बूचड़मंडी की गंदगी पर फूटा जनाक्रोश, सड़क जाम कर लोगों ने प्रशासन को घेरा
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मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में NITI TARA पर क्षमतावर्धन कार्यशाला आयोजित
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मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में NITI TARA पर क्षमतावर्धन कार्यशाला आयोजित
सिद्धार्थनगर। मुख्य विकास अधिकारी श्री बलराम सिंह की अध्यक्षता में जनपद स्तर पर NITI TARA विषयक एक दिवसीय क्षमतावर्धन कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य जनपद एवं विकासखंड स्तर के अधिकारियों को डेटा आधारित योजना निर्माण, मॉनिटरिंग एवं मूल्यांकन प्रणाली से परिचित कराना तथा विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सुदृढ़ बनाना था।
कार्यशाला में जनपद स्तरीय समस्त अधिकारी एवं विकासखंड खेसरहा के सभी खंड स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी श्री बी.एस. यादव ने NITI TARA टूलकिट की उपयोगिता, कार्यप्रणाली एवं इसके प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की।
प्रशिक्षण सत्र का संचालन EDCIL India के प्रतिनिधि श्री विकास कुमार द्वारा किया गया। उन्होंने NITI TARA पोर्टल, डेटा प्रबंधन, निगरानी तंत्र तथा विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर अधिकारियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया।
इस अवसर पर डेटा आधारित प्रशासनिक निर्णय प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने, विकास योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग, सटीक मूल्यांकन एवं बेहतर परिणाम सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया।
कार्यक्रम में जिला विकास अधिकारी श्री राजमणि वर्मा, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी श्री बी.एस. यादव, अपर जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी श्री विरेन्द्र सिंह,खंड विकास अधिकारी खेसरहा श्री विजय सिंह, मुख्यमंत्री फेलो, विकासखंड खेसरहा, श्री दुर्गेश कुमार गुप्ता सहित जनपद एवं विकासखंड स्तर के समस्त संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
बूचड़मंडी की गंदगी पर फूटा जनाक्रोश, सड़क जाम कर लोगों ने प्रशासन को घेरा

कार्रवाई के आश्वासन पर खुला जाम, खुले में पशु अवशेष फेंकने और नियम तोड़ने वालों पर सख्ती के निर्देश

शोहरतगढ़। नगर पंचायत के शिवनगर वार्ड स्थित बूचड़मंडी के पास फैली गंदगी, दुर्गंध और खुले में पशु अवशेष फेंके जाने से नाराज लोगों का सब्र सोमवार को जवाब दे गया। स्थानीय नागरिकों ने सड़क पर उतरकर जाम लगा दिया और प्रशासन के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया। सूचना मिलते ही तहसीलदार, अधिशासी अधिकारी (ईओ) और पुलिस बल मौके पर पहुंचा। करीब एक घंटे तक चली समझाइश के बाद अधिकारियों ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई और व्यवस्था सुधारने का भरोसा दिया, जिसके बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ।
सारांश
बूचड़मंडी के बाहर गंदगी और पशु अवशेष फेंके जाने से भड़के लोग।
शिवनगर वार्ड में सड़क जाम कर किया विरोध प्रदर्शन।
तहसीलदार, ईओ और पुलिस मौके पर पहुंची।
नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद खुला जाम।
सावन में खुले में मांस, मछली व अंडा बेचने वालों पर भी होगी सख्ती।
खबर
शोहरतगढ़ नगर पंचायत के शिवनगर वार्ड में स्थित बूचड़मंडी के आसपास फैली गंदगी और खुले में पशु अवशेष फेंके जाने के विरोध में सोमवार शाम स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित नागरिकों ने मुख्य मार्ग पर जाम लगाकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के चलते कुछ समय तक यातायात प्रभावित रहा और मौके पर लोगों की भारी भीड़ जुट गई।
स्थानीय निवासी मनीष कुमार वर्मा, निखिल वर्मा, सूरज सहित अन्य लोगों का कहना है कि बूचड़मंडी से निकलने वाले मांस एवं पशु अवशेष सार्वजनिक स्थानों पर फेंके जाने के कारण पूरे क्षेत्र में दुर्गंध फैलती है। उनका आरोप है कि कई बार जिलाधिकारी, उपजिलाधिकारी और नगर पंचायत प्रशासन से शिकायत करने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका। इसी नाराजगी के चलते लोगों ने सड़क जाम कर विरोध दर्ज कराया।
प्रदर्शनकारियों ने बताया कि बूचड़मंडी के पीछे एक धार्मिक स्थल भी स्थित है, जहां विवाह समेत अन्य मांगलिक अवसरों पर महिलाएं मिट्टी पूजन के लिए पहुंचती हैं। सड़क पर फैली गंदगी और बदबू के कारण श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ती है। लोगों ने नियमित सफाई, स्वच्छता और नियमों के कड़ाई से पालन की मांग की।
सूचना मिलते ही तहसीलदार प्रकाश सिंह यादव, अधिशासी अधिकारी शिव कुमार और प्रभारी निरीक्षक नवीन कुमार सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने लोगों की शिकायतें सुनीं और व्यवस्था सुधारने का भरोसा दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने जाम समाप्त कर दिया।
तहसीलदार ने अधिशासी अधिकारी को निर्देश दिए कि सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी फैलाने और नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए। वहीं ईओ शिव कुमार ने कहा कि सड़क या सार्वजनिक स्थान पर पशु वध, अवशेष फेंकने अथवा खुले में मांस की बिक्री करने वालों के खिलाफ जुर्माना सहित नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि सावन माह के मद्देनजर यदि कोई व्यक्ति सड़क या गली में खुलेआम अंडा, मांस अथवा मछली बेचते हुए पाया गया तो उसके विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
स्थान : शिवनगर वार्ड, शोहरतगढ़ (सिद्धार्थनगर)
समय : सोमवार शाम
मौके पर पहुंचे अधिकारी : तहसीलदार प्रकाश सिंह यादव, ईओ शिव कुमार, प्रभारी निरीक्षक नवीन कुमार सिंह व पुलिस बल
विरोध का कारण : बूचड़मंडी के पास गंदगी, दुर्गंध और पशु अवशेष फेंके जाने की शिकायत
नतीजा : कार्रवाई के आश्वासन के बाद जाम समाप्त
टिप्पणी
स्वच्छता केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि नागरिक और व्यापारिक प्रतिष्ठानों की भी समान जिम्मेदारी है। यदि सार्वजनिक स्थानों पर कचरा और पशु अवशेष फेंकने जैसी शिकायतें लगातार सामने आती हैं, तो यह केवल सफाई व्यवस्था का नहीं बल्कि नियमों के पालन का भी सवाल है। प्रशासन द्वारा सख्त कार्रवाई की घोषणा तभी प्रभावी मानी जाएगी, जब वह धरातल पर दिखाई दे। स्थायी समाधान के लिए नियमित निगरानी, वैज्ञानिक अपशिष्ट निस्तारण और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ निरंतर कार्रवाई आवश्यक है।
— FT News Digital Desk
₹10 और ₹20 के पॉलीमर नोटों को मिली मंजूरी, पहले होगा फील्ड ट्रायल

नई दिल्ली। देश की मुद्रा व्यवस्था में तकनीकी सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए केंद्र सरकार ने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसके तहत ₹10 और ₹20 मूल्यवर्ग के पॉलीमर (प्लास्टिक) बैंक नोटों का फील्ड ट्रायल किया जाएगा। संसद में दी गई जानकारी के अनुसार शुरुआती चरण में दोनों मूल्यवर्ग के 100-100 करोड़ नोट परीक्षण के लिए तैयार किए जाएंगे। हालांकि सरकार ने स्पष्ट किया है कि मौजूदा कागज के नोट बंद नहीं किए जाएंगे।

एक नजर में
₹10 और ₹20 के पॉलीमर (प्लास्टिक) नोटों को केंद्र सरकार की मंजूरी।
शुरुआती चरण में 100-100 करोड़ नोटों का फील्ड ट्रायल।
ट्रायल के बाद RBI करेगा विस्तृत मूल्यांकन।
सफल होने पर नियमित रूप से जारी किए जा सकते हैं।
कागज के मौजूदा नोट पहले की तरह चलते रहेंगे।
पॉलीमर नोट अधिक टिकाऊ और उन्नत सुरक्षा फीचर्स वाले माने जाते हैं।

देश में जल्द शुरू हो सकता है प्लास्टिक करेंसी का ट्रायल, ₹10 और ₹20 के नोटों को मिली मंजूरी
नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा प्रस्तावित ₹10 और ₹20 मूल्यवर्ग के पॉलीमर (प्लास्टिक) बैंक नोटों के फील्ड ट्रायल को केंद्र सरकार ने मंजूरी दे दी है। लोकसभा में दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार ट्रायल के लिए दोनों मूल्यवर्ग के 100-100 करोड़ नोट तैयार किए जाएंगे। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह केवल परीक्षण प्रक्रिया है और मौजूदा कागज के नोटों को वापस लेने या बंद करने की कोई योजना नहीं है।

