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15.47 करोड़ की साइबर ठगी से जुड़े नेटवर्क पर पुलिस का प्रहार, खेसरहा से आरोपी गिरफ्तार
15.47 करोड़ के साइबर फ्रॉड नेटवर्क का खुलासा: खेसरहा पुलिस ने म्यूल अकाउंट संचालक को दबोचा, आईफोन-लैपटॉप व नकदी बरामद

ऑपरेशन ‘Cy-Vajra’ के तहत बड़ी कार्रवाई, विभिन्न राज्यों की 9 शिकायतों से जुड़ा मामला
सिद्धार्थनगर पुलिस ने साइबर अपराध के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए थाना खेसरहा क्षेत्र से एक ऐसे आरोपी को गिरफ्तार किया है, जिसके बैंक खातों का संबंध एनसीआरपी (NCRP)/समन्वय पोर्टल पर दर्ज विभिन्न राज्यों की साइबर धोखाधड़ी की शिकायतों से जुड़ा पाया गया। पुलिस के अनुसार, पोर्टल पर दर्ज शिकायतों में कुल ₹15.47 करोड़ से अधिक की साइबर ठगी का उल्लेख है। जांच में आरोपी के खातों में इस धनराशि का एक हिस्सा आने तथा उसके उपयोग के आरोप में कार्रवाई की गई है।

सारांश
NCRP/समन्वय पोर्टल की 9 शिकायतों से जुड़ा मामला
कुल ₹15.47 करोड़ से अधिक की साइबर फ्रॉड शिकायतों से संबंधित जांच
एक आरोपी गिरफ्तार, आईफोन, मोबाइल, लैपटॉप, एटीएम कार्ड, पासबुक और ₹20 हजार नकद बरामद
ऑनलाइन गेमिंग के माध्यम से संदिग्ध लेनदेन का पुलिस ने किया खुलासा
आरोपी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया
विस्तृत खबर
सिद्धार्थनगर। प्रदेश में साइबर अपराधियों के खिलाफ पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान “Cy-Vajra” के अंतर्गत सिद्धार्थनगर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए थाना खेसरहा क्षेत्र से एक युवक को गिरफ्तार किया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार प्रसाद तथा क्षेत्राधिकारी बांसी शुबेन्दु सिंह के पर्यवेक्षण में थानाध्यक्ष अनूप कुमार मिश्र एवं साइबर सेल टीम ने यह कार्रवाई की।
पुलिस के अनुसार, एनसीआरपी/समन्वय पोर्टल पर वर्ष 2024-25 के दौरान विभिन्न राज्यों से प्राप्त साइबर धोखाधड़ी की शिकायतों की जांच में एक संदिग्ध बैंक खाते का पता चला। पुलिस का कहना है कि पोर्टल पर दर्ज कुल 9 शिकायतों में लगभग ₹15,47,63,520 की साइबर ठगी का विवरण दर्ज था। जांच के दौरान संबंधित म्यूल बैंक खाते में ₹24,230.66 आने और उसका निजी उपयोग किए जाने के आरोप सामने आए।
इसी आधार पर थाना खेसरहा में 12 जुलाई 2026 को मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने 14 जुलाई 2026 को आरोपी नसीम अहमद (20 वर्ष), निवासी बेलवालगुनही, थाना खेसरहा को गिरफ्तार कर आवश्यक विधिक कार्रवाई के बाद न्यायालय भेज दिया।
पूछताछ में क्या सामने आया?
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से साइबर ठगी की रकम अपने खातों में मंगवाता था और बाद में अलग-अलग खातों में स्थानांतरित कर लेनदेन करता था। पुलिस का दावा है कि आरोपी ने अपने नाम से यूनियन बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, अर्बन कोऑपरेटिव बैंक, एक्सिस बैंक, भारतीय स्टेट बैंक तथा इंडियन पोस्ट पेमेंट्स बैंक में कई खाते खुलवा रखे थे।
जांच में इन खातों पर विभिन्न राज्यों से दर्ज कुल 8 अन्य एनसीआरपी शिकायतें भी सामने आने की बात पुलिस ने कही है, जिनमें लगभग ₹7.08 करोड़ की साइबर धोखाधड़ी से संबंधित प्रविष्टियां दर्ज हैं। पुलिस का कहना है कि इन खातों में भी संदिग्ध धनराशि का लेनदेन पाया गया।

बरामदगी
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से निम्न सामान बरामद करने का दावा किया है—
एक आईफोन एवं एक वीवो मोबाइल
एचपी कंपनी का एक लैपटॉप
लैपटॉप चार्जर एवं माउस
चार बैंक पासबुक
छह बैंक कार्ड (एटीएम/डेबिट कार्ड)
₹20,000 नकद, जिसे पुलिस ने साइबर ठगी से संबंधित धनराशि बताया है।
पुलिस की अपील
सिद्धार्थनगर पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी लालच या कमीशन के बदले अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, चेकबुक या बैंकिंग विवरण किसी अन्य व्यक्ति को उपलब्ध न कराएं। पुलिस के अनुसार, ऐसे मामलों में सहयोग या संलिप्तता पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध भी विधिक कार्रवाई की जा सकती है।
(नोट: यह समाचार सिद्धार्थनगर पुलिस द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति एवं पुलिस के दावों पर आधारित है। मामले की जांच एवं न्यायिक प्रक्रिया जारी है। आरोपी के विरुद्ध लगाए गए आरोपों का अंतिम निर्णय न्यायालय द्वारा किया जाएगा।)
“कूड़ा नदी में दिखा घड़ियाल! बारिश के बाद बढ़ी हलचल, वन विभाग ने शुरू की तलाश”
बारिश के बाद नदी में दिखा घड़ियाल! वन विभाग अलर्ट, ग्रामीणों में बढ़ी सतर्कता
सिद्धार्थनगर | संवाददाता
जनपद सिद्धार्थनगर में लगातार हो रही बारिश के बीच विकासखंड उस्का बाजार के ग्राम सोहास स्थित कूड़ा नदी में एक घड़ियाल जैसा जलीय जीव दिखाई देने की सूचना से क्षेत्र में हलचल मच गई। सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और नदी किनारे लोगों की भीड़ लग गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, नदी में बहते पानी के बीच कुछ समय के लिए घड़ियाल दिखाई दिया। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची और आसपास के क्षेत्र का निरीक्षण किया। हालांकि, टीम के पहुंचने तक संबंधित जलीय जीव वहां से आगे निकल चुका था, जिससे उसे तत्काल चिन्हित नहीं किया जा सका।
वन विभाग ने आसपास के क्षेत्र में तलाश शुरू कर दी है। साथ ही स्थानीय लोगों से अपील की गई है कि वे नदी के किनारे अनावश्यक भीड़ न लगाएं, बच्चों को अकेले नदी की ओर न जाने दें तथा किसी भी प्रकार का वन्यजीव दिखाई देने पर तत्काल वन विभाग या स्थानीय प्रशासन को सूचना दें।
क्या है मामला?
कूड़ा नदी में घड़ियाल जैसा जलीय जीव दिखाई देने की सूचना।
सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची।
टीम के पहुंचने से पहले जीव नदी में आगे निकल गया।
ग्रामीणों से सतर्क रहने और अफवाहों से बचने की अपील।
तेज बारिश के बाद नदियों का जलस्तर बढ़ने के साथ वन्यजीवों के आबादी वाले क्षेत्रों के करीब आने की घटनाएं सामने आती रहती हैं। ऐसे में प्रशासन और वन विभाग लोगों से सतर्कता बरतने की अपील कर रहे हैं।
सारांश
सिद्धार्थनगर के ग्राम सोहास स्थित कूड़ा नदी में घड़ियाल जैसा जलीय जीव दिखाई देने की सूचना के बाद ग्रामीणों में सतर्कता का माहौल है। वन विभाग ने तलाश अभियान शुरू कर दिया है। फिलहाल संबंधित जीव की आधिकारिक पहचान और उसकी मौजूदगी की पुष्टि वन विभाग की जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
विकास के दावों पर जलभराव का सवाल! मुख्य मार्ग बना तालाब, ग्रामीणों ने मांगी उच्चस्तरीय जांच
📰 मुख्य शीर्षक
ग्रामीणों की प्रमुख मांगें
मुख्य मार्ग से तत्काल जलभराव हटाया जाए।
जल निकासी की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
संबंधित विभाग मौके का निरीक्षण करे।
विकास कार्यों की गुणवत्ता की तकनीकी जांच कराई जाए।
जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा समस्या का शीघ्र समाधान कराया जाए।
सिद्धार्थनगर। विकास कार्यों पर करोड़ों रुपये खर्च होने के दावों के बीच डुमरियागंज विकास खंड के एक गांव में जलभराव की समस्या ने स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है। ग्रामीणों का कहना है कि मुख्य मार्ग पर लंबे समय से पानी जमा रहने के कारण आवागमन प्रभावित हो रहा है। उन्होंने प्रशासन से मौके का निरीक्षण कर समस्या का स्थायी समाधान कराने और विकास कार्यों की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
सारांश
मुख्य मार्ग पर जलभराव के कारण स्कूली बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और किसानों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। अब उन्होंने जिला प्रशासन से हस्तक्षेप कर आवश्यक कार्रवाई की मांग उठाई है।
विस्तृत खबर
सिद्धार्थनगर। डुमरियागंज विकास खंड के एक गांव में जल निकासी की समस्या को लेकर ग्रामीणों में असंतोष देखने को मिल रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, गांव के मुख्य मार्ग पर लंबे समय से जलभराव बना हुआ है, जिससे आमजन का आवागमन प्रभावित हो रहा है। बरसात के दौरान स्थिति और अधिक चुनौतीपूर्ण हो जाती है।
ग्रामीणों का कहना है कि इसी मार्ग से प्रतिदिन स्कूली बच्चे, महिलाएं, किसान और अन्य लोग आवागमन करते हैं। पानी भरे रहने से फिसलने और दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। उनका कहना है कि यदि किसी बीमार व्यक्ति को अस्पताल ले जाने की आवश्यकता पड़ जाए तो जलभराव के कारण कठिनाइयां और बढ़ जाती हैं।
स्थानीय लोगों ने यह भी बताया कि समस्या की जानकारी संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों तक पहुंचाई गई है। समाचार पत्र में प्रकाशित जानकारी के अनुसार, ग्राम सचिव की ओर से जल निकासी की व्यवस्था कराने का आश्वासन दिए जाने का उल्लेख है। हालांकि, ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें अभी तक स्थायी समाधान नहीं मिल पाया है।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि संबंधित विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचकर वास्तविक स्थिति का निरीक्षण करें। यदि विकास कार्यों में किसी प्रकार की तकनीकी कमी या अनियमितता पाई जाती है तो नियमानुसार जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाए तथा जल निकासी की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके।
ग्रामीणों का कहना है कि शासन की मंशा गांवों तक बेहतर मूलभूत सुविधाएं पहुंचाने की है। ऐसे में यदि किसी स्थान पर समस्याएं बनी हुई हैं तो उनका समयबद्ध समाधान होना जनहित में आवश्यक है।
पत्रकारिता का संतुलन
यह समाचार स्थानीय ग्रामीणों द्वारा उठाई गई शिकायतों एवं उपलब्ध प्रकाशित जानकारी पर आधारित है। समाचार में लगाए गए आरोप संबंधित पक्षों के दावे हैं। FT News Digital किसी भी आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता। संबंधित विभाग अथवा अन्य पक्ष का आधिकारिक बयान प्राप्त होने पर उसे भी समान प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
रिपोर्ट : श्याम सुंदर शुक्ला
FT News Digital | सच और… कुछ नहीं
फार्मासिस्टों की आवाज हुई बुलंद, 6 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रशासन के दरवाजे पहुंचे

