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आठ सूत्रीय मांगों को लेकर लेखपालों का आंदोलन तेज, नौगढ़ तहसील में धरना-प्रदर्शन

सम्पूर्ण समाधान दिवस के बहिष्कार का दावा, मांगें पूरी नहीं होने पर चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी

सिद्धार्थनगर। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के आह्वान पर शनिवार को प्रदेशव्यापी आंदोलन के क्रम में सिद्धार्थनगर जिले की नौगढ़ तहसील परिसर में लेखपालों ने धरना-प्रदर्शन किया। लेखपाल संघ की ओर से अपनी आठ सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन किए जाने की जानकारी दी गई। संघ ने इसी क्रम में सम्पूर्ण समाधान दिवस के बहिष्कार की बात भी कही है।

धरना-प्रदर्शन के दौरान लेखपालों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर आवाज उठाई और शासन स्तर पर अपेक्षित कार्रवाई किए जाने की मांग की। संघ की ओर से जारी मांग-पत्र में वेतन विसंगति, स्थानांतरण, पदोन्नति, विभागीय परीक्षा, कार्यभार और तकनीकी संसाधनों समेत कई मुद्दे शामिल हैं।
2800 ग्रेड पे और वेतन विसंगति दूर करने की मांग
लेखपाल संघ की प्रमुख मांगों में प्रारंभिक वेतनमान लेवल-5 यानी 2800 ग्रेड पे दिए जाने तथा वेतन विसंगति दूर किए जाने की मांग शामिल है।

संघ के मांग-पत्र में कहा गया है कि लेखपाल संवर्ग के कार्यों और दायित्वों में लगातार वृद्धि हुई है और इस संबंध में पूर्व में भी पत्राचार किया गया है। संघ का कहना है कि इस विषय पर शासन स्तर से अपेक्षित निर्णय नहीं होने के कारण संवर्ग में असंतोष है।
अंतरमंडलीय स्थानांतरण की मांग भी प्रमुख
लेखपाल संघ ने अंतरमंडलीय स्थानांतरण के लिए ऑनलाइन पोर्टल खोलने की मांग उठाई है।
मांग-पत्र के अनुसार, वर्ष 2019 में लगभग 650 लेखपालों के स्थानांतरण का उल्लेख किया गया है। संघ का कहना है कि वर्ष 2025 में भी स्थानांतरण के लिए ऑनलाइन आवेदन लिए गए थे, लेकिन प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी। संघ ने इच्छुक लेखपालों को उनके गृह मंडल में स्थानांतरण का अवसर देने की मांग की है।
पदोन्नति सूची जारी करने की मांग
लेखपाल संघ ने चयन वर्ष 2025-26 की लंबित पदोन्नति सूची जारी करने और डीपीसी की प्रक्रिया समय से पूरी करने की मांग भी रखी है।
संघ के पत्र में दावा किया गया है कि विभागीय पदोन्नति समिति की कार्यवाही पूरी होने के बावजूद पदोन्नति सूची जारी नहीं हुई है। संघ ने लंबित प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करने की मांग की है।
विभागीय परीक्षा परिणाम और स्थायीकरण का मुद्दा
नव नियुक्त लेखपालों से संबंधित विभागीय परीक्षा परिणाम, प्रशिक्षण प्रमाणपत्र और स्थायीकरण का मुद्दा भी मांग-पत्र में शामिल है।
संघ का कहना है कि प्रशिक्षण परीक्षा संपन्न होने के बाद भी परिणाम और प्रमाणपत्र जारी होने में देरी हो रही है। लेखपाल संघ ने परिणाम एवं प्रमाणपत्र शीघ्र जारी कर स्थायीकरण की प्रक्रिया पूरी करने की मांग की है।
अतिरिक्त कार्यभार और ग्राम सचिवालय व्यवस्था पर सवाल
लेखपाल संघ ने पट्टा संबंधी मामलों में अतिरिक्त कार्यभार से राहत देने तथा ग्राम सचिवालय में बैठकर कार्य करने से जुड़ी व्यवस्था पर भी अपनी आपत्ति दर्ज कराई है।
संघ के पत्र के मुताबिक लेखपालों को एक ही दिन में दो-दो या तीन-तीन गांवों में कार्य के लिए जाना पड़ता है। ऐसे में एक स्थान पर बैठकर कार्य करने की व्यवस्था को लेकर संघ ने व्यावहारिक कठिनाइयों का उल्लेख किया है।
तकनीकी पद घोषित करने और संसाधन उपलब्ध कराने की मांग
लेखपाल संघ ने लेखपाल पद को तकनीकी पद घोषित करने के साथ-साथ लैपटॉप और मोबाइल जैसे तकनीकी संसाधन उपलब्ध कराने की मांग की है।
संघ का कहना है कि लेखपालों द्वारा लंबे समय से ऑनलाइन और तकनीकी कार्य किए जा रहे हैं, इसलिए पद की प्रकृति को देखते हुए आवश्यक तकनीकी संसाधन उपलब्ध कराए जाने चाहिए।
आंदोलन की आगे की रूपरेखा भी जारी
उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ की ओर से लगाए गए आंदोलन संबंधी बैनर में चरणबद्ध आंदोलन की रूपरेखा भी प्रदर्शित की गई है। इसमें अलग-अलग तारीखों पर कार्य बहिष्कार, काली पट्टी बांधकर विरोध, धरना शिविर, मोटरसाइकिल रैली एवं ज्ञापन तथा आगे व्यापक कार्य बहिष्कार जैसे कार्यक्रमों का उल्लेख है।
संघ के मांग-पत्र में कहा गया है कि यदि मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होती है तो 17 अक्टूबर 2026 से प्रदेशव्यापी पूर्ण कार्य बहिष्कार की दिशा में आगे बढ़ने की बात कही गई है।
जिलाध्यक्ष ने क्या कहा?
लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष अजय कुमार गुप्ता के अनुसार, लेखपाल संवर्ग लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर शासन के समक्ष अपनी बात रखता आ रहा है। उनका कहना है कि 2800 ग्रेड पे, भत्तों में बढ़ोतरी, अंतरमंडलीय स्थानांतरण समेत आठ प्रमुख मांगें हैं।
संघ का कहना है कि मांगों के निस्तारण तक आंदोलन क्रमिक रूप से जारी रहेगा।
लेखपाल संघ की प्रमुख 8 मांगें
1. 2800 ग्रेड पे एवं वेतन विसंगति दूर करना।
2. अंतरमंडलीय स्थानांतरण के लिए ऑनलाइन पोर्टल खोलना।
3. लंबित पदोन्नति सूची जारी कर डीपीसी प्रक्रिया पूरी करना।
4. विभागीय परीक्षा परिणाम, प्रशिक्षण प्रमाणपत्र जारी कर स्थायीकरण करना।
5. स्टेशनरी, मोटरसाइकिल/वाहन एवं अन्य अनुमन्य भत्तों में बढ़ोतरी।
6. पट्टा संबंधी अतिरिक्त कार्यभार से लेखपालों को राहत देना।
7. लेखपाल पद को तकनीकी पद घोषित कर आवश्यक तकनीकी संसाधन उपलब्ध कराना।
8. ग्राम सचिवालय से संबंधित कार्य व्यवस्था में व्यावहारिक समस्याओं का समाधान।

क्या है मामला?
मुद्दा: आठ सूत्रीय मांगें
स्थान: तहसील नौगढ़, सिद्धार्थनगर
संगठन: उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ
कार्यक्रम: धरना-प्रदर्शन
संघ का दावा: सम्पूर्ण समाधान दिवस का बहिष्कार
आगे की रणनीति: चरणबद्ध आंदोलन और निर्धारित कार्यक्रमों के अनुसार विरोध
सारांश
सिद्धार्थनगर में आठ सूत्रीय मांगों को लेकर लेखपाल संघ का आंदोलन सामने आया है। नौगढ़ तहसील परिसर में धरना-प्रदर्शन के दौरान संघ ने 2800 ग्रेड पे, अंतरमंडलीय स्थानांतरण, पदोन्नति, विभागीय परीक्षा परिणाम, भत्तों में बढ़ोतरी, कार्यभार एवं तकनीकी संसाधनों से जुड़ी मांगें उठाईं। संघ ने मांगों के समाधान तक चरणबद्ध आंदोलन जारी रखने की बात कही है।
रिपोर्टर सेफ्टी नोट
इस खबर में “संघ के अनुसार”, “मांग-पत्र में कहा गया है”, “संघ का दावा है” जैसे शब्द इसलिए रखे गए हैं, क्योंकि मांगों और प्रशासनिक प्रक्रियाओं से संबंधित बातें संगठन के ज्ञापन/बयान पर आधारित हैं। इससे खबर तथ्य और पक्ष के दावे के बीच स्पष्ट अंतर बनाए रखती है।
75 वर्ष पूरे होने पर विद्या भारती मनाएगी ‘अमृत महोत्सव’, देशभर में होंगे विविध आयोजन
सिद्धार्थनगर में प्रेस वार्ता कर डॉ. सौरभ मालवीय ने दी जानकारी, शिक्षा, पर्यावरण और सांस्कृतिक कार्यक्रमों पर रहेगा जोर

सिद्धार्थनगर। सरस्वती शिशु मंदिर योजना के 75 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर विद्या भारती द्वारा देशभर में वर्षभर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किए जाने की जानकारी दी गई है। इसी क्रम में तेतरी बाजार स्थित रघुवर प्रसाद जायसवाल सरस्वती शिशु मंदिर इंटर कॉलेज में प्रेस वार्ता आयोजित की गई। प्रेस वार्ता में पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के क्षेत्रीय मंत्री डॉ. सौरभ मालवीय ने ‘अमृत महोत्सव’ के आयोजन और इसके उद्देश्यों के संबंध में जानकारी साझा की।
शिक्षा, संस्कृति और पर्यावरण पर होंगे कार्यक्रम
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान द्वारा संचालित शिशु मंदिर योजना के 75 वर्ष पूरे होने पर ‘अमृत महोत्सव’ के तहत विभिन्न विद्यालयों एवं संस्थानों में शैक्षिक, पर्यावरणीय और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
बताया गया कि इन आयोजनों का उद्देश्य नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, राष्ट्रीय गौरव और नैतिक मूल्यों से जोड़ना है। साथ ही पूर्व छात्रों, शिक्षाविदों और समाज के प्रबुद्ध नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया जाएगा।
राष्ट्र सेवा और सामाजिक समरसता का संदेश
प्रेस वार्ता में डॉ. सौरभ मालवीय ने कहा कि विद्या भारती का यह आयोजन केवल संस्थागत कार्यक्रम तक सीमित न रहकर सामाजिक सहभागिता का माध्यम बने, इस दिशा में प्रयास किया जा रहा है। उनके अनुसार, ‘अमृत महोत्सव’ आने वाली पीढ़ी को राष्ट्र सेवा, सामाजिक समरसता और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के संकल्प के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने का अवसर है।
उन्होंने बताया कि विद्या भारती द्वारा शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक एवं सांस्कृतिक विषयों को भी कार्यक्रमों में स्थान दिया जा रहा है।
संत रविदास के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने पर जोर
प्रेस विज्ञप्ति में यह भी बताया गया कि संत शिरोमणि गुरु रविदास जी के 650वें प्राकट्य वर्ष के अवसर पर समाज में एकता, समानता और बंधुत्व की भावना को मजबूत करने के उद्देश्य से विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
विद्या भारती के अनुसार, औपचारिक एवं अनौपचारिक माध्यमों के जरिए नई पीढ़ी में संत रविदास के विचारों और सामाजिक समरसता की भावना को मजबूत करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
प्रेस वार्ता में ये रहे मौजूद
प्रेस वार्ता के दौरान क्षेत्रीय संगठन मंत्री हेमचंद्र, क्षेत्रीय प्रचार संयोजक डॉ. योगेंद्र प्रताप सिंह, क्षेत्रीय बालिका शिक्षा प्रमुख उमाशंकर मिश्र, प्रदेश निरीक्षक शिशु शिक्षा समिति गोरक्ष प्रांत राम सिंह, गोरखपुर संभाग निरीक्षक अजय देव, विद्यालय प्रबंधक अजय कुमार जायसवाल तथा प्रधानाचार्य बसंत प्रसाद मिश्र सहित अन्य लोग उपस्थित रहे
क्या है ‘अमृत महोत्सव’ का फोकस?
सरस्वती शिशु मंदिर योजना के 75 वर्ष पूर्ण होने का अवसर
देशभर में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन
शिक्षा, पर्यावरण और संस्कृति से जुड़े कार्यक्रम
सामाजिक सहभागिता को बढ़ावा देने पर जोर
नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति एवं नैतिक मूल्यों से जोड़ने का प्रयास
सामाजिक समरसता और राष्ट्र सेवा का संदेश
प्रेस वार्ता में क्या कहा गया?
डॉ. सौरभ मालवीय के अनुसार, 75 वर्ष की यात्रा के अवसर पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों के माध्यम से विद्या भारती से जुड़े विद्यालयों और समाज के विभिन्न वर्गों की सहभागिता सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा।
सारांश
सरस्वती शिशु मंदिर योजना के 75 वर्ष पूरे होने पर विद्या भारती ने ‘अमृत महोत्सव’ के तहत देशभर में विविध कार्यक्रम आयोजित करने की जानकारी दी है। सिद्धार्थनगर के तेतरी बाजार में हुई प्रेस वार्ता में डॉ. सौरभ मालवीय ने कार्यक्रमों के उद्देश्यों और सामाजिक समरसता से जुड़े आयोजनों की जानकारी साझा की।
टिप्पणी
यह समाचार उपलब्ध प्रेस विज्ञप्ति एवं प्रेस वार्ता में दी गई जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। आयोजनों और उनके उद्देश्यों से संबंधित दावे संबंधित संस्था/वक्ताओं के कथन के रूप में प्रस्तुत किए गए हैं।
रेडवरिया में मनरेगा कार्यों को लेकर उठे गंभीर सवाल, शिकायत से सरकारी रिकॉर्ड तक जांच की मांग
मस्टर रोल में दर्ज हाजिरी, मौके की तस्वीरें और कार्यस्थल बोर्ड के बीच तालमेल की जांच की जरूरत

