*डीएम-एसपी ने थाना दिवस पर सुनी लोगों की शिकायतें* *जनसमस्याओं के त्वरित निस्तारण के दिए निर्देश*
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सिद्धार्थनगर में जिलाधिकारी और एसपी ने सुनीं जनसमस्याएं, थाना समाधान दिवस पर दिए त्वरित निस्तारण के निर्देश
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“थाने पहुंचा भाई, कुएं से मिला बहन का शव; जांच में जुटी पुलिस”
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सिद्धार्थनगर में जिलाधिकारी और एसपी ने सुनीं जनसमस्याएं, थाना समाधान दिवस पर दिए त्वरित निस्तारण के निर्देश
सिद्धार्थनगर (13 जून 2026): शासन की मंशानुसार प्रत्येक माह के द्वितीय एवं चतुर्थ शनिवार को आयोजित होने वाले ‘सम्पूर्ण थाना समाधान दिवस’ का आयोजन आज सिद्धार्थनगर थाने में हुआ। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाधिकारी श्री शिवशरणप्पा जीएन ने की, जबकि पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन भी इस अवसर पर विशेष रूप से उपस्थित रहे। अधिकारियों ने मौके पर आए शिकायतकर्ताओं की समस्याओं को बेहद गंभीरता से सुना और उनके त्वरित समाधान के निर्देश दिए।
जमीनी विवादों पर जिलाधिकारी का कड़ा रुख
थाना समाधान दिवस के दौरान जिलाधिकारी श्री शिवशरणप्पा जीएन ने सभी राजस्व निरीक्षकों और लेखपालों को स्पष्ट निर्देश दिए कि भूमि विवाद, वरासत, बंटवारा, नाली और चकमार्ग से जुड़े मामलों का मौके पर जाकर निष्पक्ष ढंग से निस्तारण करें। उन्होंने सख्त लहजे में कहा:
मौके पर हो जांच: राजस्व अधिकारी शिकायतकर्ता की उपस्थिति में जमीन बंटवारे और अवैध कब्जे/पट्टे के प्रकरणों की जांच कर निस्तारण सुनिश्चित करें।
पुलिस बल का सहयोग: यदि आवश्यकता हो, तो राजस्व टीम पुलिस बल को साथ लेकर मौके पर जाए ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे।
अनावश्यक उत्पीड़न न हो: किसी भी नागरिक को बिना वजह परेशान न किया जाए और मामलों को कतई लंबित न रखा जाए।
जिलाधिकारी की अपील: “सभी नागरिक आपस में मिल-जुलकर रहें और किसी भी प्रकार के लड़ाई-झगड़े से बचें। जो भी शिकायतें मिली हैं, उनका निस्तारण राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम मौके पर जाकर करेगी।”
ये अधिकारी रहे उपस्थित
इस समाधान दिवस के अवसर पर प्रशासन और पुलिस विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें शामिल हैं:
श्री राहुल सिंह (उपजिलाधिकारी, नौगढ़)
श्री विश्वजीत सौरयान (क्षेत्राधिकारी, सदर)
श्री अजय सिंह (अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद सिद्धार्थनगर)
थानाध्यक्ष सिद्धार्थनगर, समस्त राजस्व निरीक्षक व लेखपाल।
मोदी सरकार के 12 वर्ष: विकास, विश्वास और विरासत का नया अध्याय — जगदंबिका पाल

सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री ने प्रेस वार्ता में गिनाईं उपलब्धियां, कहा- “नए भारत की नींव को मिली अभूतपूर्व मजबूती”

सिद्धार्थनगर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर सिद्धार्थनगर के सांसद एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री जगदंबिका पाल ने अपने कैंप कार्यालय पर आयोजित प्रेस वार्ता में सरकार की उपलब्धियों का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि बीते 12 वर्षों में भारत ने विकास, सुशासन, आधारभूत संरचना, गरीब कल्याण और आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं, जिनकी चर्चा आज विश्व स्तर पर हो रही है।
प्रेस वार्ता के दौरान सांसद जगदंबिका पाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने केवल आर्थिक विकास ही नहीं किया, बल्कि करोड़ों गरीबों, किसानों, महिलाओं और युवाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का कार्य भी किया है। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों का केंद्र बिंदु अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना रहा है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों, एक्सप्रेसवे, रेलवे, हवाई सेवाओं और ग्रामीण सड़कों के क्षेत्र में अभूतपूर्व विस्तार हुआ है। आज देश आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। रेलवे के आधुनिकीकरण, वंदे भारत ट्रेनों के संचालन और अमृत भारत स्टेशन योजना के माध्यम से परिवहन व्यवस्था को नई पहचान मिली है।
सांसद ने जल जीवन मिशन, स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, महिला सशक्तिकरण कार्यक्रमों तथा “लखपति दीदी” जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इन पहलों ने ग्रामीण और शहरी भारत में सामाजिक एवं आर्थिक परिवर्तन की नई तस्वीर प्रस्तुत की है।
उन्होंने कहा कि उड़ान (UDAN) योजना के माध्यम से देश के छोटे शहरों और दूरस्थ क्षेत्रों को हवाई सेवाओं से जोड़ा गया है, जिससे आम नागरिकों के लिए हवाई यात्रा सुलभ हुई है। वहीं जल जीवन मिशन के तहत करोड़ों परिवारों तक पेयजल पहुंचाने का कार्य सरकार की बड़ी उपलब्धियों में शामिल है।
मोदी सरकार के 12 वर्षों की प्रमुख उपलब्धियां
✔ जल जीवन मिशन के तहत करोड़ों घरों तक नल से जल पहुंचाने का अभियान।✔ राष्ट्रीय राजमार्गों एवं एक्सप्रेसवे नेटवर्क का तेज विस्तार।✔ वंदे भारत ट्रेनों एवं रेलवे आधुनिकीकरण को नई गति।✔ मुद्रा योजना के माध्यम से स्वरोजगार और उद्यमिता को प्रोत्साहन।✔ महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण हेतु विभिन्न योजनाओं का संचालन।✔ उड़ान योजना के जरिए छोटे शहरों को हवाई संपर्क से जोड़ना।✔ ग्रामीण सड़कों एवं आधारभूत संरचना का व्यापक विकास।
क्या बोले जगदंबिका पाल
“प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने विकास, सुशासन और जनकल्याण के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छुआ है। सरकार का लक्ष्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनके लाभ को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है।”
सारांश
मोदी सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित प्रेस वार्ता में सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री जगदंबिका पाल ने केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं और उपलब्धियों को जनता के सामने रखा। उन्होंने आधारभूत संरचना, जलापूर्ति, रेलवे, महिला सशक्तिकरण, रोजगार और ग्रामीण विकास को सरकार की प्रमुख उपलब्धियां बताते हुए कहा कि भारत आज आत्मविश्वास और विकास के नए दौर में प्रवेश कर चुका है।
(समाचार में उल्लिखित आंकड़े एवं दावे प्रेस वार्ता में सांसद जगदंबिका पाल द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी पर आधारित हैं।)
RRB भीड़ से राहत, परीक्षा केंद्र तक आसान सफर”
जनसम्पर्क विभाग, पूर्वोत्तर रेलवे, गोरखपुर
प्रेस विज्ञप्ति
गोरखपुर, 13 जून, 2026: रेल प्रशासन द्वारा आगामी रेलवे भर्ती बोर्ड (आर.आर.बी.) एन.टी.पी.सी. परीक्षा में सम्मिलित होने वाले अभ्यर्थियों की सुविधा हेतु 05005/05006 गोरखपुर-लखनऊ जं.-गोरखपुर तथा 05031/05032 गोरखपुर-लखनऊ जं.-गोरखपुर अनारक्षित परीक्षा विशेष गाड़ियों का संचालन निम्नवत किया जा रहा है।
05005 गोरखपुर-लखनऊ जं. अनारक्षित परीक्षा विशेष गाड़ी 14 जून, 2026 से 22 जून, 2026 तक गोरखपुर से 12.45 बजे प्रस्थान कर खलीलाबाद से 13.17 बजे, बस्ती से 13.48 बजे, बभनान से 14.15 बजे, मनकापुर से 14.45 बजे, गोण्डा से 15.20 बजे, करनैलगंज से 15.55 बजे, बाराबंकी से 16.32 बजे तथा बादशाहनगर से 17.12 बजे छूटकर लखनऊ जं. 17.45 बजे पहुँचेगी।