मुख्य समाचार
देश में करेंसी प्रणाली को अधिक सुरक्षित, टिकाऊ और आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। केंद्र सरकार ने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए ₹10 और ₹20 मूल्यवर्ग के पॉलीमर (प्लास्टिक) बैंक नोटों के फील्ड ट्रायल की अनुमति प्रदान की है।
लोकसभा में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लिखित उत्तर में बताया कि शुरुआती चरण में ₹10 और ₹20 मूल्यवर्ग के 100-100 करोड़ पॉलीमर नोट तैयार किए जाएंगे। इन नोटों का विभिन्न भौगोलिक और जलवायु परिस्थितियों में परीक्षण किया जाएगा ताकि उनकी मजबूती, उपयोगिता और सुरक्षा विशेषताओं का मूल्यांकन किया जा सके।
यदि परीक्षण सफल रहता है तो भारतीय रिजर्व बैंक भविष्य में इन नोटों को नियमित रूप से जारी करने पर निर्णय ले सकता है। हालांकि सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि मौजूदा कागज की करेंसी को बंद करने का कोई प्रस्ताव नहीं है। दोनों प्रकार के नोट समानांतर रूप से प्रचलन में रह सकते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार पॉलीमर नोट सामान्य कागजी नोटों की तुलना में अधिक समय तक चलते हैं। ये पानी, नमी और गंदगी से अपेक्षाकृत कम प्रभावित होते हैं तथा इनमें आधुनिक सुरक्षा फीचर शामिल किए जा सकते हैं, जिससे नकली नोटों की रोकथाम में भी सहायता मिलती है।
आरबीआई पहले भी पॉलीमर नोटों पर अध्ययन कर चुका है, लेकिन अब सरकार की मंजूरी मिलने के बाद इस दिशा में व्यावहारिक परीक्षण का रास्ता साफ हो गया है। हालांकि ट्रायल की शुरुआत कब होगी, इसकी आधिकारिक तारीख अभी घोषित नहीं की गई है।
सारांश
केंद्र सरकार ने ₹10 और ₹20 के पॉलीमर (प्लास्टिक) बैंक नोटों के फील्ड ट्रायल को मंजूरी दे दी है। शुरुआती चरण में 100-100 करोड़ नोट छापे जाएंगे। ट्रायल सफल होने पर इन्हें नियमित रूप से जारी किया जा सकता है, जबकि वर्तमान कागज के नोट पहले की तरह प्रचलन में बने रहेंगे।
संपादकीय टिप्पणी
भारतीय मुद्रा प्रणाली को अधिक सुरक्षित और टिकाऊ बनाने के उद्देश्य से पॉलीमर नोटों का परीक्षण एक महत्वपूर्ण पहल माना जा सकता है। दुनिया के कई देशों में इस तकनीक का सफल उपयोग हो रहा है। हालांकि भारत में यह प्रक्रिया अभी परीक्षण चरण में है, इसलिए लोगों को किसी भी तरह की अफवाह या भ्रम से बचना चाहिए। जब तक भारतीय रिजर्व बैंक कोई अंतिम अधिसूचना जारी नहीं करता, तब तक मौजूदा कागज के सभी नोट पूरी तरह वैध और प्रचलन में रहेंगे।
संपादकीय नोट: यह समाचार संसद में सरकार द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी तथा भारतीय रिजर्व बैंक से संबंधित उपलब्ध आधिकारिक सूचनाओं के आधार पर तैयार किया गया है। इसे स्वतंत्र रूप से लिखा गया है ताकि आपके न्यूज़ पोर्टल पर कॉपीराइट संबंधी समस्या न हो।
₹10 और ₹20 के पॉलीमर नोटों को मिली मंजूरी, पहले होगा फील्ड ट्रायल
नई दिल्ली। देश की मुद्रा व्यवस्था में तकनीकी सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए केंद्र सरकार ने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसके तहत ₹10 और ₹20 मूल्यवर्ग के पॉलीमर (प्लास्टिक) बैंक नोटों का फील्ड ट्रायल किया जाएगा। संसद में दी गई जानकारी के अनुसार शुरुआती चरण में दोनों मूल्यवर्ग के 100-100 करोड़ नोट परीक्षण के लिए तैयार किए जाएंगे। हालांकि सरकार ने स्पष्ट किया है कि मौजूदा कागज के नोट बंद नहीं किए जाएंगे।
एक नजर में
₹10 और ₹20 के पॉलीमर (प्लास्टिक) नोटों को केंद्र सरकार की मंजूरी।
शुरुआती चरण में 100-100 करोड़ नोटों का फील्ड ट्रायल।
ट्रायल के बाद RBI करेगा विस्तृत मूल्यांकन।
सफल होने पर नियमित रूप से जारी किए जा सकते हैं।
कागज के मौजूदा नोट पहले की तरह चलते रहेंगे।
पॉलीमर नोट अधिक टिकाऊ और उन्नत सुरक्षा फीचर्स वाले माने जाते हैं।
देश में जल्द शुरू हो सकता है प्लास्टिक करेंसी का ट्रायल, ₹10 और ₹20 के नोटों को मिली मंजूरी
नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा प्रस्तावित ₹10 और ₹20 मूल्यवर्ग के पॉलीमर (प्लास्टिक) बैंक नोटों के फील्ड ट्रायल को केंद्र सरकार ने मंजूरी दे दी है। लोकसभा में दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार ट्रायल के लिए दोनों मूल्यवर्ग के 100-100 करोड़ नोट तैयार किए जाएंगे। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह केवल परीक्षण प्रक्रिया है और मौजूदा कागज के नोटों को वापस लेने या बंद करने की कोई योजना नहीं है।
मुख्य समाचार
देश में करेंसी प्रणाली को अधिक सुरक्षित, टिकाऊ और आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। केंद्र सरकार ने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए ₹10 और ₹20 मूल्यवर्ग के पॉलीमर (प्लास्टिक) बैंक नोटों के फील्ड ट्रायल की अनुमति प्रदान की है।
लोकसभा में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लिखित उत्तर में बताया कि शुरुआती चरण में ₹10 और ₹20 मूल्यवर्ग के 100-100 करोड़ पॉलीमर नोट तैयार किए जाएंगे। इन नोटों का विभिन्न भौगोलिक और जलवायु परिस्थितियों में परीक्षण किया जाएगा ताकि उनकी मजबूती, उपयोगिता और सुरक्षा विशेषताओं का मूल्यांकन किया जा सके।
यदि परीक्षण सफल रहता है तो भारतीय रिजर्व बैंक भविष्य में इन नोटों को नियमित रूप से जारी करने पर निर्णय ले सकता है। हालांकि सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि मौजूदा कागज की करेंसी को बंद करने का कोई प्रस्ताव नहीं है। दोनों प्रकार के नोट समानांतर रूप से प्रचलन में रह सकते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार पॉलीमर नोट सामान्य कागजी नोटों की तुलना में अधिक समय तक चलते हैं। ये पानी, नमी और गंदगी से अपेक्षाकृत कम प्रभावित होते हैं तथा इनमें आधुनिक सुरक्षा फीचर शामिल किए जा सकते हैं, जिससे नकली नोटों की रोकथाम में भी सहायता मिलती है।
आरबीआई पहले भी पॉलीमर नोटों पर अध्ययन कर चुका है, लेकिन अब सरकार की मंजूरी मिलने के बाद इस दिशा में व्यावहारिक परीक्षण का रास्ता साफ हो गया है। हालांकि ट्रायल की शुरुआत कब होगी, इसकी आधिकारिक तारीख अभी घोषित नहीं की गई है।
सारांश
केंद्र सरकार ने ₹10 और ₹20 के पॉलीमर (प्लास्टिक) बैंक नोटों के फील्ड ट्रायल को मंजूरी दे दी है। शुरुआती चरण में 100-100 करोड़ नोट छापे जाएंगे। ट्रायल सफल होने पर इन्हें नियमित रूप से जारी किया जा सकता है, जबकि वर्तमान कागज के नोट पहले की तरह प्रचलन में बने रहेंगे।
संपादकीय टिप्पणी
भारतीय मुद्रा प्रणाली को अधिक सुरक्षित और टिकाऊ बनाने के उद्देश्य से पॉलीमर नोटों का परीक्षण एक महत्वपूर्ण पहल माना जा सकता है। दुनिया के कई देशों में इस तकनीक का सफल उपयोग हो रहा है। हालांकि भारत में यह प्रक्रिया अभी परीक्षण चरण में है, इसलिए लोगों को किसी भी तरह की अफवाह या भ्रम से बचना चाहिए। जब तक भारतीय रिजर्व बैंक कोई अंतिम अधिसूचना जारी नहीं करता, तब तक मौजूदा कागज के सभी नोट पूरी तरह वैध और प्रचलन में रहेंगे।
संपादकीय नोट: यह समाचार संसद में सरकार द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी तथा भारतीय रिजर्व बैंक से संबंधित उपलब्ध आधिकारिक सूचनाओं के आधार पर तैयार किया गया है। इसे स्वतंत्र रूप से लिखा गया है ताकि आपके न्यूज़ पोर्टल पर कॉपीराइट संबंधी समस्या न हो।
भारत-नेपाल सीमा पर 651 ग्राम पायल के साथ एक व्यक्ति पकड़ा गया

43वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) सिद्धार्थनगर की सीमा चौकी ककरहवा के जवानों ने उत्तर प्रदेश पुलिस के साथ संयुक्त गश्त के दौरान भारत-नेपाल सीमा से कथित रूप से तस्करी के लिए ले जाई जा रही 21 जोड़ी सफेद धातु (पायल) बरामद की। बरामद पायल का कुल वजन 651 ग्राम बताया गया है। पकड़े गए व्यक्ति और बरामद सामान को अग्रिम विधिक कार्रवाई के लिए सीमा शुल्क विभाग ककरहवा को सौंप दिया गया।
बरामदगी एक नजर में
स्थान: फरसादीपुर गांव के पास, ककरहवा सीमा क्षेत्र
संयुक्त कार्रवाई: 43वीं वाहिनी एसएसबी एवं उत्तर प्रदेश पुलिस
बरामद सामान: 21 जोड़ी पायल (सफेद धातु)
कुल वजन: 651 ग्राम
पकड़ा गया व्यक्ति: परसुराम गुप्ता (59 वर्ष), निवासी सलंदपुर, ककरहवा बाजार, सिद्धार्थनगर
जब्ती के बाद कार्रवाई: सीमा शुल्क विभाग ककरहवा को सुपुर्द
एसएसबी की संयुक्त कार्रवाई में सीमा पर पायल बरामद, एक व्यक्ति हिरासत में
सारांश
सिद्धार्थनगर में भारत-नेपाल सीमा पर एसएसबी और उत्तर प्रदेश पुलिस की संयुक्त गश्त के दौरान 21 जोड़ी सफेद धातु की पायल के साथ एक व्यक्ति को पकड़ा गया। प्रारंभिक पूछताछ में व्यक्ति ने सामान नेपाल ले जाने की बात कही। बरामद सामान और व्यक्ति को आगे की कार्रवाई के लिए सीमा शुल्क विभाग को सौंप दिया गया है।
सिद्धार्थनगर। भारत-नेपाल सीमा पर तस्करी की रोकथाम के अभियान के तहत 43वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की सीमा चौकी ककरहवा के जवानों ने उत्तर प्रदेश पुलिस के साथ संयुक्त गश्त के दौरान एक व्यक्ति को 21 जोड़ी सफेद धातु की पायल के साथ पकड़ा। अधिकारियों के अनुसार बरामद पायल का कुल वजन 651 ग्राम है। मामले में आवश्यक वैधानिक कार्रवाई के लिए पकड़े गए व्यक्ति, बरामद सामान और साइकिल को सीमा शुल्क विभाग ककरहवा के सुपुर्द कर दिया गया है।
मुख्य समाचार
सिद्धार्थनगर। 43वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की सीमा चौकी ककरहवा के जवानों ने उत्तर प्रदेश पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए भारत-नेपाल सीमा पर एक व्यक्ति को 21 जोड़ी सफेद धातु की पायल के साथ पकड़ा है।
एसएसबी के अनुसार 27 जुलाई 2026 को विशेष सूचना के आधार पर फरसादीपुर गांव के पास संयुक्त गश्त की जा रही थी। इसी दौरान भारत की ओर से सीमा की तरफ साइकिल से जा रहे एक व्यक्ति को रोककर उसकी तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान उसके पेट और कमर पर कपड़े में छिपाकर रखी गई 21 जोड़ी पायल बरामद हुई। मौके पर वजन कराने पर बरामद पायल का कुल वजन 651 ग्राम पाया गया।
प्रारंभिक पूछताछ में पकड़े गए व्यक्ति ने अपना नाम परसुराम गुप्ता (59 वर्ष) निवासी सलंदपुर, पोस्ट ककरहवा बाजार, जनपद सिद्धार्थनगर बताया। उसने पूछताछ में कथित रूप से बताया कि वह सामान भारत से नेपाल के ओड़वालियां गांव ले जा रहा था।
एसएसबी ने बरामद सामान, साइकिल तथा संबंधित व्यक्ति को अग्रिम विधिक कार्रवाई के लिए सीमा शुल्क विभाग, ककरहवा के सुपुर्द कर दिया है।
एसएसबी ने बताया कि भारत-नेपाल सीमा पर तस्करी, मानव तस्करी, नशीले पदार्थ, अवैध मुद्रा तथा वन्यजीवों की तस्करी की रोकथाम के लिए सीमा क्षेत्र में लगातार विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं और संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
संपादकीय टिप्पणी (Comment)
सीमा सुरक्षा के साथ स्थानीय सतर्कता भी जरूरी
भारत-नेपाल की खुली सीमा व्यापार और आवागमन की दृष्टि से महत्वपूर्ण है, लेकिन इसी का दुरुपयोग कर अवैध तस्करी की कोशिशें भी होती रहती हैं। ऐसे मामलों में एसएसबी, पुलिस और सीमा शुल्क विभाग की संयुक्त कार्रवाई सीमा सुरक्षा को मजबूत बनाती है। साथ ही सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों की जागरूकता और सूचना तंत्र भी अवैध गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
गुरु रविदास जयंती पर भाजपा का समरसता संकल्प, 2027 मिशन को लेकर कार्यकर्ताओं में भरा जोश

