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“आंधी का कहर: पेड़ बना मौत का कारण, महिला की मौके पर दर्दनाक मौत”
आंधी बनी काल: पेड़ गिरने से महिला की दर्दनाक मौत
जोगिया क्षेत्र में मौसम का कहर, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
सिद्धार्थनगर। जनपद में आए तेज आंधी और बारिश के बीच एक दर्दनाक हादसे में जोगिया क्षेत्र के फूलपुर गांव की एक 40 वर्षीय महिला की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि तेज हवाओं के दौरान अचानक एक पेड़ गिर पड़ा, जिसकी चपेट में आने से महिला गंभीर रूप से घायल हो गई।
स्थानीय लोगों के अनुसार, घटना इतनी अचानक हुई कि महिला को संभलने का मौका तक नहीं मिला। आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल सहायता का प्रयास किया, लेकिन महिला ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
घटना के बाद गांव में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे क्षेत्र में मातम का माहौल है। सूचना मिलने पर स्थानीय प्रशासन एवं संबंधित विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और आवश्यक जानकारी जुटाई।
मौसम के बदले मिजाज के बीच हुई इस घटना ने एक बार फिर लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की जरूरत का एहसास कराया है। ग्रामीणों का कहना है कि तेज आंधी और बारिश के समय बड़े पेड़ों एवं जर्जर संरचनाओं के आसपास विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
फिलहाल प्रशासन द्वारा आवश्यक कार्रवाई की जा रही है और घटना से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटाई जा रही है।
🔹 स्थान: फूलपुर गांव, जोगिया क्षेत्र
🔹 घटना: पेड़ गिरने से महिला की मौत
🔹 मृतका की आयु: लगभग 40 वर्ष
🔹 कारण: तेज आंधी और खराब मौसम के बीच हादसा
🔹 स्थिति: गांव में शोक का माहौल
सारांश सिद्धार्थनगर के जोगिया क्षेत्र स्थित फूलपुर गांव में तेज आंधी के दौरान पेड़ गिरने से एक 40 वर्षीय महिला की दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद परिवार और गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।
“तेज आंधी में टूटी जिंदगी की डोर, पेड़ गिरने से महिला की मौत”
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“एक बारिश में उजागर हुई तैयारी की हकीकत, खंभे गिरे और जलभराव से थमा जनजीवन”
आंधी-बारिश ने खोली व्यवस्थाओं की पोल, बिजली के खंभे गिरे, जलभराव से जनजीवन अस्त-व्यस्त
सिद्धार्थनगर में मौसम की मार, कई इलाकों में बिजली और जलनिकासी व्यवस्था पर उठे सवाल
सिद्धार्थनगर। जनपद में हुई तेज आंधी और बारिश ने एक बार फिर बुनियादी व्यवस्थाओं की परीक्षा ले ली। कई स्थानों पर बिजली के खंभे गिरने, तार टूटने और जलभराव की स्थिति उत्पन्न होने से आम जनजीवन प्रभावित हुआ। लोगों को घरों में दुबकने पर मजबूर होना पड़ा, जबकि कई इलाकों में घंटों तक आवागमन बाधित रहा।
शहर के शास्त्री नगर वार्ड में तेज हवा के दौरान एक बिजली का खंभा उखड़कर गिर गया। स्थानीय लोगों के अनुसार, घटना के समय आसपास कई लोग मौजूद थे, लेकिन संयोगवश कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। खंभा गिरने से क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति प्रभावित हो गई।
इसी प्रकार बांसी कस्बे के प्रतापनगर क्षेत्र में भी एक बिजली का खंभा गिरने की सूचना है। खंभा गिरने से विद्युत तार क्षतिग्रस्त हो गए, जिसके चलते स्थानीय लोगों को बिजली संकट का सामना करना पड़ा। नागरिकों ने आशंका जताई कि यदि शीघ्र मरम्मत नहीं हुई तो भीषण गर्मी में परेशानी और बढ़ सकती है।
उधर, उस्का बाजार क्षेत्र में हुई बारिश ने जलनिकासी व्यवस्था को लेकर भी कई सवाल खड़े कर दिए। कई मोहल्लों और मार्गों पर जलभराव की स्थिति बन गई। कुछ स्थानों पर पानी सड़कों से होते हुए रिहायशी इलाकों तक पहुंच गया, जिससे लोगों को दैनिक कार्यों में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बरसात शुरू होने से पहले नालों और जलनिकासी तंत्र की समुचित सफाई एवं रखरखाव किया जाना चाहिए, ताकि हर वर्ष उत्पन्न होने वाली ऐसी समस्याओं से राहत मिल सके।
हालांकि संबंधित विभागों की ओर से विद्युत आपूर्ति बहाल करने और जलभराव की समस्या दूर करने के प्रयास किए जा रहे हैं। लेकिन यह घटना एक बार फिर इस आवश्यकता को रेखांकित करती है कि मानसून से पहले बुनियादी ढांचे की व्यापक समीक्षा और तैयारी सुनिश्चित की जाए।
(नोट: यह समाचार स्थानीय स्तर पर प्राप्त जानकारी और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों पर आधारित है। संबंधित विभागों की आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त होने पर समाचार को अद्यतन किया जा सकता है।)
🔹 शास्त्री नगर: तेज हवा में बिजली का खंभा गिरा
🔹 बांसी: पोल गिरने से तार क्षतिग्रस्त, बिजली प्रभावित
🔹 उस्का बाजार: कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति
🔹 राहत: किसी बड़ी जनहानि की सूचना नहीं
🔹 मांग: जलनिकासी और बिजली व्यवस्था की समीक्षा
इनसेट
“एक बारिश और कई सवाल”
क्या मानसून से पहले सुरक्षा ऑडिट हुआ?
क्या जर्जर बिजली खंभों की पहचान की गई थी?
जलनिकासी व्यवस्था की तैयारी कितनी प्रभावी है?
क्या संवेदनशील क्षेत्रों का पूर्व निरीक्षण हुआ था?
सारांश
सिद्धार्थनगर में तेज आंधी और बारिश के बाद कई क्षेत्रों में बिजली के खंभे गिरने तथा जलभराव की स्थिति सामने आई है। शास्त्री नगर और बांसी में बिजली व्यवस्था प्रभावित हुई, जबकि उस्का बाजार में सड़कों और रिहायशी क्षेत्रों में पानी भर गया। जनहानि की सूचना नहीं है, लेकिन घटना ने बुनियादी व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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घोरही नदी में नहाने गए दो बालक डूबे, 7 वर्षीय मासूम की मौत, एक की हालत गंभीर
शोहरतगढ़ क्षेत्र में दर्दनाक हादसा, गांव में पसरा मातम
शोहरतगढ़, सिद्धार्थनगर। ढेबरुआ थाना क्षेत्र के पिपरा गांव के निकट शनिवार को एक दर्दनाक हादसे में एक मासूम बालक की मौत हो गई, जबकि दूसरा किशोर गंभीर हालत में उपचाराधीन है। घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, भीषण गर्मी के बीच दो बालक गांव के पास बहने वाली घोरही नदी में स्नान करने गए थे। नहाने के दौरान दोनों गहरे पानी की ओर चले गए और डूबने लगे। आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया और काफी मशक्कत के बाद दोनों को नदी से बाहर निकाला।
स्थानीय लोगों की मदद से दोनों बच्चों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बढ़नी पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने एक बालक को मृत घोषित कर दिया। वहीं दूसरे किशोर की हालत गंभीर देखते हुए उसे बेहतर उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया।
बताया जाता है कि गंभीर रूप से घायल किशोर अपने ननिहाल आया हुआ था और अपने रिश्तेदार के साथ नदी में स्नान करने गया था। घटना की सूचना मिलते ही दोनों परिवारों में कोहराम मच गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण अस्पताल पहुंच गए।
सूचना पर राजस्व विभाग और पुलिस टीम भी मौके पर पहुंची। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई। परिजनों द्वारा पोस्टमार्टम न कराने की इच्छा जताए जाने के बाद नियमानुसार कार्रवाई करते हुए शव परिजनों को सौंप दिया गया।
इस दुखद घटना के बाद क्षेत्र में शोक की लहर है। स्थानीय लोगों ने अभिभावकों से बच्चों को नदी, तालाब और गहरे जलाशयों के आसपास बिना निगरानी के न जाने देने की अपील की है।
घटना: घोरही नदी में नहाते समय दो बालक डूबे
स्थान: पिपरा गांव, ढेबरुआ थाना क्षेत्र, सिद्धार्थनगर
मृतक: 7 वर्षीय बालक
घायल: एक किशोर गंभीर, मेडिकल कॉलेज में उपचार जारी
कार्रवाई: पुलिस व राजस्व टीम ने पूरी की आवश्यक कानूनी प्रक्रिया
स्थिति: गांव में शोक का माहौल
सारांश
सिद्धार्थनगर के पिपरा गांव के पास घोरही नदी में नहाने गए दो बालक गहरे पानी में डूब गए। ग्रामीणों ने दोनों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया, जहां एक मासूम को मृत घोषित कर दिया गया जबकि दूसरे किशोर का उपचार जारी है। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक व्याप्त है।
“घोरही नदी में दर्दनाक हादसा, मासूम की मौत से गांव में मातम”
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तीन बड़ी चोरियां, खुलासे का इंतजार: पुलिस की कार्यशैली पर उठ रहे सवाल
मोहाना क्षेत्र में लगातार चोरी की वारदातों से बढ़ी चिंता
बड़ूपुर/मोहाना। क्षेत्र में बीते कुछ सप्ताह के भीतर हुई चोरी की कई घटनाओं ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। अलग-अलग स्थानों पर हुई इन वारदातों में आभूषण, नकदी और अन्य कीमती सामान चोरी होने की शिकायतें सामने आई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि घटनाओं के बाद पुलिस जांच तो कर रही है, लेकिन अभी तक किसी मामले का खुलासा नहीं हो सका है।
जानकारी के अनुसार, एक ज्वेलरी दुकान से आभूषण चोरी होने की घटना के अलावा विद्यालय परिसर से गैस सिलेंडर गायब होने तथा एक घर में ताला तोड़कर लाखों रुपये के जेवर और नकदी ले जाने जैसी घटनाएं सामने आई हैं। इन मामलों में पीड़ितों द्वारा पुलिस को सूचना भी दी गई है।
सूत्रों के मुताबिक कुछ घटनाओं में सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले गए हैं, लेकिन अब तक संदिग्धों की पहचान और गिरफ्तारी को लेकर कोई ठोस सफलता सामने नहीं आई है। लगातार हो रही चोरियों के कारण क्षेत्र के व्यापारियों और ग्रामीणों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी मामलों की जांच जारी है। तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर संदिग्धों की तलाश की जा रही है तथा जल्द ही मामलों के खुलासे की उम्मीद है।
क्षेत्र में अलग-अलग स्थानों पर चोरी की कई घटनाएं।
ज्वेलरी, नकदी और अन्य सामान पर चोरों का हाथ साफ।
सीसीटीवी जांच के बावजूद अभी तक नहीं हुआ खुलासा।
स्थानीय लोगों ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग उठाई।
पुलिस ने जल्द खुलासे का भरोसा दिलाया।
संक्षिप्त सारांश
मोहाना थाना क्षेत्र में हुई लगातार चोरी की घटनाओं ने पुलिस की चुनौतियां बढ़ा दी हैं। कई मामलों में जांच जारी है, लेकिन अभी तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। क्षेत्रीय जनता अब जल्द कार्रवाई और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत किए जाने की मांग कर रही है।
यह खबर उपलब्ध तथ्यों के आधार पर स्वतंत्र रूप से पुनर्लेखित की गई है। समाचार में आरोपों को आरोप/शिकायत के रूप में ही प्रस्तुत किया गया है और जांच के अंतिम निष्कर्ष का इंतजार है।
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240 किमी रेल परियोजना से बदलेगी पूर्वांचल की तस्वीर, वत्सा स्टेशन का सांसद जगदंबिका पाल ने किया निरीक्षण

