तकनीकी शिक्षा को नई दिशा देने पर जोर, उत्कृष्ट शाखाओं के सम्मान की तैयारी
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तकनीकी शिक्षा को नई दिशा देने पर जोर, उत्कृष्ट शाखाओं के सम्मान की तैयारी

उमा टेक्निकल डिग्री कॉलेज की फाइनल मीटिंग में 25 अक्टूबर के अखिल भारतीय वार्षिक समारोह की तैयारियों पर मंथन
सिद्धार्थनगर, 4 अक्टूबर।
तकनीकी शिक्षा को युवाओं तक पहुंचाने और शाखाओं के बेहतर प्रदर्शन को प्रोत्साहित करने की दिशा में उमा टेक्निकल डिग्री कॉलेज, हेड ऑफिस सिद्धार्थनगर की फाइनल मीटिंग-2026 आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न प्रांतों से पहुंचे शाखा निदेशकों और संस्था से जुड़े प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान संस्था की आगामी योजनाओं, शाखाओं के प्रदर्शन तथा आगामी अखिल भारतीय वार्षिक समारोह को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।

सिद्धार्थनगर में आयोजित इस बैठक में चर्चा का केंद्र केवल वार्षिक समारोह नहीं रहा, बल्कि तकनीकी शिक्षा के विस्तार और बेहतर प्रदर्शन करने वाली शाखाओं को प्रोत्साहित करने की रणनीति भी रही। संस्था की ओर से बताया गया कि वर्षभर के प्रदर्शन के आधार पर उत्कृष्ट शाखा निदेशकों को आगामी समारोह में सम्मानित किया जाएगा।

बैठक के दौरान विभिन्न प्रांतों से आए शाखा निदेशकों का स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। सभागार में संस्था से जुड़े पदाधिकारी, शाखा निदेशक और प्रतिनिधि मौजूद रहे। तस्वीरों में बैठक के दौरान अधिकारियों एवं प्रतिनिधियों के बीच चर्चा और संवाद का दृश्य भी दिखाई देता है।

संस्था की ओर से आगामी योजनाओं और शाखाओं के प्रदर्शन की समीक्षा के साथ-साथ 25 अक्टूबर 2026 को प्रस्तावित अखिल भारतीय वार्षिक समारोह को सफल बनाने के लिए तैयारियों पर भी चर्चा की गई।
25 अक्टूबर को होगा अखिल भारतीय वार्षिक समारोह
उमा टेक्निकल डिग्री कॉलेज की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, 25 अक्टूबर 2026 को अखिल भारतीय वार्षिक समारोह आयोजित किया जाएगा। समारोह में वर्षभर बेहतर प्रदर्शन करने वाली शाखाओं और शाखा निदेशकों को सम्मानित किया जाएगा।
पुरस्कारों पर खास नजर
संस्था के महानिदेशक शंभू कुशवाहा के अनुसार, प्रदर्शन के आधार पर प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले शाखा निदेशकों के लिए क्रमशः बुलेट, अपाचे और स्प्लेंडर प्लस बाइक पुरस्कार के रूप में देने की योजना है।
इसके अलावा टॉप-10 शाखाओं को एसी, फ्रिज, कूलर, लैपटॉप, प्रोजेक्टर, मिक्सर मशीन सहित अन्य पुरस्कार दिए जाने की जानकारी दी गई है।
मुख्य बात
प्रदर्शन को सम्मान से जोड़ने की पहल
बैठक में सामने आया कि संस्था शाखाओं के प्रदर्शन को केवल आंकड़ों तक सीमित रखने के बजाय बेहतर कार्य करने वाले निदेशकों और शाखाओं को प्रोत्साहन देने की दिशा में आगे बढ़ रही है। पुरस्कारों की घोषणा को इसी प्रोत्साहन व्यवस्था का हिस्सा बताया गया है।
शिक्षा के साथ रोजगार पर जोर
संस्था का कहना है कि उसका उद्देश्य अधिक से अधिक युवाओं को तकनीकी शिक्षा से जोड़ना और उन्हें रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों के लिए तैयार करना है। ऐसे में संस्था की आगामी योजनाओं में तकनीकी शिक्षा के विस्तार और युवाओं तक प्रशिक्षण के अवसर पहुंचाने को महत्वपूर्ण बताया गया।
संस्था का पक्ष
महानिदेशक शंभू कुशवाहा ने बैठक में संस्था की आगामी योजनाओं और शाखाओं के प्रदर्शन से जुड़े विषयों पर चर्चा की। संस्था की ओर से कहा गया कि बेहतर प्रदर्शन करने वाली शाखाओं और निदेशकों को सम्मानित करने से कार्य के प्रति उत्साह और प्रतिस्पर्धात्मक भावना को बढ़ावा मिलेगा।
सारांश
उमा टेक्निकल डिग्री कॉलेज की फाइनल मीटिंग-2026 में आगामी योजनाओं, शाखाओं के प्रदर्शन और वार्षिक समारोह की तैयारियों पर चर्चा हुई। संस्था के अनुसार 25 अक्टूबर को आयोजित होने वाले अखिल भारतीय वार्षिक समारोह में उत्कृष्ट शाखा निदेशकों को सम्मानित किया जाएगा। प्रथम तीन स्थानों के लिए बाइक तथा टॉप-10 शाखाओं के लिए विभिन्न उपयोगी पुरस्कार प्रस्तावित हैं। संस्था ने तकनीकी शिक्षा के विस्तार और युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ने को अपना प्रमुख उद्देश्य बताया।
टिप्पणी
सम्मान तभी मायने रखता है, जब उसके पीछे मेहनत और बेहतर प्रदर्शन की कहानी हो। उमा टेक्निकल डिग्री कॉलेज की इस बैठक में पुरस्कारों की घोषणा से ज्यादा महत्वपूर्ण संदेश यह है कि संस्थान से जुड़े कार्यकर्ताओं और शाखाओं के प्रदर्शन को पहचान देने की कोशिश की जा रही है। यदि तकनीकी शिक्षा के अवसर वास्तव में अधिक से अधिक युवाओं तक पहुंचते हैं और उन्हें रोजगार अथवा स्वरोजगार के लिए उपयोगी प्रशिक्षण मिलता है, तो इसका सीधा लाभ युवाओं और समाज को मिल सकता है।
अब 25 अक्टूबर का वार्षिक समारोह इस पूरी कवायद का अगला महत्वपूर्ण पड़ाव होगा, जहां उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों को सम्मान मिलने की उम्मीद है।
— FT News Digital | सिद्धार्थनगर
बाढ़ प्रभावित फुलवरिया टोला भलुहा में पहुंची राहत, विधायक श्यामधनी राही ने ग्रामीणों को बांटी सामग्री
ग्रामीणों से संवाद कर विधायक ने जाना हाल, प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में वितरित की गई बाढ़ राहत सामग्री
सिद्धार्थनगर। कपिलवस्तु विधानसभा क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित ग्राम सभा फुलवरिया टोला भलुहा में राहत सामग्री वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान विधायक श्यामधनी राही ने प्रभावित ग्रामीणों के बीच पहुंचकर राहत सामग्री वितरित की और ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याओं एवं कुशलक्षेम की जानकारी ली।
बाढ़ प्रभावित परिवारों के बीच राहत सामग्री पहुंचाते हुए विधायक श्यामधनी राही ने कहा कि आपदा की इस घड़ी में सरकार प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि बाढ़ से प्रभावित लोगों को आवश्यक सहायता और राहत उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन स्तर पर भी लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
विधायक ने ग्रामीणों से बातचीत के दौरान बाढ़ से उत्पन्न समस्याओं की जानकारी ली और जनप्रतिनिधि के रूप में हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि संकट के समय जनता के बीच उपस्थित रहना और उनकी समस्याओं को संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाकर समाधान की दिशा में प्रयास करना प्राथमिकता है।
कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों को राहत सामग्री वितरित की गई। मौके पर प्रशासनिक अधिकारियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी भी रही।
इस अवसर पर तहसीलदार अरविंद नाथ पाण्डेय, क्षेत्रीय लेखपाल विकास गुप्ता, दिलीप सिंह, ग्राम प्रधान बाहाऊ सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
राहत वितरण की तस्वीर
स्थान: फुलवरिया टोला भलुहा
क्षेत्र: कपिलवस्तु विधानसभा
मौका: बाढ़ प्रभावित परिवारों के बीच राहत सामग्री वितरण
मौजूद रहे: विधायक, तहसील प्रशासन, लेखपाल एवं ग्रामीण
सारांश
बाढ़ प्रभावित फुलवरिया टोला भलुहा में विधायक श्यामधनी राही ने ग्रामीणों के बीच पहुंचकर राहत सामग्री वितरित की। इस दौरान उन्होंने प्रभावित परिवारों से बातचीत कर बाढ़ से जुड़ी समस्याओं की जानकारी ली और आवश्यक सहयोग का भरोसा दिलाया।
पंचायत भवन में चोरी का खुलासा, 24 घंटे में आरोपी गिरफ्तार
चिल्हिया पुलिस ने ई-रिक्शा कूड़ा गाड़ी, दो बैटरी और इनवर्टर किया बरामद

सिद्धार्थनगर। थाना चिल्हिया क्षेत्र के गौरा बाजार अलीदापुर स्थित पंचायत भवन में हुई चोरी के मामले में चिल्हिया पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, घटना के संबंध में मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस और एंटी थेफ्ट टीम ने करीब 24 घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के दौरान चोरी का एक ई-रिक्शा कूड़ा गाड़ी, दो बैटरी और एक इनवर्टर बरामद किए जाने की बात पुलिस ने कही है।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस के अनुसार, 2/3 अक्टूबर 2026 की रात अलीदापुर पंचायत भवन से ई-रिक्शा, इनवर्टर, बैटरी और छोटा गैस सिलेंडर चोरी होने की सूचना मिली थी। मामले में प्राप्त तहरीर के आधार पर थाना चिल्हिया में मु0अ0सं0 100/2026 के तहत संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया और पुलिस ने जांच शुरू की।
मामले की जांच के दौरान पुलिस टीम और एंटी थेफ्ट टीम को आरोपी की तलाश में लगाया गया। पुलिस के मुताबिक, 3 अक्टूबर को अमन चौधरी पुत्र मुकेश चौधरी, निवासी ग्राम अलीदापुर टोला फैजपुर, थाना चिल्हिया को साड़ी तिराहा से हाइडिल तिराहा जाने वाले मार्ग पर कब्रिस्तान के पास से गिरफ्तार किया गया।
पुलिस का कहना है कि आरोपी के कब्जे से चोरी का ई-रिक्शा कूड़ा गाड़ी, दो बैटरी और एक इनवर्टर बरामद हुआ। बरामदगी के आधार पर मुकदमे में धारा 317(2) और 318(4) बीएनएस की बढ़ोतरी की गई।
इसके बाद पुलिस ने आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी करते हुए आरोपी को 4 अक्टूबर 2026 को न्यायालय के समक्ष पेश किया।
पुलिस की कार्रवाई
घटना: पंचायत भवन में चोरी
स्थान: गौरा बाजार अलीदापुर, थाना चिल्हिया
पुलिस कार्रवाई: आरोपी गिरफ्तार
बरामदगी: ई-रिक्शा कूड़ा गाड़ी, 2 बैटरी और 1 इनवर्टर
न्यायालय: आरोपी को भेजा गया
बरामद सामान
01 ई-रिक्शा कूड़ा गाड़ी
02 बैटरी
01 इनवर्टर
पुलिस टीम
कार्रवाई में थानाध्यक्ष पवन कुमार मौर्य, एंटी थेफ्ट टीम प्रभारी उपनिरीक्षक ओम प्रकाश मिश्र, उपनिरीक्षक सुधाकर राय सहित थाना चिल्हिया के पुलिसकर्मी शामिल रहे।
सारांश
पंचायत भवन में चोरी की सूचना के बाद चिल्हिया पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार करने और चोरी का सामान बरामद करने की जानकारी दी है। पुलिस के अनुसार मामले में आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।
कानूनी नोट: खबर पुलिस द्वारा जारी प्रेस नोट में उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। आरोपी पर लगे आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायालय के निर्णय के बाद ही होगी।
पंचायत भवन में चोरी का खुलासा, 24 घंटे में आरोपी गिरफ्तार
चिल्हिया पुलिस ने ई-रिक्शा कूड़ा गाड़ी, दो बैटरी और इनवर्टर किया बरामद