सिद्धार्थनगर। भारतीय जनता पार्टी सिद्धार्थनगर द्वारा संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज की 650वीं जयंती के अवसर पर ‘समरसता संकल्प अभियान’ को लेकर जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिला कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने सामाजिक समरसता का संदेश जन-जन तक पहुंचाने तथा वर्ष 2027 के संगठनात्मक लक्ष्य को लेकर बूथ स्तर तक संगठन मजबूत करने का संकल्प लिया।
सारांश
गुरु रविदास महाराज की 650वीं जयंती पर जिला स्तरीय कार्यशाला।
29 जुलाई 2026 से 20 फरवरी 2027 तक चलेगा समरसता संकल्प अभियान।
बूथ स्तर तक संगठन मजबूत करने और डिजिटल प्रशिक्षण पर जोर।
गुरु पूर्णिमा पर पुजारियों के सम्मान सहित कई कार्यक्रमों की रूपरेखा तय।
मुख्य खबर
सिद्धार्थनगर। भारतीय जनता पार्टी जिला कार्यालय में जिलाध्यक्ष दीपक मौर्या की अध्यक्षता में संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज की 650वीं जयंती के अवसर पर समरसता संकल्प अभियान विषयक जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक राजा जय प्रताप सिंह रहे। कार्यशाला में जिले के सभी जिला पदाधिकारी, मंडल अध्यक्ष, मंडल पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मौर्या ने कहा कि संत गुरु रविदास महाराज ने अपने जीवन और विचारों के माध्यम से समाज को समानता, भाईचारा, प्रेम और सामाजिक समरसता का संदेश दिया। उनके विचार आज भी समाज को एकता, मानवता और सद्भाव के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी समाज के प्रत्येक वर्ग को साथ लेकर सामाजिक समरसता को मजबूत करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।
उन्होंने बताया कि 29 जुलाई 2026 से 20 फरवरी 2027 तक समरसता संकल्प अभियान के अंतर्गत जिलेभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। अभियान के माध्यम से संत गुरु रविदास महाराज के विचारों, सामाजिक संदेश और समरस समाज की अवधारणा को जन-जन तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं से अभियान को सफल बनाने के लिए पूरी निष्ठा और सक्रियता के साथ कार्य करने का आह्वान किया।
दीपक मौर्या ने गुरु पूर्णिमा के अवसर पर जिले के विभिन्न मठों एवं मंदिरों के पुजारियों को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किए जाने की जानकारी दी। इसके लिए जिला उपाध्यक्ष विजयकांत चतुर्वेदी को गुरु पूर्णिमा अभियान का जिला संयोजक बनाया गया है।
मुख्य अतिथि विधायक राजा जय प्रताप सिंह ने कहा कि संत गुरु रविदास महाराज ने समाज को मानवता, समानता, प्रेम और सद्भाव का मार्ग दिखाया। उन्होंने कहा कि पार्टी संगठन द्वारा दिए गए प्रत्येक दायित्व का कार्यकर्ताओं को पूरी निष्ठा एवं अनुशासन के साथ पालन करना चाहिए। उन्होंने डिजिटल लर्निंग कार्यक्रम के माध्यम से कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित करने, ‘मन की बात’ कार्यक्रम के संदेशों को जन-जन तक पहुंचाने तथा संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत बनाने पर बल दिया।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2027 का लक्ष्य सभी कार्यकर्ताओं के सामने है। इसे प्राप्त करने के लिए प्रत्येक बूथ पर संगठन को सशक्त बनाना, जनता से निरंतर संवाद बनाए रखना तथा संगठनात्मक गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित करना आवश्यक है।
पूर्व विधायक राघवेंद्र सिंह ने भी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए संगठन की मजबूती, अनुशासन और समर्पण के साथ पार्टी के अभियानों को सफल बनाने का आह्वान किया।
कार्यशाला के दौरान पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं को समरसता संकल्प अभियान की रूपरेखा, उद्देश्यों और आगामी कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम का संचालन जिला महामंत्री फूलचंद जायसवाल ने किया।
इस अवसर पर आशीष शुक्ला को अभियान का जिला संयोजक तथा अविनाश सिंह, सिद्धार्थ पाठक, रामनारायण एवं शिव विलास कन्नौजिया को जिला सह-संयोजक घोषित किया गया।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष शीतल सिंह, नगर पालिका अध्यक्ष गोविंद माधव, पूर्व जिलाध्यक्ष साधना चौधरी, रामकुमार कुंवर, बृजबिहारी मिश्रा, लालजी त्रिपाठी (लाल बाबा), कन्हैया पासवान, दिलीप चतुर्वेदी, रवि अग्रवाल, राजेंद्र पांडेय, पवन मिश्रा, फतेह बहादुर सिंह, पंकज जायसवाल, रमेश मणि त्रिपाठी, जगजीवन गौण, अर्चिष्मान मिश्र, अनुपमा सिंह, राजू शाही, अशोक अग्रहरि सहित बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

कार्यशाला की प्रमुख बातें
• 29 जुलाई 2026 से 20 फरवरी 2027 तक चलेगा समरसता संकल्प अभियान।
• गुरु रविदास महाराज के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प।
• बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने पर विशेष जोर।
• गुरु पूर्णिमा पर पुजारियों के सम्मान का निर्णय।
• डिजिटल लर्निंग और ‘मन की बात’ कार्यक्रम के प्रचार पर बल।
• वर्ष 2027 के लक्ष्य को लेकर कार्यकर्ताओं से सक्रिय भूमिका निभाने की अपील।
टिप्पणी
यह समाचार भारतीय जनता पार्टी, सिद्धार्थनगर द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति एवं कार्यक्रम में दिए गए वक्तव्यों पर आधारित है। कार्यक्रम में व्यक्त विचार संबंधित वक्ताओं के हैं।
गो सम्मान आह्वान अभियान के दूसरे चरण में राष्ट्रपति-प्रधानमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन, 15 करोड़ से अधिक हस्ताक्षरों का दावा

सिद्धार्थनगर। गो सम्मान आह्वान अभियान के द्वितीय चरण के तहत सोमवार को विश्व हिन्दू परिषद, बजरंग दल तथा अभियान से जुड़े कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से सौंपा। अभियान से जुड़े प्रतिनिधियों ने देशभर से 15 करोड़ से अधिक हस्ताक्षर जुटाए जाने का दावा करते हुए गो संरक्षण से संबंधित विभिन्न मांगों पर केंद्र सरकार से निर्णय लेने की अपील की।