वत्सा/खेसरहा, सिद्धार्थनगर। पूर्वांचल और तराई क्षेत्र के विकास को नई रफ्तार देने वाली संतकबीरनगर–बहराइच नई रेल लाइन परियोजना के तहत निर्माणाधीन वत्सा रेलवे स्टेशन का सांसद जगदंबिका पाल ने स्थलीय निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों को गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ कार्य पूरा करने के निर्देश दिए!

सांसद ने रेलवे अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधियों से परियोजना की विस्तृत जानकारी प्राप्त करते हुए कहा कि यह केवल एक रेल परियोजना नहीं, बल्कि क्षेत्र की आर्थिक और सामाजिक उन्नति का आधार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप पूरे किए जाएं।

इसके बाद आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए सांसद जगदंबिका पाल ने कहा कि लगभग 240 किलोमीटर लंबी संतकबीरनगर से बहराइच तक की नई रेल लाइन पूर्वांचल के विकास की नई इबारत लिखेगी। इस परियोजना से किसानों, व्यापारियों, युवाओं और आम नागरिकों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा तथा रोजगार और व्यापार के नए अवसर सृजित होंगे।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकसित भारत के लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा है और यह महत्वाकांक्षी रेल परियोजना उसी संकल्प का सशक्त उदाहरण है। सांसद ने दावा किया कि डुमरियागंज संसदीय क्षेत्र में सड़क, रेल, शिक्षा, स्वास्थ्य और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य हुए हैं, जिनका लाभ आमजन तक पहुंच रहा है।

उन्होंने विश्वास जताया कि वत्सा रेलवे स्टेशन और नई रेल लाइन का निर्माण पूरा होने के बाद क्षेत्र की कनेक्टिविटी मजबूत होगी तथा विकास को नई दिशा और नई गति मिलेगी।
परियोजना की बड़ी बातें
▪ 240 किमी लंबी संतकबीरनगर–बहराइच नई रेल लाइन।
▪ वत्सा रेलवे स्टेशन निर्माण कार्य का निरीक्षण।
▪ गुणवत्ता और समयबद्धता पर सांसद ने दिया जोर।
▪ किसानों, व्यापारियों और युवाओं को मिलेगा लाभ।
▪ पूर्वांचल और तराई क्षेत्र के विकास को मिलेगी नई गति।
सारांश
सांसद जगदंबिका पाल ने वत्सा में निर्माणाधीन रेलवे स्टेशन और नई रेल लाइन परियोजना का निरीक्षण कर अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 240 किलोमीटर लंबी यह रेल परियोजना पूर्वांचल के आर्थिक, सामाजिक और व्यावसायिक विकास की मजबूत आधारशिला साबित होगी।
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किसानों की तरक्की का नया रास्ता, मेगा कृषि ऋण अभियान से गांवों में विकास की उम्मीद जगी

सिद्धार्थनगर। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने और किसानों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया द्वारा विकासखंड नौगढ़ सभागार में आयोजित मेगा कृषि ऋण आउटरीच कार्यक्रम किसानों के लिए उम्मीदों का नया द्वार साबित हुआ। “बीज से बाजार तक – समृद्ध किसान, मजबूत भारत” थीम पर आयोजित इस कार्यक्रम में बैंकिंग सेवाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने और कृषि आधारित रोजगार को बढ़ावा देने का संकल्प दिखाई दिया।

कार्यक्रम में बैंक अधिकारियों ने किसानों, स्वयं सहायता समूहों तथा ग्रामीण उद्यमियों को विभिन्न ऋण योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि आधुनिक खेती, कृषि प्रसंस्करण इकाइयों, कोल्ड स्टोरेज, स्वर्ण ऋण एवं स्वरोजगार योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को नई गति दी जा सकती है। अधिकारियों ने किसानों को बैंकिंग योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।

क्षेत्रीय प्रमुख अयोध्या क्षेत्रीय कार्यालय अमरीश दुबे ने कहा कि कृषि और ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देना बैंक की प्राथमिकताओं में शामिल है। वहीं अन्य अधिकारियों ने भी किसानों को योजनाओं की पात्रता, प्रक्रिया और लाभों की विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम में उपस्थित किसानों ने ऋण सुविधाओं एवं कृषि निवेश से संबंधित कई महत्वपूर्ण प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञ अधिकारियों द्वारा समाधान किया गया।

