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सपा सांसद की कथित टिप्पणी पर देशभर में उबाल, सिद्धार्थनगर में भाजपा महिला मोर्चा का जोरदार प्रदर्शन
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सपा सांसद की कथित टिप्पणी पर देशभर में उबाल, सिद्धार्थनगर में भाजपा महिला मोर्चा का जोरदार प्रदर्शन
FT News Digital
सिद्धार्थनगर।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर समाजवादी पार्टी के एक सांसद द्वारा की गई कथित अभद्र टिप्पणी के बाद देशभर में राजनीतिक माहौल गरमा गया है। कई राज्यों में भाजपा कार्यकर्ताओं और महिला मोर्चा द्वारा विरोध प्रदर्शन किए गए, वहीं सिद्धार्थनगर में भी इसका व्यापक असर देखने को मिला। गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा की पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं ने जिला मुख्यालय पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया और कलेक्ट्रेट परिसर में रैली निकालकर अपना विरोध दर्ज कराया।
हाथों में तख्तियां और पार्टी के झंडे लिए महिला मोर्चा कार्यकर्ताओं ने सांसद के बयान को लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ बताते हुए जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि देश के प्रधानमंत्री के खिलाफ अमर्यादित भाषा का प्रयोग राजनीतिक शिष्टाचार के विपरीत है और इससे समाज में गलत संदेश जाता है।
प्रदर्शन के दौरान महिला मोर्चा की पदाधिकारियों ने कहा कि भारतीय राजनीति की गरिमा बनाए रखना सभी जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रकार की बयानबाजी केवल राजनीतिक माहौल को भड़काने का काम करती है। कार्यकर्ताओं ने यह भी कहा कि देशभर में महिलाओं और भाजपा समर्थकों में इस बयान को लेकर गहरा आक्रोश है।
कलेक्ट्रेट परिसर में हुए प्रदर्शन के बाद भाजपा महिला मोर्चा के प्रतिनिधिमंडल ने जिला प्रशासन के माध्यम से राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में संबंधित सांसद के बयान की निंदा करते हुए उचित कार्रवाई की मांग की गई।
प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क दिखाई दिया। कलेक्ट्रेट परिसर और आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही तथा पुलिस बल की मौजूदगी में पूरे कार्यक्रम को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया गया।
राजनीतिक जानकारों की मानें तो इस बयान को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा और अधिक तूल पकड़ सकता है।
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पेट्रोल पंप विवाद ने पकड़ा सियासी रंग
UP | Siddharthnagar
भाजपा पदाधिकारी के आरोप, वायरल वीडियो और एफआईआर के बाद जिले में चर्चाओं का बाजार गर्म
सिद्धार्थनगर।
जनपद के बर्डपुर क्षेत्र स्थित एक पेट्रोल पंप पर डीजल दिए जाने को लेकर शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का बड़ा विषय बन गया है। भाजपा पदाधिकारी द्वारा लगाए गए गंभीर आरोप, सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो, प्रशासनिक हस्तक्षेप और पुलिस कार्रवाई के बाद मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मामला 10 मई 2026 की शाम का बताया जा रहा है। शिकायतकर्ता एवं भारतीय जनता पार्टी के जिला मंत्री अविनाश सिंह ने आरोप लगाया है कि वह अपनी कार में डीजल भरवाने के लिए मधुबेनिया बर्डपुर स्थित मेकरानी ऑयल कंपनी पहुंचे थे।
शिकायतकर्ता के मुताबिक, पेट्रोल पंप कर्मचारियों ने कथित तौर पर ₹300 का मोबिल ऑयल खरीदने की बात कहते हुए डीजल देने से इनकार कर दिया। आरोप है कि इसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया और देखते ही देखते माहौल तनावपूर्ण हो गया।
अविनाश सिंह का कहना है कि सूचना मिलने पर पंप संचालक चाँद मोहम्मद उर्फ चाँद भाई मौके पर पहुंचे, जहां कथित रूप से अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि कर्मचारियों को बुलाकर उन्हें पंप परिसर से बाहर निकालने का प्रयास भी किया गया।
मामले को लेकर शिकायतकर्ता का दावा है कि स्थिति बिगड़ती देख उन्होंने तत्काल जिलाधिकारी के सीयूजी नंबर पर फोन कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। आरोप यह भी लगाया गया है कि प्रशासनिक स्तर पर बातचीत के बावजूद विवाद शांत नहीं हुआ और कथित तौर पर धमकी भरे शब्दों का इस्तेमाल किया गया।
इसी बीच पूरे घटनाक्रम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वायरल वीडियो में एक व्यक्ति खुद को भारतीय जनता पार्टी का “जिला महामंत्री” बताते हुए दिखाई दे रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद जिले की राजनीतिक सरगर्मियां और तेज हो गईं।
हालांकि, जब इस पूरे मामले को लेकर भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मौर्य से सवाल किया गया, तो उन्होंने स्पष्ट कहा कि संबंधित व्यक्ति भारतीय जनता पार्टी का सदस्य नहीं है और पार्टी से उसका कोई आधिकारिक संबंध नहीं है।
वहीं शिकायतकर्ता द्वारा जिलाधिकारी को दिए गए प्रार्थना पत्र और पुलिस को दी गई तहरीर के आधार पर कोतवाली सिद्धार्थनगर में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और वायरल वीडियो सहित सभी तथ्यों को जांच के दायरे में लिया गया है।
फिलहाल पुलिस वायरल वीडियो, शिकायत पत्र, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य उपलब्ध तथ्यों के आधार पर पूरे मामले की पड़ताल में जुटी हुई है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई किए जाने की बात कही जा रही है।
अब बड़ा सवाल यह है कि जांच में कौन-कौन से तथ्य सामने आते हैं…
क्या वायरल वीडियो और लगाए गए आरोप जांच में प्रमाणित होंगे…
और प्रशासन इस पूरे मामले में आगे क्या कदम उठाता है…
फिलहाल सिद्धार्थनगर का यह पेट्रोल पंप विवाद जिले में राजनीतिक बहस और चर्चाओं का केंद्र बना हुआ है।
(नोट : यह समाचार शिकायतकर्ता के आरोपों, वायरल वीडियो, पुलिस तहरीर एवं उपलब्ध स्थानीय जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। मामले की जांच जारी है। संबंधित पक्ष का आधिकारिक पक्ष सामने आने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।)
