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हेलमेट नहीं तो ईंधन नहीं: डीएम का सख्त आदेश, दुरुपयोग पर कड़ी रोक
सिद्धार्थनगर | 24 अप्रैल 2024
जनपद में ईंधन के संभावित दुरुपयोग और संदिग्ध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए जिलाधिकारी द्वारा सख्त और सराहनीय कदम उठाया गया है। प्रशासन को प्राप्त सूचनाओं के आधार पर अब “हेलमेट नहीं तो ईंधन नहीं” नियम को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।

निर्देशों के अनुसार सभी पेट्रोल पंप संचालकों को स्पष्ट रूप से कहा गया है कि बिना हेलमेट आए दोपहिया चालकों को पेट्रोल या डीजल न दिया जाए। साथ ही वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस की यादृच्छिक जांच भी अनिवार्य की गई है, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके।
सीमावर्ती क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं, खासकर बलरामपुर जनपद और अंतरराष्ट्रीय सीमा से जुड़े नेपाल को ध्यान में रखते हुए। इन क्षेत्रों में अतिरिक्त निगरानी और आवश्यकतानुसार पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी।
सभी क्षेत्राधिकारी (CO) एवं थाना प्रभारी (SHO/SO) को नियमित गश्त और सघन निरीक्षण के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही प्रशासन, आपूर्ति विभाग और पेट्रोल पंप संचालकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनपद में ईंधन की आपूर्ति पर्याप्त है, लेकिन इसका उपयोग केवल वास्तविक जरूरतमंदों तक सीमित रहना चाहिए। किसी भी प्रकार के दुरुपयोग या अवैध गतिविधि पर अब सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यह खबर प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचना पर आधारित है और जनहित में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से प्रकाशित की गई है।
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ग्राम चौपाल में गूंजा विकास का स्वर, मौके पर समाधान की पहल तेज
नौगढ़, सिद्धार्थनगर | 24 अप्रैल 2026 (शुक्रवार)
शासन की प्राथमिकताओं को धरातल पर उतारते हुए विकासखंड नौगढ़ के ग्राम पंचायत वर्डपुर नंबर 14 में शुक्रवार को “ग्राम पंचायत चौपाल – गांव की समस्या, गांव में समाधान” कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। इस चौपाल में ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए उनके त्वरित समाधान की दिशा में प्रभावी पहल की गई।
कार्यक्रम का संचालन प्रशासनिक दिशा-निर्देशन में किया गया, जिसमें जिलाधिकारी शिव शरण अप्पा जी एन, जिला मुखय विकास अधिकारी बलराम सिंह, खंड विकास अधिकारी सर्वेश मोहन एवं सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) संजय पांडेय की महत्वपूर्ण भूमिका रही।


चौपाल में ग्राम पंचायत अधिकारी विमल कांत, ग्राम प्रधान अमिरुल्ला, पंचायत सहायक संदीप कुमार, रोजगार सेवक राजीव कुमार और सफाई कर्मी राममिलन सहित अन्य कर्मियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। अधिकारियों ने ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और मौके पर ही समाधान की प्रक्रिया शुरू कराई।
ग्रामीणों की भागीदारी बनी कार्यक्रम की ताकत
कार्यक्रम में शहजाद अली शाह, राममिलन, इमरान, शहाबुद्दीन, मोहम्मद इब्राहिम, उषा कोहली, एजबरमाती, शोभा और राधिका सहित कई ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।
ग्रामीणों ने सड़क, सफाई, आवास और रोजगार से जुड़ी समस्याएं रखीं, जिन पर संबंधित विभागों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