ग्रामीण विकास और किसान कल्याण को समर्पित इस पहल ने बैंक और किसानों के बीच विश्वास का मजबूत सेतु तैयार किया। कार्यक्रम ने यह संदेश भी दिया कि यदि किसान आधुनिक संसाधनों और संस्थागत वित्तीय सहायता से जुड़ें तो खेती को लाभकारी व्यवसाय में बदला जा सकता है। क्षेत्र के किसानों ने इस आयोजन को उपयोगी, प्रेरणादायक और भविष्य के लिए लाभदायक बताया।
किसानों के लिए खुली तरक्की की राह
▪ मेगा कृषि ऋण आउटरीच कार्यक्रम का आयोजन।
▪ कृषि एवं स्वरोजगार योजनाओं की दी गई जानकारी।
▪ स्वयं सहायता समूहों को भी मिला विशेष मार्गदर्शन।
▪ बैंक अधिकारियों ने ऋण संबंधी शंकाओं का किया समाधान।
▪ कृषि निवेश और ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देने पर जोर।
सारांश
नौगढ़ में आयोजित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के मेगा कृषि ऋण आउटरीच कार्यक्रम ने किसानों को बैंकिंग योजनाओं से जोड़ने का प्रभावी प्रयास किया। कृषि, स्वरोजगार और ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देने वाले इस आयोजन ने किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास की दिशा में एक सराहनीय पहल का संदेश दिया।
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सूर्य चौहान की निर्मम हत्या के दोषियों एवं षड्यंत्रकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा गया
आज अंतर्राष्ट्रीय हिंदू परिषद एवं राष्ट्रीय बजरंग दल, सिद्धार्थनगर जिला इकाई द्वारा माननीय मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार को गाजियाबाद में हुई सूर्य चौहान की निर्मम हत्या के दोषियों एवं षड्यंत्रकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा गया।
इस अवसर पर संगठन के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर घटना की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों को शीघ्र गिरफ्तार कर कठोरतम दंड दिए जाने की मांग की। ज्ञापन के माध्यम से प्रदेश सरकार से निष्पक्ष एवं त्वरित जांच कर अपराध में संलिप्त सभी व्यक्तियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने का अनुरोध किया गया।
कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ, जिसमें संगठन के अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। प्रमुख रूप से श्री विशाल प्रताप सिंह जी (विभाग महामंत्री), श्री आशुतोष श्रीवास्तव जी (जिला महामंत्री), श्री ऋषभ सिंह जी, श्री दीपक पाल जी (प्रखंड मंत्री), विशाल प्रताप सिंह जी (अधिवक्ता),अभय तिवारी जी (अधिवक्ता) ,भानु प्रताप जी (अधिवक्ता) ,प्रियांशु गुप्ता जी (अधिवक्ता) ,अखिलेश शर्मा जी (अधिवक्ता) ,सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने सहभागिता की तथा संगठन के संकल्प को मजबूत करने का कार्य किया।
उपस्थित सभी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने समाज में न्याय, सुरक्षा एवं कानून के प्रति विश्वास बनाए रखने हेतु संगठन की प्रतिबद्धता दोहराई तथा भविष्य में भी जनहित एवं राष्ट्रहित के मुद्दों पर सक्रिय रहने का संकल्प लिया।
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“गंगा दशहरा पर गूंजा सनातन का स्वर, राम जानकी मंदिर में उमड़ी आस्था”
गंगा दशहरा पर आस्था का संगम, सनातन संस्कृति के संरक्षण का लिया संकल्प
धर्म, सेवा और सामाजिक समरसता का संदेश लेकर निकला हिंदू परिषद का आयोजन

गंगा दशहरा के पावन पर्व पर शोहरतगढ़ के राम जानकी मंदिर में अखिल भारतीय हिंदू परिषद द्वारा भव्य धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रदेश अध्यक्ष क्षत्रिलाल सिंह के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर राष्ट्र एवं जनकल्याण की कामना की। वक्ताओं ने सनातन संस्कृति, सामाजिक समरसता और सेवा भाव को समाज की सबसे बड़ी शक्ति बताया।

सिद्धार्थनगर, 06 जून।
“गंगा दशहरा पर गूंजा सनातन का स्वर, राम जानकी मंदिर में उमड़ी आस्था” पर शोहरतगढ़ नगर स्थित राम जानकी मंदिर परिसर श्रद्धा, भक्ति और सनातन संस्कृति के जयघोष से गूंज उठा। अखिल भारतीय हिंदू परिषद द्वारा आयोजित धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने भाग लेकर धर्म और राष्ट्रसेवा के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की।
परिषद के प्रदेश अध्यक्ष क्षत्रिलाल सिंह के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में विशेष पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन तथा प्रसाद वितरण का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने मां गंगा के प्रति श्रद्धा अर्पित करते हुए जनकल्याण, राष्ट्र की समृद्धि और सामाजिक सद्भाव की कामना की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि गंगा दशहरा केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, सेवा, स्वच्छता और सामाजिक समरसता का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने कहा कि सनातन परंपराएं समाज को जोड़ने और राष्ट्र को सशक्त बनाने का कार्य करती हैं।
प्रदेश अध्यक्ष क्षत्रिलाल सिंह ने कहा कि अखिल भारतीय हिंदू परिषद समाज में सांस्कृतिक जागरूकता, सेवा और राष्ट्रहित के कार्यों को निरंतर आगे बढ़ा रही है। उन्होंने संगठन के विस्तार और जनसेवा के संकल्प को दोहराते हुए युवाओं से भारतीय संस्कृति एवं मूल्यों के संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में प्रदेश उपाध्यक्ष शैलेन्द्र प्रताप सिंह, तहसील एवं नगर पदाधिकारियों सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और श्रद्धालु उपस्थित रहे। पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धा, अनुशासन और सामाजिक एकता का अनुपम वातावरण देखने को मिला।
बॉक्स खबर
🔹 राम जानकी मंदिर में मनाया गया गंगा दशहरा पर्व
🔹 अखिल भारतीय हिंदू परिषद के बैनर तले हुआ आयोजन
🔹 श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरण
🔹 राष्ट्र एवं जनकल्याण के लिए की गई विशेष प्रार्थना
🔹 सनातन संस्कृति और सामाजिक समरसता का दिया संदेश
🔹 बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं कार्यकर्ता रहे मौजूद
“
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हनुमान मंदिर से गूंजा स्वच्छता का संदेश, झाड़ू लेकर मैदान में उतरे सांसद व भाजपा कार्यकर्ता
“झाड़ू हाथ में, स्वच्छता का संकल्प साथ में; हनुमान मंदिर से भाजपा का बड़ा संदेश”
सिद्धार्थनगर, 06 जून।भारतीय जनता पार्टी द्वारा संचालित स्वच्छता एवं जनजागरूकता अभियान के अंतर्गत शनिवार को नगर स्थित हनुमान मंदिर परिसर में विशेष सफाई कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सांसद जगदंबिका पाल, जिला प्रभारी हरिचरण कुशवाहा, भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मौर्या तथा नगरपालिका अध्यक्ष गोविंद माधव के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने मंदिर परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों में व्यापक सफाई अभियान चलाया।

कार्यक्रम के दौरान जनप्रतिनिधियों एवं भाजपा कार्यकर्ताओं ने स्वयं झाड़ू लगाकर मंदिर परिसर की साफ-सफाई की, कूड़ा एकत्रित किया तथा आमजन को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया। अभियान के माध्यम से समाज को स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण बनाए रखने का संदेश दिया गया।

इस अवसर पर सांसद जगदंबिका पाल ने कहा कि स्वच्छता केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है। उन्होंने कहा कि जनभागीदारी से ही स्वच्छ और विकसित भारत का निर्माण संभव है तथा धार्मिक स्थलों की स्वच्छता समाज में सकारात्मक संदेश देने का कार्य करती है। उन्होंने सफाई कर्मियों को अंगवस्त्र भेंट कर उनके योगदान का सम्मान भी किया।

