जमुआर घाट पर चला स्वच्छता अभियान, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने लगाया झाड़ू
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किसानों की 13 मांगों को लेकर भारतीय किसान संघ ने उठाई आवाज, सिद्धार्थनगर में धरना
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किसानों की 13 मांगों को लेकर भारतीय किसान संघ ने उठाई आवाज, सिद्धार्थनगर में धरना
किसान सम्मान निधि बढ़ाने से लेकर सिंचाई, खाद-बीज और भूमि अधिग्रहण तक की मांगें

सिद्धार्थनगर, 18 सितंबर 2026। किसानों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर भारतीय किसान संघ, उत्तर प्रदेश की ओर से सिद्धार्थनगर जिला मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया गया। संगठन की ओर से जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर किसानों से संबंधित विभिन्न मुद्दों के समाधान की मांग की गई।
भारतीय किसान संघ की ओर से दिए गए ज्ञापन में किसान सम्मान निधि की राशि ₹6,000 से बढ़ाकर ₹12,000 किए जाने, भूमि अधिग्रहण का मुआवजा नए सर्किल रेट के आधार पर निर्धारित करने तथा किसानों को समय से खाद और बीज उपलब्ध कराने की मांग प्रमुखता से उठाई गई है।
ज्ञापन में संगठन ने वर्ष 2024-25 में उद्यान विभाग की ओर से पावर टिलर पर मिलने वाली सब्सिडी की राशि किसानों के खातों में नहीं पहुंचने का मुद्दा भी उठाया है। संगठन ने संबंधित किसानों को लंबित सहायता राशि उपलब्ध कराने की मांग की है।

इसके साथ ही खतौनी में गलत तरीके से की गई हिस्सेदारी के कारण किसानों को हो रही परेशानी का उल्लेख करते हुए ग्राम पंचायत सचिवालय में लेखपालों की उपस्थिति सुनिश्चित करने और हिस्सेदारी में सुधार कराने की मांग की गई है।
भारतीय किसान संघ ने किसानों को आयुष्मान कार्ड का लाभ दिलाने तथा इसके लिए छह सदस्यों वाली अनिवार्यता की शर्त समाप्त करने की मांग भी ज्ञापन में रखी है।

सिंचाई व्यवस्था को लेकर संगठन ने सरकारी नलकूपों से सिंचाई का न्यूनतम क्षेत्रफल 150 एकड़ निर्धारित करने, नालियों और पाइप लाइनों की मरम्मत कराने तथा नहरों से खेतों तक पानी पहुंचाने की व्यवस्था बेहतर करने की मांग की है।
ज्ञापन में सिद्धार्थनगर के नेपाल बॉर्डर क्षेत्र में स्थित सागरियों से निकलने वाली नहरों को सुचारु रूप से चलाने की मांग भी शामिल है, ताकि क्षेत्र के किसानों को सिंचाई का लाभ मिल सके।
अशोगवां-नगवां बांध के मुआवजे का मुद्दा
किसान संघ ने सिद्धार्थनगर में बाढ़ से संबंधित अशोगवां-नगवां बांध का मुद्दा भी उठाया। ज्ञापन के अनुसार वर्ष 1970 में बने बांध के कारण प्रभावित नौगवां गांव के किसानों को अभी तक मुआवजा नहीं मिलने की बात कही गई है। संगठन ने मुआवजे के भुगतान की मांग की है।
गलत बीज वितरण से नुकसान का उल्लेख
ज्ञापन में वर्ष 2025 में जिले में धान के बीज के स्थान पर गेहूं का बीज सरकारी बीज गोदामों पर आने का उल्लेख करते हुए किसानों को हुए नुकसान के संबंध में सहायता उपलब्ध कराने की मांग की गई है। संगठन ने इस मामले में स्थिति स्पष्ट कर राहत दिए जाने की मांग की है।
खेतों में जलभराव से जुड़ी मांग
कच्ची और पक्की सड़कों के निर्माण के कारण खेतों में जलभराव की समस्या होने का हवाला देते हुए किसान संघ ने खेतों के पास बिना होम पाइप के सड़कों का निर्माण नहीं कराने की मांग रखी है।
किसान सम्मान निधि ₹6,000 से बढ़ाकर ₹12,000 की जाए।
भूमि अधिग्रहण का मुआवजा नए सर्किल रेट से निर्धारित हो।
लंबित पावर टिलर सब्सिडी का भुगतान कराया जाए।
खाद और बीज उचित दर पर समय से उपलब्ध हों।
खतौनी की हिस्सेदारी संबंधी समस्याओं का समाधान हो।
किसानों को आयुष्मान कार्ड का लाभ मिले।
सरकारी नलकूपों से सिंचाई व्यवस्था बेहतर हो।
नहरों से खेतों तक पानी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
सिंचाई बिजली कनेक्शन सस्ता और आसान किया जाए।
अशोगवां-नगवां बांध से संबंधित मुआवजे का भुगतान कराया जाए।
गलत बीज वितरण से प्रभावित किसानों को राहत दी जाए।
खेतों में जलभराव रोकने के लिए सड़क निर्माण में उचित जल निकासी व्यवस्था हो।
टिप्पणी
किसानों की ओर से उठाए गए इन मुद्दों में सिंचाई, कृषि इनपुट, भूमि संबंधी अभिलेख, मुआवजा और सरकारी योजनाओं का लाभ जैसे विषय शामिल हैं। अब इन मांगों पर संबंधित विभागों की ओर से क्या कार्रवाई होती है, यह आगे देखने वाली बात होगी। खबर में दर्ज मांगें भारतीय किसान संघ द्वारा दिए गए ज्ञापन में उल्लिखित हैं।
जमुआर घाट पर चला स्वच्छता अभियान, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने लगाया झाड़ू
सिद्धार्थनगर, 18 सितंबर। सेवा संकल्प अभियान के तहत शुक्रवार को नौगढ़ स्थित जमुआर घाट पर “स्वच्छता मेरी सेवा” एवं वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में सांसद डुमरियागंज जगदम्बिका पाल, विधायक कपिलवस्तु श्यामधनी राही, नगर पालिका परिषद सिद्धार्थनगर के अध्यक्ष गोविन्द माधव, जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन, पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन और मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह सहित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने सहभागिता की।

जमुआर घाट पर आयोजित कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने स्वयं झाड़ू लगाकर सफाई अभियान में हिस्सा लिया। इसके बाद घाट परिसर में वृक्षारोपण भी किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को स्वच्छता, जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद जगदम्बिका पाल ने कहा कि स्वच्छता के साथ जल संरक्षण भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जमुआर घाट पर बड़ी संख्या में महिलाएं छठ पूजा के लिए आती हैं, ऐसे में घाट की साफ-सफाई बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से अपने घरों के साथ मोहल्लों और गांवों में भी सफाई रखने की अपील की।

विधायक श्यामधनी राही ने सेवा संकल्प अभियान के तहत चलाए जा रहे स्वच्छता कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि स्वच्छ वातावरण और जनसेवा के कार्यों में सभी की सहभागिता जरूरी है।
नगर पालिका अध्यक्ष गोविन्द माधव ने स्वच्छता को जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए साफ-सफाई पर जोर दिया। जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने बताया कि सेवा संकल्प अभियान के तहत 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

