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“ड्यूटी कर रही मां को रफ्तार ने छीना… अस्पताल के सामने बिखर गया परिवार”

अस्पताल के सामने मौत बनकर दौड़ी काली कार


सोमवार दोपहर ड्यूटी पर तैनात वार्ड आया को अज्ञात वाहन ने रौंदा, चालक फरार


सारांश

सिद्धार्थनगर में तेज रफ्तार का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है। सोमवार दोपहर लगभग 3 बजे नगरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पकड़ी बाजार में तैनात वार्ड आया सुभावती की सड़क हादसे में दर्दनाक मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हादसा एक तेज रफ्तार काले रंग की अज्ञात चार पहिया कार से हुआ, जो टक्कर मारने के बाद फरार हो गई। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया है।

सिद्धार्थनगर।

जनपद सिद्धार्थनगर के सदर कोतवाली क्षेत्र में सोमवार को हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। अस्पताल में लोगों की सेवा करने वाली महिला स्वास्थ्यकर्मी खुद सड़क पर रफ्तार का शिकार बन गईं। हादसे के बाद पूरे इलाके में मातम और आक्रोश का माहौल है।

जानकारी के अनुसार नगर पालिका परिषद परशुराम नगर वार्ड हुसैनगंज उसका रोड निवासी 55 वर्षीय सुभावती पत्नी स्वर्गीय चंद्रभान नगरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पकड़ी बाजार अस्पताल में वार्ड आया के पद पर तैनात थीं। सोमवार दोपहर लगभग 3 बजे लंच के दौरान वह अस्पताल के ठीक सामने सड़क किनारे स्थित दुकान पर बिस्कुट लेने जा रही थीं, तभी नौगढ़ की तरफ से उसका की ओर तेज रफ्तार में जा रही काले रंग की एक अज्ञात चार पहिया कार ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि महिला सड़क पर गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़ीं। हादसे के बाद चालक वाहन समेत मौके से फरार हो गया। स्थानीय लोगों ने आनन-फानन में एंबुलेंस बुलाकर घायल महिला को माधव प्रसाद मेडिकल कॉलेज सिद्धार्थनगर पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

“पहले पति… अब मां भी चली गई”

बताया जा रहा है कि मृतका के पति का निधन पहले ही हो चुका था। सुभावती ही अपने परिवार का एकमात्र सहारा थीं। उनके परिवार में एक बेटी और दो बेटे हैं। मां की मौत के बाद बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव और अस्पताल परिसर में शोक की लहर दौड़ गई।

बढ़ती रफ्तार बनी मौत का कारण

जनपद में लगातार बढ़ रहे सड़क हादसे अब चिंता का विषय बन चुके हैं। खासकर बाजार और अस्पताल क्षेत्रों में तेज रफ्तार वाहन लोगों की जान पर भारी पड़ रहे हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से हादसे में शामिल फरार कार चालक की जल्द गिरफ्तारी और सड़क सुरक्षा को लेकर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

पुलिस जांच में जुटी

फिलहाल पुलिस ने शव को मर्चरी में रखवाकर पंचनामा की कार्रवाई शुरू कर दी है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद से काले रंग की फरार कार की तलाश की जा रही है।

 

सनातन चेतना के साथ आत्मरक्षा का संदेश, 101 लाठियों का वितरण

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जन्मोत्सव पर सिद्धार्थनगर में धर्म, संस्कृति और सामाजिक समरसता पर मंथनScreenshot 20260517 160422

सिद्धार्थनगर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर Yogi Adityanath के 55वें जन्मोत्सव के अवसर पर प्रभु राम सनातन धर्मार्थ सेवा ट्रस्ट की जिला इकाई द्वारा शहर से सटे एक होटल में भव्य लाठी वितरण एवं सनातन चेतना कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सनातन धर्म, सामाजिक समरसता, राष्ट्र निर्माण और आत्मरक्षा जैसे विषयों पर वक्ताओं ने विस्तार से अपने विचार रखे।

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कार्यक्रम के मुख्य वक्ता शिवपति स्नातकोत्तर महाविद्यालय शोहरतगढ़ के प्राचार्य डॉ. अरविंद कुमार सिंह ने कहा कि सनातन धर्म केवल पूजा-पद्धति तक सीमित नहीं है, बल्कि मानवता, करुणा, त्याग और कर्तव्यबोध का जीवन दर्शन है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में समाज अनेक चुनौतियों का सामना कर रहा है, ऐसे में प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि वह अपने धर्म, संस्कृति और मूल्यों की रक्षा के लिए सजग और सक्रिय रहे।