FT News Digital
“सच और… कुछ नहीं।”
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समर्पण दिवस पर मानवता की मिसाल, 26 लोगों ने किया रक्तदान
बाबा हरदेव सिंह की स्मृति में संत निरंकारी मिशन का प्रेरणादायक आयोजन
सिद्धार्थनगर में बुधवार को संत निरंकारी मिशन द्वारा आयोजित ‘समर्पण दिवस’ कार्यक्रम मानव सेवा, प्रेम और सामाजिक जिम्मेदारी का प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आया। युगदृष्टा बाबा हरदेव सिंह की पावन स्मृति में आयोजित इस कार्यक्रम में 26 महात्माओं ने स्वेच्छा से रक्तदान कर मानवता के प्रति अपने समर्पण का परिचय दिया।

रक्तदान शिविर में स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा 26 यूनिट रक्त संग्रह किया गया। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि रक्तदान केवल सेवा नहीं, बल्कि जरूरतमंदों को जीवन देने का सबसे बड़ा माध्यम है। ऐसे आयोजनों से समाज में सकारात्मक सोच और मानवता की भावना मजबूत होती है।
सत्संग समारोह को संबोधित करते हुए महाराष्ट्र से आए महात्मा श्याम सिंह ने कहा कि बाबा हरदेव सिंह ने अपने जीवनभर प्रेम, सेवा, सहअस्तित्व और आत्मज्ञान का संदेश देकर करोड़ों लोगों को प्रेरित किया। उनके नेतृत्व में संत निरंकारी मिशन ने रक्तदान, स्वच्छता अभियान, वृक्षारोपण, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं जैसे अनेक सामाजिक कार्यों के माध्यम से समाज में नई जागरूकता पैदा की।
उन्होंने कहा कि “खून नालियों में नहीं, बल्कि नाड़ियों में बहना चाहिए” — बाबा जी का यह संदेश आज भी मानव सेवा की सबसे बड़ी प्रेरणा बना हुआ है। मिशन आज 67 से अधिक देशों में मानव कल्याण और नैतिक मूल्यों का संदेश पहुंचा रहा है।
कार्यक्रम में मिशन के मुखी डॉ. राजाराम यादव ने कहा कि हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी समर्पण दिवस पर रक्तदान शिविर आयोजित किया गया, ताकि जरूरतमंद मरीजों की सहायता की जा सके और लोगों को रक्तदान के प्रति जागरूक किया जा सके।
रक्तदान करने वालों में पूर्व विधायक विजय पासवान, राम प्यारे, राम सुमेर अंबेडकर, अनूप कुमार, मनीष कुमार, राजेश, राम उग्रह, दयानन्द, नीलकमल, बुधिराम, सुधीराम, सोमनाथ, रीता, अर्जुन, राम चरन, दीपक, राजेश गुप्ता, सुबाष, मोनू, कैलाश, चंदू, साधना, ओमकार, सुबाष चौरसिया और अनिल पासवान सहित कई महात्मा शामिल रहे।
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समर्पण दिवस पर मानवता की मिसाल, 26 लोगों ने किया रक्तदान
बाबा हरदेव सिंह की स्मृति में संत निरंकारी मिशन का प्रेरणादायक आयोजन
सिद्धार्थनगर में बुधवार को संत निरंकारी मिशन द्वारा आयोजित ‘समर्पण दिवस’ कार्यक्रम मानव सेवा, प्रेम और सामाजिक जिम्मेदारी का प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आया। युगदृष्टा बाबा हरदेव सिंह की पावन स्मृति में आयोजित इस कार्यक्रम में 26 महात्माओं ने स्वेच्छा से रक्तदान कर मानवता के प्रति अपने समर्पण का परिचय दिया।
रक्तदान शिविर में स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा 26 यूनिट रक्त संग्रह किया गया। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि रक्तदान केवल सेवा नहीं, बल्कि जरूरतमंदों को जीवन देने का सबसे बड़ा माध्यम है। ऐसे आयोजनों से समाज में सकारात्मक सोच और मानवता की भावना मजबूत होती है।
सत्संग समारोह को संबोधित करते हुए महाराष्ट्र से आए महात्मा श्याम सिंह ने कहा कि बाबा हरदेव सिंह ने अपने जीवनभर प्रेम, सेवा, सहअस्तित्व और आत्मज्ञान का संदेश देकर करोड़ों लोगों को प्रेरित किया। उनके नेतृत्व में संत निरंकारी मिशन ने रक्तदान, स्वच्छता अभियान, वृक्षारोपण, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं जैसे अनेक सामाजिक कार्यों के माध्यम से समाज में नई जागरूकता पैदा की।
उन्होंने कहा कि “खून नालियों में नहीं, बल्कि नाड़ियों में बहना चाहिए” — बाबा जी का यह संदेश आज भी मानव सेवा की सबसे बड़ी प्रेरणा बना हुआ है। मिशन आज 67 से अधिक देशों में मानव कल्याण और नैतिक मूल्यों का संदेश पहुंचा रहा है।
कार्यक्रम में मिशन के मुखी डॉ. राजाराम यादव ने कहा कि हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी समर्पण दिवस पर रक्तदान शिविर आयोजित किया गया, ताकि जरूरतमंद मरीजों की सहायता की जा सके और लोगों को रक्तदान के प्रति जागरूक किया जा सके।
रक्तदान करने वालों में पूर्व विधायक विजय पासवान, राम प्यारे, राम सुमेर अंबेडकर, अनूप कुमार, मनीष कुमार, राजेश, राम उग्रह, दयानन्द, नीलकमल, बुधिराम, सुधीराम, सोमनाथ, रीता, अर्जुन, राम चरन, दीपक, राजेश गुप्ता, सुबाष, मोनू, कैलाश, चंदू, साधना, ओमकार, सुबाष चौरसिया और अनिल पासवान सहित कई महात्मा शामिल रहे।
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परिवार से दूर शिक्षकों का फूटा दर्द, सिद्धार्थनगर में धरना देकर सरकार तक पहुंचाई आवाज
वरिष्ठता आधारित अंतर्जनपदीय स्थानांतरण नीति की मांग तेज, बीएसए के मौके पर न पहुंचने से शिक्षकों में दिखा आक्रोश

सिद्धार्थनगर। जनपद में वर्षों से परिवार से दूर रहकर सेवा दे रहे परिषदीय शिक्षक और शिक्षिकाओं का दर्द बुधवार को खुलकर सामने आ गया। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, जनपद सिद्धार्थनगर के नेतृत्व में बड़ी संख्या में शिक्षकों ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय परिसर में धरना प्रदर्शन कर अंतर्जनपदीय स्थानांतरण की मांग बुलंद की।

धरने का नेतृत्व संगठन के जिलाध्यक्ष एवं प्रदेश संयुक्त मंत्री आदित्य कुमार शुक्ल ने किया। प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन तहसीलदार को सौंपते हुए वरिष्ठता आधारित पारदर्शी स्थानांतरण नीति लागू किए जाने की मांग उठाई।

धरने में शामिल शिक्षकों का कहना था कि कई शिक्षक-शिक्षिकाएं पिछले दस से बारह वर्षों से अपने गृह जनपद से दूर तैनात हैं, जिससे उनका पारिवारिक और सामाजिक जीवन प्रभावित हो रहा है। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि वर्तमान स्थानांतरण व्यवस्था में आकांक्षी जनपदों के शिक्षकों को अपेक्षित अवसर नहीं मिल पा रहे हैं।