05006 लखनऊ जं.-गोरखपुर अनारक्षित परीक्षा विशेष गाड़ी 13 जून, 2026 से 21 जून, 2026 तक लखनऊ जं. से 18.15 बजे प्रस्थान कर बादशाहनगर से 18.48 बजे, बाराबंकी से 19.32 बजे, करनैलगंज से 20.30 बजे, गोण्डा से 21.00 बजे, मनकापुर से 21.26 बजे, बभनान से 22.02 बजे, बस्ती से 22.33 बजे तथा खलीलाबाद से 23.00 बजे छूटकर गोरखपुर 23.55 बजे पहुँचेगी।
05031 गोरखपुर-लखनऊ जं. अनारक्षित परीक्षा विशेष गाड़ी 13 जून, 2026 से 21 जून, 2026 तक गोरखपुर से 19.00 बजे प्रस्थान कर खलीलाबाद से 19.42 बजे, बस्ती से 20.10 बजे, बभनान से 20.40 बजे, मनकापुर से 21.10 बजे, गोण्डा से 21.45 बजे, करनैलगंज से 22.16 बजे, बाराबंकी से 23.37 बजे तथा दूसरे दिन बादशाहनगर से 00.20 बजे छूटकर लखनऊ जं. 00.55 बजे पहुँचेगी।
05032 लखनऊ जं.-गोरखपुर अनारक्षित परीक्षा विशेष गाड़ी 14 जून, 2026 से 22 जून, 2026 तक लखनऊ जं. से 12.45 बजे प्रस्थान कर बादशाहनगर से 13.17 बजे, बाराबंकी से 14.02 बजे, करनैलगंज से 14.50 बजे, गोण्डा से 15.27 बजे, मनकापुर से 16.03 बजे, बभनान से 16.42 बजे, बस्ती से 17.22 बजे तथा खलीलाबाद से 17.44 बजे छूटकर गोरखपुर 18.20 बजे पहुँचेगी।
इन गाड़ियों में सामान्य द्वितीय श्रेणी/जी.एस.सी.एन. के 10 तथा एस.एल.आर.डी. के 02 कोचों सहित कुल 12 कोच लगाये जायेंगे। सभी कोच अनारक्षित श्रेणी के होंगे। आवश्यकतानुसार अनारक्षित कोचों की संख्या बढ़ायी जा सकती है तथा गाड़ियों को आवश्यकतानुसार पुनर्निर्धारित (रि-शिड्यूल) किया जा सकता है।
(सुमित कुमार)
मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी
सम्पादक/ब्यूरो प्रमुख, गोरखपुर।
विधि विद्यार्थियों के व्यावहारिक प्रशिक्षण कार्यक्रम
उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशों तथा सचिव श्री शैलेंद्र नाथ के तत्वावधान में विधि विद्यार्थियों के व्यावहारिक प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत शुक्रवार को सिद्धार्थ लॉ कॉलेज के 31 विधि छात्रों ने जिला कारागार सिद्धार्थनगर का शैक्षणिक भ्रमण किया। इस भ्रमण का उद्देश्य विद्यार्थियों को न्याय व्यवस्था, कारागार प्रशासन, बंदियों के अधिकारों तथा सुधारात्मक गतिविधियों के संबंध में व्यावहारिक जानकारी उपलब्ध कराना था।
कार्यक्रम के दौरान जिला कारागार प्रशासन द्वारा उन्हें कारागार की कार्यप्रणाली से विस्तारपूर्वक अवगत कराया गया। भ्रमण के प्रारम्भ में छात्रों को कारागार के इतिहास, उद्देश्य तथा वर्तमान समय में जेलों की बदलती भूमिका के बारे में जानकारी दी गई। अधीक्षक श्री सचिन वर्मा ने बताया कि आधुनिक कारागार केवल दंड देने का केंद्र नहीं है, बल्कि यह बंदियों के सुधार, पुनर्वास एवं समाज की मुख्यधारा में पुनः स्थापित करने का महत्वपूर्ण माध्यम भी है। छात्रों ने कारागार परिसर के विभिन्न अनुभागों का निरीक्षण किया, जिसमें प्रवेश व्यवस्था, सुरक्षा प्रणाली, बैरकें, चिकित्सालय, रसोईघर, पुस्तकालय, मुलाकात कक्ष, प्रशिक्षण केंद्र तथा अन्य व्यवस्थाएं शामिल रहीं। इस दौरान उन्हें बताया गया कि कारागार में बंदियों को संविधान एवं कानून द्वारा प्रदत्त अधिकारों के अनुरूप सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं तथा उनके स्वास्थ्य, शिक्षा और मानसिक विकास पर विशेष ध्यान दिया जाता है।
भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने बंदियों के लिए संचालित विभिन्न सुधारात्मक एवं पुनर्वास कार्यक्रमों का भी अवलोकन किया गया। साथ में यह भी जानकारी दी गई कि कारागार में बंदियों को शिक्षा, योग, ध्यान, खेलकूद, पुस्तक अध्ययन, सांस्कृतिक गतिविधियों तथा विभिन्न व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रमों से जोड़ा जाता है ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें और समाज में सम्मानपूर्वक जीवन व्यतीत कर सकें। छात्रों ने इन गतिविधियों को निकट से देखा और उनकी उपयोगिता को समझा।
चीफ श्री अश्वनी मिश्रा ने विद्यार्थियों को विधिक सहायता प्रणाली के बारे में भी जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि आर्थिक रूप से कमजोर एवं जरूरतमंद बंदियों को निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराने हेतु जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा नियमित रूप से कार्य किया जाता है। इसके माध्यम से बंदियों को न्याय तक समान पहुंच सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाता है। विद्यार्थियों ने विधिक सहायता की प्रक्रिया तथा उसके व्यावहारिक पक्षों के संबंध में अनेक प्रश्न पूछे, जिनका अधिकारियों द्वारा विस्तारपूर्वक उत्तर दिया गया।
इस अवसर पर विद्यार्थियों को न्यायिक प्रक्रिया, विचाराधीन बंदियों और सजायाफ्ता बंदियों के मध्य अंतर, जेल नियमावली, मानवाधिकारों की सुरक्षा तथा सुधारात्मक न्याय व्यवस्था की अवधारणा के बारे में भी जानकारी प्रदान की गई। अधिकारियों ने कहा कि कानून के विद्यार्थी भविष्य में न्याय व्यवस्था के महत्वपूर्ण अंग बनेंगे, इसलिए उनके लिए ऐसे शैक्षणिक भ्रमण अत्यंत उपयोगी हैं। इससे उन्हें पुस्तकीय ज्ञान के साथ-साथ वास्तविक परिस्थितियों को समझने का अवसर प्राप्त होता है।
भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने कारागार प्रशासन द्वारा संचालित विभिन्न नवाचारों और व्यवस्थाओं के संबंध में व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया , जो उनकी विधि शिक्षा को और अधिक समृद्ध बनाएगा। छात्रों ने विशेष रूप से बंदियों के सुधार और पुनर्वास हेतु संचालित कार्यक्रमों में रुचि दिखाई तथा उनके सामाजिक महत्व को समझा।
जिला कारागार प्रशासन ने विद्यार्थियों को यह भी बताया कि कारागार में अनुशासन, सुरक्षा तथा मानवाधिकारों के मध्य संतुलन बनाए रखते हुए कार्य किया जाता है। बंदियों को सकारात्मक वातावरण उपलब्ध कराने तथा उनमें नैतिक एवं सामाजिक मूल्यों के विकास के लिए समय-समय पर विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम, सांस्कृतिक आयोजन और प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जाते हैं। इन प्रयासों का उद्देश्य बंदियों में आत्मविश्वास का विकास करना तथा उन्हें समाजोपयोगी नागरिक के रूप में तैयार करना है।
“हर घर नल” से नहीं होगी पूरी जल सुरक्षा, पारंपरिक जल स्रोत बचाना होगा जरूरी : श्रीधर पाण्डेय
भीषण गर्मी और गिरते भूजल स्तर पर सामाजिक कार्यकर्ता ने जताई चिंता, कुएं-तालाबों के संरक्षण की उठाई मांग
सिद्धार्थनगर। भीषण गर्मी और लगातार गिरते भूजल स्तर के बीच जनपद सिद्धार्थनगर समेत प्रदेश के कई क्षेत्रों में संभावित पेयजल संकट को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता एवं गौतम बुद्ध जागृति सोसाइटी के सचिव श्रीधर पाण्डेय ने गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि सरकार की “हर घर नल, हर घर जल” योजना सराहनीय है, लेकिन केवल पाइपलाइन आधारित जलापूर्ति व्यवस्था पर निर्भर रहना भविष्य के लिए जोखिमपूर्ण साबित हो सकता है।
श्रीधर पाण्डेय ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में पारंपरिक जल स्रोत तेजी से समाप्त हो रहे हैं। गांवों के पुराने कुएं पाटे जा चुके हैं, छोटे देसी नल गायब हो गए हैं और बड़ी संख्या में इंडिया मार्क हैंडपंप भी अनुपयोगी पड़े हैं। ऐसे में ग्रामीण आबादी पूरी तरह केंद्रीकृत पेयजल व्यवस्था पर निर्भर होती जा रही है।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी कारणवश बिजली आपूर्ति बाधित होती है, तकनीकी खराबी आती है या जलापूर्ति व्यवस्था प्रभावित होती है, तो लोगों के सामने पेयजल का गंभीर संकट खड़ा हो सकता है।
जल सुरक्षा के लिए क्या जरूरी है?
