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सिद्धार्थनगर में जर्जर ढांचों पर प्रशासन सख्त, काशीराम आवास हादसे के बाद डीएम का बड़ा एक्शन
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सिद्धार्थनगर में जर्जर ढांचों पर प्रशासन सख्त, काशीराम आवास हादसे के बाद डीएम का बड़ा एक्शन
“काशीराम हादसे के बाद प्रशासन अलर्ट”
“जर्जर ढांचों पर डीएम का सख्त आदेश”
“अब चिन्हित होंगे खतरनाक भवन”
“लापरवाही पर तय होगी जिम्मेदारी”
“जन सुरक्षा को लेकर बड़ा एक्शन”
सिद्धार्थनगर।
सदर थाना क्षेत्र जेल चौंकी अंतर्गत स्थित काशीराम आवास के पीछे परिसर में पुरानी पानी की टंकी पर हुए दर्दनाक हादसे के बाद जिला प्रशासन अब पूरी तरह एक्शन मोड में दिखाई दे रहा है। हादसे में एक मासूम की मौत और बच्चों के घायल होने की घटना के बाद जिलाधिकारी सिद्धार्थनगर ने जनपदभर में जर्जर एवं निष्प्रयोज्य भवनों, पानी की टंकियों और अन्य खतरनाक संरचनाओं को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं।

बताया जा रहा है कि काशीराम आवास परिसर में कुछ बच्चे खेलते-खेलते पानी की टंकी पर चढ़ गए थे। इसी दौरान पुरानी और जर्जर सीढ़ियां अचानक टूट गईं, जिससे बच्चे नीचे गिर गए। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। राहत एवं बचाव दल ने अभियान चलाकर फंसे बच्चों को सुरक्षित निकालने का प्रयास किया। इस हादसे ने जिले में वर्षों से उपेक्षित पड़े जर्जर ढांचों की स्थिति को फिर चर्चा में ला दिया है।
घटना के बाद जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जी०एन० द्वारा जारी पत्र में सभी विभागाध्यक्षों, अधिशासी अभियंताओं, परियोजना प्रबंधकों, नगर निकायों और संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि जनपद में मौजूद जर्जर, खतरनाक एवं निष्प्रयोज्य भवनों, पानी की टंकियों, बाउंड्रीवाल और अन्य संरचनाओं का तत्काल सर्वे कराया जाए। साथ ही निर्धारित प्रक्रिया के तहत ऐसे ढांचों को सुरक्षित तरीके से ध्वस्त कराने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
डीएम ने स्पष्ट किया है कि ध्वस्तीकरण से पहले संबंधित स्थानों को पूरी तरह सुरक्षित किया जाए ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की जनहानि की संभावना न रहे। प्रशासन ने यह भी संकेत दिए हैं कि यदि किसी जर्जर संरचना की वजह से भविष्य में हादसा होता है तो संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय की जा सकती है।
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन की इस पहल को जनहित में महत्वपूर्ण कदम बताया है। लोगों का कहना है कि जिले में कई पुराने सरकारी ढांचे लंबे समय से खतरे की स्थिति में खड़े हैं, जिनकी समय रहते निगरानी और मरम्मत आवश्यक है। काशीराम आवास की घटना के बाद अब उम्मीद जताई जा रही है कि प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था को लेकर और अधिक गंभीरता से कार्रवाई करेगा।
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शादी का भरोसा देकर धोखा देने का आरोप, युवती की शिकायत पर मुकदमा दर्ज
| FT News Digital)
Siddharthnagar के लोटन थाना क्षेत्र में एक युवती की शिकायत पर पुलिस ने कथित तौर पर शादी का भरोसा देकर धोखा देने और शोषण के आरोप में मुकदमा दर्ज किया है। मामले में आरोपित युवक के घर पर पुलिस द्वारा दबिश दिए जाने की भी जानकारी सामने आई है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार बिहार के पश्चिमी चंपारण क्षेत्र की रहने वाली युवती ने शिकायत में बताया कि वह दक्षिण भारत के एक औद्योगिक क्षेत्र में सिलाई कंपनी में कार्यरत थी। वहीं उसकी पहचान सिद्धार्थनगर निवासी एक युवक से हुई। परिचय बढ़ने के बाद दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और युवती का आरोप है कि युवक ने विवाह का आश्वासन दिया था।
शिकायतकर्ता के अनुसार कुछ समय बाद युवक अपने गांव लौट आया और संपर्क कम कर दिया। युवती का कहना है कि बाद में उसका फोन नंबर भी ब्लॉक कर दिया गया। इसके बाद वह न्याय की मांग को लेकर संबंधित थाने पहुंची और पूरे मामले की जानकारी पुलिस को दी।
पुलिस ने युवती की तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है तथा आवश्यक कानूनी कार्रवाई प्रक्रिया के तहत की जाएगी।
सुरक्षा और सहायता के दृष्टिकोण से युवती को वन स्टॉप सेंटर भेजे जाने की भी जानकारी सामने आई है। वहीं आरोपित युवक फिलहाल घर से बाहर बताया जा रहा है।
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विदाई के बाद मातम में बदली खुशियां, पोल से टकराई कार में दूल्हा-दुल्हन समेत पांच घायल
(FT News Digital) Siddharthnagar के जोगिया क्षेत्र में शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे ने शादी की खुशियों को चिंता में बदल दिया। विदाई के बाद घर लौट रही एक कार महदेवा तिवारी चौराहे के पास अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़ी बाइक से टकराने के बाद बिजली के पोल को तोड़ते हुए पुलिया में जा घुसी। हादसे में दूल्हा-दुल्हन समेत पांच लोग घायल हो गए, जबकि एक किशोरी की हालत गंभीर बताई जा रही है।
स्थानीय लोगों के अनुसार टक्कर इतनी तेज थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने तत्परता दिखाते हुए कार में फंसे घायलों को बाहर निकाला और पुलिस को सूचना दी।
जानकारी के मुताबिक डुमरियागंज क्षेत्र से बारात सोहास इलाके के एक गांव में गई थी। विदाई के बाद परिवार के लोग वापस लौट रहे थे, तभी जोगिया-पकड़ी मार्ग पर यह हादसा हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि वाहन अचानक नियंत्रण खो बैठा, जिसके बाद यह दुर्घटना हुई।
सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुंचा तथा सभी घायलों को इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। चिकित्सकों की निगरानी में घायलों का उपचार जारी है।
पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहन को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक स्तर पर चालक को झपकी आने की आशंका भी जताई जा रही है, हालांकि आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