सफाई अभियान के बाद जमुआर घाट पर सांसद, विधायक, जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और मुख्य विकास अधिकारी ने पौधारोपण किया। अधिकारियों के अनुसार जिले की विभिन्न नगर पालिकाओं, नगर पंचायतों और ग्राम पंचायतों में भी स्वच्छता अभियान चलाया गया।
टिप्पणी
जमुआर घाट जैसे सार्वजनिक और धार्मिक महत्व वाले स्थानों पर स्वच्छता बनाए रखना केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है। स्थानीय लोगों की सहभागिता से ही ऐसे अभियानों का स्थायी प्रभाव दिखाई दे सकता है। स्वच्छता के साथ पौधारोपण और जल संरक्षण को जोड़ना पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है।
सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम में सांसद प्रतिनिधि एसपी अग्रवाल, डीएफओ नीला एम, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) गौरव श्रीवास्तव, डीसी मनरेगा संदीप सिंह, परियोजना निदेशक अनिल कुमार, अधिशासी अधिकारी सिद्धार्थनगर अजय कुमार सिंह सहित संबंधित अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
एक नजर में
कार्यक्रम: स्वच्छता मेरी सेवा एवं वृक्षारोपण
स्थान: जमुआर घाट, नौगढ़, सिद्धार्थनगर
अवधि: 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026
मुख्य संदेश: स्वच्छता, जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण
विशेष पहल: जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने स्वयं सफाई अभियान में हिस्सा लिया
इसके बाद: जमुआर घाट पर वृक्षारोपण किया गया
UCC पर बृजलाल का अखिलेश यादव पर तीखा पलटवार, पुराने मामलों को लेकर उठाए सवाल
लखनऊ, 16 सितंबर 2026।
समान नागरिक संहिता यानी UCC को लेकर राजनीतिक बहस के बीच राज्यसभा सांसद एवं पूर्व आईपीएस अधिकारी बृजलाल ने समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। बृजलाल ने UCC का समर्थन करते हुए इसे विवाह, तलाक और उत्तराधिकार जैसे मामलों में समान नागरिक अधिकारों से जुड़ा विषय बताया।
अपने बयान में बृजलाल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को UCC के लिए बधाई देते हुए कहा कि समान नागरिक संहिता से नागरिकों के लिए एक समान कानूनी व्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।
अखिलेश यादव की टिप्पणी पर पलटवार
बृजलाल ने अखिलेश यादव द्वारा UCC को लेकर की गई “अंडरग्राउंड कम्युनल कांस्पीरेसी” वाली टिप्पणी पर आपत्ति जताई। इसके जवाब में उन्होंने अपनी ओर से “ओपन कम्युनल कांस्पीरेसी” शब्द का इस्तेमाल किया और समाजवादी पार्टी सरकार के कार्यकाल से जुड़े कई पुराने फैसलों और घटनाओं का उल्लेख किया।
पुराने फैसलों का किया जिक्र
बृजलाल ने अपने बयान में तत्कालीन सरकार के कार्यकाल में मुस्लिम बेटियों को आर्थिक सहायता, कब्रिस्तान की बाउंड्रीवाल, आतंकवाद से जुड़े कुछ मामलों में अभियोजन वापस लेने की कोशिश, मुरादाबाद के मैनाठेर प्रकरण, पीएसी और एटीएस से जुड़े फैसलों तथा खालिद मुजाहिद की मौत से संबंधित मामले का उल्लेख किया।
उन्होंने इन घटनाओं और फैसलों को लेकर तत्कालीन सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए और बाद की सरकार द्वारा किए गए बदलावों का भी जिक्र किया।
आतंकवाद से जुड़े मामलों पर भी सवाल
बृजलाल ने वर्ष 2013 में आतंकवाद से जुड़े कुछ मामलों में अभियोजन वापस लेने की तत्कालीन सरकार की पहल का उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि इनमें कुछ ऐसे आरोपी भी शामिल थे जिनके मामलों में बाद में न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ी।
हालांकि, अभियोजन वापस लेने का प्रयास, किसी आरोपी की दोषसिद्धि और अदालत का अंतिम निर्णय अलग-अलग कानूनी विषय हैं। इसलिए FT News Digital इन मामलों को बृजलाल के बयान के संदर्भ में ही प्रस्तुत कर रहा है।
मैनाठेर मामले का भी उल्लेख
बृजलाल ने वर्ष 2011 के मुरादाबाद के मैनाठेर मामले का भी अपने बयान में उल्लेख किया। उन्होंने पुलिसकर्मियों पर हुए हमले और बाद की न्यायिक कार्रवाई को लेकर अपनी बात रखी तथा इस मामले को तत्कालीन सरकार की नीतियों के संदर्भ में प्रस्तुत किया।
पीएसी, एटीएस और खालिद मुजाहिद मामले का जिक्र
अपने बयान में बृजलाल ने पीएसी की कंपनियों और उत्तर प्रदेश एटीएस से संबंधित तत्कालीन फैसलों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने बाद की सरकार द्वारा पीएसी में भर्ती और महिला पीएसी बटालियन बनाए जाने का उल्लेख किया।
इसके साथ ही खालिद मुजाहिद की मौत से जुड़े मामले में अपने और अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ हुई कानूनी कार्रवाई का भी जिक्र किया और उस कार्रवाई पर अपनी आपत्ति व्यक्त की।
दोनों पक्षों की अलग-अलग राय
UCC को लेकर अखिलेश यादव और बृजलाल के अलग-अलग राजनीतिक रुख सामने आए हैं। जहां अखिलेश यादव ने UCC को लेकर सरकार पर सवाल उठाए हैं, वहीं बृजलाल ने इसका समर्थन करते हुए अखिलेश यादव की टिप्पणी पर पलटवार किया है।
बड़ी बातें
UCC पर बृजलाल का बयान
UCC के समर्थन में सामने आए बृजलाल
अमित शाह को दी बधाई
अखिलेश यादव की टिप्पणी पर जताई आपत्ति
सपा सरकार के कार्यकाल के कई पुराने मामलों का किया उल्लेख
आतंकवाद से जुड़े मामलों पर उठाए सवाल
मैनाठेर, पीएसी, एटीएस और खालिद मुजाहिद मामले का भी जिक्र
सारांश
UCC को लेकर जारी राजनीतिक बहस में राज्यसभा सांसद बृजलाल ने अखिलेश यादव के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने UCC का समर्थन करते हुए सपा सरकार के कार्यकाल से जुड़े कई पुराने मामलों और फैसलों का उल्लेख किया। बृजलाल के बयान में लगाए गए आरोपों को FT News Digital ने संबंधित वक्ता के दावे के रूप में प्रस्तुत किया है, न कि अपने स्वतंत्र निष्कर्ष के रूप में।
कानूनी सावधानी:
यह समाचार बृजलाल द्वारा जारी बयान और उपलब्ध सार्वजनिक जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। इसमें किसी व्यक्ति या संस्था के विरुद्ध लगाए गए आरोपों को संबंधित वक्ता के बयान के रूप में प्रस्तुत किया गया है। FT News Digital ने इन आरोपों को अपनी ओर से प्रमाणित तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया है। संबंधित पक्ष का जवाब मिलने पर उसे भी प्रकाशित किया जाएगा।
ककरहवा बॉर्डर पर SSB-पुलिस की संयुक्त गश्त, सीमा सुरक्षा का लिया जायजा
सीमा स्तम्भों का निरीक्षण कर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने की अपील, तस्करी और मानव तस्करी रोकने को साझा की गई जानकारी

सिद्धार्थनगर, 17 सितम्बर 2026। भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाए रखने के उद्देश्य से 43वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (SSB) और थाना मोहाना पुलिस की संयुक्त टीम ने ककरहवा बॉर्डर क्षेत्र में पैदल गश्त और भ्रमण किया। इस दौरान सीमा स्तम्भों का निरीक्षण कर सीमा क्षेत्र की स्थिति का जायजा लिया गया।
संयुक्त भ्रमण के दौरान SSB के कमांडेंट उज्ज्वल दत्ता और थाना मोहाना के थानाध्यक्ष जितेन्द्र सिंह पुलिस एवं SSB टीम के साथ सीमा क्षेत्र में पहुंचे। अधिकारियों ने सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया और स्थानीय लोगों से संवाद कर संदिग्ध गतिविधियों की सूचना सुरक्षा एजेंसियों तक पहुंचाने की अपील की।
संयुक्त टीम में शामिल रहे—
43वीं वाहिनी SSB के कमांडेंट उज्ज्वल दत्ता
थाना मोहाना के थानाध्यक्ष जितेन्द्र सिंह
थाना मोहाना पुलिस टीम
SSB के अधिकारी एवं जवान
मुख्य बिंदु
▪ ककरहवा बॉर्डर क्षेत्र में पैदल गश्त
▪ सीमा स्तम्भों का निरीक्षण
▪ सीमा सुरक्षा व्यवस्था का जायजा
▪ ग्राम प्रधानों और स्थानीय लोगों से संवाद
▪ संदिग्ध गतिविधियों की सूचना देने की अपील
▪ अवैध तस्करी, मानव तस्करी और नशीले पदार्थों की तस्करी की रोकथाम पर जोर
17 सितम्बर को 43वीं वाहिनी SSB के कमांडेंट उज्ज्वल दत्ता तथा थाना मोहाना के थानाध्यक्ष जितेन्द्र सिंह के नेतृत्व में पुलिस और SSB की टीम ने ककरहवा बॉर्डर क्षेत्र में संयुक्त रूप से भ्रमण एवं पैदल गश्त की।

गश्त के दौरान टीम ने सीमा पर स्थित सीमा स्तम्भों का निरीक्षण किया और क्षेत्र की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली। इसके साथ ही सीमावर्ती ग्रामों के ग्राम प्रधानों और स्थानीय लोगों से भी बातचीत की गई।
अधिकारियों की ओर से स्थानीय लोगों से अपील की गई कि सीमा क्षेत्र में यदि कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई देती है तो उसकी जानकारी संबंधित सुरक्षा एजेंसियों या पुलिस को दी जाए। विशेष रूप से अवैध तस्करी, मानव तस्करी और नशीले पदार्थों की तस्करी जैसी गतिविधियों की रोकथाम में स्थानीय सहयोग को महत्वपूर्ण बताया गया।
संयुक्त गश्त के दौरान SSB और थाना मोहाना पुलिस के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी भी मौजूद रहे।
सारांश
भारत-नेपाल सीमा के ककरहवा क्षेत्र में SSB और मोहाना पुलिस की संयुक्त गश्त के जरिए सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया गया। सीमा स्तम्भों की स्थिति देखी गई और स्थानीय लोगों से संवाद कर संदिग्ध गतिविधियों की सूचना देने की अपील की गई।
संपादकीय टिप्पणी
सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था केवल सुरक्षा बलों की सतर्कता तक सीमित नहीं रहती, बल्कि स्थानीय नागरिकों की जागरूकता और सहयोग भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ककरहवा बॉर्डर पर हुई यह संयुक्त गश्त सीमा क्षेत्र में नियमित निगरानी और सुरक्षा समन्वय की प्रक्रिया का हिस्सा है। प्रेस नोट में किसी गिरफ्तारी या किसी तस्करी के पकड़े जाने की जानकारी नहीं दी गई है, इसलिए खबर में ऐसा कोई दावा नहीं किया गया है।
स्थान: ककरहवा बॉर्डर, थाना मोहाना, सिद्धार्थनगर
दिनांक: 17 सितम्बर 2026
अभियान: संयुक्त पैदल गश्त एवं सीमा निरीक्षण
बल: 43वीं वाहिनी SSB एवं थाना मोहाना पुलिस
उद्देश्य: सीमा सुरक्षा, निगरानी और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना व्यवस्था मजबूत करना
FT News Digital | Friend Times
स्रोत: थाना मोहाना पुलिस की ओर से जारी प्रेस नोट
सिद्धार्थनगर में विश्वकर्मा जयंती पर सेवा संकल्प अभियान, लाभार्थियों को मिली टूलकिट
विश्वकर्मा जयंती के मौके पर सिद्धार्थनगर के लोहिया कला भवन में सेवा संकल्प अभियान के तहत जनपद स्तरीय कार्यक्रम हुआ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रम का लाइव प्रसारण देखा गया और प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के लाभार्थियों को टूलकिट वितरित की गई।

सिद्धार्थनगर में विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर सेवा संकल्प अभियान की शुरुआत हुई। लोहिया कला भवन में आयोजित कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रम का लाइव प्रसारण देखा। इसके बाद प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत लाभार्थियों को टूलकिट वितरित की गई।

सिद्धार्थनगर। विश्वकर्मा जयंती और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर जिले में सेवा संकल्प अभियान के तहत कार्यक्रम आयोजित किया गया। लोहिया कला भवन में हुए जनपद स्तरीय कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत जनप्रतिनिधियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के लाभार्थियों को टूलकिट एवं चेक वितरण कार्यक्रम का लाइव प्रसारण देखा गया।
कार्यक्रम में डुमरियागंज सांसद जगदंबिका पाल, बांसी विधायक जय प्रताप सिंह, कपिलवस्तु विधायक श्याम धनी राही, शोहरतगढ़ विधायक विनय वर्मा, विधान परिषद सदस्य ध्रुव कुमार त्रिपाठी, जिला पंचायत प्रशासक शीतल सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मौर्या, पूर्व विधायक इटवा डॉ. सतीश द्विवेदी, जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन और मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह समेत अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने विश्वकर्मा योजना के माध्यम से पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को रोजगार से जोड़ने के प्रयासों की जानकारी दी। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को उनके कार्य से संबंधित टूलकिट उपलब्ध कराई जा रही है।
वक्ताओं ने बताया कि प्रधानमंत्री के जन्मदिवस के अवसर पर 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक सेवा संकल्प अभियान आयोजित किया जा रहा है। इस दौरान विभिन्न सेवा गतिविधियां संचालित की जाएंगी।
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों ने विश्वकर्मा जयंती और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस पर शुभकामनाएं दीं। जिलाधिकारी ने उपस्थित जनप्रतिनिधियों का स्वागत किया, जबकि मुख्य विकास अधिकारी ने कार्यक्रम में शामिल सभी लोगों के प्रति आभार जताया।
अंत में जनप्रतिनिधियों द्वारा प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के लाभार्थियों को टूलकिट वितरित की गई।
टिप्पणी
कार्यक्रम में योजना के लाभार्थियों को टूलकिट वितरण के साथ सेवा संकल्प अभियान की शुरुआत और विश्वकर्मा जयंती के आयोजन पर जोर रहा। खबर उपलब्ध सरकारी विवरण और कार्यक्रम की उपलब्ध तस्वीरों के आधार पर तैयार की गई है।