सिद्धार्थनगर/बढ़नी। ग्राम पंचायत रेडवरिया में मनरेगा एवं विकास कार्यों को लेकर एक शिकायत सामने आने के बाद सरकारी कार्यों की गुणवत्ता, श्रमिकों की उपस्थिति और अभिलेखों के मिलान को लेकर सवाल उठने लगे हैं। शिकायतकर्ता ने खंड विकास अधिकारी, बढ़नी को प्रार्थना-पत्र देकर विभिन्न विकास कार्यों की जांच की मांग की है। शिकायत के साथ कार्यस्थल की तस्वीरें और अन्य दस्तावेज भी उपलब्ध कराए गए हैं।

उपलब्ध कार्यस्थल के बोर्ड पर महादेव बुजुर्ग क्षेत्र से अनवर मास्टर के खेत होते हुए याकूब के खेत तक मिट्टी कार्य का उल्लेख दिखाई देता है। बोर्ड पर कार्य आईडी 3151004018/LD/958486255824768725, कार्य प्रारंभ तिथि 05 दिसंबर 2024 तथा प्रतिदिन मजदूरी 237 रुपये अंकित दिखाई देती है।
शिकायत में मनरेगा हाजिरी पर भी सवाल
शिकायत-पत्र में ग्राम पंचायत के विभिन्न विकास कार्यों को लेकर कई बिंदुओं पर जांच की मांग की गई है। इसमें मनरेगा श्रमिकों की उपस्थिति को लेकर भी आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ता ने कुछ हाजिरियों को कथित रूप से गलत दर्ज किए जाने की बात कही है।
हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। इसलिए इन्हें आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए और अंतिम निष्कर्ष संबंधित विभागीय जांच के बाद ही निकलेगा।
सरकारी पोर्टल के स्क्रीनशॉट में दर्ज है श्रमिकों की उपस्थिति
उपलब्ध मनरेगा पोर्टल के स्क्रीनशॉट में उत्तर प्रदेश, जिला सिद्धार्थनगर, ब्लॉक बढ़नी और ग्राम पंचायत रेडवरिया से संबंधित कार्य एवं श्रमिक उपस्थिति का रिकॉर्ड दिखाई देता है। 19 और 20 सितंबर 2026 के रिकॉर्ड में अलग-अलग मस्टर रोल पर श्रमिकों की उपस्थिति Present दर्ज दिखाई देती है।
वहीं उपलब्ध दैनिक उपस्थिति रिकॉर्ड में 29 सितंबर 2026 को रेडवरिया के लिए एक कार्य, 20 मस्टर रोल और 187 persondays दर्ज दिखाई देते हैं। एक अन्य स्क्रीनशॉट में 1 अक्टूबर 2026 को एक कार्य, एक मस्टर रोल और 10 persondays दर्ज दिखाई देते हैं।
इन आंकड़ों को मात्र देखकर किसी प्रकार की अनियमितता का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। अलग-अलग तारीखों और मस्टर रोल के रिकॉर्ड का विभागीय अभिलेखों से मिलान आवश्यक है।
मौके की तस्वीरों ने भी खड़े किए सवाल

उपलब्ध मौके की तस्वीरों में मिट्टी का कार्य, जलभराव और जलनिकासी से जुड़ी स्थिति दिखाई देती है। कुछ तस्वीरों में कार्यस्थल का बोर्ड भी स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।

अब सवाल यह है कि सरकारी अभिलेख में दर्ज कार्य की मात्रा और मौके पर कराया गया वास्तविक कार्य कितना है? इसका जवाब विभागीय तकनीकी जांच और माप के बाद ही सामने आ सकता है।
पूरे मामले में निष्पक्ष जांच के दौरान—
मस्टर रोल में दर्ज श्रमिकों की वास्तविक उपस्थिति,
NMMS उपस्थिति एवं जियो-टैग फोटो,
श्रमिकों के जॉब कार्ड,
मजदूरी भुगतान का रिकॉर्ड,
कार्य का स्वीकृत एस्टीमेट,
एमबी यानी Measurement Book,
मौके पर कराए गए कार्य की वास्तविक मात्रा,
कार्य की जियो-लोकेशन,
मजदूरी एवं सामग्री पर हुए खर्च का आपस में मिलान किया जाना महत्वपूर्ण होगा।
शिकायत सही या गलत, जांच से ही होगा साफ
रेडवरिया का यह मामला फिलहाल शिकायत और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर उठे सवालों का मामला है। उपलब्ध सामग्री किसी व्यक्ति को दोषी साबित नहीं करती। यदि जांच में रिकॉर्ड और मौके के कार्य में अंतर मिलता है तो संबंधित स्तर पर नियमानुसार कार्रवाई का रास्ता खुल सकता है। वहीं यदि शिकायत में लगाए गए आरोप जांच में सही नहीं पाए जाते हैं, तो यह तथ्य भी सार्वजनिक होना चाहिए।
जनहित का सवाल यही है कि मनरेगा और विकास कार्यों के लिए जारी सरकारी धन का उपयोग रिकॉर्ड के अनुसार और निर्धारित मानकों के अनुरूप हुआ या नहीं। इसका स्पष्ट जवाब निष्पक्ष जांच और मौके के सत्यापन से ही सामने आएगा।
नोट: यह खबर उपलब्ध शिकायत-पत्र, कार्यस्थल की तस्वीरों, कार्य बोर्ड और उपलब्ध मनरेगा पोर्टल रिकॉर्ड के आधार पर तैयार की गई है। इसमें लगाए गए आरोपों को तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया गया है। संबंधित ग्राम पंचायत एवं विभागीय अधिकारियों का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाना उचित होगा।
भारत-नेपाल सीमा पर दो बड़ी बरामदगी से हलचल, खुनुवा में 24.66 टन माल पकड़ा गया तो बढ़नी में बस से सामान बरामद
दो ट्रकों की गहन जांच में कद्दू बीज और अखरोट की बड़ी खेप मिलने का दावा, बढ़नी में नेपाली यात्री के पास खाद्य सामग्री व कपड़ों की बरामदगी

सिद्धार्थनगर। भारत-नेपाल सीमा पर 2 अक्टूबर को अलग-अलग स्थानों पर हुई जांच और बरामदगी की दो घटनाओं ने सीमा पर माल और यात्रियों की निगरानी व्यवस्था को फिर चर्चा में ला दिया है। खुनुवा सीमा पर नेपाल से भारत लौट रहे दो ट्रकों की गहन जांच में कुल 24,660 किलोग्राम कद्दू बीज और छिलके वाला अखरोट बरामद होने की जानकारी सामने आई है। दूसरी ओर बढ़नी सीमा पर नेपाल से भारत आ रही नेपाली बस की जांच में एक यात्री के पास बड़ी मात्रा में खाद्य सामग्री और कपड़े मिलने की जानकारी है। दोनों मामलों में संबंधित एजेंसियों ने आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए कार्रवाई की है।

लीड | सीमा पर जांच की दो कार्रवाई, अब दस्तावेजों की जांच अहम
सीमा क्षेत्र में हुई इन दोनों कार्रवाइयों में एक बात साफ है—सिर्फ सामान बरामद होना अपने आप में किसी व्यक्ति को दोषी साबित नहीं करता। अब जांच का असली केंद्र माल का स्रोत, स्वामित्व, सीमा पार करने से जुड़े दस्तावेज, घोषित विवरण और लागू कस्टम नियम होंगे।

खुनुवा मामले में बरामद दोनों ट्रकों और माल को कस्टम विभाग को सौंपे जाने की जानकारी है, जबकि बढ़नी मामले में यात्री और सामान को सीमा शुल्क कार्यालय भेजा गया है। इसलिए अंतिम निष्कर्ष संबंधित जांच और सक्षम प्राधिकारी की कार्रवाई के बाद ही सामने आएगा।

खुनुवा में दो ट्रकों की गहन जांच, 24.66 टन माल मिलने की जानकारी
खुनुवा बॉर्डर पर कस्टम, एसएसबी और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में नेपाल से भारत लौट रहे दो ट्रकों की जांच की गई।
उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार दोनों वाहन नेपाल के रुपनदेही जिले के भैरहवा में फ्लाई ऐश उतारने के बाद भारत लौट रहे थे। प्रारंभिक जांच में कोई संदिग्ध सामग्री सामने नहीं आने के बाद वाहनों की दोबारा गहन जांच की गई।
इसी जांच के दौरान वाहनों के ऊपरी हिस्से में सामान रखने के लिए अलग से बनाए गए हिस्से मिलने की जानकारी सामने आई।
एक ट्रक से 13,840 किलो कद्दू बीज
एक वाहन से 40-40 किलोग्राम के 346 बोरे, यानी कुल 13,840 किलोग्राम कद्दू बीज बरामद होने की जानकारी दी गई है।
दूसरे वाहन से 10-10 किलोग्राम के 1,082 बैग, यानी कुल 10,820 किलोग्राम छिलके वाला अखरोट मिलने की बात सामने आई है।
दोनों को मिलाकर बरामद सामग्री की मात्रा 24,660 किलोग्राम यानी करीब 24.66 टन बैठती है।
एक वाहन के चालक और सहचालक हिरासत में
रिपोर्ट के मुताबिक एक ट्रक के चालक और सहचालक को हिरासत में लिया गया, जबकि दूसरे ट्रक के चालक और सहचालक के मौके से चले जाने की जानकारी है।
बरामद माल और दोनों ट्रकों को कस्टम एक्ट के तहत आवश्यक कार्रवाई के लिए खुनुवा कस्टम कार्यालय को सौंपे जाने की जानकारी सामने आई है।
यहां यह स्पष्ट रखना जरूरी है कि हिरासत या बरामदगी को अंतिम दोषसिद्धि नहीं माना जा सकता। संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध क्या कानूनी कार्रवाई बनती है, यह जांच और सक्षम प्राधिकारी के निर्णय पर निर्भर करेगा।
बढ़नी में नेपाली बस की जांच, खाद्य सामग्री और कपड़ों की खेप मिली
दूसरी कार्रवाई बढ़नी सीमा क्षेत्र में सामने आई। उपलब्ध जानकारी के अनुसार एसएसबी की 50वीं वाहिनी बलरामपुर की ‘सी’ कंपनी बढ़नी और कस्टम अधिकारियों की संयुक्त टीम सीमा पर आने-जाने वाले वाहनों की जांच कर रही थी।
इसी दौरान नेपाल से भारत आ रही एक नेपाली बस को रोककर यात्रियों और उनके सामान की जांच की गई।
जांच में खाद्य सामग्री और कपड़ों की बड़ी खेप मिलने की जानकारी है। पूछताछ में एक नेपाली यात्री ने सामान अपना बताया। संबंधित यात्री की पहचान नारायण प्रसाद गौतम, उम्र 40 वर्ष, नेपाल निवासी के रूप में बताई गई है।
खाद्य सामग्री से लेकर कपड़ों तक बरामदगी
उपलब्ध विवरण के अनुसार सामान में चीन निर्मित बताए गए खाद्य उत्पादों के साथ नेपाली मूल के नूडल्स और विभिन्न प्रकार के कपड़े शामिल हैं।
बरामदगी की सूची में एनर्जी बिस्किट, नारियल मिल्क कैंडी, लेमन आइस टी, रेडी-टू-ईट नूडल्स और तिब्बती चाय जैसे उत्पाद बताए गए हैं।
इसके अलावा स्पाइसी नूडल्स, रारा नूडल्स, सजावटी कपड़े, स्कार्फ, कार्डिगन/स्वेटर, शॉल, ऊनी कपड़ा, हैंड रिबन, कालीन और विभिन्न परिधान भी शामिल बताए गए हैं।
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक संबंधित यात्री और सामान को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए सीमा शुल्क कार्यालय, बढ़नी को सौंप दिया गया।
सीमा पर सामने आए दो मामले
खुनुवा
दो भारतीय ट्रक
कद्दू बीज और छिलके वाला अखरोट
कुल मात्रा: 24,660 किलोग्राम
संयुक्त जांच
मामला कस्टम को सौंपा गया
बढ़नी
नेपाल से आ रही नेपाली बस
खाद्य सामग्री और कपड़े
एक नेपाली यात्री से संबंधित बरामदगी
एसएसबी और कस्टम की संयुक्त जांच
यात्री व सामान कस्टम कार्यालय को सौंपे गए
अब किन सवालों के जवाब जांच से सामने आएंगे?
इन घटनाओं के बाद सबसे महत्वपूर्ण सवाल आरोप लगाने के नहीं, बल्कि जांच के हैं।
पहला— बरामद माल का वास्तविक स्रोत क्या था?
दूसरा— माल किसके स्वामित्व में था?
तीसरा— सीमा पार करते समय कौन-कौन से दस्तावेज प्रस्तुत किए गए थे?
चौथा— वाहनों और माल का घोषित विवरण क्या था?
पांचवां— कस्टम नियमों के तहत इस माल की स्थिति क्या बनती है?
और छठा— जांच पूरी होने के बाद संबंधित एजेंसियां किस निष्कर्ष पर पहुंचती हैं?
इन सवालों का जवाब जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
सारांश
भारत-नेपाल सीमा पर 2 अक्टूबर से जुड़ी दो अलग-अलग कार्रवाइयों में बड़ी मात्रा में सामान मिलने की जानकारी सामने आई है। खुनुवा में दो ट्रकों से 13,840 किलोग्राम कद्दू बीज और 10,820 किलोग्राम अखरोट, कुल 24,660 किलोग्राम माल मिलने की जानकारी है। वहीं बढ़नी में नेपाली बस की जांच के दौरान एक यात्री से खाद्य सामग्री और कपड़ों की खेप बरामद होने की जानकारी सामने आई है। दोनों मामलों में संबंधित एजेंसियों की ओर से आगे की कानूनी प्रक्रिया की जा रही है।
टिप्पणी | सीमा पर हर जांच का रिकॉर्ड महत्वपूर्ण
भारत-नेपाल सीमा पर यात्रियों और मालवाहक वाहनों की आवाजाही लगातार होती है। ऐसे में सुरक्षा के साथ-साथ माल की घोषणा, दस्तावेजों का सत्यापन और नियमों का अनुपालन भी महत्वपूर्ण है।
इन दोनों घटनाओं में बरामदगी सामने आई है, लेकिन बरामदगी को सीधे तस्करी, चोरी या किसी व्यक्ति की आपराधिक संलिप्तता का अंतिम प्रमाण मानना उचित नहीं होगा। जांच एजेंसियों की रिपोर्ट और सक्षम प्राधिकारी की कार्रवाई ही यह निर्धारित करेगी कि संबंधित मामलों में वास्तव में कौन-सा कानूनी प्रावधान लागू होता है।
FT NEWS DIGITAL की ओर से खबर में किसी व्यक्ति, चालक, वाहन मालिक, व्यापारी या किसी सरकारी एजेंसी को बिना आधिकारिक निष्कर्ष के दोषी नहीं बताया जा रहा है। हमारा फोकस उपलब्ध कार्रवाई, बरामदगी और आगे की जांच पर है।
रिपोर्टर सेफ्टी लाइन
“यह समाचार उपलब्ध आधिकारिक/विश्वसनीय सूचना और मौके से प्राप्त सामग्री के आधार पर तैयार किया गया है। मामले की जांच संबंधित विभाग द्वारा की जा रही है। किसी भी व्यक्ति को दोषी सिद्ध नहीं माना गया है; अंतिम तथ्य सक्षम प्राधिकारी की जांच एवं न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होंगे।”
न्यायालय के आदेश की तामिला के लिए पुलिस पहुंची गांव, बंद मिला संबंधित घर
सिद्धार्थनगर में धारा 82 Cr.P.C. के आदेश की तामिला की कार्रवाई, घर और सार्वजनिक स्थान पर चस्पा की गई आदेश की प्रति