✔ बंद पड़े कुओं का पुनर्जीवन
✔ इंडिया मार्क हैंडपंपों का संरक्षण
✔ तालाबों का जीर्णोद्धार
✔ वर्षा जल संचयन को बढ़ावा
✔ भूजल पुनर्भरण की प्रभावी व्यवस्था
✔ जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाना
जलवायु परिवर्तन बढ़ा रहा खतरा
श्री पाण्डेय ने कहा कि जलवायु परिवर्तन, अनियमित वर्षा और बढ़ती गर्मी के कारण आने वाले वर्षों में जल संकट और गहरा सकता है। ऐसे में आधुनिक जलापूर्ति योजनाओं के साथ-साथ वैकल्पिक एवं पारंपरिक जल स्रोतों को जीवित रखना बेहद आवश्यक है।
उन्होंने जनप्रतिनिधियों, प्रशासन, ग्राम पंचायतों और आम नागरिकों से अपील की कि जल संरक्षण को केवल सरकारी कार्यक्रम न समझा जाए, बल्कि इसे जनभागीदारी के साथ जनांदोलन का स्वरूप दिया जाए, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित और टिकाऊ जल प्रबंधन सुनिश्चित हो सके।
गांवों से गायब होते कुएं, सूखते तालाब और बढ़ती गर्मी के बीच सामाजिक कार्यकर्ता श्रीधर पाण्डेय ने चेतावनी दी है कि केवल “हर घर नल” योजना से जल सुरक्षा सुनिश्चित नहीं होगी। पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण के बिना भविष्य में बड़ा जल संकट खड़ा हो सकता है।
सारांश
सिद्धार्थनगर में सामाजिक कार्यकर्ता श्रीधर पाण्डेय ने कहा कि आधुनिक पेयजल योजनाओं के साथ-साथ कुएं, तालाब, हैंडपंप और वर्षा जल संचयन जैसी पारंपरिक व्यवस्थाओं को भी संरक्षित करना जरूरी है। उन्होंने जल संरक्षण को जनांदोलन बनाने और भूजल पुनर्भरण पर विशेष ध्यान देने की अपील की।
विशेष कथन
“नल का जल सुविधा है, लेकिन जल सुरक्षा का विकल्प नहीं।” — श्रीधर पाण्डेय, सचिव, गौतम बुद्ध जागृति सोसाइटी
मिशन शक्ति अभियान के तहत बड़ी सफलता: 4 दिन से लापता युवती सकुशल बरामद, परिवार ने सिद्धार्थनगर पुलिस का जताया आभार
सिद्धार्थनगर। मिशन शक्ति फेज-5.0 (द्वितीय चरण) अभियान के तहत सिद्धार्थनगर पुलिस को एक और महत्वपूर्ण सफलता मिली है। चार दिनों से लापता 20 वर्षीय युवती को पुलिस ने सकुशल बरामद कर उसके परिजनों को सौंप दिया। बेटी के सुरक्षित मिलने पर परिवारजनों ने पुलिस टीम का धन्यवाद करते हुए उनकी सराहना की।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थनगर डॉ. अभिषेक महाजन के निर्देश पर महिलाओं की सुरक्षा, सशक्तिकरण एवं गुमशुदाओं की बरामदगी को लेकर लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार प्रसाद एवं क्षेत्राधिकारी सदर विश्वजीत सौरयान के पर्यवेक्षण तथा प्रभारी निरीक्षक मिथिलेश कुमार राय के नेतृत्व में थाना सिद्धार्थनगर पुलिस ने कार्रवाई की।
जानकारी के अनुसार, कोडरा ग्रांट टोला सिहोरवा निवासी रघुवर पुत्र भीखी ने 8 जून 2026 को अपनी पुत्री संगीता निषाद (20 वर्ष) के घर से बिना बताए चले जाने की सूचना थाना सिद्धार्थनगर में दी थी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम सक्रिय हो गई और संभावित स्थानों पर पूछताछ के साथ-साथ विभिन्न स्थानों के सीसीटीवी कैमरों की जांच शुरू की गई।
लगातार प्रयासों और मिशन शक्ति टीम की सक्रियता के चलते 12 जून 2026 को युवती को सकुशल बरामद कर लिया गया। आवश्यक कार्रवाई के बाद युवती को उसके परिजनों को थाने बुलाकर सुपुर्द कर दिया गया।
बेटी के सुरक्षित घर लौटने पर परिवारजनों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उन्होंने सिद्धार्थनगर पुलिस की तत्परता और संवेदनशील कार्यशैली की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए आभार व्यक्त किया।
बरामदगी करने वाली पुलिस टीम में शामिल रहे— ▪️ उपनिरीक्षक विजय कुमार
▪️ आरक्षी शुभम रावत
▪️ रिक्रूट महिला आरक्षी स्नेहा मिश्रा
रसोई के मसालों पर खाद्य विभाग का शिकंजा, सिद्धार्थनगर में छापेमारी; 4 नमूने जांच को भेजे गए
सिद्धार्थनगर। रसोई में इस्तेमाल होने वाले मसालों की गुणवत्ता को लेकर खाद्य सुरक्षा विभाग ने जिले में विशेष अभियान चलाते हुए विभिन्न प्रतिष्ठानों पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान हल्दी, लाल मिर्च और सब्जी मसाले के कुल चार नमूने संग्रहित कर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। रिपोर्ट में गड़बड़ी मिलने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जाएगी।

कहां-कहां से लिए गए नमूने
सुभाषनगर, शोहरतगढ़ – हल्दी पाउडर (गोल्डी ब्रांड)
तेतरी बाजार, नौगढ़ – सब्जी मसाला (कैच ब्रांड)
इंदिरा नगर, बांसी – लाल मिर्च पाउडर (आर.एल. ब्रांड)
इंदिरा नगर, बांसी – हल्दी पाउडर (गर्नी ब्रांड)
सारांश
मसालों की गुणवत्ता जांच के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा विभाग ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों में छापेमारी कर चार नमूने एकत्र किए हैं। सभी नमूने प्रयोगशाला भेज दिए गए हैं और रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मुख्य खबर
आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, उत्तर प्रदेश तथा जिलाधिकारी सिद्धार्थनगर के निर्देश पर जिले में मसालों की गुणवत्ता जांच के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में सहायक आयुक्त (खाद्य) द्वितीय आर.एल. यादव के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के सचल दल ने विभिन्न प्रतिष्ठानों पर छापामार कार्रवाई की।
अभियान के दौरान शोहरतगढ़ क्षेत्र के सुभाषनगर स्थित प्रतिष्ठान से गोल्डी ब्रांड हल्दी पाउडर, नौगढ़ के तेतरी बाजार से कैच ब्रांड सब्जी मसाला, तथा बांसी के इंदिरा नगर क्षेत्र से आर.एल. ब्रांड लाल मिर्च पाउडर एवं गर्नी ब्रांड हल्दी पाउडर के नमूने लिए गए।
खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा कुल चार नमूनों को सील कर जांच हेतु प्रयोगशाला भेजा गया है। अधिकारियों का कहना है कि प्रयोगशाला की रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद यदि किसी नमूने में गुणवत्ता मानकों का उल्लंघन या मिलावट पाई जाती है तो संबंधित के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के अंतर्गत नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी।
मिलावटखोरों में मचा हड़कंप
खाद्य सुरक्षा विभाग की अचानक हुई कार्रवाई से व्यापारिक प्रतिष्ठानों में हड़कंप की स्थिति रही। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की नियमित निगरानी की जाएगी।
कार्रवाई में शामिल अधिकारी :
आर.एल. यादव (सहायक आयुक्त खाद्य-।।), खाद्य सुरक्षा अधिकारी हीरा लाल एवं नीरज कुमार चौधरी।
रिपोर्ट : FT News Digital | सिद्धार्थनगर
“सच और… कुछ नहीं”
गांव पहुंचा प्रशासन, चौपाल में खुली विकास की किताब; डीएम बोले—पात्रों का हक मारने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई
सिद्धार्थनगर। विकास खण्ड भनवापुर की ग्राम पंचायत नावडीह में आयोजित ग्राम चौपाल “गांव की समस्या-गांव में समाधान” कार्यक्रम में जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि पात्र लाभार्थियों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि जनता का हक छीनने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

के प्रमुख निर्देश
✔ सभी पात्र लोगों का आयुष्मान कार्ड बनाएं
✔ पेंशन से वंचित लोगों का सत्यापन कर लाभ दिलाएं
✔ राशन वितरण में अनियमितता बिल्कुल न हो
✔ भूमि विवाद व पैमाइश के मामलों का समयबद्ध निस्तारण
✔ किसान सम्मान निधि व फसल बीमा की समस्याएं दूर करें
✔ जन्म, आय, जाति व निवास प्रमाण पत्र समय से जारी हों
✔ फार्मर रजिस्ट्री कराकर किसानों को योजनाओं से जोड़ें
सारांश
ग्राम चौपाल में जिलाधिकारी ने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर सरकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत जानी। ग्रामीणों ने बताया कि अधिकांश योजनाओं का लाभ मिल रहा है। डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसी भी पात्र व्यक्ति को योजना से वंचित न रखा जाए तथा सभी शिकायतों का मौके पर समाधान सुनिश्चित किया जाए।
मुख्य खबर
सिद्धार्थनगर, 12 जून। जिलाधिकारी श्री शिवशरणप्पा जीएन की अध्यक्षता एवं मुख्य विकास अधिकारी श्री बलराम सिंह की उपस्थिति में विकास खण्ड भनवापुर के अंतर्गत ग्राम पंचायत नावडीह में ग्राम चौपाल “गांव की समस्या-गांव में समाधान” कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत ग्राम प्रधान द्वारा जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत करने से हुई। इसके बाद जिलाधिकारी ने ग्रामीणों से सीधे संवाद स्थापित करते हुए विभिन्न सरकारी योजनाओं की जमीनी स्थिति की समीक्षा की।