जिला प्रभारी हरिचरण कुशवाहा ने कहा कि स्वच्छ वातावरण बेहतर स्वास्थ्य के साथ-साथ नगर की पहचान और सुंदरता को भी सुदृढ़ करता है। भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मौर्या ने कार्यकर्ताओं से अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखने तथा नियमित रूप से ऐसे अभियानों में भागीदारी निभाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में महामंत्री फतेह बहादुर सिंह, फूलचंद, घनश्याम मिश्रा, रमेश मणि, अरविंद पांडेय, हनुमंत सिंह, राजाराम, जहीर, बलवंत सिंह, राजेश जायसवाल सहित भाजपा के जिला एवं मंडल पदाधिकारी, नगर के गणमान्य नागरिक तथा बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने स्वच्छता की शपथ लेते हुए अपने आसपास साफ-सफाई बनाए रखने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम ने प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत अभियान के प्रति जनसमर्थन और सामाजिक सहभागिता का सशक्त संदेश दिया।
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सांसद ने किया वृक्षारोपण
सिद्धार्थनगर। 5 जून 2026/विश्व पर्यावरण दिवस 2026 के अंतर्गत आज ग्राम पंचायत पलिया टेकधर विकास खंड नौगढ़ में मुख्य अतिथि मा0 सांसद डुमरियागंज श्री जगदंबिका पाल की अध्यक्षता एवं जिलाधिकारी श्री शिवशरणप्पा जी एन, पुलिस अधीक्षक डॉ0 अभिषेक महाजन, मुख्य विकास अधिकारी श्री बलराम सिंह, प्रभारी निदेशक सामाजिक वानिकी श्रीमती नीला एम की उपस्थिति में वृक्षारोपण का कार्यक्रम संपन्न हुआ।
मुख्य अतिथि मा0 सांसद डुमरियागंज श्री जगदंबिका पाल को जिलाधिकारी पुलिस अधीक्षक एवं डीएफओ द्वारा बुके देकर स्वागत किया गया। मुख्य अतिथि माननीय सांसद डुमरियागंज श्री जगदंबिका पाल में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर उपस्थित सभी का स्वागत करते हैं यह कहा कि माननीय प्रधानमंत्री जी की आवाहन पर एवं केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने पर आज यह पहला कार्यक्रम वृक्षारोपण के रूप में मनाया जा रहा है एक पेड़ मां के नाम सभी को लगाना है। माननीय मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश जी ने पूरे प्रदेश में आज एक साथ पांच करोड़ पौधारोपण करने का लक्ष्य निर्धारित किया है जिसके क्रम में आज जनपद सिद्धार्थनगर में 623000 पौधे लगाए जा रहे हैं। पर्यावरण आज असंतुलित हो रहा है दुनिया का तापमान लगातार बढ़ रहा है पर्यावरण बचाने का एक उपाय वृक्षारोपण है। पूरे विश्व की आबादी का भारत में 17ः लोग रहते हैं पानी का स्तर नीचे जा रहा है पानी का स्तर रोकने के लिए भी पेड़ लगाने की आवश्यकता है पेड़ों की जड़े पानी को रोकते हैं जल संरक्षण करें। माननीय सांसद डुमरियागंज में आज पर्यावरण दिवस के अवसर पर वन विभाग, जिलाधिकारी पूरे जिला प्रशासन को इस कार्यक्रम के सफल आयोजन हेतु बधाई दिया गया।
जिलाधिकारी श्री शिवशरणप्पा जी एन नई माने सांसद एवं अन्य सभी लोगों को विश्व पर्यावरण दिवस शुभकामनाएं दी। बच्चों द्वारा पर्यावरण के महत्व के बारे में बताया गया है। गर्मी का समाधान वृक्षारोपण से ही किया जा सकता है। आज जनपद में 6.23 लाख पौधे लगाए जा रहे हैं। सभी स्कूलों में भी पौधों पर किया जाएगा किसानों के साथ वार्ता कर उन्हें वृक्ष दिया जा रहा है मनरेगा से किसानों को मदद मिलेगा जनपद के सभी लोग एक पेड़ मां के नाम अवश्य लगे इससे पर्यावरण में सुधार होगा। मा0 सांसद डुमरियागंज श्री जगदम्बिका पाल द्वारा सभी लोगो को पर्यावरण दिवस पर संकल्प दिलाया गया।
इसके पश्चात मा0 सांसद डुमरियागंज श्री जगदंबिका पाल, जिलाधिकारी श्री शिवशरणप्पा जी एन, पुलिस अधीक्षक डॉ0 अभिषेक महाजन, मुख्य विकास अधिकारी श्री बलराम सिंह, प्रभारी निदेशक सामाजिक वानिकी श्रीमती नीला एम एवं अन्य मा0 जनप्रतिनिधिगण एवं अधिकारियों द्वारा पौधरोपड़ किया गया।
इस अवसर पर उपरोक्त पी डी नागेंद्र मोहन राम त्रिपाठी, जिला विकास अधिकारी राजमणि वर्मा, डीसी मनरेगा संदीप सिंह, डीसी एनआरएलएम देवनंदन दुबे, जिला विद्यालय निरीक्षक अरुण कुमार, एसडीओ वन विभाग बीना तिवारी क्यों अपने संबंधित अधिकारी कर्मचारी स्काउट गाइड एवं स्कूल के बच्चे आदि उपस्थित थे।
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जिला न्यायालय में पर्यावरण दिवस पर हुआ वृहद आयोजन
सिद्धार्थ नगर। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आज दिनांक 05 जून 2026 को जनपद न्यायालय सिद्धार्थनगर परिसर में जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण एवं पृथ्वी संरक्षण के उद्देश्य से वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन माननीय प्रभारी जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सिद्धार्थनगर श्री त्रिभुवन नाथ, माननीय पीठासीन अधिकारी मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण सिद्धार्थनगर श्री अरविन्द कुमार राय एवं माननीय प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय सिद्धार्थनगर श्री अखिलेश कुमार पाण्डेय की गरिमामयी उपस्थिति में किया गया।
उक्त अवसर पर श्री परवेज अहमद अध्यक्ष स्थायी लोक अदालत, श्री बीरेन्द्र कुमार अपर जनपद एवं सत्र न्यायाधीश पाक्सो एक्ट, श्री कनिष्क कुमार सिंह अपर जनपद न्यायाधीश एफ०टी०सी० प्रथम, श्री अनुभव कटियार मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, श्री वकील सिविल जज सी०डि०/एफ०टी०सी०/प्रभारी सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, श्री शिवेन्द्र शर्मा अपर सिविल जज जू०डि० कक्ष संख्या 2, श्री जयशंकर प्रसाद मिश्र सदस्य स्थायी लोक अदालत, श्री कृष्ण कुमार चतुर्वेदी सदस्य स्थायी लोक अदालत, श्री सुशील कुमार क्षेत्रीय वन अधिकारी खेसरहा तथा जनपद न्यायालय सिद्धार्थनगर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कर्मचारीगण व आमजनमानस उपस्थित रहें।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संतुलन बनाए रखने, जल संसाधनों के संरक्षण तथा भावी पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं हरित वातावरण सुनिश्चित करने के प्रति जन-जागरुकता उत्पन्न करना रहा। कार्यक्रम में न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं एवं न्यायालय कर्मचारियों द्वारा विभिन्न प्रजातियों के छायादार एवं फलदार पौधों का रोपण किया गया।
इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों ने कहा कि वृक्ष पृथ्वी के जीवनदायी आधार हैं तथा जलवायु परिवर्तन, बढ़ते प्रदूषण और जल संकट जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए अधिकाधिक वृक्षारोपण एवं उनके संरक्षण की आवश्यकता है। जल संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जल जीवन का आधार है और इसके संरक्षण हेतु वर्षा जल संचयन, जल के विवेकपूर्ण उपयोग तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को जन-आंदोलन का स्वरूप दिया जाना चाहिए। साथ ही सभी उपस्थित जनों से पर्यावरण संरक्षण के लिए व्यक्तिगत एवं सामूहिक स्तर पर सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया गया।
कार्यक्रम के दौरान यह संकल्प लिया गया कि लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल एवं संरक्षण सुनिश्चित किया जाएगा तथा पर्यावरण संरक्षण संबंधी जन-जागरूकता गतिविधियों को निरंतर प्रोत्साहित किया जाएगा।
विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित यह वृक्षारोपण कार्यक्रम पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनपद न्यायालय सिद्धार्थनगर की प्रतिबद्धता का प्रतीक रहा और सभी प्रतिभागियों ने हरित एवं स्वच्छ पर्यावरण के निर्माण हेतु अपना योगदान देने का संकल्प व्यक्त किया।
उक्त आशय की जानकारी श्री वकील प्रभारी सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सिद्धार्थनगर ने अपने एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से दिया है।
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एक पेड़ मां के नाम: सिद्धार्थनगर में 6.23 लाख पौधों के रोपण का महाअभियान
विश्व पर्यावरण दिवस पर सांसद जगदंबिका पाल, जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने किया पौधरोपण, पर्यावरण संरक्षण का दिलाया संकल्प।
सिद्धार्थनगर।
विश्व पर्यावरण दिवस 2026 के अवसर पर जनपद सिद्धार्थनगर में पर्यावरण संरक्षण और हरित भविष्य के संकल्प के साथ व्यापक पौधरोपण अभियान चलाया गया। विकास खंड नौगढ़ की ग्राम पंचायत पलिया टेकधर में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में सांसद जगदंबिका पाल, जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जी.एन., पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन, मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह तथा सामाजिक वानिकी विभाग की प्रभारी निदेशक नीला एम की उपस्थिति में पौधरोपण किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि सांसद जगदंबिका पाल के स्वागत के साथ हुआ। इस अवसर पर सांसद ने कहा कि प्रधानमंत्री के आह्वान पर चल रहे “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत प्रत्येक नागरिक को पर्यावरण संरक्षण के लिए कम से कम एक पौधा अवश्य लगाना चाहिए। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा एक ही दिन में पांच करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसके तहत सिद्धार्थनगर जनपद में 6 लाख 23 हजार पौधों का रोपण किया जा रहा है।
सांसद ने कहा कि बढ़ता वैश्विक तापमान, जल संकट और पर्यावरणीय असंतुलन आज पूरी दुनिया के लिए गंभीर चुनौती बन चुके हैं। ऐसे समय में वृक्षारोपण ही प्रकृति के संरक्षण और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का सबसे प्रभावी माध्यम है।
जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जी.एन. ने विश्व पर्यावरण दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जनपद के सभी विद्यालयों, ग्राम पंचायतों तथा किसानों के सहयोग से व्यापक स्तर पर पौधरोपण कराया जा रहा है। उन्होंने लोगों से “एक पेड़ मां के नाम” अभियान से जुड़कर पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।
कार्यक्रम के दौरान सांसद ने उपस्थित लोगों को पर्यावरण संरक्षण की शपथ भी दिलाई। इसके बाद जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, स्काउट-गाइड के सदस्यों तथा स्कूली बच्चों ने पौधरोपण कर हरित सिद्धार्थनगर के निर्माण का संकल्प दोहराया।
सारांश
विश्व पर्यावरण दिवस पर सिद्धार्थनगर में 6.23 लाख पौधों के रोपण का अभियान शुरू हुआ। पलिया टेकधर में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में सांसद जगदंबिका पाल सहित प्रशासनिक अधिकारियों ने पौधरोपण कर लोगों को पर्यावरण संरक्षण और जल बचाने का संदेश दिया।
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“17 साल का जनविश्वास: विकास की राह पर सिद्धार्थनगर के सारथी बने जगदंबिका पाल”
17 वर्षों की संसदीय यात्रा: सिद्धार्थनगर के विकास के पर्याय बने सांसद जगदंबिका पाल
जनपद में हर्ष का माहौल, जनता ने दी बधाई और शुभकामनाएं
इनसेट
सिद्धार्थनगर के लोकप्रिय सांसद जगदंबिका पाल ने सांसद के रूप में अपने 17 वर्ष का सफल संसदीय कार्यकाल पूरा कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। इस अवसर पर जनपदभर में खुशी का माहौल है और विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक एवं जन संगठनों ने उन्हें बधाई दी है।
सिद्धार्थनगर।
