मुमताज अहमद के दरवाजे पर मंत्री राजभर की दस्तक से बढ़ी चर्चाएं
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सेमरियावा ब्लॉक में दस्तावेज बनवाने वालों की भीड़, मौके पर ही निस्तारण से मिली राहत
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सिद्धार्थनगर में दर्दनाक हादसा: जर्जर पानी की टंकी बनी मौत का कारण, एक मासूम की जान गई
सीढ़ी टूटने से 100 फीट नीचे गिरे 3 बच्चे, 2 का इलाज जारी, 2 टंकी पर फंसे—रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले से एक बेहद दर्दनाक और चिंताजनक घटना सामने आई है, जिसने सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सदर थाना क्षेत्र स्थित कांशीराम आवास योजना के पास बनी एक पुरानी और परित्यक्त पानी की टंकी अचानक हादसे का कारण बन गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह टंकी करीब दो दशक पहले ही अनुपयोगी घोषित की जा चुकी थी, बावजूद इसके वहां पर्याप्त सुरक्षा या घेराबंदी नहीं थी।
शनिवार दोपहर, 5 बच्चे खेलते हुए टंकी पर चढ़ गए। इनमें से 2 बच्चे ऊपर पहुंच गए, जबकि 3 बच्चे जैसे ही ऊपर पहुंचने वाले थे, तभी बीच की सीढ़ी अचानक टूटकर नीचे लटक गई। इसके बाद लगभग 100 फीट की ऊंचाई से तीन बच्चे नीचे गिर पड़े।
घटना की तेज आवाज सुनकर स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और तुरंत पुलिस व प्रशासन को सूचना दी। घायलों को तत्काल मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया, जहां 14 वर्षीय सिद्धार्थ को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। वहीं 13 वर्षीय गोलू और 11 वर्षीय सनी का उपचार जारी है।
इस बीच, टंकी के ऊपर फंसे 2 अन्य बच्चों को सुरक्षित नीचे उतारने के लिए राहत और बचाव दल ने मोर्चा संभाल लिया है।
घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन सक्रिय हो गया। जिलाधिकारी सहित वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू ऑपरेशन की निगरानी शुरू कर दी गई। अधिकारियों के अनुसार, डिजास्टर रिस्पॉन्स टीम को भी अलर्ट कर दिया गया है और समन्वय के साथ बचाव कार्य तेज किया गया है।
क्या इस परित्यक्त और जर्जर टंकी को सुरक्षित नहीं किया जाना चाहिए था?
क्या ऐसे खतरनाक ढांचे बच्चों की पहुंच में खुले छोड़ना बड़ी लापरवाही नहीं है?
फिलहाल प्रशासन राहत और बचाव कार्य में जुटा है और पूरे मामले की जांच की बात कही जा रही है। यह घटना एक चेतावनी की तरह है कि समय रहते खतरनाक संरचनाओं को सुरक्षित करना बेहद जरूरी है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों से बचा जा सके।
— FT News Digital
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रोडवेज कर्मचारियों का उबाल: 9 सूत्रीय मांगों पर सरकार को अल्टीमेटम, आंदोलन होगा और तेज
19 सितंबर तक समाधान नहीं तो प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी, कर्मचारियों ने उठाई अपनी पीड़ा
सिद्धार्थनगर।
उत्तर प्रदेश रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद की सिद्धार्थनगर डिपो शाखा के तत्वावधान में आयोजित धरना-प्रदर्शन ने कर्मचारियों की बढ़ती बेचैनी और असंतोष को खुलकर सामने ला दिया। प्रदेश स्तरीय आह्वान पर हुए इस प्रदर्शन में कर्मचारियों की एकजुटता और अपनी मांगों को लेकर गंभीरता स्पष्ट रूप से दिखाई दी।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में वाई पी यादव (अध्यक्ष, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद उत्तर प्रदेश) उपस्थित रहे। उनके साथ शिवाकांत पांडे (जिला मंत्री), गोविंद ओझा (वरिष्ठ उपाध्यक्ष), रत्नेश दुबे (कोषाध्यक्ष) भी मौजूद रहे, जिन्होंने कर्मचारियों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया।
धरना-प्रदर्शन की अध्यक्षता दिनेश चंद्र मिश्र ने की, जबकि कार्यक्रम का संचालन अष्टभुजा पांडे (शाखा मंत्री) द्वारा किया गया।

धरना स्थल पर वक्ताओं ने कहा कि कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित समस्याओं पर यदि समय रहते ध्यान नहीं दिया गया, तो इसका असर न केवल कर्मचारियों बल्कि परिवहन व्यवस्था पर भी पड़ सकता है। उन्होंने सरकार से अपेक्षा जताई कि कर्मचारियों के हितों को प्राथमिकता देते हुए समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएं।
इस दौरान कर्मचारियों ने अपनी 9 सूत्रीय मांगों को लेकर एक विस्तृत ज्ञापन सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक विजय शंकर गंगवार को सौंपा और जल्द समाधान की मांग की।
कार्यक्रम में बृजेश पांडे (फार्मासिस्ट), विजय मिश्रा, सुरेश चंद्र, गणेश शंकर मिश्रा, गोरखनाथ पांडे, मोहम्मद अशरफ, अमित मिश्रा, दीपक गौड़ सहित अन्य कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी रही। वहीं राजकुमार यादव, रिजवान मुल्ला, मनोज सिंह, रामायण उपाध्याय, अल्लाह हुसैन, विनोद मिश्रा, लवकुश शुक्ला, जितेंद्र उपाध्याय, सत्य प्रताप सिंह समेत बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे।

धरना-प्रदर्शन में यह स्पष्ट संदेश देने की कोशिश की गई कि कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर गंभीर हैं, लेकिन उन्होंने लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज शासन-प्रशासन तक पहुंचाने का रास्ता चुना है।

संतुलित निष्कर्ष (चैनल सुरक्षा)
कर्मचारियों द्वारा अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराया गया है। शासन-प्रशासन से अपेक्षा जताई गई है कि वह कर्मचारियों की समस्याओं पर संवेदनशीलता के साथ विचार करे। इस संबंध में संबंधित विभाग की आधिकारिक प्रतिक्रिया समाचार लिखे जाने तक प्राप्त नहीं हो सकी है।
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जमीनी विवाद में मौत: नामजद और अज्ञात समेत कई पर मुकदमा, जांच तेज
सिद्धार्थनगर | FT News Digital
सिद्धार्थनगर के लोटन थाना क्षेत्र में जमीनी विवाद में युवक की मौत के मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज करते हुए मुकदमा पंजीकृत कर लिया है। इस प्रकरण में पहले से दर्ज मुकदमे में कई नामजद और कुछ अज्ञात आरोपियों को शामिल किया गया है, जबकि जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर अन्य नामों को भी जोड़ा गया है।
सूत्रों के मुताबिक, मृतक पक्ष द्वारा दी गई तहरीर और उपलब्ध साक्ष्यों (जिनमें कथित वीडियो/ऑडियो का भी उल्लेख है) के आधार पर पुलिस ने विभिन्न धाराओं में मुकदमे का विस्तार किया है। हालांकि, आरोपियों के नाम पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज हैं, लेकिन जांच पूरी होने से पहले उनकी भूमिका की पुष्टि होना बाकी है।
इससे पहले, घटना के विरोध में परिजन और ग्रामीण करीब 5 घंटे तक धरने पर बैठे रहे, जिसके बाद प्रशासन ने तत्काल संज्ञान लेते हुए मुकदमा दर्ज किया। इसी दौरान प्रशासनिक फेरबदल करते हुए तत्कालीन कोतवाल को हटाकर नए प्रभारी की तैनाती भी की गई।
पुलिस ने हालात को नियंत्रित करते हुए मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
महत्वपूर्ण: इस मामले में सामने आए नाम और दावे जांच का हिस्सा हैं। चैनल किसी भी आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता है।
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जमीनी विवाद में युवक की मौत, 5 घंटे जाम के बाद प्रशासन का सख्त एक्शन
📍 सिद्धार्थनगर | लोटन से विशेष रिपोर्ट