ग्रामीणों ने बताया कि शासन द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ उन्हें प्राप्त हो रहा है। इस पर जिलाधिकारी ने कहा कि आज गांव में सभी विभागों के अधिकारी मौजूद हैं, इसलिए जो भी समस्या हो, उसका तत्काल समाधान कराया जाए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत सभी पात्र लोगों के कार्ड बनाए जाएं ताकि उन्हें पांच लाख रुपये तक की निःशुल्क उपचार सुविधा मिल सके। साथ ही किसानों की प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना तथा किसान सम्मान निधि से जुड़ी समस्याओं का भी प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि प्रदेश सरकार की मंशा है कि गांव के अंतिम व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचे। इसी उद्देश्य से जनपद में लगातार ग्राम चौपालों का आयोजन किया जा रहा है।
उन्होंने वृद्धावस्था, विधवा एवं दिव्यांग पेंशन से वंचित लोगों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए कहा कि पात्र लाभार्थियों का सत्यापन कर शीघ्र पेंशन स्वीकृत कराई जाए। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए स्वयं सहायता समूहों से जुड़ने की अपील भी की गई।
राशन वितरण व्यवस्था पर विशेष जोर देते हुए डीएम ने कहा कि किसी भी स्तर पर अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा पात्र परिवारों का नाम राशन कार्ड सूची में जोड़ा जाए। उन्होंने वरासत, भूमि विवाद, पैमाइश तथा अन्य राजस्व मामलों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि जन्म प्रमाण पत्र, आय, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र निर्धारित समय सीमा में जारी किए जाएं। साथ ही आपदा राहत एवं कृषक दुर्घटना बीमा योजना का लाभ पात्र व्यक्तियों तक पहुंचाया जाए।
ग्रामीणों से संवाद के दौरान उन्होंने सभी किसानों से फार्मर रजिस्ट्री कराने की अपील की ताकि वे सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ आसानी से प्राप्त कर सकें। इसके अलावा उन्होंने आगामी जनगणना कार्य में प्रगणकों का सहयोग करने का भी आह्वान किया।
ग्राम चौपाल में विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर योजनाओं की जानकारी दी गई तथा अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों की योजनाओं के बारे में विस्तार से ग्रामीणों को अवगत कराया।
“जनता का हक नहीं मारा जाएगा”
जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने साफ शब्दों में कहा कि केंद्र एवं प्रदेश सरकार की योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा लापरवाही अथवा हीलाहवाली की गई तो उसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
रिपोर्ट : FT News Digital | सिद्धार्थनगर
“सच और… कुछ नहीं”
365 मंदिरों और कुओं को मिलेगा नया जीवन! बिस्कोहर बनेगा पर्यटन का नया केंद्र
डीएम शिवशरणप्पा ने किया ऐतिहासिक धरोहरों का निरीक्षण, जीर्णोद्धार की तैयारी तेज

सिद्धार्थनगर के नगर पंचायत बिस्कोहर में स्थित ऐतिहासिक 365 मंदिरों और कुओं के संरक्षण एवं विकास की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जी.एन. ने स्वयं मौके पर पहुंचकर इन प्राचीन धरोहरों का निरीक्षण किया और इनके जीर्णोद्धार की प्रगति की जानकारी ली। शासन स्तर पर प्रस्ताव भेजे जाने के बाद अब पर्यटन विभाग इनके पुनरुद्धार का कार्य कराएगा।

पुरातात्विक महत्व से भरपूर बिस्कोहर के 365 मंदिर और कुएं वर्षों से अपनी पहचान बनाए हुए हैं। अब इनके संरक्षण और सौंदर्यीकरण की योजना पर तेजी से काम शुरू होने जा रहा है, जिससे क्षेत्र को नई पर्यटन पहचान मिलने की उम्मीद है।

मुख्य बिंदु
✔ डीएम शिवशरणप्पा जी.एन. ने किया निरीक्षण
✔ 365 मंदिरों और कुओं का होगा जीर्णोद्धार
✔ पुरातत्व विभाग ने सर्वे रिपोर्ट शासन को भेजी
✔ पर्यटन विभाग कराएगा विकास कार्य
✔ बिस्कोहर को मिलेगी नई पर्यटन पहचान

सिद्धार्थनगर। जनपद की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों को संरक्षित करने की दिशा में प्रशासन ने महत्वपूर्ण पहल शुरू कर दी है। शुक्रवार को जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जी.एन. ने नगर पंचायत बिस्कोहर में स्थित ऐतिहासिक 365 मंदिरों एवं कुओं का स्थलीय निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने इन प्राचीन धरोहरों की वर्तमान स्थिति का जायजा लिया तथा संबंधित अधिकारियों से इनके संरक्षण एवं विकास को लेकर विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने बताया कि पुरातात्विक महत्व के दृष्टिगत बिस्कोहर के 365 मंदिरों और कुओं का सर्वेक्षण पुरातत्व विभाग द्वारा कराया गया है तथा इसकी रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है।
जिलाधिकारी ने कहा कि शासन स्तर से स्वीकृति मिलने के बाद पर्यटन विभाग द्वारा इन ऐतिहासिक स्थलों का जीर्णोद्धार एवं सौंदर्यीकरण कराया जाएगा। इससे न केवल क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत सुरक्षित होगी बल्कि पर्यटन की संभावनाओं को भी नया आयाम मिलेगा।
स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि इन प्राचीन धरोहरों का समुचित विकास होता है तो बिस्कोहर प्रदेश के प्रमुख धार्मिक एवं ऐतिहासिक पर्यटन स्थलों में अपनी अलग पहचान बना सकता है।
निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी इटवा कुणाल, नगर पंचायत बिस्कोहर के अधिशासी अधिकारी अखिलेश कुमार दीक्षित सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
सारांश :
की ऐतिहासिक पहचान माने जाने वाले 365 मंदिरों और कुओं के संरक्षण की दिशा में प्रशासन सक्रिय हो गया है। पुरातत्व विभाग की रिपोर्ट शासन को भेजी जा चुकी है और जल्द ही पर्यटन विभाग इनके जीर्णोद्धार का कार्य शुरू कर सकता है।
आईजीआरएस में लापरवाही पड़ी भारी, डीएम ने रोका जून का वेतन
आईजीआरएस शिकायतों में लापरवाही पर डीएम सख्त, कई अधिकारियों का जून माह का वेतन बाधित
शिकायत निस्तारण में अनदेखी पड़ी भारी, जिलाधिकारी ने दिखाई सख्ती; तहसील से लेकर नगर निकाय और शिक्षा विभाग तक कार्रवाई की जद में
सिद्धार्थनगर। जन शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जी.एन. ने कड़ा रुख अपनाया है। आईजीआरएस संदर्भों की समीक्षा के दौरान शिकायतों के निस्तारण में गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों का जून माह का वेतन बाधित करने के निर्देश दिए हैं।
सारांश
जिलाधिकारी ने आईजीआरएस शिकायतों की समीक्षा में पाई गंभीर कमियां।
आवेदकों से संपर्क, स्थलीय जांच और फीडबैक की प्रक्रिया का पालन नहीं हुआ।
तहसील नौगढ़ और शोहरतगढ़ के राजस्व अधिकारियों सहित कई विभाग कार्रवाई की जद में।
जून माह का वेतन बाधित करने का दिया गया निर्देश।
🔲 जन शिकायतों में लापरवाही पर प्रशासन का कड़ा संदेश
आईजीआरएस प्रणाली के माध्यम से आने वाली शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। समीक्षा के दौरान निर्धारित प्रक्रिया का पालन न होने पर जिलाधिकारी की यह कार्रवाई प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
मुख्य खबर
जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जी.एन. ने 11 जून 2026 को आईजीआरएस पोर्टल पर दर्ज कुछ शिकायतों का परीक्षण किया। जांच के दौरान पाया गया कि कई मामलों में शासन द्वारा निर्धारित शिकायत निस्तारण प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया।
समीक्षा में यह तथ्य सामने आया कि शिकायतकर्ताओं से संपर्क स्थापित नहीं किया गया, कई मामलों में स्थलीय निरीक्षण नहीं हुआ तथा जांच के निष्कर्षों से आवेदकों को अवगत कराने की प्रक्रिया भी पूरी नहीं की गई। इसे शिकायत निस्तारण प्रणाली में गंभीर लापरवाही माना गया।
जांच के दौरान तहसील नौगढ़ एवं शोहरतगढ़ के तहसीलदार, नायब तहसीलदार, नौ लेखपाल, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, नगर पालिका परिषद सिद्धार्थनगर के अधिशासी अधिकारी, नगर पंचायत बढ़नी तथा उसका बाजार के अधिशासी अधिकारियों के स्तर पर कमियां पाई गईं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों का जून माह का वेतन बाधित करने के निर्देश जारी किए हैं। प्रशासनिक हलकों में इस कार्रवाई को जवाबदेही तय करने और शिकायत निस्तारण व्यवस्था को प्रभावी बनाने की दिशा में कड़ा संदेश माना जा रहा है।
🔲 क्या हैं प्रमुख कमियां?