जनपद सिद्धार्थनगर के लोकप्रिय सांसद श्री जगदंबिका पाल द्वारा सांसद के रूप में 17 वर्ष का सफल एवं गौरवपूर्ण कार्यकाल पूर्ण किए जाने पर पूरे जिले में हर्ष और गर्व का वातावरण है। जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, बुद्धिजीवियों, व्यापारिक वर्ग तथा आम नागरिकों ने उन्हें इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
सांसद जगदंबिका पाल ने अपने संसदीय कार्यकाल के दौरान क्षेत्र के विकास को प्राथमिकता देते हुए शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, रेलवे, पर्यटन, सिंचाई एवं आधारभूत संरचनाओं के विकास के लिए लगातार प्रयास किए। उनके प्रयासों से सिद्धार्थनगर जनपद को कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं की सौगात मिली, जिससे जिले की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत हुई है।
जनपदवासियों का कहना है कि सांसद के रूप में उनके 17 वर्ष केवल राजनीतिक उपलब्धि नहीं, बल्कि जनसेवा, विकास और समर्पण की एक मिसाल हैं। क्षेत्र की समस्याओं को संसद से लेकर शासन स्तर तक मजबूती से उठाने और उनके समाधान के लिए निरंतर प्रयास करने के कारण उन्हें जनता का व्यापक समर्थन और विश्वास प्राप्त हुआ है।
सांसद जगदंबिका पाल की सक्रियता और विकासोन्मुखी सोच के कारण सिद्धार्थनगर में सड़क संपर्क, रेल सुविधाओं, पर्यटन विकास और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं को गति मिली। यही वजह है कि आज उनका संसदीय कार्यकाल जिले के लिए गौरव और सम्मान का विषय माना जा रहा है।
जनता की भावना
“सांसद जगदंबिका पाल का 17 वर्षों का संसदीय सफर सिद्धार्थनगर के विकास, जनसेवा और जनविश्वास की मजबूत कहानी है।”
सारांश
सांसद जगदंबिका पाल के 17 वर्ष के सफल संसदीय कार्यकाल पूर्ण होने पर सिद्धार्थनगर में खुशी का माहौल है। जनपदवासियों ने उनके स्वस्थ, दीर्घायु एवं सफल राजनीतिक जीवन की कामना करते हुए उन्हें हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। जनता को विश्वास है कि उनके मार्गदर्शन में सिद्धार्थनगर विकास की नई ऊंचाइयों को छूता रहेगा।
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“गिरा गेट, गई जान! ठेकेदार पर मुकदमा, जांच में खुलेंगी लापरवाही की परतें”
मौत का गेट! ठेकेदार पर एफआईआर, जांच टीम के पहुंचते ही खुलने लगीं लापरवाही की परतें
मधवापुर मछली मंडी हादसे में एक मजदूर की मौत, छह घायल; निर्माण गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल
इनसेट
सिद्धार्थनगर के मधवापुर में निर्माणाधीन मछली मंडी का भारी गेट गिरने से हुई मजदूर की मौत ने पूरे जिले को झकझोर दिया है। हादसे के बाद पुलिस ने ठेकेदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है, जबकि शासन और प्रशासन की जांच टीम मौके पर पहुंचकर पूरे निर्माण कार्य की पड़ताल में जुट गई है।
सिद्धार्थनगर।
देवकली थाना क्षेत्र के मधवापुर में करोड़ों रुपये की लागत से निर्माणाधीन मछली मंडी में हुए दर्दनाक हादसे ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। गुरुवार को अचानक मुख्य प्रवेश द्वार का विशाल गेट भरभराकर गिर पड़ा, जिसकी चपेट में आकर एक मजदूर की मौत हो गई, जबकि छह अन्य श्रमिक घायल हो गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसा उस समय हुआ जब मजदूर नियमित रूप से निर्माण कार्य में लगे हुए थे। अचानक तेज आवाज के साथ गेट धराशायी हो गया और वहां मौजूद मजदूरों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया।
हादसे में गई एक मजदूर की जान
इस दर्दनाक दुर्घटना में 25 वर्षीय मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं छह अन्य श्रमिक गंभीर रूप से घायल हो गए। चिकित्सकों के अनुसार कुछ घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई, जबकि गंभीर रूप से घायल मजदूरों का इलाज जारी है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया।
परिजनों की तहरीर पर दर्ज हुई एफआईआर
मृतक के परिजनों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने निर्माण कार्य करा रहे ठेकेदार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की विवेचना शुरू कर दी गई है और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों के अनुसार यह मुकदमा प्रथम दृष्टया लापरवाही के आधार पर दर्ज किया गया है। हालांकि अंतिम जिम्मेदारी जांच पूरी होने के बाद ही तय होगी।
मौके पर पहुंची जांच टीम
हादसे की गंभीरता को देखते हुए विभागीय और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम घटनास्थल पर पहुंची। टीम ने निर्माणाधीन परिसर का निरीक्षण किया और गेट गिरने के कारणों की जानकारी जुटाई।
जांच के दौरान निर्माण सामग्री, तकनीकी मानकों, सुरक्षा प्रबंधों और कार्यदायी संस्था की भूमिका की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने निर्माण से जुड़े दस्तावेज भी तलब किए हैं।
कागजों में निगरानी, जमीन पर सवाल
हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल निर्माण कार्य की निगरानी को लेकर उठ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय-समय पर गुणवत्ता की जांच और तकनीकी निरीक्षण हुआ होता तो इतनी बड़ी दुर्घटना टाली जा सकती थी।
जांच टीम इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं तथा गेट की संरचना तकनीकी मानकों के अनुरूप थी या नहीं।
60 प्रतिशत से अधिक पूरा हो चुका था निर्माण कार्य
सूत्रों के अनुसार मछली मंडी परियोजना का अधिकांश निर्माण कार्य पूरा हो चुका था और परिसर को अंतिम रूप देने का काम चल रहा था। इसी दौरान मुख्य गेट का ढांचा गिरने से पूरा मामला संदेह के घेरे में आ गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी निर्माणाधीन संरचना का अचानक गिर जाना निर्माण गुणवत्ता, डिजाइन या सुरक्षा प्रबंधन की गहन जांच की मांग करता है।
प्रशासन का सख्त संदेश
जिलाधिकारी और संबंधित अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि हादसे के लिए जिम्मेदार पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति या संस्था को बख्शा नहीं जाएगा। जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
सवालों के घेरे में
🔹 क्या निर्माण कार्य में मानक गुणवत्ता की सामग्री का उपयोग हुआ?
🔹 क्या गेट निर्माण के दौरान तकनीकी परीक्षण कराया गया था?
🔹 क्या सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन किया गया?
🔹 क्या संबंधित अधिकारियों ने समय-समय पर निरीक्षण किया था?
🔹 आखिर मजदूर की मौत का जिम्मेदार कौन?
सारांश
मधवापुर मछली मंडी हादसे ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक मजदूर की मौत और छह लोगों के घायल होने के बाद पुलिस ने ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। जांच टीम मौके पर पहुंचकर पूरे मामले की जांच कर रही है। अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी है।
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“दहेज मृत्यु प्रकरण में बड़ा एक्शन: 72 घंटे में आरोपी गिरफ्तार”
72 घंटे में पुलिस के शिकंजे में आया दहेज मृत्यु प्रकरण का नामजद आरोपी
परसा रेलवे क्रॉसिंग के पास से गिरफ्तारी, न्यायालय भेजा गया आरोपी
सीओ मयंक द्विवेदी के निर्देशन और शोहरतगढ़ पुलिस की त्वरित कार्रवाई
विवाहिता की संदिग्ध मौत के बाद बड़ा एक्शन, दहेज मृत्यु प्रकरण में नामजद आरोपी गिरफ्तार
सिद्धार्थनगर। जनपद के शोहरतगढ़ थाना क्षेत्र में दर्ज दहेज मृत्यु प्रकरण में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य नामजद आरोपी को घटना के 72 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर न्यायालय भेज दिया है। विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद मायके पक्ष की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस की इस कार्रवाई को मामले में महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस अभिलेखों और शिकायतकर्ता द्वारा दी गई तहरीर के अनुसार, बलरामपुर जनपद के पचपेड़वा क्षेत्र स्थित ग्राम सेहरीहवा निवासी राजेन्द्र यादव ने थाना शोहरतगढ़ में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी पुत्री खुशबू यादव की शादी लगभग पांच वर्ष पूर्व थाना शोहरतगढ़ क्षेत्र के ग्राम पड़रिया निवासी दिनेश यादव उर्फ बुडाऊ पुत्र मन्नु यादव के साथ हुई थी।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि विवाह के कुछ समय बाद से ही अतिरिक्त दहेज की मांग को लेकर विवाहिता को प्रताड़ित किया जाने लगा। तहरीर में आरोप लगाया गया कि दहेज की मांग पूरी न होने पर विवाहिता के साथ मारपीट और मानसिक उत्पीड़न किया जाता था। शिकायतकर्ता के अनुसार घटना से पूर्व भी कई बार इसकी जानकारी परिवार को दी गई थी।
मायके पक्ष ने लगाए गंभीर आरोप
तहरीर में आरोप लगाया गया है कि 2 जून 2026 को विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हो गई। इसके बाद मृतका के पिता ने पति दिनेश यादव उर्फ बुडाऊ, उसकी माता, तथा परिवार की अन्य महिलाओं इन्द्रवती और सुन्दरवती के विरुद्ध दहेज उत्पीड़न एवं दहेज मृत्यु के आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की।
पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना शोहरतगढ़ पुलिस ने मुकदमा अपराध संख्या 97/2026 पंजीकृत किया। पुलिस द्वारा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 80(2), 85 तथा दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3/4 के तहत मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
72 घंटे के भीतर गिरफ्तारी
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन के आदेश पर अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत अपर पुलिस अधीक्षक प्रशान्त कुमार प्रसाद के पर्यवेक्षण तथा क्षेत्राधिकारी शोहरतगढ़ मयंक द्विवेदी के निर्देशन में थाना प्रभारी निरीक्षक नवीन कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम सक्रिय हुई।
पुलिस के अनुसार मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी दिनेश यादव उर्फ बुडाऊ को परसा रेलवे क्रॉसिंग के पास से गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के बाद आवश्यक विधिक कार्यवाही पूरी करते हुए आरोपी को माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
इन पुलिसकर्मियों ने निभाई अहम भूमिका
गिरफ्तारी अभियान में—
🔹 उपनिरीक्षक परमानन्द राय
🔹 हेड कांस्टेबल मनोज प्रसाद
ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस टीम की त्वरित कार्रवाई से आरोपी को घटना के 72 घंटे के भीतर गिरफ्तार करने में सफलता मिली।
जांच जारी
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की विवेचना जारी है और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
सारांश
✔️ विवाहिता की संदिग्ध मौत के बाद दर्ज हुआ मुकदमा
✔️ दहेज उत्पीड़न और दहेज मृत्यु के आरोप
✔️ मुख्य आरोपी दिनेश यादव उर्फ बुडाऊ गिरफ्तार
✔️ 72 घंटे के भीतर शोहरतगढ़ पुलिस की कार्रवाई
✔️ परसा रेलवे क्रॉसिंग के पास से हुई गिरफ्तारी
✔️ आरोपी को न्यायालय भेजा गया
✔️ विवेचना अभी जारी
संपादकीय सुरक्षा
यह समाचार शिकायतकर्ता की तहरीर, दर्ज एफआईआर तथा पुलिस प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित है। आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायालय में विचारण एवं पुलिस विवेचना के निष्कर्षों के अधीन है। इसलिए खबर पत्रकारिता और कानूनी दृष्टि से संतुलित एवं सुरक्षित है।
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मीडिया और प्रशासन के बीच सेतु रहे विमलेश कुमार, विदाई संदेश ने किया भावुक
मीडिया और प्रशासन के बीच बेहतर संवाद की कड़ी रहे विमलेश कुमार, स्थानांतरण पर जताया आभार