जिले में प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत कितने लाभार्थियों को टूलकिट और चेक वितरित किए गए, इसकी आधिकारिक संख्या सामने आने पर खबर को अपडेट किया जा सकता है।
सेवा संकल्प अभियान के तहत हिंदू भवन–राम जानकी मंदिर परिसर में भव्य भंडारा, श्रद्धालुओं एवं स्थानीय लोगों ने ग्रहण किया प्रसाद।
सेवा संकल्प अभियान का मुख्य आकर्षण बना भव्य भंडारा, बड़ी संख्या में लोगों ने ग्रहण किया प्रसाद

सिद्धार्थनगर। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत गुरुवार को स्टेशन रोड स्थित हिंदू भवन एवं राम जानकी मंदिर परिसर में भव्य भंडारे का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं तथा स्थानीय लोगों ने सहभागिता की और श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया।

आयोजन में कपिलवस्तु विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्यामधनी राही के प्रतिनिधि सत्य प्रकाश राही, डुमरियागंज सांसद जगदम्बिका पाल, भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष दीपक मौर्य, नगर पालिका परिषद अध्यक्ष गोविंद माधव, जिला पंचायत अध्यक्ष शीतल सिंह एवं उनके प्रतिनिधि उपेंद्र सिंह, सांसद प्रतिनिधि एस.पी. अग्रवाल, भाजपा के वरिष्ठ नेता फतेह बहादुर सिंह और अविनाश सिंह सहित पार्टी के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।

भंडारे में स्थानीय लोगों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। आयोजन स्थल पर श्रद्धालुओं एवं आमजन के लिए प्रसाद की व्यवस्था की गई, जहां लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। कार्यक्रम के दौरान सेवा, सामाजिक सहभागिता और जनसेवा की भावना प्रमुख रूप से दिखाई दी।
विश्वकर्मा जयंती पर भी विशेष आयोजन
आज भगवान विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर देशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में सिद्धार्थनगर में भी विश्वकर्मा जयंती को लेकर धार्मिक एवं सामाजिक गतिविधियां देखने को मिलीं। आयोजन स्थल पर श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की मौजूदगी रही।
वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर चल रहे सेवा संकल्प अभियान के तहत सेवा एवं जनसहभागिता से जुड़े कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत आयोजित यह भंडारा भी कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रहा।
दीप उत्सव को लेकर भी तैयारियां
विश्वकर्मा जयंती और सेवा संकल्प अभियान के कार्यक्रमों के बीच शाम को दीप उत्सव को लेकर भी लोगों में उत्साह दिखाई दिया। धार्मिक एवं सामाजिक आयोजन के कारण क्षेत्र में उत्सव का माहौल नजर आया।
FT News Digital की रिपोर्ट: कार्यक्रम में शामिल जनप्रतिनिधियों और पदाधिकारियों ने सेवा तथा सामाजिक सहभागिता के संदेश को आगे बढ़ाने पर जोर दिया। आयोजन में स्थानीय लोगों की सहभागिता ने कार्यक्रम को व्यापक जनभागीदारी का स्वरूप दिया।
सेवा संकल्प अभियान की शुरुआत: मेडिकल कॉलेज में रक्तदान शिविर, मरीजों को वितरित किए फल
सांसद जगदम्बिका पाल समेत जनप्रतिनिधियों ने रक्तदान शिविर का किया निरीक्षण, एक माह तक चलेंगे विभिन्न सेवा कार्यक्रम
स्थान: सिद्धार्थनगर
दिनांक: 17 सितम्बर 2026
आयोजन: सेवा संकल्प अभियान
मुख्य कार्यक्रम: रक्तदान शिविर एवं फल वितरण
स्थान: माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज, सिद्धार्थनगर
अवधि: 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर 2026
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक सेवा संकल्प अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में सिद्धार्थनगर स्थित माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में रक्तदान शिविर एवं मरीजों को फल वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में सांसद डुमरियागंज जगदम्बिका पाल, विधायक कपिलवस्तु श्यामधनी राही सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहे। देशभर में 17 सितम्बर से सेवा संकल्प अभियान शुरू होने की जानकारी भी सार्वजनिक रूप से सामने आई है।
सारांश
सिद्धार्थनगर में सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम में रक्तदान शिविर लगाया गया और अस्पताल में भर्ती मरीजों को फल वितरित किए गए। इस दौरान जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने रक्तदान शिविर का निरीक्षण किया तथा लोगों से सेवा एवं जनभागीदारी से जुड़े कार्यक्रमों में सहयोग की अपील की।
सिद्धार्थनगर। सेवा और जनभागीदारी से जुड़े कार्यक्रमों की कड़ी में गुरुवार को माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज सिद्धार्थनगर में रक्तदान शिविर एवं फल वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में सांसद डुमरियागंज जगदम्बिका पाल, विधायक कपिलवस्तु श्यामधनी राही, जिला पंचायत प्रशासक शीतल सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मौर्या और मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह समेत अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहे।
पूरी खबर
माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज सिद्धार्थनगर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान जनप्रतिनिधियों ने रक्तदान शिविर का निरीक्षण किया। इसके बाद अस्पताल में भर्ती मरीजों से मुलाकात कर उन्हें फल वितरित किए गए।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद डुमरियागंज जगदम्बिका पाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर शुभकामनाएं दीं। उन्होंने रक्तदान करने वाले लोगों के प्रति आभार जताते हुए कहा कि रक्तदान जरूरतमंद मरीजों के लिए महत्वपूर्ण सेवा है। उन्होंने सेवा संकल्प अभियान के दौरान विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाने की बात कही।
विधायक कपिलवस्तु श्यामधनी राही ने उपस्थित लोगों का स्वागत करते हुए सेवा एवं जनभागीदारी से जुड़े कार्यक्रमों में सहयोग की अपील की। जिला पंचायत प्रशासक शीतल सिंह और भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मौर्या ने भी प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर शुभकामनाएं दीं तथा अभियान के तहत होने वाले कार्यक्रमों की जानकारी साझा की।
कार्यक्रम के दौरान मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह ने उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर सांसद प्रतिनिधि एसपी अग्रवाल, विधायक प्रतिनिधि सत्यप्रकाश राही, उपेन्द्र प्रताप सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजय कुमार दोहरे, पीडी अनिल कुमार, डीसी मनरेगा संदीप सिंह सहित संबंधित अधिकारी, कर्मचारी एवं अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
टिप्पणी
रक्तदान शिविर और मरीजों के बीच फल वितरण जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से सेवा एवं सामाजिक सहभागिता का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में कही गई विकास संबंधी बातें संबंधित वक्ताओं के वक्तव्य के रूप में प्रस्तुत की गई हैं; FT News Digital की ओर से किसी दावे की स्वतंत्र पुष्टि का दावा नहीं किया जा रहा है।
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रक्तदान शिविरों में कितने लोगों ने रक्तदान किया और कितनी यूनिट रक्त संग्रहित हुआ—इसका आधिकारिक आंकड़ा सामने आने पर खबर को अपडेट किया जा सकता है।
विश्वकर्मा पूजा पर रक्तदान कर नगर पालिका अध्यक्ष ने दिया जनसेवा का संदेश
सिद्धार्थनगर में सेवा संकल्प अभियान के बीच रक्तदान कार्यक्रम, लोगों से आगे आकर रक्तदान करने की अपील

सिद्धार्थनगर। जनपद मुख्यालय स्थित सिद्धार्थनगर ब्लड बैंक में विश्वकर्मा पूजा के शुभ अवसर पर रक्तदान कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान सेवा और जनकल्याण की भावना के साथ आदर्श नगर पालिका परिषद बांसी की अध्यक्ष चमन आरा रानी, पत्नी इदरीश पटवारी, ने रक्तदान किया।

बताया गया कि प्रधानमंत्री के जन्मदिन के अवसर पर चल रहे सेवा संकल्प से जुड़े कार्यक्रमों के क्रम में भी विभिन्न स्तरों पर जनसेवा के कार्य किए जा रहे हैं। इसी क्रम में विश्वकर्मा पूजा के अवसर पर रक्तदान को सेवा के महत्वपूर्ण माध्यम के रूप में सामने रखा गया।
रक्तदान कर दिया सेवा का संदेश
रक्तदान के बाद नगर पालिका अध्यक्ष चमन आरा रानी ने विश्वकर्मा पूजा की शुभकामनाएं देते हुए लोगों से सामाजिक सेवा के कार्यों में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद मरीजों के लिए समय पर रक्त उपलब्ध होना बेहद महत्वपूर्ण है और स्वस्थ व्यक्ति अपनी क्षमता के अनुसार रक्तदान कर किसी जरूरतमंद के जीवन में मददगार बन सकता है।