धरना स्थल पर उस समय नाराजगी और बढ़ गई जब ज्ञापन लेने के लिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मौके पर मौजूद नहीं रहे। शिक्षकों ने इसे उनकी समस्याओं के प्रति प्रशासनिक उदासीनता बताया। हालांकि बाद में तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा गया, लेकिन शिक्षक अपनी मांगों को लेकर धरने पर डटे रहे।
जिलाध्यक्ष आदित्य कुमार शुक्ल ने कहा कि संगठन शिक्षकों की वर्षों पुरानी पीड़ा को गंभीरता से महसूस कर रहा है और अब इस मुद्दे पर आर-पार की लड़ाई के मूड में है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही वरिष्ठता के आधार पर पारदर्शी अंतर्जनपदीय स्थानांतरण नीति लागू नहीं की गई तो आंदोलन जिला मुख्यालय से लेकर राजधानी लखनऊ तक पहुंचाया जाएगा।
जिला महामंत्री पंकज त्रिपाठी ने कहा कि लंबे समय से परिवार से दूर रह रहे शिक्षकों की समस्याओं को अब और नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। वहीं जिला कोषाध्यक्ष अभय सिंह ने शिक्षकों से एकजुट रहने की अपील करते हुए कहा कि संगठन शिक्षकों के अधिकारों की लड़ाई मजबूती से लड़ता रहेगा।
धरने को शिवपाल सिंह, जे.पी. गुप्ता, मनोज त्रिपाठी, आनन्द पाण्डेय, अरुण कुमार चतुर्वेदी, विपुल कुमार सिंह, रेनू मणि त्रिपाठी, विजय सिंह भास्कर, सुरेन्द्र गुप्ता, नवनीत पाण्डेय, राहुल कुमार, अंजनी झा, गोपेश दूबे, राकेश पाण्डेय, धर्मेन्द्र श्रीवास्तव, उमाकान्त गुप्ता, नगीना राय, आशीष पाण्डेय, अरुण भास्कर, प्रतिभा त्रिपाठी, अर्चना कटियार, विवेक द्विवेदी सहित अन्य शिक्षकों ने संबोधित किया।
धरना प्रदर्शन का संचालन संजय कुमार पाठक एवं सुरेन्द्र द्वारा किया गया।
“बच्चों का भविष्य संवारने वाले शिक्षक आज अपने परिवार से मिलने की उम्मीद लेकर धरने पर बैठने को मजबूर हैं।”
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दो महीने पहले बजी थी शहनाई, अब नवविवाहिता की संदिग्ध मौत से गांव में सनसनी
मायके पक्ष ने लगाया दहेज प्रताड़ना और हत्या का आरोप, पुलिस जांच में जुटी
सिद्धार्थनगर। जिले के डुमरियागंज थाना क्षेत्र के पचउथ गांव में एक नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। घटना को लेकर मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जबकि पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है।
जानकारी के अनुसार मृतका की पहचान मनीषा के रूप में हुई है, जिसकी शादी करीब दो महीने पहले पचउथ गांव निवासी देवदत्त मौर्य से हुई थी। बताया जा रहा है कि विवाह के कुछ समय बाद से ही दहेज को लेकर विवाद की बातें सामने आ रही थीं।
मृतका के परिजनों का आरोप है कि मनीषा को लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था। मृतका की माँ ने रोते हुए आरोप लगाया कि उनकी बेटी की दहेज के लिए हत्या की गई है और परिवार को न्याय चाहिए।
घटना की सूचना मिलते ही डुमरियागंज पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट समेत अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि मामला आत्महत्या का है या फिर हत्या का। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है। घटना के बाद गांव और आसपास के इलाकों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
पुलिस जांच के बाद ही साफ होगी मौत की असली वजह
मामले को लेकर स्थानीय लोगों में भी चिंता का माहौल है। वहीं परिजनों की मांग है कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
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पेट्रोल पंप पर डीजल देने से इनकार और अभद्रता का आरोप, भाजपा नेता ने डीएम से की कार्रवाई की मांग
“मोबिल खरीदो तभी मिलेगा डीजल?” — वायरल शिकायती पत्र से मचा हड़कंप

सिद्धार्थनगर। जिले में एक पेट्रोल पंप संचालक पर उपभोक्ताओं के साथ कथित मनमानी और अभद्र व्यवहार करने के आरोपों ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। भाजपा जिला मंत्री अविनाश सिंह द्वारा जिलाधिकारी को सौंपे गए एक शिकायती पत्र के बाद मामला चर्चा का विषय बन गया है। आरोप है कि पेट्रोल पंप पर डीजल देने से पहले जबरन मोबिल ऑयल खरीदने का दबाव बनाया गया और विरोध करने पर कथित रूप से धमकी तक दी गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 10 मई 2026 की शाम अविनाश सिंह अपनी कार में डीजल भरवाने के लिए बर्डपुर क्षेत्र स्थित मेकरानी ऑयल कंपनी पेट्रोल पंप पहुंचे थे। आरोप है कि वहां मौजूद कर्मचारियों ने ₹300 का मोबिल ऑयल खरीदने की शर्त रखी और बिना मोबिल खरीदे डीजल देने से इनकार कर दिया।
शिकायती पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि जब इस बात का विरोध किया गया तो पेट्रोल पंप संचालक और कर्मचारियों द्वारा कथित रूप से अभद्र व्यवहार किया गया। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि मामले के दौरान जान से मारने की धमकी भी दी गई, जिससे मौके पर तनावपूर्ण स्थिति बन गई।
भाजपा नेता ने जिलाधिकारी से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही पेट्रोल पंप के लाइसेंस और संचालन व्यवस्था की जांच कर आम उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा सुनिश्चित करने की अपील भी की गई है।
प्रशासनिक जांच के बाद ही साफ होगी तस्वीर
हालांकि, इस पूरे मामले में अभी तक प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। वहीं, संबंधित पेट्रोल पंप संचालक का पक्ष समाचार लिखे जाने तक सामने नहीं आ सका।
FT News Digital वायरल शिकायती पत्र में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता है। यह खबर उपलब्ध शिकायत पत्र और स्थानीय चर्चाओं के आधार पर प्रकाशित की जा रही है। मामले की वास्तविक स्थिति प्रशासनिक जांच और आधिकारिक तथ्यों के सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
जनता के बीच उठ रहे सवाल
क्या उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त सामान खरीदने का दबाव बनाया जा रहा है?