शिकायतकर्ता से संपर्क नहीं किया गया।
स्थलीय निरीक्षण नहीं कराया गया।
जांच रिपोर्ट की जानकारी आवेदक को नहीं दी गई।
शासन की निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं हुआ।
(नोट: यह समाचार जिला प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचना के आधार पर तैयार किया
गया है।)
FT NEWS DIGITAL
**”सच और… कुछ नहीं”**
आईजीआरएस शिकायतों में लापरवाही पर डीएम सख्त, कई अधिकारियों का जून माह का वेतन बाधित
आईजीआरएस शिकायतों में लापरवाही पर डीएम सख्त, कई अधिकारियों का जून माह का वेतन बाधित
शिकायत निस्तारण में अनदेखी पड़ी भारी, जिलाधिकारी ने दिखाई सख्ती; तहसील से लेकर नगर निकाय और शिक्षा विभाग तक कार्रवाई की जद में
सिद्धार्थनगर। जन शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जी.एन. ने कड़ा रुख अपनाया है। आईजीआरएस संदर्भों की समीक्षा के दौरान शिकायतों के निस्तारण में गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों का जून माह का वेतन बाधित करने के निर्देश दिए हैं।
सारांश
जिलाधिकारी ने आईजीआरएस शिकायतों की समीक्षा में पाई गंभीर कमियां।
आवेदकों से संपर्क, स्थलीय जांच और फीडबैक की प्रक्रिया का पालन नहीं हुआ।
तहसील नौगढ़ और शोहरतगढ़ के राजस्व अधिकारियों सहित कई विभाग कार्रवाई की जद में।
जून माह का वेतन बाधित करने का दिया गया निर्देश।
🔲 जन शिकायतों में लापरवाही पर प्रशासन का कड़ा संदेश
आईजीआरएस प्रणाली के माध्यम से आने वाली शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। समीक्षा के दौरान निर्धारित प्रक्रिया का पालन न होने पर जिलाधिकारी की यह कार्रवाई प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
मुख्य खबर
जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जी.एन. ने 11 जून 2026 को आईजीआरएस पोर्टल पर दर्ज कुछ शिकायतों का परीक्षण किया। जांच के दौरान पाया गया कि कई मामलों में शासन द्वारा निर्धारित शिकायत निस्तारण प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया।
समीक्षा में यह तथ्य सामने आया कि शिकायतकर्ताओं से संपर्क स्थापित नहीं किया गया, कई मामलों में स्थलीय निरीक्षण नहीं हुआ तथा जांच के निष्कर्षों से आवेदकों को अवगत कराने की प्रक्रिया भी पूरी नहीं की गई। इसे शिकायत निस्तारण प्रणाली में गंभीर लापरवाही माना गया।
जांच के दौरान तहसील नौगढ़ एवं शोहरतगढ़ के तहसीलदार, नायब तहसीलदार, नौ लेखपाल, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, नगर पालिका परिषद सिद्धार्थनगर के अधिशासी अधिकारी, नगर पंचायत बढ़नी तथा उसका बाजार के अधिशासी अधिकारियों के स्तर पर कमियां पाई गईं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों का जून माह का वेतन बाधित करने के निर्देश जारी किए हैं। प्रशासनिक हलकों में इस कार्रवाई को जवाबदेही तय करने और शिकायत निस्तारण व्यवस्था को प्रभावी बनाने की दिशा में कड़ा संदेश माना जा रहा है।
🔲 क्या हैं प्रमुख कमियां?
शिकायतकर्ता से संपर्क नहीं किया गया।
स्थलीय निरीक्षण नहीं कराया गया।
जांच रिपोर्ट की जानकारी आवेदक को नहीं दी गई।
शासन की निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं हुआ।
(नोट: यह समाचार जिला प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचना के आधार पर तैयार किया
गया है।)
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“सच और… कुछ नहीं”
हाईवे बना मंडी? नौगढ़ में सड़क किनारे निर्माण सामग्री के ढेर पर उठे सवाल
नेशनल हाईवे पर अतिक्रमण से बढ़ा खतरा, सड़क किनारे निर्माण सामग्री के कारोबार पर उठे सवाल
राहगीरों की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों ने उठाई आवाज
सिद्धार्थनगर। सदर थाना क्षेत्र के नौगढ़ पुलिस चौकी अंतर्गत नगर पालिका क्षेत्र तथा बर्डपुर नंबर-14 के झंडेनगर और गरीबपुर के आसपास नेशनल हाईवे के किनारे एवं बस स्टॉप के समीप निर्माण सामग्री के भंडारण और कारोबार को लेकर स्थानीय लोगों ने गंभीर चिंता जताई है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क किनारे गिट्टी, मोरंग, बालू, सीमेंट और सरिया रखे जाने से यातायात प्रभावित हो रहा है तथा दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ गई है। लोगों ने जनहित में प्रशासन से जांच कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।

ग्रामीणों की प्रमुख शिकायतें
हाईवे किनारे निर्माण सामग्री रखे जाने का आरोप।
बस स्टॉप और सड़क के आसपास आवागमन प्रभावित होने की शिकायत।
धूल और प्रदूषण से स्थानीय लोगों को परेशानी।
दुर्घटनाओं की आशंका को लेकर बढ़ी चिंता।
प्रशासन से अतिक्रमण हटाने और जांच की मांग।
जनहित से जुड़े सवाल
क्या हाईवे किनारे निर्माण सामग्री का भंडारण नियमों के अनुरूप है?
क्या सड़क सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा है?
क्या राहगीरों और वाहन चालकों की सुरक्षा प्रभावित हो रही है?
स्थानीय लोगों की शिकायतों पर क्या होगी कार्रवाई?
जांच के बाद ही स्पष्ट होगी वास्तविक स्थिति।
विस्तृत खबर
सिद्धार्थनगर जिले के नौगढ़ क्षेत्र में नेशनल हाईवे के किनारे निर्माण सामग्री के कारोबार और भंडारण को लेकर स्थानीय नागरिकों में नाराजगी देखने को मिल रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क और बस स्टॉप के आसपास गिट्टी, मोरंग, बालू, सीमेंट तथा सरिया जैसी सामग्री रखे जाने से राहगीरों और वाहन चालकों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि सड़क किनारे सामग्री रखे जाने से उड़ने वाली धूल आसपास के घरों तक पहुंच रही है, जिससे पर्यावरण और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। वहीं, यातायात प्रभावित होने और दुर्घटनाओं की आशंका को लेकर भी लोगों ने चिंता व्यक्त की है।
ग्रामीणों ने यह भी मांग की है कि संबंधित विभाग मौके का निरीक्षण कर यह सुनिश्चित करे कि कहीं सड़क सुरक्षा मानकों और सार्वजनिक भूमि से जुड़े नियमों का उल्लंघन तो नहीं हो रहा है। उनका कहना है कि यदि कोई अनियमितता पाई जाती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
हालांकि, इस संबंध में संबंधित कारोबारियों या प्रशासनिक अधिकारियों का पक्ष प्राप्त नहीं हो सका है। इसलिए सभी आरोप और दावे स्वतंत्र जांच तथा प्रशासनिक सत्यापन के अधीन हैं।
सारांश
नौगढ़ क्षेत्र में नेशनल हाईवे किनारे निर्माण सामग्री के कथित भंडारण और कारोबार को लेकर स्थानीय लोगों ने सड़क सुरक्षा, यातायात व्यवस्था और प्रदूषण से जुड़े सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर जनहित में आवश्यक कदम उठाने की मांग की है। मामले की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
बढ़नी ब्लॉक में प्रशासनिक पारदर्शिता पर सवाल, सरकारी कार्यों में कथित हस्तक्षेप की जांच की मांग
भुगतान व्यवस्था, कार्यक्षेत्र आवंटन और प्रशासनिक निर्णयों को लेकर चर्चाएं तेज; आधिकारिक जांच का इंतजार
बढ़नी ब्लॉक में VDO के कार्यों में बाहरी हस्तक्षेप के आरोप, प्रशासनिक व्यवस्था पर उठे सवाल
सरकारी कार्यों के संचालन और भुगतान प्रणाली को लेकर चर्चा तेज, जांच की मांग
बढ़नी (सिद्धार्थनगर)। विकास खंड बढ़नी में ग्राम विकास अधिकारी (वीडीओ) के कार्यों में कथित बाहरी हस्तक्षेप और सरकारी भुगतान प्रणाली के संचालन को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। स्थानीय स्तर पर उठ रहे सवालों और विभिन्न माध्यमों से सामने आए आरोपों के बाद प्रशासनिक व्यवस्था की पारदर्शिता पर बहस छिड़ गई है। हालांकि, इन आरोपों की अभी तक किसी सक्षम अधिकारी द्वारा आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन मामले की निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो रही है।
आरोप क्या हैं?
