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महराजगंज में भीषण सड़क हादसा: 27 वर्षीय युवक गंभीर घायल, पंडित माधव प्रसाद मेडिकल कॉलेज से बीआरडी रेफर
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महराजगंज में भीषण सड़क हादसा: 27 वर्षीय युवक गंभीर घायल, पंडित माधव प्रसाद मेडिकल कॉलेज से बीआरडी रेफर
बृजमनगंज-लेहरा मार्ग पर दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर, सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें
महराजगंज जनपद के बृजमनगंज थाना क्षेत्र में रविवार दोपहर दो मोटरसाइकिलों की आमने-सामने टक्कर में एक 27 वर्षीय युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल का उपचार पंडित माधव प्रसाद मेडिकल कॉलेज, सिद्धार्थनगर की इमरजेंसी में किया गया, जहां से हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उसे बीआरडी मेडिकल कॉलेज, गोरखपुर रेफर कर दिया।
सिद्धार्थनगर/महराजगंज।
महराजगंज जनपद के बृजमनगंज-लेहरा मार्ग पर रविवार लगभग 2:30 बजे हुए सड़क हादसे में 27 वर्षीय युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसा दो मोटरसाइकिलों की आमने-सामने की टक्कर में हुआ।
प्राप्त जानकारी के अनुसार घायल युवक की पहचान मोहम्मद अदनान (27 वर्ष) पुत्र मोहम्मद राज, निवासी ग्राम दुबौलिया ओला हरपुर, थाना बृजमनगंज, जनपद महराजगंज के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वह अपने एक मित्र के साथ किसी कार्य से जा रहा था। इसी दौरान विपरीत दिशा से आ रही दूसरी मोटरसाइकिल से उसकी बाइक की टक्कर हो गई।
स्थानीय लोगों के अनुसार हादसे में अदनान के सिर और नाक पर गंभीर चोटें आईं। उसके साथ बैठे युवक तथा दूसरी बाइक पर सवार दोनों लोगों को अपेक्षाकृत हल्की चोटें आने की जानकारी है।
घटना के बाद घायल अदनान को तत्काल पंडित माधव प्रसाद मेडिकल कॉलेज, सिद्धार्थनगर लाया गया। मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में चिकित्सकों ने उसका प्राथमिक उपचार किया, लेकिन हालत गंभीर होने के कारण उसे बेहतर इलाज के लिए बीआरडी मेडिकल कॉलेज, गोरखपुर रेफर कर दिया गया।
समाचार लिखे जाने तक घायल युवक की स्वास्थ्य स्थिति के संबंध में कोई आधिकारिक अपडेट प्राप्त नहीं हो सका था।
हादसे की मुख्य बातें
घटना स्थल: बृजमनगंज-लेहरा मार्ग, महराजगंज
समय: रविवार, लगभग 2:30 बजे
दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर
🚑 घायल का इलाज पंडित माधव प्रसाद मेडिकल कॉलेज, सिद्धार्थनगर में हुआ
गंभीर हालत में बीआरडी मेडिकल कॉलेज, गोरखपुर रेफर
अन्य घायलों को हल्की चोटें आने की सूचना

महराजगंज के बृजमनगंज क्षेत्र में दो बाइकों की टक्कर में 27 वर्षीय युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। सिद्धार्थनगर स्थित पंडित माधव प्रसाद मेडिकल कॉलेज में प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उसे बेहतर इलाज के लिए गोरखपुर रेफर कर दिया।
टिप्पणी
यह समाचार स्थानीय स्तर पर प्राप्त जानकारी और प्रत्यक्षदर्शियों के कथनों पर आधारित है। दुर्घटना के कारणों की आधिकारिक पुष्टि संबंधित पुलिस की जांच के बाद ही हो सकेगी। यदि पुलिस या स्वास्थ्य विभाग का आधिकारिक बयान प्राप्त होता है तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा। यह समाचार किसी निष्कर्ष पर पहुंचे बिना उपलब्ध तथ्यों के आधार पर प्रकाशित किया गया है।
55 एकड़ जमीन के लिए 46वें दिन भी डटे दलित पट्टाधारक, तेन्दुअहिया में सत्याग्रह जारी

37 दलित परिवारों का दावा—1996 में मिला था वैध पट्टा, 2009 में अनियमित तरीके से निरस्त किए जाने का आरोप
महराजगंज जनपद के पनियरा ब्लॉक अंतर्गत ग्राम सभा तेन्दुअहिया में 55 एकड़ कृषि भूमि से जुड़े विवाद को लेकर 37 दलित पट्टाधारक परिवारों का धरना रविवार को 46वें दिन भी जारी रहा। भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले प्रदर्शन कर रहे किसानों ने प्रशासन से जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने और मामले का शीघ्र समाधान करने की मांग की।
महराजगंज।
पनियरा ब्लॉक की ग्राम सभा तेन्दुअहिया (तेंदुआ) में भूमि विवाद को लेकर चल रहा आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के नेतृत्व में 37 दलित पट्टाधारक परिवार अपनी कथित 55 एकड़ कृषि भूमि के अधिकार की मांग को लेकर बेमियादी धरने पर बैठे हैं। आंदोलन रविवार को 46वें दिन भी जारी रहा।
धरना दे रहे किसानों का कहना है कि वर्ष 1996 में उन्हें शासन की ओर से वैध रूप से भूमि का पट्टा आवंटित किया गया था, जिस पर वे वर्षों तक खेती करते रहे। आंदोलनकारियों का आरोप है कि वर्ष 2009 में बिना पूर्व सूचना के उनके पट्टे निरस्त कर दिए गए, जिससे वे अपनी भूमि से वंचित हो गए। किसानों ने इस कार्रवाई में अनियमितता होने का आरोप लगाया है।
प्रदर्शनकारियों का यह भी कहना है कि मामले की जांच के लिए जिला प्रशासन द्वारा तीन सदस्यीय समिति गठित की गई थी, लेकिन अब तक जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई है। उनका आरोप है कि जांच प्रक्रिया में विलंब के कारण उन्हें न्याय मिलने में देरी हो रही है।
भारतीय किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष रामअशीष ने कहा कि जब तक जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं होती और किसानों की मांगों पर निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष एवं समयबद्ध कार्रवाई की मांग की।
धरना स्थल पर मुराली प्रसाद, रामवृक्ष, सालिक प्रसाद, महेंद्र, राजेंद्र, चुन्नीलाल, त्रिवेणी, सोना देवी, सिंधु देवी, रेशमा देवी, प्रभावती देवी, राजेंद्र पासवान सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
ग्राम प्रधान ब्रह्मानंद धारिया ने भी किसानों के समर्थन की बात कही। उन्होंने कहा कि विवाद का समाधान विधिसम्मत प्रक्रिया के तहत होना चाहिए तथा न्यायालय अथवा सक्षम प्राधिकारी का जो भी निर्णय होगा, उसका सम्मान किया जाएगा।
मामले की मुख्य बातें
स्थान: ग्राम सभा तेन्दुअहिया, पनियरा ब्लॉक, महराजगंज
37 दलित पट्टाधारक परिवारों का धरना 46वें दिन भी जारी
किसानों का दावा—1996 में मिला था 55 एकड़ भूमि का पट्टा
2009 में पट्टा निरस्त किए जाने पर अनियमितता का आरोप
जांच समिति की रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग
सारांश
भूमि विवाद को लेकर किसानों का आंदोलन जारी।
जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने और न्यायपूर्ण कार्रवाई की मांग।
भाकियू के नेतृत्व में धरना 46वें दिन भी जारी रहा।
ग्राम प्रधान ने विधिसम्मत समाधान की आवश्यकता बताई।
टिप्पणी
यह समाचार आंदोलनकारी किसानों एवं भारतीय किसान यूनियन के प्रतिनिधियों द्वारा लगाए गए आरोपों और उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। आरोपों की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासन अथवा संबंधित पक्ष का विस्तृत पक्ष उपलब्ध होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा। यह प्रस्तुति पत्रकारिता के संतुलित और कानूनी रूप से सुरक्षित मानकों के अनुरूप तैयार की गई है।
भाजपा कार्यालय में गूंजा ‘मन की बात’, कारगिल वीरों को नमन, आत्मनिर्भर भारत का संदेश

भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा, सिद्धार्थनगर द्वारा भाजपा जिला कार्यालय पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 136वीं कड़ी का सामूहिक श्रवण किया गया। कार्यक्रम के बाद सामाजिक समरसता भोज (टिफिन बैठक) आयोजित हुई, जिसमें कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री के संदेशों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।