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सीमा के गांवों तक सरकार की सीधी दस्तक दुल्हा सुमाली में डीएम की चौपाल, योजनाओं की हकीकत परखी
सिद्धार्थनगर।
भारत-नेपाल सीमा से सटे सिद्धार्थनगर जिले के विकास खण्ड बर्डपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत दुल्हा सुमाली में आयोजित ग्राम चौपाल में प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आया। जिलाधिकारी श्री शिवशरणप्पा जीएन ने ग्रामीणों के बीच पहुंचकर सरकारी योजनाओं की जमीनी स्थिति जानी और अधिकारियों को साफ संदेश दिया कि पात्र लोगों तक योजनाओं का लाभ हर हाल में पहुंचे।
ग्राम चौपाल के दौरान जिलाधिकारी ने सीमावर्ती गांवों की सुरक्षा, विकास और जनकल्याण
योजनाओं को लेकर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। उन्होंने कहा कि भारत सरकार की “वाइब्रेंट विलेज” योजना के तहत सीमा क्षेत्र के गांवों में सड़क, कनेक्टिविटी और मूलभूत सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है, ताकि सीमावर्ती इलाकों का विकास तेज हो सके।

डीएम ने खुली भारत-नेपाल सीमा का जिक्र करते हुए ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि सीमा क्षेत्र में जागरूकता ही सुरक्षा की सबसे बड़ी ताकत है और तस्करी जैसी गतिविधियों को रोकने में जनता का सहयोग बेहद जरूरी है।
चौपाल में आयुष्मान कार्ड, किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, पेंशन, राशन, बिजली बिल समाधान योजना, भूमि विवाद और वरासत जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि गरीब, किसान और जरूरतमंदों की समस्याओं का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए।
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से स्वयं सहायता समूहों से जुड़ने की अपील भी की गई। वहीं ग्राम चौपाल में विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर योजनाओं की जानकारी दी गई। कार्यक्रम के दौरान गर्भवती महिलाओं की गोदभराई कराई गई तथा वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया।

इस कार्यक्रम को सफल बनाने में वर्तमान ग्राम प्रधान नीतू पांडे एवं प्रधान प्रतिनिधि/प्रधान संघ ब्लॉक अध्यक्ष दिलीप पांडे की भूमिका भी सराहनीय रही। ग्रामीणों और प्रशासन के बीच समन्वय स्थापित करने तथा चौपाल को व्यवस्थित ढंग से सम्पन्न कराने में उनका विशेष योगदान देखने को मिला।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पात्र लाभार्थियों को योजनाओं से वंचित रखने वाले जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस दौरान उपजिलाधिकारी नौगढ़ कल्याण सिंह मौर्य, क्षेत्राधिकारी सदर विश्वजीत सौरयान, जिला विकास अधिकारी राजमणि वर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
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भारत-नेपाल सीमा पर हाईटेक सुरक्षा का मजबूत घेरा
ककरहवा बॉर्डर पर 23 सीसीटीवी कैमरे सक्रिय, प्रशासन ने बढ़ाई चौकसी
सिद्धार्थनगर। भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा को और अधिक मजबूत तथा तकनीकी रूप से सशक्त बनाने की दिशा में सिद्धार्थनगर प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। संवेदनशील मानी जाने वाली ककरहवा अंतरराष्ट्रीय चेक पोस्ट पर अब हाईटेक निगरानी व्यवस्था लागू कर दी गई है। जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने शुक्रवार को 23 अत्याधुनिक सीसीटीवी कैमरों सहित यात्री सुविधाओं का लोकार्पण कर सीमा सुरक्षा व्यवस्था को नई मजबूती प्रदान की।
प्रशासन द्वारा “क्रिटिकल गैप्स योजना” के अंतर्गत लगाए गए ये कैमरे सीमा क्षेत्र में होने वाली गतिविधियों पर 24 घंटे नजर रखेंगे। अधिकारियों के अनुसार इस व्यवस्था से संदिग्ध गतिविधियों, अवैध आवाजाही तथा तस्करी जैसी चुनौतियों पर प्रभावी निगरानी रखने में सहायता मिलेगी। सुरक्षा एजेंसियों और स्थानीय प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की दिशा में भी इसे अहम पहल माना जा रहा है।
कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी ने सीमा क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को सतर्कता एवं निगरानी व्यवस्था को और प्रभावी बनाए रखने के निर्देश दिए। इस अवसर पर 43वीं वाहिनी एसएसबी के कमांडेंट उज्जवल दत्ता, पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन, मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह सहित अन्य प्रशासनिक एवं सुरक्षा अधिकारी मौजूद रहे।
सीमा से गुजरने वाले यात्रियों और सुरक्षा कर्मियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए चेक पोस्ट पर स्थायी कमरा एवं शौचालय निर्माण कार्य का भी लोकार्पण किया गया। स्थानीय लोगों ने सीमा क्षेत्र में बढ़ाई गई सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्था का स्वागत किया।
विशेषज्ञों का मानना है कि तकनीकी संसाधनों से लैस यह पहल सीमा क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने के साथ-साथ आम नागरिकों में भी सुरक्षा का विश्वास बढ़ाने का कार्य करेगी। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में एसएसबी जवानों एवं स्थानीय नागरिकों की उपस्थिति रही।
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सिद्धार्थनगर में पशुधन प्रसार अधिकारी संघ का द्विवार्षिक अधिवेशन संपन्न, अरुण कुमार प्रजापति लगातार छठवीं बार बने अध्यक्ष Livestock Extension
सिद्धार्थनगर। जनपद सिद्धार्थनगर में पशुधन प्रसार अधिकारी संघ का द्विवार्षिक अधिवेशन एवं चुनाव कार्यक्रम पशु चिकित्सालय नौगढ़ सदर परिसर में शांतिपूर्ण एवं उत्साहपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में जिले भर से आए पशुधन प्रसार अधिकारियों ने सहभागिता निभाई तथा संगठन की मजबूती और कर्मचारी एकता का संदेश दिया।