उन्होंने आमजन से अपील की कि रक्तदान को लेकर जागरूकता बढ़ाएं और योग्य एवं स्वस्थ व्यक्ति चिकित्सकीय मानकों के अनुसार रक्तदान के लिए आगे आएं।
सेवा भावना को आगे बढ़ाने का आह्वान
विश्वकर्मा पूजा को श्रम, कौशल और निर्माण की परंपरा से जोड़कर देखा जाता है। ऐसे अवसर पर रक्तदान जैसे सामाजिक कार्य के माध्यम से जनसेवा का संदेश देना कार्यक्रम का महत्वपूर्ण पक्ष रहा। आयोजन के माध्यम से लोगों को यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि समाज के प्रति जिम्मेदारी केवल किसी एक संस्था या व्यक्ति की नहीं, बल्कि सामूहिक भागीदारी से जनसेवा की भावना को मजबूत किया जा सकता है।
इनसेट | रक्तदान क्यों है महत्वपूर्ण?
रक्त की आवश्यकता दुर्घटना, ऑपरेशन, प्रसव सहित विभिन्न चिकित्सकीय परिस्थितियों में पड़ सकती है। रक्त की उपलब्धता कई बार मरीजों के उपचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसलिए योग्य और स्वस्थ लोगों में स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाना आवश्यक है।
सारांश
विश्वकर्मा पूजा के अवसर पर सिद्धार्थनगर ब्लड बैंक में नगर पालिका बांसी की अध्यक्ष चमन आरा रानी ने रक्तदान कर जनसेवा का संदेश दिया। उन्होंने पर्व की शुभकामनाएं देते हुए योग्य एवं स्वस्थ लोगों से रक्तदान के लिए आगे आने और जरूरतमंदों की मदद करने की अपील की।
FT News Digital | सिद्धार्थनगर
भवानीगंज में स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई, तीन अस्पताल सील; जांच केंद्र को नोटिस
सिद्धार्थनगर के भवानीगंज क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की जांच के दौरान संचालन से जुड़े आवश्यक अभिलेख मौके पर प्रस्तुत न किए जाने पर तीन अस्पतालों को सील कर दिया गया। एक डायग्नोस्टिक सेंटर को भी नोटिस जारी किया गया है। अब संचालकों के जवाब और दस्तावेजों के सत्यापन के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी।
एक नजर में
तीन अस्पतालों पर सीलिंग
दादा हनुमान मेमोरियल हॉस्पिटल • लखनऊ पॉलीक्लीनिक • के. शिफा हेल्थ क्लीनिक
एक जांच केंद्र को नोटिस
श्रेष्ठ डायग्नोस्टिक सेंटर
सारांश
भवानीगंज में प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने निजी स्वास्थ्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान तीन अस्पतालों में आवश्यक संचालन संबंधी अभिलेख मौके पर उपलब्ध नहीं कराए जा सके। इसके बाद टीम ने सीलिंग की कार्रवाई की। वहीं श्रेष्ठ डायग्नोस्टिक सेंटर को आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए नोटिस दिया गया।
सिद्धार्थनगर। स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े प्रतिष्ठानों के दस्तावेज और निर्धारित मानकों की जांच को लेकर विभाग ने सख्ती दिखाई है। भवानीगंज में हुई जांच के दौरान तीन अस्पतालों पर सीलिंग की कार्रवाई और एक डायग्नोस्टिक सेंटर को नोटिस दिए जाने से क्षेत्र में स्वास्थ्य प्रतिष्ठानों के संचालन को लेकर विभागीय निगरानी चर्चा में है।
पूरी खबर
भवानीगंज क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की टीम ने अस्पतालों एवं जांच केंद्रों के संचालन की स्थिति परखने के लिए निरीक्षण किया। टीम ने मौके पर प्रतिष्ठानों से संचालन से संबंधित आवश्यक अभिलेख और दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा।
तीन अस्पतालों पर हुई कार्रवाई
निरीक्षण के दौरान दादा हनुमान मेमोरियल हॉस्पिटल, लखनऊ पॉलीक्लीनिक और के. शिफा हेल्थ क्लीनिक में आवश्यक अभिलेख मौके पर प्रस्तुत नहीं किए जा सके। विभागीय कार्रवाई के तहत तीनों प्रतिष्ठानों को सील किया गया और संबंधित संचालकों को नोटिस देकर आवश्यक दस्तावेज एवं स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
दादा हनुमान मेमोरियल हॉस्पिटल के निरीक्षण के दौरान चिकित्सक की मौके पर मौजूदगी और संचालन संबंधी अभिलेखों की स्थिति भी जांच के दायरे में रही।
लखनऊ पॉलीक्लीनिक पर मौजूद डॉ. इरशाद अहमद से भी आवश्यक दस्तावेज मांगे गए। उपलब्ध न कराए जाने के बाद विभागीय टीम ने सीलिंग की कार्रवाई की।
के. शिफा हेल्थ क्लीनिक में भी आवश्यक कागजात उपलब्ध नहीं कराए जाने के बाद सीलिंग की कार्रवाई की गई।
डायग्नोस्टिक सेंटर को नोटिस
इसी जांच के दौरान श्रेष्ठ डायग्नोस्टिक सेंटर का भी निरीक्षण किया गया। यहां संचालन से संबंधित दस्तावेज मांगे गए, लेकिन मौके पर अभिलेख प्रस्तुत नहीं किए जा सके। विभाग ने सेंटर को नोटिस जारी कर निर्धारित समय में संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा है।
अब दस्तावेजों से तय होगी अगली कार्रवाई
तीन अस्पतालों को सील किए जाने के बाद अब विभागीय कार्रवाई का अगला चरण महत्वपूर्ण है। संबंधित संचालकों को अपने दस्तावेज और स्पष्टीकरण प्रस्तुत करना है। इसके बाद विभाग अभिलेखों का सत्यापन करेगा। सत्यापन के परिणाम के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
टिप्पणी | सीलिंग के बाद असली जांच दस्तावेजों की
यह कार्रवाई केवल सील लगाने तक सीमित नहीं है। अब महत्वपूर्ण यह होगा कि संबंधित प्रतिष्ठानों की ओर से कौन-कौन से अभिलेख प्रस्तुत किए जाते हैं और विभागीय जांच में उनकी स्थिति क्या सामने आती है। इसलिए जब तक सक्षम विभाग की ओर से अंतिम निर्णय न हो, किसी भी प्रतिष्ठान को दोषी या अवैध बताना उचित नहीं होगा।
अब इन सवालों पर नजर
संचालक नोटिस का क्या जवाब देते हैं?
क्या आवश्यक दस्तावेज विभाग के सामने प्रस्तुत किए जाते हैं?
दस्तावेजों के सत्यापन में क्या स्थिति सामने आती है?
स्वास्थ्य विभाग इसके बाद क्या नियमानुसार कार्रवाई करता है?
FT News Digital इस मामले में आगे होने वाली आधिकारिक कार्रवाई और विभागीय निर्णय को तथ्यों के आधार पर सामने रखेगा।
कानूनी रूप से सुरक्षित प्रस्तुति
यह समाचार निरीक्षण और विभागीय कार्रवाई से संबंधित उपलब्ध तथ्यों पर आधारित है। किसी अस्पताल, डॉक्टर या संचालक को अपराधी, फर्जी या दोषी घोषित नहीं किया गया है। सीलिंग की कार्रवाई के कारण और आगे की स्थिति को संबंधित विभाग के सत्यापन एवं अंतिम निर्णय के संदर्भ में ही प्रस्तुत किया गया है। संबंधित पक्ष का आधिकारिक जवाब प्राप्त होने पर उसे भी खबर में शामिल किया जाएगा।
FT NEWS DIGITAL
सच और… कुछ नहीं
सिद्धार्थनगर में भारतीय सर्वजन पार्टी का बड़ा ऐलान, अशोक कनौजिया को महासचिव और अजय गुप्ता को कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी
सिद्धार्थनगर में भारतीय सर्वजन पार्टी का संगठनात्मक विस्तार, अशोक कुमार कनौजिया को जिला महासचिव तो अजय कुमार गुप्ता को जिला कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी
सिद्धार्थनगर में भारतीय सर्वजन पार्टी ने संगठन में दो महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपते हुए नए पदाधिकारियों की नियुक्ति की है। उपलब्ध नियुक्ति-पत्रों के अनुसार अशोक कुमार कनौजिया को जिला महासचिव और अजय कुमार गुप्ता को जिला कोषाध्यक्ष बनाया गया है। दोनों नियुक्तियां पार्टी के जिला अध्यक्ष दीपक कुमार निषाद की ओर से जारी पत्रों में दर्ज हैं।
दो नियुक्तियां—दो नई जिम्मेदारियां

अशोक कुमार कनौजिया — जिला महासचिव

अजय कुमार गुप्ता — जिला कोषाध्यक्ष
नियुक्ति — भारतीय सर्वजन पार्टी, सिद्धार्थनगर

जिला अध्यक्ष — दीपक कुमार निषाद
नियुक्ति-पत्रों में संगठन को मजबूत करने और पार्टी की नीतियों एवं कार्यक्रमों के लिए कार्य करने की अपेक्षा व्यक्त की गई है।
सारांश
भारतीय सर्वजन पार्टी ने सिद्धार्थनगर जिले में संगठनात्मक जिम्मेदारियों में बदलाव/विस्तार करते हुए अशोक कुमार कनौजिया और अजय कुमार गुप्ता को नई जिम्मेदारियां सौंपी हैं। पार्टी के उपलब्ध दस्तावेजों में दोनों पदाधिकारियों की नियुक्ति का उल्लेख है।
सिद्धार्थनगर। भारतीय सर्वजन पार्टी में संगठन को लेकर नई जिम्मेदारियां सामने आई हैं। पार्टी के जिला अध्यक्ष दीपक कुमार निषाद की ओर से जारी नियुक्ति-पत्रों के अनुसार अशोक कुमार कनौजिया को जिला महासचिव तथा अजय कुमार गुप्ता को जिला कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
पूरी खबर
सिद्धार्थनगर जिले में भारतीय सर्वजन पार्टी की ओर से संगठनात्मक स्तर पर दो पदाधिकारियों को नई जिम्मेदारी दिए जाने की जानकारी सामने आई है। उपलब्ध दस्तावेजों के मुताबिक अशोक कुमार कनौजिया को पार्टी का जिला महासचिव मनोनीत किया गया है।
FT News Digital इस नियुक्ति के बाद दोनों नवनियुक्त पदाधिकारियों की आगामी संगठनात्मक गतिविधियों, पार्टी कार्यक्रमों और जिले में संगठन स्तर पर होने वाले अगले फैसलों पर भी नजर रखेगा।
कानूनी/रिपोर्टर सेफ्टी नोट
यह समाचार उपलब्ध नियुक्ति-पत्रों और उपलब्ध तस्वीरों में दर्ज विवरण के आधार पर तैयार किया गया है। इसमें किसी व्यक्ति के बारे में कोई आपराधिक, व्यक्तिगत या अन्य अप्रमाणित आरोप नहीं जोड़ा गया है। नियुक्ति से संबंधित अंतिम आधिकारिक स्थिति के लिए संबंधित पार्टी/अधिकृत पदाधिकारी का आधिकारिक बयान प्राथमिक स्रोत माना जाएगा।
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सच और… कुछ नहीं
सिद्धार्थनगर में MSME योजनाओं की पाठशाला, युवाओं को स्वरोजगार की राह दिखाने पर जोर
FT NEWS DIGITAL | विशेष रिपोर्ट
रोजगार की राह में बड़ा कदम: सिद्धार्थनगर में MSME योजनाओं पर कार्यशाला, उद्यमियों को मिली योजनाओं की जानकारी
सरकारी योजनाओं से रोजगार और स्वरोजगार को बढ़ावा देने पर जोर, तहसील स्तर तक कार्यशालाएं कराने के निर्देश
सिद्धार्थनगर से खास खबर
सिद्धार्थनगर, 15 सितंबर 2026। रोजगार की तलाश कर रहे युवाओं और अपना व्यवसाय शुरू करने की तैयारी कर रहे लोगों के लिए सिद्धार्थनगर में आयोजित एमएसएमई कार्यशाला महत्वपूर्ण जानकारी लेकर आई। लोहिया कला भवन में जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन की अध्यक्षता में उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन निदेशालय द्वारा ‘उद्यम लॉन्च पैड’ के अंतर्गत एमएसएमई योजनाओं पर कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में विशेषज्ञों ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से विभिन्न योजनाओं, स्वरोजगार और उद्यम शुरू करने से जुड़ी जानकारी प्रतिभागियों के सामने रखी।
नौकरी ही नहीं, अपना रोजगार भी
कार्यशाला के दौरान जिलाधिकारी ने युवाओं और इच्छुक उद्यमियों से योजनाओं की जानकारी लेकर उसका लाभ उठाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से पात्र लाभार्थियों को अपना रोजगार शुरू करने के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना और मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना सहित उद्योग विभाग की योजनाओं की जानकारी का लाभ उठाकर स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ने पर जोर दिया।
MSME योजनाओं की जानकारी बनी कार्यशाला का केंद्र
कार्यशाला में शासन से आए विशेषज्ञों ने PPT के माध्यम से एमएसएमई योजनाओं और उद्यम से संबंधित विषयों पर विस्तृत जानकारी दी।
प्रतिभागियों को योजनाओं को समझने और अपने रोजगार/व्यवसाय की संभावनाओं पर विचार करने के लिए जानकारी उपलब्ध कराई गई।
कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं एवं संभावित उद्यमियों को सरकारी योजनाओं से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराकर उन्हें स्वरोजगार और उद्यमिता की दिशा में प्रोत्साहित करना रहा।
जिलाधिकारी के निर्देश
जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने कहा कि इस तरह की कार्यशालाएं केवल जिला मुख्यालय तक सीमित न रहें।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तहसील स्तर पर भी कार्यशालाएं आयोजित कराने के लिए आवश्यक पत्राचार करने के निर्देश दिए।
इससे जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में रहने वाले इच्छुक युवाओं और संभावित उद्यमियों तक योजनाओं की जानकारी पहुंचाने का रास्ता खुल सकता है।
मुख्य योजनाएं
मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना
➡️ स्वरोजगार के अवसरों से जुड़ी जानकारी
मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना
➡️ उद्यम शुरू करने के लिए उपलब्ध सरकारी प्रावधानों की जानकारी
MSME योजनाएं
➡️ छोटे एवं मध्यम उद्यमों से संबंधित जानकारी