वीडीओ के सरकारी कार्यों में कथित रूप से परिजन के हस्तक्षेप की चर्चा।
भुगतान प्रक्रिया से जुड़े उपकरण और कार्य संचालन को लेकर सवाल।
कार्यक्षेत्र के पुनर्वितरण को लेकर भी चर्चाएं।
स्थानीय स्तर पर निष्पक्ष जांच और स्पष्ट जवाबदेही की मांग।
मुख्य बिंदु
सरकारी कार्यों में पारदर्शिता पर उठे सवाल।
भुगतान प्रणाली के संचालन को लेकर चर्चा।
प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका पर सवालिया निशान।
आधिकारिक जांच के बाद ही स्थिति होगी स्पष्ट।
जनहित में निष्पक्ष जांच की मांग।
खबर
विकास खंड बढ़नी में इन दिनों प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर कई तरह की चर्चाएं सामने आ रही हैं। क्षेत्र में यह आरोप लगाए जा रहे हैं कि एक ग्राम विकास अधिकारी के कार्यों में कथित रूप से बाहरी व्यक्ति का प्रभाव देखा जा रहा है। साथ ही भुगतान प्रक्रिया और कुछ प्रशासनिक निर्णयों को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
सूत्रों और स्थानीय चर्चाओं के अनुसार, हाल के दिनों में कार्यक्षेत्र के पुनर्वितरण और कुछ अतिरिक्त ग्राम पंचायतों के आवंटन को लेकर भी लोगों के बीच चर्चा बनी हुई है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
मामले को लेकर सबसे अधिक चर्चा सरकारी भुगतान प्रणाली से जुड़े उपकरणों और कार्य संचालन को लेकर हो रही है। जनप्रतिनिधियों तथा स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि सरकारी कार्यों में किसी भी स्तर पर अनधिकृत हस्तक्षेप हुआ है तो इसकी निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए, ताकि स्थिति स्पष्ट हो सके और जनता का विश्वास बना रहे।
विशेषज्ञों का मानना है कि सरकारी वित्तीय एवं प्रशासनिक प्रक्रियाओं में निर्धारित नियमों का पालन अत्यंत आवश्यक है। यदि कहीं कोई अनियमितता सामने आती है तो संबंधित विभाग द्वारा उसकी जांच कर उचित कार्रवाई की जानी चाहिए।
फिलहाल पूरे मामले में प्रशासन की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ऐसे में सभी आरोप जांच और सक्षम अधिकारियों की पुष्टि के अधीन हैं।
सारांश
बढ़नी ब्लॉक में सरकारी कार्यों के संचालन, भुगतान व्यवस्था और कथित बाहरी हस्तक्षेप को लेकर उठे सवालों ने प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज कर दी है। आरोपों की पुष्टि अभी नहीं हुई है, लेकिन जनहित में निष्पक्ष जांच और तथ्यों को सार्वजनिक किए जाने की मांग जोर पकड़ रही है। जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आ सकेगी।
बढ़नी ब्लॉक में प्रशासनिक पारदर्शिता पर सवाल, सरकारी कार्यों में कथित हस्तक्षेप की जांच की मांग
भुगतान व्यवस्था, कार्यक्षेत्र आवंटन और प्रशासनिक निर्णयों को लेकर चर्चाएं तेज; आधिकारिक जांच का इंतजार
बढ़नी ब्लॉक में VDO के कार्यों में बाहरी हस्तक्षेप के आरोप, प्रशासनिक व्यवस्था पर उठे सवाल
सरकारी कार्यों के संचालन और भुगतान प्रणाली को लेकर चर्चा तेज, जांच की मांग
बढ़नी (सिद्धार्थनगर)। विकास खंड बढ़नी में ग्राम विकास अधिकारी (वीडीओ) के कार्यों में कथित बाहरी हस्तक्षेप और सरकारी भुगतान प्रणाली के संचालन को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। स्थानीय स्तर पर उठ रहे सवालों और विभिन्न माध्यमों से सामने आए आरोपों के बाद प्रशासनिक व्यवस्था की पारदर्शिता पर बहस छिड़ गई है। हालांकि, इन आरोपों की अभी तक किसी सक्षम अधिकारी द्वारा आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन मामले की निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो रही है।
आरोप क्या हैं?
वीडीओ के सरकारी कार्यों में कथित रूप से परिजन के हस्तक्षेप की चर्चा।
भुगतान प्रक्रिया से जुड़े उपकरण और कार्य संचालन को लेकर सवाल।
कार्यक्षेत्र के पुनर्वितरण को लेकर भी चर्चाएं।
स्थानीय स्तर पर निष्पक्ष जांच और स्पष्ट जवाबदेही की मांग।
मुख्य बिंदु
सरकारी कार्यों में पारदर्शिता पर उठे सवाल।
भुगतान प्रणाली के संचालन को लेकर चर्चा।
प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका पर सवालिया निशान।
आधिकारिक जांच के बाद ही स्थिति होगी स्पष्ट।
जनहित में निष्पक्ष जांच की मांग।
खबर
विकास खंड बढ़नी में इन दिनों प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर कई तरह की चर्चाएं सामने आ रही हैं। क्षेत्र में यह आरोप लगाए जा रहे हैं कि एक ग्राम विकास अधिकारी के कार्यों में कथित रूप से बाहरी व्यक्ति का प्रभाव देखा जा रहा है। साथ ही भुगतान प्रक्रिया और कुछ प्रशासनिक निर्णयों को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
सूत्रों और स्थानीय चर्चाओं के अनुसार, हाल के दिनों में कार्यक्षेत्र के पुनर्वितरण और कुछ अतिरिक्त ग्राम पंचायतों के आवंटन को लेकर भी लोगों के बीच चर्चा बनी हुई है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
मामले को लेकर सबसे अधिक चर्चा सरकारी भुगतान प्रणाली से जुड़े उपकरणों और कार्य संचालन को लेकर हो रही है। जनप्रतिनिधियों तथा स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि सरकारी कार्यों में किसी भी स्तर पर अनधिकृत हस्तक्षेप हुआ है तो इसकी निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए, ताकि स्थिति स्पष्ट हो सके और जनता का विश्वास बना रहे।
विशेषज्ञों का मानना है कि सरकारी वित्तीय एवं प्रशासनिक प्रक्रियाओं में निर्धारित नियमों का पालन अत्यंत आवश्यक है। यदि कहीं कोई अनियमितता सामने आती है तो संबंधित विभाग द्वारा उसकी जांच कर उचित कार्रवाई की जानी चाहिए।
फिलहाल पूरे मामले में प्रशासन की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ऐसे में सभी आरोप जांच और सक्षम अधिकारियों की पुष्टि के अधीन हैं।
सारांश
बढ़नी ब्लॉक में सरकारी कार्यों के संचालन, भुगतान व्यवस्था और कथित बाहरी हस्तक्षेप को लेकर उठे सवालों ने प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज कर दी है। आरोपों की पुष्टि अभी नहीं हुई है, लेकिन जनहित में निष्पक्ष जांच और तथ्यों को सार्वजनिक किए जाने की मांग जोर पकड़ रही है। जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आ सकेगी।
वन विभाग पर उठे सवाल: गिरे आम के पेड़ की कथित कटान-बिक्री की शिकायत, जांच की मांग!