अधिवेशन की अध्यक्षता वर्तमान जिला अध्यक्ष अरुण कुमार प्रजापति ने की, जबकि संचालन जिला मंत्री अवनीश त्रिपाठी द्वारा किया गया। चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष एवं पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने हेतु मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी की ओर से पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवेंद्र कुमार को चुनाव अधिकारी नामित किया गया था। वहीं उपमुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी नौगढ़ सदर डॉ. राज बहादुर यादव पर्यवेक्षक के रूप में मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान संघ पदाधिकारियों द्वारा उपस्थित अधिकारियों का पुष्प गुच्छ, माल्यार्पण एवं अंगवस्त्र देकर भव्य स्वागत एवं सम्मान किया गया। इसके बाद जिला अध्यक्ष अरुण कुमार प्रजापति ने पुरानी कार्यकारिणी को औपचारिक रूप से भंग करते हुए नई कार्यकारिणी गठन की प्रक्रिया शुरू कराने का अनुरोध किया।
चुनाव अधिकारी डॉ. देवेंद्र कुमार ने अध्यक्ष, मंत्री समेत सभी छह पदों की घोषणा करते हुए निर्वाचन प्रक्रिया प्रारंभ की। सभी सदस्यों की सर्वसम्मति से अरुण कुमार प्रजापति को लगातार छठवीं बार निर्विरोध जिला अध्यक्ष चुना गया। इसके अलावा अवनीश त्रिपाठी मंत्री, अरुण कुमार उपाध्यक्ष, अश्वनी मिश्रा संयुक्त मंत्री, अरविंद चौधरी कोषाध्यक्ष तथा अमित यादव ऑडिटर पद पर निर्विरोध निर्वाचित घोषित किए गए।
संगठन विस्तार के तहत रमेश चंद, राजेश कुमार एवं देवेंद्र प्रताप को संरक्षक तथा अरुण कुमार पांडे को संगठन मंत्री नामित किया गया।
अधिवेशन में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद सिद्धार्थनगर के अध्यक्ष अनिल सिंह एवं कोषाध्यक्ष महेश्वर पांडेय भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। संघ की ओर से उनका भी माल्यार्पण एवं अंगवस्त्र देकर सम्मान किया गया।
चुनाव संपन्न होने के बाद सभी पदाधिकारियों और सदस्यों ने “कर्मचारी एकता जिंदाबाद” के नारों के साथ विकासखंड क्षेत्र का भ्रमण कर संगठन की एकजुटता का प्रदर्शन किया।
नवनिर्वाचित जिला अध्यक्ष अरुण कुमार प्रजापति ने सभी सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि साथियों द्वारा दिए गए विश्वास और समर्थन के लिए वह सदैव ऋणी रहेंगे तथा कर्मचारियों की आवाज को मजबूती से उठाने का कार्य करते रहेंगे।
वहीं राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष अनिल सिंह ने कहा कि पशुधन प्रसार अधिकारी संघ परिषद का महत्वपूर्ण घटक संगठन है और कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए परिषद हर संभव प्रयास करेगा।
कार्यक्रम में बृज किशोर गुप्ता, शशांक प्रभाकर चौधरी, अनिल साहनी, शैलेंद्र यादव, शैलेंद्र द्विवेदी, अखिलेश साहनी, जयराम यादव समेत जनपद भर के अनेक कर्मचारी एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।
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सांसद कार्यालय पर हुआ डिजिटल जनगणना जागरूकता कार्यक्रम
सिद्धार्थनगर। देश की 16वीं जनगणना को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। पहली बार पूरी तरह डिजिटल माध्यम से होने जा रही जनगणना को लेकर सिद्धार्थनगर में जागरूकता अभियान शुरू कर दिया गया है। इसी क्रम में डुमरियागंज सांसद जगदंबिका पाल के सिद्धार्थनगर मुख्यालय स्थित आवास एवं कार्यालय पर स्वयं जनगणना जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम में उप जिलाधिकारी सदर कल्याण सिंह मौर्य, जिला जनगणना अधिकारी नागेंद्र यादव तथा नगर पालिका परिषद सिद्धार्थनगर के अधिशासी अधिकारी अजय कुमार सिंह की मौजूदगी में सांसद जगदंबिका पाल ने अपने परिवार का पूरा विवरण डिजिटल माध्यम से दर्ज कराया तथा जनगणना आईडी प्राप्त की।
इस अवसर पर सांसद ने कहा कि कोविड महामारी के बाद लगभग 15 वर्षों के अंतराल पर देश में जनगणना प्रक्रिया प्रारंभ हो रही है। उन्होंने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि अधिक से अधिक लोग स्वयं अपने मोबाइल फोन के माध्यम से पंजीकरण कर इस राष्ट्रीय अभियान को सफल बनाएं। उन्होंने कहा कि यह देश की पहली पूर्ण डिजिटल जनगणना होगी और आगामी चरणों में जातिगत आंकड़ों का भी समावेश किया जाएगा।
अधिकारियों ने जानकारी दी कि भारत की 16वीं जनगणना का पहला चरण 1 अप्रैल 2026 से शुरू होकर सितंबर 2026 तक चलेगा। यह प्रक्रिया दो चरणों—हाउस लिस्टिंग एवं जनगणना—में संपन्न होगी। डिजिटल व्यवस्था के माध्यम से आंकड़ों का संग्रहण अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से किया जाएगा।
कार्यक्रम में सांसद प्रतिनिधि एसपी अग्रवाल, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष जाहिर सिद्दीकी, सभासद अखंड प्रताप सिंह, रिंकू पाल सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
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सांसद जगदंबिका पाल की पहल से तराई क्षेत्र को बड़ी रेल सौगात
नई अमृत भारत रेल सेवा सहित कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मिली रफ्तार, क्षेत्र में खुशी की लहर

डुमरियागंज/सिद्धार्थनगर।
डुमरियागंज सांसद जगदंबिका पाल ने अपने आवास कार्यालय पर आयोजित पत्रकार वार्ता में सिद्धार्थनगर समेत पूरे तराई क्षेत्र के लिए कई महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं और नई रेल सेवाओं की जानकारी देकर क्षेत्रवासियों को बड़ी सौगात दी। सांसद ने कहा कि क्षेत्र के विकास और जनसुविधाओं को लेकर लगातार किए जा रहे प्रयासों का सकारात्मक परिणाम अब सामने आने लगा है।
सांसद ने बताया कि दिल्ली से गोरखपुर होते हुए सिद्धार्थनगर, बलरामपुर और गोंडा मार्ग पर नई अमृत भारत रेल सेवा के संचालन को स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। इस नई रेल सेवा के शुरू होने से सिद्धार्थनगर सहित आसपास के जिलों के यात्रियों को राजधानी तक बेहतर और सुगम यात्रा सुविधा मिल सकेगी।
इसके साथ ही गोरखपुर नकहा जंगल से बढ़नी होते हुए लखनऊ तक नई यात्री रेल सेवा के संचालन को भी मंजूरी मिल गई है। सांसद ने कहा कि इससे प्रतिदिन यात्रा करने वाले छात्रों, व्यापारियों, कर्मचारियों और आम यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।