सिद्धार्थनगर में सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की जिम्मेदारी निभाने के बाद अपर जिला सूचना अधिकारी विमलेश कुमार का स्थानांतरण बहराइच जनपद हो गया है। स्थानांतरण के अवसर पर उन्होंने जिले के पत्रकारों और मीडिया कर्मियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए भावुक संदेश जारी किया है।
सिद्धार्थनगर।जनपद में सूचना एवं जनसंपर्क विभाग और मीडिया जगत के बीच समन्वय की महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले अपर जिला सूचना अधिकारी विमलेश कुमार का स्थानांतरण बहराइच जनपद में हो गया है। स्थानांतरण की सूचना के साथ उन्होंने मीडिया बंधुओं के नाम जारी अपने संदेश में सिद्धार्थनगर में बिताए गए समय को यादगार बताते हुए सभी पत्रकारों का हृदय से धन्यवाद ज्ञापित किया।
अपने संदेश में विमलेश कुमार ने कहा कि सिद्धार्थनगर में कार्यकाल के दौरान मीडिया का सहयोग, मार्गदर्शन और सकारात्मक सहभागिता हमेशा उन्हें प्राप्त हुई। इसी सहयोग के कारण शासन की योजनाओं, जनहितकारी कार्यक्रमों तथा विभिन्न विकासात्मक गतिविधियों की सूचनाओं को आमजन तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने में सफलता मिली।
उन्होंने कहा कि सिद्धार्थनगर में बिताया गया समय उनके जीवन की अमूल्य स्मृतियों का हिस्सा रहेगा। यहां के पत्रकारों, मीडिया प्रतिनिधियों और सहयोगियों से मिला स्नेह, विश्वास और आत्मीयता हमेशा उनके साथ रहेगी।
स्थानांतरण की सूचना सामने आने के बाद मीडिया जगत से जुड़े कई लोगों ने भी उनके कार्यकाल की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य और नई जिम्मेदारियों के लिए शुभकामनाएं दी हैं। प्रशासन और मीडिया के बीच बेहतर संवाद स्थापित करने में उनकी भूमिका को भी याद किया जा रहा है।
विमलेश कुमार ने अपने संदेश के अंत में सभी पत्रकार साथियों के उत्तम स्वास्थ्य, निरंतर प्रगति और उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए पुनः धन्यवाद ज्ञापित किया।
सिद्धार्थनगर से उनकी विदाई के साथ ही एक ऐसे अधिकारी का अध्याय भी पूर्ण हुआ, जिन्होंने सूचना के प्रवाह और मीडिया समन्वय को प्राथमिकता देते हुए अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया। हालांकि स्थानांतरण प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है, लेकिन उनके संदेश ने अनेक लोगों को भावुक भी कर दिया है।
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“तुलसियापुर हादसे पर उठे सवाल, 20 लाख मुआवजे की मांग”
तुलसियापुर हादसे पर सपा नेता मणेन्द्र मिश्रा ने उठाए गंभीर सवाल, 20 लाख मुआवजा और जांच की मांग
निर्माणाधीन स्वागत द्वार हादसे पर राजनीतिक प्रतिक्रिया, मृतक परिवार को आर्थिक सहायता और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की उठी मांग
🔹 मृतक के परिजनों को 20 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग
🔹 घायलों के समुचित उपचार और सहायता की मांग
🔹 निर्माण कार्य कराने वाली फर्म को ब्लैकलिस्ट करने की मांग
🔹 पूरे निर्माण कार्य की गुणवत्ता और मानकों की जांच की मांग
🔹 सपा नेता मणेन्द्र मिश्रा ने जारी की प्रेस विज्ञप्ति
🔹 तुलसियापुर हादसे में एक मजदूर की मौत, चार घायल
सारांश
तुलसियापुर में निर्माणाधीन स्वागत द्वार गिरने से हुए दर्दनाक हादसे के बाद समाजवादी पार्टी शिक्षक सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मणेन्द्र मिश्रा ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर मृतक परिवार को 20 लाख रुपये मुआवजा देने, घायलों के बेहतर उपचार तथा निर्माण कार्य की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।
पूरी खबर
सिद्धार्थनगर। शोहरतगढ़ तहसील क्षेत्र के तुलसियापुर चौराहे पर निर्माणाधीन स्वागत द्वार गिरने से हुए दर्दनाक हादसे को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं। समाजवादी पार्टी शिक्षक सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मणेन्द्र मिश्रा ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर घटना पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए मृतक के परिजनों और घायल मजदूरों के लिए व्यापक राहत एवं सहायता की मांग की है।
जारी विज्ञप्ति में मणेन्द्र मिश्रा ने कहा कि तुलसियापुर में निर्माणाधीन स्वागत द्वार गिरने से एक मजदूर की जान चली गई, जबकि कई अन्य मजदूर घायल हुए हैं। यह घटना अत्यंत दुःखद है और इसकी निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जानी चाहिए ताकि हादसे के वास्तविक कारण सामने आ सकें।
उन्होंने कहा कि यह निर्माण कार्य प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत संचालित मत्स्य विकास परियोजना से जुड़ा बताया जा रहा है। ऐसे में निर्माण कार्य की गुणवत्ता, सुरक्षा मानकों तथा कार्यस्थल पर श्रमिकों की सुरक्षा व्यवस्था की भी गंभीरता से जांच होनी चाहिए।
सपा नेता ने मांग की कि हादसे में जान गंवाने वाले मजदूर के परिजनों को 20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता तत्काल उपलब्ध कराई जाए। साथ ही घायल मजदूरों के उपचार, पुनर्वास और उनके स्वस्थ होने तक आवश्यक सहायता सुनिश्चित की जाए।
मणेन्द्र मिश्रा ने यह भी कहा कि यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही, अनियमितता अथवा मानकों के उल्लंघन के तथ्य सामने आते हैं तो नियमानुसार संबंधित फर्म और जिम्मेदार पक्षों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने निर्माण कार्य कराने वाली फर्म को ब्लैकलिस्ट करने की भी मांग उठाई।
विज्ञप्ति में उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी इस दुःख की घड़ी में मृतक परिवार और घायल मजदूरों के साथ खड़ी है तथा प्रशासन से अपेक्षा करती है कि पूरे मामले की जांच निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरी की जाए।
उल्लेखनीय है कि तुलसियापुर क्षेत्र में निर्माणाधीन स्वागत द्वार का ढांचा गिरने से एक मजदूर की मृत्यु हो गई थी जबकि चार अन्य मजदूर घायल हो गए थे। घटना के बाद जिला प्रशासन ने मामले की जांच के निर्देश दिए हैं और संबंधित विभागों द्वारा तथ्य जुटाए जा रहे हैं।
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15 दिन पहले जिस बेटी को समझौते के बाद विदा किया था, आज उसी की मौत की खबर ने उजाड़ दिया पूरा परिवार
फंदे से लटका मिला विवाहिता का शव, परिजनों की तहरीर पर पति समेत चार नामजद; ढाई साल का मासूम मां की ममता से हुआ वंचित
संदिग्ध मौत से उठे कई सवाल, पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर शुरू की जांच
रिश्ते बचाने की कोशिश या जिंदगी की आखिरी विदाई?
15 दिन पहले हुए विवाद के बाद मायके आई थी बेटी, समझौते के बाद लौटी ससुराल, अब फंदे से लटका मिला शव
सिद्धार्थनगर जनपद के शोहरतगढ़ थाना क्षेत्र में एक विवाहिता का शव फंदे से लटका मिलने के बाद पूरे इलाके में शोक और चर्चा का माहौल है। मृतका के परिजनों ने पति एवं ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर दी है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटना का सबसे दर्दनाक पहलू यह है कि मृतका अपने पीछे ढाई वर्ष का मासूम पुत्र छोड़ गई है, जो अब मां के स्नेह और ममता से वंचित हो गया है।
जिस घर से बेटी की विदाई हुई थी, वहीं से आई मौत की खबर
सिद्धार्थनगर। एक पिता ने शायद कभी सपने में भी नहीं सोचा होगा कि जिस बेटी को कुछ दिन पहले रिश्तों को बचाने और घर-परिवार को संवारने की उम्मीद के साथ ससुराल विदा किया था, कुछ ही दिनों बाद उसी बेटी की मौत की खबर उसे भीतर तक तोड़ देगी। शोहरतगढ़ थाना क्षेत्र में हुई एक विवाहिता की संदिग्ध मौत ने न केवल एक परिवार को गहरे शोक में डुबो दिया है, बल्कि कई ऐसे सवाल भी खड़े कर दिए हैं जिनके जवाब अब पुलिस जांच के बाद ही सामने आ सकेंगे।
मृतका का शव ससुराल में फंदे से लटका मिलने की सूचना जैसे ही परिजनों तक पहुंची, पूरे परिवार में कोहराम मच गया। रोते-बिलखते परिजन मौके पर पहुंचे और पुलिस को तहरीर देकर पति समेत ससुराल पक्ष के लोगों पर गंभीर आरोप लगाए।
परिजनों का कहना है कि विवाह के बाद से समय-समय पर विवाद की स्थिति उत्पन्न होती रही। उनके अनुसार घटना से लगभग 15 दिन पहले भी पति-पत्नी के बीच विवाद हुआ था। उस समय पिता अपनी बेटी को मायके ले आए थे और मामले को लेकर शिकायत भी की गई थी। बाद में सामाजिक और पारिवारिक स्तर पर बातचीत हुई। रिश्तों को बचाने और बेटी का घर बसाए रखने की उम्मीद में उसे दोबारा ससुराल भेज दिया गया।
लेकिन परिवार को क्या पता था कि यह विदाई शायद आखिरी साबित होगी।
कुछ ही दिनों बाद आई सूचना ने पूरे परिवार की दुनिया बदल दी। विवाहिता का शव फंदे से लटका मिलने की खबर सुनकर परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। घटना के बाद क्षेत्र में भी तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं।
मां चली गई, ढाई साल का मासूम रह गया अकेला
इस पूरे घटनाक्रम का सबसे मार्मिक और झकझोर देने वाला पहलू एक ढाई साल का मासूम बच्चा है, जो अभी ठीक से दुनिया को समझ भी नहीं पाया है। उसे शायद यह भी नहीं पता कि उसकी मां अब कभी उसे गोद में नहीं उठा पाएगी।
एक ओर परिवार अपनी बेटी को खोने के दर्द से गुजर रहा है, वहीं दूसरी ओर एक मासूम का बचपन मां की ममता से वंचित हो गया है। गांव और आसपास के क्षेत्रों में भी इस घटना को लेकर गहरी संवेदना व्यक्त की जा रही है।
पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा, जांच जारी
मृतका के परिजनों द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। शव का पोस्टमार्टम कराया गया है तथा मामले की जांच की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, घटनास्थल से प्राप्त साक्ष्य, गवाहों के बयान और अन्य तथ्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच की जाएगी। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
समाज के लिए एक सवाल
यह घटना केवल एक परिवार का दुख नहीं है, बल्कि समाज के लिए भी एक गंभीर सवाल छोड़ जाती है। वैवाहिक जीवन में उत्पन्न होने वाले विवाद, पारिवारिक तनाव और महिलाओं की सुरक्षा जैसे विषय आज भी चिंता का कारण बने हुए हैं। हालांकि इस मामले में सच्चाई क्या है, इसका अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा, लेकिन एक परिवार की बेटी की मौत और एक मासूम बच्चे का मां से बिछड़ जाना निश्चित रूप से हर संवेदनशील व्यक्ति को सोचने पर मजबूर करता है।
FT News Digital विशेष
15 दिन पहले जिस बेटी को समझौते के बाद विदा किया था, आज उसी की मौत की खबर ने उजाड़ दिया पूरा परिवारपरिवार की खुशियां बिखर गईं और एक मासूम की दुनिया बदल गई। अब पूरे मामले में न्याय और सच्चाई सामने आने का इंतजार है।
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“मौत बनकर टूटा निर्माणाधीन गेट!”
निर्माणाधीन मत्स्य मंडी गेट बना मौत का जाल, ढलाई के दौरान भरभराकर ढहा ढांचा; एक मजदूर की मौत, पांच जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहे
तुलसियापुर में बड़ा हादसा, डीएम-एसएसपी पहुंचे मौके पर, तीन सदस्यीय जांच टीम गठित
निर्माण कार्य की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल, प्रशासन ने शुरू कराई जांच
सारांश
सिद्धार्थनगर जनपद के ढेबरुआ थाना क्षेत्र स्थित तुलसियापुर कस्बे में निर्माणाधीन मत्स्य मंडी गेट की शटरिंग और ढलाई संरचना अचानक ढह जाने से बड़ा हादसा हो गया। मलबे में दबकर एक मजदूर की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि पांच अन्य मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जी.एन. और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया तथा तीन सदस्यीय जांच टीम गठित कर मामले की जांच के निर्देश दिए हैं।