शासन की मंशा को मिल रही मजबूती
“गांव की समस्या, गांव में समाधान” की अवधारणा को जमीनी स्तर पर लागू करने का यह प्रयास ग्रामीणों के लिए राहतकारी साबित हो रहा है।
चौपाल के माध्यम से ग्रामीणों को अपने ही गांव में अधिकारियों तक पहुंच और समाधान का अवसर मिल रहा है, जिससे पारदर्शिता और प्रशासन पर विश्वास लगातार मजबूत हो रहा है।
निष्कर्ष
ग्राम पंचायत चौपाल ने एक बार फिर साबित किया कि योजनाओं को सही दिशा और प्रभावी क्रियान्वयन मिले तो ग्रामीण विकास में ठोस बदलाव संभव है। स्थानीय टीम की सक्रियता और ग्रामीणों की सहभागिता ने इस पहल को सफल और सार्थक बना दिया।
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वैशाख शुक्ल अष्टमी पर माँ बगलामुखी प्राकट्योत्सव आज, सिद्धार्थनगर में भव्य भजन-कीर्तन का आयोजन
जय माई की फाउंडेशन द्वारा विशेष कार्यक्रम, श्रद्धालुओं से सहभागिता की अपील
सिद्धार्थनगर, 24 अप्रैल 2026।
आज वैशाख शुक्ल पक्ष की अष्टमी के पावन अवसर पर माँ बगलामुखी (पीतांबरा माई) का प्राकट्योत्सव श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जा रहा है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन माँ बगलामुखी का प्राकट्य हुआ था, जिन्होंने सृष्टि में उत्पन्न असंतुलन को समाप्त कर ग्रहों और देवताओं के कार्यों को पुनः व्यवस्थित किया।
पौराणिक कथाओं के अनुसार, सतयुग में जब ग्रहों की स्थिति असंतुलित हो गई थी और सृष्टि संकट में पड़ गई थी, तब भगवान विष्णु ने माँ त्रिपुर सुंदरी ललिता का ध्यान किया। उनकी कृपा से माँ बगलामुखी प्रकट हुईं और उन्होंने समस्त ग्रहों को संतुलित कर सृष्टि में पुनः व्यवस्था स्थापित की।
धार्मिक मान्यता है कि माँ बगलामुखी की आराधना से ग्रह दोष शांत होते हैं और जीवन में आने वाली बाधाएँ दूर होती हैं। विशेष रूप से जिनकी ग्रह दशा प्रतिकूल होती है, उनके लिए माँ पीतांबरा की पूजा अत्यंत फलदायी मानी जाती है।
इसी पावन अवसर पर जनपद सिद्धार्थनगर मुख्यालय स्थित शहर में जय माई की फाउंडेशन द्वारा एक भव्य धार्मिक आयोजन का आयोजन किया गया है। कार्यक्रम के अंतर्गत आज अपराह्न 2:00 बजे से भजन-कीर्तन प्रारंभ होगा, जो माँ की इच्छा तक जारी रहेगा।
श्रद्धालुओं के लिए सायं 5:00 बजे से प्रसाद वितरण का भी आयोजन किया गया है। आयोजकों ने सभी भक्तों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर माँ का आशीर्वाद प्राप्त करें और धार्मिक आयोजन में सहभागी बनें।
कार्यक्रम विवरण:
दिनांक: 24 अप्रैल 2026
समय: अपराह्न 2:00 बजे से (माँ की इच्छा तक)
प्रसाद: सायं 5:00 बजे से
स्थान: 01, लक्ष्मी विहार, मोहल्ला इंदिरा नगर, पोस्ट तेतरी बाजार, सिद्धार्थनगर
लेखक / साधक: विनय कांत मिश्र (पुत्र पीतांबरा माई, हस्तरेखा विशेषज्ञ)
आयोजक: डॉ. सीमा मिश्रा अध्यक्ष, जय माई की फाउंडेशन जनपद सिद्धार्थनगर
आमंत्रण संदेश:
आप सभी श्रद्धालुओं से निवेदन है कि इस पावन अवसर पर उपस्थित होकर माँ बगलामुखी का आशीर्वाद प्राप्त करें और प्रसाद ग्रहण करें।
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इटवा तहसील में रिश्वत का आरोप: जन्म प्रमाण पत्र मामले में लेखपाल हिरासत में
सिद्धार्थनगर के इटवा तहसील में जन्म प्रमाण पत्र के नाम पर कथित रिश्वत लेने के आरोप में लेखपाल को एंटी करप्शन टीम ने हिरासत में लिया, जांच जारी।
सिद्धार्थनगर, 24 अप्रैल 2026
जनपद के इटवा तहसील क्षेत्र में जन्म प्रमाण पत्र से जुड़े मामले में कथित रिश्वतखोरी का मामला सामने आया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, एक लेखपाल पर जन्म प्रमाण पत्र जारी करने के एवज में धनराशि मांगने का आरोप लगा है, जिसके बाद एंटी करप्शन टीम ने कार्रवाई करते हुए उसे हिरासत में लिया है।
बताया जा रहा है कि शिकायत मिलने के बाद टीम ने जांच शुरू की और निर्धारित प्रक्रिया के तहत मौके पर पहुंचकर आवश्यक साक्ष्य जुटाए। आरोपी से फिलहाल पूछताछ की जा रही है और मामले में आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।
सूत्रों के अनुसार, यह पूरा मामला इटवा तहसील कार्यालय से संबंधित बताया जा रहा है। हालांकि, इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि और विस्तृत बयान की प्रतीक्षा है।
इस घटना के बाद क्षेत्र में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। आम लोगों का कहना है कि भ्रष्टाचार के मामलों में इस तरह की कार्रवाई से पारदर्शिता को बढ़ावा मिलेगा।
यह खबर विभिन्न मीडिया स्रोतों पर आधारित है। मामले की जांच जारी है, अंतिम पुष्टि संबंधित विभाग द्वारा की जानी शेष है।
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UP Board 12th Result 2026: कसीरन कॉलेज की बेटियों का जलवा, जिले के टॉप-10 में बनाई दमदार जगह
सिद्धार्थनगर। जिले में यूपी बोर्ड इंटरमीडिएट परिणाम 2026 ने एक बार फिर साबित कर दिया कि बेटियां किसी से कम नहीं हैं। कसीरन कॉलेज ऑफ कॉमर्स एंड साइंसेज, सेमरा मुस्तहकम की दो होनहार छात्राओं अंशिका और आयुषी अग्रहरि ने जिले के टॉप-10 में जगह बनाकर पूरे इलाके का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया।
अंशिका बनीं जिले की सेकेंड टॉपर, आयुशी ने भी मारी बाजी
अंशिका ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जिले में दूसरा स्थान हासिल किया, उनको 91.60 प्रतिशत अंक मिला। वहीं आयुशी अग्रहरि ने आठवां स्थान पाकर अपनी मेहनत का परचम लहराया, इनको 89.80 प्रतिशत अंक प्राप्त हुआ। दोनों छात्राओं की इस उपलब्धि ने न सिर्फ स्कूल बल्कि पूरे जिले में चर्चा बटोर ली है।
स्कूल में जश्न का माहौल, फूल-मालाओं से हुआ स्वागत
रिजल्ट घोषित होते ही स्कूल परिसर में खुशी की लहर दौड़ गई। छात्राओं का जोरदार स्वागत किया गया। माला पहनाकर, मिठाइयां खिलाकर और तालियों की गड़गड़ाहट के बीच उन्हें सम्मानित किया गया। इस मौके पर स्कूल के सभी शिक्षक और स्टाफ मौजूद रहे।
प्रधानाचार्य का बयान: ‘हमें था पूरा भरोसा’
विद्यालय के प्रधानाचार्य कमलेश धर द्विवेदी ने खुशी जताते हुए कहा, “हमें पहले से ही विश्वास था कि हमारे छात्र इस बार भी जिले में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराएंगे। अंशिका और आयुशी ने उस भरोसे को सच कर दिखाया है।”
मेहनत, अनुशासन और मार्गदर्शन बना सफलता का मंत्र
शिक्षकों ने छात्राओं की लगन और अनुशासन की सराहना करते हुए कहा कि यह उपलब्धि आने वाले छात्रों के लिए प्रेरणा बनेगी। वहीं, दोनों छात्राओं ने अपनी सफलता का श्रेय शिक्षकों और अभिभावकों को देते हुए कहा कि निरंतर मेहनत ही सफलता की असली कुंजी है।
पूरे क्षेत्र में गर्व और प्रेरणा का माहौल
कसीरन कॉलेज की इस उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल है। यह सफलता न सिर्फ एक स्कूल की जीत है, बल्कि पूरे समाज के लिए एक प्रेरणादायक संदेश भी है कि सही दिशा और मेहनत से हर मुकाम हासिल किया जा सकता है।
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जोगिया में बड़ा एक्शन: ग्राम विकास अधिकारी निलंबित, जांच से बढ़ी हलचल
अभिलेख न देने पर गिरी गाज, प्रशासन सख्त मोड में
सिद्धार्थनगर, 22 अप्रैल 2026।
जनपद के जोगिया विकास खंड अंतर्गत ग्राम पंचायत हरैया में तैनात ग्राम विकास अधिकारी सुबाष चन्द्र को जिला विकास अधिकारी के आदेश पर तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई एक शिकायत की जांच के दौरान आवश्यक अभिलेख उपलब्ध न कराए जाने और जांच में अपेक्षित सहयोग न मिलने के आधार पर की गई है।
शिकायत से शुरू हुआ पूरा मामला