सिद्धार्थनगर।
भाजपा किसान मोर्चा सिद्धार्थनगर के तत्वावधान में रविवार को भाजपा जिला कार्यालय पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 136वीं कड़ी का सामूहिक श्रवण किया गया। कार्यक्रम किसान मोर्चा जिलाध्यक्ष अजय शर्मा के नेतृत्व तथा भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मौर्य की अध्यक्षता में आयोजित हुआ। मुख्य अतिथि के रूप में किसान मोर्चा के क्षेत्रीय महामंत्री लाल जी यादव एवं सांसद जगदंबिका पाल उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री के संबोधन को ध्यानपूर्वक सुना। प्रधानमंत्री ने कारगिल विजय दिवस पर वीर शहीदों एवं सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके साहस और बलिदान को देश के लिए प्रेरणास्रोत बताया। उन्होंने आत्मनिर्भर भारत, रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी तकनीक, जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण, ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान, सिंगल यूज प्लास्टिक के पुनर्चक्रण तथा ‘वेस्ट टू वेल्थ’ जैसे विषयों पर विस्तार से विचार रखे।
प्रधानमंत्री ने युवाओं की खेल, विज्ञान, अंतरिक्ष एवं नवाचार के क्षेत्र में उपलब्धियों की सराहना करते हुए ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान को जन-आंदोलन बनाने का आह्वान किया। साथ ही हथकरघा, हस्तशिल्प, खादी, पारंपरिक कला और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने तथा महिला स्वयं सहायता समूहों के प्रयासों की भी प्रशंसा की।
मुख्य अतिथि लाल जी यादव ने कहा कि ‘मन की बात’ केवल एक रेडियो कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनभागीदारी और राष्ट्र निर्माण का प्रभावी माध्यम बन चुका है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से प्रधानमंत्री के संदेशों को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की अपील की।
सांसद जगदंबिका पाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ‘मन की बात’ के माध्यम से गांव, गरीब, किसान, युवा और महिलाओं सहित समाज के हर वर्ग से संवाद स्थापित करते हैं। उन्होंने जल संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा और स्वदेशी उत्पादों को अपनाने का आह्वान किया।
भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मौर्य ने कहा कि प्रधानमंत्री के विचार देशवासियों को सकारात्मक सोच और राष्ट्र निर्माण की दिशा में प्रेरित करते हैं। किसान मोर्चा जिलाध्यक्ष अजय शर्मा ने सभी अतिथियों एवं कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में मनीष शुक्ला, ज्ञानेंद्र मिश्रा, पंकज चौबे, आशीष पांडेय, धर्मेंद्र सिंह, नागेंद्र मिश्रा, अरविंद पांडेय, विनय त्रिपाठी, भूप नारायण सिंह, रमेश चौधरी, सुभाष मिश्रा, दिलीप दुबे सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
मुख्य बातें
भाजपा कार्यालय पर सुनी गई ‘मन की बात’ की 136वीं कड़ी।
कारगिल विजय दिवस पर वीर शहीदों को दी गई श्रद्धांजलि।
जल संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा और ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान पर जोर।
‘वोकल फॉर लोकल’ और स्वदेशी उत्पाद अपनाने की अपील।
कार्यक्रम के बाद सामाजिक समरसता भोज (टिफिन बैठक) आयोजित।
सारांश
किसान मोर्चा ने भाजपा कार्यालय पर सामूहिक रूप से सुनी ‘मन की बात’।
प्रधानमंत्री के राष्ट्र निर्माण, पर्यावरण और आत्मनिर्भर भारत के संदेशों पर हुई चर्चा।
कार्यकर्ताओं ने स्वदेशी, जल संरक्षण और जनभागीदारी को बढ़ावा देने का संकल्प लिया।
टिप्पणी
‘मन की बात’ कार्यक्रम से जुड़े विचार और वक्तव्य कार्यक्रम में मौजूद वक्ताओं के संबोधन एवं प्रधानमंत्री के प्रसारित संदेशों पर आधारित हैं। कार्यक्रम का उद्देश्य जनजागरूकता और सामाजिक सहभागिता को बढ़ावा देना बताया गया।
5 लाख तक कैशलेस इलाज की सौगात: सिद्धार्थनगर में शिक्षकों को मिले स्वास्थ्य कार्ड, मुख्यमंत्री योजना का हुआ शुभारंभ
मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना लागू, उच्च शिक्षा विभाग के शिक्षकों व आश्रितों को मिलेगा ₹5 लाख तक निःशुल्क उपचार
उच्च शिक्षा विभाग के शिक्षकों और उनके आश्रितों के लिए बड़ी राहत लेकर आई मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगरा से किया। सिद्धार्थनगर में विकास भवन स्थित अंबेडकर सभागार में कार्यक्रम का लाइव प्रसारण देखा गया तथा शिक्षकों को कैशलेस स्वास्थ्य कार्ड वितरित किए गए।

सिद्धार्थनगर।
उच्च शिक्षा विभाग के शिक्षकों एवं उनके आश्रितों को बेहतर स्वास्थ्य सुरक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा आगरा से किया गया। सिद्धार्थनगर के विकास भवन स्थित अंबेडकर सभागार में आयोजित कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं शिक्षकों ने इसका सीधा प्रसारण देखा।

कार्यक्रम में सांसद जगदम्बिका पाल, विधायक जय प्रताप सिंह, विधायक श्यामधनी राही, विधायक सैय्यदा खातून, पूर्व विधायक राघवेन्द्र प्रताप सिंह, जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन तथा मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। कार्यक्रम के आरंभ में जिलाधिकारी ने अतिथियों का पुष्प, अंगवस्त्र एवं गमला भेंट कर स्वागत किया।
सांसद जगदम्बिका पाल ने कहा कि मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के तहत उच्च शिक्षा विभाग के शिक्षकों एवं उनके आश्रितों को ₹5 लाख तक कैशलेस उपचार की सुविधा मिलेगी। उन्होंने इसे शिक्षकों के लिए महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि प्रदेश में शिक्षकों की सामाजिक सुरक्षा को भी मजबूत करने की दिशा में प्रयास किए गए हैं।
विधायक जय प्रताप सिंह ने कहा कि सरकार द्वारा शिक्षकों के हित में शुरू की गई यह योजना उन्हें बेहतर स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि शिक्षक समाज निर्माण की आधारशिला हैं और उनके कल्याण के लिए संचालित योजनाएं महत्वपूर्ण हैं।
विधायक श्यामधनी राही ने कहा कि सरकार समाज के विभिन्न वर्गों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए लगातार कार्य कर रही है और शिक्षकों को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करना उसी दिशा में एक अहम पहल है।
विधायक सैय्यदा खातून एवं पूर्व विधायक राघवेन्द्र प्रताप सिंह ने भी योजना की सराहना करते हुए शिक्षकों को शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम के दौरान जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने शिक्षकों को मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा कार्ड वितरित किए। अंत में मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में सांसद प्रतिनिधि एस.पी. अग्रवाल, सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक दीनानाथ यादव, शिक्षकगण एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
इन बॉक्स
योजना की प्रमुख बातें
✅ उच्च शिक्षा विभाग के शिक्षकों एवं उनके आश्रितों को मिलेगा लाभ
✅ ₹5 लाख तक कैशलेस इलाज की सुविधा
✅ सिद्धार्थनगर में शिक्षकों को वितरित किए गए स्वास्थ्य कार्ड
✅ अंबेडकर सभागार में देखा गया मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का लाइव प्रसारण
✅ जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों की मौजूदगी में हुआ आयोजन
सारांश
मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ।
सिद्धार्थनगर में शिक्षकों को कैशलेस स्वास्थ्य कार्ड वितरित।
योजना के तहत ₹5 लाख तक निःशुल्क कैशलेस उपचार की सुविधा।
जनप्रतिनिधियों ने शिक्षकों को दी शुभकामनाएं और योजना की सराहना की।
टिप्पणी
उच्च शिक्षा विभाग के शिक्षकों के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़ी यह पहल चिकित्सा खर्च की चिंता कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। योजना का उद्देश्य शिक्षकों और उनके आश्रितों को समय पर गुणवत्तापूर्ण इलाज उपलब्ध कराना है।
(यह समाचार जिला सूचना कार्यालय द्वारा जारी आधिकारिक विज्ञप्ति पर आधारित है।)
माटीकला से आत्मनिर्भरता की नई उड़ान: सिद्धार्थनगर में 6 उद्यमी सम्मानित, सांसद बोले- मिट्टी के उत्पादों को दें नई पहचान

माटीकला बोर्ड स्थापना पखवाड़ा के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित, जनप्रतिनिधियों ने स्वरोजगार और नवाचार पर दिया जोर

सिद्धार्थनगर के विकास भवन स्थित अंबेडकर सभागार में उत्तर प्रदेश माटीकला बोर्ड के तत्वावधान में आयोजित माटीकला जागरूकता कार्यक्रम (माटीकला बोर्ड स्थापना पखवाड़ा) में माटीकला से जुड़े कारीगरों और उद्यमियों को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया गया। कार्यक्रम में छह लाभार्थियों को सम्मानित किया गया तथा स्वरोजगार, प्रशिक्षण और सरकारी योजनाओं से जुड़कर आत्मनिर्भर बनने का आह्वान किया गया।