सिद्धार्थनगर, उत्तर प्रदेश। जनपद के नौगढ़ रेंज क्षेत्र में संरक्षित वन भूमि पर स्थित एक आम के पेड़ की कटान एवं उसके निस्तारण को लेकर शिकायत दर्ज कराए जाने का मामला सामने आया है। शिकायतकर्ता दुर्गेश मिश्रा, निवासी पलिया निधि, ब्लॉक नौगढ़, तहसील शोहरतगढ़ ने उत्तर प्रदेश के जनसुनवाई (IGRS) पोर्टल के माध्यम से संबंधित प्रकरण की जांच कराए जाने और आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत के अनुसार, नौगढ़ रेंज के धेंसा नानकार क्षेत्र में संरक्षित वन भूमि पर स्थित एक आम का पेड़ लगभग दस दिन पूर्व आए आंधी-तूफान के दौरान गिर गया था। शिकायतकर्ता का कहना है कि बाद में उक्त पेड़ को काटकर उसका निस्तारण किए जाने की जानकारी उन्हें स्थानीय स्तर पर प्राप्त हुई। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि इस संबंध में आवश्यक अनुमति और विभागीय प्रक्रिया का पालन किए जाने को लेकर संदेह व्यक्त किया गया है।
दुर्गेश मिश्रा द्वारा दर्ज शिकायत में मांग की गई है कि संबंधित मामले की निष्पक्ष जांच कर यह स्पष्ट किया जाए कि पेड़ के निस्तारण की प्रक्रिया वन विभाग के नियमों एवं निर्धारित प्रावधानों के अनुरूप की गई थी या नहीं। शिकायतकर्ता ने यह भी अनुरोध किया है कि जांच में यदि किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उल्लेखनीय है कि वन भूमि पर स्थित पेड़ों के कटान, निस्तारण अथवा बिक्री से संबंधित मामलों में निर्धारित विभागीय प्रक्रियाओं और अनुमति की आवश्यकता होती है। ऐसे मामलों में अंतिम स्थिति जांच और सक्षम अधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर ही स्पष्ट हो सकती है।
जनसुनवाई पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, यह शिकायत वर्तमान में विचाराधीन (Pending) बताई जा रही है। मामले में अभी तक संबंधित विभाग अथवा अधिकारियों की ओर से कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं हुई है।
महत्वपूर्ण: यह समाचार जनसुनवाई पोर्टल पर दर्ज शिकायत और शिकायतकर्ता द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी पर आधारित है। समाचार में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। मामले की वास्तविक स्थिति संबंधित विभागीय जांच एवं सक्षम अधिकारियों की रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
“गिरे आम के पेड़ की कटान-बिक्री का आरोप, वन विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
- वन विभाग पर उठे सवाल: गिरे आम के पेड़ की कथित कटान-बिक्री की शिकायत, जांच की मांग
महादेवा नानकार में आंधी से गिरे पेड़ के निस्तारण को लेकर विवाद, जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज
सिद्धार्थनगर, संवाददाता। नौगढ़ वन रेंज के महादेवा नानकार क्षेत्र में आंधी-तूफान के दौरान गिरे एक आम के पेड़ के निस्तारण को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। मामले में एक स्थानीय निवासी ने जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर आरोप लगाया है कि संरक्षित वन भूमि के निकट स्थित उक्त पेड़ को बिना निर्धारित प्रक्रिया और वैध अनुमति के कटवाकर बेच दिया गया। शिकायत फिलहाल संबंधित विभाग के स्तर पर लंबित बताई जा रही है।
जनसुनवाई पोर्टल पर दर्ज शिकायत ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शिकायतकर्ता ने मामले की उच्चस्तरीय जांच कर जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। हालांकि समाचार लिखे जाने तक विभाग का आधिकारिक पक्ष प्राप्त नहीं हो सका था।
शिकायत में क्या कहा गया है?
शिकायतकर्ता का दावा है कि महादेवा नानकार क्षेत्र में आंधी से गिरा आम का पेड़ कई दिनों तक मौके पर पड़ा रहा। बाद में उसे काटकर हटाया गया। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि पेड़ के निस्तारण में निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया। शिकायत में संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों की भूमिका की जांच की मांग की गई है।
बॉक्स
जांच में सामने आ सकते हैं ये सवाल
क्या पेड़ के निस्तारण की विधिवत अनुमति ली गई थी?
क्या विभागीय अभिलेखों में इसकी प्रविष्टि दर्ज है?
पेड़ कटान और हटाने की प्रक्रिया किसके आदेश पर हुई?
क्या निस्तारण नियमानुसार किया गया?
शिकायत में लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है?
महादेवा नानकार क्षेत्र में स्थित एक आम का पेड़ हाल ही में आए आंधी-तूफान में गिर गया था। शिकायतकर्ता के अनुसार पेड़ संरक्षित वन क्षेत्र के निकट स्थित था। जनसुनवाई पोर्टल पर दर्ज शिकायत में आरोप लगाया गया है कि बाद में उक्त पेड़ को काटकर हटाया गया तथा उसकी बिक्री कर दी गई।
शिकायतकर्ता ने अपने आवेदन में पूरे प्रकरण की जांच कर संबंधित अभिलेखों और अनुमति संबंधी दस्तावेजों की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह सरकारी संपत्ति के निस्तारण संबंधी नियमों के उल्लंघन का मामला हो सकता है।
उधर, समाचार लिखे जाने तक वन विभाग अथवा संबंधित अधिकारियों की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं हो सकी थी। ऐसे में आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है।
प्रशासनिक कार्रवाई का इंतजार
मामला अब जांच के दायरे में है। जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत लंबित होने के कारण क्षेत्र के लोगों की निगाहें प्रशासनिक कार्रवाई और विभागीय जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं। जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
(अस्वीकरण : यह समाचार शिकायतकर्ता द्वारा जनसुनवाई पोर्टल पर दर्ज कराए गए आरोपों एवं उपलब्ध दस्तावेजों पर आधारित है। समाचार पत्र/चैनल इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता। संबंधित विभाग का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।)
महादेवा नानकार का मामला, जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज; जांच रिपोर्ट का इंतजार
डंपर की टक्कर से दो युवकों की मौत, मुंडन संस्कार से लौटते समय उजड़ गए दो परिवार
सिद्धार्थनगर। जनपद के मोहाना थाना क्षेत्र में गुरुवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे ने दो परिवारों की खुशियां छीन लीं। लुंबिनी से मुंडन संस्कार कार्यक्रम में शामिल होकर लौट रहे बाइक सवार दो युवकों की तेज रफ्तार डंपर की चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
घटना
जानकारी के अनुसार मोहाना थाना क्षेत्र के पननी गांव के समीप एक तेज रफ्तार डंपर और बाइक की आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक सवार दोनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी।
मृतकों की पहचान
हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान रामजीवन (30 वर्ष) पुत्र दशरथ निवासी चनरैया, थाना लोटन तथा सोनू (28 वर्ष) के रूप में हुई है। दोनों युवक लुंबिनी से एक पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होकर वापस अपने घर लौट रहे थे।
मचा कोहराम
जैसे ही हादसे की सूचना गांव पहुंची, दोनों परिवारों में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। ग्रामीणों की भारी भीड़ मृतकों के घर पहुंच गई। गांव में मातम का माहौल व्याप्त है।
पुलिस की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलने पर मोहाना थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और आवश्यक विधिक कार्रवाई करते हुए दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस दुर्घटना के कारणों की जांच कर रही है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार
स्थानीय लोगों का कहना है कि टक्कर बेहद जोरदार थी। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और राहगीरों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी।
प्रशासन से उठी मांग
ग्रामीणों ने मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता दिए जाने तथा क्षेत्र में तेज रफ्तार वाहनों पर प्रभावी नियंत्रण की मांग की है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
एक पल में उजड़ गई खुशियां
मुंडन संस्कार जैसे खुशी के अवसर से लौट रहे दोनों युवकों को शायद यह अंदाजा भी नहीं था कि घर पहुंचने से पहले ही काल उनका इंतजार कर रहा है। इस हृदयविदारक हादसे ने दो परिवारों के सपनों को एक झटके में बिखेर दिया।
हादसे की मुख्य बातें
■ पननी गांव के पास डंपर और बाइक की आमने-सामने टक्कर
■ दो युवकों की मौके पर मौत
■ लुंबिनी से मुंडन संस्कार कार्यक्रम से लौट रहे थे दोनों
■ पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा
■ दुर्घटना के कारणों की जांच जारी
(नोट : समाचार उपलब्ध स्थानीय जानकारी एवं पुलिस द्वारा की गई प्रारंभिक कार्रवाई के आधार पर तैयार किया गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद तथ्यों में परिवर्तन संभव है।)