सदर विधायक श्यामधनी राही ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश विकास, सुरक्षा और सांस्कृतिक गौरव के नए आयाम स्थापित कर रहा है। नगर पालिका परिषद सिद्धार्थनगर के अध्यक्ष गोविंद माधव ने युवाओं से समाज सेवा और राष्ट्रभक्ति की भावना को मजबूत करने का आह्वान किया। वहीं भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष दीपक मौर्य ने समाज और धर्म के प्रति जिम्मेदारियों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने की बात कही।

कार्यक्रम में डॉ. चंद्रेश उपाध्याय, सुशील श्रीवास्तव, रमेश कुमार पांडेय, तुलसीराम वर्मा, रामचंद्र शुक्ला, रवींद्रनाथ त्रिपाठी, कृपाशंकर त्रिपाठी, साधना श्रीवास्तव, डॉ. सीमा मिश्रा, अजय कसौंधन, रजनीश उपाध्याय एवं कमलेश दुबे सहित अनेक वक्ताओं ने भी अपने विचार रखे।

समारोह का मुख्य आकर्षण ‘शास्त्र के साथ आत्मरक्षार्थ शस्त्र’ विषय पर आधारित 101 लाठियों का वितरण रहा। वक्ताओं ने कहा कि आध्यात्मिक चेतना के साथ आत्मबल और सजगता भी समय की आवश्यकता है, ताकि समाज हर परिस्थिति का मजबूती से सामना कर सके।

कार्यक्रम की अध्यक्षता सिविल सिद्धार्थ बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अखंड प्रताप सिंह ने की, जबकि संचालन राजेश शर्मा ने किया। समारोह में अनिल विश्वकर्मा, इंदू सिंह, डीपी शुक्ला, देवानंद श्रीवास्तव, सीमा सिंह, सुदीप श्रीवास्तव, भूप नारायण सिंह, डॉ. अभय शुक्ला, एमपी गोस्वामी, संपूर्णानंद बख्शी, अभिषेक पाठक, शुभम श्रीवास्तव, फतेह बहादुर सिंह, संतोष श्रीवास्तव, करन श्रीवास्तव, मुरलीधर अग्रहरी, कन्हैया पांडेय, सचिन श्रीवास्तव, प्रदीप वर्मा, राणा प्रताप सिंह, प्रमोद सिंह, ओमप्रकाश चौबे, कैलाश नाथ दुबे, रंजनेश धर दुबे, सुनील श्रीवास्तव, प्रियंका वर्मा, सुधा त्रिपाठी, सरिता पांडेय एवं शर्मिला सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।


“सनातन मूल्यों की रक्षा के लिए सजग रहना होगा”

मुख्य वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान दौर में समाज को केवल आध्यात्मिक रूप से ही नहीं, बल्कि आत्मरक्षा और सामाजिक जागरूकता के स्तर पर भी मजबूत होने की आवश्यकता है। इसी उद्देश्य से कार्यक्रम में 101 लाठियों का वितरण कर आत्मबल और सजगता का संदेश दिया गया।


मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 55वें जन्मोत्सव पर सिद्धार्थनगर में आयोजन

प्रभु राम सनातन धर्मार्थ सेवा ट्रस्ट ने वितरित कीं 101 लाठियां

सनातन धर्म, सामाजिक समरसता और राष्ट्र निर्माण पर मंथन

डॉ. अरविंद कुमार सिंह सहित कई वक्ताओं ने रखे विचार

आत्मरक्षा, आत्मबल और सजगता बढ़ाने पर दिया गया जोर

 

शादी में “अंडा कांड” बना खूनी संघर्ष, अस्पताल तक पहुंचा बवाल

डुमरियागंज, सिद्धार्थनगर

डुमरियागंज थाना क्षेत्र के बढ़या भोलानाथ गांव में आयोजित एक वलीमा समारोह उस समय रणक्षेत्र में बदल गया, जब बच्चों द्वारा अंडा फेंकने की मामूली बात ने हिंसक रूप ले लिया। देखते ही देखते कहासुनी मारपीट में बदल गई और मामला घर से निकलकर अस्पताल तक जा पहुंचा।

पीड़ित इरफान अहमद पुत्र मो. मारूफ के अनुसार शुक्रवार रात उनके घर बहुभोज कार्यक्रम चल रहा था। इसी दौरान बच्चों के बीच अंडा फेंकने को लेकर विवाद हुआ। आरोप है कि कुछ देर बाद चौकनिया गांव के दर्जनों लोग लाठी-डंडों के साथ उनके घर पहुंच गए और गाली-गलौज करते हुए हमला बोल दिया।