सिद्धार्थनगर।
उत्तर प्रदेश माटीकला बोर्ड की विपणन विकास सहायता एवं प्रचार-प्रसार योजना के अंतर्गत आयोजित माटीकला जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन शनिवार को विकास भवन स्थित अंबेडकर सभागार में किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता डुमरियागंज सांसद जगदम्बिका पाल ने की। इस अवसर पर बांसी विधायक जय प्रताप सिंह, कपिलवस्तु विधायक श्यामधनी राही, जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन तथा मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह द्वारा अतिथियों का अंगवस्त्र भेंट कर स्वागत करने से हुई।
सांसद जगदम्बिका पाल ने कहा कि माटीकला से जुड़ी पारंपरिक कला एक समय समाप्त होने की कगार पर पहुंच गई थी, लेकिन राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं और माटीकला बोर्ड के माध्यम से इसे नया जीवन मिला है। उन्होंने कहा कि मिट्टी से बने उत्पाद अब देश ही नहीं बल्कि विदेशों तक पहुंच रहे हैं। सरकार टूलकिट, प्रशिक्षण और ऋण जैसी योजनाओं के माध्यम से कारीगरों को आत्मनिर्भर बनाने का कार्य कर रही है। उन्होंने लोगों से स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने और माटीकला उद्योग से जुड़ने की अपील की।
बांसी विधायक जय प्रताप सिंह ने कहा कि माटीकला बोर्ड के गठन के बाद कुम्हार समुदाय को नई पहचान मिली है। प्रशिक्षण, मिट्टी की उपलब्धता और ऋण सुविधा के जरिए रोजगार के नए अवसर सृजित हुए हैं। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक के साथ माटीकला उद्योग तेजी से आगे बढ़ रहा है।
कपिलवस्तु विधायक श्यामधनी राही ने कहा कि सरकार की योजनाओं से पारंपरिक कारीगरों का मनोबल बढ़ा है और बैंकिंग सहायता के माध्यम से वे अपने व्यवसाय का विस्तार कर रहे हैं। उन्होंने माटीकला से जुड़े सभी उद्यमियों को शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम के दौरान जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने माटीकला बोर्ड से जुड़े छह लाभार्थियों को सम्मानित किया। अंत में मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह ने सभी अतिथियों, अधिकारियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में सांसद प्रतिनिधि एस.पी. अग्रवाल, जिला ग्रामोद्योग अधिकारी गंगाधर दुबे सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में माटीकला उद्यमी उपस्थित रहे।
सारांश
माटीकला बोर्ड स्थापना पखवाड़ा के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित।
सांसद, विधायक, डीएम और सीडीओ की मौजूदगी में हुआ कार्यक्रम।
माटीकला से जुड़े 6 लाभार्थियों का सम्मान।
प्रशिक्षण, टूलकिट, ऋण और स्वरोजगार योजनाओं पर दिया गया जोर।
पारंपरिक माटीकला को आधुनिक तकनीक से जोड़कर आत्मनिर्भरता का संदेश।
मुख्य बिंदु
स्थान: अंबेडकर सभागार, विकास भवन, सिद्धार्थनगर
आयोजन: उत्तर प्रदेश माटीकला बोर्ड
6 लाभार्थी हुए सम्मानित
,स्वरोजगार प्रशिक्षण और ऋण योजनाओं की दी गई जानकारी
जनप्रतिनिधियों ने माटीकला को बढ़ावा देने का किया आह्वान
टिप्पणी
माटीकला केवल एक पारंपरिक कला नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था और स्वरोजगार का मजबूत माध्यम है। ऐसे जागरूकता कार्यक्रम कारीगरों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने और स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
43वीं वाहिनी, स.सी.बल द्वारा सीमावर्ती ग्रामीणों हेतु निःशुल्क मानव चिकित्सा शिविर का आयोजन*
*43वीं वाहिनी, स.सी.बल द्वारा सीमावर्ती ग्रामीणों हेतु निःशुल्क मानव चिकित्सा शिविर का आयोजन*
दिनांक 25.07.2026 को नागरिक कल्याण कार्यक्रम के अंतर्गत 43वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल सिद्धार्थनगर द्वारा चिकित्सा अधिकारी डॉ राम विलास, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शोहरतगढ़ के सहयोग से एफ-समवाय, खूनवा के अंतर्गत आने वाले Vribrant Village मदरहना जनुबी में शिविर लगाकर निःशुल्क मानव चिकित्सा सेवा प्रदान किया गया I इस शिविर के माध्यम से सीमाई क्षेत्र के गाँव महला,महली, मदरहना जनूबी, एवं पड़रहवा गाँव के 55 पुरुष ,38 महिला और 18 बच्चों के साथ कुल -111 लोगो का स्वास्थ्य परीक्षण कर निःशुल्क दवा वितरित किया गया I साथ ही ग्रामीणों को मौसम को ध्यान रखते हुए स्वच्छता, संतुलित आहार एवं नियमित स्वास्थ्य परीक्षण के प्रति जागरूक किया गया ।
उपरोक्त आयोजन के दौरान 43वीं वाहिनी स.सी.ब. सीमा चौकी खूनवा के समवाय प्रभारी अभिषेक कुमार सिंह (सहायक कमान्डेंट) एवं सहायक उप निरीक्षक फार्मासिस्ट आशुतोष कुमार, आरक्षी/सामान्य शिवशंकर उपाध्याय,और कार्मिको के साथ-साथ स्थानीय ग्राम प्रधान व अन्य ग्रामीण उपस्थित रहे I
पेपर लीक और भर्ती अनियमितताओं के विरोध में भीम आर्मी का राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन
जंतर-मंतर लाठीचार्ज की निष्पक्ष जांच, भर्ती व्यवस्था में सुधार और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली की उठाई मांग
देश में प्रतियोगी परीक्षाओं और भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर उठ रहे सवालों के बीच भीम आर्मी भारत एकता मिशन ने सोमवार को जिलाधिकारी सिद्धार्थनगर के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। संगठन ने प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक, भर्ती अनियमितताओं तथा 20 जुलाई 2026 को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों पर हुए कथित पुलिस बल प्रयोग के मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। साथ ही परीक्षा एवं भर्ती प्रणाली को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और समयबद्ध बनाने के लिए प्रभावी सुधार लागू करने की अपील की।
प्रमुख मांगें
🔹 प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और भर्ती अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच।
🔹 जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान हुए कथित पुलिस बल प्रयोग की उच्चस्तरीय जांच।
🔹 परीक्षा एवं भर्ती प्रक्रिया को तकनीकी रूप से सुरक्षित और पारदर्शी बनाया जाए।
🔹 दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई हो।
🔹 युवाओं के लिए निष्पक्ष और भरोसेमंद भर्ती व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
| ज्ञापन में क्या कहा गया?
संगठन द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया कि पिछले कुछ वर्षों में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं और भर्तियों को लेकर कथित अनियमितताओं एवं पेपर लीक की घटनाओं ने अभ्यर्थियों के बीच चिंता का माहौल पैदा किया है। संगठन का कहना है कि लाखों युवा वर्षों तक कठिन परिश्रम और आर्थिक चुनौतियों का सामना करते हुए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। ऐसे में यदि परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता पर प्रश्न उठते हैं, तो युवाओं का मनोबल प्रभावित होता है।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि 20 जुलाई 2026 को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों पर हुए कथित पुलिस बल प्रयोग की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए। संगठन का कहना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने का अधिकार सुरक्षित है और यदि किसी स्तर पर बल प्रयोग हुआ है तो उसकी वस्तुनिष्ठ जांच आवश्यक है।
भीम आर्मी भारत एकता मिशन ने मांग की कि भविष्य में प्रतियोगी परीक्षाओं को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए प्रभावी कानून, आधुनिक तकनीकी सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत निगरानी तंत्र लागू किया जाए, ताकि अभ्यर्थियों का विश्वास मजबूत हो सके।
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि भर्ती प्रक्रियाओं में यदि किसी स्तर पर अनियमितता सिद्ध होती है तो संबंधित जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही शिक्षा एवं भर्ती व्यवस्था में व्यापक सुधार के लिए केंद्र सरकार से आवश्यक कदम उठाने का आग्रह किया गया। संगठन ने अपने ज्ञापन में केंद्रीय शिक्षा मंत्री के संबंध में नैतिक जिम्मेदारी तय करने की मांग का भी उल्लेख किया है।
संगठन का कहना है कि युवाओं को निष्पक्ष अवसर, पारदर्शी परीक्षा प्रणाली और संविधान के अनुरूप न्याय मिलना चाहिए। ज्ञापन सौंपे जाने के बाद अब इस पर संबंधित संवैधानिक एवं सरकारी स्तर पर होने वाली कार्रवाई पर अभ्यर्थियों की निगाहें टिकी हैं।
सारांश
भीम आर्मी भारत एकता मिशन ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भेजा।
प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और भर्ती अनियमितताओं पर चिंता जताई।
जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान हुए कथित पुलिस बल प्रयोग की जांच की मांग।
परीक्षा एवं भर्ती प्रणाली में पारदर्शिता और तकनीकी सुधार लागू करने की अपील।
दोषियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई और युवाओं के हितों की रक्षा की मांग।
टिप्पणी
देश की शिक्षा और भर्ती व्यवस्था से जुड़े मुद्दे लाखों युवाओं के भविष्य से सीधे जुड़े हैं। ऐसे मामलों में विभिन्न संगठनों द्वारा अपनी मांगों को लोकतांत्रिक माध्यम से उठाना लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है। वहीं, कथित अनियमितताओं या किसी भी घटना की पुष्टि संबंधित जांच एजेंसियों और सक्षम प्राधिकार के निष्कर्षों से ही होती है। पारदर्शी, निष्पक्ष और विश्वसनीय परीक्षा व्यवस्था युवाओं के विश्वास को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जाती है।
संपादकीय नोट: इस समाचार में प्रयुक्त “कथित”, “संगठन का आरोप”, “ज्ञापन में कहा गया” और “मांग की गई” जैसे शब्द संबंधित पक्ष के दावों को दर्शाते हैं। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि का दावा नहीं किया जा रहा है। समाचार का उद्देश्य ज्ञापन में उठाए गए मुद्दों को तथ्यात्मक एवं संतुलित रूप में प्रस्तुत करना है, जिससे चैनल, प्रकाशन और संवाददाता कानूनी रूप से सुरक्षित रहें।
छात्र हितों को लेकर कांग्रेस का कैंडल मार्च, निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली की उठी मांग
सिद्धार्थ नगर ब्यूरो रिपोर्ट
जिला कांग्रेस कमेटी सिद्धार्थनगर के तत्वावधान में शनिवार को नौगढ़ में छात्र हितों, शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता तथा लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर कैंडल मार्च एवं सत्याग्रह आयोजित किया गया। कार्यक्रम उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारियों, छात्र नेताओं, युवाओं एवं कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।