सारांश
• जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर सौंपा गया ज्ञापन।
• अभियान की ओर से 15 करोड़ से अधिक हस्ताक्षर जुटाने का दावा।
• गोहत्या-निषेध के लिए केंद्रीय कानून सहित 30 से अधिक मांगें उठाईं।
• विहिप, बजरंग दल एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ता रहे मौजूद।
मुख्य खबर
सिद्धार्थनगर में गो सम्मान आह्वान अभियान के द्वितीय चरण के अंतर्गत सोमवार को बड़ी संख्या में कार्यकर्ता जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। यहां प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, उत्तर प्रदेश के राज्यपाल तथा मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से प्रेषित किया।
अभियान के प्रतिनिधियों के अनुसार, पिछले लगभग छह माह से देशभर में गो संरक्षण और गो सेवा से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर जनजागरण एवं हस्ताक्षर अभियान चलाया जा रहा है। उनका दावा है कि दूसरे चरण में देशभर से 15 करोड़ से अधिक नागरिकों के हस्ताक्षरों के साथ अनुस्मारक प्रार्थना-पत्र सरकार को भेजा गया है। सिद्धार्थनगर जनपद से भी लगभग तीन लाख हस्ताक्षरों वाला ज्ञापन भेजे जाने की जानकारी दी गई।
ज्ञापन में गोहत्या-निषेध के लिए केंद्रीय कानून बनाए जाने, गोमाता को राष्ट्रमाता का सम्मान दिए जाने, गोचर भूमि को अतिक्रमणमुक्त कराने, केंद्रीय गो मंत्रालय की स्थापना, गो-चारा नीति तैयार करने तथा गो संरक्षण से जुड़े अन्य विषयों सहित 30 से अधिक मांगें रखी गई हैं।
कार्यक्रम की शुरुआत गो पूजन, शंखनाद एवं धार्मिक मंत्रोच्चार के साथ हुई। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण तरीके से जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा।
इस अवसर पर विहिप जिलाध्यक्ष ब्रजेश पाण्डेय, जिला मंत्री शिवाजी, उपाध्यक्ष संतोष गुप्त, विभाग संयोजक अजय प्रताप, धर्म प्रसार प्रमुख आशीष सिंह, सुरक्षा प्रमुख अजय सिंह, बजरंग दल के प्रेमचंद, श्याम सुंदर (सुमेर), शारदा प्रसाद, राजा मिश्र, राहुल अग्रहरि, शिवम कश्यप, आभास सिंह, हरिश्चन्द्र, अरुण मिश्र, कैलाशपति त्रिपाठी, अर्जुन मधेसिया, बृजेश मिश्र सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
ज्ञापन में प्रमुख मांगें
• गोहत्या-निषेध के लिए केंद्रीय कानून।
• गोमाता को राष्ट्रमाता का सम्मान।
• केंद्रीय गो मंत्रालय की स्थापना।
• गोचर भूमि को अतिक्रमणमुक्त कराया जाए।
• राष्ट्रीय स्तर पर गो-चारा नीति बनाई जाए।
• गो संरक्षण से जुड़े विषयों को राष्ट्रीय नीति में शामिल किया जाए।
टिप्पणी
गो संरक्षण को लेकर विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों द्वारा समय-समय पर ज्ञापन और जनजागरण अभियान चलाए जाते रहे हैं। इस अभियान में प्रस्तुत मांगें आयोजकों की ओर से सरकार के समक्ष रखे गए सुझाव हैं। इन पर अंतिम निर्णय संबंधित सरकारों एवं सक्षम प्राधिकारियों द्वारा लिया जाना है।
(यह समाचार आयोजकों द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति एवं उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। इसमें उल्लिखित हस्ताक्षरों की संख्या एवं अन्य दावे आयोजकों के कथन हैं, जिनका स्वतंत्र सत्यापन इस समाचार के स्तर पर नहीं किया गया है।)
गुण्डा नियंत्रण अधिनियम के तहत दो व्यक्तियों को किया गया था जिला बदर, प्रशासनिक आदेश फिर चर्चा में
सिद्धार्थनगर। जनपद में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश गुण्डा नियंत्रण अधिनियम, 1970 के तहत पूर्व में जारी जिला बदर के दो आदेश एक बार फिर चर्चा में हैं। प्रशासनिक अभिलेखों के अनुसार हरिशंकर पाण्डेय तथा अख्तर हुसैन उर्फ मुन्नू के विरुद्ध विभिन्न आपराधिक मामलों एवं पुलिस रिपोर्टों के आधार पर सक्षम न्यायालय द्वारा छह-छह माह के लिए जनपद सिद्धार्थनगर की सीमा से निष्कासन (जिला बदर) का आदेश पारित किया गया था।
सारांश
गुण्डा नियंत्रण अधिनियम के तहत दो व्यक्तियों के विरुद्ध जिला बदर की कार्रवाई।
पुलिस की रिपोर्ट एवं उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर सक्षम न्यायालय ने पारित किए थे आदेश।
दोनों को छह माह तक सिद्धार्थनगर जनपद की सीमा में प्रवेश न करने का निर्देश।
आदेश प्रशासनिक एवं न्यायिक अभिलेखों का हिस्सा, दोषसिद्धि का प्रमाण नहीं।
मुख्य खबर
जनपद सिद्धार्थनगर में शांति व्यवस्था एवं जनसुरक्षा बनाए रखने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा समय-समय पर उत्तर प्रदेश गुण्डा नियंत्रण अधिनियम, 1970 के तहत कार्रवाई की जाती रही है। उपलब्ध प्रशासनिक अभिलेखों के अनुसार थाना त्रिलोकपुर क्षेत्र के हरिशंकर पाण्डेय पुत्र बलिराम पाण्डेय, निवासी महतिनिया खुर्द तथा थाना मोहाना क्षेत्र के अख्तर हुसैन उर्फ मुन्नू, निवासी खलीलपुर टोला गाँहनिया, के विरुद्ध भी ऐसी ही कार्रवाई की गई थी।
हरिशंकर पाण्डेय का मामला
प्रशासनिक अभिलेखों में उल्लेख है कि हरिशंकर पाण्डेय के विरुद्ध वर्ष 2020 में विभिन्न थानों में चोरी, टेलीग्राफ अधिनियम तथा अन्य धाराओं से संबंधित कई मुकदमे दर्ज होने का हवाला देते हुए पुलिस ने गुण्डा नियंत्रण अधिनियम के अंतर्गत कार्रवाई की संस्तुति की थी। अभिलेखों में यह भी उल्लेख किया गया कि उसके प्रभाव के कारण आमजन के बीच भय का वातावरण होने की बात पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में कही थी।
इसके आधार पर सक्षम न्यायालय ने 23 फरवरी 2023 के नोटिस की पुष्टि करते हुए उत्तर प्रदेश गुण्डा नियंत्रण अधिनियम, 1970 के प्रावधानों के तहत छह माह के लिए जनपद सिद्धार्थनगर की सीमा से निष्कासित (जिला बदर) करने का आदेश पारित किया था।
अख्तर हुसैन उर्फ मुन्नू का मामला
इसी प्रकार थाना मोहाना क्षेत्र के अख्तर हुसैन उर्फ मुन्नू के संबंध में भी पुलिस ने विभिन्न मुकदमों एवं अभिलेखों का उल्लेख करते हुए गुण्डा नियंत्रण अधिनियम के अंतर्गत कार्रवाई की संस्तुति की थी। प्रशासनिक रिकॉर्ड के अनुसार सक्षम न्यायालय ने 9 जुलाई 2020 के नोटिस की पुष्टि करते हुए उन्हें भी छह माह के लिए जनपद सिद्धार्थनगर की सीमा से निष्कासित करने का आदेश दिया था तथा निर्धारित अवधि तक जनपद में प्रवेश न करने का निर्देश जारी किया था।
क्या होता है जिला बदर?
जिला बदर (Externment) उत्तर प्रदेश गुण्डा नियंत्रण अधिनियम, 1970 के अंतर्गत की जाने वाली एक निवारक (Preventive) प्रशासनिक कार्रवाई है। इसका उद्देश्य कानून-व्यवस्था बनाए रखना होता है। यह किसी व्यक्ति के दोषी सिद्ध होने का प्रमाण नहीं होता, बल्कि उपलब्ध पुलिस रिपोर्ट, अभिलेख और सक्षम प्राधिकारी के समक्ष प्रस्तुत सामग्री के आधार पर पारित प्रशासनिक आदेश होता है।
टिप्पणी
जनहित और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन समय-समय पर गुण्डा नियंत्रण अधिनियम के तहत कार्रवाई करता है। हालांकि यह भी महत्वपूर्ण है कि किसी व्यक्ति के विरुद्ध दर्ज मुकदमे या जिला बदर का आदेश अपने-आप में अंतिम आपराधिक दोषसिद्धि नहीं माने जाते। किसी भी व्यक्ति की आपराधिक जिम्मेदारी का अंतिम निर्णय सक्षम न्यायालय द्वारा साक्ष्यों के आधार पर ही किया जाता है।
(यह समाचार उपलब्ध प्रशासनिक अभिलेखों एवं न्यायालय द्वारा पारित आदेशों पर आधारित है। इसमें वर्णित तथ्य संबंधित दस्तावेजों के अनुसार प्रस्तुत किए गए हैं। किसी व्यक्ति को दोषी घोषित करना इस समाचार का उद्देश्य नहीं है।)
मचान विधि से बदल रही किसानों की तस्वीर, कम लागत में बढ़ रही उपज और आमदनी
सिद्धार्थनगर। जनपद में सब्जी उत्पादन करने वाले किसान अब पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर मचान विधि (सहारा पद्धति) को अपना रहे हैं। उद्यान विभाग के मार्गदर्शन में विशेषकर लोटन क्षेत्र के किसान लौकी, तोरई, करेला, खीरा, सेम सहित अन्य बेलदार सब्जियों की खेती मचान पर कर बेहतर उत्पादन और अधिक आय अर्जित कर रहे हैं।
सारांश
लोटन क्षेत्र के किसान मचान विधि से कर रहे हैं सब्जियों की खेती।
लौकी, करेला, तोरई, खीरा और सेम की गुणवत्ता में हो रहा सुधार।
फसल में रोग कम लगने के साथ 20 से 25 प्रतिशत तक उत्पादन बढ़ने की संभावना।
उद्यान विभाग किसानों को दे रहा प्रशिक्षण और तकनीकी सहयोग।
मुख्य खबर
सिद्धार्थनगर जनपद के किसानों के बीच अब मचान विधि तेजी से लोकप्रिय हो रही है। उद्यान विभाग की पहल से कई किसान बेलदार सब्जियों की खेती आधुनिक तरीके से कर रहे हैं, जिससे उनकी उपज, गुणवत्ता और आय तीनों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है।
इस तकनीक के तहत खेत में मजबूत बांस, खम्भों और तारों की सहायता से जाल (मचान) तैयार किया जाता है, जिस पर लौकी, करेला, तोरई, खीरा, सेम जैसी बेलदार फसलें ऊपर की ओर बढ़ती हैं। इससे पौधों को पर्याप्त धूप और हवा मिलती है, फल जमीन के संपर्क में नहीं आते और रोगों का प्रकोप भी अपेक्षाकृत कम रहता है। परिणामस्वरूप सब्जियां साफ-सुथरी, आकर्षक और बेहतर गुणवत्ता की प्राप्त होती हैं।
कई वर्षों से इस विधि से खेती कर रहे किसानों सच्चिदानन्द, श्रीमती निर्मला, ज्ञानदास तथा गोवर्धन ने बताया कि मचान विधि अपनाने से खेत का बेहतर उपयोग होता है। सिंचाई, निराई-गुड़ाई और तुड़ाई का कार्य भी पहले की तुलना में अधिक आसान हो जाता है। साथ ही फल जमीन पर न लगने से उनके सड़ने और खराब होने की संभावना भी काफी कम रहती है।
जिला उद्यान अधिकारी विमल कान्त ने बताया कि किसानों को प्रशिक्षण देकर मचान विधि को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जनपद के कई क्षेत्रों में जलभराव की समस्या रहती है, ऐसे में यह तकनीक किसानों के लिए बेहद उपयोगी साबित हो रही है। इस विधि से सब्जियों की उपज में 20 से 25 प्रतिशत तक वृद्धि संभव है, जिससे किसानों की आय में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी हो रही है। उन्होंने अधिक से अधिक किसानों से इस तकनीक को अपनाने की अपील की।
मचान विधि के प्रमुख लाभ
बेलदार सब्जियों की बेहतर गुणवत्ता।
रोग एवं कीटों का कम प्रकोप।
उत्पादन में 20–25 प्रतिशत तक वृद्धि की संभावना।
सिंचाई, देखभाल और तुड़ाई में सुविधा।
फल जमीन से ऊपर रहने के कारण सड़ने की संभावना कम।
किसानों की आय में वृद्धि।