परिजनों का आरोप है कि हमलावरों ने महिलाओं और बच्चों तक को नहीं बख्शा। मारपीट में चार लोग घायल हो गए। घायलों को इलाज के लिए थार गाड़ी से अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां भी आरोपित पक्ष के कुछ लोग पहुंच गए और दोबारा हमला कर दिया।

बताया जा रहा है कि अस्पताल परिसर में ईंट-पत्थर चलाए गए और पीड़ित पक्ष की थार गाड़ी को भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया। घटना के बाद अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई।

मामले में प्रभारी निरीक्षक श्रीप्रकाश यादव ने बताया कि तहरीर प्राप्त हुई है और जांच के आधार पर विधिक कार्रवाई की जा रही है।

 

पानी की टंकी पर चढ़ी महिला, बोली- “पति की मौत के दोषियों को गिरफ्तार करो”

सिद्धार्थनगर के इटवा थाना क्षेत्र में इंसाफ की मांग को लेकर एक महिला का हाईवोल्टेज प्रदर्शन देखने को मिला। पति की मौत के बाद कार्रवाई न होने से नाराज़ महिला शनिवार को पानी की ऊंची टंकी पर चढ़ गई। कई घंटों तक चले हंगामे और प्रशासनिक मान-मनौव्वल के बाद महिला नीचे उतरी।

बताया जा रहा है कि मामला शाहपुर क्षेत्र का है, जहां चार मार्च की रात राप्ती सेतु पर बाइक और ठेला की टक्कर के बाद आग लग गई थी। हादसे में ठेला चालक मानिकराम उर्फ महिनकू गंभीर रूप से झुलस गए थे। इलाज के लिए उन्हें लखनऊ रेफर किया गया था, जहां करीब 10 दिनों तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद 14 मार्च की रात उनकी मौत हो गई।

मृतक की पत्नी राधा का आरोप है कि पति की मौत के बाद भी जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई नहीं की गई और आरोपियों को बचाने की कोशिश की जा रही है। कई बार पुलिस से गुहार लगाने के बावजूद सुनवाई न होने पर महिला पहले शाहपुर चौकी पहुंची, लेकिन वहां भी संतोषजनक जवाब न मिलने पर वह पास स्थित पानी की टंकी पर चढ़ गई।

महिला ने चेतावनी दी कि जब तक दोषियों की गिरफ्तारी नहीं होगी, तब तक वह नीचे नहीं उतरेगी। टंकी पर महिला के चढ़ते ही इलाके में हड़कंप मच गया और मौके पर भारी भीड़ जुट गई। सूचना मिलते ही कोतवाल श्रीप्रकाश यादव, तहसीलदार रवि यादव, चौकी प्रभारी विनय प्रताप सिंह समेत पुलिस बल मौके पर पहुंचा।

काफी देर तक समझाने-बुझाने के बाद पुलिस ने एक आरोपी कल्लू को हिरासत में लिया और दूसरे आरोपी की जल्द गिरफ्तारी का भरोसा दिया। इसके बाद महिला टंकी से नीचे उतरी।

प्रशासन का कहना है कि मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है। वहीं घटना के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है।

 