सिद्धार्थनगर। थाना चिल्हिया क्षेत्र के गौरा बाजार अलीदापुर स्थित पंचायत भवन में हुई चोरी के मामले में चिल्हिया पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, घटना के संबंध में मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस और एंटी थेफ्ट टीम ने करीब 24 घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के दौरान चोरी का एक ई-रिक्शा कूड़ा गाड़ी, दो बैटरी और एक इनवर्टर बरामद किए जाने की बात पुलिस ने कही है।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस के अनुसार, 2/3 अक्टूबर 2026 की रात अलीदापुर पंचायत भवन से ई-रिक्शा, इनवर्टर, बैटरी और छोटा गैस सिलेंडर चोरी होने की सूचना मिली थी। मामले में प्राप्त तहरीर के आधार पर थाना चिल्हिया में मु0अ0सं0 100/2026 के तहत संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया और पुलिस ने जांच शुरू की।
मामले की जांच के दौरान पुलिस टीम और एंटी थेफ्ट टीम को आरोपी की तलाश में लगाया गया। पुलिस के मुताबिक, 3 अक्टूबर को अमन चौधरी पुत्र मुकेश चौधरी, निवासी ग्राम अलीदापुर टोला फैजपुर, थाना चिल्हिया को साड़ी तिराहा से हाइडिल तिराहा जाने वाले मार्ग पर कब्रिस्तान के पास से गिरफ्तार किया गया।
पुलिस का कहना है कि आरोपी के कब्जे से चोरी का ई-रिक्शा कूड़ा गाड़ी, दो बैटरी और एक इनवर्टर बरामद हुआ। बरामदगी के आधार पर मुकदमे में धारा 317(2) और 318(4) बीएनएस की बढ़ोतरी की गई।
इसके बाद पुलिस ने आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी करते हुए आरोपी को 4 अक्टूबर 2026 को न्यायालय के समक्ष पेश किया।
पुलिस की कार्रवाई
घटना: पंचायत भवन में चोरी
स्थान: गौरा बाजार अलीदापुर, थाना चिल्हिया
पुलिस कार्रवाई: आरोपी गिरफ्तार
बरामदगी: ई-रिक्शा कूड़ा गाड़ी, 2 बैटरी और 1 इनवर्टर
न्यायालय: आरोपी को भेजा गया
बरामद सामान
01 ई-रिक्शा कूड़ा गाड़ी
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01 इनवर्टर
पुलिस टीम
कार्रवाई में थानाध्यक्ष पवन कुमार मौर्य, एंटी थेफ्ट टीम प्रभारी उपनिरीक्षक ओम प्रकाश मिश्र, उपनिरीक्षक सुधाकर राय सहित थाना चिल्हिया के पुलिसकर्मी शामिल रहे।
सारांश
पंचायत भवन में चोरी की सूचना के बाद चिल्हिया पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार करने और चोरी का सामान बरामद करने की जानकारी दी है। पुलिस के अनुसार मामले में आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।
कानूनी नोट: खबर पुलिस द्वारा जारी प्रेस नोट में उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। आरोपी पर लगे आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायालय के निर्णय के बाद ही होगी।
दुर्गापूजा-दशहरा को लेकर पुलिस-प्रशासन अलर्ट, थाना परिसर में हुई पीस कमेटी बैठक

सिद्धार्थनगर। आगामी दुर्गापूजा और दशहरा पर्व को शांतिपूर्ण एवं सकुशल संपन्न कराने के लिए पुलिस-प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में थाना सिद्धार्थनगर परिसर में पीस कमेटी की बैठक आयोजित की गई। बैठक में मूर्ति आयोजकों, डी.जे. संचालकों, धर्मगुरुओं, संभ्रांत नागरिकों, पत्रकारों और ग्राम प्रहरियों की मौजूदगी रही। अधिकारियों ने पर्व के दौरान शांति, सौहार्द और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सभी से सहयोग की अपील की।
बैठक में उप जिलाधिकारी सदर निखिल चतुर्वेदी और क्षेत्राधिकारी सदर विश्वजीत सौरयान ने मौजूद लोगों को आगामी त्योहारों के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देशों से अवगत कराया। प्रशासन की ओर से विशेष रूप से डी.जे. और ध्वनि विस्तारक यंत्रों के संचालन में न्यायालय के निर्देशों एवं निर्धारित नियमों का पालन करने की बात कही गई।
अधिकारियों ने कहा कि त्योहारों के दौरान आपसी भाईचारा और सौहार्द बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। मूर्ति आयोजकों और अन्य संबंधित लोगों से प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने तथा किसी भी परिस्थिति में शांति व्यवस्था प्रभावित न होने देने में सहयोग की अपील की गई।

बैठक में पुलिस अधिकारियों ने उपस्थित लोगों की बात भी सुनी और त्योहारों के दौरान आवश्यक समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया।
बैठक में ये रहे मौजूद
उप जिलाधिकारी सदर निखिल चतुर्वेदी
क्षेत्राधिकारी सदर विश्वजीत सौरयान
प्रभारी निरीक्षक नवीन कुमार सिंह
पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी
मूर्ति आयोजक
डी.जे. संचालक
धर्मगुरु एवं संभ्रांत नागरिक
पत्रकार
ग्राम प्रहरीगण
इनबॉक्स | प्रशासन का संदेश
आस्था के पर्व में नियमों का भी ध्यान रखें।
दुर्गापूजा और दशहरा को लेकर प्रशासन की अपील है कि सभी आयोजक निर्धारित नियमों का पालन करें। विशेषकर ध्वनि विस्तारक यंत्रों का संचालन माननीय न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप किया जाए और किसी भी तरह की स्थिति में आपसी सौहार्द एवं शांति व्यवस्था प्रभावित न हो।
सारांश
दुर्गापूजा-दशहरा से पहले पुलिस-प्रशासन ने संभाली कमान। थाना सिद्धार्थनगर परिसर में हुई पीस कमेटी बैठक में अधिकारियों ने आयोजकों और नागरिकों से शांतिपूर्ण आयोजन तथा नियमों के पालन की अपील की।
टिप्पणी
त्योहार केवल धार्मिक आस्था का अवसर नहीं, बल्कि सामाजिक भाईचारे और सौहार्द का भी पर्व हैं। ऐसे में प्रशासन और पुलिस की तैयारियों के साथ आम नागरिकों और आयोजकों की जिम्मेदारी भी महत्वपूर्ण हो जाती है। नियमों का पालन करते हुए यदि पर्व मनाया जाए तो उत्सव का माहौल भी बना रहेगा और कानून-व्यवस्था भी मजबूत रहेगी।
FT News Digital | सिद्धार्थनगर
सच और… कुछ नहीं
148 करोड़ की छात्रवृत्ति का लाइव प्रसारण हुआ
सिद्धार्थनगर। मा0 मुख्यमंत्री उ0प्र0 श्री योगी आदित्यनाथ जी द्वारा अल्प आय वर्ग के पूर्वदशम(कक्षा 9-10) तथा दशमोत्तर कक्षाओं के 4.60 लाख छात्र-छात्राओं को रू0 148 करोड़ से अधिक की छात्रवृत्ति सीधे डीबीटी के माध्यम से लोकभवन लखनऊ से प्रेषित किया गया, जिसका लाइव प्रसारण मा0 विधायक कपिलवस्तु श्री श्यामधनी राही, मा0 सांसद डुमरियागंज प्रतिनिधि एस0पी0अग्रवाल के साथ राजकीय कन्या इण्टर कालेज तेतरी बाजार में देखा गया।
जिला विद्यालय निरीक्षक अरूण कुमार एवं जिला समाज कल्याण अधिकारी महिपाल सिंह द्वारा मा0 विधायक कपिलवस्तु श्री श्यामधनी राही एवं मा0 सांसद डुमरियागंज प्रतिनिधि एस0पी0अग्रवाल को पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया गया।
मा0 विधायक कपिलवस्तु श्री श्यामधनी राही ने सभी का स्वागत करते हुए कहा कि सबका साथ सबका विकास के साथ सरकार काम कर रही है। छात्रवृत्ति वितरण कार्यक्रम में सभी का स्वागत करते हुए कहा कि मा मुख्यमंत्री जी द्वारा आज छात्रों को सीधे डीबीटी के माध्यम से सीधे खाते में धनराशि भेजी गई है। सभी छात्रों को इस धनराशि से अपने लिए पुस्तके खरीद कर अपने ज्ञान को बढ़ाए। इस विद्यालय का भवन बहुत जर्जर था मा मुख्यमंत्री जी के प्रयास से इस विद्यालय भवन का पुनः निर्माण कराया गया। विद्यालय की शिक्षिकाओ द्वारा छात्राओं को तैयार कर सांस्कृतिक कार्यक्रमों में प्रतिभाग करते है। छात्रों को छात्रवृत्ति एवं ड्रेस, पाठ्य पुस्तके, दिया जा रहा है। आप लोग कक्षाओं में आकर शिक्षा ग्रहण करे। अपने गुरुओं का सम्मान करे।
मा0 सांसद डुमरियागंज प्रतिनिधि एस0पी0अग्रवाल ने सभी का स्वागत करते हुए कहा कि मा0 मुख्यमंत्री जी द्वारा छात्रों को सीधे डीबीटी के माध्यम से छात्रवृत्ति दिया गया है। आप सभी लोग मन लगाकर अच्छे से पढ़ाई करे। सभी को बधाई दिया।
इस अवसर पर मा0 विधायक कपिलवस्तु श्री श्यामधनी राही, मा0 सांसद डुमरियागंज प्रतिनिधि एस0पी0अग्रवाल एवं अन्य अधिकारियों द्वारा छात्राओं को छात्रवृत्ति प्रमाण-पत्र प्रदान किया गया।
इस अवसर पर उपरोक्त के अतिरिक्त जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी नीरज अग्रवाल, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी राजन एवं अन्य संबधित अधिकारीगण उपस्थित थे।
सिद्धार्थनगर को बड़ी रेल सौगात, बढ़नी-सिद्धार्थनगर होकर चलेगी अमृत भारत एक्सप्रेस
बड़ी खबर | सिद्धार्थनगर

सिद्धार्थनगर। जिले के रेल यात्रियों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। सांसद जगदम्बिका पाल को भेजे गए रेल मंत्रालय के पत्र के अनुसार भुज से बरौनी के बीच नई ट्रेन संख्या 19427/19428 भुज–बरौनी अमृत भारत एक्सप्रेस के संचालन को मंजूरी प्रदान कर दी गई है। पत्र में इस ट्रेन के बढ़नी और सिद्धार्थनगर के रास्ते संचालन की बात कही गई है।
रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव की ओर से सांसद जगदम्बिका पाल को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि जनसुविधा और क्षेत्रीय संपर्क को और मजबूत करने के उद्देश्य से भारतीय रेल द्वारा यात्रियों की मांग एवं परिचालन आवश्यकताओं के अनुरूप रेल सेवाओं का विस्तार किया जाता रहा है।
इसी क्रम में पत्र के माध्यम से बताया गया है कि भुज से बरौनी के मध्य नई रेलगाड़ी संख्या 19427/19428 भुज–बरौनी अमृत भारत एक्सप्रेस के बढ़नी एवं सिद्धार्थनगर होकर संचालन को स्वीकृति प्रदान की गई है।
इस मंजूरी को सिद्धार्थनगर और आसपास के क्षेत्र के रेल यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नई ट्रेन के संचालन से क्षेत्र का रेल संपर्क मजबूत होने और यात्रियों को बेहतर आवागमन सुविधा मिलने की उम्मीद है।
पत्र में क्या है खास?

ट्रेन: 19427/19428 भुज–बरौनी अमृत भारत एक्सप्रेस
मार्ग: भुज–बरौनी
सिद्धार्थनगर क्षेत्र: बढ़नी एवं सिद्धार्थनगर होकर संचालन को मंजूरी
पत्र: रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव की ओर से सांसद जगदम्बिका पाल को
पत्र संख्या: 2026/Chg/16/WR/71
पत्र की तारीख: 26 सितंबर 2026
FT News Digital की टिप्पणी
सिद्धार्थनगर जैसे सीमावर्ती और पिछड़े रेल संपर्क वाले क्षेत्र के लिए नई ट्रेन का संचालन निश्चित रूप से यात्रियों की सुविधा और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी के लिहाज से महत्वपूर्ण कदम हो सकता है। अब यात्रियों की नजर इस बात पर रहेगी कि स्वीकृत सेवा कब से नियमित रूप से शुरू होती है और इसका अंतिम टाइम-टेबल एवं ठहराव क्या निर्धारित किया जाता है।
नोट: खबर में ट्रेन के संचालन की स्वीकृति को आधार बनाया गया है। इसलिए जब तक रेलवे की ओर से अंतिम समय-सारिणी/संचालन तिथि जारी न हो, उसे खबर में निश्चित रूप से शुरू हो चुकी सेवा के रूप में प्रस्तुत करना उचित नहीं होगा।
रेलवे ट्रैक किनारे झाड़ियों का बढ़ता जाल बना चिंता का कारण, गांधीनगर वार्ड में सुरक्षा को लेकर उठी आवाज

जंगली सूअर के हमले की घटना के बाद बढ़ी चिंता, सभासद संदीप जायसवाल ने स्टेशन मास्टर को सौंपा प्रार्थना-पत्र; अब सफाई और समाधान की मांग
सिद्धार्थनगर। नगर पालिका परिषद सिद्धार्थनगर के गांधीनगर वार्ड में रेलवे ट्रैक से सटे इलाके में बढ़ती झाड़ियों, पेड़-पौधों और जमा गंदगी को लेकर स्थानीय नागरिकों की चिंता सामने आई है। लगातार बारिश के बाद कई स्थानों पर हरियाली और झाड़ियां घनी हो गई हैं। ऐसे में स्थानीय लोगों को जहरीले जीव-जंतुओं तथा जंगली जानवरों की संभावित मौजूदगी को लेकर भय बना हुआ है।