ग्राम पंचायत हरैया निवासी कपिलदेव द्वारा दिनांक 18 फरवरी 2026 को प्रस्तुत शिकायती पत्र के आधार पर जांच शुरू की गई थी।
जांच अधिकारी को संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराने थे, लेकिन आरोप है कि आवश्यक अभिलेख समय पर उपलब्ध नहीं कराए गए।
इससे जांच प्रक्रिया प्रभावित हुई
प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया
नियमावली के तहत सख्त कार्रवाई
प्रकरण को गंभीर मानते हुए प्रशासन ने
उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली 1999
के तहत अनुशासनिक कार्यवाही शुरू करते हुए निलंबन आदेश जारी किया है।
जांच अधिकारी नियुक्त, कार्रवाई आगे बढ़ी
इस मामले की जांच अब खंड विकास अधिकारी, नौगढ़ को सौंपी गई है
निलंबन अवधि में संबंधित अधिकारी को विकास खंड जोगिया कार्यालय से संबद्ध रखा गया है
निलंबन अवधि के नियम
संबंधित अधिकारी को जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा
यह अर्ध वेतन के बराबर निर्धारित होगा
अन्य भत्ते नियमानुसार देय होंगे
यह प्रमाण देना होगा कि वे किसी अन्य रोजगार में संलग्न नहीं हैं
प्रशासन का सख्त संदेश
यह कार्रवाई संकेत देती है कि—
जांच में लापरवाही
अभिलेख उपलब्ध न कराना
प्रशासनिक निर्देशों की अनदेखी
अब सीधे कार्रवाई का कारण बन सकती है।
ग्राउंड पर असर
इस कार्रवाई के बाद स्थानीय स्तर पर हलचल तेज हो गई है।
सूत्रों के अनुसार, अन्य पंचायतों में भी कार्यों और अभिलेखों की समीक्षा की जा सकती है।
महत्वपूर्ण कानूनी नोट (Must Use)
यह कार्रवाई प्रशासनिक आदेश के आधार पर की गई है। प्रकरण में जांच जारी है और अंतिम निष्कर्ष जांच रिपोर्ट के बाद ही निर्धारित होगा।
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जनगणना प्रशिक्षण में लगे कर्मियों को राहत, आईकार्ड दिखाकर मिलेगा तुरंत पेट्रोल
सिद्धार्थनगर। जनगणना को लेकर कल से जिले में शुरू हो रहे प्रशिक्षण कार्यक्रम के बीच प्रशासन ने बड़ी राहत भरी व्यवस्था लागू की है। अब प्रशिक्षण में ड्यूटी पर लगे शिक्षक, शिक्षा मित्र, अनुदेशक और अन्य कर्मचारी पेट्रोल पंपों पर बिना लंबी लाइन में लगे आसानी से पेट्रोल ले सकेंगे।
भीड़ और लंबी लाइनों से मिली राहत
जिले के पेट्रोल पंपों पर इन दिनों भारी भीड़ और लंबी कतारों की समस्या सामने आ रही है। ऐसे में समय पर प्रशिक्षण स्थल पहुंचना कर्मचारियों के लिए चुनौती बन गया था। इस परेशानी को देखते हुए जिला पूर्ति अधिकारी ने यह अहम फैसला लिया है।
आईकार्ड दिखाना होगा जरूरी
नई व्यवस्था के तहत जिन कर्मचारियों की ड्यूटी प्रशिक्षण में लगी है, वे पेट्रोल पंप पर आईकार्ड दिखाकर प्राथमिकता के आधार पर पेट्रोल, डीजल व सीएनजी ले सकेंगे। इससे उन्हें घंटों इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
समय पर प्रशिक्षण में पहुंचना होगा आसान
प्रशासन का कहना है कि इस फैसले का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी कर्मचारी देर से प्रशिक्षण में न पहुंचे। समय पर उपस्थिति से प्रशिक्षण कार्यक्रम भी सुचारू रूप से संचालित हो सकेगा।
प्रशासन का सराहनीय कदम
जिला प्रशासन का यह कदम कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। इससे न सिर्फ समय की बचत होगी, बल्कि कामकाज में भी तेजी आएगी।
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सिद्धार्थनगर में स्कूली वाहनों की सुरक्षा पर सख्ती, डीएम ने दिए कड़े निर्देश

अंबेडकर सभागार में गोष्ठी, चालकों और स्कूल प्रबंधन को सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन करने के निर्देश