जनपद सिद्धार्थनगर के लोटन थाना क्षेत्र में जमीनी विवाद ने गंभीर रूप लेते हुए एक युवक की जान ले ली। घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों का आक्रोश सड़क पर फूट पड़ा, जिसके चलते लोटन चौराहे पर करीब 5 घंटे तक यातायात बाधित रहा।
हालांकि, पुलिस प्रशासन की तत्परता और संयमित कार्रवाई से स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया और बातचीत के बाद जाम समाप्त कराया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 24 अप्रैल को गदमरहवा गांव निवासी राममिलन और कोल्हुआ निवासी संदीप यादव के परिवारों के बीच जमीन को लेकर विवाद हुआ था।

यह विवाद बाद में मारपीट में बदल गया, जिसमें संदीप यादव गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें पहले स्थानीय स्तर पर उपचार दिया गया, लेकिन हालत बिगड़ने पर लखनऊ रेफर किया गया, जहां 28 अप्रैल की शाम इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।

पुलिस के अनुसार, मामले की जांच जारी है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
सड़क पर उतरा जन आक्रोश, 5 घंटे जाम

मृत्यु की सूचना मिलते ही परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो गए। बुधवार सुबह लोटन चौराहे पर शव रखकर प्रदर्शन शुरू किया गया, जिससे मुख्य मार्ग पर लंबा जाम लग गया।
करीब 5 घंटे तक चले इस प्रदर्शन के दौरान मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और लोगों से संवाद स्थापित किया।

पुलिस की सक्रियता से संभले हालात
अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार प्रसाद ने मौके पर पहुंचकर परिजनों से बातचीत की और निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन दिया।
अधिकारियों के समझाने और भरोसा दिलाने के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ और यातायात बहाल किया गया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
प्रशासन का बड़ा कदम
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने विभागीय स्तर पर कार्रवाई करते हुए लोटन कोतवाली प्रभारी दिनेश कुमार सरोज को तत्काल प्रभाव से हटा दिया है।
उनकी जगह हरिओम कुशवाहा को नया प्रभारी नियुक्त किया गया है, जिन्होंने मामले की जांच और आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
सूत्रों के अनुसार, यह निर्णय जनभावना और स्थिति की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
यह घटना दर्शाती है कि जमीनी विवाद जैसे मुद्दों को समय रहते सुलझाना कितना आवश्यक है।
फिलहाल प्रशासन की सक्रियता से क्षेत्र में शांति बनी हुई है और मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।
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“सिद्धार्थनगर में सड़कों पर उतरी महिलाओं का आक्रोश—आरक्षण की मांग को लेकर पुतला दहन, व्यवस्था को खुली चेतावनी”
मोहन चौराहे पर सैकड़ों महिलाओं का प्रदर्शन, ‘हक और हिस्सेदारी’ को लेकर तेज हुआ आंदोलन