क्या पेट्रोल पंपों पर नियमों का पालन सही तरीके से हो रहा है?
आखिर आम उपभोक्ता अपनी शिकायत लेकर कहां जाए?
अब सभी की निगाहें प्रशासनिक जांच और आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं।
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सिद्धार्थनगर में विकास और सड़क सुरक्षा पर डीएम सख्त, मॉडल स्कूल निर्माण कार्य का किया निरीक्षण
सिद्धार्थनगर, 12 मई 2026। शिवशरणप्पा जीएन ने मंगलवार को मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय, उसका बाजार के निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने मुख्य भवन, प्रधानाचार्य आवास, स्टाफ आवास, वालवाटिका, डोरमेट्री और मेस सहित विभिन्न निर्माणाधीन भवनों का जायजा लिया।
जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि निर्माण कार्य निर्धारित गुणवत्ता और मानकों के अनुरूप समयबद्ध तरीके से पूर्ण कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्माण में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इसके बाद कलेक्ट्रेट सभागार में सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित हुई, जिसकी अध्यक्षता जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने की। बैठक में डा. अभिषेक महाजन भी मौजूद रहे।
बैठक में जिलाधिकारी ने स्कूल वाहनों की फिटनेस जांच कराने, बिना पंजीकरण और बिना फिटनेस वाले वाहनों के संचालन पर रोक लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने बिना परमिट चल रहे वाहनों पर कड़ी कार्रवाई करने और ओवरलोडिंग व ओवरस्पीड वाहनों का नियमित चालान करने के निर्देश एआरटीओ को दिए।
जिलाधिकारी ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को ब्लैक स्पॉट चिन्हित कर वहां साइन बोर्ड, गति सीमा बोर्ड तथा संकेतक बोर्डों की साफ-सफाई सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। साथ ही सभी वाहनों पर रिफ्लेक्टर लगाने और हाईवे किनारे स्थित विद्यालयों में यातायात जागरूकता अभियान चलाने को कहा।
उन्होंने लोगों से दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनने, तीन सवारी न बैठाने और चारपहिया वाहन चलाते समय सीट बेल्ट का प्रयोग अनिवार्य रूप से करने की अपील की। पेट्रोल पंपों पर “नो हेलमेट, नो पेट्रोल” अभियान को सख्ती से लागू कराने तथा रोडवेज चालकों का नियमित नेत्र एवं स्वास्थ्य परीक्षण कराने के भी निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. रजत कुमार चौरसिया, अपर जिलाधिकारी गौरव श्रीवास्तव, पीडी नागेंद्र मोहन राम त्रिपाठी, अधिशासी अभियंता कमल किशोर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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नर्सिंग सेवा के सम्मान में गूंजा सिद्धार्थनगर, छात्र-छात्राओं की प्रतिभा को मिला नया मंच
“हमारी नर्सें, हमारा भविष्य” थीम के साथ अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस पर जागरूकता, सम्मान और सेवा भावना का संदेश

सिद्धार्थनगर। स्वास्थ्य सेवा, मानवता और समर्पण की मिसाल मानी जाने वाली नर्सिंग सेवा को सम्मान देने के उद्देश्य से जनपद के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान श्री राम विलास इंस्टिट्यूट ऑफ़ नर्सिंग एंड मेडिकल साइंसेज में “अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस” का आयोजन गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं की प्रतिभाओं को मंच देने के साथ-साथ समाज में नर्सों की महत्वपूर्ण भूमिका को भी प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया।
इस वर्ष कार्यक्रम की थीम “हमारी नर्सें, हमारा भविष्य — नर्सों को सशक्त बनाएं” रखी गई, जिसके माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं में कार्यरत नर्सों के योगदान, जिम्मेदारियों और सेवा भावना को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में नर्सिंग ऑफिसर एवं लेबर रूम इंचार्ज श्रीमती संदीपा तथा ओटी इंचार्ज श्रीमती कमला वर्मा मौजूद रहीं। वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में कॉलेज की प्रबंधक डॉ. अनीता द्विवेदी और कॉलेज के संरक्षक एवं वरिष्ठ ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. विमल कुमार द्विवेदी की उपस्थिति ने आयोजन की गरिमा बढ़ाई।
कार्यक्रम के दौरान कॉलेज की पूर्व छात्राओं को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। नर्सिंग क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रहीं विदुषी सिंह, एकता, रुचिता आर्य, शिवांगी पाठक और रवीना वरुण को मंच पर सम्मान देकर वर्तमान छात्र-छात्राओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बताया गया।
नर्स सप्ताह के अंतर्गत आयोजित प्रतियोगिताओं में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की। प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में बीएससी छठवें सेमेस्टर की प्रीति विश्वकर्मा और अर्चिता मिश्रा प्रथम स्थान पर रहीं। जीएनएम द्वितीय वर्ष की इंदु और सीमा यादव ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया, जबकि एएनएम की उमा और प्रमिला तृतीय स्थान पर रहीं।
इसी क्रम में अन्य प्रतियोगिताओं में बीएससी सातवें सेमेस्टर की राखी ने प्रथम, बीएससी छठवें सेमेस्टर की सीमा विश्वकर्मा ने द्वितीय तथा बीएससी चौथे सेमेस्टर के अतिरेश त्रिपाठी ने तृतीय स्थान हासिल किया। वहीं मेकिंग प्रतियोगिता में अवंतिका प्रथम, रेहान द्वितीय और सौम्या गौड़ तृतीय स्थान पर रहीं।
कार्यक्रम का संचालन मिस आरजू ने किया, जबकि सह-संचालन में मिस अर्पिता, मिस श्रुति एवं मिस वैष्णवी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। संपूर्ण आयोजन कॉलेज की प्रिंसिपल जूही शुक्ला के संरक्षण में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
कार्यक्रम के अंत में वक्ताओं ने कहा कि नर्सें केवल स्वास्थ्य व्यवस्था का हिस्सा नहीं, बल्कि मरीजों के लिए विश्वास, सेवा और संवेदनशीलता की सबसे मजबूत पहचान होती हैं। ऐसे आयोजन छात्र-छात्राओं में सेवा, अनुशासन और मानवता की भावना को मजबूत करने का कार्य करते हैं।
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घरों की रसोई सूनी, बाजारों में जल रहे घरेलू सिलेंडर!