अवैध मेडिकल स्टोरों पर कार्रवाई, नए पदों के सृजन और फार्मासिस्टों के अधिकारों की सुरक्षा की उठी मांगे
प्रमुख मांगें
अवैध मेडिकल स्टोरों एवं झोलाछाप प्रैक्टिस पर प्रभावी कार्रवाई।
फार्मासिस्ट के नए पदों का सृजन।
लाइसेंस आवेदन का समयबद्ध निस्तारण।
PPR एक्ट-2015 लागू किया जाए।
फर्जी शिकायतों के आधार पर उत्पीड़न पर रोक।
फार्मासिस्टों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

सिद्धार्थनगर में वर्षों से लंबित मांगों और पेशेवर अधिकारों को लेकर फार्मासिस्टों ने एकजुट होकर प्रशासन के समक्ष अपनी आवाज बुलंद की। अखिल भारतीय फार्मासिस्ट एसोसिएशन के नेतृत्व में नवागत औषधि निरीक्षक और जिलाधिकारी को 6 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपते हुए संगठन ने स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने और फार्मासिस्टों की समस्याओं के समाधान की मांग की।

सारांश
अखिल भारतीय फार्मासिस्ट एसोसिएशन की जिला इकाई ने जिला अध्यक्ष आशीष पांडे के नेतृत्व में नवागत औषधि निरीक्षक मनोज कुमार सिंह से शिष्टाचार मुलाकात कर 6 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। इसके बाद जिलाधिकारी को भी समर्थन पत्र देकर फार्मासिस्टों के हितों से जुड़े मुद्दों पर शीघ्र कार्रवाई की मांग की गई। औषधि निरीक्षक ने संगठन की मांगों पर नियमानुसार विचार करने का आश्वासन दिया।
विस्तृत खबर
सिद्धार्थनगर। स्वास्थ्य सेवाओं में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले फार्मासिस्टों ने अपने पेशेवर अधिकारों, कार्य परिस्थितियों और जनहित से जुड़े मुद्दों को लेकर एक बार फिर संगठित होकर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया। अखिल भारतीय फार्मासिस्ट एसोसिएशन की जिला इकाई ने राष्ट्रीय एवं प्रदेश नेतृत्व के मार्गदर्शन तथा जिला अध्यक्ष आशीष पांडे के नेतृत्व में नवागत औषधि निरीक्षक मनोज कुमार सिंह से शिष्टाचार भेंट कर 6 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा।
संगठन का कहना है कि यदि इन मांगों पर सकारात्मक पहल होती है तो न केवल फार्मासिस्टों की कार्यप्रणाली बेहतर होगी, बल्कि जनपद की दवा व्यवस्था और आम जनता को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं में भी सुधार आएगा।
ज्ञापन में जनपद में कथित रूप से संचालित अवैध मेडिकल स्टोरों एवं झोलाछाप प्रैक्टिस के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई, फार्मासिस्टों के नए पदों का सृजन, लाइसेंस आवेदन का समयबद्ध निस्तारण, PPR एक्ट-2015 का प्रभावी क्रियान्वयन, फर्जी शिकायतों के आधार पर फार्मासिस्टों के उत्पीड़न पर रोक तथा फार्मासिस्टों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने जैसी प्रमुख मांगें शामिल हैं।
संगठन ने इसी क्रम में जिलाधिकारी सिद्धार्थनगर को भी समर्थन पत्र सौंपते हुए इन मांगों पर प्रशासनिक स्तर पर आवश्यक कार्रवाई की अपेक्षा व्यक्त की।
एसोसिएशन के पदाधिकारियों के अनुसार, औषधि निरीक्षक मनोज कुमार सिंह ने ज्ञापन प्राप्त कर सभी मांगों को गंभीरता से सुना और नियमानुसार विचार करने का आश्वासन दिया।
इस अवसर पर जिला संरक्षक अनिल गुप्ता, जिला महासचिव विकास उपाध्याय, जिला सचिव सौरव पांडे, जिला उपाध्यक्ष सुशील पटेल, आशुतोष चतुर्वेदी, जिला महामंत्री कौलेश्वर चौबे, जिला मंत्री दिनेश प्रजापति, जिला कोषाध्यक्ष विकास खटीक, जिला मीडिया प्रभारी शुभम चतुर्वेदी, जिला प्रवक्ता सोमनाथ चौधरी, जिला संगठन मंत्री दिनेश कुमार सहित बड़ी संख्या में फार्मासिस्ट मौजूद रहे।
✍️ रिपोर्ट : विजय पाल चतुर्वेदी
FT News Digital
बौद्धिक दिव्यांग बच्चों के लिए ऐतिहासिक पहल! अब बदलेगी हजारों जिंदगियां