इसी बीच शहर के अनूप नगर वार्ड में जंगली सूअर के हमले में एक महिला के घायल होने की सामने आई समाचार रिपोर्ट ने आसपास के ऐसे क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की चिंता और बढ़ा दी है।
मामले को गंभीरता से लेते हुए गांधीनगर वार्ड के सभासद संदीप कुमार जायसवाल ने रेलवे प्रशासन का ध्यान इस समस्या की ओर आकर्षित किया है और सिद्धार्थनगर रेलवे स्टेशन के स्टेशन मास्टर को लिखित प्रार्थना-पत्र देकर रेलवे भूमि से सटी झाड़ियों एवं पेड़-पौधों की सफाई कराने का अनुरोध किया है।
बड़ी खबर
गांधीनगर वार्ड में रेलवे ट्रैक किनारे झाड़ियों से बढ़ी चिंता
सभासद संदीप जायसवाल ने रेलवे स्टेशन मास्टर को सौंपा प्रार्थना-पत्र
झाड़ियों की सफाई और संभावित खतरे से बचाव की मांग
रेलवे ट्रैक के किनारे उगी झाड़ियां अगर समय रहते साफ नहीं की गईं तो यह केवल गंदगी और सौंदर्य का मुद्दा नहीं रह जाता, बल्कि आसपास रहने वाले लोगों की सुरक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ा विषय बन सकता है।
गांधीनगर वार्ड के लोगों की इसी चिंता को वार्ड सभासद संदीप कुमार जायसवाल ने रेलवे प्रशासन तक पहुंचाने की पहल की है।
सभासद ने अपने लिखित प्रार्थना-पत्र में रेलवे की भूमि से सटे क्षेत्र में उगी झाड़ियों और पेड़-पौधों की सफाई कराने का अनुरोध किया है।
अब स्थानीय नागरिकों की निगाह इस बात पर है कि संबंधित विभाग इस समस्या का स्थायी समाधान कब तक करता है।
क्या है पूरा मामला?
स्थान: गांधीनगर वार्ड, नगर पालिका परिषद सिद्धार्थनगर
समस्या: रेलवे ट्रैक से सटे क्षेत्र में घनी झाड़ियां एवं गंदगी
चिंता: जहरीले जीव-जंतुओं एवं जंगली जानवरों की संभावित मौजूदगी
पहल: सभासद संदीप कुमार जायसवाल ने स्टेशन मास्टर को दिया प्रार्थना-पत्र
मांग: रेलवे भूमि से सटे हिस्से की आवश्यकतानुसार सफाई और झाड़ियों की कटाई
स्थिति: सभासद के अनुसार आश्वासन के बावजूद सफाई की कार्रवाई का इंतजार
एक घटना ने बढ़ाई चिंता
सिद्धार्थनगर के अनूप नगर वार्ड में जंगली सूअर के हमले में एक महिला के घायल होने की समाचार रिपोर्ट सामने आई थी।
उपलब्ध समाचार कटिंग के अनुसार महिला पर जंगली सूअर ने हमला किया, जिससे उनके पैर में गंभीर चोट आई और उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। रिपोर्ट में उपचार के दौरान करीब 24 टांके लगाए जाने का उल्लेख है।
इसी घटना के बाद शहर के उन इलाकों में भी सुरक्षा को लेकर चिंता स्वाभाविक रूप से बढ़ी है, जहां आबादी के आसपास घनी झाड़ियां और खुले क्षेत्र मौजूद हैं।
हालांकि गांधीनगर वार्ड में जंगली सूअर के हमले की घटना होने का कोई दावा इस खबर में नहीं किया जा रहा है। यहां मुद्दा यह है कि संभावित खतरे को देखते हुए समय रहते सफाई और आवश्यक सावधानी बरती जाए।
ग्राउंड रिपोर्ट | तस्वीरें खुद बता रही हैं स्थिति
मौके से सामने आई तस्वीरों में रेलवे ट्रैक से सटे क्षेत्र में घनी वनस्पति, झाड़ियां और कुछ स्थानों पर कचरा दिखाई दे रहा है।
बारिश के मौसम में तेजी से बढ़ने वाली झाड़ियों के कारण जमीन के अंदर या झाड़ियों के बीच छिपे जीव-जंतुओं को देख पाना मुश्किल हो सकता है।
स्थानीय लोगों की मांग है कि संबंधित विभाग मौके का निरीक्षण करे और जो क्षेत्र जिस विभाग के अधिकार क्षेत्र में आता है, वहां नियमानुसार सफाई कराई जाए।
सभासद की पहल | शिकायत से समाधान की ओर पहला कदम
गांधीनगर वार्ड के सभासद संदीप कुमार जायसवाल ने इस समस्या को केवल मौखिक रूप से उठाने के बजाय लिखित रूप में रेलवे स्टेशन प्रशासन के सामने रखा है।
स्टेशन मास्टर को दिए गए प्रार्थना-पत्र में झाड़ियों और पेड़-पौधों की सफाई कराने का अनुरोध किया गया है।
यह पहल इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि स्थानीय समस्या को संबंधित विभाग के सामने लिखित रूप में दर्ज कराने से उसके समाधान के लिए प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई की संभावना और जवाबदेही का रास्ता स्पष्ट होता है।
सभासद का कहना है कि नागरिकों की सुरक्षा को देखते हुए इस दिशा में जल्द कदम उठाया जाना चाहिए।
अब सवाल समाधान का है
मामला सामने आ चुका है।
प्रार्थना-पत्र दिया जा चुका है।
समस्या संबंधित विभाग के संज्ञान में पहुंचाई जा चुकी है।
अब जरूरत है जमीन पर दिखाई देने वाली कार्रवाई की।
स्थानीय नागरिकों के हित में मांग है कि—
संबंधित रेलवे अधिकारी मौके का निरीक्षण करें।
रेलवे भूमि और उसके आसपास की झाड़ियों की स्थिति का आकलन किया जाए।
आवश्यकता के अनुसार झाड़ियों एवं पेड़-पौधों की सफाई कराई जाए।
कचरा हटाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
यदि जंगली जानवरों की मौजूदगी की पुष्टि होती है तो संबंधित वन विभाग/प्राधिकरण को सूचित किया जाए।
भविष्य में दोबारा ऐसी स्थिति न बने, इसके लिए नियमित निरीक्षण और आवश्यक सफाई की व्यवस्था पर विचार किया जाए।

टिप्पणी | समस्या छोटी हो या बड़ी, समाधान जरूरी
शहर की सफाई केवल सड़कों और मुख्य बाजारों तक सीमित नहीं होनी चाहिए।
जहां आबादी है, जहां लोग रोजाना आते-जाते हैं और जहां बच्चों, महिलाओं तथा बुजुर्गों की आवाजाही होती है, वहां सुरक्षित और साफ वातावरण उपलब्ध कराना भी जनहित का विषय है।

गांधीनगर वार्ड में सभासद द्वारा इस समस्या को लिखित रूप से रेलवे प्रशासन तक पहुंचाना एक सकारात्मक पहल है।

अब उम्मीद यही है कि संबंधित विभाग भी इस शिकायत को केवल एक प्रार्थना-पत्र मानकर न छोड़े, बल्कि मौके की वास्तविक स्थिति देखकर आवश्यक कार्रवाई करे।
क्योंकि किसी संभावित खतरे के बाद कार्रवाई करने से बेहतर है कि खतरे को पहले ही कम कर दिया जाए।

FT NEWS DIGITAL की पत्रकारिता टिप्पणी
यह खबर स्थानीय नागरिकों की चिंता, उपलब्ध दस्तावेजों, समाचार कटिंग और मौके की तस्वीरों के आधार पर तैयार की गई है। किसी व्यक्ति या विभाग पर लापरवाही का आरोप तथ्य के रूप में नहीं लगाया जा रहा है। रेलवे प्रशासन अथवा संबंधित विभाग का पक्ष/जवाब प्राप्त होने पर उसे भी खबर में प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
हमारा उद्देश्य आरोप लगाना नहीं, बल्कि जनसमस्या को जिम्मेदार विभाग तक पहुंचाना और उसके समाधान की दिशा में आवाज उठाना है।
“प्रार्थना-पत्र पहुंच गया रेलवे तक, अब गांधीनगर वार्ड के लोगों को इंतजार है—झाड़ियां कब साफ होंगी और समाधान कब जमीन पर दिखाई देगा?”
FT NEWS DIGITAL — जनहित की खबर, जिम्मेदारी के साथ।
सीकरी बाजार में PDA जनचौपाल, पूर्व विधायक विजय पासवान ने उठाए जनहित के मुद्दे

किसान, नौजवान, व्यापारी और शिक्षा से जुड़े सवालों को लेकर भाजपा सरकार पर साधा निशाना, समाजवादी पार्टी की नीतियों को बताया समाधान का रास्ता

सिद्धार्थनगर। विधानसभा कपिलवस्तु क्षेत्र-303 के सीकरी बाजार में समाजवादी पार्टी की ओर से PDA जनचौपाल का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पार्टी समर्थक, स्थानीय लोग एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम का नेतृत्व पूर्व विधायक विजय पासवान ने किया। जनचौपाल की अध्यक्षता राज्य महिला आयोग की पूर्व सदस्य इन्द्रासना त्रिपाठी ने की, जबकि संचालन गनेरा प्रधान चंद्रजीत जायसवाल ने किया।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने क्षेत्र और आम जनता से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर अपनी बात रखी। पूर्व विधायक विजय पासवान ने अपने संबोधन में महंगाई, रोजगार, किसानों की समस्याओं, व्यापारियों की परेशानियों और शिक्षा जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।
उन्होंने केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनके अनुसार पिछले वर्षों में किसान, नौजवान, व्यापारी और समाज के विभिन्न वर्गों को कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बेरोजगारी और महंगाई को लेकर भी सरकार की नीतियों की आलोचना की।
PDA को लेकर कही यह बात
विजय पासवान ने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने की स्थिति में युवाओं के लिए रोजगार, किसानों के लिए राहत, शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर अवसर और सभी वर्गों के सम्मान के लिए काम करने को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने PDA—पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक की भागीदारी को सामाजिक न्याय की राजनीति से जोड़ते हुए अपनी बात रखी।
उन्होंने जनचौपाल को जनता की समस्याओं और सुझावों को सामने रखने का माध्यम बताया।
कार्यक्रम में दिखी राजनीतिक सक्रियता
कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी रही। मंच और कार्यक्रम स्थल पर समाजवादी पार्टी के झंडे और पार्टी से जुड़े प्रतीक दिखाई दिए। तस्वीरों में भी बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एवं समर्थक कार्यक्रम में मौजूद नजर आ रहे हैं।
कार्यक्रम में अमित चौबे, जमील सिद्दीकी, रामफेर यादव उर्फ अंशु, घनश्याम जायसवाल, रमजान अली, खुर्शीद अहमद, पवन उपाध्याय, अशोक पांडे, मिलेश यादव, रामवृक्ष चौरसिया, दिलीप यादव, महेश यादव, वरुण यादव, फूल कुमार चौधरी, पाटेश्वरी चौधरी, रामशंकर मौर्य, अब्दुल कलाम खान, राममिलन शुक्ला, रहमतुल्लाह, लतीफ, विशंभर लाल श्रीवास्तव, डॉ. अब्दुल हसन, अजहरुद्दीन, चंद्रजीत यादव, मनोज मिश्रा, जुनेद आलम, निजामुद्दीन, मोहम्मद अयूब खान सहित बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, स्थानीय कार्यकर्ता एवं समर्थक उपस्थित रहे।
राजनीतिक संदेश देने की कोशिश
सीकरी बाजार में आयोजित इस PDA जनचौपाल के जरिए समाजवादी पार्टी ने क्षेत्र में अपनी राजनीतिक सक्रियता और संगठनात्मक मौजूदगी का संदेश देने की कोशिश की। कार्यक्रम में नेताओं ने आगामी राजनीतिक परिस्थितियों और जनसमस्याओं को लेकर कार्यकर्ताओं से जनता के बीच सक्रिय रहने का आह्वान किया।
FT NEWS DIGITAL की रिपोर्टिंग नीति: इस खबर में राजनीतिक नेताओं द्वारा कार्यक्रम के दौरान व्यक्त किए गए विचारों को उनके कथन/दावे के रूप में प्रस्तुत किया गया है। सरकार या किसी राजनीतिक दल के संबंध में लगाए गए आरोपों को स्वतंत्र रूप से सत्यापित तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया गया है। तस्वीरों में दिखाई दे रही भीड़ को भी किसी आधिकारिक संख्या के रूप में नहीं बताया गया है।
आठ सूत्रीय मांगों को लेकर लेखपालों का आंदोलन तेज, नौगढ़ तहसील में धरना-प्रदर्शन

सम्पूर्ण समाधान दिवस के बहिष्कार का दावा, मांगें पूरी नहीं होने पर चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी

सिद्धार्थनगर। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के आह्वान पर शनिवार को प्रदेशव्यापी आंदोलन के क्रम में सिद्धार्थनगर जिले की नौगढ़ तहसील परिसर में लेखपालों ने धरना-प्रदर्शन किया। लेखपाल संघ की ओर से अपनी आठ सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन किए जाने की जानकारी दी गई। संघ ने इसी क्रम में सम्पूर्ण समाधान दिवस के बहिष्कार की बात भी कही है।