📷 तस्वीरें क्या कहती हैं?
कार्यशाला की तस्वीरों में बड़ी संख्या में प्रतिभागी लोहिया कला भवन में मौजूद दिखाई दे रहे हैं। एक तस्वीर में जिलाधिकारी प्रतिभागियों को संबोधित करते दिखाई दे रहे हैं, जबकि दूसरी तस्वीर में सभागार में उपस्थित लोगों की बड़ी संख्या नजर आ रही है।
एक अन्य तस्वीर में जिलाधिकारी को पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया जा रहा है।
FT NEWS DIGITAL की विशेष टिप्पणी
सिर्फ नौकरी की तलाश से आगे बढ़कर स्वरोजगार और उद्यमिता की ओर युवाओं को प्रेरित करना आज की बड़ी जरूरतों में शामिल है। ऐसे में सरकारी योजनाओं की सही जानकारी संभावित लाभार्थियों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है।
सिद्धार्थनगर में आयोजित यह कार्यशाला इसी दिशा में एक प्रयास के रूप में सामने आई है। अब इसकी वास्तविक उपयोगिता इस बात से तय होगी कि जानकारी प्राप्त करने वाले कितने इच्छुक लोग आगे चलकर योजनाओं के तहत आवेदन करते हैं और कितने नए रोजगार या उद्यम शुरू कर पाते हैं।
तहसील स्तर तक कार्यशालाएं आयोजित कराने का निर्देश इस प्रक्रिया को जिला मुख्यालय से बाहर तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रशासनिक पहल है।
सारांश
सिद्धार्थनगर में 15 सितंबर को लोहिया कला भवन में एमएसएमई योजनाओं पर कार्यशाला आयोजित हुई। जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना समेत विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गई। शासन से आए विशेषज्ञों ने PPT के माध्यम से प्रतिभागियों को विस्तृत जानकारी दी। जिलाधिकारी ने तहसील स्तर पर भी ऐसी कार्यशालाएं आयोजित कराने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक पत्राचार करने के निर्देश दिए।
अब आगे क्या?
FT NEWS DIGITAL की नजर अब इन बिंदुओं पर रहेगी—
▪️ तहसील स्तर पर कार्यशालाएं कब शुरू होती हैं?
▪️ कितने युवाओं तक योजनाओं की जानकारी पहुंचती है?
▪️ कितने इच्छुक लाभार्थी आवेदन करते हैं?
▪️ कितने नए उद्यम और रोजगार के अवसर तैयार होते हैं?
▪️ योजनाओं का लाभ लेने में आवेदकों को किन व्यावहारिक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है?
शैलेंद्र कुमार पांडे को मिली बड़ी जिम्मेदारी, बने सवर्ण आर्मी के सिद्धार्थनगर जिलाध्यक्ष
जिले में संगठन को नई दिशा देने की उम्मीद, नियुक्ति के बाद समर्थकों और शुभचिंतकों ने दी बधाई

सिद्धार्थनगर। जिले में सवर्ण आर्मी संगठन को लेकर एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक बदलाव सामने आया है। संगठन की उत्तर प्रदेश इकाई की ओर से शैलेंद्र कुमार पांडे को सिद्धार्थनगर जिले का जिला अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। 16 सितंबर 2026 को जारी नियुक्ति पत्र में उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपे जाने की जानकारी दी गई है। नई जिम्मेदारी मिलने के बाद जिले के लोगों और शुभचिंतकों की ओर से उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दी जा रही हैं।

नियुक्ति पत्र में क्या है खास?
शैलेंद्र कुमार पांडे को जारी नियुक्ति पत्र में उन्हें सवर्ण आर्मी उत्तर प्रदेश की ओर से जिला सिद्धार्थनगर का जिला अध्यक्ष नियुक्त किए जाने की बात दर्ज है।
पत्र में संगठन की ओर से उनसे पद की गरिमा बनाए रखते हुए संगठन के प्रति कर्तव्यनिष्ठ रहने तथा संगठन के हितों को प्राथमिकता देते हुए संगठन को मजबूती प्रदान करने की अपेक्षा व्यक्त की गई है।
नियुक्ति पत्र पर उत्तर प्रदेश प्रदेश अध्यक्ष कमलेन्द्र मिश्रा (पवन मिश्रा) के हस्ताक्षर और संगठन की मुहर दिखाई दे रही है।
नियुक्ति पत्र की तारीख — 16 सितंबर 2026।
नई जिम्मेदारी
नाम: शैलेंद्र कुमार पांडे
पद: जिला अध्यक्ष
संगठन: सवर्ण आर्मी उत्तर प्रदेश
जनपद: सिद्धार्थनगर
नियुक्ति पत्र: 16 सितंबर 2026
बधाई देने वालों ने जताई उम्मीद
शैलेंद्र कुमार पांडे को जिला अध्यक्ष बनाए जाने के बाद जिले के कुछ संभ्रांत नागरिकों और शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई दी।
बधाई देने वालों में कन्हैया पांडे, व्यास जी पांडे, पुरुषोत्तम पांडे, विनोद कुमार दुबे, ज्ञानेंद्र द्विवेदी, विजय प्रकाश मिश्रा, अमित कुमार त्रिपाठी, रंजीत अग्रहरि, अंबुज श्रीवास्तव और कृष्ण पाल सिंह के नाम बताए गए हैं।
बधाई देने वालों ने उम्मीद जताई कि नई जिम्मेदारी मिलने के बाद शैलेंद्र कुमार पांडे संगठनात्मक स्तर पर सक्रिय भूमिका निभाएंगे और संगठन से जुड़े लोगों के हितों तथा सामाजिक विषयों को आगे रखने का प्रयास करेंगे।
महत्वपूर्ण
उपरोक्त बातें बधाई देने वाले लोगों द्वारा व्यक्त की गई उम्मीदें हैं। इन्हें FT NEWS DIGITAL की ओर से किसी भविष्यवाणी या प्रमाणित उपलब्धि के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जा रहा है।
जिम्मेदारी बड़ी, अब नजर काम पर
जिला अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिलने के बाद अब सबसे ज्यादा नजर इस बात पर रहेगी कि शैलेंद्र कुमार पांडे जिले में संगठन को किस तरह सक्रिय करते हैं।
संगठन के कार्यक्रम, जिला इकाई का विस्तार, पदाधिकारियों के साथ समन्वय और समाज से जुड़े मुद्दों पर संगठन की आगामी भूमिका—इन सभी पर आने वाले समय में तस्वीर और स्पष्ट होगी।
सारांश
सवर्ण आर्मी उत्तर प्रदेश की ओर से 16 सितंबर 2026 को शैलेंद्र कुमार पांडे को सिद्धार्थनगर जिले का जिला अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। नियुक्ति पत्र में संगठन को मजबूती देने और संगठन के प्रति कर्तव्यनिष्ठ रहने की अपेक्षा व्यक्त की गई है। नियुक्ति के बाद जिले के कई लोगों ने उन्हें बधाई देते हुए नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दी हैं।
FT NEWS DIGITAL की विशेष टिप्पणी
पद मिलना शुरुआत है, असली पहचान काम से बनती है।
शैलेंद्र कुमार पांडे को मिली नई जिम्मेदारी के बाद अब संगठनात्मक स्तर पर उनके सामने जिले में अपनी भूमिका को प्रभावी ढंग से निभाने की चुनौती होगी। बधाई और शुभकामनाओं के बीच अब निगाहें उनके आगामी कार्यक्रमों और संगठनात्मक गतिविधियों पर रहेंगी।
सिद्धार्थनगर में बिजली संकट: इटवा में रात भर गुल रहती है बिजली, नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने ऊर्जा मंत्री को लिखा पत्र
लखनऊ/सिद्धार्थनगर: जनपद सिद्धार्थनगर के इटवा विधानसभा क्षेत्र और आसपास के इलाकों में जारी अघोषित बिजली कटौती का मुद्दा अब सियासी रूप ले चुका है। उत्तर प्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने क्षेत्र में रात के समय हो रही भारी बिजली कटौती पर कड़ी नाराजगी जताते हुए प्रदेश के ऊर्जा मंत्री को पत्र लिखा है।
नेता प्रतिपक्ष ने अपने पत्र में ऊर्जा मंत्री का ध्यान सिद्धार्थनगर की चरमराती बिजली व्यवस्था की ओर आकर्षित किया। उन्होंने बताया कि विधानसभा क्षेत्र 305-इटवा के अंतर्गत आने वाले सब-स्टेशनों—इटवा ग्रामीण, कठौतिया, तरहर, बेलवा, खुनियांव और भिलौरी सहित कई अन्य उपकेंद्रों से अधिकांशतः रात के समय बिजली सप्लाई बंद कर दी जा रही है।
रात में घंटों बिजली गायब रहने के कारण भीषण गर्मी और उमस में स्थानीय जनता, बच्चों व बुजुर्गों को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
माता प्रसाद पांडेय ने जनहित का हवाला देते हुए ऊर्जा मंत्री से मांग की है कि संबंधित अधिकारियों को तत्काल आदेश जारी कर इन क्षेत्रों में अघोषित बिजली कटौती बंद कराई जाए और निर्बाध रूप से सामान्य विद्युत आपूर्ति बहाल की जाए।
कांग्रेस में नई पारी के बाद सिद्धार्थनगर पहुंचे हेमंत चौधरी, स्वागत के बीच प्रेस वार्ता में खुलकर रखा राजनीतिक रुख