बौद्धिक दिव्यांग बच्चों के लिए नई उम्मीद: ‘दिशा अभियान’ के तहत बांटी गई विशेष वर्कबुक, शिक्षा से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़े कदम
मुख्य बातें
जिले को मिलीं 130 विशेष वर्कबुक सेट।
मिठवल में 50 और बांसी में 80 सेट वितरित।
6 से 14 वर्ष के बौद्धिक दिव्यांग बच्चों को मिलेगा लाभ।
पूर्व-पठन, पूर्व-लेखन, गणित, दैनिक जीवन कौशल और स्वच्छता पर आधारित सामग्री शामिल।
📰 खबर (अखबार शैली, सुरक्षित एवं संतुलित)
सिद्धार्थनगर। बौद्धिक दिव्यांग बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जोड़ने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में जिले में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। भारत सरकार के राष्ट्रीय बौद्धिक दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान तथा जय वकील फाउंडेशन के संयुक्त सहयोग से संचालित ‘दिशा अभियान’ के अंतर्गत विशेष रूप से तैयार की गई वर्कबुक्स का वितरण किया गया।
इस अभियान के सफल क्रियान्वयन में जिला समन्वयक समेकित शिक्षा करुणापति त्रिपाठी की सक्रिय भूमिका रही। उनके प्रयासों से जिले के बौद्धिक दिव्यांग बच्चों के लिए शैक्षणिक सहायता सामग्री उपलब्ध कराई गई, जिससे समावेशी शिक्षा को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।
जानकारी के अनुसार, जिले को कुल 130 विशेष वर्कबुक सेट प्राप्त हुए हैं। इनमें विकास खंड मिठवल के लिए 50 सेट तथा विकास खंड बांसी के लिए 80 सेट उपलब्ध कराए गए हैं। इन सेटों का वितरण चिन्हित लाभार्थी बच्चों के बीच किया गया।
प्रत्येक सेट में 6 से 14 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के लिए छह विशेष वर्कबुक शामिल हैं। इनमें पूर्व-पठन एवं पूर्व-लेखन कौशल, रेखाएं खींचने और पकड़ मजबूत करने के अभ्यास, व्यावहारिक गणित, संज्ञानात्मक विकास, दैनिक जीवन कौशल (जैसे ब्रश करना, व्यक्तिगत स्वच्छता) तथा सामाजिक एवं पर्यावरणीय जागरूकता से संबंधित गतिविधियां शामिल हैं।
शिक्षा विभाग से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य बौद्धिक दिव्यांग बच्चों को उनकी सीखने की क्षमता के अनुरूप शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध कराना है, ताकि वे शिक्षा की मुख्यधारा से जुड़कर आत्मनिर्भर जीवन की ओर आगे बढ़ सकें।
✍️ रिपोर्ट: विजय पाल चतुर्वेदी | FT News Digital
15 साल से कीचड़ में भविष्य! पानी से जूझकर स्कूल पहुंचने को मजबूर नौनिहाल, प्रशासन के आश्वासन पर टिकी उम्मीद

15 वर्षों से बदहाल रास्ता, बारिश में स्कूल पहुंचना बना चुनौती
ग्रामीणों के अनुसार विद्यालय तक जाने वाला मार्ग लंबे समय से जर्जर है। बरसात में सड़क पर जलभराव और कीचड़ होने से स्कूली बच्चों को कठिन परिस्थितियों में विद्यालय पहुंचना पड़ रहा है। मामले की जानकारी मिलने पर खंड विकास अधिकारी ने कार्य शुरू कराने का आश्वासन दिया है।
पानी और कीचड़ से गुजरकर स्कूल पहुंचने को मजबूर नौनिहाल, कब बदलेगी तस्वीर?
सिद्धार्थनगर। सरकार जहां प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित एवं सुगम शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रही है, वहीं विकास खंड भनवापुर की ग्राम पंचायत बेतनार स्थित संविलियन विद्यालय तक पहुंचने वाला मार्ग बरसात में बच्चों के लिए परेशानी का कारण बन गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्षों से सड़क की स्थिति खराब है, जिससे छात्र-छात्राओं को पानी और कीचड़ से होकर विद्यालय जाना पड़ रहा है।
खबर
रिपोर्ट: विजय पाल चतुर्वेदी
जनपद: सिद्धार्थनगर
विकास खंड भनवापुर के ग्राम पंचायत बेतनार स्थित संविलियन विद्यालय के बाहर का मार्ग बरसात के दिनों में जलभराव और कीचड़ से भर गया है। स्थानीय ग्रामीणों का दावा है कि करीब 15 वर्षों से इस मार्ग पर कोई बड़ा निर्माण कार्य नहीं हुआ, जिसके कारण बारिश के समय विद्यालय पहुंचना कठिन हो जाता है।
ग्रामीणों और विद्यालय से जुड़े लोगों के अनुसार छोटे-छोटे बच्चों को रोजाना पानी और कीचड़ से होकर विद्यालय जाना पड़ता है। विद्यालय के एक शिक्षक ने भी बताया कि बरसात के दौरान बच्चों को आने-जाने में काफी दिक्कत होती है। उनका कहना है कि कई बार बच्चे कीचड़ से बचने के प्रयास में पास स्थित ट्रांसफार्मर के पोल के आसपास से गुजरते दिखाई देते हैं, जिससे सावधानी बरतने की आवश्यकता महसूस होती है। हालांकि किसी दुर्घटना की सूचना नहीं है, लेकिन स्थानीय लोग इसे संभावित जोखिम मानते हुए शीघ्र समाधान की मांग कर रहे हैं।
ग्रामीणों ने प्रशासन से विद्यालय मार्ग का निर्माण कराकर बच्चों के लिए सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने की मांग की है।
इस संबंध में खंड विकास अधिकारी भनवापुर से दूरभाष पर संपर्क करने पर उन्होंने बताया कि संबंधित सचिव को आवश्यक निर्देश दिए जा चुके हैं तथा अगले दिन से कार्य प्रारंभ कराने की कार्रवाई की जाएगी।
सारांश
यह मामला केवल एक सड़क का नहीं, बल्कि स्कूली बच्चों की सुरक्षित शिक्षा और सुगम आवागमन से जुड़ा जनहित का विषय है। यदि प्रशासन द्वारा दिए गए आश्वासन के अनुरूप शीघ्र कार्य शुरू होता है, तो बरसात के मौसम में बच्चों और ग्रामीणों को बड़ी राहत मिल सकती है। स्थानीय लोग अब आश्वासन के धरातल पर उतरने का इंतजार कर रहे हैं।
(यह समाचार स्थानीय ग्रामीणों, विद्यालय पक्ष एवं संबंधित अधिकारी से प्राप्त जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। प्रशासनिक कार्रवाई एवं आधिकारिक प्रगति के अनुसार स्थिति में परिवर्तन संभव है।)
“वोटर लिस्ट से नाम गायब! ग्रामीण पहुंचे डीएम दरबार, जांच का मिला भरोसा”
वोटर लिस्ट से नाम हटाने का आरोप: ग्रामीणों का कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन, डीएम को सौंपा ज्ञापन
“मताधिकार से वंचित करने की साजिश” का आरोप, जिलाधिकारी ने जांच का दिया आश्वासन
सिद्धार्थनगर। ग्राम पंचायत शिरसिया राजा के दर्जनों ग्रामीण सोमवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे और वर्ष 2026 की मतदाता सूची में कथित रूप से नाम हटाए जाने का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की मांग की।
ग्रामीणों का कहना है कि वर्ष 2025 की मतदाता सूची में उनके और उनके परिवार के नाम दर्ज थे, लेकिन नई मतदाता सूची में बिना पूर्व सूचना उनके नाम हटा दिए गए। उनका आरोप है कि यदि समय रहते सुधार नहीं किया गया तो वे अपने संवैधानिक मताधिकार का प्रयोग नहीं कर पाएंगे।
ज्ञापन में कुछ ग्रामीणों ने संबंधित बीएलओ पर भी आरोप लगाए हैं। हालांकि, एफटी न्यूज़ डिजिटल इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता है। संबंधित अधिकारी का पक्ष समाचार लिखे जाने तक प्राप्त नहीं हो सका।
ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मांग की कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए, पात्र मतदाताओं के नाम पुनः जोड़े जाएं तथा यदि किसी स्तर पर अनियमितता पाई जाती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
जिलाधिकारी ने दिया जांच का भरोसा
ग्रामीणों के अनुसार, जिलाधिकारी ने उनका ज्ञापन प्राप्त कर मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया। अब ग्रामीणों की निगाह प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।
एफटी न्यूज़ डिजिटल का पक्ष
यह समाचार ग्रामीणों द्वारा सौंपे गए ज्ञापन, उनके बयानों तथा उपलब्ध दस्तावेजों पर आधारित है। शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी शेष है। संबंधित निर्वाचन अधिकारियों अथवा बीएलओ का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
“10 साल से बदहाल सड़क पर फूटा जनाक्रोश, डीएम की चौखट पहुंची जनता; तत्काल निर्माण की उठी मांग”
10 वर्षों से बदहाल सड़क पर फूटा जनाक्रोश, डीएम की चौखट पहुंची कांग्रेस; आजाद नगर–बेलसड़ रोड के शीघ्र निर्माण की उठी मांग

स्थान: आजाद नगर–बेलसड़ रोड, नगर पालिका परिषद सिद्धार्थनगर
मामला: वर्षों से जर्जर सड़क और अधूरा निर्माण कार्य
कार्रवाई: जिला कांग्रेस कमेटी ने जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन
मुख्य मांग: तत्काल निर्माण, देरी की जांच, जिम्मेदारी तय करने और वैकल्पिक आवागमन की व्यवस्था

सिद्धार्थनगर। विकास के दावों के बीच नगर की एक प्रमुख सड़क की बदहाली को लेकर लोगों का आक्रोश अब प्रशासन की चौखट तक पहुंच गया है। जिला कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया कि आजाद नगर–बेलसड़ रोड का निर्माण कार्य वर्षों से अधूरा पड़ा है। बरसात के मौसम में सड़क पर जलभराव और कीचड़ ने हालात और गंभीर बना दिए हैं। प्रतिनिधिमंडल ने इसे जनसुरक्षा और जनहित से जुड़ा गंभीर मामला बताते हुए तत्काल निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की।