धरना-प्रदर्शन के दौरान लेखपालों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर आवाज उठाई और शासन स्तर पर अपेक्षित कार्रवाई किए जाने की मांग की। संघ की ओर से जारी मांग-पत्र में वेतन विसंगति, स्थानांतरण, पदोन्नति, विभागीय परीक्षा, कार्यभार और तकनीकी संसाधनों समेत कई मुद्दे शामिल हैं।
2800 ग्रेड पे और वेतन विसंगति दूर करने की मांग
लेखपाल संघ की प्रमुख मांगों में प्रारंभिक वेतनमान लेवल-5 यानी 2800 ग्रेड पे दिए जाने तथा वेतन विसंगति दूर किए जाने की मांग शामिल है।

संघ के मांग-पत्र में कहा गया है कि लेखपाल संवर्ग के कार्यों और दायित्वों में लगातार वृद्धि हुई है और इस संबंध में पूर्व में भी पत्राचार किया गया है। संघ का कहना है कि इस विषय पर शासन स्तर से अपेक्षित निर्णय नहीं होने के कारण संवर्ग में असंतोष है।
अंतरमंडलीय स्थानांतरण की मांग भी प्रमुख
लेखपाल संघ ने अंतरमंडलीय स्थानांतरण के लिए ऑनलाइन पोर्टल खोलने की मांग उठाई है।
मांग-पत्र के अनुसार, वर्ष 2019 में लगभग 650 लेखपालों के स्थानांतरण का उल्लेख किया गया है। संघ का कहना है कि वर्ष 2025 में भी स्थानांतरण के लिए ऑनलाइन आवेदन लिए गए थे, लेकिन प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी। संघ ने इच्छुक लेखपालों को उनके गृह मंडल में स्थानांतरण का अवसर देने की मांग की है।
पदोन्नति सूची जारी करने की मांग
लेखपाल संघ ने चयन वर्ष 2025-26 की लंबित पदोन्नति सूची जारी करने और डीपीसी की प्रक्रिया समय से पूरी करने की मांग भी रखी है।
संघ के पत्र में दावा किया गया है कि विभागीय पदोन्नति समिति की कार्यवाही पूरी होने के बावजूद पदोन्नति सूची जारी नहीं हुई है। संघ ने लंबित प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करने की मांग की है।
विभागीय परीक्षा परिणाम और स्थायीकरण का मुद्दा
नव नियुक्त लेखपालों से संबंधित विभागीय परीक्षा परिणाम, प्रशिक्षण प्रमाणपत्र और स्थायीकरण का मुद्दा भी मांग-पत्र में शामिल है।
संघ का कहना है कि प्रशिक्षण परीक्षा संपन्न होने के बाद भी परिणाम और प्रमाणपत्र जारी होने में देरी हो रही है। लेखपाल संघ ने परिणाम एवं प्रमाणपत्र शीघ्र जारी कर स्थायीकरण की प्रक्रिया पूरी करने की मांग की है।
अतिरिक्त कार्यभार और ग्राम सचिवालय व्यवस्था पर सवाल
लेखपाल संघ ने पट्टा संबंधी मामलों में अतिरिक्त कार्यभार से राहत देने तथा ग्राम सचिवालय में बैठकर कार्य करने से जुड़ी व्यवस्था पर भी अपनी आपत्ति दर्ज कराई है।
संघ के पत्र के मुताबिक लेखपालों को एक ही दिन में दो-दो या तीन-तीन गांवों में कार्य के लिए जाना पड़ता है। ऐसे में एक स्थान पर बैठकर कार्य करने की व्यवस्था को लेकर संघ ने व्यावहारिक कठिनाइयों का उल्लेख किया है।
तकनीकी पद घोषित करने और संसाधन उपलब्ध कराने की मांग
लेखपाल संघ ने लेखपाल पद को तकनीकी पद घोषित करने के साथ-साथ लैपटॉप और मोबाइल जैसे तकनीकी संसाधन उपलब्ध कराने की मांग की है।
संघ का कहना है कि लेखपालों द्वारा लंबे समय से ऑनलाइन और तकनीकी कार्य किए जा रहे हैं, इसलिए पद की प्रकृति को देखते हुए आवश्यक तकनीकी संसाधन उपलब्ध कराए जाने चाहिए।
आंदोलन की आगे की रूपरेखा भी जारी
उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ की ओर से लगाए गए आंदोलन संबंधी बैनर में चरणबद्ध आंदोलन की रूपरेखा भी प्रदर्शित की गई है। इसमें अलग-अलग तारीखों पर कार्य बहिष्कार, काली पट्टी बांधकर विरोध, धरना शिविर, मोटरसाइकिल रैली एवं ज्ञापन तथा आगे व्यापक कार्य बहिष्कार जैसे कार्यक्रमों का उल्लेख है।
संघ के मांग-पत्र में कहा गया है कि यदि मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होती है तो 17 अक्टूबर 2026 से प्रदेशव्यापी पूर्ण कार्य बहिष्कार की दिशा में आगे बढ़ने की बात कही गई है।
जिलाध्यक्ष ने क्या कहा?
लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष अजय कुमार गुप्ता के अनुसार, लेखपाल संवर्ग लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर शासन के समक्ष अपनी बात रखता आ रहा है। उनका कहना है कि 2800 ग्रेड पे, भत्तों में बढ़ोतरी, अंतरमंडलीय स्थानांतरण समेत आठ प्रमुख मांगें हैं।
संघ का कहना है कि मांगों के निस्तारण तक आंदोलन क्रमिक रूप से जारी रहेगा।
लेखपाल संघ की प्रमुख 8 मांगें
1. 2800 ग्रेड पे एवं वेतन विसंगति दूर करना।
2. अंतरमंडलीय स्थानांतरण के लिए ऑनलाइन पोर्टल खोलना।
3. लंबित पदोन्नति सूची जारी कर डीपीसी प्रक्रिया पूरी करना।
4. विभागीय परीक्षा परिणाम, प्रशिक्षण प्रमाणपत्र जारी कर स्थायीकरण करना।
5. स्टेशनरी, मोटरसाइकिल/वाहन एवं अन्य अनुमन्य भत्तों में बढ़ोतरी।
6. पट्टा संबंधी अतिरिक्त कार्यभार से लेखपालों को राहत देना।
7. लेखपाल पद को तकनीकी पद घोषित कर आवश्यक तकनीकी संसाधन उपलब्ध कराना।
8. ग्राम सचिवालय से संबंधित कार्य व्यवस्था में व्यावहारिक समस्याओं का समाधान।

क्या है मामला?
मुद्दा: आठ सूत्रीय मांगें
स्थान: तहसील नौगढ़, सिद्धार्थनगर
संगठन: उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ
कार्यक्रम: धरना-प्रदर्शन
संघ का दावा: सम्पूर्ण समाधान दिवस का बहिष्कार
आगे की रणनीति: चरणबद्ध आंदोलन और निर्धारित कार्यक्रमों के अनुसार विरोध
सारांश
सिद्धार्थनगर में आठ सूत्रीय मांगों को लेकर लेखपाल संघ का आंदोलन सामने आया है। नौगढ़ तहसील परिसर में धरना-प्रदर्शन के दौरान संघ ने 2800 ग्रेड पे, अंतरमंडलीय स्थानांतरण, पदोन्नति, विभागीय परीक्षा परिणाम, भत्तों में बढ़ोतरी, कार्यभार एवं तकनीकी संसाधनों से जुड़ी मांगें उठाईं। संघ ने मांगों के समाधान तक चरणबद्ध आंदोलन जारी रखने की बात कही है।
रिपोर्टर सेफ्टी नोट
इस खबर में “संघ के अनुसार”, “मांग-पत्र में कहा गया है”, “संघ का दावा है” जैसे शब्द इसलिए रखे गए हैं, क्योंकि मांगों और प्रशासनिक प्रक्रियाओं से संबंधित बातें संगठन के ज्ञापन/बयान पर आधारित हैं। इससे खबर तथ्य और पक्ष के दावे के बीच स्पष्ट अंतर बनाए रखती है।
75 वर्ष पूरे होने पर विद्या भारती मनाएगी ‘अमृत महोत्सव’, देशभर में होंगे विविध आयोजन
सिद्धार्थनगर में प्रेस वार्ता कर डॉ. सौरभ मालवीय ने दी जानकारी, शिक्षा, पर्यावरण और सांस्कृतिक कार्यक्रमों पर रहेगा जोर

सिद्धार्थनगर। सरस्वती शिशु मंदिर योजना के 75 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर विद्या भारती द्वारा देशभर में वर्षभर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किए जाने की जानकारी दी गई है। इसी क्रम में तेतरी बाजार स्थित रघुवर प्रसाद जायसवाल सरस्वती शिशु मंदिर इंटर कॉलेज में प्रेस वार्ता आयोजित की गई। प्रेस वार्ता में पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के क्षेत्रीय मंत्री डॉ. सौरभ मालवीय ने ‘अमृत महोत्सव’ के आयोजन और इसके उद्देश्यों के संबंध में जानकारी साझा की।
शिक्षा, संस्कृति और पर्यावरण पर होंगे कार्यक्रम
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान द्वारा संचालित शिशु मंदिर योजना के 75 वर्ष पूरे होने पर ‘अमृत महोत्सव’ के तहत विभिन्न विद्यालयों एवं संस्थानों में शैक्षिक, पर्यावरणीय और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
बताया गया कि इन आयोजनों का उद्देश्य नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, राष्ट्रीय गौरव और नैतिक मूल्यों से जोड़ना है। साथ ही पूर्व छात्रों, शिक्षाविदों और समाज के प्रबुद्ध नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया जाएगा।
राष्ट्र सेवा और सामाजिक समरसता का संदेश
प्रेस वार्ता में डॉ. सौरभ मालवीय ने कहा कि विद्या भारती का यह आयोजन केवल संस्थागत कार्यक्रम तक सीमित न रहकर सामाजिक सहभागिता का माध्यम बने, इस दिशा में प्रयास किया जा रहा है। उनके अनुसार, ‘अमृत महोत्सव’ आने वाली पीढ़ी को राष्ट्र सेवा, सामाजिक समरसता और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के संकल्प के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने का अवसर है।
उन्होंने बताया कि विद्या भारती द्वारा शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक एवं सांस्कृतिक विषयों को भी कार्यक्रमों में स्थान दिया जा रहा है।
संत रविदास के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने पर जोर
प्रेस विज्ञप्ति में यह भी बताया गया कि संत शिरोमणि गुरु रविदास जी के 650वें प्राकट्य वर्ष के अवसर पर समाज में एकता, समानता और बंधुत्व की भावना को मजबूत करने के उद्देश्य से विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
विद्या भारती के अनुसार, औपचारिक एवं अनौपचारिक माध्यमों के जरिए नई पीढ़ी में संत रविदास के विचारों और सामाजिक समरसता की भावना को मजबूत करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
प्रेस वार्ता में ये रहे मौजूद
प्रेस वार्ता के दौरान क्षेत्रीय संगठन मंत्री हेमचंद्र, क्षेत्रीय प्रचार संयोजक डॉ. योगेंद्र प्रताप सिंह, क्षेत्रीय बालिका शिक्षा प्रमुख उमाशंकर मिश्र, प्रदेश निरीक्षक शिशु शिक्षा समिति गोरक्ष प्रांत राम सिंह, गोरखपुर संभाग निरीक्षक अजय देव, विद्यालय प्रबंधक अजय कुमार जायसवाल तथा प्रधानाचार्य बसंत प्रसाद मिश्र सहित अन्य लोग उपस्थित रहे
क्या है ‘अमृत महोत्सव’ का फोकस?
सरस्वती शिशु मंदिर योजना के 75 वर्ष पूर्ण होने का अवसर
देशभर में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन
शिक्षा, पर्यावरण और संस्कृति से जुड़े कार्यक्रम
सामाजिक सहभागिता को बढ़ावा देने पर जोर
नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति एवं नैतिक मूल्यों से जोड़ने का प्रयास
सामाजिक समरसता और राष्ट्र सेवा का संदेश
प्रेस वार्ता में क्या कहा गया?
डॉ. सौरभ मालवीय के अनुसार, 75 वर्ष की यात्रा के अवसर पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों के माध्यम से विद्या भारती से जुड़े विद्यालयों और समाज के विभिन्न वर्गों की सहभागिता सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा।
सारांश
सरस्वती शिशु मंदिर योजना के 75 वर्ष पूरे होने पर विद्या भारती ने ‘अमृत महोत्सव’ के तहत देशभर में विविध कार्यक्रम आयोजित करने की जानकारी दी है। सिद्धार्थनगर के तेतरी बाजार में हुई प्रेस वार्ता में डॉ. सौरभ मालवीय ने कार्यक्रमों के उद्देश्यों और सामाजिक समरसता से जुड़े आयोजनों की जानकारी साझा की।
टिप्पणी
यह समाचार उपलब्ध प्रेस विज्ञप्ति एवं प्रेस वार्ता में दी गई जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। आयोजनों और उनके उद्देश्यों से संबंधित दावे संबंधित संस्था/वक्ताओं के कथन के रूप में प्रस्तुत किए गए हैं।
रेडवरिया में मनरेगा कार्यों को लेकर उठे गंभीर सवाल, शिकायत से सरकारी रिकॉर्ड तक जांच की मांग
मस्टर रोल में दर्ज हाजिरी, मौके की तस्वीरें और कार्यस्थल बोर्ड के बीच तालमेल की जांच की जरूरत