प्रधानाचार्य परिषद की शैक्षिक गोष्ठी का हुआ आयोजन

आज दिनांक 16-5 -2026 को उत्तर प्रदेश प्रधानाचार्य परिषद की जनपद इकाई द्वारा ललिता इंटर कॉलेज चौखड़ा डुमरियागंज में एक शैक्षिक संगोष्ठी एवं सम्मान कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसकी अध्यक्षता उत्तर प्रदेश प्रधानाचार्य परिषद के प्रादेशिक महामंत्री शैलेंद्र दत्त शुक्ल ने किया। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश प्रधानाचार्य परिषद के संरक्षक श्री श्रीनिवास शुक्ल जी थे। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि उत्तर प्रदेश प्रधानाचार्य परिषद के पूर्व महामंत्री श्री रविंद्र नाथ त्रिपाठी जी तथा विद्यालय के प्रबंधक (धौरहरा स्टेट) कुंवर आनंद प्रताप सिंह जी रहे। कार्यक्रम में जनपद के अवकाश प्राप्त प्रधानाचार्य इंतजार हुसैन रिजवी, रामकृष्ण द्विवेदी,सुनील कुमार रंजन, तथा रवीन्द्र उपाध्याय का सम्मान समारोह किया गया तथा नवागत प्रधानाचार्य मकसूद आलम ,मोहम्मद रफीक , लालचंद शिवकरन जी, विद्या शंकर कुशवाहा तथा अशोक त्रिपाठी को सम्मानित किया गया।इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश प्रधानाचार्य परिषद की जनपदीय इकाई की नवीन कार्यकारिणी का गठन किया गया।जिसमें संरक्षक के रूप में राष्ट्रपति पुरस्कृत चन्द्र प्रकाश श्रीवास्तव, भानु प्रताप मिश्रा, नलिनी कांत मणि त्रिपाठी,रमाकांत द्विवेदी,गोपेश्वर चौबे को चुना गया।नई कार्यकारिणी के जिलाध्यक्ष बृजेश कुमार द्विवेदी प्रधानाचार्य महात्मा गौतम बुद्ध उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जोगिया सिद्धार्थनगर,कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में डॉ धर्मेन्द्र मिश्र प्रधानाचार्य तिलक इंटरमीडिएट कॉलेज बांसी सिद्धार्थ नगर,जिला मंत्री शैलेंद्र शर्मा प्रधानाचार्य महामना मालवीय इंटर कॉलेज बरगदवा तथा चन्द्र प्रकाश राव प्रधानाचार्य ललित इंटरमीडिएट कॉलेज चौखड़ा को कोषाध्यक्ष चुना गया। साथ ही नौगढ़ तहसील से हिना, , बांसी से अरविंद चौधरी, इटवा से राजेंद्र सिंह, शोहरत गढ़ से विजय वर्मा डुमरियागंज सेअहमद फरीद अब्बासी को उपाध्यक्ष चुना गया। डॉक्टर शेषनारायण पाण्डेय प्रधानाचार्य दुर्गा श्री दुर्गा जी पाटेश्वरी इंटर कॉलेज पटनी जंगल को संरक्षण मंत्री तथा जयराम यादव प्रधानाचार्य जय किसान इंटर कॉलेज सकतपुर सनई को संगठन मंत्री तथा श्रीमती अंजू मिश्रा तथा काज़ी तारीख अहमद संयुक्त मंत्री के रूप में एवं आय व्यय निरीक्षक के रूप में रामनिवास कुशवाह तथा अभय प्रताप सिंह प्रधानाचार्य रुद्रपाल इंटर कॉलेज लटेरा , रवीन्द्र श्रीवास्तव को विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में नामित किया गया

जनगणना ड्यूटी में मनमानी का आरोप, कर्मियों को 20 किलोमीटर दूर भेजे जाने पर फूटा गुस्सा

विकल्प मांगे गए, लेकिन आवंटन में नहीं दिखी पारदर्शिता।

बांसी, सिद्धार्थनगर। बांसी तहसील क्षेत्र में जनगणना कार्य के लिए लगाए गए प्रगणकों और कर्मचारियों में ड्यूटी आवंटन को लेकर भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। कर्मचारियों का आरोप है कि विभाग ने उनसे एचएलबी (हाउस लिस्टिंग ब्लॉक) के लिए विकल्प तो मांगे, लेकिन अंतिम आवंटन में उनकी पसंद और सुविधा को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया। कई कर्मचारियों की ड्यूटी उनके घर से 20 से 25 किलोमीटर दूर लगा दी गई है, जबकि कुछ कर्मियों का पहले से आवंटित एचएलबी अचानक निरस्त कर दिया गया।

खासकर ऐसी महिला कर्मियों को भारी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है, जिनके छोटे बच्चे हैं या जिनको कोई ले आने-जाने वाला नहीं है। महिला कर्मियों का कहना है कि, मनचाहा विकल्प चुनने के बाद भी इतनी दूर ड्यूटी लग जाने से हम परेशान हैं, कि इतनी दूर हम ड्यूटी कैसे कर पाएंगे।

“पहले एलॉट किया, फिर निरस्त कर दिया गया।”

प्रगणक सत्यपाल सिंह ने आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें पहले एक एचएलबी (HLB) आवंटित किया गया था, लेकिन बाद में बिना किसी सूचना के उसे हटा दिया गया और अब उनकी स्थिति पेंडिंग में दिखाई जा रही है। उन्होंने आशंका जताई कि अब उन्हें किसी दूरस्थ क्षेत्र में ड्यूटी दी जा सकती है।

वहीं विष्णु वरुण, रबीकांत, संजय चौधरी, निर्मल मौर्या समेत अन्य कर्मियों ने भी कहा कि उन्होंने अपने गांव या आसपास के क्षेत्रों का विकल्प चुना था, लेकिन विभाग ने उन्हें काफी दूर तैनात कर दिया। कर्मचारियों का कहना है कि इससे न सिर्फ आने-जाने में परेशानी होगी, बल्कि समय और आर्थिक बोझ भी बढ़ेगा।