लखनऊ में कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण करने के बाद हेमंत चौधरी बुधवार को पहली बार अपने गृह जनपद सिद्धार्थनगर पहुंचे। तिलौली-बांसी बॉर्डर पर स्वागत से शुरू हुआ सिलसिला जिला कांग्रेस कार्यालय तक पहुंचा, जहां कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। इसके बाद हुई प्रेस वार्ता में हेमंत चौधरी ने कांग्रेस में आने की वजह, अपनी आगामी राजनीतिक भूमिका और कुर्मी समाज को पार्टी से जोड़ने की दिशा में काम करने की बात कही।
सिद्धार्थनगर में पहला आगमन
सिद्धार्थनगर। कांग्रेस में शामिल होने के बाद हेमंत चौधरी का अपने गृह जनपद सिद्धार्थनगर में प्रथम आगमन बुधवार को हुआ। जनपद की सीमा पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने उनका स्वागत किया। इसके बाद उनका काफिला जिला मुख्यालय स्थित कांग्रेस कार्यालय पहुंचा, जहां पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने फूल-मालाओं से स्वागत किया।

यह कार्यक्रम महज स्वागत तक सीमित नहीं रहा। जिला कांग्रेस कार्यालय पर हेमंत चौधरी ने मीडिया से बातचीत करते हुए अपने राजनीतिक सफर और कांग्रेस में शामिल होने के फैसले को लेकर विस्तार से अपनी बात रखी।
हेमंत चौधरी का राजनीतिक सफर
हेमंत चौधरी अपना दल एस के युवा मंच के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं। बाद में उन्होंने राष्ट्रीय जन सरदार पार्टी का गठन किया और उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे।

9 सितंबर 2026 को लखनऊ में उन्होंने अपनी पार्टी का कांग्रेस में विलय करते हुए कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उनके साथ कई समर्थकों के अलावा 32 प्रधान और 17 बीडीसी सदस्य भी कांग्रेस में शामिल हुए।
कांग्रेस में आने की बताई वजह
प्रेस वार्ता में हेमंत चौधरी ने कहा कि वह गरीब, शोषित और वंचित लोगों के मुद्दों को लेकर राजनीति करते रहे हैं। उनका कहना था कि कांग्रेस के साथ जुड़कर वह इन मुद्दों को आगे बढ़ाने का प्रयास करेंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि वह कांग्रेस में लंबे समय के लिए आए हैं और टिकट मिले या न मिले, पार्टी के लिए काम करते रहेंगे।
कुर्मी समाज को जोड़ने की बात
हेमंत चौधरी ने प्रदेश के कुर्मी समाज को कांग्रेस से जोड़ने की दिशा में काम करने की बात कही। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में बड़ी संख्या में लोग कांग्रेस से जुड़ सकते हैं।
यह भविष्य से संबंधित उनका राजनीतिक दावा है। FT News Digital इसे स्वतंत्र तथ्य या पूर्वानुमान के रूप में प्रस्तुत नहीं करता।
चुनाव को लेकर भी रखी राय
प्रेस वार्ता के दौरान हेमंत चौधरी ने उत्तर प्रदेश की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों और 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर भी अपना मत रखा। उन्होंने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के सत्ता में आने की बात कही।
यह बयान हेमंत चौधरी का राजनीतिक आकलन है। इसे FT News Digital की ओर से चुनावी भविष्यवाणी अथवा निष्कर्ष के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।
स्वागत में दिखा उत्साह
तिलौली-बांसी बॉर्डर से जिला कांग्रेस कार्यालय तक कार्यकर्ताओं की मौजूदगी रही। कार्यालय पहुंचने पर हेमंत चौधरी का स्वागत किया गया। कार्यक्रम में कांग्रेस के विभिन्न पदाधिकारी, कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद रहे।
प्राप्त कार्यक्रम विवरण के अनुसार पूर्व सांसद मोहम्मद मुकीम, जिला कांग्रेस अध्यक्ष काजी सोहेल सहित कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता कार्यक्रम में मौजूद रहे।
FT NEWS DIGITAL | संपादकीय टिप्पणी
राजनीति में किसी नेता का एक दल छोड़कर दूसरे दल में जाना अपने आप में राजनीतिक घटनाक्रम है, लेकिन उसके प्रभाव का आकलन समय के साथ होने वाली गतिविधियों से ही किया जा सकता है।
हेमंत चौधरी के कांग्रेस में शामिल होने के बाद सिद्धार्थनगर में उनका पहला आगमन और कार्यकर्ताओं का स्वागत स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय रहा। अब उनकी कांग्रेस में संगठनात्मक भूमिका क्या रहती है और उनके द्वारा कुर्मी समाज को पार्टी से जोड़ने की कही गई बात किस रूप में आगे बढ़ती है, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।
अब नजर आगे की गतिविधियों पर
FT News Digital की नजर इन सवालों पर रहेगी—
कांग्रेस संगठन में हेमंत चौधरी की आगे क्या भूमिका रहती है?
उनके साथ कांग्रेस में शामिल हुए समर्थक और जनप्रतिनिधि कितने सक्रिय रहते हैं?
कुर्मी समाज को कांग्रेस से जोड़ने के उनके अभियान की स्थानीय स्तर पर क्या गतिविधियां सामने आती हैं?
सिद्धार्थनगर की स्थानीय राजनीति में इसका आगे क्या असर दिखाई देता है?
सिद्धार्थनगर: ओवरब्रिज पर बाइक से गिरने के बाद महिला की मौत, अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित किया
डीएम कार्यालय-विकास भवन के समीप हुआ हादसा; चिल्हिया थाना क्षेत्र के सरकारडीह की बताई जा रही मृतका
सिद्धार्थनगर। जिला मुख्यालय में डीएम कार्यालय एवं विकास भवन के समीप स्थित ओवरब्रिज पर मोटरसाइकिल से गिरने के बाद एक महिला की मौत होने की सूचना सामने आई है। मृतका की पहचान सबीना खातून (45), पत्नी अब्दुल हकीम, निवासी सरकारडीह, थाना चिल्हिया, सिद्धार्थनगर के रूप में बताई गई है।
मिली जानकारी के अनुसार सबीना खातून अपने देवर अब्दुल सबूर के साथ मोटरसाइकिल से जा रही थीं। इसी दौरान ओवरब्रिज पर वह बाइक से गिर गईं। घटना के बाद उन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
अस्पताल पहुंचने के बाद सामने आई मौत की जानकारी
बताया गया कि हादसे के बाद महिला को स्थानीय लोगों की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया। इसके बाद उन्हें माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज, सिद्धार्थनगर के इमरजेंसी वार्ड में ले जाया गया। अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार चिकित्सकीय परीक्षण के बाद महिला को मृत घोषित कर दिया गया।
घटना की सूचना परिजनों को मिलने के बाद परिवार में शोक का माहौल है।
संतुलन बिगड़ने की बात सामने आई
प्रारंभिक रूप से मिली जानकारी में मोटरसाइकिल से गिरने की वजह अचानक संतुलन बिगड़ना बताई जा रही है। हालांकि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ, इसकी विस्तृत जानकारी संबंधित पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर घटना को सड़क हादसे के रूप में रिपोर्ट किया जा रहा है। किसी अन्य वाहन की टक्कर या किसी व्यक्ति की भूमिका के संबंध में बिना आधिकारिक पुष्टि के कोई दावा नहीं किया जा रहा है।
हादसे में महिला की मौत
मृतका: सबीना खातून
उम्र: 45 वर्ष
पति: अब्दुल हकीम
निवासी: सरकारडीह, थाना चिल्हिया, सिद्धार्थनगर
यात्रा: देवर अब्दुल सबूर के साथ मोटरसाइकिल पर
स्थान: डीएम कार्यालय/विकास भवन के समीप ओवरब्रिज
अस्पताल: माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज, सिद्धार्थनगर
अस्पताल की जानकारी: चिकित्सकीय जांच के बाद मृत घोषित किए जाने की बात सामने आई है।
सारांश
सिद्धार्थनगर जिला मुख्यालय के ओवरब्रिज पर मोटरसाइकिल से गिरने के बाद 45 वर्षीय महिला सबीना खातून की मौत हो गई। अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित किया। हादसे की परिस्थितियों की आधिकारिक जानकारी पुलिस की कार्रवाई के बाद और स्पष्ट हो सकेगी।
टिप्पणी
यह खबर अस्पताल से प्राप्त जानकारी एवं उपलब्ध विवरण के आधार पर तैयार की गई है। रिपोर्टर घटना के समय मौके पर मौजूद नहीं था। इसलिए दुर्घटना के कारण अथवा घटनाक्रम के संबंध में अपुष्ट दावे नहीं किए गए हैं। पुलिस की आधिकारिक पुष्टि अथवा पोस्टमार्टम रिपोर्ट उपलब्ध होने पर खबर को अपडेट किया जा सकता है।
सिद्धार्थनगर से इस वक्त एक दुखद सड़क हादसे की खबर है। जिला मुख्यालय में डीएम कार्यालय और विकास भवन के समीप ओवरब्रिज पर मोटरसाइकिल से गिरने के बाद एक 45 वर्षीय महिला की मौत हो गई। अस्पताल से मिली जानकारी के मुताबिक चिकित्सकों ने महिला को मृत घोषित किया। आखिर पूरा घटनाक्रम क्या है, देखिए हमारी यह रिपोर्ट।
पुलिस जांच और पोस्टमार्टम से हादसे की परिस्थितियों की आधिकारिक पुष्टि होने के बाद खबर में आगे की जानकारी जोड़ी जाएगी।
FT NEWS DIGITAL | सिद्धार्थनगर
जनहित में तथ्यपरक और सावधानीपूर्वक समाचार प्रस्तुति
“सिंचाई की नहर में गंदगी का अंबार! योजना और जिम्मेदारी पर भी सवाल”
सिद्धार्थनगर में सिंचाई की नहर पर बड़ा सवाल
नहर में सिंचाई का पानी नहीं, आबादी का गंदा पानी और कचरा जरूर! ग्रामीणों ने सफाई, जलनिकासी और पैमाइश की उठाई मांग