मुख्य बिंदु
– नौगढ़ में कांग्रेस का शांतिपूर्ण कैंडल मार्च।
– छात्र हितों और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की मांग।
– महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि देकर सत्याग्रह का समापन।
– शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही और निष्पक्ष जांच की मांग।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नौगढ़ तहसील परिसर से नगर पालिका परिषद स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा तक हाथों में मोमबत्तियां लेकर शांतिपूर्ण मार्च निकाला। इस दौरान शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली तथा छात्रों के अधिकारों की सुरक्षा की मांग उठाई गई।
विस्तृत समाचार
मार्च के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि छात्रों का भविष्य निष्पक्ष एवं पारदर्शी परीक्षा प्रणाली पर निर्भर करता है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष काज़ी सुहेल अहमद ने कहा कि परीक्षा प्रणाली को लेकर उठ रही चिंताओं ने छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों की आवाज़ को पर्याप्त महत्व नहीं दिया जा रहा है तथा सरकार को परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की दिशा में प्रभावी कदम उठाने चाहिए।
उन्होंने मांग की कि यदि किसी परीक्षा में अनियमितता के आरोप सामने आते हैं तो उनकी निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए तथा छात्रों के हितों की रक्षा सुनिश्चित की जाए।
कार्यक्रम का समापन महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने सत्य, अहिंसा एवं लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
कार्यक्रम में जावेद मोकीम, अनिल सिंह अन्नू, सादिक अहमद, राजन श्रीवास्तव, पंकज चतुर्वेदी, सतीश चन्द्र त्रिपाठी, अश्विनी सिंह सोलंकी, रितेश त्रिपाठी, डॉ. प्रमोद कुमार, होरी लाल श्रीवास्तव, मोबीन खान, सुदामा प्रसाद, संतोष चौधरी, रियाजउद्दीन राईनी, आशुतोष मिश्रा, जोखन प्रजापति, अकरम अली, श्याम प्रकाश पांडेय, प्रेमजीत तिवारी, शिवपूजन, भोला पांडेय, कासिम, रियाज़ मनिहार, रवि प्रजापति, शौकत अली सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
सारांश
नौगढ़ में आयोजित कांग्रेस के कैंडल मार्च में छात्र हितों, शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली तथा लोकतांत्रिक अधिकारों की सुरक्षा की मांग उठाई गई। नेताओं ने परीक्षा संबंधी कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच और जवाबदेही तय करने की मांग की।
टिप्पणी
शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता और प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता लाखों विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ा विषय है। किसी भी परीक्षा में अनियमितताओं के आरोप सामने आने पर उनकी निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच आवश्यक है। इस समाचार में उल्लिखित आरोप कांग्रेस नेताओं के सार्वजनिक बयान हैं। इन आरोपों की पुष्टि किसी सक्षम न्यायिक अथवा जांच एजेंसी द्वारा होना शेष हो सकता है।
(यह समाचार कांग्रेस पार्टी द्वारा आयोजित कार्यक्रम एवं नेताओं के सार्वजनिक बयानों पर आधारित है। FT News Digital इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता।)
शहादत दिवस पर पूर्व सांसद फूलन देवी को सपा नेताओं ने किया नमन, संघर्ष और स्वाभिमान की विरासत को किया याद
कौन थीं फूलन देवी?

फूलन देवी भारतीय राजनीति और सामाजिक विमर्श की चर्चित हस्तियों में रही हैं। उनका जीवन अत्यंत संघर्षपूर्ण रहा। बाद में उन्होंने राजनीति में प्रवेश किया और उत्तर प्रदेश की मिर्जापुर लोकसभा सीट से सांसद निर्वाचित हुईं। 25 जुलाई 2001 को नई दिल्ली में उनकी हत्या कर दी गई थी। उनके समर्थक उन्हें सामाजिक अन्याय और शोषण के खिलाफ संघर्ष का प्रतीक मानते हैं, जबकि उनके जीवन के कुछ पहलू लंबे समय तक विवाद और न्यायिक चर्चाओं का विषय भी रहे। इसी कारण उनके व्यक्तित्व का उल्लेख करते समय संतुलित और तथ्यपरक दृष्टिकोण आवश्यक माना जाता है।

महराजगंज में समाजवादी पार्टी जिला कार्यालय पर पूर्व सांसद फूलन देवी के शहादत दिवस पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। कार्यक्रम में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी तथा उनके संघर्षपूर्ण जीवन और सामाजिक न्याय के लिए किए गए प्रयासों को याद किया।
सारांश
सपा जिला कार्यालय पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित।
नेताओं ने फूलन देवी के जीवन और संघर्षों को किया याद।
वंचितों, शोषितों और सामाजिक न्याय के मुद्दों पर हुई चर्चा।
बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता रहे मौजूद।
विस्तृत समाचार
महराजगंज। समाजवादी पार्टी के जिला कार्यालय पर पूर्व सांसद फूलन देवी के शहादत दिवस के अवसर पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष विद्यासागर यादव ने की।
सभा में उपस्थित नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने पूर्व सांसद फूलन देवी के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उनके संघर्षपूर्ण जीवन, सामाजिक न्याय के मुद्दों पर उनकी सक्रियता तथा राजनीतिक योगदान का उल्लेख किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वरिष्ठ सपा नेता आनंद निषाद ने कहा कि उनके अनुसार फूलन देवी ने अपने जीवन में अनेक कठिन परिस्थितियों का सामना किया और शोषित एवं वंचित वर्गों के अधिकारों की आवाज बुलंद की। उन्होंने कहा कि संसद तक पहुंचने का उनका सफर संघर्ष, साहस और आत्मसम्मान की मिसाल के रूप में देखा जाता है।
जिलाध्यक्ष विद्यासागर यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी सामाजिक न्याय, समान अवसर और वंचित वर्गों के सम्मान के मुद्दों को लगातार उठाती रही है। उन्होंने कहा कि अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाने का संदेश समाज के लिए प्रेरणास्रोत बना रहेगा।
श्रद्धांजलि सभा में जिला सचिव शमसुद्दीन अली, प्रणव गौतम, हरेंद्र कृष्ण त्रिपाठी, सुमन ओझा, श्रीपति आजाद, बिंद्रेश कन्नौजिया, सत्यभामा सिंह, गोविंद निषाद, सुभाष यादव, जितेंद्र यादव, राजेश पासवान, अमित निषाद सहित समाजवादी पार्टी के अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
टिप्पणी
फूलन देवी का जीवन भारतीय समाज, राजनीति और न्याय व्यवस्था से जुड़े कई जटिल प्रश्नों का हिस्सा रहा है। एक ओर उनके समर्थक उन्हें सामाजिक उत्पीड़न के खिलाफ संघर्ष का प्रतीक मानते हैं, वहीं उनके जीवन से जुड़े कुछ घटनाक्रम लंबे समय तक कानूनी और सामाजिक बहस का विषय रहे। ऐसे में उनके व्यक्तित्व और विरासत पर चर्चा करते समय तथ्यों, संतुलन और संवेदनशीलता के साथ विभिन्न पक्षों को समझना आवश्यक है।
अपार आईडी सृजन में शिथिलता पर 13 विद्यालयों को अंतिम चेतावनी, दोबारा लापरवाही पर मान्यता प्रत्याहरण की संस्तुति संभव
रिपोर्ट: एफटी न्यूज़ डिजिटल, शोहरतगढ़ (सिद्धार्थनगर)
मामला क्या है?
अपार (APAAR) आईडी सृजन की धीमी प्रगति पर 13 मान्यता प्राप्त विद्यालयों को अंतिम चेतावनी जारी।
कब होगी समीक्षा?
27 जुलाई 2026 को खण्ड शिक्षा अधिकारी कार्यालय द्वारा पुनः समीक्षा।
क्या हो सकती है कार्रवाई?
प्रगति संतोषजनक न मिलने पर विद्यालयों की मान्यता प्रत्याहरण के लिए उच्चाधिकारियों को संस्तुति भेजी जा सकती है।
किसने जारी किया नोटिस?
खण्ड शिक्षा अधिकारी, शोहरतगढ़ संजय कुमार।
शिक्षा विभाग ने अपार (APAAR) आईडी सृजन में अपेक्षित प्रगति न करने वाले विद्यालयों के प्रति सख्त रुख अपनाया है। शोहरतगढ़ विकास खण्ड के 13 मान्यता प्राप्त विद्यालयों को अंतिम चेतावनी जारी करते हुए स्पष्ट किया गया है कि यदि निर्धारित तिथि तक कार्य में सुधार नहीं हुआ तो संबंधित विद्यालयों के विरुद्ध मान्यता प्रत्याहरण की संस्तुति उच्चाधिकारियों को भेजी जा सकती है।
विस्तृत समाचार
शोहरतगढ़, सिद्धार्थनगर।
खण्ड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, शोहरतगढ़ द्वारा जारी आधिकारिक नोटिस के अनुसार 25 जुलाई 2026 को अपार (APAAR) आईडी सृजन की समीक्षा की गई। समीक्षा में पाया गया कि कुछ विद्यालयों में नामांकित छात्र-छात्राओं के सापेक्ष अपार आईडी सृजन की प्रगति विभागीय अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं है, जिसके चलते बड़ी संख्या में विद्यार्थी अभी भी इस प्रक्रिया से वंचित हैं।
जारी नोटिस के अनुसार उदय प्रताप इंटर कॉलेज गोपालगंज खुरहुरिया, सरस्वती शिशु मंदिर इंटर कॉलेज शोहरतगढ़, सेंट थॉमस स्कूल शोहरतगढ़, सावित्री देवी पब्लिक स्कूल गौहनिया, जीवन ज्योति आदर्श शिक्षा संस्थान रमवापुर खास, न्यू पब्लिक स्कूल महमुदवा ग्रांट, कृष्ण शिशु विद्यालय जूनियर हाई स्कूल शोहरतगढ़, सरस्वती रामरतन पब्लिक स्कूल, दिनेश सिद्धार्थ इंटर कॉलेज चिल्हिया, सेठ रामकुमार खातान बालिका इंटर कॉलेज शोहरतगढ़, ग्लोरियस कॉन्वेंट स्कूल चोड़ार, जय गुरुदेव बाल विद्या मंदिर सहित कुल 13 विद्यालयों की प्रगति असंतोषजनक दर्ज की गई है।
खण्ड शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी नोटिस में कहा गया है कि 27 जुलाई 2026 को पुनः समीक्षा की जाएगी। यदि समीक्षा के दौरान भी संबंधित विद्यालयों द्वारा विभागीय निर्देशों का समुचित अनुपालन नहीं पाया जाता है, तो नियमानुसार उनके विरुद्ध विद्यालय की मान्यता प्रत्याहरण (Recognition Withdrawal) की कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को संस्तुति भेजी जा सकती है। नोटिस में इसकी जिम्मेदारी संबंधित विद्यालय प्रबंधन पर निर्धारित की गई है।
खण्ड शिक्षा अधिकारी संजय कुमार ने सभी प्रधानाचार्यों एवं प्रबंधकों को निर्देशित किया है कि वे अपार आईडी सृजन का कार्य प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण कराते हुए विभागीय आदेशों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करें, ताकि कोई भी छात्र-छात्रा इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया से वंचित न रहे।
टिप्पणी
अपार (APAAR) आईडी राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत विद्यार्थियों की शैक्षणिक पहचान को डिजिटल स्वरूप देने की एक महत्वपूर्ण पहल है। ऐसे में समयबद्ध आईडी सृजन विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ी विभिन्न शैक्षणिक सेवाओं और रिकॉर्ड प्रबंधन के लिए आवश्यक माना जा रहा है। विभाग द्वारा जारी नोटिस इसी प्रक्रिया को समय पर पूरा कराने की प्रशासनिक कार्रवाई का हिस्सा है।
सारांश
शोहरतगढ़ क्षेत्र के 13 विद्यालयों को अपार आईडी सृजन में धीमी प्रगति के कारण अंतिम चेतावनी दी गई है। 27 जुलाई को होने वाली अगली समीक्षा के बाद विभाग आगे की कार्रवाई पर निर्णय लेगा। फिलहाल यह विभागीय नोटिस के आधार पर जारी प्रशासनिक कार्रवाई है और अंतिम निर्णय समीक्षा रिपोर्ट पर निर्भर करेगा।
यह समाचार खण्ड शिक्षा अधिकारी, शोहरतगढ़ द्वारा जारी आधिकारिक नोटिस एवं विभागीय दस्तावेजों के आधार पर प्रकाशित किया गया है। समाचार में उल्लिखित तथ्य विभागीय अभिलेखों पर आधारित हैं। अंतिम प्रशासनिक निर्णय सक्षम प्राधिकारी द्वारा की जाने वाली समीक्षा एवं नियमानुसार आगे की प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।
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शिक्षामित्रों ने मुख्यमंत्री से लगाई गुहार, पांच सूत्रीय मांगों के समाधान की उठाई आवाज