सिद्धार्थनगर, 22 अप्रैल 2026 (FT News Digital)
जनपद सिद्धार्थनगर में स्कूली वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से अंबेडकर सभागार में एक महत्वपूर्ण गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाधिकारी श्री शिवशरणप्पा जीएन ने की, जबकि पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन भी उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने स्कूली वाहन चालकों की भूमिका को अत्यंत जिम्मेदार बताते हुए कहा कि चालक केवल वाहन नहीं चलाते, बल्कि देश के भविष्य को सुरक्षित गंतव्य तक पहुंचाने का कार्य करते हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा—
“आपके हाथों में बच्चों की जिंदगी की जिम्मेदारी है, इसलिए पूरी सजगता और निष्ठा के साथ कर्तव्य निभाएं।”
डीएम ने सड़क सुरक्षा नियमों के पालन पर विशेष जोर देते हुए निर्देश दिए कि—
▪ निर्धारित गति सीमा का पालन अनिवार्य रूप से किया जाए
▪ ओवरलोडिंग से बचा जाए
▪ नशे की हालत में वाहन न चलाया जाए
▪ वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग न किया जाए
साथ ही उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि सभी स्कूली वाहनों में—
अग्निशमन यंत्र
फर्स्ट एड बॉक्स
जीपीएस सिस्टम
सीसीटीवी कैमरा जैसी

आवश्यक सुविधाएं अनिवार्य रूप से उपलब्ध हों।
विद्यालय प्रबंधकों को निर्देशित किया गया कि वे वाहनों की नियमित जांच कराएं और सुरक्षा मानकों का पूर्ण पालन सुनिश्चित करें। साथ ही चालकों का पुलिस सत्यापन, ड्राइविंग लाइसेंस की वैधता और समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण भी अनिवार्य रूप से कराया जाए।

शासन की मंशा
शासन द्वारा स्कूली बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। इसी क्रम में प्रशासन लगातार जागरूकता और सख्ती दोनों स्तरों पर कार्य कर रहा है, ताकि किसी भी प्रकार की लापरवाही को रोका जा सके और सुरक्षित परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित हो सके।
समापन
गोष्ठी के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने यातायात नियमों के पालन और बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने का सामूहिक संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन इस संदेश के साथ हुआ कि—
“एक छोटी-सी सावधानी कई जिंदगियां बचा सकती है।”
उपस्थित अधिकारी
इस अवसर पर पीडी नागेन्द्र मोहन राम त्रिपाठी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शैलेष कुमार, एआरटीओ संजय सिंह, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग कमल किशोर सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं स्कूल प्रतिनिधि मौजूद रहे।
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सिद्धार्थनगर में ग्राम प्रधानों की एकजुट आवाज, कार्यकाल व भुगतान को लेकर सौंपा ज्ञापन
विकास भवन में बैठक के बाद प्रमुख सचिव को दिया मांग पत्र, शासन स्तर पर समाधान की जताई उम्मीद

सिद्धार्थनगर, 22 अप्रैल 2026 (संवाददाता)
जनपद सिद्धार्थनगर में ग्राम प्रधानों की समस्याओं और पंचायत संचालन से जुड़े मुद्दों को लेकर एक महत्वपूर्ण पहल सामने आई है। विकास भवन सभागार में आयोजित बैठक में राष्ट्रीय पंचायतीराज ग्राम प्रधान संगठन के बैनर तले जिले भर के प्रधान प्रतिनिधियों ने भाग लिया और विभिन्न समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की।

बैठक की अध्यक्षता संगठन के जिलाध्यक्ष डॉ. पवन मिश्र ने की, जिसमें सभी ब्लॉकों के प्रधान संघ अध्यक्षों की सक्रिय भागीदारी रही।
बैठक के उपरांत प्रधानों द्वारा प्रमुख सचिव को एक ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें पंचायत संचालन को सुचारू बनाए रखने के लिए कई महत्वपूर्ण मांगें रखी गईं। ज्ञापन में प्रमुख रूप से यह मांग की गई कि 26 मई को कार्यकाल समाप्त होने के पश्चात या तो वर्तमान ग्राम प्रधानों का कार्यकाल बढ़ाया जाए अथवा उन्हें प्रशासक के रूप में जिम्मेदारी सौंपी जाए, ताकि ग्राम पंचायतों का कार्य प्रभावित न हो।