मचान विधि से तैयार खेत में खड़े किसान, जहां लौकी, तोरई, करेला व अन्य बेलदार सब्जियों की आधुनिक तकनीक से खेती की जा रही है।
टिप्पणी
जलवायु परिवर्तन और बढ़ती खेती लागत के बीच मचान विधि किसानों के लिए एक प्रभावी विकल्प बनकर उभर रही है। यदि तकनीकी मार्गदर्शन और सरकारी योजनाओं का लाभ अधिक किसानों तक पहुंचे, तो सिद्धार्थनगर जैसे कृषि प्रधान जनपद में सब्जी उत्पादन और किसानों की आय दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि संभव है। यह खेती का ऐसा मॉडल है, जो कम जोखिम के साथ बेहतर मुनाफे की दिशा में किसानों को नई राह दिखा रहा है।
Kargil Vijay Diwas: सिद्धार्थनगर में एबीवीपी की भव्य तिरंगा यात्रा, वीर शहीदों को नमन
कारगिल विजय दिवस पर एबीवीपी की भव्य तिरंगा यात्रा, वीर शहीदों को दी श्रद्धांजलि
सिद्धार्थनगर में युवाओं ने तिरंगा यात्रा निकालकर कारगिल के अमर वीरों के शौर्य और बलिदान को किया नमन।
मुख्य बिंदु
कारगिल विजय दिवस पर निकली भव्य तिरंगा यात्रा।
बड़ी संख्या में एबीवीपी कार्यकर्ताओं और युवाओं की सहभागिता।
कारगिल के वीर शहीदों को दी गई श्रद्धांजलि।
राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रीय एकता का दिया संदेश।
कारगिल विजय दिवस के अवसर पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी), सिद्धार्थनगर इकाई द्वारा शनिवार को भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई। यात्रा में बड़ी संख्या में परिषद के कार्यकर्ताओं और युवाओं ने हाथों में तिरंगा लेकर राष्ट्रभक्ति के नारों के बीच वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
मुख्य खबर
सिद्धार्थनगर में आयोजित तिरंगा यात्रा का उद्देश्य कारगिल युद्ध में देश की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिकों के शौर्य, साहस और राष्ट्रभक्ति को स्मरण करना रहा।
यात्रा के दौरान प्रतिभागियों ने राष्ट्रध्वज के साथ नगर भ्रमण किया तथा देशभक्ति के नारों से वातावरण को राष्ट्रमय बना दिया। वक्ताओं ने कहा कि कारगिल के अमर शहीदों का बलिदान सदैव देशवासियों के लिए प्रेरणास्रोत रहेगा और युवाओं को राष्ट्रहित में कार्य करने की प्रेरणा देता रहेगा।
कार्यक्रम में एबीवीपी के विभाग संगठन मंत्री अंकित मिश्रा, जिला संयोजक यशराज शर्मा, प्रांत कार्यकारिणी सदस्य शाश्वत भट्ट, तहसील संयोजक खुशाल त्रिपाठी, आदित्य अग्रहरि, दिव्यांशु पांडेय, नगर सह मंत्री आदित्य सिंह गौड़ तथा नगर मंत्री सुमित सहित अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
सारांश
कारगिल विजय दिवस पर निकाली गई तिरंगा यात्रा।
युवाओं ने वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया गया।
बड़ी संख्या में एबीवीपी कार्यकर्ता और स्थानीय युवा हुए शामिल।
टिप्पणी
कारगिल विजय दिवस देश के उन वीर सैनिकों के अदम्य साहस, शौर्य और सर्वोच्च बलिदान को स्मरण करने का अवसर है, जिन्होंने राष्ट्र की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी में राष्ट्रप्रेम, अनुशासन और राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत करने का संदेश देते हैं।
सिद्धार्थनगर: एम्बुलेंस सेवा पर उठे सवाल, रिपोर्टों के बाद भी कार्रवाई का इंतजार क्यों?
एम्बुलेंस सेवा पर उठे सवालों की फाइल ठंडी? रिपोर्टें छपीं, लेकिन कार्रवाई का इंतजार
जनहित का बड़ा सवाल
आपातकालीन स्वास्थ्य सेवा की गुणवत्ता पर फिर उठी बहस।
पूर्व में कई मीडिया रिपोर्टों में सामने आए थे गंभीर मुद्दे।
अब तक कार्रवाई या जांच रिपोर्ट सार्वजनिक न होने पर उठ रहे सवाल।
नागरिक बोले— “यदि शिकायतें गलत हैं तो स्पष्ट करें, सही हैं तो जिम्मेदारी तय हो।”
सिद्धार्थनगर में 108 और 102 एम्बुलेंस सेवा को लेकर पहले प्रकाशित गंभीर रिपोर्टों के बाद भी यदि हालात नहीं बदले हैं, तो यह केवल एक विभाग का नहीं बल्कि आम नागरिकों के भरोसे का भी सवाल है। जनचर्चा का विषय यह है कि जिन मुद्दों को प्रमुखता से सार्वजनिक किया गया था, उन पर आखिर क्या कार्रवाई हुई? यदि जांच हुई तो उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक क्यों नहीं की गई?
मुख्य खबर
आपातकालीन चिकित्सा सेवा किसी भी स्वास्थ्य व्यवस्था की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी मानी जाती है। दुर्घटना, गर्भवती महिला, गंभीर मरीज या अन्य आपात स्थितियों में एम्बुलेंस ही जीवन और मृत्यु के बीच पहली उम्मीद होती है।
सिद्धार्थनगर में पूर्व में विभिन्न प्रतिष्ठित समाचार माध्यमों द्वारा प्रकाशित रिपोर्टों में एम्बुलेंस सेवा की कार्यप्रणाली, कुछ वाहनों की स्थिति, रखरखाव, संचालन व्यवस्था तथा कथित प्रशासनिक कमियों को लेकर सवाल उठाए गए थे। इन रिपोर्टों में कुछ कर्मचारियों की ओर से कार्यदबाव और संचालन संबंधी शिकायतों का भी उल्लेख किया गया था।
इन प्रकाशित रिपोर्टों के बाद स्थानीय स्तर पर यह अपेक्षा थी कि संबंधित विभाग तथ्यों की निष्पक्ष जांच कराएगा और यदि कहीं कोई कमी पाई जाती है तो उसे तत्काल दूर करेगा। लेकिन अब तक कार्रवाई या जांच के संबंध में कोई विस्तृत सार्वजनिक जानकारी सामने नहीं आने से लोगों के बीच कई तरह के प्रश्न उठ रहे हैं।
स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े जानकारों का मानना है कि एम्बुलेंस सेवा जैसी व्यवस्था में किसी भी प्रकार की तकनीकी, प्रशासनिक या संचालन संबंधी कमी को हल्के में नहीं लिया जा सकता। ऐसी सेवाओं में नियमित निरीक्षण, वाहनों की फिटनेस, उपकरणों की उपलब्धता और समयबद्ध संचालन अत्यंत आवश्यक है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि पूर्व में लगाए गए आरोप या शिकायतें निराधार थीं, तो संबंधित विभाग को आधिकारिक रूप से स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। वहीं यदि किसी स्तर पर अनियमितता मिली है, तो जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जानकारी भी सार्वजनिक की जानी चाहिए, ताकि लोगों का भरोसा बना रहे।
सारांश
एम्बुलेंस सेवा को लेकर पहले भी गंभीर सवाल उठ चुके हैं।
प्रकाशित रिपोर्टों के बाद कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी।
जनहित में पारदर्शी जांच और सार्वजनिक रिपोर्ट जारी करने की मांग।
विभाग का आधिकारिक पक्ष उपलब्ध होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
टिप्पणी
एम्बुलेंस सेवा सीधे मानव जीवन से जुड़ी व्यवस्था है। इसलिए इसमें पारदर्शिता, जवाबदेही और नियमित निगरानी आवश्यक है। यह खबर किसी व्यक्ति, संस्था या कंपनी को दोषी ठहराने के उद्देश्य से नहीं, बल्कि जनहित में उठे उन प्रश्नों को सामने रखने के लिए है जिन पर स्पष्ट और तथ्यात्मक जवाब की अपेक्षा की जा रही है। यदि संबंधित विभाग या सेवा प्रदाता अपना पक्ष उपलब्ध कराता है, तो उसे भी समान प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
महराजगंज में भीषण सड़क हादसा: 27 वर्षीय युवक गंभीर घायल, पंडित माधव प्रसाद मेडिकल कॉलेज से बीआरडी रेफर
बृजमनगंज-लेहरा मार्ग पर दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर, सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें
महराजगंज जनपद के बृजमनगंज थाना क्षेत्र में रविवार दोपहर दो मोटरसाइकिलों की आमने-सामने टक्कर में एक 27 वर्षीय युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल का उपचार पंडित माधव प्रसाद मेडिकल कॉलेज, सिद्धार्थनगर की इमरजेंसी में किया गया, जहां से हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उसे बीआरडी मेडिकल कॉलेज, गोरखपुर रेफर कर दिया।
सिद्धार्थनगर/महराजगंज।
महराजगंज जनपद के बृजमनगंज-लेहरा मार्ग पर रविवार लगभग 2:30 बजे हुए सड़क हादसे में 27 वर्षीय युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसा दो मोटरसाइकिलों की आमने-सामने की टक्कर में हुआ।
प्राप्त जानकारी के अनुसार घायल युवक की पहचान मोहम्मद अदनान (27 वर्ष) पुत्र मोहम्मद राज, निवासी ग्राम दुबौलिया ओला हरपुर, थाना बृजमनगंज, जनपद महराजगंज के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वह अपने एक मित्र के साथ किसी कार्य से जा रहा था। इसी दौरान विपरीत दिशा से आ रही दूसरी मोटरसाइकिल से उसकी बाइक की टक्कर हो गई।
स्थानीय लोगों के अनुसार हादसे में अदनान के सिर और नाक पर गंभीर चोटें आईं। उसके साथ बैठे युवक तथा दूसरी बाइक पर सवार दोनों लोगों को अपेक्षाकृत हल्की चोटें आने की जानकारी है।
घटना के बाद घायल अदनान को तत्काल पंडित माधव प्रसाद मेडिकल कॉलेज, सिद्धार्थनगर लाया गया। मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में चिकित्सकों ने उसका प्राथमिक उपचार किया, लेकिन हालत गंभीर होने के कारण उसे बेहतर इलाज के लिए बीआरडी मेडिकल कॉलेज, गोरखपुर रेफर कर दिया गया।
समाचार लिखे जाने तक घायल युवक की स्वास्थ्य स्थिति के संबंध में कोई आधिकारिक अपडेट प्राप्त नहीं हो सका था।
हादसे की मुख्य बातें
घटना स्थल: बृजमनगंज-लेहरा मार्ग, महराजगंज
समय: रविवार, लगभग 2:30 बजे
दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर
🚑 घायल का इलाज पंडित माधव प्रसाद मेडिकल कॉलेज, सिद्धार्थनगर में हुआ
गंभीर हालत में बीआरडी मेडिकल कॉलेज, गोरखपुर रेफर
अन्य घायलों को हल्की चोटें आने की सूचना