खबर विस्तार से:
सिद्धार्थनगर। उत्तर प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों में पिछले 26 वर्षों से सेवाएं दे रहे शिक्षामित्रों की विभिन्न समस्याओं के स्थायी समाधान की मांग को लेकर उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन कलेक्ट्रेट में अपर जिलाधिकारी गौरव श्रीवास्तव को दिया गया।
संघ के जिलाध्यक्ष इंद्रजीत यादव ने कहा कि शासन स्तर से शिक्षामित्रों के हित में कई आदेश जारी किए गए हैं, लेकिन अनेक जनपदों में उनका पूर्ण पालन अभी तक नहीं हो पाया है। उन्होंने बताया कि 3 जनवरी 2025 को जारी शासनादेश के तहत शिक्षामित्रों की मूल विद्यालय में वापसी तथा महिला शिक्षामित्रों को उनके पति के निवास स्थान की ग्राम पंचायत स्थित विद्यालय में स्थानांतरण का प्रावधान किया गया था। इसके बावजूद लखनऊ और बाराबंकी को छोड़कर अधिकांश जिलों में प्रक्रिया अधूरी है, जिससे कई शिक्षामित्रों को प्रतिदिन 80 से 90 किलोमीटर तक की दूरी तय कर विद्यालय पहुंचना पड़ रहा है।
ज्ञापन में संघ ने बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों के लिए आयोजित होने वाली विशेष टीईटी परीक्षा में शिक्षामित्रों को सम्मिलित करने का अवसर देने की मांग की। साथ ही टीईटी एवं एनसीटीई के मानकों को पूरा करने वाले लगभग 60 हजार शिक्षामित्रों को सुपरटेट से छूट देकर शिक्षक पद पर समायोजित करने की भी मांग उठाई गई।
इसके अतिरिक्त शिक्षामित्रों को 11 माह के बजाय 12 माह का मानदेय, योग्यता एवं अनुभव के आधार पर सेवानिवृत्ति आयु 60 वर्ष से बढ़ाकर 62 वर्ष किए जाने तथा सेवा के दौरान आकस्मिक निधन होने पर उनके आश्रित परिवार को आर्थिक सहायता एवं एक सदस्य को योग्यता के अनुसार नौकरी दिए जाने की भी मांग की गई।
जिला महामंत्री यशवंत सिंह ने मुख्यमंत्री से शिक्षामित्रों की समस्याओं के शीघ्र एवं स्थायी समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी करने का अनुरोध किया।
इस दौरान जिला संरक्षक श्याम नारायण त्रिपाठी, अशोक मिश्रा, उपेंद्र सिंह, धर्मेंद्र त्रिपाठी, सुनील मिश्रा, यूनुस खान, अनुपमा द्विवेदी, घनश्याम पांडेय, अखिलेश त्रिपाठी, लवकुश, मुक्तनाथ सहित बड़ी संख्या में शिक्षामित्र उपस्थित रहे।
शिक्षामित्रों ने मुख्यमंत्री से लगाई गुहार, पांच सूत्रीय मांगों के समाधान की उठाई आवाज

खबर विस्तार से:
सिद्धार्थनगर। उत्तर प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों में पिछले 26 वर्षों से सेवाएं दे रहे शिक्षामित्रों की विभिन्न समस्याओं के स्थायी समाधान की मांग को लेकर उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन कलेक्ट्रेट में अपर जिलाधिकारी गौरव श्रीवास्तव को दिया गया।
संघ के जिलाध्यक्ष इंद्रजीत यादव ने कहा कि शासन स्तर से शिक्षामित्रों के हित में कई आदेश जारी किए गए हैं, लेकिन अनेक जनपदों में उनका पूर्ण पालन अभी तक नहीं हो पाया है। उन्होंने बताया कि 3 जनवरी 2025 को जारी शासनादेश के तहत शिक्षामित्रों की मूल विद्यालय में वापसी तथा महिला शिक्षामित्रों को उनके पति के निवास स्थान की ग्राम पंचायत स्थित विद्यालय में स्थानांतरण का प्रावधान किया गया था। इसके बावजूद लखनऊ और बाराबंकी को छोड़कर अधिकांश जिलों में प्रक्रिया अधूरी है, जिससे कई शिक्षामित्रों को प्रतिदिन 80 से 90 किलोमीटर तक की दूरी तय कर विद्यालय पहुंचना पड़ रहा है।
ज्ञापन में संघ ने बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों के लिए आयोजित होने वाली विशेष टीईटी परीक्षा में शिक्षामित्रों को सम्मिलित करने का अवसर देने की मांग की। साथ ही टीईटी एवं एनसीटीई के मानकों को पूरा करने वाले लगभग 60 हजार शिक्षामित्रों को सुपरटेट से छूट देकर शिक्षक पद पर समायोजित करने की भी मांग उठाई गई।
इसके अतिरिक्त शिक्षामित्रों को 11 माह के बजाय 12 माह का मानदेय, योग्यता एवं अनुभव के आधार पर सेवानिवृत्ति आयु 60 वर्ष से बढ़ाकर 62 वर्ष किए जाने तथा सेवा के दौरान आकस्मिक निधन होने पर उनके आश्रित परिवार को आर्थिक सहायता एवं एक सदस्य को योग्यता के अनुसार नौकरी दिए जाने की भी मांग की गई।
जिला महामंत्री यशवंत सिंह ने मुख्यमंत्री से शिक्षामित्रों की समस्याओं के शीघ्र एवं स्थायी समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी करने का अनुरोध किया।
इस दौरान जिला संरक्षक श्याम नारायण त्रिपाठी, अशोक मिश्रा, उपेंद्र सिंह, धर्मेंद्र त्रिपाठी, सुनील मिश्रा, यूनुस खान, अनुपमा द्विवेदी, घनश्याम पांडेय, अखिलेश त्रिपाठी, लवकुश, मुक्तनाथ सहित बड़ी संख्या में शिक्षामित्र उपस्थित रहे।
एरियर का रास्ता साफ होने के बाद सिद्धार्थनगर के अनुदेशकों में खुशी की लहर
सिद्धार्थनगर। वर्षों तक सीमित मानदेय और आर्थिक तंगी से जूझते रहे अनुदेशकों के लिए सुप्रीम कोर्ट का फैसला नई उम्मीद लेकर आया है। वर्ष 2017-18 से एरियर का रास्ता साफ होने के बाद जिले के 258 अनुदेशकों के चेहरों पर मुस्कान लौट आई है। अनुमान है कि शासनादेश जारी होने के बाद प्रत्येक अनुदेशक को करीब 9 लाख रुपये तक का एरियर मिलेगा। यही वजह है कि वर्षों से अधूरे पड़े सपने अब साकार होते दिखाई दे रहे हैं।
भविष्य के लिए पैसा जमा करूंगा
अनुदेशक जिला अध्यक्ष अनिल पांडेय कहते हैं कि कम मानदेय के कारण वह अपने बच्चों को बेहतर स्कूल में नहीं पढ़ा सके। अब एरियर मिलने की उम्मीद ने उनके सपनों को नई उड़ान दी है। उनका कहना है कि सबसे पहले बच्चों की पढ़ाई पर खर्च करेंगे और भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए पैसा जमा करेंगे
अब बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाऊंगा”
अनुदेशक रविकांत हैं कि वर्षों से जमीन खरीदकर अपना घर बनाने की इच्छा थी, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण यह संभव नहीं हो सका। एरियर मिलते ही सबसे पहले जमीन खरीदकर अपने आशियाने का सपना पूरा करेंगे।
गाड़ी का सपना पूरा करूंगा
अनुदेशक बुद्धिराम कहते हैं कि उनका सबसे बड़ा सपना अपना पक्का घर बनाना है। साथ ही विद्यालय आने-जाने की परेशानी दूर करने के लिए एक नई मोटरसाइकिल भी खरीदेंगे।
बेटियों की शादी करूंगा
अनुदेशक विष्णु वरुण कहते हैं कि घर की मरम्मत लंबे समय से टल रही है और बेटियों की शादी की जिम्मेदारी भी सामने है। एरियर मिलने पर दोनों महत्वपूर्ण कार्य पूरे किए जाएंगे।
अब नियमितीकरण का इंतजार
जिला मीडिया प्रभारी सत्यपाल सिंह कौशिक का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला केवल आर्थिक राहत नहीं, बल्कि वर्षों के संघर्ष, धैर्य और सम्मान की जीत है। अब सभी की निगाहें राज्य सरकार पर टिकी हैं। उनका आग्रह है कि जल्द से जल्द शासनादेश जारी कर एरियर का भुगतान कराया जाए और हमें नियमित किया जाए। ताकि न्यायालय के फैसले का वास्तविक लाभ प्रत्येक अनुदेशक तक पहुँच सके।
दो-तीन दिनों से घायल हालत में तड़प रहा बेजुबान बंदर, सूचना के बाद भी नहीं पहुंची रेस्क्यू टीम; स्थानीय लोगों ने उठाए सवाल