मोहाना क्षेत्र में घरेलू गैस के कथित व्यावसायिक उपयोग पर उठे सवाल, जिम्मेदार विभागों की कार्यशैली पर भी चर्चा तेज

सिद्धार्थनगर | FT News Digital
एक ओर सरकार आम लोगों तक रसोई गैस की सुचारु उपलब्धता सुनिश्चित करने के दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर सिद्धार्थनगर के मोहाना थाना क्षेत्र में बाजारों और सड़क किनारे लगने वाले फास्ट फूड ठेलों पर घरेलू गैस सिलेंडरों के कथित व्यावसायिक उपयोग को लेकर स्थानीय लोगों में आक्रोश बढ़ता दिखाई दे रहा है।
चाट, चाउमीन, बर्गर और अन्य फास्ट फूड बेचने वाले कई ठेलों पर घरेलू गैस सिलेंडर खुलेआम उपयोग होते दिखाई दे रहे हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पहले व्यवसायिक कार्यों के लिए कमर्शियल सिलेंडरों का इस्तेमाल होता था, लेकिन अब लागत बचाने और अधिक मुनाफे के लालच में घरेलू सिलेंडरों का उपयोग बढ़ता जा रहा है।
लोगों का सवाल है कि जब घरेलू गैस सिलेंडर बड़े पैमाने पर बाजारों और ठेलों तक पहुंच रहे हैं, तो आखिर आम परिवारों की रसोई तक गैस समय पर कैसे पहुंचेगी? क्षेत्र की महिलाओं का कहना है कि कई बार सिलेंडर के लिए इंतजार करना पड़ता है, जबकि बाजारों में घरेलू गैस धड़ल्ले से जलती दिखाई देती है।
स्थानीय लोगों ने यह भी आशंका जताई है कि घरेलू गैस के कथित अवैध व्यावसायिक उपयोग के पीछे कहीं न कहीं कालाबाजारी और नियमों की अनदेखी का खेल भी हो सकता है। लोगों का कहना है कि यदि गैस वितरण व्यवस्था की निष्पक्ष जांच हो, तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आ सकते हैं।
सबसे बड़ा सवाल जिम्मेदार विभागों की निगरानी व्यवस्था पर भी उठ रहा है। आखिर सड़क किनारे खुलेआम घरेलू सिलेंडरों का उपयोग हो रहा है, लेकिन संबंधित विभागों की नजर अब तक इस ओर क्यों नहीं गई? क्या नियम सिर्फ कागजों तक सीमित हैं, या फिर जांच और कार्रवाई में कहीं ढिलाई बरती जा रही है?
सुरक्षा के लिहाज से भी यह स्थिति चिंताजनक मानी जा रही है। भीड़भाड़ वाले इलाकों में बिना पर्याप्त सुरक्षा मानकों के गैस सिलेंडरों का उपयोग किसी बड़े हादसे को दावत दे सकता है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सख्ती नहीं हुई, तो भविष्य में कोई बड़ी घटना होने से इनकार नहीं किया जा सकता।
क्षेत्रीय नागरिकों ने प्रशासन, पूर्ति विभाग और संबंधित एजेंसियों से मांग की है कि घरेलू गैस के कथित व्यावसायिक उपयोग और संभावित कालाबाजारी की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि आम लोगों को राहत मिल सके और व्यवस्था में पारदर्शिता बनी रहे।
यह मामला केवल नियमों के उल्लंघन का नहीं, बल्कि आम परिवारों की रसोई, सुरक्षा और जनहित से जुड़ा बड़ा सवाल बनता जा रहा है। अब देखना होगा कि जिम्मेदार विभाग इस मुद्दे को कितनी गंभीरता से लेते हैं।
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महदेवा में बदहाल सड़क बनी मुसीबत, ट्रक फंसा तो घंटों थम गई रफ्तार
बदहाल सड़क ने रोकी रफ्तार, जाम में तड़पी जनता
सिद्धार्थनगर। जिले के महदेवा चौकी क्षेत्र में प्रशासनिक लापरवाही और बदहाल सड़क व्यवस्था ने मंगलवार को लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं। महदेवा बाजार स्थित सोहास रोड-नौगढ़ मार्ग पर सड़क की जर्जर हालत के कारण एक भारी ट्रक बीच सड़क में फंस गया, जिसके बाद देखते ही देखते कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया।
सुबह से शुरू हुए इस जाम ने राहगीरों, स्कूली बच्चों, मरीजों और वाहन चालकों को घंटों तक परेशान रखा। सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और लोगों को भीषण गर्मी में इंतजार करना पड़ा। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क लंबे समय से गड्ढों और कीचड़ में तब्दील हो चुकी है, लेकिन जिम्मेदार विभाग अब तक सिर्फ कागजी कार्रवाई में व्यस्त है।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक महदेवा बाजार में सड़क किनारे सब्जी और ठेला दुकानदारों का अतिक्रमण भी लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे सड़क और संकरी हो गई है। इसी अव्यवस्था के बीच ट्रक फंसने से पूरा यातायात ठप हो गया। हालात इतने खराब रहे कि स्कूल वाहन और एम्बुलेंस तक जाम में फंस गए।
क्षेत्रवासियों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि कई बार शिकायत के बावजूद न तो सड़क की मरम्मत कराई गई और न ही अतिक्रमण हटाने की कोई ठोस कार्रवाई हुई। लोगों का कहना है कि शासन बेहतर सड़क और सुचारु यातायात व्यवस्था की बात करता है, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात बिल्कुल विपरीत दिखाई दे रहे हैं।
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से तत्काल सड़क की मरम्मत, जलनिकासी व्यवस्था दुरुस्त करने और बाजार क्षेत्र से अतिक्रमण हटाने की मांग की है। खबर लिखे जाने तक मौके पर किसी बड़े प्रशासनिक अधिकारी के पहुंचने की पुष्टि नहीं हो सकी थी।
जनता का सवाल
आखिर कब सुधरेगी महदेवा की बदहाल सड़क?