सिद्धार्थनगर/बढ़नी। ग्राम पंचायत रेडवरिया में मनरेगा एवं विकास कार्यों को लेकर एक शिकायत सामने आने के बाद सरकारी कार्यों की गुणवत्ता, श्रमिकों की उपस्थिति और अभिलेखों के मिलान को लेकर सवाल उठने लगे हैं। शिकायतकर्ता ने खंड विकास अधिकारी, बढ़नी को प्रार्थना-पत्र देकर विभिन्न विकास कार्यों की जांच की मांग की है। शिकायत के साथ कार्यस्थल की तस्वीरें और अन्य दस्तावेज भी उपलब्ध कराए गए हैं।

उपलब्ध कार्यस्थल के बोर्ड पर महादेव बुजुर्ग क्षेत्र से अनवर मास्टर के खेत होते हुए याकूब के खेत तक मिट्टी कार्य का उल्लेख दिखाई देता है। बोर्ड पर कार्य आईडी 3151004018/LD/958486255824768725, कार्य प्रारंभ तिथि 05 दिसंबर 2024 तथा प्रतिदिन मजदूरी 237 रुपये अंकित दिखाई देती है।
शिकायत में मनरेगा हाजिरी पर भी सवाल
शिकायत-पत्र में ग्राम पंचायत के विभिन्न विकास कार्यों को लेकर कई बिंदुओं पर जांच की मांग की गई है। इसमें मनरेगा श्रमिकों की उपस्थिति को लेकर भी आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ता ने कुछ हाजिरियों को कथित रूप से गलत दर्ज किए जाने की बात कही है।
हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। इसलिए इन्हें आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए और अंतिम निष्कर्ष संबंधित विभागीय जांच के बाद ही निकलेगा।
सरकारी पोर्टल के स्क्रीनशॉट में दर्ज है श्रमिकों की उपस्थिति
उपलब्ध मनरेगा पोर्टल के स्क्रीनशॉट में उत्तर प्रदेश, जिला सिद्धार्थनगर, ब्लॉक बढ़नी और ग्राम पंचायत रेडवरिया से संबंधित कार्य एवं श्रमिक उपस्थिति का रिकॉर्ड दिखाई देता है। 19 और 20 सितंबर 2026 के रिकॉर्ड में अलग-अलग मस्टर रोल पर श्रमिकों की उपस्थिति Present दर्ज दिखाई देती है।
वहीं उपलब्ध दैनिक उपस्थिति रिकॉर्ड में 29 सितंबर 2026 को रेडवरिया के लिए एक कार्य, 20 मस्टर रोल और 187 persondays दर्ज दिखाई देते हैं। एक अन्य स्क्रीनशॉट में 1 अक्टूबर 2026 को एक कार्य, एक मस्टर रोल और 10 persondays दर्ज दिखाई देते हैं।
इन आंकड़ों को मात्र देखकर किसी प्रकार की अनियमितता का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। अलग-अलग तारीखों और मस्टर रोल के रिकॉर्ड का विभागीय अभिलेखों से मिलान आवश्यक है।
मौके की तस्वीरों ने भी खड़े किए सवाल

उपलब्ध मौके की तस्वीरों में मिट्टी का कार्य, जलभराव और जलनिकासी से जुड़ी स्थिति दिखाई देती है। कुछ तस्वीरों में कार्यस्थल का बोर्ड भी स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।

अब सवाल यह है कि सरकारी अभिलेख में दर्ज कार्य की मात्रा और मौके पर कराया गया वास्तविक कार्य कितना है? इसका जवाब विभागीय तकनीकी जांच और माप के बाद ही सामने आ सकता है।
पूरे मामले में निष्पक्ष जांच के दौरान—
मस्टर रोल में दर्ज श्रमिकों की वास्तविक उपस्थिति,
NMMS उपस्थिति एवं जियो-टैग फोटो,
श्रमिकों के जॉब कार्ड,
मजदूरी भुगतान का रिकॉर्ड,
कार्य का स्वीकृत एस्टीमेट,
एमबी यानी Measurement Book,
मौके पर कराए गए कार्य की वास्तविक मात्रा,
कार्य की जियो-लोकेशन,
मजदूरी एवं सामग्री पर हुए खर्च का आपस में मिलान किया जाना महत्वपूर्ण होगा।
शिकायत सही या गलत, जांच से ही होगा साफ
रेडवरिया का यह मामला फिलहाल शिकायत और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर उठे सवालों का मामला है। उपलब्ध सामग्री किसी व्यक्ति को दोषी साबित नहीं करती। यदि जांच में रिकॉर्ड और मौके के कार्य में अंतर मिलता है तो संबंधित स्तर पर नियमानुसार कार्रवाई का रास्ता खुल सकता है। वहीं यदि शिकायत में लगाए गए आरोप जांच में सही नहीं पाए जाते हैं, तो यह तथ्य भी सार्वजनिक होना चाहिए।
जनहित का सवाल यही है कि मनरेगा और विकास कार्यों के लिए जारी सरकारी धन का उपयोग रिकॉर्ड के अनुसार और निर्धारित मानकों के अनुरूप हुआ या नहीं। इसका स्पष्ट जवाब निष्पक्ष जांच और मौके के सत्यापन से ही सामने आएगा।
नोट: यह खबर उपलब्ध शिकायत-पत्र, कार्यस्थल की तस्वीरों, कार्य बोर्ड और उपलब्ध मनरेगा पोर्टल रिकॉर्ड के आधार पर तैयार की गई है। इसमें लगाए गए आरोपों को तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया गया है। संबंधित ग्राम पंचायत एवं विभागीय अधिकारियों का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाना उचित होगा।
भारत-नेपाल सीमा पर दो बड़ी बरामदगी से हलचल, खुनुवा में 24.66 टन माल पकड़ा गया तो बढ़नी में बस से सामान बरामद
दो ट्रकों की गहन जांच में कद्दू बीज और अखरोट की बड़ी खेप मिलने का दावा, बढ़नी में नेपाली यात्री के पास खाद्य सामग्री व कपड़ों की बरामदगी

सिद्धार्थनगर। भारत-नेपाल सीमा पर 2 अक्टूबर को अलग-अलग स्थानों पर हुई जांच और बरामदगी की दो घटनाओं ने सीमा पर माल और यात्रियों की निगरानी व्यवस्था को फिर चर्चा में ला दिया है। खुनुवा सीमा पर नेपाल से भारत लौट रहे दो ट्रकों की गहन जांच में कुल 24,660 किलोग्राम कद्दू बीज और छिलके वाला अखरोट बरामद होने की जानकारी सामने आई है। दूसरी ओर बढ़नी सीमा पर नेपाल से भारत आ रही नेपाली बस की जांच में एक यात्री के पास बड़ी मात्रा में खाद्य सामग्री और कपड़े मिलने की जानकारी है। दोनों मामलों में संबंधित एजेंसियों ने आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए कार्रवाई की है।

लीड | सीमा पर जांच की दो कार्रवाई, अब दस्तावेजों की जांच अहम
सीमा क्षेत्र में हुई इन दोनों कार्रवाइयों में एक बात साफ है—सिर्फ सामान बरामद होना अपने आप में किसी व्यक्ति को दोषी साबित नहीं करता। अब जांच का असली केंद्र माल का स्रोत, स्वामित्व, सीमा पार करने से जुड़े दस्तावेज, घोषित विवरण और लागू कस्टम नियम होंगे।

खुनुवा मामले में बरामद दोनों ट्रकों और माल को कस्टम विभाग को सौंपे जाने की जानकारी है, जबकि बढ़नी मामले में यात्री और सामान को सीमा शुल्क कार्यालय भेजा गया है। इसलिए अंतिम निष्कर्ष संबंधित जांच और सक्षम प्राधिकारी की कार्रवाई के बाद ही सामने आएगा।

खुनुवा में दो ट्रकों की गहन जांच, 24.66 टन माल मिलने की जानकारी
खुनुवा बॉर्डर पर कस्टम, एसएसबी और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में नेपाल से भारत लौट रहे दो ट्रकों की जांच की गई।
उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार दोनों वाहन नेपाल के रुपनदेही जिले के भैरहवा में फ्लाई ऐश उतारने के बाद भारत लौट रहे थे। प्रारंभिक जांच में कोई संदिग्ध सामग्री सामने नहीं आने के बाद वाहनों की दोबारा गहन जांच की गई।
इसी जांच के दौरान वाहनों के ऊपरी हिस्से में सामान रखने के लिए अलग से बनाए गए हिस्से मिलने की जानकारी सामने आई।
एक ट्रक से 13,840 किलो कद्दू बीज
एक वाहन से 40-40 किलोग्राम के 346 बोरे, यानी कुल 13,840 किलोग्राम कद्दू बीज बरामद होने की जानकारी दी गई है।
दूसरे वाहन से 10-10 किलोग्राम के 1,082 बैग, यानी कुल 10,820 किलोग्राम छिलके वाला अखरोट मिलने की बात सामने आई है।
दोनों को मिलाकर बरामद सामग्री की मात्रा 24,660 किलोग्राम यानी करीब 24.66 टन बैठती है।
एक वाहन के चालक और सहचालक हिरासत में
रिपोर्ट के मुताबिक एक ट्रक के चालक और सहचालक को हिरासत में लिया गया, जबकि दूसरे ट्रक के चालक और सहचालक के मौके से चले जाने की जानकारी है।
बरामद माल और दोनों ट्रकों को कस्टम एक्ट के तहत आवश्यक कार्रवाई के लिए खुनुवा कस्टम कार्यालय को सौंपे जाने की जानकारी सामने आई है।
यहां यह स्पष्ट रखना जरूरी है कि हिरासत या बरामदगी को अंतिम दोषसिद्धि नहीं माना जा सकता। संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध क्या कानूनी कार्रवाई बनती है, यह जांच और सक्षम प्राधिकारी के निर्णय पर निर्भर करेगा।
बढ़नी में नेपाली बस की जांच, खाद्य सामग्री और कपड़ों की खेप मिली
दूसरी कार्रवाई बढ़नी सीमा क्षेत्र में सामने आई। उपलब्ध जानकारी के अनुसार एसएसबी की 50वीं वाहिनी बलरामपुर की ‘सी’ कंपनी बढ़नी और कस्टम अधिकारियों की संयुक्त टीम सीमा पर आने-जाने वाले वाहनों की जांच कर रही थी।
इसी दौरान नेपाल से भारत आ रही एक नेपाली बस को रोककर यात्रियों और उनके सामान की जांच की गई।
जांच में खाद्य सामग्री और कपड़ों की बड़ी खेप मिलने की जानकारी है। पूछताछ में एक नेपाली यात्री ने सामान अपना बताया। संबंधित यात्री की पहचान नारायण प्रसाद गौतम, उम्र 40 वर्ष, नेपाल निवासी के रूप में बताई गई है।
खाद्य सामग्री से लेकर कपड़ों तक बरामदगी
उपलब्ध विवरण के अनुसार सामान में चीन निर्मित बताए गए खाद्य उत्पादों के साथ नेपाली मूल के नूडल्स और विभिन्न प्रकार के कपड़े शामिल हैं।
बरामदगी की सूची में एनर्जी बिस्किट, नारियल मिल्क कैंडी, लेमन आइस टी, रेडी-टू-ईट नूडल्स और तिब्बती चाय जैसे उत्पाद बताए गए हैं।
इसके अलावा स्पाइसी नूडल्स, रारा नूडल्स, सजावटी कपड़े, स्कार्फ, कार्डिगन/स्वेटर, शॉल, ऊनी कपड़ा, हैंड रिबन, कालीन और विभिन्न परिधान भी शामिल बताए गए हैं।
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक संबंधित यात्री और सामान को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए सीमा शुल्क कार्यालय, बढ़नी को सौंप दिया गया।
सीमा पर सामने आए दो मामले
खुनुवा
दो भारतीय ट्रक
कद्दू बीज और छिलके वाला अखरोट
कुल मात्रा: 24,660 किलोग्राम
संयुक्त जांच
मामला कस्टम को सौंपा गया
बढ़नी
नेपाल से आ रही नेपाली बस
खाद्य सामग्री और कपड़े
एक नेपाली यात्री से संबंधित बरामदगी
एसएसबी और कस्टम की संयुक्त जांच
यात्री व सामान कस्टम कार्यालय को सौंपे गए
अब किन सवालों के जवाब जांच से सामने आएंगे?
इन घटनाओं के बाद सबसे महत्वपूर्ण सवाल आरोप लगाने के नहीं, बल्कि जांच के हैं।
पहला— बरामद माल का वास्तविक स्रोत क्या था?
दूसरा— माल किसके स्वामित्व में था?
तीसरा— सीमा पार करते समय कौन-कौन से दस्तावेज प्रस्तुत किए गए थे?
चौथा— वाहनों और माल का घोषित विवरण क्या था?
पांचवां— कस्टम नियमों के तहत इस माल की स्थिति क्या बनती है?
और छठा— जांच पूरी होने के बाद संबंधित एजेंसियां किस निष्कर्ष पर पहुंचती हैं?
इन सवालों का जवाब जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
सारांश
भारत-नेपाल सीमा पर 2 अक्टूबर से जुड़ी दो अलग-अलग कार्रवाइयों में बड़ी मात्रा में सामान मिलने की जानकारी सामने आई है। खुनुवा में दो ट्रकों से 13,840 किलोग्राम कद्दू बीज और 10,820 किलोग्राम अखरोट, कुल 24,660 किलोग्राम माल मिलने की जानकारी है। वहीं बढ़नी में नेपाली बस की जांच के दौरान एक यात्री से खाद्य सामग्री और कपड़ों की खेप बरामद होने की जानकारी सामने आई है। दोनों मामलों में संबंधित एजेंसियों की ओर से आगे की कानूनी प्रक्रिया की जा रही है।
टिप्पणी | सीमा पर हर जांच का रिकॉर्ड महत्वपूर्ण
भारत-नेपाल सीमा पर यात्रियों और मालवाहक वाहनों की आवाजाही लगातार होती है। ऐसे में सुरक्षा के साथ-साथ माल की घोषणा, दस्तावेजों का सत्यापन और नियमों का अनुपालन भी महत्वपूर्ण है।
इन दोनों घटनाओं में बरामदगी सामने आई है, लेकिन बरामदगी को सीधे तस्करी, चोरी या किसी व्यक्ति की आपराधिक संलिप्तता का अंतिम प्रमाण मानना उचित नहीं होगा। जांच एजेंसियों की रिपोर्ट और सक्षम प्राधिकारी की कार्रवाई ही यह निर्धारित करेगी कि संबंधित मामलों में वास्तव में कौन-सा कानूनी प्रावधान लागू होता है।
FT NEWS DIGITAL की ओर से खबर में किसी व्यक्ति, चालक, वाहन मालिक, व्यापारी या किसी सरकारी एजेंसी को बिना आधिकारिक निष्कर्ष के दोषी नहीं बताया जा रहा है। हमारा फोकस उपलब्ध कार्रवाई, बरामदगी और आगे की जांच पर है।
रिपोर्टर सेफ्टी लाइन
“यह समाचार उपलब्ध आधिकारिक/विश्वसनीय सूचना और मौके से प्राप्त सामग्री के आधार पर तैयार किया गया है। मामले की जांच संबंधित विभाग द्वारा की जा रही है। किसी भी व्यक्ति को दोषी सिद्ध नहीं माना गया है; अंतिम तथ्य सक्षम प्राधिकारी की जांच एवं न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होंगे।”
न्यायालय के आदेश की तामिला के लिए पुलिस पहुंची गांव, बंद मिला संबंधित घर
सिद्धार्थनगर में धारा 82 Cr.P.C. के आदेश की तामिला की कार्रवाई, घर और सार्वजनिक स्थान पर चस्पा की गई आदेश की प्रति