सारांश
जिला कांग्रेस कमेटी ने जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन।
सड़क निर्माण में वर्षों की देरी का लगाया आरोप।
बरसात में जलभराव और कीचड़ से हजारों लोगों के प्रभावित होने का दावा।
मेडिकल कॉलेज सहित कई महत्वपूर्ण संस्थानों तक पहुंचने में कठिनाई का उल्लेख।
निर्माण में देरी की जांच और जिम्मेदारी तय करने की मांग।
विस्तृत समाचार
नगर पालिका परिषद सिद्धार्थनगर क्षेत्र की आजाद नगर–बेलसड़ रोड की बदहाल स्थिति को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी ने जिलाधिकारी से मुलाकात कर विस्तृत ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन पर जिला उपाध्यक्ष सादिक अहमद सहित कई पदाधिकारियों एवं स्थानीय नागरिकों के हस्ताक्षर दर्ज हैं।
ज्ञापन में कहा गया है कि यह मार्ग आजाद नगर, सरोजनी नगर और आसपास के कई मोहल्लों को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। इसी रास्ते से मेडिकल कॉलेज सहित कई आवश्यक संस्थानों तक आवागमन होता है। इसके बावजूद सड़क लंबे समय से जर्जर अवस्था में है और निर्माण कार्य पूर्ण नहीं हो सका है।
ज्ञापन के अनुसार, बरसात के दौरान सड़क पर जलभराव और कीचड़ के कारण स्कूली बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों, मरीजों और आम नागरिकों को प्रतिदिन भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर सड़क की स्थिति इतनी खराब बताई गई है कि पैदल चलना भी चुनौती बन गया है। प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि यदि समय रहते निर्माण कार्य पूरा नहीं कराया गया तो भविष्य में किसी गंभीर दुर्घटना से इंकार नहीं किया जा सकता।
कांग्रेस नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि सड़क निर्माण का शुभारंभ तो किया गया, लेकिन कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा नहीं हुआ। उनका दावा है कि कुछ स्थानों पर प्रारंभिक कार्य के बाद निर्माण अधूरा छोड़ दिया गया, जिससे समस्या और बढ़ गई।
डीएम से की गई प्रमुख मांगें
ज्ञापन में मांग की गई है कि—
सड़क निर्माण कार्य युद्धस्तर पर तत्काल शुरू कराया जाए।
निर्माण में हुई देरी की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारी तय की जाए।
निर्माण पूरा होने तक आम जनता के लिए सुरक्षित वैकल्पिक आवागमन की व्यवस्था की जाए।
निर्माण कार्य की नियमित निगरानी कर समयबद्ध ढंग से पूरा कराया जाए।
जिलाधिकारी ने दिया आश्वासन
प्रतिनिधिमंडल के अनुसार, जिलाधिकारी ने ज्ञापन प्राप्त कर शिकायतों को गंभीरता से लेने का भरोसा दिया और संबंधित अधिकारियों को मामले की जांच कराने तथा नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया।
प्रशासनिक पक्ष
समाचार लिखे जाने तक नगर पालिका परिषद अथवा संबंधित विभाग की ओर से ज्ञापन में लगाए गए आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हो सकी थी। संबंधित पक्ष का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
जनहित का सवाल
बरसात के मौसम में बदहाल सड़कें केवल असुविधा का कारण नहीं, बल्कि जनसुरक्षा के लिए भी गंभीर चुनौती बन सकती हैं। अब क्षेत्रीय नागरिकों की निगाहें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं कि वर्षों से लंबित इस समस्या का समाधान आखिर कब तक होगा।
बरसात बनी मासूम की मौत का सबब! छत पर गई 10 वर्षीय राधा की संदिग्ध मौत
बरसाती मौसम बना मासूम की मौत का कारण? छत पर गई 10 वर्षीय बालिका की संदिग्ध मौत, परिजनों ने सर्पदंश की जताई आशंका; पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी सबकी निगाहें
घटना: संदिग्ध परिस्थितियों में 10 वर्षीय बालिका की मौत
मृतका: राधा (10 वर्ष), पुत्री दुर्बली
स्थान: ग्राम सुकरौली, थाना शिवनगर तिवारी, जनपद सिद्धार्थनगर
समय: रविवार शाम लगभग 6:00 बजे
स्थिति: परिजनों ने सर्पदंश की आशंका जताई, पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मृत्यु का वास्तविक कारण रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा।
बरसात का मौसम अपने साथ जहां राहत लेकर आता है, वहीं लापरवाही और प्राकृतिक खतरों के कारण कई परिवारों के लिए यह दर्द और त्रासदी का कारण भी बन जाता है। सिद्धार्थनगर जनपद के ग्राम सुकरौली में रविवार शाम एक ऐसा ही हृदयविदारक हादसा सामने आया, जिसने पूरे गांव को गमगीन कर दिया। महज 10 वर्ष की मासूम राधा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों का कहना है कि बच्ची को छत पर किसी जहरीले जीव, संभवतः सांप ने काट लिया था। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।
विस्तृत समाचार
थाना शिवनगर तिवारी क्षेत्र के ग्राम सुकरौली निवासी दुर्बली की 10 वर्षीय पुत्री राधा रविवार शाम लगभग छह बजे घर की छत पर किसी घरेलू कार्य से गई थी। परिजनों के अनुसार, कुछ ही देर बाद उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। परिवार को आशंका है कि बच्ची को किसी जहरीले जीव ने काट लिया था। आनन-फानन में उसे बचाने का प्रयास किया गया, लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी।
घटना के बाद पूरे परिवार में कोहराम मच गया। जिस घर में कुछ देर पहले तक बच्चे की किलकारियां गूंज रही थीं, वहां अब मातम पसरा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव में भी शोक का माहौल बना हुआ है।
घटना की सूचना मृतका के पिता दुर्बली ने पुलिस को दी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक वैधानिक कार्रवाई करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। समाचार लिखे जाने तक पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने नहीं आई थी, इसलिए मृत्यु का वास्तविक कारण आधिकारिक रूप से स्पष्ट नहीं हुआ है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बरसात में बढ़ जाता है खतरा
विशेषज्ञों के अनुसार बरसात के मौसम में सांप और अन्य जहरीले जीव अपने बिलों से बाहर निकल आते हैं और कई बार घरों की छत, आंगन, लकड़ी, भूसे, झाड़ियों तथा जलभराव वाले स्थानों में पहुंच जाते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे मामलों में अतिरिक्त सतर्कता बरतना बेहद आवश्यक है।
जनहित में अपील
यदि किसी व्यक्ति को सांप या किसी जहरीले जीव के काटने की आशंका हो तो समय बर्बाद न करें। झाड़-फूंक, टोना-टोटका या घरेलू उपचार के बजाय तत्काल निकटतम सरकारी या मान्यता प्राप्त अस्पताल पहुंचें। समय पर चिकित्सकीय उपचार से कई मामलों में मरीज की जान बचाई जा सकती है।
यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि बरसात के मौसम में छोटी-सी सावधानी भी बड़ी दुर्घटनाओं को टाल सकती है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार जारी की जा रही सावधानियों का पालन करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।
रिपोर्ट: विजय पाल चतुर्वेदी
FT News Digital
यह संस्करण भावनात्मक प्रभाव बनाए रखता है, लेकिन किसी अपुष्ट दावे को तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं करता। इससे खबर प्रभावशाली होने के साथ-साथ पत्रकारिता और कानूनी दृष्टि से भी सुरक्षित रहती है।
छह माह में उखड़ी करोड़ों की आरसीसी सड़क, गुणवत्ता पर उठे सवाल; स्थानीय लोगों ने मांगी तकनीकी जांच
संवाददाता : विजय पाल चतुर्वेदी
डुमरियागंज, सिद्धार्थनगर।