जाम और अतिक्रमण से रोज जूझ रही जनता को कब मिलेगी राहत?
क्या किसी बड़े हादसे के बाद ही जागेगा प्रशासन?
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डीसीएम ने छीन लिया बुजुर्ग पिता का इकलौता सहारा, सड़क पर बिखर गई जिंदगी
भड़रिया नहर पुल पर दर्दनाक हादसा, बाइक सवार युवक की मौके पर मौत, साथी गंभीर घायल
भवानीगंज/सिद्धार्थनगर
भवानीगंज थाना क्षेत्र में मंगलवार को हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे ने हर किसी की आंखें नम कर दीं। डुमरियागंज-चंद्रदीप घाट मार्ग स्थित भड़रिया नहर पुल के पास तेज रफ्तार डीसीएम की टक्कर से बाइक सवार युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसका साथी गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद पूरे गांव में मातम का माहौल छा गया।
जानकारी के अनुसार गोंडा जिले के खोड़ारे थाना क्षेत्र के जगन्नाथपुर चंद्रदीप घाट निवासी 24 वर्षीय प्रभात यादव अपने साथी शाबान के साथ किसी जरूरी काम से डुमरियागंज आए थे। दोनों देर शाम बाइक से वापस घर लौट रहे थे। जैसे ही उनकी बाइक भड़रिया नहर पुल के पास पहुंची, सामने से आ रही तेज रफ्तार डीसीएम ने जोरदार टक्कर मार दी।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक टक्कर इतनी भयावह थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए और प्रभात यादव ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। वहीं पीछे बैठे शाबान गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे में उनका हाथ टूटने की बात भी सामने आई है।
घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। राहगीरों और स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जुट गई। सूचना मिलते ही भवानीगंज पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बेवा भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने प्रभात यादव को मृत घोषित कर दिया। घायल शाबान का इलाज जारी है।
स्थानीय लोगों के अनुसार मृतक प्रभात यादव अपने बुजुर्ग पिता का इकलौता बेटा था। उसकी मां की मौत कई वर्ष पहले ही हो चुकी थी। ऐसे में जवान बेटे की अचानक मौत ने बूढ़े पिता की जिंदगी को पूरी तरह तोड़ दिया। गांव में हर तरफ चीख-पुकार और मातम का माहौल देखने को मिला।
बताया जा रहा है कि हादसे के बाद डीसीएम चालक वाहन समेत मौके से फरार हो गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और फरार वाहन व चालक की तलाश शुरू कर दी है।
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“जेल से बाहर आते ही रोड शो, वायरल रील और फिर पुलिस का बड़ा एक्शन!”
जेल से निकलते ही दबंगई का प्रदर्शन, रोड शो और रीलबाजी पड़ी भारी
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद पुलिस का एक्शन, कई युवक गिरफ्तार — मुख्य आरोपी की तलाश जारी
खबर (न्यूज़ पोर्टल स्टाइल)
गोरखपुर में जमानत पर जेल से बाहर आए एक युवक का कथित रोड शो और सोशल मीडिया पर वायरल हुई रील अब उसके साथियों के लिए बड़ी मुसीबत बन गई है। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए कई युवकों को हिरासत में लिया है, जबकि मुख्य आरोपी की तलाश जारी बताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, मामला उस समय चर्चा में आया जब एक युवक के जेल से बाहर आने के बाद उसके समर्थकों ने वाहनों के काफिले के साथ स्वागत कार्यक्रम किया। बताया जा रहा है कि इस दौरान शहर में कई स्थानों पर रील बनाई गईं और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए।
वायरल वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच शुरू की। जांच के दौरान कुछ युवकों को गिरफ्तार किया गया तथा कई वाहनों को भी कब्जे में लिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वायरल वीडियो और सोशल मीडिया गतिविधियों की गहन जांच की जा रही है।
बताया जा रहा है कि संबंधित युवक पहले से एक आपराधिक मामले में नामजद था। पुलिस के अनुसार, सोशल मीडिया पर प्रसारित कुछ वीडियो में आपत्तिजनक संवाद और कथित तौर पर भय एवं दबाव का माहौल बनाने जैसी बातें सामने आई हैं। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था प्रभावित करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मामले से जुड़े अन्य लोगों की पहचान भी की जा रही है।
नोट: यह समाचार स्थानीय सूत्रों, वायरल वीडियो और पुलिस द्वारा दी गई प्रारंभिक जानकारी पर आधारित है। मामले की जांच जारी है। अंतिम निष्कर्ष पुलिस जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद स्पष्ट होगा।
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संदिग्ध मौत से सनसनी: विवाहिता की मौत पर ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप
खेसरहा क्षेत्र के बन्हैती गांव की घटना, मायके पक्ष ने जताई हत्या की आशंका — पुलिस जांच में जुटी
सिद्धार्थनगर जनपद के खेसरहा थाना क्षेत्र स्थित बन्हैती गांव में एक नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत से इलाके में सनसनी फैल गई। घटना के बाद मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जबकि पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है।
मिली जानकारी के अनुसार, मृतका आसिया खातून (लगभग 20 वर्ष) की शादी करीब एक वर्ष पूर्व बन्हैती गांव निवासी युवक से हुई थी। बताया जा रहा है कि विवाहिता का एक छोटा बच्चा भी है। सोमवार को उसकी तबीयत अचानक बिगड़ने पर परिजन उसे इलाज के लिए अस्पताल ले गए, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