निर्माणाधीन सरकारी परियोजना में बड़ा हादसा, मजदूरों पर टूटा मौत बनकर मलबा
सिद्धार्थनगर। जनपद के ढेबरुआ थाना क्षेत्र अंतर्गत तुलसियापुर कस्बे में बुधवार दोपहर उस समय चीख-पुकार और अफरातफरी मच गई, जब निर्माणाधीन मत्स्य मंडी गेट का ढांचा अचानक भरभराकर ढह गया। देखते ही देखते भारी मात्रा में सीमेंट, गिट्टी, बालू और लोहे का मलबा वहां कार्य कर रहे मजदूरों के ऊपर आ गिरा। हादसे में एक मजदूर की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि पांच अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोपहर लगभग 12 बजे निर्माणाधीन गेट पर छत ढलाई का कार्य चल रहा था। आधा दर्जन से अधिक मजदूर निर्माण कार्य में जुटे हुए थे। इसी दौरान अचानक शटरिंग और ढलाई का पूरा ढांचा संतुलन खो बैठा और भारी निर्माण सामग्री के साथ धराशायी हो गया। घटना इतनी अचानक हुई कि मजदूरों को संभलने तक का मौका नहीं मिला।
मलबे में दबकर चली गई एक मजदूर की जान
हादसे में मड़नी गांव निवासी मुस्ताक (25 वर्ष) पुत्र किताबुल मलबे के नीचे दब गए। स्थानीय लोगों और प्रशासन ने जेसीबी की मदद से उन्हें बाहर निकालने का प्रयास किया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। गंभीर रूप से घायल अवस्था में उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। युवक की मौत की खबर सुनते ही परिवार में कोहराम मच गया और गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
पांच मजदूर गंभीर रूप से घायल
हादसे में धरूआर निवासी बुधीराम (45 वर्ष), राजेंद्र (20 वर्ष), मड़नी निवासी आलम (30 वर्ष), मानपुर निवासी रूपेश (32 वर्ष) तथा नेपाल के अमहवा निवासी रामदयाल (30 वर्ष) गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।