महराजगंज के बृजमनगंज क्षेत्र में दो बाइकों की टक्कर में 27 वर्षीय युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। सिद्धार्थनगर स्थित पंडित माधव प्रसाद मेडिकल कॉलेज में प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उसे बेहतर इलाज के लिए गोरखपुर रेफर कर दिया।
टिप्पणी
यह समाचार स्थानीय स्तर पर प्राप्त जानकारी और प्रत्यक्षदर्शियों के कथनों पर आधारित है। दुर्घटना के कारणों की आधिकारिक पुष्टि संबंधित पुलिस की जांच के बाद ही हो सकेगी। यदि पुलिस या स्वास्थ्य विभाग का आधिकारिक बयान प्राप्त होता है तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा। यह समाचार किसी निष्कर्ष पर पहुंचे बिना उपलब्ध तथ्यों के आधार पर प्रकाशित किया गया है।
55 एकड़ जमीन के लिए 46वें दिन भी डटे दलित पट्टाधारक, तेन्दुअहिया में सत्याग्रह जारी

37 दलित परिवारों का दावा—1996 में मिला था वैध पट्टा, 2009 में अनियमित तरीके से निरस्त किए जाने का आरोप
महराजगंज जनपद के पनियरा ब्लॉक अंतर्गत ग्राम सभा तेन्दुअहिया में 55 एकड़ कृषि भूमि से जुड़े विवाद को लेकर 37 दलित पट्टाधारक परिवारों का धरना रविवार को 46वें दिन भी जारी रहा। भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले प्रदर्शन कर रहे किसानों ने प्रशासन से जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने और मामले का शीघ्र समाधान करने की मांग की।
महराजगंज।
पनियरा ब्लॉक की ग्राम सभा तेन्दुअहिया (तेंदुआ) में भूमि विवाद को लेकर चल रहा आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के नेतृत्व में 37 दलित पट्टाधारक परिवार अपनी कथित 55 एकड़ कृषि भूमि के अधिकार की मांग को लेकर बेमियादी धरने पर बैठे हैं। आंदोलन रविवार को 46वें दिन भी जारी रहा।
धरना दे रहे किसानों का कहना है कि वर्ष 1996 में उन्हें शासन की ओर से वैध रूप से भूमि का पट्टा आवंटित किया गया था, जिस पर वे वर्षों तक खेती करते रहे। आंदोलनकारियों का आरोप है कि वर्ष 2009 में बिना पूर्व सूचना के उनके पट्टे निरस्त कर दिए गए, जिससे वे अपनी भूमि से वंचित हो गए। किसानों ने इस कार्रवाई में अनियमितता होने का आरोप लगाया है।
प्रदर्शनकारियों का यह भी कहना है कि मामले की जांच के लिए जिला प्रशासन द्वारा तीन सदस्यीय समिति गठित की गई थी, लेकिन अब तक जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई है। उनका आरोप है कि जांच प्रक्रिया में विलंब के कारण उन्हें न्याय मिलने में देरी हो रही है।
भारतीय किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष रामअशीष ने कहा कि जब तक जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं होती और किसानों की मांगों पर निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष एवं समयबद्ध कार्रवाई की मांग की।
धरना स्थल पर मुराली प्रसाद, रामवृक्ष, सालिक प्रसाद, महेंद्र, राजेंद्र, चुन्नीलाल, त्रिवेणी, सोना देवी, सिंधु देवी, रेशमा देवी, प्रभावती देवी, राजेंद्र पासवान सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
ग्राम प्रधान ब्रह्मानंद धारिया ने भी किसानों के समर्थन की बात कही। उन्होंने कहा कि विवाद का समाधान विधिसम्मत प्रक्रिया के तहत होना चाहिए तथा न्यायालय अथवा सक्षम प्राधिकारी का जो भी निर्णय होगा, उसका सम्मान किया जाएगा।
मामले की मुख्य बातें
स्थान: ग्राम सभा तेन्दुअहिया, पनियरा ब्लॉक, महराजगंज
37 दलित पट्टाधारक परिवारों का धरना 46वें दिन भी जारी
किसानों का दावा—1996 में मिला था 55 एकड़ भूमि का पट्टा
2009 में पट्टा निरस्त किए जाने पर अनियमितता का आरोप
जांच समिति की रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग
सारांश
भूमि विवाद को लेकर किसानों का आंदोलन जारी।
जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने और न्यायपूर्ण कार्रवाई की मांग।
भाकियू के नेतृत्व में धरना 46वें दिन भी जारी रहा।
ग्राम प्रधान ने विधिसम्मत समाधान की आवश्यकता बताई।
टिप्पणी
यह समाचार आंदोलनकारी किसानों एवं भारतीय किसान यूनियन के प्रतिनिधियों द्वारा लगाए गए आरोपों और उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। आरोपों की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासन अथवा संबंधित पक्ष का विस्तृत पक्ष उपलब्ध होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा। यह प्रस्तुति पत्रकारिता के संतुलित और कानूनी रूप से सुरक्षित मानकों के अनुरूप तैयार की गई है।
भाजपा कार्यालय में गूंजा ‘मन की बात’, कारगिल वीरों को नमन, आत्मनिर्भर भारत का संदेश

भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा, सिद्धार्थनगर द्वारा भाजपा जिला कार्यालय पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 136वीं कड़ी का सामूहिक श्रवण किया गया। कार्यक्रम के बाद सामाजिक समरसता भोज (टिफिन बैठक) आयोजित हुई, जिसमें कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री के संदेशों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।

सिद्धार्थनगर।
भाजपा किसान मोर्चा सिद्धार्थनगर के तत्वावधान में रविवार को भाजपा जिला कार्यालय पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 136वीं कड़ी का सामूहिक श्रवण किया गया। कार्यक्रम किसान मोर्चा जिलाध्यक्ष अजय शर्मा के नेतृत्व तथा भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मौर्य की अध्यक्षता में आयोजित हुआ। मुख्य अतिथि के रूप में किसान मोर्चा के क्षेत्रीय महामंत्री लाल जी यादव एवं सांसद जगदंबिका पाल उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री के संबोधन को ध्यानपूर्वक सुना। प्रधानमंत्री ने कारगिल विजय दिवस पर वीर शहीदों एवं सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके साहस और बलिदान को देश के लिए प्रेरणास्रोत बताया। उन्होंने आत्मनिर्भर भारत, रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी तकनीक, जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण, ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान, सिंगल यूज प्लास्टिक के पुनर्चक्रण तथा ‘वेस्ट टू वेल्थ’ जैसे विषयों पर विस्तार से विचार रखे।
प्रधानमंत्री ने युवाओं की खेल, विज्ञान, अंतरिक्ष एवं नवाचार के क्षेत्र में उपलब्धियों की सराहना करते हुए ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान को जन-आंदोलन बनाने का आह्वान किया। साथ ही हथकरघा, हस्तशिल्प, खादी, पारंपरिक कला और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने तथा महिला स्वयं सहायता समूहों के प्रयासों की भी प्रशंसा की।
मुख्य अतिथि लाल जी यादव ने कहा कि ‘मन की बात’ केवल एक रेडियो कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनभागीदारी और राष्ट्र निर्माण का प्रभावी माध्यम बन चुका है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से प्रधानमंत्री के संदेशों को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की अपील की।
सांसद जगदंबिका पाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ‘मन की बात’ के माध्यम से गांव, गरीब, किसान, युवा और महिलाओं सहित समाज के हर वर्ग से संवाद स्थापित करते हैं। उन्होंने जल संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा और स्वदेशी उत्पादों को अपनाने का आह्वान किया।
भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मौर्य ने कहा कि प्रधानमंत्री के विचार देशवासियों को सकारात्मक सोच और राष्ट्र निर्माण की दिशा में प्रेरित करते हैं। किसान मोर्चा जिलाध्यक्ष अजय शर्मा ने सभी अतिथियों एवं कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में मनीष शुक्ला, ज्ञानेंद्र मिश्रा, पंकज चौबे, आशीष पांडेय, धर्मेंद्र सिंह, नागेंद्र मिश्रा, अरविंद पांडेय, विनय त्रिपाठी, भूप नारायण सिंह, रमेश चौधरी, सुभाष मिश्रा, दिलीप दुबे सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
मुख्य बातें
भाजपा कार्यालय पर सुनी गई ‘मन की बात’ की 136वीं कड़ी।
कारगिल विजय दिवस पर वीर शहीदों को दी गई श्रद्धांजलि।
जल संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा और ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान पर जोर।
‘वोकल फॉर लोकल’ और स्वदेशी उत्पाद अपनाने की अपील।
कार्यक्रम के बाद सामाजिक समरसता भोज (टिफिन बैठक) आयोजित।
सारांश
किसान मोर्चा ने भाजपा कार्यालय पर सामूहिक रूप से सुनी ‘मन की बात’।
प्रधानमंत्री के राष्ट्र निर्माण, पर्यावरण और आत्मनिर्भर भारत के संदेशों पर हुई चर्चा।
कार्यकर्ताओं ने स्वदेशी, जल संरक्षण और जनभागीदारी को बढ़ावा देने का संकल्प लिया।
टिप्पणी
‘मन की बात’ कार्यक्रम से जुड़े विचार और वक्तव्य कार्यक्रम में मौजूद वक्ताओं के संबोधन एवं प्रधानमंत्री के प्रसारित संदेशों पर आधारित हैं। कार्यक्रम का उद्देश्य जनजागरूकता और सामाजिक सहभागिता को बढ़ावा देना बताया गया।
5 लाख तक कैशलेस इलाज की सौगात: सिद्धार्थनगर में शिक्षकों को मिले स्वास्थ्य कार्ड, मुख्यमंत्री योजना का हुआ शुभारंभ
मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना लागू, उच्च शिक्षा विभाग के शिक्षकों व आश्रितों को मिलेगा ₹5 लाख तक निःशुल्क उपचार
उच्च शिक्षा विभाग के शिक्षकों और उनके आश्रितों के लिए बड़ी राहत लेकर आई मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगरा से किया। सिद्धार्थनगर में विकास भवन स्थित अंबेडकर सभागार में कार्यक्रम का लाइव प्रसारण देखा गया तथा शिक्षकों को कैशलेस स्वास्थ्य कार्ड वितरित किए गए।

सिद्धार्थनगर।
उच्च शिक्षा विभाग के शिक्षकों एवं उनके आश्रितों को बेहतर स्वास्थ्य सुरक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा आगरा से किया गया। सिद्धार्थनगर के विकास भवन स्थित अंबेडकर सभागार में आयोजित कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं शिक्षकों ने इसका सीधा प्रसारण देखा।