इसके अतिरिक्त प्रधानों ने केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं के अंतर्गत कराए गए विकास कार्यों के लंबित भुगतान को शीघ्र जारी करने की मांग उठाई। विशेष रूप से मनरेगा के तहत हुए पक्के कार्यों के भुगतान में देरी को लेकर चिंता व्यक्त की गई और इसे जल्द निपटाने का आग्रह किया गया।
प्रधान प्रतिनिधियों का कहना है कि भुगतान में विलंब और प्रशासनिक अनिश्चितता के कारण ग्राम पंचायतों के विकास कार्यों की गति प्रभावित हो रही है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में योजनाओं के क्रियान्वयन पर असर पड़ सकता है।
वहीं, प्रमुख सचिव द्वारा ज्ञापन प्राप्त करते हुए आश्वस्त किया गया कि सभी बिंदुओं को संबंधित स्तर पर अवगत कराते हुए आवश्यक कार्रवाई के लिए अग्रसारित किया जाएगा।
शासन की मंशा
प्रदेश सरकार द्वारा ग्राम पंचायतों को सशक्त बनाने, पारदर्शिता बढ़ाने और विकास कार्यों को गति देने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। ऐसे में प्रधानों द्वारा उठाई गई समस्याओं और सुझावों को शासन स्तर पर गंभीरता से लिए जाने की संभावना है, जिससे स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ हो सके।
निष्कर्ष
सिद्धार्थनगर में ग्राम प्रधानों की यह पहल न केवल पंचायत स्तर की समस्याओं को सामने लाने का प्रयास है, बल्कि यह भी संकेत देती है कि जमीनी स्तर पर विकास कार्यों को प्रभावी बनाए रखने के लिए संवाद और समन्वय की आवश्यकता लगातार बनी हुई है।
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गायब बालक बरामद हुआ
डॉ0 अभिषेक महाजन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जनपद सिद्धार्थनगर के आदेश के क्रम में, प्रशान्त कुमार प्रसाद अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थनगर के कुशल निर्देशन में, विश्वजीत सौरयान क्षेत्राधिकारी सदर के कुशल पर्यवेक्षण में जितेन्द्र सिंह थानाध्यक्ष मोहाना के नेतृत्व में चौकी ककरहवा पर राधेश्याम ग्राम बभनी थाना लुंबिनी जिला रूपनदेही राष्ट्र नेपाल द्वारा सूचना दिया गया कि आज दिनांक 17/04/2026 को एक बालक जो घर से अपने बाबा के साथ ककरहवा बाजार में आया था कि गुम हो गया । इस सूचना पर तत्काल चौकी इंचार्ज ककरहवा थाना मोहाना मय फोर्स द्वारा तत्परता से कार्यवाही करते हुए बालक को सकुशल बरामद किया गया । बालक के परिजनो को बुला कर बालक को परिजन को सुपुर्द किया गया । परिजनों द्वारा थाना मोहाना पुलिस की भूरि भूरि प्रशंसा की गई और धन्यवाद ज्ञापित किया गया ।
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परशुराम जयंती पर निकली शोभायात्रा
सिद्धार्थनगर/डुमरियागंज।सिद्धार्थनगर जिले के डुमरियागंज विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सभा परसपुर बहेरिया में भगवान श्री परशुराम जी की जन्म जयंती के शुभ अवसर पर भव्य शोभायात्रा निकालकर उत्साह एवं श्रद्धा के साथ समारोहपूर्वक मनाया गया। इस पावन अवसर पर डुमरियागंज के लोकप्रिय सांसद माननीय श्री जगदंबिका पाल जी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान श्री परशुराम जी के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर किया गया। इसके उपरांत शोभायात्रा का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु, युवा एवं क्षेत्रीय नागरिक पारंपरिक वेशभूषा में सम्मिलित हुए। शोभायात्रा पूरे ग्राम क्षेत्र में भ्रमण करते हुए भक्ति एवं उत्साह का संदेश प्रसारित करती रही। मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं द्वारा स्वागत एवं पुष्पवर्षा की गई, जिससे वातावरण पूरी तरह भक्तिमय एवं उत्सवमय हो गया।
इस अवसर पर माननीय सांसद श्री जगदंबिका पाल जी ने अपने संबोधन में भगवान परशुराम जी के जीवन एवं आदर्शों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका जीवन हमें धर्म, सत्य, साहस और न्याय के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन समाज में एकता, भाईचारा और सांस्कृतिक जागरूकता को मजबूत करते हैं।
माननीय सांसद जी ने आयोजन समिति एवं ग्रामवासियों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन हमारी समृद्ध परंपराओं को जीवंत बनाए रखने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं तथा नई पीढ़ी को अपने संस्कारों से जोड़ने का कार्य करते हैं।
कार्यक्रम में सच्चिदानंद पांडे, लव कुश पांडे, अरुण शुक्ला, महेंद्र शुक्ला, दुर्गेश पांडे, विश्वनाथ पांडे, दीनानाथ दुबे, मकसूदन पांडे, दिलीप पांडे, राजेश पांडे सहित सैंकड़ों की की संख्या में क्षेत्र के गणमान्य नागरिक, समाजसेवी, युवा एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। अंत में आयोजकों द्वारा सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया गया।
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सिद्धार्थनगर सहित पूरे यूपी के विद्यालयों में समय बदला, अब नए समय से खुलेंगे विद्यालय
उत्तर प्रदेश में लगातार बढ़ती गर्मी और लू (हीट वेव) को देखते हुए बड़ा फैसला लिया गया है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के निर्देशों के आधार पर बेसिक शिक्षा विभाग ने स्कूलों के समय में बदलाव किया है, ताकि बच्चों को तेज धूप और गर्मी से बचाया जा सके।
सुबह 7.30 बजे खुलेगा स्कूल
अब प्रदेश के सभी परिषदीय (सरकारी) स्कूल सुबह 7:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक चलेंगे।
छात्र-छात्राएं सुबह 7:30 से 12:30 बजे तक स्कूल में रहेंगे
शिक्षक और कर्मचारी 1:30 बजे तक स्कूल में मौजूद रहेंगे
प्रार्थना सभा और योग: 7:30 से 7:40 बजे तक
मध्यावकाश (लंच ब्रेक): 10:00 से 10:15 बजे तक
इस बदलाव का मकसद है कि पढ़ाई का समय सुबह की ठंडी अवधि में पूरा हो सके और बच्चों को लू से बचाया जा सके।
प्राइवेट (मान्यता प्राप्त) स्कूलों को भी इस स्थिति को देखते हुए अपने स्तर पर निर्णय लेने का अधिकार दिया गया है। उनकी प्रबंधन समितियां जरूरत के अनुसार समय तय कर सकती हैं।
शिक्षा निदेशक (बेसिक) ने सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को कहा है। किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
प्रदेश में तापमान लगातार बढ़ रहा है और दोपहर में लू का प्रकोप तेज हो जाता है। ऐसे में बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह निर्णय लिया गया है।
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इलाज के दौरान युवती की मौत, जांच में जुटी पुलिस
इटवा क्षेत्र का मामला, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
सिद्धार्थनगर (इटवा)
थाना क्षेत्र के समरी गांव की 21 वर्षीय युवती की तबीयत बिगड़ने के बाद उपचार के दौरान मृत्यु हो गई। घटना से क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है।
मिली जानकारी के अनुसार, मृतका की पहचान पूनम विश्वकर्मा (21 वर्ष) पुत्री अंगद विश्वकर्मा, निवासी समरी के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, 19 तारीख की रात में अचानक उनकी तबीयत खराब हो गई, जिसके बाद उन्हें तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) इटवा ले जाया गया।
चिकित्सकों ने स्थिति गंभीर देखते हुए जिला मुख्यालय स्थित मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। परिजनों का कहना है कि मेडिकल कॉलेज ले जाते समय रास्ते में ही उनकी मृत्यु हो गई, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने आवश्यक विधिक कार्रवाई करते हुए शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
परिवार के सदस्यों ने बताया कि घटना से पूर्व घर में कुछ कहासुनी हुई थी। हालांकि, मृत्यु के कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
बताया जा रहा है कि युवती का विवाह आगामी 19 जून को थाना क्षेत्र के ग्राम तरैनी में प्रस्तावित था। इस घटना के बाद परिवार में खुशी का माहौल शोक में बदल गया है।
पुलिस के अनुसार, मामले की जांच की जा रही है और आगे की कार्रवाई रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी।
पूनम विश्वकर्मा (फोटो : परिजनों द्वारा उपलब्ध)