सिद्धार्थनगर, 02 अक्टूबर 2026। न्यायालय द्वारा जारी आदेश की तामिला के क्रम में थाना सिद्धार्थनगर पुलिस ने ग्राम पिपरी बुजुर्ग में नियमानुसार कार्रवाई की। पुलिस के अनुसार संबंधित व्यक्ति के घर पहुंचने पर मकान पर ताला लगा मिला, जिसके बाद न्यायालय के आदेश की प्रति घर के दरवाजे पर चस्पा की गई।
पुलिस द्वारा जारी प्रेस नोट के मुताबिक कार्रवाई मु0अ0सं0 404/2023, थाना सिद्धार्थनगर से संबंधित है। मामले में सिविल जज जूनियर डिवीजन FTC प्रथम, जनपद सिद्धार्थनगर के न्यायालय द्वारा मुजम्मिल खान पुत्र तज्जमुल हुसैन, निवासी पिपरी बुजुर्ग, टोला भदोखर, थाना इटवा, जनपद सिद्धार्थनगर के विरुद्ध धारा 82 Cr.P.C. के तहत आदेश जारी किया गया था।
पुलिस टीम उप निरीक्षक अशोक कुमार के नेतृत्व में हमराह पुलिसकर्मियों के साथ ग्राम पिपरी बुजुर्ग पहुंची। पुलिस के अनुसार मौके पर संबंधित घर बंद मिला। इसके बाद न्यायालय के आदेश की एक प्रति ग्राम प्रधान अबुसाद, BDC वजाउद्दीन एवं ग्राम के अन्य संभ्रांत व्यक्तियों की मौजूदगी में घर के दरवाजे पर चस्पा की गई।
इसके अतिरिक्त आदेश की दूसरी प्रति गांव के प्राथमिक विद्यालय के सार्वजनिक स्थान पर, लोगों की नजर में आने वाले स्थान पर चस्पा किए जाने की जानकारी पुलिस ने दी है।
पुलिस प्रेस नोट के अनुसार आदेश की तामिला के क्रम में फिरोज निवासी सुभाष नगर, थाना नौगढ़ द्वारा गांव में घूम-घूमकर मुनादी भी कराई गई। पुलिस के मुताबिक पूरी कार्रवाई की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी मोबाइल के माध्यम से कराई गई है।
कार्रवाई का मुख्य बिंदु
घर पर मिला ताला → न्यायालय का आदेश चस्पा → सार्वजनिक स्थान पर भी प्रति लगाई गई → गांव में मुनादी → कार्रवाई की फोटो-वीडियोग्राफी
सारांश
न्यायालय के आदेश की तामिला के क्रम में थाना सिद्धार्थनगर पुलिस ने ग्राम पिपरी बुजुर्ग में कार्रवाई की। पुलिस के अनुसार संबंधित घर बंद मिलने पर आदेश की प्रति घर के दरवाजे पर तथा सार्वजनिक स्थान पर चस्पा की गई और मुनादी भी कराई गई।
कानूनी सावधानी: यह खबर पुलिस द्वारा जारी प्रेस नोट में उपलब्ध तथ्यों पर आधारित है। न्यायालय की प्रक्रिया के तहत की गई इस कार्रवाई को संबंधित व्यक्ति के दोष सिद्ध होने के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। मामले में अंतिम निर्णय न्यायालय द्वारा किया जाना है।
संस्कार भारती की बाल गोकुलम एवं कृष्ण रूप सज्जा प्रतियोगिता में दिखी भारतीय संस्कृति की झलक

नन्हे-मुन्नों ने कृष्ण-राधा के मनमोहक रूप में सजकर मोहा मन, संस्कार और आध्यात्म से जोड़ने का दिया संदेश

सिद्धार्थनगर। संस्कार भारती सिद्धार्थनगर इकाई की ओर से आयोजित बाल गोकुलम एवं कृष्ण रूप सज्जा प्रतियोगिता में नगर के विभिन्न मोहल्लों से आए बच्चों ने कृष्ण और राधा के मनमोहक रूप में सज-धजकर उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। नन्हे बच्चों की आकर्षक वेशभूषा, आत्मविश्वास और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा।
भारतीय संस्कृति, संस्कार और आध्यात्मिक मूल्यों से बच्चों को जोड़ने की दिशा में संस्कार भारती सिद्धार्थनगर इकाई का बाल गोकुलम एवं कृष्ण रूप सज्जा कार्यक्रम आकर्षण का केंद्र रहा। अलग-अलग मोहल्लों से पहुंचे बच्चों ने भगवान श्रीकृष्ण और राधा के रूप में सजकर प्रतियोगिता में भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान बच्चों के उत्साह के साथ अभिभावकों में भी खासा उत्साह देखने को मिला।

कार्यक्रम में पीयूष कुमार गुप्ता, आराध्या यादव, लावण्या सोनी, शौर्य राज, वैष्णवी, दिव्यांश, वेदांश, शाश्वत, देवांश, पर्व, आस्विक, वेदांत, अभिनव, राघव मिश्रा, सोना, युवराज, परिधि, अभिषेक, अनुष्का, प्रतिज्ञा, श्रेयांश, निष्ठा, दीपांशु सहित अन्य बच्चों ने कृष्ण एवं राधा के रूप में प्रतिभाग किया।
कार्यक्रम का संचालन धीरज गुप्ता ने किया।
संस्कृति से संस्कार तक
बाल गोकुलम का उद्देश्य केवल बच्चों को धार्मिक पात्रों के रूप में सजाना नहीं, बल्कि उन्हें भारतीय संस्कृति, परंपरा, संस्कार और आध्यात्मिक मूल्यों से परिचित कराना भी रहा। कार्यक्रम में वक्ताओं ने बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण में संस्कारों की भूमिका पर जोर दिया।
मुख्य अतिथि ने बढ़ाया उत्साह
कार्यक्रम में संस्कार भारती के प्रांत उपाध्यक्ष राणा प्रताप सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने बच्चों की प्रतिभागिता और कार्यक्रम के आयोजन की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया।
वरिष्ठ पत्रकार संतोष श्रीवास्तव ने की आयोजन की सराहना
कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार संतोष श्रीवास्तव ने संस्कार भारती की गतिविधियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन बच्चों को संस्कार, आध्यात्म और भारतीय संस्कृति से जोड़ने के साथ ही समाज में सकारात्मक एवं अग्रणी भूमिका निभाने की दिशा में प्रेरित करते हैं।
अध्यक्ष ने संस्कार शिक्षा पर दिया जोर
संस्कार भारती के अध्यक्ष पवन कुमार जायसवाल ने बच्चों की संस्कार शिक्षा पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि माताओं को अपने बच्चों में श्रीकृष्ण के जीवन से जुड़े नीतिवान, गुणवान, धैर्यवान और साहसी व्यक्तित्व के गुण विकसित करने का प्रयास करना चाहिए।
बड़े स्वरूप में आयोजन का संकल्प
कार्यक्रम के सफल आयोजन से उत्साहित संस्कार भारती के महामंत्री गोविंद ओझा ने सभी आगंतुकों और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने भविष्य में बाल गोकुलम कार्यक्रम को और बड़े स्वरूप में आयोजित करने की बात कही।
कोषाध्यक्ष ने बच्चों को दिया संस्कार का संदेश
संस्कार भारती के कोषाध्यक्ष राम शरण ने बच्चों को संस्कारवान और नीतिमान बनने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि संस्कार भारती बच्चों को संस्कार, आध्यात्म और सामाजिक मूल्यों से जोड़ने की दिशा में निरंतर अपना योगदान दे रही है।
समापन पर जताया आभार
कार्यक्रम के अंत में शंभू गुप्ता ने आयोजन में शामिल सभी पदाधिकारियों, अतिथियों, अभिभावकों और बच्चों को बधाई दी तथा कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए सभी का आभार व्यक्त करते हुए समापन की घोषणा की।
आयोजन में ये रहे मौजूद
कार्यक्रम में राणा प्रताप सिंह, संतोष श्रीवास्तव, गोविंद ओझा, आशीष त्रिपाठी, नितेश पांडे, रामशरण, मनोज भगवान, पत्रकार मालती देवी, सरिता पांडे, शुभम श्रीवास्तव, राजकमल जायसवाल, प्रदीप वर्मा, धीरेंद्र वर्मा, पंकज सिद्धार्थ, आशुतोष वर्मा, अभिषेक वर्मा, योगेश यादव, कल्पना त्रिपाठी, प्रतिभा जायसवाल, अनुराधा, रिचा, कमलेश, सनाया सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
सारांश
बाल गोकुलम एवं कृष्ण रूप सज्जा प्रतियोगिता ने बच्चों की प्रतिभा के साथ भारतीय संस्कृति और संस्कारों की खूबसूरत झलक प्रस्तुत की। कृष्ण-राधा के रूप में सजे नन्हे प्रतिभागियों ने कार्यक्रम को आकर्षक बनाया, वहीं वक्ताओं ने बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण में संस्कार, आध्यात्म और नैतिक मूल्यों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
टिप्पणी
बच्चों के बीच भारतीय संस्कृति और संस्कारों को सहज एवं रचनात्मक तरीके से पहुंचाने वाले ऐसे आयोजन केवल प्रतियोगिता तक सीमित नहीं रहते। इनके माध्यम से बच्चों को अपनी सांस्कृतिक विरासत को समझने, मंच पर अपनी प्रतिभा दिखाने और सामाजिक मूल्यों से जुड़ने का अवसर मिलता है। संस्कार भारती का यह आयोजन इसी दिशा में एक सकारात्मक पहल के रूप में सामने आया।
बाढ़ की त्रासदी के बीच नाव पर सवार होकर संगलदीप पहुंचे CDO, गांव का लिया जायजा

राप्ती के उफान ने चारों तरफ से घेरा गांव, फसलें प्रभावित; 300 परिवारों को राशन किट, कटान रोधक कार्य और बांध सड़क निर्माण पर भी मंथन
सिद्धार्थनगर। राप्ती नदी के किनारे बसा विकासखंड जोगिया का संगलदीप गांव एक बार फिर बाढ़ की त्रासदी से जूझ रहा है। लगातार हुई मूसलाधार बारिश के बाद राप्ती नदी का जलस्तर बढ़ा तो पानी ने गांव को चारों तरफ से घेर लिया। खेतों में पानी पहुंचने से किसानों की फसलें प्रभावित हुईं, वहीं ग्रामीणों के सामने आवागमन और रोजमर्रा की जरूरतों को लेकर मुश्किलें बढ़ गईं।

बाढ़ की इस गंभीर स्थिति के बीच प्रशासनिक अमला गांव की स्थिति पर नजर बनाए हुए है। मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह नाव पर सवार होकर संगलदीप पहुंचे और बाढ़ प्रभावित इलाके का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने गांव की भौगोलिक स्थिति, जलभराव, आवागमन और कटान रोधक कार्यों की स्थिति को करीब से देखा।