कार्यक्रम में सांसद जगदम्बिका पाल, विधायक जय प्रताप सिंह, विधायक श्यामधनी राही, विधायक सैय्यदा खातून, पूर्व विधायक राघवेन्द्र प्रताप सिंह, जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन तथा मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। कार्यक्रम के आरंभ में जिलाधिकारी ने अतिथियों का पुष्प, अंगवस्त्र एवं गमला भेंट कर स्वागत किया।
सांसद जगदम्बिका पाल ने कहा कि मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के तहत उच्च शिक्षा विभाग के शिक्षकों एवं उनके आश्रितों को ₹5 लाख तक कैशलेस उपचार की सुविधा मिलेगी। उन्होंने इसे शिक्षकों के लिए महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि प्रदेश में शिक्षकों की सामाजिक सुरक्षा को भी मजबूत करने की दिशा में प्रयास किए गए हैं।
विधायक जय प्रताप सिंह ने कहा कि सरकार द्वारा शिक्षकों के हित में शुरू की गई यह योजना उन्हें बेहतर स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि शिक्षक समाज निर्माण की आधारशिला हैं और उनके कल्याण के लिए संचालित योजनाएं महत्वपूर्ण हैं।
विधायक श्यामधनी राही ने कहा कि सरकार समाज के विभिन्न वर्गों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए लगातार कार्य कर रही है और शिक्षकों को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करना उसी दिशा में एक अहम पहल है।
विधायक सैय्यदा खातून एवं पूर्व विधायक राघवेन्द्र प्रताप सिंह ने भी योजना की सराहना करते हुए शिक्षकों को शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम के दौरान जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने शिक्षकों को मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा कार्ड वितरित किए। अंत में मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में सांसद प्रतिनिधि एस.पी. अग्रवाल, सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक दीनानाथ यादव, शिक्षकगण एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
इन बॉक्स
योजना की प्रमुख बातें
✅ उच्च शिक्षा विभाग के शिक्षकों एवं उनके आश्रितों को मिलेगा लाभ
✅ ₹5 लाख तक कैशलेस इलाज की सुविधा
✅ सिद्धार्थनगर में शिक्षकों को वितरित किए गए स्वास्थ्य कार्ड
✅ अंबेडकर सभागार में देखा गया मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का लाइव प्रसारण
✅ जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों की मौजूदगी में हुआ आयोजन
सारांश
मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ।
सिद्धार्थनगर में शिक्षकों को कैशलेस स्वास्थ्य कार्ड वितरित।
योजना के तहत ₹5 लाख तक निःशुल्क कैशलेस उपचार की सुविधा।
जनप्रतिनिधियों ने शिक्षकों को दी शुभकामनाएं और योजना की सराहना की।
टिप्पणी
उच्च शिक्षा विभाग के शिक्षकों के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़ी यह पहल चिकित्सा खर्च की चिंता कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। योजना का उद्देश्य शिक्षकों और उनके आश्रितों को समय पर गुणवत्तापूर्ण इलाज उपलब्ध कराना है।
(यह समाचार जिला सूचना कार्यालय द्वारा जारी आधिकारिक विज्ञप्ति पर आधारित है।)
माटीकला से आत्मनिर्भरता की नई उड़ान: सिद्धार्थनगर में 6 उद्यमी सम्मानित, सांसद बोले- मिट्टी के उत्पादों को दें नई पहचान

माटीकला बोर्ड स्थापना पखवाड़ा के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित, जनप्रतिनिधियों ने स्वरोजगार और नवाचार पर दिया जोर

सिद्धार्थनगर के विकास भवन स्थित अंबेडकर सभागार में उत्तर प्रदेश माटीकला बोर्ड के तत्वावधान में आयोजित माटीकला जागरूकता कार्यक्रम (माटीकला बोर्ड स्थापना पखवाड़ा) में माटीकला से जुड़े कारीगरों और उद्यमियों को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया गया। कार्यक्रम में छह लाभार्थियों को सम्मानित किया गया तथा स्वरोजगार, प्रशिक्षण और सरकारी योजनाओं से जुड़कर आत्मनिर्भर बनने का आह्वान किया गया।

सिद्धार्थनगर।
उत्तर प्रदेश माटीकला बोर्ड की विपणन विकास सहायता एवं प्रचार-प्रसार योजना के अंतर्गत आयोजित माटीकला जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन शनिवार को विकास भवन स्थित अंबेडकर सभागार में किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता डुमरियागंज सांसद जगदम्बिका पाल ने की। इस अवसर पर बांसी विधायक जय प्रताप सिंह, कपिलवस्तु विधायक श्यामधनी राही, जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन तथा मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह द्वारा अतिथियों का अंगवस्त्र भेंट कर स्वागत करने से हुई।
सांसद जगदम्बिका पाल ने कहा कि माटीकला से जुड़ी पारंपरिक कला एक समय समाप्त होने की कगार पर पहुंच गई थी, लेकिन राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं और माटीकला बोर्ड के माध्यम से इसे नया जीवन मिला है। उन्होंने कहा कि मिट्टी से बने उत्पाद अब देश ही नहीं बल्कि विदेशों तक पहुंच रहे हैं। सरकार टूलकिट, प्रशिक्षण और ऋण जैसी योजनाओं के माध्यम से कारीगरों को आत्मनिर्भर बनाने का कार्य कर रही है। उन्होंने लोगों से स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने और माटीकला उद्योग से जुड़ने की अपील की।
बांसी विधायक जय प्रताप सिंह ने कहा कि माटीकला बोर्ड के गठन के बाद कुम्हार समुदाय को नई पहचान मिली है। प्रशिक्षण, मिट्टी की उपलब्धता और ऋण सुविधा के जरिए रोजगार के नए अवसर सृजित हुए हैं। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक के साथ माटीकला उद्योग तेजी से आगे बढ़ रहा है।
कपिलवस्तु विधायक श्यामधनी राही ने कहा कि सरकार की योजनाओं से पारंपरिक कारीगरों का मनोबल बढ़ा है और बैंकिंग सहायता के माध्यम से वे अपने व्यवसाय का विस्तार कर रहे हैं। उन्होंने माटीकला से जुड़े सभी उद्यमियों को शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम के दौरान जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने माटीकला बोर्ड से जुड़े छह लाभार्थियों को सम्मानित किया। अंत में मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह ने सभी अतिथियों, अधिकारियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में सांसद प्रतिनिधि एस.पी. अग्रवाल, जिला ग्रामोद्योग अधिकारी गंगाधर दुबे सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में माटीकला उद्यमी उपस्थित रहे।
सारांश
माटीकला बोर्ड स्थापना पखवाड़ा के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित।
सांसद, विधायक, डीएम और सीडीओ की मौजूदगी में हुआ कार्यक्रम।
माटीकला से जुड़े 6 लाभार्थियों का सम्मान।
प्रशिक्षण, टूलकिट, ऋण और स्वरोजगार योजनाओं पर दिया गया जोर।
पारंपरिक माटीकला को आधुनिक तकनीक से जोड़कर आत्मनिर्भरता का संदेश।
मुख्य बिंदु
स्थान: अंबेडकर सभागार, विकास भवन, सिद्धार्थनगर
आयोजन: उत्तर प्रदेश माटीकला बोर्ड
6 लाभार्थी हुए सम्मानित
,स्वरोजगार प्रशिक्षण और ऋण योजनाओं की दी गई जानकारी
जनप्रतिनिधियों ने माटीकला को बढ़ावा देने का किया आह्वान
टिप्पणी
माटीकला केवल एक पारंपरिक कला नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था और स्वरोजगार का मजबूत माध्यम है। ऐसे जागरूकता कार्यक्रम कारीगरों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने और स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
43वीं वाहिनी, स.सी.बल द्वारा सीमावर्ती ग्रामीणों हेतु निःशुल्क मानव चिकित्सा शिविर का आयोजन*
*43वीं वाहिनी, स.सी.बल द्वारा सीमावर्ती ग्रामीणों हेतु निःशुल्क मानव चिकित्सा शिविर का आयोजन*
दिनांक 25.07.2026 को नागरिक कल्याण कार्यक्रम के अंतर्गत 43वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल सिद्धार्थनगर द्वारा चिकित्सा अधिकारी डॉ राम विलास, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शोहरतगढ़ के सहयोग से एफ-समवाय, खूनवा के अंतर्गत आने वाले Vribrant Village मदरहना जनुबी में शिविर लगाकर निःशुल्क मानव चिकित्सा सेवा प्रदान किया गया I इस शिविर के माध्यम से सीमाई क्षेत्र के गाँव महला,महली, मदरहना जनूबी, एवं पड़रहवा गाँव के 55 पुरुष ,38 महिला और 18 बच्चों के साथ कुल -111 लोगो का स्वास्थ्य परीक्षण कर निःशुल्क दवा वितरित किया गया I साथ ही ग्रामीणों को मौसम को ध्यान रखते हुए स्वच्छता, संतुलित आहार एवं नियमित स्वास्थ्य परीक्षण के प्रति जागरूक किया गया ।
उपरोक्त आयोजन के दौरान 43वीं वाहिनी स.सी.ब. सीमा चौकी खूनवा के समवाय प्रभारी अभिषेक कुमार सिंह (सहायक कमान्डेंट) एवं सहायक उप निरीक्षक फार्मासिस्ट आशुतोष कुमार, आरक्षी/सामान्य शिवशंकर उपाध्याय,और कार्मिको के साथ-साथ स्थानीय ग्राम प्रधान व अन्य ग्रामीण उपस्थित रहे I
पेपर लीक और भर्ती अनियमितताओं के विरोध में भीम आर्मी का राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन
जंतर-मंतर लाठीचार्ज की निष्पक्ष जांच, भर्ती व्यवस्था में सुधार और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली की उठाई मांग
देश में प्रतियोगी परीक्षाओं और भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर उठ रहे सवालों के बीच भीम आर्मी भारत एकता मिशन ने सोमवार को जिलाधिकारी सिद्धार्थनगर के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। संगठन ने प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक, भर्ती अनियमितताओं तथा 20 जुलाई 2026 को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों पर हुए कथित पुलिस बल प्रयोग के मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। साथ ही परीक्षा एवं भर्ती प्रणाली को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और समयबद्ध बनाने के लिए प्रभावी सुधार लागू करने की अपील की।
प्रमुख मांगें
🔹 प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और भर्ती अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच।
🔹 जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान हुए कथित पुलिस बल प्रयोग की उच्चस्तरीय जांच।
🔹 परीक्षा एवं भर्ती प्रक्रिया को तकनीकी रूप से सुरक्षित और पारदर्शी बनाया जाए।
🔹 दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई हो।
🔹 युवाओं के लिए निष्पक्ष और भरोसेमंद भर्ती व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
| ज्ञापन में क्या कहा गया?
संगठन द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया कि पिछले कुछ वर्षों में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं और भर्तियों को लेकर कथित अनियमितताओं एवं पेपर लीक की घटनाओं ने अभ्यर्थियों के बीच चिंता का माहौल पैदा किया है। संगठन का कहना है कि लाखों युवा वर्षों तक कठिन परिश्रम और आर्थिक चुनौतियों का सामना करते हुए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। ऐसे में यदि परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता पर प्रश्न उठते हैं, तो युवाओं का मनोबल प्रभावित होता है।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि 20 जुलाई 2026 को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों पर हुए कथित पुलिस बल प्रयोग की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए। संगठन का कहना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने का अधिकार सुरक्षित है और यदि किसी स्तर पर बल प्रयोग हुआ है तो उसकी वस्तुनिष्ठ जांच आवश्यक है।
भीम आर्मी भारत एकता मिशन ने मांग की कि भविष्य में प्रतियोगी परीक्षाओं को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए प्रभावी कानून, आधुनिक तकनीकी सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत निगरानी तंत्र लागू किया जाए, ताकि अभ्यर्थियों का विश्वास मजबूत हो सके।
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि भर्ती प्रक्रियाओं में यदि किसी स्तर पर अनियमितता सिद्ध होती है तो संबंधित जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही शिक्षा एवं भर्ती व्यवस्था में व्यापक सुधार के लिए केंद्र सरकार से आवश्यक कदम उठाने का आग्रह किया गया। संगठन ने अपने ज्ञापन में केंद्रीय शिक्षा मंत्री के संबंध में नैतिक जिम्मेदारी तय करने की मांग का भी उल्लेख किया है।
संगठन का कहना है कि युवाओं को निष्पक्ष अवसर, पारदर्शी परीक्षा प्रणाली और संविधान के अनुरूप न्याय मिलना चाहिए। ज्ञापन सौंपे जाने के बाद अब इस पर संबंधित संवैधानिक एवं सरकारी स्तर पर होने वाली कार्रवाई पर अभ्यर्थियों की निगाहें टिकी हैं।
सारांश
भीम आर्मी भारत एकता मिशन ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भेजा।
प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और भर्ती अनियमितताओं पर चिंता जताई।
जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान हुए कथित पुलिस बल प्रयोग की जांच की मांग।
परीक्षा एवं भर्ती प्रणाली में पारदर्शिता और तकनीकी सुधार लागू करने की अपील।
दोषियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई और युवाओं के हितों की रक्षा की मांग।
टिप्पणी
देश की शिक्षा और भर्ती व्यवस्था से जुड़े मुद्दे लाखों युवाओं के भविष्य से सीधे जुड़े हैं। ऐसे मामलों में विभिन्न संगठनों द्वारा अपनी मांगों को लोकतांत्रिक माध्यम से उठाना लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है। वहीं, कथित अनियमितताओं या किसी भी घटना की पुष्टि संबंधित जांच एजेंसियों और सक्षम प्राधिकार के निष्कर्षों से ही होती है। पारदर्शी, निष्पक्ष और विश्वसनीय परीक्षा व्यवस्था युवाओं के विश्वास को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जाती है।
संपादकीय नोट: इस समाचार में प्रयुक्त “कथित”, “संगठन का आरोप”, “ज्ञापन में कहा गया” और “मांग की गई” जैसे शब्द संबंधित पक्ष के दावों को दर्शाते हैं। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि का दावा नहीं किया जा रहा है। समाचार का उद्देश्य ज्ञापन में उठाए गए मुद्दों को तथ्यात्मक एवं संतुलित रूप में प्रस्तुत करना है, जिससे चैनल, प्रकाशन और संवाददाता कानूनी रूप से सुरक्षित रहें।
छात्र हितों को लेकर कांग्रेस का कैंडल मार्च, निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली की उठी मांग
सिद्धार्थ नगर ब्यूरो रिपोर्ट
जिला कांग्रेस कमेटी सिद्धार्थनगर के तत्वावधान में शनिवार को नौगढ़ में छात्र हितों, शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता तथा लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर कैंडल मार्च एवं सत्याग्रह आयोजित किया गया। कार्यक्रम उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारियों, छात्र नेताओं, युवाओं एवं कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।