19 जून को प्रस्तावित था विवाह
तबीयत बिगड़ने पर CHC से किया गया रेफर
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद साफ होंगे कारण
Siddharthnagar News: इटवा में 21 वर्षीय युवती की इलाज के दौरान मौत, जांच जारी
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चादर में लिपटी मिली दुधमुंही बच्ची, राहगीरों की सूझबूझ से बची जान
इटवा, सिद्धार्थनगर (उत्तर प्रदेश)
इटवा थाना क्षेत्र के विशुनपुर सैनी गांव के समीप एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां निर्माणाधीन आईटीआई विद्यालय के पास स्थित इटवा शाखा नहर के किनारे एक नवजात बच्ची परित्यक्त अवस्था में मिली। घटना के सामने आते ही पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई।
घटना का समय:
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना रविवार तड़के की बताई जा रही है, जब कुछ राहगीर नहर की पटरी से गुजर रहे थे। इसी दौरान उनकी नजर एक चादर में बंधे बंडल पर पड़ी।
रोने की आवाज से खुला राज:
राहगीर पहले तो रुक गए, लेकिन तभी उस बंडल से रोने की आवाज सुनाई दी। शक होने पर जब पास जाकर देखा गया तो उसमें एक दुधमुंही बच्ची मिली। यह दृश्य देखकर मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
पुलिस और राहत कार्रवाई:
स्थानीय लोगों ने तत्काल डायल 112 पर सूचना दी। सूचना मिलते ही पीआरवी टीम मौके पर पहुंची और बच्ची को सुरक्षित अपने कब्जे में लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) इटवा पहुंचाया।
बेहतर इलाज के लिए रेफर:
प्राथमिक उपचार के बाद बच्ची की स्थिति को देखते हुए उसे बेहतर चिकित्सा सुविधा हेतु माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया है। डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज जारी है।
जांच शुरू:
पुलिस ने अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आसपास के क्षेत्र में पूछताछ और साक्ष्य जुटाने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि बच्ची को वहां छोड़ने वालों का पता लगाया जा सके।
समाज के लिए संदेश
नवजात को इस तरह छोड़ना गंभीर अपराध है
किसी भी आपात स्थिति में कानूनी और सुरक्षित विकल्प उपलब्ध हैं
समाज को ऐसे मामलों में संवेदनशील और सतर्क रहने की जरूरत है
यह खबर स्थानीय सूचना और पुलिस कार्रवाई पर आधारित है। मामले की जांच जारी है और दोषियों की पहचान की प्रक्रिया चल रही है।
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“कार्यकाल की उलटी गिनती शुरू: 26 मई से पहले खर्च पर सख्ती, यूपी में पंचायत चुनाव की आहट”
सिद्धार्थनगर में प्रशासन का स्पष्ट निर्देश—खाते से अधिक खर्च पर तय होगी जिम्मेदारी, बकाया से बचने पर जोर
सिद्धार्थनगर / उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश में ग्राम पंचायतों के आगामी चुनावों की पृष्ठभूमि में प्रशासनिक सक्रियता तेज होती नजर आ रही है। इसी क्रम में सिद्धार्थनगर जनपद से एक महत्वपूर्ण निर्देश जारी हुआ है, जिसने पंचायत स्तर पर कामकाज की दिशा को स्पष्ट कर दिया है।
जिला पंचायत राज अधिकारी द्वारा जारी पत्र के अनुसार, 26 मई 2026 को वर्तमान ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। इस तय समयसीमा के मद्देनजर प्रशासन ने वित्तीय अनुशासन को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं। क्या है प्रशासन का निर्देश?
निर्देश में कहा गया है कि
25 मई 2026 तक ग्राम पंचायत के खाते में उपलब्ध धनराशि के अनुरूप ही कार्य कराए जाएं।
कार्यकाल समाप्त होने के बाद कोई भी भुगतान लंबित न रहे, इसका विशेष ध्यान रखा जाए।
प्रशासन का मानना है कि यदि समय रहते वित्तीय संतुलन नहीं बनाया गया, तो भविष्य में भुगतान विवाद और कानूनी जटिलताएं उत्पन्न हो सकती हैं।
जिम्मेदारी भी तय
पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया है कि
यदि किसी भी स्थिति में उपलब्ध धनराशि से अधिक व्यय किया जाता है और बाद में भुगतान या विवाद की स्थिति बनती है, तो संबंधित स्तर पर व्यक्तिगत जिम्मेदारी निर्धारित की जा सकती है।
यह निर्देश सीधे तौर पर पंचायत व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करने की दिशा में देखा जा रहा है।
मानदेय भुगतान पर विशेष जोर
प्रशासन ने पंचायत स्तर पर कार्यरत
पंचायत सहायकों
सामुदायिक शौचालय के केयरटेकर
के मानदेय भुगतान को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं, ताकि किसी भी कर्मचारी का भुगतान लंबित न रहे और व्यवस्था सुचारू बनी रहे।
चुनावी पृष्ठभूमि में बढ़ी सतर्कता
गौरतलब है कि पूरे उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव की प्रक्रिया आगामी समय में प्रस्तावित है, ऐसे में यह निर्देश सिर्फ एक जनपद तक सीमित नहीं बल्कि व्यापक प्रशासनिक दृष्टिकोण का संकेत माना जा रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, कार्यकाल समाप्ति से पहले वित्तीय अनुशासन लागू करने का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि
नई पंचायतों को साफ-सुथरी वित्तीय स्थिति मिले
पुराने कार्यकाल के बकाया और विवाद आगे न बढ़ें
शासन की पारदर्शिता नीति जमीनी स्तर पर प्रभावी हो
प्रशासन का संदेश साफ
इस पूरे निर्देश से प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिया है कि
कार्यकाल समाप्ति से पहले हर पंचायत अपना वित्तीय लेखा-जोखा संतुलित करे
अनावश्यक खर्च और बकाया से बचा जाए
नियमों के अनुसार ही कार्य संपन्न किए जाएं
“चुनाव से पहले हिसाब-किताब दुरुस्त करने का संदेश, पंचायतों में बढ़ी सतर्कता”
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नियमों से चलेगा दवा कारोबार, पारदर्शिता पर जोर — सांसद जगदंबिका पाल का सख्त संदेश
नियमों से चलेगा दवा कारोबार, पारदर्शिता पर जोर — सांसद जगदंबिका पाल का सख्त संदेश