“बाढ़ से पहले तैयारी की परीक्षा: सिद्धार्थनगर में NDRF, पुलिस और प्रशासन ने किया संयुक्त रेस्क्यू अभ्यास”

सिद्धार्थनगर में बाढ़ आपदा से निपटने की तैयारी का रियलिटी टेस्ट, NDRF ने दिखाया रेस्क्यू का दम

सिद्धार्थनगर। आगामी मानसून और संभावित बाढ़ आपदा को देखते हुए गुरुवार को तहसील बांसी स्थित रानी मोहभक्त लक्ष्मी घाट पर जिला प्रशासन, एनडीआरएफ, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और अन्य विभागों द्वारा संयुक्त रूप से भव्य बाढ़ राहत एवं बचाव मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी एवं इंसिडेंट कमांडर श्री शिवशरणप्पा जीएन के निर्देशन में आयोजित इस अभ्यास का उद्देश्य बाढ़ जैसी आपदा की स्थिति में विभिन्न विभागों की तत्परता और समन्वय की वास्तविक परख करना था।

मॉक ड्रिल के दौरान बाढ़ की काल्पनिक सूचना मिलते ही जिला कंट्रोल रूम सक्रिय हुआ और लगभग 50 मिनट के भीतर एनडीआरएफ, पुलिस, पीएसी, स्वास्थ्य विभाग, राजस्व विभाग तथा अन्य संबंधित एजेंसियां मौके पर पहुंच गईं। इसके बाद युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव अभियान चलाते हुए प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने का प्रदर्शन किया गया।
जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने मौके पर पहुंचकर पूरे अभ्यास का निरीक्षण किया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सिद्धार्थनगर बाढ़ की दृष्टि से संवेदनशील जनपदों में शामिल है, इसलिए सभी विभागों को हर परिस्थिति के लिए पूरी तरह तैयार रहना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
डूबते व्यक्ति को बचाने का लाइव प्रदर्शन
मॉक ड्रिल में एनडीआरएफ की टीम ने नदी में डूबे व्यक्ति को सुरक्षित निकालने, प्राथमिक उपचार देने और जीवन रक्षक तकनीकों का प्रदर्शन किया। टीम ने बताया कि डूबे व्यक्ति को बाहर निकालने के बाद किस प्रकार उसके शरीर से पानी निकाला जाता है, पल्स चेक की जाती है और तत्काल चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
घरेलू सामानों से बनाई गई इम्प्रोवाइज्ड राफ्ट
एनडीआरएफ विशेषज्ञों ने ग्रामीणों और स्थानीय लोगों को घर में उपलब्ध संसाधनों से अस्थायी नाव (इम्प्रोवाइज्ड राफ्ट) तैयार करने और उसका सुरक्षित उपयोग करने की जानकारी भी दी। इस प्रदर्शन को लोगों ने काफी रुचि के साथ देखा।
राहत शिविर, पेयजल और पशुओं के चारे की भी तैयारी
मॉक ड्रिल के दौरान यह भी प्रदर्शित किया गया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत शिविर कैसे संचालित किए जाएंगे। स्वास्थ्य विभाग द्वारा चिकित्सा सहायता, जल निगम एवं स्थानीय निकायों द्वारा स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था तथा पशुपालन विभाग द्वारा पशुओं के लिए चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करने की कार्ययोजना प्रस्तुत की गई।
सभी विभागों ने निभाई सक्रिय भूमिका
अभ्यास में राजस्व, पुलिस, स्वास्थ्य, अग्निशमन, सिंचाई, नगर निकाय, ग्राम्य विकास, विद्युत विभाग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों ने सक्रिय सहभागिता की। आपदा मित्रों, स्वयंसेवकों और स्थानीय नागरिकों ने भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
आपदा नियंत्रण कक्ष के नंबर जारी
जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल जिला आपदा नियंत्रण कक्ष से संपर्क करें।
📞 आपदा कंट्रोल रूम:
05442-97010
05442-97030
कोर्ट से लौट रहे अधेड़ को ट्रक ने कुचला, बेटे की आंखों के सामने दर्दनाक मौत
न्यायालय गेट के सामने मचा कोहराम, घंटों जाम; चालक ट्रक छोड़कर फरार
मुकदमे की पैरवी कर घर लौट रहे थे इनाउल्लाह, सड़क पार करते समय तेज रफ्तार ट्रक ने रौंदा; पुलिस ने ट्रक कब्जे में लेकर शुरू की जांच
▪️ न्यायालय गेट के सामने हुआ दर्दनाक सड़क हादसा
▪️ 55 वर्षीय इनाउल्लाह की मौके पर मौत
▪️ बेटे के सामने पिता ने तोड़ा दम
▪️ ट्रक चालक वाहन छोड़कर फरार
▪️ दोनों ओर लगा लंबा जाम, यातायात प्रभावित
▪️ पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा
▪️ फरार चालक की तलाश में जुटी पुलिस
बेटे की आंखों के सामने उजड़ गया परिवार हादसे के समय मृतक का पुत्र अलाउद्दीन भी साथ मौजूद था। उसने बताया कि मोटरसाइकिल मोड़ते समय इंडिकेटर दिया गया था, लेकिन ट्रक चालक ने न तो गति कम की और न ही सावधानी बरती। देखते ही देखते पिता ट्रक की चपेट में आ गए और उसकी आंखों के सामने उनकी मौत हो गई।
हादसे के बाद कोर्ट गेट पर लगा लंबा जाम
दुर्घटना के बाद न्यायालय गेट के सामने अफरा-तफरी मच गई। बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर जुट गए, जिससे दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को यातायात सामान्य कराने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
सिद्धार्थनगर।
जिला मुख्यालय स्थित न्यायालय गेट के सामने गुरुवार शाम एक दर्दनाक सड़क हादसे में मोहाना थाना क्षेत्र के मधुबनी टोला रेहला गांव निवासी इनाउल्लाह (55) की ट्रक से कुचलकर मौके पर ही मौत हो गई। हादसा इतना भयावह था कि घटनास्थल पर मौजूद लोगों की रूह कांप उठी। मृतक अपने पुत्र अलाउद्दीन के साथ मोटरसाइकिल से न्यायालय में मुकदमे की पैरवी करने आए थे और कार्य समाप्त होने के बाद घर लौट रहे थे।
जानकारी के अनुसार गुरुवार शाम करीब 4:30 बजे दोनों न्यायालय परिसर से निकलकर सड़क पार कर रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार ट्रक ने उनकी मोटरसाइकिल को अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर लगते ही इनाउल्लाह सड़क पर गिर पड़े और ट्रक उन्हें कुचलता हुआ आगे निकल गया। गंभीर चोटों के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
मृतक के पुत्र अलाउद्दीन ने बताया कि उन्होंने सड़क पार करने से पहले इंडिकेटर दिया था, लेकिन ट्रक चालक ने वाहन की गति कम नहीं की। उनका आरोप है कि चालक की लापरवाही और तेज रफ्तार के कारण यह दर्दनाक हादसा हुआ।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दुर्घटना के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। न्यायालय परिसर में मौजूद अधिवक्ता, वादकारी और राहगीर भी मौके पर पहुंच गए। देखते ही देखते बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए, जिससे न्यायालय गेट के सामने दोनों ओर यातायात पूरी तरह बाधित हो गया और लंबा जाम लग गया।
सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद भीड़ को नियंत्रित किया तथा यातायात को सुचारु कराया। वहीं दुर्घटना के बाद ट्रक चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। पुलिस ने ट्रक को कब्जे में लेकर चालक की तलाश शुरू कर दी है।
आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी करने के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भेज दिया। उधर, हादसे की सूचना गांव पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों के अनुसार इनाउल्लाह परिवार के जिम्मेदार सदस्य थे और मुकदमे की तारीख पर न्यायालय आए थे, लेकिन घर लौटने से पहले ही सड़क हादसे ने उनकी जिंदगी छीन ली।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। फरार ट्रक चालक की तलाश जारी है और जल्द ही उसके खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
हत्या के आरोपी को पथरा बाजार पुलिस ने किया गिरफ्तार, न्यायालय भेजा गया
सिद्धार्थनगर, 11 जून 2026। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन के निर्देशन में जनपद सिद्धार्थनगर की थाना पथरा बाजार पुलिस को एक महत्वपूर्ण सफलता मिली है। हत्या के मामले में वांछित चल रहे एक अभियुक्त को गिरफ्तार कर न्यायालय भेज दिया गया है।
पुलिस अधीक्षक के आदेश के क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार प्रसाद के निर्देशन तथा क्षेत्राधिकारी डुमरियागंज बृजेश कुमार वर्मा के पर्यवेक्षण में थानाध्यक्ष ओम प्रकाश मिश्र एवं उनकी टीम द्वारा थाना पथरा बाजार पर पंजीकृत मुकदमा अपराध संख्या 37/2026, धारा 115(2), 351(3), 352, 103(1), 191(2) बीएनएस से संबंधित वांछित अभियुक्त की तलाश की जा रही थी।
पुलिस टीम ने गुरुवार को गांव के बाहर स्थित एक पोखरे के पास से अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आवश्यक विधिक कार्रवाई पूर्ण करते हुए उसे माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया।
गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान नीलेश पांडेय पुत्र सूर्यनाथ पांडेय निवासी ग्राम बनगवा पड़ाइन, थाना पथरा बाजार, जनपद सिद्धार्थनगर के रूप में हुई है।
गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में थानाध्यक्ष ओम प्रकाश मिश्र, कांस्टेबल सुदामा यादव, रिजर्व कांस्टेबल बृजेश चौधरी तथा महिला कांस्टेबल नेहा सिंह शामिल रहीं।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध अभियान लगातार जारी रहेगा तथा कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। :::