पत्रकार वार्ता के दौरान सांसद जगदंबिका पाल ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव द्वारा भेजे गए पत्रों को सार्वजनिक करते हुए बताया कि बहुप्रतीक्षित बहराइच-श्रावस्ती-बलरामपुर-खलीलाबाद नई रेल लाइन परियोजना पर तेजी से कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि परियोजना के लिए लगभग पचास प्रतिशत भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है तथा वन भूमि से संबंधित आवश्यक कार्रवाई भी अंतिम चरण में पहुंच चुकी है।
सांसद ने कहा कि यह परियोजना आने वाले समय में पूरे तराई क्षेत्र के विकास की नई आधारशिला साबित होगी तथा रोजगार, व्यापार और आवागमन को नई गति मिलेगी।
उन्होंने यह भी बताया कि कानपुर से गोरखपुर चलने वाली चौरी-चौरा रेल सेवा को बढ़नी तक विस्तारित करने तथा गोरखपुर से आनंद विहार चलने वाली हमसफर रेल सेवा का प्रतिदिन संचालन शुरू कराने की मांग पर रेलवे स्तर पर परीक्षण प्रक्रिया जारी है। परीक्षण पूर्ण होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सांसद जगदंबिका पाल ने कहा कि जनता की हर मांग को गंभीरता से केंद्र सरकार तक पहुंचाया जा रहा है और क्षेत्र के विकास के लिए लगातार प्रयास जारी रहेंगे।
इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष दीपक मौर्य, फतेह बहादुर सिंह सहित बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। पत्रकार वार्ता के दौरान क्षेत्र में रेल विकास को लेकर उत्साह और खुशी का माहौल देखने को मिला।
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बांसी तहसील में गरजी आजाद अधिकार सेना, गैस संकट और बढ़ती कीमतों पर सरकार से मांगा जवाब
सिद्धार्थनगर जिले की बांसी तहसील में आजाद अधिकार सेना ने जिलाध्यक्ष उपेन्द्र चतुर्वेदी के नेतृत्व में जोरदार जनजागरूकता अभियान चलाते हुए रसोई गैस संकट को लेकर सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद की। संगठन ने उपजिलाधिकारी बांसी के माध्यम से भारत की राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर गैस आपूर्ति व्यवस्था में सुधार और बढ़ती कीमतों पर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।
ज्ञापन में कहा गया कि देश में रसोई गैस की भारी कमी, लंबी वेटिंग, कालाबाजारी और आपूर्ति बाधित होने से आम नागरिक परेशान हैं। कई क्षेत्रों में गैस सिलेंडर समय से नहीं पहुंच पा रहे हैं, जिससे लोगों में असुरक्षा और अफरा-तफरी जैसी स्थिति बन रही है।
संगठन ने आरोप लगाया कि मई 2026 में 19 किलो के कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में 933 रुपये और 5 किलो वाले छोटे सिलेंडर में 261 रुपये की बढ़ोतरी ने छोटे व्यापारियों और गरीब परिवारों की कमर तोड़ दी है।
आजाद अधिकार सेना ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि खराब योजना, दूरदर्शिता की कमी, बफर स्टॉक का अभाव और पारदर्शिता में कमी के कारण यह संकट और गहरा हुआ है।
संगठन ने मांग की कि केंद्र सरकार तत्काल श्वेत पत्र जारी करे, सर्वदलीय समिति का गठन करे, गैस आपूर्ति व्यवस्था को सुचारू बनाए और कालाबाजारी पर कड़ी कार्रवाई करे। साथ ही रसोई गैस की कीमतों में आगे बढ़ोतरी रोकने की मांग भी उठाई गई।
कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि आम जनता की समस्याओं का जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
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मुख्यमंत्री द्वारा शिक्षामित्रों को बढ़े मानदेय का चेक वितरण का सिद्धार्थनगर में लाइव प्रसारण
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा गोरखपुर से शिक्षामित्रों के सम्मान एवं बढ़े हुए मानदेय वितरण कार्यक्रम का लाइव प्रसारण सिद्धार्थनगर के लोहिया कला भवन में देखा गया। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में हुआ कार्यक्रम
कार्यक्रम में सांसद जगदम्बिका पाल, विधायक जय प्रताप सिंह, श्यामधनी राही, विनय वर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मौर्या, जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन और मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह मौजूद रहे।
सभी अतिथियों ने सरस्वती प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
शिक्षामित्रों के मानदेय में ऐतिहासिक वृद्धि
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में बताया कि पहले शिक्षामित्रों को ₹3500 मानदेय मिलता था, जिसे पहले बढ़ाकर ₹10,000 किया गया और अब ₹8000 की बढ़ोतरी के साथ ₹18,000 प्रति माह कर दिया गया है। यह बढ़ा हुआ मानदेय 1 अप्रैल से लागू कर दिया गया है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के करीब 1.43 लाख शिक्षामित्रों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।
महिला शिक्षामित्रों को मिलेगी नजदीकी तैनाती
मुख्यमंत्री ने महिला शिक्षामित्रों के लिए राहत की बात करते हुए कहा कि उन्हें उनके घर के नजदीक विद्यालयों में तैनाती देने की दिशा में सरकार काम कर रही है। इससे उनकी कार्यक्षमता और सुविधा दोनों बढ़ेगी।
गुणवत्तापूर्ण और डिजिटल शिक्षा पर जोर
मुख्यमंत्री ने शिक्षकों से अपील की कि वे सकारात्मक सोच के साथ बच्चों को डिजिटल और तकनीकी शिक्षा दें। उन्होंने कहा कि अभिभावक अपने बच्चों को विश्वास के साथ स्कूल भेजते हैं, इसलिए शिक्षकों की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है।
‘स्कूल चलो अभियान’ से ड्रॉपआउट खत्म करने का लक्ष्य
प्रदेश सरकार द्वारा चलाए जा रहे ‘स्कूल चलो अभियान’ के तहत ड्रॉपआउट बच्चों को फिर से शिक्षा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। लक्ष्य है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे।
विद्यालयों में सुविधाओं का विस्तार
सरकार द्वारा बेसिक शिक्षा के स्कूलों में स्मार्ट क्लास, फर्नीचर, पेयजल, शौचालय जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। साथ ही 1.60 करोड़ बच्चों को यूनिफॉर्म, किताबें, जूते-मोजे और बैग दिए जा रहे हैं, जिससे अभिभावकों पर आर्थिक बोझ कम हो।
जनप्रतिनिधियों ने दी शुभकामनाएं