स्थान: सेठ रामचंद्र साइकिल स्टोर, नगर पालिका परिषद क्षेत्र, सिद्धार्थनगर
मामला: घायल एवं अस्वस्थ बंदर
⏳ स्थिति: पिछले 2–3 दिनों से मौके पर पड़ा होने का स्थानीय लोगों का दावा
स्थानीय प्रयास: नागरिक भोजन, पानी और देखभाल कर रहे हैं
दावा: संबंधित विभाग को सूचना देने के बावजूद रेस्क्यू नहीं होने की बात
सिद्धार्थनगर नगर पालिका परिषद क्षेत्र स्थित सेठ रामचंद्र साइकिल स्टोर के पास एक घायल बंदर पिछले दो-तीन दिनों से अस्वस्थ अवस्था में पड़ा होने का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने संबंधित विभाग को इसकी सूचना भी दी, लेकिन समाचार लिखे जाने तक रेस्क्यू टीम मौके पर नहीं पहुंची। फिलहाल आसपास के नागरिक ही मानवता का परिचय देते हुए बेजुबान जानवर की देखभाल कर रहे हैं।
विस्तृत समाचार
सिद्धार्थनगर। नगर पालिका परिषद क्षेत्र में सेठ रामचंद्र साइकिल स्टोर के पास एक घायल बंदर पिछले दो-तीन दिनों से अस्वस्थ अवस्था में पड़ा हुआ है। मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार बंदर काफी कमजोर दिखाई दे रहा है और स्वयं उठने-बैठने की स्थिति में भी नहीं है।
स्थानीय नागरिकों ने बताया कि उन्होंने संबंधित विभाग को इसकी सूचना दी है। स्थानीय लोगों का दावा है कि सूचना के बावजूद समाचार लिखे जाने तक कोई रेस्क्यू टीम या उपचार दल मौके पर नहीं पहुंचा।
इस बीच आसपास के दुकानदार और नागरिक अपनी ओर से बंदर को भोजन और पानी उपलब्ध कराकर उसकी देखभाल करने का प्रयास कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि समय रहते चिकित्सकीय सहायता और रेस्क्यू नहीं मिला तो बेजुबान जानवर की जान को खतरा हो सकता है।
स्थानीय लोगों ने वन विभाग, पशुपालन विभाग तथा जिला प्रशासन से मामले का तत्काल संज्ञान लेकर घायल बंदर का चिकित्सकीय परीक्षण, उपचार और सुरक्षित स्थान पर रेस्क्यू कराए जाने की मांग की है।
📋 सारांश
सेठ रामचंद्र साइकिल स्टोर के पास घायल बंदर पड़ा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार वह पिछले 2–3 दिनों से अस्वस्थ है।
नागरिक भोजन-पानी देकर उसकी देखभाल कर रहे हैं।
सूचना देने के बावजूद विभागीय टीम के न पहुंचने का स्थानीय लोगों का दावा।
वन विभाग और प्रशासन से तत्काल रेस्क्यू व उपचार की मांग।
जनहित में टिप्पणी
बेजुबान वन्यजीव भी प्रकृति की अमूल्य धरोहर हैं। यदि कोई घायल वन्यजीव दिखाई दे तो उसका उपचार और रेस्क्यू प्राथमिकता के आधार पर होना चाहिए। संबंधित विभागों से अपेक्षा है कि मामले का तत्काल संज्ञान लेकर मौके पर टीम भेजें, घायल बंदर का चिकित्सकीय उपचार कराएं और आवश्यकता होने पर उसे सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करें। इससे न केवल एक बेजुबान जीव का जीवन बचाया जा सकेगा, बल्कि आमजन का प्रशासन पर विश्वास भी मजबूत होगा।
यह समाचार मौके पर उपलब्ध तस्वीरों तथा स्थानीय नागरिकों द्वारा दी गई जानकारी पर आधारित है। समाचार में विभाग के प्रति कोई निष्कर्ष नहीं निकाला गया है। संबंधित विभाग का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा। समाचार का उद्देश्य केवल जनहित में प्रशासन का ध्यान इस मामले की ओर आकर्षित करना है।
सिद्धार्थनगर में उर्वरक प्रतिष्ठानों पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, निरीक्षण में अनियमितताएं मिलने पर दो दुकानों का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित
जनहित में टिप्पणी:
किसानों को समय पर और नियमों के अनुसार गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराना प्रशासन और विक्रेताओं दोनों की साझा जिम्मेदारी है। समय-समय पर होने वाले निरीक्षण पारदर्शिता बढ़ाने और अनियमितताओं पर रोक लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। वहीं सभी उर्वरक विक्रेताओं को निर्धारित नियमों का पालन करना चाहिए तथा किसानों को भी अधिकृत प्रतिष्ठानों से ही रसीद के साथ उर्वरक खरीदना चाहिए। किसी भी प्रकार की अनियमितता दिखाई देने पर संबंधित कृषि विभाग को तत्काल सूचना देना जनहित में आवश्यक है।
जिला
सिद्धार्थनगर
तिथि
24 जुलाई 2026
विभाग
जिला कृषि अधिकारी कार्यालय
निरीक्षण टीम
अपर जिला कृषि अधिकारी एवं सहायक विकास अधिकारी (कृषि) लोटन
कार्रवाई
दो उर्वरक प्रतिष्ठानों का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित
कारण
निरीक्षण के दौरान वितरण संबंधी अनियमितताएं एवं अभिलेखीय कमियां
सारांश
सिद्धार्थनगर में किसानों को निर्धारित नियमों के अनुसार उर्वरक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कृषि विभाग ने निजी उर्वरक प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान दो दुकानों में वितरण संबंधी अनियमितताएं एवं अभिलेखों में कमियां पाए जाने पर जिला कृषि अधिकारी ने उनके उर्वरक लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए। साथ ही जिले के सभी उर्वरक विक्रेताओं को नियमों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।
विस्तृत समाचार
सिद्धार्थनगर। किसानों को पारदर्शी एवं नियमानुसार उर्वरक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कृषि विभाग द्वारा जनपद के विभिन्न निजी उर्वरक प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया गया।
जिला कृषि अधिकारी कार्यालय द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, अपर जिला कृषि अधिकारी एवं सहायक विकास अधिकारी (कृषि) लोटन की संयुक्त टीम ने कई उर्वरक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। इस दौरान दो प्रतिष्ठानों पर उर्वरक वितरण प्रक्रिया में अनियमितताएं तथा अभिलेखीय कमियां पाए जाने की बात कही गई।
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, संबंधित कमियों के आधार पर दोनों प्रतिष्ठानों के उर्वरक लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त जनपद के सभी निजी उर्वरक विक्रेताओं को निर्देशित किया गया है कि वे उर्वरकों का वितरण केवल निर्धारित सरकारी नियमों के अनुरूप करें।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि उर्वरक बिक्री के समय किसान की खतौनी, आधार कार्ड, मोबाइल नंबर सहित आवश्यक विवरण वितरण रजिस्टर में दर्ज किए जाएं तथा किसानों को उनकी वास्तविक आवश्यकता एवं निर्धारित मात्रा के अनुरूप ही उर्वरक उपलब्ध कराया जाए।
कृषि विभाग ने यह भी चेतावनी दी है कि उर्वरक वितरण में किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
आधिकारिक जानकारी
यह कार्रवाई जिला कृषि अधिकारी, सिद्धार्थनगर द्वारा 24 जुलाई 2026 को जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के आधार पर की गई है।
कानूनी नोट: यह समाचार जिला कृषि अधिकारी, सिद्धार्थनगर द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित है। इसमें उल्लिखित कार्रवाई एवं तथ्य संबंधित विभाग के आधिकारिक अभिलेखों के अनुसार प्रस्तुत किए गए हैं। समाचार में किसी प्रकार का स्वतंत्र आरोप या निष्कर्ष नहीं जोड़ा गया है।
शोहरतगढ़ पुलिस का बड़ा दावा: चोरी के मुकदमे का खुलासा, एक आरोपी गिरफ्तार; आभूषण और नकदी बरामद
📰 बड़ी खबर |
शोहरतगढ सिद्धार्थनगर से धर्मेंद्र चौधरी की एक रिपोर्ट