इस दौरान जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन, सदर विधायक श्यामधनी राही और उपजिलाधिकारी निखिल चक्रवर्ती समेत प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
नाव बनी सहारा, तब गांव तक पहुंचा प्रशासन
संगलदीप की भौगोलिक स्थिति और चारों तरफ पानी होने के कारण मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह नाव पर सवार होकर गांव तक पहुंचे। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बाढ़ के पानी से प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति देखी और ग्रामीणों की समस्याओं को समझने का प्रयास किया।
यह तस्वीर बताती है कि बाढ़ के दौरान ग्रामीणों तक प्रशासन की पहुंच भी कितनी चुनौतीपूर्ण हो जाती है।
300 परिवारों तक पहुंची राहत
बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने के लिए सदर विधायक श्यामधनी राही की देखरेख में संगलदीप के 300 परिवारों को राशन किट का वितरण किया गया।
राहत सामग्री वितरण के दौरान ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं भी सामने रखीं। कुछ ग्रामीणों ने राशन वितरण में परिवारों की संख्या को लेकर आपत्ति जताई।
ग्रामीणों की आपत्ति, विधायक का पक्ष भी सामने
कुछ ग्रामीणों का कहना है कि पिछले वर्ष करीब 600 परिवारों को राशन वितरित किया गया था, जबकि इस बार 300 परिवारों को ही राशन किट दिए जाने की बात सामने आई है। कुछ ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि गांव से बाहर बांध पर मकान बनाकर रहने वाले कुछ परिवारों को इस बार सूची में शामिल नहीं किया गया।
वहीं सदर विधायक श्यामधनी राही ने इस संबंध में अपना पक्ष रखते हुए कहा कि पिछले वर्ष अमरिया का नाम भी सूची में शामिल था, जिसकी वजह से वितरण की संख्या अधिक थी। इस बार अलग व्यवस्था के तहत राशन वितरण किया जा रहा है।

इस तरह राहत वितरण को लेकर ग्रामीणों की आपत्ति और जनप्रतिनिधि की ओर से दिया गया स्पष्टीकरण दोनों सामने आए हैं।

बाढ़ से आगे स्थायी समाधान की जरूरत
संगलदीप की समस्या केवल मौजूदा बाढ़ तक सीमित नहीं है। हर वर्ष बाढ़ और जलभराव के दौरान गांव के लोगों को आवागमन की समस्या का सामना करना पड़ता है। इसी को देखते हुए गांव को सड़क से जोड़ने का मुद्दा भी निरीक्षण के दौरान प्रमुखता से सामने आया।
सदर विधायक श्यामधनी राही ने पूर्व जिलाधिकारी की ओर से भेजे गए प्रस्ताव का उल्लेख करते हुए कहा कि स्वीकृति मिलने के बाद गांव की निकासी और आवागमन के लिए बांध सड़क का निर्माण कराया जाएगा।
स्थायी सड़क बनने से बाढ़ के समय ग्रामीणों को होने वाली आवागमन की परेशानी को काफी हद तक कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
कटान रोधक कार्यों पर भी प्रशासन की नजर
निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह ने गांव में कराए गए कटान रोधक कार्यों की स्थिति का भी जायजा लिया।
उन्होंने बताया कि जिन स्थानों पर कटान रोधक कार्यों में सुधार की आवश्यकता है, वहां आवश्यक सुधार कराया जाएगा। बाढ़ का पानी कम होने के बाद कटान रोधक कार्यों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।
सारांश
संगलदीप में बाढ़ ने एक बार फिर ग्रामीण जीवन की मुश्किलों को सामने ला दिया है। राप्ती के उफान से गांव चारों तरफ से प्रभावित हुआ, खेतों में पानी पहुंचा और ग्रामीणों के आवागमन की चुनौती बढ़ी। ऐसे समय में प्रशासनिक अधिकारियों का नाव से गांव तक पहुंचना और मौके पर स्थिति का जायजा लेना राहत एवं निगरानी व्यवस्था की सक्रियता को दर्शाता है।

300 परिवारों को राशन किट वितरण के साथ अब नजर इस बात पर है कि बाढ़ उतरने के बाद फसल क्षति, कटान रोधक कार्य और गांव को सड़क से जोड़ने के प्रस्ताव पर कितनी तेजी से कार्रवाई होती है।
टिप्पणी | बाढ़ केवल पानी नहीं, व्यवस्था की परीक्षा भी है
संगलदीप की तस्वीर हर साल आने वाली बाढ़ की उस चुनौती को सामने रखती है, जिसमें कुछ समय के लिए पूरा गांव सड़क, खेत और सामान्य आवागमन से कटने लगता है। राहत सामग्री तत्काल जरूरत पूरी कर सकती है, लेकिन स्थायी समाधान के लिए कटान नियंत्रण, सुरक्षित आवागमन और मजबूत सड़क व्यवस्था जरूरी है।

शासन की मंशा के अनुरूप बाढ़ प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने के साथ-साथ उन कारणों पर भी काम करना जरूरी होगा, जिनकी वजह से हर वर्ष ग्रामीणों को इसी त्रासदी का सामना करना पड़ता है।

अब ग्रामीणों की उम्मीद राहत से आगे बढ़कर स्थायी समाधान पर टिकी है।

मौके पर मौजूद रहे
निरीक्षण एवं राहत वितरण के दौरान जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन, सदर विधायक श्यामधनी राही, मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह, उपजिलाधिकारी निखिल चक्रवर्ती, तहसीलदार अरविन्द नाथ पाण्डेय, नायब तहसीलदार अमित सिंह, क्षेत्राधिकारी विश्वजीत सौर्यन, क्षेत्रीय लेखपाल अमित पाण्डेय, धनंजय पाण्डेय, रमेश गुप्ता, सुबोध कांत गुप्ता, विजय यादव, विकास गुप्ता तथा ग्राम प्रधान अमरिया-संगलदीप अम्बिका यादव सहित अन्य संबंधित लोग मौजूद रहे।

साथ ही उसका बाजार थाना पुलिस भी पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद रही।

रिपोर्ट: सद्दाम खान | FT NEWS DIGITAL
बाढ़ की त्रासदी के बीच नाव पर सवार होकर संगलदीप पहुंचे CDO, गांव का लिया जायजा

राप्ती के उफान ने चारों तरफ से घेरा गांव, फसलें प्रभावित; 300 परिवारों को राशन किट, कटान रोधक कार्य और बांध सड़क निर्माण पर भी मंथन
सिद्धार्थनगर। राप्ती नदी के किनारे बसा विकासखंड जोगिया का संगलदीप गांव एक बार फिर बाढ़ की त्रासदी से जूझ रहा है। लगातार हुई मूसलाधार बारिश के बाद राप्ती नदी का जलस्तर बढ़ा तो पानी ने गांव को चारों तरफ से घेर लिया। खेतों में पानी पहुंचने से किसानों की फसलें प्रभावित हुईं, वहीं ग्रामीणों के सामने आवागमन और रोजमर्रा की जरूरतों को लेकर मुश्किलें बढ़ गईं।

बाढ़ की इस गंभीर स्थिति के बीच प्रशासनिक अमला गांव की स्थिति पर नजर बनाए हुए है। मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह नाव पर सवार होकर संगलदीप पहुंचे और बाढ़ प्रभावित इलाके का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने गांव की भौगोलिक स्थिति, जलभराव, आवागमन और कटान रोधक कार्यों की स्थिति को करीब से देखा।

इस दौरान जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन, सदर विधायक श्यामधनी राही और उपजिलाधिकारी निखिल चक्रवर्ती समेत प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
नाव बनी सहारा, तब गांव तक पहुंचा प्रशासन
संगलदीप की भौगोलिक स्थिति और चारों तरफ पानी होने के कारण मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह नाव पर सवार होकर गांव तक पहुंचे। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बाढ़ के पानी से प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति देखी और ग्रामीणों की समस्याओं को समझने का प्रयास किया।
यह तस्वीर बताती है कि बाढ़ के दौरान ग्रामीणों तक प्रशासन की पहुंच भी कितनी चुनौतीपूर्ण हो जाती है।
300 परिवारों तक पहुंची राहत
बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने के लिए सदर विधायक श्यामधनी राही की देखरेख में संगलदीप के 300 परिवारों को राशन किट का वितरण किया गया।
राहत सामग्री वितरण के दौरान ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं भी सामने रखीं। कुछ ग्रामीणों ने राशन वितरण में परिवारों की संख्या को लेकर आपत्ति जताई।
ग्रामीणों की आपत्ति, विधायक का पक्ष भी सामने
कुछ ग्रामीणों का कहना है कि पिछले वर्ष करीब 600 परिवारों को राशन वितरित किया गया था, जबकि इस बार 300 परिवारों को ही राशन किट दिए जाने की बात सामने आई है। कुछ ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि गांव से बाहर बांध पर मकान बनाकर रहने वाले कुछ परिवारों को इस बार सूची में शामिल नहीं किया गया।
वहीं सदर विधायक श्यामधनी राही ने इस संबंध में अपना पक्ष रखते हुए कहा कि पिछले वर्ष अमरिया का नाम भी सूची में शामिल था, जिसकी वजह से वितरण की संख्या अधिक थी। इस बार अलग व्यवस्था के तहत राशन वितरण किया जा रहा है।

इस तरह राहत वितरण को लेकर ग्रामीणों की आपत्ति और जनप्रतिनिधि की ओर से दिया गया स्पष्टीकरण दोनों सामने आए हैं।

बाढ़ से आगे स्थायी समाधान की जरूरत
संगलदीप की समस्या केवल मौजूदा बाढ़ तक सीमित नहीं है। हर वर्ष बाढ़ और जलभराव के दौरान गांव के लोगों को आवागमन की समस्या का सामना करना पड़ता है। इसी को देखते हुए गांव को सड़क से जोड़ने का मुद्दा भी निरीक्षण के दौरान प्रमुखता से सामने आया।
सदर विधायक श्यामधनी राही ने पूर्व जिलाधिकारी की ओर से भेजे गए प्रस्ताव का उल्लेख करते हुए कहा कि स्वीकृति मिलने के बाद गांव की निकासी और आवागमन के लिए बांध सड़क का निर्माण कराया जाएगा।
स्थायी सड़क बनने से बाढ़ के समय ग्रामीणों को होने वाली आवागमन की परेशानी को काफी हद तक कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
कटान रोधक कार्यों पर भी प्रशासन की नजर
निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह ने गांव में कराए गए कटान रोधक कार्यों की स्थिति का भी जायजा लिया।
उन्होंने बताया कि जिन स्थानों पर कटान रोधक कार्यों में सुधार की आवश्यकता है, वहां आवश्यक सुधार कराया जाएगा। बाढ़ का पानी कम होने के बाद कटान रोधक कार्यों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।
सारांश
संगलदीप में बाढ़ ने एक बार फिर ग्रामीण जीवन की मुश्किलों को सामने ला दिया है। राप्ती के उफान से गांव चारों तरफ से प्रभावित हुआ, खेतों में पानी पहुंचा और ग्रामीणों के आवागमन की चुनौती बढ़ी। ऐसे समय में प्रशासनिक अधिकारियों का नाव से गांव तक पहुंचना और मौके पर स्थिति का जायजा लेना राहत एवं निगरानी व्यवस्था की सक्रियता को दर्शाता है।

300 परिवारों को राशन किट वितरण के साथ अब नजर इस बात पर है कि बाढ़ उतरने के बाद फसल क्षति, कटान रोधक कार्य और गांव को सड़क से जोड़ने के प्रस्ताव पर कितनी तेजी से कार्रवाई होती है।
टिप्पणी | बाढ़ केवल पानी नहीं, व्यवस्था की परीक्षा भी है
संगलदीप की तस्वीर हर साल आने वाली बाढ़ की उस चुनौती को सामने रखती है, जिसमें कुछ समय के लिए पूरा गांव सड़क, खेत और सामान्य आवागमन से कटने लगता है। राहत सामग्री तत्काल जरूरत पूरी कर सकती है, लेकिन स्थायी समाधान के लिए कटान नियंत्रण, सुरक्षित आवागमन और मजबूत सड़क व्यवस्था जरूरी है।

शासन की मंशा के अनुरूप बाढ़ प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने के साथ-साथ उन कारणों पर भी काम करना जरूरी होगा, जिनकी वजह से हर वर्ष ग्रामीणों को इसी त्रासदी का सामना करना पड़ता है।

अब ग्रामीणों की उम्मीद राहत से आगे बढ़कर स्थायी समाधान पर टिकी है।

मौके पर मौजूद रहे
निरीक्षण एवं राहत वितरण के दौरान जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन, सदर विधायक श्यामधनी राही, मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह, उपजिलाधिकारी निखिल चक्रवर्ती, तहसीलदार अरविन्द नाथ पाण्डेय, नायब तहसीलदार अमित सिंह, क्षेत्राधिकारी विश्वजीत सौर्यन, क्षेत्रीय लेखपाल अमित पाण्डेय, धनंजय पाण्डेय, रमेश गुप्ता, सुबोध कांत गुप्ता, विजय यादव, विकास गुप्ता तथा ग्राम प्रधान अमरिया-संगलदीप अम्बिका यादव सहित अन्य संबंधित लोग मौजूद रहे।

साथ ही उसका बाजार थाना पुलिस भी पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद रही।