सिद्धार्थनगर | 19 अप्रैल 2026
जनपद में दवा व्यवसाय को पारदर्शी और नियमबद्ध बनाने की दिशा में रविवार को बड़ा संदेश सामने आया, जब केमिस्ट एण्ड ड्रगिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन का जिला सम्मेलन भीमापार स्थित होटल व्हाइट पैलेस में आयोजित हुआ।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सांसद जगदंबिका पाल ने साफ शब्दों में कहा कि दवा कारोबार में नियमों से कोई समझौता नहीं होगा, लेकिन ईमानदार व्यापारियों का उत्पीड़न भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

सम्मेलन की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन और सरस्वती पूजन से हुई, जिसके बाद विशेषज्ञों ने दवा व्यवसाय से जुड़ी चुनौतियों और समाधान पर खुलकर चर्चा की।
विशिष्ट अतिथि सुरेश गुप्ता ने लाइसेंस रिन्यूअल/रिटेंशन के नए डिजिटल सिस्टम ONDNS पोर्टल की जानकारी देते हुए कहा कि अब दवा कारोबार को पूरी तरह डिजिटल और ट्रैकिंग सिस्टम से जोड़ा जा रहा है।

उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि दवाओं की खरीद-बिक्री केवल डॉक्टर के पर्चे और वैध बिल के जरिए ही होनी चाहिए—यही सुरक्षित और वैधानिक व्यवस्था है।
सम्मेलन में यह भी संदेश दिया गया कि नियमों का पालन ही दवा व्यवसाय की विश्वसनीयता और सुरक्षा की सबसे बड़ी गारंटी है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष रामचन्द्र गुप्ता ने की, जबकि संचालन मुश्ताक अहमद ने किया। बड़ी संख्या में दवा व्यापारी और संगठन पदाधिकारी उपस्थित रहे।
“दवा कारोबार पर सख्ती: नियम से काम करें, सुरक्षा और सम्मान दोनों मिलेगा”
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“रिकॉर्ड गायब… कार्रवाई शुरू: हरैया पंचायत में सचिव निलंबित, प्रधान पर नोटिस”
“जांच में असहयोग और रिकॉर्ड न देने पर प्रशासन सख्त—15 दिन में जवाब नहीं तो अधिकार होंगे सीज”
सिद्धार्थनगर | FT News (Friend Times) डेस्क
जांच में अभिलेख न देने पर सख्ती
सचिव सुभाष चंद्र निलंबित
प्रधान अब्दुल कयूम को नोटिस
15 दिन में जवाब अनिवार्य
जवाब न मिलने पर अधिकार सीज संभव
सिद्धार्थनगर जनपद के जोगिया विकास खंड स्थित हरैया ग्राम पंचायत में कथित अनियमितताओं का मामला अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। मीडिया में मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है।
शिकायतकर्ता कपिल देव द्वारा पंचायत में कराए गए विकास कार्यों में गड़बड़ी के आरोप लगाए गए थे, जिसके आधार पर जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन के निर्देश पर जांच कराई गई।
चार अप्रैल को पंचायत भवन में जांच के दौरान संबंधित अभिलेख मांगे गए, लेकिन ग्राम प्रधान अब्दुल कयूम और ग्राम सचिव सुभाष चंद्र द्वारा संतोषजनक रिकॉर्ड प्रस्तुत नहीं किया गया। जांच टीम ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए दोनों की भूमिका को प्रथम दृष्टया संदिग्ध बताया।
इसी आधार पर प्रशासन ने ग्राम सचिव सुभाष चंद्र को निलंबित करते हुए विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी है। वहीं, ग्राम प्रधान अब्दुल कयूम को पंचायत राज अधिनियम के तहत कारण बताओ नोटिस जारी कर 15 दिनों के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब न मिलने पर प्रधान के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार सीज किए जा सकते हैं, साथ ही पंचायत संचालन के लिए एक वैकल्पिक समिति गठित की जाएगी।
प्रशासन के अनुसार, यह कार्रवाई प्रथम दृष्टया तथ्यों और जांच आख्या के आधार पर की गई है, अंतिम निर्णय विस्तृत जांच और प्राप्त स्पष्टीकरण के बाद लिया जाएगा।
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“लालजी त्रिपाठी से ‘पीढ़ा बाबा’ तक: 380 कन्याओं को मिला विवाह संस्कार का पवित्र आसन”
2012 से लगातार सेवा, सिद्धार्थनगर में पीढ़ा वितरण बन रहा संस्कृति संरक्षण का मिशन
उत्तर प्रदेश के जनपद सिद्धार्थनगर (नौगढ़)
आधुनिकता की दौड़ में जहां पारंपरिक संस्कार धीरे-धीरे पीछे छूटते जा रहे हैं, वहीं नौगढ़ ब्लॉक के कपिया चौराहे पर एक ऐसी पहल सामने आई है, जो भारतीय संस्कृति की जड़ों को मजबूती देने का काम कर रही है।
पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष लालजी त्रिपाठी, जो अब पूरे जनपद में ‘पीढ़ा बाबा’ के नाम से प्रसिद्ध हो चुके हैं, द्वारा “पीढ़ा संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन” के उद्देश्य से भव्य पीढ़ा वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस दौरान हिन्दू कन्याओं के विवाह में उपयोगी आम की लकड़ी से बने 380 पवित्र पीढ़ों का वितरण किया गया। यह पीढ़ा विवाह संस्कार का एक महत्वपूर्ण अंग माना जाता है, जिस पर बैठकर वर-वधू वैवाहिक बंधन में बंधते हैं।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विभाग प्रचारक राजीव नयन जी ने कहा कि बेटियों का सम्मान और संरक्षण ही संस्कृति और पर्यावरण की सुरक्षा की आधारशिला है। उन्होंने इस पहल को समाज को जोड़ने वाला और भारतीय परंपराओं को सहेजने वाला सराहनीय प्रयास बताया।
सहकारी समिति अध्यक्ष विक्रम सिंह ने कहा कि पीढ़ा वितरण न केवल एक परंपरा है, बल्कि यह समाज को अपनी जड़ों से जोड़ने का माध्यम भी है।
कार्यक्रम के आयोजक ‘पीढ़ा बाबा’ ने बताया कि वह वर्ष 2012 से लगातार इस पुनीत कार्य को कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हिन्दू विवाह में पीढ़ा केवल एक वस्तु नहीं, बल्कि संस्कारों का प्रतीक है और यही सेवा अब उनकी पहचान बन चुकी है।
इस अवसर पर समाजसेवी श्यामजी जायसवाल, पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष एवं वर्तमान नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि हेमंत जायसवाल नगर पंचायत प्रतिनिधि रवि अग्रवाल, अरुणा मिश्रा, पवन मिश्र सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग एवं ग्रामीण उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन पद्माकर शुक्ल द्वारा किया गया।
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“सड़क पर सख्ती का पहरा: रात में चेकिंग, दिन में जागरूकता—सिद्धार्थनगर में ट्रैफिक का डबल एक्शन”
सिद्धार्थनगर।
जिले में सड़क सुरक्षा को लेकर अब केवल अपील नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर सख्त कार्रवाई भी देखने को मिल रही है। परिवहन विभाग और यातायात पुलिस की संयुक्त टीम ने दिन में जागरूकता और रात में चेकिंग अभियान चलाकर स्पष्ट संदेश दिया—“नियम मानिए, वरना कार्रवाई तय है।”