सिद्धार्थनगर जनपद के नौगढ़ क्षेत्र अंतर्गत मुहाना थाना इलाके के मोहन चौराहे पर सोमवार को उस समय माहौल गरमा गया, जब सैकड़ों की संख्या में महिलाओं ने सड़क पर उतरकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। महिलाओं ने अपने अधिकारों और राजनीतिक हिस्सेदारी की मांग को लेकर नारेबाजी की और प्रतीकात्मक पुतला दहन कर अपना आक्रोश जताया।
मौके पर मौजूद दृश्य यह साफ संकेत दे रहा था कि यह प्रदर्शन केवल औपचारिक विरोध नहीं, बल्कि लंबे समय से चली आ रही मांगों के प्रति बढ़ती बेचैनी और असंतोष का परिणाम है।
नेतृत्व और भागीदारी
इस आंदोलन की अगुवाई
ब्लॉक प्रमुख रेनू मिश्रा,
महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष अरुण मिश्रा,
और नगर अध्यक्ष गायत्री मिश्रा ने की।
वहीं प्रदर्शन में शामिल प्रमुख महिलाओं में
किरन देवी, नीमा देवी, सूरजमती देवी, अनीता देवी, तारामती, सरोज देवी, उर्मिला देवी, मीना देवी, कमलावती देवी, सुभावती देवी, रामवती देवी, कलावती देवी, सुनीता, सुमन, गुड़िया, संगीता देवी, रंजन मौर्य, निरमा देवी, सत्यभामा, नेमा देवी, सुशीला देवी, रिंकी, रीता पांडे, बबीता देवी, पूनम देवी
की सक्रिय भागीदारी रही।
कार्यक्रम में
ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि राजेश मिश्रा,
अजय गुप्ता,
मंडल महामंत्री वीरेंद्र कुमार,
और मंडल मंत्री करीम खान भी मौजूद रहे।
विरोध का तरीका और संदेश
महिलाओं ने सड़क पर उतरकर:
जोरदार नारेबाजी की
पुतला दहन कर विरोध दर्ज कराया
एकजुटता के साथ अपनी मांगों को रखा
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि अगर उनकी मांगों को जल्द नहीं माना गया, तो यह आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है।
महिला आरक्षण बिल—मुद्दे की जड़
जिस मुद्दे को लेकर यह प्रदर्शन हुआ, वह है महिला आरक्षण बिल।
बिल का उद्देश्य:
लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं को 33% आरक्षण देना
महिलाओं को नीति निर्माण में भागीदारी देना
राजनीतिक क्षेत्र में लैंगिक समानता सुनिश्चित करना
आक्रोश क्यों?
प्रदर्शनकारियों के अनुसार:
बिल के बावजूद जमीनी स्तर पर लागू करने में देरी
महिलाओं को तत्काल राजनीतिक अवसर नहीं मिल पा रहे
केवल घोषणा नहीं, बल्कि ठोस क्रियान्वयन की जरूरत
प्रशासनिक स्थिति
राहत की बात यह रही कि प्रदर्शन के दौरान स्थिति पूरी तरह शांतिपूर्ण बनी रही। प्रशासन की मौजूदगी में कार्यक्रम संपन्न हुआ और किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना सामने नहीं आई।
सिद्धार्थनगर की सड़कों पर उतरी यह भीड़ अब एक साफ संदेश दे रही है—
महिलाएं अब केवल दर्शक नहीं, निर्णायक भूमिका चाहती हैं।
अगर उनकी आवाज अनसुनी रही, तो यह आंदोलन और तेज और व्यापक हो सकता है।
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जोगिया ब्लॉक में प्रधानों की हुंकार: मांगें पूरी न हुईं तो होगा बड़ा आंदोलन
सिद्धार्थनगर | जोगिया ब्लॉक
जनपद सिद्धार्थनगर के जोगिया विकास खंड में मंगलवार को राष्ट्रीय पंचायती राज ग्राम प्रधान संगठन के बैनर तले आयोजित मासिक बैठक में ग्राम प्रधानों ने अपनी समस्याओं को लेकर जोरदार आवाज उठाई। बैठक का नेतृत्व जिलाध्यक्ष डॉ. पवन मिश्र एवं ब्लॉक अध्यक्ष प्रभुदयाल यादव ने किया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्राम प्रधानों की मौजूदगी रही, जिसमें विभिन्न ग्राम पंचायतों से आए प्रधानों ने पंचायत संचालन में आ रही गंभीर बाधाओं पर खुलकर चर्चा की। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन खंड विकास अधिकारी के माध्यम से सौंपा गया।
क्या हैं प्रधानों की मुख्य मांगें?
ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 26 मई 2026 के बाद समाप्त होने की स्थिति में
या तो कार्यकाल बढ़ाया जाए या प्रधानों को प्रशासक नियुक्त किया जाए
मनरेगा के अंतर्गत कराए गए कार्यों का
3 वर्षों से लंबित भुगतान तत्काल जारी किया जाए
राज्य वित्त एवं केंद्रीय वित्त योजनाओं के
सभी बकाया भुगतान जल्द किए जाएं और नए कार्य स्वीकृत हों
चुनाव के समय फर्जी शिकायतों पर
बिना जांच कार्रवाई रोकने की मांग
ग्राम प्रधानों का मानदेय बढ़ाकर
कम से कम ₹15,000 प्रति माह किया जाए
विकास कार्यों के दौरान दबंगों से खतरे को देखते हुए
प्रधानों को प्रशासनिक और विधिक सुरक्षा दी जाए
बैठक का संचालन व प्रमुख मौजूदगी
कार्यक्रम का संचालन राजेन्द्र गौतम (प्रधान प्रतिनिधि, भैसहवा) ने किया, जबकि आयोजन की जिम्मेदारी ब्लॉक अध्यक्ष प्रभुदयाल यादव (ग्राम प्रधान, करौंदा मसिना) ने निभाई।
मुख्य रूप से उपस्थित रहे—
डॉ. पवन मिश्र (जिलाध्यक्ष)
ताकीब रिजवी (प्रदेश उपाध्यक्ष)
एडवोकेट नीरज सिंह
जिला कमेटी के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्राम प्रधान
इसके अलावा जमील अहमद, नसीम अहमद, अरविंद यादव, पिंटू सिंह, सुग्रीम यादव, मनीष मिश्रा, दुर्गा चौधरी, महमूद हुसैन सहित कई ग्राम पंचायतों के प्रधान मौजूद रहे।
आंदोलन के संकेत
बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि यह जोगिया ब्लॉक सहित कुल 14 ब्लॉकों में से एक महत्वपूर्ण बैठक थी। अन्य ब्लॉकों में बैठक के बाद
👉 बड़े स्तर पर पंचायत/आंदोलन की रणनीति तैयार की जाएगी
प्रधानों ने एक स्वर में कहा कि यदि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन बड़ा आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।
नारे और माहौल
बैठक के दौरान
“प्रधान एकता जिंदाबाद”
“स्व. महावीर दत्त शर्मा अमर रहें”
जैसे नारों से पूरा परिसर गूंज उठा।
यह बैठक केवल एक सामान्य बैठक नहीं, बल्कि पंचायत स्तर पर बढ़ती नाराजगी का संकेत है। यदि समय रहते सरकार ने इन मांगों पर ध्यान नहीं दिया, तो आने वाले समय में यह मुद्दा बड़ा राजनीतिक और प्रशासनिक रूप ले सकता है।
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सिद्धार्थनगर में शाही विदाई का नजारा: हेलीकॉप्टर से दुल्हन विदा, खैरा बाजार बना ‘मेला’
सिद्धार्थनगर के खैरा बाजार में दूल्हे ने दुल्हन को हेलीकॉप्टर से विदा कराया, हजारों लोग देखने पहुंचे—पढ़ें पूरी खबर।
सिद्धार्थनगर। जिले के बढ़नी ब्लॉक अंतर्गत खैरा बाजार गांव में बुधवार को एक ऐसी विदाई देखने को मिली, जिसने पूरे इलाके को हैरान कर दिया। आमतौर पर जहां दुल्हन की विदाई कार या पारंपरिक साधनों से होती है, वहीं यहां दूल्हा हेलीकॉप्टर लेकर पहुंचा और दुल्हन को शाही अंदाज में विदा कराया।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इटवा ब्लॉक के जिगना शुक्ल गांव निवासी राम अजोरे चौधरी के पुत्र राम लखन चौधरी का विवाह 28 अप्रैल को खैरा बाजार निवासी सुभाष चौधरी की पुत्री प्रियंका चौधरी के साथ संपन्न हुआ था। विवाह के बाद विदाई को यादगार बनाने के लिए दूल्हे ने हेलीकॉप्टर का इंतजाम किया।
बुधवार को जैसे ही हेलीकॉप्टर गांव में उतरा, पूरे क्षेत्र में उत्साह की लहर दौड़ गई। आसपास के गांवों से हजारों की संख्या में लोग इस अनोखे दृश्य को देखने के लिए मौके पर पहुंच गए। देखते ही देखते खैरा बाजार में मेले जैसा माहौल बन गया।
दुल्हन की विदाई के दौरान हर कोई इस पल को अपने मोबाइल में कैद करता नजर आया। बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक इस ‘रॉयल विदाई’ के गवाह बने। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने अपने जीवन में पहली बार इस तरह की भव्य विदाई देखी है।
इस आयोजन के लिए पहले से तैयारियां की गई थीं, जिससे हेलीकॉप्टर के उतरने और उड़ान भरने में किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो। पूरे कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था का भी ध्यान रखा गया।
फिलहाल, यह अनोखी शादी और हेलीकॉप्टर से हुई विदाई पूरे सिद्धार्थनगर समेत आसपास के जिलों में चर्चा का विषय बनी हुई है और सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रही है।
पहली बार गांव में हेलीकॉप्टर से दुल्हन की विदाई
हजारों लोगों की भीड़, मेले जैसा माहौल
28 अप्रैल को हुई थी शादी
सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल
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नाले के पुल के नीचे मिला युवक का शव, खून के निशान और चप्पल मिलने से हत्या की आशंका गहराई
उत्तर प्रदेश सिद्धार्थनगर
सदर थाना क्षेत्र के ग्राम जगदीशपुर राजा के टोला लोध पुरवा निवासी युवक की संदिग्ध मौत का मामला अब और गहराता नजर आ रहा है। गांव के ही निवासी जसवंत लोधी (लगभग 30 वर्ष) पुत्र शिवकुमार लोधी का शव कोईलहरा नाले के पुल के नीचे पानी में मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई।
परिजनों के अनुसार, जसवंत बीते 28 अप्रैल की शाम करीब 4 बजे घर से निकला था, जिसके बाद वह लापता हो गया। परिजन लगातार उसके मोबाइल पर संपर्क करने की कोशिश करते रहे, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली।
बुधवार सुबह सूचना मिलने पर परिजन मौके पर पहुंचे और शव की पहचान की, जिसके बाद परिवार में कोहराम मच गया।
घटना की सूचना पर सदर थाना पुलिस व फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
सूत्रों के अनुसार, घटनास्थल के पास मृतक की चप्पल पड़ी मिली है और कुछ स्थानों पर खून जैसे निशान भी देखे गए हैं। इससे यह आशंका जताई जा रही है कि युवक की हत्या कहीं और कर शव को पुल के नीचे फेंका गया हो। हालांकि, इस संबंध में पुलिस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
मृतक के परिजनों ने भी हत्या की आशंका जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
बताया जा रहा है कि मृतक के तीन मासूम बच्चे हैं और उसकी पत्नी गर्भवती है। घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है। मौके पर सैकड़ों की संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जमा रही, जहां एक ओर पुलिस जांच में जुटी रही, वहीं दूसरी ओर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था।
“पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और वैज्ञानिक जांच के बाद ही मौत के कारणों की पुष्टि की जा सकेगी।”
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जिला कारागार की विदेशी महिला बंदी ने फिर किया आत्महत्या का प्रयास, कोर्ट परिसर में मचा हड़कंप
ब्रेकिंग न्यूज़ | सिद्धार्थनगर
जिला कारागार की विदेशी महिला बंदी ने फिर किया आत्महत्या का प्रयास, कोर्ट परिसर में मचा हड़कंप
जिला कारागार में निरुद्ध उजबेकिस्तान की महिला बंदी जर्निगोर तुखताबोएवा द्वारा एक बार फिर आत्महत्या का प्रयास किए जाने से मंगलवार को न्यायालय परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
सूत्रों के अनुसार, पेशी के लिए लाई गई महिला बंदी ने कोर्ट परिसर स्थित महिला बंदी गृह में अचानक दीवार से सिर पटकना शुरू कर दिया, जिससे उसके सिर और गर्दन में चोटें आईं। मौके पर मौजूद पुलिस कर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए उसे तत्काल मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में भर्ती कराया।
चिकित्सकों के मुताबिक, महिला की हालत फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है।
पहले भी कर चुकी है आत्महत्या का प्रयास
बताया जा रहा है कि यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले 3 जनवरी को भी उक्त महिला बंदी द्वारा जिला कारागार में आत्महत्या का प्रयास किया गया था, जिसमें उपचार के बाद उसकी स्थिति सामान्य हो गई थी।