सिद्धार्थनगर, 02 अक्टूबर 2026। न्यायालय द्वारा जारी आदेश की तामिला के क्रम में थाना सिद्धार्थनगर पुलिस ने ग्राम पिपरी बुजुर्ग में नियमानुसार कार्रवाई की। पुलिस के अनुसार संबंधित व्यक्ति के घर पहुंचने पर मकान पर ताला लगा मिला, जिसके बाद न्यायालय के आदेश की प्रति घर के दरवाजे पर चस्पा की गई।
पुलिस द्वारा जारी प्रेस नोट के मुताबिक कार्रवाई मु0अ0सं0 404/2023, थाना सिद्धार्थनगर से संबंधित है। मामले में सिविल जज जूनियर डिवीजन FTC प्रथम, जनपद सिद्धार्थनगर के न्यायालय द्वारा मुजम्मिल खान पुत्र तज्जमुल हुसैन, निवासी पिपरी बुजुर्ग, टोला भदोखर, थाना इटवा, जनपद सिद्धार्थनगर के विरुद्ध धारा 82 Cr.P.C. के तहत आदेश जारी किया गया था।
पुलिस टीम उप निरीक्षक अशोक कुमार के नेतृत्व में हमराह पुलिसकर्मियों के साथ ग्राम पिपरी बुजुर्ग पहुंची। पुलिस के अनुसार मौके पर संबंधित घर बंद मिला। इसके बाद न्यायालय के आदेश की एक प्रति ग्राम प्रधान अबुसाद, BDC वजाउद्दीन एवं ग्राम के अन्य संभ्रांत व्यक्तियों की मौजूदगी में घर के दरवाजे पर चस्पा की गई।
इसके अतिरिक्त आदेश की दूसरी प्रति गांव के प्राथमिक विद्यालय के सार्वजनिक स्थान पर, लोगों की नजर में आने वाले स्थान पर चस्पा किए जाने की जानकारी पुलिस ने दी है।
पुलिस प्रेस नोट के अनुसार आदेश की तामिला के क्रम में फिरोज निवासी सुभाष नगर, थाना नौगढ़ द्वारा गांव में घूम-घूमकर मुनादी भी कराई गई। पुलिस के मुताबिक पूरी कार्रवाई की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी मोबाइल के माध्यम से कराई गई है।
कार्रवाई का मुख्य बिंदु
घर पर मिला ताला → न्यायालय का आदेश चस्पा → सार्वजनिक स्थान पर भी प्रति लगाई गई → गांव में मुनादी → कार्रवाई की फोटो-वीडियोग्राफी
सारांश
न्यायालय के आदेश की तामिला के क्रम में थाना सिद्धार्थनगर पुलिस ने ग्राम पिपरी बुजुर्ग में कार्रवाई की। पुलिस के अनुसार संबंधित घर बंद मिलने पर आदेश की प्रति घर के दरवाजे पर तथा सार्वजनिक स्थान पर चस्पा की गई और मुनादी भी कराई गई।
कानूनी सावधानी: यह खबर पुलिस द्वारा जारी प्रेस नोट में उपलब्ध तथ्यों पर आधारित है। न्यायालय की प्रक्रिया के तहत की गई इस कार्रवाई को संबंधित व्यक्ति के दोष सिद्ध होने के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। मामले में अंतिम निर्णय न्यायालय द्वारा किया जाना है।
संस्कार भारती की बाल गोकुलम एवं कृष्ण रूप सज्जा प्रतियोगिता में दिखी भारतीय संस्कृति की झलक

नन्हे-मुन्नों ने कृष्ण-राधा के मनमोहक रूप में सजकर मोहा मन, संस्कार और आध्यात्म से जोड़ने का दिया संदेश

सिद्धार्थनगर। संस्कार भारती सिद्धार्थनगर इकाई की ओर से आयोजित बाल गोकुलम एवं कृष्ण रूप सज्जा प्रतियोगिता में नगर के विभिन्न मोहल्लों से आए बच्चों ने कृष्ण और राधा के मनमोहक रूप में सज-धजकर उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। नन्हे बच्चों की आकर्षक वेशभूषा, आत्मविश्वास और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा।
भारतीय संस्कृति, संस्कार और आध्यात्मिक मूल्यों से बच्चों को जोड़ने की दिशा में संस्कार भारती सिद्धार्थनगर इकाई का बाल गोकुलम एवं कृष्ण रूप सज्जा कार्यक्रम आकर्षण का केंद्र रहा। अलग-अलग मोहल्लों से पहुंचे बच्चों ने भगवान श्रीकृष्ण और राधा के रूप में सजकर प्रतियोगिता में भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान बच्चों के उत्साह के साथ अभिभावकों में भी खासा उत्साह देखने को मिला।

कार्यक्रम में पीयूष कुमार गुप्ता, आराध्या यादव, लावण्या सोनी, शौर्य राज, वैष्णवी, दिव्यांश, वेदांश, शाश्वत, देवांश, पर्व, आस्विक, वेदांत, अभिनव, राघव मिश्रा, सोना, युवराज, परिधि, अभिषेक, अनुष्का, प्रतिज्ञा, श्रेयांश, निष्ठा, दीपांशु सहित अन्य बच्चों ने कृष्ण एवं राधा के रूप में प्रतिभाग किया।
कार्यक्रम का संचालन धीरज गुप्ता ने किया।
संस्कृति से संस्कार तक
बाल गोकुलम का उद्देश्य केवल बच्चों को धार्मिक पात्रों के रूप में सजाना नहीं, बल्कि उन्हें भारतीय संस्कृति, परंपरा, संस्कार और आध्यात्मिक मूल्यों से परिचित कराना भी रहा। कार्यक्रम में वक्ताओं ने बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण में संस्कारों की भूमिका पर जोर दिया।
मुख्य अतिथि ने बढ़ाया उत्साह
कार्यक्रम में संस्कार भारती के प्रांत उपाध्यक्ष राणा प्रताप सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने बच्चों की प्रतिभागिता और कार्यक्रम के आयोजन की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया।
वरिष्ठ पत्रकार संतोष श्रीवास्तव ने की आयोजन की सराहना
कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार संतोष श्रीवास्तव ने संस्कार भारती की गतिविधियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन बच्चों को संस्कार, आध्यात्म और भारतीय संस्कृति से जोड़ने के साथ ही समाज में सकारात्मक एवं अग्रणी भूमिका निभाने की दिशा में प्रेरित करते हैं।
अध्यक्ष ने संस्कार शिक्षा पर दिया जोर
संस्कार भारती के अध्यक्ष पवन कुमार जायसवाल ने बच्चों की संस्कार शिक्षा पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि माताओं को अपने बच्चों में श्रीकृष्ण के जीवन से जुड़े नीतिवान, गुणवान, धैर्यवान और साहसी व्यक्तित्व के गुण विकसित करने का प्रयास करना चाहिए।
बड़े स्वरूप में आयोजन का संकल्प
कार्यक्रम के सफल आयोजन से उत्साहित संस्कार भारती के महामंत्री गोविंद ओझा ने सभी आगंतुकों और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने भविष्य में बाल गोकुलम कार्यक्रम को और बड़े स्वरूप में आयोजित करने की बात कही।
कोषाध्यक्ष ने बच्चों को दिया संस्कार का संदेश
संस्कार भारती के कोषाध्यक्ष राम शरण ने बच्चों को संस्कारवान और नीतिमान बनने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि संस्कार भारती बच्चों को संस्कार, आध्यात्म और सामाजिक मूल्यों से जोड़ने की दिशा में निरंतर अपना योगदान दे रही है।
समापन पर जताया आभार
कार्यक्रम के अंत में शंभू गुप्ता ने आयोजन में शामिल सभी पदाधिकारियों, अतिथियों, अभिभावकों और बच्चों को बधाई दी तथा कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए सभी का आभार व्यक्त करते हुए समापन की घोषणा की।
आयोजन में ये रहे मौजूद
कार्यक्रम में राणा प्रताप सिंह, संतोष श्रीवास्तव, गोविंद ओझा, आशीष त्रिपाठी, नितेश पांडे, रामशरण, मनोज भगवान, पत्रकार मालती देवी, सरिता पांडे, शुभम श्रीवास्तव, राजकमल जायसवाल, प्रदीप वर्मा, धीरेंद्र वर्मा, पंकज सिद्धार्थ, आशुतोष वर्मा, अभिषेक वर्मा, योगेश यादव, कल्पना त्रिपाठी, प्रतिभा जायसवाल, अनुराधा, रिचा, कमलेश, सनाया सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
सारांश
बाल गोकुलम एवं कृष्ण रूप सज्जा प्रतियोगिता ने बच्चों की प्रतिभा के साथ भारतीय संस्कृति और संस्कारों की खूबसूरत झलक प्रस्तुत की। कृष्ण-राधा के रूप में सजे नन्हे प्रतिभागियों ने कार्यक्रम को आकर्षक बनाया, वहीं वक्ताओं ने बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण में संस्कार, आध्यात्म और नैतिक मूल्यों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
टिप्पणी
बच्चों के बीच भारतीय संस्कृति और संस्कारों को सहज एवं रचनात्मक तरीके से पहुंचाने वाले ऐसे आयोजन केवल प्रतियोगिता तक सीमित नहीं रहते। इनके माध्यम से बच्चों को अपनी सांस्कृतिक विरासत को समझने, मंच पर अपनी प्रतिभा दिखाने और सामाजिक मूल्यों से जुड़ने का अवसर मिलता है। संस्कार भारती का यह आयोजन इसी दिशा में एक सकारात्मक पहल के रूप में सामने आया।
बाढ़ की त्रासदी के बीच नाव पर सवार होकर संगलदीप पहुंचे CDO, गांव का लिया जायजा

राप्ती के उफान ने चारों तरफ से घेरा गांव, फसलें प्रभावित; 300 परिवारों को राशन किट, कटान रोधक कार्य और बांध सड़क निर्माण पर भी मंथन
सिद्धार्थनगर। राप्ती नदी के किनारे बसा विकासखंड जोगिया का संगलदीप गांव एक बार फिर बाढ़ की त्रासदी से जूझ रहा है। लगातार हुई मूसलाधार बारिश के बाद राप्ती नदी का जलस्तर बढ़ा तो पानी ने गांव को चारों तरफ से घेर लिया। खेतों में पानी पहुंचने से किसानों की फसलें प्रभावित हुईं, वहीं ग्रामीणों के सामने आवागमन और रोजमर्रा की जरूरतों को लेकर मुश्किलें बढ़ गईं।

बाढ़ की इस गंभीर स्थिति के बीच प्रशासनिक अमला गांव की स्थिति पर नजर बनाए हुए है। मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह नाव पर सवार होकर संगलदीप पहुंचे और बाढ़ प्रभावित इलाके का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने गांव की भौगोलिक स्थिति, जलभराव, आवागमन और कटान रोधक कार्यों की स्थिति को करीब से देखा।

इस दौरान जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन, सदर विधायक श्यामधनी राही और उपजिलाधिकारी निखिल चक्रवर्ती समेत प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
नाव बनी सहारा, तब गांव तक पहुंचा प्रशासन
संगलदीप की भौगोलिक स्थिति और चारों तरफ पानी होने के कारण मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह नाव पर सवार होकर गांव तक पहुंचे। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बाढ़ के पानी से प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति देखी और ग्रामीणों की समस्याओं को समझने का प्रयास किया।
यह तस्वीर बताती है कि बाढ़ के दौरान ग्रामीणों तक प्रशासन की पहुंच भी कितनी चुनौतीपूर्ण हो जाती है।
300 परिवारों तक पहुंची राहत
बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने के लिए सदर विधायक श्यामधनी राही की देखरेख में संगलदीप के 300 परिवारों को राशन किट का वितरण किया गया।
राहत सामग्री वितरण के दौरान ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं भी सामने रखीं। कुछ ग्रामीणों ने राशन वितरण में परिवारों की संख्या को लेकर आपत्ति जताई।
ग्रामीणों की आपत्ति, विधायक का पक्ष भी सामने
कुछ ग्रामीणों का कहना है कि पिछले वर्ष करीब 600 परिवारों को राशन वितरित किया गया था, जबकि इस बार 300 परिवारों को ही राशन किट दिए जाने की बात सामने आई है। कुछ ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि गांव से बाहर बांध पर मकान बनाकर रहने वाले कुछ परिवारों को इस बार सूची में शामिल नहीं किया गया।
वहीं सदर विधायक श्यामधनी राही ने इस संबंध में अपना पक्ष रखते हुए कहा कि पिछले वर्ष अमरिया का नाम भी सूची में शामिल था, जिसकी वजह से वितरण की संख्या अधिक थी। इस बार अलग व्यवस्था के तहत राशन वितरण किया जा रहा है।