सिद्धार्थनगर। नौगढ़ क्षेत्र के बर्डपुर नं. 14, अमारी समेत आसपास के गांवों में एक नहर की मौजूदा स्थिति को लेकर ग्रामीणों में परेशानी की बात सामने आई है। ग्रामीणों का कहना है कि यह नहर सिंचाई के उद्देश्य से बनाई गई थी, लेकिन लंबे समय से इसमें सिंचाई का पानी नहीं आता। दूसरी ओर आबादी के आसपास नहर में गंदा पानी, कूड़ा-कचरा और झाड़ियां जमा होने की शिकायत है।
FT NEWS DIGITAL को उपलब्ध कराई गई तस्वीरों में कई स्थानों पर नहरनुमा मार्ग में ठहरा हुआ गंदा पानी, प्लास्टिक एवं अन्य कचरा तथा आसपास उगी झाड़ियां दिखाई दे रही हैं। कुछ स्थानों पर यह स्थिति मकानों और आबादी के बिल्कुल नजदीक नजर आती है।
ग्रामीणों की परेशानी: सिंचाई की नहर बनी जलभराव का कारण?
ग्रामीणों के अनुसार, जिस नहर का इस्तेमाल सिंचाई के लिए होना चाहिए, उसमें पानी नहीं आने से उसका उपयोग अपेक्षित रूप में नहीं हो पा रहा है। वहीं आबादी से निकलने वाला पानी कई स्थानों पर नहर में जमा होने की बात ग्रामीणों ने कही है।
ग्रामीणों का कहना है कि पानी जमा रहने और कचरा पड़े रहने से दुर्गंध तथा मच्छरों की समस्या बनी रहती है और लोगों को परेशानी होती है।
महत्वपूर्ण: उपलब्ध तस्वीरों से किसी संक्रामक बीमारी के फैलने की पुष्टि नहीं होती। बीमारी अथवा स्वास्थ्य जोखिम संबंधी वास्तविक स्थिति की पुष्टि संबंधित स्वास्थ्य विभाग की जांच से ही हो सकती है।
सबसे बड़ा सवाल—आखिर यह नहर किस योजना की है?
इस मामले में विभागीय स्तर पर जानकारी लेने पर भी फिलहाल नहर की योजना और श्रेणी की अंतिम पुष्टि नहीं हो पाई है।
संबंधित सिंचाई विभाग की ओर से बताया गया कि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि उक्त नहर किस योजना के अंतर्गत आती है, जमींदारी नहर है अथवा किसी अन्य योजना/श्रेणी से संबंधित है।
यही वजह है कि अब ग्रामीणों की मांग है कि विभागीय अभिलेखों के आधार पर इस नहर की वास्तविक पहचान और जिम्मेदार इकाई स्पष्ट की जाए।
यानी सवाल सिर्फ सफाई का नहीं—पहले नहर की पहचान और जिम्मेदारी भी स्पष्ट होनी चाहिए।
ग्रामीणों की शिकायतों की मुख्य सूची
नहर में लंबे समय से सिंचाई का पानी नहीं आने की बात।
आबादी का गंदा पानी नहर में जमा होने की शिकायत।
नहर के आसपास कूड़ा-कचरा और झाड़ियों की स्थिति।
नियमित सफाई नहीं होने की ग्रामीणों की शिकायत।
मच्छरों एवं दुर्गंध से परेशानी की बात।
नहर की भूमि पर अतिक्रमण और पक्के निर्माण की शिकायत।
नहर की पैमाइश एवं सीमांकन कराने की मांग।
संबंधित विभाग/खंड की स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक करने की मांग।
जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था कराने की मांग।
अतिक्रमण की शिकायत भी जांच के घेरे में
ग्रामीणों का आरोप है कि नहर की जमीन के कुछ हिस्सों पर लोगों ने कब्जा कर रखा है और कहीं-कहीं पक्के निर्माण भी किए गए हैं।
हालांकि किसी व्यक्ति को अतिक्रमणकारी कहना तभी उचित होगा, जब राजस्व अभिलेख, विभागीय नक्शे और मौके की पैमाइश से इसकी पुष्टि हो।
इसलिए प्रशासन से मांग है कि नहर की जमीन का अभिलेखीय सत्यापन और मौके पर सीमांकन कराया जाए। यदि जांच में सरकारी/नहर भूमि पर अतिक्रमण पाया जाता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
प्रशासन और सिंचाई विभाग से 7 सीधे सवाल
1. यह नहर किस योजना के अंतर्गत निर्मित हुई थी?
2. क्या यह वर्तमान में सिंचाई विभाग के अभिलेखों में दर्ज है?
3. यह नहर जमींदारी नहर है या किसी अन्य योजना की संरचना?
4. इसका संबंधित खंड और रखरखाव की जिम्मेदारी किसकी है?
5. यदि यह सिंचाई की नहर है तो इसमें वर्तमान में पानी क्यों नहीं पहुंच रहा?
6. नहर की भूमि की पैमाइश और सीमांकन कब हुआ था?
7. यदि आबादी का पानी इसमें जमा हो रहा है तो उसके लिए स्थायी जलनिकासी व्यवस्था क्या है?
जनहित में क्या होना चाहिए?
ग्रामीणों की समस्या को देखते हुए संबंधित विभाग द्वारा मौके का स्थलीय निरीक्षण कराया जाना चाहिए।
इसके साथ—
नहर की वास्तविक पहचान → विभागीय रिकॉर्ड की जांच → मौके की पैमाइश → सफाई → जलनिकासी की व्यवस्था → अतिक्रमण की जांच
इन सभी बिंदुओं पर क्रमवार कार्रवाई की जरूरत है।
यदि नहर सिंचाई के लिए बनी है तो उसकी सिंचाई क्षमता और वर्तमान जलप्रवाह की स्थिति भी स्पष्ट की जानी चाहिए। यदि वर्तमान में इसका स्वरूप जलनिकासी से जुड़ा है तो जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान तलाशना जरूरी है।

संपादकीय टिप्पणी | FT NEWS DIGITAL
सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज किसी जलस्रोत या नहर की पहचान और जिम्मेदारी स्पष्ट होना ग्रामीणों का जायज सवाल है।
यह खबर किसी व्यक्ति, अधिकारी अथवा विभाग को दोषी ठहराने के लिए नहीं है। ग्रामीणों की शिकायत, मौके की तस्वीरों और विभागीय स्तर पर अभी स्पष्ट पुष्टि नहीं होने की स्थिति को सामने रखते हुए संबंधित अधिकारियों से तथ्यात्मक जांच की मांग की जा रही है।
यदि ग्रामीणों की शिकायतें जांच में सही पाई जाती हैं, तो सफाई, जलनिकासी, सिंचाई व्यवस्था तथा अतिक्रमण संबंधी मामलों में नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए।

नहर किसकी है—इसका जवाब अनुमान से नहीं, सरकारी रिकॉर्ड से मिलना चाहिए।
जिम्मेदारी किसकी है—यह भी अभिलेख से स्पष्ट होना चाहिए।
“सिद्धार्थनगर के नौगढ़ क्षेत्र में नहर की तस्वीरों ने कई सवाल खड़े किए हैं। ग्रामीण सिंचाई का पानी नहीं आने, गंदे पानी के जमाव और सफाई की समस्या बता रहे हैं। वहीं नहर की योजना और श्रेणी को लेकर विभागीय स्तर पर अभी अंतिम पुष्टि नहीं हो पाई है। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग रिकॉर्ड खंगालकर इस नहर की वास्तविक पहचान और जिम्मेदारी कब स्पष्ट करता है और मौके पर सफाई एवं जलनिकासी के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं। FT NEWS DIGITAL इस मामले में विभागीय जवाब और कार्रवाई को प्रमुखता से सामने रखेगा।”
स्थान: नौगढ़ क्षेत्र, सिद्धार्थनगर
क्षेत्र: बर्डपुर नं. 14, अमारी एवं आसपास
मुद्दा: नहर में गंदा पानी, कचरा, जलजमाव और सफाई की शिकायत
ग्रामीणों की मांग: सफाई, जलनिकासी, पैमाइश और अतिक्रमण की जांच
विभागीय स्थिति: नहर किस योजना/श्रेणी में है, इसकी अभी अंतिम पुष्टि नहीं
FT NEWS DIGITAL का रुख: रिकॉर्ड आधारित जांच और जनहित में समाधान की मांग
सिद्धार्थनगर में पाल समाज का सम्मान समारोह, 200 लोगों को किया गया सम्मानित
श्याम लाल पाल बोले—शिक्षा, राजनीति और व्यापार में आगे बढ़ रहा पाल समाज

सिद्धार्थनगर, 15 सितंबर। जिला मुख्यालय स्थित समाजवादी अध्ययन केंद्र में समाजवादी शिक्षक सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मणेन्द्र मिश्रा के संयोजन में पाल समाज का सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत माता अहिल्या बाई होलकर के चित्र पर माल्यार्पण एवं श्रद्धासुमन अर्पित कर की गई।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल का आयोजक मणेन्द्र मिश्रा ने अंगवस्त्र भेंट कर स्वागत किया। वहीं शोहरतगढ़ विधानसभा के वरिष्ठ नेता राजेन्द्र पाल ने उन्हें माता अहिल्या बाई होलकर का स्मृति चिन्ह प्रदान किया।
पाल समाज की संस्कृति और योगदान पर हुई चर्चा
मुख्य अतिथि श्याम लाल पाल ने कहा कि पाल समाज की लोककथाओं और लोकगीतों में आज भी समाज के राजाओं, वीरों तथा पशुपालन से जुड़ी संस्कृति की झलक मिलती है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में पाल समाज शिक्षा, राजनीति और व्यापार सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपनी पहचान बना रहा है।

उन्होंने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा पाल समाज को राजनीतिक महत्व और प्रतिनिधित्व दिए जाने की बात कही। आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर उन्होंने पाल समाज की राजनीतिक भूमिका पर भी विचार व्यक्त किए।

कार्यक्रम के दौरान बृजभूषण तिवारी सभागार में मौजूद लोगों ने वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाने के समर्थन में हाथ उठाकर संकल्प लिया। यह संकल्प कार्यक्रम में मौजूद लोगों की राजनीतिक सहमति के रूप में सामने आया।
200 लोगों को गमछा देकर किया सम्मानित
सम्मान समारोह के संयोजक मणेन्द्र मिश्रा ने प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल के हाथों पाल समाज के करीब 200 लोगों को गमछा प्रदान कर सम्मानित कराया। सम्मान पाने वालों में राम तीरथ पाल, राम लखन पाल, संतराम पाल, समपूरन पाल, किशन पाल, धर्म पाल, मंगरू पाल और घनश्याम पाल सहित अन्य लोग शामिल रहे।
कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष लालजी यादव समेत समाजवादी पार्टी एवं पाल समाज से जुड़े कई प्रमुख लोग मौजूद रहे।
नोट: यह समाचार उपलब्ध कराई गई प्रेस विज्ञप्ति के आधार पर संपादित किया गया है। राजनीतिक दावों और चुनाव संबंधी बयानों को संबंधित वक्ताओं के कथन के रूप में प्रस्तुत किया गया है।
अयोध्या में गूंजा सिद्धार्थनगर का सेवा-सम्मान
चार समाजसेवियों को मिला ‘राष्ट्रीय सेवा रत्न सम्मान-2026’, सम्मान के बाद रक्तदान कर दिया मानवता का संदेश