विदेशी नागरिक, अवैध प्रवेश में हुई थी गिरफ्तारी
जानकारी के अनुसार, महिला बंदी को 28 दिसंबर को बढ़नी बॉर्डर से गिरफ्तार किया गया था। उसके पास भारत में रहने के लिए कोई वैध दस्तावेज नहीं मिले थे और वह नेपाल जाने की कोशिश में थी। इसके बाद से वह जिला कारागार में निरुद्ध है।
प्रशासन का बयान
प्रभारी निरीक्षक सदर मिथलेश राय ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए महिला को उपचार के लिए भेजा और उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया।
वहीं जेल अधीक्षक सचिन वर्मा के अनुसार, महिला बंदी में आत्मघाती प्रवृत्ति देखी गई है, जिसके चलते उसका इलाज मानसिक रोग विशेषज्ञ से कराया जा रहा है। भाषा की समस्या (हिंदी और अंग्रेजी न आना) के कारण उसकी स्थिति को समझने में भी दिक्कत हो रही है।
स्थिति पर प्रशासन की नजर
प्रशासन का कहना है कि महिला बंदी की सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। जेल लौटने के बाद पूरी स्थिति का पुनर्मूल्यांकन किया जाएगा।
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संदिग्ध हालात में डेकोरेशन मजदूर की मौत, परिजनों ने जताई हत्या की आशंका
भनवापुर/सिद्धार्थनगर | संवाददाता
जनपद सिद्धार्थनगर के त्रिलोकपुर थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक और रहस्यमयी घटना सामने आई है, जहां शादी समारोह में सजावट का काम कर रहे एक मजदूर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया है और परिजनों ने मामले में गंभीर आशंका जताते हुए जांच की मांग की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, डुमरियागंज क्षेत्र के सिरसिया गांव निवासी रामदेव (लगभग 41 वर्ष), जो लाइट डेकोरेशन का काम करके अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे, रविवार रात त्रिलोकपुर थाना क्षेत्र के बुढ़ऊ गांव में आयोजित एक शादी समारोह में काम करने गए थे।
बताया जा रहा है कि रात के समय ही उनकी हालत बिगड़ने की बात सामने आई, और कुछ समय बाद उनकी मृत्यु हो गई। हालांकि, इस संबंध में परिवार को तत्काल कोई सूचना नहीं दी गई, जिससे घटना और भी संदिग्ध प्रतीत हो रही है।
अगली सुबह, डेकोरेशन से जुड़े व्यक्ति द्वारा मृतक की पत्नी को यह कहकर बुलाया गया कि रामदेव की तबीयत खराब है। जब उन्हें स्थानीय निजी चिकित्सक के पास ले जाया गया, तो चिकित्सक ने बताया कि उनकी मृत्यु कई घंटे पहले ही हो चुकी थी।
इसके बाद शव को घर भेज दिया गया, जबकि संबंधित व्यक्ति मौके से अनुपस्थित हो गया। इस घटनाक्रम ने परिवार की आशंकाओं को और बढ़ा दिया है।
मृतक के परिजनों का कहना है कि मामले की परिस्थितियां सामान्य नहीं हैं और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। परिवार आर्थिक रूप से कमजोर बताया जा रहा है, जिससे इस घटना ने उन्हें गहरे संकट में डाल दिया है।
परिजनों द्वारा पुलिस को लिखित शिकायत दी गई है, जिसमें पूरे मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की मांग की गई है।
पुलिस क्या कहती है?
स्थानीय पुलिस का कहना है कि तहरीर के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
मानवीय पहलू
यह घटना केवल एक मौत नहीं, बल्कि एक ऐसे परिवार की त्रासदी है जो पहले ही सीमित संसाधनों में जीवन यापन कर रहा था। कमाने वाले सदस्य की अचानक मौत ने परिवार को आर्थिक और मानसिक दोनों रूप से झकझोर दिया है।
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“प्रधानों की बढ़ती सक्रियता: अधिकार, कार्यभार और भुगतान पर उठा मुद्दा”
नौगढ़-बर्डपुर बैठकों के बाद जिला स्तर पर महापंचायत की “प्रधानों की बढ़ती सक्रियता: अधिकार, कार्यभार और भुगतान पर उठा मुद्दा”
सिद्धार्थनगर (नौगढ़/बर्डपुर):
जनपद में ग्राम प्रधानों से जुड़े मुद्दों को लेकर गतिविधियां लगातार गति पकड़ रही हैं। राष्ट्रीय पंचायती राज ग्राम प्रधान संगठन, उत्तर प्रदेश के बैनर तले विकास खंड नौगढ़ एवं उसके बाद विकास खंड बर्डपुर में क्रमवार बैठकें आयोजित की गईं।
इससे पूर्व 5 विकास खंडों में बैठकें संपन्न हो चुकी थीं, जबकि इन दो बैठकों के साथ यह संख्या बढ़कर 7 विकास खंड हो गई है। संगठन के अनुसार यह अभियान अनवरत जारी रहेगा और सभी 14 विकास खंडों में बैठकें पूर्ण होने के बाद जिला मुख्यालय पर वृहद महापंचायत आयोजित की जाएगी।
नौगढ़ में उठे मुद्दे
विकास खंड नौगढ़ में आयोजित बैठक में जिलाध्यक्ष पवन मिश्रा मुख्य अतिथि रहे, जबकि प्रदेश उपाध्यक्ष तकी रिज़वी एवं वरिष्ठ प्रधान धर्मराज यादव विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित हुए।
संचालन चंद्रजीत जायसवाल उर्फ गुड्डू ने किया तथा आयोजन राघवेंद्र मिश्रा उर्फ गंगा मिश्रा के नेतृत्व में संपन्न हुआ।
बैठक में विभिन्न ग्राम पंचायतों से आए प्रधानों/प्रतिनिधियों ने पंचायत स्तर के कार्यों और व्यवस्थाओं से जुड़े विषयों पर अपने विचार रखे।
बर्डपुर में नेतृत्व के साथ सहभागिता
विकास खंड बर्डपुर में बैठक ग्राम प्रधान अध्यक्ष (इंजीनियर) प्रदीप कुमार चौधरी की अगुवाई में आयोजित हुई, जिसमें बड़ी संख्या में प्रधान/प्रतिनिधि शामिल हुए।
जहां महिला प्रधान निर्वाचित हैं, वहां उनकी ओर से अधिकृत प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
प्रमुख मुद्दे और अपेक्षाएं
बैठकों में प्रस्तुत बिंदुओं के अनुसार—
ग्राम पंचायतों के वित्तीय आवंटन में वृद्धि
मनरेगा एवं ग्राम निधि के लंबित भुगतान का निस्तारण
पंचायत स्तर पर कार्यों के संचालन में सुगमता
प्रशासनिक समन्वय को मजबूत करने
जैसे विषय प्रमुख रूप से सामने आए।
चुनाव, कार्यभार और भुगतान पर सुझाव
कुछ प्रधानों/प्रतिनिधियों ने यह भी कहा कि आगामी पंचायत चुनावों की प्रक्रिया को देखते हुए कार्यभार हस्तांतरण से जुड़े मुद्दों पर स्पष्टता आवश्यक है।
उन्होंने सुझाव दिया कि—
लंबित भुगतान एवं कार्यों का निस्तारण समय रहते सुनिश्चित किया जाए
कार्यभार से संबंधित प्रक्रिया को स्पष्ट और व्यवस्थित किया जाए
अन्य प्रदेशों का संदर्भ भी उठा
बैठकों के दौरान कुछ वक्ताओं ने यह भी उल्लेख किया कि अन्य राज्यों में पंचायत स्तर से जुड़े कुछ व्यवस्थात्मक प्रावधान लागू किए जा चुके हैं।
उन्होंने अपेक्षा जताई कि उत्तर प्रदेश में भी स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप ऐसे पहलुओं पर विचार किया जा सकता है, जिससे ग्राम स्तर पर कार्यों का संचालन और सुगम हो सके।
आगे की रणनीति संगठन के अनुसार—
सभी 14 विकास खंडों में बैठकें पूर्ण होने के बाद
जिला मुख्यालय सिद्धार्थनगर में
एक वृहद महापंचायत आयोजित करने की योजना है
संतुलित दृष्टिकोण
बैठकों में यह भी कहा गया कि उद्देश्य संवाद के माध्यम से समाधान प्राप्त करना है और ग्रामीण विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सहयोगात्मक वातावरण आवश्यक है।
सामूहिक अभिव्यक्ति
“ग्राम स्तर पर विकास कार्यों को सुचारु रखने के लिए
समन्वय, संसाधन और स्पष्ट प्रक्रिया जरूरी है।”
सूचना
यह समाचार बैठकों में व्यक्त विचारों एवं उपलब्ध सूचनाओं पर आधारित है। संबंधित विषयों पर अंतिम निर्णय प्रशासनिक प्रक्रिया के अनुरूप होगा।
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SSB जवानों ने नशीली दवाई सहित एक व्यक्ति को पकड़ा
दिनांक 24.04.2026 को 43वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल के सीमा चौकी ककरहवा और पुलिस के जवानों ने संयुक्त तलाशी के दौरान नशीली दवाओं के साथ एक व्यक्ति को पकड़ा I दैनिक प्रचालन गतिविधि के तहत सीमा चौकी ककरहवा और पुलिस चौकी ककरहवा की संयुक्त दल सीमा स्तंभ संख्या 544 के समीप चेक पोस्ट ककरहवा पर तैनात थे और आवागमन कर रहे लोगों की गहन जाँच किया जा रहा था इसी दौरान एक व्यक्ति भारत से नेपाल की ओर जा रहा था I संदेह के आधार पर चेक पोस्ट पर तैनात संयुक्त दल द्वारा उसको रोककर उसके सामान की तलाशी लिया जा रहा था तो वह घबरा गया और उसने बताया कि उसकी पैंट की जेब में नशीली दवा है I ड्यूटी दल द्वारा समवाय कमांडर को सूचित कर मौके पर राजपत्रित अधिकारी को बुलाया गया और उनकी उपस्थिति में उस व्यक्ति की तलाशी ली गई जिसमें उसके पास से प्रॉक्सिमो स्पास 240 टैबलेट (Proxiohm Spas) नशीली दवा बरामद हुआ I पूछ- ताछ करने पर उक्त व्यक्ति ने अपना नाम गोविन्द प्रसाद तेली, उम्र- 29 वर्ष, पुत्र- राजेन्द्र प्रसाद तेली, ग्राम- तरकुलहा, थाना- लुंबिनी, जिला- रूपंदेही नेपाल बताया I और बताया कि वह यह दवा नुनहवां से किसी अज्ञात व्यक्ति से लिया है और खुद ही इसका नशे के रूप में प्रयोग करता है I संयुक्त दल द्वारा सभी दवाओं को जब्त कर व्यक्ति सहित पुलिस थाना मोहना को सुपुर्द कर दिया गया।
भारत-नेपाल सीमा पर होने वाली तस्करी और अन्य अपराधों की रोकथाम के लिए प्रचालन गतिविधियों द्वारा 43वी वाहिनी एस.एस.बी निरन्तर प्रयासरत है जिसके फलस्वरूप एस.एस.बी द्वारा लगातार भारत –नेपाल सीमा पर अवैध रूप से हो रही तस्करी के सामान,मानव तस्करी,नशीली दवा, अवैध मुद्रा व वन्य जीव और उत्पाद को जब्त किया जा रहा है तथा उसमे सम्बंधित लिप्त व्यक्तियों पर आवश्यक क़ानूनी कार्यवाही की जा रही है l
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शादी से लौटते वक्त लापता अधेड़ का शव पुलिया के नीचे मिला, क्षेत्र में सनसनी
सिद्धार्थनगर, संवाददाता।
जनपद के डिडई थाना क्षेत्र में एक अधेड़ व्यक्ति की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आने से इलाके में सनसनी फैल गई। शादी समारोह से लौटते समय लापता हुए व्यक्ति का शव अगले दिन सुबह पुलिया के नीचे बरामद होने से कई सवाल खड़े हो गए हैं।
डिडई थाना क्षेत्र के परसा खुर्द गांव निवासी चंद्र प्रकाश (50 वर्ष) शनिवार को अपने परिवार के साथ एक रिश्तेदारी में आयोजित विवाह समारोह में शामिल होने गए थे। परिजनों के अनुसार, देर शाम वह सभी के साथ निजी वाहन से लौट रहे थे। इसी दौरान कठोलवा गांव के पास उन्होंने वाहन रुकवाया और घर जाने की बात कहकर वहीं उतर गए। इसके बाद वह संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गए।
रातभर तलाश के बावजूद जब उनका कोई सुराग नहीं मिला, तो परिजन चिंतित हो उठे। रविवार सुबह करीब 8 बजे स्थानीय ग्रामीणों ने कठोलवा गांव के समीप एक पुलिया के नीचे शव पड़ा देखा और तत्काल पुलिस को सूचना दी।
सूचना पर पहुंची डिडई थाना पुलिस ने शव को बाहर निकलवाकर पहचान कराई, जिसमें मृतक की पहचान चंद्र प्रकाश के रूप में हुई। घटना की जानकारी मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया, वहीं गांव में दहशत का माहौल व्याप्त हो गया।
पुलिस ने आवश्यक वैधानिक कार्रवाई करते हुए शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
थाना प्रभारी ने बताया कि मृत्यु के कारणों का स्पष्ट खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही किया जा सकेगा। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है।
यह समाचार उपलब्ध तथ्यों एवं पुलिस द्वारा दी गई प्रारंभिक जानकारी पर आधारित है। मृत्यु के कारणों की आधिकारिक पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही संभव होगी।
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ओवरलोड वाहनों पर चला प्रशासन का शिकंजा, संयुक्त अभियान शुरू