इस तरह राहत वितरण को लेकर ग्रामीणों की आपत्ति और जनप्रतिनिधि की ओर से दिया गया स्पष्टीकरण दोनों सामने आए हैं।

बाढ़ से आगे स्थायी समाधान की जरूरत
संगलदीप की समस्या केवल मौजूदा बाढ़ तक सीमित नहीं है। हर वर्ष बाढ़ और जलभराव के दौरान गांव के लोगों को आवागमन की समस्या का सामना करना पड़ता है। इसी को देखते हुए गांव को सड़क से जोड़ने का मुद्दा भी निरीक्षण के दौरान प्रमुखता से सामने आया।
सदर विधायक श्यामधनी राही ने पूर्व जिलाधिकारी की ओर से भेजे गए प्रस्ताव का उल्लेख करते हुए कहा कि स्वीकृति मिलने के बाद गांव की निकासी और आवागमन के लिए बांध सड़क का निर्माण कराया जाएगा।
स्थायी सड़क बनने से बाढ़ के समय ग्रामीणों को होने वाली आवागमन की परेशानी को काफी हद तक कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
कटान रोधक कार्यों पर भी प्रशासन की नजर
निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह ने गांव में कराए गए कटान रोधक कार्यों की स्थिति का भी जायजा लिया।
उन्होंने बताया कि जिन स्थानों पर कटान रोधक कार्यों में सुधार की आवश्यकता है, वहां आवश्यक सुधार कराया जाएगा। बाढ़ का पानी कम होने के बाद कटान रोधक कार्यों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।
सारांश
संगलदीप में बाढ़ ने एक बार फिर ग्रामीण जीवन की मुश्किलों को सामने ला दिया है। राप्ती के उफान से गांव चारों तरफ से प्रभावित हुआ, खेतों में पानी पहुंचा और ग्रामीणों के आवागमन की चुनौती बढ़ी। ऐसे समय में प्रशासनिक अधिकारियों का नाव से गांव तक पहुंचना और मौके पर स्थिति का जायजा लेना राहत एवं निगरानी व्यवस्था की सक्रियता को दर्शाता है।

300 परिवारों को राशन किट वितरण के साथ अब नजर इस बात पर है कि बाढ़ उतरने के बाद फसल क्षति, कटान रोधक कार्य और गांव को सड़क से जोड़ने के प्रस्ताव पर कितनी तेजी से कार्रवाई होती है।
टिप्पणी | बाढ़ केवल पानी नहीं, व्यवस्था की परीक्षा भी है
संगलदीप की तस्वीर हर साल आने वाली बाढ़ की उस चुनौती को सामने रखती है, जिसमें कुछ समय के लिए पूरा गांव सड़क, खेत और सामान्य आवागमन से कटने लगता है। राहत सामग्री तत्काल जरूरत पूरी कर सकती है, लेकिन स्थायी समाधान के लिए कटान नियंत्रण, सुरक्षित आवागमन और मजबूत सड़क व्यवस्था जरूरी है।

शासन की मंशा के अनुरूप बाढ़ प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने के साथ-साथ उन कारणों पर भी काम करना जरूरी होगा, जिनकी वजह से हर वर्ष ग्रामीणों को इसी त्रासदी का सामना करना पड़ता है।

अब ग्रामीणों की उम्मीद राहत से आगे बढ़कर स्थायी समाधान पर टिकी है।

मौके पर मौजूद रहे
निरीक्षण एवं राहत वितरण के दौरान जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन, सदर विधायक श्यामधनी राही, मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह, उपजिलाधिकारी निखिल चक्रवर्ती, तहसीलदार अरविन्द नाथ पाण्डेय, नायब तहसीलदार अमित सिंह, क्षेत्राधिकारी विश्वजीत सौर्यन, क्षेत्रीय लेखपाल अमित पाण्डेय, धनंजय पाण्डेय, रमेश गुप्ता, सुबोध कांत गुप्ता, विजय यादव, विकास गुप्ता तथा ग्राम प्रधान अमरिया-संगलदीप अम्बिका यादव सहित अन्य संबंधित लोग मौजूद रहे।

साथ ही उसका बाजार थाना पुलिस भी पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद रही।

रिपोर्ट: सद्दाम खान | FT NEWS DIGITAL
बाढ़ की त्रासदी के बीच नाव पर सवार होकर संगलदीप पहुंचे CDO, गांव का लिया जायजा

राप्ती के उफान ने चारों तरफ से घेरा गांव, फसलें प्रभावित; 300 परिवारों को राशन किट, कटान रोधक कार्य और बांध सड़क निर्माण पर भी मंथन
सिद्धार्थनगर। राप्ती नदी के किनारे बसा विकासखंड जोगिया का संगलदीप गांव एक बार फिर बाढ़ की त्रासदी से जूझ रहा है। लगातार हुई मूसलाधार बारिश के बाद राप्ती नदी का जलस्तर बढ़ा तो पानी ने गांव को चारों तरफ से घेर लिया। खेतों में पानी पहुंचने से किसानों की फसलें प्रभावित हुईं, वहीं ग्रामीणों के सामने आवागमन और रोजमर्रा की जरूरतों को लेकर मुश्किलें बढ़ गईं।

बाढ़ की इस गंभीर स्थिति के बीच प्रशासनिक अमला गांव की स्थिति पर नजर बनाए हुए है। मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह नाव पर सवार होकर संगलदीप पहुंचे और बाढ़ प्रभावित इलाके का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने गांव की भौगोलिक स्थिति, जलभराव, आवागमन और कटान रोधक कार्यों की स्थिति को करीब से देखा।

इस दौरान जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन, सदर विधायक श्यामधनी राही और उपजिलाधिकारी निखिल चक्रवर्ती समेत प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
नाव बनी सहारा, तब गांव तक पहुंचा प्रशासन
संगलदीप की भौगोलिक स्थिति और चारों तरफ पानी होने के कारण मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह नाव पर सवार होकर गांव तक पहुंचे। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बाढ़ के पानी से प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति देखी और ग्रामीणों की समस्याओं को समझने का प्रयास किया।
यह तस्वीर बताती है कि बाढ़ के दौरान ग्रामीणों तक प्रशासन की पहुंच भी कितनी चुनौतीपूर्ण हो जाती है।
300 परिवारों तक पहुंची राहत
बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने के लिए सदर विधायक श्यामधनी राही की देखरेख में संगलदीप के 300 परिवारों को राशन किट का वितरण किया गया।
राहत सामग्री वितरण के दौरान ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं भी सामने रखीं। कुछ ग्रामीणों ने राशन वितरण में परिवारों की संख्या को लेकर आपत्ति जताई।
ग्रामीणों की आपत्ति, विधायक का पक्ष भी सामने
कुछ ग्रामीणों का कहना है कि पिछले वर्ष करीब 600 परिवारों को राशन वितरित किया गया था, जबकि इस बार 300 परिवारों को ही राशन किट दिए जाने की बात सामने आई है। कुछ ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि गांव से बाहर बांध पर मकान बनाकर रहने वाले कुछ परिवारों को इस बार सूची में शामिल नहीं किया गया।
वहीं सदर विधायक श्यामधनी राही ने इस संबंध में अपना पक्ष रखते हुए कहा कि पिछले वर्ष अमरिया का नाम भी सूची में शामिल था, जिसकी वजह से वितरण की संख्या अधिक थी। इस बार अलग व्यवस्था के तहत राशन वितरण किया जा रहा है।

इस तरह राहत वितरण को लेकर ग्रामीणों की आपत्ति और जनप्रतिनिधि की ओर से दिया गया स्पष्टीकरण दोनों सामने आए हैं।

बाढ़ से आगे स्थायी समाधान की जरूरत
संगलदीप की समस्या केवल मौजूदा बाढ़ तक सीमित नहीं है। हर वर्ष बाढ़ और जलभराव के दौरान गांव के लोगों को आवागमन की समस्या का सामना करना पड़ता है। इसी को देखते हुए गांव को सड़क से जोड़ने का मुद्दा भी निरीक्षण के दौरान प्रमुखता से सामने आया।
सदर विधायक श्यामधनी राही ने पूर्व जिलाधिकारी की ओर से भेजे गए प्रस्ताव का उल्लेख करते हुए कहा कि स्वीकृति मिलने के बाद गांव की निकासी और आवागमन के लिए बांध सड़क का निर्माण कराया जाएगा।
स्थायी सड़क बनने से बाढ़ के समय ग्रामीणों को होने वाली आवागमन की परेशानी को काफी हद तक कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
कटान रोधक कार्यों पर भी प्रशासन की नजर
निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह ने गांव में कराए गए कटान रोधक कार्यों की स्थिति का भी जायजा लिया।
उन्होंने बताया कि जिन स्थानों पर कटान रोधक कार्यों में सुधार की आवश्यकता है, वहां आवश्यक सुधार कराया जाएगा। बाढ़ का पानी कम होने के बाद कटान रोधक कार्यों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।
सारांश
संगलदीप में बाढ़ ने एक बार फिर ग्रामीण जीवन की मुश्किलों को सामने ला दिया है। राप्ती के उफान से गांव चारों तरफ से प्रभावित हुआ, खेतों में पानी पहुंचा और ग्रामीणों के आवागमन की चुनौती बढ़ी। ऐसे समय में प्रशासनिक अधिकारियों का नाव से गांव तक पहुंचना और मौके पर स्थिति का जायजा लेना राहत एवं निगरानी व्यवस्था की सक्रियता को दर्शाता है।

300 परिवारों को राशन किट वितरण के साथ अब नजर इस बात पर है कि बाढ़ उतरने के बाद फसल क्षति, कटान रोधक कार्य और गांव को सड़क से जोड़ने के प्रस्ताव पर कितनी तेजी से कार्रवाई होती है।
टिप्पणी | बाढ़ केवल पानी नहीं, व्यवस्था की परीक्षा भी है
संगलदीप की तस्वीर हर साल आने वाली बाढ़ की उस चुनौती को सामने रखती है, जिसमें कुछ समय के लिए पूरा गांव सड़क, खेत और सामान्य आवागमन से कटने लगता है। राहत सामग्री तत्काल जरूरत पूरी कर सकती है, लेकिन स्थायी समाधान के लिए कटान नियंत्रण, सुरक्षित आवागमन और मजबूत सड़क व्यवस्था जरूरी है।

शासन की मंशा के अनुरूप बाढ़ प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने के साथ-साथ उन कारणों पर भी काम करना जरूरी होगा, जिनकी वजह से हर वर्ष ग्रामीणों को इसी त्रासदी का सामना करना पड़ता है।

अब ग्रामीणों की उम्मीद राहत से आगे बढ़कर स्थायी समाधान पर टिकी है।

मौके पर मौजूद रहे
निरीक्षण एवं राहत वितरण के दौरान जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन, सदर विधायक श्यामधनी राही, मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह, उपजिलाधिकारी निखिल चक्रवर्ती, तहसीलदार अरविन्द नाथ पाण्डेय, नायब तहसीलदार अमित सिंह, क्षेत्राधिकारी विश्वजीत सौर्यन, क्षेत्रीय लेखपाल अमित पाण्डेय, धनंजय पाण्डेय, रमेश गुप्ता, सुबोध कांत गुप्ता, विजय यादव, विकास गुप्ता तथा ग्राम प्रधान अमरिया-संगलदीप अम्बिका यादव सहित अन्य संबंधित लोग मौजूद रहे।

साथ ही उसका बाजार थाना पुलिस भी पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद रही।

रिपोर्ट: सद्दाम खान | FT NEWS DIGITAL
गांधी-शास्त्री जयंती पर कलेक्ट्रेट गांधी-शास्त्री जयंती पर कलेक्ट्रेट में श्रद्धा, स्वच्छता और कर्तव्य का संदेशमें श्रद्धा, स्वच्छता और कर्तव्य का संदेश

जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने किया ध्वजारोहण, महापुरुषों के चित्र पर अर्पित किए पुष्प; अधिकारियों-कर्मचारियों ने राष्ट्रगान के साथ लिया उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प
सिद्धार्थनगर, 02 अक्टूबर 2026। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर सिद्धार्थनगर कलेक्ट्रेट परिसर में श्रद्धा, राष्ट्रभक्ति और सामाजिक जिम्मेदारी से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए गए। कलेक्ट्रेट भवन पर जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने प्रातः 9 बजे ध्वजारोहण किया। इसके बाद अधिकारियों और कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से राष्ट्रगान का गायन किया।
ध्वजारोहण के बाद कलेक्ट्रेट सभागार में महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के चित्र पर जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन, अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) गौरव श्रीवास्तव, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) डॉ. ज्ञानप्रकाश सहित अधिकारियों-कर्मचारियों ने माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने देशभक्ति से जुड़े गीत प्रस्तुत किए।

दो महापुरुष, दो प्रेरणाएं
कार्यक्रम में वक्ताओं ने महात्मा गांधी के सत्य और अहिंसा के विचारों तथा लाल बहादुर शास्त्री के सादगी, अनुशासन और राष्ट्रसेवा से जुड़े जीवन को याद किया। अधिकारियों ने कहा कि नई पीढ़ी को इन महापुरुषों के जीवन और विचारों से परिचित कराना समाज की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
स्वच्छता को लेकर जिलाधिकारी का संदेश
जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने अपने संबोधन में स्वच्छता को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने पर जोर दिया। उन्होंने लोगों से अपने आसपास साफ-सफाई रखने तथा आने वाली पीढ़ी को महापुरुषों के सिद्धांतों और उनके जीवन मूल्यों के बारे में बताने की अपील की।

उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी ने सत्य और अहिंसा के माध्यम से देश को दिशा दी, जबकि लाल बहादुर शास्त्री सादगी और कर्तव्यनिष्ठा के लिए याद किए जाते हैं। उन्होंने दोनों महापुरुषों के बताए मार्ग से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।
कार्यक्रम की खास बातें
कलेक्ट्रेट भवन पर प्रातः 9 बजे ध्वजारोहण
अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने किया सामूहिक राष्ट्रगान
गांधी और शास्त्री के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि
विद्यार्थियों ने प्रस्तुत किए देशभक्ति गीत
वक्ताओं ने सत्य, अहिंसा, सादगी, अनुशासन और स्वच्छता पर दिया संदेश
नई पीढ़ी को महापुरुषों के विचारों से जोड़ने पर जोर
विचारों को व्यवहार में उतारने पर जोर
कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) गौरव श्रीवास्तव ने गांधी जयंती और शास्त्री जयंती की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि महात्मा गांधी ने अहिंसा के माध्यम से जनआंदोलन को नई दिशा दी। उन्होंने गांधी जी के विचारों को ईमानदारी और अनुशासन से जोड़ते हुए उनके जीवन से सीख लेने की बात कही।

अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) डॉ. ज्ञानप्रकाश ने लाल बहादुर शास्त्री की सादगी और गांधी जी के सत्य एवं अहिंसा के विचारों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दोनों महापुरुषों का जीवन आज भी प्रेरणा देने वाला है।

कार्यक्रम में अधिवक्ता सत्यदेव सिंह सहित अन्य लोगों ने भी महात्मा गांधी के आदर्शों और देश के स्वतंत्रता आंदोलन में उनके योगदान पर अपने विचार रखे।
सारांश
गांधी-शास्त्री जयंती पर सिद्धार्थनगर कलेक्ट्रेट में आयोजित कार्यक्रम केवल श्रद्धांजलि तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सत्य, अहिंसा, सादगी, अनुशासन और स्वच्छता जैसे जीवन मूल्यों को व्यवहार में अपनाने का संदेश भी दिया गया। कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारियों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों की सहभागिता रही।

टिप्पणी
महापुरुषों को याद करना तभी सार्थक है, जब उनके विचार हमारे व्यवहार का हिस्सा बनें। गांधी जी का सत्य और अहिंसा का संदेश हो या लाल बहादुर शास्त्री की सादगी और कर्तव्यनिष्ठा—इन मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना आज भी महत्वपूर्ण है। कलेक्ट्रेट में आयोजित कार्यक्रम ने इसी सामाजिक और राष्ट्रीय जिम्मेदारी की ओर ध्यान आकर्षित किया।

FT NEWS DIGITAL | छोटी हेडिंग
गांधी-शास्त्री जयंती पर कलेक्ट्रेट गांधी-शास्त्री जयंती पर कलेक्ट्रेट में श्रद्धा, स्वच्छता और कर्तव्य का संदेशमें श्रद्धा, स्वच्छता और कर्तव्य का संदेश

जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने किया ध्वजारोहण, महापुरुषों के चित्र पर अर्पित किए पुष्प; अधिकारियों-कर्मचारियों ने राष्ट्रगान के साथ लिया उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प
सिद्धार्थनगर, 02 अक्टूबर 2026। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर सिद्धार्थनगर कलेक्ट्रेट परिसर में श्रद्धा, राष्ट्रभक्ति और सामाजिक जिम्मेदारी से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए गए। कलेक्ट्रेट भवन पर जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने प्रातः 9 बजे ध्वजारोहण किया। इसके बाद अधिकारियों और कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से राष्ट्रगान का गायन किया।
ध्वजारोहण के बाद कलेक्ट्रेट सभागार में महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के चित्र पर जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन, अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) गौरव श्रीवास्तव, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) डॉ. ज्ञानप्रकाश सहित अधिकारियों-कर्मचारियों ने माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने देशभक्ति से जुड़े गीत प्रस्तुत किए।

दो महापुरुष, दो प्रेरणाएं
कार्यक्रम में वक्ताओं ने महात्मा गांधी के सत्य और अहिंसा के विचारों तथा लाल बहादुर शास्त्री के सादगी, अनुशासन और राष्ट्रसेवा से जुड़े जीवन को याद किया। अधिकारियों ने कहा कि नई पीढ़ी को इन महापुरुषों के जीवन और विचारों से परिचित कराना समाज की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
स्वच्छता को लेकर जिलाधिकारी का संदेश
जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने अपने संबोधन में स्वच्छता को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने पर जोर दिया। उन्होंने लोगों से अपने आसपास साफ-सफाई रखने तथा आने वाली पीढ़ी को महापुरुषों के सिद्धांतों और उनके जीवन मूल्यों के बारे में बताने की अपील की।

उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी ने सत्य और अहिंसा के माध्यम से देश को दिशा दी, जबकि लाल बहादुर शास्त्री सादगी और कर्तव्यनिष्ठा के लिए याद किए जाते हैं। उन्होंने दोनों महापुरुषों के बताए मार्ग से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।
कार्यक्रम की खास बातें
कलेक्ट्रेट भवन पर प्रातः 9 बजे ध्वजारोहण
अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने किया सामूहिक राष्ट्रगान
गांधी और शास्त्री के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि
विद्यार्थियों ने प्रस्तुत किए देशभक्ति गीत
वक्ताओं ने सत्य, अहिंसा, सादगी, अनुशासन और स्वच्छता पर दिया संदेश
नई पीढ़ी को महापुरुषों के विचारों से जोड़ने पर जोर
विचारों को व्यवहार में उतारने पर जोर
कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) गौरव श्रीवास्तव ने गांधी जयंती और शास्त्री जयंती की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि महात्मा गांधी ने अहिंसा के माध्यम से जनआंदोलन को नई दिशा दी। उन्होंने गांधी जी के विचारों को ईमानदारी और अनुशासन से जोड़ते हुए उनके जीवन से सीख लेने की बात कही।

अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) डॉ. ज्ञानप्रकाश ने लाल बहादुर शास्त्री की सादगी और गांधी जी के सत्य एवं अहिंसा के विचारों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दोनों महापुरुषों का जीवन आज भी प्रेरणा देने वाला है।

कार्यक्रम में अधिवक्ता सत्यदेव सिंह सहित अन्य लोगों ने भी महात्मा गांधी के आदर्शों और देश के स्वतंत्रता आंदोलन में उनके योगदान पर अपने विचार रखे।
सारांश
गांधी-शास्त्री जयंती पर सिद्धार्थनगर कलेक्ट्रेट में आयोजित कार्यक्रम केवल श्रद्धांजलि तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सत्य, अहिंसा, सादगी, अनुशासन और स्वच्छता जैसे जीवन मूल्यों को व्यवहार में अपनाने का संदेश भी दिया गया। कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारियों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों की सहभागिता रही।

टिप्पणी
महापुरुषों को याद करना तभी सार्थक है, जब उनके विचार हमारे व्यवहार का हिस्सा बनें। गांधी जी का सत्य और अहिंसा का संदेश हो या लाल बहादुर शास्त्री की सादगी और कर्तव्यनिष्ठा—इन मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना आज भी महत्वपूर्ण है। कलेक्ट्रेट में आयोजित कार्यक्रम ने इसी सामाजिक और राष्ट्रीय जिम्मेदारी की ओर ध्यान आकर्षित किया।

FT NEWS DIGITAL | छोटी हेडिंग
समय पर पहुंची पुलिस, बची एक जिंदगी
सिद्धार्थनगर में पीआरवी टीम की तत्परता से टली अनहोनी, कमरे से व्यक्ति को सुरक्षित निकालकर दी तत्काल सहायता
सिद्धार्थनगर। आपात स्थिति में पुलिस की त्वरित पहुंच किसी के लिए जीवन और मौत के बीच का अंतर बन सकती है। सिद्धार्थनगर में सामने आए एक ऐसे ही मामले में पीआरवी टीम ने सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और कमरे में बंद एक व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकालने में मदद की। पुलिस के अनुसार, व्यक्ति की हालत को देखते हुए टीम ने तत्काल प्राथमिक सहायता उपलब्ध कराई, जिसके बाद उसकी स्थिति सुरक्षित बताई गई।
कभी-कभी किसी घटना में पुलिस की कार्रवाई का महत्व केवल कार्रवाई तक सीमित नहीं रहता, बल्कि समय पर उठाया गया एक कदम किसी की जिंदगी बचाने में अहम भूमिका निभा सकता है। सिद्धार्थनगर में पीआरवी टीम की त्वरित कार्रवाई का ऐसा ही मामला सामने आया है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और गंभीर परिस्थिति को देखते हुए तत्काल हस्तक्षेप किया।
सूचना मिलते ही दौड़ी पीआरवी
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार पीआरवी नंबर 9948 को इवेंट नंबर 05309 के तहत सूचना प्राप्त हुई। सूचना मिलने के बाद कॉलर द्वारा बताए गए स्थान पर पीआरवी टीम तत्काल पहुंची।
कमरे में बंद था व्यक्ति
पुलिस के अनुसार मौके पर एक व्यक्ति अपने कमरे में बंद मिला। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम ने तत्काल कमरे तक पहुंचकर उसे सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद टीम द्वारा तत्काल सीपीआर एवं प्राथमिक सहायता उपलब्ध कराई गई।
सराहनीय पहल
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे महत्वपूर्ण बात पुलिस टीम की समय पर मौके पर पहुंचना और तत्काल प्रतिक्रिया देना रही। आपात परिस्थितियों में शुरुआती कुछ समय बेहद महत्वपूर्ण होता है। पीआरवी टीम द्वारा बिना अनावश्यक देरी के स्थिति को संभालना निश्चित रूप से सराहनीय है।
मामले की जानकारी थाना सिद्धार्थनगर के प्रभारी अधिकारी को दी गई। पुलिस के अनुसार हेड कांस्टेबल संजय चौरसिया मय फोर्स मौके पर मौजूद रहे और आगे की आवश्यक कार्रवाई के लिए मामले को थाना पुलिस को सौंपा गया।
मौके पर कांस्टेबल फैज आलम और हेड कांस्टेबल ऋषिराज पाठक की मौजूदगी भी बताई गई है।
सारांश
एक सूचना, तत्काल पुलिस की पहुंच और समय पर की गई मदद—सिद्धार्थनगर में पीआरवी टीम की तत्परता से एक व्यक्ति को सुरक्षित बचाने में मदद मिली। यह मामला बताता है कि आपात स्थिति में समय पर सूचना देना और प्रशिक्षित सहायता का पहुंचना कितना महत्वपूर्ण हो सकता है।
टिप्पणी
पुलिस की हर कार्रवाई गिरफ्तारी या कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं होती। कई बार पुलिस की सबसे बड़ी जिम्मेदारी किसी संकट में फंसे व्यक्ति तक समय पर पहुंचकर उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करना होती है। सिद्धार्थनगर की इस घटना में पीआरवी टीम की तत्परता और तत्काल सहायता को इसी दृष्टि से देखा जा सकता है।
FT NEWS DIGITAL की ओर से आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया देने वाली पुलिस टीम के प्रयास की सराहना।
समय पर पहुंची पुलिस, बची एक जिंदगी
सिद्धार्थनगर में पीआरवी टीम की तत्परता से टली अनहोनी, कमरे से व्यक्ति को सुरक्षित निकालकर दी तत्काल सहायता
सिद्धार्थनगर। आपात स्थिति में पुलिस की त्वरित पहुंच किसी के लिए जीवन और मौत के बीच का अंतर बन सकती है। सिद्धार्थनगर में सामने आए एक ऐसे ही मामले में पीआरवी टीम ने सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और कमरे में बंद एक व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकालने में मदद की। पुलिस के अनुसार, व्यक्ति की हालत को देखते हुए टीम ने तत्काल प्राथमिक सहायता उपलब्ध कराई, जिसके बाद उसकी स्थिति सुरक्षित बताई गई।
कभी-कभी किसी घटना में पुलिस की कार्रवाई का महत्व केवल कार्रवाई तक सीमित नहीं रहता, बल्कि समय पर उठाया गया एक कदम किसी की जिंदगी बचाने में अहम भूमिका निभा सकता है। सिद्धार्थनगर में पीआरवी टीम की त्वरित कार्रवाई का ऐसा ही मामला सामने आया है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और गंभीर परिस्थिति को देखते हुए तत्काल हस्तक्षेप किया।
सूचना मिलते ही दौड़ी पीआरवी
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार पीआरवी नंबर 9948 को इवेंट नंबर 05309 के तहत सूचना प्राप्त हुई। सूचना मिलने के बाद कॉलर द्वारा बताए गए स्थान पर पीआरवी टीम तत्काल पहुंची।
कमरे में बंद था व्यक्ति
पुलिस के अनुसार मौके पर एक व्यक्ति अपने कमरे में बंद मिला। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम ने तत्काल कमरे तक पहुंचकर उसे सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद टीम द्वारा तत्काल सीपीआर एवं प्राथमिक सहायता उपलब्ध कराई गई।
सराहनीय पहल
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे महत्वपूर्ण बात पुलिस टीम की समय पर मौके पर पहुंचना और तत्काल प्रतिक्रिया देना रही। आपात परिस्थितियों में शुरुआती कुछ समय बेहद महत्वपूर्ण होता है। पीआरवी टीम द्वारा बिना अनावश्यक देरी के स्थिति को संभालना निश्चित रूप से सराहनीय है।
मामले की जानकारी थाना सिद्धार्थनगर के प्रभारी अधिकारी को दी गई। पुलिस के अनुसार हेड कांस्टेबल संजय चौरसिया मय फोर्स मौके पर मौजूद रहे और आगे की आवश्यक कार्रवाई के लिए मामले को थाना पुलिस को सौंपा गया।
मौके पर कांस्टेबल फैज आलम और हेड कांस्टेबल ऋषिराज पाठक की मौजूदगी भी बताई गई है।
सारांश
एक सूचना, तत्काल पुलिस की पहुंच और समय पर की गई मदद—सिद्धार्थनगर में पीआरवी टीम की तत्परता से एक व्यक्ति को सुरक्षित बचाने में मदद मिली। यह मामला बताता है कि आपात स्थिति में समय पर सूचना देना और प्रशिक्षित सहायता का पहुंचना कितना महत्वपूर्ण हो सकता है।
टिप्पणी
पुलिस की हर कार्रवाई गिरफ्तारी या कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं होती। कई बार पुलिस की सबसे बड़ी जिम्मेदारी किसी संकट में फंसे व्यक्ति तक समय पर पहुंचकर उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करना होती है। सिद्धार्थनगर की इस घटना में पीआरवी टीम की तत्परता और तत्काल सहायता को इसी दृष्टि से देखा जा सकता है।
FT NEWS DIGITAL की ओर से आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया देने वाली पुलिस टीम के प्रयास की सराहना।
सिद्धार्थनगर में बाढ़ प्रभावित गांवों का डीएम ने किया निरीक्षण, फसल क्षति के सर्वे और राहत वितरण के निर्देश
संगलदीप और बैरवानानकार में ग्रामीणों से जाना हाल, बंधों की निगरानी बढ़ाने के साथ मेडिकल टीमों को सक्रिय रहने के निर्देश