कर्मचारियों ने लगाया मनमानी का आरोप

जनगणना कर्मियों का आरोप है कि बांसी तहसील स्तर पर ड्यूटी निर्धारण में पारदर्शिता नहीं बरती गई। कर्मचारियों का कहना है कि यदि विकल्प लेने की प्रक्रिया अपनाई गई थी, तो उसी के अनुरूप एचएलबी (HLB)आवंटन किया जाना चाहिए था।

कई कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया कि जिनकी ड्यूटी पहले उनके क्षेत्र या नजदीक लगी थी, उनकी ड्यूटी काटकर दूर स्थानों पर भेज दिया गया या फिर सूची से नाम ही हटा दिया गया।

तहसीलदार से लगाई न्याय की गुहार

नाराज कर्मचारियों ने तहसीलदार बांसी से मांग की है कि ड्यूटी आवंटन प्रक्रिया की निष्पक्ष समीक्षा कराई जाए। कर्मचारियों ने कहा कि जिनका एचएलबी निरस्त किया गया है, उन्हें पुनः वही एचएलबी आवंटित किया जाए और जिन कर्मियों को दूरस्थ क्षेत्रों में भेजा गया है, उन्हें उनके द्वारा चुने गए विकल्पों में से ही क्षेत्र दिया जाए।

कर्मचारियों का कहना है कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं हुआ तो इसका असर जनगणना कार्य की गति और गुणवत्ता दोनों पर पड़ सकता है।

दस्तावेजों से खुलने लगे पंचायत फंड के राज! सिद्धार्थनगर की 6 ग्राम पंचायतों में करोड़ों के भुगतान पर जांच शुरू

 पत्र और भुगतान दस्तावेज सामने आने के बाद प्रशासन हरकत में, विकास कार्यों और सामग्री खरीद पर उठे गंभीर सवाल

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सिद्धार्थनगर | FT News Digital

सिद्धार्थनगर जिले के नौगढ़ और शोहरतगढ़ विकासखंड की छह ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों और सरकारी धन के उपयोग को लेकर उठे सवाल अब प्रशासनिक जांच तक पहुंच गए हैं। लगातार सामने आ रहे शिकायत पत्रों, शपथ पत्रों और भुगतान संबंधी दस्तावेजों के बाद प्रशासन ने कई ग्राम पंचायतों में जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है।

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मामला ग्राम पंचायत टेड़िया, सेमरियांव, रामगढ़, हरदासपुर, रसूलपुर और रामपुर से जुड़ा बताया जा रहा है, जहां वर्ष 2022-23 से 2025-26 के बीच विकास कार्यों, स्ट्रीट लाइट, साफ-सफाई, निर्माण सामग्री और अन्य मदों में हुए भुगतान को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। शिकायतकर्ता द्वारा जिलाधिकारी को दिए गए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया गया है कि कुछ कार्य कागजों में दिखाकर भुगतान निकाला गया, जबकि कई कार्यों की वास्तविक स्थिति जांच का विषय बनी हुई है।

शिकायत पत्र में क्या-क्या आरोप?

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शिकायतकर्ता द्वारा दिए गए प्रार्थना पत्र और शपथ पत्र में आरोप लगाया गया है कि ग्राम पंचायतों में विकास कार्य, सफाई कार्य, निर्माण सामग्री आपूर्ति और स्ट्रीट लाइट खरीद के नाम पर बड़े पैमाने पर भुगतान किए गए। शिकायत में दावा किया गया है कि कई मामलों में फर्जी बिल-वाउचर लगाकर सरकारी धन निकाला गया।

 

Screenshot 20260517 081140दस्तावेजों में यह भी उल्लेख किया गया है कि कुछ कार्यों को ऑनलाइन पोर्टल पर पूर्ण दर्शाया गया, जबकि मौके पर कार्यों की स्थिति अलग बताई जा रही है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि कई मामलों में बाजार मूल्य से अधिक दरों पर सामग्री खरीद दिखाई गई।

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स्ट्रीट लाइट भुगतान पर सबसे ज्यादा सवाल

शिकायत पत्र में स्ट्रीट लाइट खरीद और भुगतान को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि कुछ ग्राम पंचायतों में स्ट्रीट लाइट के नाम पर लाखों रुपये का भुगतान दर्शाया गया, जबकि बाजार में उसी प्रकार की सामग्री कम कीमत पर उपलब्ध बताई जा रही है।

शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि कई भुगतान अभिलेखों और धरातल की स्थिति में अंतर दिखाई दे रहा है। इसके साथ ही निर्माण सामग्री, सफाई कार्य और अन्य विकास योजनाओं में भी अनियमितताओं की जांच की मांग की गई है।

जांच समितियों के गठन के बाद बढ़ी हलचल

सूत्रों के मुताबिक प्रशासन ने कुछ ग्राम पंचायतों की जांच के लिए समितियों का गठन किया है। मामले के सामने आने के बाद प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।