अयोध्या/सिद्धार्थनगर। प्रभु श्रीराम की पावन नगरी अयोध्या धाम में आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय रक्तदान महोत्सव-4 एवं सम्मान समारोह में सिद्धार्थनगर के चार समाजसेवियों को ‘राष्ट्रीय सेवा रत्न सम्मान-2026’ से सम्मानित किए जाने से जिले का नाम राष्ट्रीय मंच पर गौरवान्वित हुआ। रक्तदान, स्वास्थ्य, शिक्षा, युवा कल्याण और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में किए जा रहे सामाजिक कार्यों के लिए इन समाजसेवियों को सम्मान प्रदान किया गया।
राम कृष्ण सेवा फाउंडेशन के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में देश के विभिन्न क्षेत्रों से सामाजिक कार्यों से जुड़े लोगों ने सहभागिता की। सिद्धार्थनगर की टीम की अगुवाई बस्ती मंडल संयोजक हिमांशु द्विवेदी ने की। मंच पर सम्मान प्राप्त करते समाजसेवियों की तस्वीर इस उपलब्धि की कहानी खुद बयां करती नजर आई।
चार समाजसेवियों को मिला सम्मान
हिमांशु द्विवेदी — संस्थापक, S.R.N. फाउंडेशन ट्रस्ट, जिला अध्यक्ष NIFAA एवं बस्ती मंडल संयोजक के रूप में सामाजिक क्षेत्र में सक्रिय हैं। रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने और युवाओं को स्वैच्छिक रक्तदान के लिए प्रेरित करने में उनकी भूमिका बताई गई।
मनीष दुबे — रक्तदान के साथ ग्रामीण स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में किए जा रहे सामाजिक कार्यों के लिए सम्मानित किए गए।
जितेन्द्र पाण्डेय — रक्तदान, शिक्षा और युवा कल्याण के क्षेत्र में सक्रिय योगदान के लिए राष्ट्रीय सम्मान से नवाजा गया।
देवकीनंदन उपाध्याय — रक्तदान के साथ पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों के लिए सम्मानित हुए।
सम्मान के बाद खुद रक्तदान कर दिया बड़ा संदेश
समारोह की खास बात यह रही कि सम्मान हासिल करने के बाद चारों समाजसेवियों ने स्वयं रक्तदान कर सेवा और समर्पण का संदेश दिया। उनका यह कदम केवल सम्मान ग्रहण करने तक सीमित न रहकर समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने की प्रेरणा भी बना।
समाजसेवियों ने कहा कि राष्ट्रीय सम्मान उनके व्यक्तिगत गौरव से कहीं अधिक उन रक्तदाताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों का सम्मान है, जो बिना किसी स्वार्थ के जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आते हैं। उन्होंने लोगों से रक्तदान को लेकर जागरूक होने और जरूरत के समय दूसरों की जिंदगी बचाने के लिए आगे आने की अपील की।
राष्ट्रीय मंच पर सिद्धार्थनगर की मजबूत मौजूदगी
अयोध्या की पावन धरती पर सिद्धार्थनगर के चार समाजसेवियों का सम्मान जिले के सामाजिक क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। रक्तदान जैसे मानवीय कार्य को लेकर युवाओं में जागरूकता पैदा करने और समाजसेवा को जनभागीदारी से जोड़ने वाले ऐसे प्रयास निश्चित रूप से प्रेरणादायी हैं।
फ्रेंड्स टाइम्स / FT NEWS DIGITAL के लिए विशेष रिपोर्ट
रिपोर्टर — सिद्धार्थनगर
नहर में गिरने से बाल-बाल बची स्कूल बस, रेहरा गांव में पलटी; बाल-बाल बचे बच्चे
स्कूटी को बचाने के प्रयास में हादसा होने का स्कूल प्रबंधन का दावा, RTO निरीक्षण में बस के फिटनेस-परमिट समेत कागजात सही
सिद्धार्थनगर। सदर थाना क्षेत्र के रेहरा गांव में मंगलवार सुबह बच्चों को लेने जा रही एक निजी विद्यालय की बस अचानक असंतुलित होकर सड़क किनारे पलट गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई, लेकिन राहत की बात यह रही कि बस नहर में गिरने से बच गई और बस में सवार बच्चों के साथ कोई बड़ी अनहोनी नहीं हुई।
मिली जानकारी के अनुसार, सुबह करीब 7:30 बजे स्कूल की बस विद्यालय से निकलकर बच्चों को उनके घरों से लेने जा रही थी। इसी दौरान रेहरा गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय के पास बस के सामने अचानक एक स्कूटी आने की बात सामने आई। बस में उस समय करीब छह से सात बच्चे सवार बताए जा रहे हैं।
स्कूटी को बचाने में मुड़ी बस, पाइप से टकराने का स्कूल प्रबंधन का पक्ष
स्कूल के प्रधानाचार्य के अनुसार, संबंधित सड़क पहले से संकरी है और वहां गिट्टी-बालू तथा पाइप रखे होने से रास्ता और सीमित हो गया था। इसी दौरान अचानक स्कूटी सामने आने पर उसे बचाने के प्रयास में चालक ने बस मोड़ी। प्रधानाचार्य के मुताबिक बस सड़क किनारे रखे पाइप से टकराई और पलट गई।
प्रधानाचार्य ने बताया कि बस की गति बहुत अधिक नहीं थी और हादसे के बावजूद किसी बच्चे को गंभीर चोट नहीं आई। उनके अनुसार, बच्चे सुरक्षित हैं; कुछ बच्चे अपने घर चले गए, जबकि कुछ स्कूल भी पहुंच गए।
मौके पर पहुंची ग्रामीणों की मदद, बच्चों को निकाला बाहर
बस के पलटते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद ग्रामीण तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे और बच्चों को बस से बाहर निकाला। घायल बताए जा रहे बच्चों को प्राथमिक उपचार के लिए ले जाया गया।
RTO ने किया निरीक्षण, कागजात सही पाए जाने की जानकारी
घटना की सूचना मिलने के बाद परिवहन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर बस का निरीक्षण किया। RTO की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक बस के फिटनेस, इंश्योरेंस और परमिट समेत जरूरी दस्तावेज सही पाए गए।
RTO के प्रारंभिक निरीक्षण के मुताबिक स्कूटी को बचाने के प्रयास में चालक ने अचानक कट लिया, जिसके बाद बस असंतुलित हुई और आगे पुल से टकराकर पलट गई। निरीक्षण के दौरान बस का पिछला एक्सल निकलने की जानकारी भी सामने आई।
RTO ने चालक के लाइसेंस के संबंध में निलंबन की कार्रवाई किए जाने की बात कही है। हालांकि दुर्घटना की पूरी परिस्थितियों और वास्तविक कारणों का अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
सड़क पर रखी निर्माण सामग्री भी जांच के दायरे में
इस हादसे के बाद सड़क पर रखी गिट्टी-बालू और पाइप को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। स्कूल प्रबंधन का कहना है कि सड़क संकरी होने के कारण ऐसी सामग्री से आवागमन की जगह और कम हो जाती है।
अब यह जांच का विषय है कि सड़क पर रखी निर्माण सामग्री ने हादसे की परिस्थितियों को किस हद तक प्रभावित किया और इसके लिए संबंधित स्तर पर क्या जिम्मेदारी बनती है।
बड़ा सवाल—बच्चों की सुरक्षा के लिए आगे क्या?
हादसे ने स्कूल बसों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि उपलब्ध जानकारी के अनुसार बस के आवश्यक दस्तावेज RTO निरीक्षण में सही पाए गए हैं और स्कूल प्रबंधन ने भी घटना को दुर्घटना बताते हुए अपना पक्ष रखा है।
अब पुलिस और संबंधित विभाग की जांच से यह स्पष्ट होना बाकी है कि दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई और चालक के विरुद्ध प्रस्तावित कार्रवाई का अंतिम स्वरूप क्या होगा।
फिलहाल सबसे बड़ी राहत यही है कि एक संभावित गंभीर हादसा टल गया और बच्चों की जान सुरक्षित बची।
48 घंटे तक तलाश, फिर मछुआरों ने देखा शव: नाले में डूबे 55 वर्षीय अधेड़ की मौत
सिद्धार्थनगर। जिले के मिश्रौलिया थाना क्षेत्र के मनकर गांव में एक दर्दनाक हादसे में 55 वर्षीय अधेड़ की नाले में डूबने से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि वह शौच के लिए नाले के पास गया था। इसी दौरान पैर फिसलने से वह गहरे पानी में जा गिरा और डूब गया। घटना के बाद पुलिस प्रशासन के साथ एनडीआरएफ की टीम ने भी तलाश अभियान चलाया, लेकिन करीब 48 घंटे तक उसका कोई पता नहीं चल सका। सोमवार सुबह नाले में मछली पकड़ने गए लोगों ने शव देखा और पुलिस को सूचना दी।
शौच के दौरान हुआ हादसा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मिश्रौलिया थाना क्षेत्र के मनकर गांव निवासी स्वर्गीय प्रसाद के 55 वर्षीय पुत्र शौच के लिए नाले की ओर गए थे। इसी दौरान अचानक पैर फिसल गया और वह नाले के गहरे पानी में जा गिरे। देखते ही देखते वह पानी में समा गए।
घटना की जानकारी मिलने के बाद परिजनों और ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय स्तर पर तलाश शुरू की गई। मौके पर पुलिस प्रशासन के साथ एनडीआरएफ की टीम भी पहुंची और नाले में काफी देर तक तलाश अभियान चलाया गया।
48 घंटे बाद मछली पकड़ने वालों ने देखा शव
लगातार तलाश के बावजूद करीब 48 घंटे तक अधेड़ का पता नहीं चल सका। सोमवार सुबह नाले में मछली पकड़ने पहुंचे कुछ लोगों की नजर पानी में पड़े शव पर पड़ी। शव दिखाई देने की सूचना तत्काल ग्रामीणों और पुलिस को दी गई।
सूचना मिलते ही मिश्रौलिया पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पानी से बाहर निकलवाकर कब्जे में लिया। पुलिस ने आवश्यक पंचनामा कार्रवाई पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
परिवार का मुख्य सहारा था मृतक
ग्रामीणों के अनुसार, मृतक अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे और परिवार के लिए मुख्य सहारा माने जाते थे। उनके परिवार में एक बेटा और एक बेटी हैं, जिनकी शादी अभी होनी बाकी बताई जा रही है।
अचानक हुई इस मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए। गांव में शोक और मातम का माहौल है।
पोस्टमार्टम के बाद स्पष्ट होगी स्थिति
मिश्रौलिया पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस की कार्रवाई और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद मौत से संबंधित स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी। प्रथम दृष्टया घटना नाले में डूबने से हुई मौत के रूप में सामने आ रही है।
सारांश
मनकर गांव में 55 वर्षीय अधेड़ की नाले में डूबने से मौत हो गई। शौच के दौरान पैर फिसलने की बात सामने आ रही है। घटना के बाद पुलिस प्रशासन और एनडीआरएफ की टीम ने तलाश अभियान चलाया। करीब 48 घंटे बाद सुबह मछली पकड़ने गए लोगों ने शव देखा और पुलिस को सूचना दी। मिश्रौलिया पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पंचनामा के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक परिवार का मुख्य सहारा बताया जा रहा है। हादसे के बाद पूरे गांव में मातम पसरा है।