अभियान के दौरान सड़कों पर खड़े वाहनों की गहन जांच की गई। ट्रकों और अन्य वाहनों को रोककर दस्तावेज, हेल्मेट और सीटबेल्ट की जांच की गई। इस दौरान 86 वाहनों की चेकिंग में नियमों का पालन करने वालों को सराहा गया, वहीं लापरवाही बरतने वालों पर सीधे कार्रवाई की गई।

15 वाहन चालकों पर हेल्मेट न पहनने का चालान
5 वाहन चालकों पर सीटबेल्ट न लगाने की कार्रवाई
अभियान की खास बात यह रही कि अधिकारी खुद सड़क पर उतरकर निरीक्षण करते नजर आए। टीम ने रात के समय भी चेकिंग कर यह साफ कर दिया कि अब निगरानी 24 घंटे जारी रहेगी।
इस अभियान का नेतृत्व एआरटीओ संजय कुमार सिंह और प्रभारी यातायात अमरेश यादव ने किया, जिनके साथ प्रवर्तन टीम लगातार सक्रिय रही।
अधिकारियों ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि
हेल्मेट और सीटबेल्ट केवल नियम नहीं, जीवन रक्षा का कवच हैं
लापरवाही सड़क पर भारी पड़ सकती है
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“घूस कांड से भनवापुर ब्लॉक में भूचाल! बाबू गिरफ्तार, अब गिरेगी ट्रांसफर की गाज?”
उत्तर प्रदेश के जनपद सिद्धार्थनगर। भनवापुर ब्लॉक में आंगनबाड़ी भर्ती से जुड़े कथित घूस कांड ने पूरे प्रशासनिक महकमे में हलचल मचा दी है। बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के कार्यालय में तैनात एक कनिष्ठ सहायक को एंटी करप्शन टीम ने कथित तौर पर रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के बाद ब्लॉक मुख्यालय पर दिनभर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
सूत्रों के अनुसार, भर्ती प्रक्रिया में लेनदेन की शिकायत मिलने के बाद बस्ती मंडल की भ्रष्टाचार निवारण संगठन की टीम ने जाल बिछाया। भनवापुर स्थित कार्यालय में ही टीम ने आरोपी को कथित रिश्वत लेते समय पकड़ लिया। शिकायतकर्ता ने अपनी पत्नी की नियुक्ति के नाम पर रुपये मांगने का आरोप लगाया था।
इस बड़ी कार्रवाई के बाद अब विभागीय हलकों में ट्रांसफर और अन्य प्रशासनिक कार्रवाई की चर्चाएं तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि मामले की जांच के बाद संबंधित कार्यालय के अन्य कर्मचारियों और जिम्मेदार अधिकारियों पर भी असर पड़ सकता है।
आरोपी को कोतवाली बांसी लाकर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस द्वारा आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि उन्हें इस कार्रवाई की जानकारी बाद में मिली, जबकि पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की गहराई से जांच की जा रही है।