हालांकि जांच टीम में विभागीय अधिकारियों को शामिल किए जाने को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चा भी तेज हो गई है। ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि जांच पूरी पारदर्शिता के साथ होनी चाहिए और सभी कार्यों का मौके पर जाकर सत्यापन कराया जाना चाहिए।

फर्मों और भुगतान प्रक्रिया पर भी उठे सवाल

शिकायत में संबंधित फर्मों की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि कई पंचायतों में सामग्री आपूर्ति और भुगतान प्रक्रिया में अनियमितताएं हुईं। शिकायतकर्ता ने भुगतान रिकॉर्ड, बैंकिंग लेनदेन और तकनीकी स्वीकृतियों की जांच कराए जाने की मांग की है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि शिकायत में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो यह पंचायत स्तर पर सरकारी योजनाओं की पारदर्शिता और निगरानी व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करेगा।

प्रशासनिक जांच पर टिकी जिले की नजर

फिलहाल मामला जांच प्रक्रिया में है और सभी आरोप शिकायतकर्ता द्वारा उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों व प्रार्थना पत्र के आधार पर बताए जा रहे हैं। संबंधित अधिकारियों की ओर से विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।

अब पूरे जिले की नजर प्रशासनिक जांच पर टिकी हुई है। लोगों को उम्मीद है कि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से होगी तथा वास्तविक स्थिति सामने आएगी।


FT News Digital किसी भी आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता। मामला जांच और प्रशासनिक सत्यापन के अधीन है।


 क्या है पूरा मामला?

6 ग्राम पंचायतों के भुगतान पर सवाल

शिकायतकर्ता ने जिलाधिकारी को सौंपे दस्तावेज

विकास कार्य और सामग्री खरीद जांच के घेरे में

स्ट्रीट लाइट भुगतान पर उठे बड़े सवाल

प्रशासन ने शुरू की जांच प्रक्रिया

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पंचायत फंड के भुगतान पर उठे सवाल

 6 ग्राम पंचायतों में जांच शुरू

 दस्तावेज सामने आने के बाद बढ़ी हलचल

 स्ट्रीट लाइट भुगतान जांच के घेरे में

 शिकायत के बाद प्रशासन सक्रिय

 विकास कार्यों के सत्यापन की मांग तेज


“पंचायत फंड में बड़ा खेल?”


“6 पंचायतों की जांच शुरू”


 

शादी की खुशियां मातम में बदलीं: नदी में डूबने से 9 वर्षीय मासूम की दर्दनाक मौत, गांव में पसरा सन्नाटा

सिद्धार्थनगर जनपद के थाना गोल्हौरा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम तेलैरा घाट में शादी की खुशियां उस समय चीख-पुकार और मातम में बदल गईं, जब वैवाहिक रस्मों के दौरान एक 9 वर्षीय मासूम नदी के गहरे पानी में समा गया। इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।

मृतक की पहचान शिवरतन निषाद (9 वर्ष) पुत्र रामू निषाद निवासी ग्राम तेलैरा घाट थाना गोल्हौरा जनपद सिद्धार्थनगर के रूप में हुई है। स्थानीय लोगों से प्राप्त जानकारी के अनुसार गांव में एक दिन पूर्व विवाह समारोह सम्पन्न हुआ था। शुक्रवार सुबह पारंपरिक रीति-रिवाज के तहत महिलाएं बुढ़ीरापती नदी पर तोरण-शेरवानी और पूजा-अर्चना की रस्म निभाने पहुंची थीं।

बताया जाता है कि पूजा के बाद महिलाएं परंपरा के अनुसार नदी की मिट्टी एक-दूसरे को लगा रही थीं। इसी दौरान मासूम शिवरतन भी वहां मौजूद था। कुछ देर बाद महिलाएं स्नान के लिए नदी के एक किनारे चली गईं, जबकि बच्चे दूसरी ओर खेल रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक इसी बीच शिवरतन नहाने के लिए पानी में उतरा और अचानक पैर फिसलने से गहरे पानी में चला गया।

घटना के समय वहां मौजूद छोटे बच्चों ने उसे डूबते देखा, लेकिन वे घबरा गए और किसी को तत्काल सही ढंग से जानकारी नहीं दे सके। जब लोग रस्म पूरी कर घर लौटने लगे और शिवरतन दिखाई नहीं पड़ा, तब परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। बाद में बच्चों ने बताया कि वह नदी में गया था और वापस नहीं लौटा।