डुमरियागंज नगर पंचायत के वार्ड संख्या राजेन्द्र नगर में करीब छह माह पहले निर्मित आरसीसी सड़क के कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त होने से निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर स्थानीय स्तर पर सवाल उठने लगे हैं। सड़क की ऊपरी परत उखड़ने और जगह-जगह गड्ढे बनने से लोगों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्रवासियों ने सड़क की तत्काल मरम्मत के साथ निर्माण कार्य की स्वतंत्र तकनीकी जांच कराने की मांग की है।
सारांश
छह माह पहले बनी आरसीसी सड़क कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त।
राहगीरों और वाहन चालकों को रोजाना हो रही परेशानी।
स्थानीय लोगों ने गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदारी तय करने की मांग उठाई।
समाचार लिखे जाने तक संबंधित विभाग का आधिकारिक पक्ष प्राप्त नहीं हो सका।
विस्तृत समाचार
डुमरियागंज नगर पंचायत के वार्ड संख्या राजेन्द्र नगर में कुछ माह पूर्व आरसीसी सड़क का निर्माण कराया गया था। वर्तमान में सड़क के कई हिस्सों में कंक्रीट उखड़ने, दरारें आने और गड्ढे बनने की स्थिति दिखाई दे रही है। बरसात के मौसम में इन गड्ढों में पानी भर जाने से दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों के साथ-साथ पैदल राहगीरों को भी आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इतनी कम अवधि में सड़क का क्षतिग्रस्त होना गंभीर चिंता का विषय है। उनका मानना है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष तकनीकी जांच कराई जानी चाहिए, ताकि सड़क निर्माण की गुणवत्ता और मानकों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके। हालांकि निर्माण कार्य की गुणवत्ता के संबंध में अंतिम निष्कर्ष केवल सक्षम तकनीकी जांच के बाद ही सामने आ सकता है।
क्षेत्रवासियों ने मांग की है कि संबंधित विभाग तत्काल सड़क का स्थलीय निरीक्षण कराकर क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत कराए। साथ ही निर्माण कार्य की गुणवत्ता की स्वतंत्र जांच कराई जाए और यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता या मानकों की अनदेखी सामने आती है तो नियमानुसार जिम्मेदारी तय करते हुए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
वर्ष 2008 में नगर पंचायत का दर्जा मिलने के बाद क्षेत्रवासियों को बेहतर आधारभूत सुविधाओं की उम्मीद थी। ऐसे में नई बनी सड़क का कुछ ही महीनों में क्षतिग्रस्त होना विकास कार्यों की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सार्वजनिक धन से कराए जाने वाले निर्माण कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करना संबंधित एजेंसियों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
समाचार लिखे जाने तक इस मामले में संबंधित विभाग की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हो सकी थी। विभाग का पक्ष प्राप्त होने पर उसे प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
सिद्धार्थनगर में सभी नदियां खतरे के निशान से नीचे, लगातार बारिश के बीच सिंचाई विभाग ने जारी की ताजा गेज रिपोर्ट
राप्ती, बूढ़ी राप्ती, बाणगंगा, कुवानो समेत सभी प्रमुख नदियों के जलस्तर पर प्रशासन की पैनी नजर, कई क्षेत्रों में दर्ज हुई अच्छी वर्षा।
सिद्धार्थनगर, 13 जुलाई। जिले में लगातार हो रही मानसूनी बारिश के बीच सिंचाई विभाग ने सोमवार सुबह 8 बजे की दैनिक गेज रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट के अनुसार जिले की सभी प्रमुख नदियां फिलहाल खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं। हालांकि विभिन्न क्षेत्रों में हुई वर्षा के कारण नदी जलस्तर में बदलाव पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
सिंचाई विभाग के अनुसार बाणगंगा, राप्ती, बूढ़ी राप्ती, कुवानो, घेघरा, कुंडा तथा अन्य प्रमुख नदियों का जलस्तर अभी खतरे के निशान से नीचे है। बाणगंगा नदी बाणगंगा बैराज पर खतरे के निशान से 4.12 मीटर नीचे दर्ज की गई, जबकि राप्ती नदी बर्डी पुल पर 3.67 मीटर नीचे बह रही है। बूढ़ी राप्ती, कुवानो, घेघरा और कुंडा नदी के जलस्तर भी खतरे के स्तर से सुरक्षित दूरी पर दर्ज किए गए हैं।
विभागीय रिपोर्ट के अनुसार जिले के कई हिस्सों में वर्षा भी रिकॉर्ड की गई। राप्ती नदी के बर्डी पुल क्षेत्र में 37 मिलीमीटर, कुंडा नदी के उस्का क्षेत्र में 33 मिलीमीटर, अन्युसार गंगा क्षेत्र में 20 मिलीमीटर, कुवानो नदी के ककरही पुल क्षेत्र में 16.80 मिलीमीटर तथा बाणगंगा बैराज क्षेत्र में 10 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई।
सिंचाई विभाग ने बताया कि सभी नदियों की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। यदि आगामी दिनों में भारी वर्षा होती है तो जलस्तर में वृद्धि की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। ऐसे में संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
मौसम विभाग द्वारा पूर्वांचल में अगले कुछ दिनों तक बारिश का पूर्वानुमान जारी किया गया है। ऐसे में नदी किनारे रहने वाले लोगों से अपील की गई है कि वे प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें।
प्रमुख नदियों की स्थिति (13 जुलाई, सुबह 8 बजे)
नदी
स्थिति
बाणगंगा
खतरे के निशान से 4.12 मीटर नीचे
राप्ती
खतरे के निशान से 3.67 मीटर नीचे
बूढ़ी राप्ती
खतरे के निशान से 3.96 से 5.67 मीटर नीचे
कुवानो
खतरे के निशान से 5.61 मीटर नीचे
घेघरा
खतरे के निशान से 3.30 मीटर नीचे
कुंडा
खतरे के निशान से 5.15 मीटर नीचे
(स्रोत: सिंचाई विभाग, सिद्धार्थनगर की 13 जुलाई 2026 प्रातः 8 बजे जारी दैनिक गेज रिपोर्ट)
जनहित का मुद्दा: रेलवे स्टेशन रोड पर गड्ढों और जलभराव से बढ़ी परेशानी
सिद्धार्थनगर का रेलवे स्टेशन रोड बदहाल, बरसात में गड्ढों और जलभराव से राहगीर परेशान
सिद्धार्थनगर नगर पालिका परिषद क्षेत्र का रेलवे स्टेशन रोड बरसात के मौसम में एक बार फिर बदहाल स्थिति में नजर आ रहा है। सड़क पर बने गड्ढों और जलभराव के कारण लोगों को रोजाना कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय नागरिक सड़क की स्थायी मरम्मत की मांग कर रहे हैं।
सिद्धार्थनगर। नगर पालिका परिषद क्षेत्र का रेलवे स्टेशन रोड इन दिनों जनसुविधा से जुड़ा प्रमुख मुद्दा बना हुआ है। बरसात के चलते सड़क पर कई स्थानों पर गड्ढे और जलभराव दिखाई दे रहे हैं, जिससे दोपहिया, चारपहिया वाहन चालकों तथा पैदल राहगीरों को आवागमन में परेशानी हो रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क की अस्थायी मरम्मत समय-समय पर की जाती है, लेकिन बारिश के दौरान गड्ढे फिर उभर आते हैं। नागरिकों का मानना है कि स्थायी और गुणवत्तापूर्ण मरम्मत होने से इस समस्या का समाधान हो सकता है।
यह मार्ग रेलवे स्टेशन, रोडवेज बस स्टेशन, डिग्री कॉलेज, सिंहेश्वरी मंदिर तथा लोटन क्षेत्र को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में छात्र, कर्मचारी, व्यापारी और आम नागरिक इसी सड़क का उपयोग करते हैं। सड़क की वर्तमान स्थिति के कारण वाहन चालकों को सावधानी बरतनी पड़ रही है और दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है।
स्थानीय लोगों ने यह भी बताया कि इसी मार्ग पर सदर विधायक का कार्यालय स्थित है तथा यह मार्ग उनके गांव की ओर भी जाता है। नागरिकों ने संबंधित विभाग से सड़क की स्थायी मरम्मत और जल निकासी की प्रभावी व्यवस्था कराने की मांग की है।
इस संबंध में नगर पालिका परिषद अथवा संबंधित विभाग का पक्ष प्राप्त नहीं हो सका है। यदि विभाग की प्रतिक्रिया प्राप्त होती है तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
एक पेड़ माँ के नाम अभियान: देवरा चौधरी अमृत सरोवर पर हुआ वृहद पौधारोपण, पर्यावरण संरक्षण का लिया संकल्प