सिद्धार्थनगर, 01 अक्टूबर 2026। जनपद में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने तहसील नौगढ़ के अंतर्गत संगलदीप और बैरवानानकार गांवों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत कर बाढ़ और बारिश से उत्पन्न स्थिति की जानकारी ली। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को बंधों पर लगातार निगरानी रखने, प्रभावित लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाने, क्षतिग्रस्त फसलों का सर्वे कराने और जरूरतमंदों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
मुख्य खबर | बाढ़ प्रभावितों को राहत पहुंचाने पर जोर
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि बाढ़ प्रभावित गांवों में लोगों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। राहत एवं बचाव कार्यों में किसी तरह की लापरवाही न बरती जाए और जरूरतमंद परिवारों तक समय से सहायता पहुंचाई जाए।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रभावित लोगों के बीच लंच पैकेट और राहत किट का वितरण सुनिश्चित कराया जाए। साथ ही गांवों में बुजुर्गों, महिलाओं, पुरुषों और बीमार व्यक्तियों को चिह्नित कर उनकी जरूरतों के अनुसार सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाए।
फसल नुकसान का सर्वे, मुआवजे की प्रक्रिया पर निर्देश
बाढ़ और बारिश से किसानों की फसलों को हुए संभावित नुकसान को देखते हुए जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी नौगढ़ निखिल चक्रवर्ती को क्षतिग्रस्त फसलों का सर्वे कराने और पात्र प्रभावित किसानों को नियमानुसार मुआवजा दिलाने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

इस पहल का उद्देश्य प्रभावित किसानों के नुकसान का आकलन कर उन्हें निर्धारित प्रक्रिया के तहत राहत उपलब्ध कराना है। सर्वेक्षण के बाद ही फसल क्षति की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेग
बंधों की निगरानी में लापरवाही न हो
बाढ़ के दृष्टिगत जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को बंधों पर सतत निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए। बाढ़ की स्थिति में तटबंधों की निगरानी और समय रहते आवश्यक कार्रवाई करना महत्वपूर्ण है, ताकि संभावित खतरे को देखते हुए प्रशासन उचित कदम उठा सके।
गांवों में पहुंचेगी मेडिकल टीम
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी ने मेडिकल टीमों को गांवों में जाकर लोगों की जांच करने और जरूरत के अनुसार आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

विशेष रूप से बुजुर्गों, बीमार व्यक्तियों और अन्य जरूरतमंद लोगों को चिह्नित कर उनकी स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों पर ध्यान देने को कहा गया। इसका उद्देश्य प्रभावित परिवारों को गांव में ही आवश्यक प्राथमिक चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना है।
ग्रामीणों को प्रशासन की ओर से मदद का भरोसा
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और उन्हें आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन बाढ़ प्रभावित लोगों के साथ है। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों को हरसंभव मदद उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
प्रशासन की ओर से राहत सामग्री वितरण, फसल क्षति के सर्वे, बंधों की निगरानी और स्वास्थ्य सुविधाओं को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं। अब इन निर्देशों के धरातल पर प्रभावी क्रियान्वयन से प्रभावित ग्रामीणों को राहत मिलने की उम्मीद है।
राहत कार्यों पर रहेगी नजर
बाढ़ प्रभावित गांवों में राहत और स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता के साथ-साथ फसल क्षति के सर्वे की प्रक्रिया भी महत्वपूर्ण रहेगी। ग्रामीणों को समय पर राहत सामग्री मिलना, बीमार लोगों को दवाएं उपलब्ध होना और प्रभावित किसानों के नुकसान का आकलन होना प्रशासनिक व्यवस्था की अहम जिम्मेदारियां हैं।
ऐसे में संबंधित विभागों की कार्यवाही और प्रभावित परिवारों तक सहायता पहुंचने की स्थिति पर आगे भी नजर बनी रहेगी।
सारांश
स्थान: संगलदीप और बैरवानानकार, तहसील नौगढ़, सिद्धार्थनगर।
निरीक्षण: जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन।
प्रमुख निर्देश: बंधों की लगातार निगरानी, राहत किट एवं लंच पैकेट वितरण, फसल क्षति का सर्वे और मुआवजे की प्रक्रिया।
स्वास्थ्य सुविधा: गांवों में मेडिकल टीमों द्वारा जांच और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता।
विशेष ध्यान: बुजुर्गों, महिलाओं और बीमार व्यक्तियों की पहचान कर सहायता उपलब्ध कराना।
संपादकीय टिप्पणी | संकट के समय राहत सबसे जरूरी
बाढ़ जैसी परिस्थितियों में प्रशासनिक सक्रियता का वास्तविक महत्व तभी सामने आता है, जब राहत और सहायता जरूरतमंद लोगों तक समय पर पहुंचे। प्रभावित ग्रामीणों को सुरक्षित रखना, किसानों के नुकसान का उचित आकलन करना, स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना और बंधों की निगरानी सुनिश्चित करना जरूरी है। अब चुनौती यह है कि निरीक्षण के दौरान दिए गए निर्देशों का समयबद्ध पालन हो और जरूरतमंद परिवारों को सरकारी सहायता निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार मिल सके।
FT NEWS DIGITAL | सिद्धार्थनगर
रक्तदान महाअभियान में उमड़ा सेवाभाव, 125 रक्तदाताओं ने पेश की इंसानियत की मिसाल; रक्तवीरों का हुआ सम्मान

सिद्धार्थनगर मेडिकल कॉलेज में श्री राम निवास फाउंडेशन ट्रस्ट और निफा की संयुक्त पहल, हिमांशु द्विवेदी समेत रक्तदान के क्षेत्र में योगदान देने वाले लोगों को किया गया सम्मानित

सिद्धार्थनगर। किसी जरूरतमंद को समय पर रक्त मिल जाए, तो उसके परिवार के लिए इससे बड़ी राहत कुछ नहीं हो सकती। इसी मानवीय भावना को आगे बढ़ाते हुए सिद्धार्थनगर में रक्तदान महाअभियान का आयोजन किया गया। माधव प्रसाद त्रिपाठी चिकित्सा महाविद्यालय के मल्टीपरपज हॉल में आयोजित इस कार्यक्रम में करीब 125 लोगों ने रक्तदान किया। कार्यक्रम में रक्तदान करने वालों के साथ उन समाजसेवियों, चिकित्सकों, ब्लड बैंक कर्मियों और रक्तदाता समूहों से जुड़े लोगों को भी सम्मानित किया गया, जो जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त की व्यवस्था कराने और लोगों को रक्तदान के लिए प्रेरित करने में योगदान दे रहे हैं।

श्री राम निवास फाउंडेशन ट्रस्ट और निफा सिद्धार्थनगर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस महाअभियान ने रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने और सामाजिक भागीदारी का संदेश दिया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, चिकित्सकों और समाजसेवियों की मौजूदगी रही।

लीड | रक्तदान के साथ रक्तवीरों का सम्मान, सेवा करने वालों को मिला मंच
इस आयोजन की खास बात यह रही कि यहां केवल रक्तदान ही नहीं हुआ, बल्कि रक्तदान के क्षेत्र में लगातार काम करने वाले लोगों के योगदान को भी पहचान मिली। आयोजकों के अनुसार, रक्तदाताओं को प्रमाणपत्र और ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया। इसके साथ ही करीब 50 रक्तदाता एडमिनों सहित कई समाजसेवियों, चिकित्सकों और ब्लड बैंक कर्मियों को भी सम्मान दिया गया।
कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि रक्तदान के लिए लोगों को प्रेरित करना, जरूरत के समय रक्त की व्यवस्था में सहयोग करना और स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति जागरूकता फैलाना भी समाजसेवा का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
मेडिकल कॉलेज के मल्टीपरपज हॉल में जुटे जनप्रतिनिधि और समाजसेवी
राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में सदर विधायक श्यामधनी राही, सांसद प्रतिनिधि एस.पी. अग्रवाल, समाजसेवी सत्य प्रकाश राही, मुख्य चिकित्सा अधिकारी सिद्धार्थनगर और मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. राजेश मोहन श्रीवास्तव सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

ब्लड बैंक प्रभारी अशोक मिश्र के नेतृत्व में चिकित्सकों और ब्लड बैंक कर्मियों ने रक्तदान की प्रक्रिया संपन्न कराई। आयोजन के दौरान रक्तदान करने वाले लोगों का उत्साहवर्धन किया गया और उन्हें सम्मानित किया गया।

हिमांशु द्विवेदी के प्रयासों की हुई सराहना
कार्यक्रम के प्रमुख आयोजक और निफा सिद्धार्थनगर के अध्यक्ष हिमांशु द्विवेदी को रक्तदान के क्षेत्र में उनके सामाजिक योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
आयोजकों से मिली जानकारी के मुताबिक, वर्ष 2025 में उनके प्रयासों से 95 यूनिट रक्तदान कराया गया था। सिद्धार्थनगर के अलावा लखनऊ, वाराणसी और बस्ती सहित अन्य जिलों में भी जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त की व्यवस्था कराने में उनके प्रयासों का उल्लेख किया गया।
रक्तदान के क्षेत्र में लगातार लोगों को जोड़ने और जरूरतमंदों तक सहायता पहुंचाने की पहल को कार्यक्रम में सराहा गया। ऐसे प्रयास रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने और समाज में सहयोग की भावना मजबूत करने में मददगार हो सकते हैं।
रक्तदान के क्षेत्र में योगदान देने वालों का सम्मान
कार्यक्रम में निफा सिद्धार्थनगर से जुड़े और रक्तदान के क्षेत्र में योगदान देने वाले लोगों में देवेंद्र त्रिपाठी, बृजराज ओझा, जितेंद्र पाण्डेय, महेश मिश्र, आशुतोष तिवारी, देवकी नंदन उपाध्याय, उत्कर्ष श्रीवास्तव, राम शंकर पाण्डेय, सुधाकर मिश्र, योगेंद्र पाण्डेय, सलोनी शर्मा और कोमल मिश्रा सहित कई रक्तवीर मौजूद रहे।

आयोजकों के अनुसार, कार्यक्रम में रक्तदाता समूहों से जुड़े करीब 50 एडमिनों के साथ समाजसेवियों, चिकित्सकों और ब्लड बैंक कर्मियों को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन बाल कृष्ण मिश्र और विवेक कुमार द्विवेदी ने किया।
जरूरतमंदों के लिए रक्त की उपलब्धता, समाज की साझा जिम्मेदारी

रक्तदान की जरूरत केवल किसी एक अस्पताल या जिले तक सीमित नहीं रहती। दुर्घटनाओं, गंभीर बीमारियों, ऑपरेशन और प्रसव संबंधी जटिलताओं के दौरान मरीजों को रक्त की आवश्यकता पड़ सकती है। ऐसे समय में स्वैच्छिक रक्तदाता और रक्तदाता समूह मरीजों तथा उनके परिजनों के लिए महत्वपूर्ण सहारा बन सकते हैं।

इस दिशा में रक्तदान शिविरों के आयोजन के साथ नियमित रक्तदान के प्रति जागरूकता फैलाना भी जरूरी है। रक्तदान करने से पहले चिकित्सकीय जांच और पात्रता का निर्धारण आवश्यक होता है। सुरक्षित प्रक्रिया के तहत किया गया स्वैच्छिक रक्तदान जरूरतमंद मरीजों के उपचार में मदद कर सकता है।
सारांश | एक आयोजन, कई संदेश

सिद्धार्थनगर में आयोजित रक्तदान महाअभियान में करीब 125 लोगों ने रक्तदान किया। श्री राम निवास फाउंडेशन ट्रस्ट और निफा सिद्धार्थनगर की इस संयुक्त पहल में रक्तवीरों, समाजसेवियों, चिकित्सकों, ब्लड बैंक कर्मियों और रक्तदाता एडमिनों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में हिमांशु द्विवेदी के योगदान की भी सराहना हुई। आयोजन ने रक्तदान के प्रति जागरूकता और जरूरतमंदों की मदद के लिए सामूहिक प्रयास का संदेश दिया।

टिप्पणी | सम्मान तभी सार्थक, जब रक्तदान की मुहिम लगातार आगे बढ़े
रक्तदान के क्षेत्र में काम करने वालों का सम्मान समाज को प्रेरित करने का एक माध्यम है। लेकिन इस मुहिम की असली ताकत तब बढ़ेगी, जब रक्तदान किसी एक आयोजन तक सीमित न रहकर नियमित सामाजिक अभियान बने। जरूरतमंद मरीजों को समय पर सुरक्षित रक्त उपलब्ध कराने के लिए जागरूक नागरिकों, रक्तदाता समूहों, चिकित्सकों और स्वास्थ्य संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है।

सिद्धार्थनगर में आयोजित यह महाअभियान इसी दिशा में एक पहल है। यदि इस तरह के प्रयास निरंतर जारी रहते हैं, तो स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने और जरूरत के समय मरीजों की सहायता करने में मदद मिल सकती है।
FT NEWS DIGITAL | सिद्धार्थनगर, उत्तर प्रदेश
रक्तदान महाअभियान में उमड़ा सेवाभाव, 125 रक्तदाताओं ने पेश की इंसानियत की मिसाल; रक्तवीरों का हुआ सम्मान

सिद्धार्थनगर मेडिकल कॉलेज में श्री राम निवास फाउंडेशन ट्रस्ट और निफा की संयुक्त पहल, हिमांशु द्विवेदी समेत रक्तदान के क्षेत्र में योगदान देने वाले लोगों को किया गया सम्मानित