सिद्धार्थनगर | 25 अप्रैल 2026
परिवहन विभाग और प्रशासन ने ओवरलोड वाहनों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए जिले में विशेष संयुक्त चेकिंग अभियान की शुरुआत कर दी है। यह अभियान 25 अप्रैल से 10 मई 2026 तक लगातार चलाया जाएगा, जिसका उद्देश्य सड़कों पर नियमों का पालन सुनिश्चित करना और दुर्घटनाओं पर रोक लगाना है।
कार्यालय सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, यह कार्रवाई परिवहन आयुक्त, उत्तर प्रदेश के निर्देशों के अनुपालन में की जा रही है। अभियान के तहत खासतौर पर उन वाहनों पर नजर रखी जा रही है जो कम्पनी निर्मित बॉडी में अवैध परिवर्तन कर अधिक माल ढोने का काम कर रहे हैं।
संयुक्त अभियान की बड़ी कार्रवाई
आज चलाए गए अभियान में क्षेत्राधिकारी (यातायात) सुजीत राय की अध्यक्षता में सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी संजय कुमार सिंह एवं खान निरीक्षक मुकेश मिश्रा की टीम ने मिलकर सघन चेकिंग की।
कुल 15 वाहनों की जांच की गई
02 वाहन ओवरलोडिंग के आरोप में जब्त
दोनों वाहनों को थाना उसका में निरुद्ध किया गया
प्रशासन का स्पष्ट संदेश
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। यह अभियान सड़क सुरक्षा और कानून व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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“पंचायत समस्याओं को लेकर प्रधानों की पहल, उसका बाजार में ज्ञापन सौंपकर समाधान की मांग”