मृतका की मां ने पुलिस को दी गई तहरीर में आरोप लगाया है कि उनकी बेटी को ससुराल पक्ष द्वारा जहरीला पदार्थ दिया गया। वहीं स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पूरे गांव में घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं और पुलिस हर पहलू से मामले की पड़ताल कर रही है।
नोट: यह खबर स्थानीय सूत्रों और पुलिस से प्राप्त प्रारंभिक जानकारी पर आधारित है। मामले की जांच जारी है। अंतिम निष्कर्ष जांच एवं पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट होगा।
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11 वर्षों से घर से दूर महिला शिक्षिकाओं का फूटा दर्द
उत्तर प्रदश जनपद सिद्धार्थ नगर
अंतर्जनपदीय स्थानांतरण की मांग को लेकर बीएसए कार्यालय पर जोरदार धरना
उत्तर प्रदेश महिला शिक्षक संघ के बैनर तले सोमवार को बड़ी संख्या में महिला शिक्षिकाओं ने अंतर्जनपदीय स्थानांतरण की मांग को लेकर बीएसए कार्यालय परिसर में जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष सुषमा सिंह के नेतृत्व में आयोजित प्रदर्शन में शिक्षिकाओं ने वर्षों से गृह जनपद से दूर रहकर सेवा देने की पीड़ा को खुलकर सामने रखा।

धरने को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष सुषमा सिंह ने कहा कि आकांक्षी जिलों में तैनात महिला शिक्षिकाएं पिछले लगभग 11 वर्षों से अपने परिवार से दूर रहकर शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने का कार्य कर रही हैं। बावजूद इसके अब तक उन्हें गृह जनपद में स्थानांतरण का लाभ नहीं मिल सका है। उन्होंने कहा कि इसका सबसे अधिक असर उनके छोटे बच्चों, बुजुर्ग माता-पिता, सास-ससुर और पारिवारिक जीवन पर पड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि महिला शिक्षकों ने कठिन परिस्थितियों में भी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए जिले को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है। ऐसे में सरकार को उनकी मानवीय और पारिवारिक समस्याओं पर संवेदनशीलता के साथ विचार करना चाहिए।

जिला महामंत्री रश्मि जायसवाल ने कहा कि शासन की ट्रांसफर नीति में दो वर्षों के भीतर गृह जनपद भेजने की बात कही गई थी, लेकिन आज भी बड़ी संख्या में शिक्षिकाएं स्थानांतरण से वंचित हैं। इससे उनका पारिवारिक और सामाजिक जीवन प्रभावित हो रहा है।

वहीं जिला कोषाध्यक्ष शशि वंदना दुबे ने कहा कि पूर्व में लागू भारांक प्रणाली में कई विसंगतियां सामने आई थीं। उन्होंने वरिष्ठता आधारित पारदर्शी स्थानांतरण व्यवस्था लागू करने की मांग की।

धरना प्रदर्शन के बाद महिला शिक्षिकाओं ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम प्रतिनिधि को सौंपकर जल्द समाधान की मांग उठाई।
धरने में रिचा अग्रवाल, निधि त्रिपाठी, रंजना निरंजन, अनिता आर्या, सुषमा मौर्या, मधुरानी, आरती शुक्ला, बीनू शर्मा, श्रेया तिवारी, शिखा गुप्ता, कविता शर्मा, श्रुति शुक्ला, मंजुला पांडेय, शशिकला सिंह, अंकिता सिंह, शालिनी कुमारी, रेनू सिंह, प्रतिभा सिंह, साधना गुप्ता सहित बड़ी संख्या में महिला शिक्षिकाएं मौजूद रहीं।
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इलाज कराने गए युवक की बाइक पर एक चोर का हाथ साफ, CCTV में कैद हुई वारदात
सिद्धार्थनगर। जिले में बाइक एक चोर के हौसले लगातार बुलंद होते जा रहे हैं। ताजा मामला सिद्धार्थनगर शहर के उस्का रोड स्थित एक निजी अस्पताल के सामने का है, जहां पत्नी का इलाज कराने पहुंचे युवक की बाइक पर चोरों ने हाथ साफ कर दिया। पूरी वारदात अस्पताल के आसपास लगे CCTV कैमरे में कैद बताई जा रही है।
मिश्रौलिया थाना क्षेत्र के ग्राम सिधुनिया निवासी कमाल अहमद पुत्र रउआव अली अपनी बीमार पत्नी को इलाज के लिए UP 53 AF 9572 स्प्लेंडर मोटरसाइकिल से लेकर अमन हॉस्पिटल, उस्का रोड पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि युवक ने बाइक अस्पताल के बाहर खड़ी की और पत्नी को लेकर इलाज कराने अंदर चला गया।
कुछ देर बाद जब वह इलाज कराकर बाहर निकला तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। अस्पताल के बाहर खड़ी बाइक गायब थी। पीड़ित ने आसपास मौजूद लोगों से पूछताछ की, लेकिन बाइक का कोई सुराग नहीं मिला।
इसके बाद पीड़ित ने अस्पताल के CCTV फुटेज की जांच कराई, जिसमें एक संदिग्ध व्यक्ति बाइक ले जाते हुए दिखाई दे रहा है। घटना के बाद पीड़ित ने सिद्धार्थनगर थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की।
पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए बीएनएस की धारा 303(2) के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस CCTV फुटेज के आधार पर आरोपी की तलाश में जुटी हुई है।
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भैंस नहलाने गया घर का सबसे छोटा बेटा… पोखरे ने निगल ली 19 वर्षीय आकाश की जिंदगी
सिद्धार्थनगर। कपिलवस्तु नगर पंचायत क्षेत्र में सोमवार की सुबह एक ऐसा दर्दनाक हादसा हुआ, जिसने हर किसी की आंखें नम कर दीं। परिवार का सबसे छोटा बेटा, 19 वर्षीय आकाश भारती, रोज की तरह भैंस नहलाने पोखरे पर गया था, लेकिन किसी को क्या पता था कि वह फिर कभी घर वापस नहीं लौटेगा।