सिद्धार्थनगर। किसी जरूरतमंद को समय पर रक्त मिल जाए, तो उसके परिवार के लिए इससे बड़ी राहत कुछ नहीं हो सकती। इसी मानवीय भावना को आगे बढ़ाते हुए सिद्धार्थनगर में रक्तदान महाअभियान का आयोजन किया गया। माधव प्रसाद त्रिपाठी चिकित्सा महाविद्यालय के मल्टीपरपज हॉल में आयोजित इस कार्यक्रम में करीब 125 लोगों ने रक्तदान किया। कार्यक्रम में रक्तदान करने वालों के साथ उन समाजसेवियों, चिकित्सकों, ब्लड बैंक कर्मियों और रक्तदाता समूहों से जुड़े लोगों को भी सम्मानित किया गया, जो जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त की व्यवस्था कराने और लोगों को रक्तदान के लिए प्रेरित करने में योगदान दे रहे हैं।

श्री राम निवास फाउंडेशन ट्रस्ट और निफा सिद्धार्थनगर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस महाअभियान ने रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने और सामाजिक भागीदारी का संदेश दिया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, चिकित्सकों और समाजसेवियों की मौजूदगी रही।

लीड | रक्तदान के साथ रक्तवीरों का सम्मान, सेवा करने वालों को मिला मंच
इस आयोजन की खास बात यह रही कि यहां केवल रक्तदान ही नहीं हुआ, बल्कि रक्तदान के क्षेत्र में लगातार काम करने वाले लोगों के योगदान को भी पहचान मिली। आयोजकों के अनुसार, रक्तदाताओं को प्रमाणपत्र और ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया। इसके साथ ही करीब 50 रक्तदाता एडमिनों सहित कई समाजसेवियों, चिकित्सकों और ब्लड बैंक कर्मियों को भी सम्मान दिया गया।
कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि रक्तदान के लिए लोगों को प्रेरित करना, जरूरत के समय रक्त की व्यवस्था में सहयोग करना और स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति जागरूकता फैलाना भी समाजसेवा का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
मेडिकल कॉलेज के मल्टीपरपज हॉल में जुटे जनप्रतिनिधि और समाजसेवी
राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में सदर विधायक श्यामधनी राही, सांसद प्रतिनिधि एस.पी. अग्रवाल, समाजसेवी सत्य प्रकाश राही, मुख्य चिकित्सा अधिकारी सिद्धार्थनगर और मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. राजेश मोहन श्रीवास्तव सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

ब्लड बैंक प्रभारी अशोक मिश्र के नेतृत्व में चिकित्सकों और ब्लड बैंक कर्मियों ने रक्तदान की प्रक्रिया संपन्न कराई। आयोजन के दौरान रक्तदान करने वाले लोगों का उत्साहवर्धन किया गया और उन्हें सम्मानित किया गया।

हिमांशु द्विवेदी के प्रयासों की हुई सराहना
कार्यक्रम के प्रमुख आयोजक और निफा सिद्धार्थनगर के अध्यक्ष हिमांशु द्विवेदी को रक्तदान के क्षेत्र में उनके सामाजिक योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
आयोजकों से मिली जानकारी के मुताबिक, वर्ष 2025 में उनके प्रयासों से 95 यूनिट रक्तदान कराया गया था। सिद्धार्थनगर के अलावा लखनऊ, वाराणसी और बस्ती सहित अन्य जिलों में भी जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त की व्यवस्था कराने में उनके प्रयासों का उल्लेख किया गया।
रक्तदान के क्षेत्र में लगातार लोगों को जोड़ने और जरूरतमंदों तक सहायता पहुंचाने की पहल को कार्यक्रम में सराहा गया। ऐसे प्रयास रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने और समाज में सहयोग की भावना मजबूत करने में मददगार हो सकते हैं।
रक्तदान के क्षेत्र में योगदान देने वालों का सम्मान
कार्यक्रम में निफा सिद्धार्थनगर से जुड़े और रक्तदान के क्षेत्र में योगदान देने वाले लोगों में देवेंद्र त्रिपाठी, बृजराज ओझा, जितेंद्र पाण्डेय, महेश मिश्र, आशुतोष तिवारी, देवकी नंदन उपाध्याय, उत्कर्ष श्रीवास्तव, राम शंकर पाण्डेय, सुधाकर मिश्र, योगेंद्र पाण्डेय, सलोनी शर्मा और कोमल मिश्रा सहित कई रक्तवीर मौजूद रहे।

आयोजकों के अनुसार, कार्यक्रम में रक्तदाता समूहों से जुड़े करीब 50 एडमिनों के साथ समाजसेवियों, चिकित्सकों और ब्लड बैंक कर्मियों को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन बाल कृष्ण मिश्र और विवेक कुमार द्विवेदी ने किया।
जरूरतमंदों के लिए रक्त की उपलब्धता, समाज की साझा जिम्मेदारी

रक्तदान की जरूरत केवल किसी एक अस्पताल या जिले तक सीमित नहीं रहती। दुर्घटनाओं, गंभीर बीमारियों, ऑपरेशन और प्रसव संबंधी जटिलताओं के दौरान मरीजों को रक्त की आवश्यकता पड़ सकती है। ऐसे समय में स्वैच्छिक रक्तदाता और रक्तदाता समूह मरीजों तथा उनके परिजनों के लिए महत्वपूर्ण सहारा बन सकते हैं।

इस दिशा में रक्तदान शिविरों के आयोजन के साथ नियमित रक्तदान के प्रति जागरूकता फैलाना भी जरूरी है। रक्तदान करने से पहले चिकित्सकीय जांच और पात्रता का निर्धारण आवश्यक होता है। सुरक्षित प्रक्रिया के तहत किया गया स्वैच्छिक रक्तदान जरूरतमंद मरीजों के उपचार में मदद कर सकता है।
सारांश | एक आयोजन, कई संदेश

सिद्धार्थनगर में आयोजित रक्तदान महाअभियान में करीब 125 लोगों ने रक्तदान किया। श्री राम निवास फाउंडेशन ट्रस्ट और निफा सिद्धार्थनगर की इस संयुक्त पहल में रक्तवीरों, समाजसेवियों, चिकित्सकों, ब्लड बैंक कर्मियों और रक्तदाता एडमिनों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में हिमांशु द्विवेदी के योगदान की भी सराहना हुई। आयोजन ने रक्तदान के प्रति जागरूकता और जरूरतमंदों की मदद के लिए सामूहिक प्रयास का संदेश दिया।

टिप्पणी | सम्मान तभी सार्थक, जब रक्तदान की मुहिम लगातार आगे बढ़े
रक्तदान के क्षेत्र में काम करने वालों का सम्मान समाज को प्रेरित करने का एक माध्यम है। लेकिन इस मुहिम की असली ताकत तब बढ़ेगी, जब रक्तदान किसी एक आयोजन तक सीमित न रहकर नियमित सामाजिक अभियान बने। जरूरतमंद मरीजों को समय पर सुरक्षित रक्त उपलब्ध कराने के लिए जागरूक नागरिकों, रक्तदाता समूहों, चिकित्सकों और स्वास्थ्य संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है।

सिद्धार्थनगर में आयोजित यह महाअभियान इसी दिशा में एक पहल है। यदि इस तरह के प्रयास निरंतर जारी रहते हैं, तो स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने और जरूरत के समय मरीजों की सहायता करने में मदद मिल सकती है।
FT NEWS DIGITAL | सिद्धार्थनगर, उत्तर प्रदेश
सिद्धार्थनगर में संचारी रोग नियंत्रण अभियान का आगाज, विधायक और जिलाधिकारी ने प्रचार वाहनों को दिखाई हरी झंडी

01 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक चलेगा अभियान, 12 अक्टूबर से घर-घर पहुंचेंगी आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता; बुखार, टीबी के लक्षण, कुपोषण और मच्छरों के प्रजनन स्थलों की होगी पहचान

सिद्धार्थनगर, 01 अक्टूबर 2026। जनपद में संचारी रोगों पर प्रभावी नियंत्रण और आमजन को बीमारियों से बचाव के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से गुरुवार को वर्ष 2026 के तृतीय विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान एवं दस्तक अभियान का शुभारंभ किया गया। विकास भवन परिसर से कपिलवस्तु विधायक श्यामधनी राही, जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन और मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह ने प्रचार वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। अभियान के माध्यम से ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों में साफ-सफाई, जलभराव की समस्या के निस्तारण, मच्छरों के प्रजनन स्थलों की पहचान और रोगों के लक्षण वाले लोगों को समय से उपचार उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाएगा।
बीमारी की रोकथाम के लिए घर-घर पहुंचेगा स्वास्थ्य महकमा
संचारी रोगों की रोकथाम केवल अस्पतालों तक सीमित नहीं, बल्कि घरों और आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखने से भी जुड़ी है। इसी उद्देश्य से जनपद में एक महीने तक विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत विभिन्न विभाग मिलकर साफ-सफाई, झाड़ियों की कटाई, जलभराव दूर करने, मच्छरजनित बीमारियों से बचाव और लोगों को जागरूक करने का काम करेंगे। वहीं, 12 अक्टूबर से आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता घर-घर जाकर संभावित रोगियों तथा कुपोषित बच्चों की पहचान करेंगी, ताकि जरूरतमंदों को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
प्रशासन ने शुरू की तैयारियां
विकास भवन परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने प्रचार वाहनों को रवाना कर अभियान की शुरुआत की। जिलाधिकारी ने बताया कि यह अभियान विभिन्न विभागों के समन्वय से संचालित किया जाएगा। शासन से प्राप्त दिशा-निर्देशों के अनुसार माइक्रोप्लान बनाकर गांवों और शहरी क्षेत्रों में गतिविधियां संचालित की जाएंगी। अभियान का प्रमुख उद्देश्य बीमारी के संभावित स्रोतों को कम करना, लक्षण वाले लोगों की पहचान करना और जनसामान्य को बचाव के उपायों के प्रति जागरूक करना है।
दो चरणों में चलेगा अभियान
पहला चरण: 01 से 31 अक्टूबर तक
– गांवों और शहरी क्षेत्रों में नालियों की साफ-सफाई।
– झाड़ियों की कटाई और जलभराव का निस्तारण।
– मच्छरों के प्रजनन स्थलों की पहचान और रोकथाम।
– संचारी रोगों से बचाव के प्रति जनजागरूकता।
दूसरा चरण: 12 से 31 अक्टूबर तक
– आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा घर-घर भ्रमण।
– बुखार से पीड़ित लोगों की पहचान।
– आईएलआई एवं एसएआरआई जैसे श्वसन संबंधी लक्षणों वाले संभावित रोगियों की पहचान।
– टीबी के लक्षण वाले व्यक्तियों को चिह्नित करना।
– मच्छरों के प्रजनन स्थलों और कुपोषित बच्चों की पहचान।
– जरूरत के अनुसार संबंधित लोगों को जांच, उपचार और स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ना।
कई विभाग मिलकर संभालेंगे जिम्मेदारी
अभियान को प्रभावी बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ पंचायत राज, माध्यमिक शिक्षा, बेसिक शिक्षा, पशुपालन, दिव्यांगजन सशक्तीकरण, आईसीडीएस, कृषि, नगर विकास, उद्यान तथा सूचना एवं जनसंपर्क विभाग को समन्वित रूप से कार्य करना है। विभागीय स्तर पर निर्धारित माइक्रोप्लान के अनुसार गतिविधियां संचालित की जाएंगी, जिससे ग्रामीण और नगरीय दोनों क्षेत्रों में अभियान का लाभ पहुंच सके।
घरों के आसपास सफाई और जलभराव पर विशेष ध्यान
अभियान की सफलता में आम नागरिकों की भागीदारी भी महत्वपूर्ण रहेगी। घरों और आसपास पानी जमा न होने देना, नालियों की नियमित सफाई, झाड़ियों को हटाना तथा मच्छरों के पनपने वाले स्थानों को समाप्त करना जरूरी है। बुखार या अन्य संदिग्ध लक्षण दिखाई देने पर स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करना चाहिए। घर-घर भ्रमण के दौरान स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को सही जानकारी उपलब्ध कराने से संभावित रोगियों की समय पर पहचान में मदद मिलेगी।
सारांश | अभियान का मुख्य उद्देश्य
सिद्धार्थनगर में संचारी रोग नियंत्रण अभियान का उद्देश्य स्वच्छता को बढ़ावा देना, मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम करना, संभावित रोगियों की पहचान करना और जरूरतमंदों को समय पर उपचार से जोड़ना है। एक अक्टूबर से शुरू हुआ अभियान 31 अक्टूबर तक चलेगा, जबकि दस्तक अभियान के अंतर्गत घर-घर संपर्क का विशेष चरण 12 अक्टूबर से शुरू होगा।
टिप्पणी | जनभागीदारी से मजबूत होगी बीमारी के खिलाफ लड़ाई
संचारी रोगों की रोकथाम में सरकारी विभागों की सक्रियता के साथ आमजन की जागरूकता भी अहम है। यदि घरों के आसपास सफाई रखी जाए, जलभराव रोका जाए और बीमारी के लक्षणों को नजरअंदाज न किया जाए, तो संक्रमण के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है। अभियान की वास्तविक सफलता इस बात से भी जुड़ी होगी कि चिह्नित रोगियों को समय पर जांच और उपचार मिले तथा स्वच्छता संबंधी प्रयास पूरे महीने लगातार जारी रहें।
कार्यक्रम में ये रहे उपस्थित
कार्यक्रम में डुमरियागंज सांसद के प्रतिनिधि एसपी अग्रवाल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजय कुमार दोहरे सहित संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
गांधी जयंती पर SBI का स्वच्छता संकल्प, झाड़ू उठाकर जमुआर घाट को चमकाने उतरे बैंक अधिकारी-कर्मचारी!
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सिद्धार्थनगर। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर स्वच्छता के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से भारतीय स्टेट बैंक, सिद्धार्थनगर कार्यालय के अधिकारियों और कर्मचारियों ने नगर पालिका परिषद सिद्धार्थनगर स्थित जमुआर घाट पर स्वच्छता अभियान चलाया। सुबह करीब 7 बजे शुरू हुए इस अभियान में बैंक अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से घाट की सफाई की और लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया। सभी ने मिलकर झाड़ू लगाई, एकत्रित कचरे को उचित स्थान तक पहुंचाने में योगदान दिया और स्वच्छ वातावरण बनाए रखने का संकल्प दोहराया।
सामूहिक प्रयास से स्वच्छता का संदेश
गांधी जयंती के अवसर पर स्वच्छता और सामाजिक जिम्मेदारी के महत्व को रेखांकित करते हुए भारतीय स्टेट बैंक, सिद्धार्थनगर कार्यालय की ओर से जमुआर घाट पर सफाई अभियान आयोजित किया गया। सुबह लगभग 7 बजे बैंक के अधिकारी और कर्मचारी अभियान में शामिल हुए तथा घाट परिसर की साफ-सफाई में सक्रिय भागीदारी निभाई।