सांसद जगदम्बिका पाल ने कहा कि शिक्षामित्र शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ हैं और उन्हें पूरी निष्ठा से कार्य करना चाहिए।
विधायक जय प्रताप सिंह ने कहा कि शिक्षामित्रों की भूमिका ग्रामीण शिक्षा में बेहद महत्वपूर्ण है।
अन्य विधायकों ने भी इस निर्णय को सराहनीय बताते हुए शिक्षामित्रों से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने की अपील की।
प्रतीकात्मक चेक वितरण और सांस्कृतिक कार्यक्रम
कार्यक्रम के दौरान 10 शिक्षामित्रों को बढ़े हुए मानदेय का प्रतीकात्मक चेक वितरित किया गया।
बेसिक शिक्षा विभाग के बच्चों ने सरस्वती वंदना और स्वागत गीत प्रस्तुत कर कार्यक्रम को सांस्कृतिक रंग दिया।
अधिकारियों का संदेश
जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने शिक्षकों से समय पर विद्यालय पहुंचने और एआई जैसी नई तकनीकों की जानकारी बच्चों को देने की अपील की। उन्होंने सभी शिक्षामित्रों को बधाई दी।
कार्यक्रम में ये रहे उपस्थित
इस दौरान सांसद प्रतिनिधि एस.पी. अग्रवाल, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शैलेष कुमार, खंड शिक्षा अधिकारी, शिक्षामित्र एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
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मुख्यमंत्री द्वारा शिक्षामित्रों को बढ़े मानदेय का चेक वितरण का सिद्धार्थनगर में लाइव प्रसारण
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा गोरखपुर से शिक्षामित्रों के सम्मान एवं बढ़े हुए मानदेय वितरण कार्यक्रम का लाइव प्रसारण सिद्धार्थनगर के लोहिया कला भवन में देखा गया। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में हुआ कार्यक्रम
कार्यक्रम में सांसद जगदम्बिका पाल, विधायक जय प्रताप सिंह, श्यामधनी राही, विनय वर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मौर्या, जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन और मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह मौजूद रहे।
सभी अतिथियों ने सरस्वती प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
शिक्षामित्रों के मानदेय में ऐतिहासिक वृद्धि
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में बताया कि पहले शिक्षामित्रों को ₹3500 मानदेय मिलता था, जिसे पहले बढ़ाकर ₹10,000 किया गया और अब ₹8000 की बढ़ोतरी के साथ ₹18,000 प्रति माह कर दिया गया है। यह बढ़ा हुआ मानदेय 1 अप्रैल से लागू कर दिया गया है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के करीब 1.43 लाख शिक्षामित्रों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।
महिला शिक्षामित्रों को मिलेगी नजदीकी तैनाती
मुख्यमंत्री ने महिला शिक्षामित्रों के लिए राहत की बात करते हुए कहा कि उन्हें उनके घर के नजदीक विद्यालयों में तैनाती देने की दिशा में सरकार काम कर रही है। इससे उनकी कार्यक्षमता और सुविधा दोनों बढ़ेगी।
गुणवत्तापूर्ण और डिजिटल शिक्षा पर जोर
मुख्यमंत्री ने शिक्षकों से अपील की कि वे सकारात्मक सोच के साथ बच्चों को डिजिटल और तकनीकी शिक्षा दें। उन्होंने कहा कि अभिभावक अपने बच्चों को विश्वास के साथ स्कूल भेजते हैं, इसलिए शिक्षकों की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है।
‘स्कूल चलो अभियान’ से ड्रॉपआउट खत्म करने का लक्ष्य
प्रदेश सरकार द्वारा चलाए जा रहे ‘स्कूल चलो अभियान’ के तहत ड्रॉपआउट बच्चों को फिर से शिक्षा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। लक्ष्य है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे।
विद्यालयों में सुविधाओं का विस्तार
सरकार द्वारा बेसिक शिक्षा के स्कूलों में स्मार्ट क्लास, फर्नीचर, पेयजल, शौचालय जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। साथ ही 1.60 करोड़ बच्चों को यूनिफॉर्म, किताबें, जूते-मोजे और बैग दिए जा रहे हैं, जिससे अभिभावकों पर आर्थिक बोझ कम हो।
जनप्रतिनिधियों ने दी शुभकामनाएं
सांसद जगदम्बिका पाल ने कहा कि शिक्षामित्र शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ हैं और उन्हें पूरी निष्ठा से कार्य करना चाहिए।
विधायक जय प्रताप सिंह ने कहा कि शिक्षामित्रों की भूमिका ग्रामीण शिक्षा में बेहद महत्वपूर्ण है।
अन्य विधायकों ने भी इस निर्णय को सराहनीय बताते हुए शिक्षामित्रों से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने की अपील की।
प्रतीकात्मक चेक वितरण और सांस्कृतिक कार्यक्रम
कार्यक्रम के दौरान 10 शिक्षामित्रों को बढ़े हुए मानदेय का प्रतीकात्मक चेक वितरित किया गया।
बेसिक शिक्षा विभाग के बच्चों ने सरस्वती वंदना और स्वागत गीत प्रस्तुत कर कार्यक्रम को सांस्कृतिक रंग दिया।
अधिकारियों का संदेश
जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने शिक्षकों से समय पर विद्यालय पहुंचने और एआई जैसी नई तकनीकों की जानकारी बच्चों को देने की अपील की। उन्होंने सभी शिक्षामित्रों को बधाई दी।
कार्यक्रम में ये रहे उपस्थित
इस दौरान सांसद प्रतिनिधि एस.पी. अग्रवाल, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शैलेष कुमार, खंड शिक्षा अधिकारी, शिक्षामित्र एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
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जमीनी विवाद में मौत के बाद सियासत तेज, पीड़ित परिवार से मिले भाजपा नेता—दोषियों पर सख्त कार्रवाई का भरोसा
सिद्धार्थनगर। जिले के लोटन विकास खंड के कोल्हुआ गांव में जमीनी विवाद में हुई युवक संदीप यादव की मौत के बाद अब सियासी हलचल तेज हो गई है। रविवार सुबह करीब 10 बजे कपिलवस्तु विधायक श्यामधनी राही, नगर पालिका अध्यक्ष गोविंद माधव, भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मौर्या और विधायक प्रतिनिधि सत्य प्रकाश राही पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे।
नेताओं ने मृतक के पिता भोला यादव और परिजनों को ढांढस बंधाते हुए हर संभव मदद का भरोसा दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और मामले में निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