मृतक आकाश भारती पुत्र मिट्ठू भारती, थाना मुहाना क्षेत्र के शिव बोधन चौकी अंतर्गत नगर पंचायत कपिलवस्तु के सहजनवा बडरपुर वार्ड का निवासी था। बताया जा रहा है कि सुबह करीब 11 बजे वह अपनी भैंस को नहलाने पोखरे में गया था। इसी दौरान अचानक उसका संतुलन बिगड़ा और वह गहरे पानी में चला गया।
मौके पर मौजूद दो महिलाओं ने युवक को डूबते देखा तो चीख-पुकार मच गई। शोर सुनकर ग्रामीण दौड़ पड़े, लेकिन तब तक आकाश पानी में समा चुका था। गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आनन-फानन में गोताखोरों को बुलाया गया और करीब एक घंटे तक चली मशक्कत के बाद युवक को पोखरे से बाहर निकाला गया।
ग्रामीणों को आखिरी उम्मीद थी कि शायद आकाश की सांसें चल रही हों। उसे तुरंत माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। डॉक्टर के मुंह से मौत की खबर सुनते ही परिवार पर मानो दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। मां-बाप बेसुध हो गए और पूरे घर में चीख-पुकार गूंज उठी।
बताया जा रहा है कि आकाश अपने परिवार का सबसे छोटा बेटा था और बेहद शांत स्वभाव का युवक माना जाता था। उसकी असमय मौत से पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है। गांव के लोगों की आंखें नम हैं और हर कोई इस दर्दनाक हादसे को लेकर स्तब्ध नजर आ रहा है।
घटना की सूचना पर कपिलवस्तु नगर पंचायत के अध्यक्ष प्रतिनिधि जावेद आलम उर्फ चुन्नी मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाते हुए हर संभव मदद का भरोसा दिया।
फिलहाल पुलिस आवश्यक कार्रवाई में जुटी हुई है और पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल बना हुआ है।
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SSB ने भारत-नेपाल सीमा पर दो युवकों को स्मैक के साथ पकड़ा, बाइक और मोबाइल भी बरामद
भारत-नेपाल सीमा पर SSB की बड़ी कार्रवाई, 9.60 ग्राम स्मैक के साथ दो युवक गिरफ्तार
बढ़नी/ढेबरूआ से बड़ी खबर
भारत-नेपाल सीमा पर नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एसएसबी 50वीं वाहिनी को बड़ी सफलता मिली है। शनिवार देर रात विशेष चेकिंग अभियान के दौरान एसएसबी की त्रिलोकपुर टीम ने दो संदिग्ध युवकों को पकड़कर उनके कब्जे से स्मैक बरामद की है।
जानकारी के अनुसार, उप निरीक्षक मंगला राम चौहान के नेतृत्व में एसएसबी की टीम बढ़नी-बलरामपुर मार्ग पर सीमा पिलर संख्या 571/2 के पास सघन जांच अभियान चला रही थी। इसी दौरान बलरामपुर की ओर से आ रहे बाइक सवार दो युवकों को रोककर तलाशी ली गई।
तलाशी के दौरान दोनों युवकों के पास से करीब 9.60 ग्राम स्मैक, एक बाइक, भारतीय मुद्रा 2640 रुपये, नेपाली मुद्रा 110 रुपये और दो मोबाइल फोन बरामद किए गए। पूछताछ में आरोपियों की पहचान विकास और मनोज कुमार यादव निवासी थाना ढेबरूआ क्षेत्र के रूप में हुई।
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे स्मैक बलरामपुर निवासी एक व्यक्ति से खरीदकर लाए थे। हालांकि सुरक्षा एजेंसियां अब पूरे नेटवर्क और सप्लाई चैन की जांच में जुट गई हैं।
एसएसबी ने बरामद सामान और दोनों आरोपियों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए थाना पचपेड़वा, जनपद बलरामपुर पुलिस के सुपुर्द कर दिया है।
भारत-नेपाल सीमा पर लगातार बढ़ती नशे की तस्करी के बीच एसएसबी की यह कार्रवाई सुरक्षा व्यवस्था की सतर्कता को दर्शाती है।
भारत-नेपाल सीमा पर एसएसबी 50वीं वाहिनी ने विशेष चेकिंग अभियान के दौरान दो युवकों को 9.60 ग्राम स्मैक, बाइक, मोबाइल और नकदी के साथ गिरफ्तार किया।
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सड़क के नीचे क्या चल रहा था? अचानक फटी सड़क, बाहर आने लगी गीली मिट्टी
FT News Digital
उसका बाजार में अचानक फटी सड़क, चौराहे पर जुटी भीड़, लोग बोले- “ऐसा पहली बार देखा”
सिद्धार्थनगर जिले के उसका बाजार में रविवार को एक ऐसा नजारा देखने को मिला, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया। नगर पंचायत क्षेत्र के उसका-गोरखपुर मार्ग स्थित तेतरी चौराहे पर अचानक सड़क फट गई और उसके अंदर से गीली मिट्टी बाहर निकलने लगी। देखते ही देखते मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई और राहगीर अपने मोबाइल कैमरों में इस अजीबोगरीब दृश्य को कैद करने लगे।
स्थानीय लोगों के अनुसार, सड़क के नीचे से अचानक मिट्टी उभरने लगी, जिससे कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि बाद में जानकारी हुई कि इलाके में गैस आपूर्ति के लिए अंडरग्राउंड पाइपलाइन बिछाने का कार्य चल रहा था। बताया जा रहा है कि पिछले कई दिनों से ड्रिल मशीन के जरिए जमीन के भीतर पाइपलाइन डालने का काम किया जा रहा था।
इसी दौरान जब ड्रिल मशीन तेतरी चौराहे के नीचे पहुंची तो दबाव बढ़ने से सड़क का हिस्सा फट गया और भीतर की गीली मिट्टी व मलबा ऊपर आने लगा। घटना के बाद आसपास के लोग दहशत में आ गए, लेकिन प्रशासन की ओर से तत्काल सुरक्षा व्यवस्था कर मौके को बैरिकेडिंग कर घेर दिया गया।

नगर पंचायत प्रशासन का कहना है कि यह घटना पाइपलाइन बिछाने के दौरान तकनीकी दबाव की वजह से हुई है। फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और कार्य पूरा होने के बाद सड़क को दोबारा दुरुस्त कराया जाएगा।
इस दौरान मौके पर मौजूद लोगों ने घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया, जो अब तेजी से वायरल हो रहा है। हालांकि चैनल वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता है।