“उसका बाजार में प्रधानों का संगठित कदम, ब्लॉक स्तर पर सौंपा गया ज्ञापन—समस्याओं के समाधान को लेकर उठी आवाज”

राष्ट्रीय पंचायती राज ग्राम प्रधान संगठन, उत्तर प्रदेश के बैनर तले विकास खंड उसका बाजार में ग्राम प्रधानों की मासिक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक के उपरांत ग्राम प्रधानों ने पंचायत स्तर से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को लेकर संबंधित ब्लॉक अधिकारी को ज्ञापन सौंपा।

बैठक में प्रमुख मुद्दों पर चर्चा
बैठक के दौरान उपस्थित प्रधानों एवं पदाधिकारियों ने पंचायत संचालन में आ रही व्यावहारिक चुनौतियों, विकास कार्यों में आ रही बाधाओं तथा भुगतान से जुड़े लंबित मामलों पर विस्तार से चर्चा की।
प्रतिभागियों का कहना रहा कि योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए समन्वय और समयबद्ध प्रक्रिया आवश्यक है, जिससे गांव स्तर पर विकास कार्यों की गति बनी रहे।
मुख्य अतिथि व उपस्थिति
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. पवन मिश्रा उपस्थित रहे।
इसके साथ ही संगठन के विभिन्न पदाधिकारी एवं क्षेत्र के अनेक ग्राम प्रधान बैठक में शामिल हुए और क्रमवार अपने विचार रखे।
ज्ञापन सौंपने की प्रक्रिया
बैठक के बाद ग्राम प्रधानों ने संगठित रूप से आगे बढ़कर ब्लॉक स्तर के अधिकारी ओमप्रकाश गुप्ता को ज्ञापन सौंपा।
यह पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित तरीके से संपन्न हुई, जिसमें प्रधानों ने लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग प्रशासन तक पहुंचाई।
ज्ञापन में उठाए गए प्रमुख बिंदु
पंचायत चुनाव में विलंब की स्थिति में वैकल्पिक व्यवस्था पर विचार
मनरेगा एवं ग्राम निधि के लंबित भुगतान को प्राथमिकता से जारी करने का अनुरोध
पंचायत कार्यों में विभागीय समन्वय को मजबूत करने की आवश्यकता
विकास कार्यों में आ रही प्रक्रियात्मक बाधाओं के समाधान की अपेक्षा
योजनाओं के क्रियान्वयन में समयबद्धता सुनिश्चित करने पर जोर
व्यापक भागीदारी
कार्यक्रम में विकास खंड उसका बाजार के करीब 49 ग्राम प्रधानों की भागीदारी दर्ज की गई, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि मुद्दों को लेकर स्थानीय स्तर पर सक्रियता बनी हुई है।
निष्कर्ष
ग्राम प्रधानों द्वारा उठाए गए मुद्दों को प्रशासन के समक्ष सुव्यवस्थित रूप से रखा गया है। शासन की मंशा के अनुरूप समाधान की दिशा में आगे की कार्रवाई अपेक्षित मानी जा रही है।
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प्रधानों का दर्द छलका, लंबित भुगतान पर उठी आवाज – समाधान न हुआ तो आंदोलन की चेतावनी