इस दौरान यह भी सामने आया कि घटना में मृतक की मां और बहन भी घायल हुई हैं। मौके पर मौजूद जनप्रतिनिधियों ने तत्काल डॉक्टरों की टीम बुलवाकर उनका स्वास्थ्य परीक्षण कराया और बेहतर इलाज के लिए अस्पताल भिजवाया, साथ ही दवाइयों की व्यवस्था भी कराई।
नेताओं ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि बीते दो दिनों में कई राजनीतिक दलों के लोग मौके पर पहुंचे, लेकिन उन्होंने केवल बयानबाजी और राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास किया, जबकि घायल महिलाओं की सुध तक नहीं ली।
वहीं, मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों से आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और कड़ी सजा की मांग की। इस पर नेताओं ने थाना प्रभारी हरिओम कुशवाहा को निर्देशित करते हुए टीम गठित कर जल्द कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
ग्राउंड रिएक्शन
ग्रामीणों ने भाजपा प्रतिनिधिमंडल के पहुंचने और घायल महिलाओं के इलाज की व्यवस्था कराने की सराहना की। ग्रामीणों का कहना था कि अब तक आए अन्य नेताओं ने केवल औपचारिकता निभाई, जबकि इस प्रतिनिधिमंडल ने वास्तविक स्थिति को समझने और मदद करने का प्रयास किया।
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यह रिपोर्ट स्थानीय सूत्रों और मौके पर मौजूद लोगों से प्राप्त जानकारी पर आधारित है। मामले की जांच जारी है, अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
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24 घंटे में हत्या का खुलासा: 1 आरोपी गिरफ्तार, 3 बाल अपचारी अभिरक्षा में
जनपद सिद्धार्थनगर के थाना मोहाना क्षेत्र में हुई हत्या की घटना का पुलिस ने महज़ 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार करते हुए तीन बाल अपचारीगण को अभिरक्षा में लिया है। सभी के विरुद्ध आवश्यक विधिक कार्यवाही पूरी कर उन्हें न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया है।
पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन के आदेश, अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार के निर्देशन तथा क्षेत्राधिकारी सदर विश्वजीत सौरयान (IPS) के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी सुरेन्द्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में की गई।
बताया गया कि थाना मोहाना में दर्ज मुकदमा संख्या 63/2026, धारा 103(1)/3(5) बीएनएस से संबंधित इस प्रकरण में पुलिस टीम ने सक्रियता दिखाते हुए मोहाना पुल के पास स्थित अमरूद के बाग से आरोपी वजीर अहमद पुत्र जलाल मोहम्मद निवासी मधुबनी टोला जिगनिहवा को गिरफ्तार किया। साथ ही तीन बाल अपचारीगण को भी अभिरक्षा में लिया गया।
घटना में प्रयुक्त एक लकड़ी का टेढ़ा डंडा (आलाकत्ल) भी पुलिस ने बरामद किया है।
पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की विधिक कार्रवाई जारी है तथा सभी तथ्यों की गहन जांच की जा रही है।
यह खबर पुलिस द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस नोट के आधार पर प्रसारित की जा रही है।
मामले की अंतिम पुष्टि न्यायालय के निर्णय के अधीन होगी।
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सिद्धार्थनगर में सनसनीखेज मामला! किशोर की संदिग्ध मौत से मचा हड़कंप
जनपद सिद्धार्थनगर के मोहाना थाना क्षेत्र के शिवपतिनगर टोला मोहाना चौक थाना मोहाना मार्ग पर उस वक्त सनसनी फैल गई, जब एक किशोर का शव संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद हुआ।
📍 मृतक की पहचान सगीर पुत्र कलीमुल्लाह के रूप में हुई है, जिसका शव घर से महज कुछ मीटर दूरी पर मिला।
⚠️ शव पर गंभीर चोटों के निशान – मुंह, नाक और सिर पर गहरी चोटें मिलने से मामला हत्या का प्रतीत हो रहा है।
👨👩👦 परिजनों का आरोप – गांव के ही 4 युवकों पर हत्या का आरोप लगाया गया है। परिजनों का कहना है कि सगीर की किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी।
❓ बड़ा सवाल – आखिर एक मासूम किशोर की जान किसने और क्यों ली?
🚔 प्रशासन से मांग – निष्पक्ष जांच हो और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
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सिद्धार्थनगर में दर्दनाक हादसा: जर्जर पानी की टंकी बनी मौत का कारण, एक मासूम की जान गई
सीढ़ी टूटने से 100 फीट नीचे गिरे 3 बच्चे, 2 का इलाज जारी, 2 टंकी पर फंसे—रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले से एक बेहद दर्दनाक और चिंताजनक घटना सामने आई है, जिसने सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सदर थाना क्षेत्र स्थित कांशीराम आवास योजना के पास बनी एक पुरानी और परित्यक्त पानी की टंकी अचानक हादसे का कारण बन गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह टंकी करीब दो दशक पहले ही अनुपयोगी घोषित की जा चुकी थी, बावजूद इसके वहां पर्याप्त सुरक्षा या घेराबंदी नहीं थी।
शनिवार दोपहर, 5 बच्चे खेलते हुए टंकी पर चढ़ गए। इनमें से 2 बच्चे ऊपर पहुंच गए, जबकि 3 बच्चे जैसे ही ऊपर पहुंचने वाले थे, तभी बीच की सीढ़ी अचानक टूटकर नीचे लटक गई। इसके बाद लगभग 100 फीट की ऊंचाई से तीन बच्चे नीचे गिर पड़े।
घटना की तेज आवाज सुनकर स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और तुरंत पुलिस व प्रशासन को सूचना दी। घायलों को तत्काल मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया, जहां 14 वर्षीय सिद्धार्थ को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। वहीं 13 वर्षीय गोलू और 11 वर्षीय सनी का उपचार जारी है।
इस बीच, टंकी के ऊपर फंसे 2 अन्य बच्चों को सुरक्षित नीचे उतारने के लिए राहत और बचाव दल ने मोर्चा संभाल लिया है।
घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन सक्रिय हो गया। जिलाधिकारी सहित वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू ऑपरेशन की निगरानी शुरू कर दी गई। अधिकारियों के अनुसार, डिजास्टर रिस्पॉन्स टीम को भी अलर्ट कर दिया गया है और समन्वय के साथ बचाव कार्य तेज किया गया है।
क्या इस परित्यक्त और जर्जर टंकी को सुरक्षित नहीं किया जाना चाहिए था?