सिद्धार्थनगर के विकासखंड बर्डपुर क्षेत्र में “एक पेड़ माँ के नाम” महाअभियान के तहत देवरा चौधरी स्थित अमृत सरोवर पर पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और ग्रामीणों ने पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण एवं मातृ सम्मान का संदेश दिया।
सरकार के “एक पेड़ माँ के नाम” महाअभियान के अंतर्गत रविवार को ग्राम पंचायत बर्डपुर नंबर-10 के देवरा चौधरी स्थित अमृत सरोवर परिसर में पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में खंड विकास अधिकारी अजय प्रताप सिंह, भाजपा मंडल अध्यक्ष अमित उपाध्याय सहित जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपे और उनके संरक्षण का संकल्प लिया।
मुख्य समाचार
खंड विकास अधिकारी अजय प्रताप सिंह ने पौधारोपण करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। प्रत्येक व्यक्ति को अधिक से अधिक पौधे लगाकर उनकी देखभाल भी करनी चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण मिल सके।

भाजपा मंडल अध्यक्ष अमित उपाध्याय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किया गया “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान केवल पौधारोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मातृ सम्मान, प्रकृति संरक्षण और हरित भारत के निर्माण का जनआंदोलन है। उन्होंने लोगों से अपनी माँ के सम्मान में कम से कम एक पौधा लगाने और उसके संरक्षण की जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी लोगों ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण की सामूहिक शपथ ली तथा अधिक से अधिक लोगों को इस अभियान से जोड़ने की अपील की।

उपस्थित रहे
कार्यक्रम में सचिव राजदीप मिश्रा, संतोष कुमार, सभासद विजय कश्यप, जयराम यादव, प्रधानाध्यापिका नगमा बानो, रामअवतार, सतीश सहित अनेक गणमान्य नागरिक एवं ग्रामीण मौजूद रहे।
सारांश
“एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के माध्यम से देवरा चौधरी में पर्यावरण संरक्षण और मातृ सम्मान का संदेश दिया गया। अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने पौधारोपण कर पौधों की देखभाल का संकल्प लिया तथा अभियान को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।
अंग्रेज़ी शॉर्ट हेडिंग: One Tree for Mother Plantation Drive
‘एक पेड़ मां के नाम’ महाअभियान से जुड़ा बर्डपुर, ग्राम पंचायत देवरा चौधरी में हुआ वृहद वृक्षारोपण
सिद्धार्थनगर, 12 जुलाई। प्रदेशव्यापी ‘एक पेड़ मां के नाम’ वृक्षारोपण महाअभियान के अंतर्गत विकास क्षेत्र बर्डपुर की ग्राम पंचायत बर्डपुर नंबर-10 के टोला देवरा चौधरी में ग्राम पंचायत सचिवालय तथा प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालय परिसर में पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

सारांश
बर्डपुर के देवरा चौधरी में वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित।
नवागत खंड विकास अधिकारी सहित जनप्रतिनिधियों ने किया पौधारोपण।
लोगों से पौधे लगाने के साथ उनकी देखभाल का भी किया गया आह्वान।
स्वच्छ पर्यावरण और हरित भविष्य के लिए जनभागीदारी पर दिया गया जोर।

विस्तृत खबर
उत्तर प्रदेश सरकार के ‘एक पेड़ मां के नाम’ महाअभियान के तहत रविवार को विकास क्षेत्र बर्डपुर की ग्राम पंचायत बर्डपुर नंबर-10 के टोला देवरा चौधरी में वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। ग्राम पंचायत सचिवालय तथा प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालय परिसर में विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपे गए।
कार्यक्रम में नवागत खंड विकास अधिकारी अजय प्रताप सिंह, भाजपा मंडल अध्यक्ष अमित कुमार उपाध्याय तथा ग्राम प्रधान प्रतिनिधि संतोष कुमार चौधरा ने पौधारोपण कर अभियान की शुरुआत की। इस दौरान उपस्थित लोगों को पर्यावरण संरक्षण, हरियाली बढ़ाने और स्वच्छ वातावरण के महत्व के बारे में जागरूक किया गया।
वक्ताओं ने कहा कि पौधारोपण तभी सार्थक होगा जब लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल और सुरक्षा भी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने लोगों से अपनी मां के सम्मान में एक पौधा लगाने और उसे वृक्ष बनने तक संरक्षित रखने का संकल्प लेने की अपील की।
कार्यक्रम में प्रधानाध्यापक कलीमुल्लाह, नगमा बानो, ग्राम विकास अधिकारी राजदीप सिंह, युवा नेता सतीश चौधरी, विजय कुमार, रोजगार सेवक राम अवतार, मोहम्मद काशिफ, दीपेन्द्र चौधरी, नीलम देवी, सरस्वती देवी, गायत्री देवी सहित अनेक ग्रामीण उपस्थित रहे।
सिद्धार्थनगर में ‘एक पेड़ मां के नाम’ महाअभियान: लक्ष्य से अधिक 45.65 लाख पौधारोपण का संकल्प, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
सिद्धार्थनगर, 12 जुलाई। उत्तर प्रदेश के वृहद वृक्षारोपण अभियान ‘एक पेड़ मां के नाम’ के तहत रविवार को नौगढ़ विकास खंड के धौरीकुईयां स्थित समय माता मंदिर परिसर में भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया तथा लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने की अपील की।

सारांश
धौरीकुईयां में ‘एक पेड़ मां के नाम’ महाअभियान का आयोजन।
जनपद में 45,65,400 पौधे लगाने का लक्ष्य, लक्ष्य से अधिक पौधारोपण का दावा।
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने पौधारोपण कर संरक्षण का लिया संकल्प।
पर्यावरण संतुलन, जल संरक्षण और स्वच्छ भविष्य के लिए जनभागीदारी पर जोर।

विस्तृत खबर
उत्तर प्रदेश सरकार के वृहद वृक्षारोपण अभियान ‘एक पेड़ मां के नाम वृक्षारोपण महायज्ञ-2026’ के अंतर्गत सिद्धार्थनगर जनपद में रविवार को धौरीकुईयां स्थित समय माता मंदिर परिसर में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष जसवंत सिंह, कपिलवस्तु विधायक श्यामधनी राही, भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मौर्य, प्रमुख सचिव एवं नोडल अधिकारी एस. वी. एस. रंगाराव, जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जी. एन., पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन, मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह तथा डीएफओ नीला एम. सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के स्वागत से हुई। जिलाधिकारी ने अतिथियों को स्मृति चिन्ह एवं पौधा भेंट कर सम्मानित किया। विद्यालय के बच्चों ने स्वागत गीत और पर्यावरण संरक्षण पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर उपस्थित लोगों का ध्यान प्रकृति संरक्षण की ओर आकर्षित किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष जसवंत सिंह ने कहा कि ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान केवल पौधारोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि पौधों के संरक्षण का भी संकल्प है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार मां जीवनभर हमारा पालन-पोषण करती है, उसी प्रकार प्रत्येक व्यक्ति को एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल करनी चाहिए। उन्होंने पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में वृक्षों की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।

विधायक श्यामधनी राही ने कहा कि प्रधानमंत्री की प्रेरणा और मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेशभर में बड़े स्तर पर वृक्षारोपण अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की कि प्रत्येक परिवार कम से कम एक पौधा अपनी मां के नाम अवश्य लगाए और उसके संरक्षण की जिम्मेदारी भी निभाए।

भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मौर्य ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण, जल संचयन और स्वच्छ वातावरण के लिए वृक्षारोपण सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने नागरिकों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उन्हें सुरक्षित रखने का आह्वान किया।
प्रमुख सचिव एवं नोडल अधिकारी एस. वी. एस. रंगाराव ने बताया कि प्रदेश में इस वर्ष 35 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसी क्रम में सिद्धार्थनगर जनपद को 45 लाख 65 हजार 400 पौधे लगाने का लक्ष्य मिला है। उन्होंने कहा कि जनपद लक्ष्य से अधिक पौधारोपण की दिशा में कार्य कर रहा है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को विकसित भारत-2047 के संकल्प का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए जिला प्रशासन के प्रयासों की सराहना की।

कार्यक्रम के अंत में जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जी. एन. ने सभी अतिथियों, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं नागरिकों का आभार व्यक्त किया और पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया।