शोहरतगढ़, सिद्धार्थनगर (संवाददाता):
शोहरतगढ़ ब्लॉक परिसर में शुक्रवार को राष्ट्रीय पंचायती राज ग्राम प्रधान संगठन, उत्तर प्रदेश के बैनर तले आयोजित मासिक बैठक में ग्राम प्रधानों की समस्याएं खुलकर सामने आईं। बैठक में विकास कार्यों के लंबित भुगतान, अधिकारों से जुड़े मुद्दों और कार्यकाल विस्तार की मांग को लेकर प्रधानों ने एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद की।
बैठक के दौरान संगठन पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन खंड विकास अधिकारी को सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई कि ग्राम पंचायतों में लंबित भुगतानों को शीघ्र जारी किया जाए, ताकि ग्रामीण विकास कार्य बाधित न हों और योजनाओं का लाभ समय पर जनता तक पहुंच सके।
संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष ताकीब रिज़वी ने कहा कि ग्राम प्रधानों ने बीते वर्षों में सरकार की योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है। ऐसे में विकास कार्यों की निरंतरता बनाए रखने के लिए उनके कार्यकाल विस्तार जैसे विषयों पर भी विचार किया जाना आवश्यक है।

वहीं, संगठन के जिलाध्यक्ष डॉ. पवन मिश्रा ने जनपद में लंबित भुगतानों को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि कई ग्राम पंचायतों में 15 से 20 लाख रुपये तक का भुगतान लंबित है, जिससे विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं और ग्राम पंचायतों की आर्थिक स्थिति पर दबाव बढ़ रहा है। साथ ही मनरेगा के तहत भी भुगतान लंबित होने से मजदूरों को समय पर मजदूरी नहीं मिल पा रही है।
डॉ. मिश्रा ने कहा कि यदि समस्याओं का समयबद्ध समाधान नहीं हुआ, तो संगठन को आगे की रणनीति बनानी पड़ेगी। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि संगठन लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात शासन तक पहुंचाने के पक्ष में है।

प्रशासनिक पक्ष
वहीं, प्रशासनिक स्तर पर ग्रामीण विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार, बजट प्रक्रिया और तकनीकी औपचारिकताओं के तहत भुगतान जारी करने की कार्रवाई चरणबद्ध तरीके से की जाती है, ताकि योजनाओं का लाभ सही ढंग से पात्रों तक पहुंचे।

निष्कर्ष
ग्राम प्रधानों की यह बैठक एक ओर जहां जमीनी स्तर की समस्याओं को उजागर करती है, वहीं प्रशासन और शासन के समन्वय से समाधान की आवश्यकता को भी रेखांकित करती है। अब देखना होगा कि इन मांगों पर क्या निर्णय लिया जाता है, जिससे ग्रामीण विकास की गति बनी रहे और पंचायतों की भूमिका और मजबूत हो सके।
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हेलमेट नहीं तो पेट्रोल नहीं: सिद्धार्थनगर में जिलाधिकारी का सख्त आदेश जारी
सिद्धार्थनगर, 24 अप्रैल 2024। जनपद में पेट्रोल के दुरुपयोग और अवैध गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए प्रशासन ने बड़ा और सख्त कदम उठाया है। देर रात पेट्रोल पंपों पर बिना हेलमेट और बिना ड्राइविंग लाइसेंस के बार-बार पहुंचकर पेट्रोल लेने और उसकी तस्करी करने की शिकायतों के बाद अब प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है।
“हेलमेट नहीं तो ईंधन नहीं” नियम लागू
प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि अब बिना हेलमेट आए किसी भी दोपहिया वाहन चालक को पेट्रोल नहीं दिया जाएगा। सभी पेट्रोल पंप संचालकों को इस नियम का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।
ड्राइविंग लाइसेंस की होगी जांच
पेट्रोल पंपों पर आने वाले वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस की यादृच्छिक जांच भी की जाएगी। इससे बिना लाइसेंस वाहन चलाने वालों और अनियमितताओं पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा।
सीमावर्ती क्षेत्रों में बढ़ी चौकसी
बलरामपुर और नेपाल सीमा से सटे पेट्रोल पंपों पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। इन क्षेत्रों में बाहरी ग्राहकों की आवाजाही को देखते हुए अतिरिक्त निगरानी और जरूरत पड़ने पर पुलिस बल की तैनाती भी सुनिश्चित की जाएगी।
पुलिस-प्रशासन रहेगा अलर्ट
सभी क्षेत्राधिकारी (CO) और थाना प्रभारी (SHO/SO) को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित गश्त और निरीक्षण के आदेश दिए गए हैं। साथ ही, प्रशासन, आपूर्ति विभाग और पेट्रोल पंप संचालकों के बीच बेहतर समन्वय बनाकर कार्रवाई करने पर जोर दिया गया है।
ईंधन की उपलब्धता पर प्रशासन का दावा
प्रशासन ने साफ किया है कि जनपद में पेट्रोल की आपूर्ति पर्याप्त है। इसलिए जरूरी है कि इसका उपयोग केवल वास्तविक जरूरतमंदों तक ही सीमित रहे और किसी भी तरह के दुरुपयोग या तस्करी पर सख्ती से रोक लगाई जाए।
कड़ा संदेश: अब नहीं चलेगी मनमानी
प्रशासन के इस फैसले से साफ संकेत मिल गया है कि अब नियमों की अनदेखी करने वालों पर सख्त कार्रवाई तय है। आम जनता से भी अपील की गई है कि नियमों का पालन करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत प्रशासन को दें।
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हेलमेट नहीं तो ईंधन नहीं: डीएम का सख्त आदेश, दुरुपयोग पर कड़ी रोक
सिद्धार्थनगर | 24 अप्रैल 2024
जनपद में ईंधन के संभावित दुरुपयोग और संदिग्ध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए जिलाधिकारी द्वारा सख्त और सराहनीय कदम उठाया गया है। प्रशासन को प्राप्त सूचनाओं के आधार पर अब “हेलमेट नहीं तो ईंधन नहीं” नियम को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।