क्या ऐसे खतरनाक ढांचे बच्चों की पहुंच में खुले छोड़ना बड़ी लापरवाही नहीं है?
फिलहाल प्रशासन राहत और बचाव कार्य में जुटा है और पूरे मामले की जांच की बात कही जा रही है। यह घटना एक चेतावनी की तरह है कि समय रहते खतरनाक संरचनाओं को सुरक्षित करना बेहद जरूरी है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों से बचा जा सके।
— FT News Digital
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रोडवेज कर्मचारियों का उबाल: 9 सूत्रीय मांगों पर सरकार को अल्टीमेटम, आंदोलन होगा और तेज
19 सितंबर तक समाधान नहीं तो प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी, कर्मचारियों ने उठाई अपनी पीड़ा
सिद्धार्थनगर।
उत्तर प्रदेश रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद की सिद्धार्थनगर डिपो शाखा के तत्वावधान में आयोजित धरना-प्रदर्शन ने कर्मचारियों की बढ़ती बेचैनी और असंतोष को खुलकर सामने ला दिया। प्रदेश स्तरीय आह्वान पर हुए इस प्रदर्शन में कर्मचारियों की एकजुटता और अपनी मांगों को लेकर गंभीरता स्पष्ट रूप से दिखाई दी।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में वाई पी यादव (अध्यक्ष, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद उत्तर प्रदेश) उपस्थित रहे। उनके साथ शिवाकांत पांडे (जिला मंत्री), गोविंद ओझा (वरिष्ठ उपाध्यक्ष), रत्नेश दुबे (कोषाध्यक्ष) भी मौजूद रहे, जिन्होंने कर्मचारियों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया।
धरना-प्रदर्शन की अध्यक्षता दिनेश चंद्र मिश्र ने की, जबकि कार्यक्रम का संचालन अष्टभुजा पांडे (शाखा मंत्री) द्वारा किया गया।

धरना स्थल पर वक्ताओं ने कहा कि कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित समस्याओं पर यदि समय रहते ध्यान नहीं दिया गया, तो इसका असर न केवल कर्मचारियों बल्कि परिवहन व्यवस्था पर भी पड़ सकता है। उन्होंने सरकार से अपेक्षा जताई कि कर्मचारियों के हितों को प्राथमिकता देते हुए समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएं।
इस दौरान कर्मचारियों ने अपनी 9 सूत्रीय मांगों को लेकर एक विस्तृत ज्ञापन सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक विजय शंकर गंगवार को सौंपा और जल्द समाधान की मांग की।
कार्यक्रम में बृजेश पांडे (फार्मासिस्ट), विजय मिश्रा, सुरेश चंद्र, गणेश शंकर मिश्रा, गोरखनाथ पांडे, मोहम्मद अशरफ, अमित मिश्रा, दीपक गौड़ सहित अन्य कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी रही। वहीं राजकुमार यादव, रिजवान मुल्ला, मनोज सिंह, रामायण उपाध्याय, अल्लाह हुसैन, विनोद मिश्रा, लवकुश शुक्ला, जितेंद्र उपाध्याय, सत्य प्रताप सिंह समेत बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे।

धरना-प्रदर्शन में यह स्पष्ट संदेश देने की कोशिश की गई कि कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर गंभीर हैं, लेकिन उन्होंने लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज शासन-प्रशासन तक पहुंचाने का रास्ता चुना है।

संतुलित निष्कर्ष (चैनल सुरक्षा)
कर्मचारियों द्वारा अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराया गया है। शासन-प्रशासन से अपेक्षा जताई गई है कि वह कर्मचारियों की समस्याओं पर संवेदनशीलता के साथ विचार करे। इस संबंध में संबंधित विभाग की आधिकारिक प्रतिक्रिया समाचार लिखे जाने तक प्राप्त नहीं हो सकी है।
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जमीनी विवाद में मौत: नामजद और अज्ञात समेत कई पर मुकदमा, जांच तेज
सिद्धार्थनगर | FT News Digital
सिद्धार्थनगर के लोटन थाना क्षेत्र में जमीनी विवाद में युवक की मौत के मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज करते हुए मुकदमा पंजीकृत कर लिया है। इस प्रकरण में पहले से दर्ज मुकदमे में कई नामजद और कुछ अज्ञात आरोपियों को शामिल किया गया है, जबकि जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर अन्य नामों को भी जोड़ा गया है।
सूत्रों के मुताबिक, मृतक पक्ष द्वारा दी गई तहरीर और उपलब्ध साक्ष्यों (जिनमें कथित वीडियो/ऑडियो का भी उल्लेख है) के आधार पर पुलिस ने विभिन्न धाराओं में मुकदमे का विस्तार किया है। हालांकि, आरोपियों के नाम पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज हैं, लेकिन जांच पूरी होने से पहले उनकी भूमिका की पुष्टि होना बाकी है।
इससे पहले, घटना के विरोध में परिजन और ग्रामीण करीब 5 घंटे तक धरने पर बैठे रहे, जिसके बाद प्रशासन ने तत्काल संज्ञान लेते हुए मुकदमा दर्ज किया। इसी दौरान प्रशासनिक फेरबदल करते हुए तत्कालीन कोतवाल को हटाकर नए प्रभारी की तैनाती भी की गई।
पुलिस ने हालात को नियंत्रित करते हुए मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
महत्वपूर्ण: इस मामले में सामने आए नाम और दावे जांच का हिस्सा हैं। चैनल किसी भी आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता है।
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जमीनी विवाद में युवक की मौत, 5 घंटे जाम के बाद प्रशासन का सख्त एक्शन
📍 सिद्धार्थनगर | लोटन से विशेष रिपोर्ट

जनपद सिद्धार्थनगर के लोटन थाना क्षेत्र में जमीनी विवाद ने गंभीर रूप लेते हुए एक युवक की जान ले ली। घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों का आक्रोश सड़क पर फूट पड़ा, जिसके चलते लोटन चौराहे पर करीब 5 घंटे तक यातायात बाधित रहा।