मौके पर मची अफरातफरी, ग्रामीणों ने संभाला मोर्चा
हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरातफरी का माहौल बन गया। चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। ग्रामीणों ने जेसीबी की मदद से राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया और मलबे में दबे मजदूरों को निकालने का प्रयास किया। कुछ देर तक घटनास्थल पर हालात बेहद भयावह बने रहे।

डीएम और एसएसपी ने किया निरीक्षण
घटना की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जी.एन. तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन घटनास्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने निर्माण कार्य की स्थिति, दुर्घटना के कारणों और राहत कार्यों की समीक्षा की। इसके बाद दोनों अधिकारी जिला अस्पताल पहुंचे और भर्ती घायलों का हालचाल जाना।
तीन सदस्यीय जांच टीम गठित
जिलाधिकारी ने घटना को गंभीरता से लेते हुए तीन सदस्यीय जांच टीम गठित करने के निर्देश दिए हैं। जांच टीम हादसे के कारणों, निर्माण कार्य की गुणवत्ता, सुरक्षा मानकों के पालन तथा अन्य तकनीकी पहलुओं की जांच कर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।
सुरक्षा व्यवस्था और निर्माण गुणवत्ता पर उठे सवाल
हादसे के बाद स्थानीय लोगों के बीच यह चर्चा भी तेज हो गई है कि निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का कितना पालन किया जा रहा था। हालांकि दुर्घटना के वास्तविक कारणों का खुलासा जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
परिजनों को सहायता का भरोसा
जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने घायलों तथा मृतक के परिजनों को हरसंभव प्रशासनिक सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है। वहीं पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचायतनामा एवं पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू कर दी है।
FT News Digital विशेष
रोटी की तलाश में निर्माण स्थल पहुंचे मजदूरों पर अचानक मौत बनकर टूटा मलबा। एक परिवार का सहारा हमेशा के लिए छिन गया, जबकि पांच अन्य अस्पताल में जिंदगी की लड़ाई लड़ रहे हैं। अब सबकी निगाहें प्रशासनिक जांच और उसके बाद होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।
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“घर लौट रहे दो भाइयों को मौत ने घेरा, सड़क हादसे में एक की जिंदगी थमी”
सड़क हादसे ने बुझा दिया घर का चिराग, भाई की आंखों के सामने चली गई जिंदगी
चिल्हिया थाना क्षेत्र के कड़वा बाजार के पास हुए सड़क हादसे ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। घर लौट रहे दो भाइयों की बाइक को पीछे से आए एक वाहन ने टक्कर मार दी। हादसे में एक युवक की मौत हो गई, जबकि उसका छोटा भाई गंभीर रूप से घायल होकर उपचाराधीन है।
सारांश
रिश्तेदारी से वापस लौट रहे दो भाइयों की बाइक को अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। गंभीर रूप से घायल दोनों युवकों को मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने एक युवक को मृत घोषित कर दिया। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
कंदवा बजार के पास दर्दनाक हादसा, एक युवक की मौत, भाई गंभीर
सिद्धार्थनगर/चिल्हिया। जिले के चिल्हिया थाना क्षेत्र में सोमवार शाम एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। कंदवा बाजार के पास हुए इस हादसे में एक युवक की जान चली गई, जबकि उसका छोटा भाई गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, थाना क्षेत्र के कठेला समय माता अंतर्गत कठेला बाजार निवासी शैलेष कसौधन (28) पुत्र मंगल कुमार कसौधन अपने छोटे भाई नीलेश (19) के साथ किसी रिश्तेदारी से वापस घर लौट रहे थे। बताया जाता है कि जैसे ही दोनों भाई बरगदवा से आगे कड़वा बाजार के समीप पहुंचे, तभी पीछे से आए एक वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी।
टक्कर इतनी तेज थी कि दोनों भाई सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने मानवता का परिचय देते हुए दोनों घायलों को तत्काल उपचार के लिए जिला मुख्यालय स्थित मेडिकल कॉलेज पहुंचाने में मदद की।
चिकित्सकों ने जांच के बाद शैलेष कसौधन को मृत घोषित कर दिया, जबकि घायल नीलेश का उपचार जारी है। घटना की सूचना मिलते ही परिजनों में शोक की लहर दौड़ गई। परिवार और शुभचिंतकों का रो-रोकर बुरा हाल है।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस घटना के कारणों और वाहन की पहचान को लेकर जांच कर रही है।
थाना प्रभारी चिल्हिया राजेश गुप्ता ने बताया कि घटना की जानकारी प्राप्त हुई है। तहरीर मिलने पर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
समापन
एक पल का यह हादसा एक परिवार के लिए जीवनभर का दर्द बन गया। जिस घर में शाम को दो भाई साथ लौटने वाले थे, वहां अब एक भाई की यादें और दूसरे के स्वस्थ होने की दुआएं बची हैं।