इसके बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने नदी में उतरकर खोजबीन शुरू की। करीब साढ़े 11 बजे काफी प्रयासों के बाद मासूम का शव नदी से बरामद किया गया। शव बाहर निकलते ही मौके पर मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं और परिजनों में कोहराम मच गया।

ग्रामीणों के अनुसार शिवरतन अपने भाइयों में सबसे छोटा था। उसका पिता रोजी-रोटी के सिलसिले में प्रदेश से बाहर रहकर मजदूरी करता है। बेटे की मौत की खबर मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। गांव में जहां एक ओर शादी की खुशियां थीं, वहीं कुछ ही घंटों में पूरा माहौल गमगीन हो गया।

सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया पूरी करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। बाद में पोस्टमार्टम के उपरांत शव परिजनों को सौंप दिया गया, जिसके बाद अंतिम संस्कार की प्रक्रिया सम्पन्न कराई गई।

स्थानीय लोगों के अनुसार यह हादसा शुक्रवार सुबह करीब 8 बजे हुआ था, जबकि लगभग 11:30 बजे मासूम का शव नदी से निकाला जा सका। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक और संवेदना का माहौल बना हुआ है।

पुलिस द्वारा मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है।

बिजली के खम्भे में लगी आग की सूचना पर भड़की PRV 8493, कॉलर को ही सुनाई खरी-खोटी!

बड़ी लापरवाही या संवेदनहीनता?


बांसी, सिद्धार्थनगर

थाना कोतवाली बांसी क्षेत्र के मंगल बाजार स्थित सीएस गली के सामने बीती रात बिजली के खम्भे में अचानक शॉर्ट सर्किट होने से आग लग गई। देखते ही देखते खम्भे से जलती हुई तार नीचे सड़क की ओर गिरने लगी। इसी दौरान बाइक से गुजर रहे एक राहगीर के ऊपर जलती तार गिर गई, जिससे उसके कपड़ों में आग लग गई और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों की सतर्कता से बड़ा हादसा टल गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना रात लगभग 12 बजे की बताई जा रही है। मौके पर मौजूद नगरवासियों ने तत्काल आपातकालीन सहायता के लिए यूपी-112 पर सूचना दी, ताकि पुलिस और संबंधित विभाग मौके पर पहुंचकर राहत कार्य करा सके। लेकिन आरोप है कि सूचना पर पहुंची PRV 8493 की टीम ने राहत पहुंचाने के बजाय कॉलर को ही फटकार लगानी शुरू कर दी।

स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस कर्मियों ने यह कहते हुए नाराजगी जताई कि ऐसी सूचना बिजली विभाग को देनी चाहिए थी, 112 पर क्यों दी गई। जबकि सरकार और उत्तर प्रदेश पुलिस स्वयं हर प्रकार की आकस्मिक स्थिति, आपदा और आपातकालीन घटनाओं में यूपी-112 पर सूचना देने के लिए जनता को लगातार जागरूक करती रही है, ताकि समय रहते सहायता मिल सके और घटनाओं का रिकॉर्ड दर्ज हो सके।

घटना के बाद क्षेत्र में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। लोगों का कहना है कि यदि बिजली के खम्भे में आग लगने जैसी खतरनाक स्थिति में भी जनता 112 पर सूचना नहीं देगी, तो आखिर आपदा के समय किससे मदद मांगी जाए? लोगों ने यह भी सवाल उठाया कि मौके पर पहुंचे पीआरवी कर्मियों के पास स्थानीय विद्युत विभाग के अधिकारियों या कर्मचारियों के संपर्क नंबर तक उपलब्ध नहीं थे, जिससे तत्काल समन्वय स्थापित कर राहत कार्य कराया जा सके।

नगरवासियों में इस घटना के बाद यह भ्रम भी देखने को मिला कि कहीं यूपी-112 सेवा केवल मारपीट और झगड़े तक ही सीमित तो नहीं समझी जा रही। जबकि आग, सड़क हादसा, बिजली दुर्घटना और अन्य आकस्मिक घटनाओं में भी पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी राहत और समन्वय स्थापित करने की होती है।

हालांकि, इस मामले में किसी बड़े जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है, लेकिन जिस प्रकार आम नागरिक द्वारा दी गई आपदा संबंधी सूचना पर कथित तौर पर असंतोष जताया गया, उसने पुलिस की कार्यशैली पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

अब देखना यह होगा कि संबंधित विभाग और उच्चाधिकारी इस मामले को कितनी गंभीरता से लेते हैं तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं पर जनता को बेहतर और सम्मानजनक सहायता उपलब्ध कराने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।

सवाल जो उठ रहे हैं…

क्या आपदा की सूचना देना आम नागरिक की गलती है?