इस अवसर पर सांसद प्रतिनिधि एस. पी. अग्रवाल, ब्लॉक प्रमुख रेनू मिश्रा, उपजिलाधिकारी राहुल सिंह, डीसी मनरेगा संदीप सिंह, पीडी अनिल कुमार, एसडीओ वन विभाग बीना तिवारी, खंड विकास अधिकारी नौगढ़ सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
अगले 3 घंटे बेहद अहम: सिद्धार्थनगर समेत पूर्वांचल के कई जिलों में तेज आंधी, बिजली और बारिश का तात्कालिक अलर्ट
सिद्धार्थनगर समेत पूर्वांचल के कई जिलों के लिए अगले तीन घंटे मौसम के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी तात्कालिक (Nowcast) चेतावनी के अनुसार सिद्धार्थनगर, गोरखपुर, महाराजगंज और संत कबीर नगर के कुछ क्षेत्रों में गरज-चमक, आकाशीय बिजली, तेज हवाओं और बारिश की प्रबल संभावना है। कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि भी हो सकती है। प्रशासन और मौसम विशेषज्ञों ने लोगों से पूरी सतर्कता बरतने की अपील की है।
मौसम अलर्ट | अगले 3 घंटे
⚡ आकाशीय बिजली गिरने की संभावना
🌧️ हल्की से मध्यम, कहीं-कहीं तेज बारिश
🌬️ हवा की रफ्तार 40–60 किमी/घंटा तक पहुंच सकती है
🌨️ कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की संभावना
🚫 खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें
📱 मौसम विभाग और जिला प्रशासन की आधिकारिक सूचना पर नजर रखें
मुख्य समाचार
सिद्धार्थनगर जिले में अगले तीन घंटों के दौरान मौसम अचानक करवट ले सकता है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के तात्कालिक पूर्वानुमान के अनुसार जिले के कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश, तेज हवाएं और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना है। इसी प्रकार गोरखपुर, महाराजगंज और संत कबीर नगर के कुछ क्षेत्रों के लिए भी मौसम संबंधी चेतावनी जारी की गई है।
मौसम विभाग के अनुसार कई स्थानों पर हवा की गति 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की भी संभावना व्यक्त की गई है। खराब मौसम के कारण पेड़ गिरने, बिजली आपूर्ति प्रभावित होने, सड़कों पर जलभराव तथा आवागमन में कठिनाई जैसी परिस्थितियां बन सकती हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि गरज-चमक के दौरान खुले मैदान, खेत, नदी-तालाब के किनारे तथा ऊंचे पेड़ों के नीचे खड़ा होना जोखिमपूर्ण हो सकता है। यदि बिजली चमकने या तेज आंधी की स्थिति बने तो तुरंत किसी पक्के भवन के भीतर सुरक्षित स्थान पर चले जाएं।
वाहन चालकों से अपील की गई है कि तेज बारिश और कम दृश्यता के दौरान सावधानी से वाहन चलाएं। किसान भी मौसम सामान्य होने तक खेतों में अनावश्यक कार्य करने से बचें तथा कृषि उपकरणों और फसलों की सुरक्षा सुनिश्चित करें।
प्रशासन ने नागरिकों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल भारत मौसम विज्ञान विभाग तथा स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं का ही पालन करने की अपील की है। यदि किसी स्थान पर पेड़ गिरने, बिजली लाइन क्षतिग्रस्त होने या अन्य आपात स्थिति की जानकारी मिले तो संबंधित विभाग को तत्काल सूचित करें।
सारांश
अगले तीन घंटे सिद्धार्थनगर और आसपास के क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण हैं। मौसम विभाग ने गरज-चमक, आकाशीय बिजली, तेज हवाओं, बारिश तथा कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की संभावना जताई है। ऐसे में सावधानी, सतर्कता और सरकारी सलाह का पालन ही सबसे बड़ा बचाव है।
(यह समाचार भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी तात्कालिक मौसम पूर्वानुमान (Nowcast) पर आधारित है। मौसम की स्थिति समय और स्थान के अनुसार बदल सकती है।)
सावधान सिद्धार्थनगर! आज आसमान बरसाएगा कहर, भारी बारिश और आकाशीय बिजली का हाई अलर्ट
गरजेंगे बादल, बरसेंगे मेघ! सिद्धार्थनगर में भारी बारिश और आकाशीय बिजली का अलर्ट, प्रशासन ने जारी की सतर्कता
सिद्धार्थनगर में रविवार को मौसम का मिजाज अचानक बदल सकता है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए भारी बारिश, गरज-चमक और आकाशीय बिजली की चेतावनी जारी की है। जिले में कई स्थानों पर तेज बारिश और झोंकेदार हवाओं का असर देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने नागरिकों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है।
आज का मौसम
🌧️ भारी बारिश की संभावना
⚡ आकाशीय बिजली गिरने का खतरा
🌬️ तेज हवा चलने के आसार
🌡️ अधिकतम तापमान: लगभग 33°C
🌡️ न्यूनतम तापमान: लगभग 28°C
🚨 अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह
मुख्य समाचार
मानसून के सक्रिय होने के साथ सिद्धार्थनगर में रविवार को मौसम का असर तेज रहने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी ताज़ा चेतावनी के अनुसार पूर्वी उत्तर प्रदेश में 12 से 15 जुलाई तक कई स्थानों पर भारी वर्षा हो सकती है। इसके साथ गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने का भी खतरा बना हुआ है।
विशेषज्ञों का कहना है कि तेज बारिश के दौरान निचले इलाकों में जलभराव, ग्रामीण संपर्क मार्गों पर आवागमन में बाधा तथा बिजली आपूर्ति प्रभावित होने जैसी परिस्थितियां बन सकती हैं। किसानों को सलाह दी गई है कि मौसम सामान्य होने तक खेतों में अनावश्यक कार्य न करें और खुले स्थानों पर जाने से बचें।
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि गरज-चमक के समय पेड़ों के नीचे, खुले मैदानों, तालाबों और बिजली के खंभों के पास खड़े न हों। यदि तेज बारिश या बिजली चमकने लगे तो तुरंत किसी सुरक्षित पक्के भवन में शरण लें। वाहन चलाने वाले चालक भी सावधानी बरतें और जलभराव वाले मार्गों से बचें।
प्रशासन ने नागरिकों से अफवाहों पर ध्यान न देने तथा केवल मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं का ही पालन करने की अपील की है। आपात स्थिति में संबंधित विभागों से तुरंत संपर्क करने की सलाह भी दी गई है।
सारांश
सिद्धार्थनगर में आज भारी बारिश, गरज-चमक और आकाशीय बिजली को लेकर मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है। लोगों से सुरक्षित स्थानों पर रहने, अनावश्यक यात्रा से बचने और प्रशासन की सलाह का पालन करने की अपील की गई है।
सिद्धार्थनगर में चाइनीज मांझा और सिंथेटिक डोरी पर सख्ती की तैयारी, व्यापारियों को किया गया जागरूक

जीएसटी विभाग ने व्यापारियों के साथ संवाद कर चाइनीज मांझा, सिंथेटिक मांझा और सीसा-लेपित डोरी के निर्माण, बिक्री व उपयोग पर रोक को लेकर दिया जागरूकता संदेश
सिद्धार्थनगर, 11 जुलाई। जनपद में चाइनीज मांझा, सिंथेटिक मांझा और सीसा-लेपित डोरी के निर्माण, बिक्री एवं उपयोग पर प्रभावी रोक लगाने के उद्देश्य से राज्य कर (जीएसटी) विभाग ने व्यापारियों के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित किया। अधिकारियों ने इन उत्पादों से होने वाली जनहानि और पर्यावरणीय नुकसान की जानकारी देते हुए व्यापारियों से इनके निर्माण, बिक्री और उपयोग से दूरी बनाने तथा लोगों को भी जागरूक करने की अपील की।
मुख्य बातें
जीएसटी विभाग ने व्यापारियों के साथ किया संवाद कार्यक्रम।
चाइनीज मांझा, सिंथेटिक मांझा और सीसा-लेपित डोरी पर जागरूकता अभियान।
जनहानि और पर्यावरण संरक्षण पर दिया गया विशेष जोर।
व्यापारियों से समय पर जीएसटी रिटर्न दाखिल करने और कर भुगतान की अपील।
विभिन्न व्यापारी संगठनों के पदाधिकारी और अधिकारी रहे मौजूद।
पूरी खबर
जनपद सिद्धार्थनगर में राज्य कर (जीएसटी) विभाग की ओर से व्यापारियों के साथ आयोजित संवाद कार्यक्रम में चाइनीज मांझा, सिंथेटिक मांझा तथा सीसा-लेपित डोरी के निर्माण, बिक्री और उपयोग पर प्रभावी रोक लगाने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम का उद्देश्य व्यापारियों को इन प्रतिबंधित सामग्रियों से होने वाले संभावित खतरों के प्रति जागरूक करना और सुरक्षित विकल्प अपनाने के लिए प्रेरित करना था।
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि चाइनीज एवं सिंथेटिक मांझा तथा सीसा-लेपित डोरी के उपयोग से दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ती है और पर्यावरण पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। व्यापारियों से अनुरोध किया गया कि वे ऐसे उत्पादों का निर्माण, भंडारण और बिक्री न करें तथा आम लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करें।
संवाद कार्यक्रम के दौरान व्यापारियों से समय पर जीएसटी रिटर्न दाखिल करने और नियमानुसार कर भुगतान सुनिश्चित करने की भी अपील की गई। अधिकारियों ने कहा कि कर अनुपालन और सामाजिक जिम्मेदारी, दोनों ही व्यापार जगत की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां हैं।
बैठक में उप आयुक्त सिद्धार्थ सौरभ बन्धु, उप आयुक्त विजय सिंह बिसेन, सहायक आयुक्त मनोज कुमार वर्मा, सहायक आयुक्त परमहंस यादव, राज्य कर अधिकारी महेंद्र सिंह तथा जय प्रकाश भारती सहित विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
व्यापार मंडल के पदाधिकारी अजय कश्यप, राजकमल जायसवाल, भीमचंद, सुभम, उत्तम श्रीवास्तव, शिवव्रत अग्रहरी, रणजीत कश्यप, शिव कुमार कश्यप, ओमप्रकाश कश्यप सहित सिंथेटिक एवं नॉन-वोवन ट्रेड से जुड़े व्यापारी भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
अधिकारियों ने कहा कि प्रशासन और व्यापारियों के साझा प्रयास से ही जनसुरक्षा तथा पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जा सकता है।
सारांश
सिद्धार्थनगर में राज्य कर विभाग ने व्यापारियों के साथ संवाद कर चाइनीज मांझा, सिंथेटिक मांझा और सीसा-लेपित डोरी के निर्माण, बिक्री एवं उपयोग पर रोक को लेकर जागरूक किया। अधिकारियों ने जनहानि और पर्यावरण संरक्षण का हवाला देते हुए व्यापारियों से प्रतिबंधित सामग्री का कारोबार न करने और समय पर जीएसटी अनुपालन सुनिश्चित करने की अपील की।
सिद्धार्थनगर में पांचवीं बार सजा सामूहिक विवाह का भव्य मंच, 151 जोड़ों ने थामा जीवनसाथी का हाथ