हालांकि, पुलिस प्रशासन की तत्परता और संयमित कार्रवाई से स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया और बातचीत के बाद जाम समाप्त कराया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 24 अप्रैल को गदमरहवा गांव निवासी राममिलन और कोल्हुआ निवासी संदीप यादव के परिवारों के बीच जमीन को लेकर विवाद हुआ था।

यह विवाद बाद में मारपीट में बदल गया, जिसमें संदीप यादव गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें पहले स्थानीय स्तर पर उपचार दिया गया, लेकिन हालत बिगड़ने पर लखनऊ रेफर किया गया, जहां 28 अप्रैल की शाम इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।

पुलिस के अनुसार, मामले की जांच जारी है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
सड़क पर उतरा जन आक्रोश, 5 घंटे जाम

मृत्यु की सूचना मिलते ही परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो गए। बुधवार सुबह लोटन चौराहे पर शव रखकर प्रदर्शन शुरू किया गया, जिससे मुख्य मार्ग पर लंबा जाम लग गया।
करीब 5 घंटे तक चले इस प्रदर्शन के दौरान मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और लोगों से संवाद स्थापित किया।

पुलिस की सक्रियता से संभले हालात
अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार प्रसाद ने मौके पर पहुंचकर परिजनों से बातचीत की और निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन दिया।
अधिकारियों के समझाने और भरोसा दिलाने के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ और यातायात बहाल किया गया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
प्रशासन का बड़ा कदम
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने विभागीय स्तर पर कार्रवाई करते हुए लोटन कोतवाली प्रभारी दिनेश कुमार सरोज को तत्काल प्रभाव से हटा दिया है।
उनकी जगह हरिओम कुशवाहा को नया प्रभारी नियुक्त किया गया है, जिन्होंने मामले की जांच और आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
सूत्रों के अनुसार, यह निर्णय जनभावना और स्थिति की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
यह घटना दर्शाती है कि जमीनी विवाद जैसे मुद्दों को समय रहते सुलझाना कितना आवश्यक है।
फिलहाल प्रशासन की सक्रियता से क्षेत्र में शांति बनी हुई है और मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।
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“सिद्धार्थनगर में सड़कों पर उतरी महिलाओं का आक्रोश—आरक्षण की मांग को लेकर पुतला दहन, व्यवस्था को खुली चेतावनी”
मोहन चौराहे पर सैकड़ों महिलाओं का प्रदर्शन, ‘हक और हिस्सेदारी’ को लेकर तेज हुआ आंदोलन

सिद्धार्थनगर जनपद के नौगढ़ क्षेत्र अंतर्गत मुहाना थाना इलाके के मोहन चौराहे पर सोमवार को उस समय माहौल गरमा गया, जब सैकड़ों की संख्या में महिलाओं ने सड़क पर उतरकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। महिलाओं ने अपने अधिकारों और राजनीतिक हिस्सेदारी की मांग को लेकर नारेबाजी की और प्रतीकात्मक पुतला दहन कर अपना आक्रोश जताया।
मौके पर मौजूद दृश्य यह साफ संकेत दे रहा था कि यह प्रदर्शन केवल औपचारिक विरोध नहीं, बल्कि लंबे समय से चली आ रही मांगों के प्रति बढ़ती बेचैनी और असंतोष का परिणाम है।
नेतृत्व और भागीदारी
इस आंदोलन की अगुवाई
ब्लॉक प्रमुख रेनू मिश्रा,
महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष अरुण मिश्रा,
और नगर अध्यक्ष गायत्री मिश्रा ने की।
वहीं प्रदर्शन में शामिल प्रमुख महिलाओं में
किरन देवी, नीमा देवी, सूरजमती देवी, अनीता देवी, तारामती, सरोज देवी, उर्मिला देवी, मीना देवी, कमलावती देवी, सुभावती देवी, रामवती देवी, कलावती देवी, सुनीता, सुमन, गुड़िया, संगीता देवी, रंजन मौर्य, निरमा देवी, सत्यभामा, नेमा देवी, सुशीला देवी, रिंकी, रीता पांडे, बबीता देवी, पूनम देवी
की सक्रिय भागीदारी रही।
कार्यक्रम में
ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि राजेश मिश्रा,
अजय गुप्ता,
मंडल महामंत्री वीरेंद्र कुमार,
और मंडल मंत्री करीम खान भी मौजूद रहे।
विरोध का तरीका और संदेश
महिलाओं ने सड़क पर उतरकर:
जोरदार नारेबाजी की
पुतला दहन कर विरोध दर्ज कराया
एकजुटता के साथ अपनी मांगों को रखा
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि अगर उनकी मांगों को जल्द नहीं माना गया, तो यह आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है।
महिला आरक्षण बिल—मुद्दे की जड़
जिस मुद्दे को लेकर यह प्रदर्शन हुआ, वह है महिला आरक्षण बिल।
बिल का उद्देश्य:
लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं को 33% आरक्षण देना
महिलाओं को नीति निर्माण में भागीदारी देना
राजनीतिक क्षेत्र में लैंगिक समानता सुनिश्चित करना
आक्रोश क्यों?
प्रदर्शनकारियों के अनुसार:
बिल के बावजूद जमीनी स्तर पर लागू करने में देरी
महिलाओं को तत्काल राजनीतिक अवसर नहीं मिल पा रहे
केवल घोषणा नहीं, बल्कि ठोस क्रियान्वयन की जरूरत
प्रशासनिक स्थिति
राहत की बात यह रही कि प्रदर्शन के दौरान स्थिति पूरी तरह शांतिपूर्ण बनी रही। प्रशासन की मौजूदगी में कार्यक्रम संपन्न हुआ और किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना सामने नहीं आई।
सिद्धार्थनगर की सड़कों पर उतरी यह भीड़ अब एक साफ संदेश दे रही है—
महिलाएं अब केवल दर्शक नहीं, निर्णायक भूमिका चाहती हैं।
अगर उनकी आवाज अनसुनी रही, तो यह आंदोलन और तेज और व्यापक हो सकता है।
