, बढ़नी के सुपुर्द कर दिया गया है।
अब मामले में संबंधित विभाग द्वारा नकदी के स्रोत, उसके उपयोग और सीमा पार ले जाने से जुड़े नियमों के संबंध में जांच की जाएगी। आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर होगी।