क्या यूपी-112 केवल विवाद और मारपीट तक सीमित सेवा बनकर रह गई है?

क्या पीआरवी वाहनों को संबंधित विभागों के समन्वय हेतु आवश्यक संपर्क सूची उपलब्ध नहीं कराई गई है?

आखिर आम जनता आपात स्थिति में किसे फोन करे?

प्रशासन से जनता की मांग

क्षेत्रीय लोगों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि:

बिजली के जर्जर तारों और खम्भों की तत्काल जांच कराई जाए।

यूपी-112 कर्मियों को आपदा प्रबंधन और जनसंपर्क व्यवहार को लेकर संवेदनशील प्रशिक्षण दिया जाए।

पीआरवी वाहनों में संबंधित विभागों के आपातकालीन संपर्क नंबर अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराए जाएं।

मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाए।

FT News Digital

“सच और …कुछ नहीं”

“गांव की चौपाल में गूंजा विकास का संकल्प, डीएम बोले—हर पात्र तक पहुंचेगी सरकार की योजना”

लोटन/सिद्धार्थनगर।

जनपद सिद्धार्थनगर के विकास खण्ड लोटन बाजार अन्तर्गत ग्राम पंचायत देवपुर मस्जिदिया में शुक्रवार को आयोजित “ग्राम चौपाल-गांव की समस्या, गांव में समाधान” कार्यक्रम में प्रशासनिक सक्रियता और जनसमस्याओं के समाधान का व्यापक संदेश देखने को मिला। जिलाधिकारी Shivsharanappa G N की अध्यक्षता एवं मुख्य विकास अधिकारी Balram Singh की मौजूदगी में आयोजित चौपाल में ग्रामीणों से सीधे संवाद कर विभिन्न सरकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत पर समीक्षा की गई।

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चौपाल के दौरान जिलाधिकारी ने ग्रामीणों से आयुष्मान योजना, किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, पेंशन योजनाओं एवं राशन वितरण व्यवस्था को लेकर जानकारी प्राप्त की। ग्रामीणों ने बताया कि शासन की योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंच रहा है। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं से वंचित नहीं रहना चाहिए।

डीएम ने विशेष रूप से आयुष्मान कार्ड बनवाने पर जोर देते हुए कहा कि इससे पात्र परिवारों को पांच लाख रुपये तक निःशुल्क इलाज की सुविधा मिलती है। साथ ही किसानों की फसल क्षति, किसान सम्मान निधि एवं राजस्व मामलों के त्वरित निस्तारण के निर्देश भी अधिकारियों को दिए गए।

उन्होंने कहा कि पूरे जनपद में ग्राम चौपालों के माध्यम से शासन की योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने का अभियान चलाया जा रहा है। सरकार की मंशा है कि योजनाओं को और अधिक प्रभावी व पारदर्शी तरीके से लागू किया जाए ताकि अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचे।

जिलाधिकारी ने वृद्धा, विधवा एवं दिव्यांग पेंशन से जुड़ी समस्याओं को मौके पर ही दर्ज कर समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वहीं महिलाओं से स्वयं सहायता समूहों से जुड़ने की अपील करते हुए कहा कि सरकार महिलाओं को आर्थिक सहायता एवं प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है।

बिजली विभाग की एकमुश्त समाधान योजना का उल्लेख करते हुए जिलाधिकारी ने ग्रामीणों से बिजली बिल में छूट पाने हेतु पंजीकरण कराने की अपील की। उन्होंने राशन वितरण में किसी भी प्रकार की अनियमितता पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी।

भूमि विवाद, पैमाइश, वरासत, जन्म प्रमाण-पत्र, आय, जाति एवं निवास प्रमाण-पत्र जैसे मामलों के समयबद्ध निस्तारण के निर्देश देते हुए डीएम ने कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही आपदा राहत, कृषक दुर्घटना बीमा योजना एवं फार्मर रजिस्ट्री कराने पर भी विशेष जोर दिया गया।

ग्राम चौपाल में विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर योजनाओं की जानकारी ग्रामीणों तक पहुंचाई गई। कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी द्वारा गर्भवती महिलाओं की गोदभराई कार्यक्रम भी विधिवत सम्पन्न कराया गया, जिसकी ग्रामीणों ने सराहना की।

इस अवसर पर उपजिलाधिकारी नौगढ़ Rahul Singh, जिला विकास अधिकारी Rajmani Verma, डीसी मनरेगा Sandeep Singh, उप कृषि निदेशक Rajesh Kumar, खण्ड विकास अधिकारी लोटन Sarvesh Mohan, ग्राम प्रधान Rachna Srivastava सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

 

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