सिद्धार्थनगर। शोहरतगढ़ क्षेत्र में दर्ज चोरी के एक चर्चित मुकदमे में पुलिस ने महत्वपूर्ण सफलता मिलने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार, कई दिनों तक चली विवेचना, सूचना संकलन और दबिश के बाद एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया। उसके कब्जे से चोरी से संबंधित बताए गए पीली धातु के आभूषण और ₹1500 नकद बरामद किए गए हैं। आरोपी को न्यायालय भेज दिया गया है, जबकि मामले की विवेचना अभी जारी
एक नजर में
क्या है पूरा मामला?
थाना शोहरतगढ़ में चोरी का मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी थी।
पुलिस ने मुखबिर की सूचना और विवेचना के आधार पर एक आरोपी को गिरफ्तार करने का दावा किया।
पुलिस के अनुसार, आरोपी के कब्जे से चोरी से संबंधित बताए गए आभूषण और ₹1500 नकद बरामद हुए।
आरोपी को न्यायालय भेज दिया गया है।
मामले की आगे की जांच जारी है।

पूरी खबर
सिद्धार्थनगर। शोहरतगढ़ थाना क्षेत्र में दर्ज चोरी के मुकदमे के खुलासे का पुलिस ने दावा किया है। पुलिस के अनुसार, घटना दर्ज होने के बाद से ही पुलिस टीम तकनीकी साक्ष्यों, स्थानीय सूचनाओं और अन्य माध्यमों से आरोपियों की तलाश में जुटी हुई थी। इसी क्रम में शुक्रवार को प्लाईवुड तिराहे के पास से एक संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर उसे मामले में गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी की पहचान निरंजन केवट उर्फ भोला, निवासी जिला कपिलवस्तु (नेपाल) के रूप में हुई है। पुलिस का कहना है कि तलाशी के दौरान आरोपी के कब्जे से चोरी से संबंधित बताए गए तीन ब्रेसलेट, दो जोड़ी कंगन, नौ अंगूठियां, दो नेकलेस, दो जोड़ी कान के टॉप्स, पांच मंगलसूत्र (लॉकेट सहित), एक हार तथा ₹1500 नकद बरामद किए गए।
पुलिस ने बरामद सामान को कब्जे में लेकर आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी की और आरोपी को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश कर दिया।
पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन के निर्देशन में अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई। अभियान की निगरानी अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार प्रसाद तथा क्षेत्राधिकारी शोहरतगढ़ मयंक द्विवेदी ने की, जबकि कार्रवाई का नेतृत्व प्रभारी निरीक्षक नवीन कुमार सिंह ने किया।
क्षेत्राधिकारी शोहरतगढ़ ने मीडिया को बताया कि मामले की विवेचना जारी है। यदि जांच के दौरान किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

बरामदगी (पुलिस के अनुसार)
✔ 03 ब्रेसलेट
✔ 02 जोड़ी कंगन
✔ 09 अंगूठियां
✔ 02 नेकलेस
✔ 02 जोड़ी कान के टॉप्स
✔ 05 मंगलसूत्र (लॉकेट सहित)
✔ 01 हार
✔ ₹1500 नकद
5 बड़ी बातें
✅ चोरी के मुकदमे में एक आरोपी की गिरफ्तारी का दावा।
✅ आभूषण और नकदी बरामद होने की जानकारी।
✅ आरोपी को न्यायालय भेजा गया।
✅ पुलिस की विवेचना अभी जारी।
✅ अन्य संभावित पहलुओं की जांच जारी।
सारांश
क्या हुआ? चोरी के मामले में एक आरोपी गिरफ्तार।
क्या मिला? पुलिस के अनुसार आभूषण और ₹1500 नकद।
क्या कार्रवाई हुई? आरोपी न्यायालय भेजा गया।
अब आगे क्या? मामले की विवेचना जारी है।
प्रेस विज्ञप्ति एवं पुलिस अधिकारियों द्वारा साझा की गई जानकारी पर आधारित है। समाचार में प्रयुक्त “पुलिस के अनुसार”, “पुलिस का दावा है” और “बरामद बताए गए” जैसे शब्द इसलिए उपयोग किए गए हैं क्योंकि मामले की अंतिम सत्यता और आरोपी की दोषसिद्धि का निर्णय केवल सक्षम न्यायालय द्वारा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर किया जाएगा। इस रिपोर्ट का उद्देश्य जनहित में तथ्यात्मक जानकारी देना है।
शोहरतगढ़ पुलिस का बड़ा दावा: चोरी के मुकदमे का खुलासा, एक आरोपी गिरफ्तार; आभूषण और नकदी बरामद
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शोहरतगढ सिद्धार्थनगर से धर्मेंद्र चौधरी की एक रिपोर्ट

सिद्धार्थनगर। शोहरतगढ़ क्षेत्र में दर्ज चोरी के एक चर्चित मुकदमे में पुलिस ने महत्वपूर्ण सफलता मिलने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार, कई दिनों तक चली विवेचना, सूचना संकलन और दबिश के बाद एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया। उसके कब्जे से चोरी से संबंधित बताए गए पीली धातु के आभूषण और ₹1500 नकद बरामद किए गए हैं। आरोपी को न्यायालय भेज दिया गया है, जबकि मामले की विवेचना अभी जारी
एक नजर में
क्या है पूरा मामला?
थाना शोहरतगढ़ में चोरी का मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी थी।
पुलिस ने मुखबिर की सूचना और विवेचना के आधार पर एक आरोपी को गिरफ्तार करने का दावा किया।
पुलिस के अनुसार, आरोपी के कब्जे से चोरी से संबंधित बताए गए आभूषण और ₹1500 नकद बरामद हुए।
आरोपी को न्यायालय भेज दिया गया है।
मामले की आगे की जांच जारी है।

पूरी खबर
सिद्धार्थनगर। शोहरतगढ़ थाना क्षेत्र में दर्ज चोरी के मुकदमे के खुलासे का पुलिस ने दावा किया है। पुलिस के अनुसार, घटना दर्ज होने के बाद से ही पुलिस टीम तकनीकी साक्ष्यों, स्थानीय सूचनाओं और अन्य माध्यमों से आरोपियों की तलाश में जुटी हुई थी। इसी क्रम में शुक्रवार को प्लाईवुड तिराहे के पास से एक संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर उसे मामले में गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी की पहचान निरंजन केवट उर्फ भोला, निवासी जिला कपिलवस्तु (नेपाल) के रूप में हुई है। पुलिस का कहना है कि तलाशी के दौरान आरोपी के कब्जे से चोरी से संबंधित बताए गए तीन ब्रेसलेट, दो जोड़ी कंगन, नौ अंगूठियां, दो नेकलेस, दो जोड़ी कान के टॉप्स, पांच मंगलसूत्र (लॉकेट सहित), एक हार तथा ₹1500 नकद बरामद किए गए।
पुलिस ने बरामद सामान को कब्जे में लेकर आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी की और आरोपी को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश कर दिया।
पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन के निर्देशन में अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई। अभियान की निगरानी अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार प्रसाद तथा क्षेत्राधिकारी शोहरतगढ़ मयंक द्विवेदी ने की, जबकि कार्रवाई का नेतृत्व प्रभारी निरीक्षक नवीन कुमार सिंह ने किया।
क्षेत्राधिकारी शोहरतगढ़ ने मीडिया को बताया कि मामले की विवेचना जारी है। यदि जांच के दौरान किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

बरामदगी (पुलिस के अनुसार)
✔ 03 ब्रेसलेट
✔ 02 जोड़ी कंगन
✔ 09 अंगूठियां
✔ 02 नेकलेस
✔ 02 जोड़ी कान के टॉप्स
✔ 05 मंगलसूत्र (लॉकेट सहित)
✔ 01 हार
✔ ₹1500 नकद
5 बड़ी बातें
✅ चोरी के मुकदमे में एक आरोपी की गिरफ्तारी का दावा।
✅ आभूषण और नकदी बरामद होने की जानकारी।
✅ आरोपी को न्यायालय भेजा गया।
✅ पुलिस की विवेचना अभी जारी।
✅ अन्य संभावित पहलुओं की जांच जारी।
सारांश
क्या हुआ? चोरी के मामले में एक आरोपी गिरफ्तार।
क्या मिला? पुलिस के अनुसार आभूषण और ₹1500 नकद।
क्या कार्रवाई हुई? आरोपी न्यायालय भेजा गया।
अब आगे क्या? मामले की विवेचना जारी है।
प्रेस विज्ञप्ति एवं पुलिस अधिकारियों द्वारा साझा की गई जानकारी पर आधारित है। समाचार में प्रयुक्त “पुलिस के अनुसार”, “पुलिस का दावा है” और “बरामद बताए गए” जैसे शब्द इसलिए उपयोग किए गए हैं क्योंकि मामले की अंतिम सत्यता और आरोपी की दोषसिद्धि का निर्णय केवल सक्षम न्यायालय द्वारा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर किया जाएगा। इस रिपोर्ट का उद्देश्य जनहित में तथ्यात्मक जानकारी देना है।
सीडीओ ने किया वृक्षारोपण
सिद्धार्थनगर- पर्यावरण संरक्षण और हरियाली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सामाजिक वानिकी वन प्रभाग सिद्धार्थनगर के बांसी रेंज द्वारा विकासखंड जोगिया के प्राथमिक विद्यालय दोहनी परिसर में बलराम सिंह मुख्य विकास अधिकारी द्वारा हरिशंकरी पौधरोपित किया गया ।इस अवसर पर पीपल, बरगद व पाकड़ के पौधे का संयुक्त रूप से रोपण कर पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया। मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह ने उक्त अवसर पर कहा कि हरिशंकरी भारतीय संस्कृति, पर्यावरण संरक्षण और प्रकृति के प्रति आस्था का प्रतीक माना गया है। पीपल ,बरगद और पाकड़ का संयुक्त रोपण धार्मिक महत्व के साथ-साथ पर्यावरण संतुलन ,जैव विविधता संरक्षण और आने वाली पीढियां के लिए स्वच्छ व स्वस्थ वातावरण सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना गया है। पौधों का संरक्षण कर ही अपने जीवन में हरियाली और स्वच्छ वातावरण सुनिश्चित किया जा सकता है ।उक्त अवसर पर जनपद स्तरीय अधिकारियों, वन विभाग के कर्मचारी, सामान्य जनमानस द्वारा भी पौधरोपित किए गए ।अधिकारियों का स्वागत व धन्यवाद ज्ञापन शिवकुमार गुप्ता क्षेत्रीय वन अधिकारी बांसी द्वारा किया गया। उक्त क्रम में जनपद के समस्त रेंज में क्षेत्रीय वन अधिकारी गण के देखरेख में हरिशंकरी पौधरोपित कर स्वच्छ पर्यावरण का संदेश दिया गया ।बांसी रेंज के गौरी पाठक व खोरिया रघुवीर सिंह ग्राम में प्रधान प्रतिनिधि नारायण स्वरूप पाठक, सलाउद्दीन सचिव ,राजदेव मिश्रा द्वारा हरिशंकरी पौध रोपित किए गए ।उक्त कार्यक्रम की सफलता पर
डी.एफ .ओ. नीला एम. व एस.डी.ओ. वीना तिवारी ने समस्त वन क्षेत्राधिकारियों की प्रशंसा की है।
24 घंटे बाद खत्म हुआ इंतजार: बाणगंगा नदी से तीनों युवकों के शव बरामद