मुख्य बिंदु
– नौगढ़ में कांग्रेस का शांतिपूर्ण कैंडल मार्च।
– छात्र हितों और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की मांग।
– महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि देकर सत्याग्रह का समापन।
– शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही और निष्पक्ष जांच की मांग।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नौगढ़ तहसील परिसर से नगर पालिका परिषद स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा तक हाथों में मोमबत्तियां लेकर शांतिपूर्ण मार्च निकाला। इस दौरान शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली तथा छात्रों के अधिकारों की सुरक्षा की मांग उठाई गई।
विस्तृत समाचार
मार्च के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि छात्रों का भविष्य निष्पक्ष एवं पारदर्शी परीक्षा प्रणाली पर निर्भर करता है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष काज़ी सुहेल अहमद ने कहा कि परीक्षा प्रणाली को लेकर उठ रही चिंताओं ने छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों की आवाज़ को पर्याप्त महत्व नहीं दिया जा रहा है तथा सरकार को परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की दिशा में प्रभावी कदम उठाने चाहिए।
उन्होंने मांग की कि यदि किसी परीक्षा में अनियमितता के आरोप सामने आते हैं तो उनकी निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए तथा छात्रों के हितों की रक्षा सुनिश्चित की जाए।
कार्यक्रम का समापन महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने सत्य, अहिंसा एवं लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
कार्यक्रम में जावेद मोकीम, अनिल सिंह अन्नू, सादिक अहमद, राजन श्रीवास्तव, पंकज चतुर्वेदी, सतीश चन्द्र त्रिपाठी, अश्विनी सिंह सोलंकी, रितेश त्रिपाठी, डॉ. प्रमोद कुमार, होरी लाल श्रीवास्तव, मोबीन खान, सुदामा प्रसाद, संतोष चौधरी, रियाजउद्दीन राईनी, आशुतोष मिश्रा, जोखन प्रजापति, अकरम अली, श्याम प्रकाश पांडेय, प्रेमजीत तिवारी, शिवपूजन, भोला पांडेय, कासिम, रियाज़ मनिहार, रवि प्रजापति, शौकत अली सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
सारांश
नौगढ़ में आयोजित कांग्रेस के कैंडल मार्च में छात्र हितों, शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली तथा लोकतांत्रिक अधिकारों की सुरक्षा की मांग उठाई गई। नेताओं ने परीक्षा संबंधी कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच और जवाबदेही तय करने की मांग की।
टिप्पणी
शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता और प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता लाखों विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ा विषय है। किसी भी परीक्षा में अनियमितताओं के आरोप सामने आने पर उनकी निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच आवश्यक है। इस समाचार में उल्लिखित आरोप कांग्रेस नेताओं के सार्वजनिक बयान हैं। इन आरोपों की पुष्टि किसी सक्षम न्यायिक अथवा जांच एजेंसी द्वारा होना शेष हो सकता है।
(यह समाचार कांग्रेस पार्टी द्वारा आयोजित कार्यक्रम एवं नेताओं के सार्वजनिक बयानों पर आधारित है। FT News Digital इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता।)
शहादत दिवस पर पूर्व सांसद फूलन देवी को सपा नेताओं ने किया नमन, संघर्ष और स्वाभिमान की विरासत को किया याद
कौन थीं फूलन देवी?

फूलन देवी भारतीय राजनीति और सामाजिक विमर्श की चर्चित हस्तियों में रही हैं। उनका जीवन अत्यंत संघर्षपूर्ण रहा। बाद में उन्होंने राजनीति में प्रवेश किया और उत्तर प्रदेश की मिर्जापुर लोकसभा सीट से सांसद निर्वाचित हुईं। 25 जुलाई 2001 को नई दिल्ली में उनकी हत्या कर दी गई थी। उनके समर्थक उन्हें सामाजिक अन्याय और शोषण के खिलाफ संघर्ष का प्रतीक मानते हैं, जबकि उनके जीवन के कुछ पहलू लंबे समय तक विवाद और न्यायिक चर्चाओं का विषय भी रहे। इसी कारण उनके व्यक्तित्व का उल्लेख करते समय संतुलित और तथ्यपरक दृष्टिकोण आवश्यक माना जाता है।

महराजगंज में समाजवादी पार्टी जिला कार्यालय पर पूर्व सांसद फूलन देवी के शहादत दिवस पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। कार्यक्रम में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी तथा उनके संघर्षपूर्ण जीवन और सामाजिक न्याय के लिए किए गए प्रयासों को याद किया।
सारांश
सपा जिला कार्यालय पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित।
नेताओं ने फूलन देवी के जीवन और संघर्षों को किया याद।
वंचितों, शोषितों और सामाजिक न्याय के मुद्दों पर हुई चर्चा।
बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता रहे मौजूद।
विस्तृत समाचार
महराजगंज। समाजवादी पार्टी के जिला कार्यालय पर पूर्व सांसद फूलन देवी के शहादत दिवस के अवसर पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष विद्यासागर यादव ने की।
सभा में उपस्थित नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने पूर्व सांसद फूलन देवी के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उनके संघर्षपूर्ण जीवन, सामाजिक न्याय के मुद्दों पर उनकी सक्रियता तथा राजनीतिक योगदान का उल्लेख किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वरिष्ठ सपा नेता आनंद निषाद ने कहा कि उनके अनुसार फूलन देवी ने अपने जीवन में अनेक कठिन परिस्थितियों का सामना किया और शोषित एवं वंचित वर्गों के अधिकारों की आवाज बुलंद की। उन्होंने कहा कि संसद तक पहुंचने का उनका सफर संघर्ष, साहस और आत्मसम्मान की मिसाल के रूप में देखा जाता है।
जिलाध्यक्ष विद्यासागर यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी सामाजिक न्याय, समान अवसर और वंचित वर्गों के सम्मान के मुद्दों को लगातार उठाती रही है। उन्होंने कहा कि अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाने का संदेश समाज के लिए प्रेरणास्रोत बना रहेगा।
श्रद्धांजलि सभा में जिला सचिव शमसुद्दीन अली, प्रणव गौतम, हरेंद्र कृष्ण त्रिपाठी, सुमन ओझा, श्रीपति आजाद, बिंद्रेश कन्नौजिया, सत्यभामा सिंह, गोविंद निषाद, सुभाष यादव, जितेंद्र यादव, राजेश पासवान, अमित निषाद सहित समाजवादी पार्टी के अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
टिप्पणी
फूलन देवी का जीवन भारतीय समाज, राजनीति और न्याय व्यवस्था से जुड़े कई जटिल प्रश्नों का हिस्सा रहा है। एक ओर उनके समर्थक उन्हें सामाजिक उत्पीड़न के खिलाफ संघर्ष का प्रतीक मानते हैं, वहीं उनके जीवन से जुड़े कुछ घटनाक्रम लंबे समय तक कानूनी और सामाजिक बहस का विषय रहे। ऐसे में उनके व्यक्तित्व और विरासत पर चर्चा करते समय तथ्यों, संतुलन और संवेदनशीलता के साथ विभिन्न पक्षों को समझना आवश्यक है।