रिपोर्ट: सद्दाम खान | FT NEWS DIGITAL
गांधी-शास्त्री जयंती पर कलेक्ट्रेट गांधी-शास्त्री जयंती पर कलेक्ट्रेट में श्रद्धा, स्वच्छता और कर्तव्य का संदेशमें श्रद्धा, स्वच्छता और कर्तव्य का संदेश

जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने किया ध्वजारोहण, महापुरुषों के चित्र पर अर्पित किए पुष्प; अधिकारियों-कर्मचारियों ने राष्ट्रगान के साथ लिया उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प
सिद्धार्थनगर, 02 अक्टूबर 2026। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर सिद्धार्थनगर कलेक्ट्रेट परिसर में श्रद्धा, राष्ट्रभक्ति और सामाजिक जिम्मेदारी से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए गए। कलेक्ट्रेट भवन पर जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने प्रातः 9 बजे ध्वजारोहण किया। इसके बाद अधिकारियों और कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से राष्ट्रगान का गायन किया।
ध्वजारोहण के बाद कलेक्ट्रेट सभागार में महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के चित्र पर जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन, अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) गौरव श्रीवास्तव, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) डॉ. ज्ञानप्रकाश सहित अधिकारियों-कर्मचारियों ने माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने देशभक्ति से जुड़े गीत प्रस्तुत किए।

दो महापुरुष, दो प्रेरणाएं
कार्यक्रम में वक्ताओं ने महात्मा गांधी के सत्य और अहिंसा के विचारों तथा लाल बहादुर शास्त्री के सादगी, अनुशासन और राष्ट्रसेवा से जुड़े जीवन को याद किया। अधिकारियों ने कहा कि नई पीढ़ी को इन महापुरुषों के जीवन और विचारों से परिचित कराना समाज की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
स्वच्छता को लेकर जिलाधिकारी का संदेश
जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने अपने संबोधन में स्वच्छता को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने पर जोर दिया। उन्होंने लोगों से अपने आसपास साफ-सफाई रखने तथा आने वाली पीढ़ी को महापुरुषों के सिद्धांतों और उनके जीवन मूल्यों के बारे में बताने की अपील की।

उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी ने सत्य और अहिंसा के माध्यम से देश को दिशा दी, जबकि लाल बहादुर शास्त्री सादगी और कर्तव्यनिष्ठा के लिए याद किए जाते हैं। उन्होंने दोनों महापुरुषों के बताए मार्ग से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।
कार्यक्रम की खास बातें
कलेक्ट्रेट भवन पर प्रातः 9 बजे ध्वजारोहण
अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने किया सामूहिक राष्ट्रगान
गांधी और शास्त्री के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि
विद्यार्थियों ने प्रस्तुत किए देशभक्ति गीत
वक्ताओं ने सत्य, अहिंसा, सादगी, अनुशासन और स्वच्छता पर दिया संदेश
नई पीढ़ी को महापुरुषों के विचारों से जोड़ने पर जोर
विचारों को व्यवहार में उतारने पर जोर
कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) गौरव श्रीवास्तव ने गांधी जयंती और शास्त्री जयंती की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि महात्मा गांधी ने अहिंसा के माध्यम से जनआंदोलन को नई दिशा दी। उन्होंने गांधी जी के विचारों को ईमानदारी और अनुशासन से जोड़ते हुए उनके जीवन से सीख लेने की बात कही।

अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) डॉ. ज्ञानप्रकाश ने लाल बहादुर शास्त्री की सादगी और गांधी जी के सत्य एवं अहिंसा के विचारों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दोनों महापुरुषों का जीवन आज भी प्रेरणा देने वाला है।

कार्यक्रम में अधिवक्ता सत्यदेव सिंह सहित अन्य लोगों ने भी महात्मा गांधी के आदर्शों और देश के स्वतंत्रता आंदोलन में उनके योगदान पर अपने विचार रखे।
सारांश
गांधी-शास्त्री जयंती पर सिद्धार्थनगर कलेक्ट्रेट में आयोजित कार्यक्रम केवल श्रद्धांजलि तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सत्य, अहिंसा, सादगी, अनुशासन और स्वच्छता जैसे जीवन मूल्यों को व्यवहार में अपनाने का संदेश भी दिया गया। कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारियों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों की सहभागिता रही।

टिप्पणी
महापुरुषों को याद करना तभी सार्थक है, जब उनके विचार हमारे व्यवहार का हिस्सा बनें। गांधी जी का सत्य और अहिंसा का संदेश हो या लाल बहादुर शास्त्री की सादगी और कर्तव्यनिष्ठा—इन मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना आज भी महत्वपूर्ण है। कलेक्ट्रेट में आयोजित कार्यक्रम ने इसी सामाजिक और राष्ट्रीय जिम्मेदारी की ओर ध्यान आकर्षित किया।

FT NEWS DIGITAL | छोटी हेडिंग
गांधी-शास्त्री जयंती पर कलेक्ट्रेट गांधी-शास्त्री जयंती पर कलेक्ट्रेट में श्रद्धा, स्वच्छता और कर्तव्य का संदेशमें श्रद्धा, स्वच्छता और कर्तव्य का संदेश

जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने किया ध्वजारोहण, महापुरुषों के चित्र पर अर्पित किए पुष्प; अधिकारियों-कर्मचारियों ने राष्ट्रगान के साथ लिया उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प
सिद्धार्थनगर, 02 अक्टूबर 2026। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर सिद्धार्थनगर कलेक्ट्रेट परिसर में श्रद्धा, राष्ट्रभक्ति और सामाजिक जिम्मेदारी से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए गए। कलेक्ट्रेट भवन पर जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने प्रातः 9 बजे ध्वजारोहण किया। इसके बाद अधिकारियों और कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से राष्ट्रगान का गायन किया।
ध्वजारोहण के बाद कलेक्ट्रेट सभागार में महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के चित्र पर जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन, अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) गौरव श्रीवास्तव, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) डॉ. ज्ञानप्रकाश सहित अधिकारियों-कर्मचारियों ने माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने देशभक्ति से जुड़े गीत प्रस्तुत किए।

दो महापुरुष, दो प्रेरणाएं
कार्यक्रम में वक्ताओं ने महात्मा गांधी के सत्य और अहिंसा के विचारों तथा लाल बहादुर शास्त्री के सादगी, अनुशासन और राष्ट्रसेवा से जुड़े जीवन को याद किया। अधिकारियों ने कहा कि नई पीढ़ी को इन महापुरुषों के जीवन और विचारों से परिचित कराना समाज की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
स्वच्छता को लेकर जिलाधिकारी का संदेश
जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने अपने संबोधन में स्वच्छता को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने पर जोर दिया। उन्होंने लोगों से अपने आसपास साफ-सफाई रखने तथा आने वाली पीढ़ी को महापुरुषों के सिद्धांतों और उनके जीवन मूल्यों के बारे में बताने की अपील की।

उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी ने सत्य और अहिंसा के माध्यम से देश को दिशा दी, जबकि लाल बहादुर शास्त्री सादगी और कर्तव्यनिष्ठा के लिए याद किए जाते हैं। उन्होंने दोनों महापुरुषों के बताए मार्ग से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।
कार्यक्रम की खास बातें
कलेक्ट्रेट भवन पर प्रातः 9 बजे ध्वजारोहण
अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने किया सामूहिक राष्ट्रगान
गांधी और शास्त्री के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि
विद्यार्थियों ने प्रस्तुत किए देशभक्ति गीत
वक्ताओं ने सत्य, अहिंसा, सादगी, अनुशासन और स्वच्छता पर दिया संदेश
नई पीढ़ी को महापुरुषों के विचारों से जोड़ने पर जोर
विचारों को व्यवहार में उतारने पर जोर
कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) गौरव श्रीवास्तव ने गांधी जयंती और शास्त्री जयंती की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि महात्मा गांधी ने अहिंसा के माध्यम से जनआंदोलन को नई दिशा दी। उन्होंने गांधी जी के विचारों को ईमानदारी और अनुशासन से जोड़ते हुए उनके जीवन से सीख लेने की बात कही।

अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) डॉ. ज्ञानप्रकाश ने लाल बहादुर शास्त्री की सादगी और गांधी जी के सत्य एवं अहिंसा के विचारों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दोनों महापुरुषों का जीवन आज भी प्रेरणा देने वाला है।

कार्यक्रम में अधिवक्ता सत्यदेव सिंह सहित अन्य लोगों ने भी महात्मा गांधी के आदर्शों और देश के स्वतंत्रता आंदोलन में उनके योगदान पर अपने विचार रखे।
सारांश
गांधी-शास्त्री जयंती पर सिद्धार्थनगर कलेक्ट्रेट में आयोजित कार्यक्रम केवल श्रद्धांजलि तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सत्य, अहिंसा, सादगी, अनुशासन और स्वच्छता जैसे जीवन मूल्यों को व्यवहार में अपनाने का संदेश भी दिया गया। कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारियों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों की सहभागिता रही।

टिप्पणी
महापुरुषों को याद करना तभी सार्थक है, जब उनके विचार हमारे व्यवहार का हिस्सा बनें। गांधी जी का सत्य और अहिंसा का संदेश हो या लाल बहादुर शास्त्री की सादगी और कर्तव्यनिष्ठा—इन मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना आज भी महत्वपूर्ण है। कलेक्ट्रेट में आयोजित कार्यक्रम ने इसी सामाजिक और राष्ट्रीय जिम्मेदारी की ओर ध्यान आकर्षित किया।

FT NEWS DIGITAL | छोटी हेडिंग
समय पर पहुंची पुलिस, बची एक जिंदगी
सिद्धार्थनगर में पीआरवी टीम की तत्परता से टली अनहोनी, कमरे से व्यक्ति को सुरक्षित निकालकर दी तत्काल सहायता
सिद्धार्थनगर। आपात स्थिति में पुलिस की त्वरित पहुंच किसी के लिए जीवन और मौत के बीच का अंतर बन सकती है। सिद्धार्थनगर में सामने आए एक ऐसे ही मामले में पीआरवी टीम ने सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और कमरे में बंद एक व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकालने में मदद की। पुलिस के अनुसार, व्यक्ति की हालत को देखते हुए टीम ने तत्काल प्राथमिक सहायता उपलब्ध कराई, जिसके बाद उसकी स्थिति सुरक्षित बताई गई।
कभी-कभी किसी घटना में पुलिस की कार्रवाई का महत्व केवल कार्रवाई तक सीमित नहीं रहता, बल्कि समय पर उठाया गया एक कदम किसी की जिंदगी बचाने में अहम भूमिका निभा सकता है। सिद्धार्थनगर में पीआरवी टीम की त्वरित कार्रवाई का ऐसा ही मामला सामने आया है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और गंभीर परिस्थिति को देखते हुए तत्काल हस्तक्षेप किया।
सूचना मिलते ही दौड़ी पीआरवी
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार पीआरवी नंबर 9948 को इवेंट नंबर 05309 के तहत सूचना प्राप्त हुई। सूचना मिलने के बाद कॉलर द्वारा बताए गए स्थान पर पीआरवी टीम तत्काल पहुंची।
कमरे में बंद था व्यक्ति
पुलिस के अनुसार मौके पर एक व्यक्ति अपने कमरे में बंद मिला। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम ने तत्काल कमरे तक पहुंचकर उसे सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद टीम द्वारा तत्काल सीपीआर एवं प्राथमिक सहायता उपलब्ध कराई गई।
सराहनीय पहल
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे महत्वपूर्ण बात पुलिस टीम की समय पर मौके पर पहुंचना और तत्काल प्रतिक्रिया देना रही। आपात परिस्थितियों में शुरुआती कुछ समय बेहद महत्वपूर्ण होता है। पीआरवी टीम द्वारा बिना अनावश्यक देरी के स्थिति को संभालना निश्चित रूप से सराहनीय है।
मामले की जानकारी थाना सिद्धार्थनगर के प्रभारी अधिकारी को दी गई। पुलिस के अनुसार हेड कांस्टेबल संजय चौरसिया मय फोर्स मौके पर मौजूद रहे और आगे की आवश्यक कार्रवाई के लिए मामले को थाना पुलिस को सौंपा गया।
मौके पर कांस्टेबल फैज आलम और हेड कांस्टेबल ऋषिराज पाठक की मौजूदगी भी बताई गई है।
सारांश
एक सूचना, तत्काल पुलिस की पहुंच और समय पर की गई मदद—सिद्धार्थनगर में पीआरवी टीम की तत्परता से एक व्यक्ति को सुरक्षित बचाने में मदद मिली। यह मामला बताता है कि आपात स्थिति में समय पर सूचना देना और प्रशिक्षित सहायता का पहुंचना कितना महत्वपूर्ण हो सकता है।
टिप्पणी
पुलिस की हर कार्रवाई गिरफ्तारी या कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं होती। कई बार पुलिस की सबसे बड़ी जिम्मेदारी किसी संकट में फंसे व्यक्ति तक समय पर पहुंचकर उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करना होती है। सिद्धार्थनगर की इस घटना में पीआरवी टीम की तत्परता और तत्काल सहायता को इसी दृष्टि से देखा जा सकता है।
FT NEWS DIGITAL की ओर से आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया देने वाली पुलिस टीम के प्रयास की सराहना।