बैदौली घाट पर अंतिम संस्कार के बाद स्नान के दौरान हुआ हादसा, स्थानीय गोताखोरों की मेहनत से सफल हुआ रेस्क्यू अभियान
शोहरतगढ़ (सिद्धार्थनगर)। बाणगंगा नदी के बैदौली घाट पर स्नान के दौरान लापता हुए तीन युवकों के शव करीब 24 घंटे बाद शुक्रवार को बरामद कर लिए गए। प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ और स्थानीय मछुआरा समुदाय के अनुभवी गोताखोरों के संयुक्त प्रयास से कई घंटे तक चले खोज अभियान के बाद जाल की मदद से तीनों शव नदी से बाहर निकाले गए। घटना से पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है।
स्थान: बैदौली घाट, बाणगंगा नदी, शोहरतगढ़
मृतक: शिवा चौहान, रवि वरुण एवं मोनू वरुण
घटना: अंतिम संस्कार के बाद स्नान के दौरान नदी में डूबे
रेस्क्यू: पुलिस, एसडीआरएफ और स्थानीय गोताखोरों का संयुक्त अभियान
सम्मान: रेस्क्यू में सहयोग करने वाले गोताखोर मछुआरों को जनप्रतिनिधियों एवं पुलिस ने किया सम्मानित
सारांश
स्नान के दौरान तीन युवक नदी में डूबे।
करीब 24 घंटे तक चला खोज एवं बचाव अभियान।
स्थानीय गोताखोर मछुआरों की मदद से तीनों शव बरामद।
दो शव परिजनों को सौंपे गए, एक का पोस्टमार्टम कराया गया।
गोताखोर मछुआरों के साहस और सहयोग की सराहना की गई।
पूरी खबर
गुरुवार दोपहर लगभग 1:30 बजे ग्राम पंचायत मधवापुर के टोला मिझुनिया निवासी शिवा चौहान, रवि वरुण और मोनू वरुण गांव की बुजुर्ग महिला कंचन के अंतिम संस्कार में शामिल होने बैदौली घाट पहुंचे थे। अंतिम संस्कार के बाद तीनों युवक बाणगंगा नदी में स्नान करने उतरे। इसी दौरान वे गहरे पानी और तेज बहाव की चपेट में आ गए और नदी में लापता हो गए।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। देर शाम तक नदी में खोज अभियान चलाया गया, लेकिन पहले दिन सफलता नहीं मिल सकी। इसके बाद शुक्रवार सुबह नई डहर गांव के मछुआरा समुदाय के अनुभवी गोताखोरों ने बड़े जालों की सहायता से दोबारा तलाश शुरू की। कई घंटे की लगातार मशक्कत के बाद तीनों युवकों के शव नदी से बरामद कर लिए गए।
शव मिलने के बाद परिजनों में कोहराम मच गया। पुलिस ने आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया पूरी की। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, रवि वरुण और मोनू वरुण के परिजनों ने पोस्टमार्टम न कराने का अनुरोध किया, जिसके बाद नियमानुसार कार्रवाई करते हुए उनके शव परिजनों को सौंप दिए गए। वहीं शिवा चौहान के शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
रेस्क्यू अभियान में स्थानीय मछुआरा समुदाय के गोताखोरों की भूमिका महत्वपूर्ण रही। उनके प्रयासों से ही नदी से तीनों शवों को बाहर निकाला जा सका। अभियान में सहयोग देने वाले गोताखोर मछुआरों को जनप्रतिनिधियों और पुलिस अधिकारियों ने सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया।
घटना के बाद बैदौली घाट और आसपास के गांवों में शोक का माहौल है। बड़ी संख्या में लोग मृतकों के अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे और परिजनों को सांत्वना दी।
बॉक्स: रेस्क्यू अभियान की प्रमुख बातें
24 घंटे तक चला खोज अभियान।
पुलिस, प्रशासन और एसडीआरएफ ने संयुक्त रूप से किया रेस्क्यू।
स्थानीय गोताखोर मछुआरों ने बड़े जाल की मदद से शव खोजे।
सफल अभियान के बाद गोताखोरों को सम्मानित किया गया।
संपादकीय टिप्पणी (कानूनी रूप से सुरक्षित)
यह समाचार स्थानीय प्रशासन और उपलब्ध आधिकारिक जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। इसमें घटना का तथ्यात्मक विवरण प्रस्तुत किया गया है। दुर्घटना के कारणों या किसी व्यक्ति की जिम्मेदारी को लेकर कोई निष्कर्ष नहीं निकाला गया है। घटना से संबंधित वैधानिक प्रक्रिया पुलिस द्वारा नियमानुसार पूरी की गई।
डिजिटल लर्निंग प्रोग्राम से प्रशिक्षित होंगे कार्यकर्ता, भाजपा युवा मोर्चा ने बनाई रणनीति

जिला कार्यसमिति बैठक में संगठन विस्तार और डिजिटल प्रशिक्षण अभियान को गति देने पर जोर

सिद्धार्थनगर। भारतीय जनता युवा मोर्चा की जिला कार्यसमिति बैठक में डिजिटल लर्निंग प्रोग्राम को अभियान के रूप में चलाने का निर्णय लिया गया। बैठक में संगठन के पदाधिकारियों ने अधिक से अधिक कार्यकर्ताओं को डिजिटल प्रशिक्षण से जोड़कर उन्हें प्रशिक्षित और सक्षम बनाने का संकल्प लिया।

स्थान: भाजपा जिला कार्यालय, सिद्धार्थनगर
आयोजन: भाजपा युवा मोर्चा जिला कार्यसमिति बैठक
मुख्य अतिथि: अखिलेश चंद्र कौशिक (क्षेत्रीय कार्यसमिति सदस्य, गोरखपुर क्षेत्र)
मुख्य एजेंडा: डिजिटल लर्निंग प्रोग्राम को सफल बनाना
अध्यक्षता: विकास पाण्डेय
संचालन: प्रिंस गुप्ता
समाचार
भाजपा जिला कार्यालय पर आयोजित बैठक में मुख्य अतिथि एवं जिला प्रवासी अखिलेश चंद्र कौशिक ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी अपने कार्यकर्ताओं को समय-समय पर प्रशिक्षण देकर संगठन को मजबूत बनाने का कार्य करती है। उन्होंने कहा कि डिजिटल लर्निंग प्रोग्राम के माध्यम से कार्यकर्ताओं को वैचारिक, संगठनात्मक और तकनीकी रूप से प्रशिक्षित किया जाएगा, जिससे वे समाज के बीच प्रभावी भूमिका निभा सकें।
उन्होंने सभी पदाधिकारियों से आह्वान किया कि प्रत्येक मंडल और बूथ स्तर तक अधिक से अधिक कार्यकर्ताओं को डिजिटल लर्निंग प्रोग्राम से जोड़कर इसे सफल बनाया जाए।
बैठक की अध्यक्षता कर रहे जिला उपाध्यक्ष विकास पाण्डेय ने कहा कि डिजिटल लर्निंग प्रोग्राम कार्यकर्ताओं के लिए एक सुनियोजित प्रशिक्षण अभियान है। इससे प्रशिक्षित कार्यकर्ता संगठन की नीतियों और योजनाओं को प्रभावी ढंग से जनता तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
बैठक का संचालन जिला महामंत्री प्रिंस गुप्ता ने किया, जबकि जिला उपाध्यक्ष राहुल गुप्ता ने सभी अतिथियों एवं कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया।
बैठक में जिला महामंत्री नीरज त्रिपाठी, जिला मंत्री विवेक गुप्ता, अभिषेक शुक्ला, अनिल सोनी, जिला सोशल मीडिया प्रभारी सुनील पाण्डेय, जिला कार्यसमिति सदस्य चंदन पाण्डेय, मंडल अध्यक्ष रामस्वरूप अग्रहरि, लक्ष्मण गुप्ता, दीपचंद साहनी, विजय गुप्ता, मनोज सोनी, हेमंत सिंह सोनू सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
सार
डिजिटल लर्निंग प्रोग्राम को बूथ स्तर तक पहुंचाने की रणनीति।
प्रशिक्षित और सक्षम कार्यकर्ता तैयार करने पर जोर।
संगठन विस्तार और कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण पर विशेष चर्चा।
अधिक से अधिक कार्यकर्ताओं को अभियान से जोड़ने का आह्वान।