गरीब परिवारों के सपनों को मिला सहारा, तीनों समुदायों के जोड़ों का एक ही मंच पर हुआ विवाह; जनप्रतिनिधियों और प्रशासन ने नवदंपतियों को दिया आशीर्वाद।
सिद्धार्थनगर में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत शनिवार को जिले का पांचवां सामूहिक विवाह समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में 151 जोड़ों का विवाह विभिन्न धार्मिक परंपराओं के अनुसार संपन्न कराया गया। समारोह में जनप्रतिनिधियों और जिला प्रशासन की मौजूदगी रही। अधिकारियों के अनुसार पात्र नवविवाहित जोड़ों को योजना के तहत आर्थिक सहायता और गृहस्थी का आवश्यक सामान भी उपलब्ध कराया गया।
मुख्य बातें एक नजर में
स्थान: जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय के बगल स्थित मैदान, सिद्धार्थनगर
कुल विवाह: 151 जोड़े
हिन्दू: 95 जोड़े
बौद्ध: 36 जोड़े
मुस्लिम: 20 जोड़े
डीबीटी के माध्यम से सहायता: ₹64,000 प्रति वधू
गृहस्थी का आवश्यक सामान भी वितरित
जिले में पांचवीं बार हुआ सामूहिक विवाह समारोह
सिद्धार्थनगर में फिर बना सामाजिक समरसता का उदाहरण
सिद्धार्थनगर जनपद में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत जिले का पांचवां सामूहिक विवाह समारोह भव्य वातावरण में आयोजित किया गया। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय के समीप आयोजित कार्यक्रम में कुल 151 नवयुगलों ने एक साथ नए जीवन की शुरुआत की। समारोह में हिन्दू, मुस्लिम और बौद्ध समुदाय के जोड़ों का विवाह उनकी-अपनी धार्मिक परंपराओं के अनुसार संपन्न कराया गया, जिससे सामाजिक समरसता और सौहार्द का संदेश भी देखने को मिला।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। समारोह में सांसद, विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों के विधायक, भाजपा जिलाध्यक्ष, पूर्व विधायक, जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी सहित अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।
तीनों समुदायों के विवाह अपनी-अपनी परंपरा से संपन्न
आयोजकों के अनुसार हिन्दू समुदाय के विवाह वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पंडितों द्वारा संपन्न कराए गए। मुस्लिम समुदाय के जोड़ों का निकाह मौलाना ने पढ़ाया, जबकि बौद्ध समुदाय के विवाह उनकी धार्मिक परंपरा के अनुरूप कराए गए। पूरे आयोजन के लिए अलग-अलग व्यवस्थाओं हेतु अधिकारियों की जिम्मेदारी पहले से तय की गई थी।
नवदंपतियों को मिली आर्थिक सहायता और गृहस्थी का सामान
जिला प्रशासन के अनुसार योजना के तहत प्रत्येक पात्र वधू के बैंक खाते में ₹64,000 की सहायता राशि डीबीटी के माध्यम से भेजी जाएगी। इसके अलावा गृहस्थी शुरू करने के लिए कपड़े, बर्तन, ट्रॉली बैग, सीलिंग फैन, कूलर, प्रेस, बिस्तर, कंबल, तकिया, डिनर सेट, कूकर सहित अन्य आवश्यक सामग्री का किट भी प्रदान किया गया।
जनप्रतिनिधियों ने दी शुभकामनाएं
समारोह को संबोधित करते हुए उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना को आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए महत्वपूर्ण पहल बताया। वक्ताओं ने कहा कि इस योजना से जरूरतमंद परिवारों की बेटियों के विवाह में आर्थिक सहयोग मिलता है तथा समाज में समानता और सम्मान की भावना को बल मिलता है। सभी नवविवाहित जोड़ों को सुखद वैवाहिक जीवन की शुभकामनाएं और आशीर्वाद दिया गया।
डीएम ने दी योजना की जानकारी
जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जी.एन. ने बताया कि योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को डीबीटी के माध्यम से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। साथ ही गृहस्थी के लिए आवश्यक सामग्री भी वितरित की गई है। उन्होंने सभी नवदंपतियों को सफल एवं सुखद दांपत्य जीवन की शुभकामनाएं दीं।
बड़ी संख्या में अधिकारी रहे मौजूद
कार्यक्रम में सांसद प्रतिनिधि एस.पी. अग्रवाल, जिला विकास अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी, डीसी मनरेगा, विभिन्न खंड विकास अधिकारी, अधिशासी अधिकारी तथा अन्य विभागीय अधिकारी भी मौजूद रहे और आयोजन की व्यवस्थाओं में सहयोग किया।
“सिद्धार्थनगर में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत आयोजित पांचवें सामूहिक विवाह समारोह में एक साथ 151 जोड़ों ने सात फेरे और निकाह के साथ नए जीवन की शुरुआत की।”
बारिश बनी किसानों के लिए राहत की उम्मीद, नहरों में बढ़ा जल प्रवाह; सिंचाई विभाग ने जारी की ताजा रिपोर्ट
मानसून के बीच नहर संचालन पर विशेष निगरानी, खेतों तक समय पर पानी पहुंचाने की कवायद तेज
सिद्धार्थनगर। जिले में सक्रिय मानसून के बीच किसानों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। सिंचाई खंड, सिद्धार्थनगर द्वारा 11 जुलाई 2026 की दैनिक नहर संचालन रिपोर्ट जारी की गई है। रिपोर्ट के अनुसार विभिन्न मुख्य एवं शाखा नहरों में जल प्रवाह की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है, ताकि खरीफ फसलों की सिंचाई प्रभावित न हो और किसानों को समय पर पर्याप्त पानी उपलब्ध कराया जा सके।
मानसून में सिंचाई व्यवस्था पर विभाग की पैनी नजर
11 जुलाई की रिपोर्ट में नहरों के जल प्रवाह का ब्यौरा जारी, अधिकारियों को निगरानी के निर्देश
समाचार
सिद्धार्थनगर। जिले में लगातार हो रही बारिश के बीच सिंचाई व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए सिंचाई विभाग पूरी तरह सक्रिय है। सिंचाई खंड, सिद्धार्थनगर की ओर से जारी 11 जुलाई 2026 की दैनिक रिपोर्ट में विभिन्न मुख्य एवं शाखा नहरों के जल प्रवाह की स्थिति दर्ज की गई है। विभाग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि खरीफ सीजन के दौरान किसानों को सिंचाई के लिए पानी की कमी का सामना न करना पड़े।
रिपोर्ट के अनुसार सभी प्रमुख नहरों की प्रतिदिन समीक्षा की जा रही है। जल प्रवाह में किसी भी प्रकार की कमी या तकनीकी समस्या सामने आने पर संबंधित अवर अभियंताओं और क्षेत्रीय कर्मचारियों को तत्काल आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। विभागीय अधिकारी लगातार फील्ड स्तर पर निगरानी कर रहे हैं ताकि जल वितरण व्यवस्था सुचारु बनी रहे।
मानसून के इस दौर में धान समेत अन्य खरीफ फसलों की खेती तेजी से चल रही है। ऐसे समय में नहरों के माध्यम से पर्याप्त जल उपलब्ध होना किसानों के लिए राहत की बात है। सिंचाई विभाग का कहना है कि आवश्यकता पड़ने पर स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार जल वितरण व्यवस्था में आवश्यक परिवर्तन भी किए जाएंगे।

रिपोर्ट की प्रमुख बातें
11 जुलाई 2026 की दैनिक नहर संचालन रिपोर्ट जारी।
मुख्य एवं शाखा नहरों के जल प्रवाह की समीक्षा।
मानसून के दौरान सिंचाई व्यवस्था पर विशेष निगरानी।
अधिकारियों और अवर अभियंताओं को सतर्क रहने के निर्देश।
खरीफ फसलों के लिए समय पर पानी उपलब्ध कराने पर विभाग का फोकस।
सारांश
मानसून के बीच सिंचाई विभाग ने नहर संचालन की ताजा रिपोर्ट जारी कर जल प्रबंधन को लेकर अपनी सक्रियता दिखाई है। विभाग का कहना है कि किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने और नहरों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