निर्देशों के अनुसार सभी पेट्रोल पंप संचालकों को स्पष्ट रूप से कहा गया है कि बिना हेलमेट आए दोपहिया चालकों को पेट्रोल या डीजल न दिया जाए। साथ ही वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस की यादृच्छिक जांच भी अनिवार्य की गई है, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके।
सीमावर्ती क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं, खासकर बलरामपुर जनपद और अंतरराष्ट्रीय सीमा से जुड़े नेपाल को ध्यान में रखते हुए। इन क्षेत्रों में अतिरिक्त निगरानी और आवश्यकतानुसार पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी।
सभी क्षेत्राधिकारी (CO) एवं थाना प्रभारी (SHO/SO) को नियमित गश्त और सघन निरीक्षण के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही प्रशासन, आपूर्ति विभाग और पेट्रोल पंप संचालकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनपद में ईंधन की आपूर्ति पर्याप्त है, लेकिन इसका उपयोग केवल वास्तविक जरूरतमंदों तक सीमित रहना चाहिए। किसी भी प्रकार के दुरुपयोग या अवैध गतिविधि पर अब सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यह खबर प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचना पर आधारित है और जनहित में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से प्रकाशित की गई है।
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ग्राम चौपाल में गूंजा विकास का स्वर, मौके पर समाधान की पहल तेज
नौगढ़, सिद्धार्थनगर | 24 अप्रैल 2026 (शुक्रवार)
शासन की प्राथमिकताओं को धरातल पर उतारते हुए विकासखंड नौगढ़ के ग्राम पंचायत वर्डपुर नंबर 14 में शुक्रवार को “ग्राम पंचायत चौपाल – गांव की समस्या, गांव में समाधान” कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। इस चौपाल में ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए उनके त्वरित समाधान की दिशा में प्रभावी पहल की गई।
कार्यक्रम का संचालन प्रशासनिक दिशा-निर्देशन में किया गया, जिसमें जिलाधिकारी शिव शरण अप्पा जी एन, जिला मुखय विकास अधिकारी बलराम सिंह, खंड विकास अधिकारी सर्वेश मोहन एवं सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) संजय पांडेय की महत्वपूर्ण भूमिका रही।


चौपाल में ग्राम पंचायत अधिकारी विमल कांत, ग्राम प्रधान अमिरुल्ला, पंचायत सहायक संदीप कुमार, रोजगार सेवक राजीव कुमार और सफाई कर्मी राममिलन सहित अन्य कर्मियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। अधिकारियों ने ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और मौके पर ही समाधान की प्रक्रिया शुरू कराई।
ग्रामीणों की भागीदारी बनी कार्यक्रम की ताकत
कार्यक्रम में शहजाद अली शाह, राममिलन, इमरान, शहाबुद्दीन, मोहम्मद इब्राहिम, उषा कोहली, एजबरमाती, शोभा और राधिका सहित कई ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।
ग्रामीणों ने सड़क, सफाई, आवास और रोजगार से जुड़ी समस्याएं रखीं, जिन पर संबंधित विभागों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

शासन की मंशा को मिल रही मजबूती
“गांव की समस्या, गांव में समाधान” की अवधारणा को जमीनी स्तर पर लागू करने का यह प्रयास ग्रामीणों के लिए राहतकारी साबित हो रहा है।
चौपाल के माध्यम से ग्रामीणों को अपने ही गांव में अधिकारियों तक पहुंच और समाधान का अवसर मिल रहा है, जिससे पारदर्शिता और प्रशासन पर विश्वास लगातार मजबूत हो रहा है।
निष्कर्ष
ग्राम पंचायत चौपाल ने एक बार फिर साबित किया कि योजनाओं को सही दिशा और प्रभावी क्रियान्वयन मिले तो ग्रामीण विकास में ठोस बदलाव संभव है। स्थानीय टीम की सक्रियता और ग्रामीणों की सहभागिता ने इस पहल को सफल और सार्थक बना दिया।
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वैशाख शुक्ल अष्टमी पर माँ बगलामुखी प्राकट्योत्सव आज, सिद्धार्थनगर में भव्य भजन-कीर्तन का आयोजन
जय माई की फाउंडेशन द्वारा विशेष कार्यक्रम, श्रद्धालुओं से सहभागिता की अपील
सिद्धार्थनगर, 24 अप्रैल 2026।
आज वैशाख शुक्ल पक्ष की अष्टमी के पावन अवसर पर माँ बगलामुखी (पीतांबरा माई) का प्राकट्योत्सव श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जा रहा है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन माँ बगलामुखी का प्राकट्य हुआ था, जिन्होंने सृष्टि में उत्पन्न असंतुलन को समाप्त कर ग्रहों और देवताओं के कार्यों को पुनः व्यवस्थित किया।
पौराणिक कथाओं के अनुसार, सतयुग में जब ग्रहों की स्थिति असंतुलित हो गई थी और सृष्टि संकट में पड़ गई थी, तब भगवान विष्णु ने माँ त्रिपुर सुंदरी ललिता का ध्यान किया। उनकी कृपा से माँ बगलामुखी प्रकट हुईं और उन्होंने समस्त ग्रहों को संतुलित कर सृष्टि में पुनः व्यवस्था स्थापित की।
धार्मिक मान्यता है कि माँ बगलामुखी की आराधना से ग्रह दोष शांत होते हैं और जीवन में आने वाली बाधाएँ दूर होती हैं। विशेष रूप से जिनकी ग्रह दशा प्रतिकूल होती है, उनके लिए माँ पीतांबरा की पूजा अत्यंत फलदायी मानी जाती है।
इसी पावन अवसर पर जनपद सिद्धार्थनगर मुख्यालय स्थित शहर में जय माई की फाउंडेशन द्वारा एक भव्य धार्मिक आयोजन का आयोजन किया गया है। कार्यक्रम के अंतर्गत आज अपराह्न 2:00 बजे से भजन-कीर्तन प्रारंभ होगा, जो माँ की इच्छा तक जारी रहेगा।
श्रद्धालुओं के लिए सायं 5:00 बजे से प्रसाद वितरण का भी आयोजन किया गया है। आयोजकों ने सभी भक्तों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर माँ का आशीर्वाद प्राप्त करें और धार्मिक आयोजन में सहभागी बनें।
कार्यक्रम विवरण:
दिनांक: 24 अप्रैल 2026
समय: अपराह्न 2:00 बजे से (माँ की इच्छा तक)
प्रसाद: सायं 5:00 बजे से
स्थान: 01, लक्ष्मी विहार, मोहल्ला इंदिरा नगर, पोस्ट तेतरी बाजार, सिद्धार्थनगर
लेखक / साधक: विनय कांत मिश्र (पुत्र पीतांबरा माई, हस्तरेखा विशेषज्ञ)
आयोजक: डॉ. सीमा मिश्रा अध्यक्ष, जय माई की फाउंडेशन जनपद सिद्धार्थनगर
आमंत्रण संदेश:
आप सभी श्रद्धालुओं से निवेदन है कि इस पावन अवसर पर उपस्थित होकर माँ बगलामुखी का आशीर्वाद प्राप्त करें और प्रसाद ग्रहण करें।