अभियान के दौरान सभी प्रतिभागियों ने मिलकर झाड़ू लगाई और परिसर में एकत्रित कचरे को उचित स्थान पर पहुंचाने का प्रयास किया। इस सामूहिक पहल के माध्यम से आमजन को यह संदेश दिया गया कि सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता बनाए रखना केवल किसी एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक का साझा दायित्व है।
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने स्वच्छता को जीवन और सामाजिक व्यवस्था में महत्वपूर्ण स्थान दिया था। इसी भावना के अनुरूप गांधी जयंती के अवसर पर आयोजित यह पहल स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने और सार्वजनिक स्थलों को साफ-सुथरा रखने की प्रेरणा देने वाली रही।
सुबह सात बजे शुरू हुआ अभियान
स्थान: जमुआर घाट, नगर पालिका परिषद सिद्धार्थनगर।
: सुबह लगभग 7 बजे।
अवसर: 2 अक्टूबर, गांधी जयंती।
आयोजक:भारतीय स्टेट बैंक, सिद्धार्थनगर कार्यालय।
मुख्य गतिविधियां: झाड़ू लगाना, कचरा एकत्र करना और उसे उचित स्थान तक पहुंचाने में सहयोग देना।
इन अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने निभाई सहभागिता
स्वच्छता अभियान में भारतीय स्टेट बैंक, सिद्धार्थनगर कार्यालय के क्षेत्रीय प्रबंधक राजदेव सिंह, मुख्य प्रबंधक छोटेलाल, प्रबंधक अवधेश कुमार, प्रबंधक शिवाजी गर्ग सहित पीयूष श्रीवास्तव, विनय कुमार, मुकेश कुमार, अमित मेहता और सामंत शर्मा समेत बैंक के अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।

सभी ने मिलकर सफाई अभियान में भागीदारी की और स्वच्छता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
स्वच्छता के लिए निरंतर प्रयास जरूरी
जमुआर घाट जैसे सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ बनाए रखने के लिए नियमित सफाई के साथ-साथ नागरिकों की सक्रिय भागीदारी भी आवश्यक है। सार्वजनिक स्थानों पर कचरा न फैलाना, कचरे को निर्धारित स्थान पर डालना और अपने आसपास साफ-सफाई बनाए रखना ऐसी आदतें हैं, जिनसे स्वच्छ वातावरण बनाने में मदद मिल सकती है।
भारतीय स्टेट बैंक के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की इस पहल ने सामूहिक सहभागिता के महत्व को सामने रखा। ऐसे अभियान तभी स्थायी परिणाम दे सकते हैं, जब नागरिक भी अपने दैनिक जीवन में स्वच्छता को प्राथमिकता दें।
सारांश
गांधी जयंती के अवसर पर भारतीय स्टेट बैंक, सिद्धार्थनगर कार्यालय के अधिकारियों और कर्मचारियों ने जमुआर घाट पर स्वच्छता अभियान चलाया। सुबह करीब 7 बजे आयोजित कार्यक्रम में सामूहिक सफाई कर सार्वजनिक स्थल को स्वच्छ रखने और नागरिकों को जागरूक करने का संदेश दिया गया।
संपादकीय टिप्पणी
स्वच्छता केवल एक दिन का अभियान नहीं, बल्कि नियमित जीवनशैली का हिस्सा होनी चाहिए। सार्वजनिक स्थलों को साफ रखने के लिए प्रशासनिक प्रयासों के साथ नागरिकों और सामाजिक संस्थाओं की भागीदारी भी महत्वपूर्ण है। गांधी जयंती के अवसर पर आयोजित इस तरह की पहल समाज में जिम्मेदारी, सहयोग और स्वच्छता के प्रति सकारात्मक सोच को प्रोत्साहित करती है।
FT News Digital | सिद्धार्थनगर
स्वच्छता के प्रति जागरूकता, सामाजिक जिम्मेदारी की पहचान।
सिद्धार्थनगर में बाढ़ प्रभावित गांवों का विधायक श्यामधनी राही ने लिया जायजा, फसल क्षति के सर्वे के निर्देश
सिद्धार्थनगर: बाढ़ प्रभावित गांवों में पहुंचे विधायक श्यामधनी राही, फसल क्षति के सर्वे के दिए निर्देश
पांच गांवों का दौरा कर ग्रामीणों की सुनीं समस्याएं, प्रभावित किसानों को नियमानुसार सहायता दिलाने पर जोर
सिद्धार्थनगर। कपिलवस्तु विधानसभा क्षेत्र में बाढ़ प्रभावित गांवों की स्थिति का जायजा लेने के लिए विधायक श्यामधनी राही ने बुधवार को क्षेत्र का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने ग्राम सभा संगलदीप, धुसवाराजा, तालभिलौना, अमरिया और अजगरा पहुंचकर प्रभावित किसानों एवं ग्रामीणों से संवाद किया और उनकी समस्याएं सुनीं। विधायक ने संबंधित अधिकारियों को बाढ़ से फसलों को हुए नुकसान और अन्य क्षति का स्थलीय सर्वे कराने के निर्देश दिए।
नुकसान का आकलन कर सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश
दौरे के दौरान विधायक श्यामधनी राही ने अधिकारियों से कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में वास्तविक नुकसान का आकलन करने के लिए स्थलीय सर्वे कराया जाए। सर्वे के आधार पर नियमानुसार पात्र किसानों और प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने प्रभावित गांवों में राहत एवं अन्य जरूरी व्यवस्थाओं पर लगातार नजर रखने और ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान कराने पर भी जोर दिया।
प्रभावित परिवारों को समयबद्ध सहायता दिलाने पर जोर
विधायक श्यामधनी राही ने कहा कि कठिन समय में प्रदेश सरकार प्रभावित किसानों और परिवारों के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में आपदा प्रभावित लोगों को नियमानुसार समयबद्ध तरीके से हरसंभव सहायता उपलब्ध कराना शासन की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्रभावित गांवों में लगातार निगरानी रखी जाए, ताकि लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े और जरूरत के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
दौरे के दौरान ये लोग रहे मौजूद
इस दौरान कानूनगो मो. फारूक, लेखपाल योगेंद्र सिंह, सभासद प्रतिनिधि मनीष जायसवाल, मनीष शुक्ला, बेचन निषाद सहित क्षेत्रीय ग्रामीण मौजूद रहे।
खबर का सारांश: कपिलवस्तु विधायक श्यामधनी राही ने सिद्धार्थनगर के पांच बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा कर किसानों और ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने अधिकारियों को फसल क्षति एवं अन्य नुकसान का सर्वे कराने और नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराने की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

Meta Description: सिद्धार्थनगर में विधायक श्यामधनी राही ने पांच बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा किया। किसानों की समस्याएं सुनीं और फसल क्षति के सर्वे के निर्देश दिए।
विद्यालय में पॉक्सो अधिनियम 2012 के संबंध में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित।
उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के निर्देशों एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सिद्धार्थनगर के तत्वावधान में दिनांक 25 सितम्बर 2026 से 01 अक्टूबर 2026 तक विद्यालयों में पॉक्सो अधिनियम 2012 के प्रावधानों एवं विधिक परिणामों के प्रति विशेष जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
इसी क्रम में आज दिनांक 30-09-2026 को प्रातः 07ः30 बजे से राजकीय इंटर कालेज नौगढ़ सिद्धार्थनगर में छात्र/छात्राओं के मध्य विशेष जागरूकता कार्यक्रम श्री श्रेय कुमार वर्मा, सिविल जज (जू0डि0½एफ0टी0सी0- प्रथम सिद्धार्थनगर की अध्यक्षता में आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में श्री श्रेय कुमार वर्मा सिविल जज (जू0डि0½एफ0टी0सी0-प्रथम सिद्धार्थनगर द्वारा छात्र/छात्राओं को पॉक्सो अधिनियम 2012 के प्रमुख प्रावधानों बच्चों के विरुद्ध लैंगिक अपराधों से संरक्षण तथा ऐसे अपराधों के विधिक परिणामों के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई। उन्होंने छात्राओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने तथा किसी भी प्रकार की अनुचित घटना अथवा अपराध की स्थिति में तत्काल अपने अभिभावक, शिक्षक संबंधित सक्षम प्राधिकारी चाइल्ड हेल्फ लाइन 1098 अथवा आपात कालीन पुलिस सेवा -112 को सूचना देने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में श्री दयाशंकर यादव प्रधानाचार्य राजकीय इंटर कालेज नौगढ़ सिद्धार्थनगर का विशेष सहयोग रहा। विद्यालय के छात्र/छात्राओं ने कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया तथा पॉक्सो अधिनियम से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं। कार्यक्रम में पी0एल0वी0 श्री अभय कुमार द्विवेदी द्वारा भी सहयोग प्रदान किया गया।
सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सिद्धार्थनगर द्वारा बताया गया कि अभियान के अंतर्गत जनपद के विभिन्न विद्यालयों में न्यायिक अधिकारियों के माध्यम से प्रातः कालीन सभा के दौरान बच्चों को पॉक्सो अधिनियम के प्रावधानों एवं विधिक परिणामों के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
दिनांक 30-09-2026
संलग्नक-फोटोग्राफ्स। SD-30-09-2026
सचिव
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण
सिद्धार्थनगर।
सिद्धार्थनगर में Cyclosinone पर शिकंजा, बिक्री-उपयोग को लेकर कृषि विभाग का बड़ा निर्देश
सिद्धार्थनगर में ‘Cyclosinone’ खरपतवारनाशी की बिक्री और उपयोग पर रोक, कृषि विभाग ने जारी की एडवाइजरी
सिद्धार्थनगर। जनपद में किसानों और कीटनाशी विक्रेताओं के लिए कृषि विभाग ने एक महत्वपूर्ण सूचना जारी की है। जिला कृषि रक्षा अधिकारी रवि शंकर पाण्डेय की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में Cyclosinone (साइक्लोसिनोन) नामक खरपतवारनाशी की बिक्री, वितरण, प्रचार-प्रसार और उपयोग को लेकर निर्देश जारी किए गए हैं।
विभाग की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, Cyclosinone नाम से बाजार अथवा ऑनलाइन माध्यमों से प्रचारित एवं विक्रय किए जा रहे खरपतवारनाशी को भारत में पंजीकृत नहीं बताया गया है। विज्ञप्ति में कहा गया है कि कीटनाशी अधिनियम, 1968 के प्रावधानों के तहत केवल विधिवत पंजीकृत एवं अनुमोदित कीटनाशियों का ही निर्माण, बिक्री, वितरण और उपयोग किया जा सकता है।
विक्रेताओं को दिए गए सख्त निर्देश
कृषि विभाग ने जनपद के सभी कीटनाशी विक्रेताओं को निर्देशित किया है कि वे अपने प्रतिष्ठानों पर Cyclosinone अथवा Cyclosinone Herbicide नाम से उपलब्ध किसी भी उत्पाद की बिक्री या वितरण न करें। साथ ही ऐसे उत्पाद का ऑनलाइन अथवा ऑफलाइन प्रचार-प्रसार भी नहीं किया जाए।
विज्ञप्ति में यह भी उल्लेख किया गया है कि Cyclosinone नामक उत्पाद की ऑनलाइन बिक्री के संबंध में केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) द्वारा कार्रवाई किए जाने की जानकारी विभाग को प्राप्त हुई है। प्रमुख ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर भी इस संबंध में नियामकीय कार्रवाई किए जाने की बात विज्ञप्ति में कही गई है।
निरीक्षण के दौरान कार्रवाई की चेतावनी
जिला कृषि रक्षा अधिकारी ने कीटनाशी विक्रेताओं को निर्देश दिया है कि वे केवल विधिवत पंजीकृत कीटनाशी, वैध लाइसेंस तथा अनुमोदित लेबल-क्लेम वाले उत्पादों की ही बिक्री करें।
विज्ञप्ति के मुताबिक, निरीक्षण के दौरान यदि इस प्रकार के अपंजीकृत कीटनाशी या खरपतवारनाशी की बिक्री अथवा भंडारण पाया जाता है तो कीटनाशी अधिनियम 1968 और कीटनाशी नियमावली 1971 के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
किसानों से भी अपील
कृषि विभाग ने जनपद के किसानों से भी अपील की है कि वे Cyclosinone नामक अपंजीकृत खरपतवारनाशी की खरीद अथवा उपयोग न करें।
विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि किसी भी कृषि रसायन की खरीद अधिकृत कीटनाशी विक्रेता या राजकीय कृषि रक्षा इकाई से ही करें। उत्पाद खरीदते समय उसके पंजीकरण विवरण, लेबल, अनुमोदित फसल एवं खरपतवार संबंधी संस्तुति की जांच जरूर करें।
कृषि विभाग का कहना है कि कृषि रसायन खरीदते समय सावधानी बरतना किसानों के लिए बेहद जरूरी है, ताकि अपंजीकृत या अनुमोदन के बिना बिक रहे उत्पादों से होने वाले संभावित नुकसान से बचा जा सके।
जिला कृषि रक्षा अधिकारी रवि शंकर पाण्डेय की ओर से जारी पत्र में इस निर्देश का व्यापक प्रचार-प्रसार कराने के लिए संबंधित अधिकारियों को भी आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
